PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग (2nd Language)

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Muhavare Ka Vakya Mein Prayog मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग (2nd Language)

1. अन्धे की लकड़ी एकमात्र सहारा,
प्रयोग – अब तो रमेश ही बुढ़ापे में मुझ अन्धे की लकड़ी है।

2. अंगूठा दिखाना – साफ़ इन्कार करना,
प्रयोग – जब मैंने सुरेश से दस रुपए मांगे तो उसने अंगूठा दिखा दिया।

3. अपना उल्लू सीधा करना – अपना मतलब निकालना,
प्रयोग – आजकल हर कोई अपना उल्लू सीधा करना चाहता है।

4. अंग – अंग हिल जाना – थक जाना,
प्रयोग – दिन भर मेहनत करने से मजदूरों का अंग – अंग हिल जाता है।

5. अपने पैरों पर खड़े होना आत्मनिर्भर होना,
प्रयोग – बच्चों को प्रारम्भ से ही ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए जिससे वे बड़े होकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

6. आँखों का तारा बहुत प्यारा,
प्रयोग – सुनील अपने माता – पिता की आँखों का तारा है।

7. आँख में खटकना – बुरा लगना,
प्रयोग – शरारती बच्चे अध्यापक की आँख में खटकने लगते हैं।

8. आँख बदलना – मुँह फेर लेना,
प्रयोग – मुसीबत के समय अपने भी आँख बदल लेते हैं।

9. आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना,
प्रयोग – ठग, राम की आँखों में धूल झोंक कर पाँच सौ रुपए ले गया।

10. आँखें खुलना – होश आना,
प्रयोग – हानि उठाकर ही आँखें खलती हैं।

11. आत्म – समर्पण करना अपने आप को दूसरे के हवाले करना,
प्रयोग – चोर ने पुलिस के सामने आत्म – समर्पण कर दिया।

12. आनाकानी करना टालमटोल करना,
प्रयोग – जब मैंने पीयूष से सौ रुपये उधार माँगे, तो वह आनाकानी करने लगा

13. आव देखा न ताव – बिना सोचे समझे,
प्रयोग – डूबते हुए बच्चे को बचाने के लिए सुरेन्द्र ने आव देखा न ताव नदी में छलांग लगा दी।

14. आसमान सिर पर उठाना बहुत शोर करना,
प्रयोग – अध्यापक के क्लास से बाहर निकलते ही लड़कों ने आसमान सिर पर उठाना शुरू कर दिया।

15. ईंट से ईंट बजाना – नाश करना,
प्रयोग – बन्दा बहादुर ने सरहिन्द की ईंट से ईंट बजा दी।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

16. ईद का चाँद होना बहुत दिनों बाद दिखाई देना,
प्रयोग – अरे सुरेश तुम तो ईद के चाँद हो गए हो, कहाँ रहते हो?

17. एक आँख से देखना बराबर का बर्ताव,
प्रयोग – माता – पिता अपने सभी बच्चों को एक आँख से देखते हैं।

18. काम आना – युद्ध में मारे जाना,
प्रयोग – भारत – पाक युद्ध में अनेक भारतीय वीर काम आए।

19. कलम तोड़ना – बहुत बढ़िया लिखना,
प्रयोग – सुन्दर ने चाहे थोड़ा लिखा है पर कलम तोड़ कर रख दी है।

20. कान पर जूं न रेंगना कोई असर न पड़ना,
प्रयोग – मेरे कहने पर तो उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

21. कान भरना – चुगली करना,
प्रयोग – अपने सहपाठियों के विरुद्ध कान भरने वाले विद्यार्थी अच्छे नहीं होते।

22. कानों का कच्चा होना किसी बात पर बिना सोचे – समझे विश्वास कर लेना,
प्रयोग – किसी अफसर के लिए कानों का कच्चा होना ठीक नहीं है।

23. खाला जी का घर – आसान काम,
प्रयोग – आठवीं श्रेणी पास करना खाला जी का घर नहीं है।

24. गले का हार – बहुत प्यारा,
प्रयोग – सुरेश अपने माता – पिता के गले का हार है।

24. गहरी नींद सो जाना – मर जाना।
प्रयोग – फाँसी के बाद सद्दाम हुसैन गहरी नींद सो गया।

25. घी के दीये जलाना – बहुत खुशी मनाना,
प्रयोग – जब श्री रामचन्द्र अयोध्या वापस पहुँचे तो लोगों ने घी के दीये जलाए।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

26. घोड़े बेचकर सोना – बे – फिक्र होकर सोना,
प्रयोग – परीक्षा के बाद सब विद्यार्थी घोड़े बेचकर सोते हैं।

27. घड़ी समीप होना – मृत्यु निकट होना,
प्रयोग – रोगी की साँस बहुत धीमे चल रही थी, ऐसा लगता था जैसे उसकी घड़ी समीप हो।

28. चार चाँद लगाना – शोभा बढ़ाना,
प्रयोग – आपने यहाँ पधार कर उत्सव को चार चाँद लगा दिए।

29. छक्के छुड़ाना बुरी तरह हराना,
प्रयोग – युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना के छक्के छुड़ा दिए।

30. जान हथेली पर रखना अपने को जोखिम में डालना,
प्रयोग – युद्ध में भारतीय सैनिक अपनी जान हथेली पर रखकर लड़ते हैं।

31. जी की कली खिलना – बहुत खुश होना,
प्रयोग – विदेश से वापस आए पुत्र को देखकर माता – पिता के जी की कली खिल उठी।

32. झाँसा देना धोखा देना,
प्रयोग – अपराधी पुलिस को झांसा देकर भाग खड़ा हुआ।

33. टका – सा जवाब देना – साफ़ इन्कार करना,
प्रयोग – मैंने जब महेन्द्र से पुस्तक मांगी तो उसने मुझे टका – सा जवाब दे दिया।

34. टेढ़ी खीर – कठिन काम,
प्रयोग – आठवीं की परीक्षा पास करना टेढ़ी खीर है।

35. डींग मारना शेखी मारना,
प्रयोग – डींग मारने वालों पर विश्वास मत कीजिए।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

36. तलवे चाटना – खुशामद करना,
प्रयोग – बलबीर दूसरों के तलवे चाटकर काम निकालने में निपुण है।

37. दांत खट्टे करना – बुरी तरह हराना,
प्रयोग – भारत ने युद्ध में दो बार पाकिस्तान के दांत खट्टे किए।

38. दांतों तले उंगली दबाना – चकित होना,
प्रयोग – ताजमहल की सुन्दरता को देखकर विश्व के लोग दांतों तले उंगली दबाते हैं।

39. दिल बल्लियों उछलना बहुत खुश होना,
प्रयोग – लाटरी निकलने का समाचार सुनकर जसदेव का दिल बल्लियों उछलने लगा।

40. दिल टूट जाना – हताश हो जाना,
प्रयोग – इकलौते पुत्र की मृत्यु से माँ – बाप का दिल टूट गया।

41. धुन का पक्का – इरादे का पक्का,
प्रयोग – जीवन में वही व्यक्ति उन्नति कर सकता है, जो धुन का पक्का होता है।

42. नस – नस पहचानना हर बात की जानकारी होना,
प्रयोग – राजेन्द्र का विश्वास मत करो, मैं उसकी नस – नस पहचानता

43. नाक कटवाना – बदनामी करवाना,
प्रयोग – सोहन ने चोरी करके अपने कुल की नाक कटवा दी है।

44. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना,
प्रयोग – सिपाही को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया।

45. नाक में दम करना – बहुत तंग करना,
प्रयोग – वर्षा ने नाक में दम कर दिया है, कहीं जाना भी कठिन हो गया है।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

46. पानी – पानी होना बहुत लज्जित होना,
प्रयोग – सच्चाई सामने आने पर बलदेव पानी – पानी हो गया।

47. पीठ दिखाना – युद्ध से भाग जाना,
प्रयोग – युद्ध के मैदान में पीठ दिखाना कायरों का काम है, वीरों का नहीं।

48. प्राण पखेरू उड़ना – मर जाना,
प्रयोग – डॉक्टर के आने से पहले रोगी के प्राण पखेरू उड़ गए।

49. पीठ थपथपाना – शाबाश देना,
प्रयोग – कक्षा में प्रथम आने पर अध्यापक ने सुरेश की पीठ थपथपाई।

50. प्राणों की खैर मनाना – अपना बचाव करना,
प्रयोग – भारतीय सैनिकों ने शत्रु सैनिकों को ललकार कर कहा – प्राणों की खैर मनानी है तो हथियार डाल दो।

51. फूला न समाना – बहुत खुश होना,
प्रयोग – परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर दिनेश फूला नहीं समाता था।

52. फूट – फूट कर रोना बहुत अधिक रोना,
प्रयोग – पिता के मरने का समाचार सुनकर पुत्र फूट – फूट कर रोने लगा।

53. बेसिर पैर की बातें करना – फजूल की बातें करना।
प्रयोग – सुच्चा सिंह हर वक्त बेसिर पैर की बातें करता है।

54. भीगी बिल्ली बनना – डर से दबे रहना,
प्रयोग – जब तक मास्टर जी कक्षा में रहते हैं, लड़के भीगी बिल्ली बनकर बैठे रहते हैं।

55. मन चंगा तो कठौती में गंगा – मन स्वस्थ हो तो घर में ही पुण्य पाया जा सकता है।
प्रयोग – रविदास जी ने तीर्थ यात्रा को निरर्थक बताया। उनका कहना था – मन चंगा तो कठौती में गंगा।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

56. मन मोह लेना – अच्छा लगना, मन लुभाना।
प्रयोग – जसवंत के नृत्य ने सबका मन मोह लिया।

57. मखमल में लपेट कर कहना – चिकनी – चुपड़ी बात कहना।
प्रयोग – आजकल मखमल में लपेटकर कहने वाले ही सफल होते हैं।

58. मुँह मोड़ना – नाराज़ होना।
प्रयोग – संकट में मित्र भी मुँह मोड़ते हैं।

59. मौत के घाट उतारना – मार देना।
प्रयोग – अमेरिका ने इराक में हजारों को मौत के घाट उतार दिया।

60. मृत्यु – तुल्य जीवन बिताना – मरे हुए के समान रहना।
प्रयोग – कालाहांडी में लोग मृत्यु – तुल्य जीवन बिता रहे हैं।

61. मृत्यु की गोद में सो जाना – मर जाना।
प्रयोग – सुनामी लहरों के कहर से लाखों लोग मृत्यु की गोद में सो गए।

62. मुँह की खाना – बुरी तरह हारना,
प्रयोग – 1971 के भारत – पाक युद्ध में पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी।

63. मुट्ठी गर्म करना – रिश्वत देना,
प्रयोग – आजकल मुट्ठी गर्म करने से ही प्रत्येक काम बनता है।

64. रंग में भंग डालना मजा किरकिरा होना,
प्रयोग – विवाह में दादा जी की मृत्यु ने रंग में भंग डाल दिया।

65. रफूचक्कर होना – भाग जाना,
प्रयोग – पुलिस को देखते ही डाकू रफू चक्कर हो गए।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

66. लाल – पीला होना क्रुद्ध होना, गुस्से में आना,
प्रयोग – पहले बात तो सुन लो व्यर्थ में क्यों लाल – पीले हो रहे हो।

67. लोहा लेना युद्ध करना,
प्रयोग – अधिकतर मुग़ल सम्राट् राजपूतों से लोहा नहीं लेना चाहते थे।

68. लोहे के चने चबाना अति कठिन काम करना, कष्ट अनुभव करना,
प्रयोग – भारत पर आक्रमण करके चीन को लोहे के चने चबाने पड़े थे।

69. वीरगति प्राप्त करना – वीरों की मौत मरना, शहीद होना,
प्रयोग – युद्ध में कई भारतीय सैनिकों ने वीरगति प्राप्त की।

70. वार देना – कुर्बान करना,
प्रयोग – गुरु गोबिन्द सिंह ने धर्म की रक्षा के लिए अपने चारों पुत्र वार दिए थे।

71. श्रीगणेश करना – काम आरम्भ करना,
प्रयोग – सोहन ने कल ही अपने नये व्यवसाय का श्रीगणेश किया है।

72. सिर चढ़ाना – लाड़ प्यार से आदतें खराब करना,
प्रयोग – बच्चों को ज्यादा सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए।

73. हवा से बातें करना बहुत तेज़ दौड़ना,
प्रयोग – महाराणा प्रताप का घोड़ा हवा से बातें करता था।

74. हवा हो जाना – भाग जाना,
प्रयोग – पहरेदार को अपनी तरफ आते देखकर चोर हवा हो गया।

75. हाथ – फैलाना – मांगना,
प्रयोग – स्वाभिमान – रहित व्यक्ति हर किसी के आगे हाथ फैलाने लगता है।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran मुहावरे (2nd Language)

76. हाथ मलना – पछताना,
प्रयोग – अब फेल होने पर हाथ मलने से क्या लाभ? पहले ही डट कर मेहनत करते तो पास हो जाते।

77. हाथ लगना – अधिकार में होना,
प्रयोग – युद्ध में अनेक पाकिस्तानी टैंक भारतीय सेना के हाथ लगे।

78. हथियार डालना – हार मान लेना,
प्रयोग – बांग्लादेश में पाकिस्तान ने साधारण से युद्ध के बाद हथियार डाल दिए।

79. हृदय पर साँप लोटना – बुरा लगना,
प्रयोग – दूसरे की उन्नति देखकर ईष्यालु व्यक्ति के हृदय पर साँप लोटने लगता है।

80. हँसते – हँसते लोट – पोट होना – बहुत हँसना।
प्रयोग – लाल बुझक्कड़ के किस्से सुनकर बच्चे हँसते – हँसते लोट – पोट हो गए।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ, ਸਟੀਲ, ਪਿੱਤਲ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ, ਸਟੀਲ, ਪਿੱਤਲ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ, ਸਟੀਲ, ਪਿੱਤਲ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

1. ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ ਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

ਲੋੜੀਂਦਾ ਸਾਮਾਨ – ਪਾਣੀ, ਸਾਬਣ, ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਰਸ, ਸਿਰਕਾ, ਸਟੀਲ ਵੁਲ ।
ਸਫ਼ਾਈ ਦੀ ਵਿਧੀ-

  1. ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ ਦੇ ਬਰਤਨ ਸਸਤੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਗਰਮ ਪਾਣੀ ਤੇ ਸਾਬਣ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  2. ਬਰਤਨ ਵਿਚ ਜੇਕਰ ਧੱਬੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਧੱਬਿਆਂ ਤੇ ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਰਸ ਲਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਗਰਮ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਧੋ ਕੇ ਮੁਲਾਇਮ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝ ਲਓ ।
  3. ਜੇਕਰ ਬਰਤਨ ਦਾ ਰੰਗ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਬਾਲ ਕੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸਿਰਕਾ ਪਾ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਬਰਤਨ ਪਾ ਦਿਓ | ਬਰਤਨ ਚਮਕ ਜਾਣਗੇ ।
    ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਚਮਕ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਸਟੀਲ ਫੂਲ (Steel Wool) ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ।

ਨੋਟ-

  1. ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ ਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤੇਜ਼ਾਬ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  2. ਇਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਸੋਡੇ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਵੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਧਾਤੂ ਕਾਲੀ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

2. ਸਟੇਨਲੈੱਸ ਸਟੀਲ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

ਲੋੜੀਂਦਾ ਸਾਮਾਨ – ਪਾਣੀ, ਸਾਬਣ, ਵਿਮ ਜਿਹਾ ਪਾਊਡਰ, ਝਾੜਨ ।
ਸਫ਼ਾਈ ਦੀਆਂ ਵਿਧੀਆਂ-

  1. ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਸਾਬਣ ਦੇ ਘੋਲ ਨਾਲ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
  2. ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਬਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਵਿਮ ਵਰਗੇ ਪਾਉਡਰ ਮਿਲਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਪਾਉਡਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਬਹੁਤ ਚੰਗੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ।
  3. ਧੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਕ ਸੁੱਕੇ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝ ਕੇ ਹੀ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ

ਨੋਟ-

  1. ਸਟੇਨਲੈੱਸ ਸਟੀਲ ਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਸੁਆਹ ਆਦਿ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਕਿਉਂਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਖਰੋਚਾਂ (ਝਰੀਟਾਂ) ਪੈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ।
  2. ਸਟੇਨਲੈੱਸ ਸਟੀਲ ਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਤੇ ਮੁਲਾਇਮ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਗੜਨ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਚਮਕ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

3. ਪਿੱਤਲ ਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

ਲੋੜੀਂਦਾ ਸਾਮਾਨ – ਸੁਆਹ, ਮਿੱਟੀ, ਇਮਲੀ, ਨਿੰਬੂ ਜਾਂ ਅੰਬ ਦੀ ਖਟਾਈ, ਪਾਣੀ, ਸਾਬਣ, ਸਿਰਕਾ, ਨਮਕ, ਬਾਸੋ ।
ਸਫ਼ਾਈ ਦੀਆਂ ਵਿਧੀਆਂ-

  1. ਘਰ ਦੇ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਵਰਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸੁਆਹ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਮਾਂਜ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  2. ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੰਦੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਇਮਲੀ, ਨਿੰਬੂ ਜਾਂ ਅੰਬ ਦੀ ਖਟਾਈ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  3. ਪਿੱਤਲ ਦੀਆਂ ਸਜਾਵਟੀ ਵਸਤੂਆਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੀ ਵਿਧੀ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹਨ-
    (i) ਵਸਤੂ ਨੂੰ ਗਰਮ ਸਾਬਣ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿਚ ਪਾਓ |
    (ii) ਛੋਟੇ ਬੁਰਸ਼ ਜਾਂ ਪੁਰਾਣੇ ਟੁਥ ਬੁਰਸ਼ ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕਰੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਕੋਨਿਆਂ ਅਤੇ ਡਿਜ਼ਾਇਨਾਂ ਆਦਿ ਵਿਚ ਛੁਪੀ ਗੰਦਗੀ ਵੀ ਸਾਫ਼ ਹੋ ਜਾਵੇ ।
    (iii) ਹੁਣ ਇਸ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਧੋਵੋ । (iv) ਸੁੱਕੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝ ਕੇ ਸੁਕਾਓ ।
    (v) ਬਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਉਪਲੱਬਧ ਬਾਸੋ (Brasso) ਨਾਮਕ ਪਾਲਿਸ਼ ਲਾ ਕੇ ਰਗੜੋ ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਚਮਕ ਜਾਵੇ ।
  4. ਪਿੱਤਲ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਤੇ ਜੇਕਰ ਦਾਗ-ਧੱਬੇ ਲੱਗੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਪਾਲਿਸ਼ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿਰਕੇ ਜਾਂ ਨਮਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਐਲੂਮੀਨੀਅਮ, ਸਟੀਲ, ਪਿੱਤਲ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

4. ਕੱਚ, ਚੀਨੀ, ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

ਲੋੜੀਂਦਾ ਸਾਮਾਨ – ਸਾਬਣ ਦਾ ਘੋਲ, ਕੱਪੜਾ (ਮੁਲਾਇਮ, ਨਮਕ, ਸਿਰਕਾ, ਚਾਹ ਦੀ ਪੱਤੀ, ਅਖ਼ਬਾਰ, ਬੁਰਸ਼, ਸਪਿਰਿਟ, ਚੁਨੇ ਦਾ ਪਾਊਡਰ । | ਸਫ਼ਾਈ ਦੀਆਂ ਵਿਧੀਆਂ-

  • ਸਾਬਣ ਦਾ ਘੋਲ ਲੈ ਕੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਕੱਚ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਜਾਂ ਬਰਤਨ ਨੂੰ ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ ਰਗੜੋ । ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਗੰਦਗੀ ਲਹਿ ਜਾਵੇਗੀ । ਹੁਣ ਸਾਫ਼ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਹੰਗਾਲ ਕੇ ਮੁਲਾਇਮ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝਣ ਤੇ ਬਰਤਨ ਚਮਕ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  • ਜੇਕਰ ਬਰਤਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚੀਕਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਨਮਕ, ਸਿਰਕਾ, ਚਾਹ ਦੀ ਪੱਤੀ ਜਾਂ ਅਖ਼ਬਾਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਜਾਂ ਸਿਆਹੀ ਚੁਸ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇਕ ਉਸ ਬਰਤਨ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਰਗੜੋ । ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਬਰਤਨ ਦੀ ਗੰਦਗੀ ਲਹਿ ਜਾਵੇਗੀ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਬਰਤਨ ਨੂੰ ਫਿਰ ਸਾਬਣ ਦੇ ਘੋਲ ਜਾਂ ਵਿਮ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿਚ ਸਾਫ਼ ਕਰੋ ! ਹੁਣ ਇਸ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਹੰਗਾਲੋ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਫ਼ ਮੁਲਾਇਮ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝੋ ।
  • ਡਿਜ਼ਾਈਨਦਾਰ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਮੁਲਾਇਮ ਬੁਰਸ਼ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰੋ ।
  • ਖਿੜਕੀਆਂ ਅਤੇ ਦਰਵਾਜ਼ਿਆਂ ਦੇ ਸ਼ੀਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਕੱਪੜੇ ਵਿਚ ਸਪਿਰਿਟ ਲਾ ਕੇ ਰਗੜੋ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੁਨੇ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਅਤੇ ਅਮੋਨੀਆ ਦੇ ਗਾੜੇ ਘੋਲ ਨਾਲ ਰਗੜ ਕੇ ਵੀ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਨਾਈਲੋਨ ਦੀ ਸਾੜੀ ਕਿਵੇਂ ਪੌਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਨਾਈਲੋਨ ਦੀ ਸਾੜੀ ਨੂੰ ਸਾਬਣ ਵਾਲੇ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਹਲਕੇ ਦਬਾਅ ਨਾਲ ਧੋਵੋ । ਫਾਲ ਵਾਲਾ ਹਿੱਸਾ ਜ਼ਮੀਨ ਨਾਲ ਲੱਗਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੰਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉਸ ਨੂੰ ਸਾਬਣ ਦੀ ਝੱਗ ਲਗਾ ਕੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਰਗੜ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਨਾਈਲੋਨ ਦੀ ਸਾੜ੍ਹੀ ਤੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਿਵੇਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-

  1. ਸਾੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਪੁੱਠੇ ਪਾਸਿਓਂ ਫਾਲ ਨੂੰ ਹਲਕੀ ਗਰਮ ਐੱਸ ਨਾਲ ਕੈਂਸ ਕਰੋ ।
  2. ਸਾੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਲੰਬਾਈ ਵਲੋਂ ਦੂਹਰੀ ਅਤੇ ਫਿਰ ਚੌਹਰੀ ਕਰਕੇ ਹਲਕੀ ਜਿਹੀ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ ।
  3. ਸਾੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰੀ ਫਿਰ ਤਹਿ ਕਰੋ ਤਾਂ ਕਿ ਸੋਲਾਂ ਤਹਿਆਂ ਹੋ ਜਾਣ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੈਂਗਰ ਵਿਚ ਲਟਕਾ ਦਿਓ ਜਾਂ ਚੌੜਾਈ ਵਲੋਂ ਦੂਹਰੀ ਕਰਕੇ ਰੱਖ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰੇਆਨ ਕਰੇਪ ਦੇ ਬਲਾਉਜ਼ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ? ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਧੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਦੀ ਤਿਆਰੀ-ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਦੇਖੋ, ਜੇ ਕਿਧਰੋਂ ਫਟਿਆ ਹੋਇਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰ ਲਓ । ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਦਾਗ ਲੱਗਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਪ੍ਰਤਿਕਾਰਕ ਨਾਲ ਉਤਾਰੋ । ਜੇ ਕਰ ਕੋਈ ਅਜਿਹੇ ਬਟਨ ਆਦਿ ਲੱਗੇ ਹੋਣ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਧੋਣ ਨਾਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋਣ ਦਾ ਡਰ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਹ ਉਤਾਰ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ।

ਧੋਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ – ਇਕ ਚਿਮਚੀ ਵਿਚ ਕੋਸਾ ਪਾਣੀ ਪਾ ਕੇ ਸਾਬਣ ਦਾ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰੋ । ਬਲਾਊਜ਼ ਸਾਬਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਪਾਓ ਅਤੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਦਬਾ ਕੇ ਧੋਵੋ । ਗਲੇ ਤੇ ਜੇਕਰ ਮੈਚ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਦੀ ਤਲੀ ਤੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਥੋੜੀ ਝੱਗ ਪਾ ਕੇ ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ ਮਲੋ । ਜਦੋਂ ਸਾਫ਼ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਹੰਘਾਲੋ । ਸਫ਼ੈਦ ਰੇਆਨ ਫਟਣ ਤਕ ਸਫ਼ੈਦ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦੀ, ਨਾ ਹੀ ਇਸ ਨੂੰ ਮਾਇਆ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।

ਨਿਚੋੜਨਾ – ਇਕ ਬੂਰ ਵਾਲੇ ਤੌਲੀਏ ਵਿਚ ਬਲਾਊਜ਼ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਲਪੇਟ ਲਓ ਅਤੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਦਬਾਓ । ਤੌਲੀਆ ਪਾਣੀ ਚੂਸ ਲਏਗਾ ।
ਸੁਕਾਉਣਾ – ਮੰਜੀ ਤੇ ਤੌਲੀਆ ਵਿਛਾ ਕੇ, ਬਲਾਊਜ਼ ਨੂੰ ਹੱਥ ਨਾਲ ਸਿੱਧਿਆਂ ਕਰਕੇ ਛਾਂ ਵਿਚ ਖਿਲਾਰ ਦਿਓ । 15 ਮਿੰਟ ਬਾਅਦ ਉਸ ਦਾ ਪਾਸਾ ਪਰਤ ਦਿਓ, ਤਾਂ ਕਿ ਦੋਹਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੁੱਕ ਜਾਏ ।

ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰਨਾ-
1. ਇਕ ਮੇਜ਼ ਉੱਪਰ ਤਹਿ ਕਰਕੇ ਕੰਬਲ ਜਾਂ ਖੇਸ ਵਿਛਾਓ ਅਤੇ ਉੱਤੇ ਇਕ ਸਾਫ਼ ਚਿੱਟੀ ਚਾਦਰ ਵਿਛਾ ਦਿਓ ।
2. ਪ੍ਰੈੱਸ ਨੂੰ ਹਲਕੀ ਗਰਮ ਕਰੋ ।
3. ਬਲਾਊਜ਼ ਨੂੰ ਪੁੱਠਾ ਕਰਕੇ ਸਿਲਾਈ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸੇ ਅਤੇ ਦੂਸਰੇ ਹਿੱਸੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰ ਲਓ। ਹੱਕਾਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਪੈਂਸ ਨਾ ਫੇਰੋ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ 1
4. ਬਾਂਹ ਨੂੰ ਸਲੀਵ ਬੋਰਡ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ । ਜੇ ਕਰ ਸਲੀਵ ਬੋਰਡ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਅਖ਼ਬਾਰ ਜਾਂ ਤੌਲੀਏ ਨੂੰ ਰੋਲ ਕਰਕੇ ਬਾਂਹ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ । 5. ਬਲਾਊਜ਼ ਦੇ ਬਾਕੀ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਪਾਸਿਓਂ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ ।. 6. ਬਾਹਾਂ ਨੂੰ ਪੋਲਾ ਜਿਹਾ ਅਗਲੇ ਪਾਸੇ ਵੱਲ ਮੋੜ ਦਿਓ । 7. ਬਲਾਊਜ਼ ਨੂੰ ਤਹਿ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਐੱਸ ਨਾ ਕਰੋ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਟੈਰਾਲੀਨ ਦੀ ਕਮੀਜ਼ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ? ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਧੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤਿਆਰੀ-ਕਮੀਜ਼ ਦੀਆਂ ਜੇਬਾਂ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇਖੋ । ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੈਸੇ, ਪੈਂਨ ਜਾਂ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਕੱਢ ਲਓ । ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਦਾਗ ਲੱਗਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਤਾਰ ਲਓ । ਜੇਕਰ ਕਿਧਰੋਂ ਫਟਿਆ ਹੋਇਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰ ਲਓ ।

ਧੋਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ – ਸਾਬਣ ਵਾਲੇ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਮਲ ਕੇ ਧੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਕਾਲਰ ਅਤੇ ਕਫ਼ ਸਾਫ਼ ਨਾ ਹੋਣ ਤਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੇ ਬੁਰਸ਼ ਨਾਲ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਰਗੜੋ ।
ਹੰਘਾਲਣਾ – ਕੋਸੇ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰੀ ਹੰਘਾਲੋ ।
ਨਿਚੋੜਨਾ ਅਤੇ ਸੁਕਾਉਣਾ – ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਦਬਾ ਕੇ ਪਾਣੀ ਨਿਚੋੜੋ ਅਤੇ ਹੈਂਗਰ ਵਿਚ ਲਟਕਾ ਕੇ ਤਾਰ ਨਾਲ ਟੰਗ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਹੱਥ ਨਾਲ ਕਾਲਰ ਅਤੇ ਕਫ਼ ਸਿੱਧੇ ਕਰ ਲੈਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ 2
ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰਨਾ-
1. ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਲਕੀ ਗਰਮ ਪ੍ਰੈੱਸ ਨਾਲ ਕਾਲਰ ਅਤੇ ਯੋਕ ਨੂੰ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਬਣਾਉਟੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਣਾਏ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਲਾਈ 3
2. ਬਾਹਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰੋ ।
3. ਅਗਲਾ ਅਤੇ ਪਿਛਲਾ ਪਾਸਾ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਰਕੇ ਕਮੀਜ਼ ਨੂੰ ਤਹਿ ਕਰ ਲਓ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਬੱਚੇ ਲਈ ਬਿੱਬ ਬਣਾਉਣਾ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਬੱਚੇ ਲਈ ਬਿੱਬ ਬਣਾਉਣਾ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਬੱਚੇ ਲਈ ਬਿੱਬ ਬਣਾਉਣਾ

ਉਮਰ-ਜਨਮ ਤੋਂ 1 ਸਾਲ ਤਕ
ਨਾਪ-ਛਾਤੀ 18″
ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦਾ ਨਾਪ ਪਹਿਲਾਂ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾ ਕਰ ਲਵੋ।
ਬਿੱਬ ਦੀ ਚੌੜਾਈ= ਛਾਤੀ ਦਾ 1 .
\(\frac{1}{6}\) +1/36 = 3 \(\frac{1}{2}\) ”
ਬਿੱਬ ਦੀ ਲੰਬਾਈ= ਛਾਤੀ ਦਾ
\(\frac{1}{3}+\frac{1}{12}=7 \frac{1}{2}\) ”
ਉ ਅ=ਬੲ ਸ=3\(\frac{1}{2}\) ”
ਉੲ=ਅ ਸ=7 \(\frac{1}{2}\)”
ਉ ਗ=ਉ ਚ=\(\frac{1}{2}\)”
ਗ ਹ=ਹ ਖ=1\(\frac{1}{2}\)
ਹ ਕ=1/12″ ਛਾਤੀ=1\(\frac{1}{2}\) ”
PSEB 7th Class Home Science Practical ਬੱਚੇ ਲਈ ਬਿੱਬ ਬਣਾਉਣਾ 1
ਅ ਸ ਨੂੰ 2 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡੋ ਅਤੇ ਝ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ। ਝ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਇੰਚ ਬਾਹਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਲਓ ਅਤੇ ਘ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਉ |

ਗ, ਚ ਨੂੰ ਸਿੱਧੀ ਲਾਈਨ ਨਾਲ ਮਿਲਾਓ | ਚ, ਘ, ਨੂੰ ਗੋਲਾਈ ਨਾਲ ਮਿਲਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖ, ਕ ਅਤੇ ਗ ਨੂੰ ਗੋਲਾਈ ਵਿਚ ਮਿਲਾਓ । ਬਿੱਬ ਨੂੰ ਗ, ਚ, ਘ, ਈ, ਖ, ਕ, ਗ, ਲਾਈਨਾਂ ਤੇ ਕੱਟ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ।

ਸਿਲਾਈ-ਸਾਰੇ ਪਾਸਿਓਂ ਬਰੀਕ ਬਰੀਕ ਮੋੜ ਕੇ ਉਲ਼ੇੜ ਲਓ ।’\(\frac{1}{2}\) ” ਚੌੜੀ ਲੇਸ ਸਾਰੇ ਪਾਸੇ ਰਨ ਐਂਡ ਬੈਕ ਟਾਂਕੇ ਨਾਲ ਲਗਾਓ  ਬਿੱਬ ਦੇ ਨਾਲ ਦਾ ਕੱਪੜਾ ਲੈ ਕੇ \(\frac{3}{8}\) ਚੌੜੀਆਂ ਅਤੇ 6” ਲੰਬੀਆਂ ਦੋ ਤਣੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਪਿੱਛੋਂ ਲੱਗਾ ਦਿਓ ।

ਕੱਪੜਾ-25×25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਤੌਲੀਏ ਵਾਲਾ ਕੱਪੜਾ ਜਾਂ 25×50 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਪਾਪਲੀਨ । ਨੋਟ- ਜੇਕਰ ਪਾਪਲੀਨ ਵਰਤੀ ਜਾਏ ਤਾਂ ਦੋ ਬਿੱਬ ਕੱਟਦੇ ਹਨ, ਸਾਰੇ ਪਾਸੇ \(\frac{1}{4}\) ‘ ਸਿਲਾਈ ਦਾ ਹੱਕ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਦੋਨੋਂ ਹਿੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਅੰਦਰ ਦੀ ਸਿਲਾਈ ਕਰੋ । ਸਿੱਧਾ ਕਰਕੇ ਲੇਸ ਲਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

ਚੌਲ ਉਬਾਲਣਾ
ਸਮਾਨ-
ਵਧੀਆ ਚੌਲ – 1 ਗਿਲਾਸ
ਪਾਣੀ – 2 ਗਿਲਾਸ
ਨਮਕ – ਅੱਧਾ ਚਮਚਾ

ਵਿਧੀ – ਇਕ ਗਿਲਾਸ ਭਰ ਕੇ ਚੌਲ ਲੈ ਲਓ | ਥਾਲੀ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਚੁਣ ਲਉ ਅਤੇ ਧੋ ਲਵੋ । ਇਕ ਪਤੀਲੇ ਵਿਚ ਦੋ ਗਿਲਾਸ ਪਾਣੀ ਪਾ ਕੇ ਉਬਾਲੋ । ਇਸ ਵਿੱਚ ਚੌਲ ਅਤੇ ਨਮਕ ਪਾ ਦਿਓ। ਪਤੀਲੇ ਨੂੰ ਢੱਕ ਦਿਓ । ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕਣ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਦੋ ਦਾਣੇ ਚੌਲ ਖਾ ਕੇ ਦੇਖੋ । ਜੇ ਪਾਣੀ ਵਧ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਢਕਣ ਉਤਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਜੇ ਕਰ ਪਾਣੀ ਘਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਪਤੀਲਾ ਤਵੇ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਸੇਕ ਘੱਟ ਕਰ ਦਿਓ | ਮਰਜ਼ੀ ਅਨੁਸਾਰ ਚੌਲਾਂ ਵਿਚ ਘਿਓ ਦਾ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਚਮਚ ਭਰ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ । ਚੌਲ ਬਣ ਜਾਣ ਤੇ ਕਿਸੇ ਤਰੀ ਵਾਲੀ ਸਬਜ਼ੀ, ਦਾਲ, ਰਾਜਮਾਂਹ ਆਦਿ ਨਾਲ ਪਰੋਸੋ।

ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਵਿਧੀ
ਮਟਰ ਪਨੀਰ ਦੀ ਰਸਦਾਰ ਸਬਜ਼ੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਮਟਰ ਫਲੀ – 500 ਗਰਾਮ
ਪਨੀਰ – 200 ਗਰਾਮ
ਪਿਆਜ਼ – 2 ਵੱਡੇ
ਅਦਰਕ – ਇਕ ਵੱਡਾ ਟੁਕੜਾ
ਲੱਸਣ – 3-4 ਤੁਰੀਆਂ
ਹਰੀ ਮਿਰਚ – 3
ਦਹੀਂ – ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ
ਨਮਕ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਟਮਾਟਰ – 2
ਲਾਲ ਮਿਰਚ ਪੀਸੀ ਹੋਈ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਹਲਦੀ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਧਨੀਆ ਪੀਸਿਆ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਹਰਾ ਧਨੀਆ – ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ
ਘਿਓ – ਤਲਣ ਤੇ ਸਬਜ਼ੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ

ਵਿਧੀ – ਮਟਰ ਦੇ ਦਾਣੇ ਕੱਢ ਲਓ | ਪਨੀਰ ਟੁਕੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੜਾਹੀ ਵਿਚ ਗੁਲਾਬੀ ਰੰਗ ਦਾ ਤਲ ਲਓ। ਪਿਆਜ਼, ਅਦਰਕ ਤੇ ਲੱਸਣ ਨੂੰ ਪੀਸ ਕੇ ਮਸਾਲੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਮਸਾਲਾ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਉ । ਦੇਗਚੀ ਵਿਚ ਘਿਓ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਮਸਾਲਾ ਭੁੰਨ ਲਓ ।ਉਸੇ ਵਿਚ ਦਹੀਂ ਤੇ ਟਮਾਟਰ ਪਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁੰਨ ਲਓ, ਭੰਨ ਜਾਣ ਤੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਛਿੱਟੇ ਮਾਰ ਕੇ ਹੋਰ ਭੁੰਨੋ । ਅਜਿਹਾ ਦੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰੀ ਕਰੋ । ਜਦੋਂ ਮਸਾਲਾ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁੱਜ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਮਟਰ ਤੇ ਪਨੀਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਉਸ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਭੁੰਨ ਲਓ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਤੇ ਨਮਕ ਪਾ ਕੇ ਢੱਕ ਦਿਓ । ਮਟਰ ਦੇ ਗਲ ਜਾਣ ਤੇ ਗਰਮ ਮਸਾਲਾ ਤੇ ਹਰਾ ਧਨੀਆ ਪਾ ਕੇ ਉਤਾਰ ਲਓ । ਜੇਕਰ ਸਬਜ਼ੀ ਤੇ ਰੰਗ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਘਿਓ ਕਟੋਰੀ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ । ਥੱਲੇ ਉਤਾਰ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਰਤਨ ਜੋਤ ਪਾ ਦਿਓ । ਥੋੜ੍ਹੀ ਦੇਰ ਵਿਚ ਉਸ ਦਾ ਰੰਗ ਲਾਲ ਘਿਓ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗਾ । ਘਿਓ ਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਵਿਚ ਛਾਣ ਕੇ ਸਬਜ਼ੀ ਦੇ ਉੱਪਰ ਪਾ ਕੇ ਹਿਲਾਓ ।
ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ-4-5 ਆਦਮੀਆਂ ਲਈ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

ਆਲੂ ਦਮ
ਸਾਮਾਨ-
ਆਲੂ – 500 ਗਰਾਮ
ਪਿਆਜ਼ – 2
ਅਦਰਕ – 1 ਟੁਕੜਾ
ਟਮਾਟਰ – 1 ਵੱਡਾ
ਜ਼ੀਰਾ, ਹਲਦੀ ਲਾਲ ਮਿਰਚ ਧਨੀਆ ਚੂਰਨ ਰੂਪ ਵਿਚ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਨਮਕ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਗਰਮ ਮਸਾਲਾ – 1/2 ਚਮਚ
ਘਿਓ – ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਤਲਣ ਲਈ ਅਤੇ ਮਸਾਲਾ ਭੁੰਨਣ ਲਈ
ਹਰਾ ਧਨੀਆ – ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ

ਵਿਧੀ – ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਛਿੱਲ ਲਉ । ਹੁਣ ਹਰ ਇਕ ਆਲੂ ਨੂੰ ਕਾਂਟੇ ਨਾਲ ਘੁਮਾ-ਘੁਮਾ ਕੇ ਗੋਦ ਲਓ ਕੜਾਹੀ ਵਿਚ ਘਿਓ ਪਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ । ਇਸ ਘਿਓ ਵਿਚ ਗੋਦੇ ਹੋਏ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਸੁਰਖ਼ ਹੋਣ ਤਕ ਤਲ ਲਓ। ਪਿਆਜ਼, ਅਦਰਕ ਅਤੇ ਹੋਰ ਮਸਾਲੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਮਿਕਸੀ ਵਿਚ ਜਾਂ ਸਿਲਵੱਟੇ ਤੇ ਗਿੱਲਾ ਮਸਾਲਾ ਤਿਆਰ ਕਰੋ । ਹੁਣ ਮਸਾਲੇ ਨੂੰ ਘਿਓ ਵਿਚ ਕੁੰਨੋ । ਭੁੰਨਦੇ ਸਮੇਂ ਟਮਾਟਰ ਨੂੰ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਟੁਕੜੇ ਕਰ ਕੇ ਮਸਾਲੇ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਦਿਓ । ਟਮਾਟਰ ਇਕ ਦਮ ਮਿਲ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ ਦਹੀਂ ਵੀ ਪਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਭੰਨਦੇ ਸਮੇਂ ਮਸਾਲੇ ਨੂੰ ਕੜਛੀ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ । ਹੁਣ ਤਲੇ ਹੋਏ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਭੁੰਨੇ ਹੋਏ ਮਸਾਲੇ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਓ | ਪਾਣੀ ਨਾ ਪਾਓ | ਮੱਧਮ ਅੱਗ ਤੇ ਪਕਾਓ । ਆਲੂਆਂ ਦੇ ਗਲ ਜਾਣ ਤੋਂ ਗਰਮ ਮਸਾਲਾ ਅਤੇ ਹਰਾ ਧਨੀਆ ਪਾ ਕੇ ਉਤਾਰ ਲਓ ।
ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ-4 ਆਦਮੀਆਂ ਲਈ ।

ਬੈਂਗਣ ਦਾ ਭਰਥਾ
ਸਾਮਾਨ-
ਗੋਲ ਬੈਂਗਣ – 200 ਗਰਾਮ
ਪਿਆਜ਼ – 1
ਟਮਾਟਰ – 1
ਅਦਰਕ – 1 ਟੁਕੜਾ
ਨਮਕ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਜ਼ੀਰਾ – 1/2 ਚਮਚ
ਹਲਦੀ ਚੂਰਨ – 1/2 ਛੋਟਾ ਚਮਚ
ਧਨੀਆ – 1/2 ਛੋਟਾ ਚਮਚ
ਹਰੀ ਮਿਰਚ – 2
ਹਰਾ ਧਨੀਆ – ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ
ਘਿਓ – 2 ਚਮਚ

ਵਿਧੀ – ਗੋਲ ਬੈਂਗਣ ਨੂੰ ਥੋੜਾ ਚੀਰ ਕੇ ਵੇਖ ਲਓ ਕਿ ਉਹ ਅੰਦਰੋਂ ਖ਼ਰਾਬ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਕੋਈ ਕੀੜਾ ਆਦਿ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਅੱਗ ਤੇ ਭੁੰਨ ਲਓ । ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁੱਜ ਜਾਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਉਸ ਦਾ ਛਿਲਕਾ ਉਤਾਰ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਹੱਥ ਨਾਲ ਮਲ ਦਿਓ । ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੱਕਿਆ ਹੋਇਆ ਬੈਂਗਣ ਹੱਥ ਨਾਲ ਮਸਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪਿਆਜ਼ ਤੇ ਅਦਰਕ ਛਿੱਲ ਲਓ । ਪਿਆਜ਼, ਅਦਰਕ ਤੇ ਹਰੀ ਮਿਰਚ ਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੱਟ ਲਓ । ਟਮਾਟਰ ਨੂੰ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਟੁਕੜੇ ਕਰਕੇ ਕੱਟ ਲਓ । ਕੜਾਹੀ ਵਿਚ ਘਿਓ ਪਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ । ਇਸ ਵਿਚ ਜ਼ੀਰੇ ਦਾ ਤੜਕਾ ਲਾ ਕੇ ਪਿਆਜ਼, ਅਦਰਕ, ਹਰੀ ਮਿਰਚ ਪਾ ਕੇ ਭੁੰਨੋ | ਹਲਦੀ ਮਿਰਚ ਨਮਕ ਵੀ ਪਾ ਦਿਓ । ਭੁੰਨਦੇਭੰਨਦੇ ਹੀ ਟਮਾਟਰ ਪਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ । ਜਦੋਂ ਮਸਾਲਾ ਸੁਰਖ਼ ਹੋ ਜਾਵੇ ਬੈਂਗਣ ਦਾ ਕੁਚਲਾ ਪਾ ਕੇ ਖੂਬ ਮਿਲਾ ਕੇ ਮੱਧਮ ਅੱਗ ਤੇ ਥੋੜ੍ਹੀ ਦੇਰ ਪਕਾਓ। ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੱਕਣ ਜਾਂ ਭੰਨਣ ਤੇ ਹਰੇ ਧਨੀਆਂ ਦੀਆਂ ਪੱਤੀਆਂ ਕੱਟ ਕੇ ਛਿੜਕ ਕੇ ਪਰੋਸੋ । ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ ਖਟਾਈ ਚੂਰਨ ਜਾਂ ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ-2-3 ਆਦਮੀਆਂ ਲਈ ।
ਜੇਕਰ ਪਿਆਜ਼ ਨਾ ਪਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਘਿਓ ਜਾਂ ਤੇਲ ਵਿਚ ਹਿੰਗ ਜਾਂ ਰਾਈ, ਜੀਰੇ ਅਤੇ ਮਿਰਚ ਦਾ ਛੱਕ ਦੇ ਕੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਦਹੀਂ, ਖਟਾਈ ਚੂਰਨ ਜਾਂ ਟਮਾਟਰ ਭੁੰਨ ਲਓ । ਇਸ ਵਿਚ ਪ੍ਰੈਕਟੀਕਲ ਬੈਂਗਣ (ਭਰਥਾ) ਅਤੇ ਨਮਕ ਪਾ ਕੇ ਭੁੰਨੋ । ਭੁੱਜ ਜਾਣ ਤੇ ਉਸ ਵਿਚ ਹਰੇ ਧਨੀਆਂ ਦੀਆਂ ਪੱਤੀਆਂ ਕੱਟ ਕੇ ਛਿੜਕ ਦਿਓ ।

ਨੋਟ – ਆਲੂ, ਕੇਲਾ, ਅਰੂਈ, ਜਿੰਮੀਕੰਦ, ਮਟਰ, ਛੋਲੇ ਆਦਿ ਦੇ ਭਰਥੇ ਦੇ ਲਈ ਉਸ ਨੂੰ ਉਬਾਲ ਕੇ ਕੁਚਲ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਕੁਚਲੀ ਹੋਈ ਸਬਜ਼ੀ ਜਾਂ ਭਰਥੇ, ਬੈਂਗਣ ਦੇ ਭਰਥੇ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਫੁੱਲ ਗੋਭੀ-ਆਲੂ
ਸਾਮਾਨ-
ਫੁੱਲ ਗੋਭੀ – 1 ਫੁੱਲ
ਆਲੂ – 250 ਗਰਾਮ
ਪਿਆਜ਼ – 2
ਲੱਸਣ – 2-3 ਟੁਕੜੇ
ਖਟਾਈ ਚੂਰਨ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਜ਼ੀਰਾ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚੇ
ਹਲਦੀ ਚੂਰਨ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਹਰਾ ਧਨੀਆ – ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ
ਨਮਕ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਗਰਮ ਮਸਾਲਾ – 1/2 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਅਦਰਕ – 1 ਟੁਕੜਾ
ਹਰੀ ਮਿਰਚ – 2
ਘਿਓ – 2 ਚਮਚ

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

ਵਿਧੀ – ਆਲੂ ਧੋ ਕੇ, ਪਤਲਾ ਛਿੱਲ ਕੇ ਮੱਧਮ ਆਕਾਰ ਦੇ ਟੁਕੜਿਆਂ ਵਿਚ ਕੱਟ ਲਓ । ਫੁੱਲ ਗੋਭੀ ਨੂੰ ਵੀ ਮੱਧਮ ਆਕਾਰ ਦੇ ਟੁਕੜਿਆਂ ਵਿਚ ਕੱਟ ਕੇ ਧੋ ਲਓ । ਪਿਆਜ਼, ਲੱਸਣ, ਅਦਰਕ ਨੂੰ ਛਿੱਲ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕੱਟ ਲਓ | ਹਰੀ ਮਿਰਚ ਵੀ ਬਰੀਕ ਕੱਟ ਲਓ | ਕੜਾਹੀ ਜਾਂ ਪਤੀਲੀ ਵਿਚ ਘਿਓ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਅਤੇ ਜ਼ੀਰੇ ਦਾ ਸ਼ੌਕ ਦੇ ਕੇ ਪਿਆਜ਼, ਲੱਸਣ, ਅਦਰਕ ਅਤੇ ਹਰੀ ਮਿਰਚ ਨੂੰ ਭੁੰਨੋ । ਇਸੇ ਵਿਚ ਆਲੂ ਅਤੇ ਗੋਭੀ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਪਾ ਕੇ ਕੁਝ ਦੇਰ ਤਕ ਭੁੰਨੋ । ਹਲਦੀ, ਮਿਰਚ, ਧਨੀਆ, ਨਮਕ ਆਦਿ ਮਸਾਲੇ ਵੀ ਪਾ ਦਿਓ | ਸਬਜ਼ੀ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾ ਕੇ ਢੱਕ ਕੇ ਮੱਧਮ ਅੱਗ ਤੇ ਪਕਾਓ | ਆਲੂ ਅਤੇ ਗੋਭੀ ਗਲ ਜਾਣ ਤੇ ਉਸ ਵਿਚ ਗਰਮ ਮਸਾਲਾ ਅਤੇ ਖਟਾਈ ਚੂਰਨ ਪਾ ਕੇ 5-10 ਮਿੰਟ ਤਕ ਅੱਗ ਤੇ ਰਹਿਣ ਦਿਓ । ਫਿਰ ਉਤਾਰ ਲਓ ।

ਨੋਟ – ਸਿਰਫ਼ ਗੋਭੀ ਦੀ ਸਬਜ਼ੀ ਬਣਾਉਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਆਲੂ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗੋਭੀ, ਮਟਰ, ਪਰਵਲ ਅਤੇ ਆਲੂ ਆਦਿ ਦੀ ਸਬਜ਼ੀ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

ਪਤਲੀ ਖਿਚੜੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਚੌਲ – 1 ਕਟੋਰੀ
ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਧੋਤੀ ਦਾਲ – 1/2 ਕਟੋਰੀ
ਜ਼ੀਰਾ – 1 ਚਮਚ
ਪਿਆਜ਼ – 1/2
ਨਮਕ – 1/2 ਚਮਚ
ਪਾਣੀ – ਪੰਜ ਕਟੋਰੀਆਂ

ਵਿਧੀ – ਦਾਲ ਅਤੇ ਚੌਲਾਂ ਨੂੰ ਚੁਣ ਕੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਭਿਉਂ ਲਵੋ । ਪੰਜ ਕਟੋਰੀਆਂ ਪਾਣੀ ਉਬਾਲ ਕੇ ਦਾਲ ਨੂੰ 10-15 ਮਿੰਟ ਪਕਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਚੌਲ ਪਾ ਦਿਓ । ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਨਮਕ, ਜ਼ੀਰਾ ਅਤੇ ਕੱਟਿਆ ਹੋਇਆ ਪਿਆਜ਼ ਵੀ ਪਾ ਦਿਓ । ਪਤੀਲੇ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਪਕਾਓ ਤਾਂ ਕਿ ਚੌਲ ਅਤੇ ਦਾਲ ਗਲ ਕੇ ਆਪਸ ਵਿਚ ਮਿਲ ਜਾਣ । ਇਹ ਖਿਚੜੀ ਪਤਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਬਿਮਾਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਰੋਗੀ ਪਚਾ ਸਕੇ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਘਿਓ ਵੀ ਪਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
ਨੋਟ – ਇਸ ਵਿਚ ਵਧੇਰੇ ਮਿਰਚ, ਮਸਾਲੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ।

ਦਲੀਆ
ਸਾਮਾਨ-
ਦਲੀਆ – 1 ਵੱਡਾ ਚਮਚ
ਪਾਣੀ – 1 ਗਿਲਾਸ ਜਾਂ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਖੰਡ ਤੇ ਦੁੱਧ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਜੇ ਮਿੱਠਾ ਬਣਾਉਣਾ ਹੋਵੇ) ।
ਨਮਕ ਤੇ ਨਿੰਬੂ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ (ਜੇ ਨਮਕੀਨ ਬਣਾਉਣਾ ਹੋਵੇ)

ਵਿਧੀ – ਦਲੀਏ ਨੂੰ ਬਰਤਨ ਵਿਚ ਖੂਬ ਭੁੰਨ ਲਓ। ਗੁਲਾਬੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋ ਜਾਣ ਤੇ ਉਬਲਦੇ ਹੋਏ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਪਕਾਓ । ਜਦੋਂ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੱਕ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਤੇ ਖੰਡ ਮਿਲਾ ਕੇ ਰੋਗੀ ਨੂੰ ਦਿਓ । ਜੇ ਬਿਮਾਰ ਨਮਕੀਨ ਖਾਣਾ ਚਾਹਵੇ ਤਾਂ ਦਲੀਏ ਵਿਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਨਮਕ, ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ ਤੇ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
ਨੋਟ – ਇਹ ਤਾਕਤਵਰ ਹਲਕਾ ਭੋਜਨ ਹੈ ਇਸ ਵਿਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ, ਕਾਰਬੋਹਾਈਡਰੇਟ ਤੇ ਲਵਣ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਬਿਮਾਰ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਨਾਸ਼ਤੇ ਵਿਚ ਵੀ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਸਾਬੂਦਾਣੇ ਦੀ ਖੀਰ
ਸਾਮਾਨ-
ਸਾਬੂਦਾਣਾ – 1 ਜਾਂ 2 ਵੱਡੇ ਚਮਚ
ਦੁੱਧ – 2 ਕੱਪ
ਖੰਡ – 1 ਚਮਚ ਜਾਂ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ

ਵਿਧੀ – ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਾਬੂਦਾਣੇ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕਰ ਲਓ । ਉਬਲਦੇ ਹੋਏ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਇੰਨਾ ਪਕਾ ਲਓ ਕਿ ਸਾਬੂਦਾਣਾ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲ ਜਾਵੇ, ਹੁਣ ਦੁੱਧ ਜਾਂ ਖੰਡ ਮਿਲਾ ਕੇ ਰੋਗੀ ਨੂੰ ਖਾਣ ਲਈ ਦਿਓ ।
ਨੋਟ – ਸਾਬੂਦਾਣਾ ਇਕ ਹਲਕਾ ਤੇ ਛੇਤੀ ਹਜ਼ਮ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਸੁਆਦੀ ਭੋਜਨ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਕਾਰਬੋਹਾਈਡਰੇਟ ਤੇ ਲਵਣ ਮਿਲਦੇ ਹਨ | ਬੁਖ਼ਾਰ ਜਾਂ ਗਲੇ ਵਿਚ ਦਰਦ ਹੋਣ ਤੇ ਇਹ ਰੋਗੀ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

ਸਾਦੀ ਕਾਫੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਕਾਫੀ ਪਾਊਡਰ – 1/2 ਤੋਂ 3/4 ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਚੀਨੀ – 1 ਤੋਂ 1\(\frac { 1 }{ 2 }\) ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਗਰਮ ਦੁੱਧ – 2-1 ਵੱਡੇ ਚਮਚ
ਉਬਲਦਾ ਹੋਇਆ ਪਾਣੀ – 1 ਕੱਪ

ਵਿਧੀ – ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਉਬਾਲ ਲਓ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਗਰਮ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਕੇਤਲੀ ਵਿਚ ਪਾਓ । ਜਿਵੇਂ ਗਰਮ ਚਾਹ ਦੇ ਲਈ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਕਾਫੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਕਾਫੀ ਪਾਊਡਰ ਨੂੰ ਕੱਪ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਗਰਮ ਪਾਣੀ ਪਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਹਿਲਾਓ । ਇਸ ਵਿਚ ਗਰਮ ਦੁੱਧ ਤੇ ਚੀਨੀ ਪਾ ਕੇ ਪਰੋਸੋ ।

ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ -1 ਕੱਪ
ਐੱਸ ਪਰੈਸੋ ਕਾਫੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਕਾਫੀ ਪਾਊਡਰ – 3/4 ਛੋਟਾ ਚਮਚ
ਚੀਨੀ – 1\(\frac { 1 }{ 2 }\) ਛੋਟੇ ਚਮਚ
ਦੁੱਧ – 1/2 ਕੱਪ
ਪਾਣੀ – 1/2 ਕੱਪ
ਚਾਕਲੇਟ ਪਾਊਡਰ – ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ

ਵਿਧੀ – ਕੱਪ ਵਿਚ ਕਾਫੀ ਅਤੇ ਖੰਡ ਪਾ ਕੇ ਥੋੜੇ ਜਿਹੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਉਸ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਫੈਂਟੋ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਕੇ ਉਬਾਲੋ । ਉਬਲਿਆ ਹੋਇਆ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਫੈਂਟੀ ਹੋਈ ਕਾਫੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਉਪਰੋਂ ਥੋੜਾ ਜਿਹਾ ਚਾਕਲੇਟ ਪਾਉਡਰ ਪਾ ਕੇ ਪਰੋਸੋ ।
ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ-1 ਕੱਪ

ਠੰਢੀ ਕਾਫੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਦੁੱਧ – 1 ਕੱਪ
ਕਾਫੀ ਪਾਊਡਰ – 1 ਛੋਟਾ ਚਮਚ
ਚੀਨੀ – 1\(\frac { 1 }{ 2 }\) ਛੋਟੇ ਚਮਚ

ਵਿਧੀ – ਦੁੱਧ ਨੂੰ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠੰਢਾ ਕਰ ਲਓ । ਕਾਫੀ ਪਾਊਡਰ ਅਤੇ ਚੀਨੀ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਦੁੱਧ ਪਾਓ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾਓ। ਹੁਣ ਇਸ ਵਿਚ ਬਰਫ਼ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾ ਲਓ । ਜੇ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਉੱਪਰ ਦੇ ਮਿਸ਼ਰਨ ਨੂੰ ਮਿਕਸੀ ਵਿਚ ਫੈਂਟ ਲਓ । ਪਰੋਸਦੇ ਸਮੇਂ ਜੇਕਰ ਚਾਹੋ ਤਾਂ ਉੱਪਰ ਕਰੀਮ ਜਾਂ ਆਈਸ ਕਰੀਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ।
ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ-1 ਛੋਟਾ ਗਿਲਾਸ

ਨਿਬੂ ਵਾਲੀ ਠੰਢੀ ਚਾਹ
ਸਾਮਾਨ-
ਚਾਹ ਦੀ ਪੱਤੀ -3/4 ਛੋਟਾ ਚਮਚ
ਉਬਲਿਆ ਹੋਇਆ ਪਾਣੀ -1 ਕੱਪ
ਚੀਨੀ, ਨਿਬੂ – ਸਵਾਦ ਅਨੁਸਾਰ
ਬਰਫ਼ -ਕੁਝ ਟੁਕੜੇ

PSEB 7th Class Home Science Practical ਕੁਝ ਭੋਜਨ ਨੁਸਖੇ

ਵਿਧੀ – ਗਰਮ ਚਾਹ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਚਾਹ ਬਣਾ ਕੇ ਛਾਣ ਦਿਓ । ਇਸ ਵਿਚ ਚੀਨੀ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕੁੱਟੀ ਹੋਈ ਬਰਫ਼ ਪਾ ਦਿਓ । ਹੁਣ ਇਸ ਨੂੰ ਨਿੰਬੂ ਦੇ ਨਾਲ ਪਰੋਸੋ । ਕੁੱਲ ਮਾਤਰਾ -1 ਛੋਟਾ ਗਿਲਾਸ

ਸ਼ਿਕੰਜ਼ਵੀ
ਸਾਮਾਨ-
ਨਿੰਬੂ – 2
ਪਾਣੀ – 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਚੀਨੀ
ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ – ਸੁਆਦ ਅਨੁਸਾਰ
ਬਰਫ਼ – ਠੰਢੀ ਕਰਨ ਲਈ

ਵਿਧੀ – ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਖੰਡ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾਓ । ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਨਿੰਬੂ ਦਾ ਰਸ ਮਿਲਾ ਦਿਓ । ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਛਾਣ ਕੇ ਅਤੇ ਸੁਆਦ ਅਨੁਸਾਰ ਨਮਕ ਤੇ ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ ਪਾਓ । ਠੰਢੀ ਕਰਨ ਲਈ ਬਰਫ਼ ਪਾਓ । ਸ਼ਿਕੰਜਵੀ ਤਿਆਰ ਹੈ, ਕੱਚ ਦੇ ਗਿਲਾਸਾਂ ਵਿਚ ਪਰੋਸੋ।

ਲੱਸੀ
ਸਾਮਾਨ+
ਦਹੀਂ – 100 ਗਰਮ
ਪਾਣੀ – 1 ਗਿਲਾਸ
ਚੀਨੀ ਜਾਂ ਨਮਕ – ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ
ਵਿਧੀ – ਦਹੀਂ ਨੂੰ ਡੂੰਘੇ ਬਰਤਨ ਜਿਵੇਂ ਗੜਵੀ ਜਾਂ ਜੱਗ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਲੱਕੜ ਦੀ ਮਧਾਣੀ ਜਾਂ ਬਿਜਲੀ ਵਾਲੀ ਮਧਾਣੀ ਨਾਲ ਰਿੜਕੋ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਪਾ ਦਿਓ । ਪਾਣੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਥੋੜ੍ਹੀ ਦੇਰ ਲਈ ਫਿਰ ਰਿੜਕੋ ਇਸ ਵਿਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਚੀਨੀ ਜਾਂ ਨਮਕ ਪਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਬਰਫ਼ ਪਾ ਕੇ ਠੰਡੀ ਕਰਕੇ ਪੀਣ ਲਈ ਦਿਓ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਜਾਂਘੀਆ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਜਾਂਘੀਆ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਜਾਂਘੀਆ

PSEB 7th Class Home Science Practical ਜਾਂਘੀਆ 1
ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦਾ ਨਾਪ-ਲੰਬਾਈ 22′ ਚੌੜਾਈ 16”
1. ਚੌੜਾਈ ਵੱਲੋਂ ਕਾਗਜ਼ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ।
2. ਲੰਬਾਈ ਵੱਲੋਂ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਨੂੰ ਦੂਹਰਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਜਾਂਘੀਆ
ਦੋ ਵਾਰੀ ਦੁਹਰੇ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਖੱਬੇ ਪਾਸੇ ਅਤੇ ਇਕ ਵਾਰੀ ਦੁਹਰੇ ਕੀਤੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਹੇਠਲੇ ਪਾਸੇ ਰੱਖੋ | ਚਾਰੇ ਕੋਨਿਆਂ ਤੇ ਉ, ਅ, ੲ, ਸ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।

  • ਉ, ਅ ਨੂੰ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ ਹ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਏ, ਸ, ਨੂੰ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ, ਕ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਹ ਅਤੇ ਕ ਨੂੰ ਸਿੱਧੀ ਲਾਈਨ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਦਿਓ ।
  • ਉ, ਅਤੇ ਅ, ਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਬਰਾਬਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ ਲਾਈਨਾਂ ਲਗਾ ਦਿਓ ।
  • ਉ ਤੋਂ 1” ਹੇਠਾਂ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾ ਕੇ ਖ ਦਾ ਨਾਂ ਦਿਓ ।
  • ਅ ਤੋਂ 1” ਅੰਦਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਲਉ ਅਤੇ ਗ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਖ ਅਤੇ ਗ ਨੂੰ ਥੋੜ੍ਹੀ ਜਿਹੀ ਗੋਲਾਈ ਵਾਲੀ ਲਾਈਨ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਦਿਓ ।
  • ਕ ਤੋਂ 1” ਸ ਵਾਲੀ ਲਾਈਨ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਘ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਸ ਤੋਂ 1 ਖਾਨਾ + 1” ਉੱਪਰ ਲੈ ਕੇ ਝ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਝ, ਗ ਨੂੰ ਸਿੱਧੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਦਿਓ ।
  • ਫਿਰ ਘ ਝ ਨੂੰ ਸਿੱਧੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਦਿਉ ।
  • ਘ, ਝ ਨੂੰ ਦੋ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਕੇ ਚ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਚ ਤੋਂ ਹੇਠਾਂ ਅੱਧਾ ਇੰਚ ਲੈ ਕੇ ਛ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਇਕ ਇੰਚ ਉੱਪਰ ਜ ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ ।
  • ਘ, ਛ ਅਤੇ ਝ ਨੂੰ ਪਿਛਲੀ ਲੱਤ ਦੀ ਗੋਲਾਈ ਦੇ ਲਈ ਗੋਲਾਈ ਵਿਚ ਮਿਲਾਓ ।
  • ਘ, ਜ ਅਤੇ ਝ ਨੂੰ ਲੱਤ ਦੀ ਅਗਲੀ ਗੋਲਾਈ ਦੇ ਲਈ ਗੋਲਾਈ ਵਿਚ ਮਿਲਾਓ ।

ਕੱਪੜਾ-36″ ਚੌੜਾਈ ਦੀ 26” ਲੰਬੀ, ਚਿੱਟੇ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕਿਸੇ ਹਲਕੇ ਰੰਗ ਦੀ ਪਾਪਲੀਨ ਜਾਂ ਕੈਂਬਰਿਕ ਲਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ । ਸਿਲਾਈ-ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਰਨ ਐਂਡ ਫੈਲ ਸਿਲਾਈ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਲੱਤ ਵਾਲੀ ਗੋਲਾਈ ਨੂੰ ਅੰਦਰ ਬਰੀਕ ਜਿਹਾ ਮੋੜ ਕੇ ਲੈਸ ਲਗਾਓ । ਕਮਰ ਤੋਂ 3/4″ ਅੰਦਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਮੋੜ ਕੇ ਉਲ਼ੇੜੀ ਕਰ ਲਓ ਅਤੇ 1/2” ਚੌੜਾ ਅਤੇ 12” ਲੰਬਾ ਇਲਾਸਟਿਕ ਪਾ ਦਿਓ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ Notes.

PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਘਰ ਵਿਚ ਬੁਣਾਈ ਕਰਨ ਨਾਲ ਕੀ ਲਾਭ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੱਪੜੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੁੰਦਰ, ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਘੱਟ ਕੀਮਤ ਤੇ ਬਣਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕੁੰਡਿਆਂ ਦੇ ਖਿਚਾਓ ਵਿਚ ਕਿਸ ਗੱਲ ਦਾ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੁੰਡਿਆਂ ਦੇ ਖਿਚਾਓ ਵਿਚ ਸਲਾਈ ਦੇ ਨੰਬਰ ਦਾ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਬੁਣਾਈ ਵਿਚ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਕੰਮ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੁੰਡੇ ਪਾਉਣੇ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਬੁਣਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਉੱਨ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਕੱਸ ਕੇ ਫੜਨ ਨਾਲ ਕੀ ਹਾਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬੁਣਾਈ ਕੱਸੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉੱਨ ਦੀ ਸੁਭਾਵਿਕਤਾ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਕੁੰਡੇ ਕਿੰਨੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੁੰਡੇ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ –

  • ਇਕ ਸਲਾਈ ਦੁਆਰਾ ਹੱਥ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਅਤੇ
  • ਦੋ ਸਲਾਈਆਂ ਨਾਲ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ ਦੀ ਵਿਧੀ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪਹਿਲਾਂ ਸਲਾਈ ਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕੁੰਡੇ ਪਾ ਲੈਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਕੁੰਡੇ ਫੰਦੇ) ਸਿੱਧੀ ਬੁਣਾਈ ਦੇ ਬਣਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ਦੂਸਰੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਪਹਿਲਾ ਕੁੰਡਾ ਸਿੱਧਾ ਫਿਰ ਸਾਰੇ ਉਲਟੇ ਅਤੇ ਆਖ਼ਰੀ ਕੁੰਡਾ ਫਿਰ ਸਿੱਧਾ ਬੁਣਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਿੰਨਾ ਚੌੜਾ ਬੁਣਨਾ ਹੋਵੇ ਉਤਨਾ ਇਹਨਾਂ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ । ਦੀ ਲਾਈਨ ਨੂੰ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਬੁਣ ਕੇ ਬਣਾ ਲੈਣਾ
PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ 1

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮੋਤੀ ਦਾਣੇ ਜਾਂ ਸਾਬੂ ਦਾਣੇ ਦੀ ਬੁਣਾਈ ਦੀ ਵਿਧੀ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕੁੰਡੇ ਸਲਾਈ ਤੇ ਪਾ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ (ਸਲਾਈ) ਵਿਚ ਇਕ ਸਿੱਧਾ, ਇਕ ਉਲਟਾ, ਇਕ ਸਿੱਧਾ, ਇਕ ਉਲਟਾ ਬੁਣਦੇ ਹੋਏ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਲਾਈ ਬੁਣ ਲਓ । ਪ੍ਰੈਕਟੀਕਲ | ਦੂਜੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਜੋ ਕੁੰਡਾ ਉਲਟਾ ਹੋਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਤੇ ਸਿੱਧੇ ਨੂੰ ਉਲਟਾ ਕੁੰਡਾ (ਵੰਦਾ) ਬੁਣਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੂਜੀ ਲਾਈਨ ਸਿੱਧੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਨਾ ਹੋ ਕੇ ਇਕ ਉਲਟੀ ਦੋ ਸਿੱਧੇ ਦੇ ਕੂਮ ਵਿਚ ਬੁਣੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਬੁਣਾਈ ਨੂੰ ਧਣੀਏ ਜਾਂ ਛੋਟੀ ਗੰਢ ਦੀ ਬੁਣਾਈ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਜੋ ਕਿ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਬੁਣਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਵਰਤਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਬੁਣਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਵਰਤਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ

  • ਕੰਡਿਆਂ ਦੀ ਖਿਚਾਈ ਵਿਚ ਸਲਾਈ ਦੇ ਨੰਬਰ ਦਾ ਬਹੁਤ ਹੱਥ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਹਮੇਸ਼ਾ ਠੀਕ ਨੰਬਰ ਦੀਆਂ ਸਲਾਈਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
  • ਮੋਟੀ ਉੱਨ ਲਈ ਮੋਟੀਆਂ ਸਲਾਈਆਂ ਅਤੇ ਬਰੀਕ ਉੱਨ ਲਈ ਪਤਲੀਆਂ ਸਲਾਈਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  • ਹੱਥ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਹੋਣ ਅਤੇ ਫੁਰਤੀ ਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਨਾਲ ਚਲਾਉਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।
  • ਉੱਨ ਨੂੰ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਫੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਹਰ ਥਾਂ ਤੇ ਖਿਚਾਅ ਇੱਕੋ ਜਿਹਾ ਰਹੇ । ਜੇ ਉੱਨ ਦੀ ਖਿਚਾਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰੱਖੀ ਜਾਏਗੀ ਤਾਂ ਕੱਪੜੇ ਦਾ ਸੁਭਾਵਿਕ ਲਚੀਲਾਪਨ ਕੁੱਝ ਸੀਮਾ ਤਕ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਜਾਏਗਾ ।
  • ਲਾਈਨ ਅਧੂਰੀ ਛੱਡ ਕੇ ਬੁਣਤੀ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  • ਜੋੜ ਕਿਸੇ ਲਾਈਨ ਦੇ ਸਿਰੇ ਤੇ ਹੀ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਵਿਚਕਾਰ ਨਹੀਂ ।
  • ਕੱਪੜਿਆਂ ਨੂੰ ਨਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਬੁਣਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ | ਆਸਤੀਨਾਂ ਤੇ ਅਗਲੇ ਭਾਗ ਦੀ ਲੰਬਾਈ ਮਿਲਾਉਣ ਲਈ ਲਾਈਨਾਂ ਹੀ ਗਿਣਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕੁੰਡੇ (ਫੰਦੇ) ਕਿੰਨੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ? ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਕੁੰਡੇ ਦੋ ਪ੍ਰਕਾਰ ਨਾਲ ਪਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ –

  1. ਸਲਾਈ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ
  2. ਹੱਥ ਨਾਲ ।

1. ਸਲਾਈ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਦੋ ਸਲਾਈ ਦੇ ਕੁੰਡੇ)-ਉੱਨ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕੋਲ ਇਕ ਲਪ ਸਰ ਫੰਦਾ ਬਣਾ ਕੇ ਸਲਾਈ ਤੇ ਚੜਾ ਲਓ । ਇਸ ਸਲਾਈ ਨੂੰ ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਫੜੋ । ਦੂਜੀ ਸਲਾਈ ਤੇ ਗੋਲੇ ਵੱਲ ਦੀ ਉੱਨ ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਲੈ ਕੇ ਸੱਜੇ ਪਾਸੇ ਦੀ ਉੱਨ ਇਸ ਨੋਕ ਤੇ ਲਪੇਟੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕੁੰਡੇ ਬਣਾ ਕੇ ਬਾਹਰ ਕੱਢੋ ਅਤੇ ਸੱਜੀ ਸਲਾਈ ਤੇ ਵੀ ਇਕ ਕੁੰਡਾ ਬਣ ਜਾਏਗਾ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ 2
ਇਸ ਕੁੰਡੇ ਨੂੰ ਖੱਬੀ ਸਲਾਈ ਤੇ ਚੜ੍ਹਾ ਲਓ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਿੰਨੇ ਕੁੰਡੇ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੋਵੇ ਪਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ।

2. ਹੱਥ ਨਾਲ (ਇਕ ਸਲਾਈ ਦੁਆਰਾ ਕੁੰਡੇ ਪਾਉਣਾ-ਜਿੰਨੇ ਕੁੰਡੇ ਪਾਉਣੇ ਹੋਣ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਉੱਨ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਛੱਡ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਦੇ ਅੰਗੂਠੇ ਤੇ ਪਹਿਲੀ | ਉਂਗਲੀ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਸਿਰਾ ਥੱਲੇ ਛੱਡ ਕੇ ਉੱਨ ਫੜੋ । ਫਿਰ ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਉੱਨ ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਦੀਆਂ ਦੋ ਉਂਗਲਾਂ ਤੇ ਲਪੇਟ ਕੇ ਫਿਰ ਅੰਗੁਠਾ ਤੇ ਪਹਿਲੀ ਉਂਗਲੀ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਲਾ ਕੇ ਪਹਿਲੇ ਧਾਗੇ ਦੇ ਉੱਪਰੋਂ ਲੈ ਕੇ ਪਿੱਛੇ ਛੱਡ ਦਿਓ । ਇਸ ਨਾਲ ਧਾਗੇ ਦੀ ਇਕ ਅੰਗੂਠੀ ਜਿਹੀ ਬਣ ਜਾਏਗੀ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ 3
ਇਸ ਧਾਗੇ ਦੀ ਅੰਗੂਠੀ ਦੇ ਅੰਦਰੋਂ ਇਕ ਸਲਾਈ ਪਾਓ ਅਤੇ ਪਿੱਛੇ ਹੋਏ ਧਾਗੇ ਦੀ ਗੋਲਾਈ ਵਿਚੋਂ ਕੱਢ ਲਓ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਲਕੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਦੋਵੇਂ ਪਾਸਿਆਂ ਦੇ ਧਾਗੇ ਨੂੰ ਖਿੱਚ ਕੇ ਸਲਾਈ ਤੇ ਕੁੰਡਾ ਫੰਦਾ ਜਮਾ ਲਓ । ਸਲਾਈ ਅਤੇ ਉੱਨ (ਗੋਲੇ ਵੱਲ ਦੀ) ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਫੜਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਖ਼ਾਲੀ ਸਿਰਾ ਫੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਸਿਰੇ ਅੰਗੂਠੇ ਤੋਂ ਲਪੇਟ ਕੇ ਕੁੰਡਾ ਜਿਹਾ ਬਣਾ ਲਓ । ਇਸ ਕੁੰਡੇ ਦੇ ਥੱਲਿਓਂ ਸਲਾਈ ਦੀ ਨੋਕ ਅੰਦਰ ਪਾਓ । ਹੁਣ ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਉੱਨ ਸਲਾਈ ਦੇ ਪਿਛਲੇ ਪਾਸਿਓਂ ਸਾਹਮਣੇ ਵੱਲ ਲੈ ਜਾਓ । ਇਸ ਧਾਗੇ ਨੂੰ ਖੱਬੇ ਅੰਗੂਠੇ ਨਾਲ ਅੰਦਰੋਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢੋ ਅਤੇ ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹੌਲੀ | ਜਿਹਾ ਖਿੱਚ ਕੇ ਧਾਗਾ ਕੱਸ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਜਿੰਨੇ ਕੁੰਡੇ ਪਾਉਣੇ ਹੋਣ ਸਲਾਈ ਤੇ ਜਮਾ ਦੇਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ‘

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਉਲਟੇ ਕੁੰਡੇ ਬੁਣਨ ਦੀ ਵਿਧੀ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਿੱਧੇ ਕੁੰਡੇ ਬੁਣਨਾ (ਸਿੱਧੀ ਬੁਣਤੀ)-ਸਿੱਧੀ ਬੁਣਤੀ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਾਫ਼ ਤੇ ਟਿਕਾਊ ਬਣਦੇ ਹਨ । ਸਿੱਧੀ ਬੁਣਤੀ ਲਈ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕੁੰਡੇ ਪਾਓ ।ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ-ਕੁੰਡੇ ਫੰਦੇ ਵਾਲੀ ਸਲਾਈ ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਫੜੋ । ਸੱਜੀ ਸਲਾਈ ਪਹਿਲੇ ਕੰਡੇ . ਵਿਚ ਖੱਬੇ ਪਾਸਿਓਂ ਸੱਜੇ ਪਾਸੇ ਪਾਓ । ਇਸ ਦੀ ਨੋਕ ਤੇ ਉੱਨ ਦਾ ਧਾਗਾ ਚੜਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ | ਉਸ ਕੁੰਡੇ ਵਿਚੋਂ ਕੱਢ ਲਓ । ਇਸ ਕੁੰਡੇ ਨੂੰ ਸੱਜੀ ਹੀ ਸਲਾਈ ਤੇ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਅਤੇ ਖੱਬੀ ਸਲਾਈ ਦੇ ਉਸ ਕੁੰਡੇ ਨੂੰ ਜਿਸ ਵਿਚੋਂ ਇਸ ਨੂੰ ਕੱਢਿਆ ਸੀ, ਸਲਾਈ ਉੱਤੋਂ ਹੇਠਾਂ ਉਤਾਰ ਲਓ ।
PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ 4
ਪ੍ਰੈਕਟੀਕਲ ਹਰ ਕੁੰਡੇ ਵਿਚੋਂ ਬੁਣਦੇ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜਦੋਂ ਖੱਬੀ ਸਲਾਈ ਤੋਂ ਸਾਰੇ ਫੰਦੇ ਬੁਣ ਕੇ ਸੱਜੀ ਸਲਾਈ ਤੇ ਆ ਜਾਣ ਤਦ ਖਾਲੀ ਸਲਾਈ ਨੂੰ ਸੱਜੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਬਦਲ ਕੇ ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਗਲੀ ਲਾਈਨ ਬੁਣੀ ਜਾਏਗੀ, ਜਿਵੇਂ ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਬੁਣੀ ਗਈ ਸੀ । ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਹਰ ਲਾਈਨ ਵਿਚ ਪਹਿਲਾ ਕੁੰਡਾ ਬਿਨਾਂ ਬੁਣੇ ਹੀ ਉਤਾਰ ਲੈਣ ਨਾਲ ਬੁਣਾਈ ਵਿਚ ਕਿਨਾਰਿਆਂ ਤੇ ਸਲਾਈ ਆਉਂਦੀ ਹੈ । | ਉਲਟੀ ਬੁਣਤੀ-ਉਲਟੀ ਬੁਣਤੀ ਲਈ ਵੀ ਪਹਿਲਾਂ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕੁੰਡੇ ਪਾ ਲੈਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ

ਪਹਿਲੀ ਲਾਈਨ-ਉੱਨ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆ ਕੇ ਸੱਜੀ ਸਲਾਈ ਪਹਿਲੇ ਕੁੰਡੇ ਵਿਚ ਸੱਜੇ ਪਾਸਿਓਂ ਵੀ ਪਾਓ । ਉਸ ਤੇ ਉੱਨ ਇਕ ਵਾਰ ਲਪੇਟ ਕੇ ਕੁੰਡੇ ਵਿਚੋਂ ਕੱਢ ਲਓ । ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਸਾਰੇ ਕੁੰਡਿਆਂ ਦੀ ਬੁਣਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਏਗੀ । ਪਹਿਲੀ ਹਰ ਲਾਈਨ ਪੁੱਠੀ ਹੀ ਬੁਣੀ ਜਾਏ ਤਾਂ ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੀ ਨਮੂਨਾ ਬਣੇਗਾ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਹਰ ਲਾਈਨ ਸਿੱਧੀ ਬੁਣਤੀ ਨਾਲ ਬੁਣਨ ਤੇ ਬਣਨਾ ਹੈ । ਸਿੱਧੇ ਉਲਟੇ ਕੁੰਡੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੁਣਨ ਨਾਲ
PSEB 7th Class Home Science Practical ਸਾਦੀ ਬੁਣਾਈ 5
ਬੁਣਤੀ ਬਹੁਤ ਸੁੰਦਰ ਨਮੂਨੇ ਬਣ ਸਕਦੇ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 5 ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Chapter 5 ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Home Science Chapter 5 ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

Home Science Guide for Class 7 PSEB ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ
ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਮਹੱਤਵ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਫ਼ਾਈ, ਸੁੰਦਰਤਾ ਅਤੇ ਸਿਹਤ, ਮੱਛਰ-ਮੱਖੀ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰੁੱਤ ਅਨੁਸਾਰ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਸ ਨੂੰ ਆਖਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਦੋਂ ਰੁੱਤ ਬਦਲਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਰੁੱਤ ਅਨੁਸਾਰ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨਾ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਰੱਖਣ ਲਈ ਕੀ ਵਰਤਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗਿੱਲਾ ਅਖ਼ਬਾਰ ਜਾਂ ਗੁੱਡੀ ਕਾਗ਼ਜ਼ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 5 ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਟਾਇਲਟ, ਗੁਸਲਖ਼ਾਨੇ ਵਿਚ ਫਿਨਾਇਲ ਕਿਉਂ ਛਿੜਕੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਟਾਇਲਟ ਅਤੇ ਗੁਸਲਖ਼ਾਨੇ ਨੂੰ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਫਿਨਾਇਲ ਨਾਲ ਧੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲੀ ਹਵਾ ਲੱਗਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਇਹ ਮੱਖੀ, ਮੱਛਰ ਦੇ ਘਰ ਬਣ ਜਾਣਗੇ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਅਨੇਕਾਂ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਹੋ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਕਿਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ-

  1. ਕਮਰੇ ਦਾ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕੰਮ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  2. ਰਸੋਈ, ਗੁਸਲਖ਼ਾਨਾ ਤੇ ਨਾਲੀਆਂ ਵੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਾਫ਼ ਕਰਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ।
  3. ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਦਰੀ ਜਾਂ ਫ਼ਰਨੀਚਰ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਝਾੜਨਾ, ਕੰਧਾਂ ਤੋਂ ਜਾਲੇ ਲਾਹੁਣੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਕੱਪੜਿਆਂ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਲਵਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  4. ਰੋਜ਼ ਵਰਤੋਂ ਵਿਚ ਨਾ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨ, ਪਰਦੇ, ਚਾਦਰਾਂ ਆਦਿ ਸਾਫ਼ ਕਰਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ।
  5. ਟਾਇਲਟ ਅਤੇ ਨਾਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਫਿਨਾਇਲ ਦਾ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਰੁੱਤ ਅਨੁਸਾਰ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਕੰਧਾਂ ਤੇ ਫਰਸ਼ ਝਾੜ ਕੇ ਲਿੱਪ ਪੋਚ ਲੈਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਜਾਂ ਟੁੱਟ-ਫੁੱਟ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰਵਾ ਕੇ ਸਫ਼ੈਦੀ ਕਰਵਾ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  7. ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਅਤੇ ਬਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਪਾਲਿਸ਼ ਜਾਂ ਵਾਰਨਿਸ਼ ਕਰਵਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਅੰਤਰਗਤ ਕੀ ਕੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਅੰਤਰਗਤ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ-

  1. ਹਫ਼ਤਾਵਾਰੀ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਬਿਸਤਰਿਆਂ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਵਿਚ ਜ਼ਰੂਰ ਸੁਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  2. ਘਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸਮਾਨ-ਫਰਨੀਚਰ ਆਦਿ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਜ਼ਰੂਰ ਲਗਵਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  3. ਕਮਰੇ, ਵਿਹੜੇ ਅਤੇ ਪੌੜੀਆਂ ਨੂੰ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  4. ਕਮਰਿਆਂ ਨੂੰ ਧੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਫਰਨੀਚਰ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਕੰਧਾਂ ਸਾਫ਼ ਕਰ ਲੈਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਜਾਲੇ ਆਦਿ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਹੋ ਜਾਣ ।
  5. ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਦਾ ਸਮਾਨ ਕੱਢ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕਰਕੇ ਉਚਿਤ ਥਾਂ ਤੇ ਲਗਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਜੇਕਰ ਫਰਸ਼ ਉੱਤੇ ਦਰੀ ਵਿਛੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਝਾੜ ਲਓ ਅਤੇ ਫਰਸ਼ ਧੋ ਕੇ ਗਿੱਲੇ ਕੱਪੜੇ ਦੇ ਨਾਲ ਪੋਚਾ ਫੇਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  7. ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਬਲਬ ਅਤੇ ਸ਼ੇਡ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਵੀ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  8. ਨਾਲੀਆਂ ਵਿਚ ਫਿਨਾਇਲ ਛਿੜਕ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕੀਟਾਣੂ ਰਹਿਤ ਹੋ ਜਾਵੇ ।
  9. ਪਖਾਨੇ ਵਿਚ ਫਿਨਾਇਲ ਅਤੇ ਕਦੇ-ਕਦੇ ਚੁਨੇ ਦਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

ਨਿਬੰਧਾਤਮਕ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਉਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਵੇਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਸਾਡਾ ਭਾਵ ਉਸ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਹੈ ਜੋ ਘਰ ਵਿਚ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਸੁਆਣੀ ਦਾ ਮੁੱਖ ਫ਼ਰਜ਼ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਘਰ ਦੇ ਉੱਠਣ-ਬੈਠਣ, ਪੜ੍ਹਨ-ਲਿਖਣ, ਸੌਣ ਦੇ ਕਮਰੇ, ਰਸੋਈ, ਵੇਹੜਾ, ਗੁਸਲਖ਼ਾਨਾ, ਬਰਾਮਦਾ ਅਤੇ ਟਾਇਲਟ ਦੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰੇ । ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਅੰਤਰਗਤ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਇਧਰ-ਉਧਰ ਖਿੱਲਰੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਨੂੰ ਠੀਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਟਿਕਾਉਣਾ, ਫ਼ਰਨੀਚਰ ਨੂੰ ਝਾੜਨਾ ਪੂੰਝਣਾ, ਫਰਸ਼ ਤੇ ਝਾੜੂ ਕਰਨਾ, ਗਿੱਲਾ ਪੋਚਾ ਕਰਨਾ ਆਦਿ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ।

ਅੱਜ ਦੇ ਆਧੁਨਿਕ ਯੁਗ ਵਿਚ ਵਿਅਸਤ ਸੁਆਣੀਆਂ ਅਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਸੁਆਣੀਆਂ ਨੂੰ ਇਹ ਕਦੀ ਵੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਕਿ ਉਹ ਘਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਪਾਸਿਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕਰੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਰੁੱਤ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਕੀ ਮਤਲਬ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਜਦੋਂ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਦੁਸਹਿਰੇ ਜਾਂ ਦੀਵਾਲੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਾਰਸ਼ਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਕਲੀ, ਪਾਲਿਸ਼ ਆਦਿ ਕਰਵਾਉਣ ਨਾਲ ਘਰ ਦੀ ਸੁੰਦਰਤਾ ਤਾਂ ਵਧਦੀ ਹੀ ਹੈ ਰੋਗ ਫੈਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਕੀਟਾਣੂ ਵੀ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਸਿਹਤ ਪੱਖੋਂ ਵੀ ਇਕ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਘਰ ਦੀ ਪੂਰੀ ਸਫ਼ਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 5 ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ

PSEB 7th Class Home Science Guide ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ Important Questions and Answers

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨੂੰ ਕਿੰਨੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਤਿੰਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪਾਖਾਨੇ ਅਤੇ ਨਾਲੀਆਂ ਵਿਚ ……………………….. ਦਾ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਫਿਨਾਇਲ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ …………………… ਦੀ ਵੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਦੀਵਾਰਾਂ ਤੇ ਲੱਗੇ ਜਾਲੇ ਦੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਘਰ ਵਿੱਚ ਗੰਦਗੀ ਦਾ ਇਕ ਪ੍ਰਕਿਰਤਕ ਕਾਰਨ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮੱਕੜੀ ਦੇ ਜਾਲੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਦੀਵਾਲੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਹੜੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਮੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਮੱਛਰ ਗੰਦਗੀ ਦੀ ਦੇਣ ਹਨ । (ਠੀਕ/ਗਲਤ)
ਉੱਤਰ-
ਠੀਕ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਟਾਇਲਟ, ਗੁਸਲਖਾਨੇ ਵਿੱਚ ਫਿਨਾਇਲ ਛਿੜਕਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । (ਸਹੀ/ਗਲਤ)
ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਸਫ਼ਾਈ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ ।
(ਉ) ਰੋਜ਼ਾਨਾ ।
(ਅ) ਹਫ਼ਤਾਵਾਰ
(ੲ) ਮੌਸਮ ਅਨੁਸਾਰ
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।
ਉੱਤਰ-
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਉਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਆਪਣੀ ਸਿਹਤ ਨੂੰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਅਤੇ ਘਰ ਦੀ ਸੁੰਦਰਤਾ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸਫ਼ਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸਨ 2.
ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਦੋ ਮਹੱਤਵ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-

  1. ਸਫ਼ਾਈ
  2. ਸੁੰਦਰਤਾ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਰੀਰਕ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਰੀਰ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅੰਗਾਂ ਦੀ ਨਿਯਮਿਤ ਸਫ਼ਾਈ ਅਤੇ ਨਿਯਮਿਤ ਚੰਗੀਆਂ ਆਦਤਾਂ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਭਾਵ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਦੈਨਿਕ ਜਾਂ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਰ ਰੋਜ਼ ਉੱਠਣ-ਬੈਠਣ ਅਤੇ ਸੌਣ ਵਾਲੇ ਕਮਰੇ, ਗੁਸਲਖਾਨਾ, ਟਾਇਲਟ, ਰਸੋਈ, ਵਿਹੜਾ ਅਤੇ ਬਰਾਮਦਾ (ਬਰਾਂਡਾ ) ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਖ਼ਾਸ ਸ਼ਫ਼ਾਈ ਕੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰੁੱਤ ਅਨੁਸਾਰ ਕੰਮ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਕੇ ਠੀਕ ਰੱਖਰਖਾਵ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕਰਨਾ । ਜਿਵੇਂ-ਸਰਦੀ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕੱਪੜੇ, ਅਨਾਜ ਸੰਰੱਖਿਅਣ ਆਦਿ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਅਚਾਨਕ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਸ ਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਅਚਾਨਕ ਜ਼ਰੂਰਤ ਪੈਣ ਤੇ ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨਾ, ਜਿਵੇਂ ਵਿਆਹ ਸ਼ਾਦੀ ਤੇ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਨੂੰ ਕਿੰਨੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਛੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ-

  1. ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ
  2. ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ
  3. ਮਾਸਿਕ ਸਫ਼ਾਈ
  4. ਖ਼ਾਸ ਸਫ਼ਾਈ
  5. ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ
  6. ਅਚਾਨਕ ਸਫ਼ਾਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਕੀ-ਕੀ ਕੰਮ ਕਰਨੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਜ਼ਰੂਰੀ ਤੌਰ ਤੇ ਕਰਨੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ-

  1. ਘਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਕਮਰਿਆਂ ਦੇ ਫਰਸ਼, ਖਿੜਕੀਆਂ, ਦਰਵਾਜ਼ੇ, ਮੇਜ਼, ਕੁਰਸੀ ਦੀ ਝਾੜ ਪੂੰਝ ਕਰਨਾ ।
  2. ਘਰ ਵਿਚ ਰੱਖੇ ਕੁੜੇ-ਦਾਨ ਆਦਿ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨਾ ।
  3. ਟਾਇਲਟ ਅਤੇ ਗੁਸਲਖ਼ਾਨੇ ਆਦਿ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨਾ ।
  4. ਰਸੋਈ ਵਿਚ ਕੰਮ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਅਤੇ ਰੱਖ-ਰਖਾਓ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਘਰ ਵਿਚ ਗੰਦਗੀ ਹੋਣ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਕੀ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-

  1. ਪ੍ਰਾਕਿਰਤਕ ਕਾਰਨ-ਧੂੜ ਦੇ ਕਣ, ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਹੜ੍ਹ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਰੋੜ੍ਹ ਨਾਲ ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਗੰਦਗੀ, ਮਕੜੀ ਦੇ ਜਾਲੇ, ਪੰਛੀਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਜੀਵਾਂ ਦੁਆਰਾ ਗੰਦਗੀ ।
  2. ਮਾਨਵ ਵਿਕਾਰ-ਮਲ-ਮੂਤਰ, ਕਫ, ਬੁੱਕ, ਖੰਘਾਰ, ਪਸੀਨਾ ਅਤੇ ਵਾਲ ਝੜਨਾ ।
  3. ਘਰੇਲੂ ਕੰਮ–ਖਾਧ-ਪਦਾਰਥਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਨਾਲ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲਾ ਕੁੜਾ, ਸਾਗ-ਸਬਜ਼ੀਫਲ ਆਦਿ ਦੇ ਛਿਲਕੇ, ਖਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ, ਭਾਂਡੇ ਆਦਿ ਦਾ ਧੋਵਨ, ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਧੁਆਈ, ਸਾਬਣ ਦੀ ਝੱਗ, ਮੈਲ, ਨੀਲ, ਸਟਾਰਚ, ਰੱਦੀ ਕਾਗਜ਼ ਦੇ ਟੁੱਕੜੇ, ਸਿਲਾਈ ਦੀਆਂ ਕਰਨਾਂ, ਕਤਾਈ ਜੀ ਨੂੰ ਅਤੇ ਛਿੱਜਣ ਆਦਿ ।

ਵੱਡੇ ਉੱਤਰ ਵਾਲਾ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿੰਨੇ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ? ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਮੁੱਖ ਰੂਪ ਨਾਲ ਚਾਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਦੇ ਹਾਂਦੈਨਿਕ ਜਾਂ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ, ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ, ਮਾਸਿਕ ਸਫ਼ਾਈ, ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ।

1. ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਜਾਂ ਦੈਨਿਕ ਸਫ਼ਾਈ – ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਸਾਡਾ ਭਾਵ ਉਸ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਹੈ ਜੋ ਘਰ ਵਿਚ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਸੁਆਣੀ ਦਾ ਇਹ ਮੁੱਖ ਫ਼ਰਜ਼ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਘਰ ਦੇ ਉੱਠਣ-ਬੈਠਣ, ਪੜ੍ਹਨ-ਲਿਖਣ, ਸੌਣ ਦੇ ਕਮਰੇ, ਰਸੋਈ ਘਰ, ਵਿਹੜਾ, ਗੁਸਲਖ਼ਾਨਾ, ਬਰਾਮਦਾ ਅਤੇ ਟਾਇਲਟ ਦੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰੇ । ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਚ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਇਧਰ-ਉਧਰ ਖਿਲਰੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਠੀਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲਾਉਣਾ, ਫ਼ਰਨੀਚਰ ਨੂੰ ਝਾੜਨਾ, ਪੁੰਝਣਾ, ਫਰਸ਼ ਤੇ ਝਾੜ ਲਾਉਣਾ, ਗਿੱਲਾ ਪੋਚਾ ਫੇਰਨਾ ਆਦਿ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ।

2. ਸਪਤਾਹਿਕ ਸਫ਼ਾਈ – ਇਕ ਚੰਗੀ ਸੁਆਣੀ ਨੂੰ ਘਰ ਦੇ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਅਨੇਕਾਂ ਕੰਮ ਕਰਨੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਇਹ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਕਿ ਉਹ ਇਕ ਹੀ ਦਿਨ ਵਿਚ ਘਰ ਦੀ ਪੂਰੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰ ਸਕੇ | ਸਮੇਂ ਦੀ ਕਮੀ ਕਾਰਨ ਘਰ ਵਿਚ ਜੋ ਚੀਜ਼ਾਂ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਹਫ਼ਤੇ ਵਿਚ ਜਾਂ ਪੰਦਰਾਂ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਜ਼ਰੂਰ ਸਾਫ਼ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੇ ਅਜਿਹਾ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਦਰਵਾਜ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਕੰਧਾਂ ਦੀਆਂ ਛੱਤਾਂ ਤੇ ਜਾਲੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਜਾਣਗੇ । ਦਰਵਾਜ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਬਾਰੀਆਂ ਦੇ ਸ਼ੀਸ਼ਿਆਂ, ਫ਼ਰਨੀਚਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ, ਬਿਸਤਰ ਝਾੜਨਾ ਤੇ ਧੁੱਪ ਲਗਵਾਉਣਾ, ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਅਤੇ ਦਰੀ ਕਾਲੀਨ ਨੂੰ ਝਾੜਨਾ ਤੇ ਧੁੱਪ ਲਗਵਾਉਣਾ ਆਦਿ ਕੰਮ ਸਪਤਾਹ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਜ਼ਰੂਰ ਕੀੜੇ ਜਾਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।

3. ਮਾਸਿਕ ਸਫ਼ਾਈ – ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਕਮਰਿਆਂ ਜਾਂ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਹਫ਼ਤੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਨਾ ਹੋ ਸਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਜ਼ਰੂਰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸਾਰੇ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਖਾਧ-ਸਮੱਗਰੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਖ਼ਰੀਦੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਭੰਡਾਰ ਹਿ ਵਿਚ ਰੱਖਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਭੰਡਾਰ ਘਰ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਝਾੜ-ਪੂੰਝ ਕੇ ਹੀ ਉਸ ਵਿਚ ਖਾਧਸਮੱਗਰੀ ਰੱਖੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਮਾਸਿਕ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਅੰਤਰਗਤ ਅਨਾਜ, ਦਾਲਾਂ, ਅਚਾਰ, ਮੁਰੱਬੇ ਤੇ ਮਸਾਲੇ ਆਦਿ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਲਵਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ | ਅਲਮਾਰੀ ਦੇ ਜਾਲੇ, ਬਲਬਾਂ ਦੇ ਸ਼ੇਡ ਆਦਿ ਵੀ ਸਾਫ਼ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।

4. ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ – ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਭਾਵ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਸਾਰੇ ਘਰ ਦੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਨਾ ਹੈ 1 ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਅੰਤਰਗਤ ਘਰ ਵਿਚ ਕਲੀ ਕਰਨਾ, ਟੁੱਟੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ, ਦਰਵਾਜ਼ਿਆਂ, ਖਿੜਕੀਆਂ ਅਤੇ ਚੁਗਾਠਾਂ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਅਤੇ ਰੰਗ ਰੋਗਨ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਫ਼ਰਨੀਚਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਾਮਾਨ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ, ਵਾਰਨਿਸ਼, ਪਾਲਿਸ਼ ਆਦਿ ਆਉਂਦੀ ਹੈ । ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚੋਂ ਸਾਰੇ ਸਾਮਾਨ ਨੂੰ ਹਟਾ ਕੇ ਚੂਨਾ, ਪੈਂਟ ਜਾਂ ਡਿਸਟੈਂਪਰ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਪਿੱਛੋਂ ਫਰਸ਼ ਨੂੰ ਰਗੜ ਕੇ ਧੋਣਾ ਅਤੇ ਦਾਗ ਧੱਬੇ ਹਟਾਉਣਾ, ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਰੇ ਸਾਮਾਨ ਨੂੰ ਮੁੜ ਵਿਵਸਥਿਤ ਕਰਨਾ ਸਾਲਾਨਾ ਕੰਮ ਹਨ । ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਨਾਲ ਕਮਰਿਆਂ ਨੂੰ ਨਵੀਨ ਰੂਪ ਪ੍ਰਦਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਰਜਾਈ, ਗੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਰੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਧੂਣਾਈ ਆਦਿ ਵੀ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਜਦੋਂ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਦੁਸਹਿਰੇ ਜਾਂ ਦੀਵਾਲੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਲਾਨਾ ਸਫ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਲਿੱਪਣ-ਪੋਚਣ ਅਤੇ ਪਾਲਿਸ਼ ਕਰਵਾਉਣ ਨਾਲ ਸੁੰਦਰਤਾ ਤਾਂ ਵਧਦੀ ਹੀ ਹੈ, ਰੋਗ ਫੈਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਕੀਟਾਣੂ ਵੀ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਸਿਹਤ ਦੇ ਪੱਖੋਂ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਘਰ ਦੀ ਪੂਰੀ ਸਫ਼ਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Home Science Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

Home Science Guide for Class 7 PSEB ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ
ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭੋਜਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੇਰ ਤਕ ਪਕਾਉਣ ਨਾਲ ਕੀ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਟਾਮਿਨ ਅਤੇ ਖਣਿਜ ਲੂਣ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਫਲਾਂ ਅਤੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦਾ ਪਤਲਾ ਛਿਲਕਾ ਉਤਾਰਨ ਦੀ ਸਲਾਹ ਕਿਉਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਛਿਲਕਿਆਂ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਹੇਠਾਂ ਵਿਟਾਮਿਨ ਅਤੇ ਖਣਿਜ ਲੂਣ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਮੋਟੇ ਛਿਲਕੇ ਉਤਾਰਨ ਨਾਲ ਇਹ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਡੱਬਾਬੰਦ ਭੋਜਨ ਖਰੀਦਣ ਸਮੇਂ ਕਿਸ ਗੱਲ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਡੱਬੇ ਵਿਚ ਬੰਦ ਚੀਜ਼ ਖ਼ਰੀਦਣ ਲੱਗੇ ਇਹ ਦੇਖ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਡੱਬਾ ਫੁੱਲਿਆ ਹੋਇਆ ਜਾਂ ਪਿਚਕਿਆ ਹੋਇਆ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਫੁੱਲੇ ਹੋਏ ਡੱਬੇ ਵਿਚ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਜਿੱਥੋਂ ਤਕ ਹੋ ਸਕੇ ਡੱਬੇ ਚੰਗੀ ਫ਼ਰਮ ਦੇ ਬਣੇ ਹੀ ਵਰਤਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ਮਾਲ ਬਹੁਤਾ ਪੁਰਾਣਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਖਾਣ ਵਾਲੇ ਸੋਡੇ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਸਮੇਂ ਕਿਉਂ ਵਰਜਿਤ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਇਸ ਨਾਲ ਵਿਟਾਮਿਨ ‘ਬੀ’ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਸਮੇਂ ਕਿਨ੍ਹਾਂ-ਕਿਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ-

  1. ਚੋਕਰ ਆਟੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਵਿਟਾਮਿਨ B ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਰੋਟੀ ਸੇਕਣ ਤੋਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਆਟਾ ਗੁੰਨ੍ਹ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਗਿੱਲੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਢੱਕ ਕੇ ਰੱਖੋ ।
  2. ਚੌਲ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਨਾ ਧੋਵੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਖਣਿਜ ਲਵਣ ਅਤੇ ਵਿਟਾਮਿਨ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  3. ਭੋਜਨ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਸਾਫ਼ ਬਰਤਨ ਵਿਚ ਹੀ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  4. ਸੁਆਣੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਹੱਥ ਅਤੇ ਨਹੁੰ ਸਾਫ਼ ਰੱਖਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।
  5. ਰਸੋਈ ਘਰ ਵਿਚ ਪ੍ਰਯੋਗ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਕੱਪੜੇ ਜਿਵੇਂ-ਤੌਲੀਆ, ਨੈਪਕਿਨ, ਝਾੜਨ, ਪੋਚਾ ਆਦਿ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਭਾਂਡਿਆਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਨਹੀਂ ਛੱਡਣਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਇਸ ਨਾਲ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜੇ ਦਾ ਭੋਜਨ ਵਿਚ ਡਿੱਗਣ ਦਾ ਡਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।
  7. ਦਾਲ, ਸਬਜ਼ੀ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਕੇਵਲ ਉਨਾ ਹੀ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਭੋਜਨ ਪੱਕ ਜਾਵੇ । ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਪਾ ਕੇ ਫਿਰ ਸੁੱਟਣ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਖਣਿਜ ਲਵਣ ਅਤੇ ਵਿਟਾਮਿਨ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  8. ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਮੱਧਮ ਸੇਕ ਤੇ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਭਾਫ਼ ਦੁਆਰਾ ਪਕਾਉਣਾ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਤਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਕੁੱਕਰ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  9. ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਢੱਕਣਦਾਰ ਭਾਂਡੇ ਵਿਚ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  10. ਦੁੱਧ ਨੂੰ ਮੱਧਮ ਅੱਗ ਤੇ ਨਾ ਉਬਾਲ ਕੇ ਤੇਜ਼ ਅੱਗ ਤੇ ਉਬਾਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  11. ਮੀਟ ਅਤੇ ਆਂਡੇ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਸਖ਼ਤ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ !
  12. ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਸੋਡੇ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਿਟਾਮਿਨ ‘B’ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  13. ਭੋਜਨ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਸਾਲਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ । ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਿਰਚ ਮਸਾਲੇ ਅਤੇ ਘਿਓ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਸਿਹਤ ਖ਼ਰਾਬ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
  14. ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰੋਸਣ ਵਿਚ ਦੇਰ ਨਾ ਕਰੋ । ਪੱਕੇ ਹੋਏ ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਫਿਰ ਗਰਮ ਕਰਨਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਨਿਜੀ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਨਿਜੀ ਸਫਾਈ ਤੋਂ ਭਾਵ ਹੇਠ ਲਿਖਿਆ ਹੈ-

  1. ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ੁਕਾਮ, ਗਲਾ ਖਰਾਬ, ਖੰਘ, ਫਲੂ, ਫੋੜੇ ਆਦਿ ਹੋਣ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  2. ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਹੱਥ ਅਤੇ ਨਹੁੰ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਸਾਫ਼ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ | ਕੱਪੜੇ ਵੀ ਸਾਫ਼ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬੰਨ੍ਹ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  3. ਕੱਚੇ ਮੀਟ, ਮੱਛੀ, ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਛਿਲਕਿਆਂ ਨੂੰ ਹੱਥ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੱਥ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਲੈਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।
  4. ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਕੜਛੀ ਜਾਂ ਚਮਚ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜਿੱਥੋਂ ਤਕ ਹੋ ਸਕੇ ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਹੱਥ ਨਹੀਂ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  5. ਖਾਣਾ ਬਣਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਜੇਕਰ ਛਿੱਕ ਜਾਂ ਖੰਘ ਆਉਣ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਢਕ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਜਿਸ ਚਮਚ ਦੇ ਨਾਲ ਖਾਣੇ ਦਾ ਸੁਆਦ ਦੇਖਣਾ ਹੋਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਫਿਰ ਧੋ ਕੇ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਰਸੋਈ ਅਤੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਕਿਵੇਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਸੋਈ ਅਤੇ ਬਰਤਨਾਂ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ-

  1. ਰਸੋਈ ਘਰ ਦੇ ਦਰਵਾਜ਼ਿਆਂ ਅਤੇ ਖਿੜਕੀਆਂ ਉੱਤੇ ਜਾਲੀ ਲੱਗੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਮੱਖੀ, ਮੱਛਰ ਆਦਿ ਅੰਦਰ ਨਾ ਆ ਸਕਣ ।
  2. ਰਸੋਈ ਘਰ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਖਾਣਾ ਖਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੂਠੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਹਫਤੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਜਾਲੇ ਉਤਾਰ ਕੇ ਕੰਧਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਜਾਂ ਦੋ ਵਾਰੀ ਸਫ਼ੈਦੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  3. ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਹਰ ਵਾਰੀ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਮੀਟ ਕੱਟਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚਾਕੂ ਨੂੰ ਧੋ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  4. ਬਰਤਨਾਂ ਜਾਂ ਸੈਲਫ਼ ਜਿੱਥੇ ਮੀਟ, ਮੁਰਗਾ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਰੱਖੀ ਹੋਵੇ ਉੱਥੇ ਦੂਜੀਆਂ ਖਾਣ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਰੱਖਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  5. ਜੂਠੇ ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਬਰਤਨਾਂ ਤੋਂ ਵੱਖ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਜੂਠੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਨੂੰ ਧੋਣ ਲਈ ਗਰਮ ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਸਾਬਣ ਜਾਂ ਡਿਟਰਜੈਂਟ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਬਰਤਨ ਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਕੀਟਾਣੂ ਰਹਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਬਰਤਨਾਂ ਨੂੰ ਧੋ ਕੇ ਜੇਕਰ ਧੁੱਪ ਵਿਚ ਸੁਕਾਇਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚ ਚਮਕ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਨਿਬੰਧਾਤਮਕ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਸਿਧਾਂਤ ਹਨ-

  1. ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਸਮੇਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੇ ਪਤਲੇ ਛਿਲਕੇ ਉਤਾਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ।
  2. ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧੋਣਾ ਨਹੀਂ ਚਾਹੀਦਾ ਅਤੇ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੇਰ ਤਕ ਭਿਉਂ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  3. ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਢੱਕ ਕੇ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  4. ਜਿਸ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭੋਜਨ ਪਕਾਇਆ ਜਾਏ ਉਸ ਨੂੰ ਸੁੱਟਣਾ ਨਹੀਂ ਚਾਹੀਦਾ ।
  5. ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਅਤੇ ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਸੋਡਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  6. ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਟੁਕੜਿਆਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਕੱਟਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਭੋਜਨ ਖ਼ਰੀਦਣ ਸਮੇਂ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੋਜਨ ਖ਼ਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ

  • ਭੋਜਨ ਅਜਿਹੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਤੋਂ ਖ਼ਰੀਦਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਕਿ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੋਵੇ । ਜਿਸ ਬਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਮੱਖੀਆਂ, ਮੱਛਰ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜੇ ਅਤੇ ਚੂਹੇ ਆਦਿ ਹੋਣ ਉੱਥੋਂ ਖਾਣ ਦੀ ਕੋਈ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਖ਼ਰੀਦਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  • ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਸਾਫ਼ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਕੱਪੜੇ ਸਾਫ਼ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਚੰਗੀ ਹੋਵੇ । ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖਾਂਸੀ ਜਾਂ ਜ਼ੁਕਾਮ ਲੱਗਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲੋਂ ਖਾਣ ਦੀ ਵਸਤੂ ਨਹੀਂ ਖ਼ਰੀਦਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  • ਮੀਟ ਖ਼ਰੀਦਣ ਸਮੇਂ ਇਹ ਦੇਖ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਜਾਨਵਰ ਬਿਮਾਰ ਨਾ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਉਸ ਉੱਤੇ ਡਾਕਟਰ ਦੀ ਮੋਹਰ ਵੀ ਲੱਗੀ ਹੋਵੇ ।
  • ਡੱਬੇ ਵਿਚ ਬੰਦ ਚੀਜ਼ ਖ਼ਰੀਦਣ ਲੱਗੇ ਇਹ ਦੇਖ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਡੱਬਾ ਫੁੱਲਿਆ ਹੋਇਆ ਜਾਂ ਪਿਚਕਿਆ ਹੋਇਆ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਫੁੱਲੇ ਹੋਏ ਡੱਬੇ ਵਿਚ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਜਿੱਥੋਂ ਤਕ ਹੋ ਸਕੇ ਡੱਬੇ ਚੰਗੀ ਫ਼ਰਮ ਦੇ ਬਣੇ ਹੀ ਵਰਤਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ | ਮਾਲ ਬਹੁਤਾ ਪੁਰਾਣਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  • ਫਲ ਅਤੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਗਲੀਆਂ ਸੜੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ।
  • ਦਾਲਾਂ, ਚੌਲ, ਆਟੇ ਆਦਿ ਵਿਚ ਕੀੜੇ ਜਾਂ ਸੁਸਰੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  • ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਤੋਂ ਬਣੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਖੱਟੀ ਬਦਬੂ ਨਹੀਂ ਆਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  • ਕੱਟੇ ਹੋਏ ਫਲ ਜਾਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ ਮਿੱਟੀ ਪਈ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ ਮੱਖੀਆਂ ਬੈਠੀਆਂ ਹੋਣ, ਨਹੀਂ ਖ਼ਰੀਦਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ।
  • ਪੱਕਿਆ ਹੋਇਆ ਖਾਣਾ ਖ਼ਰੀਦਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਤਸੱਲੀ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  • ਭੋਜਨ ਦੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਲਿਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁੱਕੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਸੁੱਕੇ ਡੱਬਿਆਂ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਰਸੋਈ ਦੀ ਅਲਮਾਰੀ ਜਾਂ ਸਟੋਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਰਸੋਈ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਸੋਈ ਦੇ ਹਰ ਇਕ ਸਥਾਨ ਨੂੰ ਧੋ-ਪੂੰਝ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਭੋਜਨ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਚਿਆ ਹੋਇਆ ਭੋਜਨ ਦੂਸਰੇ ਸਾਫ਼ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿਚ ਰੱਖ ਕੇ ਜਾਲੀਦਾਰ ਅਲਮਾਰੀ ਜਾਂ ਰੈਫ਼ਰੀਜਰੇਟਰ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੂਠੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ ਹੀ ਸਾਫ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਅਤੇ ਪਰੋਸਣ ਦੇ ਸਥਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਗਿੱਲੇ ਅਤੇ ਫਿਰ ਸੁੱਕੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੂੰਝ ਕੇ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਭਾਂਡਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਕੇ ਉੱਚਿਤ ਸਥਾਨ ਤੇ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਨਲ, ਫ਼ਰਸ਼, ਸਿੰਕ ਆਦਿ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਕੇ ਸੁੱਕਾ ਰੱਖਣ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਰਸੋਈ ਘਰ ਦੀ ਚੌਂਕੀ, ਤਖ਼ਤ, ਮੇਜ਼, ਕੁਰਸੀ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਵੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਨੂੰ ਵੀ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਸਿੰਕ ਨੂੰ ਝਾੜੂ ਨਾਲ ਜਾਂ ਕੂਚੀ ਨਾਲ ਰਗੜ ਕੇ ਧੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਭੋਜਨ ਘਰ ਲਿਆਉਣ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਅਤੇ ਸੁੱਕੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਕਿਵੇਂ ਸੰਭਾਲ ਕਰੋਗੇ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੋਜਨ ਦੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਘਰ ਲਿਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁੱਕੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਸੁੱਕੇ ਡੱਬਿਆਂ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਰਸੋਈ ਦੀ ਅਲਮਾਰੀ ਜਾਂ ਸਟੋਰ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਫਲਾਂ ਨੂੰ ਫ਼ਰਿਜ਼ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਠੰਡੀ ਥਾਂ ਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ | ਮੀਟ ਲਿਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੇਕਰ ਫ਼ਰਿਜ਼ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਠੰਡੇ ਖਾਨੇ ਵਿਚ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਅਜਿਹਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਛੇਤੀ ਪਕਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਦੁੱਧ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਉਬਾਲ ਕੇ ਜਾਲੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਫ਼ਰਿਜ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਵਿਚ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਠੰਡੀ ਥਾਂ ਤੇ ਦੁੱਧ ਵਾਲੇ ਭਾਂਡੇ ਨੂੰ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

PSEB 7th Class Home Science Guide ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ Important Questions and Answers

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਛਿਲਕਿਆਂ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਹੇਠਾਂ …………………….. ਅਤੇ ………………….. ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਿਟਾਮਿਨ, ਖਣਿਜ ਲੂਣ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
………………………. ਸਹਿਤ ਆਟੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿਚ ਵਿਟਾਮਿਨ B ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੌਕਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸ਼ਵੇਤਸਾਰ ਦੇ ਕਣ ਪਕਾਉਣ ਤੇ ਫੁਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਕਿਸ ਰੂਪ ਵਿਚ ਬਦਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਜਿਲੇਟੀਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਕੈਰੋਟੀਨ …………………………… ਵਿਚ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਪਾਣੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਵਧੇਰੇ ਗਰਮ ਕਰਨ ਤੇ ਸ਼ੱਕਰ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਾਲੀ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਗਰਮ ਕਰਨ ਤੇ ਤਰਲ ਪ੍ਰੋਟੀਨ …………………….. ਰੂਪ ਵਿਚ ਬਦਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਠੋਸ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਭੋਜਨ ਨੂੰ …………………. ਸੇਕ ਤੇ ਪਕਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮੱਧਮ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਰਸੋਈ ਘਰ ਦੇ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਰੱਖੋ । (ਠੀਕ/ਗਲਤ)
ਉੱਤਰ-
ਗ਼ਲਤ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਫਲਾਂ ਅਤੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦਾ ਛਿਲਕਾ ਪਤਲਾ ਉਤਾਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । (ਸਹੀ/ਗਲਤ)
ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਠੀਕ ਤੱਥ ਹੈ-
(ੳ) ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਧੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੱਟਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
(ਅ) ਖਾਣ ਵਾਲੇ ਸੋਡੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਵਿਟਾਮਿਨ ਅਤੇ ਖਣਿਜ ਲੂਣ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
(ੲ) ਕੁੱਝ ਵਿਟਾਮਿਨ ਭਾਫ਼ ਨਾਲ ਉਡ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।
ਉੱਤਰ-
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭੋਜਨ ਪਦਾਰਥਾਂ ਨੂੰ ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੋਜਨ ਨੂੰ ਪਚਣ ਯੋਗ ਬਣਾਉਣਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਤੇ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਪਕਾਉਣ ਤੇ ਪਚਣ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਰਲ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਠੋਸ ਰੂਪ ਵਿਚ ਬਦਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਕਾਰਬੋਹਾਈਡਰੇਟ ਤੇ ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਕਾਉਣ ਨਾਲ ਕਾਰਬੋਹਾਈਡਰੇਟ ਪਚਣ ਯੋਗ ਅਤੇ ਮਿੱਠੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਚਿਕਨਾਈ ਤੇ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਕਾਉਣ ਨਾਲ ਚਿਕਨਾਈ ਪਿਘਲਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਚਣ ਯੋਗ ਬਣ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸਬਜ਼ੀ ਪਕਾਉਣ ਦਾ ਮੁੱਖ ਭਾਵ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਬਜ਼ੀ ਦੇ ਸੈਲੂਲੋਜ਼ ਨੂੰ ਮੁਲਾਇਮ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਸਫ਼ੈਦ ਕਣਾਂ ਨੂੰ ਫੁਲਾ ਕੇ ਜਿਲੇਟਿਨ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਬਦਲਣਾ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਕਿਹੜੇ ਖਣਿਜ ਤੱਤਾਂ ਤੇ ਤਾਪ ਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਲੋਹੇ ਤੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਕੈਰੋਟੀਨ ਪਕਾਉਣ ਤੇ ਨਸ਼ਟ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਨਾਲ ਵਿਟਾਮਿਨ ‘ਬੀ’ ਅਤੇ ‘ਸੀਂ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਨਸ਼ਟ ਕਿਉਂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਹੋਣ ਤੇ ਤਾਪ ਦੁਆਰਾ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਣ ਕਾਰਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਸ਼ੱਕਰ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਨ ਤੇ ਕੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ੱਕਰ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਨ ਤੇ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮ ਕਰਨ ਤੇ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਕਿਹੜੇ ਪਦਾਰਥ ਪੇਟ ਵਿੱਚ ਵੱਧ ਹਵਾ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੱਚੇ ਸਲਾਦ ਪੇਟ ਵਿੱਚ ਵੱਧ ਹਵਾ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 4 ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰਸੋਈ ਘਰ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੇਂਦਰਾਂ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਤੁਸੀਂ ਕਿਵੇਂ ਕਰੋਗੇ ?
(ਉ) ਤਿਆਰੀ ਕੇਂਦਰ
(ਅ) ਪਕਾਉਣ ਅਤੇ ਪਰੋਸਣ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ।
ਉੱਤਰ-
(ੳ) ਤਿਆਰੀ ਕੇਂਦਰ – ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖਾਣ ਵਾਲੇ ਭੋਜਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਦਾਲ-ਚੌਲ ਚੁਣਨਾ ਅਤੇ ਧੋਣਾ, ਸਾਗ-ਸਬਜ਼ੀ ਧੋਣਾ ਅਤੇ ਕੱਟਣਾ, ਆਟਾ ਛਾਨਣਾ, ਗੁੰਨ੍ਹਣਾ ਆਦਿ ਜਿਹੇ ਕੰਮ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਕੰਮ ਕਰਨ ਲਈ ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ ਸ਼ੈਲਫ਼ਾਂ ਦੀ ਉਚਾਈ ਸੁਆਣੀ ਦੀ ਲੰਬਾਈ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਉੱਚਿਤ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੁਆਣੀ ਨੂੰ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਿਚ ਔਖਿਆਈ ਨਾ ਹੋਵੇ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਸ਼ੈਲਫ਼ਾਂ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਅਤੇ ਉੱਪਰ ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਵਿਚ ਭੋਜਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਵਿਚ ਉਪਯੋਗ ਵਿਚ ਆਉਣ ਵਾਲਾ ਸਾਮਾਨ ਆਟਾ, ਦਾਲਾਂ ਆਦਿ ਇਕੱਠਾ ਕਰਕੇ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

(ਅ) ਖਾਣਾ ਪਕਾਉਣ ਅਤੇ ਪਰੋਸਣ ਦਾ ਕੇਂਦਰ – ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਲਈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਅਜਿਹੀ ਥਾਂ ਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੁਆਣੀ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਭੱਜ ਦੌੜ ਨਾ ਕਰਨੀ ਪਵੇ । ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਕੇਂਦਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੀ ਇਕ ਅਜਿਹਾ ਸਥਾਨ ਜਾਂ ਅਲਮਾਰੀ ਹੋਵੇ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਮਸਾਲਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰੀਆਂ ਸ਼ੀਸ਼ੀਆਂ ਘਿਓ ਅਤੇ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਹੋਣ ।

ਭੋਜਨ ਪਕਾਉਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਭੋਜਨ ਪਰੋਸਣਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਹੈ । ਭੋਜਨ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਪਰੋਸਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ-ਭਾਰਤੀ ਸ਼ੈਲੀ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਸ਼ੈਲੀ । ਭਾਰਤੀ ਸ਼ੈਲੀ ਵਿਚ ਖਾਣਾ ਥਾਲੀ, ਕਟੋਰੀਆਂ ਵਿਚ ਪਰੋਸ ਕੇ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਰਸੋਈ ਘਰ ਵਿਚ ਚੌਂਕੀ ਤੇ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਅਕਤੀ ਪਟਰੇ ਉੱਤੇ ਬੈਠ ਕੇ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਸ਼ੈਲੀ ਵਿਚ ਖਾਣਾ ਡਿੱਗਿਆਂ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਮੇਜ਼ ਤੇ ਲਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਅਕਤੀ ਇੱਛਾ ਅਨੁਸਾਰ ਆਪ ਪਰੋਸ ਕੇ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਸੋਈ ਘਰ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਦੀ ਧੁਆਈ ਅਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਉੱਤਮ ਪ੍ਰਬੰਧ ਲਈ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜੂਠੇ ਅਤੇ ਭੋਜਨ ਪਕਾਏ ਹੋਏ ਭਾਂਡਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਇਕ ਨਿਸਚਿਤ ਸਥਾਨ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਭਾਂਡੇ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਦੇ ਕੋਲ ਸਿੰਕ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਜ਼ਰੂਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਸਿੰਕ ਦੇ ਕੋਲ ਇਕ ਪਾਸੇ ਗੰਦੇ ਭਾਂਡੇ ਅਤੇ ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਧੋਤੇ ਭਾਂਡੇ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸ਼ੈਲਫ਼ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਸਿੰਕ ਕਦੀ ਕੋਨੇ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ | ਇਸ ਕੇਂਦਰ ਵਿਚ ਵਿਮ, ਛਾਈ ਹੋਈ ਸੁਆਹ, ਸਰਫ਼, ਮਿੱਟੀ, ਬੁਰਸ਼, ਸਪੰਜ ਅਤੇ ਝਾੜੂ ਆਦਿ ਰੱਖਣ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ

Punjab State Board PSEB 7th Class Home Science Book Solutions Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Home Science Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ

Home Science Guide for Class 7 PSEB ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ
ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਧਨ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਹੋਰ ਕਿਸ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਿਆਣਪ ਦੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਘਰ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਤੋਂ ਨੇੜੇ ਅਤੇ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਘਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕੰਮ ਵਾਲੀ ਥਾਂ, ਸਕੂਲ, ਬੈਂਕ, ਹਸਪਤਾਲ, ਬਜ਼ਾਰ ਆਦਿ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ । ਸਟੇਸ਼ਨ, ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ, ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਆਦਿ ਘਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਦੇ ਕੀਤੇ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਰਕਾਰ, ਬੈਂਕ ਜਾਂ ਬੀਮਾ ਕੰਪਨੀਆਂ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਵਿਚ ਕਿਵੇਂ ਮੱਦਦ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਰਕਾਰ, ਬੈਂਕ ਜਾਂ ਬੀਮਾ ਕੰਪਨੀਆਂ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਵਿਚ ਸਸਤੇ ਵਿਆਜ ‘ਤੇ ਕਰਜ਼ਾ ਦੇ ਕੇ ਮੱਦਦ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਗੰਦੀਆਂ ਬਸਤੀਆਂ ਦਾ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਤੇ ਕੀ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗੰਦੀਆਂ ਬਸਤੀਆਂ ਵਿਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਸਿਹਤ ਖ਼ਰਾਬ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਸਗੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਚਰਨ ਤੇ ਵੀ ਖ਼ਰਾਬ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਵਿਚ ਜੁਰਮ ਦੀ ਵਿਰਤੀ ਵੀ ਵਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਜ਼ਿਆਦਾ ਅਮੀਰ ਗੁਆਂਢ ਵਿਚ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਮਾਨਸਿਕ ਪ੍ਰਵਿਰਤੀ ਤੇ ਕੀ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਿਸ ਗਲੀ ਜਾਂ ਮੁਹੱਲੇ ਵਿਚ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਰਹਿਣਾ ਹੋਵੇ, ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਵਸਨੀਕਾਂ ਦਾ ਆਰਥਿਕ, ਸਮਾਜਿਕ ਅਤੇ ਸਭਿਆਚਾਰਕ ਪੱਧਰ ਤੁਹਾਡੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਜੇ ਬਾਕੀ ਲੋਕ ਅਮੀਰ ਹੋਣ ਤਾਂ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਮਨ ਵਿਚ ਈਰਖਾ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਜਾਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਨੂੰ ਛੋਟਾ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਨ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਮਾਨਸਿਕ ਸਥਿਤੀ ਤੇ ਖ਼ਰਾਬ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ।

ਨਿਬੰਧਾਤਮਕ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਹਰੇ ਇਨਕਲਾਬ ਅਤੇ ਸਰਮਾਏਦਾਰੀ ਦਾ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ ਅਤੇ ਮਕਾਨਾਂ ਦੇ ਕਿਰਾਇਆਂ ਤੇ ਕੀ ਅਸਰ ਪਿਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਰੇ ਇਨਕਲਾਬ ਦੇ ਬਾਅਦ ਜ਼ਿਮੀਂਦਾਰ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਕੋਲ ਬਹੁਤ ਪੈਸਾ ਆ ਗਿਆ ਹੈ । ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਘਰਾਂ ਤੇ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪੈਸੇ ਖ਼ਰਚ ਕੀਤੇ ਹਨ । ਆਲੀਸ਼ਾਨ ਬੰਗਲੇ ਬਣਾਏ ਹਨ । ਇਸ ਨਾਲ ਦੁਸਰੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਈਰਖਾ ਅਤੇ ਰੋਸ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਜਾਗੀ ਹੈ । ਨਕਲ ਕਰਕੇ ਕੁੱਝ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧਨ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵੀ ਮਕਾਨਾਂ ਤੇ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧਨ ਖ਼ਰਚ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਆਰਥਿਕ ਸੰਤੁਲਨ ਨੂੰ ਖ਼ਰਾਬ ਕੀਤਾ ਹੈ । ਹੁਣ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਮਕਾਨ ਬਨਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਬਹੁਤ ਮਹਿੰਗੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ । ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣਾ ਸਿਰਫ਼ ਅਮੀਰ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵੱਸ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ । ਕਿਰਾਏ ਵੀ ਬਹੁਤ ਵੱਧ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਆਮ ਆਦਮੀ ਤੇ ਖ਼ਰਾਬ ਅਸਰ ਪਿਆ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਸਮੇਂ ਆਪਣੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣਾ ਕਿਉਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਆਪਣੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਬਹੁਤ ਵਾਰੀ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਲਗਨ ਵਿਚ ਕਈ ਪਰਿਵਾਰ ਆਪਣੀਆਂ ਦੂਜੀਆਂ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀਆਂ ਭੁੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹ ਸਰਕਾਰ, ਬੈਂਕ ਜਾਂ ਬੀਮਾ ਕੰਪਨੀ ਤੋਂ ਕਰਜ਼ਾ ਲੈ ਕੇ ਮਕਾਨ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਪੈਸੇ ਦੀ ਥੁੜ ਕਾਰਨ ਘਰ ਦੀ ਖ਼ੁਰਾਕ, ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਿਕਾਸ ‘ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪੈ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਸਮੇਂ ਜਾਂ ਕਿਰਾਏ ਤੇ ਲੈਣ ਸਮੇਂ ਕਿਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਸਮੇਂ ਜਾਂ ਕਿਰਾਏ ਤੇ ਲੈਂਦੇ ਸਮੇਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ –

  • ਮਕਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਵੇ ।
  • ਮਕਾਨ ਅਜਿਹੀ ਥਾਂ ‘ਤੇ ਬਣਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਦੈਨਿਕ ਵਰਤੋਂ ਵਿਚ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਛੇਤੀ ਅਤੇ ਸੌਖਿਆਈ ਨਾਲ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋ ਸਕਦੀਆਂ ਹੋਣ ।
  • ਨੌਕਰੀ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਨੌਕਰੀ ਦਾ ਸਥਾਨ ਅਤੇ ਦੁਕਾਨ ਨੇੜੇ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ।
  • ਹਸਪਤਾਲ ਅਤੇ ਬਜ਼ਾਰ ਵੀ ਘਰ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੂਰ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ।
  • ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਸਕੂਲ ਅਤੇ ਕਾਲਜ ਨੇੜੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  • ਡਾਕਘਰ ਅਤੇ ਬੈਂਕ ਵੀ ਨੇੜੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

Home Science Guide for Class 7 PSEB ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ Important Questions and Answers

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਰਕਾਰ ਆਪਣੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਤਨਖ਼ਾਹ ਦਾ ਕਿੰਨੇ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕਿਰਾਏ ਲਈ ਭੱਤੇ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
10-15%.

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਦੋਸਤ ……….. ਕਰਕੇ ਨਹੀਂ ਬਣਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ।
ਉੱਤਰ-
ਫੈਸਲਾ !

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਚੰਗਾ ਪੜੋਸ ਜੀਵਨ ਵਿਚ …………… ਦੇ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਖੁਸ਼ੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4. ……… ਦੇ ਬਾਅਦ ਜ਼ਮੀਂਦਾਰ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਕੋਲ ਬਹੁਤ ਪੈਸਾ ਆ ਗਿਆ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਹਰਿਤ ਕਰਾਂਤੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਘਰ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਕਿਸ ਵਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੂਰਬ ਵਲ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
………………… ਭੂਮੀ ਮਕਾਨ ਲਈ ਉੱਤਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਥਰੀਲੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਕਿਰਾਇਆ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । (ਠੀਕ/ਗਲਤ)
ਉੱਤਰ-
ਗ਼ਲਤ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਗੁਆਂਢੀ ਕਦੋਂ ਸਹਾਇਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
(ਉ) ਦੁੱਖ ਸਮੇਂ
(ਅ) ਬਿਮਾਰੀ ਸਮੇਂ
(ਈ) ਮੁਸੀਬਤ ਸਮੇਂ
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।
ਉੱਤਰ-
(ਸ) ਸਾਰੇ ਠੀਕ ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਕਾਨ ਦੀ ਲੋੜ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਰਖਾ, ਧੁੱਪ, ਠੰਢ, ਹਨੇਰੀ, ਤੂਫ਼ਾਨ, ਜੀਵ-ਜੰਤੂ ਅਤੇ ਅਚਾਨਕ ਘਟਨਾਵਾਂ ਆਦਿ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਆਦਿ ਕਾਲ ਵਿਚ ਮਨੁੱਖ ਕਿੱਥੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਗੁਫ਼ਾਵਾਂ ਵਿਚ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਜਮਾਂਦਰੂ ਚੇਤਨਾ ਕੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪ੍ਰਾਣੀ ਆਪਣੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਅਜਿਹੇ ਟਿਕਾਣੇ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸੁਖ ਸ਼ਾਂਤੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋ ਸਕੇ। ਇਹੋ ਜਨਮਜਾਤ ਚੇਤਨਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਮਾਂ, ਕਿਰਤ ਅਤੇ ਧਨ ਦੀ ਬੱਚਤ ਲਈ ਮਕਾਨ ਕਿੱਥੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮਾਂ, ਕਿਰਤ ਅਤੇ ਧਨ ਦੀ ਬੱਚਤ ਲਈ ਮਕਾਨ ਸਕੂਲ, ਕਾਲਜ, ਹਸਪਤਾਲ, ਦਫ਼ਤਰ, ਬਜ਼ਾਰ ਆਦਿ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

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ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਚ ਵਰਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਕਾਨ ਵਿਚ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਕਾਨ ਵਿਚ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ –

  • ਸੁਰੱਖਿਆਤਮਕ ਸਹੂਲਤਾਂ
  • ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਸਹੂਲਤ
  • ਸਰੀਰਕ ਸੁੱਖ
  • ਮਾਨਸਿਕ ਸ਼ਾਂਤੀ
  • ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਵਾਧੇ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮਕਾਨ ਕਿਹੋ ਜਿਹਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਡਾ ਮਕਾਨ ਅਜਿਹਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ –

  • ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੇ ਪੂਰਨ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਵਾਧੇ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇ ।
  • ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਹਰ ਇਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਕਾਰਜ ਕਰਨ ਦੀ ਯੋਗਤਾ ਨੂੰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ।
  • ਇਕ ਦੂਜੇ ਪ੍ਰਤੀ ਸਦਭਾਵਨਾ ਤੇ ਪ੍ਰੇਮ ਨਾਲ ਵਿਵਹਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਏ ।
  • ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਪੂਰਾ ਯੋਗਦਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਮਕਾਨ ਦੀ ਲੋੜ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-

  • ਵਰਖਾ, ਧੁੱਪ, ਠੰਡ, ਹਨੇਰੀ, ਤੁਫ਼ਾਨ ਆਦਿ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ।
  • ਜੀਵ ਜੰਤੂਆਂ, ਚੋਰਾਂ ਅਤੇ ਅਚਾਨਕ ਵਾਪਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰੱਖਣ ਲਈ ।
  • ਸ਼ਾਂਤੀ ਪੂਰਵਕ, ਮਾਨਸਿਕ ਅਤੇ ਸਰੀਰਕ ਸਿਹਤਮੰਦ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕਰਨ ਲਈ ।
  • ਆਪਣਾ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਸਰਬਅੰਗੀ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਘਰ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਘਰ ਦਾ ਮੂੰਹ ਪੂਰਬ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਅਤੇ ਤਾਜ਼ੀ ਹਵਾ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਆ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ-ਸੁੰਦਰ, ਸੁਰੱਖਿਆਤਮਕ ਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਧਿਆਨ ਵਿਚ ਰੱਖਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ –
1. ਸਥਿਤੀ (ਵਾਤਾਵਰਨ)-ਸਿਹਤਮੰਦ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ, ਵਾਤਾਵਰਨ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ | ਮਹੱਤਵ ਹੈ । ਵਾਤਾਵਰਨ ਤੇ ਹੀ ਘਰ ਦੀ ਸਿਹਤ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
ਗੰਦੇ ਅਤੇ ਦੂਸ਼ਿਤ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿਚ ਬਣੇ ਚੰਗੇ ਤੋਂ ਚੰਗੇ ਮਕਾਨ ਵੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਮਕਾਨ ਦੀ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਤੋਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ

  • ਰੇਲਵੇ ਸਟੇਸ਼ਨ, ਕਾਰਖ਼ਾਨੇ, ਭੀੜ ਵਾਲੇ ਬਜ਼ਾਰ, ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ, ਕਸਾਈ ਖ਼ਾਨਾ, ਤਲਾਬ, | ਨਦੀ, ਗੰਦੇ ਨਾਲੇ, ਸਰਵਜਨਕ ਟਾਇਲਟ ਆਦਿ ਦੇ ਕੋਲ ਮਕਾਨ ਨਹੀਂ ਬਣਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  • ਮਕਾਨ ਸਿਲ਼ ਭਰੀਆਂ ਅਤੇ ਤੰਗ ਗਲੀਆਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਬਣਵਾਉਣਾ ਜਾਂ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ।
  • ਮਕਾਨ ਹੋਰ ਘਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਬਿਲਕੁਲ ਲੱਗਿਆ ਹੋਇਆ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਮਕਾਨਾਂ ਵਿਚ ਆਪਸ ਵਿਚ ਉੱਚਿਤ ਦੂਰੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।
  • ਮਕਾਨ ਉੱਚੀ ਥਾਂ ਤੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਨੇੜੇ ਦੇ ਮਕਾਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਉੱਚੇ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ।
  • ਮਕਾਨ ਖੁੱਲ੍ਹੀ ਥਾਂ ਤੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸ਼ੁੱਧ ਹਵਾ ਅਤੇ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਉੱਚਿਤ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਮਿਲ ਸਕੇ ।
  • ਮਕਾਨ ਜਿੱਥੇ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ ਉੱਥੇ ਸਾਫ਼ ਪੀਣ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋ ਸਕੇ ।
  • ਘਰ ਤੋਂ ਥੋੜ੍ਹੀ ਦੂਰੀ ਤੇ ਕੁੱਝ ਬ੍ਰਿਛ ਹੋਣ ਤਾਂ ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੈ । ਉਹ ਭੂਮੀ ਨੂੰ ਸੁੱਕੀ ਰੱਖਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸ਼ੁੱਧ ਤੇ ਤਾਜ਼ੀ ਹਵਾ ਵੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

2. ਭੂਮੀ-ਭੂਮੀ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਪਾਣੀ ਸੋਖ ਸਕੇ । ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਮਕਾਨ ਲਈ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਕਿਉਂਕਿ ਉਸ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਸੋਖਣ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਅਤੇ ਉਸ ਤੇ ਬਣਾਏ ਗਏ ਮਕਾਨ ਵਿਚ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਸਿਲ਼ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ । ਅਜਿਹੀ ਭੂਮੀ ਵਿਚ ਕਈ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਰੋਗ ਹੋਣ ਦਾ ਡਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਮਕਾਨ ਦੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਪਾਣੀ ਇਕੱਠਾ ਹੋ ਜਾਣ ਨਾਲ ਉਸ ਦੀ ਨੀਂਹ ਕਮਜ਼ੋਰ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਰੇਤਲੀ ਭੂਮੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ ਗਰਮ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿਚ ਠੰਢੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਅਜਿਹੀ ਭੂਮੀ ਤੇ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਮਕਾਨ ਮਜ਼ਬੂਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ । ਪਥਰੀਲੀ ਭੂਮੀ ਮਕਾਨ ਦੇ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਤਮ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਅਜਿਹੀ ਭੂਮੀ ਵਿਚ ਨੀਂਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪੱਕੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ

3. ਘਰ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ-ਘਰ ਦਾ ਮੂੰਹ ਪੂਰਬ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਅਤੇ ਤਾਜ਼ੀ ਹਵਾ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਆ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

4. ਨੀਂਹ-ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਇਹ ਵੀ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਮਕਾਨ ਦੀ ਨੀਂਹ ਡੂੰਘੀ ਹੋਵੇ । ਇਸ ਦੀ ਗਹਿਰਾਈ ਮਕਾਨ ਦੀ ਉਚਾਈ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਜਿੰਨੇ ਮੰਜ਼ਲੀ ਜਾਂ ਉੱਚਾ ਮਕਾਨ ਹੋਵੇਗਾ ਉਨਾ ਹੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਭਾਰ ਨੀਂਹ ਤੇ ਪਵੇਗਾ; ਇਸ ਲਈ ਉਸੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸ ਦੀ ਗਹਿਰਾਈ ਰੱਖੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ । ਨੀਂਹ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਤਿੰਨ ਫੁੱਟ ਡੂੰਘਾ ਪੁੱਟਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਨੀਂਹ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਉਚਾਈ ਤਕ ਕੰਕਰੀਟ ਅਤੇ ਸੀਮੈਂਟ ਨਾਲ ਭਰਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਮਜ਼ਬੂਤ ਨੀਂਹ ਤੇ ਹੀ ਇਕ ਚੰਗੇ ਮਕਾਨ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਸੰਭਵ ਹੈ ।

5. ਬਨਾਵਟ-ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਨਕਸ਼ੇ ਅਤੇ ਯੋਗ ਕਾਰੀਗਰ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਮਕਾਨ ਸੁੰਦਰ, ਸੁਵਿਧਾਜਨਕ ਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣੇ । ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਨੀਂਹ ਦੇ ਇਲਾਵਾ ਦੀਵਾਰਾਂ, ਖਿੜਕੀਆਂ, ਰੋਸ਼ਨਦਾਨਾਂ, ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਤੇ ਛੱਤ ਆਦਿ ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਿਆਨ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉੱਚਿਤ ਅਤੇ ਟਿਕਾਊ ਮਕਾਨ ਬਣੇ । ਮਕਾਨ ਦੇ ਫਰਸ਼ ਤੇ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧਿਆਨ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਸਮੇਂ ਸਮੇਂ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕਰਨ ਅਤੇ ਧੋਣ ਵਿਚ ਕੋਈ ਕਠਿਨਾਈ ਨਾ ਹੋਵੇ ।

6. ਹੋਵਾ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ-ਦੁਸ਼ਿਤ ਹਵਾ ਦੀਆਂ ਹਾਨੀਆਂ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਅਤੇ ਸਾਫ਼ ਹਵਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਹਵਾ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ | ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਹਵਾ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਲਈ ਇਹ ਉੱਚਿਤ ਹੈ ਕਿ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਅਤੇ ਖਿੜਕੀਆਂ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਉਹ ਆਹਮਣੇ-ਸਾਹਮਣੇ ਹੋਣ ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਗੰਦੀ ਹਵਾ ਨਾ ਰੁਕ ਸਕੇ । ਛੱਤ ਦੇ ਕੋਲ ਰੋਸ਼ਨਦਾਨ ਦਾ ਹੋਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

7. ਰੋਸ਼ਨੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ-ਹਵਾ ਦੇ ਨਾਲ ਘਰ ਵਿਚ ਰੋਸ਼ਨੀ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਸੂਰਜ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਦਾ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਜਾਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਚੰਗੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਧੁੱਪ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਕੀਟਾਣੂਆਂ ਦਾ ਨਾਸ਼ ਕਰਕੇ ਹਵਾ ਨੂੰ ਸ਼ੁੱਧ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਹਨੇਰੇ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਇਕੱਠੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ

ਛੂਤ ਦੇ ਰੋਗ ਜਿਵੇਂ-ਖੰਘ, ਜ਼ੁਕਾਮ, ਨਮੋਨੀਆ, ਤਪਦਿਕ ਆਦਿ ਹੋਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਵਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਮਕਾਨਾਂ ਵਿਚ ਹਵਾ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ, ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਅਤੇ ਧੁੱਪ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਸਾਨੂੰ ਰਾਤ ਦੇ ਲਈ ਵੀ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਉਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਬਿਜਲੀ ਦੀ ਉਪਲੱਬਧੀ ਵੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ।

ਲੋੜਾਂ ਦੇ ਸਾਧਨ ਕੇਂਦਰ-ਮਕਾਨ ਅਜਿਹੀ ਥਾਂ ਤੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਜੀਵਨ ਦੀਆਂ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੇ ਸਾਧਨ ਕੇਂਦਰ ਉਸ ਸਥਾਨ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੂਰ ਨਾ ਹੋਣ । ਸਕੂਲ, ਬੈਂਕ, ਕਾਲਜ, ਬਜ਼ਾਰ, ਡਾਕਖ਼ਾਨਾ, ਹਸਪਤਾਲ ਜਾਂ ਡਾਕਟਰ ਆਦਿ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੂਰ ਹੋਣ ਨਾਲ ਸਮਾਂ ਅਤੇ ਧਨ ਦੋਹਾਂ ਦਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖ਼ਰਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ | ਮਕਾਨ ਅਜਿਹੀ ਥਾਂ ਤੇ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਇਕ ਥਾਂ ਤੋਂ ਦੂਜੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਹੁੰਚਣਾ ਸੌਖਾ ਹੋਵੇ ।

ਮਲ-ਮੂਤਰ ਅਤੇ ਗੰਦੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਨਿਕਾਸ-ਘਰਾਂ ਵਿਚ ਕਮਰਿਆਂ ਦੇ ਧੋਣ ਤੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਬਾਹਰ ਕੱਢਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਰਸੋਈ, ਗੁਸਲਖ਼ਾਨਾ ਅਤੇ ਟਾਇਲਟ ਵਿਚ ਤਾਂ ਨਾਲੀਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹੋਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਨਾਲੀਆਂ ਪੱਕੀਆਂ ਹੋਣ ਅਤੇ ਢਾਲਵੀਆਂ ਹੋਣ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਸੌਖ ਨਾਲ ਵਹਿ ਜਾਵੇ । ਨਾਲੀਆਂ ਚੱਕੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਫਿਨਾਇਲ ਆਦਿ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਨਾਲੀਆਂ ਵਿਚ ਅਤੇ ਕੰਧ ਉੱਪਰ ਕੁਝ ਉਚਾਈ ਤਕ ਸੀਮੈਂਟ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Home Science Solutions Chapter 6 ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ

ਮਕਾਨ ਸੰਬੰਧੀ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤੱਤ PSEB 7th Class Home Science Notes

ਸੰਖੇਪ ਜਾਣਕਾਰੀ

  • ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਆਪਣੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਦਾ
  • ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  • ਹਰ ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਆਮਦਨ ਵਿਚੋਂ ਬੱਚਤ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।
  • ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਆਮਦਨ ਦਾ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਭਾਗ ਕਿਰਾਏ ‘ਤੇ ਖ਼ਰਚ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
  • ਮਕਾਨ ਆਪਣੀ ਆਰਥਿਕ ਸਮਰੱਥਾ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਪੱਧਰ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  • ਜਿਸ ਗਲੀ ਜਾਂ ਮੁਹੱਲੇ ਵਿਚ ਰਹਿਣਾ ਹੋਵੇ, ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਵਸਨੀਕਾਂ ਦਾ ਆਰਥਿਕ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਪੱਧਰ ਤੁਹਾਡੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  • ਚੰਗਾ ਗੁਆਂਢ ਨਾ ਕੇਵਲ ਤੁਹਾਡੇ ਜੀਵਨ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਸਗੋਂ ਅੱਜਕਲ ਦੇ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਤੁਹਾਡੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ਵੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।
  • ਚੰਗਾ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਮਕਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਬਣੇ ।
  • ਜ਼ਿਆਦਾ ਭੀੜ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕਿਆਂ, ਗੰਦੀਆਂ ਬਸਤੀਆਂ ਵਿਚ ਰਹਿ ਰਹੇ ਲੋਕਾਂ । ਦੀ ਨਾ ਕੇਵਲ ਸਿਹੁਤ ਹੀ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋਵੇਗੀ ਸਗੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਚਰਨ ਉੱਤੇ ਵੀ ।
  • ਭੈੜਾ ਅਸਰ ਪਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਜੁਰਮ ਦੀ ਪ੍ਰਵਿਰਤੀ ਵੀ ਵਧੇਗੀ ।