PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

प्रश्न 1.
निम्न रैखिक समीकरण युग्म को प्रतिस्थापन विधि से हल कीजिए :
(i) x + y = 14
x – y = 4

(ii) s – t= 3
\(\frac{s}{3}+\frac{t}{2}\) = 6

(iii) 3x – y = 3
9x – 3y = 9

(iv) 0.2x + 0.3y = 1.3
0 .4x + 0.5y = 2.3

(v) √2x + √5y = 0
√3x – √8y = 0

(vi) \(\frac{3 x}{2}-\frac{5 y}{3}\) = – 2
\(\frac{x}{3}+\frac{y}{2}=\frac{13}{6}\)
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
12x + y = 14 …………..(1)
और x – y = 4 ………..(2)
(2) से, x = 4 + y ………….(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4 + y + y = 14
या 2y = 14 – 4
या 2y = 10
या y = \(\frac{10}{2}\) = 5
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 4 + 5 = 9 अतः, x = 9 और y = 5.

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(ii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
s – t = 3 ……………(1)
और \(\frac{s}{3}+\frac{t}{2}\) = 6

या \(\frac{2 s+3 t}{6}\) = 6

या 2s + 3t = 36 ……………(2)
(1) से, 5 = 3 + t ………….(3)
s का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 (3 + t) + 3t = 36
या 6 + 2t + 3t = 36
या 6 + 5t = 36
या 5t = 36 – 6
या 5t = 30
या t = \(\frac{30}{5}\) = 6
t का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
s = 3 + 6 = 9
अतः, s = 9 और t = 6.

(iii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
3x – y = 3 ……………(1) और
9x – 3y = 9 ……………..(2)
(1) से,
3x – 3 = y
या y =3x – 3 ………….(3)
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
9x – 3 (3x – 3) = 9
या 9x – 9x + 9 = 9
या 9 = 9
यह कथन x के सभी मानों के लिए सत्य है।
फिर भी हम x का कोई विशेष मान हल के रूप में प्राप्त नहीं करते।
इसलिए हम y का भी कोई मान प्राप्त हीं कर सकते। यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि दी ई दोनों समीकरणें एक ही हैं।
अतः, समीकरण (1) और (2) के असीमित रूप से अनेक हल हैं।

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(iv) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
0.2x + 0.3y = 1.3
या \(\frac{2}{10} x+\frac{3}{10} y=\frac{13}{10}\)
या 2x + 3y = 13 ………….(1)
0.4x + 0.5y = 2.3
या \(\frac{4}{10} x+\frac{5}{10} y=\frac{23}{10}\)
या 4x + 5y = 23 …………….(2)
(1) से, 2x = 13 – 3y
या x = \(\frac{13-3 y}{2}\) …………..(3)
x का यह मान समीकरण (2), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4 \(\left[\frac{13-3 y}{2}\right]\)]+ 5y = 23
26 – 6y + 5y = 23
– y = 23 – 26 = – 3
y = 3
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{13-3 \times 3}{2}\)

= \(\frac{13-9}{2}=\frac{4}{2}\) = 2
अतः, x = 2 और y = 3

(v) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है:
√2x + √3y = 0 ……………..(1)
और √3x – √8y = 0 …………..(2)
(2) से, √3x = √8y
x = \(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}}\) y …………….(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
\(\sqrt{2}\left(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}} y\right)\) +√3y = 0
या \(\left[\frac{4}{\sqrt{3}}+\sqrt{3}\right]\) y = 0
या y = 0
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}}\) × 0 = 0
अतः x = 0 और y = 0.

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(vi) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :

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x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 \(\left[\frac{10 y-12}{9}\right]\) + 3y = 13

या \(\frac{20 y-24}{9}\) + 3y = 13

या \(\frac{20 y-24+27 y}{9}\) = 13

या 47y – 24 = 13 × 9 = 117
या 47y = 117 + 24 = 141
या y = \(\frac{141}{47}\) = 3
y का यह मान समीकरण (3), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{10 \times 3-12}{9}\)

= \(\frac{30-12}{9}\)

= \(\frac{18}{9}\) = 2
अतः x = 2 और y = 3.

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प्रश्न 2.
2x + 3y = 11 और 2x – 4y = – 24 को हल कीजिए और इससे ‘m’ का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए y = mx + 3 हो।
हल :
दी गई रैखिक समीकरण युग्म है :
2x + 3y = 11 …………..(1)
और 2x – 4y = – 24 ……………(2)
(2) से,
2x = 4y – 24
या 2x = 2 [2y – 12]
या x = 27 – 12 ……………(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 (2y – 12) + 3Y = 11
या 4y – 24 + 3y = 11
या 7y = 11 + 24
या 7y = 35
या y = \(\frac{35}{7}\) = 5
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 2 (5) – 12
= 10 – 12 = 2
अब y = mx + 3 लीजिए।
x = – 2, y = 5 प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है:
5 = m (- 2) + 3
या 5 – 3 = – 2m
या 2 = – 2m
या – 2m = 2
m = – 1
अतः x = – 2, y = 5 और m = – 1.

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प्रश्न 3.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरण युग्म बनाइए और उनके हल प्रतिस्थापन विधि द्वारा ज्ञात कीजिए :
(i) दो संख्याओं का अंतर 26 है और एक संख्या दूसरी संख्या की तीन गुनी है। उन्हें ज्ञात कीजिए।

(ii) दो संपूरक कोणों में बडा कोण छोटे कोण से 18 डिग्री अधिक है। उन्हें ज्ञात कीजिए।

(iii) एक क्रिकेट टीम के कोच ने 7 बल्ले तथा 6 गेंदें ₹ 3800 में खरीदीं। बाद में, उसने 3 बल्ले तथा 5 गेंदें ₹ 1750 में खरीदीं। प्रत्येक बल्ले और प्रत्येक गेंद का मूल्य ज्ञात कीजिए।

(iv) एक नगर में टैक्सी के भाड़े में एक नियत भाड़े के अतिरिक्त चली गई दूरी पर भाड़ा सम्मिलित किया जाता है। 10 km की दूरी के लिए भाड़ा ₹ 105 है तथा 15 km के लिए भाड़ा ₹ 155 है। नियत भाड़ा तथा प्रति km भाड़ा क्या है ? एक व्यक्ति को 25 km यात्रा करने के लिए कितना भाड़ा देना होगा ?

(v) यदि किसी भिन्न के अंश और हर दोनों में 2 जोड़ दिया जाए, तो वह \(\frac{9}{11}\) हो जाती है। यदि अंश और हर दोनों में 3 जोड़ दिया जाए, तो वह \(\frac{5}{6}\) हो जाती है। वह भिन्न ज्ञात कीजिए।

(vi) पाँच वर्ष बाद जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु से तीन गुनी हो जाएगी। पाँच वर्ष पूर्व जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु की सात गुनी थी। उनकी वर्तमान आयु क्या है ?

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हल:
(i) मान लीजिए दो संख्याएँ x और y है,
पहली शर्त अनुसार,
x – y = 26 ………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x = 3y ………….(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3y – y = 26
या 2y = 26
या y = \(\frac{26}{2wad}\) = 13
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 × 13 = 39
अतः दो संख्याएँ 39, 13 हैं।

(ii) मान लीजिए दो संपूरक कोण x, y हैं और x > y
पहली शर्त अनुसार,
x + y = 180 …………(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x = y + 18 ………….(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
y + 18 + y = 180
या 2y = 180 – 18
या 2y = 162
या y = \(\frac{162}{2}\) = 81
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 81 + 18 = 99
अतः अभीष्ट कोण 99, 81 हैं।

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(iii) मान लीजिए एक बल्ले का मूल्य = ₹ x और
एक गेंद का मूल्य = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
7x + 6y = ₹ 3800 ……………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार.
3x + 5y = ₹ 1750 …………(2)
(1) से, 7x = ₹ 3800 – 6y
या x = \(\frac{3800-6 y}{7}\) …………….(3)
x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3[latex][/latex] + 5y = 1750

या \(\frac{11400-18 y+35 y}{7}\) = 1750

या 11400 + 17y = 1750 × 7
या 11400 + 17y = 12250
या 17y = 12250 – 11400
या 17y = 850
या y = \(\frac{850}{17}\) = 50
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{3800-6 \times 50}{7}\)

= \(\frac{3800-300}{7}=\frac{3500}{7}\)
x = 500
अतः, एक बल्ले का मूल्य = ₹ 500
और एक गेंद का मूल्य = ₹ 50

(iv) मान लीजिए टैक्सी का निश्चित किराया = ₹ x
और एक km यात्रा का किराया = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
x + 10y = 105 ………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x + 15y = 155 …………(2)
(1) से,
x = 105 – 10y …………(3)
x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
105 – 10y + 15y = 155
या 5y = 155 – 105
या 5y = 50
या y = \(\frac{50}{5}\) = 10
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 105 – 10 × 10
= 105 – 100 = 5
अतः, टैक्सी की निश्चित किराया = 5 रु
और 1 कि.मी. यात्रा का किराया = 10 रु
साथ ही 25 कि.मी. यात्रा का किराया = (10 × 25) रु + 5 रु
= [250 + 5] रु
= [250 + 5] रु
= 255 रु

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(v) मान लीजिए दी गई भिन्न का हर = x
मान लीजिए दी गई भिन्न का अंश = y
∴ अभीष्ट भिन्न = \(\frac{x}{y}\)
पहली शर्त अनुसार,

\(\frac{x+2}{y+2}=\frac{9}{11}\)

या 11 (x + 2) = 9 (y + 2)
या 11x + 22 = 9y + 18
या 11x = 9y + 18 – 22
या 11x = 9y – 4
या x = \(\frac{9 y-4}{11}\) ………….(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
या \(\frac{x+3}{y+3}=\frac{5}{6}\)
या 6 (x + 3) = 5 (y + 3)
या 6x + 18 = 5y + 15
या 6x – 5y = 15 – 18
या 6x – 5y = -3 …………..(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
6 \(\left[\frac{9 y-4}{11}\right]\) – 5y = – 3

या \(\frac{54 y-24}{11}\) – 5y = – 3

या \(\frac{54 y-24-55 y}{11}\) = -3
या – y – 24 = – 3 × 11
या – y = – 33 + 24
या – y = -9
y = 9
y का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{9 \times 9-4}{11}=\frac{81-4}{11}\)

= \(\frac{77}{11}\) = 7

अतः, अभीष्ट भिन्न \(\frac{7}{9}\) है।

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(vi) मान लीजिए जैकब की वर्तमान आयु = x वर्ष
और जैकब के बेटे की वर्तमान आयु = y वर्ष

पाँच वर्ष पश्चात्
जैकब की आयु = (x + 5) वर्ष
उसके पुत्र की आयु = (v + 5) वर्ष

पहली शर्त अनुसार,
x + 5 = 3 (y + 5)
या x + 5 = 3y + 15
या x = 3y + 15 – 5
या x = 3y + 10 ……………..(1)

पाँच वर्ष पहले
जैकब की आयु = (x – 5) वर्ष
उसके पुत्र की आयु = (y – 5) वर्ष
दूसरी शर्त अनुसार,
x – 5 = 7 (y – 5)
या x – 5 = 7y – 35
या x – 7y = – 35 + 5
या x – 7y = – 30
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3y + 10 – 7y = – 30
या – 4y = – 30 – 10
या – 4y = – 40
या y = 10
y का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 (10) + 10
= 30 + 10 = 40
अतः, जैकब और उसके पुत्र की आयु क्रमश: 40 वर्ष और 10 वर्ष है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

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विज्ञापन
विज्ञापन का अर्थ है कि कंपनी किस तरह लोगों को अपने उत्पादों, सेवाओं या विचारों को खरीदने के लिए उत्तेजित करती हैं। एक विज्ञापन क्या होता है। वह वस्तुएं जो आपका ध्यान अच्छे से अपनी ओर खींचती हैं। यह आमतौर पर किसी विज्ञापन एजेंसी द्वारा डिज़ाइन किया जाता है। विज्ञापन टेलीविज़न, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिका आदि में दिखाई देते हैं। विज्ञापन के प्रायोजक बहुधा व्यापारी होते हैं जो अपने उत्पादों और सेवाओं को पदोन्नत करना चाहते हैं।

विज्ञापनों को अलग-अलग मीडिया द्वारा संचारित किया जाता है जैसे कि पुराना मीडिया जिसका भाव है-समाचार-पत्र, पत्रिका, टेलीविजन, रेडियो, बाहरी विज्ञापन या सीधी मेल और नई मीडिया से भाव है सर्च रिजल्ट, ब्लॉग, वैबसाइट या टैकस्ट संदेश आदि। एक मीडिया में संदेश की असली पेशकारी को विज्ञापन या “AD” द्वारा चित्रित किया जाता है। गैर-व्यावसायिक विज्ञापन में राजनीतिक पार्टियों, रुचि रखने वाले समूह, धार्मिक संगठन और सरकारी एजेंसियां आदि शामिल होती हैं।

ऐम० एस०-पब्लिशर ब्रोशर, समाचार पत्र, व्यापार कार्ड और चित्र मेन्यू सहित अलग-अलग पब्लिकेशन बनाने में हमारी मदद करने के लिए टैम्पलेट और अधिक साधन प्रदान करता है। विज्ञापन के लिए अलगअलग प्रिंट मीडिया नीचे दिए हुए हैं।

  • ब्रोशर (Brochures)
  • न्यूजलैटर (Newsletters)
  • बैनर (Banners)
  • सूची (Catalogs)
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ब्रोशर
एक ब्रोशर एक ही सूचना से भरा/कागज़ी दस्तावेज होता है, जो कभी-कभी विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी टैंपलेट, पैंफलेट या लीफलेट में फोल्ड किया जाता है। ब्रोशर एक प्रोत्साहनपरक दस्तावेज है। जो मुख तौर पर किसी भी कंपनी, संस्था, उत्पादों या सेवाओं को जनता के सामने लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ब्रोशर को समाचार पत्र में और व्यस्त स्थानों में ब्रोशर रैकों में रखा जाता है। उसको ग्रे-लिटरेचर भी कहा जा जाता है।

आज-कल के ब्रोशर इलैक्ट्रॉनिक फार्मेट में भी उपलब्ध हैं और इनको ई-ब्रोशर भी कहा जाता है। इन रिवायती कागज़ ब्रोशर की तुलना को ई-ब्रोशर जो कि कम लागत और अनगिनत लाभ पहुंचाते हैं। एक ब्रोशर की सबसे आम किस्म बाइ-फोल्ड (bi-fold) (एक शीट जो दोनों तरफ से छपी होती है, और ट्राई-फोल्ड (जिसे तीने पक्षों में फोल्ड) होती हैं।

MS-Publisher का इस्तेमाल करते हुए ब्रोशर तैयार करना-पब्लिशर में ब्रोशर को तैयार करना।

  • File टेब पर क्लिक करें फिर New और फिर Broucher पर क्लिक करें। ब्रोशर के साथ संबद्ध कई टैम्पलेट होते हैं। अपनी पसंद के अनुसार कोई भी चुनें। अब विर्ड की दायरा और चुने हुए ब्रोशर को कस्टमाइज करने के लिए विकल्प देख सकते हैं।
  • अब, ब्रोशर को कलर स्कीम, फौंट स्कीम, पेज आकार के विकल्प और फार्मों की मदद से कस्टमाइज़ करें।
  • ब्रोशर की कलर, फौंट साइज और फार्म बदलने के बाद Create विकल्प पर क्लिक करें। अब हम अपने ब्रोशर के विवरण को एडिट कर सकते हैं और इसकी पब्लिकेशन के तौर पर सेव कर सकते हैं।

न्यूज़लैटर
आप लोगों को अपने समारोह के बारे में जानकारी देने के लिए न्यूज़लैटर बन सकते हो। न्यूज़लैटर में, आप समारोह में होने वाले प्रोग्रामों के समय के बारे, मुख्य मेहमान के बारे और अन्य भिन्न व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी दे सकते हो।

न्यूज़लैटर बनाने के स्टैप
न्यूज़लैटर बनाने के लिए निम्नलिखित स्टैप का प्रयोग करो :
1. New Publication 10 H, New from a Design # Publication for Print → News letter पर क्लिक करो।
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2. प्रिव्यू गैलरी में से आवश्यकतानुसार न्यूज़लैटर का चुनाव करो। बाय डिफाल्ट, न्यूज़लैटर के चार पन्ने होते हैं। प्रत्येक पन्ने का अलग ले-आऊट होता है। पहले पन्ने पर हैडिंग, डेट, इशु नम्बर, स्टोरी के तीन कालम का स्थान बाईं तरफ होता है।

3. टाईटल को न्यूज़लैटर बाक्स में एवं तिथि को न्यूज़लैटर तिथि टैक्सट बाक्स में लिखो।
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4. Volumel Issuel टैक्सट बाक्स में IssueI लिखो।

अगर आप न्यूज़लैटर का ले-आऊट बदलना चाहते हो तो आपको Page Content Task Pane में दी गई कमांडज़ का प्रयोग करना पड़ेगा।
5. न्यूज़लैटर के अगले पन्नों पर पहले से ही तीन कालम एवं तीन स्टोरीज़ होती हैं। आप विभिन्न पन्नों पर विभिन्न कंटैन्ट प्रयोग कर सकते हो।
6. न्यूज़लैटर में आवश्यक जानकारी देने एवं एडिट करने के बाद, अपने पब्लिकेशन को सेव करो।

बैनर
आप किसी भी समारोह के लिए पब्लिशर में बैनर बना सकते हो और लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच सकते हो। बैनर बनाने के स्टैप
MINIMURGARHIARIETIATIMESGARIENanohagaranMATRIMONIANOTI
बैनर को बनाने के स्टैप इस प्रकार हैं :
1. New Publication Rot A Ă New from a Design Ă Publication for Print → Banners → Event पर क्लिक करो। _ विभिन्न डिज़ाईन के बैनर प्रिव्यू गैलरी में नज़र आएंगे।
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2. प्रिव्यू गैलरी में आवश्यकतानुसार बैनर के डिज़ाईन पर क्लिक करो।
3. फार्मेट मीनू के प्रयोग से, टैक्सट बाक्स कलर एवं फोंट कलर को बदलो।
4. समारोह के अनुसार तस्वीरों को बदलने के लिए Picture पर राईट क्लिक करो। फिर क्लिप आर्ट पर क्लिक करो एवं फिर पिक्चर को चुन कर बैनर पर लगाओ।
5. बैनर में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने के बाद पब्लिकेशन को सेव करो।
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कैटालाग
कैटालाग वस्तुओं की सूची होती है। इसमें उत्पाद, लाइब्रेरी की किताबें, आवाज़ रिकार्डिंग आदि की लिस्ट हो सकती है। कैटालाग को भी बाकी वस्तुओं जैसे ही तैयार किया जा सकता है।

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फ्लायर
फ्लायर एक कागज का विज्ञापन होता है जिसे बांटने के लिए प्रयोग करते हैं। यह Photocopy से सस्ते होते हैं। इनका प्रयोग कई प्रकार से होता है। जैसे-

  • लाइव कंसर्ट/नाइट कल्ब, त्योहार आदि में
  • किसी कारोबार को प्रमोट करना।
  • चुनाव के दौरान।
  • संस्था या कंपनी के मैंबर बनना।

पब्लिशर में कई प्रकार के फ्लायर उपलब्ध हैं। इनका चुनाव कर हम इन्हें अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट कर सकते हैं।

व्यापार कार्ड
व्यापार कार्ड एक छोटा-सा कार्ड है जो कि किसी के नाम, व्यवसायों, व्यापार आदि के साथ छपा होता है। उसको व्यापार कार्ड कहते हैं। पब्लिशर में व्यापार कार्ड बनाना –
1. File पर क्लिक करें, फिर New और Business Card पर क्लिक करें। व्यापार कार्ड के साथ संबद्ध ईस्टाल टैंपलेट में बहुत सारे टैंपलेट होते हैं। अपनी पसंद के साथ कोई भी चुन सकते हैं। विर्ड के दाएं ओर, हम कलर स्कीम, फौंट स्कीम, व्यापार की जानकारी, पन्ना आकार के आप्शन और लोगो की मदद से चुने हुए व्यापार कार्ड को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।

2. अब हम व्यापार कार्ड के नीचे दिखाई गई तस्वीर में देख सकते हैं कि व्यापार कार्ड पूर्ण रूप से डिज़ाइन हो गई है। अब हम व्यापार का नाम या कोई नाम और पता आदि बदल सकते हैं।

ग्रीटिंग कार्ड/आमंत्रण पत्र/प्रशंसा कार्ड
ग्रीटिंग कार्ड, आमंत्रण पत्र, प्रशंसा कार्ड अपने दोस्तों को बढ़िया संदेश देने का एक माध्यम होता है जो खास मौकों पर दिया जाता है। यह कार्ड लिफाफे में पैक करके दिया दिया जाता है।इनको भी Publishers की मदद से तैयार किया जा सकता है।

अवार्ड सर्टीफिकेट
अवार्ड सर्टीफिकेट किसी की उपलब्धि की मान्यता को दर्शाता है। यह व्यक्ति या संस्था के खास गुणों की पुष्टि करता है। जिस किसी को भी यह मिलता है उसके कार्य की प्रशंसा होती है तथा दूसरों को प्रेरणा भी मिलती है। Publishers में सर्टीफिकेट आसानी से बनाया जा सकता है। इसमें कई सारे डिजाइन विभिन्न रंगों में उपलब्ध हैं।

एनवेल्प
आप निमन्त्रण-पत्र और चिट्ठियों को भेजने के लिए एनवेल्प बना सकते हो। एनवैल्प बनाने के स्टैप एनवैल्प को बनाने के निम्नलिखित स्टैप हैं-

  • New Publication टास्क पेन में New from a Design में से, Publication for Print → Envelopes पर क्लिक करो।
  • Plain Paper या Special Paper आप्शन में से किसी एक को क्लिक करो।
  • प्रिव्यू गैलरी में किसी एक डिज़ाईन को क्लिक करो।
  • एनवैल्प में लोगो पहले से ही लगा होता है। अगर आप लोगो नहीं लगाना चाहते हो तो आप Logo के नीचे None आप्शन जो कि Envelope option टास्क पेन में नज़र आएगी, पर क्लिक करो।
  • Envelope option टास्क पेन में, size के नीचे सही size को क्लिक करो।
  • पब्लिकेशन को सेव करो।

लेबल
लेबल कागज़ का एक टुकड़ा, पॉलिमार, कपड़ा, धातु या कोई अन्य वस्तु होती है जिसको र या प्रोडक्ट पर लगा सकते हैं। उत्पादों की उत्पत्ति, निर्माता वर्त, शेल्फ-लाईफ और डीस्पोजल आदि की जानकारी प्रदान करने के लेबल के बहुत सारे उपयोग होते हैं। लेबल इनके लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
1. प्रोडक्ट (Products)-स्थायी प्रोडक्ट लेबल में प्रोडक्ट को पूर्ण जीवन दौरान सुरक्षित रहने की ज़रूरत होती है।

2. पैकेजिंग (Packaging)-पैकेजिंग पर लेबल लगा हो सकता है या यह पैकेजिंग का हिस्सा हो सकता है। इन पर कीमत, वारकोड, यू.पी.सी. (यूनिवर्सल प्रोडक्ट कार्ड) की पहचान, उपयोग की विधि, पता, विज्ञापन रैसिपी और बहुत कुछ हो सकता है।

3. संपत्ति (Assets)-औद्योगिक या फैजी वातावरण में संपत्ति लेबलिंग का उपयोग प्रशासन और कामकाज के उद्देश्यों के लिए कंपनी में स्पष्ट तौर पर पहचान करने के लिए की जाती है।

4. वस्त्र (Texttiles)-वस्त्रों में आमतौर पर अलग देखभाल/उपचार के लेबल होते हैं जो आमतौर पर यह दर्शाता है कि आइटम की कैसे धुलाई करनी चाहिए जैसे कि मशीन वॉशेवल या ड्राईक्लीन। टैक्सटाइल लेबल को वस्त्र पर जड़ा जा सकता है और यह गर्मी रोधक, कलर फार्मेट, धोने योग्य (Washable) हो सकता है।

5. मेल-मेल लेबल प्राप्त करता, भेजने वाले और अलग जानकारी जो कि आवाजाई के लिए उपयोगी हो, उसको आईडंटफाई करते हैं।

6. सुरक्षा लेबल-इसको प्रामाणिकता, चोरी कटौती और डुप्लीकेट से सुरक्षा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और आमतौर पर ID कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैकेजिंग और सी०डी०, इलैक्ट्रॉनिक्स उत्पादों से लेकर वस्त्र तक इस्तेमाल किये जाते हैं।

पब्लिशर में लेबल बनाना

  1. File → New → Lables पर क्लिक करो।
  2. Media श्रेणी में CD/DVD Label का चुनाव कर टैंपलेट तथा कलर स्कीम चुनो।
  3. अपनी जानकारी को एडिट करो।
  4. लेबल को सेव करो।

लैटर-हैड
लैटर-हैड एक स्टेशनरी है जिसमें संस्था या किसी व्यक्ति का नाम और पता होता है और यह चिट्ठियों को लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। लैटर-हैड बनाने के स्टैप लैटर-हैड एक स्टेशनरी है जिसमें संस्था या किसी व्यक्ति का नाम और पता होता है और यह चिट्ठियां लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। लैटर-हैड बनाने के स्टैप निम्नलिखित हैं –

  • New Publication टासक पेन में, New from a Design में से Publication for Print Letterhead पर क्लिक करें।
  • Plain paper या Special paper में से किसी एक आप्शन पर क्लिक करें।
  • प्रीवियु गैलरी में से आवश्यकता अनुसार डिज़ाइन चुनें। लैटर हैड में लोगो, स्कूल का नाम और पता दिखेगा।
  • लैटर हैड में लोगो पहले से ही लगा होता है। अगर आप लोगो नहीं लगाना चाहते तो None पर क्लिक करें।
  • सारे बदलाव करने के बाद पब्लिकेशन को सेव करें। लैटर-हैड और पोस्ट-कार्ड में अन्तर लैटर-हैड और पोस्ट-कार्ड में निम्नलिखित अन्तर हैं-
लैटरहैड पोस्ट-कार्ड
1. लैटर-हैड किसी कम्पनी का अधिकारक पेज होता है। 1. पोस्ट-कार्ड चिट्ठी डालने का एक साधन है।
2. लैटर-हैड किसी भी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जा सकता है।  2. पोस्ट-कार्ड न्यौता देने के लिए प्रयोग किया जाता है।
3. लैटर-हैड का आकार बड़ा होता है। 3. पोस्ट-कार्ड छोटे आकार का होता है।
4. लैटर-हैड का आर्डर आदि दिये जाते हैं। 4. पोस्ट-कार्ड से पत्र-व्यवहार किया जाता है।
5. साधारण तौर पर लैटर-हैड आम पेपर की तरह ही होता है। 5. पोस्ट-कार्ड का पेपर मोटा होता है।

कैलेंडर
एक कैलेंडर सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक या प्रशासनिक उद्देश्य के लिए दिनों को प्रदर्शित करने की प्रणाली है। कैलेंडर का उपयोग लोगों की निजी शैड्यूल, समय और गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए भी किया जाता है। कैलेंडर पूर्ण टाइमकिपिंग प्रणाली में उपयोग किया जाता है- जैसे समय के किसी खास पल को दर्शाने के लिए तिथि और समय। ऐम०एस पब्लिशर में कैलेंडर बनानाFile टैब पर क्लिक करें और फिर New और फिर Calendar पर क्लिक करें।

  • उपलब्ध टैपलेट में से कैलेंडर के साथ शब्द टैंपलेट्स अपनी पसंद के अनुसार कोई भी चुनें।
  • अब, कैलेंडर स्कीम, फौंट स्कीम, व्यापार जानकारी, पेज साइज के विकल्पों और खासतौर पर टाइमफ्रेम (एक महीने प्रति पन्ना या एक साल प्रति पन्ना) की मदद से अपने कैलेंडर को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
  • कैलेंडर को कस्टमाइज़ करने के बाद, Create विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब हम नीचे दिए गए चित्र में दिखाई गई कैलेंडर देख सकते हैं। जब हम चाहें तो हम तस्वीर को ऐडिट कर सकते हैं और इस कैलेंडर को पब्लिशर में Save कर सकते हैं।

रिज्यूम
रिज्यूम हमारी उपलब्धियों को संक्षेप रूप में पेश करता है। यह नौकरी का आवेदन देने में काम आता है। यह संक्षेप होता है। यह एक या दो पेज का होता है। जानकारी संक्षेप रखने के लिए बुलेटिड लिस्ट का प्रयोग किया जाता है।

पब्लिशर में रिज्यूम तैयार करना

  • File → New → Resume पर क्लिक करो।
  • उपलब्ध टैंपलेट में अपनी पसंद का चुनाव करें तथा Create पर क्लिक करें।
  • अपनी जानकारी को एडिट करें तथा Save करें।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

करीकयूलम विटे
यह भी रिज्यूम की तरह अनुभव को संक्षेप में पेश करता है। यह रिज्यूम से ज्यादा लंबा होता है। इस में शिक्षा, डिगरी, खोज, पुरस्कार, प्रकाशन तथा अन्य उपलब्धियां शामिल होती हैं। इस को भी रिज्यूम की तरह पब्लिशर में बनाया जा सकता है।

मीनूज
किसी रैस्टोरैंट में खाने पीने की लिस्ट का मीनू होता है। यह एक सूची होती है। यह आर्डर देने का तरीका है। हम पब्लिशर में मीनू डिजाइन कर सकते हैं।

संकेत
यह तस्वीर या शब्दों में पेंट किया कागज, कपड़े, लकड़ी या अन्य सामग्री होती है जो किसी उत्पाद या घटना की जानकारी देता है। पब्लिशर हमें काफी सारे चिन्ह प्रदान करता है इनका प्रयोग करके हम कोई भी संकेत बना सकते हैं।

पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट
पेपर फोल्डिंग प्रोजेक्ट को टुकड़े टैपलेटों में औरोपलेन और आगीगेमी (पेपरों की फोल्ड करके बनाने वाले) प्रोजैक्टों के लिए कागज़ नमूने शामिल होते हैं। इन पेजों में “फील्ड-लाइन’ के साथ और हमारी कागज़ी मास्टर पीस बनाने के लिए हिदायतें शामिल होती हैं।
माइक्रोसोफ्ट पब्लिशर बच्चे के लिए टैंपलेट पेश करता है। इन टैपलेटों में भिन्न-भिन्न पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट जैसे कि हवाई जहाज, नाव, कप तथा अन्य शामिल होते हैं।

पब्लिशर में पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट (Paper Folding Projects in Publisher) नीचे दिए गए पद की पालना करें –

  1. File टैब में New फिर More Templates में Paper folding पर क्लिक करें। मिडल बैनर में बहुत सारे पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट हो सकते हैं।
  2. प्रोजैक्ट का चयन-एक बार जब हम प्रोजैक्टों का चयन करते हैं हम दायें पैनल की कुछ विकल्पों को ऐडिट कर सकते हैं। हम अपनी पसंद के अनुसार रंग स्कीम और प्रोजैक्ट के लिए फौंट स्कीम और टाइपिंग अनुदेश को चुन सकते हैं। उसके बाद प्रोजैक्ट को नई विंडो में खुलने के लिए Create बटन पर क्लिक करें।
  3. अब पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट को ऐडिट करें हम क्लिप आर्ट और टैक्सट को इनसर्ट कर सकते हैं।
  4. अगर हम क्लिप आर्ट इनसर्ट करना चाहते हैं तो विंडो के ऊपर तक जाना है और Insert- Picture-Clip Art पर क्लिक करें।
  5. पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट के पूरा करने के बाद हम इसको अपने कम्प्यूटर पर सेव कर सकते हैं और इसको प्रिंट कर सकते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पादप कोशिको की इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए-
उत्तर-
पादप कोशिको की इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी संरचना-
इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा पादप कोशिका की संरचना निम्नलिखित अनुसार है। इस सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने पर कोशिका के तीन भाग प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं तथा वे हैं

  1. कोशिका भित्ति
  2. कोशिका द्रव्य तथा
  3. केंद्रक।

I. कोशिका भित्ति (Cell wall) – यह कोशिका का बाह्य आवरण है। यह अजीवित पदार्थ सेल्यूलोज़ का बना होता है। यह कोशिका को आकार प्रदान करती है तथा जल के लिए पारगम्य (Permeable) होती है। यह कोशिका की सुरक्षा करती है तथा ऊतकों को दृढ़ और मज़बूत बनाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 1

II. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – यह एक अर्ध तरल, जैलीनुमा जीवित पदार्थ है। यह स्वभाव में कोलायडी होता है। यह कोशिका में जैविक कार्य करता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, लिपिड, जल, न्यूक्लिक अम्ल तथा खनिज लवण पाए जाते हैं। इसमें निम्नलिखित पिंड या कोशिकांग (Cell organelles) पाए जाते हैं-

(i) लवक (Plastids) – पौधों की कोशिकाओं में तीन प्रकार के लवक पाए जाते हैं-
(क) हरित लवक (Chloroplast) – इनमें एक हरे रंग का पदार्थ क्लोरोफिल होता है जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण में सहायता करता है।
(ख) वर्णी लवक (Chromoplast) – ये नीले, काले अथवा पीले रंग के होते हैं, परंतु इनका रंग हरा नहीं होता।
(ग) अवर्णी लवक (Leucoplast) – ये रंगहीन होते हैं तथा पौधे के प्रकाश से दूर वाले भागों में पाए जाते हैं। ये तने, शाखाओं तथा पत्तियों में हरे रंग के ही होते हैं।

(ii) रिक्तिकाएं (Vacuoles) – पौधों की कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य में बड़ी रिक्तिकाएं पाई जाती हैं। इनमें कोशिका रस भरा होता है। ये कोशिका का लगभग 90% भाग घेरती है। यह कोशिका को दृढ़ता प्रदान करने में भी सहायक होती हैं।

(iii) माइटोकाँड्रिया (Mitochondria) – यह कोशिका के जीव द्रव्य में पाए जाने वाले दानेदार पदार्थों के छोटे समूह हैं। ये ऊर्जा का भंडारण करते हैं।

(iv) अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) – यह एक तरल से भरी हुई अवकोशिका को घेरे हुए झिल्लीदार जाली है। यह दो प्रकार की है-खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (अपनी सतह पर राइबोसोम जुड़े हुए) प्रोटीन संश्लेषण के लिए और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (बिना राइबोसोम के) लिपिड स्राव के लिए। राइबोसोम कोशिका द्रव्य में अलग से भी होते हैं। जालिका में संश्लेषित कुछ प्रोटीन व लिपिड नए कोशिकीय अंश (विशेषतया कोशिका झिल्ली) बनाने में प्रयुक्त होते हैं। कुछ अन्य, कोशिका के अंदर या जब कोशिका से बाहर स्रावित किए जाते हैं, एंजाइम व हार्मोन के रूप में कार्य करते हैं।

(v) राइबोसोम (Ribosomes) – लाल रक्ताणुओं तथा विकसित शुक्राणुओं के अतिरिक्त ये असीमकेंद्रक तथा ससीमकेंद्रक कोशिकाओं में पाए जाते हैं। प्रत्येक राइबोसोम के दो भाग होते हैं। एक छोटा सब-यूनिट तथा एक बड़ा सब-यूनिट होता है। राइबोसोम आर० एन० ए० (R.N.A.) तथा प्रोटीन के बने होते हैं। ये कोशिका के भीतर प्रोटीन का निर्माण करते हैं।

(vi) गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) – यह एक चिकने, चपटे, नलिकाकार उपक्रम समूह से बना है। ये प्रायः समानांतर पंक्तियों में एक ढेर में होते हैं। गॉल्जी उपकरण कोशिका का स्त्रावी अंगक है। यह कोशिका में संश्लेषित पदार्थों के पैकेज बनाकर कोशिका के अंदर (प्लाज्मा झिल्ली व लाइसोसोम) व बाहर के लक्ष्यों को भेजता है। गॉल्जी सम्मिश्रण लाइसोसोम और परॉक्सिम को बनाने में भी शामिल हैं। गॉल्जी उपकरण पौधों में जब छोटी इकाइयों में होते हैं, तो जालीकाय (डिक्टियोसो’:) कहलाते हैं।

III. केंद्रक (Nucleus) – यह एक प्रमुख गोलाकार या अंडाकार संरचना है जो प्रायः कोशिका के केंद्र के निकट स्थित होता है। यह सभी कोशिकीय गतिविधियों का नियंत्रण केंद्र है। यह एक द्विपरती झिल्ली, केंद्रीय झिल्ली से घिरा होता है जो इसे कोशिका द्रव्य से अलग करती है। केंद्रकीय झिल्ली में कुछ छिद्र होते हैं। केंद्रक के मुख्य अवयव हैं (क) क्रोमेटिन पदार्थ जो एक धागेनुमा संरचना के रूप में है, और (ख) केंद्रक जिसमें अधिकतर आर० एन० ए० होता है। आर० एन० ए० कोशिका द्रव्य में प्रोटीन बनाने में सहायता करता है। क्रोमेटिन पदार्थ, मुख्यतया डी० एन० ए० से बना होता है। यह आनुवंशिक सूचनाओं को संचित करने व एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में प्रेषित करने के लिए उत्तरदायी है। कोशिका विभाजन के साथ यह सघन छड़नुमा पिंडों-गुणसूत्रों (Chromosomes) में संघनित हो जाते हैं। गुणसूत्रों में जीन होते हैं जो डी० एन० ए० के खंड हैं। एक जीन गुणसूत्र की कार्यात्मक इकाई है। केंद्रक कोशिका की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

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प्रश्न 2.
कोशिका के केंद्रक की संरचना और कार्य का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर-
कोशिका के मध्य में विद्यमान गोलाकार या अंडाकार संरचना को केंद्रक कहते हैं। इसकी सर्वप्रथम खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की थी। प्रायः एक कोशिका में एक केंद्रक होता है। केंद्रक में निम्नलिखित प्रमुख भाग होते हैं-
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1. केंद्रक झिल्ली – केंद्रक के चारों ओर दोहरे परत का एक आवरण होता है जिसे केंद्रक झिल्ली कहते हैं। इसमें छोटे-छोटे अनेक छिद्र होते हैं जिनके द्वारा केंद्रक के भीतर का केंद्रक द्रव्य बाहर जा सकता है। असीम केंद्र की कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली नहीं होती।

2. केंद्रक द्रव्य – केंद्रक झिल्ली से घिरे पदार्थ को केंद्रक द्रव्य कहते हैं। यह पारदर्शी, कोलॉइजी तरल होता है जो न्यूक्लियो प्रोटीन से बना होता है। इस में राइबोसोम्ज, खनिज लवण, एंजाइम, आर० एन० ए०, क्रोमेटिन धागे तथा केंद्रिक पाए जाते हैं।

3. क्रोमैटिन पदार्थ – क्रोमैटिन पदार्थ धागे के समान बारीक रचनाओं का जाल होता है। जब कभी कोशिका का विभाजन होने वाला होता है तो वह क्रोमोसोम में संगठित हो जाता है। क्रोमोसोम (गुणसूत्र) में आनुवंशिक गुण होते हैं जो माता-पिता से DNA (डिऑक्सी राइबो-न्यूक्लिक अम्ल) अणु रूप में अगली पीढ़ी में जाते हैं। डी० एन० ए० तथा प्रोटीन से गुणसूत्र बनते हैं और इनमें कोशिका के निर्माण और संगठन की सभी विशेषताएँ उपलब्ध होती हैं। डी० एन० ए० के क्रियात्मक खंड को जीन कहते हैं। जिस कोशिका का विभाजन नहीं हो रहा होता उसमें डी० एन० ए० क्रोमैटिन के रूप में रहता है। विभिन्न जीवधारियों में क्रोमोसोम की संख्या अलग-अलग होती है पर एक ही जाति के सभी प्राणियों में इनकी संख्या एक समान होती है। क्रोमोसोम की संरचना में बदलाव होने से जीव-जंतुओं में विभिन्नताएं उत्पन्न हो जाती हैं। केंद्रक में आर० एन० ए० रिबोन्यूक्लिक अम्ल है जो केंद्रिका में प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।

4. केंद्रिक – कोशिका के केंद्रक में एक या दो केंद्रिका होती हैं। इस में प्रोटीन, आर० एन० ए० तथा डी० एन० ए० होते हैं। असीम केंद्रकी कोशिकाओं में केंद्रिक नहीं होता। बैक्टीरिया जैसे कुछ जीवों में कोशिका का केंद्रकीय क्षेत्र बहुत कम स्पष्ट होता है क्योंकि इसमें केंद्रक झिल्ली की अनुपस्थिति रहती है।

केंद्रिक के कार्य

  1. यह आनुवंशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थानांतरण का आधार है।
  2. यह कोशिका विभाजन के लिए जिम्मेदार होता है।
  3. यह कोशिका की सभी उपापचय क्रियाओं पर नियंत्रण रखता है।
  4. यह शरीर की वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त नोट लिखो
(i) क्लोरोप्लास्ट
(ii) अंतःद्रव्यी जालिका
(iii) गॉल्जीकाय।
उत्तर-
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(i) क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) – ये कोशिका द्रव्य में हरे पौधों की समस्त कोशिकाओं में पाये जाते हैं। इनकी संख्या एक से सौ तक हो | राइबोसोम
ग्रैनम सकती है। ये प्रायः तश्तरीनुमा अथवा कुछ पौधों की कोशिकाओं में गोलाकार हो सकते हैं। स्पाइरोगायरा के क्लोरोप्लास्ट फीते या रिबन के समान होते हैं, परंतु क्लेमाइडोमोनास के हरितकवक प्यालेनुमा होते हैं। हरित लवक के चारों ओर दोहरी पर्त वाली इकाई की बनी दो झिल्लियां होती हैं। ग्रेनम लैमिली द्वारा जुड़े होते हैं। थैलेनुमा थाइलेकोइडस स्ट्रोमा में एक के ऊपर एक चट्टे के समान स्थित होते हैं। इसमें आनुवंशिक पदार्थ भी होता है।

क्लोरोप्लास्ट के कार्य-

  1. ये प्रकाश-संश्लेषण का कार्य करते हैं और CO2, H2O से सूर्य की विकिरण ऊर्जा की उपस्थिति में भोजन तैयार करते हैं।
  2. प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया में ऑक्सीजन मुक्त होती है।
  3. ये कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण करते हैं। अतः ये कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की सामान्य सांद्रता का स्थिरीकरण करते हैं।
  4. हरित लवक, वर्णी लवकों में परिवर्तित हो जाते हैं-उदाहरण फलों के छिलके।

(ii) अंतःद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) – यह कोशिका के कोशिका द्रव्य में झिल्लियों का जाल होता है। यह दो प्रकार का होता है। चिकनी अंत: द्रव्यी जालिका तथा रूक्ष अंतः द्रव्यी जालिका। राइबोसोम्स रूक्ष अंतः द्रव्यी जालिका से जुड़े होते हैं। चिकनी अंत: प्रद्रव्यी जालिका पर कोई राइबोसोम नहीं होता, ये कलाविहीन कोशिकांग होते हैं। यह कोशिका के अंदर विभिन्न पदार्थों का भंडारण करते हैं।
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(iii) गॉल्जीकाय (Golgi Body) – इन्हें गॉल्जी काम्पलैक्स या गॉल्जी उपकरण कहते हैं। ये पोलीसेकेहेराइडस, लिपिड्स तथा अन्य पदार्थों के श्रावण तथा उन्हें कोशिका से बाहर निकालने में लगी होती हैं। पौधों में ड्रिक्टियोसोम्स कोशिका भित्ति संश्लेषण में शामिल होती हैं। गॉल्जी काय पुटिकाओं, थैलियों तथा नलिकाओं की बनी होती हैं। ये थैली या थैले के समान होती हैं तथा एक के ऊपर एक चट्टेनुमा रखी होती हैं।
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PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 4.
माइटोकाँड्रिया का सचित्र वर्णन करो। इन्हें कोशिका का ऊर्जा घर क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
माइटोकॉड्रिया (Mitochondria) – ये बहुत ही सूक्ष्म कोशिकांग हैं जो कोशिका में अधिक संख्या में पाए जाते हैं। इनका आकार 0.5 से 2 माइक्रॉन तक होता है। अमीबा की कुछ जातियों में इनकी संख्या 5,00,000 तक होती है। ये केवल इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा ही देखे जा सकते हैं। ये छड़ आकार, धागानुमा अथवा गोलाकार रचनाएं होती हैं। प्रत्येक माइटोकाँड्रिया के चारों ओर लाइपो प्रोटीन की एक दोहरी झिल्ली होती है। इसकी भीतरी परत अंदर की ओर धंसकर कई प्रकार के उभार बनाती है जिन्हें क्रिस्टी कहते हैं। माइटोकाँड्रिया के भीतरी द्रव को मैट्रिक्स (Matrix) कहते हैं। माइटोकॉड्रिया द्रव से भारी होते हैं। माइटोकॉड्रिया में डी० एन० ए० (DNA) भी पाया जाता है।
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माइटोकॉड़िया ऊर्जा घर के रूप में – इनमें काफ़ी मात्रा में एंजाइम होते हैं। माइटोकांड्रिया को कोशिका में भोजन पदार्थों के ऑक्सीकरण का स्थान माना गया है। इसके श्वसन के द्वारा काफ़ी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। इसी कारण से माइटोकॉड्रिया को कोशिको का ऊर्जा घर कहा जाता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
कोशिका क्या है ? कोशिका के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
कोशिका – कोशिका जीव की संरचना तथा कार्य की एक इकाई है। इसमें जीवन देने वाला पदार्थ जीव द्रव्य पाया जाता है। यह पदार्थ प्लाज्मा झिल्ली अथवा कोशिका झिल्ली से घिरा होता है।

कोशिका के मुख्य कार्य-

  1. यह पाचन में सहायता करती है।
  2. यह ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायक है।
  3. यह पदार्थों के स्त्रावण में सहायता करती है।
  4. यह आवश्यक पदार्थों के संश्लेषण में सहायता करती है।

प्रश्न 2.
ससीमकेंद्री (Eukaryotic cell) कोशिका किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ससीमकेंद्री कोशिका – ऐसी कोशिका जिसमें केंद्रक स्पष्ट रूप से पाया जाता है जो केंद्रक कला द्वारा घिरा होता है उसे ससीमकेंद्री कोशिका कहते हैं। इसमें कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक स्पष्ट होते हैं।
उदाहरण – जंतु तथा पादप कोशिका।

प्रश्न 3.
असीमकेंद्री कोशिका क्या है ?
उत्तर-
असीमकेंद्री कोशिका – इस कोशिका में केंद्रक स्पष्ट रूप में नहीं होता। इसे न्यूक्लीओइड (Nucleoid) कहते हैं। इसमें केंद्रक कला अनुपस्थित होती है।

उदाहरण – जीवाणु (Bacteria) कोशिका तथा नील-हरित शैवाल की कोशिकाएं (Cells of blue-green algae)

प्रश्न 4.
एककोशिकीय जीव तथा बहुकोशिकीय जीव का उदाहरण देकर व्याख्या करो।
उत्तर-
एककोशिकीय जीव तथा बहुकोशिकीय जीव की उदाहरण सहित व्याख्या-

जीव का प्रकार व्याख्या एवं उदाहरण
I. एककोशिकीय जीव (i) इनका शरीर एक कोशिका का बना होता है।

(ii) इसकी सभी जैविक क्रियाएं (भौतिक और रासायनिक) जैसे श्वसन तथा पोषण आदि एक कोशिका द्वारा होती हैं।

(iii) इसमें अमीबा (प्रोटोजोआ) बैक्टीरिया तथा क्लेमाइडोमोनास आदि आते हैं।

II. बहुकोशिकीय जीव (i) इनका शरीर लाखों कोशिकाओं का बना होता है।

(ii) इन जीवों के शरीर के विभिन्न भाग वही क्रियाएं करते हैं, जिनके वह अनुकूलित होते हैं।

(iii) इसमें कवक, पौधे, जंतु, हवेल, बरगद का वृक्ष, हाथी, मनुष्य तथा मेंढक आदि आते हैं।

प्रश्न 5.
कोशिका में पाए जाने वाले अजीवित पदार्थ कौन-से हैं ?
उत्तर-
कोशिका में पाए जाने वाले अजीवित पदार्थ – कुछ रासायनिक तथा उत्सर्जी पदार्थ कोशिका में पाए जाते हैं। ये पदार्थ स्टॉर्च के कण, शर्करा, वसा, प्रोटीन, खनिज तथा एलकेलाइडस होते हैं।

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प्रश्न 6.
कोशिका झिल्ली और कोशिकी भित्ति में क्या अंतर है ? प्रत्येक के कार्य बताइए।
उत्तर-
कोशिका झिल्ली तथा कोशिका भित्ति में अंतर-

कोशिका झिल्ली (Plasma membrane) कोशिका भित्ति (Cell wall)
(1) यह सभी कोशिकाओं के जीव द्रव्य के चारों ओर पाई जाती है। (1) यह पौधों, जीवाणुओं, हरी नीली काई की कोशिकाओं की कोशिका कला के चारों ओर पाई जाती है।
(2) यह प्रोटीन की बनी हुई होती है। (2) यह सैल्यूलोज़ की बनी हुई होती है।
(3) यह स्वभाव में महीन व लचीली होती है। (3) यह मोटी तथा सख्त होती है।

प्रश्न 7.
कोशिका में विद्यमान दोनों न्यूक्लिक एसिड के नाम बताइए। वे क्या कार्य करते हैं ?
उत्तर-
कोशिकाओं में पाए जाने वाले दो न्यूक्लिक एसिड हैं-
(1) डी० एन० ए० (डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड) (DNA)
(2) आर० एन० ए० (राइबोन्यूक्लिक एसिड) (RNA)।

1. डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड के कार्य – इसमें जीन्स होती है। यह आनुवंशिक सूचनाओं को एकत्रित करता है तथा इन्हें अगली पीढ़ी में वंशागत करता है। यह एक प्रकार का आनुवंशिक पदार्थ है। यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में पाया जाता है।

2. राइबोन्यूक्लिक एसिड के कार्य – यह कई प्रकार के विषाणुओं (viruses) में आनुवंशिक पदार्थ होता है। यह कोशिका द्रव्य में प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करने में सहायक होता है।

प्रश्न 8.
जीन क्या है ? इसके कार्य के बारे में लिखिए।
उत्तर-
जीन तथा उसके कार्य – यह डी० एन० ए० का खंड होता है। यह क्रोमोसोम पर एक के ऊपर एक क्रम में स्थित होती है। जीन आनुवंशिक गुणों के निर्धारण की इकाई है। आमतौर पर एक लक्षण जीन के एक जोड़े से नियंत्रित होता है, जो होमोलोगस क्रोमोसोम पर एक विशिष्ट स्थान पर होते हैं। ऐसे जीनों को एलील कहते हैं।

जीन के कार्य-

  1. जीन सजीवों के लक्षणों के लिए उत्तरदायी है।
  2. जीन सजीवों की लंबाई एवं शक्ल निर्धारित करते हैं।
  3. जीनज वर्णकों की उत्पत्ति में ही सहायक हैं।

प्रश्न 9.
कौन-सा कोशिकांग ‘पाचक थैली’ कहलाता है और क्यों ?
उत्तर-
लाइसोसोम को प्रायः ‘पाचक थैली’ कहते हैं। ये सभी कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये थैलीनुमा रचनाएं एक हरी झिल्ली द्वारा घिरी होती हैं। इन थैलीनुमा रचनाओं में अनेक पाचक विकर होते हैं। इन्हें पाचक थैलियां (Digestive bags) भी कहते हैं। ये विकर लाइसोसोमस से युक्त होकर अनेक कोशिका द्रव्यी रचनाओं को नष्ट कर देते हैं। लाइसोसोम भोजन के कणों, अन्य बाह्य कार्यों, कोशिका के पुराने कटे-फटे कोशिकांगों के पाचन में सहायता करते हैं। इसमें प्रायः पुरानी कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। अतः इन्हें कोशिका की ‘पाचक थैलियां’ कहा जाता है अथवा आत्मघाती थैलियां भी कहते हैं।

प्रश्न 10.
कौन-से कोशिकांग कोशिका के ऊर्जा संयंत्र हैं ? संक्षेप में इनके कार्य बताइए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया को कोशिका के ऊर्जा संयंत्र कहते हैं।
माइटोकांडिया के कार्य – इसमें कोशिका के भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है। इसके श्वसन के फलस्वरूप ऊर्जा मुक्त होती है। ये ऊर्जा को एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट के रूप में संचित करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 11.
पौधों में रिक्तिकाओं के कार्य बताओ।
उत्तर-
पौधों में रिक्तिकाओं के कार्य – पौधों की कोशिकाओं में रिक्तिकाएं कोशिका द्रव्य में पाई जाती हैं। इनमें कोशिका रस भरा होता है। पौधों की कोशिकाओं का लगभग 90% भाग रिक्तिकाओं द्वारा घिरा होता है। जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएं छोटी होती हैं। यह पौधों की स्फीति (turgidity) तथा दृढ़ता प्रदान करती हैं।

प्रश्न 12.
राइबोसोम तथा तारककाय में अंतर बताइए।
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosome) तथा तारककाय (Centrosome) में अंतर-

राइबोसोम (Ribosome) तारककाय (Centrosome)
(1) ये सूक्ष्म दानेदार, गोल संरचनाएं हैं। (1) यह एक सूक्ष्म पारदर्शक काय है।
(2) ये जीव-द्रव्य में स्वतंत्र अवस्था में तथा अंत:द्रव्यी जालिका से जुड़े रहते हैं। (2) यह केवल जंतु कोशिकाओं में केंद्रक की केंद्रक झिल्ली के समीप स्थित होता है।
(3) राइबोसोम में RNA तथा प्रोटीन होते हैं। (3) इसकी रचना में बिंदु के समान दो सूक्ष्म रचनाएं होती हैं जिनसे एस्टर किरणें निकलती हैं।
(4) राइबोसोम प्रोटीन निर्माण के स्थल होते हैं। (4) यह जंतु कोशिका के विभाजन में सहायक होता है।

प्रश्न 13.
राइबोसोम किस पदार्थ के बने होते हैं ? कोशिका में इनका क्या कार्य है और प्रोकैरियोटिक कोशिका में यह कहाँ होते हैं ?
उत्तर-
राइबोसोम RNA प्रोटीन का बना होता है। यह कोशिका में उपस्थित अंतर्द्रव्यी जालिका के धागों पर स्थित होता है। यह प्रोकैरियोटिक कोशिका के कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से उपस्थित होता है। इनका मुख्य कार्य प्रोटीन संश्लेषित करना है।

प्रश्न 14.
गॉल्जीकाय द्वारा स्रावित पदार्थ कहाँ एकत्रित होता है ? पौधों में गॉल्जीकाय को क्या नाम दिया गया है ?
उत्तर-
गॉल्जीकाय द्वारा रिसा पदार्थ रसधानियों में एकत्रित होता है। पौधों में गॉल्जीकाय का नाम डिक्टियोसोम (Dictyosome) है। यह कोशिका भित्ति बनाने में काम आते हैं।

प्रश्न 15.
हम माइटोकॉड्रिया को कोशिका का ऊर्जागृह क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
माइटोकाँडिया में ऑक्सीकारक एंजाइम होते हैं जो भोजन के कार्बोहाइड्रेट्स ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा उत्पादन के लिए उत्तरदायी हैं । यह उत्पादित ऊर्जा कोशिका द्वारा प्रयोग की जाती है। इसलिए इसे कोशिका का ऊर्जागृह कहते हैं।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित शब्दों की परिभाषा दीजिएजीव द्रव्य, कोशिका द्रव्य, केंद्रक द्रव्य।
उत्तर-
जीव द्रव्य (Protoplasm) – यह जीवन का आधार है तथा कोशिका कला के अंदर पाया जाता है। इसमें कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक द्रव्य दोनों आते हैं।

कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – यह कोशिका कला तथा केंद्रक के मध्य पाया जाता है। यह एक गाढ़ा, पारदर्शक, जैली के समान पदार्थ है। इसमें विभिन्न प्रकार के कोशिकांग होते हैं।

केंद्रक द्रव्य (Nucleosplasm) – यह कोशिका के केंद्रक में पाया जाता है।

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प्रश्न 17.
पक्ष्माभ तथा कशाभ में अंतर बताइए।
उत्तर-
पक्ष्माभ तथा कशाभ में अंतर-

पक्ष्माभ (Cilia) कशाभ (Flagella)
(1) एक कोशिका में पक्ष्माभ की संख्या 1400 तक होती है। (1) प्रत्येक कोशिका में कशाभ की संख्या एक अथवा दो होती है।
(2) इनकी लंबाई 5-10μ होती है। (2) इनकी लंबाई 100-150μ तक होती है।
(3) पक्ष्माभ कोशिका की सारी सतह पर होते हैं। (3) यह कोशिका के एक सिरे पर होते हैं।
(4) इसमें घुमावदार गति (Sweeping movement) प्रदर्शित होती है। (4) इसमें लहरदार गति (Undulating movement) प्रदर्शित होती है।
(5) ये सूक्ष्म कोशिकीय विस्तार हैं। (5) ये लंबे कोशिकीय विस्तार हैं।

प्रश्न 18.
ग्रेना तथा स्ट्रोमा में अंतर बताइए।
उत्तर-
ग्रेना (Grana) तथा स्ट्रोमा (Stroma) में अंतर-

ग्रेना (Grana) स्ट्रोमा (Stroma)
(1) यह चपटी थैलियों जैसी संरचना होती है जो एक-दूसरे के ऊपर सिक्कों के रूप में पड़ी होती हैं। ये एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। (1) यह क्लोरोप्लास्ट का आधात्री पदार्थ है जिसमें ग्रेना तथा पटलिकाओं जैसी रचनाएं होती हैं।
(2) इसमें प्रकाश संश्लेषणीय वर्णक होते हैं। ये क्लोरोप्लास्ट की इकाई होते हैं। (2) इनमें वर्णक द्रव्य नहीं होते।
(3) ये लाइपो-प्रोटीन पदार्थ के बने होते हैं। (3) ये जलीय प्रोटीन पदार्थ के बने होते हैं।

प्रश्न 19.
कोशिका भित्ति के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
कोशिका भित्ति के कार्य-

  1. यह कोशिका की सुरक्षा करती है।
  2. यह कोशिका को निश्चित आकृति प्रदान करती है।
  3. यह पारगम्य होती है। इस द्वारा खनिज घोल कोशिका में प्रवेश पाते हैं।
  4. ये समीपवर्ती कोशिकाओं को बाँधे रखती है।
  5. यह पादप कोशिका के भीतर स्फीति (turgidity) बनाये रखती है।

प्रश्न 20.
प्लाज्मा झिल्ली के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
प्लाज्मा झिल्ली के कार्य-

  1. यह कोशिकाओं को आकृति प्रदान करती है।
  2. यह अंदर की कोशिकांगों की सुरक्षा करती है।
  3. यह कोशिकाओं के भीतर के सभी पदार्थों को घेरे रखती है।
  4. यह विभिन्न पदार्थों को एक अंश का कोशिका के अंदर तथा बाहर जाने देती है क्योंकि यह अर्ध-पारगम्य है।

प्रश्न 21.
आप प्याज़ की झिल्ली की कोशिकाएँ किस प्रकार दर्शाएं ?
उत्तर-
प्याज़ के छोटे-से टुकड़े की अवतल सतह से चिमटी की सहायता से झिल्ली उतारो और पानी वाले वांच ग्लास में रखो ताकि झिल्ली मुड़ने और सूखने से बची रहे। काँच की एक स्लाइड लो और उस पर पानी की एक बूंद डालो। इस पर झिल्ली के एक टुकड़े को बिल्कुल सीधी रखो। इस पर एक बूंद आयोडीन डालो और इसे कवर स्लिप से ढक दो। कवर स्लिप में वायु के बुलबुले नहीं होने चाहिए। इसे संयुक्त सूक्ष्मदर्शी से देखो।
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प्रश्न 22.
मानव शरीर की विभिन्न कोशिकाओं के चित्र बनाओ।
उत्तर-
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प्रश्न 23.
कोशिका भित्ति की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर-
पौधों, कवक तथा बैक्टीरिया की कोशिकाओं को कोशिका भित्ति अपेक्षाकृत कम तनु विलयन में बिना फटे बचा कर सुरक्षित रखती है। ऐसे माध्यम से कोशिका परासरण विधि से पानी ग्रहण कर लेती है और कोशिका फूल जाती है तथा कोशिका भित्ति पर दबाव डालती है। कोशिका भित्ति भी फूली हुई कोशिका के प्रति समान रूप से दबाव डालती है। कोशिका भित्ति के कारण पादप कोशिकाएँ परिवर्तनीय माध्यम को जंतु कोशिका की अपेक्षा अधिक सरलता से सहन कर सकती हैं ।

प्रश्न 24.
केंद्रक की संरचना का चित्र बनाओ जैसा कि इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में दिखाई देता है।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदशी में केंद्रक की संरचना-
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प्रश्न 25.
केंद्रक के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर-

  1. केंद्रक कोशिका की क्रियाशीलता को बनाए रखने का कार्य करता है।
  2. कोशिका के सभी प्रमुख क्रियाकलापों पर यही नियंत्रण बनाए रखता है।
  3. केंद्रक कोशिका विभाजन में सहायक होता है।
  4. केंद्रक जनन क्रिया में सहयोग देता है।

प्रश्न 26.
बहुकोशिकीयता के क्या लाभ होते हैं ?
उत्तर-
बहुकोशिकीयता (Multicellularity) के कारण निम्नलिखित लाभ होते हैं-

  1. इसके कारण उच्च वर्ग के जीवों में श्रम विभाजन का कार्य संपन्न होता है।
  2. कोशिकाएं विभेदन के कारण विशिष्ट रूप धारण कर विशेष कार्यों को कराती हैं।
  3. कोशिकाएं एक-दूसरे के सहयोग से कार्य कराती हैं।
  4. प्राणियों में विकास और वृद्धि इसी कारण होती है।

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प्रश्न 27.
कोशिका में रसधानियां क्या होती हैं ? इनके कार्य लिखिए।
उत्तर-
रसधानियां वे संग्राहक थैलियां होती हैं जिनमें ठोस और तरल पदार्थों का संग्रह होता है।

इनके निम्नलिखित कार्य होते हैं-

  1. पदार्थों के लिए आवश्यक प्रोटीन, कार्बनिक अम्ल, शर्करा, अमीनो अम्ल आदि इनमें विद्यमान होते हैं।
  2. रसधानियों में भरा कोशिका द्रव्य कोशिकाओं को स्फीति और कठोरता प्रदान करता है।
  3. ये जल और अपशिष्ट पदार्थों के एक कोशी जीवों के शरीर से बाहर निकालती है।
  4. अमीबा रसधानी से ही अपने प्रयोग के लिए खाद्य प्राप्त करता है। पादप कोशिकाओं में रसधानियों का आधार बड़ा होता है जबकि जंतु कोशिकाओं में इनका आधार छोटा होता है।

प्रश्न 28.
एक कोशिका के संगठन का वर्णन करो।
उत्तर-
कोशिका का संगठन-

क्रम संख्या कोशिका के भाग व्याख्या
(1) कोशिका झिल्ली यह कोशिकाओं की बाहरी दीवार बनाती है।
(2) जीव द्रव्य यह कोशिकाओं में जीवन देने वाला पदार्थ है।

प्रश्न 29.
माइटोकांड्रिया और लाइसोसोम में रचना और कार्य का अंतर चित्र सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया और लाइसोसोम में अंतर-

माइटोकांड्रिया (Mitochondria) लाइसोसोम (Lysosomes)
(1) माइटोकांड्रिया छड़ आकार के अंगक हैं कोशिका द्रव्य में होते हैं। (1) लाइसोसोम कोशिका-द्रव्य में सूक्ष्म गोलाकार अंगक है। कोशिका द्रव्य में होते हैं।
(2) यह दोहरी झिल्ली से घिरा होता है। (2) यह इकहरी झिल्ली से घिरा होता है।
(3) माइटोकांड्रिया की भीतरी भित्ति उंगली जैसी रचनाओं में फैली होती है जिन्हें क्रिस्टी (Cristae) कहते हैं। (3) इसमें क्रिस्टी नहीं होते।
(4) इनमें श्वसन एंजाइम होते हैं। (4) इनमें हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं जो पाचन का कार्य करते हैं।
(5) इन्हें कोशिका के ऊर्जा गृह भी कहते हैं।

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(5) इन्हें कोशिका की आत्महत्या की थैलियाँ भी कहते हैं।

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प्रश्न 30.
पादप कोशिका के विशिष्ट भाग/अंगक के कार्य बताइए।
उत्तर-
कोशिका भित्ति (Cell Wall) के कार्य-

  1. यह यांत्रिक शक्ति और सुरक्षा प्रदान करती है।
  2. यह कोशिका की स्फीत स्थिति बनाए रखती है।
  3. यह परासरण नियंत्रण के द्वारा कोशिका को फटने से बचाती है।
  4. यह पानी और खनिज पदार्थ के गति का मार्ग है।

क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) – यह अंगक प्रकाश-संश्लेषण का स्थल है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, पानी तथा प्रकाश की ऊर्जा की सहायता से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण होता है।

बड़ी केंद्रीय रसधानी (Large Central Vacuole)-

  1. यह विभिन्न पदार्थों (अपशिष्ट पदार्थ भी) को संग्रहित करती है।
  2. यह कोशिका की परासरण क्रियाओं में भाग लेती है।
  3. कभी-कभी यह लाइसोसोम के समान भी कार्य करती है।

प्रश्न 31.
क्रोमोसोम किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
कोशिका विभाजन के समय केंद्रक में धागे की तरह दिखाई देने वाली रचनाओं को क्रोमोसोम कहते हैं। प्रत्येक जीव में इनकी अलग-अलग संख्या होती है। आलू में 48, कुत्ते में 64 और मनुष्य में इनकी 46 (23 जोड़े) संख्या होती है। हर एक क्रोमोसोम में दो क्रोमेटिड होते हैं जिन पर जीन होते हैं और उन्हें ही आनुवंशिकता के लिए उत्तरदायी माना जाता है।

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प्रश्न 32.
जीवन की कार्यात्मक इकाई क्या है ? परिभाषित करिए।
उत्तर-
जीवन की कार्यात्मक इकाई कोशिका है।
कोशिका – यह जीव द्रव्य का एक छोटा-सा पिंड होता है जिसके द्वारा जीव की सभी क्रियाएं जैसे कि उपापचय, चेतनता, जनन, प्रचलन आदि संपन्न होती हैं।

प्रश्न 33.
कौन-सा कोशिकांग ‘आत्मधाती थैली’ कहलाता है ? और क्यों ?
उत्तर-
लाइसोसोम को प्रायः ‘आत्मधाती थैली’ कहते हैं। ये सभी कोशिकाओं में पाए जाते हैं । ये थैलीनुमा रचनाएं एक हरी झिल्ली द्वारा घिरी होती हैं। इन थैलीनुमा रचनाओं में अनेक पाचक विकर होते हैं। इन्हें आत्मधाती थैलियां भी कहते हैं । ये विकर लाइसोसोमस से युक्त होकर अनेक कोशिका द्रव्यी रचनाओं को नष्ट कर देते हैं। लाइसोसोम भोजन के कणों, अन्य बाह्य कार्यों, कोशिका के पुराने कटे-फटे कोशिकांगों के पाचन में सहायता करते हैं। इसमें प्राय: पुरानी कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। अतः इन्हें कोशिका की ‘आत्मधाती थैलियां’ कहा जाता है।

प्रश्न 34.
कौन-से कोशिकांग कोशिका के ऊर्जा संयंत्र हैं ? संक्षेप में इनके कार्य बताइए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया को कोशिका के ऊर्जा संयंत्र कहते हैं।

माइटोकांड्रिया के कार्य – इसमें कोशिका के भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है। इसके श्वसन के फलस्वरूप ऊर्जा मुक्त होती है। ये ऊर्जा को एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट के रूप में संचित करते हैं।

प्रश्न 35.
निम्नलिखित प्रत्येक कोशिका अवयव का मुख्य कार्य क्या है ?
(क) प्लैज्मा झिल्ली
(ख) सूत्र कणिका (माइटोकांडिया)
(ग) गुण-सूत्र
(घ) न्यूक्लिओलस (केंद्रिका)
(ङ) लाइसोसोम
(च) कोशिका भित्ति
(छ) राइबोसोम
(ज) क्लोरोप्लास्ट
(झ) गॉल्जी उपकरण
(अ) परॉक्सिसोम।
उत्त-

कोशिका अवयव (Organelle) कार्य (Role)
(क) प्लैज्मा झिल्ली पदार्थों के कोशिका के भीतर आने या बाहर जाने पर नियंत्रण रखना।
(ख) माइटोकांड्रिया कोशिका का ऊर्जा गृह कार्बोहाइड्रेट के विखंडन द्वारा ऊर्जा पैदा करना।
(ग) गुण-सूत्र (Chromosome) (i) ये डी० एन० ए० पर उपस्थित होते हैं जो आनुवंशिक लक्षणों के वाहक होते हैं।

(ii) यह कोशिका की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

(घ) (केंद्रिका) (Nucleolus) राइबोसोम के निर्माण तथा आनुवंशिक सूचनाएं ले जाने में मध्यस्थ का कार्य।
(ङ) लाइसोसोम अंतर कोशिकीय पाचन तंत्र का कार्य।
(च) कोशिका भित्ति कोशिका को यांत्रिक शक्ति तथा सुरक्षा प्रदान करना।
(घ) राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करना।
(ज) क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण द्वारा खाद्य निर्माण करना
(झ) गॉल्जी उपकरण लाइसोसोमस तथा परऑक्सीसोमस का निर्माण।
(अ) परॉक्सिसोम ऑक्सीकरण अभिक्रियाएं करना।

प्रश्न 36.
हेप्लोइड तथा डिप्लोइड कोशिकाओं में अंतर बताओ।
चित्र-हेप्लोइड तथा डिप्लोइड कोशिकाओं में अंतर-

हेप्लोइड कोशिकाएं (Haploid Cells) डिप्लोइड कोशिकाएँ (Diploid Cells)
(1) कोशिकाएँ जिनमें क्रोमोसोम के जोड़े नहीं होते। (1) कोशिकाएं जिनमें क्रोमोसोम होमोलोगोस जोड़ों में होते हैं।
(2) बहुत-से जंतुओं और पौधों की जनन कोशिकाएं और युग्मक हेप्लोइड होती हैं। (2) बहुत-से उच्च श्रेणी के जंतुओं और पौधों की कायिक कोशिकाएं डिप्लोइड होती हैं।
(3) हेप्लोइड (N) डिप्लोइड (2N) संख्या का आधा होता है। (3) डिप्लोइड (2N) हेप्लाइड (N) संख्या का दुगुना होता है।

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अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
जीवन की कार्यात्मक इकाई क्या है ?
उत्तर-
कोशिका (Cell) जीवन की कार्यात्मक इकाई है।

प्रश्न 2.
कोशिका के तीन भागों के नाम लिखो।
उत्तर-
कोशिका भित्ति, कोशिका द्रव्य, केंद्रक।

प्रश्न 3. कोशिकांगों के नाम लिखें।
उत्तर-
अंतः प्रद्रव्यी जालिका, माइटोकाँड्रिया, राइबोसोम, गॉल्जीकॉय, क्लोरोप्लास्ट तथा लाइसोसोम, प्लास्टिड्ज आदि मुख्य कोशिकांग हैं।

प्रश्न 4.
कोशिका के उस अंग का नाम बताओ जो केवल पादप कोशिकाओं में होता है।
उत्तर-
लवक (Plastids)।

प्रश्न 5.
पौधों का हरा रंग किस पदार्थ के कारण होता है ?
उत्तर-
हरित लवक (Chlorophyll)।

प्रश्न 6.
केंद्रक की मुख्य रचना का नाम बताओ।
उत्तर-
गुण-सूत्र (Chromosome)।

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प्रश्न 7.
उन दो कोशिकांगों के नाम बताओ जो केवल पौधों में ही पाए जाते हैं।
उत्तर-

  1. कोशिका भित्ति तथा
  2. लवक।

प्रश्न 8.
एक ऐसे अंगक का नाम बताओ जो कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है।
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosome)।

प्रश्न 9.
हमारे शरीर की सबसे छोटी कोशिका का नाम बताओ।
उत्तर-
लिंफोसाइट (Lymphocyte)।

प्रश्न 10.
पौधे की सबसे लंबी कोशिका का नाम बताओ।
उत्तर-
दृढ़ कोशिका (Sclerenchyma)।

प्रश्न 11.
कोशिका के उस अंग का नाम बताओ जो श्वसन के लिए उत्तरदायी है।
उत्तर-
माइटोकाँड्रिया (Mitochondria)।

प्रश्न 12.
माइटोकॉड्रिया के अंदर मिलने वाले एंजाइम का नाम बताओ।
उत्तर-
श्वसन एंजाइम।

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प्रश्न 13.
कोशिका का माप कैसे प्रभावित होता है ?
उत्तर-
कोशिका का माप कोशिका के कार्य जो यह करता है से प्रभावित होता है। उदाहरण के तौर पर कुछ नाड़ी कोशिकाएं एक मीटर से भी लंबी हैं।

प्रश्न 14.
ससीम कोशिका का कौन-सा भाग द्रव्य का निर्माण करता है ?
उत्तर-
ससीम कोशिका का केंद्रक और कोशिका द्रव्य, जीव द्रव्य बनाते हैं।

प्रश्न 15.
कोशिका के किस अंग को आत्महत्या के थैले कहते हैं ?
उत्तर-
लाइसोसोमस को (Lysosomes)।

प्रश्न 16.
कोशिका का कौन-सा अंग प्रोटीन संश्लेषण के लिए उत्तरदायी है ?
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosomes)।

प्रश्न 17.
डी० एन० ए० का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
डीऑक्सी राइबोज न्यूक्लिक एसिड।

प्रश्न 18.
आर० एन० ए० का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
राइबो न्यूक्लिक एसिड।

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प्रश्न 19.
राबर्ट हुक ने कार्क की पतली काट की संरचना कैसी पाई थी ?
उत्तर-
मधुमक्खी के छत्ते जैसी।

प्रश्न 20.
कार्क क्या है ?
उत्तर-
कार्क एक पदार्थ है जो वृक्ष की छाल से प्राप्त होता है।

प्रश्न 21.
राबर्ट हुक ने कार्क में प्रकोष्ठकों को कब और किसकी सहायता से देखा था ?
उत्तर-
राबर्ट हुक ने कार्क में प्रकोष्ठकों को सन् 1665 में स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से देखा था।

प्रश्न 22.
राबर्ट हुक ने प्रकोष्ठकों को कोशिका क्यों कहा था ?
उत्तर-
लेटिन भाषा में (Cellulae) (कोशिका) का अर्थ है-छोटा कमरा । इसीलिए राबर्ट हुक ने प्रकोष्ठकों को कोशिका कहा था।

प्रश्न 23.
एक कोशी जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जीवों में केवल एक कोशिका होती है उन्हें एक कोशी जीव कहते हैं।

प्रश्न 24.
एक कोशी जीवों के छः उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
अमीबा, पैरामीशियम, युग्लीना, एंटअमीबा, क्लैमिडोमोनास, बैक्टीरिया।

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प्रश्न 25.
बहकोशी जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जीवों में अनेक कोशिकाएं समाहित हो कर विभिन्न कार्यों को संपन्न करने हेतु विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं उन्हें बहुकोशी जीव कहते हैं।

प्रश्न 26.
बहुकोशी जीवों के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
कवक (Fungi), पादप, जंतु।

प्रश्न 27.
कोशिका का सबसे पहले पता किसने और कब लगाया था ?
उत्तर-
राबर्ट हुक ने 1665 में।

प्रश्न 28.
तालाब के जल में स्वतंत्र रूप से जीवित कोशिकाओं का पता किसने और कब लगाया था ?
उत्तर-
ल्यूवेनहक ने सन् 1674 में।

प्रश्न 29.
कोशिका में केंद्रक किसने और कब खोजा था ?
उत्तर-
राबर्ट ब्राउन ने 1831 में।

प्रश्न 30.
जैविक पदार्थ को जीवद्रव्य नाम किसने और कब दिया था ?
उत्तर-
जे० ई० पुराकंज ने 1839 में।

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प्रश्न 31.
कोशिका सिद्धांत की खोज किसने की थी ?
उत्तर-
एम० स्लीडन (1838) तथा टी० स्वान (1839) ने।

प्रश्न 32.
कोशिका सिद्धांत क्या है ?
उत्तर-
सभी पौधे तथा जंतु कोशिकाओं से बने हैं और वे जीवन की मूलभूत इकाई हैं।

प्रश्न 33.
कोशिका सिद्धांत को किसने आगे बढ़ाया था ?
उत्तर-
विरचो ने 1855 में।

प्रश्न 34.
विरचो की कोशिका सिद्धांत को क्या देन है ?
उत्तर-
विरचो ने बताया कि सभी कोशिकाएं पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं।

प्रश्न 35.
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज कब हुई थी ?
उत्तर-
सन् 1940 में।

प्रश्न 36.
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से क्या लाभ हुआ ? ।
उत्तर-
कोशिका की जटिल संरचना और अनेक अंगकों को समझना संभव हो सका।

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प्रश्न 37.
कोशिका के किन तीन गुणों पर सभी क्रियाएं संभव हो पाती हैं ?
उत्तर-
प्लैज्मा झिल्ली, केंद्रक, कोशिका द्रव्य।

प्रश्न 38.
प्लैज्मा झिल्ली क्या है ?
उत्तर-
कोशिका की सबसे बाहरी परत प्लैज्मा झिल्ली है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है। यही पदार्थों को अंदर या बाहर आने-जाने से रोकती है।

प्रश्न 39.
प्लैज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
यह अन्य पदार्थों की गति को रोकती है पर कुछ पदार्थों को अंदर या बाहर आने-जाने देती है इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।

प्रश्न 40.
CO2 तथा ऑक्सीजन झिल्ली के आर-पार किस विधि से आ-जा सकते हैं ?
उत्तर-
विसरण प्रक्रिया से।

प्रश्न 41.
कोशिका तथा बाह्य पर्यावरण में विसरण की क्या भूमिका है ?
उत्तर-
गैसों के आदान-प्रदान को नियंत्रित रखना।

प्रश्न 42.
परासरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जल के अणुओं की गति जब वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा हो तो उसे परासरण कहते हैं।

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प्रश्न 43.
परासरण में जल के अणु किस आधार पर गति करते हैं ?
उत्तर-
परासरण में जल के अणु वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाते हैं।

प्रश्न 44.
अल्प परासरण दाबी विलयन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
यदि कोशिका को तनु विलयन वाले माध्यक में रखा जाए तो जल परासरण विधि से कोशिका के भीतर चला जाएगा। ऐसे विलयन को अल्प परासरण दाबी विलयन कहते हैं।

प्रश्न 45.
एक कोशीय अलवणीय जीव तथा पादप कोशिकाएं जल किस विधि के द्वारा ग्रहण करती हैं ?
उत्तर-
परासरण द्वारा।

प्रश्न 46.
पौधों की जड़ों के द्वारा जल अवशोषण कैसी क्रिया है ?
उत्तर-
परासरण क्रिया।

प्रश्न 47.
कोशिकाओं से परिवहन में ऊर्जा की किस रूप में आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
ATP के रूप में।

प्रश्न 48.
प्लैज्मा झिल्ली किस से बनी होती है ?
उत्तर-
लिपिड और प्रोटीन से।

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प्रश्न 49.
प्लैज्मा झिल्ली की रचना किस सूक्ष्मदर्शी से देख सकते हैं ?
उत्तर-
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से।

प्रश्न 50.
एक कोशी जीवों में कोशिका झिल्ली का लचीलापन किस कार्य में सहायक बनता है ?
उत्तर-
बाह्य वातावरण से भोजन तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने में।

प्रश्न 51.
पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से किससे बनी होती है ?
उत्तर-
सेल्यूलोज से।

प्रश्न 52.
सेल्यूलोज की कोशिका भित्ति के निर्माण में क्या उपयोगिता है ?
उत्तर-
यह जटिल पदार्थ है और पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।

प्रश्न 53.
जीवद्रव्य कुंचन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जब पादप कोशिका में परासरण से पानी की हानि होती है तो कोशिका झिल्ली सहित आंतरिक पदार्थ संकुचित हो जाते हैं जिसे जीव द्रव्य कुंचन कहते हैं।

प्रश्न 54.
जंतु कोशिका को अपेक्षा पादप कोशिका परिवर्तनीय माध्यम को आसानी से किस कारण सहन कर सकती है ?
उत्तर-
कोशिका भित्ति के कारण।

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प्रश्न 55.
प्याज़ की झिल्ली की अस्थाई स्लाइड बनाने के लिए किस घोल का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
आयोडीन का।

प्रश्न 56.
कोशिका को रंगने के लिए किस-किस विलयन का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर-
आयोडीन विलयन, सैफ्रानिन अथवा मैथलीन ब्लू विलयन।

प्रश्न 57.
कोशिका द्रव्य क्या है ?
उत्तर-
प्लैज्मा झिल्ली के अंदर कोशिका द्रव्य एक तरल पदार्थ है जिस में अनेक विशिष्ट कोशिका के घटक होते हैं। कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक को मिला कर जीव द्रव्य बनता है।

प्रश्न 58.
अंतर्द्रव्यी जालिका क्या है ?
उत्तर-
यह झिल्ली युक्त नलिकाओं का एक बहुत बड़ा तंत्र है। यह लंबी नलिका या गोल या आयताकार थैलों की तरह दिखाई देती है। इसकी रचना प्लैज्मा झिल्ली जैसी ही होती है।

प्रश्न 59.
अंतर्द्रव्यी जालिका किस-किस प्रकार की होती है ?
उत्तर-

  1. खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER),
  2. चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) ।

प्रश्न 60.
गॉल्जी उपकरण का विवरण सबसे पहले किसने किया था ?
उत्तर-
कैमिलो गॉल्जी।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 61.
गॉल्जी उपकरण में सामान्य शक्कर से क्या बनता है ?
उत्तर-
जटिल शक्कर।

प्रश्न 62.
लाइसोसोम किससे बनाया जाता है ?
उत्तर-
गॉल्जी उपकरण से।

प्रश्न 63.
लाइसोम का कोशिका में क्या कार्य है ?
उत्तर-
कोशिका अंगकों के टूटे-फूटे भागों को पाचित कर कोशिका को साफ करना।

प्रश्न 64.
कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने में कौन सक्षम है ?
उत्तर-
लाइसोसोम।

प्रश्न 65.
लाइसोसोम क्यों फटता है ?
उत्तर-
कोशिकीय चयापचय में व्यवधान के कारण जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है।

प्रश्न 66.
माइटोकांड्रिया किस रूप में ऊर्जा प्रदान करता है ?
उत्तर-
ATP (ऐडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 67.
माइटोकांड्रिया की बाहरी और भीतरी झिल्ली कैसी होती है ?
उत्तर-
बाहरी झिल्ली छिद्रित तथा भीतरी झिल्ली बहुत अधिक वलित होती है।

प्रश्न 68.
प्लैस्टिड किन में होते हैं ?
उत्तर-
केवल पादप कोशिकाओं में।

प्रश्न 69.
प्लैस्टिड के दो प्रकार कौन-से हैं ?
उत्तर-
केरोमोप्लास्ट (रंगीन प्लैस्टिड) तथा ल्यूकोप्लास्ट (श्वेत अथवा रंगहीन प्लैस्टिड)।

प्रश्न 70.
जिस प्लैस्टिड में क्लोरोफिल होता है उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
क्लोरोप्लास्ट।

प्रश्न 71.
जंतु और पादप कोशिकाओं में रसधानियाँ कैसी होती हैं ?
उत्तर-
जंतु कोशिकाओं में छोटी तथा पादप कोशिकाओं में बहुत बड़ी।

प्रश्न 72.
पादप कोशिका की रसधानी में क्या भरा होता है ?
उत्तर-
कोशिका द्रव्य।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

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PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

जान पहचान
पब्लिशर में टैंपलेटस, विजार्डस और डिज़ाइन गैलरी का प्रयोग करके, प्रचार और मशहूरी करने वाले इश्तिहारों को बनाया जाता है। इन प्रकार और विज्ञापन करने वाले इश्तिहारों को पब्लिकेशन कहा जाता है।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 1
पब्लिकेशन, पब्लिशर में एक फाईल होती है कि एक लेबल, बैनर, न्यूज़लैटर, पोस्टर, निमन्त्रण पत्र (इनवीटेशन), ग्रीटिंग कार्ड या एक लैटर-हैड (Letterhead) हो सकता है। पब्लिकेशन में बहुत सारे पेज़ हो सकते हैं और हर पेज़ में आब्जैकटस होते हैं, जैसे कि टैक्सट बाक्स और तस्वीरें ।

पब्लिशर एक ऐपलीकेशन है जो कि सुन्दर और बढ़िया प्रचार और विज्ञापन करने वाले इश्तिहारों को डिज़ाइन करने और बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे कि पैंफलैट, लैटर-हैड, न्यूज़लैटर, पोस्टर, कलैंडर, निमन्त्रण-पत्र आदि।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

पब्लिशर विज़ार्ड और डिज़ाइन गैलरी का प्रयोग करके जल्दी से जल्दी पब्लिकेशन बनाने में मदद करता है। टैम्पलैट पब्लिकेशन का पहले से परिभाषित किया मॉडल होता है। आप पब्लिकेशन को जैसे मोनीटर पर देखते हो, प्रिंट होने के बाद वो बिल्कुल वैसे ही नज़र आता है। पब्लिशर आपकों रंगों का चुनाव करने में भी मदद करता है ताकि हाई-कुआलटी के रंगों की पब्लिकेशन प्राप्त हो सके। पब्लिशर की मदद से आप कम खर्चे में एक बढ़िया वैब-साईट भी बना सकते हो।

माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर 2010
पब्लिशर 2010 हमें प्रोफैशनल, जल्दी तथा आसानी से निम्न प्रकार के पब्लिकेशन तैयार करने में मदद करता है –
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 2

पब्लिशर कैसे शुरू करें ब्रोशर
पब्लिशर को खोलने के निम्नलिखित स्टैप हैं :
1. Start बटन पर क्लिक करें।
2. All Programs को हाइलाइट करें।
3. Microsoft Office हाइलाइट करें।
4. Microsoft Office Publisher 2010 पर क्लिक करें। पब्लिशर विंडो खुल जाएगी।
या
सर्च बार में Publisher या Pub टाइप करें तथा Enter कीअ दबाएं

पब्लिकेशन बनाना
तीन तरीके से पब्लिकेशन बनाई जा सकती है

  1. Blank Layout
  2. Installed Templates
  3. Online Templates

Blank layout से पब्लिकेशन बनाना
खाली पब्लिकेशन तैयार करने के स्टैप निम्नलिखित हैं :

  • File Menu पर क्लिक करें।
  • मौजूदा टैम्पलेट में Blank Publication Template पर क्लिक करें और बाद में Create में क्लिक करें।
  • अब हम पब्लिकेशन में अपनी ज़रूरत के हिसाब से पब्लिकेशन बना सकते हैं। हम Blank Layout में टैक्सट, तस्वीरें, शब्द, कला और अधिक स्पेस जोड़ सकते हैं। Blank Layout विंडो नीचे दिखाई गई है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 3
4. पब्लिकेशन निर्माण के बाद File मीनू में Save विकल्प पर जा कर Save as dialogue बॉक्स दिखाई देगी। अपनी पब्लिकेशन का नाम टाइप करें और फोल्डर को चुनें जिसमें हम इसको सेव कर सकते हैं और फिर सेव बटन पर क्लिक करें। यह पब्लिकेशन एक्सटेंशन पर सेव हो जाएगा।

5. अब File मीनू में Close बटन पर क्लिक करके पब्लिकेशन को बंद करें। एक डॉयलाग बॉक्स दिखेगा। अगर हम सभी परिवर्तन सेव करना चाहते हैं तो Yes बटन क्लिक करें। अगर नहीं तो No पर क्लिक करें। पब्लिशर से बाहर भेजने से पहले सभी पब्लिकेशनों को बंद करना चाहिए। इसके बाद File मीनू में Exit पर क्लिक करें या फिर टाइटल बार पर क्रास (x) का बटन क्लिक करें।

पब्लिशर बिंडो के कंपोनेंट पब्लिशर विंडो के नीचे लिखे भाग हैं :
पब्लिशर विंडो के भाग
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 4

1. क्विक ऐक्सैस टूलबार (Quick Access Toolbar)-क्विक एक्सैस टूलबार कस्टमाइज करने योग्य टूलबार होता है जिसमें वह कमांड होती है जिनको हम इस्तेमाल करना चाहते हैं। हम क्विक एक्सैस टूलबार को रिबन के ऊपर या नीचे रख सकते हैं। क्विक एक्सैस टूलबार की जगह परिवर्तन करने के लिए इसके अंत में बने तीर पर क्लिक करें और Show Below the Ribbon विकल्प पर क्लिक करें। रिबन (Ribbon)-दस्तावेजों के सबसे ऊपर वाले भाग के पैनल को रिबन कहा जाता है। इसके 6 टैब हैं। Home, Insert, Page, Design, Mailings, Review और View. हर टैब अलग-अलग समूहों में बांटा गया है।

टैब्ज (Tabs)-पब्लिशर में कुछ बहुत उपयोगी टैब्ज हैं जिसमें कई उपलब्ध होते हैं। हर टैब के फ़ीचर देखने के लिए उस टैब के नाम पर क्लिक करें। यहाँ प्रत्येक टैब के समूहों की सूची दी गई है।

  • Home. Clipboard, Font, Paragraph, Styles, Objects, Arrange, Editing
  • Insert. Pages, Tables, Illustrations, Buildings, Blocks, Text, Links, Headers & Footer.
  • Page Design. Template, Page Setup, Layout, Pages, Schemes, Page Background.
  • Mailing. Start, Write & Insert Fields, Preview Results, Finish.
  • View. Views, Layout, Show, Zoom, Window.

3. फ़ाइल विंडो (File Window)-जब हम File Menu पर क्लिक करते हैं हमारे सामने Info Screen खुल जाती है। इस प्रकार लगता है कि हमारे दस्तावेज़ मिट गए हैं पर ऐसा नहीं होता। जैसे कि हम File Menu में Options पर क्लिक करते हैं Screen इस प्रकार बदल जाएगी।

  • Save. फ़ाइल को 2010 फारमेट में सेव करने के लिए।
  • Save As. हमें एक अलग File Type चुनने की आज्ञा देता है।
  • Open. पब्लिशर फ़ाइल को ब्राउज़ करने के लिए।
  • Close. फ़ाइल को बंद करने के लिए, परंतु पब्लिशर चलता रहेगा।
  • Info. व्यापार सूचना को Edit करने के लिए, डिज़ाइन मेकर का उपयोग करने के लिए, या पेशेवर प्रिंट सूचना सैट करने के लिए।
  • Recent. हमारे अभी प्रयोग की गई पब्लिशर फ़ाइलों की सूची।
  • New. नई पब्लिकेशन स्क्रीन।
  • Print. प्रिंट करने के लिए विकल्प।
  • Save & Send. फाइलों को Save और email करने का विकल्प।
  • Help. माइक्रोसॉफ्ट मदद।
  • Options. डिफाल्ट विकल्प सैट करने के लिए।
  • Exit. पब्लिशर बंद करने के लिए।

पब्लिकेशन में कार्य करना
1. पब्लिकेशन में Text को Add करना।

  • Home या Insert Tab में Draw Text Box चुनें।
  • कर्सर को क्लिक करें और ड्रैग करके अपनी पसंद के नाम पर Text Box बनाएं। हम Text Box निर्माण के बाद भी इसका आकार बदल सकते हैं।
  • कर्सर के पेज पर जहां हम Text Box बनाना चाहते हैं वहां क्लिक करें।
  • जब हम माऊस को Left क्लिक करते हैं। हमारे सामने Format Tab, जिसमें Text Box से अधिक विकल्प होते हैं, वह खुल जाते हैं।
  • अब Text Box पर Text टाइप करें।

2. Text को Edit करना :

  • जिस Text को हम Edit करना चाहते हैं उसको हाइलाइट करें।
  • जब हम Text Box Tool Format Tab पर नहीं हैं। इसको चुन लें।

3. Text Group  का विकल्प :

  • Text Fit यह बताता है कि Text Box में Text कैसे होगा। इसके विकल्प यह हैं: Best Fit, Shrink Text on Overflow, Grow Text Box to Fit, Do not Auto Fit.
  • Text Direction. Text की दिशा Vertical और Horizontal करने के लिए।
  • Hyphenation. Text की Hyphenation परिवर्तन करने के लिए।

4. Font Group विकल्प: Style, Font Size, Bold, Italic, Underline, Text Spacing और Color.
5. Alignment Group Options: Text Box Alignment, Columns, Margins.
6. Effects Group विकल्प: Shadow, Outline, Engrave, Emboss.

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

3. Text Box का स्टाइल बदलना

  • Text Box पर क्लिक करो।
  • Fomat टैब पर Drawing tools पर क्लिक करो।
  • Shape styles Group options में विकल्प चुनो।
  • Arrange Group Options में विकल्प चुनो।

4. Clip Art इनसर्ट करना

  • Insert → Clip Art पर क्लिक करो।
  • Keyword type करो।
  • Go पर क्लिक करो।
  • अपनी जरूरत अनुसार Clip Art चुनो।

5. Picture SCRIE CARGA

  • Insert → Picture पर क्लिक करो।
  • अपनी Picture चुनो तथा Insert पर क्लिक करो।

6. Shape इनसर्ट करना

  • Home या Insert Tab पर क्लिक करें।
  • Shape पर क्लिक करें।
  • Shape सिलैक्ट करें।
  • पेज पर क्लिक करके Drag करें। Shape बन जाएगी।

7. Text Wrapping

  • Object को चुने
  • Formal → Arrang group → Wrap Text पर क्लिक करें।
  • जरूरत अनुसार विकल्प चुने।

8. Objects का साइज़ बदलना

  • Object का चुनाव करें
  • Resize हैडर पर क्लिक कर आवश्यकता अनुसार Drag करें।

9. Object Move करना

  • Object का चुनाव करें
  • Solid line पर कर्सर ले जा Drag करके जहां जरूरत हो वहां ले जाए।

10. Object Delete करना

  • Object का चुनाव करें।
  • Del कीअ दबाएं।

फ्रेम
पब्लिकेशन के हिस्से को फ्रेम कहते हैं। इसमें कई आब्जैक्ट हो सकते हैं।

फ्रेम के साथ काम करना फ्रेम पर जब क्लिक करते हैं तो उसके हैडल दिखाई देते हैं इनकी सहायता से हम कार्य कर सकते हैं।
हैडल : फ्रेम के चारों तरफ नजर आने वाले गोलों को हैडल कहते हैं। इन की सहायता से फ्रेम को मूव, रीसाइज आदि किया जाता है।
हैडल की सहायता से हम निम्न कार्य कर सकते हैं-
1. फ्रेम को मूव करना

  • पिक्चर फ्रेम को मूव करना
  • टैक्सट फ्रेम को मव करना

2. फरेम को रीसाइज़ करना

  • पिक्चर फ्रेम को रीसाइज़ करना
  •  टैक्सट फ्रेम को रीसाइज़ करना।

3. फ्रेम को डीलीट करना फ्रेम पर क्लिक करें तथा Delete कीअ दबाएं।
4. टैक्सट फ्रेम इंसर्ट करना।

पब्लिकेशन में पेज देखना पब्लिकेशन में पेज देखने के तीन तरीके है।

  1. पेज के थंबनेल
  2. पेज टू पेज स्परैड वियू
  3. स्लाइडर जूम इन तथा जूम आऊट

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टैंपलेट
टैंपलेट की मदद से आसानी से पब्लिकेशन तैयार की जा सकती है। टैंपलेट में पहले से ही तैयार किए हुए डिज़ाइन स्टाइल होते हैं। जिनको हम उसी तरह ही या उनमें फेरबदल करके अपनी ज़रूरत के अनुसार प्रयोग कर सकते हैं।
1. टैंपलेट कस्टमाइज़ करना- टैंपलेट कस्टमाइज़ करने का अर्थ है टैंपलेट का रंग, फोंट आदि अपनी आवश्यकता अनुसार बदलना। इसके लिए टेंपलेट का चुनाव कर दायीं ओर उपलब्ध आपशन से आवश्यकता अनुसार बदलाव करें। टैंपलेट का डिज़ाइन बदलना। टैम्पलेट का डिज़ाइन बदलने के लिए नीचे लिखे स्टैप हैं :

  • Page Design टैब पर क्लिक करें।
  • सभी टैम्पलेट को बदलने के लिए Change Template पर क्लिक करें। विंडो में टैम्पलेट का परिवर्तन चाहते हो तो भरी गई सूचना, नई टैम्पलेट मुताबिक दिखाई देगी।

3. रंग परिवर्तन के लिए समूह में Color Scheme के साथ ब्राऊज़ करें। कलर स्कीम को देखने के लिए माऊस को कलर स्कीम पर लेकर जाएं।

  • किसी एक कलर स्कीम को चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।
  • कलर स्कीम चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।

4. फोंट बदलने के लिए समूह में Font पर क्लिक करें।

  • मौजूद फोंट स्कीम ब्राउज करें।
  • फोंट स्कीम को देखने के लिए माऊस को फोंट स्कीम पर लेकर जाएं।
  • फोंट स्कीम चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।
  • अगर हम अपनी नई फोंट स्कीम बनाना चाहते हैं, तो New Font Scheme पर क्लिक करें।

पब्लिकेशन सेव करना
पब्लिकेशन को सेव करने के निम्नलिखित स्टैप हैं :

  1. File मीनू पर क्लिक करें।
  2. Save पर क्लिक करें।
  3. फाइल का नाम लिखें।
  4. Save बटन पर क्लिक करें।

पब्लिकेशन प्रिंट करना
पब्लिकेशन को प्रिंट करने के दो तरीके हैं। पहले तरीके में अपनी टूलबार में Print आइकन पर क्लिक करें। इसके साथ हमारी पब्लिकेशन की डिफाल्ट प्रिंट विकल्प की एक कापी प्रिंट हो जाएगी। या
1. फाईल मीनू पर क्लिक करें।
2. जब Print में नंबर आए ज़रूरत से Number of Copies सिलेक्ट करें।

3. नीचे लिखे Print Setting में किसी को भी चुनें।

  • All Pages, Selection, Current Page, or custom range.
  • Manually पेज नंबर बताइए जो हम प्रिंट करना चाहते हैं। प्रत्येक पेपर शीट के कितने पेपर प्रिंट होते हैं।
    Paper Size
  • 1-sided या 2-Sided Printing.

4. Print पर क्लिक करें।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
परमाणु के नाभिक से क्या अभिप्राय है ? नाभिक की खोज करने के लिए रदरफोर्ड द्वारा किए गए अल्फा-किरण प्रकीर्णन प्रयोग की संक्षिप्त में विवेचना कीजिए। इस प्रयोग के परिणामों तथा त्रुटियों को भी लिखिए।
उत्तर-
नाभिक (Nucleus)- रदरफोर्ड तथा सहयोगियों द्वारा किए गए अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग (Alpha particle scattering experiment) से गहन द्रव्यमान वाले नाभिक के अस्तित्व के बारे संकेत मिला। परमाणु के सघन तथा धन आवेशित भाग को नाभिक कहा जाता है। इस पर उपस्थित धन आवेश, इलेक्ट्रॉनों के ऋण आवेश के बराबर होने के कारण परमाणु उदासीन होता है।

परमाणु के आयतन की तुलना में नाभिक का आयतन बहुत ही कम होता है। नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन होते हैं। परमाणु का द्रव्यमान प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के कारण होता है क्योंकि इलैक्ट्रॉन का द्रव्यमान नाममात्र होता है। __रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग- रदरफोर्ड ने सन् 1911 में अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा नाभिक की खोज की थी। इस प्रयोग में उसने एक सोने की बारीक 1000 परमाणुओं के बराबर मोटी पन्नी पर तीव्र गति वाले अल्फा कणों की बमबारी की।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 1

सोने की पतली पन्नी से टकराने के उपरान्त एल्फा कणों का प्रकीर्णन हो जाता है अर्थात् वे बिखर जाते हैं। अधिकांश कण सोने के पत्र को पार कर जाते हैं परंतु कुछ कण परमाणु नाभिक के टकराने के बाद उसी दिशा में वापिस लौट आते हैं।

प्रयोग के प्रेक्षण-प्रयोग के परिणामस्वरूप रदरफोर्ड ने निम्नलिखित प्रेक्षण प्रस्तुत किए-

  1. बहुत से α-कण (लगभग 99%) सोने की पन्नी में से बिना किसी परावर्तन के गुज़र जाते हैं।
  2. कुछ कण विभिन्न कोणों पर विक्षेपित होते हैं।
  3. बहुत ही अल्प संख्या में कण (10,000 में से एक) केंद्रीय भाग से टकराकर अपने पथ पर फिर लौट आते है।

प्रयोग से परिणाम – ऐसे प्रयोगों की श्रृंखला से रदरफोर्ड ने निम्नलिखित परिणाम प्रस्तुत किए-

  1. क्योंकि शीट में से बहुत-से कण बिना परावर्तित हुए गुज़र जाते हैं, इससे सिद्ध होता है कि परमाणु में अधिकतर स्थान खाली है।
  2. धन आवेशित कुछ α-कण (He2+) अपने पथ से परावर्तित होते हैं, अर्थात् मुड़ जाते हैं। इससे यह निर्णय लिया जा सकता है कि परमाणु का कुछ भाग धन आवेशित तथा द्रव्यमान युक्त है।
  3. कुछ α-कण वापिस लौट आए। इसी से नाभिक की स्थिति का पता लगता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 2

त्रुटियां – यह परमाणु की स्थिरता के विषय में कुछ व्यक्त नहीं करता। नाभिक के चारों ओर इलैक्ट्रॉन वृत्तीय चक्कर लगाते हैं जिसका परिणाम उनकी तेज़ गति होती है। इस कारण आवेशित कणों से विकिरित ऊर्जा परमाणु को अस्थिर कर देगी। पर यह सत्य नहीं है जबकि परमाणु तो वास्तव में निश्चित संरचना के साथ स्थिर होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के आधार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के निम्नलिखित मुख्य बिंदु थे-

  1. परमाणु का केंद्र धनावेशित होता है जिसे नाभिक कहते हैं। परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  2. नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं जैसे सूर्य के चारों ओर विभिन्न नक्षत्र चक्कर लगाते हैं।
  3. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत कम होता है।

प्रश्न 2.
रदरफोर्ड को कैसे विश्वास हुआ कि परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन होते हैं ?
उत्तर-
ऐसा α-किरणों के प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा पता चला कि बहुत कम α-कण (लगभग 10,000 में से एक) उसी दिशा में वापिस हो जाते हैं। क्योंकि α-कण नाभिक द्वारा अपकर्षित किए जाते हैं, इसलिए ऐसे कणों पर अवश्य ही धन आवेश होगा। उस समय तक ज्ञात अवपरमाणुक कणों-इलैक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों में से केवल प्रोटॉन पर धन आवेश था। इसलिए ही तत्व के परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन विद्यमान हैं, जोकि α-कणों को अपकर्षित करते हैं।

प्रश्न 3.
रदरफोर्ड ने इस तथ्य के लिए क्या कारण बताया था कि परमाणु के इलैक्ट्रॉन नाभिक के अंदर की ओर अपकर्षित नहीं होते ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के अनुसार परमाणु के बाह्य नाभिकीय भाग में इलेक्ट्रॉन स्थिर नहीं है। ये शैल (Shell) नामक वृत्ताकार परिपथों में चक्कर लगाते हैं। बाह्य नाभिकीय भाग में स्थित इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर आकर्षित होते हैं। इस आकर्षण बल को इससे विपरीत दिशा में क्रियाशील केंद्रीय बल संतुलित कर देता है। इसलिए इलेक्ट्रॉन निश्चित परिपथों में निरंतर घूमते रहते हैं तथा नाभिक के अंदर की ओर आकर्षित नहीं होते।

प्रश्न 4.
नाभिकीय आकार की तुलना में परमाणु के आकार का परिमाण बताइए।
उत्तर-
परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या से 1015 गुणा बड़ी है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 3

प्रश्न 5.
रदरफोर्ड परमाणु मॉडल के बारे में मुख्य आपत्ति क्या थी ?
उत्तर-
इलैक्ट्रॉन आवेशित कण हैं। कोई भी आवेशित कण जब त्वरित किया जाता है तो ऊर्जा विकरित करता है। नाभिक के गिर्द चक्राकार गति में रहने के लिए इलेक्ट्रॉन को त्वरित होना पड़ेगा जिसके फलस्वरूप वह ऊर्जा का विकिरण करेगा। ऊर्जा की हानि के कारण कक्षा का आकार सिकुड़ेगा और अंत में नाभिक को टकराएगा। इसलिए ऐसा मॉडल स्थिरता प्रदान नहीं करेगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 6.
जब एक इलैक्ट्रॉन ऊर्जा स्तर K से ऊर्जा स्तर L में छलांग लगाता है तो परमाणु की ऊर्जा क्यों बढ़ जाती है ?
उत्तर-
एक इलेक्ट्रॉन जो ऊर्जा स्तर K में चक्कर लगा रहा है उसके पास ऊर्जा की एक निश्चित मात्रा है। जब वह इलैक्ट्रॉन K ऊर्जा स्तर से L ऊर्जा स्तर में कूद जाता है तो वह L ऊर्जा स्तर की ऊजां ग्रहण कर लेता है जोकि पहले से अधिक होती है। इस प्रकार इलेक्ट्रॉन पहली ऊर्जा से अधिक ऊर्जा प्राप्त कर लेता है। इससे कुल मिला कर परमाणु की ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 7.
वे शैल जिनमें इलेक्ट्रॉन परमाणु के नाभिक के गिर्द चक्कर लगाते हैं ऊर्जा स्तर क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर-
एक इलेक्ट्रॉन किसी शैल में चक्कर लगाते समय कुछ ऊर्जा की मात्रा से जुड़ा रहता है। जब यह एक शैल से दूसरे शैल में छलाँग लगाता है तो इसकी ऊर्जा में परिवर्तन आ जाता है। इस प्रकार शैल इलेक्ट्रॉन को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ स्थान भी बदलता है जिससे उन्हें ऊर्जा शैल या ऊर्जा स्तर कहा जाता है।

प्रश्न 8.
परमाणु की संरचना को समझने के लिए रदरफोर्ड का मूल योगदान क्या थे ?
अथवा
रदरफोर्ड द्वारा प्रस्तुत किए गए नाभिकीय मॉडल के लक्षण क्या थे ?
उत्तर-
परमाणु की नाभिकीय संरचना को समझने के लिए रदरफोर्ड का मूल योगदान निम्न प्रकार थे-

  1. परमाणु का केंद्र धन आवेशित होता है जिसे नाभिक कहा जाता है।
  2. एक परमाणु का संपूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  3. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत छोटा होता है।
  4. इलैक्ट्रॉन नाभिक के इर्द-गिर्द निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं।

प्रश्न 9.
फ्लोरीन परमाणु में 9 इलेक्ट्रॉन तथा 9 प्रोटॉन हैं। इसके परमाणु में कितने ऊर्जा शैल होंगे ?
उत्तर-
क्योंकि पहले कोश K में 2 इलेक्ट्रॉन समा सकते हैं। इसलिए शेष 7 इलैक्ट्रॉन दूसरे कोश L में समा जायेंगे जिसकी अधिकतम सामर्थ्य 8 इलेक्ट्रॉनों की है। इसलिए फ्लोरीन के दो ऊर्जा कोश होंगे।

प्रश्न 10.
मैग्नीशियम परमाणु में 12 इलेक्ट्रॉन है। इसका कौन-सा ऊर्जा कोश पूर्ण रूप से भरा हुआ नहीं
उत्तर-
मैग्नीशियम परमाणु में 12 इलेक्ट्रॉन हैं। K कोश में 2 इलेक्ट्रॉन तथा दूसरे L कोश में 8 इलेक्ट्रॉन भरे जायेंगे।
इस प्रकार K तथा L शैल पूर्ण रूप से भरे गए हैं। शेष 2 इलेक्ट्रॉन [12 – (2 + 8) = 2)] तीसरे कोश M में समाहित होंगे जबकि इस कोश में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन भरे जा सकते हैं। अत: तीसरा कोश M अपूर्ण है।

प्रश्न 11.
निम्न परमाणु युग्ल की इलेक्ट्रॉनिक संरचना में क्या समानताएं हैं ? प्रत्येक परमाणु की इलैक्ट्रॉन संख्या कोष्ठक में दिये गए हैं ।
लीथियम (3), सोडियम (11) तथा पोटैशियम (19), हीलियम (2), नियॉन (10) तथा आर्गान (18), बैरीलियम (4), मैग्नीशियम (12) तथा कैल्सियम (20)।
उत्तर-

  1. लीथियम, सोडियम तथा पौटैशियम सभी के बाह्यतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन है।
  2. हीलियम, नियॉन तथा आर्गान सभी के बाहयतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हैं।
  3. बैरीलियम, मैग्नीशियम तथा कैल्सियम सभी के बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 12.
एक तत्त्व का परमाणु रासायनिक संयोजन में भाग नहीं लेता है। क्या आप बता सकते हैं कि इस परमाणु के बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी है ? वर्णन करें।
उत्तर-
यह कथन दर्शाता है कि तत्व अक्रियाशील गैस है और इसके परमाणु के बाह्यतम कोश में ? या 8 इलेक्ट्रॉन हैं।
ऐसा इसलिए है कि हीलियम के बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन को छोड़ कर ऐसे परमाणु जिनके बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हैं अक्रियाशील हैं और वे रासायनिक संयोजन में भाग नहीं लेते हैं।

प्रश्न 13.
एक तत्व में 16 प्रोटॉन हैं। परमाणु के K, L तथा M कोशों में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे ? इसकी इलैक्ट्रॉन संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 16
इलेक्ट्रॉनिक संरचना = K = 2 ; L = 8 ; M = 6
तत्व में वैलेंस इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
∴ इलैक्ट्रॉन संयोजकता = 8 – 6 = 2

प्रश्न 14.
यदि हम किसी परमाणु का क्रमांक जानते हैं तो उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखना संभव है। ऐसा क्यों है ?
उत्तर-
हां. किसी तत्व के परमाणु क्रमांक की सहायता से उसकी इलेक्ट्रॉन संरचना लिखना संभव है। वास्तव में किसी तत्व का परमाणु क्रमांक उसके परमाणु में विद्यमान प्रोटॉनों या न्यूट्रॉनों की संख्या के बराबर होता है। यदि हमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या पता हो तो हम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिख सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का अर्थ है कि विभिन्न शैलों में इलेक्ट्रॉनों का वितरण किस प्रकार है।

उदाहरण – ऑक्सीजन की परमाणु संख्या (Z) 8 है। इसका अर्थ यह है कि ऑक्सीजन में 8 इलेक्ट्रॉन हैं। इनमें से 2 पहले शैल में होते हैं जिससे वह पूरी तरह भर जाता है। शेष 6 इलेक्ट्रॉन दूसरे शैल में विद्यमान होते हैं।
ऑक्सीजन में इलेक्ट्रॉन वितरण इस प्रकार है-
पहले K-शैल में 2 इलेक्ट्रॉन
दूसरे L-शैल में 6 इलेक्ट्रॉन
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 4

प्रश्न 15.
क्या किसी परमाणु में 12 प्रोटॉन और 13 इलेक्ट्रॉन होना संभव है ? व्याख्या करें।
उत्तर-
नहीं, ऐसा संभव नहीं है। एक परमाणु विद्युतीय दृष्टि से उदासीन होना चाहिए। इसका अर्थ है कि इस पर कोई आवेश शेष नहीं रहता है। अब प्रत्येक प्रोटॉन पर इकाई धन आवेश होता है तथा प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर इकाई ऋण आवेश होता है। अतः एक उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बराबर होनी चाहिए।

प्रश्न 16.
संकेत \({ }_{20}^{40} \mathrm{Ca}\) से लिखें-
(i) Ca की द्रव्यमान संख्या
(ii) Ca की परमाणु संख्या
(iii) Ca नाभिक की संरचना।
उत्तर-
(i) Cu की द्रव्यमान संख्या = 40

(ii) Ca की परमाणु संख्या = 20

(iii) Ca नाभिक की संरचना-
प्रोटॉनों की संख्या P = 20. इलेक्ट्रॉनों की संख्या = P = 20
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉनों की संख्या
= 40 – 20 = 20

प्रश्न 17.
इस कथन से क्या सूचना मिलती है कि मैग्नीशियम की द्रव्यमान संख्या 24 तथा परमाणु संख्या 12 है ?
उत्तर-
मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 इस ओर संकेत करती है कि इसके परमाणु के नाभिक में 12 प्रोटॉन हैं तथा इतने ही इलेक्ट्रॉन इसके बाह्य नाभिकीय भाग में हैं। द्रव्यमान संख्या 24 यह दर्शाती है कि प्रोटॉनों के साथ नाभिक में 12 न्यूट्रॉन (24-12) भी विद्यमान हैं।

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प्रश्न 18.
द्रव्यमान संख्या को परिभाषित कीजिए। द्रव्यमान संख्या नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों से कैसे संबंधित है ?
उत्तर-
द्रव्यमान संख्या – किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या उसमें उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के योग के बराबर होती है।
द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (P) + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉनों की संख्या
= द्रव्यमान संख्या – परमाणु संख्या
= A – Z

प्रश्न 19.
जे० जे० टॉमसन के प्रसिद्ध प्रयोगों से पहले विद्युत् और चुंबकीय क्षेत्रों में कैथोड किरणों का विक्षेपण ज्ञात था, तो जे० जे० टॉमसन का मुख्य योगदान क्या था ?
उत्तर-
जे० जे० टॉमसन का योगदान यह था कि (i) उन्होंने कणों पर आवेश और उनके द्रव्यमान अनुपात का पता लगाया था।
उनके अनुसार \(\frac{e}{m}\) = 1.76 × 1011 c /kg
यहाँ e = कणों पर आवेश तथा m = द्रव्यमान है।

(ii) उन्होंने इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान का पता लगाया जो m = \(\frac{1.602 \times 10^{-19 \mathrm{c}}}{1.76 \times 10^{11 \mathrm{c} / \mathrm{kg}}}\)
= 9.1 × 10-31 kg = 9.1
× 10 g-28 ग्राम था। यह द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान का \(\frac{1}{1837}\) भाग के समान था।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित तत्वों के परमाणुओं में वेलैंस कोश इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी है ?
(i) ऐलुमिनियम
(ii) सल्फ र
(ii) क्लोरीन
(iv) कार्बन
(v) नाइट्रोजन
(vi) पोटैशियम
(vii) ऑक्सीजन
(viii) फ्लोरीन।
उत्तर-

क्रमांक तत्व का नाम वेलैंस कोश (संयोजकता) इलेक्ट्रॉन की संख्या
(i) ऐलुमिनियम (A1) 3
(ii) सल्फर (S) 2
(iii) क्लोरीन (Cl) 1
(iv) कार्बन (C) 4
(v) नाइट्रोजन (N) 3
(vi) पोटैशियम (K) 1
(vii) ऑक्सीजन (O) 2
(viii) फ्लू ओरीन (F) 1

प्रश्न 21.
न्यूट्रॉन के अस्तित्व को किसने प्रस्तावित किया ? इस पूर्वधारणा (Assumption) का क्या आधार था ?
उत्तर-
सबसे पहले न्यूट्रॉन के अस्तित्व का विचार रदरफोर्ड ने प्रकट किया था। सन् 1920 में उसने मत प्रस्तुत किया कि नाभिक में प्रोटॉन और उसके निकट इलेक्ट्रॉन विद्युतीय आकर्षण के कारण आपस में इतने निकट हों कि उन्हें एक कण के रूप में ही माना जा सकता हो जिसमें पूरा आवेश शून्य हो गया हो। इसलिए उसने एक नये कण की संकल्पना की और उसका नाम न्यूट्रॉन रखा। तत्पश्चात् इसी संकल्पना ने आधुनिक विज्ञान की अनेक महत्त्वपूर्ण समस्याओं को हल कर दिया।

प्रश्न 22.
प्रायोगिक रूप से न्यूट्रॉन की खोज किसने की ? इस प्रयोग की आवश्यक बातें क्या थीं ?
उत्तर-
जेम्स चैडविक ने सन् 1932 में सबसे पहले न्यूट्रॉन की खोज की थी। उन्होंने पाया कि जब बैरीलियम नामक तत्व से a-किरणें टकरायी जाती हैं तो उससे एक नया कण विसर्जित होता है। यह नया कण उदासीन प्रकृति का था। जब इस कण को जिंक सल्फाइड की प्लेट से टकराया गया तो प्रकाश उत्पन्न हुआ। इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान के समान था।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 5

उपस्थिति संबंधी प्रयोग उन्होंने पाया कि हाइड्रोजन परमाणु के अतिरिक्त अन्य सभी तत्वों में न्यूट्रॉन थे। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन के द्रव्यमान के समान था। प्रोटॉन का द्रव्यमान 1 a.m.u. माना जाता था। इसलिए न्यूट्रॉन का द्रव्यमान भी 1 a.m.u. है। न्यूट्रॉन आवेशित कण नहीं हैं इसलिए इनका परीक्षण आसान नहीं है परंतु 1932 ई० में चैडविक इनको प्रदर्शित करने में सफल हो गया।

‘प्रश्न 23.
हीलियम के संयोजकता कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं पर उसकी संयोजकता 2 नहीं होती। क्यों ?
उत्तर-
हीलियम के संयोजकता कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं पर उसकी संयोजकता 2 नहीं होती क्योंकि उसका कक्ष पूर्ण होता है। इसलिए उसकी संयोजकता शून्य है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 24.
संयोजकता इलेक्ट्रॉन को परिभाषित कीजिए। यह परमाणु संरचना से कैसे सम्बन्धित है ?
उत्तर-
संयोजकता इलेक्ट्रॉन-किसी परमाणु के सबसे बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉन ही संयोजकता इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं। ये ही रासायनिक क्रियाओं में भाग लेते हैं।

संयोजकता किसी परमाणु की संरचना को प्रकट करती है। जैसे सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है। उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (K = 2, L = 8, M = 1) में सबसे बाहरी कक्ष M में एक इलेक्ट्रॉन है। इसलिए उसकी संयोजकता एक है। किसी भी तत्व के रासायनिक गुण सबसे बाहरी कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर ही निर्भर करते हैं। परमाणु संरचना से ही संयोजकता इलेक्ट्रॉनों का पता लगता है। यह परमाणु के नाभिक के द्रव्यमान से लगभग संबंधित नहीं होते। यदि किसी परमाणु का बाह्यतम कक्ष पूर्ण रूप से भरा हुआ (8, 18, 32 इलेक्ट्रॉन) हो तो उस तत्व की संयोजकता शून्य होती है और वह निष्क्रिय होता है। विभिन्न तत्वों के परमाणुओं में बराबर इलेक्ट्रॉन होने की अवस्था में उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।

प्रश्न 25.
परमाणु नाभिक के आवश्यक गुणधर्म की व्याख्या कीजिए। इन गुणधर्मों की इलैक्ट्रॉन के गुणधर्मों से तुलना कीजिए।
उत्तर-
परमाणु नाभिक ( केंद्रक) के गुणधर्म-

  1. परमाणु का नाभिक (केंद्रक) धन आवेश युक्त होता है।
  2. परमाणु का पूरा द्रव्यमान उसके नाभिक में ही स्थित होता है।
  3. परमाणु नाभिक का आकार परमाणु के आकार से बहुत छोटा होता है। यह परमाणु के आकार से 105 गुना छोटा होता है।

परमाणु नाभिक की त्रिज्या 10-13 10-19 होती है जबकि परमाणु की अपनी त्रिज्या 10-8 सें०मी० होती है। इसलिए परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है।

परमाणु नाभिक के गुणधर्मों की इलैक्ट्रॉनों के गुणधर्मों से तुलना-

  1. इलेक्ट्रॉनों पर ऋण आवेश होता है, जबकि नाभिक पर प्रोटॉनों के कारण धन आवेश होता है।
  2. इलेक्ट्रॉन केंद्रक के चारों ओर घूमते रहते हैं जबकि नाभिक परमाणु के केंद्रीय भाग में स्थित होता है।
  3. नाभिक का द्रव्यमान हीलियम परमाणु के बराबर होता है जबकि इलेक्ट्रॉन हाइड्रोजन परमाणु के \(\frac{1}{1840}\) भाग
    के बराबर होता है।

प्रश्न 26.
इलेक्ट्रानों को नक्षत्रीय इलेक्ट्रॉन क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल को सौर मॉडल भी कहते हैं क्योंकि इस मॉडल में यह कल्पना की गई थी कि जिस प्रकार सूर्य के चारों ओर सभी नक्षत्र चक्कर लगाते हैं, उसी प्रकार नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं। इसलिए परमाणु के इलेक्ट्रॉनों को नक्षत्रीय इलेक्ट्रॉन भी कहा जाता है।

प्रश्न 27.
क्या ऐसा संभव हो सकता है कि तत्व के अणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन हो परंतु उसका कोई भी न्यूट्रॉन न हो ? यदि ऐसा है तो उस तत्व का नाम लिखिए।
उत्तर-
हाँ, ऐसा संभव है। हाइड्रोजन तत्व के अणु की स्थिति में ऐसा ही होता है जिसे \({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\) से प्रदर्शित किया जाता है।

प्रश्न 28.
क्या 35Cl और 37Cl की संयोजकता अलग-अलग होगी ? अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
नहीं, 35Cl और 37Cl की संयोजकता अलग-अलग नहीं होगी क्योंकि ये दोनों एक ही तत्व के समस्थानिक हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 29.
चित्र द्वारा सोडियम परमाणु और सोडियम आयन में इलैक्ट्रॉन वितरण दर्शाइए और इनकी परमाणु संख्या दीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 6

सोडियम परमाणु की परमाणु संख्या 11 है और इसमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी 11 है। धनात्मक सोडियम आयन (Na+) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 11 – 1 = 10 होती है। इसलिए उसके इलेक्ट्रॉनिक कक्ष में इलेक्ट्रॉन वितरण 2, 8 होगा। किसी तत्व की परमाणु संख्या इसके प्रोटॉनों के बराबर होगी। इसलिए सोडियम परमाणु और सोडियम आयन में परमाणु संख्या समान ही होगी। अत: दोनों की परमाणु संख्या 11 है।

प्रश्न 30.
हीलियम, नियॉन तथा आर्गान तत्वों की संयोजकता शून्य क्यों है ?
उत्तर-
हीलियम के एकमात्र शैल K में 2 इलेक्ट्रॉन हैं। क्योंकि यह अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या है जो K शैल में समाहित हो सकती है। इसलिए यह न तो इलेक्ट्रॉन का लाभ कर सकता है और न ही हानि । इसलिए इसकी संयोजकता शून्य है। इसी भांति नियॉन (2, 8) और आर्गान (2, 8, 8) में बाह्यतम शैल में आठ-आठ इलेक्ट्रॉन हैं जोकि अधिकतम संख्या है। इसलिए दोनों नियॉन और आर्गान की संयोजकता शून्य है।

प्रश्न 31.
एक तत्व की परमाणु संख्या 15 है। इसका क्या अभिप्राय है ? क्या यह संभव है कि एक ही परमाणु के कोश (शैल) अधिक हो सकते हैं ?
उत्तर-
जब एक परमाणु के तीन कोश हैं, इसका तात्पर्य यह है कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन का वितरण तीन ऊर्जा स्तरों में है। इस प्रकार उत्तेजित अवस्था में उसी परमाणु के इलेक्ट्रॉन तीन से अधिक ऊर्जा स्तरों में वितरित हैं। जिससे उसी परमाणु के अधिक शैल (कोश) होंगे।

प्रश्न 32.
तत्वों की परमाणु संख्या तथा परमाणु द्रव्यमान संख्या नीचे दी गई हैं। निम्न सूचना को रिक्त स्थानों में लिखिए।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 7
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 8

प्रश्न 33.
एक तत्व की परमाणु संख्या क्या होगी जिसके M-शैल में 7 इलेक्ट्रॉन हैं ?
उत्तर-
इसका तात्पर्य यह है कि तत्व के परमाणु के K-शैल तथा L-शैल पूर्ण रूप से भरे हुए हैं। K-शैल में अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या 2 तथा L-शैल में 8 हो सकती है जबकि M-शैल में 7 इलेक्ट्रॉन हैं।
इसलिए परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या = 2 + 8 + 7 = 17

क्योंकि परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन होता है, इसलिए परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों को संख्या होगी।
∴ परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या = 17
∴ परमाणु की परमाणु संख्या = 17

प्रश्न 34.
समस्थानिकों के समान गुण लिखिए।
उत्तर-
समस्थानिकों के गुण-

  1. किसी तत्व के समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है।
  2. तत्व के सभी समस्थानिकों के रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं।
  3. तत्व के सभी समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
  4. तत्व के सभी समस्थानिकों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एक जैसा होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 35.
निम्न सारणी में किन्हीं तत्वों की द्रव्यमान संख्या तथा परमाणु संख्या दी गई है :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 9
(i) ऊपर दी गई सारणी से आइसोबार (समभारिक) का युग्म चुनिए।
(ii) सारणी में लिखे तत्व B की संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर-
(i) D तथा E
(ii) B तत्व की संयोजकता = 1

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
परमाणु द्रव्यमान 35 और 37 वाले क्लोरीन के दो समस्थानिक (आइसोटोप) 3 : 1 के अनुपात में विद्यमान हैं। इनका औसत परमाणु द्रव्यमान क्या होगा ?
हल :
क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान = \(\frac{35 \times 3+37 \times 1}{3+1}\)
= \(\frac{105+37}{4}\) = 35.5 a. m. u.

प्रश्न 2.
परमाणु क्रमांक 18 वाले तत्व X तथा परमाणु क्रमांक 16 वाले तत्व Z में से कौन-सा रासायनिक रूप से अधिक अभिक्रियाशील होगा ?
हल :
X तत्व का परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 18
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 10
अब Z तत्व का परमाणु क्रमांक – Z में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 16
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 11

किसी निष्क्रिय गैस के एक परमाणु के सबसे बाहरी कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिससे X न तो कभी इलेक्ट्रॉन खोएगा और न ही अर्जित करेगा। अतएव X रासायनिक रूप से अभिक्रियाशील नहीं है।

किसी निष्क्रिय गैस के विन्यास को प्राप्त करने के लिए Z तत्व 2 इलेक्ट्रॉन अर्जित कर सकता है। अतएव Z रासायनिक रूप से X से अधिक अभिक्रियाशील है।

प्रश्न 3.
उस तत्व की परमाणु संख्या ज्ञात करें जिसके नाभिक में 12 न्यूट्रॉन हैं और जिसकी द्रव्यमान संख्या 23 है। इस तत्व का संकेत क्या है ?
हल :
परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या = 12
परमाणु द्रव्यमान (A) = 23
परमाणु संख्या (Z) = ?
हम जानते हैं कि द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या
23 = P + 12
∴ प्रोटॉन की संख्या (P) = 23 – 12 = 11
अर्थात् परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन की संख्या = 11 उत्तर
सोडियम तत्व की परमाणु संख्या 11 तथा द्रव्यमान संख्या 23 है। इस तत्व को दर्शाने के लिए संकेत है \({ }_{11}^{23} \mathrm{Na}\) उत्तर

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में प्रोटॉनों, न्यूट्रॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या पता करें : \({ }_{92}^{235} \mathbf{U}\) तथा \({ }_{92}^{238} \mathrm{U}\) दोनों परमाणुओं का आपस में क्या संबंध है ?
हल :
U-235 परमाणु की द्रव्यमान संख्या (A) = 235
परमाणु संख्या (Z) = 92
हम जानते हैं कि n = A – Z
n = 235 – 92
n = 143
∴ U-235 में प्रोटॉन की संख्या = परमाणु संख्या = 92
इलेक्ट्रॉन की संख्या = प्रोटॉन की संख्या = 92
न्यूट्रॉन की संख्या = 143
U-238 परमाणु की द्रव्यमान संख्या (A) = 238
परमाणु संख्या (Z) = 92
n = 238 – 92
n = 146

\({ }_{92}^{235} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{92}^{238} \mathrm{U}\) दोनों यूरेनियम तत्व के समस्थानिक हैं। इन दोनों के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या एक समान 92 है, परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या विभिन्न है अर्थात् दोनों परमाणुओं की परमाणु संख्या समान है, परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 5.
तत्व \(x_{9}^{19}\) में कितने इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन हैं ? इस तत्व की संयोजकता कितनी होगी ?
हल :
परमाणु संख्या = 9
द्रव्यमान संख्या = 19
∴ इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 9
प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या = 9
न्यूट्रॉनों की संख्या – 19 – 9 = 10
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 12
तत्व की संयोजकता = 8 – 7 = 1

प्रश्न 6.
परमाणु के अवपरमाणुक कणों के नाम बताओ। हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 4u तथा इसके नाभिक में 2 प्रोटॉन हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन हैं ? सोडियम तथा कार्बन की इलेक्ट्रॉनिक संरचना लिखिए (दिया है सोडियम की परमाणु संख्या = 11, कार्बन की परमाणु संख्या = 6)।
हल :
(i) परमाणु के अवपरमाणुक कण : इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन

(ii) हीलियम में न्यूट्रॉनों की संख्या = 4 – 2 = 2
(iii) सोडियम की इलेक्ट्रॉनिक संरचना : PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 13
(iv) कार्बन की इलेक्ट्रॉनिक संरचना : PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 14

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
‘कैनाल रे’ की खोज किसने और कब की थी ?
उत्तर-
‘कैनाल रे’ को खोज ई० गोल्डस्टीन ने सन 1886 में की थी।

प्रश्न 2.
कैनाल किरणों पर कौन-सा आवेश होता है ? उत्तर-धन आवेश।

प्रश्न 3.
प्रोटॉन पर कौन-सा आवेश होता है ?
उत्तर-
धन आवेश।

प्रश्न 4.
प्रोटॉन परमाणु के किस भाग में होते हैं ?
उत्तर-
सबसे भीतरी भाग नाभिक में।

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प्रश्न 5.
डाल्टन के अनुसार परमाणु के मूल गुण क्या थे ?
उत्तर-
डाल्टन के अनुसार परमाणु अविभाज्य और अविनाशी है।

प्रश्न 6.
डॉल्टन के सिद्धांत को किस खोज ने गलत सिद्ध कर दिया था ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की खोज ने।

प्रश्न 7.
परमाणु संरचना से संबंधित पहला मॉडल किसने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
जे० जे० टॉमसन।

प्रश्न 8.
रदरफोर्ड ने एल्फा कणों के प्रकीर्णन प्रयोग में सोने की पन्नी क्यों चुनी थी ?
उत्तर-
रदरफोर्ड बहुत पतली परत चाहते थे जो 1000 परमाणुओं के बराबर मोटी हो।

प्रश्न 9.
एल्फा कण क्या होते हैं ?
उत्तर-
दविआवेशित हीलियम (He2+) कण होते हैं।

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प्रश्न 10.
एल्फा कणों पर कौन-सा आवेश होता है ?
उत्तर-
धन आवेश ।

प्रश्न 11.
एल्फा कणों का द्रव्यमान कितना होता है ?
उत्तर-
4u.

प्रश्न 12.
नील्स बोर ने रदरफोर्ड के मॉडल पर उठी आपत्तियों को किस प्रकार दूर किया ?
उत्तर-
नील्स बोर ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं जिनसे ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।

प्रश्न 13.
ऊर्जा स्तर किसे कहते हैं ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन जिन निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं उन्हें ऊजां स्तर कहते हैं। इन्हें K. L, M. N… या 1, 2, 3, 4 … के द्वारा निरूपित किया जाता है।

प्रश्न 14.
परमाणु द्रव्यमान किसे कहते हैं ?
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान – परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग को परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।

प्रश्न 15.
विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण का नियम किसने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
बोर और बरी ने।

प्रश्न 16,
परमाणु के विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों की कक्षा में वितरण करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर-
2n2जहां ‘n’ कक्षा की संख्या या ऊर्जा स्तर होता है।

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प्रश्न 17.
पहली चार कक्षाओं में क्रम से इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या लिखिए।
उत्तर-
2, 8. 18. 32.

प्रश्न 18.
सबसे बाह्यतम कोश में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं ?
उत्तर-
8.

प्रश्न 19.
रासायनिक रूप से कौन-से तत्व सक्रिय नहीं होते ?
उत्तर-
जिन तत्वों के परमाणुओं के बाह्यतम कक्ष पूर्ण रूप से भरे होते हैं, वे रासायनिक दृष्टि से सक्रिय नहीं होते।

प्रश्न 20.
अष्टक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
अष्टक -आट इलेक्ट्रॉन वालं सबसे बाहरी कक्ष को अप्टक कहते हैं।

प्रश्न 21.
तत्व की संयोजकता क्या होती है ?
उत्तर-
संयोजकता – परमाणा के बाहयतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों के अष्टक बनाने के लिए जितनी संख्या में इलेवटॉनों का सामेदारी या स्थानांतरण होता है. वह उस तत्व की संयोजकता होती है।

प्रश्न 22.
परमाणु संख्या किसे कहते हैं ?
उत्तर-
परमाणु संख्या – किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते है।

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प्रश्न 23.
न्यूक्लिऑन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
न्यूक्लिऑन – कियो परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को न्यूक्लिऑन कहते हैं।

प्रश्न 24.
परमाण का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान कहां स्थित होता है ?
उत्तर-
परमाणु के नाभिक में।

प्रश्न 25.
द्रव्यमान संख्या किसे कहते हैं ?
उत्तर-
द्रव्यमान संख्या – किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूटॉनों की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहते हैं।

प्रश्न 26.
समस्थानिक किस कहते हैं ?
उत्तर-
समस्थानिक ( आइसोटोप)- एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, उसे समस्थानिक कहते हैं।

प्रश्न 27.
क्लोरीन के दो समस्थानिक लिखिए।
उत्तर-
\({ }_{17}^{35} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{17}^{37} \mathrm{U}\)

प्रश्न 28.
कार्बन के दो समस्थानिक लिखिए।
उत्तर-
\({ }_{16}^{12} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{16}^{14} \mathrm{U}\)।

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प्रश्न 29.
क्लोरीन के परमाणु का द्रव्यमान क्या है ?
उत्तर-
35.5.

प्रश्न 30.
कैंसर के उपचार में किस तत्व के समस्थानिक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
कोबाल्ट के समस्थानिक का।

प्रश्न 31.
घेघा रोग के इलाज में किस तत्व के समस्थानिक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
आयोडीन के समस्थानिक का।

प्रश्न 32.
परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किस तत्व के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
यूरेनियम का।

प्रश्न 33.
समभारिक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
समभारिक-भिन्न-भिन्न परमाणु संख्या पर समान द्रव्यमान संख्या वाले तत्वों को समभारिक कहते हैं।

प्रश्न 34.
दो समभारिक तत्वों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. कैल्सियम
  2. आर्गान।

प्रश्न 35.
हाइड्रोजन के तीन समस्थानिकों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. प्रोटियम (\({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\))
  2. ड्यूटीरियम (\({ }_{1}^{2} \mathrm{H}\))
  3. ट्राइटियम (\({ }_{1}^{3} \mathrm{H}\))

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प्रश्न 36.
यदि किसी तत्व के K तथा L शैल संपूर्ण रूप से इलैक्ट्रॉनों से भरे हों तो इसमें इलेक्ट्रॉनों की कुल कितनी संख्या होगी ? ।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 10 (K = 2, L = 8)

प्रश्न 37.
परमाणु के कौन-से इलेक्ट्रॉन तत्व के गुणों को निर्धारित करते हैं ?
उत्तर-
वेलैंस इलेक्ट्रॉन।

प्रश्न 38.
क्लोरीन परमाणु की द्रव्यमान संख्या 35 और परमाणु संख्या 17 है। आप क्लोरीन परमाणु को कैसे प्रदर्शित करोगे ?
उत्तर-
\({ }_{17}^{35} \mathrm{Cl}\)

प्रश्न 39.
उस अवपरमाणुक कण का नारा बताओ जो परमाणु का आकार निर्धारित करता है।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन।

प्रश्न 40.
उन पदार्थों ( परमाणुओं) को क्या कहते हैं जिनके रासायनिक गुण समान हों परंतु भौतिक गुण अलग हों ?
उत्तर-
समस्थानिक (आइसोटोप)।

प्रश्न 41.
Mg2+ आयन में 10 इलैक्ट्रॉन हैं। Mg2+ में प्रोटॉनों की संख्या क्या होगी ?
उत्तर-
12

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 42.
वह कौन-सा तत्व है जिसके परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन उपस्थित नहीं है ?
उत्तर-
हाइड्रोजन।

प्रश्न 43.
किसी तत्व के समस्थानिकों में निम्न कणों में से कौन-कौन से समान संख्या में होते हैं : इलेक्ट्रॉन, प्रोट्रॉन, न्यूट्रॉन ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन।

प्रश्न 44.
हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं : \({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\), \({ }_{1}^{2} \mathrm{H}\), \({ }_{1}^{3} \mathrm{H}\) ये सभी विद्युतीय उदासीन क्यों हैं ?
उत्तर-
इन तीनों में एक प्रोटॉन तथा एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित है।

प्रश्न 45.
एक तत्व के परमाणु की परमाणु संख्या 16 है। उसके संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा संयोजकता विन्यास लिखें।
उत्तर-
संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 15

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

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PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

जान पहचान
एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक इंटरफेस है। एक आप्रेटिंग सिस्टम, फाइल मैनेजमैंट, मैमरी मैनेजमैंट, इनपुट और आऊटपुट को संभालना, डिस्क ड्राइव और प्रिंटर जैसे यंत्रों को कंट्रोल करना आदि जैसे सारे बुनियादी काम करता है। कुछ मशहूर आप्रेटिंग सिस्टम हैं- Linux, Windows, OSX, VMS, OS/400, AIX, Z/OS आदि।

आप्रेटिंग सिस्टम की परिभाषा
एक आप्रेटिंग सिस्टम ऐसा प्रोग्राम है जो कि कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच में इंटरफेस के रूप में काम करता है और हर किस्म के प्रोग्राम के लागू करने को कंट्रोल करता है। (User 1)
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 1

आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं
एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर प्रोग्राम दोनों को सर्विस प्रदान करता है।
1. यह प्रोग्राम को लागू करने के लिए वातावरण प्रदान करता है।
2. यह कंप्यूटर यूज़र को कंप्यूटर प्रोग्राम आसान ढंग से लागू करने के लिए सेवा प्रदान करता है।

1. प्रोग्राम को लागू करना-आप्रेटिंग सिस्टम यूज़र प्रोग्राम से सिस्टम प्रोग्राम तक कई किस्म की क्रियाएं करता है जैसे कि-प्रिंटर, स्पूलर, नेम-सर्वर, फाइल सर्वर आदि। इन सभी क्रियाओं को एक प्रोसैस माना जाता है। एक प्रोसैस का संदर्भ किसी क्रिया के पूरी तरह लागू होने के साथ होता है। प्रोग्राम मैनेजमैंट से संबंधित आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा की जाने वाली मुख्य क्रियाएं निम्नलिखित हैं-

  • एक प्रोग्राम को कंप्यूटर मैमरी में लोड करना।
  • प्रोग्राम को लाग करना।
  • प्रोग्राम के लागू होने की क्रिया को कंट्रोल करना।
  • प्रोसैस सीक्रोनाइजेशन के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।
  • प्रोसैस कम्यूनिकेशन के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।
  • डैडलॉक हैंडलिंग के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।

2. इनपुट आऊटपुट आप्रेशन-एक इनपुट-आऊटपुट सबसिस्टम में इनपुट आऊटपुट यंत्र और उनसे संबंधित ड्राइवर या सॉफ्टवेयर होते हैं। ड्राइवर किसी खास हार्डवेयर यंत्र की विशिष्टता को यूज़र से छुपा लेते हैं। एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और डिवाइस ड्राइवर के बीच में संचार करने का प्रबंध करता है।

  • इनपुट-आऊटपुट आप्रेशन का मतलब किसी फाइल या किसी खास इनपुट-आऊटपुट यंत्र पर रीड या राइट आप्रेशन करना।
  • आप्रेटिंग सिस्टम ज़रूरत पड़ने पर किसी इनपुट-आउटपुट यंत्र पर पहुंच करने की प्रवानगी देता है।
  • फाइल सिस्टम को मैनुप्लेट करना-फाइल सिस्टम को मैनुप्लेट करने से भाव है कि भिन्न-भिन्न तरह के फाइल-आप्रेशन जैसे कि डिलीट, कॉपी और मूव करने की आज्ञा देना।

कंप्यूटर लंबे समय तक स्टोर करने के लिए फाइलों को डिस्क (सैकेंडरी स्टोरेज) पर स्टोर कर सकता है। इन स्टोरेज मीडिया की उदाहरण हैं-मैगनेटिक टेप, मैगनेटिक डिस्क और आप्टीकल डिस्क ड्राइव जैसे कि सी०डी० और डी०वी०डी०।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

एक फाइल सिस्टम को आसानी से प्रयोग और नेवीगेट करने के लिए साधारण रूप से डाइरैक्टरियों में रखा जाता है। इन डाइरैक्टरियों में फाइलें और अन्य डाइरैक्टरियां भी हो सकती हैं। फाइल मैनेजमैंट के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं –

  1. किसी फाइल को रीड या राइट करने के लिए प्रोग्राम उपलब्ध करना।
  2. आप्रेटिंग सिस्टम किसी प्रोग्राम को फाइल पर काम करने की आज्ञा देता है।
  3. यह आज्ञा रीड-ओनली, रीड-राइट, डिनाई करना और अन्य हो सकती है।
  4. आप्रेटिंग सिस्टम किसी यूज़र को फाइलें, क्रियेट या डिलीट करने का इंटरफेस प्रदान करता है।
  5. आप्रेटिंग सिस्टम किसी यूज़र को डाइरैक्टरियां क्रियेट या डिलीट करने का इंटरफेस प्रदान करता है।
  6. आप्रेटिंग सिस्मट फाइलों को बैकअप क्रियेट करने के लिए इंटरफेस प्रदान करता है।

4. संचार-आप्रेटिंग सिस्टम डिस्ट्रीब्यूट सिस्टम की इन क्रियाओं के बीच संचार का प्रबंध करता है। मल्टीपल प्रोसैस एक दूसरे से सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नैटवर्क में उपलब्ध संचार लाइनों का प्रयोग करता है।

आप्रेटिंग सिस्टम रूटिंग और कुनैक्शन ढंगों को कंट्रोल और सुरक्षा से संबंधित मुश्किलों को हैंडल करता है। नीचे आप्रेटिंग सिस्टम की संचार से संबंधित बनियादी क्रियाएं दी गई हैं जैसे कि-

  • दो प्रोसैसों को उनके बीच में ट्रांसफर होने वाले डाटा की अकसर ज़रूरत पड़ती है।
  • इन दोनों के प्रोसैस एक कंप्यूटर पर या भिन्न-भिन्न कंप्यूटर पर हो सकते हैं पर यह कंप्यूटर नेटवर्क के द्वारा आपस में जुड़े होते हैं।
  • इनके बीच में संचार दो तरीकों के द्वारा लागू हो सकता हैशेयर मैमरी द्वारा मैसेज पासिंग द्वारा।

5. त्रुटि को ढूंढना- सी०पी०यू० इनपुट-आऊटपुट यंत्र या कंप्यूटर हार्डवेयर मैमरी में कोई गलती हो सकती है। ऐरर हैंडलिंग के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं

  • आप्रेटिंग सिस्टम संभव गलतियों को लगातार चैक करता है।
  • आप्रेटिंग सिस्टम सही और लगातार कंप्यूटिंग करने के लिए पर्याप्त कार्यवाही करता है।

6. रिसोर्स मैनेजमैंट-मल्टी यूजर या मल्टी-टास्किंग वातावरण में उपलब्ध रिसोर्स जैसे कि मुख्य मैमोरी, सी०पी०यू० साइकल और फाइल स्टोरेज़ आदि को हर एक यूज़र या जॉब (Job) में बांटा जाता है। रिसोर्स मैनेजमैंट के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं-

  • आप्रेटिंग सिस्टम रिसोर्स मैनेजर के रूप में काम करता है। आप्रेटिंग सिस्टम हर किस्म के प्रोसैस का प्रबन्ध शैड्यूलर के प्रयोग से करता है।
  • सी०पी०यू० के बढ़िया प्रयोग के लिए सी०पी०यू० शैड्यूलिंग ऐलगोरिदम इस्तेमाल किया जाता है।

7. सुरक्षा-एक कंप्यूटर सिस्टम जिस के मल्टीपल (एक से ज्यादा) यूज़र हैं और एक ही समय में जिसके मल्टीपल प्रोसैसिस चल रहे हों, इसको ध्यान में रखते हुए इन प्रोसैसिंस को एक-दूसरे की क्रियाओं से सुरक्षित रखना जरूरी होता है।

सुरक्षा के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं

  • आप्रेटिंग सिस्टम यह यकीनी बनाता है कि सिस्टम रिसोरों पर पहुंच कंट्रोल में है।
  • आप्रेटिंग सिस्टम यह यकीनी बनाता है कि सभी बाहरी इनपुट-आऊटपुट यंत्र अवैध (Invalid) पहुंच की कोशिश करने से सुरक्षित हैं।
  • आप्रेटिंग सिस्टम हर यूज़र को प्रमाणित (authorised) करने के लिए पासवर्ड की विशेष सहूलियत देता है।

आप्रेटिंग सिस्टम की किस्में
आप्रेटिंग सिस्टम की निम्नलिखित किस्में हैं-
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 2

बैच आप्रेटिंग सिस्टम
बैच आप्रेटिंग सिस्टम अधीन एक यूज़र सीधे रूप से कंप्यूटर से जुड़ा नहीं होता। हर एक यूज़र अपने काम को ऑफ-लाइन यंत्र जैसे कि पंच-कार्ड पर तैयार करता है और इसको कंप्यूटर आप्रेटर के पास जमा करवा देता है। इस काम को तेज़ी से करने के लिए एक किस्म के कामों को एकत्रित कर लिया जाता है और एक ग्रुप में चलाया जाता है। प्रोग्रामर अपने प्रोग्राम को आप्रेटर के पास छोड़ देते हैं और आप्रेटर इनको एक ही किस्म के प्रोग्राम अनुसार छांट कर बैच में बांट देता है।

बैच सिस्टम की निम्नलिखित मुश्किलें हैं

  • यूज़र और काम (job) में आपसी तालमेल की कमी होना।
  • मेकैनीकल इनपुट-आऊटपुट यंत्रों की रफ्तार सी०पी०यू० से कम होने से कारण सी०पी०यू० बिना किसी काम के ही रहता है।
  • ज़रूरत अनुसार तरजीह देना मुश्किल होता है।

टाइम शेयरिंग आप्रेटिंग सिस्टम
टाइम शेयरिंग एक ऐसी तकनीक है जो कि भिन्न-भिन्न टर्मीनल पर बैठे लोगों को एक ही समय में खास कम्प्यूटर सिस्टम को इस्तेमाल के योग्य बनाता है। टाइम-शेयरिंग या मल्टी-टॉस्किंग मल्टी प्रोग्रामिंग की लोजीकल एक्सटेंशन है। मल्टीपल कामों को सी०पी०यू० के द्वारा उनके बीच में स्विचिंग तकनीक के द्वारा लागू किया जाता है। स्विचिंग तकनीक बहुत रफ्तार में होती है। इसलिए यूज़र बहुत जल्दी रिस्पांस प्राप्त करता है। कंप्यूटर सिस्टम जो कि पहले बैच सिस्टम के लिए डिज़ाइन किए गए थे उनको टाइम शेयरिंग सिस्टम के लिए मोडीफाई किया जा चुका है।

टाइम शेयरिंग आप्रेटिंग सिस्टम की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  • जल्दी रिस्पांस प्राप्त करने की सहूलियत देता है।
  • सॉफ्टवेयर की डुपलीकेशन को रोकता है।
  • सी०पी०यू० का खाली समय घटाता है।

टाइम शेयरिंग सिस्टम की निम्नलिखित हानियां हैं

  1. भरोसे योग्यता की समस्या
  2. यूज़र प्रोग्राम और डाटा की सुरक्षा और इंटीग्रिटी में कमज़ोरी।
  3. डाटा संचार की समस्या

डिस्ट्रीब्यूटिड आप्रेटिंग सिस्टम-
डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम मल्टीपल रीयल टाइम एप्लीकेशन और मल्टीपल यूज़र को सेवा देने के लिए मल्टीपल केंद्रीय प्रोसैसर का प्रयोग करता है। डाटा प्रोसैसिंग कामों को प्रोसैसर की तरतीब अनुसार बांटा जाता है | यह प्रोसैसर एक दूसरे के साथ कई किस्म की संचार लाइनों के अनुसार संचार करते हैं। इन प्रोसैसरों को लूज़ली कप्लड सिस्टम या डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम कहा जाता है। डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम में प्रोसैसर आकार और काम के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। इन प्रोसैसरों को साधारण रूप से साइट, नोडज़ या कंप्यूटर कहा जाता है।

डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  1. रिसोर्स शेयरिंग सुविधा होने के कारण यूज़र एक साइट से दूसरे स्थान पर उपलब्ध रिसोर्स को इस्तेमाल करने के योग्य होता है।
  2. इलैक्ट्रॉनिक मेल की मदद से डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तेज़ रफ्तार से ट्रांसफर किया जा सकता है।
  3. डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम में अगर एक साइट काम करना बंद करती है तो दूसरी साइट अपने-आप चलती रहती है।
  4. ग्राहक को बढ़िया सुविधा।
  5. होस्ट कंप्यूटर पर लोड में कमी।
  6. डाटा प्रोसैसिंग में होने वाली देरी में कमी।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम
एक नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम सर्वर पर चलता है और सर्वर को डाटा, यूज़र, ग्रुप, सुरक्षा, ऐप्लीकेशनों और अन्य नैटवर्किंग फंक्शन का प्रबंध करने के योग्य बनाता है। नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य एक नैटवर्क से जुड़े मल्टीपल कंप्यूटर जैसे कि लोकल एरिया नेटवर्क, प्राइवेट नैटवर्क या अन्य नैटवर्क, को फाइलों और प्रिंटर पर पहुँचने की आज्ञा देना है।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम के उदाहरण हैं, जैसे कि-Microsoft Windows, Server 2003, Microsoft Windows Server 2008, UNIX, Linux, Mac OSX, Novell Net Ware और BSD आदि।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम के लाभ निम्नलिखित हैं

  • सैंटरलाइज़ सर्वर बहुत स्थिर होते हैं।
  • सुरक्षा सर्वर के द्वारा मैनेज़ की जाती है।
  • नई तकनीकों और हार्डवेयर को अपग्रेड सिस्टम के द्वारा आसानी से जोड़ा जाता है।
  • सर्वर को अलग लोकेशन से रिमोर्ट एक्सैस करना संभव है।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम की निम्नलिखित हानियां हैं-

  1. सर्वर को खरीदना और चलाना काफ़ी महंगा है।
  2. कई काम करने के लिए सैंट्रल लोकेशन सर्वर पर निर्भर करना पड़ता है।
  3. रैगुलर रख-रखाव और अपडेट की ज़रूरत पड़ती है।

रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम को डाटा आप्रेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है। इसमें इनपुट की प्रक्रिया और जवाब देने के लिए जो समय लगता है, वो बहुत कम होता है। एक सिस्टम के द्वारा इनपुट लेने और अपडेटिड सूचना को डिस्पले करने में जो समय लगता है, उसको रिस्पांस टाइम कहा जाता है। इसलिए इस तरीके में रिस्पांस टाइम ऑनलाइन प्रोसैसिंग के मुकाबले बहुत कम होता है।

रीयल टाइम सिस्टम का इस्तेमाल उस समय होता है जब डाटा के फलों या प्रोसैसर के आप्रेशन में लगने वाला समय न बदलने योग्य हो। उदाहरण के लिए वैज्ञानिक तुजुर्बे, मैडीकल इमेजिंग सिस्टम, इंडस्ट्रीयल कंट्रोल सिस्टम, हथियार सिस्टम (Weapon System), रोबोट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम आदि हैं।

डॉस तथा विंडोज़ आप्रेटिंग सिस्टम में अंतर
डॉस और विंडोज़ में निम्नलिखित अंतर हैं –

डॉस विंडोज़
1. डॉस एक यूज़र आप्रेटिंग सिस्टम है। 1. विंडोज़ बहु यूज़र इंटरनेट है।
2. डॉस एकल टास्किंग है। 2. विंडोज़ बहु टास्किंग है।
3. इसमें समय साझा नहीं होता। 3. विंडोज़ में समय साझा होता है।
4. इनपुट यंत्र की बोर्ड होता है। 4. मानक इनपुट यंत्र की-बोर्ड और माउस होते हैं।
5. यह चरित्र यूज़र इंटरफेस है। 5. यह ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस है।
6. इसका आकार छोटा होता है। 6. इसका आकार बड़ा होता है।
7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन नहीं करता। 7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन करता है।
8. इसका मुख्य कार्य फाइलों को मैनेज करना है। 8. इसके कई प्रकार के मुख्य कार्य हैं।
9. यह फ्लॉपी में स्टोर हो जाती है। 9. इसको फ्लॉपी में स्टोर नहीं किया जा सकता।
10. इसका उत्पादन बंद हो चुका है। 10. इसका उत्पादन चल रहा है।

लाईनैक्स
लाईनैक्स यूनिक्स आप्रेटिंग सिस्टम का एक प्रसिद्ध वर्जन है। यह ओपन सोर्स होता है और इसका सोर्स कोड मुफ्त उपलब्ध होता है। यह इस्तेमाल में फ्री होता है। यूनिक्स की जटिलता को देखते हुए लाईनैक्स को डिज़ाइन किया गया था। इसके काम करने की लिस्ट यूनिक्स (UNIX) की तरह ही है।

लाईनकस की बेसिक विशेषताएं लाईनैक्स आप्रेटिंग सिस्टम की कुछ खास विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
1. पोर्टेबल-यह सॉफ्टवेयर भिन्न-भिन्न किस्म के हार्डवेयर और एक ही तरीके से काम करता है। लाईनैक्स कर्नल और ऐप्लीकेशन प्रोग्राम किसी भी किस्म के हार्डवेयर प्लेटफार्म और इंस्टालेशन को स्पोर्ट करता है।

2. ओपन सोर्स-लाइनक्स सोर्स कोड मुफ्त उपलब्ध है। लाइनैक्स आप्रेटिंग सिस्टम की योग्यता
को बढ़ाने के लिए मल्टीपल टीमें काम करती हैं और यह लगातार विकसित हो रहा है।

3. मल्टीयूज़र-लाइनैक्स एक मल्टीयूज़र सिस्टम है जिसका मतलब यह है कि एक ही समय में सिस्टम रिसोर्स जैसे कि मैमोरी/रैम/ ऐप्लीकेशन प्रोग्राम को प्रयोग कर सकता है।

4. मल्टीप्रोग्रामिंग-लाईनैक्स एक मल्टी प्रोग्रामिंग सिस्टम है जिसका मतलब यह है कि एक ही समय में मल्टीपल ऐप्लीकेशन चल सकती है।

5. हरारकीकल फाइल सिस्टम-लाईनैक्स एक स्टैंडर्ड फाइल स्ट्रक्चर अधीन सिस्टम फाइलें । यूज़र फाइलों को अरेंज करता है। इसमें फ़ाइलें और डाइरैक्टरियां एक ट्री (Tree) के रूप में होती हैं।

6. शैल (Shell)-लाईनैक्स एक खास इंटरप्रेटर प्रोग्राम की सहूलियत देता है जिसका इस्तेमाल आप्रेटिंग सिस्टम की कमांडों को लागू करने के लिए किया जा सकता है। इसका प्रयोग भिन्नभिन्न आप्रेशन एप्लीकेशन प्रोग्राम आदि को बुलाने के लिए है।

7. सुरक्षा-लाइनैक्स ई-इंटरप्रेटर यूज़र को खास अधिकार अधीन सुरक्षा प्रदान करता है जैसे कि पासवर्ड प्रोटैक्शन/खास किस्म की फाइलों पर पहुंच को नियंत्रित करना डाटा को इनकरप्शन करना इत्यादि।

आरीटेक्चर लाइनैक्स सिस्टम के आर्कीटेक्चर में निम्नलिखित परतें (लेयरें) होती हैं

  • हार्डवेयर (Hardware)-लेयर इस लेयर में कभी पैरीफरिल यंत्र (devices) होते हैं जैसे कि रैम/हार्ड डिस्क ड्राइव आदि।
  • कर्नल (Kernel)-यह आप्रेटिंग सिस्टम का कोर कंपोनैट होता है जो कि सीधे रूप से हार्डवेयर से संपर्क करता है और अपर लेयर कंपोनेंट्स को लो लेवल सर्विस प्रदान करता है।
  • शैल (Shell)-कर्नल से संपर्क करके यह यूज़र से कर्नल के जटिल फंक्शन को छुपा देता है। शैल यूज़र से कमांडज़ प्राप्त करती है और कर्नल के फंक्शन को लागू करता है।
  • यूटीलिटी (Utility)-यूटीलिटी प्रोग्राम यूज़र को मुख्य रूप से आप्रेटिंग सिस्टम के फंक्शन प्रदान करता है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 3

कंप्यूटर सुरक्षा
कंप्यूटर सुरक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमारे कंप्यूटर पर अन-अधिकारिक प्रयोग को चैक करती है और इसको रोकती है। रोकथाम (prevention) के माप हमारे कंप्यूटर के किसी भी हिस्से को अनअधिकारिक यूज़र (हैकर) की तरफ से पहुंच करने से रोकने में हमारी मदद करते हैं। इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि इंटरनैट सिक्योरिटी बहुत महत्त्वपूर्ण पहलू है। हम इन सुरक्षा धमकियों से अपने-आप को और अपनी सूचना को बचाने संबंधी कुछ महत्त्वपूर्ण टिप्स के बारे में वर्णन कर रहे हैं।

नवीनतम एंटी वायरस
एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को ज़्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए हमें उपलब्ध नये अपडेट्स के साथ इसको अपडेट करना चाहिए। कई तरह के एंटीवायरस उपलब्ध हैं जो कि मुफ़्त और अदायगी योग्य हैं।

एंटी-स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर
स्पाइवेयर प्रोग्राम वायरस से अलग होते हैं क्योंकि वायरस की तरह यह हमारे कंप्यूटर में पड़े डाटा या सिस्टम को करप्ट नहीं करते बल्कि यह हमारे सिस्टम में अपने-आप इंस्टाल हो जाते हैं और हमारे सिस्टम में स्टोर पासवर्ड, क्रैडिट कार्ड के नंबर अपने सर्वर पर भेजते हैं। इसलिए अपने सिस्टम में से सपाइवेयर प्रोग्राम को ढूंढने और रोकने के लिए हमें नवीनता एंटी स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की ज़रूरत पड़ती है।

पासवर्ड प्रोटेक्शन
पासवर्ड कई तरह के ऑन-लाइन खातों का बहुत महत्त्वपूर्ण पहलू है। अपने पासवर्ड को सुरक्षित रखना अपने पैसे को सुरक्षित रखने की तरह ही है। भिन्न-भिन्न खातों के लिए एक ही तरह का पासवर्ड न रखें। आसानी से बूझा जाने वाला पासवर्ड जैसे कि अपना निजी मोबाइल नंबर या जन्म तारीख आदि न रखें। अपना पासवर्ड ज्यादा अक्षरों से जैसे कि अक्षर और नंबर हो सके तो कुछ खास करैक्टर के साथ मिला कर रखें। अपने पासवर्ड के साथ संबंधित वैबसाइटों पर पहुंच करने के लिए हमेशा एक नया वैब पेज खोलें और कभी भी ई-मेल में दिये लिंक या और तरीकों के द्वारा न खोलें।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

नवीनतम अपडेटस और पैच को लागू करना
हमारे सिस्टम में इंस्टाल किया कोई भी सॉफ्टवेयर हमेशा के लिए परफैक्ट नहीं होता। अपने सॉफ्टवेयर पर नवीनतम अपडेट और पैच अप्लाई करते रहो। यह अपडेट और पैच सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों के द्वारा समय-समय पर उपलब्ध करवाये जाते हैं।

फॉयरवाल – अगर हो सके तो अपने सिस्टम को हैकरों के अटैक से बचाने के लिए फायरवाल का प्रयोग करें। फायरवाल हमारे सिस्टम के अन-अधिकारिक पहुँच करने वाले ट्रैफ़िक को ब्लॉक कर देता है। फॉयरवाल हमें इंटरनैट सुरक्षित ढंग से इस्तेमाल और हमारे सिस्टम पर अन-अधिकारिक एप्लीकेशन की पहुंच को रोकने के योग्य बनाता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

प्रश्न 1.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके ग्राफीय विधि से हल ज्ञात कीजिए।
(i) कक्षा X के 10 विद्यार्थियों ने एक गणित की पहेली प्रतियोगिता में भाग लिया। यदि लड़कियों की संख्या लड़कों की संख्या से 4 अधिक हो, तो प्रतियोगिता में भाग लिए लड़कों और लड़कियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
(ii) 5 पेंसिल तथा 7 कलमों का कुल मूल्य ₹ 50 है, जबकि 7 पेंसिल तथा 5 कलमों का मूल्य ₹ 46 है। एक पेंसिल और एक कलम का मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) मान लीजिए .
प्रतियोगिता में लड़कों की संख्या = x
और प्रतियोगिता में लड़कियों की संख्या = y
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कुल विद्यार्थी = 10
∴ x + y = 10
या x + y – 10 = 0
प्रश्न अनुसार,
y = x + 4
या x = y – 4
अब रैखिक समीकरणों
x + y = 10
और x – y + 4 = 0 का आलेख खींचिए।
x + y = 10
या x = 10 – y..(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 10 – 0 = 10
y = 7 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 10 – 7 = 3
y = 10 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 10 – 10 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 1

बिंदुओं A (10, 0), B (3, 7), C (0, 10) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 10 का आलेख प्राप्त होता है।
x – y + 4 = 0
या x = y – 4 …………..(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 0 – 4 = – 4
y = 7 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 7 – 4 = 3
y = 4 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 4 – 4 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 2

बिंदुओं D (- 4,0), B (3, 7), E (0, 4) को आले खित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x-y +4= 0 का आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 3

आलेख से यह स्पष्ट है कि दोनों रैखिक समीकरण बिंदु B (3, 7) पर मिलते हैं।
∴ बिंदु B (3, 7) आलेखीय स्थिति है।
अतः प्रतियोगिता में लड़कों की संख्या = 3
प्रतियोगिता में लड़कियों की संख्या = 7

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(ii) मान लीजिए 1 पेंसिल का मूल्य = ₹ x
और 1 कलम का मूल्य = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
5x + 7y = 50
दूसरी शर्त अनुसार,
7x + 5y = 46
∴ रैखित समीकरण युग्म है :
5x + 7y = 50
7x + 5y = 46
अब इन रैखिक समीकरणों का आलेख खींचिए :
5x + 7y = 50
या 5x = 50 – 7y
या x = \(\frac{50-7 y}{5}\) ……………(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = \(\frac{50-7 \times 0}{5}=\frac{50}{5}\)
x = 10
y = 5 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{50-7 \times 5}{5}=\frac{50-35}{5}\)

= \(\frac{15}{5}\) = 3

y = 7 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{50-7 \times 7}{5}=\frac{50-49}{5}\)

= \(\frac{1}{5}\) = 0.2

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 4

बिंदुओं A (10, 0), B (3, 5), C (0.2, 7) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खीचने पर हमें समीकरण 5x + 7y = 50 का आलेख प्राप्त होता
7x+ 5y = 46
या 7x = 46 – 5y
या \(\frac{46-5 y}{7}\) …………….(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times 0}{7}=\frac{46}{7}\) = 6.5

y = 5 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times 5}{7}=\frac{46-25}{7}\)

= \(\frac{21}{7}\) = 3

y = – 4 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times(-4)}{7}=\frac{46+20}{7}\)

= \(\frac{66}{7}\) = 9.5

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 5

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 6

बिंदुओं E (6.5, 0), B (3, 5), F (9.5, – 4) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खीचने पर हमें समीकरण 7x + 5y = 46 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि दोनों रैखिक समीकरण बिंदु B (3, 5) पर मिलते हैं
∴ बिंदु B (3, 5) आलेखीय स्थिति है।
अतः, एक पेंसिल का मूल्य = 3 रु
एक कलम का मूल्य = 5 रु

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प्रश्न 2.
अनुपातों \(\frac{a_{1}}{a_{2}}\), \(\frac{b_{1}}{b_{2}}\) और \(\frac{c_{1}}{c_{2}}\) की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न समीकरण युग्म द्वारा निरूपित रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, समांतर हैं अथवा संपाती हैं:
(i) 5x – 4y + 8 = 0
7x + 6y – 9 = 0

(ii) 9x + 3y + 12 = 0
18x + 6y + 24 = 0

(iii) 6x – 3y + 10 = 0
2x – y + 9 = 0
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है :
5x – 4y + 8 = 0
और 7x + 6y – 9 = 0
यहाँ a1 = 5, b1 = – 4, c1 = 8
a2 = 7, b2 = 6, c2 = – 9
अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{5}{7} ; \frac{b_{1}}{b_{2}}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-4}{6}=\frac{-2}{3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{8}{-9}\) \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण युग्म एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं।

(ii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म हैं :
9x + 3y + 12 = 0
और 18x + 6y + 24 = 0
a1 = 9, b1 = 3, c1 = 12
a2 = 18, b2 = 6, c2 = 24
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{9}{18}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{12}{24}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
अतः, दी गई समीकरण-युग्म संपाती हैं।

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
6x – 3y + 10 = 0
और 2x – y + 9 = 0
यहाँ a1 = 6, b1 = – 3, c1 = 10
a2 = 2, b2 = – 1, c2 = 9

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{6}{2}\) = 3;

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-1}\) = 3;

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{10}{9}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म एक दूसरे समांतर है

प्रश्न 3.
अनुपातों \(\), \(\) और \(\) की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न रैखिक समीकरणों के युग्म संगत हैं या असंगत :
(i) 3x + 2y = 5; 2x – 3y = 7
(ii) 2r – 3y = 8; 4x – 6y = 9
(iii) x+5y = 7; 9x – 10y = 14
(iv) 5x – 3y = 11; – 10x + 6y = – 22
(v) x +2y = 8; 2x + 3y = 12
हलः
(i) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
3x + 2y = 5 और 2x – 3y = 7
या 3x + 2y – 5 = 0
और 2r – 3y – 7 = 0
यहाँ a1 = 3, b1 = 2, c1 = – 5
a2 = 2, b2 = – 3, c2 = – 7

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{3}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{2}{-3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-5}{-7}=\frac{5}{7}\);

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है।

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(ii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
2x – 3Y = 8 और 4x – 6y = 9
या 2x – 3y – 8 = 0
4x – 6y – 9 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = – 3, c1 = – 8
a2 = 4, b2 = – 6, c2 = – 9
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-6}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-8}{-9}=\frac{8}{9}\);

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
\(\frac{3}{2}\) x + \(\frac{5}{3}\) y = 7
और 9x – 10y = 14
या \(\frac{3}{2}\) x + \(\frac{4}{4}\) y – 7 = 0
और 9 x – 10y – 14 = 0
यहाँ a1 = \(\frac{3}{2}\), b1 = \(\frac{5}{3}\), c1 = – 7
a2 = 9, b2 = – 10, c2 = – 14

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अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है।

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(iv) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
5x – 3y = 11 और – 10x + 6y = – 22
या 5x – 3y – 11 = 0 और – 10x + 6y + 22 = 0
a1 = 5, b1 = – 3, c1 = – 11
a2 = – 10, b2 = 6, c2 = 22
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{5}{-10}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{3}{6}=-\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-11}{22}=\frac{-1}{2}\)

∵ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है

(v) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
\(\frac{4}{3}\)x + 2y = 8 और 2x + 3y = 12
और \(\frac{4}{3}\)x + 2y – 8 = 0 या 2x + 3y – 12 = 0
यहाँ a1 = \(\frac{4}{3}\), b1 = 2, c1 = – 12
a2 = 2, b2 = 3, c2 = – 12

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अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है।

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प्रश्न 4.
निम्न रैखिक समीकरणों के युग्मों में से कौन युग्म संगत/असंगत हैं ? यदि संगत हैं, तो ग्राफीय विधि से हल ज्ञात कीजिए :
(i) x + y = 5, 2x + 2y = 10
(ii) x – y = 8, 3x – 3y = 16
(iii) 2x + y – 6 = 0, 4x – 2y -4 = 0
(iv) 2x – 2y – 2 = 0, 4x – 4y – 5 = 0
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
x + y = 5 और 2x + 2y = 10
या x + y – 5 = 0 2x + 2y – 10 = 0
यहाँ a1 = 1, b1 = 1, c1 = – 5
a2 = 2, b2 = 2, c2 = – 10
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-5}{-10}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
∴ दी गई रैखिक समीकरण युग्म इसका आलेख खींचिए
x + y = 5
x = 5 – y ……………..(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 0 = 5
y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 3 = 2
y = 5 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 5 – 5 = 0

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बिंदुओं A (5, 0), B (2, 3), C (0, 5) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 5 का आलेख प्राप्त होता है।
2x + 2y = 10. या 2 (x + y) = 10
x + y = 5
या x = 5 – y ……………(2)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 0 = 5
y = 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 2 = 3
y = 5 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 5 = 0

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बिंदुओं A (5, 0), D (3, 2), C (0, 5) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + 2y = 10 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि दी गई रैखिक समीकरण युग्म संपाती रेखाएँ हैं या इनके अपरिमित रूप से अनेकों हल हैं।

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(ii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
x – y = 8 और 3x – 3y = 16
या x – y – 8 = 0 और 3x – 3y – 16 = 0
यहाँ a = 1, b = – 1, c = 8
a = 3, b = – 3, c = – 16

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-1}{-3}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-8}{-16}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है।

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
2x + y -6 = 0
और 4x – 2y – 4 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = 1, c1 = – 6
a2 = – 4, b2 = – 2, c2 = – 4

अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{1}{-2}\);

\(c_{1}=\frac{-6}{-4}=\frac{3}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
∴ दी गई रैखिक समीकरण–युग्म इस रैखिक समीकरणों का आलेख खींचिए
2x + y – 6 = 0
या 2x = 6 – y
x = \(\frac{6-y}{2}\) …………….(1)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6-0}{2}=\frac{6}{2}\) = 3

y = 2 को (1), में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6-2}{2}\)

= \(\frac{4}{2}\) = 2

y = – 2 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{6-(-2)}{2}=\frac{6+2}{2}\)

= \(\frac{8}{2}\) = 4

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बिंदुओं A (3, 0), B (2, 2), C (4, – 2) को आले खित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + y – 6 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
4x – 2y – 4 = 0
या 2[2x – y – 2] = 0
या 2x – y – 2 = 0
या 2x = y + 2
या x = \(\fracy+2}{2}\) …………(2)

y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{0+2}{2}\)

= \(\frac{2}{2}\) = 1

y = 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{2+2}{2}\)
= \(\frac{4}{2}\) = 2

y = – 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{-2+2}{2}\)

= \(\frac{0}{2}\) = 0

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बिंदुओं D (1,0), B (2, 2), E (0, -2) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 4x – 2y – 4 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।

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आलेख से यह स्पष्ट है कि दी गई समीकरण-युग्म बिंदु B (2, 2) पर मिलती है।
अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म अद्वितीय है।

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(iv) दी गई रैखिक किरण-युग्म है
2x – 2y – 2 = 0 और 4x – 4y – 5 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = – 2, c1 = – 2
a2 = 4, b2 = – 4, c2 = – 5
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-2}{-4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-2}{-5}=\frac{2}{5}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई समीकरण युग्म असंगत है। उत्तर

प्रश्न 5.
एक आयताकार बाग, जिसकी लंबाई, चौड़ाई से 4 m अधिक है, का अर्धपरिमाप 36 m है। बाग की विमाएँ ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए बाग की लंबाई = x m
बाग की चौड़ाई = y m
बाग का परिमाप = 2 [x + y] m
बाग के परिमाप का आधा = (x + y) m
प्रश्न की पहली शर्त अनुसार,
x = y + 4
प्रश्न की दूसरी शर्त का अनुसार,
x + y = 36
∴ रैखिक समीकरण-युग्म है:
x = y + 4 और x + y = 36
x = y + 4 …………..(1)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 0 + 4 = 4
y = – 4 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = – 4 + 4 = 0
y = 16 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 16 + 4 = 20

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बिंदुओं A (4, 0), B (0, – 4), C (20, 16) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x = y + 4 का आलेख प्राप्त होता है।

x + y = 36
x = 36 – y …………….(2)
y = 12 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 12 = 24
y = 24 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 24 = 12
y = 16 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 16 = 20

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बिंदुओं D (24, 12), E (12, 24), C (20, 16) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 36 का आलेख प्राप्त होता है।

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आलख स यह स्पष्ट ह क राखक समाकरणा का युग्म बिंदु C (20, 16) पर मिलता है।
∴ C (20, 16) अर्थात् x = 20 और y = 16 रैखिक समीकरण युग्म का हल है।
अतः, बाग की लंबाई = 20 m
बाग की चौड़ाई = 16 m

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एक अन्य विधि:
मान लीजिए बाग बाग की चौड़ाई = x m
बाग की लंबाई = (x + 4) m
बाग का परिमाप = 2 [लंबाई + चौड़ाई]
= 2 [x + x + 4] m
= [2x + 4] m
∴ बाग के परिमाप का आधा = (2x + 4) m
प्रश्न अनुसार,
2x + 4 = 36
2x = 36 – 4
2x = 32
x = \(\frac{32}{2}\) = 16
अतः, बाग की चौड़ाई = 16 m
और बाग की लंबाई = (16 + 4) m = 20 m

प्रश्न 6.
एक रैखिक समीकरण 2x + 3y – 8 = 0 दी गई है। दो चरों में एक ऐसी और रैखिक समीकरण लिखिए ताकि प्राप्त युग्म का ज्यामितीय निरूपण जैसा कि :
(i) प्रतिछेद रेखाएँ हों।
(ii) समांतर रेखाएँ हों।
(iii) संपाती रेखाएँ हों।
हल :
स्थिति I. प्रतिच्छेद करती रेखाएँ:
दी गई रैखिक समीकरण है :
2x + 3y – 8 = 0 ……………(1)
यहा पर प्रातप्छा५त रखाए का शता का पूरा करम फ लिए अनेक मान है
अर्थात् \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
इनमें से एक है।
3x – 2y – 6 = 0 ………….(2)
अब रैखिक समीकरण (1) और (2) का आलेख खींचिए।
2x + 3y – 8 = 0 या 2x = 8 – 3y
या x = \(\frac{8-3 y}{2}\) ………….(1)

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y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3 \times 0}{2}=\frac{8}{2}\) = 4

y = – 2 को (1) में प्रतिस्थापित __करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3(-2)}{2}=\frac{14}{2}\) = 7

y = 2 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3 \times 2}{2}=\frac{8-6}{2}=\frac{2}{2}=1\) = 1

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बिंदुओं A (4,0), B (7, — 2), C (1, 2) को आलेखित करने और उनको मिलाने पर प्राप्त रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + 3y – 8 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
3x – 2y – 6 = 0 या 3x = 6 + 2y
या x = \(\frac{6+2 y}{3}\) ………….(2)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6+2 \times 0}{3}=\frac{6}{3}=2\)

y = – 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{6+2(-3)}{3}\)

= \(\frac{6-6}{3}\) = 0

y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6+2 \times 3}{3}=\frac{6+6}{3}\)

= \(\frac{12}{3}\) = 4

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बिंदुओं D (2, 0), E (0, – 3), F (4, 3) को आलेखित करने और उनको मिलाने पर प्राप्त रेखा खींचने पर हमें समीकरण 3x – 2y – 6 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि रैखिक किरण युग्म बिंदु G पर प्रतिच्छेद करता है।

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बिंदुओं G (2.5, 0), H (- 2, 3), I (7, – 3) को आलेखित करने और उनको मिलाकर रेखा खींचने से हमें समीकरण 2x + 3y – 5 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।

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स्थिति III.
संपाती रेखाओं के लिए
दी गई रैखिक समीकरण है
2x + 3y – 8 = 0 …………..(1)
दो चरों में ऐसे और भी अधिकतम अन्य रैखिक समीकरण हो सकते हैं जो संपाती रेखाओं की शर्त को संतुष्ट करते हों अर्थात् \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
अतः उनमें से एक इस प्रकार है :
6x + 9y – 24 = 0 ……………(4)

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अब रैखिक समीकरणों (1) और (4) का आलेख खींचिए।
रैखिक समीकरण (4) लीजिए
6x + 9y – 24 = 0
‘या 3 [2x + 3y – 8] = 0
या 2x + 3y – 8 = 0
∴ दोनों में बिंदु एक समान है और दोनों समीकरणों की एक ही रेखा है।

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प्रश्न 7.
समीकरणों x -y + 1 = 0 और 3x + 2y – 12 = 0 का ग्राफ खींचिए।x-अक्ष और इन रेखाओं से बने त्रिभुज के शीर्षों के निर्देशांक ज्ञात कीजिए और त्रिभुजाकार पटल को छायांकित कीजिए।
हल :
एक रैखिक समीकरण-युग्म लीजिए
x – y + 1 = 0 और 3x + 2y – 12= 0
x – y + 1 = 0
या x = y – 1 …………(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 0 – 1 = – 1
y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 – 1 = 2 y = 1 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 1 – 1 = 0

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बिंदुओं A (- 1, 0), B (2, 3), C (0, 1) को आलेखित करने और उनको मिला कर रेखा खींचने पर हमें समीकरण x – y + 1 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
3x + 2y – 12 = 0
या 3x = 12 – 2y
या x = \(\frac{12-2 y}{3}\) ………..(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

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x = \(\frac{12-2 \times 0}{3}=\frac{12}{3}\) = 4

y = 3 को (2), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{12-2 \times 3}{3}=\frac{12-6}{3}=\frac{6}{3}\) = 2

y = 6 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{12-2 \times 6}{3}=\frac{12-12}{3}\) = 0

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बिंदुओं D (4,0), B (2, 3), E (0, 6) को आलेखित करने और उनको मिलाकर रेखा खींचने पर हमें समीकरण 3x + 2y – 12 = 0 आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

रैखिक समीकरणों के युग्म और .x-अक्ष द्वारा बनाए गए त्रिभुज के शीर्षों को आलेख में छायांकित किया गया है।

∆ABD इस प्रकार बनी त्रिभुज है।
∆ABD के शीर्षों के निर्देशांक हैं : A (- 1, 0), B (2, 3) और D (4,0).
अब, आधार AD की लंबाई = AO + OD
= 1 + 4 = 5 मात्रक
लंब BF की लंबाई = 3 मात्रक
∴ ∆ABD का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) × आधार × लंब
= \(\frac{1}{2}\) × AD × BF
= (\(\frac{1}{2}\) × 5 × 3) वर्ग मात्रक
= \(\frac{15}{2}\) = 7.5 वर्ग मात्रक

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

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PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

जान पहचान
डाक्यूमैंट प्रिंट करने की प्रक्रिया को पब्लिश करना कहते हैं। यह कार्य एक प्रिंटर तथा प्रेस की मदद से किया जा सकता है। आजकल यह सारा कार्य कम्प्यूटर की मदद से किया जाता है।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग
डैस्कटॉप पब्लिशिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल किताबें, मैगज़ीन, समाचार-पत्र, फलाइर, फलिट और अन्य किस्म के प्रिंटिड डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है। वर्ड प्रोसैसिंग प्रोग्राम जैसे कि माइक्रोसाफ्ट वर्ड का इस्तेमाल बेसिक डैस्कटॉप पब्लिशिंग के काम करने के लिए किया जाता है। संपूर्ण डैस्कटॉप पब्लिशिंग में, टाइप सैटिंग (फौंट और टैक्सट ले-आउट को चुनना) ग्राफिक डिज़ाइन, पेज ले-ऑउट (जिसका मतलब है यह सब पेज पर कैसे फिट होगा) और डाक्यूमैंट को प्रिंट करना शामिल होता है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग के लिए हमें एक कंप्यूटर, मोनीटर, प्रिंटर और ऐसे साफ्टवेयर की ज़रूरत होती है जो कि प्रिंट होने योग्य डाक्यूमैंट तैयार कर सकता हो।

डी0 टी० पी० की परिभाषा
डैस्कटॉप पब्लिशिंग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर और कुछ खास तरह के साफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए टैक्सट, तस्वीरों के आर्टवर्क को इकट्ठा करके पूरी तरह से प्रिंट करने या विजुअली (देखने योग्य) इस्तेमाल करने के लिए फारमैटिड डाक्यूमैंट तैयार कर सकते हैं।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

डी० टी० पी० विजूअल संचार
डी० टी० पी० द्वारा हम अपने घर, व्यापार, दुकान-शिक्षा आदि से संबंधित कार्यों का संचार ढंग से कर सकते हैं। डी० टी० पी० द्वारा अपने कार्य को विजूअल माध्यम से बढ़िया ढंग से पेश किया जा सकता है।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग का आधुनिकीकरण डैस्कटॉप पब्लिशिंग प्रिंट ओनली ऐपलीकेशनों से बहुत आगे निकल चुका है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग हार्डवेयर और साफ्टवेयर का प्रयोग वैब पेज़ डिजाइनिंग करने और बनाने में किया जा रहा है। इस काम में, कंटैंट सिर्फ दिखाई देते हैं न कि प्रिंटिंग के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इनको हम कंप्यूटर या मोबाइल उपकरण जैसे कि टैबलेट या स्मार्टफोन से भी एकसैस (देख) कर सकते हैं। अन्य नॉन-प्रिंटिंग डैस्कटॉप पब्लिशिंग के उदाहरण हैं-स्लाइड शोअज़, ई-मेल न्यूज़लेटर, ई-पब बुक्स और पी०डी०एफ० आदि।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर
पेज ले-आउट साफ्टवेयर और वैब डिज़ाइनिंग साफ्टवेयर, डैस्कटाप पब्लिशिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राइमरी साफ्टवेयर हैं। उपलब्ध साफ्टवेयर की सूची बहुत बड़ी है जिनमें से कुछ अग्रलिखित हैं-
1. प्रिंटिंग के लिए पेज ले-आउट साफ्टवेयर

  • अडोब इन डिज़ाइन
  • Serif at Page Plus Series
  • कुयार्क एक्सप्रैस Quark Xpress

2. ऑफिस के लिए पेज ले-आऊट साफ्टवेयर

  • माइक्रोसाफ्ट ऑफिस सूट
  • ऐपल आइवर्क सूट

3. ग्राफिक साफ्टवेयर

  • अडोब इलसरेटर (Adobe Illustrator)
  • कोरल ड्रा (Coral Draw)
  • इंकस्केप (Inkscape)

4. फोटो ऐडीटिंग साफ्टवेयर

  • अडोब फोटोशॉप (Adobe Photoshop)
  • कोरल पेंट शॉप प्रो (Corel Paint Shop Pro)

5. वैब डिज़ाइन साफ्टवेयर

  • अडोब ड्रीम वीवर सी सी (Adobe Dreamweaver CC)
  • अडोब मूज़ (Adobe Muse)

वर्ड प्रोसैसिंग और डैस्कटॉप पब्लिशिंग की तुलना डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसर में निम्नलिखित अन्तर हैं-

डेस्कटॉप पब्लिशिंग वर्ड प्रोसेसर
1. डी.टी.पी. का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ के डिजाइन को ठीक रखना होता है। 1. वर्ड प्रोसेसर का मुख्य उद्देश्य उसमें टैकस्ट की शुद्धता होता है।
2. यह एक ऑब्जैक्ट आधारित साफ्टवेयर है। 2. यह टैकस्ट आधारित ऐडिटर सॉफ्टवेयर है।
3. इसमें पेज ले आऊट पर अधिक ध्यान दिया जाता है। 3. इसमें शब्दों की शुद्धता मुख्य है।
4. हर एक ऑब्जैक्ट अकेले तौर पर संभाला नहीं जाता है। 4. सभी टैक्सट को एक साथ प्रयुक्त किया जाता है।
5. इसमें आब्जैक्ट लचीला होता है। 5. इसमें आब्जैक्ट्स में लचीलापन कम होता है।

WYSIWYG की सुविधा 
WYSIWYG WHAT YOU SEE IS WHAT YOU GET का छोटा रूप है। WYSIWYG वो ऐपलीकेशन है जो डिस्पले स्क्रीन पर डाक्यूमैंट को बिल्कुल उसी तरह दर्शाती है, जिस तरह डाक्यूमैंट प्रिंट हो कर लगता है। WYSIWYG वो प्रणाली है जिसमें कंटैंट (टैक्स्ट और ग्राफिक्स) उसी रूप में ऐडिट किए जाते हैं जिस रूप में वे अंत में बन कर दिखते हैं जैसे कि एक प्रिंटिड डाक्यूमैंट, एक ही वैब पेज या स्लाइड प्रेजनटेशन। WYSIWYG खास रूप से डैस्कटॉप पब्लिशिंग के लिए प्रसिद्ध है।

ग्राफिक्स
साधारण रूप में कंप्यूटर ग्राफिक्स कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाली इमेज है। ग्राफिक्स टैक्सट से अलग होता है। इसमें इमेज के साथ नंबर और लेटरज़ (अक्षर) शामिल होते हैं।

कंप्यूटर ग्राफिक्स दो या तीन आयामी (2 या 3 Dimensional) हो सकते हैं। शुरुआती कंप्यूटरों में सिर्फ 2D (2 Dimensional) मोनोक्रोम ग्राफिक्स होते हैं, धीरे-धीरे कंप्यूटरों ने रंगीन इमेज़िज को स्पोर्ट करना शुरू कर दिया। अब ज्यादातर कंप्यूटर लाखों रंगों में ग्राफिक्स प्रदर्शित कर सकते हैं।

  • 2 D (दो आयामी) ग्राफिक्स प्रदर्शित कर सकते हैं।
  • बिटमैप या रास्टर ग्राफिक्स
  • वैक्टर ग्राफिक्स

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1

1. बिटमैप या रास्टर ग्राफिक्स-जो भी हम ड्रा करते हैं उसकी मात्रा की डिटेल प्रति वर्ग इंच (PSI) पिक्सल की गिनती पर निर्भर करती है। कंप्यूटर को चित्र के बीच में हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर करनी पड़ती है। इसके लिए बिटमैप ग्राफिक की फाइल का आकार बहुत बड़ा होता है। जब हम एक बिटमैप ग्राफिक का आकार बदलते हैं, तो इसकी गुणवत्ता (Quality) कम हो जाती है।

2. वैक्टर ग्राफिक्स-वैक्टर ग्राफिक्स कंट्रोल प्वाइंटों पर आधारित होते हैं जो लाइनों या कर्वस के द्वारा जुड़े होते हैं, जिनको वैक्टर पाथ या सिर्फ वैक्टर्स कहा जाता है। वैक्टर पाथ को शेप आब्जैक्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हर एक शेप आब्जैक्ट को अलग ढंग से ऐडिट करना संभव है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

वैक्टर ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर में अडोब इलसटरेटर (Adobe Illustrator) और कोरल ड्रा शामिल हैं।
जब एक वैक्टर ग्राफिक्स को फिर से आकार दिया जाता है तो इसकी गुणवत्ता समाप्त नहीं होती। वैक्टर ग्राफिक्स हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर नहीं करते हैं, इसके लिए फाइल का आकार, इमेज के आकार पर निर्भर नहीं करता है, इसके अलावा यह इस पर निर्भर करता है कि इमेज में किस चीज़ की डिटेल है ?
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 2

मार्जन
हाशिया एक पेज की मुख्य सामग्री और पेज के किनारे के बीच का क्षेत्र है। मार्जन यह परिभाषित करने में सहायता करता है कि टैक्सट की एक लाइन कहां से आरंभ होती है और कहां पर समाप्त होती है। एक पन्ने में टॉप (Top), नीचे (Bottom), बायां (Left) और (Right) दायां मार्जन होता है। डिफाल्ट मार्जन साधारण रूप से हर तरफ एक इंच होता है। जबकि ज़रूरत के आधार पर, मार्जन भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। यह मार्जन पन्ने की सामग्री के इर्द-गिर्द एक फ्रेम बनाते हैं ताकि टैक्सट किनारों से बाहर न जाये। डाक्यूमैंट के किनारों पर सफेद स्थान (White Space) पेज को साफ दिखावट देती है और टैक्सट को पढ़ना आसान होता है।
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गटर पोजीशन
एक गटर मार्जन सैटिंग उस डाक्यूमैंट के साइड या टॉप (ऊपर के) मार्जन में अतिरिक्त स्थान को जोड़ती है जिसको हम बाइंड (जिल्द) करने की योजना बनाते हैं। एक गटर मार्जन यह यकीनी बनाने में मदद करता है कि टैक्सट बाइंडिंग करने के समय छुप न जाये।

फौंट
एक फौंट एक खास शैली और आकार में छपने योग्य या दिखने योग्य (डिसप्ले ऐबल) टैक्सट करैक्टर का सैट है या हम कह सकते हैं कि एक फौंट एक खास साइज और शैली का एक टाइप फेस है। एक टाइप फेस एक जैसे डिज़ाइन के अक्षरों का समूह है। इन अक्षरों में अक्षर, नंबर, विराम चिह्न और सिंबल शामिल हैं। कुछ प्रसिद्ध टाइप फेसों में ऐरीयल, हैलेटिका, टाइमज़ और वरदेना शामिल हैं। ‘टाइप फेस’ शब्द को अक्सर फौंट समझ लिया जाता है जो कि टाइप फेस की एक खास आकार और शैली है।

फ्रेमज़
फ्रेम आयताकार क्षेत्र हैं जो कि ग्राफिक्स और टैक्सट इनसर्ट करने के लिए बने होते हैं। यह यूज़र को आब्जैक्टस को पेज के उस स्थान पर रखने की आज्ञा देता है जिस पर वो उसको रखना चाहता है। इन फ्रेमों का आकार और स्थिति, बाऊंडिंग बाक्स का प्रयोग करके बदला जा सकता है। फ्रेमज़ एक पेज के डिज़ाइन के पूरे नियंत्रण की आज्ञा देते हैं। फ्रेम आयताकार, ओवल (Oval) या (Polygon) पोलीगॉन हो सकते हैं। पोलीगॉन फ्रेम को किसी भी आकार में बदला जा सकता है। फ्रेम में टैक्सट या ग्राफिक हो सकता है या फिर यह खाली हो सकते हैं।

प्रिंटर-
एक प्रिंटर एक बाहरी (External) आउटपुट यंत्र है जो कंप्यूटर से डाटा लेता है और पेपर पर ग्राफिक्स या टैक्सट के रूप में आउटपुट तैयार करता है। प्रिंटर की दो किस्में हैं –
1. इम्पैक्ट प्रिंटर (Impact Printers)
2. नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (Non-Impact Printers)

इम्पैक्ट प्रिंटर
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एक इम्पैक्ट प्रिंटर में एक हैड होता है, जिसमें पिन लगी होती है जिसके प्रयोग से यह पेपर के साथ संपर्क बनाता है। इसमें साधारण रूप में पिनज़ को रिबन और स्ट्राइक करके कागज़ पर तस्वीरें या टैक्सट को प्रिंट किया जाता है। इमपैक्ट प्रिंटर की कुछ उदाहरणे निम्नलिखित हैं –
1. डॉट मैटरिक्स प्रिंटर-डॉट मैटरिक्स प्रिंटर 9 से 24 पिन वाला प्रिंटर होता है। एक 24 पिन वाला प्रिंटर एक 9 पिन वाले डॉट मैटरिक्स के मुकाबले ज्यादा डॉटस छापता है, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बढ़िया क्वालिटी और स्पष्ट अक्षर छपते हैं। पिन अलग रूप से रिबन पर स्ट्राइक करते हैं। यूजर डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर से रंगीन आउटपुट भी ले सकते हैं। डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर सस्ते होते हैं और साधारण रूप में प्रति सैकिंड 100-600 अक्षरों की स्पीड पर प्रिंट करते हैं।
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2. डेज़ी वील प्रिंटर-इसको डेजी वील प्रिंटर इसलिए कहा जाता है क्योंकि प्रिंटिंग प्रणाली डेज़ी (एक लंबा फूलों वाला पौधा) की तरह लगती है। हर एक पैटल के आखिर में एक पूरी तरह तैयार अक्षर होता है, जो ठोस लाइन प्रिंट करता है। एक हैमर जब इस अक्षर वाले पैटल जो रिबन के सामने है पर टकराता है तो अक्षर पेपर पर छप जाता है। इसकी गति धीमी होती है और यह ज्यादातर 25-25 अक्षर प्रति सैकिंड ही प्रिंट कर सकता है।
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3. लाइन प्रिंटर-ये प्रिंटर एक खास प्रणाली का प्रयोग करते हैं जो कि एक समय पर पूरी लाइन प्रिंट करते हैं। यह साधारण रूप में 1200 से 6000 लाइनें प्रति मिनट प्रिंट कर सकते हैं। ड्रम (Drum), चेन (Chain) और बैंड (Band) प्रिंटरज़ “Line-at-a-time” प्रिंटर हैं।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर
नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कागज़ पर प्रिंट करने के लिए स्ट्राइकिंग डिवाइस का प्रयोग नहीं करते क्योंकि इन प्रिंटरों में हैमर पेपर पर नहीं बजता, इसलिए यह बहुत शांत काम करते हैं। नीचे कुछ नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर दिए गए हैं –
1. इंक जैट प्रिंटरर्ज-इंक जैट प्रिंटरज़ उसी तरह काम करते हैं जिस तरह डाट-मैटरिक्स छोटे डॉटस के साथ तस्वीरें और अक्षर बनाते हैं। पर यह डॉटस स्याही की छोटी बूंदों से बनते हैं। इंक-जैट प्रिंटर एक छोटी नोजल के साथ पेपर पर स्याही स्प्रे करता है और इलैक्ट्रिक फील्ड के माध्यम से 250 अक्षर प्रति सैकिंड के हिसाब से इन चार्ज हुई स्याही की बूंदों को अक्षरों की शक्ल में बदल देता है। स्याही पेपर द्वारा सोख ली जाती है और तुरंत सूख जाती है।

इसमें कई रंगों की स्याही का प्रयोग किया जा सकता प्रिंट हैड में लगी एक से ज्यादा नोज़लें स्याही की निरंतर धाराएं छोड़ती हैं। नोजल से छोड़ने के बाद स्याही को बिजली से चार्ज किया जाता है। फिर बूंदों को बिजली से चार्ज किए प्लेट का इस्तेमाल करके कागज़ की तरफ भेजा जाता है। टैक्सट को प्रिंट करने के लिए काली स्याही वाली नोजल सबसे ज़रूरी हो सकती है। पर फुल कलर्ड प्रिंटिंग वाला टैक्सट प्रिंट करने के लिए स्यान (Cyan) मेसेंटा (Magenta) और पीले (Yellow) प्राइमरी रंगों की नोजल जोड़ी जा सकती है।
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2. लेज़र प्रिंटर-लेज़र प्रिंटर, एक लेज़र बीम को एक मिरर (दर्पण) पर निर्देशित करते हैं जो बीम को आगे ड्रम पर भेजता है, जिसकी मदद से पेपर पर इमेज बनाते हैं। ड्रम में एक विशेष परत होती है, जिसमें टोनर (एक स्याही पाउडर) चिपक जाता है। छोटे बिंदुओं के नमूने का इस्तेमाल करते हुए, एक लेज़र बीम कंप्यूटर से जानकारी लेकर पाजीटिव चार्ज वाले ड्रम तक पहुंचा कर उसको न्यूटरलाइजड (Neutralized) करता है। फिर ड्रम का वो स्थान न्यूटरलाइजड हो जाता है और टोनर अलग हो जाता है जैसे ही ड्रम के द्वारा पेपर घूमता है, टोनर को कागज पर अक्षर या अन्य ग्राफिक्स छापने के लिए भेज दिया जाता है। एक गर्म रोलर टोनर को पेपर पर चिपका देता है।
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PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
रासायनिक संयोजन के नियमों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
वैज्ञानिक आंतवाँ एल० लवाइजिए तथा जोसफ एल० पाउस्ट ने रासायनिक संयोजन के दो नियम प्रतिपादित किए थे।

I. द्रव्यमान संरक्षण या द्रव्य की अविनाशिता का नियम
रूस के वैज्ञानिक एम०वी० लोमोनोसोव (M.V. Lomonosov) ने 1756 ई० में ‘द्रव्यमान संरक्षण के नियम’ का प्रतिपादन किया। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार जब रासायनिक परिवर्तन पूरा होता है तो रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश होता है। अतः किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में परिवर्तन के उपरान्त भी पदार्थ का कुल द्रव्यमान उतना ही रहता है जितना अभिक्रिया से पूर्व था।
∴ अभिक्रिया से पूर्व अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = अभिक्रिया के उपरांत उत्पादों का कुल द्रव्यमान इस नियम को निम्न प्रयोग द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।
प्रयोग – एक फ्लास्क लो। इसमें अग्रलिखित X और Y रसायनों का युगल लो।

X – Y
(i) कॉपर सल्फेट – सोडियम कार्बोनेट
(ii) बेरियम क्लोराइड – सोडियम सल्फेट
(iii) लेड नाइट्रेट – सोडियम क्लोराइड

इनमें से ‘Y’ विलयन को एक शंक्वाकार फ्लास्क में तथा ‘X’ विलयन को एक क्वथन नली में लो। क्वथन नली को विलयन युक्त फ्लास्क में इस प्रकार लटकाओ कि दोनों विलयन आपस में न मिलें। फ्लास्क का मुंह कार्क से बंद कर दें। फ्लास्क में सभी वस्तुओं को ध्यानपूर्वक तोलो तथा फ्लास्क को इस प्रकार हिलाओ कि ‘X’ और ‘Y’ विलयन आपस में मिल जाए। रासायनिक क्रिया के बाद फ्लास्क को तोलो। द्रव्यमान अपरिवर्तित रहेगा जबकि अंतर्वस्तुओं में रासायनिक क्रिया से परिवर्तन होगा। इससे द्रव्यमान संरक्षण का नियम सिद्ध हो जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 1

II. स्थिर अनुपात का नियम
रखी हुई x विलयन युक्त क्वथन नली। इस नियम को फ्रेंच वैज्ञानिक जे० एल० प्राउस्ट (J. L. Proust) ने 1799 ई० में प्रतिपादित किया। इस नियम के अनुसार,
प्रत्येक रासायनिक यौगिक में भले वह किसी भी विधि से बनाया या प्राप्त किया गया हो, तत्वों के द्रव्यमान एक निश्चित अनुपात में संयुक्त रहते हैं।
इस नियम से यह स्पष्ट है कि प्रत्येक यौगिक का रासायनिक संघटन निश्चित होता है, जो उसके बनाने की विधि या स्रोत (Source) पर निर्भर नहीं करता है।

उदाहरण 1.-जल (H2O) हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का यौगिक है। जल को विभिन्न विधियों द्वारा बनाया जा सकता है और प्राकृतिक साधनों द्वारा भी प्राप्त किया जा सकता है। किसी भी प्रकार से प्राप्त जल का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि जल में हाइड्रोजन व ऑक्सीजन, भार की दृष्टि से 1 : 8 के अनुपात में संयुक्त है।

उदाहरण 2.-कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) कार्बन तथा ऑक्सीजन का यौगिक है। इसे
(i) कार्बन को वायु में जलाकर,
(ii) कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करके अथवा
(iii) सोडियम कार्बोनेट पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया करके प्राप्त किया जा सकता है। तीनों विधियों से प्राप्त CO2 का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि इनमें कार्बन व ऑक्सीजन, द्रव्यमान की दृष्टि से 12 : 32 अर्थात् 3 : 8 के अनुपात में संयुक्त रहते हैं।
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PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 2.
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की विवेचन कीजिए।
उत्तर-
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, सभी तत्व, यौगिक या मिश्रण सूक्ष्म कणों से बने होते हैं। इन सूक्ष्म कणों को परमाणु कहते हैं। डाल्टन के सिद्धांत की विवेचना इस प्रकार की जा सकती है-

  1. सभी द्रव्य परमाणुओं से निर्मित होते हैं।
  2. परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनाए जा सकते हैं न ही उनका विनाश होता है।
  3. दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
  4. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।
  5. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक बनाते हैं।
  6. किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या और किस्म निश्चित होते हैं।

प्रश्न 3.
परमाणु द्रव्यमान को परिभाषित कीजिए। ग्राम-परमाणु भार किसे कहते हैं ?
अथवा
परमाणु द्रव्यमान व्यक्त करने का आधुनिक पैमाना क्या है ? इस पैमाने पर आप किसी तत्व का औसत सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान किस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं ?
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान – किसी तत्व का छोटे-से-छोटा कण परमाणु कहलाता है और वह रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेता है। परमाणु अत्यंत ही सूक्ष्म होता है और इसका वास्तविक द्रव्यमान ज्ञात करना कठिन है। तत्वों के परमाणु द्रव्यमान से उनका सापेक्ष द्रव्यमान ज्ञात होता है।

हाइड्रोजन का परमाणु सबसे हल्का होता है, इसलिए इसके परमाणु द्रव्यमान को इकाई मानकर अन्य तत्वों के सापेक्ष द्रव्यमान ज्ञात किए जाते हैं और इनको परमाणु द्रव्यमान कहा जाता है।

अतः किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करती है कि उस तत्व का एक परमाणु हाइड्रोजन के एक परमाणु से कितने गुना भारी है।
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कुछ वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोगों के आधार पर परमाणु द्रव्यमान की इकाई हाइड्रोजन के एक परमाणु के द्रव्यमान के स्थान पर ऑक्सीजन के परमाणु द्रव्यमान के सोलहवें भाग (1/16) को अधिक सही माना है।
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अब परमाणु द्रव्यमान का ऑक्सीजन मानक भी मान्य नहीं रहा है; क्योंकि ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान इसके तीन समस्थानिकों (isotopes) का औसत द्रव्यमान होता है; इसलिए ऑक्सीजन को विश्वस्त न पाकर वैज्ञानिकों ने C12 को मानक निर्धारित किया है।

किसी भी तत्व का परमाणु द्रव्यमान इसके परमाणु का औसत सापेक्ष द्रव्यमान (Average relative mass) होता है, जबकि उसकी तुलना कार्बन परमाणु (C12) समस्थानिक) का भार 12 मानकर की जाती है।
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ग्राम परमाणु द्रव्यमान – जब परमाणु द्रव्यमान को ग्राम में प्रकट करते हैं, तो वह ग्राम परमाणु द्रव्यमान कहलाता है।
उदाहरण-कैल्सियम का परमाणु द्रव्यमान 40 है तथा इसका परमाणु द्रव्यमान 40 ग्राम है।

प्रश्न 4.
सरल यौगिकों के सत्र किस प्रकार लिखे जाते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
दो अलग-अलग तत्वों से बने सरलतम यौगिकों को द्विअंगी यौगिक कहते हैं।
आण्विक यौगिकों को रासायनिक सूत्र लिखते समय पहले संघटक तत्वों के प्रतीक लिखकर उनकी संयोजकताएं लिखी जाती हैं। जैसा कि इसके नीचे दिए उदाहरणों में प्रकट किया गया है। इसके बाद संयोजित परमाणुओं की संयोजकताओं को क्रॉस (Cross) करके अणु सूत्र लिखते हैं।

1. हाइड्रोजन क्लोराइड का सूत्र
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 6
अतः हाइड्रोजन क्लोराइड का रासायनिक सूत्र HCl है।

2. सोडियम सल्फाइट के सूत्र
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 7
अतः सोडियम सल्फाइट का सूत्र Na2SO3 है।

3. कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 8
अत: कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र CCl4 है।

4. मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र
मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र ज्ञात करने के लिए पहले हम धनायन का संकेत (Mg2+) लिखते हैं। इसके बाद ऋणायन क्लोराइड (Cl) लिखते हैं तथा आवेशों को क्रॉस-गुणा (criss-cross) करके हम सूत्र प्राप्त करते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 9
अतः मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र MgCl2 है।

5. ऐलुमिनियम ऑक्साइड का सूत्र :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 10
अतः ऐलुमिनियम ऑक्साइड का सूत्र Al2O3 है।

6. कैल्सियम ऑक्साइड का सूत्र :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 11
इनमें दोनों तत्वों की संयोजकताएं समान हैं। अतः इसका सूत्र Ca2O2 प्राप्त होगा, किंतु हम इस सूत्र को CaO के रूप में सरलीकृत करते हैं।

बहुपरमाणुक आयनों वाले यौगिक
1. सोडियम नाइट्रेट का सूत्र :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 12
अतः सोडियम नाइट्रेट का सूत्र : NaNO3

2. कैल्सियम हाइड्रोक्साइड का सूत्र :
जब सूत्र में एक ही आयन के दो या दो से अधिक आयन होते हैं तो उनके लिए कोष्ठक का उपयोग किया जाता है। यहां पर OH के कोष्ठक में रखकर पादांक 2 लगाते हैं जो यह दर्शाता है कि एक कैल्सियम परमाणु के साथ दो हाइड्रोक्सिल समूह जुड़े हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 13
अतः कैल्सियम हाइड्रोक्साइड सूत्र : Ca (OH)2

3. सोडियम कार्बोनेट का सूत्र :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 14
अतः सोडियम कार्बोनेट सूत्र : Na2CO3
इसमें कोष्ठक के उपयोग की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बहुपरमाणुक आयन कार्बोनेट का एक ही आयन विद्यमान है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 5.
मोल संकल्पना क्या है ? इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मोलर-द्रव्यमान को पारिभाषित कीजिए।
उत्तर-
मोल संकल्पना – रसायन शास्त्र में अतिसूक्ष्म स्तर पर कणों (जैसे-परमाणुओं, अणुओं, कणों, इलेक्ट्रॉनों आदि) की संख्या ज्ञात करने के लिए रसायनज्ञों को एक मानक मात्रक की आवश्यकता अनुभव हुई। इसलिए मोल संकल्पना का प्रतिपादन हुआ। मोल संकल्पना के अनुसार, “किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं, जितने कार्बन-12 समस्थानिक के ठीक 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या होती है।

किसी पदार्थ के एक मोल में कणों की संख्या सदैव समान होगी, भले ही वह कोई भी पदार्थ हो। इस संख्या के सही निर्धारण के लिए कार्बन-12 परमाणु का द्रव्यमान, द्रव्यमान स्पेक्ट्रममापी द्वारा ज्ञात किया गया जिसका मान 1.992648 × 10-23 ग्राम प्राप्त हुआ। कार्बन के 1 मोल का द्रव्यमान 12 ग्राम होता है; अतः कार्बन के 1 मोल में परमाणुओं की संख्या इस प्रकार होगी-
= PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 15
= 6.0221367 × 1023 ≈ 6.022 × 1023 परमाणु/मोल
इसे ‘आवोगादो संख्या’ कहते हैं तथा ‘N’ या ‘NA‘ से व्यक्त करते हैं।
मोल संकल्पना की आवश्यकता – परमाणु और अणु आकार में अत्यंत छोटे होते हैं तथा किसी पदार्थ को बहत कम मात्रा में भी इनकी संख्या बहुत अधिक होती है, इतनी बड़ी संख्याओं के साथ कार्य करने के लिए इतने ही परिमाण के एक मात्रक को आवश्यकता होती है। मोल संकल्पना के अनुसार 12 ग्राम कार्बन में 6.022 × 1023 (आवोगाद्रो संख्या) कार्बन-परमाणु होते हैं क्योंकि इन कणों को गिनना संभव नहीं है, इसलिए इनकी संख्या को मोल में व्यक्त करके कार्य करना सुगम हो जाता है।
उदाहरणस्वरूप-
1 मोल में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या = 6.022 × 1023
∴ 3 मोल में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या = 3 × 6.022 × 1023
= 1.8066
= 1.81 × 1024 परमाणु मोलर द्रव्यमान-किसी पदार्थ के एक मोल को ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान को उसका ‘मोलर द्रव्यमान’ कहते हैं। ग्राम में व्यक्त मोलर द्रव्यमान संख्यात्मक रूप से परमाणु द्रव्यमान या आण्विक द्रव्यमान या सूत्र दव्यमान के बराबर होता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
“उच्च ताप पर वायु में चूने के पत्थर (CaCO3) को गर्म करने से द्रव्यमान कम हो जाता है, परंतु लोहे का द्रव्यमान बढ़ जाता है।” ये तथ्य द्रव्यमान-संरक्षण की पुष्टि किस प्रकार करते हैं ?
उत्तर-
चूने के पत्थर को गर्म करने पर कैल्सियम ऑक्साइड तथा कार्बन डाइऑक्साइड प्राप्त होती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 16

चूँकि CO2 बाहर निकल जाती है, इसलिए CaCO3 के भार में कमी आ जाती है। अभिकारक पदार्थों (CaCO3) व उत्पादों (CaO + CO2) का द्रव्यमान बराबर होता है; अतः इसी से द्रव्यमान-संरक्षण नियम की पुष्टि होती है। अब लोहे को गर्म करने से लोहे का ऑक्साइड (Fe2 O3) बनता है।
4Fe + 3O2 → 2Fe2 O3
रासायनिक क्रिया के अनुसार लोहे का ऑक्सीकरण होने से द्रव्यमान बढ़ जाता है, परंतु अभिकारक पदार्थों व उत्पाद का द्रव्यमान समान रहता है।

इन तथ्यों से प्रकट होता है कि द्रव्य को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है, केवल उसका रूप बदलता है। अतः इससे द्रव्यमान-संरक्षण नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 2.
परमाणु द्रव्यमान इकाई (a.m.u.) से आप का क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान इकाई (a.m.u.) – आजकल परमाणु द्रव्यमान को कार्बन-12 परमाणु (6C12) के द्रव्यमान के सापेक्ष व्यक्त किया जाता है। परमाणु द्रव्यमान मात्रक को a.m.u. द्वारा प्रदर्शित करते हैं। कार्बन-12 के एक परमाणु का द्रव्यमान स्वेच्छा से 12 a.m.u. मान लिया गया है। अत: कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान के बारहवें (1/12) भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते हैं।

परमाणु द्रव्यमान इकाई (1 a.m.u.) = \(\frac {1}{12}\) × कार्बन-12 परमाणु का द्रव्यमान

कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु का वास्तविक द्रव्यमान 1.9926 × 10-23 ग्राम होता है जो 12 a.m.u. के बराबर होता है।

∴ 1 a.m.u. = \(\frac{1.9926 \times 10^{-23}}{12}\)
= 1.66 × 10-24 ग्राम 1.66 × 10-24 ग्राम को a.m.u. का ग्राम तुल्यांक (gram equivalent) कहते हैं।
तत्वों के विभिन्न समस्थानिकों के परमाणुओं के द्रव्यमान तथा सब परमाण्विक कणों के द्रव्यमान प्रायः a.m.u. में व्यक्त किए जाते हैं। उदाहरणार्थ-7N14 के एक परमाणु का द्रव्यमान = 14.0032 a.m.u. इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 0. 0005486 a.m.u.

प्रश्न 3.
कुछ तत्वों के परमाणु द्रव्यमान पूर्णांक नहीं होते। क्यों ?
उत्तर-
किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान उसके समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान के सापेक्ष औसत द्रव्यमान होता है। यह सदा पूर्णांक में नहीं होता और इसी कारण कुछ तत्वों के परमाणु द्रव्यमान पूर्णांक नहीं होते। उदाहरण के लिए क्लोरीन के दो समस्थानिक हैं। क्लोरीन का 75% ऐसा है जिसका परमाणु द्रव्यमान 35 है और 25% परमाणु का द्रव्यमान 37 है। इसलिए इसका परमाणु द्रव्यमान 35.5 है।
∴ क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान = \(\frac{3 \times 35+1 \times 37}{4}\)
= \(\frac{105+37}{4}\)
= \(\frac{142}{4}\) = 35.5

प्रश्न 4.
तत्वों के अणुओं की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर-
तत्वों के अणुओं की विशेषताएं-

  1. तत्वों के अणु एक ही प्रकार के परमाणुओं द्वारा रचित होते हैं।
  2. अधातुओं में अणु एक से अधिक परमाणुओं से बनते हैं, जैसे ऑक्सीजन अणु दो ऑक्सीजन परमाणुओं से बनता है, इसलिए इसे द्वि-परमाणु अणु O2 कहते हैं। यदि सामान्यतः 2 के स्थान पर 3 ऑक्सीजन परमाणु परस्पर संयोग करते हैं तो हमें ओज़ोन प्राप्त होता है।
  3. किसी अणु की संरचना में प्रयुक्त होने वाले परमाणुओं की संख्या को उस अणु की परमाणुकता कहते हैं।
  4. धातु अणुओं एवं कार्बन जैसे अन्य तत्वों के अणुओं की सरल संरचना नहीं होती है किंतु उनके अणुओं में असीमित परमाणु परस्पर बंधे होते हैं।

प्रश्न 5.
प्रतीक किस आधार पर तैयार किए गए हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
आजकल इंटरनैश्नल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री (IUPAC) तत्वों के नामों को स्वीकृति देता है।
(i) अधिकतर तत्वों के प्रतीक उन तत्वों के अंग्रेजी नामों के एक या दो अक्षरों से बने होते हैं। किसी प्रतीक का पहला अक्षर सदैव बड़े अक्षर में तथा दूसरा अक्षर छोटे अक्षर में लिखा जाता है जैसे
(क) ऑक्सीजन, O
(ख) ऐलुमिनियम, Al
(ग) कोबाल्ट CO

(ii) कुछ तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नामों के प्रथम अक्षर तथा बाद में आने वाले किसी एक अक्षर को संयुक्त करके बनाते हैं जैसे-मैग्नीज़ (Mn), क्लोरीन (Cl), जिंक (Zn) आदि।

(iii) अन्य तत्वों के प्रतीकों को लैटिन, जर्मन और ग्रीक भाषाओं में उनके नामों से बनाया गया है। जैसे-लोहा (Iron) का प्रतीक Fe है, जो उसके लैटिन नाम फेरम से व्युत्पन्न किया गया है। इसी प्रकार सोडियम का प्रतीक Na तथा पोटाशियम का प्रतीक K क्रमश: नैट्रियम एवं केलियम से व्युत्पन्न हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 6.
अणु और परमाणु में अंतर लिखिए।
उत्तर-
अणु और परमाणु में अंतर-

अणु परमाणु
1. अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं के मिलने से बनता है। 1. परमाणु रासायनिक क्रियाओं में भाग लेने वाला पदार्थ का सूक्ष्मतम कण है।
2. यह मुक्त अवस्था में रह सकता है। 2. यह मुक्त अवस्था में रह सकता है और नहीं भी।

प्रश्न 7.
आयन किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
आयन-धातु और अधातु युक्त यौगिक आवेशित कणों से बने होते हैं। इन आवेशित कणों को आयन कहते हैं। आयन पर ऋण या धन आवेश होता है। ऋण आवेशित कण को ऋणायन (anion) तथा धन आवेशित कण को धनायन (cation) कहते हैं। सोडियम क्लोराइड (NaCl) में धनात्मक सोडियम आयन (Na+) तथा ऋणात्मक क्लोराइड आयन (Cl) संघटक कण के रूप में विद्यमान होते हैं। अत: आयन एक आवेशित परमाणु अथवा परमाणुओं का एक ऐसा समूह होता है जिस पर नेट आवशेष विद्यमान होता है।

प्रश्न 8.
जल, अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड, कैल्शियम ऑक्साइड तथा सोडियम क्लोराइड के संघटक तत्वों के द्रव्यमान अनुपात लिखिए।
उत्तर-

यौगिक संयुक्त तत्व संघटक तत्वों के द्रव्यमान का अनुपात
जल हाइड्रोजन, ऑक्सीजन 1 : 8
अमोनिया नाइट्रोजन, हाइड्रोजन 14 : 3
कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन, ऑक्सीजन 3 : 8
कैल्सियम ऑक्साइड कैल्सियम, ऑक्सीजन 40 : 16 अर्थात् 5 : 2
सोडियम क्लोराइड सोडियम, क्लोरीन 23 : 35.5

प्रश्न 9.
किसी तत्व के परमाणु तथा उसके आयन में अंतर लिखिए।
उत्तर-
तत्व के परमाण तथा आयन में अंतर-

परमाणु आयन
(1) परमाणु विद्युत् आवेश की दृष्टि से उदासीन होते हैं। (1) आयन आवेशित कण होते हैं। वे धनात्मक तथा ऋणात्मक आवेशित हो सकते हैं।
(2) परमाणु अभिक्रियाशील होता है क्योंकि इनका बाह्यतम कोश पूर्ण नहीं होता। (2) आयन की इलैक्ट्रॉनिक संरचना किसी एक उत्कृष्ट गैस की इलैक्ट्रॉनिक संरचना के बराबर होती है तथा स्थाई होती है।
(3) परमाणु में प्रोटॉनों तथा इलैक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है। (3) धनायन में इलैक्ट्रॉन की संख्या प्रोटॉनों से कम तथा ऋण आयन में प्रोटॉनों से अधिक होती है।

प्रश्न 10.
Na परमाणु की अपेक्षा Na+ आयन क्यों स्थायी है ?
उत्तर-
Na+ आयन Na (2, 8, 1) परमाणु से एक इलैक्ट्रॉन खोने पर बनता है। इनका विन्यास 2, 8 है। यह विन्यास निष्क्रिय गैस विन्यास के समान है। अत: Na+ आयन Na परमाणु की अपेक्षा अधिक स्थायी है।

प्रश्न 11.
रासायनिक सूत्र किसे कहते हैं ? पानी का उदाहरण बताओ कि रासायनिक सूत्र से हमें क्याक्या जानकारी मिलती है ?
उत्तर-
रासायनिक सूत्र – किसी भी यौगिक के अणु में विभिन्न तत्वों के परमाणु विद्यमान होते हैं। उदाहरण के लिए हाइड्रोजन का अणु म परमाणुओं के मेल से बनता है। उसी प्रकार अमोनिया का अणु H और N परमाणुओं के मेल से बनता है। इसलिए किसी भी पदार्थ के अणु को उसमें विद्यमान तत्वों के संकेतों द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। विभिन्न तत्वों के संकेतों की सहायता से किसी पदार्थ का प्रदर्शन ही सूत्र कहलाता है। अतः सूत्र को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है, “किसी पदार्थ के अणु का उसके अवयवी तत्वों के प्रतिरूप संक्षिप्त प्रतीक ही सूत्र है।”

रासायनिक सूत्र का महत्त्व – पानी का उदाहरण लेते हुए इसके महत्त्व पर विचार करते हैं। पानी का रासायनिक सूत्र H2O है।

  1. सूत्र से ज्ञात होता है कि हाइड्रोजन का एक अणु तथा ऑक्सीजन के दो अणु एक-दूसरे के साथ संयोजित होते हैं।
  2. ऑक्सीजन की संयोजकता 2 है जबकि हाइड्रोजन की एक।
  3. H2O का द्रव्यमान 18 है। ऑक्सीजन का परमाणु भार 16 और हाइड्रोजन का 2 है।
  4. यौगिक वैद्युत् रूप से उदासीन है। इस पर कोई चार्ज (आवेश) नहीं है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 12.
जल के अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या का सरलतम अनुपात ज्ञात करें।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 17

प्रश्न 13.
निम्नलिखित के सूत्र लिखिए-
(i) ऐलुमिनियम क्लोराइड
(iii) अमोनियम कार्बोनेट
(ii) फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड
(iv) डाइनाइट्रोजन ट्रेटाऑक्साइड
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 18

प्रश्न 14.
निम्नलिखित सूत्र लिखिए-
उत्तर-
(i) जिंक सल्फेट
(it) मैग्नीशियम कार्बोनेट
(iii) फैरस क्लोराइड
(iv) ऐल्युमिनियम एसीटेट
(v) सिल्वर नाइट्रेट
(vi) प्लम्बस नाइट्रेट
(vii) अमोनियम सल्फाइड
(viii) पोटाशियम बाइकार्बोनेट।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 19

प्रश्न 15.
निम्नलिखित के द्वारा बने यौगिकों के सूत्र तथा नाम लिखिए-
(1) Fe3+ तथा SO42-
(ii) Cr3+ तथा PO43-
(iii) Hg22+ तथा Cl
(iv) NH4+ तथा CO32-
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 20

प्रश्न 16.
निम्नलिखित के द्वारा बने यौगिकों के सूत्र तथा नाम लिखिए-
(i) प्लम्बस आयन तथा नाइट्रेट आयन
(it) निकिल आयन तथा कार्बोनेट आयन
(iii) कैल्सियम आयन तथा ऑक्सेलेट आयन
(iv) अमोनियम आयन तथा ऐसीटेट आयन
(v) मैग्नीशियम आयन तथा कार्बोनेट आयन।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 21

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 17.
निम्नलिखित यौगिकों के नाम लिखिए-
(i) HgCl
(ii) (NH4)2CO3
(iii) NaHCO3
(iv) CrPO4
(v) Sr(HCO3)2
(vi) PtBr4
(vii) ZnS
(viii) BaC2O4
(ix) Pb(NO3)2
(x) Fe2(SO4)3
(xi) CuSO3
(xii) PCI5
(xiii) (NH4)2Cr2O7
(xiv) Ni(NO3)2
उत्तर-
(i) मयूरस क्लोराइड
(ii) अमोनियम कार्बोनेट
(iii) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
(iv) क्रोमियम फॉस्फेट
(v) स्ट्रॉन्शियम बाइकार्बोनेट
(vi) प्लेटिनम ब्रोमाइड
(vii) जिंक सल्फाइड
(viii) बेरियम आक्सेलेट
(ix) लैड नाइट्रेट
(x) फैरिक सल्फेट
(xi) कॉपर सल्फाइट
(xii) फास्फोरस पेंटाक्लोराइड
(xiii) अमोनियम डाइक्रोमेट
(xiv) निकल नाइट्रेट।

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
4 ग्राम हाइड्रोजन तथा 32 ग्राम ऑक्सीजन के रासायनिक संयोग से 36 ग्राम जल बना । ये रासायनिक संयोग के किस नियम की पुष्टि करता है ? कारण सहित बताइए।
हल :
रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = 32 ग्राम + 4 ग्राम
= 36 ग्राम
उत्पाद का द्रव्यमान = 36 ग्राम
चूंकि अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पाद के द्रव्यमान के बराबर है अतः यह उदाहरण द्रव्य की अविनाशिता के नियम की पुष्टि करता है।

प्रश्न 2.
कार्बन तथा ऑक्सीजन संयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाते हैं। वे 3 : 8 के अनुपात में संयोग करते हैं। 6.0g कार्बन के साथ पूर्ण अभिक्रिया करने के लिए कितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ेगी। उत्पन्न हुई कार्बन डाइऑक्साइड गैस के द्रव्यमान का भी परिकलन कीजिए। इस प्रकार आपके उत्तर के लिए रासायनिक संयोजन का कौन-सा नियम लागू होता है ?
उत्तर-
कार्बन तथा ऑक्सीजन स्थिर अनुपात नियम के अनुसार परस्पर संयोग करते हैं।
कार्बन : ऑक्सीजन = 3 : 8
∴ 3g कार्बन जितनी ऑक्सीजन के साथ संयोग करता है = 8g
6g कार्बन जितनी ऑक्सीजन से संयोग करता है = \(\frac{8}{3}\) × 6 = 16g
कार्बन तथा ऑक्सीजन की कुल मात्रा 6 + 16 = 22g
∵ अभिकारकों की कुल मात्रा = उत्पादों की कुल मात्रा
∴ कार्बन डाइऑक्साइड की कुल मात्रा = 22g

प्रश्न 3.
170 ग्राम सिल्वर नाइट्रेट, सोडियम क्लोराइड से अभिक्रिया करके 143.5 ग्राम सिल्वर क्लोराइड तथा 85 ग्राम सोडियम नाइट्रेट देता है। सोडियम क्लोराइड का द्रव्यमान कितना होगा ?
हल :
प्रश्नानुसार,
सिल्वर नाइट्रेट का द्रव्यमान = 170
ग्राम सिल्वर क्लोराइड का द्रव्यमान = 143.5 ग्राम
सोडियम नाइट्रेट का द्रव्यमान = 85 ग्राम
मान लो, सोडियम क्लोराइड का द्रव्यमान = x ग्राम
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार,
अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान
रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण :
NaCl + AgNO3 = AgCl + NaNO3
x + 170 = 143.5 + 85
x = (143.5 + 85 – 170)
= (228.5 – 170) ग्राम
= 58.5 ग्राम
इसलिए सोडियम क्लोराइड (NaCl) का द्रव्यमान = 58.5 ग्राम उत्तर

प्रश्न 4.
सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित आंकड़े स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि करते हैं। कॉपर मोनोऑक्साइड के दो नमूनों में कॉपर के द्रव्यमान निम्नलिखित हैं-
(i) 1.26 ग्राम कॉपर, 1.42 ग्राम कॉपर मोनो-ऑक्साइड में।
(ii) 1.008 ग्राम कॉपर, 1.136 ग्राम कॉपर मोनो-ऑक्साइड में।
(कॉपर का परमाणु द्रव्यमान = 63, ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16)
हल : पहले नमूने में,
कॉपर मोनोऑक्साइड का द्रव्यमान = 1.42 ग्राम
कॉपर का द्रव्यमान = 1.26 ग्राम
∴ ऑक्सीजन का द्रव्यमान = (1.42 – 1.26) ग्राम = 0.16 ग्राम
अतः कॉपर तथा ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात = 1.26 : 0.16
= 7.875 : 1
दूसरे नमूने में,
कॉपर मोनोऑक्साइड का द्रव्यमान = 1.136 ग्राम
कॉपर का द्रव्यमान = 1.008 ग्राम
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = (1.136 – 1.008) ग्राम
= 0.128 ग्राम
अतः कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात = 0.008 ग्राम : 0.128 ग्राम
= 7.875 : 1
चूंकि इन दोनों नमूनों में कॉपर तथा ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात 7.875:1 है, इसलिए आँकड़ों से स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 5.
एक प्रयोग में 2.4 ग्राम आयरन ऑक्साइड को हाइड्रोजन द्वारा पूर्णतया अपचयित करने पर 1.68 ग्राम आयरन प्राप्त होता है। दूसरे प्रयोग में 2.90 ग्राम आयरन ऑक्साइड अपचयित होने पर 2.03 ग्राम आयरन देता है। इन प्रयोगों के परिणामों से स्थिर अनुपात का नियम सिद्ध कीजिए।
हल :
पहले प्रयोग में,
आयरन ऑक्साइड का द्रव्यमान = 2.40 ग्राम ………………. (i)
आयरन का द्रव्यमान = 1.68 ग्राम ……………… (ii)
अतः संयुक्त ऑक्सीजन का द्रव्यमान = (i) … (ii)
= (2.40 – 1.68) ग्राम
= 0.72 ग्राम
अब आयरन एवं ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात = 1.68 : 0.72
= 7 : 3

दूसरे प्रयोग में,
आयरन ऑक्साइड का द्रव्यमान = 2.90 ग्राम ……………….. (iii)
आयरन का द्रव्यमान = 2.03 ग्राम …………….. (iv)
अतः संयुक्त ऑक्सीजन का द्रव्यमान = (iii) … (iv)
= (2.90 – 2.03) ग्राम
= 0.87 ग्राम आयरन एवं ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात = 2.03 : 0.87
= 7 : 3
चूँकि दोनों प्रयोगों में आयरन तथा ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात 7 : 3 है, इसलिए इससे स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 6.
कितने अणु विद्यमान होंगे ?
(a) 9g जल
(b) 17 g अमोनिया।
हल :
(a) जल (H2O) का आण्विक द्रव्यमान = 2 × H + 1 × O
= 2 × 1 + 16 × 1
= 18 a.m.u.
जल का 1 मोल = 18 g
= 6.022 × 1023 अणु
अर्थात् जल के 18 g में अणुओं की संख्या = 6.022 × 1023 अणु
जल के 9 g में अणुओं की संख्या = \(\frac{6.022 \times 10^{23} \times 9}{18}\)
= 3.011 × 1023 अणु

(b) NH3 का मोलर द्रव्यमान = 14 + 3 × 1 = 17 g /mol
NH3 की मोल संख्या = \(\frac{17 \mathrm{~g}}{17 \mathrm{~g} \mathrm{~mol}^{-1}}\) = 1 mol

प्रश्न 7.
17 ग्राम H2O2 में मोलों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
H2O2 का आण्विक द्रव्यमान = 1 × 2 + 16 × 2
= 34 a.m.u.
17 g H2O2 में मोलों की संख्या = \(\frac{1 \times 17}{34}\)
= \(\frac{1}{2}\) = 10.5 मोल

प्रश्न 8.
निम्नलिखित के आण्विक द्रव्यमान का परिकलन कीजिए।
(i) PCl5
(ii) NH3
(iii) CH2 Cl2
(iv) H2O2
(v) S8.
हल :
(i) PCl5 का आण्विक द्रव्यमान = 31 + 5 × 35.5
= 31 + 177.5
= 208.5 u

(ii) NH3 का आण्विक द्रव्यमान = 14 + 1 × 3
= 14 +3
= 17 u

(iii) CH2 Cl2 का आण्विक द्रव्यमान = 12 + 1 × 2 + 2 × 35.5
= 12 + 2 + 71
= 85u

(iv) H2O2 का आण्विक द्रव्यमान = 1 × 2 + 16 × 2
= 2 + 32
= 34u

(v) S8 का आण्विक द्रव्यमान = 32 × 8
= 256 u

प्रश्न 9.
निम्न यौगिकों के सूत्र इकाई द्रव्यमान का परिकलन कीजिए-
(i) MgO
(ii) CaCl2
(iii) CaCO3
(iv) AlCl3
हल :
(i) Mgo का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 24 + 16
= 40g
= 40 u

(ii) CaCl2 का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 40 + 2 × 35.5
= 40 + 71.0
= 111.0g
= 111 u

(iii) CaCO3 का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 40 + 12 + 16 × 3
= 40+ 12 + 48
= 100g
= 100 u

(iv) AlCl3 का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 27 + 3 × 35.5
= 27 + 106.5
= 133.5 g
= 133.5 u

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 10.
सोडियम कार्बोनेट (Na2 CO3.10H2O) एक औद्योगिक रासायनिक पदार्थ है। इसका सूत्र द्रव्यपान (Formula Mass) ज्ञात करो।
हल :
Na2 CO3.10H2O का सूत्र द्रव्यमान (Formula Mass)
= 23 × 2 + 12 + 3 × 16 + 10 (1 × 2 + 16)
= 46 + 12 + 48 + 10 (18)
= (46 + 12 + 48 + 180) g
= 286 g

प्रश्न 11.
निम्नलिखित पदार्थों के मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) का परिकलन करो-
(a) इथाइन, C2H2
(b) सल्फर अणु, S8
(c) फॉस्फोरस अणु, P4
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, HCl
(e) नाइटिक अम्ल, HNO3
हल :
(a) C2H2 का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) = 12 × 2 + 1 × 2
= 26 a.m.u.
= 26g

(b) S8 का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) = 32 × 8
= 256 a.m.u.
= 256 g

(c) P4 का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) = 31× 4
= 124 a.m.u.
= 124g

(d) HCl का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) = 1 + 35.5
= 36.5 a.m.u.
= 36.5g

(e) HNO3 का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) = 1 + 14 + 16 × 3
= 1 + 14 + 48
= 63 a.m.u.
= 63g

प्रश्न 12.
ग्लूकोस (C6H12O8) अणु का आण्विक द्रव्यमान परिकलित कीजिए।
हल :
ग्लूकोस (C6H12O8) का आण्विक द्रव्यमान = 6 (12) + 12 (1) + 6 (16)
= (72) + (12) + (96)
= 180u

प्रश्न 13.
प्राप्त कार्बनडाइऑक्साइड की मात्रा का परिकलन कीजिए। जब-
(i) 1 मोल कार्बन को हवा में जलाया जाता है, और ।
(ii) 1 मोल कार्बन को 16 ग्राम ऑक्सीजन में जलाया जाता है।
हल :
हवा में कार्बन को जलाने का रासायनिक समीकरण निम्नलिखित है-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 22

(i) जब 1 मोल कार्बन को वायु में जलाया जाता है-
1 मोल कार्बन जलकर CO2 उत्पन्न करेगा = 1 मोल = 44 ग्राम

(ii) जब 1 मोल कार्बन को 16 ग्राम ऑक्सीजन में जलाया जाता है-
1 मोल कार्बन के लिए, आवश्यक ऑक्सीजन = 32 ग्राम = 1 मोल
परन्तु ऑक्सीजन का उपलब्ध द्रव्यमान = 16 ग्राम = \(\frac{1}{2}\) मोल
अतः ऑक्सीजन सीमित मात्रा में है
∴ उत्पन्न हुई CO2 का द्रव्यमान = \(\frac{1}{2}\) मोल = 22 ग्राम

प्रश्न 14.
निम्नलिखित अणुओं के द्रव्यमान ज्ञात करो
(i) क्लोरीन (Cl2),
(ii) क्लोरोफॉर्म (CHCl3),
(iii) मीथेन (CH4),
(iv) जल (H2O),
(v) कार्बनडाइऑक्साइड (CO2)
जबकि C = 12, H = 1, Cl = 35.5, S = 32, O = 16.
हल :
(i) क्लोरीन (Cl2) का अणु द्रव्यमान = 2 × 35.5 = 71 g

(ii) क्लोरोफॉर्म (CHCl3) का अणु द्रव्यमान = 12 + 1 + 3 × 35.5 = 119.5 g

(iii) मीथेन (CH4) का अणु द्रव्यमान 12 + 4 × 1 = 16g

(iv) जल (H2O) का अणु द्रव्यमान = 2 × 1 + 16 = 18 g

(v) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का अणु द्रव्यमान = 12 + 2 × 16 = 44 g

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 15.
चाय में विद्यमान कैफ़ीन (C8H10N4O2) का अणु द्रव्यमान ज्ञात करो।
हल :
कैफ़ीन का अणु द्रव्यमान = 8 × 12 + 10 × 1 + 4 × 14 + 2 × 16
= 96 + 10 + 56 + 32
= 194 g

प्रश्न 16.
C-12 के एक अणु का द्रव्यमान 1.993 × 1023g है। एक a.m.u. का द्रव्यमान ज्ञात करो।
हल:
1a.m.u. = \(\frac{1}{12}\) कार्बन अणु का द्रव्यमान
कार्बन (C-12) अणु का द्रव्यमान = 1.993 × 10-23 g
1 a.m.u = \(\frac{1.993 \times 10^{-23} \mathrm{~g}}{12}\)
= 1.66 × 10-24
∴ 1 a.m.u. = 1.66 × 10-24g

प्रश्न 17.
0.0239 g क्लोरोफॉर्म (CHCl3) में मोल की संख्या ज्ञात करो, जबकि C = 12, Cl = 35.5, H = 1.
हल:
CHCl3 का मोलर द्रव्यमान = 12 + 1 + 3 × 35.5
= 119.5
अर्थात् 119.5g में विद्यमान अणु = 6.023 × 1023
1g में विद्यमान अणु = \(\frac{6.023 \times 10^{-23}}{119.5}\)
∴ 0.0239g में विद्यमान अण \(\frac{6.023 \times 10^{-23}}{119.5}\) × 0.0239
= 1.2046 × 1020

प्रश्न 18.
चांदी के एक अणु का द्रव्यमान 1.794 × 10-22g है। चांदी का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात करो।
हल :
हम जानते हैं कि, किसी तत्व के 6.022 × 1023 अणुओं का द्रव्यमान
= ग्राम अणु द्रव्यमान
चांदी के 1 अणु का द्रव्यमान = 1.794 × 10-22 g (दिया है)
6.022 × 1023 चांदी के अणुओं का द्रव्यमान = 1.794 × 10-22 × 6.022 × 1023 g
= 108.05 g
अर्थात् चांदी का ग्राम अणु का द्रव्यमान = 108.05 g
चांदी का आण्विक द्रव्यमान = 108.05

प्रश्न 19.
नमक के एक कि० ग्रा० पैकेट का मूल्य 4 रुपये है। नमक का मोलर द्रव्यमान 58.5 है। इसका प्रति मोल (mol) मूल्य ज्ञात करो।
हल:
नमक का मोलर द्रव्यमान = 58.5
1 मोल नमक का द्रव्यमान = 58.5 g
1000 g नमक का मूल्य = 4 रुपये
1 ग्राम नमक का मूल्य = \(\frac{4}{1000}\)
∴ 58.5 ग्राम नमक का मूल्य = \(\frac{4}{1000}\) × 58.5
= 0.23 रुपये

प्रश्न 20.
नाइट्रोजन (N) का द्रव्यमान ज्ञात करो जिसमें अणुओं की उतनी ही संख्या विद्यमान है जितनी 4.4g CO, में है।
हल:
CO2 को मोलर द्रव्यमान = 1 × C + 2 × O
= 1 × 12 + 2 × 16
= 12 + 32
= 44g
44 g कार्बन डाइऑक्साइड में अणु = 6.022 × 1023
1 g कार्बन डाइऑक्साइड में अणुओं की संख्या = \(\frac{6.022 \times 10^{23}}{44}\)
4.4 g कार्बन डाइऑक्साइड में अणु = \(\frac{6.022 \times 10^{23}}{44}\) × 4.4
= 6.022 × 1022
नाइट्रोजन (N2) के अणु = 6.022 × 1022
N2 का मोलर द्रव्यमान = 28
6.022 × 1022 N2 का अणुओं का द्रव्यमान = 28 g
N2 के 6.022 × 1022 अणुओं का द्रव्यमान = \(\frac{28}{6.022 \times 10^{22}}\) × 6.022 × 1022
= 28 g

प्रश्न 21.
निम्नलिखित प्रत्येक में कणों की संख्या का परिकलन कीजिए :
(i) 4g सोडियम परमाणु
(ii) 8 g ऑक्सीजन अणु
(iii) 0.1 मोल कार्बन परमाणु
हल :
(i) PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 23
N = \(\frac{\mathrm{m}}{\mathrm{M}}\) × N0
N = \(\frac{46}{23}\) × 6.022 × 1023
N = 12.044 × 1023

(ii) PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु 24
N = \(\frac{\mathrm{m}}{\mathrm{M}}\) × N0
∴ ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
ऑक्सीजन अणुओं का मोलर द्रव्यमान = 16 × 2 = 32 g
N = 32
= \(\frac{8}{32}\) × 6.022 × 1023
N = 1.5055 × 1023
= 1.51 × 1023

(iii) कणों (परमाणु) की संख्या = कण के मोलों की संख्या × आवोगाद्रो संख्या
N = n × N0
= 0.1 × 6.022 × 1023
= 6.022 × 1023

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 22.
ग्लूकोज (C6H12O6) की प्रतिशत संरचना ज्ञात कीजिए।
(C = 12, H = 1, 0 = 16)
हल :
ग्लकोज़ का आण्विक द्रव्यमान = 6 × 12 + 12 × 1 + 6 × 16
= 72 + 12 + 96
= 180g
% कार्बन = \(\frac{72}{180}\) × 100 = 40
% हाइड्रोजन = \(\frac{12}{180}\) × 100 = 6.66
% ऑक्सीजन = \(\frac{96}{180}\) × 100 = 53.33

प्रश्न 23.
निम्नलिखित का ग्रामों में द्रव्यमान ज्ञात करो।
(i) 1 मोल सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4)
(2) 0.5 मोल ऐलूमिनियम सल्फेट [Al2(SO4)3]
(1) 0.03 मोल अमोनिया (NH3)
(iv) 0.7 मोल हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl)
(v) 10 मोल सोडियम सल्फाइट (Na2SO3)
(vi) 0.5 मोल नाइट्रोजन गैस (N2)
हल :
(i) 1 मोल H2SO4 का द्रव्यमान = 2 + 32 + 64
= 98 g = आण्विक पुंज

(ii) 1 मोल Al2(SO4)3 का द्रव्यमान = 2 × 27 + 3 × (32 + 64)
= 342 g = आण्विक पुंज
∴ 0.5 मोल Al2(SO4)3 का द्रव्यमान = \(\frac{34 \times 5}{10}\)
= 171 g

(iii) 1 मोल NH3 का द्रव्यमान = 14 + 3 = 17g
∴ 0.05 मोल NH3 का द्रव्यमान
= 17 × 0.05
= 0.85g

(iv) 1 मोल HCl का द्रव्यमान = 1 + 35.5
= 36.5g
∴ 0.7 मोल HCl का द्रव्यमान
= 36.5 × 0.7
= 25.55 g

(v) 1 मोल Na2SO3 का द्रव्यमान = 2 × 23 + 1 × 32 + 16 × 3
= 126 u = 126 g
∴ 10 मोल Na2SO3 का द्रव्यमान = 126 × 10
= 1260g

(vi) 1 मोल नाइट्रोजन गैस (N2) का द्रव्यमान = 2 × 14
= 28g
∴ 0.5 मोल नाइट्रोजन गैस (N2) का द्रव्यमान = 28 × 0.5
= 14g

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारतीय दार्शनिकों ने पदार्थ की विभाज्यता के विषय में पहली बार कब विचार किया ?
उत्तर-
लगभग 500 ई० पूर्व।

प्रश्न 2.
महर्षि कणाद ने पदार्थ के विभाजन के बारे में क्या प्रतिपादित किया था ?
उत्तर-
पदार्थ का सूक्ष्मतम कण अविभाज्य रहेगा।

प्रश्न 3.
महर्षि कणाद ने अविभाज्य सूक्ष्मतम कण को क्या नाम दिया था ?
उत्तर-
परमाणु।

प्रश्न 4.
किन दो ग्रीक दार्शनिकों ने सूक्ष्मतम कण को अविभाज्य कण माना था ?
उत्तर-
डेमोक्रिटस और लियुसपिस ने।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 5.
यौगिक जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव क्या होता है ?
उत्तर-
1 : 8.

प्रश्न 6.
अमोनिया (NHT) में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के द्रव्यमानों का अनुपात क्या होता है ?
उत्तर-
14 : 3.

प्रश्न 7.
प्राउस्ट ने निश्चित अनुपात के नियम के अंतर्गत क्या कहा था ?
उत्तर-
दो या दो से अधिक तत्वों द्वारा निर्मित यौगिक में इन दो तत्वों का अनुपात सदैव निश्चित रहता है।

प्रश्न 8.
जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत कब प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
सन् 1808 में।

प्रश्न 9.
द्रव्यों की प्रकृति के बारे में आधारभूत सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
जॉन डाल्टन ने।

प्रश्न 10.
परमाणु के अर्धव्यास को किस इकाई में मापा जाता है ?
उत्तर-
नेनोमीटर (nm) में।

प्रश्न 11.
नेनोमीटर और मीटर में परस्पर क्या संबंध है ?
उत्तर-
1 nm = 10-9m.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 12.
हमारे इर्द-गिर्द की वस्तुएं किस से मिलकर बनी हैं ?
उत्तर-
परमाणुओं से।

प्रश्न 13.
सबसे पहले तत्वों के लिए प्रतीकों का प्रयोग किस वैज्ञानिक ने किया था ?
उत्तर-
जॉन डाल्टन ने।

प्रश्न 14.
बर्जीलियस के प्रतीकों में क्या विशेषता थी ?
उत्तर-
उनमें तत्वों के नाम को एक या दो अक्षरों से प्रदर्शित किया जाता था।

प्रश्न 15.
विभिन्न परमाणु द्रव्यमानों की इकाइयाँ पहले किस आधार पर ली जाती थीं ?
उत्तर-
ऑक्सीजन परमाणु के परमाणु द्रव्यमानों का \(\frac {1}{16}\) वां भाग के आधार पर।

प्रश्न 16.
परमाणु द्रव्यमानों को ज्ञात करने के लिए परमाणु द्रव्यमान इकाई कार्बन-12 समस्थानिक मानक के रूप में सार्वभौमिक रूप से कब स्वीकार की गई ?
उत्तर-
1961 में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 17.
आजकल परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए कौन-सी इकाई उपयोग में लायी जाती है ?
उत्तर-
C-12 समस्थानिक के परमाणु द्रव्यमान के \(\frac {1}{12}\) वें भाग को मानक परमाणु द्रव्यमान इकाई के रूप में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 18.
किसी तत्व या यौगिक का सूक्ष्मतम कण क्या है जो स्वतंत्र रूप से विचर सकता है ?
उत्तर-
अणु।

प्रश्न 19.
किसी तत्व के एक समान परमाणुओं से क्या बनता है ?
उत्तर-
अणु।

प्रश्न 20.
ऑक्सीजन के अणु में कितने परमाणु उपस्थित होते हैं ?
उत्तर-
दो परमाणु । इसलिए इसे द्विपरमाणुक कहते हैं।

प्रश्न 21.
द्विपरमाणुक अणु के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हाइड्रोजन
  2. ऑक्सीजन
  3. नाइट्रोजन
  4. क्लोरीन।

प्रश्न 22.
चतुर्परमाणुक अणु का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
फास्फोरस (P4)।

प्रश्न 23.
अष्टपरमाणुक या (बहुपरमाणुक) अणु की एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
सल्फर (S8)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 24.
जब ऑक्सीजन के तीन परमाणु परस्पर संयोग करते हैं तो क्या प्राप्त होता है ?
उत्तर-
ओज़ोन (O3)।

प्रश्न 25.
किस तत्व के अणुओं की सरल संरचना नहीं होती ?
उत्तर-
कार्बन।

प्रश्न 26.
कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन और ऑक्सीजन के अणुओं का द्रव्यमान अनुपात लिखो।
उत्तर-
3 : 8.

प्रश्न 27.
जल अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणुओं की संख्या का क्या अनुपात है ?
उत्तर-
H : 0 = 2 : 1

प्रश्न 28.
आयन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
आयन – आवेशित कणों को आयन कहते हैं।

प्रश्न 29.
धनायन (Cation) किसे कहते हैं ?
उत्तर-
धन-आवेशित कणों को धन-आयन कहते हैं।

प्रश्न 30.
ऋणायन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ऋण आवेशित कणों को ऋणायन कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 31.
कैल्सियम ऑक्साइड के संघटक तत्वों का द्रव्यमान अनुपात लिखिए।
उत्तर-
कैल्सियम ऑक्साइड में कैल्सियम और ऑक्सीजन का अनुपात 5 : 2 है।

प्रश्न 32.
मैग्नीशियम सल्फाइड में मैग्नीशियम और सल्फर का द्रव्यमान अनुपात क्या है ?
उत्तर.-
3 : 4.

प्रश्न 33.
सोडियम क्लोराइड में सोडियम और कलोरीन का द्रव्यमान अनुपात लिखिए।
उत्तर-
सोडियम (Na) : क्लोरीन (Cl) = 23 : 35.5

प्रशन 34.
रालामनिक सूत्र किसे कहते हैं ?
उत्तर-
रावानिक नकिसी दौरिका उसके संघटक तत्वों के प्रतीकों तथा उनकी संखोजकता की सहायता से निरूपण, रासायनिक सूत्र कहलाता है।

प्रश्न 35.
संयोजकता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
संयोजकता- किसी तत्व की संयोजन सामर्थ्य को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं।

प्रश्न 36.
दवि-अंगी यौगिक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
दो भिन्न-भिन्न तत्वों से बने यौगिको को द्वि-अंगी यौगिक कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 37.
किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान क्या होता है ?
उत्तर-
आण्विक द्रव्यमान – किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करती है कि इस पदार्थ का एक अणु, कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के बारहवें अंश से कितने गुना भारी है।

प्रश्न 38.
आण्विक द्रव्यमान किस इकाई से व्यक्त किया जाता है ?
उत्तर-
आण्विक द्रव्यमान को इकाई u (यूनीफाइड) द्वारा व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 39.
a.m.u. के नाम के लिए IUPAC का नया प्रस्ताव क्या है ?
उत्तर-
u (यूनीफाइड) है।

प्रश्न 40.
जल किन तत्वों के संयोग से बना हुआ है ?
उत्तर-
हाइड्रोडन तथा ऑक्सीजन तत्वों के संयोग से जल बना हुआ है।

प्रश्न 41.
मोल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
मोल – किसी स्पीशीज़ (अणु, परमाणु अथवा कण) की वह संख्या है जो ग्रामों में उसके परमाणु या आण्विक द्रव्यमान के बराबर होती है।

प्रश्न 42.
आवोगाद्रो संख्या किसे कहते हैं ?
उत्तर-
आवोगाद्रो संख्या – किसी पदार्थ के 1 मोल में कणों की निश्चित संख्या होती है जिसका मान 6.022 × 1023 होता है को आवोगाद्रो संख्या कहते हैं। इसे N0 से व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 43.
आवोगाद्रो संख्या को किससे प्रदर्शित किया जाता है ?
उत्तर-
N0 से।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 44.
तत्व द्रव्यमान के किस अनुपात में संयोजन करके यौगिक बनाते हैं ?
उत्तर-
तत्व द्रव्यमान के स्थिर अनुपात में संयोग करके यौगिक बनाते हैं।

प्रश्न 45.
द्रव्यमान संरक्षण नियम को किस वैज्ञानिक ने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
रूस के वैज्ञानिक लोमोनोसोव ने सन् 1756 में द्रव्यमान संरक्षण नियम प्रस्तुत किया था।

प्रश्न 46.
“स्थिर अनुपात नियम’ का प्रतिपादन किस वैज्ञानिक ने किया था ?
उत्तर-
फ्रांस के वैज्ञानिक प्राउस्ट ने सन् 1799 में।

प्रश्न 47.
a.m.u. क्या प्रदर्शित करता है ?
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान इकाई को।

प्रश्न 48.
कार्बन का कौन-सा समस्थानिक तत्व के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
कार्बन-12 समस्थानिक (आइसोटोप)।

प्रश्न 49.
अधिकांश तत्वों के परमाणु द्रव्यमान पूर्णांक नहीं होते हैं। यह किस तथ्य को दर्शाता है ?
उत्तर-
तत्वों के परमाणु द्रव्यमानों का पूर्णांक में न होना उस तत्व के समस्थानिकों का होना दर्शाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 50.
मोलर द्रव्यमान क्या होता है ?
उत्तर-
मोलर द्रव्यमान-किसी पदार्थ के 1 मोल का ग्राम में व्यक्त किया गया द्रव्यमान उसका मोलर द्रव्यमान होता है।

प्रश्न 51.
मोल संकल्प के अनुरूप तत्व का ग्राम परमाणु द्रव्यमान परिभाषित करें।
उत्तर-
ग्राम परमाणु द्रव्यमान या एक ग्राम परमाणु किसी तत्व के 1 मोल (6.022 × 1023 परमाणुओं) का द्रव्यमान होता है जिसे ग्राम में प्रदर्शित किया जाता है।

प्रश्न 52.
किसी तत्व के एक ग्राम परमाणुओं में कितने परमाणु उपस्थित होते हैं ?
उत्तर-
6.022 × 1023 (आवोगाद्रो संख्या के बराबर)।

प्रश्न 53.
क्या सोडियम और कैल्शियम के एक ग्राम मोल में परमाणुओं की संख्या भिन्न-भिन्न होती है ?
उत्तर-
नहीं। इनमें परमाणुओं की संख्या एक समान होगी।

प्रश्न 54.
एक बड़े बर्तन में दो बीकर रखे गए हैं। एक बीकर में लैड नाइट्रेट तथा दूसरे बीकर में सोडियम सल्फेट का विलयन है। बर्तन को तोला गया तथा बाद में बर्तन में रखे दोनों विलयनों को परस्पर भली-भांति मिलाया जाता है। बर्तन को पुनः तोला गया। क्या द्रव्यमान परिवर्तित होता है अथवा नहीं तथा ऐसा किस नियम के अंतर्गत होता है ?
उत्तर-
द्रव्यमान परिवर्तित नहीं होता है। द्रव्यमान संरक्षण नियमानुसार रासायनिक अभिक्रिया से पूर्व तथा पश्चात् द्रव्यमान समान रहता है।

प्रश्न 55.
12 ग्राम मैग्नीशियम तथा 16 ग्राम ऑक्सीजन के संयोग से 28 ग्राम मैग्नीशियम ऑक्साइड प्राप्त होता है। इन आँकड़ों से रासायनिक संयोजन के किस नियम की पुष्टि होती है ?
उत्तर-
इन आँकड़ों से द्रव्यमान संरक्षण नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 56.
क्या 1 मोल सोडियम तथा 1 मोल ऑक्सीजन का द्रव्यमान बराबर होगा ?
उत्तर-
नहीं, 1 मोल सोडियम (6.022 × 1023 परमाणु) का द्रव्यमान 23 ग्राम (परमाणु द्रव्यमान) तथा 1 मोल ऑक्सीजन (6.022 × 1023 अणु) का द्रव्यमान 32 ग्राम (अणु द्रव्यमान) होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 57.
1 मोल किस संख्या को प्रदर्शित करता है ?
उत्तर-
6.022 × 1023.

प्रश्न 58.
34 ग्राम अमोनिया (NH3) में कितने मोल उपस्थित होते हैं ?
उत्तर-
2 मोल अमोनिया।

प्रश्न 59.
एक तत्व ‘2’ की संयोजकता 3 है। इस तत्व ‘Z’ के ऑक्साइड का सूत्र क्या होगा ?
उत्तर-
Z2O3.

प्रश्न 60.
कार्बन-12 के 0.012 kg में कितने परमाणु विद्यमान होते हैं ? इस स्थिराँक को क्या नाम दिया गया है ?
उत्तर-
6.022 × 1023 परमाणु। इस संख्या को आवोगाद्रो स्थिराँक कहते हैं।

प्रश्न 61.
Al3+ तथा SO42- आयनों से बनने वाले यौगिक का सूत्र क्या होगा ?
उत्तर-
Al2 (SO4)3 .

प्रश्न 62.
जल के 9g में कितने अणु उपस्थित होते हैं ?
उत्तर-
9g जल में कितने अणुओं की संख्या = \(\frac{1}{9}\) × 6.022 × 1023 = 3.011 × 1023अणु ।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 63.
HNO3 का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करो। परमाणु द्रव्यमान दिए गए हैं H = 1u, N = 14u, 0 = 16u.
उत्तर-
HNO3 का मोलर द्रव्यमान = 1u + 14u + 3 × 16u = 63u

प्रश्न 64.
क्लोरीन परमाणु में कितने संयोजकता इलैक्ट्रान उपस्थित होते हैं ?
उत्तर-
7.

प्रश्न 65.
बहुपरमाण्विक आयन क्या होते हैं ?
उत्तर-
बहुपरमाण्विक आयन-परमाणुओं का समूह-जिस पर नेट आवेश हो जैसे-NH31+

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

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PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

जान पहचान
एक वैबसाइट को डिज़ाइन करने के लिए चार भागों में बांटा जा सकता है। जो हैं –

  • वैबसाइट का उद्देश्य
  • दर्शकों के लिए डिज़ाइन
  • कार्य रणनीति
  • विषय-वस्तु का विकास।

इस प्रकार वैबसाइट लांच करने के लिए विभिन्न पग होते हैं जैसे कि

  1. डोमेन नेम का चुनाव
  2. डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन
  3. सर्वर का चुनाव
  4. वैबसाइट की जांच।

साईट की योजनाबन्दी
योजनाबद्ध तरीके से बनाई गई वैबसाईट प्रभावशाली होती है। कोई भी वैबसाईट बनाने से पहले उसकी योजना बना लेनी चाहिए। अगर योजना से काम करोगे तो उद्देश्य की पूर्ति होगी। वैबसाईटों के द्वारा हम संचार करवाते हैं। योजना बनाते समय फैसला होता है कि हम क्या कुछ संचार करवाना चाहते हैं और किस तरीके द्वारा। वैबसाईट के डिज़ाइन समय सब से पहली बात है। वैबसाईट का टीचा या उद्देश्य (Goal)। वैबसाईट का निर्माण हमेशा उस के टीचे को मुख्य रखकर ही करना चाहिए।

साईट का उद्देश्य (The Goal of The Site)-
साईट का कोई विशेष उद्देश्य या मनोरथ होना चाहिए। साईट का उद्देश्य हमें बताता है कि हमें इस में क्या कुछ डालना है। आप विस्तारपूर्वक और सजावट वाली साईट तैयार कर सकते हो पर शर्त यह है कि वो उदाहरण की पूर्ति ज़रूर करती हो।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

कोई भी साइट बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान ज़रूर रखें –

  • संस्था का उद्देश्य।
  • आपकी साइट के 2-3 महत्त्वपूर्ण उद्देश्य।
  • उद्देश्य की पूर्ति के लिए साइट तैयार करने का तरीका।
  • उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्यनीति।
  • साइट की तैयारी का समय।
  • साइट को अपडेट करने का समय।

दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग (Designing for the Audience)-
साईट का मनोरथ स्पष्ट करने के बाद अगला काम है यह जानना कि आपकी साईट के दर्शक कौनसे होंगे ? किस किस्म के लोग आपकी साईट की यात्रा करेंगे ?

कार्य नीति (Strategy)
जब आप फैसला कर लेते हो तो आपको कार्यनीति के बारे में सोचना पड़ेगा। उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किये जाने वाले कार्यों के तरीके को कार्य नीति कहा जाता है।

विषय वस्तु (Contents)
उपरोक्त सभी कामों के बाद ………….. आती है साईट का विषय वस्तु बनाने की। साईट का विषय वस्तु दर्शकों को महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करवाता है। विषय वस्तु सही स्थान पर हो और अच्छे तरीके से व्यवस्थित किया हो। अगर साईट में लिंकस क्रमवार नज़र आयें तो ढूंढ़ने आसान हो जाते हैं।

वैब को अमल में लाने के लिए निर्देश (Web Implementation Guidelines)
साईट की सम्पूर्ण योजना बनाने और सूचनाओं या लिंकस के सम्बन्ध में फैसला करने के बाद इस को इंप्लीमैंट अर्थात् अमल में लाने के बारे में सोचा जाता है। इस में डोमेन नेम का चुनाव, डोमेन रजिस्टर करवाना, सरवर का चुनाव और साईट का प्रबन्ध आदि गतिविधियां शामिल होती हैं।

डोमेन नेम का चुनाव (Choosing Domain Name)
डोमेन नेम आपकी साईट का एडरैस होता है। जो कि सरवर के एडरैस की सूची में शामिल होता है।

डोमेन नेम रजिस्टर करना (Registering Domain Name)
डोमेन नेम के बारे में फैसला करने के बाद डोमेन नेम रजिस्टर करवाया जाता है। आप अपनी साईट को सरविस प्रोवाईडर के द्वारा रजिस्टर करवा सकते हो।

सरवर का चुनाव (Choosing a Server)
साईट को अमल में लाने का एक ज़रूरी कार्य है सरवर का चुनाव। यहां सरवर का चुनाव बहुत महत्ता रखता है। सरवर जहां आपकी साईट ने स्थायी रूप में रहना है। आप अपना सरवर खरीद सकते हो या फिर किराए पर भी ले सकते हो।

वैब पेज की व्यवस्था (Organizing Web page)
वैबसाईट का पेज़ अच्छे ढंग से व्यवस्थित होना चाहिए। वैब पेज़ की विवस्था ऐसी हो कि यह साईट को बराबर दिख प्रदान करे। पेज़ की व्यवस्था समय पेज़ की लंबाई एक महत्त्वपूर्ण नुकता है।

  • वैब पेज़ दो सक्रीन्ज से लंबा नहीं होना चाहिए।
  • अगर लंबा पेज़ इस्तेमाल करना चाहते हो तो बुकमार्क के द्वारा अंदरूनी लिंक स्थापित करें।
  • अगर आपका डाक्यूमैंट एक स्क्रीन से बड़ा है तो पहले दर्शकों को सिर्फ कुछ भाग ही दिखायें। दर्शकों द्वारा मांग करने के बाद ही बाकी हिस्सा दिखाया जाये।

दिख (Look)
वैब पेज़ अच्छी दिख वाला हो तो किसी का पढ़ने को मन करेगा। अच्छी दिख के लिए वैब पेज़ में आवश्यकतानुसार लिंक, ग्राफिक, एनीमेशन, साऊंड और वीडियो कलिप शामिल होने चाहिए।

कोड वैलीडेट करना
इसमें अपनी बैवसाइट के कोड को परखा जाता है कि वह सही है तथा दर्शकों की जरूरत के अनुसार है।

दिख ऑफ लाईन टैस्टिंग (Offline Testing)
वैबसाइट के सभी पेजिज़ डिज़ाइन करने के बाद इसको ब्राओज़र पर टैस्ट किया जाता है। इस टैस्ट के लिए इंटरनैट की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसी कारण इसको ऑफ लाइन टैस्ट कहा जाता है।

साइट को अपलोड करना (Uploading the Site)
साइट को इंटरनैट पर सभी के लिए प्रदान करवाने के लिए अपलोड किया जाता है। आपके वैब पन्नों को होस्ट तक भेजने के लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (FTP) कलाइंट की ज़रूरत पड़ती है।

ऑन-लाइन टैरिंटग (Online Testing)
जब आपकी साइट अपलोड हो जाती है तो अगला सटैप इसको ऑनलाइन टैस्ट करना है।

सर्च इंजन ऑपटीमाइजेशन
मैटा और ALT टैगज़ का इस्तेमाल यह यकीनी बनाने के लिए किया जाता है वैबसाइट यूजर की तरफ से सर्च किए जाने वाले कीवर्ड को सही दर्शाती है और वैबसाइट पर सर्च करने से संबंधित कन्टेंट को भी दिखाती है। इस तरह करने से यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी और आपकी वैबसाइट पर और विजिट्स होंगी। ALT टैगस केवल आपकी वैबसाइट पर तस्वीरों पर जाने के लिए एक लिखित ब्यौरा है और इसके लिए उन्हें सर्च इंजन और यूज़र्स को बताना ज़रूरी है कि आपकी वैबसाइटों पर कैसी तस्वीरें हैं।

वैबसाइट ऐनालिटिकिस इनस्टाल करना
अपनी वैबसाइट की सफलता और मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए वैबसाइट विश्लेषण स्थापित करें। इसके साथ आप निरीक्षण करने के योग्य होंगे वो आपकी वैबसाइट पर मिलने वाली मुलाकातों की गिनती विज़िटरों के रहने वाले समय की गिनती हर एक विज़टर के पेज़ व्यूज़ की औसत गिनती और कई अन्य उपयोगी आंकड़े शामिल हैं। ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के लिए हम अपनी वैबसाइट पर प्रभाव बढ़ाने और व्यवस्था करने के योग्य होंगे।

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वैबसाइट को पब्लिश करने के लिए कुछ अहम पहलू-
सर्च इंजन ऑपटीमाइजेशन (SEO)
सर्च इंजन ऑपटीमाइजेशन एक सर्च इंजन के खोज के नतीजों के वैब पेज़ में उच्च दर्जाबंदी प्लेसमैंट प्राप्त करके वैब साइट को आने वाले लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाने वाली रणनीति, तकनीकों आदि की एक कार्य-प्रणाली है जिसमें शामिल सर्च इंजन हैं-Google, Bing, Yahoo. एस०ई०ओ० यह यकीनी बनाने में सहायता करता है कि किसी को खोज इंजन के लिए पहुँच योग्य बनाया जाये और संभावनाओं को सुधारा जाये कि साइट सर्च इंजन द्वारा ढूंढ़ ली जायेगी।

सोशल मीडिया मार्केटिंग
इंटरनेट मार्केटिंग का एक रूप है जो सोशल नेटवर्किंग वैबसाइट को एक मार्केटिंग टूल के रूप में उपयोग करती है। एस०एम०एम० का उद्देश्य वह सामग्री तैयार करना है जो उपभोक्ता अपने सोशल नैटवर्क्स से शेयर करेंगे ताकि कंपनी की ब्रांड ऐक्सपोज़र बढ़ाने और ग्राहकों की पहुँच को बढ़ाने में मदद की जा सके। SMM के मुख्य भागों में एक सोशल मीडिया ऑपटीमाइजेशन है। एस०एम०ओ० एक वैबसाइट में नये और विलक्षण विजिट्स को खींचने के लिए एक रणनीति है। एम०एम०ओ० को दो ढंगों से किया जा सकता है। एस०एम०एम० कंपनी को ग्राहकों (और संभावी ग्राहकों) को सीधी फीडबैक प्राप्त करने में मदद करती है, जो कि कंपनी को ज्यादा पर्सनेबल बनाती है। एस०एम०एम०, ट्विटर, फेसबुक, माई स्पेस, लिंकडइन और यू ट्यूब जैसी वैबसाइटों की बढ़ती प्रसिद्धि से ज्यादा आम हो गई।

वैबसाइट को पब्लिश करने के समय कुछ महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश या चैक लिस्ट पेज कन्टेंट

  • स्पैलिंग और ग्रामर (व्याकरण), पैराग्राफ हैडर, सूची और अन्य फारमैटिंग सही होने चाहिए।
  • कंपनी के संपर्क विवरण पूरे वैबसाइट पर सही होने चाहिए।
  • इमेज़ (चित्र) और ऑडियो और वीडियो सही जगह पर फारमैट किए हों और सभी डिवाइसिस पर काम करते होने चाहिए।

डिजाइन
यह यकीनी बनाने के लिए ज़रूरी कदम उठायें कि साइट डिज़ाइन पिक्सल परफैक्ट हो। अगर आपके पास एक जवाब देह वैबसाइट है, तो आपको सभी डिवाइसिस में डिज़ाइन की जाँच करने की आवश्यकता है। आपकी साइट को दफ्तर के डैस्कटॉप पर ही नहीं बल्कि लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन पर बढ़िया दिखनी चाहिए।

कार्यशीलता
वैबसाइट पर सभी भिन्न-भिन्न विशेषताओं की जांच करने और प्रमाणित करने के लिए कुछ समय लें। लीड जनरेशन फार्म के रूप में, सोशल शेयरिंग, अपनी वैबसाइट पर पूरी तरह करने चाहिए। जैसे कि

  • फार्म को पेश करने के बाद आपका धन्यवाद संदेश या पेज डिस्पले।
  • कंपनी का लोगो होमपेज़ से जुड़ा हुआ है।
  • साइट पेज़ों के लिए लोड समय ऑप्टीमाइज़ड किया गया है।

एस0टी0ओ0
यह यकीनी बनाने के लिए कुछ समय लें कि आपकी वैबसाइट को एस०टी०ओ०, की सफलता के लिए एक ठोस आधार प्रदान किया गया है। साइट आरकीटैक्चर और कन्टैंट के वर्जनों से मैटा डैटा तक कोई भी कसर न छोड़ें जैसे कि –

  • वैब पेजों के विलक्षण पेज़ टाइटल होते हैं। (70 करैक्टर से कम, की-वर्डज भी शामिल हैं)
  • वैब पेज़ के पास की वर्डज़ हैं। (10 से कम, सभी शब्द पेज़ कापी में दिखाई देते हैं।
  • स्पैलिंग और व्याकरण सभी जानकारी में सही हैं।
  • ALT टैग को हर एक चित्र में जोड़ा गया है।

सुरक्षा (Security) और बैकअप
हम डाटा नष्ट होने से रोकते हैं और साइट की सुरक्षा और नियमित बैकअप स्थापित करके मालवेयर और अन्य नुकसानों से बचा सकते हैं। जैसे कि-
1. 24×7 निगरानी स्क्रिप्ट इंस्टाल किए जाने चाहिए।
2. बैकअप उद्देश्यों के लिए फाइनल वैबसाइट की एक कापी की गई है।
3. वैबसाइट की चल रही कापियाँ नियमित आधार पर बनाई और स्टोर की जा रही हैं।
4. पासवर्ड और अन्य वैबसाइट कैडेसीयल एक सुरक्षित डाटाबेस में स्टोर किए जाते हैं।

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अनुकूलता-
अंत में, यकीनी बनाये कि आपकी वैबसाइट किसी भी लागू कानून और नियमों की पालना करती है। इंटरनैट कानून की पालना ज़रूरी है और हर एक इंडस्टर के अपने नियमों का सैट होता है। यहाँ कुछ नियम हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

  • वैब पेज़ डिस्सेबलटी वाले उपभोक्ताओं के लिए विसिटर्ज जिटरज को दिखाई दे रही है।
  • नियम तथा प्राईवेसी पॉलिसी दर्शकों को दिखाई दे रही है।