PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 19 भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 19 भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 19 भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम

Hindi Guide for Class 8 PSEB भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम Textbook Questions and Answers

(क) विषय – बोध

I. शब्दार्थ:

लक्ष्य = उद्देश्य।
अब्बू = पिता।
अन्तरिक्ष विज्ञान = अन्तरिक्ष में स्थित, ग्रहों, उपग्रहों आदि की स्थिति स्वरूप जानकारी से सम्बन्धित विज्ञान।
कर्मठता = काम में कुशलता।
विभूति = विभव, अधिकता, बढ़ती, ऐश्वर्य।
सजग = जागरूक।
नजरअन्दाज = अनदेखा।
अथक = कभी न थकने वाला।
मशगूल = लीन।

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II. इन शब्दों के अर्थ लिखकर वाक्य बनायें :

उपाधि = ………………..
अथक = ………………..
मिसाइल = ………………..
लक्ष्य = ………………..
अन्तरिक्ष = ………………..
सपना = ………………..
टूटना = ………………..
उत्तर:
उपाधि = पदवी – हमारे अध्यापक के पास पीएच०डी० की उपाधि भी है।
अथक = बिना थके हुए – आपने अपने जीवन में यह पद प्राप्त करने के लिए अथक प्रयत्न किए हैं।
मिसाइल = दूर तक वार करने वाला एक हथियार – भारत ने अपने बलबूते पर अनेक प्रकार की मिसाइलें तैयार कर शत्रु के हृदय में डर पैदा कर दिया है।
लक्ष्य = मंजिल – अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मनोज कुछ भी कर सकता है।
अन्तरिक्ष = आकाश – पिछले सप्ताह भारत ने अपना एक रॉकेट अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक छोड़ा।
सपना टूटना = इच्छा अधूरी रह जाना – पति के देहान्त के कारण कल्पना का बड़ी कोठी बनाने का सपना टूट गया था।

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

(क) भारत का प्रथम नागरिक किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
भारत का प्रथम नागरिक राष्ट्रपति जी को कहा जाता है।

(ख) राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का पूरा नाम लिखें।
उत्तर:
डॉ० अबुल पकीर जैनुलाबुदीन अब्दुल कलाम।

(ग) इन्होंने अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए क्या काम लिया ?
उत्तर:
इन्होंने घर-घर अखबार बांट कर अपने पिता का हाथ बंटाया था।

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(घ) इन्होंने वैमानिकी इंजीनियरी (एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग) की डिग्री कहाँ से प्राप्त की ?
उत्तर:
इन्होंने वैमानिकी इंजीनियरी की डिग्री मद्रास तकनीकी संस्थान से प्राप्त की थी।

(ङ) इनके प्रेरणास्त्रोत कौन-कौन थे ?
उत्तर:
इनके प्रेरणास्रोत प्रो० विक्रम साराभाई, प्रो० सतीश धवन, प्रो० ब्रह्म प्रकाश, प्रो० एम०जी० मेनन, डॉ० राजा रमन्ना आदि प्रसिद्ध विभूतियाँ थीं।

(च) एस०एल०वी० 3 क्या है ?
उत्तर:
यह उपग्रह का अन्तरिक्ष में छोड़ने वाला प्रक्षेपण यन्त्र है।

(छ) आपको ‘मिसाइल मैन’ क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
आपने नाग, अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल आदि मिसाइलें देश को प्रदान की जिस कारण आपको मिसाइल मैन कहा जाता है।

(ज) अपंग बच्चों के लिए आपने क्या बनाया और उसमें कौन-सी धातु प्रयोग की जाती है ?
उत्तर:
अपंग बच्चों के लिए आपने चलने की छड़ी बनाई। उनमें धातु कार्बन का प्रयोग किया जाता है।

(झ) आपको कौन-कौन से सम्मान, कब-कब प्राप्त हुए ?
उत्तर:
आपको सन् 1981 में पद्मभूषण, सन् 1990 में पद्म विभूषण और सन् 1997 में भारत रत्न नामक सम्मान प्राप्त हुए थे।

(ञ) किस गुण के कारण आप चाचा नेहरू की याद करा देते हैं ?
उत्तर:
बच्चों में घुल-मिल जाने के कारण आप चाचा नेहरू की याद करा देते हैं।

(त) हर इन्सान के बारे में आपकी क्या राय है ?
उत्तर:
हर इन्सान में कोई न कोई अनोखा गुण अवश्य होता है जिसे उभारने की आवश्यकता होती है।

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II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

(क) उस घटना का वर्णन करो जिससे प्रेरित होकर उन्होंने उड़ान को अपना लक्ष्य बनाया।
उत्तर:
रामेश्वरम् ऐलिमैंटरी स्कूल के अध्यापक श्री शिवा सुब्रमण्यम ने पांचवीं कक्षा के अपने छात्रों को रामेश्वरम् के तट पर समझाया था कि पक्षी को उड़ने की इच्छा अपनी इच्छा से मिलती है। डॉ० कलाम उस समय छात्र के रूप में उस कक्षा में थे। उनके मन में अपने अध्यापक की बात सुनकर पक्षी की उड़ान एक प्रेरणा बन गई थी। कठोर परिश्रम से वे अपने लक्ष्य में पूर्ण रूप से सफल रहे थे।

(ख)’सपने टूट जायें तो निराश न हों।’ ऐसा उन्होंने क्यों कहा ?
उत्तर:
डॉ० कलाम के जीवन का लक्ष्य वायुसेना में पायलट बनने का था। उन्होंने इसके लिए प्रयत्न किया था पर उन्हें अन्तिम चयन प्रक्रिया में सफलता की प्राप्ति नहीं हुई थी। उन्होंने तब ऐसा कहा था कि सपने टूट जायें तो निराश न हों। वे अपने प्रयत्न से उड़ान प्रणाली में काम आने वाले यन्त्र बनाने में काम करने लगे थे।

(ग) युवा वर्ग के लिए उनका क्या सन्देश है ?
उत्तर:
युवा वर्ग के लिए उनका सन्देश है कि वे सब अपने ज्ञान का सदुपयोग करें। अपने खाली समय में वे जरूरतमन्द बच्चों में अपना ज्ञान बांटें। पर्यावरण सुधारने के लिए अधिक-से-अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। वे समाज को खुशहाल बनाने के लिए प्रयत्न करें।

(घ) अब्दुल कलाम की जीवनी से आपने क्या-क्या सीखा ?
उत्तर:
अब्दुल कलाम अति बुद्धिमान और सचेत थे। बचपन में अपने अध्यापक के द्वारा कही गई बात को मन में रखकर वे देश के सर्वोच्च स्थान पर पहुंचने में सफल हुए। अधिक सम्पन्न न होने के बावजूद उन्होंने अपने मन में हताशा नहीं आने दी थी। छुटपन से ही अपने पिता की सहायता करने के लिए प्रयत्न करते थे। अपने जीवन के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त न करने पर भी वे हताश नहीं हुए थे। सर्वोच्च शिखर पर पहुँच कर भी वे संगीत, कविता-लेखन और पढ़ने में अपना ध्यान लगाते हैं।

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(ङ) अपने विद्यालय के पुस्तकालय से इनकी जीवनी लेकर पढ़ें। अच्छी बातें/गुण अपनी डायरी में नोट करें।
उत्तर:
अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से स्वयं कीजिए।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखें :

पक्षी = ………………..
इच्छा = ………………..
आकाश = ………………..
अध्यापक = ………………..
लक्ष्य = ………………..
समुद्र = ………………..
अब्बू = ………………..
उत्तर:
पक्षी = खग, पंछी
इच्छा = चाह , कामना
आकाश = नभ , आसमान
अध्यापक = गुरु , शिक्षक
लक्ष्य = उद्देश्य , मंजिल
समुद्र = सागर , उद्धि
अब्बू = पिता , तात।

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II. इन शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखें :

आमदनी = ………………..
गुण = ………………..
असफल = ………………..
इच्छा = ………………..
विकसित = ………………..
मिलन = ………………..
विश्वास = ………………..
युवा = ………………..
सदुपयोग = ………………..
बुराई = ………………..
उत्तर:
आमदनी = खर्चा
गुण = अवगुण/दोष
असफल = सफल
इच्छा = अनिच्छा
विकसित = अविकसित
मिलन = वियोग
विश्वास = अविश्वास
युवा = वृद्ध
सदुपयोग = दुरुपयोग
बुराई = अच्छाई।

III. इन शब्दों में से मूल शब्द अलग करें :

सुशोभित = ………………..
नागरिक = ………………..
निर्मित = ………………..
सम्मानित = ………………..
विकसित = ………………..
परिवर्तित = ………………..
उत्तर:
सुशोभित = शोभा
नागरिक = नगर
निर्मित = निर्माण
सम्मानित = मान
विकसित = विकास
परिवर्तित = वृत

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IV. ‘ता’ लगाकर भाववाचक संज्ञा बनायें :

नैतिक = ………………..
कर्मठ = ………………..
विनम्र = ………………..
सफल = ………………..
आवश्यक = ………………..
मिलनसार = ………………..
सजग = ………………..
नागरिक = ………………..
उत्तर:
नैतिक = नैतिकता
कर्मठ = कर्मठता
विनम्र = विनम्रता
सफल = सफलता
आवश्यक = आवश्यकता
मिलनसार = मिलनसारता
सजग = सजगता
नागरिक = नागरिकता।

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PSEB 8th Class Hindi Guide भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
डॉ० कलाम कब से कब तक भारत के राष्ट्रपति रहे ?
(क) 2002 से 2007 तक
(ख) 2000 से 2005 तक
(ग) 2001 से 2006 तक
(घ) 2003 से 2008 तक।
उत्तर:
2002 से 2007 तक।।

प्रश्न 2.
डॉ० कलाम का जन्म कब हुआ था ?
(क) 15-8-1931
(ख) 5-9-1931
(ग) 15-10-1931
(घ) 15-11-1931.
उत्तर:
15-10-1931.

प्रश्न 3.
डॉ० कलाम का जन्म किस स्थान पर हुआ था ?
(क) धनुष पुर
(ख) धनुष कोटी
(ग) धनुष बाणी
(घ) धनुष नगर।
उत्तर:
धनुष कोटी।

प्रश्न 4.
डॉ० कलाम ने मद्रास तकनीकी संस्थान से किस विषय में डिग्री प्राप्त की थी ?
(क) कंप्यूटर विज्ञान
(ख) सिविल इंजीनियरिंग पर
(ग) वैज्ञानिकी इंजीनियरिंग
(घ) मकैनिकल इंजीनियरिंग।
उत्तर:
वैज्ञानिकी इंजीनियरिंग।

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प्रश्न 5.
डॉ० कलाम को किस नाम से जाना जाता है ?
(क) राकेट मैन
(ख) त्रिशूल मैन
(ग) मिसाइल मैन
(घ) उपग्रह मैन।
उत्तर:
मिसाइल मैन।

प्रश्न 6.
डॉ० कलाम को कौन-सा सर्वोच्च सम्मान दिया गया ?
(क) देशरत्न
(ख) रॉकेट रत्न
(ग) भारत रत्न
(घ) विज्ञान रस।
उत्तर:
भारत रत्न।

भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम Summary

भारत रत्न-डॉ० अब्दुल कलाम पाठ का सार

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ० अब्दुल कलाम उच्च कोटि के वे वैज्ञानिक हैं जिन्होंने भारत के नाम को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। वे जुलाई, सन् 2002 से जुलाई, सन् 2007 तक देश के राष्ट्रपति पद को सुशोभित करने वाले महान् व्यक्तित्व के स्वामी हैं। इनका जन्म 15 अक्तूबर, सन् 1931 में रामेश्वरम् के धनुष कोटि गाँव में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। अपने पिता की सहायता करने के लिए प्रतिदिन ये अपने बचपन में ही सुबह चार बजे उठ जाते थे। नमाज़ पढ़ने के बाद अपने गणित के अध्यापक से पढ़ने के बाद पैदल तीन किलोमीटर रामेश्वरम् रेलवे स्टेशन से अखबार के बण्डल लाकर घर-घर बांटते और फिर पाठशाला जाते थे। गाँव से प्राथमिक शिक्षा परी करने के पश्चात् रामनाथपुरम् से मैट्रिक परीक्षा पास की। इन्होंने मद्रास तकनीकी संस्थान से वैमानिकी इंजीनियरी में डिग्री प्राप्त की तथा अंतरिक्ष विज्ञान में कुशलता प्राप्त की। माता-पिता के अतिरिक्त प्रो० विक्रम साराभाई, प्रो० सतीश धवन, प्रो० ब्रह्म प्रकाश, प्रो० एम०जी० मेनन, डॉ० राजा रमन्ना आदि इनके प्रेरणा स्रोत थे। ये एयरफोर्स में पायलट बनना चाहते थे पर ऐसा न कर पाने के बाद इन्होंने उड़ान प्रणाली में काम आने वाले यन्त्र बनाने में अपना पूरा ध्यान लगा दिया। इन्होंने सन् 1963 में भारत की पहली राकेट उड़ान और अन्य उड़ानों में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। रोहिणी उपग्रह को अन्तरिक्ष में छोड़ने वाले प्रक्षेपण यन्त्र एस०एल०वी० 3 की सफलता के बाद ये प्रधानमन्त्री के विज्ञान एवं तकनीकी सलाहकार बन गए थे। नाग, अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल आदि मिसाइलों की सफलता के बाद इन्हें ‘मिसाइल मैन’ का नाम मिल गया था। इन्होंने मिसाइलों में प्रयुक्त होने वाली धातु कार्बन को विकसित किया। इसी से हैदराबाद निजाम संस्थान के अपंग बच्चों के चलने के लिए इन्होंने छड़ी तैयार की। इनके महान् योगदान के लिए इन्हें पदम् भूषण, पदम् विभूषण और भारत रत्न की उपाधियों से सम्मानित किया गया। इनका देश के युवा वर्ग में दृढ़ विश्वास है और मानना है कि यदि युवा वर्ग अपनी क्षमता से कार्य करे तो भारत सन् 2020 से पहले एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। आज का युवा वर्ग बहुत सजग और सचेत है। उसे एकदूसरे के साथ ज्ञान, धन, खुशी और मुस्कान बांटनी चाहिए। सभी को एक-दूसरे की बुराइयों को नजरअंदाज करना चाहिए और अच्छाइयों से पाठ सीखना चाहिए।

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