PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक

Punjab State Board PSEB 10th Class Science Book Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Science Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक

PSEB 10th Class Science Guide कार्बन एवं उसके यौगिक Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
एथेन का आण्विक सूत्र C2H6 है। इसमें :
(a) 6 सहसंयोजक आबंध हैं
(b) 7 सहसंयोजक आबंध हैं
(c) 8 सहसंयोजक आबंध हैं
(d) 9 सहसंयोजक आबंध हैं।
उत्तर-
(b) 7 सहसंयोजक आबंध हैं।

प्रश्न 2.
ब्यूटेनॉन चर्तु कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल
(b) ऐल्डिहाइड
(c) कीटोन
(d) ऐल्कोहॉल।
उत्तर-
(c) कीटोन।

प्रश्न 3.
खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है कि –
(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है।
(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
(c) ईंधन आर्द्र है।
(d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।
उत्तर-
(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।

प्रश्न 4.
CHICI में आबंध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबंध की प्रकृति समझाइए।
उत्तर-
C, H और Cl की परमाणु संख्या क्रमश: 6, 1 और 17 है।
इसलिए उन इलेक्ट्रॉनिक संरचना होगी –
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 1
कार्बन को अष्टक बनाने के लिए 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए, हाइड्रोजन को एक इलेक्ट्रॉन चाहिए और क्लोरीन को अष्टक बनाने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता है। कार्बन चार इलेक्ट्रॉन प्रदान करता है-तीन हाइड्रोजन परमाणुओं के तथा एक क्लोरीन के। ऐसा करने से कार्बन लगभग उत्कृष्ट गैस नियॉन की संरचना को प्राप्त कर लेता है, हाइड्रोजन हीलियम की और क्लोरीन आरगॉन की संरचना प्राप्त कर लेता है। |
CH3CI में आबंध निर्माण
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 2
अत: क्लोरोमिथेन में तीन C-H और एक C-CI सहसंयोजक आबंध बनाता है।

प्रश्न 5.
इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए :
(a) एथेनॉइक अम्ल,
(b) H2S,
(c) प्रोपेनोन,
(d) F2
उत्तर-
(a) एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH)
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 3
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S)
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 4
(c) प्रोपेनोन (CH3COCH3)
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 5

(d) F2 (फलुओरीन)
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 6

प्रश्न 6.
समजातीय श्रेणी क्या है ? उदाहरण के साथ समझाइए।
उत्तर-
समजातीय श्रेणी-समजातीय श्रेणी समान सरचनाओं और समान रासायनिक गणधर्मों वाले कार्बनिक यौगिकों की एक श्रेणी है, जिसमें अनुक्रमिक यौगिक -CH2 समूह द्वारा भिन्न होते हैं। सजातीय श्रेणी के विभिन्न कार्बनिक यौगिक सजात कहलाते हैं। सजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n+2 है। इस श्रेणी के सदस्य मिथेन CH4, इथेन C2H6, प्रोपेन C3H8, ब्यूटेन C4H10 पेंटेन C15H12, हैक्सेन C6H14 आदि हैं। समजातीय श्रेणी के सभी सदस्यों का प्रकार्यात्मक समूह समान होता है। इसीलिए उनके रासायनिक गुणधर्मों में अंतर नहीं होता।

प्रश्न 7.
भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथनॉल एवं एथेनॉइक अम्ल में आप कैसे अंतर करेंगे?
उत्तर-
भौतिक तथा रासायनिक गुणों के आधार पर एथनॉल तथा एथेनॉइक अम्ल में अंतर-

गुण एथनॉल. एथेनॉइक अम्ल
भौतिक गुण
1. प्रकृति
यह एक उदासीन पदार्थ है जिसका लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता यह अम्लीय पदार्थ है तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।
2. गंध इसकी गंध रुचिकर होती है। इसकी गंध तीक्ष्ण तथा स्वाद खट्टा होता है।
3. क्वथनांक इसका क्वथनांक 315K है। इसका क्वथनांक 290K है।
4. विद्युत् चालकता यह विद्युत् का चालन नहीं करता। यह विद्युत् का चालन करता है।
गुण एथनाल एथेनॉइक अम्ल
रासायनिक गुण
1. सोडियम से क्रिया
इसमें सोडियम धातु डालने पर हाइड्रोजन गैस बुदबुदाहट के साथ निकलती है। इसमें सोडियम धातु डालने पर हाइड्रोजन गैस बुदबुदाहट के साथ नहीं निकलती है।
2. क्षारीय KMnO4 से क्रिया क्षारीय KMnO4 की उपस्थिति में एथनॉइक अम्ल बनाता है। इस अभिक्रिया में KMnO4 का बैंगनी रंग उड़ जाता है। यह क्षारीय KMnO4 से अभिक्रिया नहीं करता है। KMnO4 का रंग नहीं उड़ता है।
3. कार्बोनेट तथा बाइकार्बोनेट से क्रिया क्रिया नहीं करता है। क्रिया करके CO, गैस उत्पन्न करता है।

प्रश्न 8.
जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है ? क्या एथनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा ?
उत्तर-
जब साबुन को जल में डाला जाता है तो इसके अणु के दो सिरे दो भिन्न गुणधर्मों को प्रकट करते हैं। जल में विलयशील हाइड्रोफिलिक और हाइड्रोकार्बन में विलयशील हाइड्रोफ़ोबिक। यह जल में घुलनशील नहीं होते। पानी में डालने से साबुन का आयनिक सिरा जल के अंदर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूंछ (दूसरा सिरा) जल के बाहर होता है। ऐसा अणुओं का बड़ा समूह बनने के कारण होता है जिसमें हाइड्रोफोबिक पूँछ बड़े समूह के भीतरी भाग में होता है जबकि उसका आयनिक सिरा बड़े समूह की सतह पर होता है। साबुन एथनॉल जैसे दूसरे विलायकों में घुल जाता है इसलिए मिसेल का निर्माण नहीं करता।

प्रश्न 9.
कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है ?
उत्तर-
कार्बन एवं उसके यौगिकों का अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में प्रयोग करने के कारण निम्नलिखित हैं :

  • ये धुआँ उत्पन्न नहीं करते।
  • इन्हें जलाने पर कोई अवशेष नहीं बचता।
  • इनका ज्वलन ताप मध्यम होता है।
  • इनका कैलोरीमान उच्च होता है।
  • ये जलाने पर हानिकारक गैस उत्पन्न नहीं करते।

प्रश्न 10.
कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाए।
उत्तर-
कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के ऑयन होते हैं। ये साबुन के अणुओं से जुड़ कर अघुलनशील पदार्थ (स्कम या अवक्षेप) बनाते हैं।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 7

प्रश्न 11.
यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा ?
उत्तर-
साबुन क्षारकीय प्रकृति का होता है इसलिए वह लाल लिटमस पत्र को नीला कर देगा। नीले लिटमस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

प्रश्न 12.
हाइड्रोजनीकरण क्या है ? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है ? (मॉडल पेपर)
उत्तर-
हाइड्रोजनीकरण-असंतृप्त हाइड्रोकार्बन का निक्कल या पैलेडियम उत्प्रेरकों की उपस्थिति में हाइड्रोजन से योग होने पर संतृप्त हाइड्रोकार्बन में बदलना हाइड्रोजनीकरण कहलाता है।

औद्योगिक अनुप्रयोग-इस प्रक्रिया से वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदला जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 8
वनस्पति तेलों में कार्बन परमाणु के दोहरे बंध होते हैं। जब हाइड्रोजन गैस को निक्कल उत्प्रेरक की उपस्थिति में 473K पर वनस्पति तेल में से गुजारा जाता है तो वे ठोस वसा में बदल जाते हैं।

प्रश्न 13.
दिए गए हाइड्रोकार्बन : C2H6 C3H8 C3H6 C2H2, एवं CH4 में किसमें संकलन अभिक्रिया होती
उत्तर-
केवल असंतृप्त हाइड्रोकार्बन ही योग अभिक्रिया करते हैं। इसलिए केवल C3H6 और C2H2ही संकलन अभिक्रिया होती है।

प्रश्न 14.
मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए।
उत्तर-
मक्खन में संतप्त यौगिक होते हैं और खाना पकाने वाले तेलों में असंतृप्त यौगिक होते हैं। असंतप्त यौगिक क्षारकीय पोटैशियम परमैंगनेट के गुलाबी रंग को उड़ा देते हैं। इसलिए खाना पकाने वाले तेल में कुछ बूंद क्षारकीय पोटैशियम परमैंगनेट घोल की डाली जाती है और उनका रंग उड़ जाता है पर मक्खन के साथ यही क्रिया करने से पोटैशियम परमैंगनेट का गुलाबी रंग नहीं उड़ता।

प्रश्न 15.
साबुन की सफ़ाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाए।
उत्तर-
साबुन सफ़ाई करने की विशेष प्रणाली पर आधारित होते हैं। इनमें ऐसे अणु होते हैं जिसके दोनों सिरों के विभिन्न गुणधर्म होते हैं। जल में घुलनशील एक सिरे को हाइड्रोफिलिक कहते हैं। हाइड्रोकार्बन में विलयशील दूसरे सिरे को हाइड्रोफोबिक कहते हैं। जब साबुन जल की सतह पर होता है तब इसके अणु अपने को ऐसे व्यवस्थित कर लेते हैं कि इसका आयोनिक सिरा जल के भीतर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूँछ (दूसरा छोर) जल के बाहर होता है। जल के अंदर इन अणुओं की विशिष्ट व्यवस्था होती है जिससे इसका हाइड्रोकार्बन सिरा जल के बाहर बना होता है। ऐसा अणुओं का बड़ा समूह (कलस्टर) बनने के कारण होता है। इस हाइड्रफोबिक पूँछ कलस्टर के भीतरी हिस्से में होता है-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 10
जबकि उसका आयनिक सिरा कलस्टर की सतह पर होता है। इस संरचना को मिसेल कहते हैं। मिसेल के रूप में साबुन सफ़ाई करने में सक्षम होता है। तैलीय मैल मिसेल के केंद्र में एकत्र हो जाते हैं। मिसेल, विलयन में कोलॉइड के रूप में बने रहते हैं तथा आयनआयन विकर्षण के कारण वे अवक्षेपित नहीं होते। इस प्रकार मिसेल में तैरते मैल आसानी से हटाये जा सकते हैं।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 11

Science Guide for Class 10 PSEB कार्बन एवं उसके यौगिक InText Questions and Answers

प्रश्न 1.
CO2 सूत्र वाले कार्बन डाइऑक्साइड की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी ?
उत्तर-
कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन परमाणु के साथ ऑक्सीजन के दो परमाणु जुड़े होते हैं। कार्बन की परमाणु संख्या 6 होती है और इसके बाहरी कक्ष में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसे अष्टक बनाने के लिए चार इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन को केवल 2 इलेक्ट्रॉनों की बाहरी कक्ष में आवश्यकता होती है। इसलिए उसका इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना होगी
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 12
प्रत्येक ऑक्सीजन का परमाणु कार्बन परमाणु से दोहरे बंध में जुड़ता है।

प्रश्न 2.
सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी ? (संकेत : सल्फर के आठ परमाणु एक अँगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।)
उत्तर-
सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 13
सल्फर के बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन हैं और इसे अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती प्रत्येक सल्फर परमाणु दो इलेक्ट्रॉनों की सहभागिता करेगा। इसका आण्विक सूत्र S होता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 14

प्रश्न 3.
पेन्टेन के लिए आप कितने संरचनात्मक समावयवों का चित्रण कर सकते हैं ?
उत्तर-
पेन्टेन के समावयवों का चित्रण-पेन्टेन PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 15 । के तीन समावयव हैं –
(i) नारमल पेन्टेन
(ii) आइसोपेन्टेन
(iii) नियो-पेन्टेन।
इनका संरचनात्मक चित्रण निम्न ढंग से हम कर सकते हैं-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 16

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 17

प्रश्न 2.
कार्बन के दो गुणधर्म कौन से हैं, जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?
अथवा
कार्बन के वह गुण लिखो जिनके कारण हमारे आस-पास कार्बनिक यौगिकों की बड़ी संख्या मौजूद है।
उत्तर-
कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या के लिए उत्तरदायी कार्बन के गुणधर्म-कार्बन के गुणधर्म जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या होती है, निम्नलिखित हैं :
(i) श्रृंखलन (Catenation) कार्बन में अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है जिससे दीर्घ अणुओं की प्राप्ति होती है। इन यौगिकों में कार्बन की दीर्घ श्रृंखला, शाखित श्रृंखला अथवा वलयाकार श्रृंखला हो सकती है। कार्बन परमाणुओं का यह विशिष्ट गुण ‘शृंखलन’ कहलाता है। अतः शृंखलन के कारण कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या होती है।

(ii) चतुः संयोजकता (Tetravalency) कार्बन में चार संयोजकता होती है। इसलिए इसमें कार्बन के चार अन्य परमाणुओं या अन्य संयोजक तत्वों ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन के परमाणुओं के साथ बंधन बनाने की क्षमता होती है। इसके परिणामस्वरूप विशाल संख्या में कार्बन यौगिक बनते हैं।

प्रश्न 3.
साइक्लोपेन्टेन का सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होंगे ?
उत्तर-
साइक्लोपेन्टेन का सामान्य सूत्र C5 H2×5 = C5 H10 है।
इसकी संरचना और इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना है
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 18

प्रश्न 4.
निम्न यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए :
(i) एथेनॉइक अम्ल
(ii) ब्रोमोपेन्टेन
(iii) ब्यूटेनोन
(iv) हेक्सेनैल।
क्या ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयव संभव हैं ?
उत्तर-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 19

प्रश्न 5.
निम्न यौगिकों का नामकरण कैसे करेंगे ?
(i) CH3 – CH2– Br
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 23
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 24
उत्तर-
(i) ब्रोमोएथेन
(ii) मेथेनल
(iii) हेक्साइन।

प्रश्न 6.
एथनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
क्योंकि एथेनॉइक अम्ल, एथनॉल के ऑक्सीजन के योग द्वारा उत्पन्न होता है, इसलिए यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है। ऑक्सीकरण का कार्य क्षारीय KMnO4. या अम्लीय K2Cr2O7 द्वारा किया जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 25

प्रश्न 7.
ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता. सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता ?
उत्तर-
एथाइन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जो वायु की उपस्थिति में दहन करते समय पीले रंग की कज्जली ज्वाला उत्पन्न करता है। इस धुएं में कार्बन होता है। अपूर्ण दहन के कारण ऊष्मा ऊर्जा की कम मात्रा उत्पन्न होती है जो वेल्डिंग के लिए अपर्याप्त है। दूसरी ओर जब एथाइन तथा ऑक्सीजन के मिश्रण को जलाया जाता है तो संपूर्ण दहन होता है जिससे अत्याधिक मात्रा में उष्मा ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो वेल्डिंग के लिए पर्याप्त होती है। इसलिए एथाइन तथा ऑक्सीजन के मिश्रण का दहन का उपयोग वेल्डिंग के लिए किया जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं उसके यौगिक 26

प्रश्न 8.
प्रयोग द्वारा आप ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे अंतर कर सकते हैं ?
उत्तर-
निम्नलिखित प्रयोग के द्वारा ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल में अंतर किया जा सकता है –
1. सोडियम कार्बोनेट परीक्षण-दो परखनलियां लो और उनमें अलग-अलग ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लो। दोनों में NaHCO, का जलीय विलयन डालो जिस परखनली का यौगिक CO., गैस की उत्पत्ति के कारण बुलबुले उत्पन्न करता है उसमें कार्बोक्सिलिक अम्ल है।
CH3COOH + NaHCO3 → CH3 COONa + H2O + CO2

2. क्षारीय पोटाशियम परमैंगनेट परीक्षण-दो परखनलियों में दोनों यौगिकों की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लो। अब इनमें क्षारकीय पोटाशियम परमैंगनेट की कुछ बूंदें डालो। इन्हें गर्म करो जो यौगिक क्षारकीय पोटाशियम परमैंगनेट विलयन के गुलाबी रंग को समाप्त कर देगा, वह निश्चित रूप से ऐल्कोहल होगा।

3. लिटमस परीक्षण-दो परखनलियों में पृथक्-पृथक् ऐल्कोहॉल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लो। अब इन परखनलियों में नीले लिटमस की दो-दो बूंदें डालें। आप देखेंगे कि ऐल्कोहॉल में लिटमस के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल में नीले लिटमस का रंग लाल हो जाएगा।

4. सोडियम धातु परीक्षण-दो परखनलियों में पृथक्-पृथक् ऐल्कोहॉल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल लो। अब इनमें सोडियम धातु डालें। ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन गैस बुदबुदाहट से उत्पन्न होगी जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल में हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी परंतु बुदबुदाहट नहीं होगी।

प्रश्न 9.
ऑक्सीकारक क्या हैं ?
उत्तर-
ऑक्सीकारक- ऐसे रासायनिक पदार्थ जिनमें ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है और अभिक्रिया के दौरान स्वयं अपचायित होकर दूसरे पदार्थ को ऑक्सीकृत कर देते हैं, ऑक्सीकारक कहते हैं। उदाहरणार्थ, क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट अथवा अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ऐल्कोहॉल को ऑक्सीकृत करते हैं। अतएव इनको ऑक्सीकारक कहते हैं।

प्रश्न 10.
क्या आप डिटरजेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है अथवा नहीं ?
उत्तर-
डिटरजेंट के प्रयोग द्वारा हम यह नहीं पता लगा पाएँगे कि जल का नमूना कठोर है अथवा नहीं क्योंकि डिटरजेंट (अपमार्जक) कठोर जल के साथ सुगमता से झाग बनाता है और तलछट नहीं बनाता।

प्रश्न 11.
लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े को पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, ब्रुश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ़ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
साबुन या डिटरजेंट की लंबी हाइड्रोजन की पूंछ से ग्रीज़ या गंदगी जुड़ कर कपड़े की सतह और पानी पर आ जाती है। इसके कारण जल का सतही तनाव कम हो जाता है और जल पर गंदगी की तह जम जाती है। इसे कपड़े से हटाने के लिए कपड़े को पत्थर पर पटकना पड़ता है, पीटना पड़ता है, ब्रुश से रगड़ना पड़ता है या फिर वाशिंग मशीन में उसे रगड़ना पड़ता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

प्रश्न 1.
निम्न समीकरणों के युग्मों को रैखिक समीकरण युग्म में बदल करके हल कीजिए :
(i) \(\frac{1}{2 x}+\frac{1}{3 y}\) = 2

\(\frac{1}{3 x}+\frac{1}{2 y}=\frac{13}{6}\)

(ii) \(\frac{2}{\sqrt{x}}+\frac{3}{\sqrt{y}}\) = 2

\(\frac{4}{\sqrt{x}}-\frac{9}{\sqrt{y}}\) = – 1

(iii) \(\frac{4}{x}\) + 3y = 14
\(\frac{3}{x}\) – 4y = 23

(iv) \(\frac{5}{x-1}+\frac{1}{y-2}\) = 2

\(\frac{6}{x-1}-\frac{3}{y-2}\) = 1

(v) \(\frac{7 x-2 y}{x y}\) = 5

\(\frac{8 x+7 y}{x y}\) = 15

(vi) 6x + 3y = 6xy
2x + 4y = 5xy

(vii) \(\frac{10}{x+y}+\frac{2}{x-y}\) = 4

\(\frac{15}{x+y}-\frac{5}{x-y}\) = – 2

(viii) \(\frac{1}{3 x+y}+\frac{1}{3 x-y}=\frac{3}{4}\)

\(\frac{1}{2(3 x+y)}-\frac{1}{2(3 x-y)}=\frac{-1}{8}/latex]

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

हल :
(i) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म हैं :
[latex]\frac{1}{2 x}+\frac{1}{3 y}\) = 2
और \(\frac{1}{3 x}+\frac{1}{2 y}=\frac{13}{6}\)

\(\frac{1}{x}\) = u और \(\frac{1}{y}\) = v,
प्रतिस्थापित करने पर
\(\frac{u}{2}+\frac{v}{3}\) = 2

या \(\frac{3 u+2 v}{6}\) = 2

3u + 2v = 12 ……………(1)

और \(\frac{u}{3}+\frac{v}{2}=\frac{13}{6}\)

या \(\frac{2 u+3 v}{6}=\frac{13}{6}\)

या 2u + 3v = 13 ………(2)
(1) को 2 से और (2) को 3 से, गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है:
6u + 4y = 24 ……………(3)
और 6u + 9y = 39 ……………(4)
अब, (4) – (3) से प्राप्त होता है,

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 1

v के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :
3u + 2 (3) = 12
या 3u + 6 = 12
3u = 12 – 6 = 6
या u = \(\frac{6}{3}\) = 2

\(\frac{1}{x}\) = u

या x = \(\frac{1}{u}\)

या x = \(\frac{1}{2}\)

और \(\frac{1}{y}\) = v

या y = \(\frac{1}{v}\)

या y = \(\frac{1}{3}\)
अतः, x = \(\frac{1}{2}\) और y = \(\frac{1}{3}\).

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(ii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{2}{\sqrt{x}}+\frac{3}{\sqrt{y}}\) = 2 और \(\frac{4}{\sqrt{x}}-\frac{9}{\sqrt{y}}\) = – 1

\(\frac{1}{\sqrt{x}}\) = u और \(\frac{1}{\sqrt{y}}\) = v
प्रतिस्थापित करने पर
2u + 3v = 2 ……………(1)
और 4u – 9v = – 1 ………….(2)
(1) को 2 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है।
4u + 6v = 4 …………….(3)
अब, (2) – (3) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 2

v के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2u + 3(\(\frac{1}{3}\)) = 2
या 2u + 1 = 2
या 2u = 2 – 1 = 1
या u = \(\frac{1}{2}\)

परंतु \(\frac{1}{\sqrt{x}}\) = u2

या \(\left(\frac{1}{\sqrt{x}}\right)^{2}\) = u2

या \(\frac{1}{x}\) = u2

या \(\frac{1}{x}=\left(\frac{1}{2}\right)^{2}\)

या x = 4

और \(\frac{1}{\sqrt{y}}\) = v

या \(\left(\frac{1}{\sqrt{y}}\right)^{2}\) = v2

या \(\frac{1}{y}\) = v2

या \(\frac{1}{y}=\left(\frac{1}{3}\right)^{2}\)

अतः, x = 4 और y = 9.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(iii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{4}{x}\) + 3y = 14 और \(\frac{3}{x}\) – 4y = 23

\(\frac{1}{x}\) = v रखने पर

4v + 3y = 14 ………….(1)
और 3v – 4y = 23 …………..(2)
(1) को 3 से और (2) को 4 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है :
12v + 9y = 42 ……………..(3)
और 12v – 16y = 92 ………..(4)
अब, (4) – (3) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 3

y के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4v + 3 (- 2) = 14
या 4v – 6 = 14
या 4v = 14 + 6 = 20
या v = \(\frac{20}{4}\) = 5

परंतु \(\frac{1}{x}\) = v,

या x = \(\frac{1}{v}=\frac{1}{5}\)

अतः, x = = और y = – 2.

(iv) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{5}{x-1}+\frac{1}{y-2}\) = 2 और \(\frac{6}{x-1}-\frac{3}{y-2}\) = 1

\(\frac{1}{x-1}\) = u और \(\frac{1}{y-2}\) = v रखने पर प्राप्त समीकरण है :
5u + y = 2 ………….(1)
6u – 3v = 1 ………….(2)
(1) का 3 स गुणा करन पर हम प्राप्त होता है :
15u + 3y = 6 …………..(3)
अब, (3) + (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 4

u के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
5 × \(\frac{1}{3}\) + v = 2
या v = 2 – \(\frac{5}{3}\) = \(\frac{6-5}{3}\)

v = \(\frac{1}{3}\)

परंतु \(\frac{1}{x-1}\) = u

\(\frac{1}{x-1}=\frac{1}{3}\)

या x – 1 = 3
या x= 3 + 1
या x = 4

\(\frac{1}{y-2}\) = v

\(\frac{1}{y-2}=\frac{1}{3}\)
या y – 2 = 3
या y = 3 + 2
या y = 5
अतः, x = 4 और y = 5.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(v) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 5

\(\frac{1}{x}\) = u और \(\frac{1}{y}\) = v, रखने पर प्राप्त समीकरण है :
– 2u + 7v = 5 …………..(1)
और 7u + 8y = 15 ………….(2)
(1) को 7 से और (2) को 2 से गुणा करने पर, हमें प्राप्त होता है :
– 14y + 49u = 35 …………….(3)
और 14v + 16u = 30 …………….(4)
अब, (3) + (4) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 6

u के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर
– 2 (1) + 7v = 5
7v = 5 + 2
7v = 7
v = \(\frac{7}{7}\) = 1
या y = 1
अतः x = 1 और y = 1

(vi) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 7

\(\frac{1}{x}\) = u और \(\frac{1}{y}\) = v, प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
u + 2v = 2 …………(1)
और 4u + 2y = 5 ………….(2)
अब, (2) – (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 8

u के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें | प्राप्त होता है :
1 + 2v = 2
या 2v = 2 – 1 = 1
या v = \(\frac{1}{2}\)

परंतु \(\frac{1}{x}\) = u

या \(\frac{1}{x}\) = 1

या x = 1

और \(\frac{1}{y}\) = v

या \(\frac{1}{y}\) = \(\frac{1}{2}\)

या y = 2
अतः, x = 1 और y = 2.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(vii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{10}{x+y}+\frac{2}{x-y}\) = 4

और \(\frac{15}{x+y}-\frac{5}{x-y}\) = – 2

\(\frac{1}{x+y}\) = u और \(\frac{1}{x-y}\) = v को प्रतिस्थापित करने पर :
10u + 2v = 4
या 5u + y = 2 ………….(1)
15u -5v=-2 …………..(2)
(1) को 5 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है
25u + 5v = 10 …………(3)

अब, (3) + (2) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 9

u को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता
5(\(\frac{1}{5}\)) + v = 2
या 1 + v = 2
या v = 2 – 1 = 1
परंतु \(\frac{1}{x+y}\) = u

\(\frac{1}{x+y}=\frac{1}{5}\)
या x + y =5 …………(4)

और \(\frac{1}{x-y}\) = v

या \(\frac{1}{x – y}\) = 1
या x – y = 1 ………..(5)
अब, (4) + (5) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 10

x के इस मान को (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3 + y = 5
y = 5 – 3 = 2
अतः x = 3 और y = 2

(viii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{1}{3 x+y}+\frac{1}{3 x-y}=\frac{3}{4}\)

और \(\frac{1}{2(3 x+y)}-\frac{1}{2(3 x-y)}=\frac{-1}{8}\)

\(\frac{1}{3 x+y}\) = u \(\frac{1}{3 x-y}\) = v को रखने पर

u + v = \(\frac{3}{4}\)

या 4u + 4y = 3
या 4u + 4v = 3 …………..(1)

और \(\frac{u}{2}-\frac{v}{2}=\frac{-1}{8}\)

या 4u – 4v = \(\frac{-1}{4}\)

या 4u – 4v = – 1
अब, (1) + (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 11

u के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4(\(\frac{1}{4}\)) + 4v = 3
या 4v = 2
या v = \(\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\)

परंतु \(\frac{1}{3 x+y}\)

या 3x + y = 4 ………….(3)

और \(\frac{1}{3 x-y}=\frac{1}{2}\)
या 3x – y = 2 ………..(4)
अब, (3) + (4) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 12

x के इस मान को (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3 (1) + y = 4
या 3 + y = 4
या y = 4 – 3 = 1
अतः x = 1 और y = 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

प्रश्न 2.
निम्न समस्याओं को रैखिक समीकरण युग्म के रूप में व्यक्त कीजिए और फिर उनके हल ज्ञात कीजिए :
(i) रितु धारा के अनुकूल 2 घंटे में 20 km तैर सकती है और धारा के प्रतिकूल 2 घंटे में 4 km तैर सकती है। उसकी स्थिर जल में तैरने की चाल तथा धारा की चाल ज्ञात कीजिए।

(ii) 2 महिलाएँ एवं 5 पुरुष एक कसीदे के काम को साथ-साथ 4 दिन में पूरा कर सकते हैं, जबकि 3 महिलाएँ एवं 6 पुरुष इसको 3 दिन में पूरा कर सकते हैं। ज्ञात कीजिए कि इसी कार्य को करने में एक अकेली महिला कितना समय लेगी ? पुनः इसी कार्य को करने में एक पुरुष कितना समय लेगा ?

(iii) रूही 300 km दूरी पर स्थित अपने घर जाने के लिए कुछ दूरी रेलगाड़ी द्वारा तथा कुछ दूरी बस द्वारा तय करती है। यदि वह 60 km रेलगाड़ी द्वारा तथा शेष बस द्वारा यात्रा करती है तो उसे 4 घंटे लगते हैं। यदि वह 100 km रेलगाड़ी से तथा शेष बस से यात्रा करे, तो उसे 10 मिनट अधिक लगते हैं । रेलगाड़ी एवं बस की क्रमशः चाल ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) मान लीजिए स्थिर जल में रितु की चाल = x किमी/घंटा
और धारा की चाल = 1 किमी/घंटा
∴ धारा के प्रतिकूल चाल = (x – 1) किमी/घंटा
और धारा के अनुकूल चाल = (x + 1) किमी/घंटा
रीतु द्वारा धारा के अनुकूल में 2 घंटे में तय की गई दूरी = चाल × समय
= (x + 3) × 2
किमी पहली शर्त अनुसार,
2 (x + y) = 20
x + y = 10 …………(1)
रितु द्वारा धारा के प्रतिकूल 2 घंटे में तय की गई दूरी = चाल × समय
= 2 (x – y) किमी
दूसरी शर्त अनुसार,
2 (x – y) = 4
x – y = 2 ……………(2)
अब, (1) + (2) से प्राप्त होता है :
x + y = 10
x – y = 2
2x = 12
x = \(\frac{12}{2}\) = 6
x के इस मान को (1) में भरने पर हमें प्राप्त होता है :
6 + y = 10
y = 10 – 6 = 4
अतः, रितु की स्थिर जल में चाल = 6 किमी/घंटा
और धारा की चाल = 4 किमी/घंटा

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(ii) मान लीजिए एक महिला काम समाप्त कर सकती है = x दिन में
एक पुरुष काम को समाप्त कर सकता है = y दिन में
तब, एक महिला का 1 दिन का काम = \(\frac{1}{x}\)

एक महिला का 1 दिन का काम = \(\frac{1}{y}\)
पहली शर्त अनुसार,

\(\frac{2}{x}+\frac{5}{y}=\frac{1}{4}\) ………(1)

दूसरी शर्त अनुसार

\(\frac{3}{x}+\frac{6}{y}=\frac{1}{3}\) ……….(2)

\(\frac{1}{x}\) = u और \(\frac{1}{y}\) = v रखने पर, समीकरणे (1) और (2) बन जाती हैं :

2u + 5v = \(\frac{1}{4}\)

8u + 20v = 1 …………..(3)

और 3u + 6v = \(\frac{1}{3}\)

9u + 18y = 1 …………..(4)
(3) को 9 से और (4) को 8 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है।
72u + 180v = 9 ……………(5)
और 72u + 144v = 8 ……………..(6)
तब, (5)- (6) से प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 13

v के इस मान को (4) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :
9u + 18(\(\frac{1}{36}\)) = 1

या 9u + \(\frac{1}{2}\) = 1

या 9u = 1 – \(\frac{1}{2}\)
= \(\frac{2-1}{2}\)

या 9u = \(\frac{1}{2}\)

या 9u = \(\frac{1}{2}\)

या u = \(\frac{1}{2 \times 9}=\frac{1}{18}\)

परंतु \(\frac{1}{x}\) = u

या \(\frac{1}{x}=\frac{1}{18}\)

या x = 18

और \(\frac{1}{y}\) = v

या \(\frac{1}{y}=\frac{1}{36}\)

या y = 36
अतः, एक महिला और एक पुरुष अकेले-अकेले काम को क्रमश: 18 दिन और 36 दिन में पूरा कर सकते हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6

(iii) मान लीजिए रेल गाड़ी की चाल = x किमी/घंटा और
बस की चाल = y किमी/घंटा
कुल दूरी = 300 किमी

स्थिति I:
60 किमी दूरी तय करने में लिया गया समय = दूरी / चाल
= \(\frac{60}{x}\) घंटे

बस द्वारा 240 (= 300 – 60) किमी दूरी तय करने में लिया गया समय = 240/y घंटे
∴ कुल समय = \(\) घंटे
पहली शर्त अनुसार
\(\frac{60}{x}+\frac{240}{y}\) = 4

या \(\frac{15}{x}+\frac{60}{y}\) = 1 ………….(1)

स्थिति II:
रेलगाड़ी द्वारा 100 किमी दूरी तय करने में लगा समय = 100/x घंटे
बस द्वारा 200 (= 300 – 100) किमी दूरी तय करने में लिया गया समय = 200 / y घंटे

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 14

\(\frac{1}{x}\) = u और \(\frac{1}{y}\) = y को समीकरणों
(1) और (2) में रखने पर प्राप्त समीकरण हैं :
15u + 60v = 1
और 24u + 48v = 1

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.6 15

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{u}{-12}=\frac{1}{-720}\)

u = \(\frac{12}{720}=\frac{1}{60}\)

II और III से हमें प्राप्त होता है :
\(\frac{v}{-9}=\frac{1}{-720}\)

v = \(\frac{9}{720}=\frac{1}{80}\)

परंतु \(\frac{1}{x}\) = u

या \(\frac{1}{x}=\frac{1}{60}\)

या x = 60

\(\frac{1}{y}\) = v

या \(\frac{1}{y}=\frac{1}{60}\)

या y = 80
अतः, रेल गाड़ी की और बस की चाल क्रमश: 60 किमी/घंटा और 80 किमी/घंटा है।xzc

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु

Punjab State Board PSEB 10th Class Science Book Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Science Chapter 3 धातु एवं अधातु

PSEB 10th Class Science Guide धातु एवं अधातु Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है :
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु
(b) MgCl2 विलयन एवं ऐलुमीनियम धातु
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु।
उत्तर-
सिल्वर धातु से अधिक क्रियाशील होने के कारण, कॉपर धातु AgNO, के विलयन में से सिल्वर को अलग (विस्थापित) करने की क्षमता रखता है। इसलिए AgNO3 (aq) + Cu (s) → CuNO3 (aq) + Ag (s)
अन्य सभी धातुएँ दिए गए विलयन में उपस्थित धातु से कम अभिक्रियाशील हैं। इसलिए (d) युग्ल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 2.
लोहे के फ्राईंग पैन (Frying pan) को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन-सी विधि उपयुक्त
(a) ग्रीज़ लगाकर
(b) पेंट लगाकर
(c) जिंक की परत चढ़ाकर
(d) ऊपर के सभी।
उत्तर-
(a) और (b) उपयुक्त नहीं है क्योंकि ग्रीज़ और पेंट दोनों ही गर्म करने पर जल जाते हैं। इसलिए (c) ज़िंक की परत लगाकर।

प्रश्न 3.
कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्त्व क्या हो सकता है ?
(a) कैल्सियम
(b) कार्बन
(c) सिलिकन
(d) लोहा।
उत्तर-
कैल्सियम, ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर कैल्सियम ऑक्साइड बनाता है जो एक आयनिक यौगिक है। इसका गलनांक उच्च होता है तथा यह जल के साथ अभिक्रिया करने पर कैल्सियम हाइड्रोक्साइड बनाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 1
∴ ठीक उत्तर है (a) कैल्सियम।।

प्रश्न 4.
खाद्य पदार्थ के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है क्योंकि
(a) टिन की अपेक्षा ज़िंक महँगा है।
(b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है।
(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।
(d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है।
उत्तर-
टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील होता है तथा खाने में पाए जाने वाले तत्त्वों के साथ अभिक्रिया कर सकता है। इसलिए सही उत्तर है (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।

प्रश्न 5.
आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है :
(a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं ?
(b) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिता का आकलन कीजिए।
उत्तर-
(a)

  • हम धातुओं तथा अधातुओं के नमूनों को हथौड़े की सहायता से पीट-पीट कर पतली चादरों से परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे।
  • बैटरी, बल्ब, तारों तथा स्विच की सहायता से हम एक विद्युत् परिपथ स्थापित करेंगे तथा धातु अथवा अधातु को परीक्षण के लिए उन्हें परिपथ के टर्मिनल A तथा B के बीच रखेंगे।

(b)

  • यह पाया जाता है कि हथौड़े से पीटने पर धातुएँ पतली चादरों में परिवर्तित हो जाती हैं, जबकि अधातुएँ भंगुर होती हैं अर्थात्, हथौड़े से पीटने पर छोटेछोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं। अतः धातुएँ आघातवर्ध्य होती हैं, जबकि अधातुएँ नहीं होतीं।
  • दूसरे परीक्षण के दौरान यह पाया जाता है कि स्विच जब धातुएँ टर्मिनल A तथा B के बीच रखी जाती हैं तो A + B बल्ब जलने लगता है, जबकि अधातुओं को रखने पर जांच के लिए धातु बल्ब नहीं जलता। अतः धातुएँ विद्युत् की अच्छी चालक का टुकड़ा होती हैं, जबकि अधातुएँ विद्युत् की कुचालक होती हैं।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 2

प्रश्न 6.
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं ? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
उभयधर्मी ऑक्साइड- जो धात्विक ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार का व्यवहार प्रकट करते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।
उदाहरण-
(i) एल्यूमीनियम ऑक्साइड (Al2O3)
(ii) जिंक ऑक्साइड (ZnO).
(i) Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O (क्षारीय व्यवहार)
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O (अम्लीय व्यवहार)
(ii) ZnO + 2HCl → ZnCl2 + H2O (क्षारीय व्यवहार)
ZnO + 2NaOH → Na2ZnO2+ H2O (अम्लीय व्यवहार)

प्रश्न 7.
दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकती हैं। ..
उत्तर-
जिंक (Zn) एवं लोहा (Fe), हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण उसे तनु अम्ल से विस्थापित कर सकते हैं। इसके विपरीत कॉपर (Cu) एवं पारा (Hg), हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील होने के कारण ऐसा नहीं कर सकते।

प्रश्न 8.
किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड-कैथोड एवं विद्युत् अपघट्य किसे बनाएँगे?
उत्तर-
ऐनोड-धातु M की अशुद्ध मोटी प्लेट। कैथोड-शुद्ध धातु M की विद्युत् पतली प्लेट। विद्युत् अपघट्य-M धातु के यौगिक का जल में विलयन।

प्रश्न 9.
प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला में लेकर उसे गर्म किया। चित्र के अनुसार एक परखनली को उलटा कर के उसने उत्सर्जित गैस को एकत्र किया।
(a) गैस की क्रिया क्या होगी ?
(i) सूखे लिटमस पत्र पर
(ii) आर्द्र लिटमस पत्र पर।
(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 3
उत्तर-
(a) सल्फर जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है।
S (s) + O2(g) → SO2 (g) सल्फर डाइऑक्साइड

  • सूखे लिटमस पत्र पर गैस की कोई भी क्रिया नहीं होगी।
  • गैस आर्द्र लिटमस पत्र में मौजूद जल के साथ अभिक्रिया कर सल्फ्यूरिक अम्ल उत्पन्न करेगी जो नीले लिटमस पत्र को लाल कर देगा।

(b) SO2(g) + H2O (l) → H2SO3 (aq) सल्फ्यूरस अम्ल

प्रश्न 10.
लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए।
उत्तर-
जंग से बचाने के.तरीके
1. तेल या ग्रीस की तह जमाकर-यदि लोहे पर तेल या ग्रीस की तह जमा दें तो नम वायु लोहे के संपर्क में नहीं आ पाती जिससे जंग नहीं लगता। मशीनों के पुर्जी को जंग से बचाने के लिए ऐसा ही किया जाता है।

2. एनेमल से-लोहे की सतह पर रंग-रोगन की तह जमाकर जंग लगने पर नियंत्रण पाया जाता है। बसों, कारों, स्कूटर-मोटर साइकिल, खिड़कियों, रेलगाड़ियों आदि पर एनेमल की परत जमाई जाती है।

प्रश्न 11.
ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं ?
उत्तर-
अधातुएं, ऑक्सीजन से संयोग करके दो प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं।
(i) अम्लीय ऑक्साइड और
(ii) उदासीन ऑक्साइड।
(i) अम्लीय ऑक्साइड-अधातुएं, ऑक्सीजन से संयोग करके सह-संयोजक ऑक्साइड बनाती हैं जो पानी में घुलकर अम्ल बनाते हैं।
(a) C + O2 → CO2,
CO2 + H2O → H2CO3
कार्बोनिक अम्ल ।
(b) S + O2 → SO2
SO2 + H2O → H2SO3
(ii) उदासीन ऑक्साइड-कुछ अधातुएं, ऑक्सीजन से संयोग करके उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं। इन का लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं होता है जैसे-कार्बन मोनो-ऑक्साइड (CO), पानी (H2O) तथा नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) उदासीन ऑक्साइड हैं।

प्रश्न 12.
कारण बताइए
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है।
(c) ऐलुमीनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है।
(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
उत्तर-
(a) प्लैटिनम, सोना तथा चाँदी का प्रयोग आभूषण बनाने में किया जाता है क्योंकि ये धातुएँ सक्रियता श्रेणी में निम्नतम स्थान पर होती हैं तथा जल, ऑक्सीजन अथवा अम्लों से अभिक्रिया नहीं करतीं। ये धातुएँ संक्षारित नहीं होती तथा ये धातुएँ आघातवर्ध्यनीय तथा तन्य होती हैं। इसलिए इनसे आभूषणों के विभिन्न डिज़ाइन सरलतापूर्वक बनाए जा सकते हैं।

(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संगृहित किया जाता है। इन्हें वायु के संपर्क में रखने पर आग पकड़ लेती हैं क्योंकि इन धातुओं का ज्वलन ताप (Ignition temperature) अत्यंत कम होता है। इसलिए इन्हें आग लगने से बचाने के लिए तेल के अंदर डुबोकर रखा जाता है।

(c) एल्यूमीनियम ताप की सुचालक है, परंतु यह अत्याधिक अभिक्रियाशील है। आई वायु के संपर्क में आने पर इसकी सतह पर पार न किए जाने वाली एल्यूमीनियम ऑक्साइड (Al2O3) की परत चढ़ जाती है। यह परत क्रियाशील धातु को अन्य पदार्थों के संपर्क में नहीं आने देती और धातु को जंग लगने से बचाती है। इन सभी कारणों से एल्यूमीनियम का प्रयोग खाना बनाने के बर्तन बनाने में किया जाता है।

(d) धातु कार्बोनेट और धातु सल्फाइड को धातु में बदलना कठिन होता है इसलिए इसे पहले धातु ऑक्साइड में बदलना आवश्यक होता है। अपचयन द्वारा इसे धातु ऑक्साइड में बदला जा सकता है। धातु कार्बोनेट को वायु की अनुपस्थिति में गर्म करके कार्बन डाइऑक्साइड को निष्कासित कर दिया जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 4
धातु सल्फाइड को ऑक्सीजन की उपस्थिति में गर्म करके उसे धातु ऑक्साइड में रूपांतरित किया जाता है। इससे गंधक और आर्सेनिक जैसी अशुद्धियां भी दूर हो जाती हैं।
2ZnS + 3O2→ 2ZnO + 2SO2
S + O2→ SO2
4As + 5O2→ 2As2O5

प्रश्न 13.
आपने तांबे के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ करते अवश्य देखा होगा। यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में क्यों प्रभावी हैं ?
उत्तर-
मलीन ताँबे के बर्तन पर जमी हुई कॉपर कार्बोनेट की परत नींबू या इमली के रस में उपस्थित अम्लों (सिटरिक अम्ल) से अभिक्रिया करके बर्तन से हट जाती है और बर्तन साफ हो जाता है। अत: खट्टे पदार्थ तांबे के बर्तन को साफ करने में प्रभावी होते हैं।

प्रश्न 14.
रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए।
उत्तर-
रासायनिक गुणों के आधार पर धातुओं तथा अधातुओं में अंतर-

धातु अधातु
(1) धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं। (1) अधातुएँ अम्लीय अथवा उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं।
(2) धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित इसलिए इनसे हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती है। (2) अधातुएँ तनु अम्लों से अभिक्रिया नहीं करती कर देती हैं।
(3) धातुएँ क्लोरीन के साथ विद्युत् संयोजी क्लोराइड (आयनिक यौगिक) बनाती हैं। ये विद्युत् संयोजी क्लोराइड विद्युत्-अपघट्य, परंतु अवाष्पशील होते हैं। (3) अधातुएँ क्लोरीन के साथ सहसंयोजी यौगिक बनाती हैं जो विद्युत्-अपघट्य, परंतु वाष्पशील होते हैं।
(4) धातुएँ अपचायक होती हैं। (4) कार्बन को छोड़कर अधातुएँ ऑक्सीकारक होती हैं।
(5) धातुएँ हाइड्रोजन से संयोग करके हाइड्राइड बनाती हैं जो सहसंयोजक होते हैं। (5) अधातुएँ हाइड्रोजन से क्रिया करके हाइड्राइड बनाती हैं।

प्रश्न 15.
एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया। कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वज़न अत्यंत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुःखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं ?
उत्तर-
सुनार द्वारा प्रयोग किया गया विलयन, एक्वारीजिया है। एक्वारीजिया विलयन में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं नाइट्रिक अम्ल, 3 : 1 के अनुपात में होता है। सोना एक्वारीजिया में घुलनशील है इसलिए महिला के कंगन का भार कम हो जाता है।

प्रश्न 16.
गर्म जल का टैंक बनाने में तांबे का उपयोग होता है परंतु इस्पात (लोहे का मिश्रधातु) का नहीं। इसका कारण बताइए।
उत्तर-
कॉपर की उष्मा चालकता स्टील की अपेक्षा अधिक है। ऊर्जा बचाने के लिए गर्म पानी के टैंक को कॉपर से बनाया जाता है। कॉपर जल से अभिक्रिया भी नहीं करता भले उसे कितना भी गर्म किया जाए परंतु दूसरी ओर लोहा गर्म करने पर जल से क्रिया करता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 5

Science Guide for Class 10 PSEB धातु एवं अधातु InText Questions and Answers

प्रश्न 1.
ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो –
(i) कमरे के तापमान पर द्रव होती है।
(ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
(iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।
(iv) ऊष्मा की कुचालक होती है।
उत्तर-
(i) पारा (Mercury)
(ii) सोडियम (Sodium)
(iii) चाँदी (Silver)
(iv) HRAT (Lead)

प्रश्न 2.
आघातवर्ध्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।
उत्तर-
आघातवर्ध्य- धातुओं का वह गुणधर्म जिसके कारण धातुओं को हथौड़े से पीट-पीट कर बिना टूटे धातुओं को पतली चादरों में परिवर्तित किया जा सकता है। तन्य-धातुओं का वह गुणधर्म है जिस कारण उन्हें खींच कर पतली तारों में परिवर्तित किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है ?
अथवा
सोडियम तथा पोटाशियम को मिट्टी के तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है ?
उत्तर-
सोडियम तथा पोटाशियम को किरोसिन तेल में डुबोकर रखना-सोडियम एक अत्यंत सक्रिय धातु है जो वायु में रखने पर ऑक्सीजन से क्रिया करके सोडियम ऑक्साइड बनाती है तथा पानी के साथ क्रिया करके सोडियम हाइड्रोक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है। हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील गैस है जिससे यह आग पकड़ लेती है। इसलिए सोडियम का वायु से संपर्क हटाने के लिए इसे किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।

प्रश्न 4.
इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए
(i) भाप के साथ आयरन,
(ii) जल के साथ कैल्शियम तथा पोटैशियम।
उत्तर-
(i) 3Fe (s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)
(ii) Ca(s) + 2H2O(l) → Ca (OH)2 (aq) + H2(g)
2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH (aq) + H2(g)

प्रश्न 5.
A, B, C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन में डाला गया। इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है :
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 6
उत्तर-
(i) धातु ‘B’ सर्वाधिक अभिक्रियाशील है, क्योंकि कोई अन्य धातु FeSOA (आयरन सल्फेट) में से धातु को विस्थापित नहीं कर सकती।
(ii) धातु ‘B’ सर्वाधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए यदि धातु को कॉपर (II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो यह कॉपर को उसके विलयन से विस्थापित कर देगा और विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाएगा।
(iii) B > A > C > D

प्रश्न 6.
अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन-सी गैस निकलती है ? आयरन के साथ तनु H,SO, की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-
सभी धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया नहीं करती हैं। केवल अभिक्रियाशील धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया कर उसमें से हाइड्रोजन विस्थापित होकर गैस के रूप में उत्पन्न होती है। आयरन के साथ तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) रासायनिक क्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 7

प्रश्न 7.
जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होता है ? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-
जब ज़िंक को आयरन (II) सल्फेट के घोल में डाला जाता है तो जिंक आयरन सल्फेट के घोल से आयरन को विस्थापित कर देती है और आयरन सल्फेट का हरा रंग फीका पड़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि जिंक आयरन की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील है।
Zn + FeSO4 → ZnSO4 + Fe
इस क्रिया को इस प्रकार भी प्रदर्शित किया जा सकता है
Zn (s) → Zn2+ + 2e
Fe2 (aq) + 2e → Fe (s)
Fe2+ (aq) + Zn (s) → Zn2+ (aq) + Fe (s)
FeSO4 (aq) + Zn (s) → ZnSO4 (aq) + Fe (s).

प्रश्न 8.
(i) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना लिखिए।
(ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के द्वारा Na2O एवं Mgo का निर्माण दर्शाइए।
(iii) इन यौगिकों में कौन-से आयन उपस्थित हैं ?
उत्तर-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 8
(ii) इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा Na2O का निर्माण ।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 9
इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण द्वारा Mgo का निर्माण
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 10
(iii) Na2O में उपस्थित आयन
धनायन- Na+ (सोडियम धनायन)
ऋणायन- O2- (ऑक्सीजन ऋणायन)
Ma2O में उपस्थित आयन
धनायन- Mg2+ (सोडियम धनायन)
ऋणायन-O2- (ऑक्सीजन ऋणायन)

प्रश्न 9.
आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है ?
उत्तर-
आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक-आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक होते हैं क्योंकि इन यौगिकों के आयनों के मध्य उपस्थित प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण बलों को समाप्त करने हेतु अधिक मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। अतः इनका गलनांक उच्च होता है।

प्रश्न 10.
इन पदार्थों की परिभाषा दीजिए :
(i) खनिज
(ii) अयस्क
(iii) गैंग।
उत्तर-
(i) खनिज- धातुयुक्त पदार्थ जिनसे धातुएं विविध विधियों द्वारा प्राप्त की जाती हैं, को खनिज कहते हैं।
(ii) अयस्क- जिस खनिज से धातु, प्राप्त करना सरल तथा आर्थिक रूप से लाभदायक हो उसे अयस्क कहते हैं।
(iii) गैंग- पृथ्वी से निकाले गए अयस्कों के साथ अवांछनीय पदार्थ, गैंग कहलाते हैं।

प्रश्न 11.
दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
उत्तर-
सोना (Au) एवं प्लैटिनम (Pt) प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।

प्रश्न 12.
धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर-
सक्रियता श्रेणी में निम्न स्थित धात्विक ऑक्साइडों को गर्म करने से धातु की प्राप्ति होती है, लेकिन सक्रियता श्रेणी के मध्य में स्थित धातुओं के ऑक्साइडों को कार्बन के साथ गर्म करके धातु प्राप्त की जाती है। इसे अपचयी क्रिया कहते हैं।

प्रश्न 13.
जिंक मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइड को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गया :
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 11
उत्तर-

  • ज़िंक ऑक्साइड तथा मैग्नीशियम में विस्थापन अभिक्रिया होगी।
    ZnO + Mg → MgO + Zn
  • मैग्नीशियम ऑक्साइड विस्थापन अभिक्रिया नहीं कर सकता।
  • कॉपर ऑक्साइड जिंक और मैग्नीशियम के साथ गर्म करने पर विस्थापन अभिक्रिया करेगा।
    CuO + Zn → ZnO + Cu
    CuO + Mg → MgO + Cu

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 12

प्रश्न 14.
कौन-सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती है?
उत्तर-
वे धातुएँ जो वायु, जल तथा अम्लों से अभिक्रिया नहीं करतीं, शीघ्रता से संक्षारित नहीं होती; जैसेउत्कृष्ट धातुएँ, सोना, प्लैटिनम आदि।

प्रश्न 15.
मिश्रधातु क्या होते हैं ?
उत्तर-
मिश्रधातु-दो या दो से अधिक धातुओं के परस्पर मिलने से प्राप्त समांगी मिश्रण को मिश्र-धातु (alloy) कहते हैं। एक धातु व एक अधातु के समाँगी मिश्रण को भी मिश्रधातु कहते हैं। मिश्रातु के गुणधर्म मूल धातुओं से भिन्न होते हैं। शुद्ध धातु की अपेक्षा, मिश्रधातु की विद्युत् चालकता कम होती है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

प्रश्न 1.
निम्न रैखिक समीकरणों के युग्मों में से किसका एक अद्वितीय हल है, किसका कोई हल नहीं है या किसके अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। अद्वितीय हल की स्थिति में, उसे वज्र गुणन विधि से ज्ञात कीजिए।
(i) x – 3y – 3 = 0
3x – 9y – 2 = 0

(ii) 2x + y = 5
3x + 2y = 8

(iii) 3x – 5y = 20
6x – 10y = 40

(iv) x – 3y – 7 = 0
3x – 3y – 15 = 0
हल :
(i) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
x – 3y – 3 = 0 और 3x – 9y – 2 = 0
यहाँ a1 = 1, b1 = – 3, c1 = – 3
a2 = 3, b2 = – 9, c2 = – 2
अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-9}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-3}{-2}=\frac{3}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
अतः दी गई समीकरण निकाय का कोई हल नहीं है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

(ii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
2x + y = 5 और 3x + 2y = 8
या 2x + y – 5 = 0 और 3x + 2y — 8 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = 1, c1 = – 5
a2 = 3, b2 = 2, c2 = – 8
अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-5}{-8}=\frac{5}{8}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

∴ दिए गए समीकरण निकाय का एक अद्वितीय हल

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 1

या \(\frac{x}{-8+10}=\frac{y}{-15+16}=\frac{1}{4-3}\)

या PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 2

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{x}{2}=\frac{1}{1}\)

⇒ x = 2

II और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{y}{1}=\frac{1}{1}\)

⇒ y = 1

अत:, x = 2 और y = 1 उत्तर

(iii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
3x – 5y = 20
और 6x – 10y = 40
या 3x – 5y – 20 = 0
और 6x – 10y – 40 = 0
यहाँ a1 = 3, b1 = – 5, c1 = – 20
a2 = 6, b2 = – 10, c2 = – 40
यहाँ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-5}{-10}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-20}{-40}=\frac{1}{2}\)

∵ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अत:, दी गई समीकरण निकाय के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

(iv) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
x-3y – 7 = 0
और 3x – 3y – 15 = 0
यहाँ a1 = 1, b1 = – 3, c1 = – 7
a2 = 3, b2 = – 3, c2 = – 15
यहाँ अब,
\(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-3}\) = 1;

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-7}{-15}=\frac{7}{15}\)

∵ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
∴ दिए गए समीकरण निकाय का एक अद्वितीय हल है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 3

यहाँ x = 4, y = – 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

प्रश्न 2.
(i) a और b के किन मानों के लिए निम्न, रैखिक समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होंगे ?
2r + 3y = 7
(a – b) x + (a + b) y = 3a + b-2
(ii) k के युग्म के किस मान के लिए, निम्न रैखिक समीकरणों का कोई हल नहीं है ?
3x + y = 1
(2k – 1) x + (k – 1) y = 2k + 1
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है :
2x + 3y = 7
और (a – b) x + (a + b) y = 3a + b – 2
या 2x + 3y – 7 = 0
और (a – b) x + (a + b) y – (3a + b – 2) = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = 3, c1 = – 7
a2 = a – b, b2 = a + b, c2 = – (3a + b – 2)
∴ दी गई समीकरण निकाय के अपरिमित रूप से अनेक हल है :
∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 4

I और III से, हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{2}{a-b}=\frac{7}{3 a+b-2}\)

या 6a + 2b – 4 = 7a – 7b
या – a + 9b – 4 = 0
या a = 9b – 4 ………….(1)
II और III से प्राप्त होता है :

\(\frac{3}{a+b}=\frac{7}{3 a+b-2}\)

या 9a + 3b – 6 = 7a + 7b
या 2a – 4b – 6 = 0
या a – 2b – 3 = 0
समीकरण (1) से a का मान उपरोक्त में प्रतिस्थापित करने पर :
9b – 4 – 2b – 3 = 0
या 7b – 7 = 0
या 7b = 7
या b = 1
b के इस मान को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हम प्राप्त करते हैं :
a = 9 × 1 – 4 = 9 – 4
a = 5
अतः a = 5 और b = 1

(ii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
3x + y = 1 और (2k – 1) x + (k -1 1) y = 2k + 1
या 3x + 1 – 1 = 0
और (2k – 1) x + (k – 1) y – (2k + 1) = 0
यहाँ a1 = 3, b1 = 1, c1 = – 1
a2 = (2k – 1), b2 = k – 1, c2 = – (2k + 1)
∴ दी गई समीकरण निकाय का कोई हल नहीं है ..
∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 5

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{3}{2 k-1} \neq \frac{1}{(2 k+1)}\)

⇒ 6k + 3 ≠ 2k – 1

⇒ 4k ≠ – 4

⇒ k ≠ – \(\frac{4}{4}\)
I और II से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{3}{2 k-1}=\frac{1}{k-1}\)

⇒ 3k – 3 = 2k – 1 | k-1

⇒ k = 2

k = 2
अतः, k = 2 और k ≠ – 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

प्रश्न 3.
निम्न रैखिक समीकरणों के युग्म को प्रतिस्थापन एवं वज्र-गुणन विधियों से हल कीजिए। किस विधि को आप उपयुक्त मानते हैं ?
&x + 5y = 9
3x + 2y = 4
हल :
दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
8x + 5y = 9 ………….(1)
3x + 2y = 4 ………….(2)
प्रतिस्थापन विधि
(2) से,
2y = 4 – 3x
y = \(\frac{4-3 x}{2}\) …………..(3)

y के इस मान का (1), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
8x + 5 \(\left[\frac{4-3 x}{2}\right]\) = 9

\(\frac{16 x+20-15 x}{2}\) = 9

x + 20 = 18
x = 18 – 20 = – 2
x का यह मूल्य (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
y = \(\frac{4-3(-2)}{2}=\frac{4+6}{2}\)
= \(\frac{10}{2}\) = 5
अतः, x = – 2 और y = 5

वज्र गुणनविधि द्वारा:
रैखिक समीकरण युग्म
8x + 5y – 9 = 0 और 3x + 2y – 4 = 0
a1 = 8, b1 = 5, c1 = – 9
a2 = 3, b2 = 2, c2 = – 4
अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{8}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{5}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-9}{-4}=\frac{9}{4}\)

∵ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

∴ निकाय का एक अद्वितीय हल है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 6

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{x}{-2}=\frac{1}{1}\)

⇒ x = – 2

II और III से हमें प्राप्त होता है :
\(\frac{y}{5}=\frac{1}{1}\)

⇒ y = 5
अतः, x = – 2 और y = 5.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

प्रश्न 4.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल( यदि उनका अस्त्तिव हो)किसी बीजगणितीय विधि से ज्ञात कीजिए :
(i) एक छात्रावास के मासिक व्यय का एक भाग नियत है तथा शेष इस पर निर्भर करता है कि छात्र ने कितने दिन भोजन लिया है। जब एक विद्यार्थी A को, जो 20 दिन भोजन करता है, ₹ 1000 छात्रावास के व्यय के लिए अदा करने पड़ते हैं, जबकि एक विद्यार्थी B को, जो 26 | दिन भोजन करता है छात्रावास के व्यय के लिए ₹ 1180 अदा करने पड़ते हैं। नियत व्यय और प्रतिदिन के भोजन का मूल्य ज्ञात कीजिए।

(ii) एक भिन्न \(\frac{1}{3}\) हो जाती है जब उसके अंश में से 1 घटाया जाता है और वह \(\frac{1}{4}\) हो जाती है, जब हर में 8 जोड़ दिया जाता है। वह भिन्न ज्ञात कीजिए।

(iii) यश ने एक टेस्ट में 40 अंक अर्जित किए, जब उसे प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक मिले तथा अशुद्ध उत्तर पर 1 अंक की कटौती की गई। यदि उसे सही उत्तर पर 4 अंक मिलते हैं तथा अशुद्ध उत्तर पर 2 अंक कटते, तो यश 50 अंक अर्जित करता। टेस्ट में कितने प्रश्न थे ?

(iv) एक राजमार्ग पर दो स्थान A और B 100 km की दूरी पर हैं। एक कार A से तथा दूसरी कार B से एक ही समय चलना प्रारम्भ करती है। यदि ये कारें भिन्न-भिन्न चालों से एक ही दिशा में चलती है, तो वे 5 घंटे पश्चात् मिलती है। दोनों कारों की चाल ज्ञात कीजिए।

(v) एक आयत का क्षेत्रफल 9 वर्ग इकाई कम हो जाता है, यदि उसकी लंबाई 5 इकाई कम कर दी जाती है और चौड़ाई 3 इकाई बढ़ा दी जाती है। यदि हम लंबाई को 3 इकाई और चौड़ाई को 2 इकाई बढ़ा दें, तो क्षेत्रफल 67 वर्ग इकाई बढ़ जाता है। आयत की विमाएँ ज्ञात कीजिए।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5
हल :
(i) मान लीजिए होस्टल का नियत मासिक किराया = ₹ x
और प्रतिदिन भोजन का मूल्य = ₹ y
पहली शर्त के अनुसार,
x + 20y = 1000 …………..(1)
प्रश्न की दूसरी शर्त अनुसार,
x + 26y = 1180 …………….(2)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 7

या \(\frac{x}{-23600+26000}=\frac{y}{-1000+1180}=\frac{1}{26-20}\)

या PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 8

I और III से हमें प्राप्त होता है :
\(\frac{x}{5}=\frac{1}{1}\)
x = 5
II और III से हमें प्राप्त होता है :
\(\frac{y}{12}=\frac{1}{1}\)
y = 12
अतः, अभीष्ट भिन्न \(\frac{5}{12}\) है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

(iii) मान लीजिए यश द्वारा किए गए सही प्रश्नों की संख्या = x
और यश द्वारा किए गए गलत प्रश्नों की संख्या = y
पहली शर्त अनुसार,
3x – y = 40
या 3x – y – 40 = 0 ………….(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
4x – 2y = 50
या 4x – 2y – 50 = 0 …………….(2)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 9

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{x}{-30}=\frac{1}{-2}\)

⇒ x = \(\frac{-30}{-2}\)

⇒ x = 15

II और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{y}{-10}=\frac{1}{-2}\)

⇒ y = \(\frac{-10}{-2}\)

⇒ y = 5
∴ सही प्रश्नों की संख्या = 15
गलत प्रश्नों की संख्या = 5
अतः प्रश्नों की कुल संख्या = [सही प्रश्नों की संख्या] + [गलत प्रश्नों की संख्या]
= 15 + 5 = 20

(iv) मान लीजिए स्थान A वाली कार की चा = x km/hour
और स्थान B वाली कार की चाल = y km/hour
A और B के बीच की दूरी = 100 km
5 घंटे की स्थिति में
कार A द्वारा तय की गई दूरी = 5x km
[∵ दूरी = चाल × समय]
कार B द्वारा तय की गई दूरी = 5y km
पहली शर्त अनुसार,
5x – 5y = 100
या x – y = 20
या x – y – 20 = 0 ………….(1)
एक घंटे की स्थिति में
कार A द्वारा तय की गई दूरी = x km
[∵ दूरी = चाल × समय]
कार B द्वारा तय की गई दूरी = y km
दूसरी शर्त अनुसार,
x + y = 100
या x + y – 100 = 00 ………….(2)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 10

\(\frac{x}{100-(-20)}=\frac{y}{-20-(-100)}\) = \(\frac{1}{1-(-1)}\)

या PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 11

II और III सेह्य हमें प्राप्त होता है :
\(\frac{x}{120}=\frac{1}{2}\)

x = \(\frac{1}{2}\) × 120 = 60

I और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{y}{80}=\frac{1}{2}\)

y = \(\frac{1}{2}\) × 80

y = 40
अतः, बिंदुओं A तथा B से चलने वाली कारों की चालें क्रमश: 60 किमी./घंटा और 40 किमी./घंटा है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5

(v) मान लीजिए आयत की लंबाई = x मात्रक
और आयत की चौड़ाई = y मात्रक
∴ आयत का क्षेत्रफल = xy वर्ग मात्रक
पहली शर्त अनुसार,
(x -5) (y + 3) = xy – 9
या xy + 3x – 5y – 15 = xy – 9
या 3x – 5y – 6 = 0 …………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
(x + 3) (y + 2) = xy + 67
या xy + 2x + 3y + 6 = xy + 67
या 2x + 3y – 61 = 0 ……………..(2)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 12

या \(\frac{x}{305+18}=\frac{y}{-12+183}=\frac{1}{9+10}\)

या PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.5 13

I और III से हमें प्राप्त होता है

\(\frac{x}{323}=\frac{1}{19}\)

x = \(\frac{323}{19}\) = 17

II और III से हमें प्राप्त होता है :

\(\frac{y}{171}=\frac{1}{19}\)

y = \(\frac{171}{19}\) = 9
अत: आयत की लंबाई और चौडाई क्रमश: 17 मात्रक और 9 मात्रक है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गणितीय विधि द्वारा गति के समीकरणों को स्थापित कीजिए।
उत्तर-
एक समान त्वरण के अंतर्गत गति के समीकरण – एक समान त्वरण के अंतर्गत सरल रेखीय गति करती हुई वस्तु के लिए गति के निम्न समीकरण हैं-
(i) ν = u + at
(ii) S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
(iii) v2 – u2 = 2aS

(i) गति का प्रथम समीकरण v = u + at
मान लो किसी गतिशील वस्तु का प्रारंभिक वेग u व एकसमान त्वरण है। मान लो 1 सेकंड में S दूरी चलने के पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है।
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि = a
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृधि = a × t
अत: t सेकंड के पश्चात् वस्तु का वेग = वस्तु का प्रारंभिक वेग + 1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि
अथवा V = u + at

(ii) गति का दूसरा समीकरण S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
मान लो किसी गतिशील वस्तु का प्रारंभिक वेग u , एक समान त्वरण a तथा 1 समय पश्चात् वस्तु का अंतिम वेग v हो जाता है, अतः
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि = a
गति के प्रारंभ होने के 1 सेकंड बाद वस्तु का वेग = (u + a)
गति समाप्त होने के 1 सेकंड पहले वस्तु का वेग = (v – a)
अतः वस्तु का औसत वेग = \(\frac{(u+a)+(v-a)}{2}\)
= \(\frac{(u+v)}{2}\)
इसी प्रकार, गति प्रारंभ होने के 2 सेकंड बाद वस्तु का वेग = (u + 2a)
गति समाप्त होने के 2 सेकंड पहले वस्तु का वेग = (v – 2a)
अतः वस्तु का औसत वेग = \(\frac{(u+2 a)+(v-2 a)}{2}\)
= \(\frac{(u+v)}{2}\)
इस प्रकार, त्वरण के नियत होने पर वस्तु का औसत वेग सदैव ही \(\frac {1}{2}\) (u + v) रहता है। अतः हम यह मान सकते हैं कि t सेकंड तक वस्तु औसत वेग \(\frac {1}{2}\)(u + v) से चलती है।
अतः t सेकंड में वस्तु द्वारा चली गई दूरी, S = वस्तु का औसत वेग × समय
= \(\frac {1}{2}\)(u + v) × t
परंतु गति के प्रथम समीकरण v = u + at से
∴ वस्तु द्वारा चली गई दूरी S = b[latex]\frac{u+(u+a t)}{2}[/latex] × t
= [latex]\frac{2 u t+a t^{2}}{2}[/latex]
S = u t + \(\frac {1}{2}\)at2

(iii) गति का तीसरा समीकरण – गति के प्रथम समीकरण v = u + at का दोनों ओर का वर्ग करने पर,
v2 = (u + at)2
= u2 + 2u at + a2t2
= u2 + 2a (ut + \(\frac {1}{2}\)at2)
परंतु गति की दूसरी समीकरण से, ut + = \(\frac {1}{2}\)at2 का मान रखने पर
v2 = u2 + 2aS
v2 – u2 = 2aS

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 2.
एक समान त्वरण से गतिमान वस्तु के लिए, ग्राफ़ीय विधि से निम्नलिखित संबंध स्थापित कीजिए-
(i) v = u + at,
(ii) S = u t + \(\frac {1}{2}\)at2,
(iii) v2 = u2 + 2 aS.
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 1
I. ग्राफ द्वारा गति के समीकरण स्थापित करना-मान लो कोई वस्तु प्रारंभिक वेग u तथा अचर त्वरण a से चलना प्रारंभ करती है तथा t समय पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है। यदि समय को X-अक्ष पर तथा वेग को Y-अक्ष पर निरूपित किया जाए तो वस्तु का समय-वेग ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा BA के रूप में प्राप्त होता है। इसकी सहायता से गति के समीकरणों को निम्नलिखित प्रकार से ज्ञात करते हैं-

BC = BD + DC
BD + OA (∵ DC = OA)
इसमें BC = v तथा OA = u रखने पर हम पाते हैं,
v = BD + u
या BD = v – u ………………….(1)
वेग समय ग्राफ़ से वस्तु के त्वरण को व्यक्त किया गया है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 2
OC = t, रखने पर हम पाते हैं,
a = BD
t …………….(2)
या BD = at
समीकरण (1) तथा (2) से हम पाते हैं।
V = u + at

II. समय-स्थिति संबंध
मान लें एक वस्तु एक समान त्वरण α से t समय में S दूरी तय की। चित्र में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी, वेगसमय ग्राफ़ AB के नीचे घिरे क्षेत्र OABC द्वारा प्राप्त की जाती है।
इस प्रकार, वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी S निम्न प्रकार से व्यक्त की जाती है,
S = OABC का क्षेत्रफल (जो एक समलंब है)
= आयत OADC का क्षेत्रफल + त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल
= OA × OC + \(\frac {1}{2}\) (AD × BD)
OA = u, OC = AD = t और BD = at, मान रखने पर हम पाते हैं,
S = u × t + \(\frac {1}{2}\) (t × at)
या S. = ut + \(\frac {1}{2}\)at2

III. वेग-स्थिति संबंध
चित्र में प्रदर्शित वेग-समय ग्राफ़ से वस्तु द्वारा एक समान त्वरण a से 1 समय में तय की गई दूरी S को ग्राफ़ नीचे समलंब चतुर्भुज OABC द्वारा घेरे गए क्षेत्रफल द्वारा प्रदर्शित किया गया है। अर्थात्
S = समलंब OABC का क्षेत्रफल
= \(\frac{(\mathrm{OA}+\mathrm{BC}) \times \mathrm{OC}}{2}\)
OA = u, BC = v और OC = t रखने पर हम पाते हैं,
S = \(\frac{(u+v)_{t}}{2}\) ………………… (3)
वेग-समय संबंध से हम पाते हैं,
t = \(\frac{(v-u)}{a}\) ……………….. (4)
समीकरण (3) और समीकरण (4) से हम पाते हैं,
S = \(\frac{(v+u) \times(v-u)}{2 a}\)
या 2a S = v2 – u2

प्रश्न 3.
(क) दूरी-समय ग्राफ़ क्या है ?
(ख) इसकी ढाल क्या प्रदर्शित करती है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 3
(क) समय-दूरी ग्राफ – यह किसी वस्तु द्वारा तय दूरी तथा लगे समय में रेखांकित ग्राफ है। यह सरल रेखीय हो भी सकता है और नहीं भी।

दूरी-समय का अर्थ – जब कोई वस्तु एक समान है चाल से गतिमान होती है तो यह समान-अंतरालों में से समान दूरी तय करती है। एक समान चाल से गतिमान वस्तु का दूरी-समय ग्राफ़ सदा सरल रेखीय होता है।

उदाहरण – समय-दूरी से यह देखा गया है कि 9 पू० दो० से 10 पृ० दो० तथा 10 पू० दो० से 11 पू० दो० के समय अंतरालों में क्रमश: AB तथा CD दूरी तय होती है।
यह भी देखा जा सकता है कि AB = CD
चित्र-दूरी समय ग्राफ़ अतः समान दूरी समान समय अंतरालों में तय की जाती है जिस कारण चाल एक समान है।

(ख) दूरी-समय ग्राफ की ढाल – मान लो a और c समय-दूरी ग्राफ पर निकटवर्ती बिंदु हैं। ad और ce दो लंब क्रमशः a और C से समय-अक्ष पर गिराओ। ab⊥ce खींचो। तब त्रिभुज abr में अनुपात \(\frac{b c}{a b}\) को ग्राफ की ढाल कहते हैं।
∴ रेखा की ढाल = \(\frac{b c}{a b}\)
फिर bc वस्तु द्वारा ab समय में तय हुई दूरी
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 4
अतः दूरी – समय ग्राफ की ढाल = चाल
दूरी – समय ग्राफ की ढाल वस्तु की चाल को दर्शाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 4.
वेग-समय ग्राफ की सहायता से एक समान वेग से गतिशील वस्तु की दूरी कैसे ज्ञात करोगे ? उदाहरण सहित समझाओ।
उत्तर-
एक समान गति के लिए वेग – समय ग्राफ-एक समान गति के लिए किसी वस्तु का वेग-समय ग्राफ वह ग्राफ होता है जब कोई वस्तु स्थिर वेग से चल रही हो। ऐसी अवस्था में वेग-समय ग्राफ X अक्ष के समांतर होता है। चित्र में सरल रेखा द्वारा दर्शाया गया है ।

मान लो रमेश अपने मोटर साइकिल पर 40 km/h के स्थिर वेग से जा रहा है। इसका अर्थ है कि किसी भी समय अंतराल में उसका वेग 40 km/h पर स्थिर रहेगा। इसलिए वह पहले एक घंटे में 40 km., दूसरे घंटे के अंत में 80 km तथा तीसरे घंटे के अंत में 120 km दूरी तय करेगा। अगले प्रत्येक घंटे में उसकी दूरी इसी तरह बढ़ती जाएगी। ग्राफ की सहायता से हम किसी भी दिए समय में रमेश द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 5

सरल रेखीय ग्राफ RS पर बिंदु A तथा B समय अंतरालों OD = t1 तथा OC = t2 पर रमेश की स्थिति दर्शाता है । समय मूल बिंदु 0 से मापा गया है। AD तथा BC बिंदु A तथा B से समय अक्ष पर लंब खींचे गए हैं। इस प्रकार ABCD एक आयत बन गई है ।
समय अंतराल (OC-OD) = (t2 – t1) में रमेश द्वारा तय की गई दूरी
S = आयत ABCD का क्षेत्रफल
= AD × DC
= वेग × समय अंतराल
S = v × (t2 – t1)
या S = 40 × (t2 – t1) km

प्रश्न 5.
एक समय प्रवेगित गति के लिए वेग-समय ग्राफ बनाओ तथा इस ग्राफ से आप वस्तु द्वारा तय की गई दूरी का पता कैसे करोगे ?
उत्तर-
एक समान प्रवेगित के लिए वेग-समय ग्राफ-जब कोई वस्तु स्थित वेगसे नहीं, परंतु लगातार बढ़ते हुए वेग के साथ चल रही हो, तो वह वस्तु प्रवेगित होती है तथा इसकी गति को प्रवेगित गति कहते हैं। इस अवस्था में वेग-समय (v – t) ग्राफ एक सरल रेखा OR होता है जो मूल बिंदु O से शुरू होता है तथा दोनों अक्षों से दूर जाता है ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 6

निम्न चित्र की सहायता से हम एक समान प्रवेगित गति के साथ चल रही वस्तु द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 7

OR एक सरल रेखीय ग्राफ है। ग्राफ पर दो बिंदुओं A1 तथा A2 से समय-अक्ष पर A1, A4 तथा A2, A3 लंब खींचो : A2, A3 पर एक लंब AL खींचो। समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होगी।

समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल = \(\frac {1}{2}\)(A1A4 + A2A3) × A1L
S = \(\frac {1}{2}\)(u + v) × (t2 – t1)
तय की गई दूरी S = औसत वेग × समय अंतराल

प्रश्न 6.
निम्नलिखित के ग्राफ खींचकर उदाहरण द्वारा समझाए-
(i) एकसमान त्वरित गति
(ii) असमान त्वरित गति।
उत्तर-
(i) एकसमान त्वरित गति- यदि किसी वस्तु के वेग में समान समय अंतरालों में समान परिवर्तन होता है, तो वस्तु की गति एकसमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र (a) में मुक्त रूप से गिरते हुए पत्थर का वेगसमय ग्राफ प्रदर्शित है। इसमें पत्थर का वेग प्रति सेकंड 9.8 मीटर/सेकंड बढ़ता जाता है, अर्थात् वस्तु की गति में त्वरण 9.8 मीटर/सेकंड है। यह ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि वस्तु की गति एक समान त्वरित गति है ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 8

यदि किसी वस्तु के वेग समान समय अंतरालों में असमान परिवर्तन होते हैं, तब वस्तु की गति असमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र में एक कार की गति का वेग-समय ग्राफ दिया गया है। इसमें कार का वेग घटता-बढ़ता है। वह ग्राफ टेढ़े-मेढ़े वक्र के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि कार की गति, असमान त्वरित गति है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 9

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 7.
(क) वृत्तीय गति क्या होती है ? समान चाल की वृत्तीय गति त्वरित गति क्यों होती है ?
(ख) कोणीय वेग की परिभाषा दो । इसकी इकाई क्या है ?
(ग) सरल रेखीय और कोणीय वेगों में संबंध स्थापित करो ।
उत्तर-
(क) वृत्तीय गति – यदि किसी गतिमान वस्तु का गमन पथ सरल रेखा न होकर एक वृत्त हो, तो उस वस्तु की गति को वृत्तीय गति कहते हैं।
वृत्तीय गति में चाल अचर होने पर भी प्रत्येक बिंदु दिशा में होने वाला निरंतर परिवर्तन वेग में परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे वस्तु की गति त्वरित होती है ।

(ख) कोणीय वेग – प्रति इकाई समय में हुए कोणीय विस्थापन को कोणीय वेग कहते हैं।
यदि t समय में वस्तु θ कोण तय करती है, तो कोणीय वेग इस प्रकार दिया जा सकता है-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 10
या ω =
यह ω (ओमेगा) वर्तुल वेग को दर्शाता है
ω = \(\frac{\theta}{t}\)
कोणीय वेग की इकाई – कोणीय वेग रेडियन प्रति सेकंड में मापा जाता है।

(ग) सरल रेखीय तथा कोणीय वेग में संबंध – मान लो एक वस्तु एक समान रेखीय वेग v से r अर्धव्यास वाले वृत्त में गतिमान है। मान लो सरल रेखा में : s दूरी t समय में तय की गई और इसके सापेक्ष कोण θ विस्थापित होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 11
तब कोण (रेडियन में)
θ = \(\frac{\mathrm{s}}{t}\) …………………. (i)
परंतु सरल रेखीय दूरी = चाल × समय
s = v × t ………………… (ii)
(2) से s का यह मान समीकरण (t) में रखने पर,
θ = \(\frac{v \times t}{r}\)
या \(\frac{\theta}{t}=\frac{v}{r}\)
ω = \(\frac{v}{r}\) (∵ \(\frac{\theta}{r}\) = ω)
अर्थात् v = r ω

प्रश्न 8.
एक समान वक्रीय या वर्तुल गति क्या होती है ? एक समान वक्रीय गति प्रवेगित गति क्यों होती है ? व्यावहारिक क्रिया द्वारा समझाओ। इससे क्या निष्कर्ष निकलता है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 12
एक समान वर्तुल या वक्रीय गतिएक समान वक्रीय गति वह गति होती है जहां कि एक समान प्रवेगित गति, वेग की मात्रा में परिवर्तन के
स्पर्श रेखा कारण नहीं अपितु वेग की दिशा में परिवर्तन कारण होती है। जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो उस वृत्त की परिधि के प्रत्येक जिंदु पर गति की दिशा बदलती रहती है । दिखाए गए चित्र में बिंदु A, B, C, D वस्तु की चार स्थितियां दर्शायी गई हैं। CT तथा DT इन बिंदुओं पर गति की भिन्न-भिन्न दिशाएं हैं। अब क्योंकि गति की दिशा बदल रही है इसलिए वस्तु बदले हुए वेग से गति करती है । इसलिए यह गति एक समान प्रवेगित है।

महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष – मान लो एक विद्यार्थी, अर्धव्यास = r वाले वृत्त की परिधि के साथ-साथ एक पूरा चक्कर ‘t’ सेकंड में लगाता है, तो उसका वेग,
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 13

व्यावहारिक क्रिया – एक मीटर लंबा सूती या नायलॉन का धागा लो। इसके एक सिरे के साथ एक धातु का गोला बांधो तथा दूसरे सिरे को हाथ से पकड़ कर गोले को वृत्ताकार पथ में घुमाओ। जब गोला घूम रहा है तो इसकी चाल उस समय एक समान रहती है पर इसका वेग प्रत्येक बिंदु पर बदलता रहता है। वेग में परिवर्तन का कारण गोले की गति की दिशा में परिवर्तन है। गति की दिशा हमेशा वृत्ताकार पथ के स्पर्श रेखा के साथ होती है। स्पर्श रेखा वृत्त के अर्धव्यास के लंब रूप में होती है। चित्र में P1T तथा P2T क्रमशः P1 तथा P2 पर स्पर्श रेखाएं हैं जो इन बिंदुओं पर गोले की गति की दिशाएं दर्शाती हैं। यदि किसी भी समय गोले को छोड़ दिया जाए तो यह तीर की दिशाओं में जा गिरेगा।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 14

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
किसी वस्तु की विराम अवस्था तथा गति अवस्था को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
विराम अवस्था – यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ कोई परिवर्तन नहीं होता है तो वह वस्तु विराम अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – मेज पर रखी हुई पुस्तक. पृथ्वी पर खड़े पेड़-पौधे तथा बिजली का खंभा आदि।

गति अवस्था- यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ-साथ परिवर्तन हो रहा है तो वह वस्तु गति की अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – सड़क पर दौड़ती कार, वायु में उड़ता हुआ वायुयान आदि।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 2.
गति की विभिन्न किस्में कौन-कौन सी हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
गति की विभिन्न किस्मेंगति की तीन विभिन्न किस्में हैं-

  1. सरल रेखीय
  2. वर्तुल गति
  3. दोलन गति।

उदाहरण-
(1) मान लो एक प्रेक्षक ) पर है और वह एक कार स्थिति A में देखता है। कुछ देर बाद वह कार को स्थिति B पर देखता है। कार की इस स्थिति में परिवर्तन यह बतलाता है कि कार O के सापेक्ष गति में है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 15

(2) मान लो एक व्यक्ति धागे के एक सिरे पर बंधे पत्थर को घुमा रहा है । वह किसी क्षण पत्थर को A पर और फिर कुछ क्षण के बाद B पर देखता है। अतः O के सापेक्ष पत्थर की स्थिति बदलती है। अतः पत्थर O के सापेक्ष गति में है। यह वर्तुल या कोणीय गति का उदाहरण है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 16

(3) मान लो धागे से बंधा पत्थर एक निश्चित बिंदु से नीचे लटक रहा है। यदि पत्थर को हम एक ओर ले जाकर छोड़ दें तो यह A के इर्द-गिर्द बार-बार उसी पथ पर गति करने लगेगा। इस तरह की गति को दोलन गति कहते हैं।

प्रश्न 3.
“विराम तथा गति सापेक्ष है।” इस कथन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
विराम तथा गति सापेक्ष- इसका अर्थ यह है कि यदि कोई वस्तु किसी अन्य वस्तु के सापेक्ष विराम अवस्था में है तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह संसार की अन्य सभी वस्तुओं के सापेक्ष विराम अवस्था में है। यह अन्य वस्तुओं के सापेक्ष गति में हो सकती है। अतः हम कहते हैं कि विराम और गति सापेक्ष हैं।

प्रश्न 4.
अदिश तथा सदिश राशियों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
अदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, अदिश राशियां (scalar quantities) कहलाती हैं। जैसे-लंबाई, दूरी, द्रव्यमान, क्षेत्रफल, समय, चाल, कार्य, ऊर्जा, ताप, घनत्व, आयतन, विद्युत् धारा आदि।

किसी भी अदिश राशि को केवल एक संख्या द्वारा व्यक्त किया जा सकता है। जैसे-
अदिश राशियों को गणित के साधारण नियमों के अनुसार जोडा, घटाया, गणा एवं भाग किया जा सकता है।

सदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण एवं दिशा दोनों की आवश्यकता होती है, वे सदिश राशियां (vector quantities)) कहलाती हैं। जैसे-विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, भार, विद्युत् क्षेत्र आदि।
किसी भी सदिश राशि को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए राशि के परिमाण के साथ-साथ उसकी दिशा का उल्लेख करना भी आवश्यक है।

प्रश्न 5.
सदिश और अदिश राशियों में अंतर बताइये।
उत्तर-

सदिश अदिश
1. सदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं, जैसे-विस्थापन, बल, वेग विस्थापन आदि। 1. अदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें केवल परिमाण होता है, जैसे द्रव्यमान, आयतन, दूरी आदि।
2. इन्हें तीर के चिह्न से निरूपित किया जाता है। 2. इन्हें किसी विशेष तरीके से निरूपित नहीं किया जाता।
3. इनका संकलन त्रिभुज या समांतर चतुर्भुज के नियम द्वारा किया जा सकता है। 3. इन्हें बीज गणितीय ढंग से संकलित किया जा सकता है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित भौतिक राशियों को अदिश तथा सदिश में वर्गीकृत कीजिए-
दूरी, विस्थापन, घनत्व, बल, संवेग, वेग, त्वरण, चाल, समय, आयतन, ऊर्जा।
उत्तर-
अदिश राशियां – दूरी, घनत्व, चाल, आयतन, ऊर्जा, समय।
सदिश राशियां – विस्थापन, बल, संवेग, वेग, त्वरण।

उदाहरण – एक चल रही रेलगाड़ी में दो यात्रियों A तथा B पर विचार करें। दोनों यात्री एक-दूसरे तथा रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम अवस्था में हैं। परंतु रेलगाड़ी के बाहर स्थित प्रेक्षकों के सापेक्ष उनकी स्थिति निरंतर बदल रही है। अतः वे बाहरी प्रेक्षकों के सापेक्ष गति में हैं। अतः विराम और गति सापेक्ष कथन हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 7.
मूल बिंदु क्या है ? उदाहरण भी दो।
उत्तर-
मूल बिंदु – यह एक निश्चित बिंदु है, जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन किया जा सकता है।
वस्तु की स्थिति बताने के लिए हम मूल बिंदु से उसकी दूरी और दिशा बताते हैं। जैसे ही वस्तु गति करती है, मूल बिंदु के सापेक्ष इसकी गति और दिशा बदल सकती है।

उदाहरण-
(i) मान लो O एक निश्चित बिंदु है। इस बिंदु O से चल कर एक कार किसी समय P पर पहुंचती है। OP = 3 कि० मी० है। तब हम कहते हैं कि कार ने O के सापेक्ष 3 किलोमीटर दूरी तय की है। कार की स्थिति O के सापेक्ष ही परिभाषित की जा रही है ।
इसलिए O मूल बिंदु है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 17

(ii) एक तल में वस्तु की कोणीय गति के लिए भी वस्तु की दूरी और दिशा O मूल बिंदु के सापेक्ष ही बताई जाती है। यदि वस्तु P पर है तो यह कहा जाता है कि यह 30° पूर्व की ओर है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 18

प्रश्न 8.
दूरी तथा विस्थापन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
दूरी – किसी गतिमान वस्तु द्वारा किसी निश्चित समय में तय की गई मार्ग की लंबाई वस्तु द्वारा चली गई दूरी होती है। इसका मात्रक मीटर है। दूरी एक अदिश राशि है।

विस्थापन – किसी वस्तु की किसी निश्चित दिशा में स्थिति परिवर्तन को विस्थापन कहते हैं। यह अंतिम तथा प्रारंभिक स्थितियों के बीच की न्यूनतम दूरी होती है। विस्थापन सरल रेखीय तथा कोणीय हो सकता है। विस्थापन का मात्रक मीटर है तथा यह एक सदिश राशि है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 19

एक सरल रेखा में गतिशील वस्तु के लिए – मान लो एक वस्तु P से Q तक अपनी स्थिति बदलती है। यदि निश्चित बिंदु O से इसकी दूरी क्रमशः x1 और x2 है तो, विस्थापन ‘d’ इस तरह हो सकता है-
d = (x1 – x2) P से Q की दिशा में सरल रेखा में गति के लिए विस्थापन +ve तथा विपरीत दिशा में गति के लिए -ve चिह्नों द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 9.
एक समान रेखीय गति और एक समान वृत्तीय गति में क्या अंतर है ?
उत्तर-
एक समान रेखीय गति – यदि कोई गतिमान वस्तु किसी सरल रेखीय पथ पर इस प्रकार गति करे कि उसके द्वारा समान समय में समान दूरी तय की जाए, तो वस्तु की गति एक समान रेखीय गति कहलाती है। इस प्रकार की गति में चाल का परिमाण समान रहता है तथा गति की दिशा भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर परिवर्तित नहीं होती है। अत: एक समान रेखीय गति में वस्तु में त्वरण नहीं होता है।

एक समान वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु इस प्रकार गति करती है कि उसका पथ वृत्ताकार हो तथा उसकी चाल एक समान हो, तो वस्तु की गति एक समान वृत्तीय गति कहलाती है।
यद्यपि वस्तु की चाल का परिमाण समान रहता है, परंतु गति की दिशा प्रत्येक बिंदु पर परिवर्तित होती रहती है। दिशा में यह परिवर्तन वस्तु में त्वरण उत्पन्न करता है।

प्रश्न 10.
दूरी तथा विस्थापन में अंतर बताओ।
उत्तर-
दूरी और विस्थापन में अंतर-

दूरी विस्थापन
1. गतिमान वस्तु द्वारा तय की गई कुल लंबाई को दूरी कहते हैं। 1. निश्चित दिशा में गतिमान वस्तु की प्रारंभिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच की दूरी को विस्थापन कहते हैं।
2. दूरी एक अदिश राशि है। 2. विस्थापन एक सदिश राशि है।
3. दूरी को केवल इसके परिमाण (Magnitude) से ही वर्णित किया जा सकता है।

उदाहरण -एक पत्थर ‘h’ ऊंचाई तक फेंका गया जो वापिस आरंभिक स्थान पर पहुंच गया है।

पत्थर द्वारा तय हुई दूरी = h + h = 2h

3. विस्थापन का वर्णन दो राशियों-दूरी तथा दिशा से ही किया जाता है। दूरी को ही विस्थापन का परिमाण कहते हैं।

पत्थर का विस्थापन = h – h = 0 (शून्य)

प्रश्न 11.
चाल तथा वेग से क्या तात्पर्य है ? ये कैसी राशियां हैं ? इनके मात्रक भी लिखिए।
उत्तर-
चाल – किसी वस्तु द्वारा एक एकांक समय अंतराल में चली गई दूरी को उस वस्तु की चाल कहते हैं
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 20
इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है तथा यह अदिश राशि है।
वेग-किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में निश्चित दिशा में चली गई दूरी अर्थात् विस्थापन उस वस्तु का वेग कहलाता है। इसे v प्रदर्शित करते है; अत:
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 21
समय अंतराल इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है। यह सदिश राशि है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 12.
चाल और वेग में अंतर बताओ।
उत्तर-

चाल तथा वेग में अंतर-

चाल वेग
1. एकांक समय में तय की गई दूरी चाल कहलाती है। 1. एकांक समय में किसी निश्चित दिशा में चली गई दूरी वेग कहलाता है। अथवा इकाई समय में हुआ विस्थापन कहलाता है।
2. चाल का वर्णन करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है। अतः यह एक अदिश राशि है। 2. वेग का वर्णन करने के लिए परिमाण तथा दिशा दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है। अतः यह एक सदिश राशि है।
3. चाल हमेशा धनात्मक होती है। 3. वेग धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों प्रकार का हो सकता है।
4. चाल को तीर युक्त सरल रेखा द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। 4. वेग को एक तीर युक्त सरल रेखा द्वारा निरूपित किया जा सकता है। तीर की लंबाई वेग के परिमाण तथा तीर की दिशा वेग की दिशा को प्रदर्शित करती है।

प्रश्न 13.
एकसमान वेग तथा परिवर्तनशील वेग से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
एकसमान वेग – यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी किसी विशेष दिशा में तय करे तो वस्तु को एकसमान वेग से गतिशील कहा जाता है।

परिवर्तनशील वेग – यदि कोई वस्तु किसी विशेष दिशा में समान समय-अंतरालों में असमान दूरी तय करे अथवा समान समय-अंतरालों में समान दूरी तय करे परंतु उसकी दिशा बदल जाए तो वस्तु के वेग को परिवर्तनशील वेग कहा जाता है।

प्रश्न 14.
औसत चाल तथा औसत वेग से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
औसत चाल – किसी गतिमान वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई औसत दूरी को उसकी औसत चाल कहते हैं। औसत चाल ज्ञात करने के लिए वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी को कुल दूरी तय करने में लगे समय से भाग दिया जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 22
तय करने में लगा समय यदि वस्तु की गति एकसमान है तो चाल तथा औसत चाल में कोई अंतर नहीं होता।

औसत वेग – किसी वस्तु द्वारा किसी समय में तय किए गए कुल विस्थापन तथा विस्थापन तय करने में लगे कुल समय का अनुपात, वस्तु का औसत वेग कहलाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 23
यदि वस्तु का वेग निश्चित दिशा में एकसमान दर से परिवर्तित हो रहा है तो
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 24

प्रश्न 15.
त्वरण किसे कहते हैं ? यह कैसी राशि है ? इसका मात्रक लिखिए।
उत्तर-
त्वरण – किसी गतिमान वस्तु के वेग-परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं। इसे व से प्रदर्शित करते हैं। यह सदिश राशि है। इसका मात्रक मीटर/सेकंड है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 25
समय अंतराल यदि वस्तु का प्रारंभिक वेग u, समय t में वेग v हो जाता है तो
वस्तु का त्वरण (a) = \(\frac{v-u}{t}\)

प्रश्न 16.
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग का परिमाण (अर्थात् वस्तु की चाल) समय के साथ-साथ बढ़ रहा हो तो वस्तु का त्वरण धनात्मक होता है। यदि वस्तु के वेग का परिमाण समय के साथ-साथ घट रहा हो तो रस्तु का त्वरण ऋणात्मक होता है, इसे मंदन भी कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 17.
एकसमान त्वरण तथा असमान त्वरण का अर्थ उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर-
एकसमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में समान समयान्तरालों में समान परिवर्तन हो रहा है, तो वस्तु का त्वरण, एकसमान त्वरण कहलाता है।
उदाहरण-वृत्तीय गति में।

असमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन एकसमान समयान्तरालों के लिए भिन्न-भिन्न हो तो वस्तु का त्वरण, असमान त्वरण कहलाता है। उदाहरण-भीड़ भरे बाज़ार में गाड़ी चलाते समय गाड़ी का त्वरण असमान रहता है।

प्रश्न 18.
ग्राफ किसे कहते हैं ? इसकी क्या उपयोगिता है ?
उत्तर-
दो भिन्न अक्षों पर किसी भौतिक राशि को दूसरी भौतिक राशि के सापेक्ष चित्रित करने को ग्राफ कहते हैं। ग्राफ़ की उपयोगिता आज के युग में अत्यधिक है। लगभग सभी क्षेत्रों में इसका तथा तुलनात्मक तथा विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए सहायक सिद्ध होता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं-

  1. दो या दो से अधिक राशियों का तुलनात्मक अध्ययन अधिक सरलता और सुविधा से हो जाता है।
  2. विभिन्न राशियों के संबंधों को आसानी से दर्शाया जा सकता है।
  3. कम स्थान में विभिन्न आंकड़ों को प्रस्तुत किया जा सकता है।
  4. ग्राफ की ढाल से विभिन्न राशियों, सूचनाओं आदि को प्रकट किया जा सकता है।

प्रश्न 19.
आप किसी वस्तु के वेग के बारे में क्या कहेंगे यदि-
(i) समय-विस्थापन ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
(ii) समय वेग ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
उत्तर-
(i) वस्तु एक समान वेग से गतिशील है।

(ii) यदि ग्राफ समय-अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा हो तो इसका अर्थ यह है कि वस्तु एकसमान वेग से गतिशील है। यदि समय-वेग ग्राफ सरल रेखीय हो परंतु समय-अक्ष के साथ कोण बनाती हो तो इसका अर्थ है कि वस्तु असमान त्वरण से गतिशील है।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित स्थितियों में कौन-सी स्थिति संभव है तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
(a) कोई ऐसी वस्तु जिसका वेग शून्य है, परंतु उसका त्वरण स्थिर है।
(b) त्वरित गति में स्थिर वेग से चलती हुई कोई वस्तु।
(c) क्षैतिज दिशा में गति करती हुई कोई वस्तु, जिसका त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में है।
उत्तर-
(a) पृथ्वी तल से ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु जब अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर पहुंचती है तो उसका वेग शून्य होता है जबकि त्वरण अचर रहता है। [चित्र (a)]

(b) असंभव है। यदि वस्तु की गति त्वरित है तो वस्तु का वेग स्थिर नहीं रह सकता, या तो वेग का परिमाण बदलेगा अन्यथा दिशा बदलेगी। संभवतया दोनों भी परिवर्तित हो सकते हैं।

(c) प्रक्षेप्य गति में प्रक्षेप्य पथ के उच्चतम बिंदु पर वेग क्षैतिज दिशा में रहता है, जबकि त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में रहता है। [चित्र (b)]
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 26

प्रश्न 21.
निम्नलिखित ग्राफ में किस प्रकार की गति प्रदर्शित है ?
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 27
उत्तर-
(a) मंदित गति जो वस्तु को विराम अवस्था में ले आती है।

(b) परिवर्तनशील वेग। वस्तु विराम अवस्था से शुरू होती है और पहले भाग में एक समान त्वरण रखती है। दूसरे भाग में वस्तु एक समान वेग से चलती है। तीसरे भाग में वस्तु की गति मंदित होती है।

(c) विराम अवस्था से आरंभ होकर एक समान त्वरित गति।

(d) असमान त्वरित गति।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 22.
जिन कणों का निम्नलिखित वेग-समय ग्राफ हो उनके त्वरण पर टिप्पणी करो।
उत्तर-
(i) ढाल शून्य है ∴ त्वरण शून्य अर्थात् वेग अचर है।।
(ii) A और B दोनों की ढाल समान है और इसका त्वरण + ve है। त्वरण एक समान है।
(iii) यह मंदन की स्थिति है अर्थात् त्वरण ऋण है।
(iv) त्वरण परिवर्तनशील है, क्योंकि त्वरण (चक्र की ढाल) विभिन्न बिंदुओं पर भिन्न-भिन्न है।
(v) एक समान मंदन B पर एकसमान त्वरण में बदलता है।
(vi) एकसमान त्वरण A पर एक समान मंदन में बदलता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 28
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 29

प्रश्न 23.
एक वस्तु एकसमान चाल (V) से गतिशील है। चाल-समय ग्राफ से t1 से t2 समय के मध्य उसके द्वारा तय की गई दूरी की आप किस प्रकार गणना करेंगे ?
उत्तर-
एक समान चाल (V) से चलने वाली वस्तु का चाल-समय ग्राफ अक्ष के समानांतर रेखा के रूप में होगा।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 30
∴ दूरी = चाल × समय
= V(t2 – t2)
= AB × (OD – OA)
= AB × AD
∴ आयत ABCD का क्षेत्रफल ही तय की गई दूरी होगी।

प्रश्न 24.
असमान गति के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हवाई जहाज़ के द्वारा पट्टी (Run way) पर उतरते हुए या उड़ान भरते समय गति।
  2. किसी बस के द्वारा ब्रेक लगाने पर गति।
  3. ऊपर से नीचे की ओर गिरती वस्तु की गति।
  4. किसी पेंडुलम की दोलन गति।

प्रश्न 25.
एक धागे के सिरे पर पत्थर को बांधकर उसे एक सिरे से पकड़ कर स्थिर वेग से वृत्तीय पथ पर घुमाया गया। धागे को छोड़ देने से पत्थर की दिशा कौन-सी होगी ? इस आधार पर वस्तुओं की एक समान वृत्तीय गति के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 31
धागे को छोड़ देने पर इसकी दिशा वृत्तीय पथ की स्पर्श रेखा में होगी। जब धागे को छोड़ा जाता है तब पत्थर उसी दिशा में गति करता रहता है जिसमें गति कर रहा था।

उदाहरण – चंद्रमा और पृथ्वी की गति, पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 26.
दो रेलगाड़ियां उत्तर और दक्षिण दिशा में जा रही हैं। उत्तर दिशा में जाने वाली गाड़ी 60 कि०मी० प्रति घंटा और दक्षिण दिशा में जाने वाली गाड़ी 80 किमी प्रति घंटा है। एक घंटे बाद इसका विस्थापन कितना होगा।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 32
एक घंटे के बाद विस्थापन = OX + OY
= 60 + 80 = 140 कि०मी०

प्रश्न 27.
चलती रेलगाड़ी में बैठा एक व्यक्ति गेंद को लंबात्मक दिशा में ऊपर की ओर फेंकता है। गेंद किस प्रकार गति करती दिखाई देगी-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को।
उत्तर-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को गेंद एकसमान गति में दिखाई देगी। यह गति बिल्कुल वैसी है जैसे गेंद पृथ्वी की सतह पर फेंकी गई हो।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को गेंद असमान गति में दिखाई देगी तथा इस गति का पथ पैराबोलिक होगा क्योंकि इस अवस्था में गेंद पर क्षैतिज तथा गुरुत्वीय वेग दोनों ही क्रिया कर रहे हैं।

प्रश्न 28.
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वेग से और कौन-सा चाल से सम्बन्ध रखता है
(क) दूरी को तय करने की दर
(ख) विस्थापन को तय करने की दर।
उत्तर-
(क) दूरी को तय करने की दर को चाल कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध चाल से है।
(ख) विस्थापन की दर को वेग कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध वेग से है।

प्रश्न 29.
एक फुटबाल सीधी ऊपर की ओर फेंकी गई है। शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग और त्वरण क्या होगा ?
उत्तर-
ऊपर सीधी फेंकी गई फुटबाल का वेग धीरे-धीरे कम होगा और शिखर शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग शून्य हो जाएगा। परंतु इसका गुरुत्वीय प्रवेग, g = – 9.81 m/s2 के बराबर होगा।

प्रश्न 30.
क्या यह संभव है कि कोई व्यक्ति स्थिर (एक समान) चाल से चले, परंतु उसका वेग अस्थिर (असमान) हो। यदि हां, तो एक उदाहरण दो।
उत्तर-
हां, यह संभव हो सकता है, जब कोई व्यक्ति वृत्ताकार पथ पर स्थिर एक समान चाल से चलता है, तो उसकी वृत्ताकार पथ के प्रत्येक बिंदु पर दिशा बदलती रहती है। गति की यह दिशा उस बिंदु पर वृत्त के टेंजैट (स्पर्श रेखा) की दिशा में होती है। इसलिए दिशा बदलने के कारण वेग अस्थिर (असमान) होता है।

प्रश्न 31.
चित्र में किसी वस्तु की गति के लिए वेग-समय ग्राफ AB दर्शाता है। उस वस्तु का प्रारंभिक वेग और त्वरण ज्ञात करो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 33
दिए गए वेग-समय ग्राफ से यह स्पष्ट है कि
वस्तु का आरंभिक वेग (u) = 7 m/s
अंतिम वेग (v) = 0
समय (t) = 10s
मान लो वस्तु का त्वरण a है
∴ a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{0-7}{10}\)
= – 0.7 m/s2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

भौतिक राशियों के चिह्न एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र (Symbols of Physical Quantities and Important Formula)

(क) भौतिक राशियों के चिह्न
समय = t
चाल = v
दूरी = S
आरंभिक वेग = u
अंतिम वेग = v
त्वरण = a
औसत वेग = Vav

(ख) महत्त्वपूर्ण सूत्र
यदि आरंभिक वेग u समय t पर वेग v तथा समरूप त्वरण a हो तो निम्न संबंध गति समीकरण कहलाते हैं-
v = v + at (समय t पर वेग)
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2 (समय अंतराल 1 में विस्थापन)
v2 = u2 + 2as (वेग-वर्ग संबंध)
(nवें इकाई, समयांतराल में विस्थापन) (Sn) = u + (2n – 1) (\(\frac{a}{2}\))

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
रीता साइकिल पर 3.2. कि०मी० दूरी तय करने में 20 मिनट लगाती है। उसका वेग कि०मी०/ मिनट, मीटर/मिनट और कि०मी०/घंटा में ज्ञात करो।
हल :
तय की गई कुल दूरी = 3.2 कि०मी०
= 3200 मीटर
कुल समय = 20 मिनट]
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 34

प्रश्न 2.
अहमद अपनी कार 45 कि०मी०/घंटा वेग से चला रहा है ? वह (I) एक मिनट (II) एक सेकंड में कितनी दूरी तय करेगा ?
हल :
कार का वेग = 45 कि०मी०/घंटा
कार 60 मिनट में दूरी तय कर रही है = 45 कि०मी०
कार 1 मिनट में दूरी तय करेगी = \(\frac{45}{60}\)
= \(\frac{3}{4}\) = 0.75 कि०मी०
= 750 मीटर
इसी प्रकार, कार 1 सेकंड में दूरी तय करेगी
= \(\frac{750}{60}\)
= 12.5 मीटर।

प्रश्न 3.
सौरभ विराम अवस्था से अपने साइकिल का 30 सेकंड में वेग 6 मीटर/सै० प्राप्त कर लेता है। ब्रेक लगाने से अगले 5 सेकंड में साइकिल का वेग 4 मीटर/सै० हो गया। दोनों अवस्थाओं में साइकिल का त्वरण ज्ञात करो।
हल :
u = 0, v = 6 मी०/सै०, t = 30 सै०
v = u + at
6 = 0 + a × 30
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 35
= 0.2 मी०/सै०2

(ii) = 6 मी०/सै०, v = 4 मी०/सै०, t = 4 सै०
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 36
= 0.4 मी०/सै०2
मंदन = 0.4 मी०/सै०2

प्रश्न 4.
एक रेलगाड़ी विराम अवस्था से आरंभ होकर 5 मिनट में 72 कि० मी०/घंटा का वेग प्राप्त कर लेती है। समान त्वरण मानकर इसका त्वरण और तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :
u = 0, t = 5 मिनट
v = 72 कि०मी०/घंटा,
v = \(\frac{72 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 20 मी०/सै०
t = 5 × 60 = 300 सै०
परंतु a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{20-0}{300}=\frac{1}{15}\) = मी०/सै०2
∵ v2 = u2 + 2aS
= 0 + 2aS
S = \(\frac{v^{2}}{2 a}\)
= \(\frac{20 \times 20}{2 \times \frac{1}{15}}\) = 3000 मी०
= 3.0 कि०मी०।

प्रश्न 5.
एक कार समान त्वरण से 18 कि०/घंटा से 36 कि०/घंटा की गति 5 सेकंड में प्राप्त कर लेती है। इसका त्वरण और इस समय के बीच तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :
u = 18 कि०मी०/घंटा, v = 36 कि०मी०/घंटा, t = 5 सै०
u = \(\frac{18 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 5 मी०/सै०
v = \(\frac{36 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 10 मी०/सै०
v = u + at
10 = 5 + a × 5
a = 1 मी०/सै०2
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
= 5 × 5 + \(\frac {1}{2}\)(1) (5)2
= 25 + 12.5 = 37.5 मीटर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 6.
एक पुलिस की गाड़ी हाइवे पर 30 कि०मी०/घंटे की चाल से दौड़ती हुई, उसी दिशा में चोरों की गाड़ी जो 192 कि०मी० प्रति घंटे की चाल से दौड़ रही है, पर गोली चलाते हैं। यदि गोली की चाल 150 मी०/ से० हो तो किस चाल से गोली चोरों की गाड़ी को लगेगी ?
हल :
गोली की छोड़ने की चाल = 150 मी०/से० = 540 कि०मी०/घंटा
∴ कुल चाल = 30 + 540 = 570 कि०मी०/घंटा
गोली की चाल चोरों की गाड़ी की सापेक्ष, जो उसी दिशा में चल रही है
= 570 – 192 = 378 कि०मी०/घंटा
= \(\frac{378 \times 1000}{60 \times 60}\) मी./से०
= 105 मी०/सेकंड।

प्रश्न 7.
एक रेलगाड़ी जो 50 मी० लंबी है, एक सीधे तथा समतल ट्रैक पर चलकर एक खंभे के पास 5 सेकंड में पहुंचती है।
(i) गाड़ी की चाल ज्ञात करो।
(ii) 450 मी० लंबे पुल को पार करने में गाड़ी कितना समय लगायेगी।
हल :
(i) जैसा कि गाड़ी खंभे को 5 सेकंड में तय करती है तो यह अपनी लंबाई के बराबर दूरी तय करती है। तब-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 37
= 10 मी०/सेकंड

(ii) पुल को पार करने में गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी
= पुल की लंबाई + गाड़ी की लंबाई
= 450 मी० + 50 मी० = 500 मी०
इसलिए पुल को पार करने में गाड़ी को लगा समय
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 38
= 50 सेकंड

प्रश्न 8.
एक मोटर गाड़ी 50 कि०मी०/घंटा की चाल से एक निश्चित दूरी की यात्रा तय करती है और 40 कि०मी०/घंटा की चाल से वापस लौटती है। संपूर्ण यात्रा के लिए इसकी औसत चाल की गणना कीजिए।
हल :
माना कि निश्चित दूरी = x कि०मी०
50 कि०मी०/घंटा की चाल से x कि०मी० दूरी जाने में लगा समय
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 39

प्रश्न 9.
10.00 a.m. पर एक गाड़ी 40 km/h की चाल से गति कर रही है तथा 10.02 a.m. पर 50 km/ h की चाल से गाड़ी का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 40
= \(\frac{10 \times 60}{2}\) कि०मी०/घंटा2
= 300 कि०मी०/घंटा2

प्रश्न 10.
एक रेलगाड़ी 90km लंबे मार्ग में से पहले 30 km की दूरी 30 km/h की एकसमान चाल से तय करती है। शेष 60 km मार्ग को रेलगाड़ी किस चाल से तय करे कि उसकी औसत चाल 60 km/h हो जाए ?
हल :
पहले 30 km तय करने में लगा समय = \(\frac{30 \mathrm{~km}}{30 \mathrm{kmh}^{-1}}\) = 1h
मान लो x km/h की चाल से अगले 60 km तय होते हैं
तो अगले 60 km तय करने में लगा समय = \(\frac{60}{x}\)h
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 41
x = 120
अतः चाल 120 kmh-1 होनी चाहिए।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 11.
एक रेलगाड़ी 0.52 घंटे के लिए 60 km/h की चाल से 0.24 घंटे में 30 km/h तथा उससे अगले 0.71 घंटों में 70 km/h की चाल से चलती है। रेलगाड़ी की औसत चाल ज्ञात कीजिए।
हल :
0.52h समय में तय हुई दूरी
S1 = 0.52 × 60
= 31.2 km

0.24 h समय में तय हुई दूरी
S2 = 0.24 × 30
= 7.2 km

0.71 h समय में तय हुई दूरी
S3 = 0.71 × 70
= 49.7 km

कुल तय की गई दूरी = S1 + S2 + S3
= 31.2 + 7.2 + 49.7
= 88.1 km
कुल समय = 0.52 + 0.24 + 0.71
= 1.47 h
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 42
= \(\frac{88.1 \mathrm{~km}}{1.47 \mathrm{~h}}\)

प्रश्न 12.
एक कार 30 कि०मी० की दूरी 60 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है तथा अगले 30 कि०मी० की दूरी 40 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है। कुल लिया गया समय ज्ञात करो।
हल :
एक समान चाल के लिए
S = ul
माना पहले 30km की दूरी तय करने में लगा समय = t1
30 km = (60 km/h)t1
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 43
= \(\frac {1}{2}\)h = 30
मिनट इसी प्रकार, अगले 30 कि०मी० की दूरी तय करने में लगा समय = t2
30 km = (40 कि०मी०/घंटा) × t2
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 44
= 3/4 h = 45 मिनट
कुल लगा समय = t1 + t2 = 30 मिनट + 45 मिनट = 75 मिनट।
= 1 घण्टा 15 मिनट ।

प्रश्न 13.
पृथ्वी की कोणीय चाल का परिकलन कीजिए जबकि पृथ्वी अपने अक्ष के चारों ओर घूर्णन करती है।
हल :
पृथ्वी अपने अक्ष के चारों ओर एक घूर्णन 24 घंटे में पूरा करती है, अर्थात् 24 × 3600 5 में।
कोणीय विस्थापन, θ = 2π rad
समय अंतराल, t = 24h = (24 × 60 × 60) से०
पृथ्वी का कोणीय वेग,
ω = \(\frac{\theta}{t}=\frac{2 \pi \mathrm{rad}}{24 \times 3600 \mathrm{~s}}\)
= \(\frac{\pi}{43200}\)rad/s
= \(\frac{3.14}{43200}\)rad/s
= 7.27 × 10-5 rad/s.

प्रश्न 14.
एक पिंड विराम अवस्था से 0.6 मी०/से०2 के त्वरण के साथ चलता है। 300 मीटर चलने के बाद इसका वेग क्या होगा ? इस दूरी को तय करने में इसे कितना समय लगा ?
हल :
u = 0, a = 0.6 मी०/से०2
S = 300 मी०, y = ?, t = ?
v2 = u2 + 2aS
v2 = 2 × 0.6 × 300 = 360
v = \(\sqrt{360}\) = 6 × \(\sqrt{10}\) मी०/से०
= 19 मी०/से० (लगभग)
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
300 = \(\frac {1}{2}\) × 0.6 × t2
t2 = \(\frac{300}{0.3}\)
\(\frac{3000}{3}\) = 1000
t = \(\sqrt{1000}\) = 31.5 सेकंड (लगभग)

प्रश्न 15.
15 मी०/से० की गणना कि०मी०/घंटा में करो।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 45
= 54 कि०मी०/घंटा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 16.
एक वस्तु 2 m/s के वेग से 5s तक चलती है। अगले 5s में एक समान त्वरण के कारण इसका वेग बढ़ कर 10 m/s हो जाता है। इसके बाद इस वस्तु का वेग एक समान रूप से कम होता है और वस्तु 10s में विराम की अवस्था में आ जाती है, तो
(a) इस वस्तु की गति के लिए वेग-समय तथा दूरी-समय ग्राफ खींचिए।
(b) ग्राफ में वह भाग दिखाइए, जहाँ गति एक समान है तथा जहाँ असमान है।
(c) ग्राफ से वस्तु द्वारा प्रारंभ से 25 तथा 12s बाद, तथा अंतिम 10s में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 46

(c) एकसमान गति = BC तथा CD
असमान गति = OB
2 सेकंड में तय की गई दूरी = OA × OE’ = 2 × 2 = 4 मी०
12 सेकंड में तय की गई दूरी = 12 से० के बाद दूरी = ABCFF’ का क्षेत्रफल
= OABB+ BBCC’ का क्षेत्रफल + CC FF’ क्षेत्रफल
= (5 × 2) + \(\frac {1}{2}\)(2 +10) × 5 + \(\frac {1}{2}\)(10 + 8) × 2
= 10 + 30 + 18
= 58 मी०
अंतिम 10 से० में तय की गई दूरी = \(\sqrt{(10)^{2}+(10)^{2}}\)
= \(\sqrt{100+100}\) = \(\sqrt{200}\)
= \(\sqrt{100 \times 2}\) = 10√2 मीटर

प्रश्न 17.
चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाला स्थल जंतु है और 500 मीटर से कम दूरी के लिए इसका सर्वोच्च वेग 100 km/h तक हो सकता है। यदि चीता अपने शिकार को 100m की दूरी पर देखता है तो उस तक पहुँचने में चीता कम-से-कम कितना समय लेगा यदि इस दौरान उसका औसत वेग 90kh/h हो।
हल :
औसत वेग = 90 कि०मी०/घंटा
= \(\frac{90 \times 1000}{60 \times 60}\) = 25 मी०/से०
चीते के द्वारा 25 मीटर दूरी तय की गई = 1 से०
चीते के द्वारा 1000 मीटर दूरी तय की गई = \(\frac{1}{25}\) × 100 = 4 सेकंड
अत: चीता 4 सेकंड में अपना शिकार पकड़ लेगा।

प्रश्न 18.
आजकल सभी बसों और कारों में स्पीडोमीटर लगे होते हैं जो किसी क्षण पर उनका वेग दिखाते हैं। ओडोमीटर नामक यंत्र वाहन द्वारा तय की गई दूरी मापता है। यदि किसी वाहन के आडोमीटर की माप यात्रा के प्रारंभ में 1048km और 40 मिनट बाद 1096 km थी, तो वाहन का औसत वेग परिकलित कीजिए। क्या वाहन की गतिशील स्थिति में स्पीडोमीटर की माप यही वेग प्रदर्शित करेगी ? अपने उत्तर के लिए कारण बताइए।
हल :
वाहन के द्वारा कुल तय की गई दूरी = 1096 – 1048
=48 कि०मी० समय = 40 मिनट
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 47
= 1.2 कि०मी०/मिनट
= 1.2 × 60
= 72 कि०मी०/घंटा
स्पीडोमीटर वाहन का वेग 72 कि०मी०/घंटा नहीं दर्शाएगा क्योंकि यह उसका औसत वेग है। भीड़ भरी सड़कों, चढ़ाई, उतराई आदि के कारण वाहन का वेग बढ़ता-घटता रहता है। वह सदा समान वेग से सड़क पर नहीं चलता।

प्रश्न 19.
कोई धावक 100 मीटर की दौड़ में भाग लेते हुए, पहले सेकंड में 4 मीटर, अगले 4 सेकंड में 30 मीटर व उससे अगले 4 सेकंड में 52 मीटर की दूरी तय करता है और वह दौड़ 10 सेकंड में पूरी कर लेता है तो,
(a) धावक के औसत वेग की गणना कीजिए।
(b) किस समय अंतराल में धावक का औसत वेग अधिकतम है ? इस वेग को उपयुक्त मात्रक में व्यक्त कीजिए।
(c) किस समय अंतराल में त्वरण अधिकतम होगा ?
(d) इस दौड़ में धावक की गति के लिए दूरी-समय ग्राफ बनाइए।
(e) ग्राफ की सहायता से धावक द्वारा 6 s के अंत तक तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
(a)
कुल दूरी = 100 मीटर
कुल समय = 10 सेकंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 48
= 10 मी०/सेकंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 49
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 50
∴ दूसरे और तीसरे अंतराल में त्वरण अधिकतम होगा।

(d) दूरी समय ग्राफ
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 51

(e) 5 सेकंड के पश्चात् धावक द्वारा तय दूरी = \(\frac{34}{5}\) = 6.8 मी०/से०
6 सेकंड के अंत तक धावक द्वारा तय की गई दूरी = 40 मी०/से०

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 20.
कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की और 5 m/s के वेग से फेंका गया है। इसका त्वरण ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर 10 m/s2 हो तो, पत्थर द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। इस उच्चतम ऊँचाई तक पहुँचने में पत्थर को कितना समय लगेगा ?
हल :
u = 5 मी०/से०, v = 0, a = 10 मी०/से०2
h = ?
t = ?
v2 = u2 + 2gh
(0)2 = (5)2 + 2 (-10) × h
0 = 25 – 20h
-20h = -25
h = \(\frac{25}{20}\)
= \(\frac{5}{4}\) = 1.2 मीटर
अब v = u + at
0 = 5 – 10t
t = \(\frac{-5}{-10}=\frac{1}{2}\) = 0.5 सेकंड

प्रश्न 21.
यात्रा शुरू होते समय कार का ओडोमीटर 2000 km प्रदर्शित करता है और यात्रा समाप्ति पर 2400 km प्रदर्शित करता है। यदि इस यात्रा में 8 h लगते हैं, तो कार की औसत चाल को km h-1 और ms-1 में ज्ञात करें।
हल :
कार के द्वारा तय की गई दूरी S = 2400 km – 2000 km = 400 km
दूरी तय करने में लगा कुल समय t = 8 h
कार की औसत चाल v = \(\frac{S}{t}\)
= \(\frac{400 \mathrm{~km}}{8 \mathrm{~h}}\) = 50km h-1
= 50 \(\frac{\mathrm{km}}{\mathrm{h}} \times \frac{1000 \mathrm{~m}}{1 \mathrm{~km}} \times \frac{1 \mathrm{~h}}{3600 \mathrm{~s}}\)
= 13.9 ms-1
कार की औसत चाल 50 km h-1 अथवा 13.9 ms-1 है।

प्रश्न 22.
ऊषा 90 m लंबे तालाब में तैरती है। वह एक सिरे से दूसरे सिरे तक सरल रेखीय पथ पर जाती है तथा वापस आती है। इस दौरान वह कुल 180 m की दूरी 1 मिनट में तय करती है। ऊषा की औसत चाल और औसत वेग को ज्ञात कीजिए।
हल:
ऊषा द्वारा 2 मिनट में तय की गई कुल दूरी (90 m + 90 m) = 180 m है।
1 मिनट में ऊष्मा का विस्थापन = 90 + (-90) = 90 – 90 = 0 m (∵ आरंभिक और अंतिम स्थिति एक ही है।)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 52
= 0 ms-1
अतः ऊषा की औसत चाल 3 ms-1 है औसत वेग 0 ms-1 है।

प्रश्न 23.
विरामावस्था से राहुल अपनी साइकिल को चलाना शुरू करता है और 30 s में 6 ms-1 का वेग प्राप्त करता है। वह इस प्रकार से ब्रेक लगाता है कि साइकिल का वेग अगले 5 s से कम होकर 4 ms-1 हो जाता है। दोनों स्थितियों में साइकिल के त्वरण की गणना करें।
हल :
पहली स्थिति में
प्रारंभिक वेग, = 0;
अंतिम वेग, ‘ = 6 ms-1;
समय, t = 30s
∴ a = \(\frac{v-u}{t}\)
u, v और t का दिया हुआ मान ऊपर दिए गए समीकरण में रखने पर,
a = \(\frac{6 m s^{-1}-0 m s^{-1}}{30 s}\)
= 0.2 ms-2
दूसरी अवस्था में,
प्रारंभिक वेग, u = 6 ms-1;
अंतिम वेग v = 4 ms-1;
समय t = 5s;
तब a = \(\frac{4 m s^{-1}-6 m s^{-1}}{5 s}\)
= – 0.4 ms-2
साइकिल का त्वरण पहली स्थिति में 0.2 ms-2 है और दूसरी स्थिति में -0.4 ms-2 है।

प्रश्न 24.
किसी कार पर ब्रेक लगाने पर वह गति के विपरीत दिशा में 6 ms-2 का त्वरण उत्पन्न करती है। यदि कार ब्रेक लगाए जाने के बाद रुकने में 2 s का समय लेती है तो उतने समय में तय की गई दूरी की गणना करें।
हल :
दिया गया है,
a = -6 ms-2, t = 2S तथा v = 0 ms-1
v = u + at
0 = u + (-6 ms-2) × 2S
या u = 12 ms-1
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
= (12 ms-1) × (2s) + \(\frac {1}{2}\) (6 ms-2) × (2s)2
= 24 m – 12 m
= 12 m
∴ कार रुकने के पहले 12 m की दूरी तय करेगी।
क्या अब आप इस महत्त्व को समझ सकते हैं कि चालक सड़क पर गाड़ी चलाते समय दूसरी गाड़ी से दूरी क्या बना कर रखते हैं ?

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 25.
(i) घड़ी की सेकंडों वाली सुई
(ii) घड़ी की मिनटों वाली सुई
(iii) घड़ी की घंटों वाली सुई का कोणीय वेग ज्ञात करो।
हल :
(i) घड़ी की सेकंड वाली सुई 1 सेकंड में एक चक्र पूरा करती है। इसे समय अंतराल कहते हैं।
θ = 2π रेडियन, t = 1 मिनट = 60s
ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{60}\) rad. s-1
= \(\frac{\pi}{30}\) rad s-1

(ii) मिनटों की सुई के लिए θ = 2π rad.
t = 1h = 60 × 60s
∴ ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{60 \times 60}\)
= \(\frac{\pi}{1800}\) rad s-1

(iii) घंटों की सुई के लिए t = 12 h
∴ ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{12 \times 60 \times 60}\)
= \(\frac{\pi}{21600}\) rad s-1

प्रश्न 26.
एक रेडियन कितने डिग्री के बराबर है ?
हल :
रेडियन और डिग्री में संबंध-
पूरे वृत्त द्वारा केंद्र पर स्थापित कोण = \(\frac{2 \pi r}{r}\) = 2π रेडियन और केंद्र पर स्थापित कुल कोण = 360°
∵ 2π rad = 360°
π rad = 180°
1 rad = \(\frac{180}{\pi}\)
= \(\frac{180}{22 / 7}\)
= \(\frac{180 \times 7}{22}\) = 57.3
1 rad = 57.3°

प्रश्न 27.
किसी कार का वेग 18 मीटर/से० है। इसको कि०मी०/घंटा में व्यक्त कीजिए।
हल :
कार का वेग = 18 मीटर/से०
\(\frac{18}{1000}\) × 60 × 60
= 64.8 कि०मी०/घंटा

प्रश्न 28.
मान लीजिए आप एक 9m लंबे कमरे में 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा के वेग से चल रहे हैं। इस वेग को m/s के मात्रक में लिखिए। इस कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाने में आपको कितना समय लगेगा ?
हल :
वेग = \(\frac{3}{2}\) कि०मी०/घंटा
= \(\frac{3}{2} \times \frac{1000}{60 \times 60}\)
= \(\frac{5}{12}\) मी०/से०
= 0.42 मी०/से० (m/s)
\(\frac{5}{12}\) मी० की दूरी तय होने में समय लगाती है = 1/से०
9 मी० की दूरी तय होने में समय लगेगा = \(\frac{1 \times 9 \times 12}{5}\)
= \(\frac{108}{5}\) सेकंड
= 21.65 से०
∴ कमरे के एक ओर से दूसरी ओर जाने में लगा समय = 21.65 से०

प्रश्न 29.
किसी वृत्ताकार साइकिल ट्रैक की परिधि 314 मीटर है, AB इसका एक व्यास है। यदि कोई साइकिल सवार इस वृत्ताकार पथ पर A से B तक 15.7 मीटर प्रति सेकंड के स्थिर वेग से साइकिल चलाता है तो साइकिल सवार के लिए ज्ञात कीजिए-
(a) उसके द्वारा तय की गई दूरी।
(b) उसका विस्थापन, यदि AB उत्तर-दक्षिण दिशा में हो।
(c) उसका औसत वेग।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 53
व्यास = AB
परिधि = 314 m.
चाल = 15.7 m/s.
15.7 मी० तय करने में लगा समय = 1 से०
314 मी० तय करने में लगा समय = \(\frac{1 \times 314}{15.7}\)
= 20 से०

(a) साइकिल सवार के द्वारा तय की गई दूरी = 2πr = 314 मीटर
r = \(\frac{314}{2 \times 3.14}\)
= \(\frac{314 \times 100}{2 \times 314}\)
= 50 मी०

(b) विस्थापन = शून्य
∵ अंतिम स्थिति तथा प्रारंभिक स्थिति समान है।

(c) PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 54
औसत वेग = \(\frac{314}{20}\)
= 15.7 मीटर/से०

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गति – जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो उसे गति में कहते हैं।

प्रश्न 2.
नियंत्रित गति का मानव के लिए एक उपयोग लिखिए।
उत्तर-
पानी के द्वारा विद्युत् उत्पादन।

प्रश्न 3.
वस्तु की दूरी को जानने के लिए किस बात की आवश्यकता नहीं होती ?
उत्तर-
गति की दिशा की।

प्रश्न 4.
वस्तु का विस्थापन क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन – वस्तु का प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं।

प्रश्न 5.
दो विभिन्न भौतिक राशियां कौन-सी हैं ?
उत्तर-
दूरी और विस्थापन।

प्रश्न 6.
गाड़ियों की गति को कौन-सा यंत्र प्रदर्शित करता है ?
उत्तर-
ओडोमीटर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 7.
एक समान गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
एक समान गति – जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है तो उस की गति को एक समान गति कहते हैं।

प्रश्न 8.
असमान गति के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
सड़क पर जा रही कार, पार्क में व्यायाम कर रहा एक व्यक्ति।

प्रश्न 9.
चाल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
चाल – वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं।

प्रश्न 10.
चाल का मात्रक क्या है ?
उत्तर-
चाल का मात्रक मीटर प्रति सेकंड (ms-1) है। यह सेंटीमीटर प्रति सेकंड (cms-1) तथा किलोमीटर प्रति घंटा (km h-1) भी हो सकता है।

प्रश्न 11.
औसत चाल को किस प्रकार प्राप्त किया जाता है ?
उत्तर-
औसत चाल – वस्तु की औसत चाल को उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी को कुल समयावधि से भाग देकर प्राप्त किया जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 55

प्रश्न 12.
वेग किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वेग – एक निश्चित दिशा में चाल को वेग कहते है।
अथवा
एक निश्चित दिशा में इकाई समय में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 13.
त्वरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
त्वरण – किसी वस्तु के प्रति इकाई समय में वेग परिवर्तन की माप को त्वरण कहते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 56

प्रश्न 14.
त्वरण का मात्रक क्या है ?
उत्तर-
ms-2

प्रश्न 15.
ग्राफ़ से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ग्राफ़ – एक भौतिक राशि से दूसरी भौतिक राशि के सापेक्ष परिवर्तन को दो विभिन्न अक्षों पर चित्रित करना ग्राफ़ कहलाता है।

प्रश्न 16.
दूरी-समय ग्राफ़ क्या है ?
उत्तर-
किसी वस्तु की स्थिति को समय के साथ प्रदर्शित करना दूरी-समय ग्राफ़ कहलाता है।

प्रश्न 17.
एकसमान चाल के लिए समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ़ कैसा होता है ?
उत्तर-
एक सरल रेखा।

प्रश्न 18.
दूरी-समय ग्राफ़ से क्या जाना जा सकता है ?
उत्तर-
वस्तु की चाल।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 19.
एकसमान त्वरित गतियों के लिए वेग-समय ग्राफ़ कैसा होता है ?
उत्तर-
एक सीधी रेखा।

प्रश्न 20.
त्वरित गति का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
एक वृत्तीय पथ पर दौड़ता हुआ एक एथलीट।

प्रश्न 21.
किसी एथलीट को षट्कोणीय पथ के अनुदिश दौड़ते हुए एक चक्कर पूरा करने में कितनी बार अपनी दिशा बदलनी पड़ेगी ?
उत्तर-
छ: बार।

प्रश्न 22.
यदि एक एथलीट r त्रिज्या वाले वृत्तीय पथ का एक चक्कर लगाने के लिए ‘t’ सेकंड समय लेता है तो उसका वेग (v) क्या होगा ?
उत्तर-
v\(\frac{2 \pi r}{t}\)

प्रश्न 23.
एकसमान वृत्तीय गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जब एक वस्तु वृत्तीय रास्ते पर एकसमान चाल से चलती है जब उसकी गति को एकसमान वत्तीय गति कहते हैं।

प्रश्न 24.
वृत्तीय गति के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. किसी वाहन के पहिए की गति ।
  2. रम्पी के सिरे पर बँधा पत्थर जो समतल वृत्त में गतिमान हो।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 25.
यदि कोई वस्तु एक वृत्तीय पथ पर एक समान चाल से गति कर रही हो तो उसकी गति किस प्रकार की होगी ?
उत्तर-
एक असमान और त्वरित गति।

प्रश्न 26.
एक वस्तु त्रिज्या r के वृत्तीय पथ पर चल रही है। एक चक्कर लगाने में इसका विस्थापन और दूरी क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन – 0 (शून्य)
दूरी = 2πr.

प्रश्न 27.
एक क्रिकेट खिलाड़ी गेंद को ऊपर उछालता है और उसी स्थिति में पुनः कैच कर लेता है। गेंद का कुल विस्थापन कितना है ?
उत्तर-
कुल विस्थापन शून्य है।

प्रश्न 28.
दूरी समय ग्राफ़ में ढाल क्या बताती है ?
उत्तर-
वस्तु की चाल बताती है।

प्रश्न 29.
कोई वस्तु सूर्य के इर्द-गिर्द अचर चाल से वृत्ताकार परिपथ में घूम रही है। इसकी गति त्वरित है या नहीं ?
उत्तर-
वस्तु की गति की दिशा निरंतर बदल रही है अतः वेग भी निरंतर बदल रहा है। गति त्वरित है।

प्रश्न 30.
घड़ी की सेकंड वाली सुई के सिरे की गति कैसी है ?
उत्तर-
वृत्ताकार।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 31.
यदि कोई ट्रक 2 घंटे में 100 km की दूरी तय करे तो उसकी औसत चाल क्या होगी ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 57

प्रश्न 32.
प्रकाश की चाल 3 × 108 m/s है। यह km/h में कितनी होगी ?
उत्तर-
प्रकाश की चाल 3 × 108 m/s
= \(\frac{3 \times 10^{8} \times 3600}{1000}\) km/h
= 1.8 × 109 km/h

प्रश्न 33.
यदि किसी वाहन की चाल 3 घंटे में 0 से 60 km/h हो जाए तो उसका त्वरण कितना होगा?
उत्तर-
त्वरण = \(\frac{(60-0) \mathrm{km} / \mathrm{h}}{3 \mathrm{~h}}\) = 20 km/h2

प्रश्न 34.
गीता प्रातः 7.00 बजे स्कूल गई और दोपहर 1.30 बजे वापस घर लौट आई। उसका विस्थापन ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
शून्य।

प्रश्न 35.
सुधीर 300 मीटर की दूरी को 15 सेकंड में पूरा करता है। उसका वेग कितना होगा ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 58

प्रश्न 36.
आपकी साइकिल 20 सेकंड 5 m/s की चाल प्राप्त करती है। साइकिल का त्वरण क्या होगा ?
उत्तर-
त्वरण (a) = \(\frac{v-u}{t}=\frac{5-0}{20}=\frac{5}{20}=\frac{1}{4}\) = 25m/s2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 37.
किसी गतिशील वस्तु का एक समय अंतराल में विस्थापन शून्य है। क्या उस वस्तु के दवाग तय की गई दूरी भी शून्य होगी ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
नहीं। यद्यपि गतिशील वस्तु पुनः अपने प्रारंभिक स्थल पर वापस लौट आती है तथापि उसके दवारा जय की गई दूरी शून्य नहीं होगी।

प्रश्न 38.
पृथ्वी और चंद्रमा की गति किस प्रकार की गति के उदाहरण हैं ?
उत्तर-
एकसमान वृत्तीय गति के उदाहरण।

प्रश्न 39.
विस्थापन को आप किस प्रकार की राशि मानते हैं-स्केलर या वैक्टर ?
उत्तर-
वैक्टर राशि।

प्रश्न 40.
दूरी किस प्रकार की राशि है-स्केलर या वैक्टर ?
उत्तर-
स्कलेर राशि।

प्रश्न 41.
वायु में ध्वनि की चाल कितनी होती है ?
उत्तर-
346 m/s-1

प्रश्न 42.
असमान चाल से चलने वाले वाहन का दूरी-समय ग्राफ़ का आकार कैसा होगा ?
उत्तर-
वक्र रेखा आकार का।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 43.
वृत्तीय गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर गति करती है तो वस्तु की गति वृत्तीय गति कहलाती है।

प्रश्न 44.
कोणीय वेग क्या होता है ?
उत्तर-
कोणीय वेग – वृत्तीय पथ पर गति करती हुई वस्तु का कोणीय विस्थापन तय करने की दर उस वस्तु का कोणीय वेग कहलाता है। उसे ω ( ओमेगा) से दर्शाते हैं।

प्रश्न 45.
यदि कोई वस्तु 25 मीटर प्रति सेकंड के एकसमान वेग से गति कर रही है, तो 5 सेकंड के पश्चात् उस वस्तु का वेग क्या होगा ?
उत्तर-
5 सेकंड के बाद भी वस्तु का वेग 25 मीटर/सेकंड ही रहेगा क्योंकि वह वस्तु एकसमान वेग से गतिशील है।

प्रश्न 46.
दो साइकिल सवार विपरीत दिशाओं में चलते हुए एक घंटे में एकसमान दूरी S तय करते हैं। यदि साइकिल सवार उत्तर-दक्षिण दिशा में चल रहे हों तो एक घंटे में उनके द्वारा कितना विस्थापन होगा ?
उत्तर-
उनका विस्थापन = S + S = 2S

प्रश्न 47.
नीचे के ग्राफ़ में चाल का मान (Value) बताइए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 59

प्रश्न 48.
हमारी आँख झपकने की चाल क्या है ? इसके लिए आपको आँख की पुतली का आकार तथा उस समय का अनुमान लगाना होगा जितनी देर आँख पलक झपकने के दौरान बन्द रहती है ?
उत्तर-
10-1 ms-1
संकेत : आँख के गोलक का आकार लगभग ≈10-2m है। आँख जितनी देर के लिए बन्द रहती है ≈10-1s ।
चाल = \(\frac{10^{-2} \mathrm{~m}}{10^{-1} \mathrm{~s}}\) = 10-1 ms -1

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 49.
एक वस्तु त्रिज्या r के वृत्तीय पथ पर चल रही है। एक चक्कर लगाने में इसका विस्थापन क्या है और तय की गई दूरी क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन = 0 (शून्य)
दूरी = 2πr

प्रश्न 50.
साथ दिए ग्राफ़ में दूरी-समय आरेख में बताओ किसकी चाल अधिक है?
उत्तर-
B की चाल A की अपेक्षा अधिक है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 60

प्रश्न 51.
एक कण r अर्धव्यास के वृत्तीय पथ पर गतिशील है। कण के द्वारा आधी परिक्रमा में तय की गई दूरी क्या है ? उसका विस्थापन कितना होगा ?
उत्तर
दूरी = πr
विस्थापन = 2r

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

Punjab State Board PSEB 10th Class Science Book Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Science Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

PSEB 10th Class Science Guide अम्ल, क्षारक एवं लवण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवतः क्या होगा?
(a) 1
(b) 4
(c) 5
(d) 10.
उत्तर-
विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है इसलिए इसका pH अवश्य 7 से अधिक होना चाहिए। अतः
(d) ठीक उत्तर है।

प्रश्न 2.
कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दुधिया कर देता है। इस विलयन में क्या होगा?
(a) NaCl
(b) HCl
(c) LiCl
(d) KCl.
उत्तर-
अंडे के पिसे हुए कवच में CaCO, होता है जो HCI से क्रिया करके CO, उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दुधिया कर देती है।
ठीक उत्तर (b) होगा।

प्रश्न 3.
NaOH का 10ml विलयन, HCI के 8 ml विलयन में पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20ml लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCI के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
(a) 4 ml
(b) 8 ml
(c) 12 ml
(d) 16 ml.
उत्तर-
यदि हम NaOH विलयन की दुगुनी मात्रा लेंगे ताकि HCI विलयन को उदासीन किया जा सके तो उसे भी दुगुना होना चाहिए।
अतः ठीक उत्तर (d) होगा।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

प्रश्न 4.
अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?
(a) एंटिबायोटिक (प्रतिजैविक)
(b) ऐनालजेसिक (पीड़ाहारी)
(c) एन्टैसिड
(d) ऐंटीसेप्टिक (प्रतिरोधी)।
उत्तर-
(c) एन्टैसिड।

प्रश्न 5.
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए
(a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
(c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
उत्तर-
(a) जिंक + सल्फ्यूरिक अम्ल (तनु) → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन
Zn + H2SO4 → ZnSO + H2
(b) मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन
Mg + 2HCI → MgCl2 + H2
(c) एलुमिनियम + सल्फ्यूरिक अम्ल → एलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन
2Al + 3H2 SO4 → Al2 (SO4)3 + 3H2
(d) लोहा + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → लोहा (II) क्लोराइड + हाइड्रोजन
Fe + 2HCl → FeCl + H2

प्रश्न 6.
ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होती है लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप के द्वारा साबित कीजिए।
उत्तर-
यद्यपि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन होती है पर वे बैटरी विलयन में आयनीकृत नहीं होते और H+ बल्ब आयन उत्पन्न नहीं करते। यह इस तथ्य से साबित होता है कि उनके विलयन विद्युत चालन नहीं करते।

क्रिया-कलाप–एक बीकर में ऐल्कोहॉल, ग्लूकोज़ आदि का विलयन लीजिए। कील एक कार्क पर दो कील लगाकर कॉर्क को ऐल्कोहॉल/ ग्लूकोज़ का विलयन बीकर में रख दीजिए। कीलों को 6 वोल्ट की कार्कएक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब और स्विच के माध्यम से जोड़ दीजिए। अब विद्युत् धारा प्रवाहित कीजिए। विद्युत् चालन नहीं हुआ।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 1

प्रश्न 7.
आसवित जल विद्युत् चालन क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है?
उत्तर-
वर्षा जल में CO2, SO2, जैसी गैसें घुली होती हैं जो कार्बोनिक अम्ल (H2CO3), सल्फ्यूरस अम्ल (H2SO3) आदि बनाती है। इनका आयनों में विच्छेदन होता है। इसीलिए वर्षा जल में विद्युत् का चालन होता है। आसवित जल में घुलनशील लवण या गैसें नहीं होती इसलिए इसका आयनीकरण नहीं होता और इसमें विद्युत् का चालन नहीं होता।

प्रश्न 8.
जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है ?
उत्तर-
जल किसी अम्ल के विच्छेदन में सहायक होता है जिससे हाइड्रोनियम (H3O+) आयन उत्पन्न होता है। जल की अनुपस्थिति में आयन उत्पन्न नहीं होते। इसलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय नहीं होता।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

प्रश्न 9.
पाँच विलयनों A, B, C, D व E की जब सार्वत्रिक सूचक से जाँच की जाती है तो pH के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन-सा विलयन :
(a) उदासीन है?
(b) प्रबल क्षारीय है?
(c) प्रबल अम्लीय है?
(d) दुर्बल अम्लीय है?
(e) दुर्बल क्षारीय है?
pH के मानों को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-
दिए गए pH के मान हैं-A = 4, B = 1, C = 11, D = 7, E = 9.
(a) जब pH = 7 हो तो विलयन उदासीन होता है।
∴ D उदासीन विलयन है।
(b) 7 से जितना अधिक pH का मान होगा विलयन उतना ही अधिक क्षारीय होगा।
∴C प्रबल क्षारीय होगा।
(c) 7 से जितना कम pH का मान होगा विलयन उतना ही अम्लीय होगा।
∴ B प्रबल अम्लीय होगा।
(d) 7 से कम लेकिन 7 के निकट दुर्बल अम्लीय होगा
∴ A दुर्बल अम्लीय है।
(e) 7 से अधिक लेकिन 7 के निकट दुर्बल क्षारीय होगा।
∴ E दुर्बल क्षारीय है।
दिए हुए विलयनों की हाइड्रोजन आयन सांद्रता होगी
A = 10-4 M. B = 10-1 M, C = 10-11M
D = 10-7M. E = 10-9M
∴ आरोही क्रम में व्यवस्था = C (10-11M) < E (10-9 M) < D (10-7M) -1M) < B(10-1 M)

प्रश्न 10.
परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCI) तथा परखनली ‘B’ में ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) डालिए। दोनों अम्लों की मात्रा तथा सांद्रता समान है। किस परखनली में अधिक तेजी से बुदबुदाहट होगी और क्यों?
उत्तर-
परखनली ‘A’ में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी। ऐसा इसलिए कि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ऐसीटिक अम्ल से प्रबल है। मैग्नीशियम की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से तीव्र होगी और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी।

प्रश्न 11.
ताजे दूध के pH का मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए।
उत्तर-
जब ताज़ा दूध दही में बदल जाता है तो pH कम हो जाएगा। ऐसा इसलिए होगा कि दही अधिक अम्लीय होता है। दही में लैक्टिक अम्ल होता है। जितना अधिक अम्ल होगा उसका pH उतना ही कम होगा।

प्रश्न 12.
एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है।
(a) ताज़ा दूध के pH के मान को 6 से बदल कर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?
(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है ?
उत्तर-
(a) ताज़ा दूध अम्लीय है और खट्टा होकर अधिक अम्लीय हो जाता है। बेकिंग सोडा की उपस्थिति में दूध क्षारीय हो जाएगा और जल्दी से खट्टा नहीं होगा क्योंकि क्षार दूध को शीघ्रता से अम्लीय बनने से रोक देगा।
(b) जब दूध दही में बदलता है तो लैक्टिक अम्ल बनने के कारण उसका pH कम हो जाता है। क्षार की उपस्थिति इसे जल्दी से अधिक अम्लीय होने से रोकती है इसलिए दूध को दही बनने में अधिक समय लगता है।

प्रश्न 13.
प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO4 \(\frac{1}{2}\) H2O है। नमी की उपस्थिति के कारण यह जिप्सम बन जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 2
इसलिए इसे आर्द्र-रोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।

प्रश्न 14.
उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है ? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
उदासीनीकरण-जब अम्ल किसी क्षार से क्रिया करता है तब लवण और जल बनता है। इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 3

प्रश्न 15.
धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
उत्तर-
(क) धोने का सोडा (Na2CO3.10H2O)

  • इसका उपयोग कांच, साबुन और कागज़ उद्योगों में होता है।
  • जल की स्थाई कठोरता को दूर करने के लिए इसका उपयोग होता है।

(ख) बेकिंग सोडा (NaHCO3)

  • इसका प्रयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
  • यह ऐंटैसिड का एक संघटक है जो पेट के अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत पहुंचाता है।

Science Guide for Class 10 PSEB अम्ल, क्षारक एवं लवण InText Questions and Answers

प्रश्न-
आपको तीन परखनलियां दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर-
तीनों परखनलियों में लाल लिटमस पत्र को डुबाओ। जिस परखनली में इसका रंग नीला हो जाएगा वह क्षारीय विलयन होगा। जिन अन्य दो परखनलियों में रंग परिवर्तन नहीं होगा उनमें जल और अम्लीय विलयन होगा। अब इसी लिटमस पत्र को, जो क्षारीय विलयन में डालने से नीला हो चुका है, उसे जल और अम्लीय विलयन में डालो। जिस परखनली में रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा उसमें जल होगा पर जिस परखनली में अम्लीय विलयन होगा उसमें नीले लिटमस का रंग पुनः लाल हो जाएगा।

प्रश्न 1.
पीतल एवं तांबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए ?
उत्तर-
यदि पीतल तथा तांबे के बर्तनों में खट्टे पदार्थ रखे जाएंगे तो दही एवं खट्टे पदार्थ में मौजूद अम्ल पीतल तथा तांबे के साथ क्रिया करके विषैले यौगिक का निर्माण करेंगे जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक हैं। इसलिए दही जैसे खट्टे पदार्थ को पीतल तथा तांबे के बर्तनों में नहीं रखना चाहिए।

प्रश्न 2.
धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यत: कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?
उत्तर-
जब धातु के साथ अम्ल अभिक्रिया करते हैं तब प्रायः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 4
हाइड्रोजन गैस को साबुन के घोल से गुज़ारो। बुलबुले उत्पन्न होंगे। उन बुलबुलों के निकट जलती हुई मोमबत्ती की ज्वाला लाओ। वे फट-फट की ध्वनि के साथ जलेंगे। इस से हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति सिद्ध हो जाती है।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

प्रश्न 3.
कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक कैल्सियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। उत्तर- इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण है-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 5
यौगिक ‘A’ अवश्य ही कैल्सियम कार्बोनेट है। यह तुन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया कर कैल्सियम क्लोराइड, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड में आग बुझाने का गुण होता है। इसीलिए वह जलती मोमबत्ती को बुझा देती है।

प्रश्न 4.
HCI, HNO, आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?
उत्तर-
HCI, HNO, आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि ये जलीय विलयन में आयनीकरण कर के H+ आयन उत्पन्न करते हैं। जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ आयनीकरण नहीं करते और विद्युत् H+ आयन को उत्पन्न नहीं करते। ये जलीय विलयन में विद्युत् चालकता का गुण प्रदर्शित नहीं करते। इसलिए ये अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं।

प्रश्न 5.
अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत् का चालन करता है?
उत्तर-
अम्ल का जलीय विलयन विद्युत् का चालन करता है क्योंकि यह जलीय विलयन में आयनीकरण कर के आयन उत्पन्न करता है।
HCl (aq) →HO(aq) + Cl- (aq)
HNO3 (aq) → HO+ (aq) + NO3 (aq)

प्रश्न 6.
शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग क्यों नहीं बदलती है?
उत्तर-
शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती क्योंकि जल की अनुपस्थिति में यह आयनीकरण न कर पाने के कारण H+ आयन उत्पन्न नहीं कर पाती। इस कारण वह अम्ल की तरह काम नहीं कर पाती।

प्रश्न 7.
अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल को अम्ल में?
उत्तर-
जल में अम्ल के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है। इसलिए जल में किसी सांद्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिए। अम्ल और जल को धीरे-धीरे हिलाते रहना चाहिए। ऐसा न करने पर अम्ल में जल मिलाने पर उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आस्फलित हो कर बाहर आ सकता है। इससे स्थानीय ताप बढ़ जाता है जिस कारण उपयोग किया जाने वाला कांच का पात्र टूट भी सकता है।

प्रश्न 8.
अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की सांद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?
उत्तर-
जल में अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय आयन की सांद्रता (H3O+/H+) में प्रति इकाई आयतन की कमी हो जाती है और विलयन तनु से अधिक तनु हो जाता है।

प्रश्न 9.
जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है ?
उत्तर-
जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH)) की सांद्रता प्रति इकाई आयतन बढ़ती जाती है।

प्रश्न 10.
आपके पास दो विलयन ‘A’ एवं ‘B’ है। विलयन ‘A’ के pH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’ के pH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है ? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय?
उत्तर-
विलयन ‘A’ की हाइड्रोजन आयन सांद्रता विलयन ‘B’ की अपेक्षा अधिक है। विलयन A का pH मान 7 से कम है इसलिए वह अम्लीय है। विलयन B का pH मान 7 से अधिक है। इसलिए वह क्षारकीय है।

प्रश्न 11.
H+(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
H+(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है। H+(aq) की जितनी सांद्रता होगी, उतना ही विलयन अधिक अम्लीय होगा।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

प्रश्न 12.
क्या क्षारकीय विलयन में H+(aq) आयन होते हैं ? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं?
उत्तर-
क्षारकीय विलयन में H+ (aq) आयन होते हैं पर साथ ही उसमें OH आयन भी होते हैं। वे क्षारकीय इसलिए होते हैं क्योंकि उनमें OH आयन की सांद्रता अधिक H+ आयन की अपेक्षा अधिक होती है।

प्रश्न 13.
कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड) बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
उत्तर-
बिना बुझा हुआ चूना (CaO), बुझा हुआ चूना [Ca (OH)2] और चॉक (CaCO3) में प्रकृति से क्षारकीय है इसलिए किसान खेत की मृदा में इन का उपयोग कर सकेगा यदि उस खेत की प्रकृति अम्लीय है।

प्रश्न 14.
CaOCl2 यौगिक का प्रचलित नाम क्या है?
उत्तर-
विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)।

प्रश्न 15.
उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है?
उत्तर-
शुष्क बुझा हुआ चूना Ca (OH)2.

प्रश्न 16.
कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
धावन सोडा (Na2CO3)।

प्रश्न 17.
सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर-
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विघटित हो जाएगा।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 6

प्रश्न 18.
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर-
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (CasO4 . \(\frac{1}{2}\) H2O) जल के साथ अभिक्रिया करके जिप्सम (CaSO4.2H2O) बनाता है और लगभग आधे घंटे में जम कर ठोस बन जाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 7

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Punjab State Board PSEB 10th Class Science Book Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Science Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

PSEB 10th Class Science Guide रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
नीचे दी गयी अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है ?
2PbO (s) + C (s) → 2Pb (s) + CO2 (g)
(a) सीसा अपचयित हो रहा है।
(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।
(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
(i) (a) एवं (b)
(ii) (a) एवं (c)
(iii) (a), (b) एवं (c)
(iv) सभी।
(i) (a) एवं (b)

प्रश्न 2.
Fe2 O3 + 2AI→Al2O3 + 2Fe
ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है ?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(c) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया।
उत्तर-
उपरोक्त अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया है जिसमें Al, Fe2 O3 के Fe को विस्थापित करता है।
इसलिए (d) सही उत्तर है।

प्रश्न 3.
लोह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।
उत्तर-
उपरोक्त अभिक्रिया इस प्रकार है-
Fe + 2HCl→ FeCl2 + H2 आयरन क्लोराइड
जिसमें H2 और FeCl2 मिलते हैं। इसलिए (a) सही उत्तर है।

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

प्रश्न 4.
संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर-
संतुलित रासायनिक समीकरण-यदि किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों तथा उत्पादों के परमाणुओं की संख्या समान है तो वह संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है। समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है क्योंकि द्रव्यमान के संरक्षण के नियम के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश। इसके अनुसार दोनों तरफ़ द्रव्यमान समान होना चाहिए और वह तभी संभव है अगर दोनों तरफ़ तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान हो।

प्रश्न 5.
निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है।
(c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है।
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
उत्तर-
(a) N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)
(b) 2H2S (g) + 3O2(g) → 2H2O(1) + 2SO2(g)
(c) Al2 (SO4)3 + BaCl2(s) → 3BaSO4↓ + 2 AlCl3 (aq)
(d) 2K(s) + 2H2O(I) → 2 KOH(aq) + H(g)

प्रश्न 6.
निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए :
(a) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
(b) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(c) NaCl + AgNO3→AgCl + NaNO3
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCI.
उत्तर-
(a) 2HNO3 + Ca (OH)2 → Ca (NO3)2 + 2H2O.
(b) 2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O (c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl.

प्रश्न 7.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए
(a) कैल्शियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड→ कैल्शियम कार्बोनेट + जल
(b) ज़िंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड।
उत्तर-
(a) Ca (OH)2 + CO2→ CaCO3 + H2O
(b) Zn + 2 Ag NO3→ Zn (NO3)2 + 2Ag
(c) 2Al + 3 CuCl2 → 2AlCl3+ 3 Cu
(d) BaCl2 +K2SO4 → BaSO4 + 2 KCl.

प्रश्न 8.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s)
(b) ज़िंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)
(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g)
(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)
उत्तर-
(a) 2 KBr (aq) + BaI2 (aq) → 2KI (aq) + BaBr2 (aq) यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है।
(b) ZnCO3 (s) → ZnO (s) + CO2 (g) यह वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया है।
(c) H2 (g) + Cl2 (g) → 2HCl (g) यह एक संयुक्त अभिक्रिया है।
(d) Mg (s) + 2HCl (aq) → MgCl2 (aq) + H2 (g) यह अभिक्रिया विस्थापन अभिक्रिया है।

प्रश्न 9.
ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)-जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के साथ ऊष्मा का भी उत्सर्जन होता है उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण-
(1) प्राकृतिक गैस का दहन CH4 (g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O (1) + ऊष्मा
(2) कोक का दहन C (s) + O2 (g) → CO2(g) + ऊष्मा
(3) श्वसन के दौरान शरीर में ऊष्मा उत्पन्न –
C6H12O6 (aq) + 6O2 (g) → 6CO2 (g) + 6H2O (I) + ऊर्जा।

ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) -जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण –
(1) कोक की भाप के साथ प्रक्रिया
C (s) + H2O (g) + ऊष्मा → CO (g) + H2 (g)
(2) N2 और O2 की प्रक्रिया
N2(g) + O2 (g) + ऊष्मा → 2NO (g) नाइट्रिक ऑक्साइड
(3) CaCO3 का गर्म होना CaCO3 + ऊष्मा → CaO (s) + CO2 (g).

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

प्रश्न 10.
श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं ? वर्णन कीजिए।
अथवा
श्वसन क्रिया को उष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा हमें भोजन से प्राप्त होती है। पाचन क्रिया के दौरान खाद्य पदार्थ छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। जैसे चावल, आलू तथा ब्रैड में कार्बोहाइड्रेट होता है। इन कार्बोहाइड्रेट के टूटने से ग्लूकोज़ प्राप्त होता है। यह ग्लूकोज़ हमारे शरीर के कोशिकाओं में मौजूद ऑक्सीजन से मिलकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है। अर्थात् श्वसन क्रिया में उष्मा ऊर्जा पैदा होती है, इसलिए श्वसन क्रिया को उष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 1

प्रश्न 11.
वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर-
संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ प्रदान करता है। वियोजन अभिक्रिया, संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ प्रदान करता है।
संयोजन अभिक्रिया के उदाहरण –
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 2
वियोजन अभिक्रिया के उदाहरण
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 3

प्रश्न 12.
उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत् के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
उत्तर-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 4

प्रश्न 13.
विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर-
विस्थापन अभिक्रिया-जब कोई एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो वह विस्थापन अभिक्रिया होती है।
उदाहरण –
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 5
द्विविस्थापन अभिक्रिया-द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।
उदाहरण
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 6
उदाहरण विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रियाओं का अंतर स्पष्ट करते हैं।

प्रश्न 14.
सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 7

प्रश्न 15.
अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर-
अवक्षेपण अभिक्रिया-जब दो विलयनों को मिलाया जाता है और उनकी अभिक्रिया से श्वेत रंग के एक पदार्थ का निर्माण होता है जो जल में अविलेय है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं। जिस अभिक्रिया में अवक्षेप का निर्माण होता है उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 8
Ba2+ तथा SO4-2 की अभिक्रिया से BaSO4 के अवक्षेप का निर्माण होता है।

प्रश्न 16.
ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए
(a) उपचयन
(b) अपचयन।
उत्तर-
(a) उपचयन-किसी अभिक्रिया में पदार्थ का उपचयन तब होता है जब उसमें ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास होता है।
उदाहरण-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 9

(b) अपचयन-पदार्थ का अपचयन तब होता है जब उसमें ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है।
उदाहरण
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 10

प्रश्न 17.
एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
उत्तर-
यह तत्व ‘X’ कॉपर है क्योंकि कॉपर ही एक भूरे रंग का चमकदार तत्व है जो वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर काले रंग का हो जाता है, क्योंकि यह O, के साथ अभिक्रिया करके कॉपर ऑक्साइड बनाता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 11

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

प्रश्न 18.
लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं ?
उत्तर-
पेंट करने से लोहे के पदार्थ का ऊपरी भाग छुप जाता है। वह वायु के साथ सीधे संपर्क में नहीं आता जिसके कारण उसमें जंग नहीं लगता। इसलिए पेंट करने से हम लोहे के उस पदार्थ को जंग लगने से बचा सकते हैं।

प्रश्न 19.
तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
उत्तर-
तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ को वायुरोधी बर्तनों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है। तेल एवं वसायुक्त पदार्थ को नाइट्रोजन से भी इसीलिए युक्त किया जाता है ताकि उसमें उपचयन न हो सके।

प्रश्न 20.
निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए
(a) संक्षारण
(b) विकृतगंधिता।
उत्तर-
(a) संक्षारण (Corrosion)-लोहे की बनी हुई वस्तुएँ चमकीली होती हैं लेकिन कुछ समय पश्चात् उन पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ जाती है। आमतौर पर इस प्रक्रिया को लोहे पर जंग लगना कहते हैं। कुछ अन्य धातुओं में भी ऐसा ही परिवर्तन होता है। जब कोई धातु अपने आसपास अम्ल, नमी आदि के संपर्क में आती है तब ये संक्षारित होती हैं और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। चाँदी के ऊपर काली पर्त और ताँबे के ऊपर हरी पर्त चढ़ना, संक्षारण के उदाहरण हैं। संक्षारण के कारण कार के ढांचे, पुल, जहाज़ तथा धातु, विशेषकर लोहे से बनी वस्तुओं की बहुत क्षति होती है।

(b) विकृतगंधिता (Rancidity)-वसायुक्त अथवा तैलीय खाद्य सामग्री जब लंबे समय तक रखा जाता है तब उसका स्वाद या गंध में परिवर्तन आ जाता है। उपचयित होने पर तेल और वसा विकृत गंधी हो जाते हैं तथा उनके स्वाद तथा गंध बदल जाते हैं। आमतौर पर तैलीय तथा वसायुक्त खाद्य सामग्रियों में उपचयन रोकने वाले पदार्थ (प्रति ऑक्सीकारक) मिलाये जाते हैं। वायुरोधी बर्तनों में खाद्य सामग्री रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है। क्या आप जानते हैं कि चिप्स बनाने वाले चिप्स की थैली को नाइट्रोजन जैसे गैस से युक्त कर देते हैं ताकि चिप्स का उपचयन न हो सके और उन्हें देर तक संरक्षित रखा जा सके।

Science Guide for Class 10 PSEB रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण InText Questions and Answers

प्रश्न 1.
वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है ?
उत्तर-
यदि मैग्नीशियम रिबन नम वायु के संपर्क में रहता है तो उस पर सफ़ेद रंग की मैग्नीशियम ऑक्साइड की पर्त जम जाती है, यह पर्त मैग्नीशियम के जलने में अवरोध पैदा करती है। इसलिए मैग्नीशियम रिबन को पहले रेगमार से साफ़ किया जाता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखें.
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन→ हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमीनियम सल्फेट→ बेरियम सल्फेट + एलुमीनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल→ सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन।
उत्तर-
(i) H2 + Cl2 → 2HCl
(ii) 3 BaCl2 + Al (SO4)3 → 3 BaSO4 + 2 AlCl3
(iii) 2 Na + 2 H2O→ 2 NaOH + H2

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट का विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं। उत्तर-
(i) BaCl (aq) + Na2SO4 (aq) → BaSO4 (s) + 2NaCl (aq)
(ii) NaOH (aq) + HCl (aq) → NaCl (aq) + H2O (I)

PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

प्रश्न 4.
किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है।
(i) पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-
(i) ‘X’ का नाम है-बिना बुझा चूना अर्थात् कैल्शियम ऑक्साइड, सूत्र = Cao
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 12

प्रश्न 5.
क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
उत्तर-
जल के वैद्युत् अपघटन में निम्न अभिक्रिया होती है-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 13
इस अभिक्रिया में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन 2 : 1 की मात्रा में मिलती है।
दुगुनी पाई जाने वाली गैस हाइड्रोजन है।

प्रश्न 6.
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर-
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो वह नीले रंग से भूरे रंग का हो जाता है। यह कॉपर सल्फेट के घोल में से कॉपर को प्रस्थापित करने की क्षमता रखता है।
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 14
कॉपर इस अभिक्रिया के दौरान CuSO4 का नीला रंग धीरे-धीरे फीका होता जाता है।

प्रश्न 7.
BaCl, तथा NaSo, के बीच की अभिक्रिया (क्रियाकलाप 1.10 ) से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
PSEB 10th Class Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 15

प्रश्न 8.
निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए :
(i) 4Na(s) + O2 (g) → 2Na2O (s)
(ii) Cuo (s) + H2 (g) → Cu (s) + H2O (I)
उत्तर-
(i) 4Na (s) + O2 (g)→ 2Na2O (s)
उपचयित पदार्थ = Na
अपचयित पदार्थ = O2,

(ii) CuO (s) + H2 (g) → Cu (s) + H2O (I)
उपचयित पदार्थ = H2
अपचयित पदार्थ = CuO

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पादप जगत् को कितने उप-जगतों में विभाजित किया गया है ? उप-जगत् क्रिप्टोगैमी का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
पादप जगत् (Division Planate) को दो उप-जगतों (i) क्रिप्टोगैमी (Cryptogamme) तथा फैनेरोगैमी (Phanerogamme) में विभाजित किया गया है।

उप-जगत् क्रिप्टोगैमी – इसके निम्नलिखित लक्षण हैं-

  1. इनमें जड, तने और पत्ते विकसित नहीं होते।
  2. इसमें जनन अंग छिपे हुए होते हैं। इसलिए दिखाई नहीं देते।
  3. इनमें पुष्प भ्रूण अवस्था तथा बीज नहीं होते।

इन्हें फिर तीन डिवीज़नों में विभाजित किया गया है।

  1. डिवीजन थैलोफाइटा (Division Thallophyta)
  2. डिवीजन ब्रायोफाइटा (Division Bryophyta)
  3. डिवीजन टैरीडोफाइटा (Division Pteridophyta) ।

डिवीज़न थैलोफाइटा – इसके निम्नलिखित लक्षण हैं-

  1. इन पौधों का शरीर जड़, तना तथा पत्ती में विभाजित नहीं होता।
  2. इन पौधों के शरीर को सुकाय (Thallus) कहते हैं।
  3. जनन अंग सरल और साधारण होते हैं।
  4. इन पौधों के युग्मक में भ्रूण नहीं बनता। शैवाल, कवक तथा लाइकन इस डिवीज़न के अंतर्गत आते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 1

शैवाल के लक्षण-

  • यह सामान्य जल में पाए जाते हैं।
  • इन पौधों में क्लोरोफिल होता है और ये अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
  • इनका सूकाय एक कोशिकीय तथा बहुकोशिकीय और तंतुमय होता है।
  • इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज और पैकटिक पदार्थों की बनी हुई होती है।
  • ये अन्य पौधों की छालों पर, नम भूमि तथा दीवारों पर पाए जाते हैं।
  • इनमें भोजन पदार्थ मांड के रूप में संचित होता है। स्पाइरोगाइरा, यूलोथ्रिक्स, क्लेडोफोरा, अल्वा आदि मुख्य शैवाल हैं।

कवकों के लक्षण-

  1. इनमें पर्ण हरित (Chlorophyll) नहीं पाया जाता इसलिए ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते।
  2. ये परजीवी तथा मृतोपजीवी या विषमपोषी होते हैं।
  3. ये धागों जैसी रचनाओं जिन्हें कवक तंतु कहते हैं, के बने होते हैं, जो एक कोशिकीय या बह कोशिकीय होते हैं।
  4. कवक तंतु से निर्मित सूकाय को माइसीलियस कहते हैं।
  5. इनकी कोशिका भित्ति काइटन या कवक सेल्यूलोज या दोनों की बनी होती है।
  6. इनमें संचित भज्य पदार्थ तेल, वोल्यूटिन या ग्लाइकोजन के रूप में होता है। यीस्ट, राइजोपस, पेनिसिलियम, म्यूकर आदि मुख्य कवक हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2

लाइकेन (Lichens) के लक्षण-
ये शैवाल तथा कवक के परस्पर सहयोग से बने सहजीवी पौधे हैं। ये पौधों जैसे प्रतीत होते हैं। शैवाल अवयव नीले हरे शैवाल अथवा हरे शैवाल होते हैं। शैवाल कवक को भोजन प्रदान करते हैं। कवक अवयव, शैवाल को खनिज, जल और सुरक्षा प्रदान करते हैं। ऐसा जीवन जिसमें दोनों सहयोगियों को एक-दूसरे से लाभ प्राप्त हो, को सहजीवन लाइकेन फोलिओज़ फ्रक्टिकोज लाइकेन (Symbiosis) कहते हैं। ये वृक्षों की छालों, नंगी चट्टानों, दीवारों तथा घरों की छत्तों आदि पर उगते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2 1

पार्मेलिया, ग्रेफिस, गाइरोफाइरा तथा असनिया मुख्य लाइकेन हैं।

डिवीज़न ब्रायोफाइटा के लक्षण-इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इन पौधों का शरीर, जड़, तना तथा पत्तों जैसी रचनाओं में बंटा होता है।
  2. ये नमी वाले तथा छायादार स्थानों पर उगते हैं।
  3. इनमें संवहन ऊतक नहीं होते।
  4. इनमें युग्मकोद्मिद स्वतंत्र होता है तथा यह मुख्य पौधा होता है।
  5. ये युग्मकोद्मिद (Gametophyte) तथा बीजाणु उदभिद् (Sporophyte) पीढ़ी प्रदर्शित करते हैं।

इस खंड को निम्नलिखित दो वर्गों में बांटा गया है-
वर्ग 1. हिपेटिसी (Hepaticae) – इनका सुकाय चपटा और डारसीवेंट्रफ होता है। यह हरा सूकाय है। उदाहरणरिक्सीया (Riccia), मारकेंशिया।

वर्ग 2. मसाई (Musci) – मसाई समूह में नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, पौधे का शरीर तने तथा पत्ती जैसी रचनाओं में बंटा होता है और यह वनस्पति धरती पर मेराइनोइस (Rhizoids) द्वारा लगाई जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2 2

डिवीज़न टैरीडोफाइटा के लक्षण – इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इनका शरीर जड़, तना तथा पत्तियों में विभाजित होता है।
  2. इसमें जनन अंग बहुकोशिकीय होते हैं।
  3. इनमें स्पोरेंजियम पत्ती की निचली सतह पर विकसित होते हैं।
  4. इनमें निषेचित अंडे से भ्रूण बनता है।
  5. पौधे पीढ़ी एकांतरण दर्शाते हैं।
    उदाहरण टैरिस, सिलैजिनैला फर्न।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 3

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 2.
उप-जगत् फैनेरोगैमी के लक्षण बताओ। इसके विभिन्न उपखंडों का चित्र बनाकर वर्णन करो।
उत्तर-
फैनेरोगैमी के लक्षण- इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इनका शरीर जड़, तना तथा पत्तियों में विभाजित होता है।
  2. इनमें संवहन ऊतक जाइलम तथा फ्लोएम बंडलों के रूप में उपस्थित होते हैं।
  3. इनमें बहुकोशिकीय जनन अंग होते हैं।
  4. इन पौधों में निषेचित अंडे से भ्रूण का निर्माण होता है।
  5. इन्हें बीजों वाले पौधे कहते हैं।

इन बीजों वाले पौधों को निम्नलिखित दो उप-खंडों में विभाजित किया गया है-
(i) जिम्नोस्पर्म अथवा नग्न बीजी (Gymnosperms)
(ii) एंजिओस्पर्म (Angiosperms)

(i) जिम्नोस्पर्म अथवा नग्न बीजी पौधों के लक्षण-

  1. इन पौधों के फूलों को कोन (cone) कहते हैं। फूलों में दल तथा बाह्य दल नहीं होते।
  2. इनके बीज नग्न होते हैं।
  3. इनके जननांग शंकु के आकार के होते हैं।
  4. इनमें बीजांड गुरु बीजाणुपर्ण (megasporophyll) की सतह पर लगे हुए होते हैं।
    पाइनस, चील, देवदार आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।
  5. निषेचन के बाद एक या एक से अधिक भ्रूण उत्पन्न होते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 4

(ii) ऐंजियोस्पर्म पौधों के लक्षण-

  1. इन पौधों के तने शाकीय अथवा काष्ठीय होते हैं।
  2. इनमें शाक, झाड़ी तथा वृक्ष आते हैं।
  3. इनके फूलों में दल तथा बाह्य दल पाए जाते हैं।
  4. इनके बीज फलों से ढके रहते हैं। इसे निम्नलिखित दो भागों में विभाजित किया जाता है-

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 5

(i) द्विबीज पत्री (Dicotyledonous) – इनमें दो बीज-पत्र होते हैं।
उदाहरण – मटर तथा चना।

(ii) एक बीज पत्री (Monocotyledonous) – इनमें एक बीज-पत्र होता है।
उदाहरण – गेहूँ, मक्का तथा चावल आदि।

प्रश्न 3.
जंतु (प्राणी) जगत् के मुख्य फाइलमों के नाम लिखो। इनमें से प्रत्येक की एक या दो मुख्य विशेषताएं तथा उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
जंतुओं (प्राणियों ) के कुछ प्रमुख फाइलम तथा उनके लक्षण और उदाहरण-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 6
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 7
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 8

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 4.
जंतु (प्राणी) जगत् के फाइलम प्रोटोजोआ तथा पोरीफैरा के लक्षणों का उदाहरण सहित वर्णन करो।
उत्तर-
फाइलम प्रोटोजोआ के लक्षण-

  1. ये अति आदिम तथा एक कोशिकीय जीव हैं।
  2. कुछ प्रोटोजोआ मृदु जल तथा समुद्रीय जल में पाए जाते हैं। इनमें कुछ स्वतंत्र जीवी तथा परजीवी भी होते हैं।
  3. इनमें प्रचलन कूट पाद, फ्लैजला अथवा सिलिया द्वारा होता है।
  4. इनमें पोषण जंतुसम (holozoic), पादपसम (Holophytic) तथा विषमपोषी होता है।
  5. इनमें श्वसन शरीर की सामान्य सतह द्वारा होता है।
  6. इनमें जनन खंडन अथवा बहुखंडन विधि अथवा सिस्ट उत्पत्ति द्वारा होता है।
    अमीबा, यूग्लीना, पैरामीशियम, प्लाजमोडियम तथा ट्रिपनोसोमा इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 9

फाइलम पोरीफेरा के लक्षण-

  1. ये बहु-कोशिकीय होते हैं।
  2. ये प्रायः समुद्री जल में पाए जाते हैं।
  3. इनकी देहभित्ति दो स्तरों की बनी हुई होती है।
  4. इनमें तंत्रिका तंत्र तथा कंकाल तंत्र विकसित नहीं होती है।
  5. इनमें नाल तंत्र (Canal System) उपस्थित होती है।
  6. इनमें शरीर में छोटे-छोटे छिद्र और एक बड़ा छिद्र (Osculum) पाया जाता है।
  7. इनकी देह भित्ति की आंतरिक परत पर कालर कोशिकाएं पायी जाती हैं।
    स्पंज, साइकॉन युप्लेक्टेला तथा स्पंजिला इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 10

प्रश्न 5.
फाइलम सीलेन्ट्रेटा तथा प्लैटीहैलमिन्थीज के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम सीलेंट्रेटा के लक्षण-

  1. ये समुद्रों और ताज़े पानी में पाए जाते हैं। हाइड्रा (Hydra) ताजे पानी का जीव है।
  2. ये एकल अथवा कोलोनियल होते हैं।
  3. इनके कोलोनियल जीवों में पीढ़ी रूपांतरण होता है।
  4. इसके कुछ जंतुओं में लाइम का बाह्य कंकाल होता है। (कोरल)
  5. इनमें जनन अलैंगिक कलिका उत्पादन द्वारा तथा लैंगिक जनन मैडूयसा द्वारा होता है।
  6. इनमें स्टिंगिंग कोशिकाएं होती हैं जिन्हें निडोब्लास्ट कहते हैं।
  7. इन जंतुओं की रेडियल समिती होती है।
  8. इनमें दंश कोशिकाएं टैटेकलस पर पाई जाती हैं।
    हाइड्रा, ओबिलिया, सी-एनीमोन तथा मूंगा इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 11

फाइलम प्लैटीहैलमिंथीज के लक्षण-

  1. ये प्रायः चपटे कृमि होते हैं।
  2. ये अधिकतर परजीवी होते हैं।
  3. इनका शरीर तीन स्तरों (layers) का बना हुआ होता है अर्थात् यह जंतु त्रिप्लोब्लास्टिक है।
  4. इनका शरीर पृष्ठ, अधर चपटा (dorsoventrally flattened) होता है।
  5. यह तरल आहार, पारगम्य विधि (Osmosis) द्वारा अवशोषित है।
  6. इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।
  7. ये प्रायः द्विलैंगिक होते हैं तथा इनका जनन तंत्र जटिल होता है।
  8. इन जंतुओं में शरीर गुहा नहीं होती।
    फीता कृमि, प्लेनेरिया तथा लिवर फल्यूक इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 12

प्रश्न 6.
फाइलम अर्थोपोडा तथा एकाइनोडर्मेटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 13
फाइलम अर्थोपोडा के लक्षण-

  1. इनका शरीर खंड युक्त होता है।
  2. इनके खंड पर प्रायः एक जोड़ी संधि युक्त टांगें होती हैं।
  3. इनका शरीर बाहर की ओर जुड़ा हुआ तथा द्विपार्श्व सममित होता है।
  4. इनमें शरीर गुहा (Haemocoel) होती है।
  5. इसके मुंह के भागों पर पार्श्व जबड़े होते हैं जो फाड़ने, काटने तथा चबाने तथा चूसने के लिए रूपांतरित होते हैं।
  6. इनके शरीर का काइटिन का बना कठोर निर्जीव तथा बाह्य कंकाल होता है।
  7. इनका परिवहन तंत्र खुले प्रकार का होता है।

कॉकरोच, प्राण (पेलिमोन), केंकड़ा, बिच्छू, मक्खी, मधुमक्खी, मच्छर, सैंटीपीड, मिलिपीड आदि इस फाइलम के मुख्य उदाहरण हैं।

फाइलम एकाइनोडर्मेटा के लक्षण-

  1. इस फाइलम के जंतुओं की त्वचा कांटेदार (spinous) होती है।
  2. इनके शरीर के खंड (segments) नहीं होते।
  3. इनकी त्वचा शरीर के बाहर की ओर कांटेदार चूने की (CaCO3) कवच बनाती है।
  4. इस फाइलम के लगभग सभी जंतु समुद्रों में पाए जाते हैं।
  5. इनमें सीलोम तथा जल संवहन तंत्र (water vascular system) पाया जाता है।
  6. इनका प्रचलन खोखली माल पाद की सहायता से होता है। (7) इनमें लिंग अलग-अलग भी होते हैं और कुछ द्विलिंगी भी होते हैं।
  7. इनमें पुनरुद्भवन (Regeneration) की क्षमता होती है।
    समुद्री आर्चिन, सितारा मछली, एंटीडॉन तथा होलोथुरिया या सी-कुकम्वर इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 14

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 7.
अधिवर्ग मत्स्य के लक्षण बताइए। इसे कितने वर्गों में बांटा गया है ? प्रत्येक का उदाहरण सहित वर्णन करो।
उत्तर-
अधिवर्ग मत्स्य (Superclass Pisces) – इसमें सभी मछलियां आती हैं। ये नदियों, तालाबों, पोखरों, नहरों व समुद्रों में पाई जाती हैं । इसके निम्नलिखित लक्षण हैं –

  1. इनका शरीर असमतापी तथा धारारेखित होता है।
  2. ये क्लोम (gills) द्वारा श्वसन करती हैं।
  3. इनका बाह्य कंकाल शल्कों का बना हुआ होता है।
  4. इनमें पार्श्व रेखा तंत्र उपस्थित होता है।
  5. इनमें बाह्य कान नहीं होते।
  6. इनके हृदय में एक आलिंद तथा एक निलय दो भाग होते हैं।

अधिवर्ग मत्स्य को निम्नलिखित तीन वर्गों में विभाजित किया गया है-
1. वर्ग प्लेकोडर्मी (Placodermi) – इस वर्ग की मछलियाँ अब लुप्त हो गई हैं । इनके के वल जीवाश्म ही पाए जाते हैं।
उदाहरण – क्लाइमेटियस।

2. वर्ग कांडिकथीज (Chondrichthyes) के लक्षण-

  • इस वर्ग की मछलियाँ प्रायः समुद्रों में पाई जाती हैं।
  • इनका अंत: कंकाल उपास्थि का बना होता है ।
  • इनका बाह्य कंकाल शल्कों का बना होता है।
  • इनके दांत एक ही आकार के होते हैं।
  • इनमें श्वसन गलफड़ों द्वारा होता है तथा गिल्ज की संख्या 5-7 तक होती है।
  • कुत्ता मछली, विद्युत् मीन, टोरपीडो आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 15

3. वर्ग आस्टिक्थीज़ (Osteichthyes) के लक्षण-

  • इनका अंतः कंकाल अस्थि का बना हुआ होता है।
  • यह समुद्रों, नहरों, नदियों, तालाबों आदि में पाई जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 16

  • इनका मुख अग्र होता है तथा जबड़े पूरी तरह विकसित होते हैं।
  • इनके गिल्स आपरकुलम की सहायता से ढके हुए होते हैं।
  • इस वर्ग की कुछ मछलियों में वाताशय (Air bladder) भी पाए जाते हैं।
  • इस वर्ग की मछलियाँ एक-लिंगी होती हैं।
    एनाबास, रोहू, उड़ने वाली मछली, दरियाई घोड़ा तथा लंगफिश इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 17

प्रश्न 8.
जलस्थलचर श्रेणी तथा सरीसृप श्रेणी के जीवों के लक्षण बताओ।
उत्तर-
जलस्थलचर श्रेणी के लक्षण-

  1. ये जंतु जल तथा थल दोनों स्थानों पर पाए जाते हैं।
  2. इनका शरीर असमतापी (Cold blooded) होता है।
  3. ये गिल्स, त्वचा तथा फेफड़ों द्वारा श्वसन करते हैं।
  4. इनमें अग्रम और पिछले पैर होते हैं।
  5. इनके पैरों की पांच उंगलियां होती हैं।
  6. इनके हृदय के तीन भाग होते हैं।
  7. ये एक लिंगी जंतु हैं।
  8. कई जंतुओं के शरीर पर दाने (warts) होते हैं।
    मेंढक, टोड, हाइला तथा सेलेमेंडरा इस वर्ग के मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 18

सरीसृप श्रेणी के मुख्य लक्षण-

  1. यह रींगने वाले जंतु हैं। इनकी त्वचा सूखी तथा ग्रंथि विहीन होती है।
  2. इनकी त्वचा पर शल्क होते हैं।
  3. इनका अंत: कंकाल उपचर्नीय शल्कों का बना होता है।
  4. इनमें दो जोड़ी पांच अंगुली पाद होते हैं।
  5. ये असमतापी जंतु हैं।
  6. इनका शरीर सिर, ग्रीवा, धड़ तथा पूंछ में विभाजित होता है।
  7. इनकी लंबाई और भार काफ़ी अधिक हो सकती है।
  8. ये प्रायः स्थलीय जंतु हैं तथा गर्म प्रदेशों में पाए जाते हैं।
  9. यह एक लिंगी जंतु है। इनमें निषेचन मादा के शरीर के अंदर होता है।
    छिपकली, सांप, कछुआ तथा मगरमच्छ रेप्टीलिया या सरीसृप वर्ग के मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 19

प्रश्न 9.
पक्षी श्रेणी तथा स्तनधारी श्रेणी के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 20

 

पक्षी श्रेणी के लक्षण-

  1. ये समतापी (Warm blooded) जंतु हैं।
  2. इनका शरीर पखे की तरह होता है।
  3. इनमें चोंच उपस्थित होती है परंतु दांत नहीं होते।
  4. इनकी त्वचा पर तेल और सफेद रंग की ग्रंथियां पाई जाती हैं।
  5. इनके हृदय के चार कोश-दो आलिंद तथा दो निलय होते हैं।
  6. इन जंतुओं के कान होते हैं और शरीर पंखों से ढका होता है।
  7. इनकी त्वचा पर तेल और सफेद रंग की ग्रंथियां पाई जाती हैं। इन जंतुओं के रक्त में लाल रक्ताणु पाए जाते हैं जिनमें केंद्रक नहीं होता।
  8. इनके अंडे पीत युक्त होते हैं तथा इनमें भ्रूण झिल्लियां भी पाई जाती हैं।
  9. इनमें श्वसन तंत्र के साथ वायुकोश होते हैं।
  10. इनमें स्तन ग्रंथियाँ होती हैं।
  11. इनके अग्रपाद पंखों में रूपांतरित होते हैं।
  12. इनकी अस्थियां हल्की होती हैं तथा अंतः कंकाल छिद्रयुक्त होता है।
    कबूतर, तोता, कौआ, गोरैया, शुतुरमुर्ग, मोर आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।

स्तनधारी श्रेणी के लक्षण-

  1. यह समतापी जंतु है।
  2. ये विभिन्न आकार के होते हैं तथा इनके शरीर पर बाल होते हैं।
  3. इनमें बाह्य कान उपस्थित होता है।
  4. पेट में पेट पर्दा (डायाफ्राम) होता है।
  5. इनकी त्वचा पर तेल तथा स्वेद ग्रंथियां पाई जाती हैं।
  6. इनके हृदय के चार कोश-दो आलिंद तथा दो निलय होते हैं।
  7. इनमें लाखों रक्त कणिकाएं होती हैं जो केंद्रक विहीन होती हैं।
  8. इनके दांत विषदंती (Heterodont) तथा गर्तदंती (Thecodont) होते हैं। ये जीवन में दो बार निकलते हैं।
  9. ये बच्चों की बहुत अधिक देखभाल करते हैं।
    चूहा, बंदर, कंगारू, हाथी, चमगादड़, गिलहरी, शेर, मनुष्य आदि इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वर्गिकी (Taxonomy) तथा वर्गीकरण पद्धति (Systematics) क्या है ?
उत्तर-
वर्गिकी (Taxonomy) – जीव विज्ञान की वह शाखा जिसका संबंध सजीवों के वर्गीकरण से हो, वर्गिकी कहलाती है।

वर्गीकरण पद्धति (Systematics) – वर्गीकरण विज्ञान का वर्गीकरण पद्धति वर्गिकी से भिन्न है। यह सभी जीवों की विविधता है। वर्गीकरण पद्धति में सजीवों को उनके गुणों तथा परस्पर निर्भरता के आधार पर भिन्न-भिन्न समूहों में बांटा जाता है।

प्रश्न 2.
वर्गीकरण क्या है ?
इसके महत्त्व बताइए।
उत्तर-
वर्गीकरण (Classification) – जीवों को उनकी समानताओं तथा असमानताओं के आधार पर विभिन्न ग्रुपों में विभाजित करने की विधि को वर्गीकरण कहते हैं।

वर्गीकरण का महत्त्व – वर्गीकरण निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण है-

  1. यह विभिन्न प्रकार के जीवों के अध्ययन को सरल बनाता है।
  2. यह सभी जीवों की एकदम स्पष्ट तस्वीर प्रदान करता है।
  3. यह जीवों के विभिन्न समूहों के बीच संबंध के बारे में बतलाता है।
  4. यह जीव विज्ञान की अन्य शाखाओं को आधार प्रदान करता है।
  5. भूगोल का अध्ययन पूर्णतया पौधों तथा जंतुओं के वर्गीकरण पर आधारित है।
  6. जीव विज्ञान की अन्य शाखाएं जैसे परिस्थितिकी, कोशिका विज्ञान, कायिकी आदि का विकास वर्गीकरण के कारण ही संभव हुआ है।

प्रश्न 3.
जीवों के स्थानीय नाम क्यों पर्याप्त नहीं हैं ? वैज्ञानिक नामों के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
जीवों को पहचानने के लिए स्थानीय नाम पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि स्थानीय नाम भिन्न-भिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए एक कुत्ते को हिंदी में कुत्ता, तमिल में ‘नाई’ तथा बंगला में ‘कुकुर’ कहते हैं। इसी प्रकार अन्य जीवों के लिए भी भिन्न-भिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न नाम प्रयोग किए जाते हैं। इसलिए जीवों को संसार में सभी स्थानों पर जानने के लिए स्थानीय नाम पर्याप्त नहीं है।

सारे संसार में जंतुओं को जानने तथा पहचानने के लिए वैज्ञानिक नाम देना अति आवश्यक है। पौधों तथा जंतुओं को नाम देना नामकरण कहलाता है। जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की पद्धति कोरोलस लिनियस ने दी। इसे द्विपद नाम पद्धति कहते हैं। इस पद्धति के अनुसार सारे संसार में किसी भी जीव का नाम एक ही रहेगा। इस प्रकार स्थानिक नामों द्वारा पैदा हुई समस्या समाप्त हो गई।

वैज्ञानिक नाम रखने के लाभ – वैज्ञानिक नाम रखने से समस्त विश्व में सजीवों की पहचान आसान हो गई है तथा हर प्रकार की कठिनाई समाप्त हो गई है।

प्रश्न 4.
वर्गीकरण की विभिन्न श्रेणियां बताइए।
उत्तर-
वर्गीकरण की विभिन्न श्रेणियां निम्नलिखित हैं-

(1) जगत (Kingdom) सर्वोच्च श्रेणी जिसमें सभी जंतु तथा पौधे शामिल हैं।
(2) फाइलम (Phylum) यह वर्ग से उच्चतम होती है। वर्गों को मिलाकर फाइलम बनाते हैं।
(3) वर्ग (Class) आर्डरस मिलकर वर्ग बनाते हैं।
(4) आर्डर (Order) कुल मिलकर आर्डर बनाते हैं।
(5) कुल (Family) इसमें प्रजातियां शामिल हैं।
(6) जीनस (Genus) जातियां मिलकर जीनस अथवा प्रजाति बनाती हैं।
(7) जाति (Species) यह जीवों की निम्नतम श्रेणी है।
(एक समान गुणों और आपस में जनन करने वाले सजीव आते हैं।)

प्रश्न 5.
बाघ तथा आम का श्रेणीबद्ध वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर-
बाघ तथा आम का श्रेणीबद्ध वर्गीकरण-

श्रेणी बाघ (Tiger) आम (Mango)
जगत (Kingdom) एनिमेलिया पादप (Plantae)
ह्यसंघ (Phylum) कार्डेटा ट्रेकियोफाइटा (Tracheophyta)
उपसंघ (Sub-Phylum) वर्टिब्रेटा …………….
वर्ग (Class) स्तनधारी मौंगलिओपसिडा (Magnoliopsida)
गण (Order) कार्निवोरा सेपिंडेलस (Spindal)
वंश (Genus) पेंथेरा मैंगिफेरा (Mangifera)
जाति (Species) टाइग्रिस इंडिका (indica)

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 6.
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पौधों में अंतर बताओ।
उत्तर-
दविबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पौधों में अंतर-

द्विबीजपत्री एकबीजपत्री
(1) इनके बीज में दो बीजपत्र होते हैं। (1) इनके बीज में केवल एक बीजपत्र होता है।
(2) इनकी पत्तियों में जालिकावत शिरा विन्यास होता है। (2) इनकी पत्तियों में समानांतर शिरा विन्यास होता है।
(3) इनमें मूसला जड़ तंत्र पाया जाता है। (3) इनमें रेशेदार जड़ तंत्र पाया जाता है।
(4) इनमें द्वितीयक वृद्धि होती है। (4) इनमें द्वितीयक वृद्धि नहीं होती।
(5) इनमें पुष्प पंचतयी होते हैं। (5) इनके पुष्प त्रिपयी होते हैं।

प्रश्न 7.
शैवाल का आर्थिक महत्त्व बताओ।
उत्तर-
शैवाल का आर्थिक महत्त्व-

  1. यह मछली तथा अन्य जलीय जंतुओं हेतु भोजन प्रदान करती है।
  2. यह जल में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के समुचित संतुलन का प्रबंध करती है।
  3. यह जल को स्वच्छ रखती है।
  4. यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।
  5. शैवाल की कुछ जातियों से आयोडीन प्राप्त होती है।
  6. रेड एल्गी से (जैसे जिलेडियम) अगर-अगर (Agar-Agar प्राप्त होता है।
  7. कुछ शैवालों से दवाइयाँ बनाई जाती हैं।
  8. कुछ शैवाल तेलीय पदार्थ स्रावित करते हैं।

प्रश्न 8.
फाइलम एनीलिडा के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम एनीलिडा के सामान्य लक्षण-

  • ये जीव पानी, नमी युक्त स्थानों तथा समुद्र में पाए जाते हैं।
  • ये लंबे शरीर वाले जंतु त्रिस्तरीय होते हैं।
  • इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 21

  • इनमें नैफरिडिया द्वारा उत्सर्जन होता है।
  • शरीर को गति सीट (Setae) अथवा पेरापोडिया (Parapodia) द्वारा मिलती है।
  • इनमें एक लिंगी, दो लिंगी दोनों तरह के जीव पाये जाते हैं।
  • इनके तंत्रिका तंत्र में एक अर्ग नर्व रिंग तथा एक अधर नर्वकार्ड पायी जाती है।
    केंचुआ, नेरिज़ तथा जोंक इसके मुख्य उदाहरण हैं।

प्रश्न 9.
फाइलम मोलस्का के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम मोलस्का के लक्षण-

  1. यह जीव जलीय तथा स्थलीय दोनों प्रकार के होते हैं।
  2. इनका शरीर कोमल तथा अखंडित होता है।
  3. इनके शरीर में सिर, पाद तथा पिंडक तीन भाग होते हैं।
  4. इनमें लिंग प्रायः अलग-अलग होते हैं।
  5. यह गिल्स द्वारा श्वसन करता है जिन्हें टिनिया कहते हैं।
  6. यह पादों द्वारा प्रचलन करता है।
    पाइला, यूनिओ, काइटन तथा ओक्टोपस इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 22

प्रश्न 10.
संघ नीमेटोडा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
संघ नीमेटोडा के लक्षण-

  1. इनमें प्रायः गोल कृमि आते हैं।
  2. इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।
  3. इनका शरीर तीन स्तरों का बना होता है तथा अखंडित है।
  4. इनमें श्वसन अंग तथा संवहन तंत्र अनुपस्थित होता है।
  5. शारीरिक गुहा शुद्ध नहीं होती।
  6. इनकी आहार नाल में पेशी स्तर नहीं होता परंतु यह पूर्ण होती है। गोल कृमि, ऑक्सीयूरिस, पिन वर्म इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 11.
कॉर्डेटा की चार मुख्य विशेषताएं क्या हैं ?
उत्तर-
कॉर्डेटा की चार मुख्य विशेषताएं-कॉर्डेटा की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  1. नालाकार नर्वकार्ड – इनमें एक खोखली नालाकार नर्वकार्ड अथवा तंत्रिका रज्जु पाई जाती है।
  2. नोटोकार्ड की उपस्थिति – सभी कॉर्डेटा में जीवनभर या जीवन की किसी अवस्था में एक ठोस लचीली नोटोकार्ड पायी जाती है।
  3. ग्रसनी क्लोम दरारें (Pharyngeal gill slits) – सभी कॉर्डेटों में एक छिद्रित ग्रसनी पाई जाती है। यह लारवा अवस्था में अथवा सारे जीवन में रहती है।
  4. गुदा के पीछे पूंछ – सभी कॉडेंटों की गुदा के पीछे पूंछ पायी जाती है।

प्रश्न 12.
नॉन-कॉर्डेटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
नॉन-कॉर्डटा के लक्षण-

  1. इसमें नोटोकार्ड नहीं होता।
  2. इनमें गिल्स उपस्थित होती हैं तथा श्वसन प्रायः बाह्य त्वचा से होता है।
  3. इसमें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र ठोस होता है।
  4. ये जंतु प्रायः जल में पाए जाते हैं।
  5. इनमें रुधिर प्रायः रंगहीन होता है।
  6. इसमें वास्तुविक पूंछ नहीं होती तथा अस्थि कंकाल अनुपस्थित होता है।

प्रश्न 13.
संघ हेमीकाटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
संघ हेमीकाटा के मुख्य लक्षण-

  1. इनका शरीर द्विपार्श्व सममिति होता है।
  2. यह जंतु प्रायः समुद्र में पाए जाते हैं।
  3. इनमें काटा और नॉन-कॉडेटा दोनों के लक्षण पाए जाते हैं।
  4. इनकी ग्रसनी के बाहर की ओर क्लोम दरारें श्वसन में सहायक होती हैं।
  5. यह कृमि एक लिंगी होते हैं।
  6. इनके शरीर के तीन भाग होते हैं। शुंड (Proboscis), कालर और धड़ (Trunk)।
  7. ये कृमि रूपी जंतु होते हैं।
    उदाहरण – बैलेनोग्लोसस, सैफेलोडिस्कस।

प्रश्न 14.
जिम्नोस्पर्मस तथा टेरिडोफाइटा में अंतर बताओ।
उत्तर-
जिम्नोस्पर्मल तथा टेरिडोफाइटा पौधों में अंतर-

जिम्नोस्पर्मस टेरिडोफाइटा
(1) यह सम शीतोष्ण कटिबंध (temperate) जलवायु वाले भागों में पाये जाते हैं। (1) यह छायादार तथा नम स्थानों में पाए जाते हैं।
(2) इनमें कैंबियम उपस्थित होता है। (2) इनमें कैंबियम अनुपस्थित होता है।
(3) इनमें पोलेन ट्यूब बनती है। (3) इनमें पोलेन ट्यूब नहीं बनती।
(4) इनमें ग्रीवा नाल कोशिकाएँ नहीं होतीं। (4) इनमें ग्रीवा नाल कोशिकाएँ उपस्थित होती हैं।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित में अंतर लिखिए-
(क) नॉन कॉर्डेट्स और कॉर्डेट्स
(ख) अस्थिल भीन और उपस्थिमय मीन।
उत्तर-
(क) नॉन कॉर्डेट्स और कॉर्डेट्स में अंतर-

नॉन कॉर्डेट्स कॉडेट्स
(1) केंद्रीय तंत्रिका का तंत्र ठोस है। (1) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र खोखला और नलिकाकार होता है।
(2) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र आहार नाल के नीचे अधर तल पर होता है। (2) कंद्रीय तंत्रिका तंत्र आहार नाल के पीछे होता है।
(3) क्लोम विदर नहीं पाए जाते हैं। (3) क्लोम विदर पाए जाते हैं।
(4) नोटोकॉर्ड नहीं पाई जाती। (4) नोटोकॉर्ड पाई जाती है।
(5) आहार नाल के पिछले हिस्से में हृदय पाया जाता है। (5) आहार नाल के नीचे हृदय विद्यमान होता है।

(ख) अस्थिल मीन और उपस्थिमय मीन में अंतर

अस्थिल मीन उपस्थिमय मीन
(1) इनका कंकाल अस्थियों से निर्मित होता है। (1) इनका कंकाल उपस्थियों से निर्मित होता है।
(2) इनमें वाताशय (Air Bladder) होता है। (2) इनमें वाताशय (Air Bladder) नहीं होता।
(3) इन पर चकाभ और कंकताभ शलक होता है। (3) इन पर फ्लैकॉयड शल्क होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 16.
निम्नलिखित में अंतर लिखिए-
(क) स्तनधारी और उभयचर
(ख) शैवाल और कवक।
उत्तर-
(क) स्तनधारी और उभयचर में अंतर-

स्तनधारी उभयचर
(1) ये प्राय: स्थल पर रहते हैं। (1) यह जल और स्थल दोनों पर रहते हैं।
(2) ये समतायी होते हैं। (2) ये असमतायी होते हैं।
(3) इन पर बाल पाए जाते हैं। (3) इन पर बाल नहीं होते।
(4) इन की त्वचा शुष्क और मोटी होती है। (4) इनकी त्वचा नम और कोमल होती है।
(5) इनके हृदय में चार कक्ष होते हैं। (5) इनके हृदय में तीन कक्ष होते हैं।
(6) इनमें प्रायः बाह्य कान होते हैं। (6) इन में बाह्य कान प्रायः नहीं होते।
(7) ये प्रायः शिशुओं को जन्म देते हैं। (7) इन के बच्चों का जन्म अंडों से होता है।

(ख) शैवाल और कवक में अंतर-

शैवाल कवक
(1) ये जलीय होते हैं। (1) ये स्थलीय होते हैं।
(2) इनकी जनन इकाइयां जलीय प्रवाह के कारण चल होती हैं। (2) इनकी जनन इकाइयां अचल होती हैं।
(3) इन की कोशिका भित्ति सेलुलोज़ से बनी होती है। (3) इनकी कोशिका भित्ति सेलुलोस से बनी होती है।
(4) इनमें भोजन मंड के रूप में होता है। (4) इनमें भोजन ग्लाइकोजन के रूप में होता है।
(5) ये स्वपोषी होते हैं। (5) ये मृत जीवी या परजीवी होते हैं।

प्रश्न 17.
द्विपद् नामपद्धति क्या है ? एक उदाहरण की सहायता से स्पष्ट करिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 23
द्विपद् नामपद्धति – पौधों तथा जंतुओं के नामकरण की यह पद्धति केरोलस लिनियस ने विकसित की थी। इस पद्धति के अनुसार जीवों को वैज्ञानिक नाम दिए जाते हैं। प्रत्येक जंतु तथा पौधे को दो नाम दिए जाते हैं। एक जैनेरिक नाम तथा दूसरा स्पीशीज नाम। जैनेरिक वंश का नाम होता है। लिनियस को उसके इस कार्य के लिए वर्गीकरण विज्ञान का पिता कहा जाता है।

उदाहरणस्वरूप – आम का वैज्ञानिक नाम मैंगीफेरा इंडिका है। सरसों का वैज्ञानिक नाम ब्रासिका कंप्रेस्ट्रिस है। इसी प्रकार मनुष्य जाति का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियंस है। इन सभी नामों में पहला जैनेरिक नाम तथा दूसरा स्पीशीज नाम है।

प्रश्न 18.
वर्गीकरण की द्वि-जगतीय प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं ?
उत्तर-
द्वि-जगतीय प्रणाली – संसार के सभी जीवों-जंतुओं तथा पौधों को दो जगतों में विभाजित किया गया है-
(i) जगत् प्राणी (Animalae),
(ii) जगत् पादप (Plantae)

जगत् प्राणी के लक्षण-

  1. यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकते हैं।
  2. ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते।
  3. इनकी कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती।
  4. इनमें हरे रंग , क्लोरोफिल (पर्णहरित) नहीं होता।

जगत् पादप के लक्षा –

  1. ये एक स्थान पर स्थिर रहते हैं।
  2. यह अपने भोजन का स्वयं निर्माण करते हैं।
  3. इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी हुई होती है।
  4. इनमें हरे रंग का पदार्थ पर्णरहरित होता है।

प्रश्न 19.
जीवाणुओं और कवक को पौधों के साथ वर्गीकत क्यों किया गया है?
उत्तर-
जीवाणुओं तथा कवकों का रंग हरा नहीं होता। ये अपने भोजन दूसरे मृत अथवा जीवित जीवों से प्राप्त करते हैं। फिर भी इन्हें निम्नलिखित कारणों से पादपों के साथ रखा जाता है-

  1. जीवाणुओं तथा कवकों में पादपों के गुण होते हैं।
  2. इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी होती है।
  3. कवक अपना भोजन पौधों के समान घोल अवस्था में लेते हैं।

प्रश्न 20.
आइशलर द्वारा प्रस्तावित वनस्पति वर्गीकरण की रूपरेखा दीजिए।
उत्तर-
आइशलर द्वारा प्रस्तावित वनस्पति वर्गीकरण की रूपरेखा-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 24

प्रश्न 21.
हेमीकॉर्डेटा, यूरोकॉर्डेटा तथा सीफेलोकॉर्डेटा के एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हेमीकॉर्डेटा-उदाहरण-बेलोनोग्लोसस ।
  2. यूरोकॉर्डेटा-उदाहरण-हर्डमानिया।
  3. सीफेलोकॉर्डेटा–उदाहरण-एंफी ओक्सस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 22.
पीढ़ी एकांतरण क्या है ?
उत्तर-
पीढ़ी एकांतरण (Alternation of Generation) – किसी भी पौधे के जीवन काल में दो पीढ़ियों बीजाणु-उद्भिद (Sporophyte) तथा युग्मोकोदिभिद् (Gemetophyte) के एकांतरित रूप में आने को पीढ़ी एकांतरण कहते हैं।
उदाहरण – फर्न तथा मॉस।

प्रश्न 23.
कशेरुका और अकशेरुका प्राणियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-

लक्षण कशेरुका प्राणी अकशेरुका प्राणी
(1) कशेरुका स्तंभ कशेरुकाओं के रूप में विद्यमान। नहीं
(2) मस्तिष्क मस्तिष्क होता है। नहीं
(3) हृदय हृदय भीतर होता है। नहीं या डॉरसल की तरफ
(4) हीमोग्लोबिन लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में होता है नहीं या प्लाज्मा में उपस्थित
(5) कंकाल अस्थि या उपास्थि से निर्मित नहीं
(6) त्वचा अनेक पर्तीय एक पर्तीय
(7) वातनाड़ी रज्जु डॉरसल और खोखली यदि उपस्थित तो ठोस और भीतर

प्रश्न 24.
पौधों के वर्गीकरण को दर्शाते एक चार्ट बनाएं।
उत्तर-
पौधों के वर्गीकरण सम्बन्धी चार्ट-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 25

प्रश्न 25.
जंतुओं के वर्गीकरण को दर्शाते एक चार्ट बनाएं।
उत्तर-
जंतुओं के वर्गीकरण संबंधी चार्ट
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 26

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वर्गीकरण की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
वर्गीकरण (Classification) – जीवों को उनके संबंधों के आधार पर विकास के क्रम में विभिन्न समूहों में विन्यासित करने की विधि को वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 2.
किस वैज्ञानिक को जीव वर्गिकी का जनक कहा जाता है ?
उत्तर-
केरोलस लिनियस।

प्रश्न 3.
स्पीशीज किसे कहते हैं ?
उत्तर-
निकट संबंध तथा संरचना वाले जीवों के समूह जो परस्पर लैंगिक जनन करके जनन में सक्षम संतानों को जन्म दें, उन्हें स्पीशीज कहते हैं।

प्रश्न 4.
पुराने तंत्र के अनुसार विश्व को कितने जगतों में बांटा गया है ?
उत्तर-
दो जगतों में-

  1. जगत् पादप तथा
  2. जगत् जंतु।

प्रश्न 5.
द्विपद नाम पद्धति किसने प्रस्तावित की ?
उत्तर-
स्वीडिश वैज्ञानिक केरोलस लिनियस ने नामकरण की द्विपद नाम पद्धति प्रस्तावित की।

प्रश्न 6.
वनस्पति जगत् के दो उप-जगतों के नाम बताइए।
उत्तर-
वनस्पति जगत् के दो उप-जगत् हैं-

  1. उप-जगत् क्रिप्टोगैमी (Cryptogamae) तथा
  2. उप-जगत् फैनेरोगैमी (Phanerogamae)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 7.
शैवाल (Algae) का हरा रंग किस कारण होता है ?
उत्तर-
पर्ण हरित की उपस्थिति के कारण।

प्रश्न 8.
कवक (fungi) अपना भोगन क्यों नहीं बना सकते ?
उत्तर-
क्योंकि इनमें पर्णहरित नहीं होता।

प्रश्न 9.
आवृतबीजी पौधे कितने प्रकार के होते हैं ? उनके नाम लिखो।
उत्तर-
दो प्रकार के-दविबीजपत्री तथा एक बीजपत्री।

प्रश्न 10.
मछलियां किस अंग के द्वारा श्वसन करती हैं ?
उत्तर-
गिल्ज (गलफड़ों द्वारा )।

प्रश्न 11.
मछलियों के हृदय में कितने कोश पाए जाते हैं ?
उत्तर-
दो-

  1. एक आलिंद तथा
  2. एक निलय।

प्रश्न 12.
ओस्टीकथीज वर्ग के दो जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. रोहू
  2. उड़ने वाली मछलियां (Exocopetus)
  3. लंग फिश।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 13.
फाइलम एकाइनोडर्मेटा के दो अन्य जीवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. समुद्री आर्चिन (Sea urchin)
  2. कुकुमेरिया (Holothuria)
  3. एंटीडॉन (Feather Star) ।

प्रश्न 14.
यूरोकोर्डेटा के दो जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. हर्डमानिया (Herdmania)
  2. ओइकोप्ल्यू रा।

प्रश्न 15.
एक कारटिलेजिनस मछली का नाम बताओ।
उत्तर-
भारतीय शार्क (Scolidlon) ।

प्रश्न 16.
एक बोनी मछली का नाम बताओ।
उत्तर-
लोबियो (रोहू मछली), एक्सोसीटस (Exocoectus)।

प्रश्न 17.
दो सरीसृप जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. छिपकली
  2. साँप ।

प्रश्न 18.
पक्षियों के हृदय में कितने कोश होते हैं ?
उत्तर-
चार। दो आलिंद तथा दो निलय

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 19.
किन्हीं दो स्तनधारी जीवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. बंदर
  2. हाथी।

प्रश्न 20.
जैव विविधता का अध्ययन के अंतर्गत समह बनाने के क्रम में क्या सुनिश्चित किया जाता है ?
उत्तर-
वे विशिष्ट लक्षण जो जीवधारियों में मौलिक अंतर उत्पन्न करते हैं।

प्रश्न 21.
यूनानी विचारक एरिस्टोटल ने जीवों का वर्गीकरण किस आधार पर किया था ?
उत्तर-
उनके स्थल, जल और वायु में रहने के आधार पर।

प्रश्न 22.
समुद्र में रहने वाले पाँच जीवों के नाम लिखिए।
उत्तर-
रवाल, व्हेल, ऑक्टोपस, स्टारफिश, शार्क।

प्रश्न 23.
जो जीव प्रकाश संश्लेषण करते हैं उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर-
हरे पौधे।

प्रश्न 24.
पौधों का शरीर किस आधार पर विकसित होता है ?
उत्तर-
भोजन बनाने की क्षमता के आधार पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 25.
जंतुओं का शरीर किस आधार पर विकसित होता है ?
उत्तर-
भोजन ग्रहण करने के आधार पर।

प्रश्न 26.
जीवों का वर्गीकरण किस वाद से संबंधित है ?
उत्तर-
जैव विकासवाद से।

प्रश्न 27.
जैव विकासवाद की अवधारणा किस ने दी थी ?
उत्तर-
चार्ल्स डार्विन ने।

प्रश्न 28.
डार्विन की जैव विकास की अवधारणा कब प्रकाश में आई थी ?
उत्तर-
सन् 1859 में डार्विन की पुस्तक ‘द ओरिजिन ऑफ स्पीशिज’ नामक पुस्तक से।

प्रश्न 29.
पहले प्रकार के जीवों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-आदिम अथवा निम्न जीव।

प्रश्न 30.
दूसरे प्रकार के जीवों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
उन्नत अथवा उच्च जीव।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 31.
किन और कब तीन वैज्ञानिकों ने सारे सजीवों को किंगडम नामक वर्गों में विभाजित किया था ?
उत्तर-
अन्सर्ट हेकेल (1894), राबर्ट व्हिटेकर (1959) तथा कार्ल बोस (1977) ने।

प्रश्न 32.
व्हिटेकर के वर्गीकरण के पांच किंगडम कौन-से हैं ?
उत्तर-
मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई, प्लांटी और एनीमेलिया।

प्रश्न 33.
व्हिटेकर ने वर्गीकरण का आधार किसे बनाया था ?
उत्तर-
कोशिकीय संरचना, पोषण के स्रोत और तरीके तथा शारीरिक संगठन।

प्रश्न 34.
बोस ने मोनेरा किंगडम को किन दो भागों में बाँटा था ?
उत्तर-
आर्की बैक्टेरिया, यूबैक्टेरिया।

प्रश्न 35.
जीवों को किन उपसमूहों में बांटा गया है ?
उत्तर-
जगत् (किंगडम), जंतु संघ, वर्ग (क्लास), गण (ऑर्डर), कुल (फैमिली), वंश (जीनस), जाति (स्पीशीज)।

प्रश्न 36.
पादप जगत् की जगह किस शब्द का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
डिवीज़न।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 37.
वर्गीकरण की आधारभूत इकाई तक किस प्रकार पहुँचते हैं ?
उत्तर-
वर्गीकरण के पदानुक्रम क्रम में जीवों को विभिन्न लक्षणों के आधार पर छोटे-से-छोटे समूहों में बांटते हुए आधारभूत इकाई तक पहुंचते हैं।

प्रश्न 38.
मोनेरा वर्ग में कौन-से जीव आते हैं ?
उत्तर-
एक कोशिकीय जीव, जिन में कोशिका भित्ति पाई जाती है।

प्रश्न 39.
मोनेरा वर्ग के जीव पोषण के आधार पर कैसे हो सकते हैं ?
उत्तर-
स्वपोषी और विषमपोषी।

प्रश्न 40.
मोनेरा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
जीवाणु, नीली-हरी शैवाल, माइकोप्लाज्मा।

प्रश्न 41.
प्रोटिस्टा वर्ग में गमन के लिए कौन-सी संरचनाएं पाई जाती हैं ?
उत्तर-
सीलिया, फ्लैजेला।

प्रश्न 42.
प्रोटिस्टा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
एक कोशिकीय शैवाल, प्रोटोजोआ, डाइएटमस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 43.
फंजाई पोषण के लिए किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर।

प्रश्न 44.
फंजाई को मृत जीवी क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
फंजाई गले-सड़े कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर करती है इसलिए इसे मृत जीवी कहते हैं।

प्रश्न 45.
फंजाई के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यीस्ट, मशरूम।

प्रश्न 46.
सहजीविता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
कवकों की कुछ जातियां नीले हरे शैवाल के साथ स्थार्य अंतर्संबंध बनाती है जिसे सहजीविता कहते हैं।

प्रश्न 47.
ऐनिमेलिया वर्ग में कौन-से जीव आते हैं ?
उत्तर-
इस वर्ग में सभी बहुकोशिकीय यूकेरियोटिक जीव आते हैं जिनमें कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है।

प्रश्न 48.
थैलोफाइटा वर्ग में प्रमुख रूप से कैसे पौधे पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जल में पाए जाने वाले शैवाल।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 49.
थैलोफाइटा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यूलोथ्रिक्स, स्पाइरोगाइरा, कारा।

प्रश्न 50.
ब्रायोफाइटा के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
मॉस (प्यूनेरिया), मार्केशिया।

प्रश्न 51.
जिन में बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर-
क्रिप्टोगैम्स।

प्रश्न 52.
फेरोगेम्स किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वे पौधे जिनमें जनन ऊतक पूरी तरह विकसित और विभेदित होते हैं तथा जनन प्रक्रिया के बाद बीज उत्पन्न करते हैं, उन्हें फेरोगेम्स कहते हैं।

प्रश्न 53.
एंजियोस्पर्म पौधे क्या हैं ?
उत्तर-
जिन पौधों के बीज फलों के अंदर ढके होते हैं उन्हें एंजियोस्पर्म कहते हैं। इन के बीज बाद में फल बन जाते हैं।

प्रश्न 54.
एंजियोस्पर्म वर्ग को किन दो भागों में बांटा गया है ?
उत्तर-

  1. एक बीज पत्री,
  2. द्वि बीज पत्री।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 55.
जिम्नोस्पर्म पौधे क्या है ?
उत्तर-नग्न बीज उत्पन्न करने वाले पौधे ।

प्रश्न 56.
एक बीज पत्री के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गेहूँ, मक्का ।

प्रश्न 57.
दवि बीज पत्री के दो उदाहरण दीजिए। उत्तर-चना, मटर।

प्रश्न 58.
पोरीफेरा शब्द किस से बना है ?
उत्तर-
पोरीफेरा लेटिन शब्द ‘पोरस’ तथा ‘फेरी’ से बना है। ‘पोरस’ का अर्थ है-छिद्र तथा ‘फेरी’ का अर्थ है ‘रखना’।

प्रश्न 59.
प्रायः पोरीफेरा को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर-
स्पाँज।

प्रश्न 60.
पोरीफेरा के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
साइकान, यूप्लेक्टोलिया, स्पांजिला।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 61.
सीलेंटरेटा कैसे जंतु हैं ?
उत्तर-
जलीय जंतु।

प्रश्न 62.
सीलेंटरेटा जंतुओं के समूह और एकाकी रहने वाले जीवों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
समूह में रहने वाले = कोरल
एकाकी रहने वाले = हाइड्रा।

प्रश्न 63.
सीलेंटरेटा जंतुओं के तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, जेलीफिश।

प्रश्न 64.
प्लेटीहेल्मिथीज को चपटे कृमि क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
इनका शरीर पृष्ठधारीय और चपटा होता है।

प्रश्न 65.
चपटे कृमि वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
लीवरफ्लूयक, प्लेनेरिया, फीताकृमि।

प्रश्न 66.
परजीवियों के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गोल कृमि, फाइलेरिया कृमि, पिन कृमि।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 67.
एनीलिडा वर्ग के तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
केंचुआ, नीरीस, जोंक।

प्रश्न 68.
जंतु जगत् का सबसे बड़ा भाग कौन-सा है ?
उत्तर-
आर्थोपोडा।

प्रश्न 69.
आर्थोपोडा के पांच उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
प्रॉन, तितली, मक्खी, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा।

प्रश्न 70.
मोलस्का वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यूनियो, घंघा, ऑक्टोपस।

प्रश्न 71.
इकाइनोडर्मेटा वर्ग के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
स्टारफिश, समुद्री आर्चिन।

प्रश्न 72.
प्रोटोकाटा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
बैलेनोग्लासस, हार्डमेनिया, एंपीयाक्सस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 73.
वर्टीब्रेटा किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जंतुओं में वास्तविक मेरुदंड और अंत: कंकाल होता है तथा पेशियां कंकाल से जुड़ी होती हैं जो इन्हें चलने में सहायता करती हैं उन्हें वर्टीब्रेटा कहते हैं।

प्रश्न 74.
सभी कशेरुकाओं के प्रमुख लक्षण लिखिए।
उत्तर-
नोटोकार्ड, कशेरुक दंड और मेरुरज्जु, त्रिकोरिक, शरीर, जोड़ीदार गलफड़, देह गुहा।

प्रश्न 75.
मत्स्य श्वसन के लिए किस अंग का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर-
गलफड़ों का।

प्रश्न 76.
मत्स्य वर्ग के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
टूना, रोहू, स्कालियेडान, टारपीडो।

प्रश्न 77.
जल, स्थलचर साँस किस से लेते हैं ?
उत्तर-
गलफडों या फेफडों से।

प्रश्न 78.
जल, स्थलचर के वर्ग के तीन जीवों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
मेंढक, सेलमेंडर, टोड।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 79.
उस सरीसृप वर्ग के जीव का नाम लिखिए जिस के हृदय में चार कक्ष होते हैं ?
उत्तर-
मगरमच्छ।

प्रश्न 80.
सरीसृप वर्ग के चार जंतुओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
कछुआ, सांप, गिरगिट, मगरमच्छ।

प्रश्न 81.
पक्षी कैसे प्राणी हैं ?
उत्तर-
समतापी प्राणी।

प्रश्न 82.
पक्षियों में आगे वाले पैर किस में परिवर्तित हो चुके हैं ?
उत्तर-
पंखों में।

प्रश्न 83.
पक्षियों के हृदय में कितने कक्ष होते हैं ?
उत्तर-
चार कक्ष।

प्रश्न 84.
किस वैज्ञानिक ने नाम पद्धति का सबसे पहले प्रयोग किया था ?
उत्तर-
केरोलिस लीनियस ने अठारहवीं शताब्दी में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 85.
प्रजाति का नाम किस प्रकार से शुरू किया जाता है ?
उत्तर-
अंग्रेजी छोटे अक्षर से।

प्रश्न 86.
जीनस के नाम किस अक्षर से शुरू किए जाते हैं ?
उत्तर-
अंग्रेजी के बड़े अक्षर से।

प्रश्न 87.
केरोलस लीनियस ने विभिन्न वर्गीकरण प्रणालियों के आधार रूप में किस पुस्तक की रचना की थी ?
उत्तर-
‘सिस्टेमा नेचुरी’।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

प्रश्न 1.
निम्न समीकरणों के युग्म को विलोपन विधि तथा प्रतिस्थापन विधि से हल कीजिए। कौन सी विधि | अधिक उपयुक्त है ?
(i) x + y = 5 और 2x – 3y = 4
(ii) 3x + 4y = 10 और 2x – 2y = 2
(ii) 3x – 5y-4 = 0 और 9x = 2y + 7
(iv) \(\frac{x}{2}+\frac{2 y}{3}\) = – 1 और x – \(\frac{y}{3}\) = 3
हल :
(i) दिया गया रैखिक समीकरणों का युग्म है :
x + y = 5 ……………..(1)
और 2x – 3y = 4 …………….(2)
विलोपन विधि (1) को 2, से गुणा करने पर हम प्राप्त करते हैं।
2x + 2y = 10 ………….(3)
अब, (3) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 1

या y = \(\frac{6}{5}\)
y का यह मान (1) प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x + \(\frac{6}{5}\) = 5

x = 5 – \(\frac{6}{5}\)

= \(\frac{25-6}{5}=\frac{19}{5}\)

अतः, x = \(\frac{19}{5}\) और \(\frac{6}{5}\).

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से, 2x = 4+ 3y
या x = \(\frac{4+3 y}{2}\) ……………(4)
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
\(\frac{4+3 y}{2}\) + y = 5

या \(\frac{4+3 y+2 y}{2}\) = 5

या 4 + 5y = 10
या 5y = 10 – 4 = 6
या y = \(\frac{6}{5}\)
y = 5 y का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 2

अत x = \(\frac{19}{5}\) और y = \(\frac{6}{5}\).

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(ii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
3x + 4y = 10 …………(1)
और 2x – 2y = 2 ………….(2)
विलोपन विधि समीकरण (2) को 2 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है :
4x – 4y = 4 …………..(3)
अब, (3) + (1) देता है :
4x – 4y = 4
3x + 4y = 10
7x = 14
या x = \(\frac{14}{7}\) = 2
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 (2) + 4y = 10
या 6 + 4y = 10
या 4y = 10 -6
या 4y = 4
या y = \(\frac{4}{4}\) = 1
अतः, x = 2 और y = 1

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
2x = 2 + 2y
या x = y + 1
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 (y + 1) + 4y = 10
या 3y + 3 + 4y = 10
या 7y = 10 – 3
या 7y = 7
या y = 1
y का यह मान (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 1 + 1 = 2
अतः, x = 2 और y = 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म हैं :
3x – 5y – 4 = 0 …………(1)
और 9x = 2y + 7
या 9x – 2y – 7 = 0 ……………(2)

विलोपन विधि:
(1) को 3 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है
9x – 15y – 12 = 0 …………..(3)
अब, (3) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 3

y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त | होता है
3x – 5(- \(\frac{5}{13}\)) – 4 = 0

या 3x + \(\frac{25}{13}\) – 4 = 0

या 3x = 4 – \(\frac{25}{13}\)

या 3x = \(\frac{52-25}{13}=\frac{27}{13}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 4

अत, x = \(\frac{25}{13}\) और y = \(\frac{25}{13}\)

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
x = \(\frac{2 y+7}{9}\)
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 [latex]\frac{2 y+7}{9}[/latex] – 5y – 4 = 0

या \(\frac{2 y+7-15 y-12}{3}\) = 0

या – 13y – 5 = 0

या – 13y = 5
या y = – \(\frac{5}{13}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 5

y का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iv) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{x}{2}+\frac{2 y}{3}\) = – 1

या \(\frac{3 x+4 y}{6}\) = – 1
या 3x + 4y = – 6 …………….(1)
x – \(\frac{y}{3}\) = 3
या \(\frac{3 x-y}{3}\) = 3
या 3x – y = 9 ……………(2)

विलोपन विधि:
(1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 6

y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3x + 4 (- 3) = – 6
या 3x – 12 = – 6
या 3x = – 6 + 12
या 3x = 6
या x = \(\frac{6}{3}\) = 2
अतः, x = 2, y = – 3.

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
y = 3x – 9 …………(4)
y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3x + 4 (3x – 9) = – 6
या 3x + 12x – 36 = – 6
या 15x = – 6 + 36
या 15x = 30
या x = \(\frac{30}{15}\) = 2
x का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
y = 3 (2) – 9
= 6 – 9 = – 3
अतः x = 2. y = – 3.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

प्रश्न 2.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल (यदि उनका अस्तित्व हो) विलोपन विधि से ज्ञात कीजिए :
(i) यदि हम अंश में 1 जोड दें तथा हर में से 1 घटा दें, तो भिन्न 1 में बदल जाती है। यदि हर में 1 जोड़ दें, तो यह \(\frac{1}{2}\) हो जाती है। वह भिन्न क्या है ?

(ii) पाँच वर्ष पूर्व, नूरी की आयु, सोनू की आयु की तीन गुनी थी दस वर्ष पश्चात्, नूरी की आयु सोनू की आयु की दो गुनी हो जाएगी। नूरी और सोनू की आयु कितनी है ?

(iii) दो अंकों की एक संख्या के अंकों का योग 9 है। इस संख्या का नौ गुना, संख्या के अंको को पलटने से बनी संख्या का दो गुना है। वह संख्या ज्ञात कीजिए।

(iv) मीना ₹ 2000 निकालने के लिए एक बैंक गई। उसने खजांची से ₹ 50 तथा ₹ 100 के नोट देने के लिए कहा। मीना ने कुल 25 नोट प्राप्त किए। ज्ञात कीजिए कि उसने ₹ 50 और ₹ 100 के कितने-कितने नोट प्राप्त किए ?

(v) किराए पर पुस्तकें देने वाले किसी पुस्तकालय का प्रथम तीन दिनों का एक नियत किराया है तथा उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन का अलग किराया है। सरिता ने सात दिनों तक एक पुस्तक रखने के लिए ₹ 27 अदा किए, जबकि सूसी ने एक पुस्तक पाँच दिनों तक रखने के₹ 21 अदा किए। नियत किराया तथा प्रत्येक अतिरिक्त दिन का किराया ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) मान लीजिए भिन्न का अंश = x
भिन्न का हर =y
∴ अभीष्ट भिन्न = पहली शर्त के अनुसार,
\(\frac{x+1}{y+1}\) = 1
या x + 1 = y – 1
या x – y + 2 = 0 …………(1)
दूसरी शर्त के अनुसार,
\(\frac{x}{y+1}=\frac{1}{2}\)
या 2x = y + 1
या 2x – y – 1 = 0 …………….(2)
अब, (2) – (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 7

या x = 3
x का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 × 3 – 1 – 1 = 0
या 6 – y – 1 = 0
या 5 – y = 0 या
अतः, अभीष्ट भिन्न \(\frac{3}{5}\) है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(ii) मान लीजिए नूरी की वर्तमान आयु = x वर्ष
सोनू की वर्तमान आयु = y वर्ष

पाँच वर्ष पहले

नूरी की आयु = (x – 5) वर्ष
सोनू की आयु = (y – 5) वर्ष
पहली शर्त अनुसार,
x – 5 = 3 (y – 5)
या x – 5 = 3y – 15
या x – 3y + 10 = 0 …………(1)

दस वर्ष बाद

नूरी की आयु = (x + 10) वर्ष
सोनू की आयु = (y + 10) वर्ष

दूसरी शर्त के अनुसार,
x + 10 = 2 (y + 10)
या x + 10 = 21 + 20
या x – 2y – 10 = 0 ………….(2)
अब, (1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 8

या – y = – 20
या y = 20
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x – 2 (20) – (0 = 0
या x – 40 – 10 = 0
या x = 50
अतः, नूरी की वर्तमान आयु = 50 वर्ष
सोनू की वर्तमान आयु = 20 वर्ष|

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iii) मान लीजिए इकाई का अंक =x
दहाई का अंक =y
∴ अभीष्ट संख्या = 10y + x
पहली शर्त के अनुसार,
x + y = 9

उल्टाने पर
इकाई का अंक =y
दहाई का अंक =x
∴ संख्या = 10x + y
दूसरी शर्त अनुसार,
9 [10y + x] = 2[10x + y]
या 90y + 9x = 20x + 2y
या 90y + 9x – 20x – 2y = 0
या – 11x + 88y = 0
या x – 8y = 0
अब, (2) – (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 9

y = 1
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x – 8 × 1 = 0
या x = 8
अतः, अभीष्ट संख्या = 10y + x
= 10 × 1 + 8 = 18.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iv) मान लीजिए मीना को मिले ₹ 50 के नोटों की संख्या = x
साथ ही, मीना को प्राप्त ₹ 100 के नोटों की संख्या = y
पहली शर्त के अनुसार,
x + y = 25 …………..(1)

दूसरी शर्त के अनुसार,
50x + 100y = 2000
या x + 2 = 40 ………….(2)
अब, (2)- (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 10

y = 15
y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x + 15 = 25
या x = 25 – 15 = 10
अतः, मीना को मिले ₹ 50 और ₹100 के नोटों की संख्या क्रमश: 10 और 15 है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(v) मान लीजिए पहले तीन दिन के लिए निश्चित किराया = ₹ x
उसके बाद प्रत्येक दिन के लिए अतिरिक्त किराया = ₹ y
सरिता की स्थिति में x + 4y = 27 ………….(1)
सूसी की स्थिति में, x + 2y = 21 ………..(2)
अब, (1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 11

या y = \(\frac{6}{2}\) = 3
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x + 2 (3) = 21
या x + 6 = 21
या x = 21 – 6 = 15
अतः, पहले तीन दिन के लिए नियत किराया और उसके बाद प्रत्येक दिन के लिए अतिरिक्त किराया ₹ 15 और ₹ 3 है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक किसे कहते हैं ? पौधों में ऊतक कितनी प्रकार के होते हैं ? विभाज्योतकी ऊतक के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करो।
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – एक समान उत्पत्ति संरचना तथा कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

पौधों में ऊतक दो प्रकार के होते हैं-

  1. विभाज्योतक ऊतक (Meristematic tissue)
  2. स्थायी ऊतक (Permanent tissue)

1. विभाज्योतक (Meristematic tissue) – इस ऊतक की कोशिकाओं में विभाजन करने की क्षमता होती है और इनकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं जिसके फलस्वरूप नई कोशिकाएं बनती हैं। विभाज्योतक के निम्नलिखित लक्षण होते हैं-

  • इस ऊतक की कोशिकाएं विभाजन योग्य होती हैं।
  • कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रिका (Nucleolus) युक्त बड़ा केंद्रक (Nucleus) होता है।
  • इनकी कोशिका भित्ति पतली, लचकदार तथा सेलूलोज़ की बनी होती है।
  • इनमें सघन अथवा पर्याप्त कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) होता है।
  • इनमें रिक्तिकाएं तथा रसधानियां (Vacuoles) नहीं होतीं।

विभाज्योतक का वर्गीकरण (Classification of Meristematic tissue) – विभाज्योतक का वर्गीकरण निम्नलिखित भिन्न-भिन्न ढंगों से किया जाता है-
(क) उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण – उत्पत्ति के आधार पर विभाज्योतक की दो किस्में हैं-

  • प्राथमिक विभाज्योतक (Primary meristem) – इस प्रकार के ऊतक जड़, तनों के शीर्ष, द्विबीज तनों के संवहन बंडलों तथा पौधों के अंतर्वेशी भागों में पाए जाते हैं। इनकी कोशिकाओं में सदा विभाजन होता रहता है।
  • द्वितीयक विभाज्योतक (Secondary meristem) – इस प्रकार के ऊतक, आवश्यकतानुसार पौधे के लिए स्थायी ऊतकों का निर्माण करते हैं।

(ख) स्थिति या स्थान के आधार पर वर्गीकरण – स्थिति या स्थान के आधार पर विभाज्योतक की तीन किस्में हैं

  • शीर्षस्थ विभाज्योतक ऊतक (Apical meristem) – ये जड़, तना तथा शाखाओं के शीर्ष पर स्थित होते हैं। जड़ तथा तने के शीर्ष भाग इनकी आंतरिक रचना के समान होते हैं।
  • अंतर्वेशी विभाज्योतक ऊतक (Intercalary meristem) – यह एक बीज पत्री तनों में पाया जाता है। इसकी सक्रियता के कारण तना लंबाई में वृद्धि करता है।
  • पार्श्व विभाज्योतक ऊतक (Lateral meristem) – यह ऊतक द्विबीज पत्री तनों तथा जड़ के पार्श्व भागों में पाए जाते हैं। ये जड़ तथा तने की चौड़ाई में वृद्धि करने में सहायता करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 1

(ग) कार्य के आधार पर वर्गीकरण-कार्य के आधार पर विभाज्योतक की तीन किस्में हैं-

  • प्रोटोडर्म (Protoderm) – यह बाह्य परत या ऐपीडरमिस (Epidermis) बनाता है। इसे डरमैटोजन (Dermatogen) भी कहते हैं।
  • प्रोकैम्बियम (Procambium) – यह मुख्य संवहन ऊतक बनाता है।
  • ग्राऊंड मैरीस्टैम (Ground meristem)-यह पिथ या भरण ऊतक बनाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 2.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ? साधारण ऊतकों के विभिन्न प्रकारों का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
स्थायी ऊतक (Permanent tissue) – ये ऊतक उन कोशिकाओं से बने होते हैं जिनमें विभाजन करने की क्षमता नष्ट हो जाती है।
स्थायी ऊतकों के प्रका र- स्थायी ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  1. साधारण ऊतक
  2. जटिल ऊतक

साधारण ऊतक (Simple tissue) – यह ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होता है। कोशिका भित्ति की संरचना के आधार पर ये निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं

(i) पैरेंकाइमा (Parenchyma) यह पौधे के हरे भागों में अधिक संख्या में मिलते हैं। इनकी कोशिकायें समव्यासी होती हैं। कोशिकायें जीवित होती हैं। इनकी कोशिका भित्तियां महीन तथा सेल्युलोज की बनी होती हैं। ये गोलाकार, अंडाकार, वृत्ताकार अथवा बहुभुजी होती हैं तथा इनके बीच अंतरकोशिकीय स्थान पाये जाते हैं। इनका जीवद्रव्य सघन होता है।

विभिन्न प्रकार के पेरेंकाइमा निम्नलिखित अनुसार हैं-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 2

(क) सरल पैरेंकाइमा – यह संयोजी ऊतक के रूप में कार्य करता है।
(ख) कलोरेंकाइमा – इनमें क्लोरोप्लास्ट होते हैं तथा यह प्रकाश-संश्लेषित ऊतक के रूप में कार्य करता है। पत्तों के कलोरेंकाइमा को मीज़ोफिल (Mesophyll) ऊतक कहते हैं।
(ग) ऐरेंकाइमा – यह बड़ी वायुयुक्त रिक्तिकाओं से भरा होता है इसलिए यह यांत्रिक तैरने की शक्ति देता है।
(घ) स्टोरेज पैरेंकाइमा – यह जमा करने वाले ऊतक के रूप में कार्य करता है।
(ङ) प्रोसेंकाइमा – इसकी कोशिकाओं पर सेलूलोज़ तथा लिग्निन एकत्रित होती है इसलिए यह यांत्रिक ऊतक के रूप में कार्य करता है।

(i) कॉलेंकाइमा (Collenchyma) – इसकी कोशिकायें बहुभुजी, अंडाकार, गोल तथा जोवित होती हैं। ये संरचना में पेरेंकाइमा के समान होती हैं। इनकी कोशिकायें लंबी होती हैं तथा इनके किनारे या अंतर्कोशिकीय स्थान पेक्टिन तथा सेल्यूलोज पदार्थ जमा होने से अधिक स्थूल हो जाते हैं। अनुप्रस्थ काट में ये गोलाकार अथवा अंडाकार दिखायी देती हैं। इनकी कोशिका भित्तियों में गर्त होते हैं। जीवित कोशिकाओं में कुछ क्लोरोप्लास्ट भी पाया जाता है। यह तने को यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है। यह शर्करा तथा मांड का संश्लेषण करता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 3

(iii) स्कलेरेंकाइमा (Sclerenchyma) – यह मृत कोशिकाओं का बना होता है। इसकी भित्तियां स्थूलित तथा लिग्निन युक्त होती हैं। यह उन अंगों को यांत्रिक शक्ति देता है जिनमें यह पाया जाता है। इसकी भित्तियां लंबी, संकरी तथा दोनों सिरों से नुकीली होती हैं। इनमें दृढ़ोतक तंतु तथा दृढ़ कोशिकाएं होती हैं। ये लंबी, मृत तथा लोचदार होती हैं और इनके सिरे नुकीले होते हैं। इनमें से कुछ कोशिकाएं स्कलेरीडस कहलाती हैं। ये आकृति में अनियमित तथा बेलनाकार होती हैं। इनकी भित्तियां स्थूलित होती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 4

प्रश्न 3.
जटिल ऊतक किसे कहते हैं ? ये कितनी प्रकार के होते हैं ? का चित्र बनाकर वर्णन करो।
उत्तर-
जटिल ऊतक (Complex tissue) – यह विभिन्न आकार तथा माप की कोशिकाओं का ऐसा समूह है जो एक इकाई का कार्य करता है। यह जल तथा उसमें घुले हुए लवणों का परिवहन करता है तथा भोजन का संवहन पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक करता है।

यह ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-
1. जाइलम (Xylem)
2. फ्लोएम (Phloem)

1. जाइलम (Xylem) – यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए लवणों का परिवहन करता है। इस ऊतक की प्रायः सभी कोशिकाएं मृत, मोटी भित्ति वाली तथा लिग्निन युक्त होती हैं। इनके निम्नलिखित चार विभिन्न अवयव होते हैं-

(i) ट्रेकीड्स (Tracheids) – ये मृत तथा लंबी नली के समान रचनाएं होती हैं। इनके सिरों पर छिद्र नहीं होते। इनकी भित्तियां मोटी, सख्त तथा लिग्निन युक्त होती हैं। ये कई आकारों की होती हैं। ये जल तथा खनिज लवणों की जड़ से पत्तियों तक पहुंचाती हैं। ये पौधे के कोमल अंगों को सहारा देने का कार्य भी करती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 5

(ii) वाहिकाएं (Vessels) – इन्हें ट्रेकी भी कहते हैं। ये मृत संकरी नली के समान होती हैं। इनमें बड़ी कोशिकाएं गुहाएं जड़ से पत्तियों तक जल तथा खनिज लवणों के संवहन के लिए पाई जाती हैं। ये यांत्रिक कार्य करती हैं तथा पौधों के शरीर को दृढ़ता भी प्रदान करती हैं।

(iii) दारू या काष्ठ मृदुतक (Xylem or Wood Parenchyma) – ये जीवित तथा महीन कोशिकाएं होती हैं। ये अधिक संख्या में पाई जाती हैं। ये जल संवहन में सहायता करती हैं तथा खाद्य का भण्डारण भी करती हैं।

(iv) काष्ठ तंतु (Xylem fibres) – ये लम्बी, नुकीली, निर्जीव तथा दृढ़ कोशिकाएं हैं। इनमें छोटे-छोटे गर्त होते हैं तथा इनकी भित्तियां स्थूलित होती हैं। ये पौधों को दृढ़ता प्रदान करती हैं तथा सहारा देती हैं।

2. फ्लोएम (Phloem) – यह भी संवहन ऊतक है। यह पत्तियों में बने खाद्य पदार्थों को पौधों के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है। इसके निम्नलिखित चार विभिन्न अवयव होते हैं-

  • चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) – ये नलिकाएं केंद्रविहीन, महीन भित्ति वाली जीवित कोशिकाएं हैं। ये एक के ऊपर एक रखी होती हैं तथा इनके सिरे की भित्ति में अनेक छिद्र होते हैं। ये पत्तियों में बने भोजन को पौधे के भंडारण भागों तक पहुंचाती हैं।
  • सखी कोशिकाएं (Companion cells) – यह महीन भित्ति वाली कोशिकाएं चालनी नलिकाओं से जुड़ी हुई होती हैं। इनमें सभी अवस्थाओं में केंद्रक पाया जाता है।
  • फ्लोएम मृदुतक (Phloem parenchyma) – इनमें सजीव महीन भित्ति वाली बेलनाकार कोशिकाएं होती हैं। ये प्रायः एक बीज पत्रीय पौधों में नहीं होतीं। ये खाद्य पदार्थों का भंडारण करने में सहायक होती हैं।
  • फ्लोएम तंतु (Phloem fibres) – ये द्वितीयक फ्लोएम में पाई जाती हैं परंतु प्राथमिक फ्लोएम में नहीं होतीं। ये लंबी, नुकीली तथा लिग्निन युक्त होती हैं तथा पौधों को यांत्रिक सहारा देने का कार्य करती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 6

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 4.
संयोजी ऊतकों के विभिन्न रूपों को लिखिए और उनके कार्य दो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 7
संयोजी ऊतक (Connective tissue) – संयोजी ऊतक हमारे शरीर में उपस्थित होते हैं। ये ऊतक अन्य ऊतकों तथा अंगों को घेरते हैं। अस्थि, उपास्थि, रुधिर, टैंडन तथा लिगामैंट संयोजी ऊतक की मुख्य किस्में हैं।

(i) अस्थि (Bone) – यह जंतुओं के पिंजर पदार्थ में सबसे अधिक होता है। अस्थियां बहुत मज़बूत होती हैं तथा इनमें लचीलापन बिल्कुल नहीं होता। अस्थि के मैट्रिक्स में भरपूर मात्रा में कैल्शियम के लवण होते हैं जो इसे दृढ़ता प्रदान करते हैं। यह ऊतक सहारा देने तथा सुरक्षा प्रदान करने में सहायता करता है।

(ii) उपास्थि (Cartilage) – उपास्थि में लचीलापन होता है। यह कोंड्रोसाइटस कोशिकाओं का बना होता है। इस किस्म का ऊतक हमारे शरीर के अंगों में बहुत कम होता है। हमारे नाक की चोटी तथा बाह्य काम उपास्थि का बना होता है।

(iii) रुधिर (Blood) – रुधिर भी एक संयोजी ऊतक है। यह हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक तरल ऊतक है। इस ऊतक की कोशिकाएं तरल मैट्रिक्स में तैरती रहती हैं। इन कोशिकाओं को रुधिर कणिकाएं तथा मैट्रिक्स को रक्त प्लाज्मा कहते हैं। रुधिर कणिकाएं भिन्न प्रकार की होती हैं, जैसे-लाल रुधिर कणिका, श्वेत रुधिर कणिका तथा प्लेटलैट्स । रुधिर शरीर के सभी भागों में दौड़ता है इसलिए कह सकते हैं कि यह शरीर के सभी भागों को आपस में जोड़ता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 8

(iv) टैंडन (Tendon) – यह एक अत्यन्त सघन तथा दृढ़ संयोजी ऊतक है जो मुख्यतया श्वेत कोलाजन तंतुओं (Collegen fibres) से बनता है। टैंडन पेशियों को अस्थियों के साथ जोड़ने में सहायता करता है।

(v) लिगामैंट (Ligament)-कुछ लंबी समतल कोशिकाएं तंतुओं के मध्य उपस्थित होती हैं। ये जोड़ों पर एक अस्थि को दूसरी अस्थि के साथ जोड़ने में सहायता करते हैं तथा उनकी उस अवस्था में पकड़ रखते हैं।

प्रश्न 5.
जंतु ऊतक कितनी प्रकार के होते हैं ? एपीथीलियल ऊतकों के विभिन्न प्रकारों का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
जंतु ऊतक (Animal Tissue) – मनुष्य सहित सभी जंतुओं में चार विभिन्न प्रकार के कतक पाए जाते हैं। ये हैं-एपीथीलियल, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।

एपीथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue) – एपीथीलियल ऊतक एक अस्तर ऊतक है। यह एक रक्षी अस्तर है। यह शरीर के ऊपर तथा शरीर के अंदर स्थिति विभिन्न भागों की गुहिका का आवरण बनाता है। त्वचा. मुंह, आहारनाल तथा फेफड़ों की सतह एपीलियमी ऊतक से बनी होती है। विभिन्न स्थानों पर पाए जाने वाले एपीथीलियमल ऊतक की कोशिकाओं के आकार और रचना में भिन्नता होती है। इन कोशिकाओं की रचना और कार्य में भिन्नता के आधार पर इन्हें विभिन्न वर्गों में विभाजित किया गया है।

  1. शल्की-चपटी कोशिकाएं।
  2. घनाकार-लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई लगभग बराबर
  3. स्तंभाकार-ऊंचाई विशेष रूप से अधिक
  4. सीलियामय-सीलिया उपस्थित
  5. ग्रंथिल-स्त्रावण कार्य

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 9

  • शल्की एपीथीलियम (Squamous epithelium) – यह चौड़ी तथा चपटी कोशिकाओं का बना होता है। यह वाहिनियों तथा देहगुहा आदि की सतहों पर पाया जाता है। यह अंगों की सुरक्षा करता है तथा उन्हें ढकने का कार्य करता
  • घनाकार एपीथीलियम (Cuboidal epithelium) – यह घनाकार कोशिकाओं का बना होता है। यह लार ग्रंथियों तथा वृक्क नलिकाओं में पाया जाता है।
  • स्तंभाकार एपीथीलियम (Columnar epithelium) – यह स्तंभ जैसी चौड़ाई से अधिक लम्बी कोशिकाओं का बना होता है। यह आमाशय तथा आंत्र की आंतरिक पर्त बनाता है। यह ग्रन्थियां भी बनाता है, जो स्रावण का कार्य करती हैं।
  • सिलियामय एपीथीलियम (Ciliary epithelium) – यह स्तंभाकार अथवा घनाकार कोशिकाओं का बना होता है जिनमें स्वतंत्र सिरों पर सिलिया पाए जाते हैं। यह श्वास नली, अंडवाहिनी तथा उत्सर्जी नलिकाओं की आन्तरिक पर्तों पर पाया जाता है।
  • ग्रंथिल ऊतक (Glandular epithelium) – यह रूपांतरित स्तम्भी उपकला ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं स्रावी स्वभाव की होती हैं। ये एककोशिकीय अथवा बहुकोशिकीय हो सकती हैं। ये ग्रंथियां थैले की तरह होती हैं तथा बाहर की ओर एक छिद्र द्वारा खुलती हैं। लार ग्रंथियां संयुक्त कूपिका प्रकार की होती हैं।

एपीथीलियल ऊतक के कार्य-

  1. ये कोशिकाएं त्वचा की बाह्य परत बनाती हैं। ये अंदर की कोशिकाओं की रक्षा करती हैं। एपीथीलियल कोशिकाएं आंतरिक कोशिकाओं को सूखने से, चोट से, जीवाणुओं के अतिक्रमण से और रासायनिक पदार्थों के प्रभाव से बचाती हैं।
  2. हमारे शरीर के अंगतंत्रों जैसे मुख गुहा, भोजन नली की बाह्य और आंतरिक परत बनाकर ये उन अंगों की रक्षा करती हैं।
  3. जल तथा अन्य पोषक पदार्थों के अवशोषण में सहायता करती हैं।
  4. व्यर्थ पदार्थों के निष्कासन में सहायता करती हैं।
  5. कुछ कोशिकाएं स्रावण का कार्य करने के लिए विशिष्ट हो जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 6.
जंतु ऊतक की विभिन्न किस्मों का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर-
जंत ऊतक (Animal tissues) – मनुष्य सहित सभी जंतुओं में चार भिन्न प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं। ये हैं-~-एपीथोलियमी, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 10

1. एपीथीलियल ऊतक (Epithelial tissue) – यह एक अस्तर ऊतक है। यह शरीर के ऊपर तथा शरीर के अंदर स्थित विभिन्न भागों की गुहिका का आवरण बनाता है। एक सीमेंट जेसा पदार्थ इन ऊतकों को जोड़कर रखता है। इनकी कोशिका की रचना और कार्य में भिन्नता के आधार पर इन्हें पांच वर्गों में बांटा गया है-

  • शल्की एपोथीलियम
  • घनाकार एपीथीलियम
  • स्तंभाकार एपीथीलियम
  • सिलियामय एपीथीलियम
  • ग्रंथिल एपीथीलियम।

2. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) – हमारे शरीर के अंगों में होने वाली गति पेशीय ऊतकों के कारण ही होती है। यह पेशी लंबी होती है इसीलिए पेशीय रेशा भी कहलाती है। पेशी-कोशिकाओं में उपस्थित संकुचनशील प्रोटीन में संकुचन एवं प्रसार होने से अंगों में गति होती है। हृदय की धड़कन तथा भोजन नली में संकुचन और प्रसार पेशीय कोशिकाओं के कारण ही होती है। हमारे शरीर में तीन प्रकार के पेशी ऊतक पाए जाते हैं।

  • रेखित पेशी (कंकाल पेशी या ऐच्छिक पेशी)
  • अरेखित पेशी (चिकनी पेशी या अनैच्छिक पेशी)
  • हृदय पेशी।

3. संयोजी ऊतक (Connective tissue) – इस ऊतक का कार्य शरीर के विभिन्न अंगों का एक-दूसरे से जोड़ना, सहारा देना तथा बांधना है। इस ऊतक की कोशिकाएं मैट्रिक्स (माध्यम) के अंदर उपस्थित होती हैं। कोशिकाओं के बीच के स्थान में भी मैट्रिक्स होता है। यह मैट्रिक्स ठोस हो सकता है जैसे अस्थि एवं उपास्थि तथा द्रव भी हो सकता है जैसे रुधिर। हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के संयोजी ऊतक पाए जाते हैं। संयोजी ऊतक को निम्नलिखित पांच किस्मों में वर्गीकृत किया गया है-

  • अस्थि
  • उपास्थि
  • रुधिर
  • टैंडन तथा
  • लिगामैंट।

4. तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) – मस्तिष्क, मेरुरज्जु तथा तंत्रिकाएं सभी तंत्रिका ऊतक की बनी होती हैं। यह विशेष प्रकार का ऊतक होता है जो विभिन्न संदेशों को लेने, भेजने तथा संचालन के लिए जिम्मेवार होता है। यह तंत्रिका कोशिका तथा तंत्रिका तंतुओं से बना होता है।

(i) तंत्रिका कोशिका (Nerve cells) – तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन में एक कोशिका काय (Cell body), केंद्रक तथा लावेनुमा कोशिका द्रव्य होता है। इस कोशिका काय से बाहर की ओर एक या अधिक तंतुओं जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें डेंड्राइट (Dendrites) कहते हैं, ये कोशिकाकाय में संदेश लेकर जाते हैं।

(ii) तंत्रिका तंतु (Nerve fibres) – यह एक तंत्रिका रेशा है जिसके मध्य में एक्सॉन (Axon) एक झिल्ली से घिरी होती है, जिसे न्यूरीलैमा कहते हैं। न्यूरीलैमा में विशेष प्रकार की कोशिकाएं होती हैं जिन्हें श्वान कोशिकाएं (Schavann cells) कहते हैं। महत्त्वपूर्ण अंग जैसे मस्तिष्क, मेरुरज्जु, तंत्रिकाएं इस ऊतक की बनी होती हैं। ये अंग शरीर के भिन्न-भिन्न भागों के कार्यों का तालमेल और नियंत्रण बनाते हैं। यह कार्य न्यूरॉन के भीतर इलेक्ट्रोकैमिकल प्रणाली द्वारा होता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक किसे कहते हैं ? पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतक कौन-से हैं ?
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – यह समान उत्पत्ति, संरचना तथा कार्य करने वाली कोशिकाओं का एक समूह होता है। पौधों में पाए जाने वाले ऊतकों को निम्नलिखित अनुसार बांटा गया है-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 11

प्रश्न 2.
किस प्रकार सिद्ध करोगे कि पौधों में वृद्धि केवल निश्चित भागों में ही होती है?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 12
शीशे के बने दो जारों में पानी भरो। दोनों जारों पर एक-एक प्याज़ रखो तथा दोनों के मूल में कुछ दिन वृद्धि देखो। चार-पाँच दिन बाद एक जार में रखे प्याज़ की मूल से 10 cm भाग काट दो तथा कुछ दिन उस की वृद्धि की जांच करते रहो। मूल में वृद्धि होगी। अब मूल के ऊपर हिस्से को काट दो। वह वृद्धि करना बंद कर देगी। जिससे सिद्ध होता है कि पौधों में वृद्धि निश्चित भागों में होती है।

प्रश्न 3.
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतकों की सूची बनाइए।
उत्तर-
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतक निम्नलिखित चार प्रकार के होते हैं-

  1. एपीथीलियमी ऊतक
  2. संयोजी ऊतक
  3. पेशीय ऊतक
  4. तंत्रिका ऊतक

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 13

प्रश्न 4.
विभाज्योतकी ऊतक की विशेषताएं बताओ।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक की विशेषताएं-

  1. इस ऊतक की कोशिकाएं समान होती हैं। इनकी कोशिका भित्ति महीन तथा सेल्यूलोज की बनी हुई होती
  2. ये जीवित तथा समव्यासी होती हैं।
  3. इनमें जीव द्रव्य सघन, केंद्रक बड़ा, रिक्तिकाएं छोटी अथवा अनुपस्थित होती हैं।
  4. इनके बीच कोई अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते।
  5. ये सदा विभाजन करती रहती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 5.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
स्थायी ऊतक (Permanent tissues) – ये ऊतक उन कोशिकाओं के बने होते हैं जिनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है। ये अपने निश्चित परिमाप तथा आकार में पहुंच चुके होते हैं।

स्थायी ऊतक के प्रकार – स्थायी ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  1. साधारण ऊतक (Simple tissues)
  2. जटिल ऊतक (Complex tissues)।

प्रश्न 6.
स्थायी ऊतक की विशेषताएं बताओ।
उत्तर-
स्थायी ऊतक की विशेषताएं-

  1. इनकी कोशिकाओं में विभाजन की क्षमता नहीं होती।
  2. ये विभाज्योतकी ऊतकों के विभाजन के पश्चात् बनती हैं।
  3. इनकी कोशिकाओं की आकृति, माप तथा संरचना निश्चित होती है।
  4. इनकी भित्ति न तो बहुत महीन होती है और न ही बहुत मोटी होती है।
  5. इनकी कोशिकाएं बड़ी होती हैं तथा रिक्तिकामय कोशिका द्रव्य होता है।

प्रश्न 7.
विभाज्योतकी ऊतक तथा स्थायी ऊतक में अंतर बताओ।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक तथा स्थायी ऊतक में अंतर-

विभाज्योतकी ऊतक (Meristematic tissues) स्थायी ऊतक (Permanent tissues)
(1) ये महीन भित्ति वाले तथा समव्यासी होते हैं। (1) ये महीन अथवा मोटी भित्ति वाले परंतु समव्यासी नहीं होते।
(2) इसमें सघन कोशिका द्रव्य, छोटी रिक्तिकाएं तथा बड़ा केंद्रक होता है। (2) इनमें कोशिका भित्ति के साथ महीन पर्त होती है। इनमें रिक्तिकाएं बड़ी परंतु केंद्रक छोटा होता है।
(3) इनमें अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते। (3) इनमें अंतर कोशिकीय स्थान उपस्थित अथवा अनुपस्थित हो सकते हैं।
(4) इनमें विभाजन की क्षमता होती है तथा ये वृद्धि और मोटाई के लिए उत्तरदायी हैं। (4) इनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है तथा वृद्धि में इनका कोई महत्त्व नहीं होता।

प्रश्न 8.
साधारण ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
साधारण ऊतक (Simple tissues) – ये ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं के समूह के रूप में पाए जाते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होते हैं। कोशिका भित्ति की संरचना के आधार पर ये निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं-

  1. मृदुतक (Parenchyma)
  2. स्थूल कोण ऊतक (Collenchyma)
  3. दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma)।

प्रश्न 9.
सरल स्थायी ऊतक के विभिन्न प्रकार बताइए और प्रत्येक का कार्य लिखिए।
उत्तर-
सरल स्थायी ऊतक केवल एक प्रकार की कोशिकाओं का समूह है जो विभिन्न भागों में पाए जाते हैं। इसके विभिन्न प्रकार तथा उनके कार्य निम्नलिखित हैं-
1. पैरेंकाइमा (Parenchyma) के कार्य-

  • यह खादय पदार्थ का भण्डारण करता है।
  • क्लोरोप्लास्ट युक्त मृदुतक को क्लोरोनकाइमा कहते हैं। यह मंड तथा शर्करा का निर्माण प्रकाश-संश्लेषण क्रिया करता है।

2. कालेंकाइमा (Cellenchyma) के कार्य-

  • यह तने को यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है।
  • यह कार्टेकस और एपीडर्मिस को अलग करते हैं।

3. स्कलेरेंकाइमा (Sclerenchyma) के कार्य-

  • यह उन अंगों को यांत्रिक शक्ति देता है जिनमें यह पाया जाता है, क्योंकि इसकी भित्ति मोटी होती है।
  • जाइलम कोशिका जिनकी भित्ति मोटी होती है पानी के स्थानांतरण का कार्य करते हैं।

प्रश्न 10.
पैरेंकाइमा तथा कॉलेंकाइमा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
पैरेंकाइमा तथा कॉलेंकाइमा में अंतर-

पैरेंकाइमा (Parenchyma) कॉलेंकाइमा (Collenchyma)
(1) यह गोल महीन कोशिका भित्ति वाली कोशिकाओं का बना होता है। (1) यह बहुभुजी कोशिकाओं का बना होता है।
(2) इसमें केंद्रक विद्यमान होता है तथा उनके बीच अंतरा कोशिकीय स्थान पाए जाते हैं। (2) इनके बीच अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते।
(3) इनकी कोशिका भित्ति पेक्टिन तथा सेल्यूलोज की बनी होती है। (3) इनकी कोशिका भित्ति भी पेक्टिन तथा सेल्यूलोज की बनी होती है।
(4) यह खाद्य भंडारण तथा यांत्रिक सहारा देने का कार्य करता है। (4) यह यांत्रिक सहारा देने का कार्य करता है।
(5) ये जड, तना तथा पत्ती में पाए जाते हैं। (5) ये तने तथा पत्ती की मध्य शिरा में पाए जाते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 11.
फ्लोएम तथा जाइलम के मुख्य कार्य लिखिए।
उत्तर-
फ्लोएम के मुख्य कार्य – यह संवहन ऊतक है। यह पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुंचाने का कार्य करता है।

जाइलम के मुख्य कार्य – यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए खनिज लवणों को जड़ से लेकर पौधे के शीर्ष भागों तक पहुंचाता है। यह पौधे को यांत्रिक शक्ति भी प्रदान करता है।

प्रश्न 12.
रेखित तथा अरेखित पेशी में दो अंतर लिखिए।
उत्तर-
रेखित तथा अरेखित पेशियों में अंतर-

रेखित पेशियां (Striped Muscles) अरेखित पेशियां (Unstriped Muscles)
(1) ये दीर्घ, बेलनाकार तथा आशाखित होती हैं। (1) ये छोटी, तुर्काकार तथा नुकीले सिरे वाली होती हैं।
(2) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टिकाएं होती हैं। (2) इनमें पट्टिकाएं नहीं होती।
(3) ये बहुकेंद्रकीय होती हैं। केंद्रक कोशिका का परिधि की ओर होता है। (3) ये एक केंद्रकीय होती हैं तथा केंद्रक बीच में होता है।
(4) ये अस्थियों से जुड़ी हुई होती हैं तथा गति में सहायक होती हैं। (4) ये अस्थियों से जुड़ी नहीं होती।

प्रश्न 13.
रेखित पेशी तथा हृदय पेशी में अंतर बताओ।
उत्तर-
रेखित पेशी तथा हृदय पेशी में अंतर-

हृदय पेशी (Cardiac Muscle) रेखित पेशी (Striated Muscle)
(1) यह हृदय में पाई जाती हैं। (1) ये प्रायः अस्थियों से जुड़ी होती हैं।
(2) ये अनैच्छिक होती हैं। (2) ये ऐच्छिक होती हैं।
(3) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टियां नहीं होतीं। (3) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टियां होती हैं।
(4) ये ऊत्तक सदैव कार्य करते रहते हैं। (4) यह ऊतक मनुष्य की इच्छा अनुसार कार्य करते हैं।
(5) इनमें सारकोलैमा नहीं होता। (5) इनमें सारकोलैमा उपस्थित होता है।

प्रश्न 14.
एपीथीलियमी ऊतक तथा संयोजी ऊतक में अंतर बताओ।
उत्तर-
एपीथीलियमी ऊतक तथा संयोजी ऊतक में अंतर-

एपीथीलियमी ऊतक (Epithelial Tissue) संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
(1) यह ढकने, सुरक्षा प्रदान करने, स्रावण तथा का संवेदन का कार्य करते हैं। (1) यह विभिन्न प्रकार के ऊतकों के परस्पर जोड़ने कार्य करते हैं।
(2) इसकी कोशिकाओं के बीच अंतर कोशिकीय नहीं होते। (2) इसकी कोशिकाओं के बीच अंतर कोशिकीय स्थान स्थान नहीं होते।
(3) ये विशेष प्रकार की समान कोशिकाओं के बने हैं। (3) ये विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं के बने होते होते हैं।

प्रश्न 15.
अस्थि पिंजर के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
अस्थि पिंजर के मुख्य कार्य-

  1. यह शरीर का ढांचा बनाता है।
  2. यह शरीर के भीतरी कोमल अंगों की सुरक्षा करता है।
  3. ये पेशियों को जोड़ने में सहायता प्रदान करता है।
  4. यह गति तथा प्रचलन में सहायता करता है।
  5. इसकी अस्थियों के केंद्रीय भाग में अस्थिमज्जा होती है जिसमें रुधिर कणिकाओं का निर्माण होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 16.
रुधिर क्या है ?
उत्तर-
रुधिर (Blood) – यह एक संवहन या तरल संयोजी ऊतक है। यह ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा पोषक पदार्थों को शरीर के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का कार्य करता है। इसमें एक तरल पदार्थ होता है जिसे प्लाज्मा कहते हैं, जिसमें लाल रक्ताणु, सफेद रक्ताणु तथा प्लेटलैटस होते हैं। इसमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं भ्रमण करती रहती हैं। यह तंतु शरीर के सभी भागों में बहता है तथा शरीर के प्रत्येक भाग को जोड़ता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 14

प्रश्न 17.
चालनी तत्व से क्या तात्पर्य है ? ये किन-किन प्रकार के होते हैं?
उत्तर-
चालनी तत्व पादप जटिल ऊतक के वे प्रकार होते हैं जो भोजन का संवहन तथा उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं।
(a) चालनी कोशिकाएँ
(b) चालनी नलिकाएँ।

प्रश्न 18.
जड़ शीर्ष और तना शीर्ष में मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर-

जड़ शीर्ष तना शीर्ष
(1) यह सब टर्मिनल होता है। (1) यह शीर्ष टर्मिनल होता है।
(2) इसके शीर्ष में पार्श्व उपांग अनुपस्थित होता है। (2) इसमें पार्श्व उपांग तरुण पत्तियों के रूप में उपस्थित होता है।

प्रश्न 19.
फ्लोएम के विभिन्न अवयवों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर-
फ्लोएम में निम्नलिखित चार प्रकार के अवयव पाए जाते हैं-

  1. चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) – ये नलिकाएं सदृश केंद्रविहीन, महीन झिल्ली वाली जीवित कोशिकाएं हैं जो एक के ऊपर एक रखी होती हैं।
  2. सखी कोशिकाएं (Companion cells) – यह महीन भित्ति वाली कोशिकाएं चालनी कोशिकाओं से जुड़ी होती हैं। इनमें सभी अवस्थाओं में केंद्रक पाया जाता है।
  3. फ्लोएम पेरेंकाइमा (Phioem parenchyma) – इनमें कुछ सजीव महीन भित्ति वाली बेलनाकार कोशिकाएं मिलती हैं। ये खाद्य पदार्थों का भंडारण करती हैं।
  4. फ्लोएम रेशे (Phloem fibres) – ये दृढ़ोतक कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में पाई जाती हैं। ये प्राथमिक फ्लोएम में नहीं मिलती। इन्हें वास्ट रेशे भी कहते हैं।

प्रश्न 20.
जाइलम में पाए जाने वाले विभिन्न अवयवों के नाम लिखिए।
उत्तर-
जाइलम में निम्नलिखित चार प्रकार के अवयव पाए जाते हैं-

  1. ट्रैकीड्स (Tracheids) – ये मृत तथा लंबी नली के समान रचनाएं होती हैं। इनके सिरों पर छिद्र नहीं होते।
  2. वाहिकाएं (Vessels) – ये मृत संकरी नली के समान रचनाएं होती हैं।
  3. दारू या काष्ठ मृदुतक (Xylem or wood parenchyma) – ये महीन भित्ति वाली जीवित कोशिकाएं होती हैं तथा प्रायः अधिक संख्या में पाई जाती हैं।
  4. काष्ठ तंतु (Wood or Xylem fibres) – ये लंबी, नुकीली, निर्जीव तथा दृढ़ोतक कोशिकाएं होती हैं। इनमें छोटे गर्त होते हैं तथा इनकी भित्तियां मोटी होती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 21.
फ्लोएम की पौधे के लिए उपयोगिता बताइए।
उत्तर-
फ्लोएम की पौधे के लिए उपयोगिता- यह संवहन ऊतक है। यह पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य करता है।

प्रश्न 22.
आइलम का कार्य लिखिए।
उत्तर-
जाइलम का कार्य-यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए खनिज लवणों को जड़ से लेकर पौधे के शीर्ष भागों तक पहुँचाता है। यह पौधे को यांत्रिक शक्ति भी प्रदान करता है।

प्रश्न 23.
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतकों के नाम लिखिए।
उत्तर-
जंतुओं में निम्नलिखित चार प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं-

  1. एपीथीलियमी ऊतक (Epithelial tissues) – ये ऊतक जंतुओं की बाहरी सतह तथा आंतरिक सतह का आवरण बनाते हैं।
  2. संयोजी ऊतक (Connective tissues) – ये ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ने, बांधने तथा सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करते हैं।
  3. पेशीय ऊतक (Muscular tissues) – इसकी कोशिकाएं लंबी तथा बड़ी होती हैं। ये हमारे शरीर के विभिन्न भागों के गति करने में सहायता देते हैं।
  4. तंत्रिका ऊतक (Nervous tissues) – यह ऊतक विशेष प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है जिन्हें न्यूरान्ज कहते हैं। यह हमें उद्दीपनों की जानकारी देता है।

प्रश्न 24.
सुरक्षात्मक ऊतक पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 15
सुरक्षात्मक ऊतक-

  1. यह पादप शरीर का बाहरी आवरण होता है।
  2. यह एक कोशिकीय तथा मोटा होता रपचर्ड बाह्य त्वचा कार्क कोशिकाएँ
  3. यह क्यूटिन द्वारा ढका होता है।
  4. यह पादप शरीर के आंतरिक ऊतक को सुरक्षा प्रदान करता है।

कार्क की कोशिकाएँ मृत होती हैं तथा इनमें कोई अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होता। इनकी भित्तियां सुबेरिन के कारण मोटी हो जाती हैं। कार्क एक हल्का तथा सुरक्षात्मक ऊतक है। यह अधिक दाब वाला होता है और जल्दी आग नहीं पकड़ता।

प्रश्न 25.
पेशीय ऊतक क्या हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
पेशीय ऊतक – इसकी कोशिकाएँ लंबी तथा बड़ी होती हैं जिन्हें पेशीय तंतु कहते हैं । वे विभिन्न मापों के होते हैं । यह हमारे शरीर के विभिन्न भागों की गति हेतु उत्तरदायी होते हैं। हमारे शरीर में तीन प्रकार के पेशीय ऊतक पाये जाते हैं। ये :-अरेखित पेशी ऊतक, अनैच्छिक ऊतक तंतु, रेखित पेशी तंतु ऊतक, ऐच्छिक तथा हृदय पेशी ऊतक जो केवल हृदय में पायी जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 16

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 26.
संयोजी ऊतक के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
संयोजी ऊतक के कार्य-संयोजी ऊतक के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं-

  1. ये ऊतकों को आपस में बांधने तथा विभिन्न अंगों के एक-दूसरे के साथ जोड़ने का कार्य करते हैं।
  2. ये अस्थि तथा उपास्थि कंकाल बनाते हैं तथा शरीर के कोमल अंगों की सुरक्षा करते हैं।
  3. वसा ऊतक वसा का भंडारण करने में सहायता करते हैं।
  4. इनमें एक जैल जैसा पदार्थ होता है जो आघात अवशोषक का कार्य करता है।
  5. तरल संयोजी ऊतक रुधिर तथा लसिका पदार्थों के परिवहन में सहायता करते हैं।

प्रश्न 27.
वर्णक ऊतक क्या हैं ?
उत्तर-
वर्णक ऊतक (Pigment tissue) – इसकी कोशिकाएं लंबी तथा शाखित होती हैं। इनमें रंजक कण पाए जाते हैं। ये ऊतक त्वचा की डर्मिस, नेत्रों के रक्तक पटल तथा आइरिस में पाए जाते हैं। ये त्वचा के रंग प्रदान करने का कार्य करते हैं।

प्रश्न 28.
तंतुमय संयोजी ऊतक क्या हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? वर्णन करो।
उत्तर-
तंतुमय संयोजी ऊतक (Fibrous connective tissues) – ये ऐसे ऊतक हैं जिनमें आधात्री की मात्रा कम तथा रेशेदार तंतु अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

ये निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  • श्वेत रेशेदार संयोजी ऊतक (White fibrous connective tissues) – इसके तंतु आपस में जुड़े हुए होते हैं। ये मज़बूत तथा लोच रहित होते हैं। इनकी कोशिकाएं दृढ़ता प्रदान करती हैं। ये पेशियों की अस्थियों को जोड़ने का कार्य करते हैं।
  • पीत तंतुमय संयोजी ऊतक (Yellow fibrous tissues) – ये ऊतक उन स्थानों पर अधिक पाए जाते हैं जहां पर लोच की अधिक आवश्यकता होती है। ये तंतु पीले, लोचदार तथा शाखित होते हैं।

प्रश्न 29.
कंडरा तथा स्नायु में अंतर बताओ।
उत्तर-
कंडरा तथा स्नायु में अंतर-

कंडरा (Cartilage) स्नायु (Ligament)
(1) यह कठोर तथा लोचदार ऊतक है। (1) यह सघन तथा रेशेदार ऊतक है।
(2) यह पेरिकोंड्रियम द्वारा ढका होता है। (2) यह इलास्टिक तथा कोलेजन तंतुओं का बना होता है।
(3) इसमें कोंट्रियोसाइटस इलास्टिक तंतुओं के जाल के रूप में बिखरे होते हैं। (3) यह अस्थियों को आपस में बांध कर रखता है।

प्रश्न 30.
रुधिर ऊतक के मुख्य अवयव क्या हैं ? उनके प्रमुख लक्षण दीजिए।
उत्तर-
रुधिर के मुख्य अवयव तथा उनके लक्षण-

अवयव का नाम मुख्य लक्षण
(1) रुधिर प्लाज्मा (1) यह तरल आधात्री है। यह भूरे रंग का होता है । इसमें 90% जल तथा प्रोटीन होती हैं।
(2) रुधिर प्लेटलेटस (2) ये अस्थि मज्जा में पाये जाने वाले बड़ी कोशिकाओं के कण हैं । य रुधिर का थक्का जमने में सहायता करते हैं।
(3) रुधिर कण :
(i) एरिथ्रोसाइट अथवा लाल रुधिर कण(ii) ल्युकोसाइट अथवा श्वेत रुधिर कण
(3) (i) इन्हें लाल रक्त कण कहते हैं। ये विअवतल तथा तश्तरीनुमा होते हैं। इनमें हीमोग्लोबिन होता है। यह ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के परिवहन का काम करता है।

(ii) इन्हें श्वेत रक्त कण कहते हैं। ये रंगहीन होते हैं। ये रोगाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 31.
संहत अस्थि क्या है ?
उत्तर-
संहत अस्थि (Compact bone) – यह सख्त तथा ठोस होती है। यह लंबी अस्थियों की शाफ्ट जैसे फीमर, में पायी जाती है। यह गोल तथा अनियमित अस्थियों की सधन परतों को बनाती है। इसमें अनेक समानांतर तथा लंबवत् स्तंभ जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें हैवरसियन तंत्र कहते हैं। वे एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

प्रश्न 32.
तंत्रिका ऊतक का वर्णन करो।
उत्तर-
तंत्रिका ऊतक न्यूरोन्स अथवा तंत्रिका कोशिकाओं न्यूरोग्लीआ कोशिकाओं तथा तंत्रिकास्त्रावी कोशिकाओं का बना होता है। तंत्रिका कोशिका में एक कोशिका काय तथा एक या अधिक एक्सोन होते हैं। उदाहरणार्थ : कोशिका काय में केंद्रक, कोशिका द्रव्य तथा निस्सल के कण होते हैं। एक्सान एक लंबा प्रवर्ध है जिसमें न्यूरोप्लाज्म तथा न्यूरोफाइब्रिल्स होते हैं। इसमें निस्सल कण नहीं होते। एक्सान माइलिन वसा की आच्छद द्वारा ढका हो सकता है (आच्छादित न्यूरोन)। यह आच्छद अंतराल पर अनुपस्थित होती है। इन अंतरालों को रेनवियर का नोड कहते हैं । नोड न्यूरीलेमा द्वारा घिरी होती हैं । कुछ तंत्रिका तंतुओं में माइलिन आच्छद नहीं होती।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 17

प्रश्न 33.
तंत्रिका में अंतग्रर्थन द्वारा प्रेरणा का संचालन कैसे होता है ? वर्णन करो।
उत्तर-
तंत्रिका प्रेरणा का संचालन – तंत्रिका कोशिका के दोनों न्यूरॉनों के डेंड्राइटों के बीच एक युग्म होता है जिसे साइनेपसिस कहते हैं। एक न्यूरॉन के साइटोन के डेंड्राइटस् दूसरे न्यूरॉन के एक्सोन टर्मिनल के संपर्क में रहते हैं। इसके अंतिम सिरे से कई शाखाएं निकलती हैं जिन्हें बटनस टर्मिनलस कहते हैं। इसी स्थान से न्यूरोट्रांसमीटर मुक्त होता है जो आवेग को अगले न्यूरॉन देता है। इस प्रकार तंत्रिका द्वारा प्रेरणा का संचालन होता रहता है।

प्रश्न 34.
अस्थि और उपास्थि में दो अंतर लिखिए।
उत्तर-
अस्थि तथा उपास्थि में अंतर-

अस्थि (Bone) उपास्थि (Cartilage)
(1) इसका आधात्री (Matrix) कठोर तथा लचीला होता है। (1) इसका आधात्री कठोर तथा मज़बूत होता है। इसकी मजबूती अकार्बनिक लवणों के जमा होने के कारण होती है।
(2) इसका आधात्री कोंड्रिन का बना होता है। (2) इसका आधात्री ओसीन का बना होता है।
(3) यह पेरीकोंड्रियम के द्वारा ढका होता है। (3) यह पेराआस्टीयम के द्वारा ढका होता है।
(4) इसमें हैवरसियन तंत्र अनुपस्थित होता है। (4) इसमें हैवरसियन तंत्र उपस्थित होता है।

प्रश्न 35.
शीत क्षेत्रों में रहने वाले प्राणियों और अति ठंडे जल में रहने वाली मछलियों पर वसा की अतिरिक्त मोटी परत होती है। क्यों ?
उत्तर-
शीत क्षेत्रों में रहने वाले प्राणियों और अति ठंडे जल में रहने वाली मछलियों पर वसा की मोटी परत होती है क्योंकि इससे उन्हें अपने शरीर के लिए तापीय नियंत्रण हेतु अतिरिक्त सुरक्षा की प्राप्ति हो जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 36.
यदि एक गमले में लगे पौधे को काँच के जार से ढाँप दिया जाए तो उसमें जलवाष्प दिखाई देने लगते हैं। क्यों ?
उत्तर-
पौधे की पत्तियों में छोटे-छोटे रंध्र होते हैं जिन्हें स्टोमेटा कहते हैं। इनसे वाष्पोत्सर्जन की क्रिया होती रहती है। इसी क्रिया के कारण काँच के जार में जलवाष्प दिखाई देने लगते हैं।

प्रश्न 37.
रेगिस्तानों में उगने वाले पौधों में प्रायः एपीडर्मिस (छाल) मोटी और मोम जैसी होती है। क्यों ?
उत्तर-
रेगिस्तानों में उगने वाले पौधों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ती है। उनकी मोटी छाल जल की हानि को कम कर उनके सभी भागों की रक्षा करती है। इनकी सतह पर मोम जैसी जल प्रतिरोधी परत एपीडर्मल कोशिका के द्वारा बनाई जाती है, जो जल हानि के विरुद्ध यांत्रिक आघात तथा परजीवी कवक के प्रवेश से पौधों का बचाव करती है।

प्रश्न 38.
पेड़-पौधों की जड़ों में प्रायः बाल जैसे प्रवर्ध क्यों होते हैं ?
उत्तर-
पेड़-पौधों की जड़ों में एपीडर्मिल कोशिकाएँ पानी को सोखने का कार्य करती हैं। उनमें बाल जैसे प्रवर्ध जड़ों की अवशोषक सतह में वृद्धि कर देते हैं जिससे उनकी पानी सोखने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 39.
(a) शल्की,
(b) घनाकार,
(c) स्तंभाकार एपीथीलियम दर्शाते हुए चित्र बनाइए।
उत्तर-
(a) शल्की एपीथीलियम (Squamous epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 18

(b) घनाकार एपीथीलियम (Cuboidel epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 19

(c) स्तंभाकार एपीथीलियम (Columnar epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 20

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक क्या है ?
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – यह समान उत्पत्ति, संरचना तथा कार्यों वाली कोशिकाओं का एक समूह होता है। इससे शरीर के अंग बनते हैं।

प्रश्न 2.
पौधों के ऊतकों के दो समूहों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. विभाज्योतकी ऊतक
  2. स्थायी ऊतक।

प्रश्न 3.
ऐसी कोशिकाओं के समूह के नाम बताओ जिनमें लगातार विभाजन होता रहता है।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक।

प्रश्न 4.
विभाज्योतकी ऊतक के तीन प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. शीर्षस्थ विभाज्योतकी ऊतक
  2. अंतर्वेशी विभाज्योतकी ऊतक
  3. पार्श्व विभाज्योतकी ऊतक।

प्रश्न 5.
शीर्षस्थ विभाज्योतकी ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जड़, तना तथा शाखाओं के शीर्षों पर।

प्रश्न 6.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ?
उत्तर-
ऐसे ऊतक जिनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है, उन्हें स्थायी ऊतक कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 7.
स्थायी ऊतक के दो प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. साधारण ऊतक
  2. जटिल ऊतक।

प्रश्न 8.
साधारण ऊतक किन्हें कहते हैं ?
उत्तर-
यह ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होते हैं।

प्रश्न 9.
साधारण ऊतकों के तीन प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. मृदुतक
  2. स्थूल कोण ऊतक
  3. दृढ़ ऊतक।

प्रश्न 10.
पैरेंकाइमा ऊतकों की कोशिकाएं किस आकार की होती हैं ?
उत्तर-
बहुभुजी, अंडाकार तथा गोल।

प्रश्न 11.
कॉलेकाइमा पौधे प्रायः किस भाग में पाए जाते हैं ?
उत्तर-
पौधे के हरे भागों में।

प्रश्न 12.
दृढ़ोतक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है ?
उत्तर-
मृत कोशिकाओं का।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 13.
जटिल ऊतक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
यह विभिन्न आकार तथा माप की कोशिकाओं से मिलकर बना ऐसा समूह है जो एक इकाई का कार्य करता है। यह जल में घुलित लवणों का परिवहन करता है तथा भोजन को पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक ले जाता है।

प्रश्न 14.
जटिल ऊतक के दो प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. जाइलम
  2. फ्लोएम।

प्रश्न 15.
जाइलम के चार विभिन्न अवयवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. वाहिनीकाएं
  2. वाहिकाएं
  3. दारु मृदुतक
  4. काष्ठ तंतु।

प्रश्न 16.
फ्लोएम के चार अवयवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. चालनी नलिकाएं
  2. सखी कोशिकाएं
  3. फ्लोएम मृदुतक
  4. फ्लोएम तंतु।

प्रश्न 17.
जंतु ऊतकों के चार प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. एपीथीलियमी ऊतक
  2. संयोजी ऊतक
  3. पेशीय ऊतक
  4. तंत्रिका ऊतक।

प्रश्न 18.
एपीथीलियमी ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जंतुओं की बाहरी तथा आंतरिक सतहों पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 19.
तीन प्रकार के पेशीय ऊतकों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. रेखित पेशीय ऊतक
  2. अरेखित पेशीय ऊतक
  3. हृदय पेशीय ऊतक।

प्रश्न 20.
हृदय की पेशियां किस प्रकार की पेशियां होती हैं ?
उत्तर-
अनैच्छिक पेशियां।

प्रश्न 21.
संयोजी ऊतकों के दो मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
विभिन्न अंगों को जोड़ना, बांधना तथा सुरक्षा प्रदान करना।

प्रश्न 22.
संयोजी ऊतक की किस्मों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. अस्थि
  2. उपास्थि
  3. रुधिर
  4. टैंडन तथा
  5. लिगामैंट।

प्रश्न 23.
सभी सजीव किससे बने होते हैं ?
उत्तर-
कोशिकाओं से।

प्रश्न 24.
अमीबा अपनी एक ही कोशिका से क्या-क्या कार्य करता है ?
उत्तर-
गति, भोजन लेने की क्रिया, श्वसन क्रिया और उत्सर्जन क्रिया।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 25.
क्या पौधों और जंतुओं में एक ही तरह के ऊतक होते हैं ?
उत्तर-
नहीं, दोनों में ऊतक अलग-अलग प्रकार के होते हैं!

प्रश्न 26.
पौधों को कम रख-रखाव की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
पौधों के अधिकांश ऊतक मृत होते हैं पर वे जीवित ऊतक की तरह ही यांत्रिक मज़बूती प्रदान करते हैं। इसलिए उन्हें कम रख-रखाव की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 27.
जंतु ऊतक ऊर्जा की अधिक खपत क्यों करते हैं ?
उत्तर-
जंतु ऊतक अधिकतर जीवित होते हैं और भोजन, साथी और आश्रय की खोज में इधर-उधर घूमते रहते हैं जिस कारण वे ऊर्जा की अधिक खपत करते हैं।

प्रश्न 28.
पौधों और जंतुओं के बीच वृद्धि के प्रतिरूप क्या अंतर है ?
उत्तर-
पौधों की वृद्धि कुछ भागों में सीमित रहती हैं जबकि जंतुओं में ऐसा नहीं होता।

प्रश्न 29.
विभाज्योतक किस प्रकार के जीव से संबंधित है ?
उत्तर-
पादपों से।

प्रश्न 30.
प्ररोह के शीर्षस्थ विभाज्योजतक कहां मौजूद होते हैं ?
उत्तर-
जड़ों और तनों की वृद्धि वाले भाग में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 31.
किसी पेड़-पौधे के तने की परिधि या मूल में वृद्धि किस ऊतक के कारण होती है ?
उत्तर-
पार्श्व विभाज्योतक कैंबियम के कारण ।

प्रश्न 32.
पत्तियों के आधार या टहनी के पर्वसंधि के दोषों और कौन-सा ऊतक होता है ?
उत्तर-
अंतर्विष्ट विभाज्योतक।

प्रश्न 33.
विभाज्योतक की क्रियाशीलता का क्या कारण है ?
उत्तर-
बहुत अधिक कोशिका द्रव, पतली कोशिका, भित्ति और स्पष्ट केंद्रक।

प्रश्न 34.
किस पादप ऊतक के पास रसधानी नहीं होती ?
उत्तर-
विभाज्योतक के पास।

प्रश्न 35.
विभेदीकरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
एक विशिष्ट कार्य करने के लिए विभाज्योतक के स्थायी रूप और आकार लेने की क्रिया को विभेदीकरण कहते हैं।

प्रश्न 36.
जलीय पौधे तैरने का गुण किस से प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
पेरेंकाइमा की कोशिकाओं के मध्य भरी हवा से।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 37.
पौधों में लचीलेपन का गुण किस ऊतक के कारण होता है ?
उत्तर-
कालेंकाइमा के कारण।

प्रश्न 38.
कालेंकाइमा ऊतक की कोशिकाएं कैसी होती हैं ?
उत्तर-
जीवित, लंबी और अनिमत ढंग से कोनों पर मोटी।

प्रश्न 39.
पौधों को कठोरता और मज़बूती कौन-सा ऊतक देता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

प्रश्न 40.
नारियल का रेशेदार छिलका किस ऊतक से बनता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

प्रश्न 41.
स्कलेरेंकाइमा ऊतक की भित्ति किस कारण मोटी होती है ?
उत्तर-
लिग्निन नामक रासायनिक पदार्थ के कारण।

प्रश्न 42.
पत्तों की शिराओं, बीजों और फलों के छिलकों को कठोरता कौन प्रदान करता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 43.
एपीडर्मल कोशिकाएं क्या करती हैं ?
उत्तर-
मोम जैसी जल प्रतिरोधी परत बनाकर पौधों की रक्षा करती है।

प्रश्न 44.
रक्षी कोशिका क्या है ?
उत्तर-
स्टोमेटा को घेरने वाले वृक्क के आधार की दो कोशिकाएं ।

प्रश्न 45.
पत्तों से वाष्पोत्सर्जन और गैसों का वायुमंडल से आदान-प्रदान कौन करता है ?
उत्तर-
स्टोमेटा।

प्रश्न 46.
फ्लोएम कोशिकाओं में कौन-सी मृत होती हैं ?
उत्तर-
फ्लोएम रेशे।

प्रश्न 47.
जंतु अंगों को गति कौन प्रदान करता है ?
उत्तर-
पेशी ऊतक।

प्रश्न 48.
रक्त किन पदार्थों को इकट्ठा कर कहाँ पहुँचाता है ?
उत्तर-
रक्त शरीर के व्यर्थ उपापचयी पदार्थों को इकट्ठा कर यकृत और वृक्क तक उत्सर्जन के लिए पहुँचाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 49.
पदार्थों का संवहन किस झिल्ली से होता है ?
उत्तर-
वरणात्मक पारगम्य झिल्ली।

प्रश्न 50.
आहारनली और मुँह का अस्तर किससे ढका होता है ?
उत्तर-
शल्की एपीथीलियम से।

प्रश्न 51.
त्वचा किससे बनती है ?
उत्तर-
एपीथीलियम ऊतक से।

प्रश्न 52.
पक्षमाभी स्तंभाकार एपीथीलियम कहां होते हैं ?
उत्तर-
श्वास नली में।

प्रश्न 53.
वृक्कीय नली और लार ग्रंथि की नली के अस्तर का निर्माण कौन करता है ?
उत्तर-
घनाकार एपीथीलियम।

प्रश्न 54.
एपीथीलियम ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जंतुओं की बाहरी तथा आंतरिक सतहों पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 55.
मानव शरीर में कठोर ऊतक कौन-सा है ?
उत्तर-
हड्डी ।

प्रश्न 56.
किस ऊतक को जीवन धारा कहते हैं ?
उत्तर-
रुधिर।

प्रश्न 57.
रुधिर प्लाज्मा में कितने प्रतिशत जल होता है ?
उत्तर-
90% (लगभग)।

प्रश्न 58.
रक्त किस प्रकार का ऊतक है ?
उत्तर-
संयोजी ऊतक।

प्रश्न 59.
रक्त के तरल आधात्री भाग को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
प्लाज्मा।

प्रश्न 60.
प्लाज्मा में क्या-क्या होता है ?
उत्तर-
लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेतरक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 61.
रक्त किन-किन पदार्थों का संवहन शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में करता है ?
उत्तर-
गैसों, पचे हुए भोजन, हार्मोन तथा उत्सर्जी पदार्थों का।

प्रश्न 62.
अस्थि कोशिकाओं में कौन-से तत्त्व होते हैं ?
उत्तर-
कैल्शियम तथा फॉस्फोरस।

प्रश्न 63.
अस्थियों को मांसपेशियों से कौन जोड़ता है ?
उत्तर-
संयोजी ऊतक कंडरा।

प्रश्न 64.
कंडरा ऊतक कैसे होते हैं ?
उत्तर-
कंडरा रेशेदार ऊतक है जो बहुत मज़बूत और कम लचीले होते हैं।

प्रश्न 65.
उपस्थि क्या है ?
उत्तर-
उपस्थि संयोजी ऊतक है जो अस्थियों के जोड़ों को चिकनी बनाती है ?

प्रश्न 66.
शरीर के अंगों में उपास्थि कहाँ-कहाँ होती है ?
उत्तर-
नाक, कान, कंठ और श्वास नली में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 67.
एरीओलर संयोजी ऊतक कहाँ-कहाँ पाया जाता है ?
उत्तर-
त्वचा और मांसपेशियों के बीच, रक्त नलिका के चारों ओर तथा नसों और अस्थि मज्जा में।

प्रश्न 68.
वसा का संचय कहा होता है ?
उत्तर-
त्वचा के नीचे भीतरी अंगों के बीच वसामय ऊतक में।

प्रश्न 69.
पेशियों में गति किस कारण होती है ?
उत्तर-
पेशियों में विद्यमान सिकुड़ने वाले प्रोटीन के कारण।

प्रश्न 70.
ऐच्छिक पेशियां क्या होती हैं ?
उत्तर-
जिन पेशियों को हम अपनी इच्छा से गति करा सकते हैं उन्हें ऐच्छिक पेशियां कहते हैं।

प्रश्न 71.
रेखित पेशियों के ऊतक की कोशिकाएं कैसी होती है ?
उत्तर-
लंबी, बेलनाकार, शाखारहित और बहु नाभिकीय।

प्रश्न 72.
अनैच्छिक पेशियां किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जो पेशियां हम स्वयं संचालित नहीं कर सकते।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 73.
कौन-सी पेशियां अनैच्छिक पेशियों को नियंत्रित करती हैं ?
उत्तर-
चिकनी पेशियां या अनैच्छिक पेशियां।

प्रश्न 74.
अनैच्छिक पेशियां शरीर में कहाँ-कहाँ पाई जाती हैं ?
उत्तर-
आँख की पलक, मूत्रवाहिनी और फेफड़ों की श्वसनी में।

प्रश्न 75.
हृदय की पेशियों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
हृदय की अनैच्छिक पेशियों को कार्डिक (हृदयक) पेशी कहते हैं।

प्रश्न 76.
अति शीघ्रता उत्तेजित होने वाली कोशिकाओं का नाम लिखिए।
उत्तर-
तंत्रिका ऊतक की कोशिकाएं।

प्रश्न 77.
तंत्रिका ऊतक से हमारे शरीर में क्या-क्या निर्मित होता है ?
उत्तर-
मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाएं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 78.
न्यूरॉन क्या है ?
उत्तर-
तंत्रिका कोशिकाएं।

प्रश्न 79.
तंत्रिका कोशिका कितनी लंबी हो सकती है ?
उत्तर-
एक मीटर तक लंबी।