PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Paryayvachi ya Samanarthak Shabd पर्यायवाची या समानार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

अग्नि – अनल, पावक, आग, दहन, ज्वाला।
अपमान – अनादर, तिरस्कार, निरादर।
अमृत – सुधा, पीयूष, सोम।
असुर – राक्षस, दैत्य, दानव, दनुज ।
अन्धकार – अन्धेरा, तम, तिमिर।
अश्व – घोड़ा, वाजी, घोटक।
आंख – नेत्र, चक्षु, नयन, लोचन।
आकाश – गगन, अम्बर, नभ, आसमान, अन्तरिक्ष ।
इनाम – पुरस्कार, पारितोषिक, आनन्दकर।
इच्छा – अभिलाषा, चाह, मनोरथ, कामना, लालसा।
इन्द्र – देवेन्द्र, सुरेन्द्र, सुरपति, देवराज।
ईश्वर – ईश, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु।
उषा – प्रभात, सवेरा, निशान्त।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

उद्देश्य – मकसद, लक्ष्य, ध्येय।
उपकार – हित, भलाई, नेकी, भला।
कपड़ा – वस्त्र, अम्बर, पट, वसन।
कमल – जलज, नलिन, पंकज, सरोज, राजीव, नीरज।
कान – कर्ण, श्रोता, श्रवण।
किनारा – तट, तीर, कूल।
किरण – रश्मि, अंशु, कर।
केश – बाल, अलक. कच।
कोयल – पिक, कोकिल।
क्रोध – गुस्सा, रोष, कोप।
गंगा – भागीरथी, देवनदी, सुरसरी, नदीश्वरी।
गृह – घर, सदन, निकेतन, भवन, वास, आलय, शाला।
चन्द्रमा – शशि, चन्द्र, राकेश, चाँद, सोम।
जल – नीर, पानी, पय, रस।
तलवार – खड्ग, कृपाण, करवाल।
तालाब – सर, सरोवर, जलाशय, ताल ।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

दास – नौकर, सेवक, अनुचर।
देवता – सुर, अमर, देव।
दुनिया – विश्व, संसार, जगत्, जग, भूमण्डल।
दूध – दुग्ध, गोरस, पय, क्षीर।
नदी – सरिता, जलमाला, नद, तटनी।
नारी – स्त्री, महिला, अबला, वनिता।
नाव – नौका, तरिणी, जलयान, बेड़ा।
पवन – हवा, वायु, समीर, अनिल।
पत्नी – वधू, गृहिणी, स्त्री, प्राणप्रिया, भार्या ।
पति – स्वामी, नाथ, प्राणनाथ।
पर्वत – गिरि, पहाड़, शैल, नग, अचल।
पक्षी – खग, पतंग, नभचर। पुत्र-सुत,बेटा, लड़का, पूत।
पुत्री – सुता, बेटी, लड़की।
पुष्प – कुसुम, सुमन, फूल, प्रसून ।
पृथ्वी – भू, भूमि, धरती, वसुधा, धरा।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

बाग – बगीचा, वाटिका, उपवन, उद्यान।
बादल – मेघ, घन, जलद, नीरद।
माता – जननी, माँ, मात, मैया, अम्ब ।
मृत्यु – निधन, देहान्त, अन्त, मौत।
मनुष्य – मनुज, नर, आदमी, मानव, पुरुष।
युवक – जवान, युवा, तरुण।
राजा – नृप, नरेश, सम्राट्, नरेन्द्र, नरपति।
रात – रजनी, निशा, रात्रि।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Bhav vachak Sangyaen भाववाचक संज्ञाएँ Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द – भाववाचक
अज्ञान – अज्ञानता
अपना – अपनापन
अच्छा – अच्छाई
अधिक – अधिकता
उजाला – उजालापन
उलझन – उलझाव
उठना – उठाव
ऊँचा – ऊँचाई
एक – एकता
कठिन – कठिनता
कठोर – कठोरता
कड़ा – कड़ाई
कंजूस – कंजूसी
कायर – कायरता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

कटु – कटुता
कुशल – कुशलता
कृत्रिम – कृत्रिमता
कृपण – कृपणता
कमाना – कमाई
काटना – कटौती
खट्टा – खटाई, खटास
खुजलाना – खुजली
खेलना – खेल
खोदना – खुदाई
गहरा – गहराई
ठण्डा – ठण्डक
ठगना – ठगी
अंगड़ाना – अंगड़ाई
आलसी – आलस्य
आवश्यक – आवश्यकता
आगे-पीछे – आगा-पीछा
इन्सान – इन्सानियत
ईश्वर – ऐश्वर्य
उदार – उदारता
गुरु – गौरव
गिरना – गिरावट
गर्म – गर्मी
गाना – गीत

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

गुलाम – गुलामी
घबराना – घबराहट
घेरना – घिराव
चतुर – चतुराई
चालाक – चालाकी
चौड़ा – चौड़ाई
चढ़ना – चढ़ाई
चलना – चाल
चिकना – चिकनाई
चमकना – चमक
चिल्लाना – चिल्लाहट
चुनना – चुनाव
जागना – जागरण
जलना – जलन
जीना – जीवन
परतन्त्र – परतन्त्रता
डाका – डकैती
ढिठ – ढिठाई
तीव्र – तीव्रता
दास – दासता
देव – देवत्व
दुर्बल – दुर्बलता
दुष्ट – दुष्टता
दौड़ाना – दौड़
दुहराना – दुहराई
धोना – धुलाई
नीच – नीचता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

पण्डित – पण्डिताई, पाण्डित्य
प्यासा – प्यास
पूर्ण – पूर्णता
पीसना – पिसाई
पकड़ना – पकड़
पहचानना – पहचान
मीठा – मिठास
मुस्कराना – मुस्कराहट
मूर्ख – मूर्खता
मोटा – मुटापा, मोटापन
मिलना – मिलावट
मारना – मार
राजा – राज्य
लड़का – लड़कपन
लाल – लालिमा
लड़ना – लड़ाई
लूटना – लूट
लम्बा – लम्बाई
लिखना – लिखाई
शुद्ध – शुद्धता, शुद्धि
वीर – वीरता
शीघ्र – शीघ्रता
सजना – सजावट

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

पालना – पालन
बच्चा – बचपन
बालक – बालकपन
बुद्धिमान् – बुद्धिमत्ता
बूढ़ा – बुढ़ापा
बनना – बनावट
बैठना – बैठक
बहना – बहाव
बुरा – बुराई
बोलना – बोल
नम्र – नम्रता
बेचना – बेच
भला – भलाई
भूखा – भूख
भय – भयानक
भिड़ना – भिड़न्त
मित्र – मित्रता
मधुर – मधुरता
महान् – महत्ता
सेवक – सेवा, सेवकाई
सज्जन – सज्जनता
सादा – सादगी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

स्वस्थ – स्वास्थ्य
सुन्दर – सुन्दरता
स्वतन्त्र – स्वतन्त्रता
सहायक – सहायता
सरल – सरलता
सीना – सिलाई
सजाना – सजावट
सर्द – सर्दी
सच्चा – सच्चाई
साधारण – साधारणतया
हरा – हरियाली
हँसी – हँसना
हारना – हार

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Viparitarthak ya Vilom Shabd विपरीतार्थक या विलोम शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar विपरीतार्थक या विलोम शब्द

शब्द -विपरीतार्थक
असुर – सुर
अन्त – आरम्भ
अनेकता – एकता
आलस्य – उद्यम
आशा – निराशा
आयात – निर्यात
आगामी – विगत
उपकार – अपकार
उचित – अनुचित
उतार – चढ़ाव
आज्ञा – अवज्ञा
अनिवार्य – ऐच्छिक

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

अनुकूल – प्रतिकूल
अमृत – विष
अवनति – उन्नति
उत्थान – पतन
उदार – कृपण
आहार – निराहार
इहलोक – परलोक
ईर्ष्या – स्पर्धा
उधार – नकद
उपयोगी – व्यर्थ, अनुपयोगी
ऐश्वर्य – दारिद्रय
ऐच्छिक – अनैच्छिक
आदि – अन्त
आय – व्यय

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

अज्ञात – ज्ञात
आदान – प्रदान
अपकार – उपकार
अपना – पराया
अन्याय – न्याय
अधिक – न्यून
अच्छा – बुरा
अस्त – उदय
अन्धकार – प्रकाश
कृत्रिम – स्वाभाविक
कटु – मीठा
आदर – निरादर
कठिन – सरल
कपटी – निष्कपट
ऊष्ण – शीत
उपस्थित – अनुपस्थित
उपयुक्त – अनुपयुक्त
ऋण – उऋण
एक – अनेक
एकता – अनेकता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

उत्तीर्ण – अनुत्तीर्ण
उत्तर – प्रश्न
कृतज्ञ – कृतघ्न
कुटिल – सरल
क्रय – विक्रय
कायर – साहसी
काला – सफ़ेद
कीर्ति – अपकीर्ति
कोमल – कर्कश
गुरुता – लघुता
आस्तिक – नास्तिक
आकाश – पाताल
खल – सज्जन, साधु
खरा – खोटा
गुण – अवगुण
उत्पत्ति – निष्पत्ति
गहरा – उथला
घृणा – प्रीति
चेतन – जड़
कायर – निडर
डरपोक – निर्भीक
डूबना – तैरना
तीव्र – मन्द

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

तेजस्वी – तेजहीन
त्यागी – स्वार्थी
थोड़ा – बहुत
दानी – कृपण
दया – निर्दयता
दिन – रात
दयालु – निर्दय
हार – जीत
लेन – देन
लघु – गुरु
लोभी – निर्लोभी
लोभ – संतोष
शब्द
चंचल – गम्भीर, स्थिर
चतुर – मूर्ख
छल – निश्छल
जीवन – मरण
जन्म – मृत्यु

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

जंगलि – पालतू
जंगम – स्थावर
जीत – हार
जय – पराजय
ज्येष्ठ – कनिष्ठ
जल – यौवन
जरा – स्थल
जटिल – सरल
दुर्बल – बलवान्
दायाँ – बायाँ
धर्म – अधर्म
देव – दानव
धर्मात्मा – पापात्मा
धनवान् – निर्धन
धनी – निर्धन
नवीन – प्राचीन
नास्तिक – आस्तिक
नागरिक – ग्रामीण
निद्रा – जागरण
निकट – दुर
निर्यात – आयात
निन्दा – स्तुति
निगलना – उगलना
निश्चय – अनिश्चय
न्याय – अन्याय
पाप – पुण्य
प्रत्यक्ष – परोक्ष

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

पण्डित – मूर्ख
पराधीन – स्वाधीन
शुष्क – आई
वृद्ध – बालक
वर – शाप
विजय – पराजय
विधवा – सधवा
विजित – पराजित
विरोध – समर्थन
वैर – प्रेम
गुलाम – आज़ाद
विद्वान् – मूर्ख
शांत – अशांत
शुद्ध – अशुद्ध
शुभ – अशुभ
शोक – हर्ष
परतन्त्र – स्वतन्त्र
प्रीति – वैर
परिश्रम – आलस्य
प्रसन्न – अप्रसन्न
पूर्ण – अपूर्ण
स्त्री – पुरुष

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

पवित्र – अपवित्र
फीका – मीठा
बच्चा – बूढ़ा
बुराई – भलाई
बाहर – अन्दर
भय – अभय
भयभीत – निर्भय
भयानक – सुन्दर, प्रिय
भेद – अभेद
भ – भविष्य
सु्ख – दुःख
स्थिर – अस्थिर
सुगन्ध – दुर्गन्ध
सभ्य – असभ्य
संक्षिप्त – विस्तृत
सुर – असुर
साधु – शैतान/असाधु
शाप – वरदान
शिक्षित – अशिक्षित
शत्रु – मित्र
सदाचार – दुराचार
सत्य – असत्य
सुपुत्र – कुपुत्र

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

संयोग – वियोग
स्वामी – सेवक
स्वर्ग – नरक
सज्जन – दुर्जन
स्वदेश – विदेश
सफल – असफल
सुन्दर – असुन्दर
भला – बुरा
भारी – हल्का
मधुर – कटु
मान – अपमान
मितव्ययी – अपव्ययी
सम्मान – अपमान
मानव – दानव
मृदु – कठोर
महान् – झुट
मलिन – स्वच्छ
मौखिक – लिखित

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

यश – अपयश
योग्य – अयोग्य
राजा – रंक
रक्षक – भक्षक
रोगी – स्वस्थ
लाभ – हानि
सरल – कठिन
उल्लास – हर्ष
हार – जीत
सुहागिन – विधवा
सरल – जटिल
सौभाग्य – दुर्भाग्य
ज्ञान – अज्ञान
सम्पत्ति – विपत्ति
हर्ष – शोक
हितकारी – अहितकारी
हृष्टपुष्ट – क्षीण, कृश
श्रद्धा – घृणा
ज्ञानी – अज्ञानी
क्षमा – दण्ड
दुर्बल – सबल

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Hindi Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी

Hindi Guide for Class 7 PSEB श्री गुरु अर्जुन देव जी Textbook Questions and Answers

(क) भाषा-बोध

1. शब्दार्थ:

परलोकवास = स्वर्गवास
विख्यात = प्रसिद्ध
दीन = गरी
हीन = नीचा
पावन-स्थल = पवित्र स्थान
निर्माण = बनाना
निवारण = दूर करना, समाधान करना
शंकाओं = संदेहों
अनमोल = कीमती
मालिया = लगान
महसूस = अनुभव
तृप्त = संतुष्ट
शीतल = ठण्डा
वृद्ध = बूढ़े
ख्याति = प्रसिद्धि
लांछन = आरोप, दोष
यातनाएँ = कष्ट
अंततः = अन्त में
दृढ़ता = मज़बूती
अत्यंत = अधिक

2. वाक्यों में प्रयोग करें:

दसवंध _________________ _________________
षड्यंत्र ______________ _________________
निवारण ___________ _____________________
उत्तर:
अपनी नेक कमाई का दसवंध दान करना चाहिए।
दुश्मनों ने भारत के विरुद्ध षड्यन्त्र रचे हुए हैं।
हे प्रभु! हमारे कष्टों का निवारण कीजिए।

3. विपरीत शब्द लिखें:

मान = ……………..
अपराध = ……………….
एक = ………………..
ईमानदारी = ……………….
इच्छा = ……………….
तृप्त = ……………….
विरोध = ………………
उत्तर:
शब्द विपरीत शब्द
मान = अपमान
अपराध = निरपराध
एक = अनेक
ईमानदारी = बेईमानी
इच्छा = अनिच्छा
तृप्त = अतृप्त
विरोध = समर्थन

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी

4. नए शब्द बनायें:

सु + पुत्री = सुपुत्री
दशम + अंश = ……………….
श्रद्धा = आलु = ……………….
गुरु + द्वारा = ……………..
महान + ता = …………………
उप + लक्ष्य = ………………
उत्तर:
सु + पुत्री = सुपुत्री
दशम + अंश = दशमांश
श्रद्धा = आलु = श्रद्धालु
गुरु + द्वारा = गुरुद्वारा
महान + ता = महानता
उप + लक्ष्य = उपलक्ष्य

5. इन मुहावरों को इस तरह वाक्यों में प्रयोग करें कि अर्थ स्पष्ट हो जाएं

जान का दुश्मन ____________ _______________________
फूटी आँख न भाना __________________ _______________________
कान भरना ________________ ______________________
ज्योति जोत समाना ______________ ___________________
परलोक सिधारना _____________ ____________________
दो टूक कहना __________________ _________________
मामले को उछालना _________________ _____________________
उत्तर:
जान का दुश्मन (पक्का दुश्मन) – रमेश ने पुलिस से झगड़ा करके उसे अपनी जान का दुश्मन बना लिया है।
फूटी आँखों न भाना (बिलकुल अच्छा न लगना) – कक्षा में समय पर नहीं आने वाले विद्यार्थी मुझे फूटी आँख नहीं भाते।
कान भरना (चुगली करना) – ऐसे लोगों से बच कर रहो, जो दूसरों के खिलाफ़ तुम्हारे कान भरते हैं।
ज्योति जोत समाना (परलोक सिधारना) – श्री गुरु अर्जुन देव जी लाहौर में रावी नदी के तट पर ज्योति जोत समा गए।
परलोक सिधारना (मृत्यु को प्राप्त होना) – हरिसिंह के पिता जी कल परलोक सिधार गए।
दो टूक कहना (स्पष्ट वक्ता, सही और सत्य बोलना) – सुमन ने सुषमा से एक हजार रुपए उधार माँगे पर उसने दो टूक मना कर दिया।
मामले को उछालना (झगड़ा बढ़ाना, बात फैलाना) – कुछ न होते हुए भी नेताजी ने विरोधी पक्ष के मामले को उछालना शुरू कर दिया।

प्रयोगात्मक व्याकरण

6. निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग अलग करके लिखें:

प्रदान = ______________
आमंत्रित = _____________
निवारण = ______________
अनमोल = _______________
प्रभावित = _______________
प्रबन्ध = ______________
आनन्द = ___________
विभोर = ____________
संकलित = ____________
संग्रह = ______________
सुशोभित = _____________
उत्तर:
प्र, आ, नि, अन, प्र, प्र, आ, वि, सम्, सम्, सु।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी

7. निम्नलिखित समास शब्दों का विग्रह करें

समस्त पद विग्रह
गुरुद्वारा = ………………..
परलोकवास = ……………….
गुरु-गद्दी = ………………..
गुरु-परम्परा = …………………
ग्रंथी-परम्परा = ………………
उत्तर:
समस्त पद विग्रह
गुरुद्वारा = गुरु का द्वारा
परलोकवास = परलोक में वास
गुरु-गद्दी = गुरु की गद्दी
गुरु-परम्परा = गुरु की परम्परा
ग्रंथी-परम्परा = ग्रंथी की परम्परा

8. (क)
1. ने + अन = नयन
ए + अ = अय

2. गै + अक = गायक
ऐ + अ = आय
अतएव अब ए ऐ के बाद यदि कोई दूसरा स्वर आ जाए तब इनके स्थान पर क्रमशः अय आय हो जाता है। यह स्वर संधि की अयादि संधि है। अन्य उदाहरण :- नै + अक ‘= नायक, नै + इका = नायिका।

(ख)
1. पो + अन = पवन
ओ + अ = अव

2. पौ + अन = पावन
औ + अ = आव
अतएव जब ओ औ के बाद दूसरा स्वर आ जाए तो इनके स्थान पर क्रमश: अव आव हो जाता है। यह स्वर संधि की अयादि संधि है। अन्य उदाहरण
भो + अन = भवन
नौ + इक – नाविक
भौ + उक = भावुक

9. रेखांकित पदों के कारक बतायें:

  1. गुरु जी ने सिक्ख धर्म के प्रचार और दीन हीन की सहायता के लिए ‘दसवंध मर्यादा’ का आरम्भ किया।
  2. यह अमृतसर नगर में विद्यमान है।
  3. गुरु जी अपने माता-पिता की तीसरी संतान थे।
  4. चंदू शाह अपने अपमान का बदला चुकाना चाहता था।
  5. हर साल गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस संसार भर में मनाया जाता है।

उत्तर:

  1. संप्रदान तत्पुरुष
  2. द्वंद्व समास
  3. अधिकरण तत्पुरुष
  4. कर्ता तत्पुरुष
  5. संबंध तत्पुरुष

(ख) विचार-बोध

1. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
दसवंध मर्यादा से क्या भाव है ?
उत्तर:
दसवंध मर्यादा का अर्थ सिक्ख धर्म के अनुयायियों का अपनी आमदनी का दसवाँ भाग दान में से है।

प्रश्न 2.
गुरु अर्जुन देव जी ने सम्राट अकबर से क्या मांगा ?
उत्तर:
गुरु अर्जुन देव जी ने सम्राट अकबर से कहा कि हरमन्दिर साहिब के आस-पास के गाँवों का लगान माफ़ कर दिया जाए।

प्रश्न 3.
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब’ में किन-किन की वाणी संकलित है ?
उत्तर:
श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु नानक देव जी, भक्त कबीर जी, गुरु अर्जुन देव जी तथा अन्य गुरुओं और अनेक सन्तों की वाणी संकलित है।

प्रश्न 4.
चन्दू शाह गुरु अर्जुन देव जी का दुश्मन क्यों बना ?
उत्तर:
चन्दू शाह अपनी पुत्री का विवाह गुरु अर्जुन देव जी के बड़े बेटे श्री हर गोबिन्द जी से करना चाहता था। गुरु जी इसके लिए तैयार नहीं थे। इसलिए चन्दू शाह गुरु जी का दुश्मन बन गया।

प्रश्न 5.
गुरु अर्जुन देव जी को गुरु गद्दी कब प्रदान की गई ?
उत्तर:
गुरु अर्जुन देव जी को गुरु गद्दी सन् 1581 ई० में प्रदान की गई।

प्रश्न 6.
दस गुरुओं के क्रमशः नाम लिखें। उत्तर-सिक्ख धर्म के दस गुरुओं के नाम इस प्रकार हैं

  1. गुरु नानक देव जी
  2. गुरु अंगद देव जी
  3. गुरु अमरदास जी
  4. गुरु रामदास जी
  5. गुरु अर्जुन देव जी
  6. गुरु हरगोबिन्द जी
  7. गुरु हरिराय जी
  8. गुरु हरिकृष्ण जी
  9. गुरु तेग़ बहादुर जी
  10. गुरु गोबिन्द सिंह जी

3. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
गुरु अर्जुन देव जी के चरित्र की दो विशेषताओं को स्पष्ट करें। संकेत-उदारता, दया, सेवाभाव, भक्ति, दृढ़ता, कष्ट सहिष्णुता, निर्भयता।
उत्तर:

  1. उदारता-गुरु अर्जुन देव जी बड़े उदार विचारों के थे। उन्होंने अपने समय के प्रसिद्ध मुस्लिम फकीर साईं मियां मीर को आमन्त्रित करके श्री हरमन्दिर साहिब की नींव रखवाई थी। दरबार साहिब के नाम से भी विख्यात यह गुरुद्वारा साहिब सिक्ख धर्म का महान् तीर्थ स्थान माना जाता है।
  2. दया-गुरु जी ने अकबर से गरीब किसानों का लगान माफ करवाया।
  3. सेवाभाव-गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं को वे स्वयं भोजन परोसा करते थे। गुरु जी की सिक्ख धर्म को सबसे बड़ी देन है-गुरु ग्रन्थ साहिब का प्रकाश।
  4. निर्भयता-गुरु जी बड़े-से बड़े संकट से घबराते नहीं थे। दीन-हीन और निःसहायों को आश्रय देना वे अपना धर्म मानते थे।

प्रश्न 2.
जहाँगीर ने गुरु अर्जुन देव जी को क्यों दण्डित किया ?
उत्तर:
गुरु अर्जुन देव जी के विरोधियों तथा चन्दू शाह ने उनके विरुद्ध अनेक तरह के लांछन लगाकर मुग़ल बादशाह जहाँगीर के कान भरे। गुरु साहिब बड़े दयालु थे। उन्होंने जहाँगीर के बेटे शहज़ादा खुसरो की मुसीबत के समय सहायता की थी। पिता से बिगड़े पुत्र खुसरो की मदद के इस मामले को भी गुरु साहिब के विरोधियों ने खूब उछाला। ऐसे षड्यंत्रों में फंसा कर बादशाह जहाँगीर ने गुरु अर्जुन देव जी को लाहौर बुलवा कर नौ लाख रुपए दण्ड भरने का आदेश दे दिया और दण्ड न देने पर उन्हें कैद करवाया।

प्रश्न 3.
गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस कब और कैसे मनाया जाता है ?
उत्तर:
गुरु अर्जुन देव जी 30 मई, सन् 1606 ई० को शहीद हुए। इसी की स्मृति में हर साल गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस संसार भर में मनाया जाता है। शहीदी गुरु पर्व के सिलसिले में प्रभात फेरियाँ और नगर कीर्तन निकलते हैं। गर्मी का मौसम होने के कारण मीठे शीतल जल की छबीलें लगाकर शान्ति प्रिय गुरुदेव का स्मरण किया जाता है। इसी उपलक्ष्य में गुरुद्वारे में दीवान भी सजते हैं।

(ग) रचना-बोध

अपनी सहेली को पत्र में अमृतसर के दर्शनीय स्थलों का विवरण दें

92 – मॉडल कॉलोनी,
अमृतसर।
दिनांक 22 दिसम्बर, 20….
प्रिय सखी प्रीतम,
स्नेह भरी नमस्ते।
तुम्हारा पत्र मिला। घर के काम-काज में व्यस्त रहने के कारण तुरन्त उत्तर नहीं दे सकी, क्षमा चाहती हूँ। तुमने अमृतसर के दर्शनीय स्थलों का विवरण पूछा है, संक्षेप में दे रही हूँ।

जिस के कारण अमृतसर दुनिया भर में प्रसिद्ध है, वह है सिक्खों का पावन-तीर्थ श्री दरबार साहिब। यह महान् गुरुद्वारा दुनिया भर के सिक्खों का सबसे बड़ा श्रद्धा का केन्द्र है। इसका पावन सरोवर निर्मल एवं शुद्ध जल से पूर्ण है। इस में लोग श्रद्धा से स्नान करते हैं । दरबार साहिब में रात-दिन भीड़ लगी रहती है। श्रद्धालुओं के लिए गुरु का अटूट लंगर दिन-रात चलता रहता है। गुरुद्वारे में शबद कीर्तन निरन्तर होता रहता है।

श्री दरबार साहिब के निकट ही जलियाँवाला बाग है। यह देश-भक्तों का अमर स्मारक है। दुर्याना मन्दिर भी अमृतसर का एक परम पावन तीर्थ स्थल है। इसके अतिरिक्त शहर के बाग भी अद्भुत छटा बिखेरते हैं। वस्तुतः ये स्थान स्वयं आँखों से देखकर अपनी विशेषताएँ साकार करते हैं। इसलिए आगामी छुट्टियों में तुम अमृतसर आकर अपनी आँखों से सब कुछ देखो।
पूज्य माता और पिता जी को सादर नमस्कार कहना और हैप्पी को प्यार देना।
तुम्हारी प्रिय सखी,
नन्दिनी शर्मा।

(घ) सिक्ख धर्म के पावन ग्रंथ गुरु ‘ग्रंथ साहिब’ में से किसी श्लोक को याद करें और उसके अर्थ जानें।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

PSEB 7th Class Hindi Guide श्री गुरु अर्जुन देव जी Important Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
‘पंचम पातशाह’ किसे कहते हैं ?
(क) गुरु नानक देव
(ख) गुरु अर्जुन देव
(ग) गुरु गोबिंद सिंह
(घ) क और ग
उत्तर:
(ख) गुरु अर्जुन देव

प्रश्न 2.
गुरु अर्जुन देव जी का जन्म कहां हुआ था ?
(क) कराची
(ख) लाहौर
(ग) दिल्ली
(घ) गोइंदवाल
उत्तर:
(घ) गोइंदवाल

प्रश्न 3.
चौथे सिक्ख गुरु कौन थे ?
(क) गुरु रामदास जी
(ख) गुरु गोबिंद सिंह जी
(ग) गुरु अर्जुन देव जी
(घ) कोई नहीं
उत्तर:
(क) गुरु रामदास जी

प्रश्न 4.
गुरु अर्जुन देव जी ने कौन-सी मर्यादा का आरम्भ किया था ?
(क) पंचवंध
(ख) दसवंध
(ग) सप्तवंध
(घ) बीसवंध
उत्तर:
(ख) दसवंध

प्रश्न 5.
गुरु जी की सबसे बड़ी देन क्या है ?
(क) उपदेश
(ख) लंगरसेवा
(ग) दसवंध
(घ) गुरु ग्रंथ साहिब
उत्तर:
(घ) गुरु ग्रंथ साहिब

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 20 श्री गुरु अर्जुन देव जी

2. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित विकल्पों से कीजिए

प्रश्न 1.
हरमन्दिर साहिब को सिक्ख धर्म का …………… माना जाता है।
(क) तीर्थ
(ख) गुरुद्वारा
(ग) मंदिर
(घ) कोई नहीं
उत्तर:
(क) तीर्थ

प्रश्न 2.
दीवान ………….. ने गुरु जी को कैद में डाल दिया था ।
(क) मन्दूशाह
(ख) चन्दूशाह
(ग) राम सेवक
(घ) श्यामचंद्र
उत्तर:
(ख) चन्दूशाह

प्रश्न 3.
जहाँगीर के पुत्र का नाम ………….. था।
(क) मीर जाफ़र
(ख) रामशेर
(ग) अल्लाफ़
(घ) खुसरो
उत्तर:
(घ) खुसरो

प्रश्न 4.
हरमन्दिर साहिब की यात्रा मुगल सम्राट ………….. ने की थी।
(क) अकबर
(ख) जहाँगीर
(ग) शाहजहाँ
(घ) बाबर
उत्तर:
(क) अकबर

प्रश्न 5.
गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु जी के …………. श्लोक तथा शब्द हैं।
(क) 2 सौ
(ख) 21 सौ
(ग) 22 सौ
(घ) 23 सौ
उत्तर:
(ग) 22 सौ

3. दिए गए शब्द का सही अर्थ से मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
विख्यात:
प्रसिद्ध
विज्ञान
विचार
उत्तर:
प्रसिद्ध

प्रश्न 2.
आमंत्रित करना :
मंत्र देना
बुलाना
भेजना
उत्तर:
बुलाना

प्रश्न 3.
स्मरण:
याद करना
भुला देना
घूमना
उत्तर:
याद करना

प्रश्न 4.
श्रद्धालु:
श्राद् का आलू
श्रद्धा करने वाले
श्रद्धा
उत्तर:
श्रद्धा करने वाले

श्री गुरु अर्जुन देव जी Summary

श्री गुरु अर्जुन देव जी पाठ का सार

‘श्री गुरु अर्जुन देव जी’ पाठ में ‘पंचम पातशाह जी’ के नाम से सिक्ख परंपरा में विख्यात श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन चरित्र का वर्णन किया गया है। श्री गुरु अर्जुन देव जी का जन्म 15 अप्रैल, सन् 1563 को गोइंदवाल में हुआ था। आप के पिता श्री गुरु रामदास जी चौथे सिक्ख गुरु थे। आपकी माता जी का नाम बीबी भानी जी था। वे तीसरे सिख गुरु श्री गुरु अमरदास जी की सुपुत्री थी। इस प्रकार गुरु अमरदास जी श्री गुरु अर्जुन देव जी के नाना हुए। गुरु अर्जुन देव जी अपने माता-पिता की तीसरी सन्तान थे। सोलह वर्ष की आयु में गुरु अर्जुन देव जी का विवाह मउ गाँव के श्रीकृष्ण चन्द की बेटी गंगा जी के साथ हुआ था। आप सन् 1581 ई० में गुरुगद्दी पर बैठे और ‘पंचम पातशाह जी’ के नाम से विख्यात हुए।

श्री गुरु अर्जुन देव जी ने ‘दसवंध मर्यादा’ का आरम्भ किया। गुरु जी ने मुस्लिम फकीर साईं.मियां मीर जी को आमंत्रित करके श्री हरमन्दिर साहिब की नींव रखवाई थी। दरबार साहिब के नाम से प्रसिद्ध यह सिक्ख धर्म का महान् तीर्थ माना जाता है। मुग़ल सम्राट अकबर भी इसकी यात्रा करने आया था और उसने गुरु जी के दर्शन किये थे।

श्री गुरु अर्जुन देव जी गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं भोजन परोसा करते थे। वे थके-मांदे की सेवा करते थे। गुरु जी की सबसे बड़ी देन ‘श्री गुरु ग्रन्थ साहिब’ है। उन्होंने बाबा बुड्डा जी को दरबार साहिब में ग्रन्थी बनाकर ग्रन्थी परम्परा शुरू की थी। श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में गुरु जी के 22 सौ ‘श्लोक’ तथा ‘शबद’ हैं। अकबर की मृत्यु के बाद गुरु जी के विरोधियों ने मुग़ल सम्राट् जहाँगीर के कान भरे क्योंकि उन्होंने जहाँगीर के पुत्र खुसरो की मुसीबत में सहायता की थी। दीवान चन्दू शाह ने गुरु जी को कैद में डाल दिया था। वह उन्हें अनेक यातनाएँ देता था। वे 30 मई, सन् 1606 ई० को शहीद हो गए। गुरु जी का शहीदी दिवस हर साल संसार भर में मनाया जाता है और ‘पंचम पातशाह जी’ के नाम से उनको स्मरण किया जाता है।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Hindi Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर

Hindi Guide for Class 7 PSEB एण्ड्रोक्लीज़ और शेर Textbook Questions and Answers

(क) भाषा-बोध

1. शब्दार्थ:

रिवाज़ = रीति, परम्परा
हक = अधिकार
बरताव = व्यवहार
बेरहम = निर्दयी
बेहतर = अच्छा, श्रेष्ठ
बियाबान = सुनसान
खोह = गुफा
गौर से = ध्यान से
उकता गया = तंग हो गया
अजीब = विचित्र
यकायक = अचानक
सन्नाटा = खामोशी
किस्सा = कहानी
निर्वाह = निबाहना, निभाना

2. निम्न शब्दों/मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग करें:

पीठ थपथपाना _____________ _____________________
टूट पड़ना _____________ ____________________
बात ही बात में _____________ _________________
हड़बड़ा कर ______________ ______________________
आँख लगना ________________ ____________________
दुम हिलाना ___________ _____________________
सिर पैरों पर रखना ________________ ___________________
दंग रह जाना _____________ ____________________
उत्तर:
पीठ थपथपाना (शाबाशी देना) – राघव के कक्षा में प्रथम आने पर सब ने उसकी पीठ थपथपा कर उसे बधाई दी।
टूट पड़ना (आक्रमण करना) – भारतीय सैनिक भूखे भेड़ियों की तरह शत्रु पर टूट पड़े।
बात ही बात में (क्षण भर में) – बात ही बात में दोनों यात्री आपस में उलझ पड़े। हड़बड़ा कर (घबरा कर) – शेर की दहाड़ सुन शिकारी हड़बड़ा कर जाग उठा।
आँख लगना (नींद आना) – मुसाफिर थक गया था, लेटते ही उसकी आँख लग गई।
दुम हिलाना (प्रसन्नतापूर्वक अधीनता स्वीकार करना) – एण्ड्रोक्लीज़ को दंगल के मैदान में देखते ही शेर उसके पास जाकर दुम हिलाने लगा।
सिर पैरों पर रखना (क्षमा माँगना) – नौकर ने अपनी गलती मान कर अपना सिर उसके पैरों पर रख दिया।
दंग रह जाना (हैरान/चकित रह जाना) – जादूगर के कमाल देखकर सभी दंग रह गए।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर

3. विपरीत शब्द लिखें:

बादशाह = …………………
बेरहम = ……………….
कृतज्ञ = ………………
गुलाम = ……………….
उपकार = ……………..
उत्तर:
शब्द विपरीत शब्द
बादशाह = फकीर
बेरहम = रहम
कृतज्ञ = कृतध्न
गुलाम = मालिक
उपकार = अपकार

4. कई बार एक ही शब्द को दो बार प्रयोग किया जाता है। ऐसे शब्दों को पुनरुक्त शब्द कहते हैं। इस पाठ में कुछ ऐसे शब्द प्रयुक्त हुए हैं जैसे :- भटकते-भटकते इसी प्रकार अन्य शब्द ढूंढें और लिखें।
उत्तर:
खड़ा-खड़ा, बार-बार, लँगड़ाता-लँगड़ाता, आगे-आगे, साथ-साथ, बड़ेबड़े।

5. बेरहम शब्द में बे उपसर्ग लगा है। इसी प्रकार बे उपसर्ग से नए शब्द बनाएं:

बे + कार = ………………..
बे + चैन = …………….
बे + शक = ……………..
बे + रोक = ………………
बे + जान = …………………
उत्तर:
बे + कार = बेकार
बे + चैन = बेचैन
बे + शक = बेशक
बे + रोक = बेरोक
बे + जान = बेजान

6. प्रयोगात्मक व्याकरण

(1) एक दिन रात को वह घर से निकल भागा और समुद्र के किनारे की तरफ चल दिया।
(2) मालिक एण्ड्रोक्लीज़ से बहुत रात बीतने तक काम लेता मगर न पहनने को कपड़े देता, न पेट भर खाना।
(3) उसे भूख लगी थी इसलिए शेर ने उसके पास एक मरा हुआ खरगोश लाकर डाल दिया।
(4) ऐसा लगा मानो उसके पंजे में कोई तकलीफ है।
(5) एण्ड्रोक्लीज़ मालिक के कब्जे से भाग गया था। इस कारण उसे मौत की सज़ा दी गयी।
(6) उसने समझ लिया कि अब मौत आ गयी।
(7) वह थक हार कर खोह में लोट गया ताकि आराम कर सके।
(8) चाहे वह अपराधी था फिर भी बादशाह ने उसे छोड़ दिया।
उपर्युक्त वाक्यों में ‘और’, ‘मगर’, ‘इसलिए’, ‘मानो’, ‘इस कारण कि’, ‘ताकि’, ‘चाहे’ फिर भी शब्द दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ रहे हैं। इन शब्दों को योजक या समुच्चयबोधक शब्द कहते हैं।
अतएव दो शब्दों, वाक्यों के अंशों और वाक्यों को जोड़ने वाले शब्दों को योजक या समुच्चयबोधक कहते हैं।
अन्य योजक शब्द-एवं, तथा, अथवा, या, नहीं तो, अतः, यद्यपि… तथापि, चूंकि, क्योंकि, जिससे कि, यदि तो।

(ख) विचार-बोध

1. उपयुक्त शब्द भरकर वाक्य पूरे करें :

  1. एण्ड्रोक्लीज़ ………….. का एक गुलाम था।
  2. मालिक गुलाम को ………….. बेच सकता है।
  3. उसका मालिक उसे ………….. ले गया।
  4. वह रास्ता भूल गया …….. जंगल में जा पहुंचा।
  5. शेर बुरी तरह ………….. हुआ आगे बढ़ा।
    (दहाड़ता, भेड़-बकरियों की तरह, और बियाबान, अफ्रीका, रोम)

उत्तर:

  1. रोम
  2. भेड़-बकरियों की तरह
  3. अफ्रीका
  4. और बियाबान
  5. दहाड़ता

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर

2. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
गुलामी प्रथा से क्या भाव है ?
उत्तर:
गुलामी प्रथा में लोग किसी भी व्यक्ति को खरीद सकते हैं और उसका मालिक अपने गुलाम को भेड़-बकरियों की तरह किसी को भी बेच सकता है।

प्रश्न 2.
एण्ड्रोक्लीज़ भाग कर कहाँ पहुँचा ?
उत्तर:
एण्ड्रोक्लीज़ अफ्रीका से भाग कर एक पहाड़ की खोह में पहुंचा।

प्रश्न 3.
एण्ड्रोक्लीज़ को मौत की सज़ा क्यों दी गई ?
उत्तर:
एण्ड्रोक्लीज़ एक गुलाम था। उसका अपने मालिक को छोड़ कर भाग जाना कानूनी अपराध था। इसलिए उसे मौत की सज़ा दी गई।

प्रश्न 4.
उन दिनों मौत की सज़ा कैसे दी जाती थी ?
उत्तर:
उन दिनों अपराधी को भूखे शेर के साथ भिड़ना पड़ता था। उसे दंगल में एक भाला देकर भेज दिया जाता। फिर भूखे शेर को पिंजरे से निकाल कर उस दंगल में छोड़ दिया जाता। भूखा शेर दहाड़ मारता हुआ उस पर टूट पड़ता और उसे चीर-फाड़ कर खा जाता था।

प्रश्न 5.
इस कहानी का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
उत्तर:
‘एण्ड्रोक्लीज़ और शेर’ कहानी का मुख्य उद्देश्य यह है कि उपकार करने का फल अवश्य मिलता है।

3. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
एण्ड्रोक्लीज़ अपने मालिक के पास किस रूप में रहता था और वहाँ से क्यों भाग गया ?
उत्तर:
एण्ड्रोक्लीज़ अपने मालिक के पास एक गुलाम के रूप में रहता था। उसे दिन-रात काम करना पड़ता था। एण्ड्रोक्लीज़ को न पहनने के पूरे कपड़े मिलते थे, न ही उसे भरपेट भोजन मिलता था, इस कारण वह बहुत दुखी रहता। इस दशा में उसने वहाँ से भाग जाना ही ठीक समझा।

प्रश्न 2.
एण्ड्रोक्लीज़ की शेर के साथ दोस्ती किस प्रकार हुई और उसके पश्चात् दोनों किस प्रकार रहे ?
उत्तर:
एण्डोक्लीज़ मालिक के बुरे बर्ताव से तंग आकर भाग निकला। वह रात भर भटकता-भटकता रास्ता भूल गया। वह रोम जाना चाहता था परन्तु वह एक पहाड़ की खोह में जा पहुँचा। जहाँ वह सो गया। इतने में शेर दहाड़ता हुआ आया। एण्ड्रोक्लीज़ ने देखा शेर के पंजे में काँटा चुभा हुआ है। उसने झट से काँटा निकाल दिया और एण्ड्रोक्लीज और शेर मित्र बन कर वहाँ रहने लगे।

प्रश्न 3.
मौत के कटघरे में एण्ड्रोक्लीज़ और शेर के व्यवहार का वर्णन करें।
उत्तर:
मौत के कटघरे में एण्ड्रोक्लीज़ को एक भाला देकर भेजा गया। थोड़ी देर बाद पिंजरे से एक भूखे शेर को वहाँ छोड़ दिया गया। शेर दहाड़ता हुआ आगे बढ़ने ही वाला था कि एकदम रुक गया ! शेर एण्ड्रोक्लीज़ के पास पहुँचकर कुत्ते की तरह दुम हिलाने लगा। एण्ड्रोक्लीज़ ने शेर की पीठ थपथपाई। दोनों ओर से प्यार छलक रहा था। सभी देखने वाले दंग थे।

(ग) भाव-बोध (प्रश्न) इन पंक्तियों का भाव स्पष्ट करें

प्रश्न 1.
गुलामी से मौत बेहतर है।
उत्तर:
गुलामी एक अभिशाप है। गुलाम का जीवन अपने मालिक की दया पर निर्भर करता है। वह भेड़-बकरी के समान होता है। न उसे पहनने के पूरे कपड़े मिलते हैं और न खाने को भरपेट भोजन। ऐसी गुलामी से मौत बेहतर है।

प्रश्न 2.
पशु भी कृतज्ञ और सच्चे मित्र होते हैं।
उत्तर:
पशुओं के साथ भी मनुष्य को अच्छा बर्ताव करना चाहिए। उनमें भी विचारशक्ति होती है। वे भी समय पड़ने पर कृतज्ञ और सच्चे मित्र सिद्ध होते हैं। यहाँ तक कि हिंसक पशु भी उपकार नहीं भूलते।

योग्यता विस्तार

(1) मानव स्वतन्त्रता और गुलामी प्रथा विषय पर अपनी कक्षा में भाषण प्रतियोगिता रखो।
(2) वन्य जन्तुओं के आचरण और व्यवहार से सम्बन्धित पुस्तकें पढ़ो।
(3) किसी भारतीय अभ्यारण्य में जाकर जन्तुओं का निरीक्षण करो।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

PSEB 7th Class Hindi Guide एण्ड्रोक्लीज़ और शेर Important Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
एण्ड्रोक्लीज़ के साथ शेर कैसे रहता था ?
(क) दोस्त
(ख) भाई
(ग) पालतू कुत्ते
(घ) दुश्मन
उत्तर:
(ग) पालतू कुत्ते

प्रश्न 2.
एण्ड्रोक्लीज़ ने किसे भूनकर खा लिया था ?
(क) हिरन
(ख) साँप
(ग) मेंढ़क
(घ) खरगोश
उत्तर:
(घ) खरगोश

प्रश्न 3.
एण्ड्रोक्लीज़ को कौन-सी सजा सुनाई गई ?
(क) उम्रकैद
(ख) दस साल की
(ग) फाँसी की
(घ) मुर्गा बनने की
उत्तर:
(ग) फाँसी की

प्रश्न 4.
एण्ड्रोक्लीज़ कौन था ?
(क) व्यापारी
(ख) रोम का गुलाम
(ग) क्रांतिकारी
(घ) नौकर शाह
उत्तर:
(ख) रोम का गुलाम

प्रश्न5.
एण्ड्रोक्लीज़ कहाँ का वासी था ?
(क) रोम
(ख) भारत
(ग) इग्लैण्ड
(घ) अमेरिका
उत्तर:
(क) रोम

2. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित विकल्पों से कीजिए

प्रश्न 1.
एण्ड्रोक्लीज़ को उसका मालिक ………….. ले गया।
(क) रोम
(ख) अमेरिका
(ग) फ्रांस
(घ) अफ्रीका
उत्तर:
(घ) अफ्रीका

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 19 एण्ड्रोक्लीज़ और शेर

प्रश्न 2.
रोम में …………… की प्रथा थी।
(क) व्यापारी
(ख) गुलाम
(ग) बुर्का
(घ) पर्दा
उत्तर:
(ख) गुलाम

प्रश्न 3.
शेर …………… हुआ वहाँ से चला गया।
(क) लंगड़ाता
(ख) चिघाड़ता
(ग) रोता
(घ) हँसता
उत्तर:
(क) लंगड़ाता

प्रश्न 4.
…………….. ने एण्ड्रोक्लीज़ को अपने पास बुलाया।
(क) मालिक
(ख) बादशाह
(ग) जल्लाद
(घ) जेलर
उत्तर:
(ख) बादशाह

प्रश्न 5.
शेर ने एण्ड्रोक्लीज़ के सामने ……….. डाल दिया।
(क) मरा खरगोश
(ख) हिरन
(ग) भालू
(घ) बछड़ा
उत्तर:
(क) मरा खरगोश

3. दिए गए शब्द का सही अर्थ से मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
बर्ताव:
व्यवहार
बर्तन
बर्फ
उत्तर:
व्यवहार

प्रश्न 2.
किस्सा
कविता
कहानी
केश
उत्तर:
कहानी

प्रश्न 3.
निर्वाह
निरवाह
निबाहना
निवरहा
उत्तर:
निबाहना

प्रश्न 4.
उकताना
तंग आना
रंग जाना
हट जाना
उत्तर:
तंग आना

एण्ड्रोक्लीज़ और शेर Summary

एण्ड्रोक्लीज़ और शेर पाठ का सार

‘एण्ड्रोक्लीज़ और शेर’ कहानी में लेखक ने गुलामी को एक अभिशाप बताते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि किए हुए उपकार का फल अवश्य मिलता है। पशु भी उन पर किए गए अहसान को कभी नहीं भूलते हैं। इस कहानी में रोम में गुलामी की प्रथा का वर्णन किया गया है।

एण्ड्रोक्लीज़ रोम का एक गुलाम था। उसका मालिक उसे रोम से अफ्रीका ले गया। वहाँ उससे खूब काम लिया जाता था, परन्तु एण्ड्रोक्लीज़ को न पहनने को पूरे कपड़े मिलते और न ही पेट भर भोजन। वह मालिक के बर्ताव से बहुत तंग आ चुका था। एक दिन वह घर से भाग निकला। वह अंधेरे में रास्ता भूल गया और भटकते-भटकते पहाड़ की खोह में जाकर लेट गया, जहाँ वह सो गया। एक दिल दहलाने वाली दहाड़ सुन कर वह जाग उठा। उसने देखा कि एक शेर रास्ते रोके खड़ा था। उसने देखा शेर बारबार अपना पंजा चाट रहा था। उसके पंजे से खून बह रहा था। पंजे में एक बड़ा काँटा चुभा हुआ था। एण्ड्रोक्लीज़ ने शेर के पंजे से काँटा निकाल दिया। थोड़ी देर में पंजे से खून बहना बन्द हो गया।

शेर लंगड़ाता हुआ वहाँ से चला गया। थोड़ी देर बाद शेर ने एक मरा हुआ खरगोश लाकर वहाँ डाल दिया। एण्ड्रोक्लीज़ ने खरगोश को भूनकर खा लिया। दोनों दोस्त बनकर खोह में रहने लगे। एण्ड्रोक्लीज़ को वहाँ कई महीने बीत गए। जंगल के जीवन से तंग आकर एक दिन वह वहाँ से चल दिया। कुछ दिनों बाद एण्ड्रोक्लीज़ को सिपाहियों ने पकड़ लिया। उसे कानून के अनुसार मौत की सज़ा सुनाई गई। भूखे शेर को पिंजरे से निकालकर कर दंगल के मैदान में छोड़ दिया गया। एण्ड्रोक्लीज़ को दंगल के मैदान में लाया गया। शेर दहाड़ता हुआ आगे बढ़ा, पर एण्ड्रोक्लीज़ को देखकर एकाएक रुक गया। शेर एण्ड्रोक्लीज़ के सामने पालतू कुत्ते के समान दुम हिलाने लगा। यह वही शेर था जिसके साथ वह खोह में रहा था। उसने शेर की पीठ थपथपाई।

बादशाह ने एण्ड्रोक्लीज़ को अपने पास बुलाया। उसने बादशाह को सारा किस्सा सुनाया। बादशाह सुनकर दंग रह गया। उसने सोचा पशु भी अपने ऊपर किये उपकार को नहीं भूलते। उसने एण्ड्रोक्लीज़ को आज़ाद कर दिया। शेर भी उसे सौंप दिया गया। शेर उसके साथ पालतू कुत्ते की तरह रहता था।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 18 हिम्मती सुमेरा

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Chapter 18 हिम्मती सुमेरा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Hindi Chapter 18 हिम्मती सुमेरा

Hindi Guide for Class 7 PSEB हिम्मती सुमेरा Textbook Questions and Answers

(क) भाषा-बोध

1. शब्दार्थ:

अद्भुत = विचित्र, हैरान करने वाली
ढेर सारी = बहुत अधिक
हिम्मत = साहस
मुश्किल = कठिन
माल = सामान
तय किया = निश्चय किया
चकित = हैरान
एकमात्र = इकलौती, सिर्फ एक
सिलसिला = क्रम
अजीब = विचित्र
मिन्नत = विनती, प्रार्थना
सर्र-से = तेज़ी से
फटकारना = डांटना
परिश्रम = मेहनत
कारोबार = व्यापार

2. इन मुहावरों के अर्थ समझते हुए वाक्यों में प्रयोग करें:

घुट्टी पिलाना ______________ _________________________
पत्थर की लकीर की तरह जमना ______________ _________________
सिर चकराना __________ __________________
धुन समाना _____________ ___________________
पीठ थपथपाना ________________ ____________________
उत्तर:
घुट्टी पिलाना (सिखाना-समझाना) – रोहित को न मालूम कैसी घुट्टी पिलाई गई थी कि माल की हेराफेरी करने में बड़ों-बड़ों को मात दे देता है।
पत्थर की लकीर की तरह जमना (पक्की तरह जमना) – मनुष्य की बुरी आदतें पत्थर की लकीर की तरह जमकर सारी जिंदगी उसका पीछा नहीं छोड़ती।
सिर चकराना (चक्कर आना) – गणित का प्रश्न-पत्र देखते ही कीमती लाल का सिर चकरा गया।
धुन समाना (लगन लगना) – रश्मि को तो आजकल गाना सीखने की धन समाई हई है।
पीठ थपथपाना (शाबाशी देना) – परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रधानाचार्य ने नकुल की पीठ थपथपाई।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 18 हिम्मती सुमेरा

3. पर्यायवाची शब्द लिखें:

पिता = ………………….
राजा = ……………….
आदमी = …………………
दुनिया = …………………..
कहानी = ……………..
हिम्मत = …………………
मुसीबत = ………………..
उत्तर:
शब्द पर्यायवाची शब्द
पिता = जनक, तात
राजा = अधिपति, राजन
आदमी = मनुष्य, मानव
दुनिया = संसार, जगत
कहानी = कथा, गल्प
हिम्मत = शक्ति, साहस
मुसीबत = संकट, विपत्ति

4. विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखें:

सवेरा = ………………..
गरीब = ……………….
उधार = ……………….
इनाम = ……………….
प्यार = ………………..
बेचना = ………………..
रोना = ……………..
न्याय = ………………….
विदा = ………………….
उत्तर:
शब्द विपरीत शब्द
सवेरा = सांझ
गरीब = अमीर
उधार = नकद
इनाम = सज़ा
प्यार = नफ़रत
बेचना = खरीदना
रोना = हँसना
न्याय = अन्याय
विदा = स्वागत

5. इन समरूपी भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग करें:

(1) समान = ………………
सामान = ………………
(2) ओर = ………………….
और = ……………..
(3) दिन = ………………..
दीन = ……………….
(4) उदार = ………………
उधार = ………………
उत्तर:
(1) समान = बराबर-हमें शहीद भगत सिंह के समान देशभक्त बनना चाहिए।
सामान = सामग्री- सीमा सिलाई-कढ़ाई की सामग्री लेने बाज़ार गई है।
(2) ओर – तरफ- आप किस ओर जा रहे हैं?
और = अधिक – राम को थोड़ी और खीर दो।
(3) दिन = दिवस – हमारे विद्यालय में आज शहीदी दिन मनाया गया।
दीन = ग़रीब – कभी भी दीन को नहीं सताना चाहिए।
(4) उदार = दाता – ईश्वर अपने भक्तों पर सदा उदार रहता है।
उधार = कर्ज – कभी भी उधार का मत खाओ।

6. इन वाक्यों में रेखांकित शब्द भाववाचक संज्ञा है या विशेषण

  1. चोरी से बढ़कर कोई पाप दुनिया में नहीं है।
  2. सुमेरा के नन्हें मन में यह बात बैठ गई थी।
  3. सुमेरा हिम्मती बालक था।
  4. ड्राइवर की फटकार का कोई असर नहीं हुआ।
  5. सुमेरा की कहानी काल्पनिक नहीं है।
  6. सुमेरा ने कमेटी वालों को दो रुपए नहीं दिए।

उत्तर:

  1. भाववाचक संज्ञा
  2. विशेषण
  3. भाववाचक संज्ञा
  4. भाववाचक संज्ञा
  5. विशेषण
  6. विशेषण

7. प्रयोगात्मक व्याकरण

(1) सुमेश ने शाम को खाना बनाया।
(2) मैं यहाँ से नहीं हिलूँगा।
(3) वह जोर-जोर से आवाजें लगा रहा था।
(4) उसके लिए इतना ही काफ़ी है।

उपर्युक्त पहले वाक्य में शाम को शब्द क्रिया के काल का बोध करा रहा है। दूसरे वाक्य में यहाँ शब्द क्रिया के स्थान का बोध करा रहा है। तीसरे वाक्य में ज़ोर-ज़ोर शब्द क्रिया होने की रीति (ढंग) का बोध करा रहा है तथा चौथे वाक्य में इतना शब्द क्रिया की मात्रा का बोध करा रहा है। अतः ये सभी शब्द (शाम को, यहाँ, ज़ोर-ज़ोर तथा इतना) क्रिया की विशेषता बता रहे हैं। अतएव ये शब्द क्रियाविशेषण हैं।
जो शब्द क्रिया की विशेषता को बताते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण कहते हैं। क्रिया विशेषण के चार भेद हैं-कालवाचक क्रियाविशेषण, स्थानवाचक क्रिया विशेषण, रीतिवाचक क्रिया विशेषण, परिमाणवाचक क्रियाविशेषण।
इस पाठ में क्रियाविशेषण के पहले दो भेदों के बारे में बताया जा रहा है।

(1) वह सवेरे-सवेरे जाकर सब्जी वालों के बीच बैठ गया।
(2) वह शाम को पढ़ने जाता है।

उपर्युक्त वाक्यों में सवेरे-सवेरे तथा शाम को शब्दों से क्रिया के काल की विशेषता का पता चलता है। इसलिए ये कालवाचक क्रियाविशेषण है। अतएव जिन शब्दों से क्रिया के होने के समय का पता चले, उन्हें कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। अन्य कालवाचक क्रिया विशेषण शब्द:- आज, कल, परसों, अब, जब, तब, तभी, पहले, बाद में, आजकल, प्रतिदिन, रात को, पाँच बजे, हर साल, नित्य हमेशा, महीनों, वर्षों, बहुधा, हर घड़ी, सायं, प्रातःकाल।

(1) सब्जी बाज़ार पास ही था।
(2) वह इधर-उधर माल ढोता है।

उपर्युक्त वाक्यों में पास तथा इधर-उधर शब्दों से क्रिया के स्थान की विशेषता का पता चलता है। इसलिए ये स्थानवाचक क्रियाविशेषण है।
अतएव जिन शब्दों से क्रिया के स्थान का पता चले, उन्हें स्थानवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं।
अन्य स्थानवाचक क्रिया विशेषण शब्द:- जहाँ, किधर, जिधर, नीचे, ऊपर, सामने, दाहिने, बाएं, दाएं, उस ओर, अन्यत्र, दूर, चारों तरफ, एक तरफ, आगे, पीछे।

(ख) विचार-बोध

1. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
सुमेरा कैसा बालक था ?
उत्तर:
सुमेरा एक मामूली-सा गरीब बालक था।

प्रश्न 2.
उसके पिता ने बचपन से ही उसे कैसी घुट्टी पिलायी थी ?
उत्तर:
सुमेरा को उसके पिता ने बचपन से ही सच्चाई और ईमानदारी की घुट्टी पिलायी थी।

प्रश्न 3.
उसके पिता को कौन-सी बीमारी हो गई थी ?
उत्तर:
सुमेरा के पिता को लकवा मार गया था।

प्रश्न 4.
सुमेरा ने किससे रुपए उधार माँगे?
उत्तर:
सुमेरा ने अपने मास्टर जी से रुपए उधार माँगे थे।

प्रश्न 5.
सुमेरा से दो रुपए किसने माँगे ?
उत्तर:
साइकिल पर थैला लटकाए कमेटी के आदमी ने सुमेरा से दो रुपए माँगे थे।

प्रश्न 6.
राजनिवास में कौन रहते थे ?
उत्तर:
राजनिवास में दिल्ली का राजा रहता था।

प्रश्न 7.
राजा साहब ने सुमेरा की हिम्मत को देखकर कितने रुपए दिए ?
उत्तर:
राजा साहब ने सुमेरा की हिम्मत को देखकर उसे दस रुपए इनाम में दिए।

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 18 हिम्मती सुमेरा

2. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें:

प्रश्न 1.
सुमेरा के चरित्र की विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:

  • सुमेरा एक मामूली-सा गरीब बालक है।
  • उसे पढ़ने में बहुत रुचि है।
  • वह बहुत हिम्मती, ईमानदार, सच्चा तथा लगन का पक्का बालक है।
  • पिता के लकवा से बीमार हो जाने पर भी वह अपना साहस नहीं छोड़ता तथा फल बेच कर घर का खर्चा चलाता है और अपनी पढ़ाई भी जारी रखता है।
  • अपनी मेहनत के बल पर वह अपने पिता का इलाज करता है, पढ़ाई करते हुए कॉलेज तक जाता है, मकान बनवाता है और दुकान भी बना लेता है।

प्रश्न 2.
उसने अपना और अपने पिता का पेट भरने के लिए क्या काम किया ?
उत्तर:
सुमेरा ने अपना और अपने पिता का पेट भरने के लिए अपने स्कूल के मास्टर जी से तीस रुपए ले कर मंडी से संतरे खरीदे और उन्हें बेच कर छत्तीस रुपए कमाए। इनमें से एक रुपया कर्ज उतारने के लिए रखकर, पाँच रुपए का घर के लिए आटा दाल लाया तथा तीस रुपए अगले दिन फल खरीदकर बेचने के लिए रख दिए।

प्रश्न 3.
दूसरे दिन शाम को कौन-सी अजीब बात हो गई ?
उत्तर:
दूसरे दिन शाम को साइकिल के हैंडल पर थैला लटकाए एक आदमी हर ठेले वाले के पास जाता और इशारों में बात करता और उसके थैले में ठेले वाला कुछ डाल देता। वह साइकिल वाला सुमेरा के पास आकर खड़ा हुआ तो सुमेरा कुछ नहीं समझा। उसके साथ वाले ने उसे थैले में दो रुपए डालने के लिए कहा, पर उसने नहीं डाले क्योंकि वह मुफ्त में उसे कुछ नहीं देना चाहता था।

प्रश्न 4.
वह राजा साहब से मिलने में किस प्रकार सफल हुआ?
उत्तर:
सुमेरा का सामान जब कमेटी वाले उठा कर ले गए तो वह राजा साहब से मिलने गया, पर पहरेदारों ने उसे नहीं मिलने दिया। वह बाहर खड़ा राजा साहब के बाहर आने की प्रतीक्षा करने लगा। वे बड़ी-सी गाड़ी में बाहर निकले और गाड़ी सर्र-से निकल गई। सुमेरा उनसे नहीं मिल पाया। वह वहीं बैठकर उन के लौटने की राह देखने लगा। शाम को उस ने राजा साहब की गाड़ी आती हुई देखी तो सड़क के बीच में दोनों हाथ फैला कर उनकी गाड़ी के सामने खड़ा हो गया तो ड्राइवर ने गाड़ी रोककर उसे डांटा पर वह राजा साहब की खिड़की के पास जाकर अपनी बात कहने लगा तो उन्होंने उसे कोठी के अन्दर आने के लिए कहा। इस प्रकार वह राजा साहब से मिलने में सफल हुआ।

प्रश्न 5.
राजा साहब ने सुमेरा की क्या सहायता की ?
उत्तर:
राजा साहब ने उस की आप बीती सुन कर उसकी हिम्मत की तारीफ़ करते हुए उसे दस रुपए इनाम दिए और अगले दिन आने के लिए कहा। अगले दिन जब वह फिर राजा साहब से मिलने गया तो उन्होंने उसे लाइसेंस दिलवा दिया और साथ में उसे एक सौ रुपए भी दिए, जिस से वह अपना काम शुरू कर सके। उन्होंने उसे एक महीने बाद फिर आकर अपने काम-काज की खबर देने के लिए भी कहा।

प्रश्न 6.
सुमेरा की जगह आप होते तो क्या करते ?
उत्तर:
सुमेरा की जगह यदि मैं होता तो अपने बीमार पिता की सेवा करने के लिए कोई भी काम करता तथा जब समय मिलता अपनी पढ़ाई भी जारी रखता। यदि काम करते हुए मुझे कोई बेईमानी करने अथवा झूठ बोलने के लिए कहता तो मैं उसका विरोध करता और अपने जैसे अन्य साथियों के साथ मिलकर उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाता जिस से हमारे जैसे बाल श्रमिकों पर अत्याचार न हो सकें।

प्रश्न 7.
यदि सुमेरा के पिता को लकवा न होता तो उसका जीवन कैसा होता ? सोचें और लिखें।
उत्तर:
यदि सुमेरा के पिता जी को लकवा न होता तो सुमेरा को इतना अधिक संघर्ष नहीं करना पड़ता। सुमेरा पढ़ने में बहुत अच्छा था। उसके अध्यापक भी उसे प्यार करते थे जैसा कि इसी बात से स्पष्ट है कि वह फल बेचने के लिए उधार अपने मास्टर जी से ही लेता है। वह पढ़-लिखकर अच्छी डिग्री प्राप्त कर कहीं अच्छी नौकरी प्राप्त कर लेता। वह अपनी ईमानदारी और सच्चाई के बल पर उन्नति करते हुए साफ-सुथरा प्रशासन देश को देता है।

प्रश्न 8.
कमेटी के लोग इसी प्रकार फड़ी-रेहड़ी वालों से मनमाना टैक्स वसूलते हैं जो कि कमेटी वालों के लिए उचित है परन्तु रेहड़ी वालों के लिए अनुचित, आप ऐसे लोगों के बारे में क्या सुझाव देंगे ?
उत्तर:
कमेटी वाले लोगों का इस प्रकार बेईमानी से पैसा वसूल करना कमेटी के लिए नुकसानदेह है क्योंकि यह पैसा कमेटी के खाते में जमा नहीं होता बल्कि ऊपर की काली कमाई होती है, जिससे भ्रष्टाचार फैलता है। फड़ीवालों के लिए भी इस प्रकार रिश्वत देना ठीक नहीं है, उन्हें कमेटी से लाइसेंस लेना चाहिए तथा ऐसे कालाबाज़ारियों की उच्च अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए।

प्रश्न 9.
अपने जीवन में घटित किसी ऐसी घटना का वर्णन करो जब आपने साहस का परिचय दिया हो।
उत्तर:
एक दिन मैं विद्यालय जा रही थी। अचानक मैंने देखा कि एक वृद्ध व्यक्ति सड़क पार कर रहा था और कांप भी रहा था। दूसरी ओर से तेज़ रफ्तार से एक कार आ रही थी और पीछे से एक बैल बेकाबू हो कर दौड़ता आ रहा था। मुझे लगा कि कहीं बाबा जी गिर न पड़ें। मैंने पल-भर सोचा और अपना बस्ता पास में फुटपाथ पर रखकर दौड़कर उन्हें पकड़ कर सड़क के पार ले गई। तभी तेज़ कार से दौड़कर आते हुए बैल की टक्कर हो गई। मैं और बाबा जी बच गए थे पर हम दोनों हाँफ रहे थे।

(ग) आत्म-बोध

साहसी व्यक्तियों की कहानियाँ पढ़ो और उनके गुणों को जीवन में अपनाओ।

PSEB 7th Class Hindi Guide हिम्मती सुमेरा Important Questions and Answers

1 .निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उचित विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
सुमेरा सफल होकर क्या बना ?
(क) व्यापारी
(ख) अध्यापक
(ग) चित्रकार
(घ) लेखक
उत्तर:
(क) व्यापारी

प्रश्न 2.
सुमेरा कैसा बस्ता लेकर पढ़ने जाता था ?
(क) नया
(ख) पुराना
(ग) महँगा
(घ) स्टाइलिश
उत्तर:
(ख) पुराना

प्रश्न 3.
सुमेरा ने मंडी से क्या खरीदा था ?
(क) संतरे
(ख) अमरूद
(ग) आम
(घ) सेब
उत्तर:
(क) संतरे

प्रश्न 4.
सुमेरा को तीस रुपए किसने दिए थे ?
(क) दोस्त ने
(ख) पड़ोसी ने
(ग) पिता जी ने
(घ) मास्टर जी ने
उत्तर:
(घ) मास्टर जी ने

प्रश्न 5.
राजा साहब ने सुमेरा को कितने रुपए दिए थे ?
(क) दस रुपए
(ख) बीस रुपए
(ग) तीस रुपए
(घ) चालीस रुपए
उत्तर:
(क) दस रुपए

2. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित विकल्पों से कीजिए

प्रश्न 1.
सुमेरा की माँ की ………………… हो गई थी।
(क) मृत्यु
(ख) पदोन्नति
(ग) तबादला
(घ) बीमारी
उत्तर:
(क) मृत्यु

PSEB 7th Class Hindi Solutions Chapter 18 हिम्मती सुमेरा

प्रश्न 2.
सुमेरा के पिता ………………. पर सामान ढोने का काम करते थे।
(क) रेलवे स्टेशन
(ख) बस अड्डे
(ग) ऑटो स्टैंड
(घ) रिक्शा स्टैंड
उत्तर
(ख) बस अड्डे।

प्रश्न 3.
सुमेरा के पिता ………………… बेहोश रहे।
(क) चार दिन
(ख) पाँच दिन
(ग) दो दिन
(ग) तीन दिन
उत्तर:
(ग) दो दिन

प्रश्न 4.
शाम तक सुमेरा ने ……….. रुपए के संतरे बेच लिए थे।
(क) 36
(ख) 24
(ग) 35
(घ) 39
उत्तर:
(क) 36

प्रश्न 5.
सुमेरा ने दिल्ली के सब्जी बाज़ार में अपनी ………. बना ली।
(क) साइकिल
(ख) दुकान
(ग) मोटर
(घ) क और ग
उत्तर:
(ख) दुकान

3. दिए गए शब्द का सही अर्थ से मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
विषमता:
विषैला
भेदभाव
विषम
उत्तर:
भेदभाव

प्रश्न 2.
कड़ी:
सख्त
नरम
गरम
उत्तर:
सख्त

प्रश्न 3.
लाज:
शेखर
शर्म
लता
उत्तर:
शर्म

प्रश्न 4.
दूनी:
दुगुना
देना द्वारा
उत्तर:
दुगुना

हिम्मती सुमेरा Summary

हिम्मती सुमेरा पाठ का सार

‘हिम्मती सुमेरा’ एक ऐसे गरीब बालक की कहानी है जो अपनी मेहनत और लगन से एक सफल व्यापारी बन गया। सुमेरा पुराने से बस्ते को लेकर पढ़ने स्कूल जाता है। उसकी माँ की मृत्यु हो गई है तथा पिता बस अड्डे पर सामान ढोने का काम करता है। पिता उसे सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की शिक्षा देते हैं। एक दिन शाम को सुमेरा घर का काम-काज करने के बाद पढ़ रहा था कि तीन-चार आदमी उसके पिता को उठा कर लाए जो सिर चकराने से बेहोश हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहाँ वे दो दिन बेहोश रहे। बेहोशी टूटने पर पता चला कि उन के दोनों पैरों को लकवा मार गया था। दस वर्षीय सुमेरा समझ नहीं रहा था कि अब क्या करें?

सुमेरा ने दिन में स्कूल, सुबह पिता की सेवा और बाकी समय में सब्जी बेचने का निश्चय किया। उसके पास पैसे नहीं थे। उसने अपनी सारी दशा अपने मास्टर जी को बताई तो उन्होंने उसे तीस रुपए उसकी हिम्मत से खुश होकर इनाम में दिए परन्तु सुमेरा ने इन्हें उधार समझकर लौटाने के लिए कहा। सुमेरा ने मंडी से तीस रुपए के संतरे खरीदे और सवेरे-सवेरे सब्जी वालों के बीच में उन्हें गा-गा कर बेचता रहा। शाम तक उसने छत्तीस रुपए के संतरे बेच लिए तथा बचे हुए चार संतरे वह पिता के खाने के लिए ले आया। अगले दिन फिर उसने यही किया। उसकी बिक्री ठीक हो रही थी कि शाम को साइकिल पर थैला लटकाए कोई वसूला करने आया। पास वाले ने उसे साइकिल वाले के थैले में दो रुपए डालने के लिए कहा पर उसने नहीं डाले। दो दिन बाद कमेटी की गाड़ी आई और उस का सामान उठा कर ले गए क्योंकि उस के पास लाइसेंस नहीं था।

सवेरा होने पर वह दिल्ली के राजा के घर गया पर पहेरदारों ने उसे अन्दर नहीं जाने दिया। वह वही बैठा रहा। राजा बड़ी-सी मोटर में बाहर निकला पर सुमेरा के वहाँ तक पहुँचने से पहले ही गाड़ी वहाँ से निकल गई। सुमेरा वहीं बैठकर राजा के लौटने की प्रतीक्षा करने लगा। शाम को राजा की गाड़ी आते देख वह दोनों हाथ फैलाकर सड़क के बीच में राजा की गाड़ी के सामने खड़ा हो गया। गाड़ी रोककर ड्राइवर ने उसे डाँटा तो वह राजा साहब की खिड़की के सामने कुछ कह कर सुबकने लगा। तब राजा साहब ने उसे कोठी में बुलाकर सब कुछ पूछा और सुमेरा को दस रुपए देकर अगले दिन आने के लिए कहा। अगले दिन राजा साहब ने उसे लाइसेंस और सौ रुपए दिए कि इन से वह अपना काम शुरू करे। सुमेरा ने कठिन परिश्रम से अपना काम बढ़ाया, पिता का इलाज कराया, उन्हें दुकान पर बैठा कर वह पढ़ने जाता। उसने दो कमरों का पक्का मकान और दिल्ली के सब्जी बाज़ार में अपनी दुकान भी बना ली।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Ashuddh-Shuddh अशुद्ध-शुद्ध Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar अशुद्ध-शुद्ध

अशुद्ध – शुद्ध
प्रयाप्त – पर्याप्त
आधीन – अधीन
शात्र – छात्र
श्रंगार – श्रृंगार
बहन – बहिन
प्रगट – प्रकट
प्रमात्मा – परमात्मा
प्रमेश्वर – परमेश्वर
पत्नीयों – पत्नियों
जाग्रति – जागृति
श्राप – शाप
परिक्षा – परीक्षा
सूचि – सूची
दुश्ट – दुष्ट

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

शान्ती – शान्ति
पैत्रिक – पैतृक
स्मृद्धि – समृद्धि
स्वयंम्बर – स्वयंवर
कवित्री – कवयित्री
औषधी – औषधि
उज्जवल – उज्ज्वल
परीश्रमी – परिश्रम
नदि – नदी
दुरोपयोग – दुरुपयोग
न्यायधीश – न्यायाधीश
स्वास्थ – स्वास्थ्य
जन्ता – जनता
अनीवार्य – अनिवार्य
अवश्यकता – आवश्यकता
प्रमाणु – परमाणु

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

बुधिमान – बुद्धिमान्
मीठाई – मिठाई
प्रन्तु – परन्तु
शरन – शरण
मिठाईयां – मिठाइयाँ
अनन्द – आनंद/आनन्द
जित – जीत
पैंसल – पेंसिल
कवी – कवि
आश्य – आशय
प्रमान – प्रमाण
आग्या – आज्ञा
दुख – दुःख
परार्थना – प्रार्थना
कृश्ण – कृष्ण
महातमा – महात्मा
प्रतीख्शा – प्रतीक्षा
लक्षमी – लक्ष्मी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

पंडत – पंडित/पण्डित
मन्दर – मंदिर/मन्दिर
हिरदा – हृदय
सुरेन्द्र – सुरेन्द्र
आमोद-प्रमोद – अमोद-प्रमोद
गुपत – गुप्त
त्यारी – तैयारी
गनेश – गणेश

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Visheshan Rachna विशेषण रचना Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar विशेषण रचना

शब्द – विशेषण
अज्ञान – अज्ञात
अन्तर – आन्तरिक
अपमान – अपमानित
अभिमान – अभिमानी
अवश्य – आवश्यक
अन्त – अन्तिम
आदर – आदरणीय
इच्छ – इच्छुक
इतिहास – ऐतिहासिक
ईर्ष्या – ईर्ष्यालु
ईश्वर – ईश्वरीय
उद्यम – उद्यमी
उदास – उदासी
घर – घरेलू
घना – घनिष्ठ
घाव – घायल

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

चमक – चमकीला,चमकदार
चाचा – चचेरा
चिकित्सा – चिकित्सक
चाह – चाहत, चहेता
जंगल – जंगली
जाति – जातीय
जहर – जहरीला
जागना – जागरूक
जोश – जोशीला
झूठ – झगड़ा
झगड़ा – झगड़ालू
डर – डरावना
तप – तपस्वी
तेज – तेजस्वी
दया – दयालु
दान – दानी
एक – अकेला, एकाकी
ऐश्वर्य – ऐश्वर्यवान्
केन्द्र – केन्द्रीय

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

कथन – कथित
कांटा – कंटीला
काल – कालीन
कोढ़ – कोढ़ी
कुल – कुलीन
कृपा – कृपालु
खोज – खोजी
खेलना – खिलाड़ी
गहराई – गहरा
गाना – गवैया
गाँव – गँवार
ग्राम – ग्रामीण दुधारू दूसरा
दुध – दुधारू
दूस – दूसरा
धन – धनी
नागर – नागरिक
नमक – नमकीन
नुक – नुकीला
निन्दा – निन्दनीय

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

नीचे – नीचा
नाटक – नाटकीय
नील – नीला
नशा – नशीला
पतन – पतित
पर्वत – पर्वतीय
परिश्रम – पारिश्रमिक
परिवार – पारिवारिक
पहरा – पहरेदार
पाप – पापी
पाँच – पाँचवाँ
पिता – पैतृक
पूजा – पुजारी
दिन – दैनिक
द्रोह – द्रोही
देश – देशीय
विदेश – विदेशी
भार – भारी
भारत – भारतीय
भागना – भगोड़ा
भीख – भिखारी
भूख – भूखा
भुल – भुलक्कड़
मधु – मधुर
मास – मासिक
सोना – सुनहरी
संसार – सांसारिक
साँप – सपेरा
सेना – सैनिक
स्वभाव – स्वाभाविक
सुर – सुरीला
विदेश – विदेशी
वन – वन्य
विज्ञान – वैज्ञानिक
विष – विषैला
विरोध – विरोधी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

विष्णु – वैष्णव
वर्ष – वार्षिक
लोभ – लोभी
लूट – लुटेरा
लाज – लजीला
लज्जा – लज्जालु
लड़ना – लड़ाकु
बर्फ – बर्फीला
पालन – पालक
प्यास – प्यासा
मास – मासिक
मुख – मौखिक
मूल – मौलिक
मूल्य – मूल्यवान्
यश – यशस्वी
रस – रसीला
रक्षा – रक्षक
रंग – रंगीन
सम्मान – सम्मानित
सभा – सभ्य

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विशेषण रचना

स्थान – स्थानीय
सन्तोष – सन्तुष्ट
सच्च – सच्चा
समाज – सामाजिक
सप्ताह – साप्ताहिक
सम्बन्ध – सम्बन्धी
स्वर्ग – स्वर्गीय
स्वदेश – स्वदेशी
स्वाद – स्वादिष्ट
लाख – लखपति
श्री – श्रीमान्
श्रद्धा – श्रद्धालु
शरीर – शारीरिक
शीत – शीतल
शक्ति – शाक्त
वन – वनैला
बात – बातूनी
बल – बलवान
बाहर – बाहरी
बुद्धि – बुद्धिमान
बुराई – बुरा
हँसी – हँसोड़
हिंसा – हिंसक
हत्या – हत्यारा

क्रिकेट (Cricket) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

Punjab State Board PSEB 10th Class Physical Education Book Solutions क्रिकेट (Cricket) Game Rules.

क्रिकेट (Cricket) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

याद रखने योग्य बातें

  1. क्रिकेट में खिलाड़ियों की गिनती = 16 (11 + 5 रिज़र्व)
  2. विकटों के मध्य की दूरी = 22 गज़ (20.12 मीटर)
  3. पिच की चौड़ाई। = 4’4′
  4. विकटों की चौड़ाई = 9″, (22.9 सी० मै०)
  5. क्रिकेट गेंद का घेरा = 8″ से 9″, (22, 4 सैं मी० से 22.4 मैं० मी०)
  6. क्रिकेट गेंद का घेरा क्रिकेट गेद का भार = 51/2 औंस 5% औंस (156 ग्राम सैं० मी० 163 ग्राम)
  7. बैट की चौड़ाई = 41/4″, (10.8 सैं०मी०)
  8. बैट की लम्बाई = 38″, (6.5 सैं० मी०)
  9. गेंद का रंग = दिन के मैच के लिए लाल और रात के लिए सफ़ेद
  10. केन्द्र से बड़े सर्कल की दूरी = 75 गज़ से 85 गज़ (68 मीटर से 58 मीटर)
  11. विकटों की ज़मीन से ऊंचाई = 28″, (71 cm.)
  12. मैच की किस्में = 20, 20 ओवर, एक दिवसीय मैच, पांच दिन का टेस्ट मैच
  13. मैच के अम्पायर = दो
  14. तीसरा अम्पायर = एक मैच रैफ़री
  15. केन्द्रीय विकेट के दोनों ओर पिच = 4 फुट 4 इंच की चौड़ाई
  16. स्कोरर की संख्या = 2
  17. पारी बदली का समय = 10 मिनट
  18. खिलाड़ी बदली का समय = 2 मिनट
  19. छोटे सर्कल का रेडियस = 2.7 मी०

क्रिकेट खेल की संक्षेप रूपरेखा
(Brief outline of the Cricket Game)

  1. मैच दो टीमों के बीच खेला जाता है। प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं।
  2. मैच के लिए दो अम्पायर नियुक्त किए जाते हैं। दोनों तरफ एक-एक अम्पायर होता है।
  3. रनों का रिकार्ड स्कोरर रखता है।
  4. ज़ख्मी या बीमार होने की दशा में खिलाड़ी तबदील किया जा सकता है, परन्तु उसे बैट या बाऊल करने की आज्ञा नहीं होती, वह विकटों के मध्य दूसरे खिलाड़ी के लिए दौड़ सकता है या फील्ड कर सकता है।
  5. बदला हुआ खिलाड़ी अपने विशिष्ट स्थान (Specialised Position) पर फील्ड नहीं कर सकता।
  6. बैट करने के लिये या फील्ड करने के लिए टीम के कप्तान टॉस करते हैं।
  7. प्रत्येक इनिंग के आरम्भ में नया गेंद लिया जाता है। 200 रन बनने के पश्चात् या 75 ओवरों के बाद गेंद नया लिया जा सकता है। गेंद गुम हो जाने या नष्ट हो जाने पर नया गेंद ले सकते हैं, परन्तु उसकी हालत गुम हुए या खराब हुए गेंद से मिलती-जुलती होनी चाहिए।

क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
क्रिकेट गेंद, बैट, पिच विकट बाऊलिंग,पायिंग क्रीजें, पारी, खेल के आरम्भ, अन्त और इन्टरवल आदि के विषय में संक्षिप्त लिखें।
उत्तर-
(क) खिलाड़ी, निर्णायक (अम्पायर)
तथा फलांकनकर्ता (स्कोरर)

  1. क्रिकेट मैच दो टीमों के बीच खेला जाता है। प्रत्येक टीम में खिलाड़ियों की संख्या 11-11 होती है। प्रत्येक टीम का एक कप्तान होता है जो पारी के लिए टॉस होने से पहले अपने खिलाड़ी मनोनीत करता है।।
  2. किसी खिलाड़ी के घायल या अस्वस्थ हो जाने पर उसकी जगह पर किसी अन्य खिलाड़ी को लिए जाने की आज्ञा है। नए खिलाड़ी को सबस्टीच्यूट खिलाड़ी कहते हैं। सबस्टीच्यूट खिलाड़ी केवल फील्ड ही कर सकता है। वह बैट या बाऊल नहीं कर सकता।
  3. पारी के लिए टॉस से पहले दोनों सिरों के लिए एक-एक निर्णायक (अम्पायर) नियुक्त किया जाता है, जो खेल का निष्पक्ष नियन्त्रण करता है।
    क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 1
  4. सभी दौड़ों का रिकार्ड रखने के लिए दो फलांकनकर्ता (स्कोरर) नियुक्त किये जाते हैं। वे अम्पायरों के सभी इशारों तथा अनुदेशों का पालन करते हैं।

क्रिकेट किट
(Cricket Kit)
क्रिकेट के खिलाड़ी के लिए किट पहननी ज़रूरी है। किट से अभिप्राय सफेद पैंट, सफ़ेद कमीज़, बूट, जुराबें, पैड, अबडायिनल गार्ड, दस्ताने और बैट हैं।
(ख) खेल की सामग्री तथा मैदान

  1. गेंद (Ball) क्रिकेट बाल (गेंद) का वज़न \(5 \frac{1}{2}\) औंस से कम और \(5 \frac{3}{4}\) औंस से से अधिक नहीं होना चाहिए। इसकी परिधि (घेरा) \(8 \frac{13}{16}\) कम तथा 9” से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    कोई भी कप्तान प्रत्येक पारी (इनिंग्ज़) के शुरू में नई गेंद ले सकता है। यदि खेल के दौरान गेंद गुम हो जाए या खराब हो जाए तो अम्पायर दूसरी गेंद लेने की अनुमति दे देता है। दूसरी गेंद प्रयोग या बनावट में पुरानी या खोई हुई गेंद से मिलती-जुलती होनी चाहिए।
    क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 2
  2. बैट (Bat) क्रिकेट बैट सबसे चौड़े भाग में \(4 \frac{1}{4}\)” तथा लम्बाई में 38” से अधिक नहीं होना चाहिए। साधारण क्रिकेट बैट का भार \(2 \frac{1}{4}\) पौंड होता है।
  3. पिच (Pitch) बाऊलिंग करने वाले स्थानों के बीच का क्षेत्र पिच कहलाता है। यह क्रिकेट के केन्द्र को जोड़ने वाली रेखा के दोनों ओर 4-4″ चौड़ी होती है तथा कुल पिच की चौड़ाई 8′-8″ होती है।
  4. विकेट (Wicket)-पिच के आमने-सामने तीन-तीन विकेट गाड़ी जाएंगी तथा आमने-सामने की विकेटों की दूरी 22 गज़ होगी। विकटों की चौड़ाई 9” होगी और उन पर जाने वाली दो गिल्लियां (वेल्ज़) होंगी। स्टम्प इस प्रकार गाड़े जाएंगे कि उनमें से गेंद न निकल सके। स्टम्प की भूमि से ऊंचाई 28” होगी। प्रत्येक गुल्ली \(4 \frac{3}{4}\)” लम्बी होगी तथा स्टम्प पर रखी हुई उनसे \( \frac{1}{2}\)” से अधिक बाहर न निकलेगा।
    नोट-जब तेज़ हवा चल रही हो तब टीमों के कप्तान अम्पायर की स्वीकृति से गिल्लियों का प्रयोग छोड़ भी सकते हैं।
  5. गेंद प्रक्षेपण तथा अदृश्य मंज रेखा (Bowling Crease and Popping Crease)—प्रक्षेपण (बाऊलिंग) मंज रेखा स्टम्पों की सीध में 8 फुट 8” लम्बी होगी। इसके केन्द्र में स्टम्प होंगे। प्रक्षेपण मंज स्टम्पों के समानान्तर 4 फुट सामने की ओर अदृश्य मंज रेखा अंकित की जाएगी। यह स्टम्प रेखा के किसी भी पार्श्व सिरे से कम से कम 6 फुट तक बढ़ती है। विकेट के पीछे दोनों ओर समकोण पर 4 फुट की निवर्तन रेखा होगी। निवर्तन तथा अदृश्य मंज रेखाएं लम्बाई में असीमित मानी जाएंगी।

प्रश्न
क्रिकेट खेल कितने खिलाड़ी, निर्णायक, स्कोरर और उनकी किट के बारे में लिखें।
उत्तर-
खेल की रीति (Rules of Game)—

  1. प्रत्येक टीम को बारी-बारी से दो पारियां मिलेंगी।
  2. खेल आरम्भ होने से कम-से-कम 15 मिनट पहले दोनों टीमों के कप्तान पारियों के लिए टॉस (Toss) करेंगे।
  3. टॉस जीतने वाली टीम का कप्तान बैट या फील्ड करने के निर्णय की सूचना विरोधी टीम के कप्तान को देगा। इस निर्णय का बाद में परिवर्तन नहीं हो सकता।
  4. अनुवर्तित (फालो ऑन) (Follow on) कराना-पहले बैट करने वाली टीम यदि पांच दिन के मैच में 200, तीन दिन के मैच में 150, दो दिन के मैच में 100 और एक दिन के मैच में 75 (दौड़ें) रन अधिक बना लेती है तो वह अपनी विरोधी टीम से पारी अनुवर्तित (Follow on) करने के लिए कह सकती है।
  5. पारी की घोषणा करना (डिक्लेयर करना) (Inning Declare)-मैच के दौरान किसी भी समय बैट करने वाली टीम का कप्तान अपनी पारी (इनिंग्ज़) समाप्त करने की घोषणा (Declare) कर सकता है।
  6. खेल का प्रारम्भ, समाप्ति तथा इन्टरवल (Start, Finish and Interval)प्रति-दिन खेल निश्चित समय पर शुरू होगा। खेल की अवधि प्रायः 5, 55 या 6 घंटे की होती है। पहले दो घंटे के खेल के बाद 45 मिनट के लिए भोजन का इन्टरवल (Lunch Interval) हो जाता है। इसके बाद दो घंटे के खेल के बाद 20 मिनट का चाय के लिए इन्टरवल (Tea Interval) होता है। प्रत्येक पारी के बीच 10 मिनट तथा प्रत्येक नए बैट्समैन के आने के लिए अधिक-से-अधिक 2 मिनट का समय दिया जाता है।

क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
क्रिकेट खेल में निम्नलिखित से आप क्या समझते हैं ?
फलांकन, सीमाएं, गेंद का गुम होना, ओवर, विकेट का गिरना, मृत बाल, नो बाल, वाइड बाल, बाई, लैग बाई, बाऊल्ड, कैच, एल० बी० डब्ल्यू, स्टम्पड, रन आउट।
उत्तर-
फलांकन (Score)—फलांकन (Score) के लिए दौड़ों (रनों) की गिनती की जाती है। जब बैट्समैन गेंद को हिट करने के बाद एक छोर (सिरे) से दूसरे छोर (सिरे) पर पहुंचे बिना ही रास्ते में से लौट जाता है तो वह दौड़ (रन) नहीं गिनी जाएगी। इसे शार्ट रन (Short Run) कहते हैं। यदि रन बनाते समय बाल हवा में हो और वह लपक लिया जाए तो वह ‘रन’ (दौड़) गिनी नहीं जाएगी। इसी प्रकार यदि बैट्समैन ‘रन’ बनाते समय आऊट (Run out) हो जाए तो उस ‘रन’ को भी गिना नहीं जाएगा।

सीमाएं (Boundaries) खेल की सीमाएं सफेद रंग द्वारा अंकित की जानी चाहिएं। यदि बैट्समैन के हिट करने पर गेंद मैदान को छूती हुई सीमा रेखा के पार चली जाती है तो इसे बाऊण्डरी कहते हैं। बाऊण्डरी के लिए 4 दौड़ें (र.) दी जाती हैं। हां, यदि हिट की गई गेंद सीमा रेखा के बाहर गिरती है (भले ही उसे फील्डर ने छू लिया हो) तो इसे ‘छक्का’ (Sixer) कहते हैं। छक्के में 6 दौड़ें होती हैं। यदि बाऊण्डरी ओवर थ्रो के कारण हो तो बने हुए रन तथा बाऊण्डरी के ‘रन’ स्कोर में जोड़े जाएंगे।
गेंद का गुम होना (Loss of Ball)-यदि खेल के दौरान गेंद गुम हो जाती है तो स्कोर में 6 ‘रन’ जोड़ दिए जाएंगे। परन्तु गेंद गुम होने से पहले 6 से अधिक रन बने हों तो उतनी ही रने’ जोड़ी जाएंगी जितनी कि बनाई जा चुकी हों।
‘ परिणाम (Result) जो भी टीम दो पारियों (इनिंग) में अधिक दौडें बना लेती है उसे विजयी माना जाएगा। एक दिन के मैच में एक पारी पर फैसला होगा। यदि मैच पूरा न हो सके तो वह बराबर माना जाता है। ओवर में 6 या 8 बार गेंद फेंकी जाएगी। ये ओवर विकट के सिरे से बारी-बारी दिए जाते हैं। ‘नो-बाल’ तथा ‘वाइड-बाल’ ओवर में नहीं गिने जाएंगे। एक इनिंग में कोई भी बाऊलर लगातार दो ओवर नहीं कर सकता।
ओवर (Over)—एक ओवर में 6 बार गेंद फेंकी जाएगी। यह ओवर विकेट के सिरे पर बारी-बारी दिए जाते हैं। ‘No Ball’ तथा ‘Wide Ball’ ओवर में नहीं गिने जाएंगे। एक इनिंग में कोई भी ‘Bowler’ निरन्तर दो ‘Overs Bowl’ नहीं कर सकता।
मृत बाल (Dead Ball)-गेंद निम्नलिखित दशाओं में मृत गेंद कहलाएगी—

  1. जब बाऊलर या विकेट कीपर के हाथ में पूरी तरह आ जाए।
  2. सीमा तक पहुंच जाए या ठप्पा खा जाए।
  3. खेलने या न खेलने पर बैट्समैन या अम्पायर के कपड़ों में उलझ जाए।
  4. अम्पायर द्वारा ओवर या ‘समय’ की घोषणा कर दी जाए।
  5. बैट्समैन के आऊट होने पर।

नो बाल (No Ball)—गेंद करते समय यदि गेंदबाज़ का अगला पैर Bowling Crease से आगे चला जाता है या Return Crease को काटता है तो Umpire, No Ball घोषित कर देगा।
बैट्समैन नो बाल पर हिट लगाकर जितनी भी दौड़ें सम्भव हो, बना सकता है। इस प्रकार बनी दौडों को कुल स्कोर में जमा कर लिया जाएगा। यदि कोई भी दौड न बनी हो तो केवल एक दौड़ ही स्कोर में जोड़ी जाएगी। अम्पायर अपनी एक भुजा फैलाकर ‘नो बाल’ का संकेत देता है।

वाइड बाल (Wide Ball)-यदि बाऊलर गेंद को विकेट से उतनी ऊंचाई पर या चौड़ाई पर फेंकता है कि अम्पायर के विचार में यह बैट्समैन की पहुंच से बाहर है तो वह वाइड बाल की घोषणा कर देता है। वाइड बाल के समय बनने वाली दौड़ों की गिनती वाइड बाल में की जाती है। यदि कोई भी दौड़ न बने तो एक दौड़ बनी समझी जाती है।
बाई या लैग बाई (Bye or Leg Bye)–यदि कोई गेंद, जो न ही नो बाल हो और न ही वाइड बाल हो, प्रहारक (स्ट्राइकर) के बैट या शरीर को बिना स्पर्श किए पास से गुज़र जाए और ‘रन’ बन जाए तो अम्पायर, बाई घोषित करता है परन्तु गेंद प्रहारक के बैट वाले हाथ को छोड़कर शरीर के किसी भाग से छू कर पास से गुज़र जाए और ‘रन’ बन जाए तो अम्पायर लैग-बाई घोषित करेगा।

विकेट का गिरना (The Wicket is done) यदि प्रहारक स्वयं या उसका बैट या गेंद स्टम्प्स के ऊपर एक या दोनों गिल्लियां गिरा दे या प्रहार द्वारा भूमि से उखड़ जाए तो विकेट गिरी मानी जाएगी।
अपने क्षेत्र के बाहर (Out of his Ground) बैट्समैन अपने क्षेत्र से बाहर माना जाएगा जब उसके हाथ के बैट का कुछ भाग या उसका शरीर कल्पित मंज रेखा की पीछे ज़मीन पर न हो।
बैट्समैन की निवृत्ति (Batsman Retirement)-बैट्समैन किसी भी समय घायल या बीमारी की दशा में निवृत्त (Retire) हो सकता है। वह बल्लेबाजी तो कर सकता है परन्तु उसको विपक्षी कप्तान की आज्ञा लेनी पड़ेगी कि किस नम्बर पर बल्लेबाज़ी करे।
बाऊल्ड (Bowled)-जब विकेट गेंद मारकर गिरा दी जाए तो प्रहारक बाऊल्ड माना जाएगा। भले ही गेंद उसके बैट या शरीर के भाग से स्पर्श कर चुकी हो।

पकड़ आऊट (कैच आऊट) (Catch Out)-यदि बैट के प्रहार से, या बैट वाले हाथ से (कलाई से नहीं) लग कर ज़मीन छूने से पहले किसी फील्डर द्वारा गेंद लपक ली जाए तो प्रहारक पकड़ आऊट (कैच आऊट) होगा। यदि गेंद विकेट कीपर के पैडों में भी अटके तो भी बैट्समैन पकड़े आऊट माना जाएगा।
गेंद को हाथ लगाना आऊट (Handle the Ball) यदि खेलते समय कोई बैट्समैन हाथों से गेंद को छू लेता है तो उसे गेंद के साथ हाथ लगाना आऊट माना जाएगा।
गेंद पर दो प्रहार (Hit the Ball twice)-प्रहारक (स्ट्राइकर) गेंद पर ‘दो प्रहार’ आऊट होगा यदि गेंद उसके शरीर के किसी भाग से लगकर रुक जाती या वह उस पर जान-बूझ कर पुनः प्रहार करता है। केवल अपनी विकेट के बचाव के लिए ही प्रहार किया जा सकता है।

विकेट पर प्रहार आऊट (Hit Wicket Out) यदि गेंद खेलते समय प्रहारक (Striker) अपने बैट या शरीर के किसी भाग से विकेट मार गिराता है तो इसे ‘विकेट पर प्रहार’ (हिट विकेट) आऊट माना जाएगा। यदि उसकी विकेट टोपी या हैट गिरने या टूटे हुए बैट के किसी भाग के लगने से गिर जाती है तो भी उसे विकेट पर प्रहार आऊट माना जाएगा।
पगबाधा एल० बी० डब्ल्यू० (L.B.W.)(लैग बिफोर विकेट) या पगबाधा आऊटप्रहारक (Striker) उस समय ‘लैग बिफोर विकेट’ (एल० बी० डब्ल्यू०) आऊट माना जाता है जब गेंद को बल्ले से स्पर्श करने से पहले शरीर के किसी भाग से रोकने का यत्न करता है और अम्पायर के अनुसार गेंद विकेट की सीधी रेखा में है और यदि बैट्समैन इसे अपने शरीर के किसी भाग से न रोकता तो गेंद सीधे विकेट पर ही लगती।

क्षेत्र में बाधा (Obstruction) आऊट-कोई भी बैट्समैन ‘क्षेत्र में बाधा’ आऊट हो सकता है यदि वह जान-बूझ कर किसी फील्डर को गेंद पकड़ने से रोकता है।
स्टम्पड (Stumped) आऊट-प्रहारक (Stricker) उस समय ‘स्टम्पड आऊट’ माना जाता है जब बाऊलर द्वारा बाऊल की गई गेंद को प्राप्त करते समय रन बनाने की स्थिति के अतिरिक्त अपने क्षेत्र से बाहर चला जाए और विकेट कीपर विकेट उखाड़ दे या विकेटों के ऊपर रखी गिल्लियां उतार दे।
रन आऊट (Run Out)–जब कोई बैट्समैन दौड़ते समय या जब गेंद खेल में हो अपने क्षेत्र से बाहर चला जाए और कोई फील्डर गेंद मारकर उसकी विकेट गिरा दे और विकेटों के ऊपर से गेंद लगने से गिल्लियां गिर जाएं तो बैट्समैन को रन आऊट माना जाता है। यदि बैट्समैन एक-दूसरे को पार कर जाए तो उस बैट्समैन को आऊट माना जाएगा जो गिरी हुई विकेट की ओर दौड़ रहा है।
विकेट रक्षक (विकेट कीपर) (Wicket Keeper)-विकेट कीपर सदा विकेटों के पीछे रहेगा जब तक कि बाऊलर द्वारा संक्रमित (फेंकी हुई) गेंद बल्ले या प्रहारक के शरीर पर स्पर्श न कर ले या विकेट पार न चली जाए या प्रहारक रन (दौड़) बनाने की कोशिश न करे, वह गेंद को नहीं पकड़ सकता।

क्षेत्र रक्षक (Fielder) क्षेत्र रक्षक (फील्डर) अपने शरीर के किसी भी भाग से गेंद को रोक सकता है। क्षेत्र रक्षक टोपी या रूमाल से गेंद नहीं रोक सकता। यदि वह जानबूझ कर टोपी या रूमाल से गेंद रोकता है तो बनाए हुए रनों में पांच रन और जमा कर दिए जाएंगे। यदि कोई ‘रन’ न बना हो तो ‘रन’ और दिए जाएंगे।
क्षेत्र, मौसम और प्रकाश (Field, Weather and Light)-मैच शुरू होने से पहले टीमों के कप्तान खेल क्षेत्र, मौसम तथा प्रकाश के उचित होने को निश्चित करने के लिए चुनाव करेंगे। यदि इस विषय में पहले सहमति न हो गई हो। यदि किसी प्रकार की सहमति हुई हो तो उसका फैसला अम्पायर करेंगे।

  1. टैस्ट मैच (Test Match)-टैस्ट मैच में दोनों टीमों में से प्रत्येक को दो इनिंग Inning खेलने का अवसर मिलता है। टैस्ट मैच 5 दिनों में खेला जाता है।
  2. एक दिवसीय मैच (One day Match)-एक दिवस के मैच में दोनों टीमों 50-50 ओवरों को बैट करेगी। एक दिवसीय मैच दिन अथवा रात को हो सकता है।
  3. 20, 20 मैच (20, 20 Match)—यह एक दिवसीय मैच की तरह है इसे 20, 20 ओवर का मैच कहा जाता है क्योंकि दोनों टीम 20, 20 ओवर ही खेलती है। इस में नए नियम हैं जो इस प्रकार है। फ्री-हिट (Free Hit) जब बाउलर बाउलिंग करीज़ पार करके बाल फेंकता है। उसे नो बाल कहा जाता है। इसमें बैटस मैन को फ्री-हिट मिलती है। इस फ्री-हिट में बैटस मैन आऊट नहीं होगा सिर्फ रन आउट होने पर ही आउट माना जाता है।
  4. बाल आउट (Ball Out)-जब मैच बराबर हो जाता है तो बाल आऊट के द्वारा जीत का फैसला किया जाता है इसमें दोनों टीमों के पांच-पांच खिलाड़ियों को बाल करने का अवसर दिया जाता है। जिसमें कोई बैटस मैन नहीं होता जो टीम अधिक विकट लेती ही जाती मानी जाती है।
  5. पावर प्ले (Power Play)-क्रिकेट में नए नियम लागू हुए हैं जो इस प्रकार हैं। 50 ओवरों में तीन पावर प्ले 10 ओवर, 5 ओवर और 5 ओवर के होने चाहिए। पहले 10 पावर प्ले खेल के आरम्भ में लेने होते हैं 5-5 Overs बैटिंग और फीलडिंग टीम जब चाहे ले सकते हैं।

अपील (Appeal) अम्पायर किसी बैट्समैन को आऊट नहीं देगा जब तक कि किसी फील्डर द्वारा अपील न की गई हो। यह अपील अगली गेंद फेंकने तथा ‘समय’ पुकारने से पहले होनी चाहिए। अपील करते समय फील्डर अम्पायर से कहते हैं। ‘हाऊ इज़ दिस’ (यह कैसे हुआ) अम्पायर आऊट का निर्णय अपनी निर्देशिका अंगुली उठा कर देता है।

क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
क्रिकेट के खेल में खिलाड़ियों के फील्ड करने की पोजीशन को चित्र द्वारा प्रकट करें।
उत्तर-
क्षेत्र रक्षक की व्यूह रचना (फील्ड सैटिंग)
(CRICKET FIELD)
क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 3
क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 4
प्रायः मैदान में क्षेत्र रक्षक चित्र के अनुसार स्थान ग्रहण करते हैं।

प्रश्न
क्रिकेट खेल के महत्त्वपूर्ण तकनीक लिखें।
उत्तर-
क्रिकेट में बैटिंग निपुणता और तकनीकें
क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 5
किसी भी हिट को सफलतापूर्वक खेलने के लिए बैट्समैनों को तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उसे अवश्य ही पहले बाल को ढूंढ़ना चाहिए और तब निरन्तर बाल की ओर ध्यान रखना चाहिए। उसे यह निर्णय देना होता है कि कौन-सी हिट ठीक है। उस हिट को ठीक तरह से खेलने के लिए अपने बदन को छोड़ना चाहिए।

पहले कहने को तो काफ़ी आसान है परन्तु वास्तव में इतना आसान नहीं है। यह बात सोचनी तो आसान है कि तुम बाल की ओर देख रहे हो। यह वास्तव में किसी आ रहे बाल को देखना आसान है बशर्ते कि तुमने अपना मन बनाया हुआ हो। किन्तु पूरी पारी में प्रत्येक बाल की जांच करने की आदत डालनी, सही अर्थों में जांच करनी एक बड़ा कठिन कार्य है। आप ऐसा केवल अपने हाथ के कार्य पर ध्यान केन्द्रित करना सीख कर ही कर सकते हो। यह वास्तव में बड़ा कठिन है, परन्तु यदि तुम इस प्रकार करना सीख लेते हो तो यह तुम्हें क्रिकेट में ही सहायक सिद्ध नहीं होगा बल्कि जीवन में भी।

अच्छी प्रकार निर्णय करना कि किसी विशेष बाल को किस तरह हिट करना है। यह एक प्रकार से अन्तर प्रेरणा का साधन है, या जिसे प्रायः क्रिकेट में ‘बाल सूझ’ कहा जाता है। कारण यह मुख्यतः अनुभव का कार्य है।
खिलाड़ी की स्थिति
खिलाड़ी की आरामदायक, तनावहीन तथा सन्तुलित स्थिति बनी रहनी आवश्यक है। बाल की ठीक परख करना और प्रत्येक स्ट्रोक के लिए पांव की हिल-डुल इस पर ही निर्भर करती है। पांव साधारणतः क्रीज़ की ओर समानान्तर होने चाहिएं और इनके पंजे लक्ष्य की ओर होने चाहिएं।
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एक ठीक बैक लिफ्ट’ का बहुत महत्त्व है। बायां बाजू और कलाई को ही समस्त कार्य करना चाहिए और बैट को आसानी से लक्ष्य की ओर, जैसे कि बैट उतरता है।
सिर और बदन बिल्कुल स्थिर होने चाहिएं। उभार के सिरे पर दाईं कुहनी बदन से कुछ पीछे होनी चाहिए और बायां हाथ पैंट की दाईं जेब के बिल्कुल सामने ऊपर की ओर होना चाहिए।
बैट नीचे की ओर इच्छुक हिट की रेखा पर घूमना चाहिए। प्रहार के समय लिफ्ट कुदरती है कि अधिक परिपक्व हो।

सीधे बाल को सामने की सुरक्षा हिट
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सामने की हिट सुरक्षा में न केवल बहुमूल्य है, बल्कि सब हिटों का आधार भी है। इसे ठीक ढंग से खेलना लगभग आधा बाल बैटमैन बनने के तुल्य है। उद्देश्य बाल को जितना प्वाइंट के निकट से निकट सम्भव हो सके, खेलने का है।
सिर आगे की ओर बढ़ाते, बायां कूल्हा और कन्धा बाल की रेखा से बाहर रख कर बाल को बैट पर बाएं पांव से कुछ इंच सामने लेना होता है और पांव मिड ऑफ व एक्स्ट्रा कवर के बीच की सेध में होना चाहिए। बदन का बोझ मुड़े हुए बाएं घुटने से बिल्कुल सामने की ओर हो।
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बाल की समस्त मार्ग परख करो। इस तरह करने के लिए तुम्हें अपना सिर जहां तक हो सके, सन्तुलन में रखना चाहिए। सिर ऊपर उठाने का लोभ कम करो।
हिट में नियन्त्रण आवश्यक है-यदि तुम मज़बूत हिट मारना चाहते हो तो तुम्हारी हिट घूमने की अपेक्षा अधिक अच्छी लम्बी हो सकती है।
बाल को साफ़-साफ़ व आसान ढंग से हिट करने के लिए उसे सीमा (बाऊंडरी) की ओर फेंकने की अपेक्षा मैदान में फेंकना चाहिए।
यदि बाल काफ़ी दूर ऊपर है तो हिट एक ही लम्बे कदम से भरी जा सकती है, मगर तुम्हें पिच पर कम गति, तेज़ व अधूरे (Shorter) बाल को खेलने के लिए पांव का प्रयोग करना भी सीखना चाहिए।
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आफ़ ड्राइव में सबसे आवश्यक बात यह है कि सिर, बायां कन्धा और कमर बाल की रेखा पर होने चाहिएं। यदि वह ठीक दिशा में होंगे तो बायां पांव अपने आप ही ठीक दिशा में काम करेगा। पहुंच से बाहर बाल और साधारण बाल को प्राप्त करने के लिए बाएं कन्धे की पीठ गेंद करने वाले की ओर होनी चाहिए और आफ़ साइड की ओर हिट का लक्ष्य होना चाहिए। वास्तव में अपनी नीचे की ओर गति फाइन लैग की रेखा से आरम्भ करेगा। जहां तक सम्भव हो सके बैट का पूरा भाग हिट की रेखा द्वारा घूमना चाहिए।
क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 10
युवकों में आन ड्राइव की योग्यता बहुत ही कम है, मगर यदि वह इसे हासिल कर लें तो अपने रन बनाने की सामर्थ्य को काफ़ी बढ़ा सकते हैं।
इससे पहली हरकत बाएं कन्धे को हल्का-सा नीचे रखना है। इस प्रकार बाएं पांव और सन्तुलन रेखा को ठीक रखने, सिर को आगे की ओर करके बाल की रेखा पर आने की सहायता मिलेगी। बायां पांव रेखा से हल्का-सा दूर होगा।
बैट्समैन को हिट का निशाना लेना चाहिए और अन्तिम बैट की चौड़ाई की ओर से नीचे घूमना चाहिए। बैट्समैन को अपनी आन ड्राइवस दाएं हाथ और दाएं कन्धे से अधिक काम लेने की रुचि को दृढ़ता से कम करना होगा। उसे अपने बाएं कूल्हे को भी दूर होने की आज्ञा नहीं देनी चाहिए।
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जब तक एक बैट्समैन बाल के आकर्षण की अच्छी तरह पड़ताल नहीं कर लेता तो उसे बैक स्ट्रोक से ही खेलना चाहिए और इस प्रकार उसे बाल के आकर्षण के पश्चात् जांच करने का समय भी मिलेगा। हल्की बाल और अधिक कठिन विकट में उसे अवश्य ही बैक स्ट्रोक पर निर्भर करना चाहिए।
दायां पांव क्रीज़ की ओर पंजा समानान्तर रहते बाल की रेखा के भीतर और पीछे की ओर अच्छी तरह हिल-डुल कर सकता है। बदन का बोझ इस पांव पर बदली किया जा सकता है परन्तु सिर आगे की ओर झुका हुआ होना चाहिए। बाएं पांव पर होते हुए एक सन्तुलनीय-सा कार्य करता है।
बाल दृष्टि से कुछ नीचे मिलना चाहिए जोकि जितना सम्भव स्तर हो सके होना चाहिए क्योंकि वह बाल को नीचे पिच की ओर झांकती है। हिट पर नियन्त्रण बाएं हाथ से बाजू की ओर से कोहनी ऊपर उठा कर किया जाता है। दायां हाथ अंगूठे पर अंगुलियों की पकड़ में आरामदायक होता है। बदन को जितना सम्भव हो सके साइडों की ओर रखना चाहिए।

समतल बैट स्ट्रोक
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एक लड़का जब तक सीधी हिट नहीं मारना सीखता तब तक बैट्समैन नहीं बनता परन्तु उसे पूरे भाव से अनुचित बाल से खेलने का ढंग भी होना चाहिए। यह बात विशेष तौर पर लम्बे टिप्पों और पूर्ण उछाल में वास्तविक लगती है और विशेषतः जूनियर क्रिकेट में चौके मारने के उत्तम अवसर प्रदान करती है।
ये हिटें अधिक आसान होती हैं क्योंकि ये सीधी बैट हिटों से अधिक प्राकृतिक होती हैं, परन्तु इनको दृढ़ता से खेलने के लिए तुम्हें चतुराई से खेलने का ढंग सीखना चाहिए।

पिछले पांव का स्कवेयर कट
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बाल रेखा और प्वाइंट पर सामने से या पीछे मिले बाल से निपटने के लिए दायां पांव दाएं कूल्हे के आर-पार घूमता है। तब कलाइयों और हाथों को एक ऊंची बैक लिफ्ट से नीचे घुमाया जाता है और सिर व बदन, झुके हुए दाएं घुटने और स्ट्रोक रेखा में घूमता है।

लेट कट
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यह हिट भी ऊपरी हिट जैसी ही है, सिवाय इसके कि यह बाएं कन्धे के अधिक घुमाव से आरम्भ होती है और दायां पांव थर्ड स्लिप की ओर से पंजे की ओर भूमि पर होता है। बाल विकटों की सतह के बराबर मिलता है और कलाई आगे बढ़ाते बैट्समैन इसे गुल्ली या स्लिप की दिशा में हिट करता है।
इन दोनों कट्स में बायां पांव पंजे पर विश्राम अवस्था में रहता है और बोझ झुके हुए दाएं घुटने पर पूरी तरह रहता है।

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PSEB 10th Class Physical Education Practical क्रिकेट (Cricket)

प्रश्न 1.
क्रिकेट के खेल में एक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं ?
उत्तर-
11 खिलाड़ी भाग लेते हैं तथा 5 अतिरिक्त (Substitute) खिलाड़ी होते हैं

प्रश्न 2.
क्रिकेट की गेंद का भार तथा परिधि कितनी होती है ?
उत्तर-
गेंद का भार 155.9 ग्राम (\(5 \frac{1}{2}\) औंस) से 163 ग्राम (\(5 \frac{3}{4}\) औंस) तक तथा परिधि 22.4 सेमी० (\(3 \frac{13}{16}\)) 22.9 सेमी० (9”) तक होती है।

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प्रश्न 3.
क्रिकेट के खेल में अधिकारियों की संख्या कितनी होती है ?
उत्तर-

  1. अम्पायर-2
  2. स्कोरर-2

प्रश्न 4.
क्रिकेट के बैट की लम्बाई तथा चौड़ाई कितनी होती है ?
उत्तर-
लम्बाई 96.5 सेमी० तथा अधिक-से-अधिक चौड़ाई 10.8 सेमी० होती है।

प्रश्न 5.
विकटों की एक स्टम्प से दूसरी स्टम्प तक दूरी कितनी होती है ?
उत्तर-
20.12 मीटर या 22 गज।

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प्रश्न 6.
डैड बाल से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
डैड बाल (Dead Ball)

  1. जब गेंद बाऊलर या विकेट कीपर ने ठीक तरह से पकड़ लिया हो।
  2. जब वह सीमा तक पहुंच जाये या ठप्पा खा जाए।
  3. वह खेले या बिना खेले या अम्पायर या बैट्समैन के कपड़ों से उलझ जाए।
  4. बैट्समैन आऊट हो जाये।
  5. गेंद फेंकने वाले के गेंद फिर प्राप्त करने के ऊपर अम्पायर खेल को यदि रोकना चाहे।
  6. अम्पायर द्वारा समय या ओवर की घोषणा करने पर।

नोट-बाऊलर को गेंद फेंकने की क्रिया या दौड़ शुरू करते ही गेंद डैड नहीं रहेगा।

प्रश्न 7.
क्रिकेट में ओवर से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ओवर (Over)-प्रायः एक ओवर में 6 बार गेंदें खेली जाती हैं, यदि पहले निश्चित कर लिया जाए तो ओवर में आठ गेंदें भी खेली जा सकती हैं। यदि नो बाल या वाइड बाल हो जाये तो ओवर में एक गेंद और फेंकने की वृद्धि की जाती है। जितने नो बाल उस ओवर में होंगे उतने और गेंद फेंके जाते हैं। यदि अम्पायर से ओवर के बालों की गिनती में भूल हो जाती है तो अम्पायर द्वारा गिना गया ओवर ही माना जायेगा।
भारत में एक ओवर छ: गेंदों का होता है जबकि ऑस्ट्रेलिया में आठ गेंदें होती थीं।

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित से आप क्या समझते हैंस्टम्पड, बोल्ड, विकेट पर चोट, गेंद को हाथ लगाना, गेंद पर दो चोंटे, रन आऊट, पगबाधा (LBW), नो बाल, वाइड बाल, बाई और लैग बाई।
उत्तर-

  1. स्टम्पड (Stumped)-बैट्समैन के हाथ का बैट या उसका पांव मानी गई भंज-रेखा के पीछे पृथ्वी पर न हो तो वह क्षेत्र से बाहर माना जाता है। यदि विकेट कीपर गेंद विकेट को लगाकर गिल्ली उड़ा दे तो बैट्समैन स्टम्पड आऊट होगा।
  2. बोल्ड (Bowled)-बाऊलर यदि गेंद फेंक कर विकेट गिरा दे तो बैट्समैन Bowled out कहलाता है, चाहे गेंद पहले उसके पैर या शरीर को छू चुकी हो।
  3. विकेट पर चोट (Hit wicket)-विकेट पर चोट खेलते हुए चाहे बैट्समैन के बैट या शरीर के किसी भी भाग को छू कर यदि विकेट या इस पर रखी गिल्ली (Bail) गिर जाए तो वह बैट्समैन आऊट समझा जाएगा।
  4. गेंद को हाथ लगाना (Handled the ball) यदि बैट्समैन खेलता हुआ गेंद को छू ले तो वह आऊट माना जाएगा।
  5. गेंद पर दो चोटें (Hit the Ball twice)-गेंद पर चोट लगाते समय यदि गेंद पर चोट लगाने वाले के शरीर के किसी भी भाग पर लगे या रुक जाए और वह उस पर जानबूझ कर फिर चोट लगाए तो वह गेंद पर चोट वाला आऊट हो जाता है। परन्तु एक शर्त है कि ऐसा विकट के बचाव के लिए न किया गया हो।
  6. रन आऊट (Run out)-जिस समय गेंद मैदान में हो और बैट्समैन भागते हुए अपने क्षेत्र से बहार चला जाए और विरोधी टीम का खिलाड़ी उसकी विकेट गिरा दे तो बैट्समैन रन आऊट हो जाता है।
  7. पगबाधा (LBW)–एक बैट्समैन पगबाधा (LBW) आऊट हो जाता है जबकि उसके शरीर का भी कोई भाग सिवाए हाथ के दोनों विकटों के बिल्कुल सामने हो क्योंकि अम्पायर के विचार में यदि ऐसा न होता तो गेंद सीधा विकटों में लगता है।
  8. नो बाल (No Ball)-जब गेंदबाज का गेंद फेंकते समय एक पैर पॉपिंग क्रीज़ से पीछे और रिटर्न क्रीज़ के मध्य में हो तथा दोनों में से किसी एक को छू रहा हो या उसके ऊपर टिका हो तो नो बाल हो जाता है। नो बाल की एक दौड़ होती है। यदि नो बाल पर बैट्समैन हिट करके कुछ दौड़ें बना ले तो वे दौड़ें बैट्समैन के खाते में जमा होंगी। अम्पायर अपनी एक भुजा फैलाकर नो बाल का संकेत करता है।
  9. वाइड बाल (Wide Ball)–यदि गेंद इतनी ऊंचा या बाहर फेंकी जाए कि वह बैट्समैन की पहुंच से बाहर हो तो उसे वाइड बाल कहते हैं। जो दौड़ें बाल के समय बनें, उन्हें वाइड बाल में गिना जाता है। यदि कोई भी दौड़ न बने तो वह एक दौड़ बनी समझी जाती है। वाइड बाल का संकेत अम्पायर अपनी दोनों भुजाएं फैला कर करता है।
  10. बाई और लैग बाई (Bye and Leg Bye)–यदि गेंद स्ट्राइक लेने वाले ‘बैट्समैन’ के पास से गुज़र जाए तो इसके साथ जितनी दौड़ें बनें उन्हें ‘बाई’ कहते हैं परन्तु नो बाल या वाइड बाल नहीं होना चाहिए। यदि गेंद उसके बैट वाले हाथ को छोड़ शरीर के किसी दूसरे अंग के साथ छू कर दूर चला जाता है और इतनी देर में कोई दौड़ बन जाए उसे लैग बाई कहते हैं।

क्रिकेट (Cricket) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 9.
निम्नलिखित से क्या अभिप्राय है
(1) अनिवार्य ओवर
(2) एक दिवसीय मैच।
उत्तर-

  1. अनिवार्य ओवर (Mandatory Over)-मैच समाप्ति के एक घण्टा पहले निर्णायक अनिवार्य ओवर का संकेत देगा। उसके बाद खेल 20 ओवरों तक और खेला जाता है। प्रत्येक ओवर में 6 गेंदें खेली जाती हैं। यदि मैच अनिर्णित प्रतीत हो तो इन 20 ओवरों से पहले भी खेल स्थगित की जा सकती है।
  2. एक दिवसीय मैच-राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक दिवसीय टेस्ट मैच होता है जिसमें दोनों टीमें 40-40 या 50-50 ओवर खेलती हैं। जो टीम अधिक रन बनाती है वह जीत जाती है।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Ling Parivartan लिंग परिवर्तन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar लिंग परिवर्तन

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
छात्र – छात्रा
आचार्य – आचार्या
बाल – बाला
योग्य – योग्या
क्षत्रिय – क्षत्रिया
महोदय – महोदया
वृद्ध – वृद्धा
प्रिय – प्रिया
मामा – मामी
अध्यापक – अध्यापिका
काका – काकी
ताया – ताई
शिष्य – शिष्या
चाचा – चाची
बेटा – बेटी
नार – नारी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

देव – देवी
घोड़ा – घोड़ी
हिरन – हिरनी
साला – साली
दोहता – दोहती
लड़का – लड़की
पोता – पोती
मुर्गा – मुर्गी
दास – दासी
गीदड़ – गीदड़ी
दादा – दादी
नाना – नानी
पुत्र – पुत्री
गधा – गधी
मुन्ना – मुनिया
बन्दर – बकरा
बकर – बकरी
गुड्डा – गुड़िया
लोटा – लुटिया
बूढ़ा – बुढ़िया
चूहा – चूहाया
बन्दर – बन्दरिया
लोमड़ – लोमड़ी
शेर – शेरनी
कुत्ता – कुत्तिया

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

डिब्बा – डिबिया
बछड़ा – बछिया
चालक – चालिका
बालक – बालिका
अध्यापक – अध्यापिका
नायक – नायिका
साँप – साँपिन
हत्यारा – हत्यारिन
दुबे – दुबाइन
पंडित – पंडिताइन
ठाकुर – ठकुराइन
मजदूर – मज़दूरनी
रीछ – रीछनी
शेर – शेरनी
हंस – हंसनी
नौकर – नौकरानी
ब्रह्मचारी – ब्रह्मचारिणी
मन्त्री – मन्त्रिणी
अपराधी – अपराधिनी
इन्द्र – इन्द्रानी
श्रीमान् – श्रीमती
धनवान् – धनवती
दयावान् – दयावती
बुद्धिमान् – बुद्धिमती
दाता – दात्री
साधु – साध्वी
पति – पत्नी
हाथी – हथिनी
विधुर – विधवा
भैंसा – भैंस

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

स्वामी – स्वामिनी
ननद – ननदोई
चिड़ा – चिड़िया
गायक – गायिका
सेवक – सेविका
लेखक – लेखिका
पाठक – पाठिका
सूबेदार – सूबेदारिन
नाग – नागिन
बाबू – बबुआइन
लाला – लालाइन
देवर – तपस्विनी
तपस्वी – तपस्विनी
हितकारी – हितकारिणी
हितैषी – हितैषिणी
वैरी – वैरिणी
गुणवान् – गुणवती
भगवान् – भगवती
बलवान् – बलवती
कवि – कवयित्री
पुत्र – पुत्री
आदमी – औरत
सेठ – सेठानी
जेठ – जेठानी
बाघ – बाघनी
ऊँट – ऊँटनी
मोर – मोरनी
चौब – चौबाइन
सिंह – सिंहनी
बिलाव – बिल्ली
नर – नारी
सम्राट – साम्राज्ञी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

वर – वधू
बैल – गाय
युवा – युवती
पिता – माता
ससुर – सास
पुरुष – स्त्री
भाई – भावज
राजा – रानी
बहनोई – बहन
बाप – मां
विद्वान् – विदुषी
साला – सलहज