PSEB 6th Class Home Science Solutions Chapter 2 भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत

Punjab State Board PSEB 6th Class Home Science Book Solutions Chapter 2 भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Home Science Chapter 2 भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत

PSEB 6th Class Home Science Guide भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
शरीर का निर्माण और विकास करने वाले मुख्य तत्त्व का नाम लिखें।
उत्तर-
प्रोटीन।

प्रश्न 2.
शरीर की सुरक्षा करने वाले तत्व का नाम लिखो।
उत्तर-
विटामिन।

प्रश्न 3.
कार्बोहाइड्रेट के दो प्रमुख प्राप्ति स्रोत बताइए।
उत्तर-
अनाज तथा गन्ना।

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प्रश्न 4.
शरीर में वसा का प्रमुख कार्य क्या है ?
उत्तर-
शरीर को ऊर्जा तथा शक्ति प्रदान करना।

प्रश्न 5.
कैल्शियम (चूना) का शरीर के लिए मुख्य कार्य क्या है ?
उत्तर-
शरीर में हड्डियों और दाँतों का निर्माण करना व उन्हें स्वस्थ रखना।

प्रश्न 6.
लोहा प्राप्ति के मुख्य साधन क्या हैं ?
उत्तर-
लिवर, मांस, मछली, अण्डे, पत्तेदार सब्जियाँ, शलगम, बैंगन, अनाज, पूर्ण गेहूँ, दालें, सूखे मेवे, सेला चावल, गुड़ आदि।

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प्रश्न 7.
विटामिन ‘बी’ का प्रमुख कार्य क्या है ?
उत्तर-
यह हृदय तथा मस्तिष्क को शक्ति देता है।

प्रश्न 8.
शरीर के लिए विटामिन ‘सी’ क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर–
दाँतों व मसूढ़ों को स्वस्थ व मज़बूत रखने के लिए, घाव को जल्दी भरने के लिए तथा शरीर को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए।

प्रश्न 9.
विटामिन ‘ए’ का एक आवश्यक कार्य बताइये।
उत्तर-
आँखों को रोगग्रस्त होने से बचाना तथा त्वचा को स्वस्थ व चिकना रखना।

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प्रश्न 10.
पानी का मुख्य कार्य लिखें।
उत्तर–
पानी हमारे भोजन को तरलता प्रदान करता है ताकि यह एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुगमता से जा सके।

लघूत्तर प्रश्न

प्रश्न 1.
भोजन खाना क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर-
हमें अपने शरीर की वृद्धि के लिए, रोगों से बचने के लिए, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए तथा शरीर के सभी अंगों को सुचारु रूप से कार्य करते रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। शरीर की क्रियाओं को करने के लिए शक्ति की आवश्यकता पड़ती है जो भोजन से मिलती है।

प्रश्न 2.
भोजन के कौन-कौन से पौष्टिक तत्त्व हैं ?
उत्तर-
भोजन के निम्नलिखित तत्त्व हैं –

  1. प्रोटीन,
  2. कार्बोहाइड्रेट,
  3. वसा (चिकनाई),
  4. खनिज लवण,
  5. विटामिन,
  6. जल।

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प्रश्न 3.
बढ़ रहे बच्चों के भोजन में प्रोटीन का होना क्यों ज़रूरी है ? प्रोटीन हमें कौन-से भोजनों से मिलती है ?
उत्तर–
बढ़ रहे बच्चों के भोजन में प्रोटीन का होना निम्नलिखित कारणों से ज़रूरी है –
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  1. यह शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक है।
  2. यह शरीर के तन्तुओं की टूट-फूट की मरम्मत करता है।
  3. यह शरीर में नए कोशों तथा तन्तुओं को बनाता है।
  4. इससे शरीर में पाचक तत्त्वों का निर्माण होता है।
  5. यह मानसिक शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
  6. यह शरीर में रक्त कणों की वृद्धि करता है। रक्त में उपस्थित फाइब्रिन प्रोटीन रक्त को बहने से रोकने के लिए रक्त को जमाने का कार्य करता है।
  7. इससे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति में वृद्धि होती है।
  8. प्रोटीन शरीर के विभिन्न कार्यों के नियन्त्रण में सहायता करते हैं।

प्रोटीन प्राप्ति के साधन-प्रोटीन पौधों तथा जन्तु दोनों से प्राप्त होते हैं।
(अ) वनस्पति प्रोटीन-
1. अनाज-गेहूँ, ज्वार, बाजरा, चावल, मकई, रागी, जई।
2. दालें-अरहर, उड़द, मूंग, मसूर, सोयाबीन व चने की दाल, चपटी सेम के सूखे बीज, सूखी मटर आदि।
3. मेवा-काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता, मूंगफली आदि।
(ब) जन्तु प्रोटीन-
1. अण्डा, मांस, मछली, कलेजी (लिवर) आदि।
2. दूध व दूध से बने पदार्थ-गाय, भैंस, बकरी व माता का दूध, सूखा दूध, दही, पनीर आदि।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
महत्त्वपूर्ण खनिज लवण कौन-से हैं तथा हमारे शरीर में उसका क्या काम है ?
उत्तर-
हमारे शरीर के लिए महत्त्वपूर्ण खनिज लवण निम्नलिखित हैं –
(i) कैल्शियम,
(ii) फॉस्फोरस,
(iii) लोहा,
(iv) आयोडीन,
(v) मैग्नीशियम।
महत्त्वपूर्ण खनिज लवण के कार्य –
(i) कैल्शियम के कार्य –

  1. हड्डियों और दाँतों का निर्माण करता है।
  2. हड्डियों और दाँतों को स्वस्थ बनाए रखता है।
  3. मांसपेशियों की क्रियाशीलता तथा हृदय की गति नियन्त्रित करता है।
  4. यह स्नायुओं को स्वस्थ रखता है।
  5. यह रक्त के जमने में सहायता करता है।

(ii) फॉस्फोरस के कार्य –

  1. कैल्शियम के समान ही यह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
  2. यह स्नायु संस्थान को पूर्णरूप से स्वस्थ बनाता है।
  3. हमारे शरीर में स्थित द्रव पदार्थों की मात्रा को स्थिर रखने में मदद देता है।
  4. यह शरीर के उचित विकास में सहायक होता है।
  5. यह कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है।

(iii) लोहा के कार्य –

  1. यह प्रोटीन के साथ संयोग करके लाल रक्त कणों में हीमोग्लोबिन को बनाता है।
  2. हीमोग्लोबिन की सहायता से यह प्राण वायु (ऑक्सीजन) की पूर्ति करता है।
  3. हीमोग्लोबिन शरीर में बनने वाली दूषित वायु (कार्बन डाइऑक्साइड) को शुद्ध करने के लिए फेफड़ों में ले जाता है।

(iv) आयोडीन के कार्य –

  1. यह थायरॉइड ग्रन्थि की क्रियाशीलता के लिए आवश्यक है।
  2. यह प्रौढ़ावस्था में मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है।
  3. यह शरीर में कैल्शियम और वसा का उचित प्रयोग करने में सहायता प्रदान करता
  4. आयोडीन की कमी से बालों की वृद्धि नहीं हो पाती।

(v) मैग्नीशियम के कार्य –

  1. यह हड्डी, दाँत, कोशिका तथा रक्त में पाया जाता है।
  2. यह कैल्शियम तथा फॉस्फोरस के उपापचयन में सहायक है।
  3. इसके अभाव में स्नायु सम्बन्धी रोग तथा ऐंठन होने लगती है।
  4. इसकी कमी से सिर दर्द तथा जोड़ों में दर्द का भय रहता है।

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प्रश्न 2.
पानी में घुलनशील विटामिन कौन-से हैं ? इनकी कमी से शरीर में कौनसी बीमारियाँ हो जाती हैं ?
उत्तर–
पानी में घुलनशील विटामिन निम्नलिखित हैं –
(i) विटामिन ‘बी’,
(ii) विटामिन ‘सी’।
(i) विटामिन ‘बी’ की कमी से शरीर में होने वाली बीमारियाँ –

  1. बेरी-बेरी नामक रोग हो जाता है।
  2. भूख कम लगती है तथा कब्ज हो जाती है।
  3. जी मितलाता है।
  4. स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।
  5. साँस जल्दी फूलने लगती है।
  6. मांसपेशियाँ सख्त हो जाती हैं।

(ii) विटामिन ‘सी’ की कमी से शरीर में होने वाली बीमारियाँ –

  1. स्कर्वी नामक रोग हो जाता है।
  2. मसूड़े, दाँत तथा हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं।
  3. मसूड़ों से खून आने लगता है।
  4. टाँगों में दर्द रहता है।
  5. खून की कमी हो जाती है।
  6. थकावट होने लगती है।

प्रश्न 3.
विटामिन ‘ए’ के स्रोत कौन-से हैं ? इनकी कमी से क्या हानि होती है ?
उत्तर-
विटामिन ‘ए’ के स्त्रोत-दूध, दही, अण्डे का पीला भाग, मछली के यकृत के तेल, मछली, घी और मक्खन (पशु जगत् से प्राप्त) में विटामिन ‘ए’ अधिक पाया जाता है। वनस्पतियों में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, टमाटर, गाजर, पका पपीता, आम, कद्दू, सन्तरा, रसभरी आदि विटामिन ‘ए’ के प्राप्ति स्रोत हैं।
विटामिन ‘ए’ की कमी से हानि –
शरीर में विटामिन ‘ए’ की कमी से निम्नलिखित हानियाँ होती हैं –

  1. नेत्रों में रात्रि अन्धापन या रतौंधी रोग हो जाता है।
  2. शरीर की वृद्धि रुक जाती है।
  3. शरीर के पूर्ण विकास में बाधा पहुँचती है।
  4. त्वचा शुष्क पड़ जाती है।
  5. दाँतों का रंग पीला पड़ जाता है।
  6. साँस लेने में कठिनाई होती है, फलस्वरूप श्वास सम्बन्धी संक्रामक रोग जैसे क्षय, निमोनिया, इन्फ्लुएन्जा आदि होने की सम्भावना हो जाती है।
  7. पेशाब की नलियों में पथरी हो जाती है।

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प्रश्न 4.
पानी से हमें क्या लाभ हैं ?
उत्तर–
पानी से हमें निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. पानी हमारे भोजन को तरल बनाता है जिससे यह एक से दूसरे स्थान पर सुगमता से जा सकता है और भोजन आसानी से पच भी जाता है।
  2. पानी हमारे शरीर में विभिन्न क्रियाओं के फलस्वरूप बने विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में सहायता देता है।
  3. पानी शरीर का तापमान ठीक रखने तथा खून के दौरे को ठीक रखने के लिए भी ज़रूरी है।

प्रश्न 5.
खून का रंग लाल क्यों होता है ? भोजन में लोहे की कमी के कारण कौन-सा रोग हो जाता है ?
उत्तर-
खून का रंग लोहा तत्त्व के कारण लाल होता है। भोजन में यदि लोहे की कमी हो तो अनीमिया रोग हो जाता है।
लोहे की कमी से –

  1. रक्तहीनता या एनीमिया रोग हो जाता है।
  2. खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाने से नाखून, त्वचा, जीभ व आँखें पीली नज़र आती हैं।
  3. भूख कम लगती है।
  4. बच्चों के विकास में रुकावट आती है।
  5. जल्दी थकावट आती है।
  6. रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

प्रश्न 6.
शरीर के विकास के लिए भोजन के किस पौष्टिक तत्व की ज़रूरत होती है ? इस पौष्टिक तत्व के स्रोत कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
शरीर के विकास के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
प्रोटीन-यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन के मेल से बनी होती है। केवल प्रोटीन ही भोजन का एक ऐसा भाग है, जिसमें नाइट्रोजन होता है। प्रोटीन हमारे शरीर में टूटी-फूटी कोशिकाओं की मुरम्मत तथा नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। यह हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। इसलिए विकसित हो रहे बच्चों के भोजन में प्रोटीन होना चाहिए। इसकी कमी से बच्चों का कद छोटा हो जाता है।

स्त्रोत-वनस्पति प्रोटीन-सोयाबीन, मूंगफली, राजमाह, छिलके वाली दालें, मटर, फ्रांसबीन, गेहूँ।
जैविक प्रोटीन-अण्डा, मछली, मुर्गा, दूध, दही तथा पनीर।

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प्रश्न 7.
दालों को अंकुरित करके खाने का क्या लाभ है ?
उत्तर-
प्रायः दालों में विटामिन ‘सी’ नहीं होता है तथा इनका पौष्टिक मान बढ़ाने के लिए उन्हें अंकुरित किया जाता है। अंकुरित करने से दालों में विटामिन ‘सी’ तथा अन्य विटामिनों की मात्रा बढ़ जाती है।

Home Science Guide for Class 6 PSEB भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत Important Questions and Answers

अति छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
भोजन के तत्त्व शरीर के लिए क्यों आवश्यक होते हैं ?
उत्तर-
शरीर को क्रियाशील रखने तथा शारीरिक विकास हेतु।

प्रश्न 2.
ऊर्जा प्रदान करने वाले तत्त्व कौन-से होते हैं ?
उत्तर-
कार्बोहाइड्रेट्स तथा वसा।

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प्रश्न 3.
कार्बोहाइड्रेट किस-किस तत्त्व से मिलकर बनते हैं ?
उत्तर-
कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन।

प्रश्न 4.
कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख कार्य क्या है ?
उत्तर-
शरीर की क्रियाशीलता हेतु ऊर्जा प्रदान करना।

प्रश्न 5.
प्रोटीन किस-किस तत्त्व से मिलकर बने होते हैं ?
उत्तर-
कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं गन्धक।

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प्रश्न 6.
प्रोटीन के दो प्रमुख प्राप्त स्रोत बताइए।
उत्तर-
अण्डा व दालें।

प्रश्न 7.
पूर्ण प्रोटीन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जो प्रोटीन पशुओं से प्राप्त होते हैं उसे पूर्ण प्रोटीन कहते हैं।

प्रश्न 8.
किन-किन वनस्पतियों में प्रोटीन अधिक पाया जाता है ?
उत्तर–
दालें, अनाज, सोयाबीन, अखरोट, मूंगफली, बादाम, सेम के बीज, मटर आदि में।

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प्रश्न 9.
जन्तुओं से प्राप्त किन-किन पदार्थों में प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है ?
उत्तर-
दूध, दही, मक्खन, पनीर, अण्डे, माँस, मछली।

प्रश्न 10.
कार्बोहाइड्रेट्स कितने रूपों में पाए जाते हैं ?
उत्तर-
तीन रूपों में स्टार्च, शक्कर तथा चीनी व रेशे।

प्रश्न 11.
कौन-कौन से स्टार्चयुक्त पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट अधिक पाया जाता है?
उत्तर-
चावल, गेहूँ, शकरकन्द, मक्का, साबूदाना, जौ, अखरोट, आलू आदि।

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प्रश्न 12.
कौन-कौन से शर्करायुक्त पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट अधिक पाया जाता है?
उत्तर-
शहद, चीनी, गुड़, शीरा, चुकन्दर, अंगूर तथा अन्य मीठे फल।

प्रश्न 13.
वसा के दो प्रमुख स्रोत बताइए।
उत्तर-
तेलीय बीज तथा दूध।

प्रश्न 14.
वसा के कितने प्रकार होते हैं ?
उत्तर-
दो प्रकार-

  1. प्राणीजन्य वसा तथा
  2. वनस्पति वसा।

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प्रश्न 15.
जन्तुओं से प्राप्त होने वाले वसा पदार्थ कौन-से हैं ?
उत्तर-
घी, दूध, मक्खन, क्रीम, दही, पनीर, जानवरों की चर्बी, मछली, अण्डे की सफेदी।

प्रश्न 16.
वनस्पति से प्राप्त होने वाले वसा पदार्थ कौन-से हैं ?
उत्तर-
मूंगफली, सरसों, तिल, नारियल, बादाम, अखरोट, चिलगोजा आदि।

प्रश्न 17.
शरीर के लिए आवश्यक पाँच खनिच तत्त्व बताइए।
उत्तर-
कैल्शियम, फॉस्फोरस, लोहा, आयोडीन तथा सोडियम।

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प्रश्न 18.
कैल्शियम प्राप्ति के मुख्य साधन क्या हैं ?
उत्तर-
दूध व दूध से बने पदार्थ, ताज़ा व हरी पत्तेदार सब्जियाँ तथा अण्डा।

प्रश्न 19.
लोहा शरीर के लिए क्यों आवश्यक हैं ?
उत्तर-
प्रोटीन के साथ संयोग करके हीमोग्लोबिन के निर्माण में जिसके कारण खून (रक्त) का रंग लाल होता है।

प्रश्न 20.
शरीर के लिए आवश्यक विटामिन कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘बी’, विटामिन ‘सी’, विटामिन ‘डी’ तथा विटामिन ‘के’।

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प्रश्न 21.
विटामिन ‘ए’ के प्रमुख स्रोत क्या हैं ?
उत्तर-
हरी पत्तेदार सब्जियाँ, आम, पपीता, गाजर, अण्डा, दूध, मक्खन, मांस आदि।

प्रश्न 22.
विटामिन ‘बी’ के स्रोत क्या हैं ?
उत्तर-
अनाज, मूंगफली, दालें, अंकुरित दालें व खमीर किए गए पदार्थ। कुछ मात्रा में मटर, सेम, गोभी तथा दूध से भी मिलता है।

प्रश्न 23.
जल का शरीर के लिए प्रमुख कार्य क्या है ?
उत्तर-
यह पोषक तत्त्वों तथा शारीरिक क्रियाओं के नियमन का कार्य करता है।

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छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सन्तुलित भोजन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वह भोजन जो हमारे शरीर को सभी पौष्टिक तत्त्व हमारी शारीरिक आवश्यकतानुसार उचित मात्रा में प्रदान करता है, सन्तुलित भोजन कहलाता है।

प्रश्न 2.
सन्तुलित भोजन के मुख्य तत्त्व कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
सन्तुलित भोजन में पाए जाने वाले मुख्य तत्त्व निम्नलिखित हैं –

  1. प्रोटीन।
  2. वसा।
  3. कार्बोहाइड्रेट्स या कार्बोज-श्वेतसार तथा शक्कर देने वाले पदार्थ।
  4. विटामिन-विटामिन ए, बी, सी तथा डी।
  5. खनिज लवण, कैल्शियम, लोहा, नमक आदि।
  6. जल।

प्रश्न 3.
वसा प्राप्ति के साधनों का वर्णन करो।
उत्तर-

  1. तेल और घी-मूंगफली, सरसों का तेल, नारियल का तेल, देसी घी, वनस्पति घी।
  2. मक्खन।
  3. मेवा व बीज-बादाम, काजू, नारियल, मूंगफली, पिस्ता, अखरोट, सोयाबीन आदि।
  4. दूध व दूध से बने पदार्थ-गाय-भैंस का दूध, खोआ, सूखा दूध आदि।
  5. मांसाहारी भोजन-अण्डा, मांस, मछली, लिवर आदि।

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प्रश्न 4.
पूर्ण प्रोटीन क्या होता है ?
उत्तर-
पशु स्रोतों से प्राप्त होने वाला प्रोटीन पूर्ण प्रोटीन कहलाता है। पशु स्रोतों से प्राप्त प्रोटीन अच्छे गुण वाला होता है। ये दूध, पनीर, अण्डा, मांस, मछली इत्यादि से प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 5.
भोजन के कौन-से पौष्टिक तत्त्व में नाइट्रोजन होती है तथा शरीर में इनके क्या कार्य हैं ?
उत्तर-
भोजन के प्रोटीन पौष्टिक तत्त्व में नाइट्रोजन होती है। प्रोटीन हमारे शरीर में टूटी-फूटी कोशिकाओं की मुरम्मत तथा नई कोशिकाओं का निर्माण करता है।

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बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
भोज्य तत्त्वों की कमी से शरीर को कौन-कौन सी हानियाँ होती हैं ?
उत्तर-
विभिन्न भोज्य तत्त्वों की कमी से शरीर को निम्नलिखित हानियाँ होती हैं –
1. कार्बोहाइड्रेट्स की कमी से

  1. व्यक्ति का वज़न कम हो जाता है। शरीर दुबला हो जाता है।
  2. बेचैनी रहती है तथा थकावट होती है।
  3. प्रोटीन से शक्ति व गर्मी लेने के कारण प्रोटीन द्वारा तन्तुओं के निर्माण का कार्य कठिन हो जाता है।
  4. त्वचा में झुर्रियाँ पड़ जाती हैं तथा त्वचा लटक जाती है।

2. प्रोटीन की कमी से

  1. शारीरिक वृद्धि में कमी आ जाती है क्योंकि नए तन्तुओं का निर्माण रुक जाता है।
  2. स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो जाता है।
  3. व्यक्ति का मन काम करने को नहीं होता।
  4. भूख कम लगती है।
  5. शरीर के भार में कमी हो जाती है।
  6. काम करने की शक्ति कम हो जाती है।
  7. त्वचा पर सूखापन, झुर्रियाँ और स्थान-स्थान पर चकते पड़ जाते हैं।

3. वसा की कमी से

  1. वज़न कम हो जाता है।
  2. थकावट व बेचैनी जल्दी हो जाती है।
  3. वसा की कमी की पूर्ति प्रोटीन द्वारा होती है, जिससे नए तन्तुओं का निर्माण कार्य कठिन हो जाता है।
  4. त्वचा शुष्क हो जाती है।

4. कैल्शियम की कमी से

  1. बच्चों की हड्डियों तथा दाँतों का विकास ठीक से नहीं हो पाता।
  2. हड्डियाँ कमज़ोर व टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं। हड्डियों के टूटने का भय रहता है।
  3. दाँत खराब हो जाते हैं।
  4. खून के जमने की शक्ति नहीं रहती। चोट लगने पर खून बहता रहता है।
  5. पाचन-शक्ति कम हो जाती है।
  6. मांसपेशियों की क्रियाशीलता में कमी आ जाती है।

5. लोहे की कमी से

  1. रक्तहीनता या एनीमिया रोग हो जाता है।
  2. खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाने से नाखून, त्वचा, जीभ व आँखें पीली नज़र आती हैं।
  3. भूख कम लगती है।
  4. बच्चों के विकास में रुकावट आती है।
  5. जल्दी थकावट आती है।
  6. रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

6. विटामिन ‘ए’ की कमी से

  1. इसकी कमी का अधिक प्रभाव आँखों पर पड़ता है। इसकी कमी से रतौंधी या अंधराता नामक रोग हो जाता है। रोगी धुंधले प्रकाश में साफ-साफ नहीं देख सकता।
  2. त्वचा सूखी और खुरदरी हो जाती है।
  3. शरीर को निमोनिया तथा तपेदिक जैसी बीमारियों का भय रहता है।
  4. शारीरिक विकास में रुकावट आती है।

7. विटामिन ‘बी’ की कमी से

  1. बेरी-बेरी नामक रोग हो जाता है।
  2. भूख कम लगती है तथा कब्ज़ हो जाती है।
  3. जी मितलाता है।
  4. स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।
  5. सांस जल्दी फूलने लगता है।
  6. मांसपेशियाँ सख्त हो जाती हैं।

प्रश्न 2.
शरीर की वृद्धि तथा विकास के लिए भोजन के कौन-कौन से पौष्टिक तत्त्वों की आवश्यकता होती है ? इसके स्रोत भी बताओ।
उत्तर-
शरीर की वृद्धि तथा विकास के लिए भोजन के निम्नलिखित पौष्टिक तत्त्वों की आवश्यकता होती है –
1. प्रोटीन-यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन के मेल से बनी होती है। केवल प्रोटीन ही भोजन का एक ऐसा भाग है, जिसमें नाइट्रोजन होता है। प्रोटीन हमारे शरीर में टूटी-फूटी कोशिकाओं की मुरम्मत तथा नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। यह हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। इसलिए विकसित हो रहे बच्चों के भोजन में प्रोटीन होना चाहिए। इसकी कमी से बच्चों का कद छोटा हो जाता है।

स्रोत-वनस्पति प्रोटीन-सोयाबीन, मूंगफली, राजमाह, छिलके वाली दालें, मटर, फ्रांसबीन, गेहूँ।
जैविक प्रोटीन-अण्डा, मछली, मुर्गा, दूध, दही तथा पनीर।

2. कार्बोहाइड्रेट-ये कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के मेल से बनते हैं। ये हमारे शरीर में जलकर गर्मी पैदा करते हैं, जिसमें हमें कार्य करने की शक्ति मिलती है। दूसरे भोजनों की तुलना में सस्ते होने के कारण गरीब लोग भी अधिक कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल करते हैं। इसकी कमी से शरीर पतला और अधिक मोटा हो जाता है।
स्रोत-गुड़, चीनी, गन्ने के रस, शहद, खजूर, अंगूर, किशमिश, गेहूँ, चावल, आलू, शक्करकन्दी आदि।

3. वसा-कार्बोहाइड्रेट की तरह वसा भी कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के मेल से बनती है। यह भी हमारे शरीर को गर्मी तथा शक्ति देती है। वसा शरीर के अंगों की रक्षा करती है परन्तु यदि आवश्यकता से अधिक मात्रा में खाई जाए तो शरीर पर चर्बी की मोटी परत जम जाती है, जिससे शरीर मोटा हो जाता है।

स्रोत-जैविक वसा-मक्खन, देसी घी, दूध, मछली के तेल, जानवरों की चर्बी तथा अण्डे की जर्दी।
वनस्पति वसा-तेल तथा तेलों के बीज, वनस्पति घी तथा शुष्क मेवा।

4. खनिज लवण-प्रोटीन, कार्बोज, वसा, विटामिन तथा जल के अतिरिक्त शरीर के लिए खनिज लवण भी आवश्यक हैं। ये शरीर की रक्षात्मक भोज्य पदार्थों के अन्तर्गत आते हैं। इनके अभाव से शरीर में कई प्रकार की न्यूनताएँ आ जाती हैं।
स्रोत-हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजे फलों, दूध, अण्डे, खमीर, मूंगफली, छिलकों वाली अनाजों और दालें।

5. विटामिन-यदि हमारे भोजन में शेष सब तत्त्व सम्मिलित हों यदि उसमें विटामिन की कमी हो तो शरीर ठीक तरह विकास नहीं करता है।
स्रोत-दूध, दही, गाजर, पपीता, अनाज, दालें, आँवला, कलेजी आदि।

6. जल-जल एक रासायनिक संयोग है। इसमें दो मात्रा हाइड्रोजन तथा एक मात्रा ऑक्सीजन की होती है। हमारे शरीर में 70-75 प्रतिशत जल का ही होता है।
स्रोत-दूध, चाय, लस्सी, नींबू, संतरा, माल्टा, तरबूज, नारियल, हरी सब्जियाँ।

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एक शब्द में उत्तर दें

प्रश्न 1.
अंकुरित दालों में कौन-सा विटामिन बढ़ जाता है ?
उत्तर-
विटामिन ‘सी’।

प्रश्न 2.
आयोडीन का सम्बन्ध किस ग्रन्थि से है ?
उत्तर-
थाईराईड।

प्रश्न 3.
चिकनाई दो प्रकार की प्राणीज़ तथा …………… चिकनाई होती है ।
उत्तर-
वनस्पतिक।

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प्रश्न 4.
विटामिन ‘सी’ की कमी से …………. रोग हो जाता है।
उत्तर-
स्कर्वी।

प्रश्न 5.
दाँतों तथा हड्डियों में कौन-सा खनिज प्रयोग होता है ?
उत्तर-
कैल्शियम।

प्रश्न 6.
चिकनाई की कमी से क्या होता है ? (कोई एक)
उत्तर-
थकावट तथा बेचैनी।

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प्रश्न 7.
पूर्ण प्रोटीन के उदाहरण दो। (कोई एक)
उत्तर-
अण्डा, मास।

प्रश्न 8.
बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता है ?
उत्तर-
विटामिन बी।

PSEB 6th Class Home Science Solutions Chapter 2 भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत

भोजन के कार्य, तत्त्व तथा उनके स्रोत PSEB 6th Class Home Science Notes

  • भोजन प्रत्येक जीव का प्राण है।
  • उचित भोजन के बिना शरीर का विकास ठीक तरह नहीं हो सकता।
  • शरीर के विकास के लिए, नई कोशिकाओं के निर्माण तथा पुरानी कोशिकाओं की मुरम्मत के लिए जिन तत्त्वों की आवश्यकता होती है, वे सभी तत्त्व हमें भोजन से ही मिलते हैं।
  • टूटी हुई कोशिकाओं की मुरम्मत तथा नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए प्रोटीन युक्त भोजन की आवश्यकता है।
  • हमारे शरीर को रोगों से बचाने की शक्ति भी भोजन से ही प्राप्त होती है।
  • हमारे शरीर कई रासायनिक तत्त्वों से मिलकर बना हुआ है। इनमें से कार्बन, हाइड्रोजन ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, चूना, फॉस्फोरस, लोहा, सोडियम आदि महत्त्वपूर्ण हैं।
  • प्रोटीन-यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन के मेल से बनी होती है। प्रोटीन ही भोजन का एक ऐसा भाग है, जिसमें नाइट्रोजन होती है।
    स्रोत-वनस्पति-प्रोटीन, सोयाबीन, मूंगफली, राजमाह, छिलके वाली दालें, . मटर, फ्रांसबीन तथा दूसरी फलियों से और कुछ प्रोटीन अनाजों से भी मिलती हैं।
  • जैविक प्रोटीन वनस्पति प्रोटीन से अच्छी समझी जाती है। इसलिए शाकाहारी लोगों को दूध, दही तथा पनीर का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
  • कार्बोहाइड्रेट-ये कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के मेल से बनते हैं।। इसकी कमी से शरीर पतला और अधिकता से मोटा हो जाता है।
    स्रोत-शक्कर के रूप में कार्बोहाइड्रेट गुड़, चीनी, गन्ने के रस, शक्कर, शहद, खजूर, अंगूर तथा किशमिश आदि में।
  • जैविक चिकनाई मक्खन, देसी घी, दूध, मछली के तेल, जानवरों की चर्बी तथा अंडे की जर्दी से मिलती है।
  • चूना अधिकतर दूध, लस्सी, पनीर और हरी पत्ते वाली सब्जियों से मिलता है।
  • लोहा खून को लाल रंग देता है। रक्त लाल कण फेफड़ों में से ऑक्सीजन खींचकर सारे अंगों को देते हैं तथा कार्बन-डाइऑक्साइड को फेफड़ों द्वारा बाहर निकालते हैं।
  • लोहा की कमी से अनीमिया (खून की कमी का रोग) हो जाता है।
  • स्रोत- यह मांस, विशेषत: गुर्दा, कलेजी तथा अंडे की जर्दी से मिलता है। इसके अतिरिक्त हरे पत्ते वाली सब्जियों, सोयाबीन, काले चने और गुड़ आदि।
  • विटामिन दो प्रकार के होते हैं –
    1. पानी में घुलनशील जैसे-विटामिन ‘बी’ तथा विटामिन ‘सी’।
    2. चिकनाई में घुलनशील जैसे-विटामिन ‘ए’, ‘डी’, ‘ई’ और ‘के’।
  • विटामिन ‘ए’ हमारी आँखों की दृष्टि के लिए बहुत आवश्यक है।
    स्त्रोत-विटामिन ‘ए’ दूध, मक्खन, देसी घी तथा अण्डे की जर्दी।
  • विटामिन ‘सी’ की कमी से मसूढ़ों से खून निकलने लग जाता है तथा घाव शीघ्र ठीक नहीं होते।
    स्रोत-खट्टे फल जैसे-आँवला, अमरूद, सन्तरा, मालटा, नींबू, चकोतरा तथा हरी पत्ते वाली सब्जियाँ।
  • पानी शरीर का तापमान ठीक रखने तथा खून के दौरे को ठीक रखने के लिए भी ज़रूरी है।

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