PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 22 गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 22 गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 22 गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ

Hindi Guide for Class 3 PSEB गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ

1. कविता में इतिहास पुरुष किसे कहा गया
उत्तर-
कविता में इतिहास पुरुष गुरु गोबिन्द सिंह जी को कहा गया है।

2. गुरु गोबिन्द सिंह जी को वंश दानी क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने अपने पिता और अपने चारों पुत्रों को देश और धर्म की रक्षा की खातिर न्योछावर कर दिया। इस प्रकार उन्होंने अपने वंश को ही देश पर लुटा दिया। इसी कारण उन्हें ‘वंशदानी’ कहा जाता है।

3. खालसा पंथ की स्थापना किसने की थी ?
उत्तर-
खालसा पंथ की स्थापना श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने की थी।

4. गुरु गोबिन्द सिंह जी का अन्य क्या नाम प्रसिद्ध है ?
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह जी को ‘दशम गुरु’ के नाम से भी जाना जाता है।

5. गुरु गोबिन्द सिंह जी ने अपने देश और धर्म की खातिर कितने पुत्रों का बलिदान दिया था ?
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने अपने देश और धर्म की खातिर अपने चारों पुत्रों का बलिदान दिया था।

II. कविता की पंक्तियाँ पूरी करो

देश-धर्म पर वार दिए सुत,
…………………………..
चिड़ियों से जो बाज लड़ाए,
…………………………..
वंश दान करने वाले,
…………………………..
उत्तर-
(i) देश-धर्म पर वार दिए सुत, उस दानी को शीश झुकाएँ।
(ii) चिड़ियों से जो बाज लड़ाए, उस योद्धा पर बलि-बलि जाएँ।
(iii) वंश दान करने वाले, गुरु गोबिन्द सिंह पर बलि-बलि जाएँ।

III. वाक्यों में प्रयोग करो

इतिहास पुरुष = …………………………..
वंश दानी = …………………………..
देश धर्म = …………………………..
संत सिपाही = …………………………..
उत्तर-
(i) इतिहास पुरुष = श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी एक इतिहास पुरुष हैं।
(ii) वंश दानी = अपने पूरे वंश को धर्म की वेदी पर न्योछावर करने के कारण श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी वंश दानी कहलाते हैं।
(iii) देश-धर्म = हमारे लिए देश-धर्म पहले है।
(iv) संत सिपाही = संत सिपाही गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म पटना में हुआ।

IV. तुक मिलाओ

सुनायें कहलाये।
उठाता झुकायें
आना बनाता।
आये जाना।

उत्तर-
(i) सुनायें = झुकायें।
(ii) उठाता = बनाता।
(iii) आना = जाना।
(iv) आये = कहलाये।

V. दो-दो पर्यायवाची लिखो

शीश = ………………………….. …………………………..
सुत = ………………………….. …………………………..
तलवार =………………………….. …………………………..
कथा= ………………………….. …………………………..
पितागुरु = ………………………….. …………………………..
उत्तर
(i) शीश = सिर, माथा।
(ii) सुत = बेटा, तनय।
(iii) तलवार कृपाण, खड्ग।
(iv) कथा = कहानी, गाथा।
(v) पिता = तात, बाप।
(vi) गुरु = शिक्षक, अध्यापक।

VI. ‘इतिहास’ शब्द में ‘इक’ लगाकर नया शब्द ‘ऐतिहासिक बना। इसी प्रकार ‘इक’ लगाकर नए शब्द बनाओ –

धर्म + इक = …………………………..
समाज + इक = …………………………..
परिवार + इक = …………………………..
अन्तर + इक = …………………………..
उत्तर-
(i) धर्म + इक = धार्मिक।
(ii) समाज + इक = सामाजिक।
(iii) परिवार + इक = पारिवारिक।
(iv) अन्तर + इक = .. आन्तरिक।

VII. चौखाने में सिक्खों के दस गुरुओं के नाम छिपे हैं। उन पर गोला लगाओ और सामने क्रम अनुसार उनके नाम लिखो –
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 22 गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ 1
उत्तर-
दस गुरुओं के नाम

  1. श्री गुरु नानक देव जी
  2. श्री गुरु अंगद देव जी
  3. श्री गुरु अमरदास जी
  4. श्री गुरु रामदास जी
  5. श्री गुरु अर्जुन देव जी
  6. श्री गुरु हर गोबिन्द जी
  7. श्री गुरु हरिराय जी
  8. श्री गुरु हरि कृष्ण जी
  9. श्री गुरु तेग़ बहादुर जी
  10. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी।

गुरु गोबिंद सिंह को शीश झुकाएँ Summary & Translation in Hindi

पद्यांशों के सरलार्थ

1. आओ तुम्हें इतिहास पुरुष के, बलिदानों की कथा सुनाएँ। देश धर्म पर वार दिए सुत, उस दानी को शीश झुकाएँ। जीती कौमें बलिदानों पर, यह इतिहास बताता है। देश धर्म की रक्षा करने, सन्त सिपाही आता भेज पिता को धर्म की खातिर, खुद तलवार उठाता है। पंथ खालसा का सिरजन कर, इक इतिहास बनाता है। चिड़ियों से जो बाज लड़ाए, उस योद्धा पर बलि-बलि जाएँ। देश धर्म पर वार दिए सुत, उस दानी को शीश झुकाएँ। सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता “गुरु गोबिन्द सिंह को शीश झुकाएँ” से ली गई हैं। इसमें कवि ने सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी के त्याग और बलिदान का वर्णन किया है। कवि कहता है कि आओ आज तुम्हें एक ऐसे वीर की कहानी सुनाएँ जिसने अपने त्याग, और बलिदान से इतिहास ही लिख दिया। जिस वीर ने अपने देश और अपने धर्म के लिए अपने बेटों को न्योछावर कर दिया, उस महादानी को अपना शीश नमन करें।

कवि बताता है कि बलिदान के बल पर ही राष्ट्र जीता है और इन्हीं बलिदानों से इतिहास बनता है। इतिहास तो यही बताता है कि देश और धर्म की रक्षा करने के लिए सन्त सिपाही गुरु गोबिन्द सिंह जी इस संसार में आए जिन्होंने अपने पिता को भी धर्म की खातिर बलिदान देने को भेज दिया और जुल्मों को रोकने के लिए खुद तलवार भी उठा ली। पंथ की सृजना (खालसा पंथ की स्थापना) करके जिसने एक इतिहास लिख दिया। वह योद्धा, जिसने चिड़ियों से बाज़ों को लड़वा दिया। उस वीर योद्धा पर बलिहारी जाएँ। जिस वीर ने अपने देश और धर्म की खातिर अपने बेटों को भी न्योछावर कर दिया, उस दानी, वीर को अपना शीश झुकाएँ। भाव-विशेष-कवि ने वीर सिपाही गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।

2. धर्म है पहले देश है पहले, बाकी आना जाना है। कुर्बानी की अजब कहानी, को फिर से दोहराना है। दीवारों में चिने लाल दो, धर्म-युद्ध में काम दो आए। पिता दान-फिर पुत्र दान कर, वंशदानी जो कहलाए॥ वंश दान करने वाले, गुरु गोबिन्द सिंह पर बलि-बलि जाएँ। देश धर्म पर वार दिए सुत, उस दानी को शीश झुकाएँ।

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘गुरु गोबिन्द सिंह को शीश झुकाएँ’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी के त्याग और बलिदान की गाथा का वर्णन किया है। कवि बताते हैं कि गुरु गोबिन्द सिंह जी के लिए देश और धर्म पहले था। उनके बलिदान की कहानी को आज फिर दोबारा से सुनना है। उनके दो वीर बेटे दीवारों में चिनवा दिए गए और दो बेटे धर्म की रक्षा करते काम आए। इस वीर पुरुष ने पहले अपने पिता और फिर अपने चारों पुत्रों को देश के लिए, अपने धर्म की रक्षा के लिए दान में दे दिया और ऐसा करके वे अनूठे वीर पुरुष कहलाए जिन्होंने अपने वंश का ही दान दे दिया। ऐसे वंश-दानी, गुरु गोबिन्द सिंह जी पर आओ बलिहार जाएँ। जिस वीर पुरुष ने अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने बेटों तक को न्योछावर कर दिया, आओ उस महादानवीर को सिर झुकाएं। भाव-विशेष-कवि ने सन्त सिपाही गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रति अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए हैं।

कठिन शब्दों के अर्थ

इतिहास-पुरुष = इतिहास रच देने वाले व्यक्ति।
सुत = बेटा।
बलिदान = कुर्बानी।
वार दिए = न्यौछावर कर दिए, कुर्बान कर दिए।
दानी = दान देने वाला।
शीश झुकाना = नमन करना।
कौम = राष्ट्र।
रक्षा करना = बचाना।
खातिर = के लिए।
खुद = स्वयं।
सिरजन = निर्माण, बनाना।
बाज = पक्षी का नाम।
यौद्धा = युद्ध करने वाला।
अजब = अद्भुत।
दोहराना = दोबारा से।
चिने = चिनवाए।
लाल = बेटे।
धर्म-युद्ध = धर्म की, न्याय की लड़ाई।
काम आए = मारे गए।
वंशदानी = वंश को दान करने वाला (यहाँ गुरु गोबिन्द सिंह जी को वंशदानी कहा गया है )

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 21 उपकार का फल

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 21 उपकार का फल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 21 उपकार का फल

Hindi Guide for Class 3 PSEB उपकार का फल Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ

1. भेड़िये का स्वभाव कैसा था ?
उत्तर-
भेड़िया बहुत परोपकारी स्वभाव का था।

2. मित्र जानवर भोजन करने को क्यों व्याकुल थे ?
उत्तर-
बहुत दिनों के बाद जानवरों को इतनी अधिक मात्रा में भोजन खाने को मिल रहा था इसीलिए वे सभी भोजन करने को व्याकुल थे।

3. अजनबी जानवरों के संकट और भूख को देखकर भेड़िये ने क्या कहा?
उत्तर-
अजनबी जानवरों के संकट और भूख को देखकर भेड़िये ने कहा, “कोई बात नहीं, सौभाग्यवश हम भोजन कर ही रहे हैं, आप भी भोजन कर लीजिए”।

4. भेड़िये ने जब अजनबी जानवरों को भोजन करने को कहा तो मित्र जानवरों को गुस्सा क्यों आया ?
उत्तर-
वास्तव में भेड़िये व उसके मित्रों को बहुत दिनों के पश्चात् भर पेट भोजन करने को मिल रहा था। उस पर भेड़िये ने उसी भोजन में से दूसरे अजनबी जानवरों को भी खाने को कह दिया तो मित्र जानवरों को भेड़िये की इस बात पर गुस्सा आया।

5. मित्र जानवर नंदन वन छोड़कर क्यों चले गए?
उत्तर-
नंदन वन में बीमारी फैल गई थी, जिससे सभी जानवर मरने लगे थे। अपनी जान बचाने के लिए नंदन वन के जानवर वन छोड़कर चले गए।

6. हिरण ने उन्हें जंगल में जाने क्यों नहीं दिया ?
उत्तर-
हिरण को जंगल के स्वामी शेर का हुक्म था कि इस जंगल में बाहर के जंगल का कोई भी जानवर न आने पाए। इसी आज्ञा का पालन करते हुए हिरण ने उन्हें जंगल में प्रवेश करने नहीं दिया।

7. शेर ने मित्र जानवरों को जंगल में रहने की अनुमति क्यों दी?
उत्तर-
शेर को जब एक जानवर ने आकर बताया कि ये वही मित्र जानवर हैं जिन्होंने संकट के समय हमारी मदद की थी तो शेर ने खुशी-खुशी उनकी सहायता करना मान लिया और उन्हें जंगल में रहने की अनुमति दे दी।

II. उपयुक्त शब्द चुनकर वाक्य पूरे करो

संकट, इकट्ठा, परोपकारी, गुस्सा, मित्रता कर्त्तव्य, एहसान।
1. भेड़िया बहुत ही ……………………….. स्वभाव का था।
2. वे भोजन ……………………….. ही करते थे।
3. मित्र जानवरों को भेड़िये पर ……………………….. आया किन्तु ……………………….. के कारण वे कुछ न कह पाये।
4. हमें ……………………….. के समय दूसरों की मदद करनी | चाहिए।
5. मित्रो ! यह हमारा ……………………….. नहीं बल्कि ……………………….. था।
उत्तर-
1. परोपकारी
2. इकट्ठा
3. गुस्सा, मित्रता
4. संकट
5. एहसान, कर्तव्य।

III. वाक्य बनाओ

खाली हाथ लौट आना = निराश वापिस आ जाना।
मुँह पर ताला लग जाना = चुप्पी साध लेना /जवाब न सूझना।
एक टक देखना = लगातार देखना।
चेहरा खिल उठना = खुश होना।
मँह में पानी भर आना = ललचाना।
उत्तर-
(i) खाली हाथ लौट आना = निराश वापिस आ जाना-मोहन फल खरीदने बाजार गया था लेकिन बाजार बन्द होने के कारण मोहन को खाली हाथ ही लौट आना पड़ा।
(ii) मुँह पर ताला लग जाना = चुप्पी साध लेना-सेठ की खरी-खोटी बातें सुनकर नौकर के मुँह पर ताला लग गया।
(iii) एक टक देखना= लगातार देखना सभी बच्चे जादूगर को एकटक देख रहे थे।
(iv) चेहरा खिल उठना = खुश होना अध्यापक के मुँह से अपनी प्रशंसा सुनकर मोहन का चेहरा खिल उठा।
(v) मुँह में पानी भर आना = ललचाना-पके अंगूरों के गुच्छे देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया।

IV. शब्द में से शब्द ढूँढ़ कर लिखो –
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 21 उपकार का फल 1
चौकोर खानों में से जंगली जानवरों के नाम ढूँढ़कर सामने लिखो-
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 21 उपकार का फल 2
उत्तर-
जंगली जानवरों के नाम –
(i) हिरण
(ii) चीता
(iii) शेर
(iv) बाघ
(v) हाथी
(vi) बंदर
(vii) भेड़िया
(viii) लोमड़ी
(ix) लंगूर
(x) भालू

V. बोलियों का मिलान करो

शेर चिंघाड़ना
चीता डकारना
बंदर रंभाना
भैंस किलकिलाना
गाय हिनहिनाना
सूअर दहाड़ना
हाथी हुरड़-हुरड़
घोडा गुर्राना।

उत्तर-

जानवर बोली
(i) शेर दहाड़ना।
(ii) चीता गुर्राना।
(iii) बंदर किलकिलाना।
(iv) भैंस डकारना।
(v) गाय रंभाना।
(vi) सूअर हुरड़-हुरड़।
(vii) हाथी चिंघाड़ना।
(viii) घोड़ा हिनहिनाना।

VI. लिंग बदलो

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 21 उपकार का फल 3
उत्तर-
पुल्लिग शब्द – स्त्रीलिंग शब्द
(i) शेर = शेरनी।
(ii) हिरण = हिरणी।
(iii) रीछ = रीछनी।
(iv) ऊँट = ऊँटनी।
(v) साँप = साँपिन।
(vi) बाघ = बाघिन।
(vii) हाथी = हथिनी।
(viii) सियार = सियारिन।

उपकार का फल Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार

नंदन वन में बहुत से जानवर रहते थे। उन सबमें आपस में खूब दोस्ती थी। भेड़िया भी उन्हीं में से एक था। वह बड़ा दयालु और परोपकारी स्वभाव का था। दूसरों की सहायता के लिए वह हर समय तैयार रहता था। एक और जानवरी का उनकी लिए आहार मिल नहीं रहा था। सभी जानवर भोजन की तलाश में जंगल में घूमते रहे और जिन्हें भी जो कुछ मिला वे इकट्ठा करके ले आए ताकि शाम के समय सभी मिल कर खा सकें। भेड़िया उस दिन सबसे बड़ा शिकार लाया था जिसे देखकर दूसरे जानवरों के मुँह में भी पानी आ गया।

सॅभी ने सोचा कि चलो आज तो सब पेट भर कर खाना खाएंगे। अभी उन्होंने भोजन करना शुरू किया ही था कि भेड़िये की नज़र अपनी ओर आ रहे कुछ अजनबी जानवरों की ओर पड़ी। अजनबी जानवर जब भेड़िये के पास आए तो भेड़िये ने उनसे पूछा कि आपको पहले कभी इस वन में नहीं देखा। क्या आप किसी दूसरे जंगल से आए हो। उन जानवरों ने अपनी कहानी सुनाते हुए बताया कि शिकारी कई दिनों से हमारे जंगल में जानवरों का शिकार कर रहे हैं और हम अपनी जान बचाते हुए घूम रहे हैं। भेड़िये ने उन्हें कहा कि घबराने की कोई बात नहीं। हम लोग भोजन कर रहे हैं आप भी भोजन कर लीजिए। भेड़िये के इस व्यवहार से दूसरे साथियों को बहुत गुस्सा आया लेकिन दोस्ती के कारण किसी ने कुछ न कहा। कुछ दिन रहने के बाद वे अजनबी जानवर वापिस अपने जंगल लौट गए।

कुछ समय बाद एक बार नंदन वन में बीमारी फैल गई। बीमारी के कारण जंगल के जानवर मरने लगे। जानवर जंगल छोड़कर दूसरे किसी स्थान की खोज में जाने लगे। घूमते-घूमते वे एक जंगल में पहुँचे। जंगल में आते ही हिरण ने उन्हें रोक लिया और कहा, “इस जंगल में बाहर के जानवर यहाँ नहीं आ सकते।” भेड़िये ने मदद के लिए प्रार्थना की तो हिरण ने कहा हमारे स्वामी शेर की आज्ञा है और मैं उसके हुक्म की अनदेखी नहीं कर सकता। भेड़िया और उसके साथी अभी कुछ सोच ही रहे थे कि एक जानवर ने उन्हें पहचान कर उनके आने का कारण पूछा। भेड़िये ने उसे सारी बात बताई। वह अपने स्वामी शेर के पास गया और सारी बात बताई। शेर ने उनकी सहायता के लिए हाँ कह दी तो वह उन्हें अपने साथ जंगल में ले आया।

जंगल के सभी जानवरों ने उनकी खूब सेवा की। भेड़िये के मित्र जानवर सोचने लगे कि यह भेड़िये की परोपकारिता का ही परिणाम है कि आज उनकी इतनी सेवा हो रही है। कुछ दिन रहने के बाद भेड़िया और उसके मित्रों ने वापिस अपने घर (जंगल) लौटने की इच्छा की। भेड़िये ने उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि संकट के समय हमारी सहायता करके आपने हम पर एहसान किया है। हम आपके बहुत आभारी हैं। अब हमें विदा दो। इस पर जंगल के जानवरों ने कहा कि मित्रो यह हमारा एहसान नहीं बल्कि कर्त्तव्य था। जिस प्रकार आपने हमारी सहायता की थी उसी प्रकार हमने तुम्हारी सहायता करके अपना कर्तव्य निभाया है। भेडिया और उसके साथी वापिस जंगल लौट आए।

कठिन शब्दों के अर्थ

सौभाग्यवंश = किस्मत से; अच्छे भाग्य से।
मित्रता = दोस्ती।
परोपकारी = दूसरों का उपकार करने वाला, हितैषी।
स्वभाव = आदत।
सहायता = मदद।
मुकाबले = तुलना में।
मुताबिक = अनुसार।
भरपेट = पेट-भर कर।
तलाश = खोज।
संध्या = सांझ, शाम के बाद का समय।
परवाह = चिन्ता।
मुँह में पानी भर आया = इच्छा तेज़ होना, लार टपकना।
चेहरा खिल उठा = प्रसन्न हो गए।
ओर = तरफ।
अजनबी = अन्जान, न जान-पहचान वाले।
सौभाग्यवश = किस्मत से, अच्छे भाग्य से।
एकटक = लगातार ।
वन = जंगल।
अन्य = दूसरा ।
सेवा = सहायता।
सौभाग्य = अच्छी किस्मत।
सताए हुए = पीड़ित, दुःखी।
संकट : मुसीबत, मुश्किल।
मदद = सहायता।
मुँह को ताला लगना = चुप हो जाना।
तलाश = खोज।
प्रवेश = दाखिल।
स्वामी = मालिक।
आज्ञा = हुक्म।
उल्लंघन = आदेश न मानना।
वृत्तांत = किस्सा, कहानी।
अवश्य = ज़रूर।
आदेश = हुक्म ।
अनुमति = आज्ञा, इजाज़त।
परिणाम = नतीजा, फल।
विदा = जाना।
एहसान = उपकार, भलाई।
कर्त्तव्य = ज़िम्मेदारी, दायित्व ।
वृत्तांत = कहानी।

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 20 होनहार बालक चंद्रगुप्त

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 20 होनहार बालक चंद्रगुप्त Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 20 होनहार बालक चंद्रगुप्त

Hindi Guide for Class 3 PSEB होनहार बालक चंद्रगुप्त Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ –

1. नंद वंश के सर्वनाश के लिए चाणक्य को कैसे बालक की तलाश थी ?
उत्तर-
नंद वंश का सर्वनाश करने के लिए चाणक्य को तेजस्वी, पराक्रमी और वीर बालक की तलाश थी।

2. बालक चन्द्रगुप्त बचपन से ही कैसा था ?
उत्तर-
बालक चन्द्रगुप्त बचपन से ही बड़ा साहसी, निडर और न्यायकर्ता था। वह बालकों की टोली का राजा बनता था।

3. दोनों मित्र जनपद पर झगड़ा क्यों कर रहे थे ?
उत्तर-
दोनों मित्र झगड़ रहे थे। एक कह रहा था यात्रा पर जाने से पहले मैंने इसे सोने की मोहरें दी थीं यह उन्हें लौटा नहीं रहा। दूसरा अपने हाथ की छड़ी अपने मित्र को थमाते हुए कहता था कि मैंने मोहरें लौटा दी हैं।

4. बालक चन्द्रगुप्त ने न्याय कैसे किया ?
उत्तर-
बालक चन्द्रगुप्त समझ गया कि सोने की मोहरें छड़ी के अन्दर हैं। उसने वह छड़ी तुरन्त मोहरों के असली मालिक को दे दी।

5. क्या यही बालक मगध का भावी सम्राट बन पाया ?
उत्तर-
हाँ, यही बालक आगे चलकर मगध का सम्राट् बना और चन्द्रगुप्त मौर्य के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

II. वाक्यों में प्रयोग करो –

सर्वनाश, उत्सुकता, जनपद, तीक्ष्ण बुद्धि, गुप्तचर, प्रस्थान, भावी।
उत्तर-
सर्वनाश-भूचाल ने कुछ ही क्षणों में सर्वनाश कर दिया था।
उत्सुकता-सभी जादूगर की ओर उत्सुकता से देख रहे थे।
जनपद-जनपद में दो व्यक्ति झगड़ रहे थे।
तीक्ष्ण बुद्धि-चन्द्रगुप्त बचपन से ही तीक्ष्ण बुद्धि बालक था।
गुप्तचर-कश्मीर में पाक गुप्तचरों का जाल फैला है।
प्रस्थान-मैं कल यहाँ से प्रस्थान कर जाऊँगा।
भावी-भावी प्रधानमंत्री कौन होगा, कहना कठिन है।

III. वाक्य पूरे करो-

(i) नंद के राज्य का …………………………. करूँगा।

(ii) आज हम खुले दरबार में ………………………….. करेंगे।

(iii) दीन दुःखियों की सहायता ………………………….. से तुरन्त की जाए।
उत्तर-
(i) नंद के राज्य का सर्वनाश करूँगा।
(ii) आज हम खुले दरबार में न्याय करेंगे।
(iii) दीन दुःखियों की सहायता राजकोष से तुरन्त की जाए।

IV. वाक्य बनाओ

1. सौगन्ध खाना (कार्य करने की प्रतिज्ञा लेना) हम सब सौगन्ध खाते हैं कि हम अपने देश की रक्षा में मर मिटेंगे।
2. नींव रखना (कार्य का आधार बनाना)-नेता जी ने हमारे गाँव में विद्यालय निर्माण की आज नींव रख दी।
3. मुट्ठी भींचना (किसी बात को लेकर मन में जोश आना)-शत्र को देखते ही हम सब मुट्ठी भींचकर आगे बढ़ गए थे।

V. पढ़ो और समझो

मान = अपमान
शान्ति = अशान्ति
न्याय = अन्याय
सुख = दु:ख।
निर्देश-ये विपरीतार्थक शब्द जोड़े हैं। विद्यार्थी इनके अर्थों को समझें।

‘क’ में बॉक्स में दिये शब्द का विपरीत शब्द ‘ख’ भाग में से ढूँढ़कर बॉक्स बनाओ

1. किसी का अपमान मत करो 1. हमें समाज में अशांति नहीं फैलानी चाहिए।
2. हमें अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए। 2. राजा की अवज्ञा कौन कर सकता है?
3. उचित कार्य करने पर पुरस्कार मिलेगा 3. सभी का सम्मान करो।
4. यह राजा की आज्ञा है। 4. अनुचित कार्य करने पर दंड मिलेगा।
5. कक्षा में शांति से बैठो। 5. हमें किसी के साथ बेईमानी नहीं करनी चाहिए।

उत्तर-

1. किसी का अपमान मत करो। 1. सभी का सम्मान करो।
2. हमें अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए। 2. हमें किसी के साथ बेईमानी नहीं करनी चाहिए।
3. उचित कार्य करने पर पुरस्कार मिलेगा। 3. अनुचित कार्य करने पर दंड मिलेगा।
4. यह राजा की आज्ञा है। 4. राजा की अवज्ञा कौन कर सकता है?
5. कक्षा में शांति से बैठो। 5. हमें समाज में अशांति नहीं फैलानी चाहिए।

VI. निम्नलिखित शब्दों के सामने दिए गए ब्लैक बोर्ड में समान अर्थ वाले शब्द छिपे हैं, उन्हें ढूँढ़कर सही शब्द के आगे लिखो –

साहस : शूरता शौर्य
झगड़ा: …………………………….. ……………………………..
ब्राह्मण: …………………………….. ……………………………..
सम्राट: …………………………….. ……………………………..
कोष: …………………………….. ……………………………..
क्रोध: …………………………….. ……………………………..
वृद्ध: …………………………….. ……………………………..
लड़ाई: …………………………….. ……………………………..
खजाना: …………………………….. ……………………………..
मित्र: …………………………….. ……………………………..

उत्तर-

साहस शूरता शौर्य
झगड़ा तकरार
ब्राह्मण विप्र वामन
सम्राट राजा नृप
कोष भंडार
क्रोध गुस्सा रोष
वृद्ध बूढ़ा वयोवृद्ध
मित्र सखा दोस्त

VII. शब्द के जोड़ों(शब्द-युग्म)को ‘और’ लगाकर लिखिए और उनके अर्थ समझो

दीन-दुःखियों दीन और दुःखियों
राजा-प्रजा ……………………..
माता-पिता ……………………..
लालन-पालन ……………………..
उत्तर-
(i) दीन-दुःखियों दीन और दुःखियों।
(ii) राजा-प्रजा राजा और प्रजा।
(iii) माता-पिता माता और पिता।
(iv) लालन-पालन लालन और पालन।

होनहार बालक चंद्रगुप्त Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार
चाणक्य और उसका मित्र वररुचि मंच पर आते हैं। चाणक्य कहता है कि मैं नंद वंश का सर्वनाश कर दूंगा। मैं ऐसे वीर बालक की खोज में हूँ जो नंद वंश को खत्म करके एक मज़बूत साम्राज्य कायम कर सके। सामने से बालकों की टोली आती है। उसमें एक बालक राजा बना हुआ है। वह टीले पर ही अपना दरबार लगा देता है। वह झगड़ रहे दो व्यक्तियों का न्याय करता है। चाणक्य उस बालक से बहुत प्रभावित हुआ। ब्राह्मण वेश में चाणक्य आकर कहता है-महाराज, मैं बहुत बूढ़ा हूँ। एक गाय मिल जाए तो परिवार का पालन-पोषण कर सकता हूँ। बालक ने कहा| मैदान में बहुत सी गाएँ चर रही हैं, जितनी चाहो ले जाओ। तुम्हें किसी का डर नहीं।

बालक महामन्त्री से कहता है कि राजकोष से दीन-दुःखियों की सहायता की जाए। चाणक्य यह | सुन वररुचि से कहता है शीघ्र चलो। मैं इस बालक के माता-पिता से मिलना चाहता हूँ। मैं इसे तक्षशिला ले जाऊँगा। इसकी पढ़ाई की व्यवस्था करूँगा। यही बालक चंद्रगुप्त आगे चल कर मगध का सम्राट बना।

कठिन शब्दों के अर्थ

गुप्तचर = जासूस।
जनपद = बस्ती।
वन = जंगल।
प्रदेश = इलाका।
दृश्य = नज़ारा।
मंच = स्टेज।
क्रोध = गुस्सा।
अपमान = बेइज्जती।
शिखा = चोटी।
स्पर्श = छूना।
सर्वनाश = सब कुछ नष्ट होना।
संभव = मुमकिन।
तेजस्वी = प्रतापी।
पराक्रमी = बलशाली ।
सशक्त = ताकतवर।
साम्राज्य = सल्तनत।
अत्यंत = बहुत ।
प्रभावशाली = असर वाला।
एकत्र = इकट्ठा।
उत्सुकता = जिज्ञासा।
कल्याण = भला।
प्रस्तुत = उपस्थित ।
जनपद = शहर।
विनम्रता = विनयशीलता।
सौगंध= शपथ।
वृत्तांत = ब्यौरा ।
आश्चर्य = हैरानी।
राजकीय कोष = शाही खज़ाना।
प्रस्थान = चलना, कूच करना।
तीक्षण = तीव्र।
भावी = आगे आने वाला।
भूमिका = भेष बदलना।

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 19 शिष्टाचार

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 19 शिष्टाचार Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 19 शिष्टाचार

Hindi Guide for Class 3 PSEB शिष्टाचार Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर ।

I. बताओ

1. शिष्टाचार क्या होता है ?
उत्तर-
दूसरे लोगों के साथ सभ्य और अच्छा व्यवहार ही शिष्टाचार है।

2. शिष्ट व्यक्तियों से जब कोई गलती हो जाती है तो वे क्या करते हैं ?
उत्तर-
शिष्ट व्यक्तियों से जब कोई गलती हो जाती है तो वे खेद प्रकट करते हुए सहज ही अपनी गलती स्वीकार करते हैं।

3. स्कूल बस में किस तरह चढ़ना और उतरना चाहिए ?
उत्तर-
स्कूल बस में चढ़ते और उतरते समय धक्का मुक्की नहीं करनी चाहिए बल्कि लाइन बनाकर चढ़ना और उतरना चाहिए।

4. कक्षा में किस तरह बैठना चाहिए ?
उत्तर-
कक्षा में सीधा और ध्यानपूर्वक बैठना चाहिए।

5. प्रार्थना सभा में हमें कैसे खड़े होना चाहिए ?
उत्तर-
प्रार्थना सभा में हमें पंक्ति बनाकर तथा हाथ जोड़कर खड़े होना चाहिए।

II. सही शब्द चुनो और वाक्य पूरे करो

कृपया, मिलकर, झूठ, क्षमा, पंक्ति

1. अपनी गलती मान लेने वाले को ………….. कर देना चाहिए।

2. अच्छे बच्चे किसी से कोई चीज़ माँगते समय …………….. शब्द का प्रयोग करते हैं।

3. अच्छे बच्चे सबसे ………………… रहते हैं।

4. हमें …………… नहीं बोलना चाहिए।

5. हमें प्रार्थना सभा में ………………. बनाकर चलना चाहिए।
उत्तर-
(1) क्षमा
(2) कृपया
(3) मिलकर
(4) झूठ
(5) पंक्ति ।

III. सही शब्दों के जोड़े मिलाओ

माँगी वस्तु मानना
हाथ बैठना।
प्रणाम सुनना
धीरे रखना
शान्तिपूर्वक बोलना।
ध्यानपूर्वक जोड़ना
सफ़ाई लौटाना
आज्ञा करना

उत्तर-

माँगी वस्तु लौटाना।
हाथ जोड़ना।
प्रणाम करना।
धीरे बोलना।
शान्तिपूर्वक बैठना।
ध्यानपूर्वक सुनना।
सफ़ाई रखना।
आज्ञा बैठना

IV. श्रुत लेख
धन्यवाद, व्यवहार, वापिस, पेंसिल, अहसास, धक्कामुक्की, उंगलियाँ, शिकायत, शिष्टाचार, उत्तर, बिल्कुल।
उत्तर-
विद्यार्थी इन शब्दों को अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखने का अभ्यास करें।

V. संयुक्त अक्षर से नया शब्द बनाओ –

शब्द संयुक्त अक्षरनया शब्द
अक्सर क्स बक्सा
तुम्हारी म्ह ……………………………………..
व्यवहार व्य ……………………………………..
छुट्टी दद ……………………………………..
जल्दबाजी ल्द ……………………………………..
धक्का क्क ……………………………………..

उत्तर –

 शब्द संयुक्त अक्षर नया शब्द
(i) अक्सर क्स बक्सा ।
(ii) तुम्हारी म्ह लम्हें।
(iii) व्यवहार व्य व्यापार।
(iv) छुट्टी दद भट्टी।
(v) जल्दबाजी ल्द हल्दी।
(vi) धक्का क्क पक्का ।

चौकोर खाने में दिए गए शब्दों/ शब्दांशों की सहायता से समान अर्थ वाले शब्दों को लिखो। बाएँ से दाएँ –

1. मौका
3. बिना कुछ कहे सुने अर्थात् मौन रहकर
7. अन्दर का विपरीत शब्द
4. स्कूल।

ऊपर से नीचे
1. पढ़ाने वाला
2. कृपा करके
5. बहानेबाज़ी
6. जिसे स्कूल में चपड़ासी बजाता है।
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 19 शिष्टाचार 1
उत्तर
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 19 शिष्टाचार 2

शिष्टाचार Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार

सभ्य आचरण और अच्छा व्यवहार ही शिष्टाचार कहलाता है। जीवन में इसका बहुत महत्त्व है। बातचीत करते समय सभी को एक-दूसरे से शिष्टाचार से बात करनी चाहिए। छोटों को बड़ों से और बड़ों को छोटों से बात करते समय शिष्टाचार का ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी से कोई वस्तु लेनी हो तो कृपया’ शब्द का प्रयोग करें और जब वस्तु मिल जाए तो ‘धन्यवाद’ करना चाहिए। किसी से कोई चीज़ लेकर उसे वापिस न करना, टालमटोल करना, झूठ बोलना और किसी की कोई चीज़ चुराना, बुरी बातें हैं। अपनी गलती को मान लेना शिष्टाचार की मुख्य निशानी है।

छुट्टी या आधी छुट्टी के समय कुछ बच्चे धक्का मुक्की करते हैं। स्कूल बस में चढ़ते या उतरते समय भी कुछ बच्चे एक-दूसरे को धक्का मारते हुए भागते हैं। यह शिष्टाचार नहीं है। बस में लाइन बनाकर चढ़ना व उतरना चाहिए। बस के अन्दर भी शान्तिपूर्वक बैठना चाहिए। उंगलियाँ चटकाना या नाखून चबाना अच्छी बात नहीं है। जब अध्यापक पढ़ा रहे हों तो उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए।

बेकार में ही इधर-उधर देखना या बातें करना ठीक नहीं। कक्षा में ध्यानपूर्वक और सीधा बैठना चाहिए। जब कभी अध्यापक आपसे कोई प्रश्न पूछे जिसका उत्तर आपको आता हो तो अपना हाथ खड़ा करना चाहिए और जब अध्यापक आपसे पूछे तभी उत्तर देना चाहिए। एक साथ ऊँची आवाज़ में बोलना भी शिष्टाचार नहीं है। बच्चो ! एक बात याद रखना कि शिष्टाचार का पालन करने वाले को ही सभी पसन्द करते हैं।

कठिन शब्दों के अर्थ

व्यवहार = बर्ताव।
सर = श्रीमान।
शिष्टाचार = शिष्ट अर्थात् अच्छा व्यवहार।
उम्र = आयु।
वस्तु = चीज़।
झूठ = मिथ्या, असत्य।
वापिस करना = लौटा देना।
कक्षा = क्लास, अध्यापन का कमरा।
टालमटोल करना = बहाने बनाना।
क्षमा = माफ।
अहसास = आभास, महसूस होना, लगना।
खेद = दुःख, अफसोस।
सहज = आसानी से।
स्वीकार = मानना।
धमा चौकड़ी = उछलकूद, खेलना-कूदना।
धक्का-मुक्की करना = धक्का मारते हुए आगे बढ़ना।
लाइन = कतार, पंक्ति।
व्यर्थ = बेकार।
अवसर = मौका।
शिकायत = उलाहना, असंतोष दूर करने के लिए किया गया आवेदन।
आज्ञा = हुक्म।
शोरगुल = हल्ला-गुल्ला।
मेधावी = बुद्धिमान, ज्ञानी, तीव्र बुद्धि वाला।

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 18 रॉक गार्डन

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 18 रॉक गार्डन Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 18 रॉक गार्डन

Hindi Guide for Class 3 PSEB रॉक गार्डन Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ

1. चार्वी छुट्टियाँ मनाने किसके घर और कहाँ गयी थी ?
उत्तर-
चार्वी छुट्टियाँ मनाने मामा-मामी जी के पास दिल्ली गई थी।

2. चार्वी की सहेली ने दिल्ली में उसे कहाँकहाँ घुमाया ?
उत्तर-
चार्वी की सहेली ने दिल्ली में उसे लाल किला, कुतुबमीनार, चाँदनी चौक में घुमाया और मेट्रो ट्रेन का सफर भी करवाया।

3. चण्डीगढ़ में क्या-क्या देखने योग्य है ?
उत्तर-
चण्डीगढ़ में रोज गार्डन, रॉक गार्डन. सुखना झील और आर्ट गैलरी आदि देखने योग्य स्थल हैं।

4. चार्वी को चण्डीगढ़ में सबसे अच्छा स्थान कौन-सा लगा ?
उत्तर-
चार्वी को चण्डीगढ़ में सबसे अच्छा स्थान रॉक गार्डन लगा।

5. रॉक गार्डन का निर्माण किसने किया ?
उत्तर-
रॉक गार्डन का निर्माण श्री नेकचन्द सैनी ने किया।

6. रॉक गार्डन में किन चीज़ों से कलाकृतियों का निर्माण किया गया है ?
उत्तर-
श्री नेकचन्द सैनी ने बेकार की चीज़ों जैसे फ्यूज़ हुई ट्यूब-लाइटों, टूटी हुई टाइलों, टूटी चूड़ियों, वृक्षों के तनों, बोतलों के ढक्कनों, खराब प्लास्टिकों, पुराने घिसे टायरों आदि से सुन्दर कलाकृतियों का निर्माण किया है।

II. शब्दों के भीतर शब्द को ढूँढ़ो

निम्नलिखित शब्दों को ध्यान से देखो। बच्चो आपको इनके भीतर ही दो और शब्द बने मिलेंगे। उन्हें ढूँढ़ो और लिखो-

मूल शब्द शब्दों में छिपे शब्द
1. निस्सन्देह संदेह। देह।
2. सजीव ……………………….. ………………………..
3. नेकचन्द ……………………….. ………………………..
4. सुन्दरता ……………………….. ………………………..
5. आनन्द ……………………….. ………………………..

उत्तर-

मूल शब्द शब्दों में छिपे शब्द
1. निस्सन्देह संदेह। देह।
2. सजीव सजी जीव।
3. नेकचन्द नेक चन्द।
4. सुन्दरतासुन्दर सुन्दर  दर।
5. आनन्द  आनन्द नन्द।

बच्चो ! हर एक का कोई न कोई नाम ज़रूर होता है। दुनिया में कुछ भी ऐसा नहीं जिसका कोई नाम न हो। नाम भी तरह-तरह के होते हैं-व्यक्तियों के नाम, पशु-पक्षियों के नाम, चीज़ों के नाम, शहर, देशों के नाम, जगहों के नाम, पेड़-पौधों के नाम, फलों, सब्जियों, फूलों के नाम आदि।

बच्चो ! इस पाठ में आए नामों को ढूँढ़कर लिखो –

(1) व्यक्तियों के नाम : मेधावी चार्वी रिदम
(2) महीनों के नाम: …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(3) रिश्तों के नाम: …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(4) शहरों के नाम: …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(5) जगहों के नाम: …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(6) चीज़ों के नाम: …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(7) पशु-पक्षियों के नाम : …………………………………… …………………………………… ……………………………………
(8) शरीर के अंगों के नाम : …………………………………… …………………………………… ……………………………………

उत्तर –

(1) व्यक्तियों के नाम : मेधावी चार्वी रिदम
(2) महीनों के नाम: मई जून दिसम्बर।
(3) रिश्तों के नाम: मामा-मामी बहन पिता।
(4) शहरों के नाम: दिल्ली चण्डीगढ़ रोपड़।
(5) जगहों के नाम: लाल किला कुतुबमीनार रॉक गार्डन।
(6) चीज़ों के नाम: प्लास्टिक ईंट चूड़ियाँ
(7) पशु-पक्षियों के नाम : हिरण भालू मोर।
(8) शरीर के अंगों के नाम : नाक मुँह  चेहरा।

रॉक गार्डन Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार

प्रिय सहेली मेधावी, तुमने अपने पत्र में मुझसे पूछा था कि चण्डीगढ़ में क्या-क्या देखने योग्य है ?
सचमुच! गज़ब का शहर है चण्डीगढ़। यहाँ रोज़ गार्डन, आर्ट गैलरी, सुखना झील आदि अनेक देखने योग्य स्थल हैं किन्तु यहाँ के रॉक गार्डन ने मुझे अत्यधिक प्रभावित किया। रॉक गार्डन को देखकर मुझे ऐसा लगा कि निस्संदेह यह दुनिया किसी अजूबे से कम नहीं। इस अद्भुत रॉक गार्डन का निर्माण श्री नेकचन्द सैनी ने किया। उन्होंने बेकार की चीज़ों जैसे फ्यूज़ हुई ट्यूब लाइटों, टूटी टाइलों, बोतलों के ढक्कनों, मिट्टी के बेकार फैंके घड़ों तथा पुराने घिसे टायरों से तरह-तरह की सुन्दर आकृतियों को बनाया।

इस रॉक गार्डन को तीन भागों में बाँटा गया है। पहले दो भागों में गाँवों की संस्कृति झलकती है। सिर पर घड़े उठाए स्त्रियों, पी०टी० करते बच्चों आदि की कला-कृतियां बहुत ही सुन्दर हैं। पशुपक्षियों जैसे हिरन, भालू, बिल्लियाँ, मोर आदि भी | बड़े सजीव लगते हैं। इनके साथ-साथ पानी के झरने और सुन्दर बाग़ इसकी सुन्दरता को और बढ़ा देते हैं। यहाँ बरामदे में कुछ अद्भुत से आकार दिखाने वाले शीशे भी लगे हुए हैं जिनमें व्यक्ति का कद कभी लम्बा, कभी छोटा, कभी मोटा दिखता है। लोग यहाँ पर लगे झूलों का आनन्द भी लेते हैं। सखी मैं चाहती हूँ कि इस बार की दिसम्बर की छुट्टियों में तुम चण्डीगढ़ मेरे पास चले आओ। मैं तुम्हें इस रॉक गार्डन को दिखाने ले जाऊँगी। अपनी बहन रिदम को भी साथ ले आना।

तुम्हारी प्यारी
सहेली।
चार्वी।

कठिन शब्दों के अर्थ ।

पत्र = चिट्ठी।
अति प्रसन्न = बहुत अधिक खुशी।
रोज़ाना = प्रतिदिन, हर-रोज़।
गज़ब = अद्भुत, निराला।
स्थल = जगह, स्थान।
अत्यधिक = बहुत ज्यादा।
निस्सन्देह = कोई शक नहीं।
भव्य = सुन्दर।
आकृतियों = शक्लों, आकारों।
निर्माण किया = बनाया।
कलाकृतियाँ = सुन्दर आकृतियाँ।
अद्भुत = अनोखा, निराला।
मनोहर = मन को हरने वाली, सुन्दर।
कमाल = अद्भुत, निराला।
अनूठी = निराली।
प्रतीक्षा = इंतज़ार।

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय MCQ Questions with Answers

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न :

नीचे प्रत्येक प्रश्न के चार उत्तर दिए गए हैं। सही उत्तर का चयन कीजिए।

प्रश्न 1.
दिए हुए दो भिन्न बिन्दुओं से होकर
(A) एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।
(B) अनेक रेखाएं खींची जा सकती है।
(C) दो रेखाएं खींची जा सकती है।
(D) पांच रेखाएं खींची जा सकती हैं।
उत्तर-
(A) एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।

प्रश्न 2.
दिए हुए एक बिन्दु से
(A) एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।
(B) असंख्य रेखाएं खींची जा सकती हैं।
(C) कोई रेखा नहीं खींची जा सकती।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(B) असंख्य रेखाएं खींची जा सकती हैं।

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय

प्रश्न 3.
एक समकोण सम्पूर्ण कोण का
(A) एक आधा होता है
(B) एक तिहाई होता है।
(C) एक चौथाई होता है।
(D) दो तिहाई होता है।
उत्तर-
(C) एक चौथाई होता है।

प्रश्न 4. समभुज की
(A) दो भुजाएं बराबर होती हैं।
(B) सभी भुजाएं बराबर होती हैं
(C) एक भुजा बराबर होती हैं।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(B) सभी भुजाएं बराबर होती हैं

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय

प्रश्न 5.
न्यून कोण
(A) समकोण से बड़ा होता है।
(B) समकोण के बराबर होता है।
(C) समकोण से छोटा है।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(C) समकोण से छोटा है।

प्रश्न 6.
लम्ब रेखाओं में
(A) प्रत्येक बराबर कोण समकोण होता है।
(B) प्रत्येक बराबर कोण अधिक कोण होता है।
(C) प्रत्येक बराबर कोण न्यून कोण होता है।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(A) प्रत्येक बराबर कोण समकोण होता है।

प्रश्न 7. समबाहु त्रिभुज की
(A) तीनों भुजाएं बराबर होती हैं।
(B) दो भुजाएं बराबर होती हैं।
(C) कोई भुजा बराबर नहीं होती।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(A) तीनों भुजाएं बराबर होती हैं।

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय

प्रश्न 8.
समद्विबाहु त्रिभुज की
(A) सभी भुजाएं बराबर होती हैं।
(B) दो भुजाएं बराबर होती हैं।
(C) कोई भुजा बराबर नहीं होती।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(B) दो भुजाएं बराबर होती हैं।

प्रश्न 9.
समकोण त्रिभुज में
(A) एक कोण समकोण होता है।
(B) दो कोण समकोण होते हैं।
(C) तीन कोण समकोण होते हैं
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(A) एक कोण समकोण होता है।

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय

प्रश्न 10.
वर्ग
(A) समभुज और समकोणिक होता है।
(B) दो भुजाएं और दो कोण बराबर होते हैं।
(C) सम्मुख भुजाएं और कोण बराबर होते हैं।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(A) समभुज और समकोणिक होता है।

प्रश्न 11.
समचतुर्भुज के
(A) सभी कोण और भुजाएं बराबर होती है।
(B) सम्मुख कोण और सम्मुख भुजाएं समान होती हैं।
(C) a और b दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(B) सम्मुख कोण और सम्मुख भुजाएं समान होती हैं।

 

प्रश्न 12.
एक समकोण त्रिभुज में एक कोण होता है
(A) 180°
(B) 90°
(C) 30°
(D) 60°
उत्तर-
(B) 90°

प्रश्न 13.
एक अधिक कोण त्रिभुज में
(A) एक अधिक कोण होता है।
(B) दो अधिक कोण होते हैं।
(C) कोई अधिक कोण नहीं होता।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(A) एक अधिक कोण होता है।

प्रश्न 14.
दो रेखाएं तभी समान्तर कही जाती हैं जब उनका प्रतिच्छेदी बिन्दु
(A) एक बिन्दु हो
(B) एक रेखा हो
(C) कोई न हो
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(C) कोई न हो

प्रश्न 15.
समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख कोण
(A) असमान होते हैं।
(B) समान होते हैं।
(C) 90° से कम होते हैं।
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(B) समान होते हैं।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.2

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.2 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.2

प्रश्न 1.
यूक्लिड की पाँचवी अभिधारणा को किस प्रकार लिखेंगे ताकि वह सरलता से समझी जा सके ?
हल :
यूक्लिड की अभिधारणा पाँच के अनेक समतुल्य रूपांतरण हैं। इनमें से एक प्लेफेयर का अभिगृहीत है जो कि सरलता से समझा जा सकता है। इसके अनुसार : – प्रत्येक रेखा और उस पर न स्थित प्रत्येक बिंदु P के लिए, एक अद्वितीय रेखा m ऐसी होती है जो P से होकर जाती है और l के समांतर है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.2 1

स्पष्टतया P से होकर जाने वाली सभी रेखाओं में केवल m ही रेखा के समांतर है।

प्रश्न 2.
क्या यूक्लिड की पाँचवी अभिधारणा से समांतर रेखाओं के अस्तित्व का औचित्य निर्धारित होता है ? स्पष्ट कीजिए।
हल :
हां, यूक्लिड की पाँचवी अभिधारणा समांतर रेखाओं के अस्तित्व का औचित्य निर्धारित करती हैं, क्योंकि

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.2 2

यदि कोई रेखा ! दो सरल रेखाओं m और n पर पड़ती हो कि l की एक ओर के अंत: कोणों का योग दो समकोण हो, तो यूक्लिड के पाँचवें अभिगृहीत के अनुसार यह रेखा l के इस ओर नहीं मिलेगी। अब आप जानते हैं कि रेखा । की दूसरी ओर के अंत: कोणों का योग भी दो समकोण होगा। अतः दूसरी ओर भी ये नहीं मिलेंगे। अतः रेखाएँ 1 l और n कभी भी नहीं मिलेंगे और इसलिए ये समांतर हैं।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सत्य हैं और कौन-से असत्य हैं ? अपने उत्तरों के लिए कारण दीजिए।
(i) एक बिंदु से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
(ii) दो भिन्न बिंदुओं से होकर जाने वाली असंख्य रेखाएँ हैं।
(iii) एक सांत रेखा दोनों ओर अनिश्चित रूप से बढ़ाई जा सकती है।
(iv) यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं।
(v) आकृति में यदि AB = PQ और PQ = XY है, तो AB = XY होगा।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 1

हल :
(i) असत्य :
सही कथन :
एक बिंदु से होकर असीमित रूप से अनेक रेखाएँ खींची जा सकती हैं। यह स्वयं सिद्ध है और इसे छात्र अपने आँखों से देख सकते हैं जैसा कि नीचे आकृति दी है :

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 2

(ii) असत्य :
क्योंकि दिया गया कथन यूक्लिड के अभिगृहित 1 का अंतर्विरोध करता है जिसके अनुसार दिए हुए दो भिन्न बिंदुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।
दो बिंदुओं P और Q में से एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 3

(iii) सत्य
यूक्ल्डि की अभिधारणा 2 के अनुसार एक सांत रेखा (terminated line) को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 4

(iv) सत्य
प्रमाण :
यूक्लिड के अभिगृहीत 4 के अनुसार वे वस्तुएँ जो परस्पर संपाती हों एक-दूसरे के बराबर होती हैं। यदि एक वृत्त से परिबद्ध प्रदेश को दूसरे प्रदेश पर अध्यारोपित करें, तो वे संपाती होंगे। अत: इनके केंद्र और परिसीमाएँ संपाती होती हैं। अतः इनकी त्रिज्या संपाती होती है।

(v) सत्य
प्रमाण :
यूक्लिड की अभिगृहीत 1 का कथन है कि वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हो। एक दूसरे के बराबर होती हैं।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पदों में से प्रत्येक की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?
(i) समांतर रेखाएँ
(ii) लंब रेखाएँ
(iii) रेखाखंड
(iv) वृत्त की त्रिज्या
(v) वर्ग
हल :
(i) समांतर रेखाएँ : समांतर रेखाएँ वे सीधी रेखाएँ हैं जोकि एक तल पर होती हैं और दोनों दिशाओं में असीमित रूप से बढ़ाने पर एक-दूसरे को किसी भी दिशा में नहीं मिलती। अन्य पद जो इसमें आता है, वह है समतल, हम समतल को एक अपरिभाषित पद लेते हैं। इसे हम केवल अन्तः प्रेरणा से स्पष्ट कर सकते हैं या भौतिक माडल की सहायता से इसकी व्याख्या कर सकते हैं। _

(ii) लंब रेखाएँ : जब एक सीधी रेखा, किसी अन्य सीधी रेखा पर इस प्रकार खड़ी हो कि आसन्न कोण एकदूसरे के बराबर बने, तो प्रत्येक समान कोण समकोण होता है और सीधी रेखा जो दूसरी पर खड़ी है, उस पर लंब (perpendicular) कहलाती है जिस पर यह खड़ी है। अन्य पद जिन्हें पहले परिभाषित करने की आवश्यकता है, वे हैं (1) कोण, (2) आसन्न कोण, (3) समकोण। आइए हम इन्हें परिभाषित करें :
(1) कोण (Angle) : एक समतल कोण (plane angle) समतल में मिलने वाली दो रेखाओं का एक-दूसरे के साथ झुकाव है जो एक-दूसरे को मिलती हैं और एक | सीधी रेखा में स्थित नहीं होती।

(2) आसन्न कोण (Adjacent angles) : दो कोण, जिनका एक ही शीर्ष होता है, एक भुजा उभयनिष्ठ होती है और दूसरी भुजा उभनिष्ठ भुजा के विपरीत दिशाओं में होती हैं, आसन्न कोण कहलाते हैं।

(3) समकोण (Right angle) : यह कोण जो कि संपूर्ण कोण का एक चौथाई होता है, समकोण कहलाता

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

(iii) रेखाखंड (Line segment) : एक रेखाखंड जो दोनों दिशाओं में असीमित रूप से बढ़ाने पर रेखा देती है। एक अन्य पद रेखा है। हम रेखा को अपरिभाषित पद रहने देते हैं। हम इसे केवल अन्तः प्रेरणा से स्पष्ट कर सकते हैं या भौतिक माडल की सहायता से इसकी व्याख्या कर सकते हैं।

(iv) वृत्त की त्रिज्या (Radius) : एक रेखाखंड जो वृत्त के किसी बिंदु को केंद्र से मिलाता है, वृत्त की त्रिज्या कहलाता हैं।
अन्य पद जिन्हें पहले परिभाषित करने की आवश्यकता हैं।
(1) वृत्त (Circle),
(2) केंद्र (Centre)
आइए इन्हें परिभाषित करें
(1) वृत्त (Circle). वृत्त तल में बनी वह बंद आकृति है, जिसके तल में स्थित सभी बिंदु एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर होते हैं।
(2) वृत्त का केंद्र (Centre of circle) : वह स्थिर बिंदु जिससे वृत्त पर स्थित सभी बिंदु एक समान दूरी पर हो, वृत्त का केंद्र कहलाता है।

(v) वर्ग (Square). वर्ग वह चतुभुर्जी आकृति है, जो समभुज और समकोणिक दोनों ही हों। अन्य पद जिनको परिभाषित करने की आवश्यकता है : (1) समभुज, (2)
समकोण
(1) समभुज (Equilateral) : एक आकृति जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हों समभुज या समबाहु कहलाती हैं।
(2) समकोण (Right angle) : एक कोण जो संपूर्ण कोण का एक चौथाई होता है, वह समकोण कहलाता है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 3.
इस प्रकार नीचे दी हुई दो अभिधारणाओं पर विचार कीजिए :
(i) दो भिन्न बिंदु A और B दिए रहने पर, एक तीसरा बिंदु C ऐसा विद्यमान है जो A और B के बीच स्थित होता है।
(ii) यहाँ कम से कम ऐसे तीन बिंदु विद्यमान हैं कि वे एक रेखा पर स्थित नहीं हैं।
क्या इन अभिधारणाओं में कोई अपरिभाषित शब्द हैं? क्या ये अभिधारणाएँ अविरोधी हैं ? क्या ये यूक्लिड की अभिधारणाओं से प्राप्त होती हैं ? स्पष्ट कीजिए।
हल :
ऐसे अनेक अपरिभाषित शब्द हैं जिनकी जानकारी छात्र को होनी चाहिए। ये दो अभिधारणाएँ (i) और (ii) संगत हैं क्योंकि इनमें दो अलग-अलग स्थितियों का
अध्ययन किया जाता है। अभिधारणा (i) का कथन है कि यदि दो बिंदु A और B दिए हुए हों, तो उनके बीच में स्थित एक बिंदु C होता है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 5

अभिधारणा (ii) का कथन है कि दो दिए हुए बिंदुओं A और B के लिए हम एक बिंदु C ले सकते हैं। जो A और B से होकर जाने वाली रेखा पर स्थित नहीं होता।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 6

अतः हम देखते हैं कि ये अभिगृहीत यूक्लिड के अभिगृहीतों का अनुसरण नहीं करते। फिर भी ये अभिगृहीत (1) का अनुसरण करते हैं जिसके अनुसार दिए गए दो बिंदुओं के लिए भिन्न एक अद्वितीय रेखा होती है जो उनमें से होकर जाती है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 7

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 4.
यदि दो बिंदुओं A और B के बीच एक बिंदु C ऐसा स्थित है कि AC = BC है, तो सिद्ध कीजिए कि AC = \(\frac{1}{2}\) AB है। एक आकृति खींच कर इसे स्पष्ट कीजिए।
हल:

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 8

दिया है कि C, A और B के बीच स्थित है।
और AC = BC
इसलिए AC + AC = BC + AC
यूक्लिड की परिभाषा के अनुसार बराबरों को बराबरों में जोड़ा गया है।
अर्थात् 2AC = AB
[BC + AC, AB के संपाती है।]
अत: AC = \(\frac{1}{2}\) AB

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 5.
प्रश्न 4 में, C रेखाखंड AB का एक मध्य बिंदु कहलाता है। सिद्ध कीजिए कि एक रेखाखंड का एक और केवल एक ही मध्य-बिंदु होता है।
हल:
मान लीजिए कि AB के दो मध्य-बिंदु C और D हैं।
इसलिए, यूक्लिड की अभिगृहीत (4) के अनुसार जब रेखा को बिंदु C पर मोड़ा जाता है तो हम देखते हैं कि भाग BC भाग AC पर अध्यारोपित होता है।
⇒ AC = BC ……………(i)
इसी प्रकार D, AB का मध्य बिंदु है।
⇒ AD = BD …………….(ii)
हमें प्राप्त है AB = AB
या AC + BC = AD + BD
AC + AC = AD + AD
[(i) और (ii) का प्रयोग करने पर]
2AC = 2AD
AC = AD ……………(iii)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 9

जब हम AD को AC पर और BD को BC पर अध्यारोपित करते हैं तो हम देखते हैं कि D पूरी तरह CB के ऊपर आता है। इससे परिणाम निकलता है कि D और C दो भिन्न बिंदु नहीं हैं परंतु एक ही हैं। अतः, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि एक रेखा-खंड का एक ही मध्य-बिंदु होता है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 6.
आकृति में यदि AC = BD है, तो सिद्ध कीजिए कि AB = CD है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1 10

हल :
दिया है कि AC = BD …………..(1)
AC = AB + BC
[बिंदु B, A और C के बीच स्थित है] …………..(2)
BD = BC + CD [बिंदु C, B और D के बीच स्थित है] ………………..(3)
(2) और (3) को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हम प्राप्त करते हैं
AB + BC = BC + CD
दोनों ओर से BC घटाने पर हम प्राप्त करते हैं।
AB + BC – BC = BC + CD – BC
= BC – BC + CD
इसलिए AB = CD
[∵ बराबरों में से बराबरों को घटाने पर शेषफल भी बराबर होता है।]

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 5 युक्लिड के ज्यामिति का परिचय Ex 5.1

प्रश्न 7.
यूक्लिड की अभिगृहीतों की सूची में दिया हुआ अभिगृहीत 5 एक सर्वव्यापी सत्य क्यों माना जाता है ?
हल :
यूक्लिड अभिगृहीत 5 का कथन है कि ‘एक पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है’ क्योंकि विश्व के किसी भाग में किसी भी वस्तु के लिए यह सत्य होता है, इसलिए इसे सार्वभौमिक सत्य माना जाता है।

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 17 हमारे त्योहार

Hindi Guide for Class 3 PSEB हमारे त्योहार Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ

1. सर्दी में हम कैसे कपड़े पहनते हैं ?
उत्तर-
सर्दी में हम ऊनी तथा गर्म कपड़े पहनते

2. लोहड़ी का त्योहार किस मास में आता है ?
उत्तर-
लोहड़ी का त्योहार माघ महीने के आरम्भ में आता है।

3. आप होली कैसे मनाते हो ?
उत्तर-
हम एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाते हैं।

4. वैशाखी आने पर किसान खुश क्यों हो जाता है ?
उत्तर-
वैशाखी आने पर किसान इसलिए खुश हो जाता है कि अब उसे फसलों की रखवाली नहीं करनी पड़ेगी।

5. आप राखी का त्योहार कैसे मनाते हो ?
उत्तर-
हम अपनी बहनों से अपनी कलाइयों पर राखी बंधवा कर राखी का त्योहार मनाते हैं।

6. दीवाली पर आप क्या-क्या करते हो ?
उत्तर-
दीवाली पर हम नए-नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयाँ खाते हैं और पटाखे चलाते हैं।

II. कविता की पंक्तियाँ पूरी करो

मौसम बदले ………………. |
हर मौसम लाए ………………. |
अब देखो आई …………. |
फसलों की अब निपटी. ……….. |
छुट्टियों में फिर मौज ………………. |
नये साल की दी ………………. |
उत्तर-
(i) मौसम बदले बारम्बार।
(ii) हर मौसम लाए त्योहार।
(iii) अब देखो आई वैशाखी।
(iv) फसलों की अब निपटी राखी। ..
(v) छुट्टियों में फिर मौज उड़ाई।
(vi) नये साल की दी बधाई।

III. वाक्यों में प्रयोग करो

मास = ………………………………
परीक्षा = ………………………………
राखी = ………………………………
सजीली = ………………………………
रंग-बिरंगी = ………………………………
उत्तर –
(i) मास = जनवरी मास में बहुत सर्दी पड़ती है।
(ii) परीक्षा = मेरी वार्षिक परीक्षा आने वाली है।
(iii) राखी = सावन महीने में राखी का त्योहार आता है।
(iv) सजीली = बहन सजीली राखी लेकर आई।
(v) रंग-बिरंगी = रंग-बिरंगी होली आई लेकर खुशियाँ अपार।

IV. विलोम शब्द लिखो

दिन = ………
सर्दी = ………
सच = ………
जीत = ………
नया = ………
आगे = ………
उत्तर
(i) दिन = रात।
(ii) सर्दी = गर्मी।
(iii) सच = झूठ।
(iv) जीत = हार।
(v) नया = पुराना।
(vi) आगे = पीछे।

V. अन्तर समझो

राखी – मेरी बहन राखी लाई है। (बहन द्वारा भाई को बाँधे जाने वाला सूत्र, धागा।)
फसलों की राखी समाप्त हो गयी है (रक्षा)
सिर – मेरे सिर में दर्द है। (शरीर का एक भाग) मेरी परीक्षा सिर पर है। (निकट)
सदा – सच बोलो।
आप सचमुच आ गए।
पूरी – मैं पूरी खाऊँगा।
मैंने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
बदला – मैंने उससे बदला लिया।
हमने अपना मकान बदला। उपरोक्त शब्दों में एक से अधिक अर्थ पाए जाने के कारण इन्हें भिन्नार्थक शब्द कहा जाता है।

VI. समान अर्थ वाले शब्द मिलाओ

मास – वर्ष।
परीक्षा – तोहफा।
जीत – महीना।
साल – इम्तिहान।
उपहार – विजय।
उत्तर-
(i) मास – महीना।
(ii) परीक्षा – तोहफा।
(iii) जीत – विजय।
(iv) साल – इम्तिहान।
(v) उपहार – तोहफा।

VII. करो

1. अपने अध्यापक की सहायता से सभी देशी महीनों के नाम लिखो।
2. देशी महीनों के साथ-साथ चलने वाले अंग्रेज़ी महीनों के नाम लिखो।
3. दिनों के नाम लिखो।
निर्देश-विद्यार्थी उपरोक्त तीनों कार्यों के लिए अपने अध्यापक की सहायता लें।
4. त्योहारों के नाम ढूँढकर लिखो
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार 1
उत्तर-
(i) लोहड़ी
(ii) राखी
(iii) क्रिसमिस
(iv) गुरुपर्व
(v) तीज
(vi) दीवाली
(vii) होली
(viii) दशहरा
(ix) ईद
(x) हई

हमारे त्योहार Summary & Translation in Hindi

पद्यांशों के सरलार्थ

1. बदले दिन फिर बदले रात,
बदले मास और बदले वार।
मौसम बदले बारम्बार,
हर मौसम लाए त्योहार।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि कहता है कि दिन बदलते हैं और रातें बदलती हैं। इनके बदलने से सप्ताह और महीने बदलते जाते हैं। इसी प्रकार बार-बार मौसम बदलते हैं और हर मौसम त्योहार लेकर आता है। भावार्थ-कवि के विचारानुसार प्रत्येक मौसम में कोई न कोई त्योहार आता है।

2. पौष मास में सर्दी आयी,
ऊनी कपड़े पहनो भाई।
माघ मास में आगे-आगे,
लोहड़ी रानी दौड़ी आयी।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि कहता है कि पौष मास आने पर सर्दी का मौसम आ जाता है। इस मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिएं। पौष मास के बाद माघ महीने के आते ही ‘लोहड़ी’ का त्योहार आ जाता है।

3. फाल्गुन आया, होली आयी,
रंग-बिरंगी खूब मनायी।
अरे परीक्षा सिर पर आयी,
चुपके से फिर गर्मी आयी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि फाल्गुन का महीना रंगों का त्योहार होली लेकर आता है। हम सब रंगों से भरे इस त्योहार को मनाते हैं। इसके साथ ही हमारी परीक्षा भी आ जाती है और परीक्षा के चलते-चलते धीरे-धीरे गर्मी का मौसम भी चला आता है।

4. अब देखो आयी वैशाखी,
फसलों की निपटी अब राखी।
हुआ दाखिला, छुट्टी पायी,
पूरी गर्मी मौज मनायी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि अब देखो गर्मी के आते ही वैशाखी का त्योहार आ गया। इस त्योहार के आते ही किसानों की अब फसलों की रखवाली का काम भी पूरा हो गया। अब स्कूलों में
नई कक्षा में दाखिला भी हो गया और छुट्टियाँ पाकर पूरी गर्मियों में मौज-मस्ती की। विशेष-कवि ने वैशाखी के त्योहार और गर्मियों के आनन्द का वर्णन किया है।

5. रिमझिम-रिमझिम वर्षा आयी,
सावन का उपहार है लायी।
भादों में प्रिय बहना आयी,
संग सजीली राखी लायी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि गर्मियों के बाद अब बरसात का मौसम आ गया है। रिमझिमरिमझिम करती वर्षा की बूंदें पड़ रही हैं। यह वर्षा सावन के महीने का एक सुन्दर तोहफा है। सावन के बाद भादों का महीना आ गया है। इस मौसम में राखी का सुन्दर त्योहार आया है। बहन अपने साथ सुन्दर सजी हुई राखी लेकर आयी है।

6. फिर दशहरा, दीवाली आयी,
सच की जीत, हुई रे भाई।
सबने मिलकर की सफाई,
घर-घर बँटी खूब मिठाई।

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि राखी के त्योहार के बाद फिर दशहरा और फिर दीपावली का त्योहार आ जाता है। ये दोनों ही त्योहार हमें बताते हैं कि सदा सत्य की ही जीत होती है। दशहरा और दीवाली आने पर सभी मिलकर अपने-अपने घरों की सफाई करते हैं और घर-घर में सब मिठाई बाँटते हैं। भाव विशेष-त्योहारों के अवसर पर लोगों की खुशियों का वर्णन इन पंक्तियों में कवि ने किया है।

7. ईद बाद फिर क्रिसमिस आयी,
केक, मिठाई सबने खायी।
छुट्टियों में फिर मौज़ उड़ायी,
नये साल की दी बधाई।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्य पुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों | के बारे में बताया है। कवि बताता है कि ईद का त्योहार आता है और ईद के पश्चात् क्रिसमिस का त्योहार आता है। इन त्योहारों में सभी केक और मिठाई मिलकर खाते हैं। इसके बाद दिसम्बर महीने की सर्दियों की छुट्टियों का मज़ा लेते हैं और उसके साथ ही नया वर्ष आ जाता है। सब मिलकर एकदूसरे को नए साल की बधाई देते हैं। | विशेष-कवि ने भारत देश में प्रत्येक महीने में आने वाले त्योहारों का वर्णन किया है।

कठिन शब्दों के अर्थ

मास = महीने।
वार = दिनों के वार, जैसे सोमवार, मंगलवार।
बारम्बार = बार-बार।
परीक्षा = इम्तिहान।
निपटी = पूरी हुई।
रिमझिम = वर्षा की बूंदों का गिरना।
उपहार = तोहफा, भेंट।
संग = साथ।
सजीली = सजी हुई, सुन्दर।
राखी = रक्षा, एक त्योहार।

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 16 चालीस मुक्ते

Hindi Guide for Class 3 PSEB चालीस मुक्ते Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर ॥

I. बताओ ।

(क) कुछ शिष्य किला छोड़कर जाने के लिए तैयार क्यों हो गए ?
उत्तर-
मुग़ल सेनाओं ने आनन्दपुर साहिब का किला घेर रखा था। किले के अंदर रसद न रही। सैनिकों को वृक्षों के पत्ते और छाल खाकर लड़ना पड़ता था। इसलिए गुरु गोबिन्द सिंह जी के कुछ शिष्य किला छोड़कर जाने के लिए तैयार हो गए।

(ख) शिष्यों की पत्नियों ने घर लौटने पर उनसे कैसा व्यवहार किया ?
उत्तर-
शिष्यों की पत्नियों ने घर लौटने पर उन्हें बहुत धिक्कारा, क्योंकि वे गुरु जी का साथ छोड़कर आए थे। संकट की घड़ी में उन्हें गुरु जी के साथ रह कर, उनकी आज्ञानुसार चलना चाहिए था।

(ग) कराह रहे शिष्य की अंतिम इच्छा क्या थी ?
उत्तर-
कराह रहे शिष्य ने गुरु जी से कहा कि महाराज! वह बेदावा फाड़ दें, जिस पर हस्ताक्षर करके हम आपको छोड़ आए थे। यही उसकी अंतिम इच्छा थी।

(घ) चालीस मुक्ते किन्हें कहा जाता है ?
उत्तर-
आनन्दपुर साहिब के किले से जो सिक्ख गुरु जी का साथ छोड़ गए थे, उन की संख्या चालीस थी। वे मुक्तसर के निकट मुग़ल सेना से डट कर लड़े और घायल होकर युद्ध स्थल पर गिर गए। गुरु जी वहाँ पहुँचे तो वहाँ एक सिक्ख कराह रहा था। उसने प्रार्थना की कि महाराज! वह बेदावा फाड़ डालें, जिस पर दस्तखत करके हम आपको छोड़ आए थे। गुरु जी ने बेदावा फाड़ कर उन चालीस शिष्यों को मुक्त कर दिया। यही चालीस मुक्ते इतिहास में प्रसिद्ध हैं।

II. वाक्य पूरे करो

वीर, घेरा, शिष्य, दसवें, मुग़ल
(क) गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खों के ……………………………………… गुरु थे।
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खों के दसवें गुरु थे।

(ख) मुग़ल सेनाओं ने चारों ओर से ……………………………………… डाल रखा था।
उत्तर-
मुग़ल सेनाओं ने चारों ओर से घेरा डाल रखा था।

(ग) न वे मेरे ……………………………………… हैं न मैं उनका गुरु हूँ।
उत्तर-
न वे मेरे शिष्य हैं न मैं उनका गुरु हूँ।

(घ) ……………………………………… सेना उनका पीछा कर रही थी।
उत्तर-
मुग़ल सेना उनका पीछा कर रही थी।

(ङ) उन चालीस ……………………………………… पुरुषों को चालीस मुक्ते कहा गया। –
उत्तर-
उन चालीस वीर पुरुषों को चालीस मुक्ते कहा गया।

III. वाक्यों में प्रयोग करो

घेरा, किला, मैदान, आशीर्वाद
उत्तर-
घेरा-सेना ने किले को चारों ओर से घेरा हुआ था।
किला-लाल किला दिल्ली में है।
मैदान-मैदान में बच्चे गेंद से खेल रहे हैं।
आशीर्वाद-गुरु गोबिन्द सिंह जी ने शिष्यों को आशीर्वाद दिया।

IV. श्रुतलेख

सिक्खों, बलिदान, नौबत, मुक्तसर, आशीर्वाद, हस्ताक्षर, धिक्कार।
नोट-विद्यार्थी इन शब्दों को लिख कर अपने अध्यापक को दिखाएँ।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

सिक्ख – सिक्खों
मुग़ल ……………………………………
संकट ……………………………………
चार ……………………………………
वृक्ष ……………………………………
पुरुष ……………………………………
उत्तर-
मुग़ल-मुग़लों
संकट-संकटों।
चार-चारों।
वृक्ष-वृक्षों।
पुरुष–पुरुषों।

VI. नीचे दिए गए उदाहरण की तरह बॉक्स में दिए गए शब्दों से नए शब्द बनाइए –

बलि + दान = बलिदान
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते 1

PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते 2
प्र, पाठ, देश, युद्ध, सेना, धर्म, पति, शाला, स्थल, वीर।
उत्तर
(i) बलि + दान = बलिदान।
(ii) प्र + देश = प्रदेश।
(iii) पाठ + शाला = पाठशाला।
(iv) युद्ध + वीर = युद्धवीर।
(v) सेना + पति = सेनापति।
(vi) धर्म + स्थल = धर्मस्थल।

VII. नीचे दिए गए शब्दों में ‘अ’ जोड़कर नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ लिखिए

धर्म अधर्म अर्थ
संभव …………………………………. ………………………………….
भद्र …………………………………. ………………………………….
समर्थ …………………………………. ………………………………….
ज्ञान …………………………………. ………………………………….
हिंसा …………………………………. ………………………………….

उत्तर-
(i) धर्म → अधर्म → धर्म के विरुद्ध, अन्याय, पाप।
(ii) संभव → असंभव → मुश्किल, दुश्कर, संभव न होना।
(iii) भद्र → अभद्र → बुरा, अशुभ, असभ्य, अच्छा न लगना।
(iv) समर्थ → असमर्थ -→ अयोग्य, दुर्बल, अशक्त।
(v) ज्ञान → अज्ञान → ज्ञान का न होना, अनजान।
(vi) हिंसा → अहिंसा → हिंसा न करना, दुःख न देना।

VIII. नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों की सहायता से वर्ग पहेली पूरी कीजिए –

1. पंजाब के एक शहर का नाम (ऊपर से नीचे)
2. आज़ाद (बाएं से दाएं)
3. श्वास (बाएं से दाएं)
4. मुसीबत (ऊपर से नीचे)
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते 3
उत्तर-
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते 4

IX. इन अक्षरों से नया शब्द बनाओ

शब्द अक्षर नया शब्द
1. गोबिन्द न्द ……………………………….
2. प्यास प्य ……………………………….
3. टक्कर क्क ……………………………….
4. मुक्तसर क्त ……………………………….
5. प्रेरित प्रे ……………………………….
6. हस्ताक्षर स्त ……………………………….

उत्तर-

शब्द अक्षर नया शब्द
1. गोबिन्द न्द आनन्द।
2. प्यास प्य प्यारा।
3. टक्कर क्क पक्का ।
4. मुक्तसर क्त वक्त।
5. प्रेरित प्रे प्रेरणा।
6. हस्ताक्षर स्त पुस्तक।

चालीस मुक्ते Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार

गुरु गोबिन्द सिंह जी सिक्खों के दसवें गुरु थे। वे धर्म के रक्षक थे। नौ वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपने पिता श्री गुरु तेग़ बहादुर जी को धर्म की ख़ातिर बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने आजीवन मुग़लों से टक्कर ली। एक बार गुरु गोबिन्द सिंह जी और उनके साथी आनन्दपुर साहिब के किले में घिरे हुए थे। मुग़ल सेना ने चारों ओर से घेरा हुआ था। बाहर से कोई रसद आ नहीं रही थी जो रसद किले के अन्दर थी वह भी कम पड़ने लगी। ऐसे में गुरु जी के कुछ शिष्य कठिनाई न सहते हुए किला छोड़ कर जाने को तैयार हो गए। गुरु जी के समझाने पर भी वे न माने तो गुरु जी ने कहा कि जाने से पहले लिख कर दे जाएँ कि न वे मेरे शिष्य हैं और न ही मैं उनका |

गुरु हूँ उनके शिष्यों ने कष्टों से छुटकारा पाने के लिए ऐसा ही लिख दिया और किला छोड़कर चले गए। उनके घर पहुँचने पर जब उनकी पत्नियों को पता चला तो उन्होंने अपने-अपने पतियों को बहुत फटकारा। फटकार सुनकर वे फिर से गुरु जी के पास लौट गए। गुरु जी तब मुक्तसर के इलाके में थे। मुग़ल सेना उनका पीछा कर रही थी। ये शिष्य मुक्तसर जाकर मुग़ल सेना से लड़े और मारे गए। जब गुरु गोबिन्द सिंह जी को इस बात का पता चला तो वे युद्ध स्थल पर पहुँचे।

सभी चालीस शिष्य मैदान में गिरे पड़े थे उनमें से एक अभी भी कराह | रहा था। गुरु जी से उसने हाथ जोड़कर विनती की कि महाराज आप उस कागज़ को फाड़ डालें जिस पर हस्ताक्षर करके हम आपको दे आए थे। गुरु साहिब ने उसकी अन्तिम इच्छा पूरी कर दी और उन सबको मुक्त होने का आशीर्वाद दिया। तभी उसने प्राण छोड़ दिए। उन चालीस वीर पुरुषों को ‘चालीस मुक्ते’ कहा जाने लगा।

कठिन शब्दों के अर्थ

संकटों = मुसीबतों।
रक्षक = रखवाले, रक्षा करने वाले।
महान् = बड़े।
सेनानी = योद्धा, बहादुर।
संस्कृति = अच्छे संस्कार या विचार ।
बलिदान = कुर्बानी।
प्रेरित = उत्साहित, जोश देना।
रसद = खाने-पीने का सामान।
वृक्षों = पेड़ों।
असंभव = जो संभव न हो।
कष्ट = दुःख।
शिष्य = चेला।
संकटों = मुसीबतों।
असमर्थ = कमज़ोर ।
धिक्कारा = बुरा-भला कहना।
फलस्वरूप = परिणाम के रूप में।
धराशायी = घायल हो कर धरती पर गिरना।
युद्ध स्थान = लड़ाई का मैदान।
वीरता = बहादुरी।
आशीर्वाद = आशीष।
अंतिम इच्छा = आखिरी चाह ।
हस्ताक्षर = दस्तख़त।
मुक्त = आज़ाद।