PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पादप जगत् को कितने उप-जगतों में विभाजित किया गया है ? उप-जगत् क्रिप्टोगैमी का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
पादप जगत् (Division Planate) को दो उप-जगतों (i) क्रिप्टोगैमी (Cryptogamme) तथा फैनेरोगैमी (Phanerogamme) में विभाजित किया गया है।

उप-जगत् क्रिप्टोगैमी – इसके निम्नलिखित लक्षण हैं-

  1. इनमें जड, तने और पत्ते विकसित नहीं होते।
  2. इसमें जनन अंग छिपे हुए होते हैं। इसलिए दिखाई नहीं देते।
  3. इनमें पुष्प भ्रूण अवस्था तथा बीज नहीं होते।

इन्हें फिर तीन डिवीज़नों में विभाजित किया गया है।

  1. डिवीजन थैलोफाइटा (Division Thallophyta)
  2. डिवीजन ब्रायोफाइटा (Division Bryophyta)
  3. डिवीजन टैरीडोफाइटा (Division Pteridophyta) ।

डिवीज़न थैलोफाइटा – इसके निम्नलिखित लक्षण हैं-

  1. इन पौधों का शरीर जड़, तना तथा पत्ती में विभाजित नहीं होता।
  2. इन पौधों के शरीर को सुकाय (Thallus) कहते हैं।
  3. जनन अंग सरल और साधारण होते हैं।
  4. इन पौधों के युग्मक में भ्रूण नहीं बनता। शैवाल, कवक तथा लाइकन इस डिवीज़न के अंतर्गत आते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 1

शैवाल के लक्षण-

  • यह सामान्य जल में पाए जाते हैं।
  • इन पौधों में क्लोरोफिल होता है और ये अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
  • इनका सूकाय एक कोशिकीय तथा बहुकोशिकीय और तंतुमय होता है।
  • इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज और पैकटिक पदार्थों की बनी हुई होती है।
  • ये अन्य पौधों की छालों पर, नम भूमि तथा दीवारों पर पाए जाते हैं।
  • इनमें भोजन पदार्थ मांड के रूप में संचित होता है। स्पाइरोगाइरा, यूलोथ्रिक्स, क्लेडोफोरा, अल्वा आदि मुख्य शैवाल हैं।

कवकों के लक्षण-

  1. इनमें पर्ण हरित (Chlorophyll) नहीं पाया जाता इसलिए ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते।
  2. ये परजीवी तथा मृतोपजीवी या विषमपोषी होते हैं।
  3. ये धागों जैसी रचनाओं जिन्हें कवक तंतु कहते हैं, के बने होते हैं, जो एक कोशिकीय या बह कोशिकीय होते हैं।
  4. कवक तंतु से निर्मित सूकाय को माइसीलियस कहते हैं।
  5. इनकी कोशिका भित्ति काइटन या कवक सेल्यूलोज या दोनों की बनी होती है।
  6. इनमें संचित भज्य पदार्थ तेल, वोल्यूटिन या ग्लाइकोजन के रूप में होता है। यीस्ट, राइजोपस, पेनिसिलियम, म्यूकर आदि मुख्य कवक हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2

लाइकेन (Lichens) के लक्षण-
ये शैवाल तथा कवक के परस्पर सहयोग से बने सहजीवी पौधे हैं। ये पौधों जैसे प्रतीत होते हैं। शैवाल अवयव नीले हरे शैवाल अथवा हरे शैवाल होते हैं। शैवाल कवक को भोजन प्रदान करते हैं। कवक अवयव, शैवाल को खनिज, जल और सुरक्षा प्रदान करते हैं। ऐसा जीवन जिसमें दोनों सहयोगियों को एक-दूसरे से लाभ प्राप्त हो, को सहजीवन लाइकेन फोलिओज़ फ्रक्टिकोज लाइकेन (Symbiosis) कहते हैं। ये वृक्षों की छालों, नंगी चट्टानों, दीवारों तथा घरों की छत्तों आदि पर उगते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2 1

पार्मेलिया, ग्रेफिस, गाइरोफाइरा तथा असनिया मुख्य लाइकेन हैं।

डिवीज़न ब्रायोफाइटा के लक्षण-इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इन पौधों का शरीर, जड़, तना तथा पत्तों जैसी रचनाओं में बंटा होता है।
  2. ये नमी वाले तथा छायादार स्थानों पर उगते हैं।
  3. इनमें संवहन ऊतक नहीं होते।
  4. इनमें युग्मकोद्मिद स्वतंत्र होता है तथा यह मुख्य पौधा होता है।
  5. ये युग्मकोद्मिद (Gametophyte) तथा बीजाणु उदभिद् (Sporophyte) पीढ़ी प्रदर्शित करते हैं।

इस खंड को निम्नलिखित दो वर्गों में बांटा गया है-
वर्ग 1. हिपेटिसी (Hepaticae) – इनका सुकाय चपटा और डारसीवेंट्रफ होता है। यह हरा सूकाय है। उदाहरणरिक्सीया (Riccia), मारकेंशिया।

वर्ग 2. मसाई (Musci) – मसाई समूह में नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, पौधे का शरीर तने तथा पत्ती जैसी रचनाओं में बंटा होता है और यह वनस्पति धरती पर मेराइनोइस (Rhizoids) द्वारा लगाई जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 2 2

डिवीज़न टैरीडोफाइटा के लक्षण – इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इनका शरीर जड़, तना तथा पत्तियों में विभाजित होता है।
  2. इसमें जनन अंग बहुकोशिकीय होते हैं।
  3. इनमें स्पोरेंजियम पत्ती की निचली सतह पर विकसित होते हैं।
  4. इनमें निषेचित अंडे से भ्रूण बनता है।
  5. पौधे पीढ़ी एकांतरण दर्शाते हैं।
    उदाहरण टैरिस, सिलैजिनैला फर्न।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 3

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 2.
उप-जगत् फैनेरोगैमी के लक्षण बताओ। इसके विभिन्न उपखंडों का चित्र बनाकर वर्णन करो।
उत्तर-
फैनेरोगैमी के लक्षण- इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. इनका शरीर जड़, तना तथा पत्तियों में विभाजित होता है।
  2. इनमें संवहन ऊतक जाइलम तथा फ्लोएम बंडलों के रूप में उपस्थित होते हैं।
  3. इनमें बहुकोशिकीय जनन अंग होते हैं।
  4. इन पौधों में निषेचित अंडे से भ्रूण का निर्माण होता है।
  5. इन्हें बीजों वाले पौधे कहते हैं।

इन बीजों वाले पौधों को निम्नलिखित दो उप-खंडों में विभाजित किया गया है-
(i) जिम्नोस्पर्म अथवा नग्न बीजी (Gymnosperms)
(ii) एंजिओस्पर्म (Angiosperms)

(i) जिम्नोस्पर्म अथवा नग्न बीजी पौधों के लक्षण-

  1. इन पौधों के फूलों को कोन (cone) कहते हैं। फूलों में दल तथा बाह्य दल नहीं होते।
  2. इनके बीज नग्न होते हैं।
  3. इनके जननांग शंकु के आकार के होते हैं।
  4. इनमें बीजांड गुरु बीजाणुपर्ण (megasporophyll) की सतह पर लगे हुए होते हैं।
    पाइनस, चील, देवदार आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।
  5. निषेचन के बाद एक या एक से अधिक भ्रूण उत्पन्न होते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 4

(ii) ऐंजियोस्पर्म पौधों के लक्षण-

  1. इन पौधों के तने शाकीय अथवा काष्ठीय होते हैं।
  2. इनमें शाक, झाड़ी तथा वृक्ष आते हैं।
  3. इनके फूलों में दल तथा बाह्य दल पाए जाते हैं।
  4. इनके बीज फलों से ढके रहते हैं। इसे निम्नलिखित दो भागों में विभाजित किया जाता है-

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 5

(i) द्विबीज पत्री (Dicotyledonous) – इनमें दो बीज-पत्र होते हैं।
उदाहरण – मटर तथा चना।

(ii) एक बीज पत्री (Monocotyledonous) – इनमें एक बीज-पत्र होता है।
उदाहरण – गेहूँ, मक्का तथा चावल आदि।

प्रश्न 3.
जंतु (प्राणी) जगत् के मुख्य फाइलमों के नाम लिखो। इनमें से प्रत्येक की एक या दो मुख्य विशेषताएं तथा उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
जंतुओं (प्राणियों ) के कुछ प्रमुख फाइलम तथा उनके लक्षण और उदाहरण-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 6
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 7
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 8

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 4.
जंतु (प्राणी) जगत् के फाइलम प्रोटोजोआ तथा पोरीफैरा के लक्षणों का उदाहरण सहित वर्णन करो।
उत्तर-
फाइलम प्रोटोजोआ के लक्षण-

  1. ये अति आदिम तथा एक कोशिकीय जीव हैं।
  2. कुछ प्रोटोजोआ मृदु जल तथा समुद्रीय जल में पाए जाते हैं। इनमें कुछ स्वतंत्र जीवी तथा परजीवी भी होते हैं।
  3. इनमें प्रचलन कूट पाद, फ्लैजला अथवा सिलिया द्वारा होता है।
  4. इनमें पोषण जंतुसम (holozoic), पादपसम (Holophytic) तथा विषमपोषी होता है।
  5. इनमें श्वसन शरीर की सामान्य सतह द्वारा होता है।
  6. इनमें जनन खंडन अथवा बहुखंडन विधि अथवा सिस्ट उत्पत्ति द्वारा होता है।
    अमीबा, यूग्लीना, पैरामीशियम, प्लाजमोडियम तथा ट्रिपनोसोमा इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 9

फाइलम पोरीफेरा के लक्षण-

  1. ये बहु-कोशिकीय होते हैं।
  2. ये प्रायः समुद्री जल में पाए जाते हैं।
  3. इनकी देहभित्ति दो स्तरों की बनी हुई होती है।
  4. इनमें तंत्रिका तंत्र तथा कंकाल तंत्र विकसित नहीं होती है।
  5. इनमें नाल तंत्र (Canal System) उपस्थित होती है।
  6. इनमें शरीर में छोटे-छोटे छिद्र और एक बड़ा छिद्र (Osculum) पाया जाता है।
  7. इनकी देह भित्ति की आंतरिक परत पर कालर कोशिकाएं पायी जाती हैं।
    स्पंज, साइकॉन युप्लेक्टेला तथा स्पंजिला इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 10

प्रश्न 5.
फाइलम सीलेन्ट्रेटा तथा प्लैटीहैलमिन्थीज के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम सीलेंट्रेटा के लक्षण-

  1. ये समुद्रों और ताज़े पानी में पाए जाते हैं। हाइड्रा (Hydra) ताजे पानी का जीव है।
  2. ये एकल अथवा कोलोनियल होते हैं।
  3. इनके कोलोनियल जीवों में पीढ़ी रूपांतरण होता है।
  4. इसके कुछ जंतुओं में लाइम का बाह्य कंकाल होता है। (कोरल)
  5. इनमें जनन अलैंगिक कलिका उत्पादन द्वारा तथा लैंगिक जनन मैडूयसा द्वारा होता है।
  6. इनमें स्टिंगिंग कोशिकाएं होती हैं जिन्हें निडोब्लास्ट कहते हैं।
  7. इन जंतुओं की रेडियल समिती होती है।
  8. इनमें दंश कोशिकाएं टैटेकलस पर पाई जाती हैं।
    हाइड्रा, ओबिलिया, सी-एनीमोन तथा मूंगा इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 11

फाइलम प्लैटीहैलमिंथीज के लक्षण-

  1. ये प्रायः चपटे कृमि होते हैं।
  2. ये अधिकतर परजीवी होते हैं।
  3. इनका शरीर तीन स्तरों (layers) का बना हुआ होता है अर्थात् यह जंतु त्रिप्लोब्लास्टिक है।
  4. इनका शरीर पृष्ठ, अधर चपटा (dorsoventrally flattened) होता है।
  5. यह तरल आहार, पारगम्य विधि (Osmosis) द्वारा अवशोषित है।
  6. इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।
  7. ये प्रायः द्विलैंगिक होते हैं तथा इनका जनन तंत्र जटिल होता है।
  8. इन जंतुओं में शरीर गुहा नहीं होती।
    फीता कृमि, प्लेनेरिया तथा लिवर फल्यूक इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 12

प्रश्न 6.
फाइलम अर्थोपोडा तथा एकाइनोडर्मेटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 13
फाइलम अर्थोपोडा के लक्षण-

  1. इनका शरीर खंड युक्त होता है।
  2. इनके खंड पर प्रायः एक जोड़ी संधि युक्त टांगें होती हैं।
  3. इनका शरीर बाहर की ओर जुड़ा हुआ तथा द्विपार्श्व सममित होता है।
  4. इनमें शरीर गुहा (Haemocoel) होती है।
  5. इसके मुंह के भागों पर पार्श्व जबड़े होते हैं जो फाड़ने, काटने तथा चबाने तथा चूसने के लिए रूपांतरित होते हैं।
  6. इनके शरीर का काइटिन का बना कठोर निर्जीव तथा बाह्य कंकाल होता है।
  7. इनका परिवहन तंत्र खुले प्रकार का होता है।

कॉकरोच, प्राण (पेलिमोन), केंकड़ा, बिच्छू, मक्खी, मधुमक्खी, मच्छर, सैंटीपीड, मिलिपीड आदि इस फाइलम के मुख्य उदाहरण हैं।

फाइलम एकाइनोडर्मेटा के लक्षण-

  1. इस फाइलम के जंतुओं की त्वचा कांटेदार (spinous) होती है।
  2. इनके शरीर के खंड (segments) नहीं होते।
  3. इनकी त्वचा शरीर के बाहर की ओर कांटेदार चूने की (CaCO3) कवच बनाती है।
  4. इस फाइलम के लगभग सभी जंतु समुद्रों में पाए जाते हैं।
  5. इनमें सीलोम तथा जल संवहन तंत्र (water vascular system) पाया जाता है।
  6. इनका प्रचलन खोखली माल पाद की सहायता से होता है। (7) इनमें लिंग अलग-अलग भी होते हैं और कुछ द्विलिंगी भी होते हैं।
  7. इनमें पुनरुद्भवन (Regeneration) की क्षमता होती है।
    समुद्री आर्चिन, सितारा मछली, एंटीडॉन तथा होलोथुरिया या सी-कुकम्वर इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 14

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 7.
अधिवर्ग मत्स्य के लक्षण बताइए। इसे कितने वर्गों में बांटा गया है ? प्रत्येक का उदाहरण सहित वर्णन करो।
उत्तर-
अधिवर्ग मत्स्य (Superclass Pisces) – इसमें सभी मछलियां आती हैं। ये नदियों, तालाबों, पोखरों, नहरों व समुद्रों में पाई जाती हैं । इसके निम्नलिखित लक्षण हैं –

  1. इनका शरीर असमतापी तथा धारारेखित होता है।
  2. ये क्लोम (gills) द्वारा श्वसन करती हैं।
  3. इनका बाह्य कंकाल शल्कों का बना हुआ होता है।
  4. इनमें पार्श्व रेखा तंत्र उपस्थित होता है।
  5. इनमें बाह्य कान नहीं होते।
  6. इनके हृदय में एक आलिंद तथा एक निलय दो भाग होते हैं।

अधिवर्ग मत्स्य को निम्नलिखित तीन वर्गों में विभाजित किया गया है-
1. वर्ग प्लेकोडर्मी (Placodermi) – इस वर्ग की मछलियाँ अब लुप्त हो गई हैं । इनके के वल जीवाश्म ही पाए जाते हैं।
उदाहरण – क्लाइमेटियस।

2. वर्ग कांडिकथीज (Chondrichthyes) के लक्षण-

  • इस वर्ग की मछलियाँ प्रायः समुद्रों में पाई जाती हैं।
  • इनका अंत: कंकाल उपास्थि का बना होता है ।
  • इनका बाह्य कंकाल शल्कों का बना होता है।
  • इनके दांत एक ही आकार के होते हैं।
  • इनमें श्वसन गलफड़ों द्वारा होता है तथा गिल्ज की संख्या 5-7 तक होती है।
  • कुत्ता मछली, विद्युत् मीन, टोरपीडो आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 15

3. वर्ग आस्टिक्थीज़ (Osteichthyes) के लक्षण-

  • इनका अंतः कंकाल अस्थि का बना हुआ होता है।
  • यह समुद्रों, नहरों, नदियों, तालाबों आदि में पाई जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 16

  • इनका मुख अग्र होता है तथा जबड़े पूरी तरह विकसित होते हैं।
  • इनके गिल्स आपरकुलम की सहायता से ढके हुए होते हैं।
  • इस वर्ग की कुछ मछलियों में वाताशय (Air bladder) भी पाए जाते हैं।
  • इस वर्ग की मछलियाँ एक-लिंगी होती हैं।
    एनाबास, रोहू, उड़ने वाली मछली, दरियाई घोड़ा तथा लंगफिश इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 17

प्रश्न 8.
जलस्थलचर श्रेणी तथा सरीसृप श्रेणी के जीवों के लक्षण बताओ।
उत्तर-
जलस्थलचर श्रेणी के लक्षण-

  1. ये जंतु जल तथा थल दोनों स्थानों पर पाए जाते हैं।
  2. इनका शरीर असमतापी (Cold blooded) होता है।
  3. ये गिल्स, त्वचा तथा फेफड़ों द्वारा श्वसन करते हैं।
  4. इनमें अग्रम और पिछले पैर होते हैं।
  5. इनके पैरों की पांच उंगलियां होती हैं।
  6. इनके हृदय के तीन भाग होते हैं।
  7. ये एक लिंगी जंतु हैं।
  8. कई जंतुओं के शरीर पर दाने (warts) होते हैं।
    मेंढक, टोड, हाइला तथा सेलेमेंडरा इस वर्ग के मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 18

सरीसृप श्रेणी के मुख्य लक्षण-

  1. यह रींगने वाले जंतु हैं। इनकी त्वचा सूखी तथा ग्रंथि विहीन होती है।
  2. इनकी त्वचा पर शल्क होते हैं।
  3. इनका अंत: कंकाल उपचर्नीय शल्कों का बना होता है।
  4. इनमें दो जोड़ी पांच अंगुली पाद होते हैं।
  5. ये असमतापी जंतु हैं।
  6. इनका शरीर सिर, ग्रीवा, धड़ तथा पूंछ में विभाजित होता है।
  7. इनकी लंबाई और भार काफ़ी अधिक हो सकती है।
  8. ये प्रायः स्थलीय जंतु हैं तथा गर्म प्रदेशों में पाए जाते हैं।
  9. यह एक लिंगी जंतु है। इनमें निषेचन मादा के शरीर के अंदर होता है।
    छिपकली, सांप, कछुआ तथा मगरमच्छ रेप्टीलिया या सरीसृप वर्ग के मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 19

प्रश्न 9.
पक्षी श्रेणी तथा स्तनधारी श्रेणी के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 20

 

पक्षी श्रेणी के लक्षण-

  1. ये समतापी (Warm blooded) जंतु हैं।
  2. इनका शरीर पखे की तरह होता है।
  3. इनमें चोंच उपस्थित होती है परंतु दांत नहीं होते।
  4. इनकी त्वचा पर तेल और सफेद रंग की ग्रंथियां पाई जाती हैं।
  5. इनके हृदय के चार कोश-दो आलिंद तथा दो निलय होते हैं।
  6. इन जंतुओं के कान होते हैं और शरीर पंखों से ढका होता है।
  7. इनकी त्वचा पर तेल और सफेद रंग की ग्रंथियां पाई जाती हैं। इन जंतुओं के रक्त में लाल रक्ताणु पाए जाते हैं जिनमें केंद्रक नहीं होता।
  8. इनके अंडे पीत युक्त होते हैं तथा इनमें भ्रूण झिल्लियां भी पाई जाती हैं।
  9. इनमें श्वसन तंत्र के साथ वायुकोश होते हैं।
  10. इनमें स्तन ग्रंथियाँ होती हैं।
  11. इनके अग्रपाद पंखों में रूपांतरित होते हैं।
  12. इनकी अस्थियां हल्की होती हैं तथा अंतः कंकाल छिद्रयुक्त होता है।
    कबूतर, तोता, कौआ, गोरैया, शुतुरमुर्ग, मोर आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।

स्तनधारी श्रेणी के लक्षण-

  1. यह समतापी जंतु है।
  2. ये विभिन्न आकार के होते हैं तथा इनके शरीर पर बाल होते हैं।
  3. इनमें बाह्य कान उपस्थित होता है।
  4. पेट में पेट पर्दा (डायाफ्राम) होता है।
  5. इनकी त्वचा पर तेल तथा स्वेद ग्रंथियां पाई जाती हैं।
  6. इनके हृदय के चार कोश-दो आलिंद तथा दो निलय होते हैं।
  7. इनमें लाखों रक्त कणिकाएं होती हैं जो केंद्रक विहीन होती हैं।
  8. इनके दांत विषदंती (Heterodont) तथा गर्तदंती (Thecodont) होते हैं। ये जीवन में दो बार निकलते हैं।
  9. ये बच्चों की बहुत अधिक देखभाल करते हैं।
    चूहा, बंदर, कंगारू, हाथी, चमगादड़, गिलहरी, शेर, मनुष्य आदि इसके कुछ मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वर्गिकी (Taxonomy) तथा वर्गीकरण पद्धति (Systematics) क्या है ?
उत्तर-
वर्गिकी (Taxonomy) – जीव विज्ञान की वह शाखा जिसका संबंध सजीवों के वर्गीकरण से हो, वर्गिकी कहलाती है।

वर्गीकरण पद्धति (Systematics) – वर्गीकरण विज्ञान का वर्गीकरण पद्धति वर्गिकी से भिन्न है। यह सभी जीवों की विविधता है। वर्गीकरण पद्धति में सजीवों को उनके गुणों तथा परस्पर निर्भरता के आधार पर भिन्न-भिन्न समूहों में बांटा जाता है।

प्रश्न 2.
वर्गीकरण क्या है ?
इसके महत्त्व बताइए।
उत्तर-
वर्गीकरण (Classification) – जीवों को उनकी समानताओं तथा असमानताओं के आधार पर विभिन्न ग्रुपों में विभाजित करने की विधि को वर्गीकरण कहते हैं।

वर्गीकरण का महत्त्व – वर्गीकरण निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण है-

  1. यह विभिन्न प्रकार के जीवों के अध्ययन को सरल बनाता है।
  2. यह सभी जीवों की एकदम स्पष्ट तस्वीर प्रदान करता है।
  3. यह जीवों के विभिन्न समूहों के बीच संबंध के बारे में बतलाता है।
  4. यह जीव विज्ञान की अन्य शाखाओं को आधार प्रदान करता है।
  5. भूगोल का अध्ययन पूर्णतया पौधों तथा जंतुओं के वर्गीकरण पर आधारित है।
  6. जीव विज्ञान की अन्य शाखाएं जैसे परिस्थितिकी, कोशिका विज्ञान, कायिकी आदि का विकास वर्गीकरण के कारण ही संभव हुआ है।

प्रश्न 3.
जीवों के स्थानीय नाम क्यों पर्याप्त नहीं हैं ? वैज्ञानिक नामों के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
जीवों को पहचानने के लिए स्थानीय नाम पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि स्थानीय नाम भिन्न-भिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए एक कुत्ते को हिंदी में कुत्ता, तमिल में ‘नाई’ तथा बंगला में ‘कुकुर’ कहते हैं। इसी प्रकार अन्य जीवों के लिए भी भिन्न-भिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न नाम प्रयोग किए जाते हैं। इसलिए जीवों को संसार में सभी स्थानों पर जानने के लिए स्थानीय नाम पर्याप्त नहीं है।

सारे संसार में जंतुओं को जानने तथा पहचानने के लिए वैज्ञानिक नाम देना अति आवश्यक है। पौधों तथा जंतुओं को नाम देना नामकरण कहलाता है। जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की पद्धति कोरोलस लिनियस ने दी। इसे द्विपद नाम पद्धति कहते हैं। इस पद्धति के अनुसार सारे संसार में किसी भी जीव का नाम एक ही रहेगा। इस प्रकार स्थानिक नामों द्वारा पैदा हुई समस्या समाप्त हो गई।

वैज्ञानिक नाम रखने के लाभ – वैज्ञानिक नाम रखने से समस्त विश्व में सजीवों की पहचान आसान हो गई है तथा हर प्रकार की कठिनाई समाप्त हो गई है।

प्रश्न 4.
वर्गीकरण की विभिन्न श्रेणियां बताइए।
उत्तर-
वर्गीकरण की विभिन्न श्रेणियां निम्नलिखित हैं-

(1) जगत (Kingdom) सर्वोच्च श्रेणी जिसमें सभी जंतु तथा पौधे शामिल हैं।
(2) फाइलम (Phylum) यह वर्ग से उच्चतम होती है। वर्गों को मिलाकर फाइलम बनाते हैं।
(3) वर्ग (Class) आर्डरस मिलकर वर्ग बनाते हैं।
(4) आर्डर (Order) कुल मिलकर आर्डर बनाते हैं।
(5) कुल (Family) इसमें प्रजातियां शामिल हैं।
(6) जीनस (Genus) जातियां मिलकर जीनस अथवा प्रजाति बनाती हैं।
(7) जाति (Species) यह जीवों की निम्नतम श्रेणी है।
(एक समान गुणों और आपस में जनन करने वाले सजीव आते हैं।)

प्रश्न 5.
बाघ तथा आम का श्रेणीबद्ध वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर-
बाघ तथा आम का श्रेणीबद्ध वर्गीकरण-

श्रेणी बाघ (Tiger) आम (Mango)
जगत (Kingdom) एनिमेलिया पादप (Plantae)
ह्यसंघ (Phylum) कार्डेटा ट्रेकियोफाइटा (Tracheophyta)
उपसंघ (Sub-Phylum) वर्टिब्रेटा …………….
वर्ग (Class) स्तनधारी मौंगलिओपसिडा (Magnoliopsida)
गण (Order) कार्निवोरा सेपिंडेलस (Spindal)
वंश (Genus) पेंथेरा मैंगिफेरा (Mangifera)
जाति (Species) टाइग्रिस इंडिका (indica)

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 6.
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पौधों में अंतर बताओ।
उत्तर-
दविबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पौधों में अंतर-

द्विबीजपत्री एकबीजपत्री
(1) इनके बीज में दो बीजपत्र होते हैं। (1) इनके बीज में केवल एक बीजपत्र होता है।
(2) इनकी पत्तियों में जालिकावत शिरा विन्यास होता है। (2) इनकी पत्तियों में समानांतर शिरा विन्यास होता है।
(3) इनमें मूसला जड़ तंत्र पाया जाता है। (3) इनमें रेशेदार जड़ तंत्र पाया जाता है।
(4) इनमें द्वितीयक वृद्धि होती है। (4) इनमें द्वितीयक वृद्धि नहीं होती।
(5) इनमें पुष्प पंचतयी होते हैं। (5) इनके पुष्प त्रिपयी होते हैं।

प्रश्न 7.
शैवाल का आर्थिक महत्त्व बताओ।
उत्तर-
शैवाल का आर्थिक महत्त्व-

  1. यह मछली तथा अन्य जलीय जंतुओं हेतु भोजन प्रदान करती है।
  2. यह जल में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के समुचित संतुलन का प्रबंध करती है।
  3. यह जल को स्वच्छ रखती है।
  4. यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।
  5. शैवाल की कुछ जातियों से आयोडीन प्राप्त होती है।
  6. रेड एल्गी से (जैसे जिलेडियम) अगर-अगर (Agar-Agar प्राप्त होता है।
  7. कुछ शैवालों से दवाइयाँ बनाई जाती हैं।
  8. कुछ शैवाल तेलीय पदार्थ स्रावित करते हैं।

प्रश्न 8.
फाइलम एनीलिडा के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम एनीलिडा के सामान्य लक्षण-

  • ये जीव पानी, नमी युक्त स्थानों तथा समुद्र में पाए जाते हैं।
  • ये लंबे शरीर वाले जंतु त्रिस्तरीय होते हैं।
  • इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 21

  • इनमें नैफरिडिया द्वारा उत्सर्जन होता है।
  • शरीर को गति सीट (Setae) अथवा पेरापोडिया (Parapodia) द्वारा मिलती है।
  • इनमें एक लिंगी, दो लिंगी दोनों तरह के जीव पाये जाते हैं।
  • इनके तंत्रिका तंत्र में एक अर्ग नर्व रिंग तथा एक अधर नर्वकार्ड पायी जाती है।
    केंचुआ, नेरिज़ तथा जोंक इसके मुख्य उदाहरण हैं।

प्रश्न 9.
फाइलम मोलस्का के सामान्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
फाइलम मोलस्का के लक्षण-

  1. यह जीव जलीय तथा स्थलीय दोनों प्रकार के होते हैं।
  2. इनका शरीर कोमल तथा अखंडित होता है।
  3. इनके शरीर में सिर, पाद तथा पिंडक तीन भाग होते हैं।
  4. इनमें लिंग प्रायः अलग-अलग होते हैं।
  5. यह गिल्स द्वारा श्वसन करता है जिन्हें टिनिया कहते हैं।
  6. यह पादों द्वारा प्रचलन करता है।
    पाइला, यूनिओ, काइटन तथा ओक्टोपस इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 22

प्रश्न 10.
संघ नीमेटोडा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
संघ नीमेटोडा के लक्षण-

  1. इनमें प्रायः गोल कृमि आते हैं।
  2. इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।
  3. इनका शरीर तीन स्तरों का बना होता है तथा अखंडित है।
  4. इनमें श्वसन अंग तथा संवहन तंत्र अनुपस्थित होता है।
  5. शारीरिक गुहा शुद्ध नहीं होती।
  6. इनकी आहार नाल में पेशी स्तर नहीं होता परंतु यह पूर्ण होती है। गोल कृमि, ऑक्सीयूरिस, पिन वर्म इसके मुख्य उदाहरण हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 11.
कॉर्डेटा की चार मुख्य विशेषताएं क्या हैं ?
उत्तर-
कॉर्डेटा की चार मुख्य विशेषताएं-कॉर्डेटा की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  1. नालाकार नर्वकार्ड – इनमें एक खोखली नालाकार नर्वकार्ड अथवा तंत्रिका रज्जु पाई जाती है।
  2. नोटोकार्ड की उपस्थिति – सभी कॉर्डेटा में जीवनभर या जीवन की किसी अवस्था में एक ठोस लचीली नोटोकार्ड पायी जाती है।
  3. ग्रसनी क्लोम दरारें (Pharyngeal gill slits) – सभी कॉर्डेटों में एक छिद्रित ग्रसनी पाई जाती है। यह लारवा अवस्था में अथवा सारे जीवन में रहती है।
  4. गुदा के पीछे पूंछ – सभी कॉडेंटों की गुदा के पीछे पूंछ पायी जाती है।

प्रश्न 12.
नॉन-कॉर्डेटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
नॉन-कॉर्डटा के लक्षण-

  1. इसमें नोटोकार्ड नहीं होता।
  2. इनमें गिल्स उपस्थित होती हैं तथा श्वसन प्रायः बाह्य त्वचा से होता है।
  3. इसमें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र ठोस होता है।
  4. ये जंतु प्रायः जल में पाए जाते हैं।
  5. इनमें रुधिर प्रायः रंगहीन होता है।
  6. इसमें वास्तुविक पूंछ नहीं होती तथा अस्थि कंकाल अनुपस्थित होता है।

प्रश्न 13.
संघ हेमीकाटा के मुख्य लक्षण बताओ।
उत्तर-
संघ हेमीकाटा के मुख्य लक्षण-

  1. इनका शरीर द्विपार्श्व सममिति होता है।
  2. यह जंतु प्रायः समुद्र में पाए जाते हैं।
  3. इनमें काटा और नॉन-कॉडेटा दोनों के लक्षण पाए जाते हैं।
  4. इनकी ग्रसनी के बाहर की ओर क्लोम दरारें श्वसन में सहायक होती हैं।
  5. यह कृमि एक लिंगी होते हैं।
  6. इनके शरीर के तीन भाग होते हैं। शुंड (Proboscis), कालर और धड़ (Trunk)।
  7. ये कृमि रूपी जंतु होते हैं।
    उदाहरण – बैलेनोग्लोसस, सैफेलोडिस्कस।

प्रश्न 14.
जिम्नोस्पर्मस तथा टेरिडोफाइटा में अंतर बताओ।
उत्तर-
जिम्नोस्पर्मल तथा टेरिडोफाइटा पौधों में अंतर-

जिम्नोस्पर्मस टेरिडोफाइटा
(1) यह सम शीतोष्ण कटिबंध (temperate) जलवायु वाले भागों में पाये जाते हैं। (1) यह छायादार तथा नम स्थानों में पाए जाते हैं।
(2) इनमें कैंबियम उपस्थित होता है। (2) इनमें कैंबियम अनुपस्थित होता है।
(3) इनमें पोलेन ट्यूब बनती है। (3) इनमें पोलेन ट्यूब नहीं बनती।
(4) इनमें ग्रीवा नाल कोशिकाएँ नहीं होतीं। (4) इनमें ग्रीवा नाल कोशिकाएँ उपस्थित होती हैं।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित में अंतर लिखिए-
(क) नॉन कॉर्डेट्स और कॉर्डेट्स
(ख) अस्थिल भीन और उपस्थिमय मीन।
उत्तर-
(क) नॉन कॉर्डेट्स और कॉर्डेट्स में अंतर-

नॉन कॉर्डेट्स कॉडेट्स
(1) केंद्रीय तंत्रिका का तंत्र ठोस है। (1) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र खोखला और नलिकाकार होता है।
(2) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र आहार नाल के नीचे अधर तल पर होता है। (2) कंद्रीय तंत्रिका तंत्र आहार नाल के पीछे होता है।
(3) क्लोम विदर नहीं पाए जाते हैं। (3) क्लोम विदर पाए जाते हैं।
(4) नोटोकॉर्ड नहीं पाई जाती। (4) नोटोकॉर्ड पाई जाती है।
(5) आहार नाल के पिछले हिस्से में हृदय पाया जाता है। (5) आहार नाल के नीचे हृदय विद्यमान होता है।

(ख) अस्थिल मीन और उपस्थिमय मीन में अंतर

अस्थिल मीन उपस्थिमय मीन
(1) इनका कंकाल अस्थियों से निर्मित होता है। (1) इनका कंकाल उपस्थियों से निर्मित होता है।
(2) इनमें वाताशय (Air Bladder) होता है। (2) इनमें वाताशय (Air Bladder) नहीं होता।
(3) इन पर चकाभ और कंकताभ शलक होता है। (3) इन पर फ्लैकॉयड शल्क होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 16.
निम्नलिखित में अंतर लिखिए-
(क) स्तनधारी और उभयचर
(ख) शैवाल और कवक।
उत्तर-
(क) स्तनधारी और उभयचर में अंतर-

स्तनधारी उभयचर
(1) ये प्राय: स्थल पर रहते हैं। (1) यह जल और स्थल दोनों पर रहते हैं।
(2) ये समतायी होते हैं। (2) ये असमतायी होते हैं।
(3) इन पर बाल पाए जाते हैं। (3) इन पर बाल नहीं होते।
(4) इन की त्वचा शुष्क और मोटी होती है। (4) इनकी त्वचा नम और कोमल होती है।
(5) इनके हृदय में चार कक्ष होते हैं। (5) इनके हृदय में तीन कक्ष होते हैं।
(6) इनमें प्रायः बाह्य कान होते हैं। (6) इन में बाह्य कान प्रायः नहीं होते।
(7) ये प्रायः शिशुओं को जन्म देते हैं। (7) इन के बच्चों का जन्म अंडों से होता है।

(ख) शैवाल और कवक में अंतर-

शैवाल कवक
(1) ये जलीय होते हैं। (1) ये स्थलीय होते हैं।
(2) इनकी जनन इकाइयां जलीय प्रवाह के कारण चल होती हैं। (2) इनकी जनन इकाइयां अचल होती हैं।
(3) इन की कोशिका भित्ति सेलुलोज़ से बनी होती है। (3) इनकी कोशिका भित्ति सेलुलोस से बनी होती है।
(4) इनमें भोजन मंड के रूप में होता है। (4) इनमें भोजन ग्लाइकोजन के रूप में होता है।
(5) ये स्वपोषी होते हैं। (5) ये मृत जीवी या परजीवी होते हैं।

प्रश्न 17.
द्विपद् नामपद्धति क्या है ? एक उदाहरण की सहायता से स्पष्ट करिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 23
द्विपद् नामपद्धति – पौधों तथा जंतुओं के नामकरण की यह पद्धति केरोलस लिनियस ने विकसित की थी। इस पद्धति के अनुसार जीवों को वैज्ञानिक नाम दिए जाते हैं। प्रत्येक जंतु तथा पौधे को दो नाम दिए जाते हैं। एक जैनेरिक नाम तथा दूसरा स्पीशीज नाम। जैनेरिक वंश का नाम होता है। लिनियस को उसके इस कार्य के लिए वर्गीकरण विज्ञान का पिता कहा जाता है।

उदाहरणस्वरूप – आम का वैज्ञानिक नाम मैंगीफेरा इंडिका है। सरसों का वैज्ञानिक नाम ब्रासिका कंप्रेस्ट्रिस है। इसी प्रकार मनुष्य जाति का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियंस है। इन सभी नामों में पहला जैनेरिक नाम तथा दूसरा स्पीशीज नाम है।

प्रश्न 18.
वर्गीकरण की द्वि-जगतीय प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं ?
उत्तर-
द्वि-जगतीय प्रणाली – संसार के सभी जीवों-जंतुओं तथा पौधों को दो जगतों में विभाजित किया गया है-
(i) जगत् प्राणी (Animalae),
(ii) जगत् पादप (Plantae)

जगत् प्राणी के लक्षण-

  1. यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकते हैं।
  2. ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते।
  3. इनकी कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती।
  4. इनमें हरे रंग , क्लोरोफिल (पर्णहरित) नहीं होता।

जगत् पादप के लक्षा –

  1. ये एक स्थान पर स्थिर रहते हैं।
  2. यह अपने भोजन का स्वयं निर्माण करते हैं।
  3. इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी हुई होती है।
  4. इनमें हरे रंग का पदार्थ पर्णरहरित होता है।

प्रश्न 19.
जीवाणुओं और कवक को पौधों के साथ वर्गीकत क्यों किया गया है?
उत्तर-
जीवाणुओं तथा कवकों का रंग हरा नहीं होता। ये अपने भोजन दूसरे मृत अथवा जीवित जीवों से प्राप्त करते हैं। फिर भी इन्हें निम्नलिखित कारणों से पादपों के साथ रखा जाता है-

  1. जीवाणुओं तथा कवकों में पादपों के गुण होते हैं।
  2. इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी होती है।
  3. कवक अपना भोजन पौधों के समान घोल अवस्था में लेते हैं।

प्रश्न 20.
आइशलर द्वारा प्रस्तावित वनस्पति वर्गीकरण की रूपरेखा दीजिए।
उत्तर-
आइशलर द्वारा प्रस्तावित वनस्पति वर्गीकरण की रूपरेखा-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 24

प्रश्न 21.
हेमीकॉर्डेटा, यूरोकॉर्डेटा तथा सीफेलोकॉर्डेटा के एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हेमीकॉर्डेटा-उदाहरण-बेलोनोग्लोसस ।
  2. यूरोकॉर्डेटा-उदाहरण-हर्डमानिया।
  3. सीफेलोकॉर्डेटा–उदाहरण-एंफी ओक्सस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 22.
पीढ़ी एकांतरण क्या है ?
उत्तर-
पीढ़ी एकांतरण (Alternation of Generation) – किसी भी पौधे के जीवन काल में दो पीढ़ियों बीजाणु-उद्भिद (Sporophyte) तथा युग्मोकोदिभिद् (Gemetophyte) के एकांतरित रूप में आने को पीढ़ी एकांतरण कहते हैं।
उदाहरण – फर्न तथा मॉस।

प्रश्न 23.
कशेरुका और अकशेरुका प्राणियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-

लक्षण कशेरुका प्राणी अकशेरुका प्राणी
(1) कशेरुका स्तंभ कशेरुकाओं के रूप में विद्यमान। नहीं
(2) मस्तिष्क मस्तिष्क होता है। नहीं
(3) हृदय हृदय भीतर होता है। नहीं या डॉरसल की तरफ
(4) हीमोग्लोबिन लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में होता है नहीं या प्लाज्मा में उपस्थित
(5) कंकाल अस्थि या उपास्थि से निर्मित नहीं
(6) त्वचा अनेक पर्तीय एक पर्तीय
(7) वातनाड़ी रज्जु डॉरसल और खोखली यदि उपस्थित तो ठोस और भीतर

प्रश्न 24.
पौधों के वर्गीकरण को दर्शाते एक चार्ट बनाएं।
उत्तर-
पौधों के वर्गीकरण सम्बन्धी चार्ट-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 25

प्रश्न 25.
जंतुओं के वर्गीकरण को दर्शाते एक चार्ट बनाएं।
उत्तर-
जंतुओं के वर्गीकरण संबंधी चार्ट
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता 26

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वर्गीकरण की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
वर्गीकरण (Classification) – जीवों को उनके संबंधों के आधार पर विकास के क्रम में विभिन्न समूहों में विन्यासित करने की विधि को वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 2.
किस वैज्ञानिक को जीव वर्गिकी का जनक कहा जाता है ?
उत्तर-
केरोलस लिनियस।

प्रश्न 3.
स्पीशीज किसे कहते हैं ?
उत्तर-
निकट संबंध तथा संरचना वाले जीवों के समूह जो परस्पर लैंगिक जनन करके जनन में सक्षम संतानों को जन्म दें, उन्हें स्पीशीज कहते हैं।

प्रश्न 4.
पुराने तंत्र के अनुसार विश्व को कितने जगतों में बांटा गया है ?
उत्तर-
दो जगतों में-

  1. जगत् पादप तथा
  2. जगत् जंतु।

प्रश्न 5.
द्विपद नाम पद्धति किसने प्रस्तावित की ?
उत्तर-
स्वीडिश वैज्ञानिक केरोलस लिनियस ने नामकरण की द्विपद नाम पद्धति प्रस्तावित की।

प्रश्न 6.
वनस्पति जगत् के दो उप-जगतों के नाम बताइए।
उत्तर-
वनस्पति जगत् के दो उप-जगत् हैं-

  1. उप-जगत् क्रिप्टोगैमी (Cryptogamae) तथा
  2. उप-जगत् फैनेरोगैमी (Phanerogamae)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 7.
शैवाल (Algae) का हरा रंग किस कारण होता है ?
उत्तर-
पर्ण हरित की उपस्थिति के कारण।

प्रश्न 8.
कवक (fungi) अपना भोगन क्यों नहीं बना सकते ?
उत्तर-
क्योंकि इनमें पर्णहरित नहीं होता।

प्रश्न 9.
आवृतबीजी पौधे कितने प्रकार के होते हैं ? उनके नाम लिखो।
उत्तर-
दो प्रकार के-दविबीजपत्री तथा एक बीजपत्री।

प्रश्न 10.
मछलियां किस अंग के द्वारा श्वसन करती हैं ?
उत्तर-
गिल्ज (गलफड़ों द्वारा )।

प्रश्न 11.
मछलियों के हृदय में कितने कोश पाए जाते हैं ?
उत्तर-
दो-

  1. एक आलिंद तथा
  2. एक निलय।

प्रश्न 12.
ओस्टीकथीज वर्ग के दो जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. रोहू
  2. उड़ने वाली मछलियां (Exocopetus)
  3. लंग फिश।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 13.
फाइलम एकाइनोडर्मेटा के दो अन्य जीवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. समुद्री आर्चिन (Sea urchin)
  2. कुकुमेरिया (Holothuria)
  3. एंटीडॉन (Feather Star) ।

प्रश्न 14.
यूरोकोर्डेटा के दो जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. हर्डमानिया (Herdmania)
  2. ओइकोप्ल्यू रा।

प्रश्न 15.
एक कारटिलेजिनस मछली का नाम बताओ।
उत्तर-
भारतीय शार्क (Scolidlon) ।

प्रश्न 16.
एक बोनी मछली का नाम बताओ।
उत्तर-
लोबियो (रोहू मछली), एक्सोसीटस (Exocoectus)।

प्रश्न 17.
दो सरीसृप जंतुओं के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. छिपकली
  2. साँप ।

प्रश्न 18.
पक्षियों के हृदय में कितने कोश होते हैं ?
उत्तर-
चार। दो आलिंद तथा दो निलय

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 19.
किन्हीं दो स्तनधारी जीवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. बंदर
  2. हाथी।

प्रश्न 20.
जैव विविधता का अध्ययन के अंतर्गत समह बनाने के क्रम में क्या सुनिश्चित किया जाता है ?
उत्तर-
वे विशिष्ट लक्षण जो जीवधारियों में मौलिक अंतर उत्पन्न करते हैं।

प्रश्न 21.
यूनानी विचारक एरिस्टोटल ने जीवों का वर्गीकरण किस आधार पर किया था ?
उत्तर-
उनके स्थल, जल और वायु में रहने के आधार पर।

प्रश्न 22.
समुद्र में रहने वाले पाँच जीवों के नाम लिखिए।
उत्तर-
रवाल, व्हेल, ऑक्टोपस, स्टारफिश, शार्क।

प्रश्न 23.
जो जीव प्रकाश संश्लेषण करते हैं उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर-
हरे पौधे।

प्रश्न 24.
पौधों का शरीर किस आधार पर विकसित होता है ?
उत्तर-
भोजन बनाने की क्षमता के आधार पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 25.
जंतुओं का शरीर किस आधार पर विकसित होता है ?
उत्तर-
भोजन ग्रहण करने के आधार पर।

प्रश्न 26.
जीवों का वर्गीकरण किस वाद से संबंधित है ?
उत्तर-
जैव विकासवाद से।

प्रश्न 27.
जैव विकासवाद की अवधारणा किस ने दी थी ?
उत्तर-
चार्ल्स डार्विन ने।

प्रश्न 28.
डार्विन की जैव विकास की अवधारणा कब प्रकाश में आई थी ?
उत्तर-
सन् 1859 में डार्विन की पुस्तक ‘द ओरिजिन ऑफ स्पीशिज’ नामक पुस्तक से।

प्रश्न 29.
पहले प्रकार के जीवों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-आदिम अथवा निम्न जीव।

प्रश्न 30.
दूसरे प्रकार के जीवों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
उन्नत अथवा उच्च जीव।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 31.
किन और कब तीन वैज्ञानिकों ने सारे सजीवों को किंगडम नामक वर्गों में विभाजित किया था ?
उत्तर-
अन्सर्ट हेकेल (1894), राबर्ट व्हिटेकर (1959) तथा कार्ल बोस (1977) ने।

प्रश्न 32.
व्हिटेकर के वर्गीकरण के पांच किंगडम कौन-से हैं ?
उत्तर-
मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई, प्लांटी और एनीमेलिया।

प्रश्न 33.
व्हिटेकर ने वर्गीकरण का आधार किसे बनाया था ?
उत्तर-
कोशिकीय संरचना, पोषण के स्रोत और तरीके तथा शारीरिक संगठन।

प्रश्न 34.
बोस ने मोनेरा किंगडम को किन दो भागों में बाँटा था ?
उत्तर-
आर्की बैक्टेरिया, यूबैक्टेरिया।

प्रश्न 35.
जीवों को किन उपसमूहों में बांटा गया है ?
उत्तर-
जगत् (किंगडम), जंतु संघ, वर्ग (क्लास), गण (ऑर्डर), कुल (फैमिली), वंश (जीनस), जाति (स्पीशीज)।

प्रश्न 36.
पादप जगत् की जगह किस शब्द का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
डिवीज़न।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 37.
वर्गीकरण की आधारभूत इकाई तक किस प्रकार पहुँचते हैं ?
उत्तर-
वर्गीकरण के पदानुक्रम क्रम में जीवों को विभिन्न लक्षणों के आधार पर छोटे-से-छोटे समूहों में बांटते हुए आधारभूत इकाई तक पहुंचते हैं।

प्रश्न 38.
मोनेरा वर्ग में कौन-से जीव आते हैं ?
उत्तर-
एक कोशिकीय जीव, जिन में कोशिका भित्ति पाई जाती है।

प्रश्न 39.
मोनेरा वर्ग के जीव पोषण के आधार पर कैसे हो सकते हैं ?
उत्तर-
स्वपोषी और विषमपोषी।

प्रश्न 40.
मोनेरा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
जीवाणु, नीली-हरी शैवाल, माइकोप्लाज्मा।

प्रश्न 41.
प्रोटिस्टा वर्ग में गमन के लिए कौन-सी संरचनाएं पाई जाती हैं ?
उत्तर-
सीलिया, फ्लैजेला।

प्रश्न 42.
प्रोटिस्टा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
एक कोशिकीय शैवाल, प्रोटोजोआ, डाइएटमस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 43.
फंजाई पोषण के लिए किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर।

प्रश्न 44.
फंजाई को मृत जीवी क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
फंजाई गले-सड़े कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर करती है इसलिए इसे मृत जीवी कहते हैं।

प्रश्न 45.
फंजाई के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यीस्ट, मशरूम।

प्रश्न 46.
सहजीविता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
कवकों की कुछ जातियां नीले हरे शैवाल के साथ स्थार्य अंतर्संबंध बनाती है जिसे सहजीविता कहते हैं।

प्रश्न 47.
ऐनिमेलिया वर्ग में कौन-से जीव आते हैं ?
उत्तर-
इस वर्ग में सभी बहुकोशिकीय यूकेरियोटिक जीव आते हैं जिनमें कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है।

प्रश्न 48.
थैलोफाइटा वर्ग में प्रमुख रूप से कैसे पौधे पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जल में पाए जाने वाले शैवाल।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 49.
थैलोफाइटा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यूलोथ्रिक्स, स्पाइरोगाइरा, कारा।

प्रश्न 50.
ब्रायोफाइटा के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
मॉस (प्यूनेरिया), मार्केशिया।

प्रश्न 51.
जिन में बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर-
क्रिप्टोगैम्स।

प्रश्न 52.
फेरोगेम्स किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वे पौधे जिनमें जनन ऊतक पूरी तरह विकसित और विभेदित होते हैं तथा जनन प्रक्रिया के बाद बीज उत्पन्न करते हैं, उन्हें फेरोगेम्स कहते हैं।

प्रश्न 53.
एंजियोस्पर्म पौधे क्या हैं ?
उत्तर-
जिन पौधों के बीज फलों के अंदर ढके होते हैं उन्हें एंजियोस्पर्म कहते हैं। इन के बीज बाद में फल बन जाते हैं।

प्रश्न 54.
एंजियोस्पर्म वर्ग को किन दो भागों में बांटा गया है ?
उत्तर-

  1. एक बीज पत्री,
  2. द्वि बीज पत्री।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 55.
जिम्नोस्पर्म पौधे क्या है ?
उत्तर-नग्न बीज उत्पन्न करने वाले पौधे ।

प्रश्न 56.
एक बीज पत्री के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गेहूँ, मक्का ।

प्रश्न 57.
दवि बीज पत्री के दो उदाहरण दीजिए। उत्तर-चना, मटर।

प्रश्न 58.
पोरीफेरा शब्द किस से बना है ?
उत्तर-
पोरीफेरा लेटिन शब्द ‘पोरस’ तथा ‘फेरी’ से बना है। ‘पोरस’ का अर्थ है-छिद्र तथा ‘फेरी’ का अर्थ है ‘रखना’।

प्रश्न 59.
प्रायः पोरीफेरा को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर-
स्पाँज।

प्रश्न 60.
पोरीफेरा के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
साइकान, यूप्लेक्टोलिया, स्पांजिला।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 61.
सीलेंटरेटा कैसे जंतु हैं ?
उत्तर-
जलीय जंतु।

प्रश्न 62.
सीलेंटरेटा जंतुओं के समूह और एकाकी रहने वाले जीवों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
समूह में रहने वाले = कोरल
एकाकी रहने वाले = हाइड्रा।

प्रश्न 63.
सीलेंटरेटा जंतुओं के तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, जेलीफिश।

प्रश्न 64.
प्लेटीहेल्मिथीज को चपटे कृमि क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
इनका शरीर पृष्ठधारीय और चपटा होता है।

प्रश्न 65.
चपटे कृमि वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
लीवरफ्लूयक, प्लेनेरिया, फीताकृमि।

प्रश्न 66.
परजीवियों के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गोल कृमि, फाइलेरिया कृमि, पिन कृमि।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 67.
एनीलिडा वर्ग के तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
केंचुआ, नीरीस, जोंक।

प्रश्न 68.
जंतु जगत् का सबसे बड़ा भाग कौन-सा है ?
उत्तर-
आर्थोपोडा।

प्रश्न 69.
आर्थोपोडा के पांच उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
प्रॉन, तितली, मक्खी, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा।

प्रश्न 70.
मोलस्का वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
यूनियो, घंघा, ऑक्टोपस।

प्रश्न 71.
इकाइनोडर्मेटा वर्ग के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
स्टारफिश, समुद्री आर्चिन।

प्रश्न 72.
प्रोटोकाटा वर्ग के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
बैलेनोग्लासस, हार्डमेनिया, एंपीयाक्सस।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 73.
वर्टीब्रेटा किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जंतुओं में वास्तविक मेरुदंड और अंत: कंकाल होता है तथा पेशियां कंकाल से जुड़ी होती हैं जो इन्हें चलने में सहायता करती हैं उन्हें वर्टीब्रेटा कहते हैं।

प्रश्न 74.
सभी कशेरुकाओं के प्रमुख लक्षण लिखिए।
उत्तर-
नोटोकार्ड, कशेरुक दंड और मेरुरज्जु, त्रिकोरिक, शरीर, जोड़ीदार गलफड़, देह गुहा।

प्रश्न 75.
मत्स्य श्वसन के लिए किस अंग का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर-
गलफड़ों का।

प्रश्न 76.
मत्स्य वर्ग के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
टूना, रोहू, स्कालियेडान, टारपीडो।

प्रश्न 77.
जल, स्थलचर साँस किस से लेते हैं ?
उत्तर-
गलफडों या फेफडों से।

प्रश्न 78.
जल, स्थलचर के वर्ग के तीन जीवों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
मेंढक, सेलमेंडर, टोड।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 79.
उस सरीसृप वर्ग के जीव का नाम लिखिए जिस के हृदय में चार कक्ष होते हैं ?
उत्तर-
मगरमच्छ।

प्रश्न 80.
सरीसृप वर्ग के चार जंतुओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
कछुआ, सांप, गिरगिट, मगरमच्छ।

प्रश्न 81.
पक्षी कैसे प्राणी हैं ?
उत्तर-
समतापी प्राणी।

प्रश्न 82.
पक्षियों में आगे वाले पैर किस में परिवर्तित हो चुके हैं ?
उत्तर-
पंखों में।

प्रश्न 83.
पक्षियों के हृदय में कितने कक्ष होते हैं ?
उत्तर-
चार कक्ष।

प्रश्न 84.
किस वैज्ञानिक ने नाम पद्धति का सबसे पहले प्रयोग किया था ?
उत्तर-
केरोलिस लीनियस ने अठारहवीं शताब्दी में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 7 जीवों में विविधता

प्रश्न 85.
प्रजाति का नाम किस प्रकार से शुरू किया जाता है ?
उत्तर-
अंग्रेजी छोटे अक्षर से।

प्रश्न 86.
जीनस के नाम किस अक्षर से शुरू किए जाते हैं ?
उत्तर-
अंग्रेजी के बड़े अक्षर से।

प्रश्न 87.
केरोलस लीनियस ने विभिन्न वर्गीकरण प्रणालियों के आधार रूप में किस पुस्तक की रचना की थी ?
उत्तर-
‘सिस्टेमा नेचुरी’।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

प्रश्न 1.
निम्न समीकरणों के युग्म को विलोपन विधि तथा प्रतिस्थापन विधि से हल कीजिए। कौन सी विधि | अधिक उपयुक्त है ?
(i) x + y = 5 और 2x – 3y = 4
(ii) 3x + 4y = 10 और 2x – 2y = 2
(ii) 3x – 5y-4 = 0 और 9x = 2y + 7
(iv) \(\frac{x}{2}+\frac{2 y}{3}\) = – 1 और x – \(\frac{y}{3}\) = 3
हल :
(i) दिया गया रैखिक समीकरणों का युग्म है :
x + y = 5 ……………..(1)
और 2x – 3y = 4 …………….(2)
विलोपन विधि (1) को 2, से गुणा करने पर हम प्राप्त करते हैं।
2x + 2y = 10 ………….(3)
अब, (3) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 1

या y = \(\frac{6}{5}\)
y का यह मान (1) प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x + \(\frac{6}{5}\) = 5

x = 5 – \(\frac{6}{5}\)

= \(\frac{25-6}{5}=\frac{19}{5}\)

अतः, x = \(\frac{19}{5}\) और \(\frac{6}{5}\).

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से, 2x = 4+ 3y
या x = \(\frac{4+3 y}{2}\) ……………(4)
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
\(\frac{4+3 y}{2}\) + y = 5

या \(\frac{4+3 y+2 y}{2}\) = 5

या 4 + 5y = 10
या 5y = 10 – 4 = 6
या y = \(\frac{6}{5}\)
y = 5 y का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 2

अत x = \(\frac{19}{5}\) और y = \(\frac{6}{5}\).

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(ii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
3x + 4y = 10 …………(1)
और 2x – 2y = 2 ………….(2)
विलोपन विधि समीकरण (2) को 2 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है :
4x – 4y = 4 …………..(3)
अब, (3) + (1) देता है :
4x – 4y = 4
3x + 4y = 10
7x = 14
या x = \(\frac{14}{7}\) = 2
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 (2) + 4y = 10
या 6 + 4y = 10
या 4y = 10 -6
या 4y = 4
या y = \(\frac{4}{4}\) = 1
अतः, x = 2 और y = 1

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
2x = 2 + 2y
या x = y + 1
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 (y + 1) + 4y = 10
या 3y + 3 + 4y = 10
या 7y = 10 – 3
या 7y = 7
या y = 1
y का यह मान (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 1 + 1 = 2
अतः, x = 2 और y = 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iii) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म हैं :
3x – 5y – 4 = 0 …………(1)
और 9x = 2y + 7
या 9x – 2y – 7 = 0 ……………(2)

विलोपन विधि:
(1) को 3 से गुणा करने पर हमें प्राप्त होता है
9x – 15y – 12 = 0 …………..(3)
अब, (3) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 3

y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त | होता है
3x – 5(- \(\frac{5}{13}\)) – 4 = 0

या 3x + \(\frac{25}{13}\) – 4 = 0

या 3x = 4 – \(\frac{25}{13}\)

या 3x = \(\frac{52-25}{13}=\frac{27}{13}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 4

अत, x = \(\frac{25}{13}\) और y = \(\frac{25}{13}\)

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
x = \(\frac{2 y+7}{9}\)
x का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
3 [latex]\frac{2 y+7}{9}[/latex] – 5y – 4 = 0

या \(\frac{2 y+7-15 y-12}{3}\) = 0

या – 13y – 5 = 0

या – 13y = 5
या y = – \(\frac{5}{13}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 5

y का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iv) दिया गया रैखिक समीकरण युग्म है :
\(\frac{x}{2}+\frac{2 y}{3}\) = – 1

या \(\frac{3 x+4 y}{6}\) = – 1
या 3x + 4y = – 6 …………….(1)
x – \(\frac{y}{3}\) = 3
या \(\frac{3 x-y}{3}\) = 3
या 3x – y = 9 ……………(2)

विलोपन विधि:
(1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 6

y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3x + 4 (- 3) = – 6
या 3x – 12 = – 6
या 3x = – 6 + 12
या 3x = 6
या x = \(\frac{6}{3}\) = 2
अतः, x = 2, y = – 3.

प्रतिस्थापन विधि:
(2) से,
y = 3x – 9 …………(4)
y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3x + 4 (3x – 9) = – 6
या 3x + 12x – 36 = – 6
या 15x = – 6 + 36
या 15x = 30
या x = \(\frac{30}{15}\) = 2
x का यह मान (4) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
y = 3 (2) – 9
= 6 – 9 = – 3
अतः x = 2. y = – 3.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

प्रश्न 2.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल (यदि उनका अस्तित्व हो) विलोपन विधि से ज्ञात कीजिए :
(i) यदि हम अंश में 1 जोड दें तथा हर में से 1 घटा दें, तो भिन्न 1 में बदल जाती है। यदि हर में 1 जोड़ दें, तो यह \(\frac{1}{2}\) हो जाती है। वह भिन्न क्या है ?

(ii) पाँच वर्ष पूर्व, नूरी की आयु, सोनू की आयु की तीन गुनी थी दस वर्ष पश्चात्, नूरी की आयु सोनू की आयु की दो गुनी हो जाएगी। नूरी और सोनू की आयु कितनी है ?

(iii) दो अंकों की एक संख्या के अंकों का योग 9 है। इस संख्या का नौ गुना, संख्या के अंको को पलटने से बनी संख्या का दो गुना है। वह संख्या ज्ञात कीजिए।

(iv) मीना ₹ 2000 निकालने के लिए एक बैंक गई। उसने खजांची से ₹ 50 तथा ₹ 100 के नोट देने के लिए कहा। मीना ने कुल 25 नोट प्राप्त किए। ज्ञात कीजिए कि उसने ₹ 50 और ₹ 100 के कितने-कितने नोट प्राप्त किए ?

(v) किराए पर पुस्तकें देने वाले किसी पुस्तकालय का प्रथम तीन दिनों का एक नियत किराया है तथा उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन का अलग किराया है। सरिता ने सात दिनों तक एक पुस्तक रखने के लिए ₹ 27 अदा किए, जबकि सूसी ने एक पुस्तक पाँच दिनों तक रखने के₹ 21 अदा किए। नियत किराया तथा प्रत्येक अतिरिक्त दिन का किराया ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) मान लीजिए भिन्न का अंश = x
भिन्न का हर =y
∴ अभीष्ट भिन्न = पहली शर्त के अनुसार,
\(\frac{x+1}{y+1}\) = 1
या x + 1 = y – 1
या x – y + 2 = 0 …………(1)
दूसरी शर्त के अनुसार,
\(\frac{x}{y+1}=\frac{1}{2}\)
या 2x = y + 1
या 2x – y – 1 = 0 …………….(2)
अब, (2) – (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 7

या x = 3
x का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 × 3 – 1 – 1 = 0
या 6 – y – 1 = 0
या 5 – y = 0 या
अतः, अभीष्ट भिन्न \(\frac{3}{5}\) है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(ii) मान लीजिए नूरी की वर्तमान आयु = x वर्ष
सोनू की वर्तमान आयु = y वर्ष

पाँच वर्ष पहले

नूरी की आयु = (x – 5) वर्ष
सोनू की आयु = (y – 5) वर्ष
पहली शर्त अनुसार,
x – 5 = 3 (y – 5)
या x – 5 = 3y – 15
या x – 3y + 10 = 0 …………(1)

दस वर्ष बाद

नूरी की आयु = (x + 10) वर्ष
सोनू की आयु = (y + 10) वर्ष

दूसरी शर्त के अनुसार,
x + 10 = 2 (y + 10)
या x + 10 = 21 + 20
या x – 2y – 10 = 0 ………….(2)
अब, (1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 8

या – y = – 20
या y = 20
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x – 2 (20) – (0 = 0
या x – 40 – 10 = 0
या x = 50
अतः, नूरी की वर्तमान आयु = 50 वर्ष
सोनू की वर्तमान आयु = 20 वर्ष|

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iii) मान लीजिए इकाई का अंक =x
दहाई का अंक =y
∴ अभीष्ट संख्या = 10y + x
पहली शर्त के अनुसार,
x + y = 9

उल्टाने पर
इकाई का अंक =y
दहाई का अंक =x
∴ संख्या = 10x + y
दूसरी शर्त अनुसार,
9 [10y + x] = 2[10x + y]
या 90y + 9x = 20x + 2y
या 90y + 9x – 20x – 2y = 0
या – 11x + 88y = 0
या x – 8y = 0
अब, (2) – (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 9

y = 1
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x – 8 × 1 = 0
या x = 8
अतः, अभीष्ट संख्या = 10y + x
= 10 × 1 + 8 = 18.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(iv) मान लीजिए मीना को मिले ₹ 50 के नोटों की संख्या = x
साथ ही, मीना को प्राप्त ₹ 100 के नोटों की संख्या = y
पहली शर्त के अनुसार,
x + y = 25 …………..(1)

दूसरी शर्त के अनुसार,
50x + 100y = 2000
या x + 2 = 40 ………….(2)
अब, (2)- (1) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 10

y = 15
y का यह मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x + 15 = 25
या x = 25 – 15 = 10
अतः, मीना को मिले ₹ 50 और ₹100 के नोटों की संख्या क्रमश: 10 और 15 है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4

(v) मान लीजिए पहले तीन दिन के लिए निश्चित किराया = ₹ x
उसके बाद प्रत्येक दिन के लिए अतिरिक्त किराया = ₹ y
सरिता की स्थिति में x + 4y = 27 ………….(1)
सूसी की स्थिति में, x + 2y = 21 ………..(2)
अब, (1) – (2) से प्राप्त होता है

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.4 11

या y = \(\frac{6}{2}\) = 3
y का यह मान (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x + 2 (3) = 21
या x + 6 = 21
या x = 21 – 6 = 15
अतः, पहले तीन दिन के लिए नियत किराया और उसके बाद प्रत्येक दिन के लिए अतिरिक्त किराया ₹ 15 और ₹ 3 है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक किसे कहते हैं ? पौधों में ऊतक कितनी प्रकार के होते हैं ? विभाज्योतकी ऊतक के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करो।
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – एक समान उत्पत्ति संरचना तथा कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

पौधों में ऊतक दो प्रकार के होते हैं-

  1. विभाज्योतक ऊतक (Meristematic tissue)
  2. स्थायी ऊतक (Permanent tissue)

1. विभाज्योतक (Meristematic tissue) – इस ऊतक की कोशिकाओं में विभाजन करने की क्षमता होती है और इनकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं जिसके फलस्वरूप नई कोशिकाएं बनती हैं। विभाज्योतक के निम्नलिखित लक्षण होते हैं-

  • इस ऊतक की कोशिकाएं विभाजन योग्य होती हैं।
  • कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रिका (Nucleolus) युक्त बड़ा केंद्रक (Nucleus) होता है।
  • इनकी कोशिका भित्ति पतली, लचकदार तथा सेलूलोज़ की बनी होती है।
  • इनमें सघन अथवा पर्याप्त कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) होता है।
  • इनमें रिक्तिकाएं तथा रसधानियां (Vacuoles) नहीं होतीं।

विभाज्योतक का वर्गीकरण (Classification of Meristematic tissue) – विभाज्योतक का वर्गीकरण निम्नलिखित भिन्न-भिन्न ढंगों से किया जाता है-
(क) उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण – उत्पत्ति के आधार पर विभाज्योतक की दो किस्में हैं-

  • प्राथमिक विभाज्योतक (Primary meristem) – इस प्रकार के ऊतक जड़, तनों के शीर्ष, द्विबीज तनों के संवहन बंडलों तथा पौधों के अंतर्वेशी भागों में पाए जाते हैं। इनकी कोशिकाओं में सदा विभाजन होता रहता है।
  • द्वितीयक विभाज्योतक (Secondary meristem) – इस प्रकार के ऊतक, आवश्यकतानुसार पौधे के लिए स्थायी ऊतकों का निर्माण करते हैं।

(ख) स्थिति या स्थान के आधार पर वर्गीकरण – स्थिति या स्थान के आधार पर विभाज्योतक की तीन किस्में हैं

  • शीर्षस्थ विभाज्योतक ऊतक (Apical meristem) – ये जड़, तना तथा शाखाओं के शीर्ष पर स्थित होते हैं। जड़ तथा तने के शीर्ष भाग इनकी आंतरिक रचना के समान होते हैं।
  • अंतर्वेशी विभाज्योतक ऊतक (Intercalary meristem) – यह एक बीज पत्री तनों में पाया जाता है। इसकी सक्रियता के कारण तना लंबाई में वृद्धि करता है।
  • पार्श्व विभाज्योतक ऊतक (Lateral meristem) – यह ऊतक द्विबीज पत्री तनों तथा जड़ के पार्श्व भागों में पाए जाते हैं। ये जड़ तथा तने की चौड़ाई में वृद्धि करने में सहायता करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 1

(ग) कार्य के आधार पर वर्गीकरण-कार्य के आधार पर विभाज्योतक की तीन किस्में हैं-

  • प्रोटोडर्म (Protoderm) – यह बाह्य परत या ऐपीडरमिस (Epidermis) बनाता है। इसे डरमैटोजन (Dermatogen) भी कहते हैं।
  • प्रोकैम्बियम (Procambium) – यह मुख्य संवहन ऊतक बनाता है।
  • ग्राऊंड मैरीस्टैम (Ground meristem)-यह पिथ या भरण ऊतक बनाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 2.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ? साधारण ऊतकों के विभिन्न प्रकारों का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
स्थायी ऊतक (Permanent tissue) – ये ऊतक उन कोशिकाओं से बने होते हैं जिनमें विभाजन करने की क्षमता नष्ट हो जाती है।
स्थायी ऊतकों के प्रका र- स्थायी ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  1. साधारण ऊतक
  2. जटिल ऊतक

साधारण ऊतक (Simple tissue) – यह ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होता है। कोशिका भित्ति की संरचना के आधार पर ये निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं

(i) पैरेंकाइमा (Parenchyma) यह पौधे के हरे भागों में अधिक संख्या में मिलते हैं। इनकी कोशिकायें समव्यासी होती हैं। कोशिकायें जीवित होती हैं। इनकी कोशिका भित्तियां महीन तथा सेल्युलोज की बनी होती हैं। ये गोलाकार, अंडाकार, वृत्ताकार अथवा बहुभुजी होती हैं तथा इनके बीच अंतरकोशिकीय स्थान पाये जाते हैं। इनका जीवद्रव्य सघन होता है।

विभिन्न प्रकार के पेरेंकाइमा निम्नलिखित अनुसार हैं-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 2

(क) सरल पैरेंकाइमा – यह संयोजी ऊतक के रूप में कार्य करता है।
(ख) कलोरेंकाइमा – इनमें क्लोरोप्लास्ट होते हैं तथा यह प्रकाश-संश्लेषित ऊतक के रूप में कार्य करता है। पत्तों के कलोरेंकाइमा को मीज़ोफिल (Mesophyll) ऊतक कहते हैं।
(ग) ऐरेंकाइमा – यह बड़ी वायुयुक्त रिक्तिकाओं से भरा होता है इसलिए यह यांत्रिक तैरने की शक्ति देता है।
(घ) स्टोरेज पैरेंकाइमा – यह जमा करने वाले ऊतक के रूप में कार्य करता है।
(ङ) प्रोसेंकाइमा – इसकी कोशिकाओं पर सेलूलोज़ तथा लिग्निन एकत्रित होती है इसलिए यह यांत्रिक ऊतक के रूप में कार्य करता है।

(i) कॉलेंकाइमा (Collenchyma) – इसकी कोशिकायें बहुभुजी, अंडाकार, गोल तथा जोवित होती हैं। ये संरचना में पेरेंकाइमा के समान होती हैं। इनकी कोशिकायें लंबी होती हैं तथा इनके किनारे या अंतर्कोशिकीय स्थान पेक्टिन तथा सेल्यूलोज पदार्थ जमा होने से अधिक स्थूल हो जाते हैं। अनुप्रस्थ काट में ये गोलाकार अथवा अंडाकार दिखायी देती हैं। इनकी कोशिका भित्तियों में गर्त होते हैं। जीवित कोशिकाओं में कुछ क्लोरोप्लास्ट भी पाया जाता है। यह तने को यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है। यह शर्करा तथा मांड का संश्लेषण करता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 3

(iii) स्कलेरेंकाइमा (Sclerenchyma) – यह मृत कोशिकाओं का बना होता है। इसकी भित्तियां स्थूलित तथा लिग्निन युक्त होती हैं। यह उन अंगों को यांत्रिक शक्ति देता है जिनमें यह पाया जाता है। इसकी भित्तियां लंबी, संकरी तथा दोनों सिरों से नुकीली होती हैं। इनमें दृढ़ोतक तंतु तथा दृढ़ कोशिकाएं होती हैं। ये लंबी, मृत तथा लोचदार होती हैं और इनके सिरे नुकीले होते हैं। इनमें से कुछ कोशिकाएं स्कलेरीडस कहलाती हैं। ये आकृति में अनियमित तथा बेलनाकार होती हैं। इनकी भित्तियां स्थूलित होती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 4

प्रश्न 3.
जटिल ऊतक किसे कहते हैं ? ये कितनी प्रकार के होते हैं ? का चित्र बनाकर वर्णन करो।
उत्तर-
जटिल ऊतक (Complex tissue) – यह विभिन्न आकार तथा माप की कोशिकाओं का ऐसा समूह है जो एक इकाई का कार्य करता है। यह जल तथा उसमें घुले हुए लवणों का परिवहन करता है तथा भोजन का संवहन पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक करता है।

यह ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-
1. जाइलम (Xylem)
2. फ्लोएम (Phloem)

1. जाइलम (Xylem) – यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए लवणों का परिवहन करता है। इस ऊतक की प्रायः सभी कोशिकाएं मृत, मोटी भित्ति वाली तथा लिग्निन युक्त होती हैं। इनके निम्नलिखित चार विभिन्न अवयव होते हैं-

(i) ट्रेकीड्स (Tracheids) – ये मृत तथा लंबी नली के समान रचनाएं होती हैं। इनके सिरों पर छिद्र नहीं होते। इनकी भित्तियां मोटी, सख्त तथा लिग्निन युक्त होती हैं। ये कई आकारों की होती हैं। ये जल तथा खनिज लवणों की जड़ से पत्तियों तक पहुंचाती हैं। ये पौधे के कोमल अंगों को सहारा देने का कार्य भी करती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 5

(ii) वाहिकाएं (Vessels) – इन्हें ट्रेकी भी कहते हैं। ये मृत संकरी नली के समान होती हैं। इनमें बड़ी कोशिकाएं गुहाएं जड़ से पत्तियों तक जल तथा खनिज लवणों के संवहन के लिए पाई जाती हैं। ये यांत्रिक कार्य करती हैं तथा पौधों के शरीर को दृढ़ता भी प्रदान करती हैं।

(iii) दारू या काष्ठ मृदुतक (Xylem or Wood Parenchyma) – ये जीवित तथा महीन कोशिकाएं होती हैं। ये अधिक संख्या में पाई जाती हैं। ये जल संवहन में सहायता करती हैं तथा खाद्य का भण्डारण भी करती हैं।

(iv) काष्ठ तंतु (Xylem fibres) – ये लम्बी, नुकीली, निर्जीव तथा दृढ़ कोशिकाएं हैं। इनमें छोटे-छोटे गर्त होते हैं तथा इनकी भित्तियां स्थूलित होती हैं। ये पौधों को दृढ़ता प्रदान करती हैं तथा सहारा देती हैं।

2. फ्लोएम (Phloem) – यह भी संवहन ऊतक है। यह पत्तियों में बने खाद्य पदार्थों को पौधों के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है। इसके निम्नलिखित चार विभिन्न अवयव होते हैं-

  • चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) – ये नलिकाएं केंद्रविहीन, महीन भित्ति वाली जीवित कोशिकाएं हैं। ये एक के ऊपर एक रखी होती हैं तथा इनके सिरे की भित्ति में अनेक छिद्र होते हैं। ये पत्तियों में बने भोजन को पौधे के भंडारण भागों तक पहुंचाती हैं।
  • सखी कोशिकाएं (Companion cells) – यह महीन भित्ति वाली कोशिकाएं चालनी नलिकाओं से जुड़ी हुई होती हैं। इनमें सभी अवस्थाओं में केंद्रक पाया जाता है।
  • फ्लोएम मृदुतक (Phloem parenchyma) – इनमें सजीव महीन भित्ति वाली बेलनाकार कोशिकाएं होती हैं। ये प्रायः एक बीज पत्रीय पौधों में नहीं होतीं। ये खाद्य पदार्थों का भंडारण करने में सहायक होती हैं।
  • फ्लोएम तंतु (Phloem fibres) – ये द्वितीयक फ्लोएम में पाई जाती हैं परंतु प्राथमिक फ्लोएम में नहीं होतीं। ये लंबी, नुकीली तथा लिग्निन युक्त होती हैं तथा पौधों को यांत्रिक सहारा देने का कार्य करती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 6

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 4.
संयोजी ऊतकों के विभिन्न रूपों को लिखिए और उनके कार्य दो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 7
संयोजी ऊतक (Connective tissue) – संयोजी ऊतक हमारे शरीर में उपस्थित होते हैं। ये ऊतक अन्य ऊतकों तथा अंगों को घेरते हैं। अस्थि, उपास्थि, रुधिर, टैंडन तथा लिगामैंट संयोजी ऊतक की मुख्य किस्में हैं।

(i) अस्थि (Bone) – यह जंतुओं के पिंजर पदार्थ में सबसे अधिक होता है। अस्थियां बहुत मज़बूत होती हैं तथा इनमें लचीलापन बिल्कुल नहीं होता। अस्थि के मैट्रिक्स में भरपूर मात्रा में कैल्शियम के लवण होते हैं जो इसे दृढ़ता प्रदान करते हैं। यह ऊतक सहारा देने तथा सुरक्षा प्रदान करने में सहायता करता है।

(ii) उपास्थि (Cartilage) – उपास्थि में लचीलापन होता है। यह कोंड्रोसाइटस कोशिकाओं का बना होता है। इस किस्म का ऊतक हमारे शरीर के अंगों में बहुत कम होता है। हमारे नाक की चोटी तथा बाह्य काम उपास्थि का बना होता है।

(iii) रुधिर (Blood) – रुधिर भी एक संयोजी ऊतक है। यह हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक तरल ऊतक है। इस ऊतक की कोशिकाएं तरल मैट्रिक्स में तैरती रहती हैं। इन कोशिकाओं को रुधिर कणिकाएं तथा मैट्रिक्स को रक्त प्लाज्मा कहते हैं। रुधिर कणिकाएं भिन्न प्रकार की होती हैं, जैसे-लाल रुधिर कणिका, श्वेत रुधिर कणिका तथा प्लेटलैट्स । रुधिर शरीर के सभी भागों में दौड़ता है इसलिए कह सकते हैं कि यह शरीर के सभी भागों को आपस में जोड़ता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 8

(iv) टैंडन (Tendon) – यह एक अत्यन्त सघन तथा दृढ़ संयोजी ऊतक है जो मुख्यतया श्वेत कोलाजन तंतुओं (Collegen fibres) से बनता है। टैंडन पेशियों को अस्थियों के साथ जोड़ने में सहायता करता है।

(v) लिगामैंट (Ligament)-कुछ लंबी समतल कोशिकाएं तंतुओं के मध्य उपस्थित होती हैं। ये जोड़ों पर एक अस्थि को दूसरी अस्थि के साथ जोड़ने में सहायता करते हैं तथा उनकी उस अवस्था में पकड़ रखते हैं।

प्रश्न 5.
जंतु ऊतक कितनी प्रकार के होते हैं ? एपीथीलियल ऊतकों के विभिन्न प्रकारों का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर-
जंतु ऊतक (Animal Tissue) – मनुष्य सहित सभी जंतुओं में चार विभिन्न प्रकार के कतक पाए जाते हैं। ये हैं-एपीथीलियल, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।

एपीथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue) – एपीथीलियल ऊतक एक अस्तर ऊतक है। यह एक रक्षी अस्तर है। यह शरीर के ऊपर तथा शरीर के अंदर स्थिति विभिन्न भागों की गुहिका का आवरण बनाता है। त्वचा. मुंह, आहारनाल तथा फेफड़ों की सतह एपीलियमी ऊतक से बनी होती है। विभिन्न स्थानों पर पाए जाने वाले एपीथीलियमल ऊतक की कोशिकाओं के आकार और रचना में भिन्नता होती है। इन कोशिकाओं की रचना और कार्य में भिन्नता के आधार पर इन्हें विभिन्न वर्गों में विभाजित किया गया है।

  1. शल्की-चपटी कोशिकाएं।
  2. घनाकार-लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई लगभग बराबर
  3. स्तंभाकार-ऊंचाई विशेष रूप से अधिक
  4. सीलियामय-सीलिया उपस्थित
  5. ग्रंथिल-स्त्रावण कार्य

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 9

  • शल्की एपीथीलियम (Squamous epithelium) – यह चौड़ी तथा चपटी कोशिकाओं का बना होता है। यह वाहिनियों तथा देहगुहा आदि की सतहों पर पाया जाता है। यह अंगों की सुरक्षा करता है तथा उन्हें ढकने का कार्य करता
  • घनाकार एपीथीलियम (Cuboidal epithelium) – यह घनाकार कोशिकाओं का बना होता है। यह लार ग्रंथियों तथा वृक्क नलिकाओं में पाया जाता है।
  • स्तंभाकार एपीथीलियम (Columnar epithelium) – यह स्तंभ जैसी चौड़ाई से अधिक लम्बी कोशिकाओं का बना होता है। यह आमाशय तथा आंत्र की आंतरिक पर्त बनाता है। यह ग्रन्थियां भी बनाता है, जो स्रावण का कार्य करती हैं।
  • सिलियामय एपीथीलियम (Ciliary epithelium) – यह स्तंभाकार अथवा घनाकार कोशिकाओं का बना होता है जिनमें स्वतंत्र सिरों पर सिलिया पाए जाते हैं। यह श्वास नली, अंडवाहिनी तथा उत्सर्जी नलिकाओं की आन्तरिक पर्तों पर पाया जाता है।
  • ग्रंथिल ऊतक (Glandular epithelium) – यह रूपांतरित स्तम्भी उपकला ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं स्रावी स्वभाव की होती हैं। ये एककोशिकीय अथवा बहुकोशिकीय हो सकती हैं। ये ग्रंथियां थैले की तरह होती हैं तथा बाहर की ओर एक छिद्र द्वारा खुलती हैं। लार ग्रंथियां संयुक्त कूपिका प्रकार की होती हैं।

एपीथीलियल ऊतक के कार्य-

  1. ये कोशिकाएं त्वचा की बाह्य परत बनाती हैं। ये अंदर की कोशिकाओं की रक्षा करती हैं। एपीथीलियल कोशिकाएं आंतरिक कोशिकाओं को सूखने से, चोट से, जीवाणुओं के अतिक्रमण से और रासायनिक पदार्थों के प्रभाव से बचाती हैं।
  2. हमारे शरीर के अंगतंत्रों जैसे मुख गुहा, भोजन नली की बाह्य और आंतरिक परत बनाकर ये उन अंगों की रक्षा करती हैं।
  3. जल तथा अन्य पोषक पदार्थों के अवशोषण में सहायता करती हैं।
  4. व्यर्थ पदार्थों के निष्कासन में सहायता करती हैं।
  5. कुछ कोशिकाएं स्रावण का कार्य करने के लिए विशिष्ट हो जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 6.
जंतु ऊतक की विभिन्न किस्मों का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर-
जंत ऊतक (Animal tissues) – मनुष्य सहित सभी जंतुओं में चार भिन्न प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं। ये हैं-~-एपीथोलियमी, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 10

1. एपीथीलियल ऊतक (Epithelial tissue) – यह एक अस्तर ऊतक है। यह शरीर के ऊपर तथा शरीर के अंदर स्थित विभिन्न भागों की गुहिका का आवरण बनाता है। एक सीमेंट जेसा पदार्थ इन ऊतकों को जोड़कर रखता है। इनकी कोशिका की रचना और कार्य में भिन्नता के आधार पर इन्हें पांच वर्गों में बांटा गया है-

  • शल्की एपोथीलियम
  • घनाकार एपीथीलियम
  • स्तंभाकार एपीथीलियम
  • सिलियामय एपीथीलियम
  • ग्रंथिल एपीथीलियम।

2. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) – हमारे शरीर के अंगों में होने वाली गति पेशीय ऊतकों के कारण ही होती है। यह पेशी लंबी होती है इसीलिए पेशीय रेशा भी कहलाती है। पेशी-कोशिकाओं में उपस्थित संकुचनशील प्रोटीन में संकुचन एवं प्रसार होने से अंगों में गति होती है। हृदय की धड़कन तथा भोजन नली में संकुचन और प्रसार पेशीय कोशिकाओं के कारण ही होती है। हमारे शरीर में तीन प्रकार के पेशी ऊतक पाए जाते हैं।

  • रेखित पेशी (कंकाल पेशी या ऐच्छिक पेशी)
  • अरेखित पेशी (चिकनी पेशी या अनैच्छिक पेशी)
  • हृदय पेशी।

3. संयोजी ऊतक (Connective tissue) – इस ऊतक का कार्य शरीर के विभिन्न अंगों का एक-दूसरे से जोड़ना, सहारा देना तथा बांधना है। इस ऊतक की कोशिकाएं मैट्रिक्स (माध्यम) के अंदर उपस्थित होती हैं। कोशिकाओं के बीच के स्थान में भी मैट्रिक्स होता है। यह मैट्रिक्स ठोस हो सकता है जैसे अस्थि एवं उपास्थि तथा द्रव भी हो सकता है जैसे रुधिर। हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के संयोजी ऊतक पाए जाते हैं। संयोजी ऊतक को निम्नलिखित पांच किस्मों में वर्गीकृत किया गया है-

  • अस्थि
  • उपास्थि
  • रुधिर
  • टैंडन तथा
  • लिगामैंट।

4. तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) – मस्तिष्क, मेरुरज्जु तथा तंत्रिकाएं सभी तंत्रिका ऊतक की बनी होती हैं। यह विशेष प्रकार का ऊतक होता है जो विभिन्न संदेशों को लेने, भेजने तथा संचालन के लिए जिम्मेवार होता है। यह तंत्रिका कोशिका तथा तंत्रिका तंतुओं से बना होता है।

(i) तंत्रिका कोशिका (Nerve cells) – तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन में एक कोशिका काय (Cell body), केंद्रक तथा लावेनुमा कोशिका द्रव्य होता है। इस कोशिका काय से बाहर की ओर एक या अधिक तंतुओं जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें डेंड्राइट (Dendrites) कहते हैं, ये कोशिकाकाय में संदेश लेकर जाते हैं।

(ii) तंत्रिका तंतु (Nerve fibres) – यह एक तंत्रिका रेशा है जिसके मध्य में एक्सॉन (Axon) एक झिल्ली से घिरी होती है, जिसे न्यूरीलैमा कहते हैं। न्यूरीलैमा में विशेष प्रकार की कोशिकाएं होती हैं जिन्हें श्वान कोशिकाएं (Schavann cells) कहते हैं। महत्त्वपूर्ण अंग जैसे मस्तिष्क, मेरुरज्जु, तंत्रिकाएं इस ऊतक की बनी होती हैं। ये अंग शरीर के भिन्न-भिन्न भागों के कार्यों का तालमेल और नियंत्रण बनाते हैं। यह कार्य न्यूरॉन के भीतर इलेक्ट्रोकैमिकल प्रणाली द्वारा होता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक किसे कहते हैं ? पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतक कौन-से हैं ?
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – यह समान उत्पत्ति, संरचना तथा कार्य करने वाली कोशिकाओं का एक समूह होता है। पौधों में पाए जाने वाले ऊतकों को निम्नलिखित अनुसार बांटा गया है-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 11

प्रश्न 2.
किस प्रकार सिद्ध करोगे कि पौधों में वृद्धि केवल निश्चित भागों में ही होती है?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 12
शीशे के बने दो जारों में पानी भरो। दोनों जारों पर एक-एक प्याज़ रखो तथा दोनों के मूल में कुछ दिन वृद्धि देखो। चार-पाँच दिन बाद एक जार में रखे प्याज़ की मूल से 10 cm भाग काट दो तथा कुछ दिन उस की वृद्धि की जांच करते रहो। मूल में वृद्धि होगी। अब मूल के ऊपर हिस्से को काट दो। वह वृद्धि करना बंद कर देगी। जिससे सिद्ध होता है कि पौधों में वृद्धि निश्चित भागों में होती है।

प्रश्न 3.
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतकों की सूची बनाइए।
उत्तर-
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतक निम्नलिखित चार प्रकार के होते हैं-

  1. एपीथीलियमी ऊतक
  2. संयोजी ऊतक
  3. पेशीय ऊतक
  4. तंत्रिका ऊतक

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 13

प्रश्न 4.
विभाज्योतकी ऊतक की विशेषताएं बताओ।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक की विशेषताएं-

  1. इस ऊतक की कोशिकाएं समान होती हैं। इनकी कोशिका भित्ति महीन तथा सेल्यूलोज की बनी हुई होती
  2. ये जीवित तथा समव्यासी होती हैं।
  3. इनमें जीव द्रव्य सघन, केंद्रक बड़ा, रिक्तिकाएं छोटी अथवा अनुपस्थित होती हैं।
  4. इनके बीच कोई अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते।
  5. ये सदा विभाजन करती रहती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 5.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
स्थायी ऊतक (Permanent tissues) – ये ऊतक उन कोशिकाओं के बने होते हैं जिनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है। ये अपने निश्चित परिमाप तथा आकार में पहुंच चुके होते हैं।

स्थायी ऊतक के प्रकार – स्थायी ऊतक निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  1. साधारण ऊतक (Simple tissues)
  2. जटिल ऊतक (Complex tissues)।

प्रश्न 6.
स्थायी ऊतक की विशेषताएं बताओ।
उत्तर-
स्थायी ऊतक की विशेषताएं-

  1. इनकी कोशिकाओं में विभाजन की क्षमता नहीं होती।
  2. ये विभाज्योतकी ऊतकों के विभाजन के पश्चात् बनती हैं।
  3. इनकी कोशिकाओं की आकृति, माप तथा संरचना निश्चित होती है।
  4. इनकी भित्ति न तो बहुत महीन होती है और न ही बहुत मोटी होती है।
  5. इनकी कोशिकाएं बड़ी होती हैं तथा रिक्तिकामय कोशिका द्रव्य होता है।

प्रश्न 7.
विभाज्योतकी ऊतक तथा स्थायी ऊतक में अंतर बताओ।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक तथा स्थायी ऊतक में अंतर-

विभाज्योतकी ऊतक (Meristematic tissues) स्थायी ऊतक (Permanent tissues)
(1) ये महीन भित्ति वाले तथा समव्यासी होते हैं। (1) ये महीन अथवा मोटी भित्ति वाले परंतु समव्यासी नहीं होते।
(2) इसमें सघन कोशिका द्रव्य, छोटी रिक्तिकाएं तथा बड़ा केंद्रक होता है। (2) इनमें कोशिका भित्ति के साथ महीन पर्त होती है। इनमें रिक्तिकाएं बड़ी परंतु केंद्रक छोटा होता है।
(3) इनमें अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते। (3) इनमें अंतर कोशिकीय स्थान उपस्थित अथवा अनुपस्थित हो सकते हैं।
(4) इनमें विभाजन की क्षमता होती है तथा ये वृद्धि और मोटाई के लिए उत्तरदायी हैं। (4) इनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है तथा वृद्धि में इनका कोई महत्त्व नहीं होता।

प्रश्न 8.
साधारण ऊतक किन्हें कहते हैं ? यह कितनी प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
साधारण ऊतक (Simple tissues) – ये ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं के समूह के रूप में पाए जाते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होते हैं। कोशिका भित्ति की संरचना के आधार पर ये निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं-

  1. मृदुतक (Parenchyma)
  2. स्थूल कोण ऊतक (Collenchyma)
  3. दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma)।

प्रश्न 9.
सरल स्थायी ऊतक के विभिन्न प्रकार बताइए और प्रत्येक का कार्य लिखिए।
उत्तर-
सरल स्थायी ऊतक केवल एक प्रकार की कोशिकाओं का समूह है जो विभिन्न भागों में पाए जाते हैं। इसके विभिन्न प्रकार तथा उनके कार्य निम्नलिखित हैं-
1. पैरेंकाइमा (Parenchyma) के कार्य-

  • यह खादय पदार्थ का भण्डारण करता है।
  • क्लोरोप्लास्ट युक्त मृदुतक को क्लोरोनकाइमा कहते हैं। यह मंड तथा शर्करा का निर्माण प्रकाश-संश्लेषण क्रिया करता है।

2. कालेंकाइमा (Cellenchyma) के कार्य-

  • यह तने को यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है।
  • यह कार्टेकस और एपीडर्मिस को अलग करते हैं।

3. स्कलेरेंकाइमा (Sclerenchyma) के कार्य-

  • यह उन अंगों को यांत्रिक शक्ति देता है जिनमें यह पाया जाता है, क्योंकि इसकी भित्ति मोटी होती है।
  • जाइलम कोशिका जिनकी भित्ति मोटी होती है पानी के स्थानांतरण का कार्य करते हैं।

प्रश्न 10.
पैरेंकाइमा तथा कॉलेंकाइमा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
पैरेंकाइमा तथा कॉलेंकाइमा में अंतर-

पैरेंकाइमा (Parenchyma) कॉलेंकाइमा (Collenchyma)
(1) यह गोल महीन कोशिका भित्ति वाली कोशिकाओं का बना होता है। (1) यह बहुभुजी कोशिकाओं का बना होता है।
(2) इसमें केंद्रक विद्यमान होता है तथा उनके बीच अंतरा कोशिकीय स्थान पाए जाते हैं। (2) इनके बीच अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होते।
(3) इनकी कोशिका भित्ति पेक्टिन तथा सेल्यूलोज की बनी होती है। (3) इनकी कोशिका भित्ति भी पेक्टिन तथा सेल्यूलोज की बनी होती है।
(4) यह खाद्य भंडारण तथा यांत्रिक सहारा देने का कार्य करता है। (4) यह यांत्रिक सहारा देने का कार्य करता है।
(5) ये जड, तना तथा पत्ती में पाए जाते हैं। (5) ये तने तथा पत्ती की मध्य शिरा में पाए जाते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 11.
फ्लोएम तथा जाइलम के मुख्य कार्य लिखिए।
उत्तर-
फ्लोएम के मुख्य कार्य – यह संवहन ऊतक है। यह पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुंचाने का कार्य करता है।

जाइलम के मुख्य कार्य – यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए खनिज लवणों को जड़ से लेकर पौधे के शीर्ष भागों तक पहुंचाता है। यह पौधे को यांत्रिक शक्ति भी प्रदान करता है।

प्रश्न 12.
रेखित तथा अरेखित पेशी में दो अंतर लिखिए।
उत्तर-
रेखित तथा अरेखित पेशियों में अंतर-

रेखित पेशियां (Striped Muscles) अरेखित पेशियां (Unstriped Muscles)
(1) ये दीर्घ, बेलनाकार तथा आशाखित होती हैं। (1) ये छोटी, तुर्काकार तथा नुकीले सिरे वाली होती हैं।
(2) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टिकाएं होती हैं। (2) इनमें पट्टिकाएं नहीं होती।
(3) ये बहुकेंद्रकीय होती हैं। केंद्रक कोशिका का परिधि की ओर होता है। (3) ये एक केंद्रकीय होती हैं तथा केंद्रक बीच में होता है।
(4) ये अस्थियों से जुड़ी हुई होती हैं तथा गति में सहायक होती हैं। (4) ये अस्थियों से जुड़ी नहीं होती।

प्रश्न 13.
रेखित पेशी तथा हृदय पेशी में अंतर बताओ।
उत्तर-
रेखित पेशी तथा हृदय पेशी में अंतर-

हृदय पेशी (Cardiac Muscle) रेखित पेशी (Striated Muscle)
(1) यह हृदय में पाई जाती हैं। (1) ये प्रायः अस्थियों से जुड़ी होती हैं।
(2) ये अनैच्छिक होती हैं। (2) ये ऐच्छिक होती हैं।
(3) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टियां नहीं होतीं। (3) इनमें गहरे तथा हल्के रंग की पट्टियां होती हैं।
(4) ये ऊत्तक सदैव कार्य करते रहते हैं। (4) यह ऊतक मनुष्य की इच्छा अनुसार कार्य करते हैं।
(5) इनमें सारकोलैमा नहीं होता। (5) इनमें सारकोलैमा उपस्थित होता है।

प्रश्न 14.
एपीथीलियमी ऊतक तथा संयोजी ऊतक में अंतर बताओ।
उत्तर-
एपीथीलियमी ऊतक तथा संयोजी ऊतक में अंतर-

एपीथीलियमी ऊतक (Epithelial Tissue) संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
(1) यह ढकने, सुरक्षा प्रदान करने, स्रावण तथा का संवेदन का कार्य करते हैं। (1) यह विभिन्न प्रकार के ऊतकों के परस्पर जोड़ने कार्य करते हैं।
(2) इसकी कोशिकाओं के बीच अंतर कोशिकीय नहीं होते। (2) इसकी कोशिकाओं के बीच अंतर कोशिकीय स्थान स्थान नहीं होते।
(3) ये विशेष प्रकार की समान कोशिकाओं के बने हैं। (3) ये विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं के बने होते होते हैं।

प्रश्न 15.
अस्थि पिंजर के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
अस्थि पिंजर के मुख्य कार्य-

  1. यह शरीर का ढांचा बनाता है।
  2. यह शरीर के भीतरी कोमल अंगों की सुरक्षा करता है।
  3. ये पेशियों को जोड़ने में सहायता प्रदान करता है।
  4. यह गति तथा प्रचलन में सहायता करता है।
  5. इसकी अस्थियों के केंद्रीय भाग में अस्थिमज्जा होती है जिसमें रुधिर कणिकाओं का निर्माण होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 16.
रुधिर क्या है ?
उत्तर-
रुधिर (Blood) – यह एक संवहन या तरल संयोजी ऊतक है। यह ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा पोषक पदार्थों को शरीर के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का कार्य करता है। इसमें एक तरल पदार्थ होता है जिसे प्लाज्मा कहते हैं, जिसमें लाल रक्ताणु, सफेद रक्ताणु तथा प्लेटलैटस होते हैं। इसमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं भ्रमण करती रहती हैं। यह तंतु शरीर के सभी भागों में बहता है तथा शरीर के प्रत्येक भाग को जोड़ता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 14

प्रश्न 17.
चालनी तत्व से क्या तात्पर्य है ? ये किन-किन प्रकार के होते हैं?
उत्तर-
चालनी तत्व पादप जटिल ऊतक के वे प्रकार होते हैं जो भोजन का संवहन तथा उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं।
(a) चालनी कोशिकाएँ
(b) चालनी नलिकाएँ।

प्रश्न 18.
जड़ शीर्ष और तना शीर्ष में मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर-

जड़ शीर्ष तना शीर्ष
(1) यह सब टर्मिनल होता है। (1) यह शीर्ष टर्मिनल होता है।
(2) इसके शीर्ष में पार्श्व उपांग अनुपस्थित होता है। (2) इसमें पार्श्व उपांग तरुण पत्तियों के रूप में उपस्थित होता है।

प्रश्न 19.
फ्लोएम के विभिन्न अवयवों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर-
फ्लोएम में निम्नलिखित चार प्रकार के अवयव पाए जाते हैं-

  1. चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) – ये नलिकाएं सदृश केंद्रविहीन, महीन झिल्ली वाली जीवित कोशिकाएं हैं जो एक के ऊपर एक रखी होती हैं।
  2. सखी कोशिकाएं (Companion cells) – यह महीन भित्ति वाली कोशिकाएं चालनी कोशिकाओं से जुड़ी होती हैं। इनमें सभी अवस्थाओं में केंद्रक पाया जाता है।
  3. फ्लोएम पेरेंकाइमा (Phioem parenchyma) – इनमें कुछ सजीव महीन भित्ति वाली बेलनाकार कोशिकाएं मिलती हैं। ये खाद्य पदार्थों का भंडारण करती हैं।
  4. फ्लोएम रेशे (Phloem fibres) – ये दृढ़ोतक कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में पाई जाती हैं। ये प्राथमिक फ्लोएम में नहीं मिलती। इन्हें वास्ट रेशे भी कहते हैं।

प्रश्न 20.
जाइलम में पाए जाने वाले विभिन्न अवयवों के नाम लिखिए।
उत्तर-
जाइलम में निम्नलिखित चार प्रकार के अवयव पाए जाते हैं-

  1. ट्रैकीड्स (Tracheids) – ये मृत तथा लंबी नली के समान रचनाएं होती हैं। इनके सिरों पर छिद्र नहीं होते।
  2. वाहिकाएं (Vessels) – ये मृत संकरी नली के समान रचनाएं होती हैं।
  3. दारू या काष्ठ मृदुतक (Xylem or wood parenchyma) – ये महीन भित्ति वाली जीवित कोशिकाएं होती हैं तथा प्रायः अधिक संख्या में पाई जाती हैं।
  4. काष्ठ तंतु (Wood or Xylem fibres) – ये लंबी, नुकीली, निर्जीव तथा दृढ़ोतक कोशिकाएं होती हैं। इनमें छोटे गर्त होते हैं तथा इनकी भित्तियां मोटी होती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 21.
फ्लोएम की पौधे के लिए उपयोगिता बताइए।
उत्तर-
फ्लोएम की पौधे के लिए उपयोगिता- यह संवहन ऊतक है। यह पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य करता है।

प्रश्न 22.
आइलम का कार्य लिखिए।
उत्तर-
जाइलम का कार्य-यह संवहन ऊतक है। यह जल तथा उसमें घुले हुए खनिज लवणों को जड़ से लेकर पौधे के शीर्ष भागों तक पहुँचाता है। यह पौधे को यांत्रिक शक्ति भी प्रदान करता है।

प्रश्न 23.
जंतुओं में पाए जाने वाले विभिन्न ऊतकों के नाम लिखिए।
उत्तर-
जंतुओं में निम्नलिखित चार प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं-

  1. एपीथीलियमी ऊतक (Epithelial tissues) – ये ऊतक जंतुओं की बाहरी सतह तथा आंतरिक सतह का आवरण बनाते हैं।
  2. संयोजी ऊतक (Connective tissues) – ये ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ने, बांधने तथा सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करते हैं।
  3. पेशीय ऊतक (Muscular tissues) – इसकी कोशिकाएं लंबी तथा बड़ी होती हैं। ये हमारे शरीर के विभिन्न भागों के गति करने में सहायता देते हैं।
  4. तंत्रिका ऊतक (Nervous tissues) – यह ऊतक विशेष प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है जिन्हें न्यूरान्ज कहते हैं। यह हमें उद्दीपनों की जानकारी देता है।

प्रश्न 24.
सुरक्षात्मक ऊतक पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 15
सुरक्षात्मक ऊतक-

  1. यह पादप शरीर का बाहरी आवरण होता है।
  2. यह एक कोशिकीय तथा मोटा होता रपचर्ड बाह्य त्वचा कार्क कोशिकाएँ
  3. यह क्यूटिन द्वारा ढका होता है।
  4. यह पादप शरीर के आंतरिक ऊतक को सुरक्षा प्रदान करता है।

कार्क की कोशिकाएँ मृत होती हैं तथा इनमें कोई अंतर कोशिकीय स्थान नहीं होता। इनकी भित्तियां सुबेरिन के कारण मोटी हो जाती हैं। कार्क एक हल्का तथा सुरक्षात्मक ऊतक है। यह अधिक दाब वाला होता है और जल्दी आग नहीं पकड़ता।

प्रश्न 25.
पेशीय ऊतक क्या हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
पेशीय ऊतक – इसकी कोशिकाएँ लंबी तथा बड़ी होती हैं जिन्हें पेशीय तंतु कहते हैं । वे विभिन्न मापों के होते हैं । यह हमारे शरीर के विभिन्न भागों की गति हेतु उत्तरदायी होते हैं। हमारे शरीर में तीन प्रकार के पेशीय ऊतक पाये जाते हैं। ये :-अरेखित पेशी ऊतक, अनैच्छिक ऊतक तंतु, रेखित पेशी तंतु ऊतक, ऐच्छिक तथा हृदय पेशी ऊतक जो केवल हृदय में पायी जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 16

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 26.
संयोजी ऊतक के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
संयोजी ऊतक के कार्य-संयोजी ऊतक के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं-

  1. ये ऊतकों को आपस में बांधने तथा विभिन्न अंगों के एक-दूसरे के साथ जोड़ने का कार्य करते हैं।
  2. ये अस्थि तथा उपास्थि कंकाल बनाते हैं तथा शरीर के कोमल अंगों की सुरक्षा करते हैं।
  3. वसा ऊतक वसा का भंडारण करने में सहायता करते हैं।
  4. इनमें एक जैल जैसा पदार्थ होता है जो आघात अवशोषक का कार्य करता है।
  5. तरल संयोजी ऊतक रुधिर तथा लसिका पदार्थों के परिवहन में सहायता करते हैं।

प्रश्न 27.
वर्णक ऊतक क्या हैं ?
उत्तर-
वर्णक ऊतक (Pigment tissue) – इसकी कोशिकाएं लंबी तथा शाखित होती हैं। इनमें रंजक कण पाए जाते हैं। ये ऊतक त्वचा की डर्मिस, नेत्रों के रक्तक पटल तथा आइरिस में पाए जाते हैं। ये त्वचा के रंग प्रदान करने का कार्य करते हैं।

प्रश्न 28.
तंतुमय संयोजी ऊतक क्या हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? वर्णन करो।
उत्तर-
तंतुमय संयोजी ऊतक (Fibrous connective tissues) – ये ऐसे ऊतक हैं जिनमें आधात्री की मात्रा कम तथा रेशेदार तंतु अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

ये निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं-

  • श्वेत रेशेदार संयोजी ऊतक (White fibrous connective tissues) – इसके तंतु आपस में जुड़े हुए होते हैं। ये मज़बूत तथा लोच रहित होते हैं। इनकी कोशिकाएं दृढ़ता प्रदान करती हैं। ये पेशियों की अस्थियों को जोड़ने का कार्य करते हैं।
  • पीत तंतुमय संयोजी ऊतक (Yellow fibrous tissues) – ये ऊतक उन स्थानों पर अधिक पाए जाते हैं जहां पर लोच की अधिक आवश्यकता होती है। ये तंतु पीले, लोचदार तथा शाखित होते हैं।

प्रश्न 29.
कंडरा तथा स्नायु में अंतर बताओ।
उत्तर-
कंडरा तथा स्नायु में अंतर-

कंडरा (Cartilage) स्नायु (Ligament)
(1) यह कठोर तथा लोचदार ऊतक है। (1) यह सघन तथा रेशेदार ऊतक है।
(2) यह पेरिकोंड्रियम द्वारा ढका होता है। (2) यह इलास्टिक तथा कोलेजन तंतुओं का बना होता है।
(3) इसमें कोंट्रियोसाइटस इलास्टिक तंतुओं के जाल के रूप में बिखरे होते हैं। (3) यह अस्थियों को आपस में बांध कर रखता है।

प्रश्न 30.
रुधिर ऊतक के मुख्य अवयव क्या हैं ? उनके प्रमुख लक्षण दीजिए।
उत्तर-
रुधिर के मुख्य अवयव तथा उनके लक्षण-

अवयव का नाम मुख्य लक्षण
(1) रुधिर प्लाज्मा (1) यह तरल आधात्री है। यह भूरे रंग का होता है । इसमें 90% जल तथा प्रोटीन होती हैं।
(2) रुधिर प्लेटलेटस (2) ये अस्थि मज्जा में पाये जाने वाले बड़ी कोशिकाओं के कण हैं । य रुधिर का थक्का जमने में सहायता करते हैं।
(3) रुधिर कण :
(i) एरिथ्रोसाइट अथवा लाल रुधिर कण(ii) ल्युकोसाइट अथवा श्वेत रुधिर कण
(3) (i) इन्हें लाल रक्त कण कहते हैं। ये विअवतल तथा तश्तरीनुमा होते हैं। इनमें हीमोग्लोबिन होता है। यह ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के परिवहन का काम करता है।

(ii) इन्हें श्वेत रक्त कण कहते हैं। ये रंगहीन होते हैं। ये रोगाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 31.
संहत अस्थि क्या है ?
उत्तर-
संहत अस्थि (Compact bone) – यह सख्त तथा ठोस होती है। यह लंबी अस्थियों की शाफ्ट जैसे फीमर, में पायी जाती है। यह गोल तथा अनियमित अस्थियों की सधन परतों को बनाती है। इसमें अनेक समानांतर तथा लंबवत् स्तंभ जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें हैवरसियन तंत्र कहते हैं। वे एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

प्रश्न 32.
तंत्रिका ऊतक का वर्णन करो।
उत्तर-
तंत्रिका ऊतक न्यूरोन्स अथवा तंत्रिका कोशिकाओं न्यूरोग्लीआ कोशिकाओं तथा तंत्रिकास्त्रावी कोशिकाओं का बना होता है। तंत्रिका कोशिका में एक कोशिका काय तथा एक या अधिक एक्सोन होते हैं। उदाहरणार्थ : कोशिका काय में केंद्रक, कोशिका द्रव्य तथा निस्सल के कण होते हैं। एक्सान एक लंबा प्रवर्ध है जिसमें न्यूरोप्लाज्म तथा न्यूरोफाइब्रिल्स होते हैं। इसमें निस्सल कण नहीं होते। एक्सान माइलिन वसा की आच्छद द्वारा ढका हो सकता है (आच्छादित न्यूरोन)। यह आच्छद अंतराल पर अनुपस्थित होती है। इन अंतरालों को रेनवियर का नोड कहते हैं । नोड न्यूरीलेमा द्वारा घिरी होती हैं । कुछ तंत्रिका तंतुओं में माइलिन आच्छद नहीं होती।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 17

प्रश्न 33.
तंत्रिका में अंतग्रर्थन द्वारा प्रेरणा का संचालन कैसे होता है ? वर्णन करो।
उत्तर-
तंत्रिका प्रेरणा का संचालन – तंत्रिका कोशिका के दोनों न्यूरॉनों के डेंड्राइटों के बीच एक युग्म होता है जिसे साइनेपसिस कहते हैं। एक न्यूरॉन के साइटोन के डेंड्राइटस् दूसरे न्यूरॉन के एक्सोन टर्मिनल के संपर्क में रहते हैं। इसके अंतिम सिरे से कई शाखाएं निकलती हैं जिन्हें बटनस टर्मिनलस कहते हैं। इसी स्थान से न्यूरोट्रांसमीटर मुक्त होता है जो आवेग को अगले न्यूरॉन देता है। इस प्रकार तंत्रिका द्वारा प्रेरणा का संचालन होता रहता है।

प्रश्न 34.
अस्थि और उपास्थि में दो अंतर लिखिए।
उत्तर-
अस्थि तथा उपास्थि में अंतर-

अस्थि (Bone) उपास्थि (Cartilage)
(1) इसका आधात्री (Matrix) कठोर तथा लचीला होता है। (1) इसका आधात्री कठोर तथा मज़बूत होता है। इसकी मजबूती अकार्बनिक लवणों के जमा होने के कारण होती है।
(2) इसका आधात्री कोंड्रिन का बना होता है। (2) इसका आधात्री ओसीन का बना होता है।
(3) यह पेरीकोंड्रियम के द्वारा ढका होता है। (3) यह पेराआस्टीयम के द्वारा ढका होता है।
(4) इसमें हैवरसियन तंत्र अनुपस्थित होता है। (4) इसमें हैवरसियन तंत्र उपस्थित होता है।

प्रश्न 35.
शीत क्षेत्रों में रहने वाले प्राणियों और अति ठंडे जल में रहने वाली मछलियों पर वसा की अतिरिक्त मोटी परत होती है। क्यों ?
उत्तर-
शीत क्षेत्रों में रहने वाले प्राणियों और अति ठंडे जल में रहने वाली मछलियों पर वसा की मोटी परत होती है क्योंकि इससे उन्हें अपने शरीर के लिए तापीय नियंत्रण हेतु अतिरिक्त सुरक्षा की प्राप्ति हो जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 36.
यदि एक गमले में लगे पौधे को काँच के जार से ढाँप दिया जाए तो उसमें जलवाष्प दिखाई देने लगते हैं। क्यों ?
उत्तर-
पौधे की पत्तियों में छोटे-छोटे रंध्र होते हैं जिन्हें स्टोमेटा कहते हैं। इनसे वाष्पोत्सर्जन की क्रिया होती रहती है। इसी क्रिया के कारण काँच के जार में जलवाष्प दिखाई देने लगते हैं।

प्रश्न 37.
रेगिस्तानों में उगने वाले पौधों में प्रायः एपीडर्मिस (छाल) मोटी और मोम जैसी होती है। क्यों ?
उत्तर-
रेगिस्तानों में उगने वाले पौधों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ती है। उनकी मोटी छाल जल की हानि को कम कर उनके सभी भागों की रक्षा करती है। इनकी सतह पर मोम जैसी जल प्रतिरोधी परत एपीडर्मल कोशिका के द्वारा बनाई जाती है, जो जल हानि के विरुद्ध यांत्रिक आघात तथा परजीवी कवक के प्रवेश से पौधों का बचाव करती है।

प्रश्न 38.
पेड़-पौधों की जड़ों में प्रायः बाल जैसे प्रवर्ध क्यों होते हैं ?
उत्तर-
पेड़-पौधों की जड़ों में एपीडर्मिल कोशिकाएँ पानी को सोखने का कार्य करती हैं। उनमें बाल जैसे प्रवर्ध जड़ों की अवशोषक सतह में वृद्धि कर देते हैं जिससे उनकी पानी सोखने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 39.
(a) शल्की,
(b) घनाकार,
(c) स्तंभाकार एपीथीलियम दर्शाते हुए चित्र बनाइए।
उत्तर-
(a) शल्की एपीथीलियम (Squamous epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 18

(b) घनाकार एपीथीलियम (Cuboidel epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 19

(c) स्तंभाकार एपीथीलियम (Columnar epithelium)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक 20

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ऊतक क्या है ?
उत्तर-
ऊतक (Tissue) – यह समान उत्पत्ति, संरचना तथा कार्यों वाली कोशिकाओं का एक समूह होता है। इससे शरीर के अंग बनते हैं।

प्रश्न 2.
पौधों के ऊतकों के दो समूहों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. विभाज्योतकी ऊतक
  2. स्थायी ऊतक।

प्रश्न 3.
ऐसी कोशिकाओं के समूह के नाम बताओ जिनमें लगातार विभाजन होता रहता है।
उत्तर-
विभाज्योतकी ऊतक।

प्रश्न 4.
विभाज्योतकी ऊतक के तीन प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. शीर्षस्थ विभाज्योतकी ऊतक
  2. अंतर्वेशी विभाज्योतकी ऊतक
  3. पार्श्व विभाज्योतकी ऊतक।

प्रश्न 5.
शीर्षस्थ विभाज्योतकी ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जड़, तना तथा शाखाओं के शीर्षों पर।

प्रश्न 6.
स्थायी ऊतक किन्हें कहते हैं ?
उत्तर-
ऐसे ऊतक जिनमें विभाजन की क्षमता नष्ट हो जाती है, उन्हें स्थायी ऊतक कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 7.
स्थायी ऊतक के दो प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. साधारण ऊतक
  2. जटिल ऊतक।

प्रश्न 8.
साधारण ऊतक किन्हें कहते हैं ?
उत्तर-
यह ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनते हैं। इनकी संरचना तथा कार्य समान होते हैं।

प्रश्न 9.
साधारण ऊतकों के तीन प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. मृदुतक
  2. स्थूल कोण ऊतक
  3. दृढ़ ऊतक।

प्रश्न 10.
पैरेंकाइमा ऊतकों की कोशिकाएं किस आकार की होती हैं ?
उत्तर-
बहुभुजी, अंडाकार तथा गोल।

प्रश्न 11.
कॉलेकाइमा पौधे प्रायः किस भाग में पाए जाते हैं ?
उत्तर-
पौधे के हरे भागों में।

प्रश्न 12.
दृढ़ोतक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है ?
उत्तर-
मृत कोशिकाओं का।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 13.
जटिल ऊतक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
यह विभिन्न आकार तथा माप की कोशिकाओं से मिलकर बना ऐसा समूह है जो एक इकाई का कार्य करता है। यह जल में घुलित लवणों का परिवहन करता है तथा भोजन को पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक ले जाता है।

प्रश्न 14.
जटिल ऊतक के दो प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. जाइलम
  2. फ्लोएम।

प्रश्न 15.
जाइलम के चार विभिन्न अवयवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. वाहिनीकाएं
  2. वाहिकाएं
  3. दारु मृदुतक
  4. काष्ठ तंतु।

प्रश्न 16.
फ्लोएम के चार अवयवों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. चालनी नलिकाएं
  2. सखी कोशिकाएं
  3. फ्लोएम मृदुतक
  4. फ्लोएम तंतु।

प्रश्न 17.
जंतु ऊतकों के चार प्रकारों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. एपीथीलियमी ऊतक
  2. संयोजी ऊतक
  3. पेशीय ऊतक
  4. तंत्रिका ऊतक।

प्रश्न 18.
एपीथीलियमी ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जंतुओं की बाहरी तथा आंतरिक सतहों पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 19.
तीन प्रकार के पेशीय ऊतकों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. रेखित पेशीय ऊतक
  2. अरेखित पेशीय ऊतक
  3. हृदय पेशीय ऊतक।

प्रश्न 20.
हृदय की पेशियां किस प्रकार की पेशियां होती हैं ?
उत्तर-
अनैच्छिक पेशियां।

प्रश्न 21.
संयोजी ऊतकों के दो मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
विभिन्न अंगों को जोड़ना, बांधना तथा सुरक्षा प्रदान करना।

प्रश्न 22.
संयोजी ऊतक की किस्मों के नाम बताओ।
उत्तर-

  1. अस्थि
  2. उपास्थि
  3. रुधिर
  4. टैंडन तथा
  5. लिगामैंट।

प्रश्न 23.
सभी सजीव किससे बने होते हैं ?
उत्तर-
कोशिकाओं से।

प्रश्न 24.
अमीबा अपनी एक ही कोशिका से क्या-क्या कार्य करता है ?
उत्तर-
गति, भोजन लेने की क्रिया, श्वसन क्रिया और उत्सर्जन क्रिया।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 25.
क्या पौधों और जंतुओं में एक ही तरह के ऊतक होते हैं ?
उत्तर-
नहीं, दोनों में ऊतक अलग-अलग प्रकार के होते हैं!

प्रश्न 26.
पौधों को कम रख-रखाव की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
पौधों के अधिकांश ऊतक मृत होते हैं पर वे जीवित ऊतक की तरह ही यांत्रिक मज़बूती प्रदान करते हैं। इसलिए उन्हें कम रख-रखाव की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 27.
जंतु ऊतक ऊर्जा की अधिक खपत क्यों करते हैं ?
उत्तर-
जंतु ऊतक अधिकतर जीवित होते हैं और भोजन, साथी और आश्रय की खोज में इधर-उधर घूमते रहते हैं जिस कारण वे ऊर्जा की अधिक खपत करते हैं।

प्रश्न 28.
पौधों और जंतुओं के बीच वृद्धि के प्रतिरूप क्या अंतर है ?
उत्तर-
पौधों की वृद्धि कुछ भागों में सीमित रहती हैं जबकि जंतुओं में ऐसा नहीं होता।

प्रश्न 29.
विभाज्योतक किस प्रकार के जीव से संबंधित है ?
उत्तर-
पादपों से।

प्रश्न 30.
प्ररोह के शीर्षस्थ विभाज्योजतक कहां मौजूद होते हैं ?
उत्तर-
जड़ों और तनों की वृद्धि वाले भाग में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 31.
किसी पेड़-पौधे के तने की परिधि या मूल में वृद्धि किस ऊतक के कारण होती है ?
उत्तर-
पार्श्व विभाज्योतक कैंबियम के कारण ।

प्रश्न 32.
पत्तियों के आधार या टहनी के पर्वसंधि के दोषों और कौन-सा ऊतक होता है ?
उत्तर-
अंतर्विष्ट विभाज्योतक।

प्रश्न 33.
विभाज्योतक की क्रियाशीलता का क्या कारण है ?
उत्तर-
बहुत अधिक कोशिका द्रव, पतली कोशिका, भित्ति और स्पष्ट केंद्रक।

प्रश्न 34.
किस पादप ऊतक के पास रसधानी नहीं होती ?
उत्तर-
विभाज्योतक के पास।

प्रश्न 35.
विभेदीकरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
एक विशिष्ट कार्य करने के लिए विभाज्योतक के स्थायी रूप और आकार लेने की क्रिया को विभेदीकरण कहते हैं।

प्रश्न 36.
जलीय पौधे तैरने का गुण किस से प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
पेरेंकाइमा की कोशिकाओं के मध्य भरी हवा से।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 37.
पौधों में लचीलेपन का गुण किस ऊतक के कारण होता है ?
उत्तर-
कालेंकाइमा के कारण।

प्रश्न 38.
कालेंकाइमा ऊतक की कोशिकाएं कैसी होती हैं ?
उत्तर-
जीवित, लंबी और अनिमत ढंग से कोनों पर मोटी।

प्रश्न 39.
पौधों को कठोरता और मज़बूती कौन-सा ऊतक देता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

प्रश्न 40.
नारियल का रेशेदार छिलका किस ऊतक से बनता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

प्रश्न 41.
स्कलेरेंकाइमा ऊतक की भित्ति किस कारण मोटी होती है ?
उत्तर-
लिग्निन नामक रासायनिक पदार्थ के कारण।

प्रश्न 42.
पत्तों की शिराओं, बीजों और फलों के छिलकों को कठोरता कौन प्रदान करता है ?
उत्तर-
स्कलेरेंकाइमा ऊतक।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 43.
एपीडर्मल कोशिकाएं क्या करती हैं ?
उत्तर-
मोम जैसी जल प्रतिरोधी परत बनाकर पौधों की रक्षा करती है।

प्रश्न 44.
रक्षी कोशिका क्या है ?
उत्तर-
स्टोमेटा को घेरने वाले वृक्क के आधार की दो कोशिकाएं ।

प्रश्न 45.
पत्तों से वाष्पोत्सर्जन और गैसों का वायुमंडल से आदान-प्रदान कौन करता है ?
उत्तर-
स्टोमेटा।

प्रश्न 46.
फ्लोएम कोशिकाओं में कौन-सी मृत होती हैं ?
उत्तर-
फ्लोएम रेशे।

प्रश्न 47.
जंतु अंगों को गति कौन प्रदान करता है ?
उत्तर-
पेशी ऊतक।

प्रश्न 48.
रक्त किन पदार्थों को इकट्ठा कर कहाँ पहुँचाता है ?
उत्तर-
रक्त शरीर के व्यर्थ उपापचयी पदार्थों को इकट्ठा कर यकृत और वृक्क तक उत्सर्जन के लिए पहुँचाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 49.
पदार्थों का संवहन किस झिल्ली से होता है ?
उत्तर-
वरणात्मक पारगम्य झिल्ली।

प्रश्न 50.
आहारनली और मुँह का अस्तर किससे ढका होता है ?
उत्तर-
शल्की एपीथीलियम से।

प्रश्न 51.
त्वचा किससे बनती है ?
उत्तर-
एपीथीलियम ऊतक से।

प्रश्न 52.
पक्षमाभी स्तंभाकार एपीथीलियम कहां होते हैं ?
उत्तर-
श्वास नली में।

प्रश्न 53.
वृक्कीय नली और लार ग्रंथि की नली के अस्तर का निर्माण कौन करता है ?
उत्तर-
घनाकार एपीथीलियम।

प्रश्न 54.
एपीथीलियम ऊतक कहां पर पाए जाते हैं ?
उत्तर-
जंतुओं की बाहरी तथा आंतरिक सतहों पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 55.
मानव शरीर में कठोर ऊतक कौन-सा है ?
उत्तर-
हड्डी ।

प्रश्न 56.
किस ऊतक को जीवन धारा कहते हैं ?
उत्तर-
रुधिर।

प्रश्न 57.
रुधिर प्लाज्मा में कितने प्रतिशत जल होता है ?
उत्तर-
90% (लगभग)।

प्रश्न 58.
रक्त किस प्रकार का ऊतक है ?
उत्तर-
संयोजी ऊतक।

प्रश्न 59.
रक्त के तरल आधात्री भाग को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
प्लाज्मा।

प्रश्न 60.
प्लाज्मा में क्या-क्या होता है ?
उत्तर-
लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेतरक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 61.
रक्त किन-किन पदार्थों का संवहन शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में करता है ?
उत्तर-
गैसों, पचे हुए भोजन, हार्मोन तथा उत्सर्जी पदार्थों का।

प्रश्न 62.
अस्थि कोशिकाओं में कौन-से तत्त्व होते हैं ?
उत्तर-
कैल्शियम तथा फॉस्फोरस।

प्रश्न 63.
अस्थियों को मांसपेशियों से कौन जोड़ता है ?
उत्तर-
संयोजी ऊतक कंडरा।

प्रश्न 64.
कंडरा ऊतक कैसे होते हैं ?
उत्तर-
कंडरा रेशेदार ऊतक है जो बहुत मज़बूत और कम लचीले होते हैं।

प्रश्न 65.
उपस्थि क्या है ?
उत्तर-
उपस्थि संयोजी ऊतक है जो अस्थियों के जोड़ों को चिकनी बनाती है ?

प्रश्न 66.
शरीर के अंगों में उपास्थि कहाँ-कहाँ होती है ?
उत्तर-
नाक, कान, कंठ और श्वास नली में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 67.
एरीओलर संयोजी ऊतक कहाँ-कहाँ पाया जाता है ?
उत्तर-
त्वचा और मांसपेशियों के बीच, रक्त नलिका के चारों ओर तथा नसों और अस्थि मज्जा में।

प्रश्न 68.
वसा का संचय कहा होता है ?
उत्तर-
त्वचा के नीचे भीतरी अंगों के बीच वसामय ऊतक में।

प्रश्न 69.
पेशियों में गति किस कारण होती है ?
उत्तर-
पेशियों में विद्यमान सिकुड़ने वाले प्रोटीन के कारण।

प्रश्न 70.
ऐच्छिक पेशियां क्या होती हैं ?
उत्तर-
जिन पेशियों को हम अपनी इच्छा से गति करा सकते हैं उन्हें ऐच्छिक पेशियां कहते हैं।

प्रश्न 71.
रेखित पेशियों के ऊतक की कोशिकाएं कैसी होती है ?
उत्तर-
लंबी, बेलनाकार, शाखारहित और बहु नाभिकीय।

प्रश्न 72.
अनैच्छिक पेशियां किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जो पेशियां हम स्वयं संचालित नहीं कर सकते।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 73.
कौन-सी पेशियां अनैच्छिक पेशियों को नियंत्रित करती हैं ?
उत्तर-
चिकनी पेशियां या अनैच्छिक पेशियां।

प्रश्न 74.
अनैच्छिक पेशियां शरीर में कहाँ-कहाँ पाई जाती हैं ?
उत्तर-
आँख की पलक, मूत्रवाहिनी और फेफड़ों की श्वसनी में।

प्रश्न 75.
हृदय की पेशियों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
हृदय की अनैच्छिक पेशियों को कार्डिक (हृदयक) पेशी कहते हैं।

प्रश्न 76.
अति शीघ्रता उत्तेजित होने वाली कोशिकाओं का नाम लिखिए।
उत्तर-
तंत्रिका ऊतक की कोशिकाएं।

प्रश्न 77.
तंत्रिका ऊतक से हमारे शरीर में क्या-क्या निर्मित होता है ?
उत्तर-
मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाएं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 6 ऊतक

प्रश्न 78.
न्यूरॉन क्या है ?
उत्तर-
तंत्रिका कोशिकाएं।

प्रश्न 79.
तंत्रिका कोशिका कितनी लंबी हो सकती है ?
उत्तर-
एक मीटर तक लंबी।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

प्रश्न 1.
निम्न रैखिक समीकरण युग्म को प्रतिस्थापन विधि से हल कीजिए :
(i) x + y = 14
x – y = 4

(ii) s – t= 3
\(\frac{s}{3}+\frac{t}{2}\) = 6

(iii) 3x – y = 3
9x – 3y = 9

(iv) 0.2x + 0.3y = 1.3
0 .4x + 0.5y = 2.3

(v) √2x + √5y = 0
√3x – √8y = 0

(vi) \(\frac{3 x}{2}-\frac{5 y}{3}\) = – 2
\(\frac{x}{3}+\frac{y}{2}=\frac{13}{6}\)
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
12x + y = 14 …………..(1)
और x – y = 4 ………..(2)
(2) से, x = 4 + y ………….(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4 + y + y = 14
या 2y = 14 – 4
या 2y = 10
या y = \(\frac{10}{2}\) = 5
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 4 + 5 = 9 अतः, x = 9 और y = 5.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(ii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
s – t = 3 ……………(1)
और \(\frac{s}{3}+\frac{t}{2}\) = 6

या \(\frac{2 s+3 t}{6}\) = 6

या 2s + 3t = 36 ……………(2)
(1) से, 5 = 3 + t ………….(3)
s का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 (3 + t) + 3t = 36
या 6 + 2t + 3t = 36
या 6 + 5t = 36
या 5t = 36 – 6
या 5t = 30
या t = \(\frac{30}{5}\) = 6
t का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
s = 3 + 6 = 9
अतः, s = 9 और t = 6.

(iii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
3x – y = 3 ……………(1) और
9x – 3y = 9 ……………..(2)
(1) से,
3x – 3 = y
या y =3x – 3 ………….(3)
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
9x – 3 (3x – 3) = 9
या 9x – 9x + 9 = 9
या 9 = 9
यह कथन x के सभी मानों के लिए सत्य है।
फिर भी हम x का कोई विशेष मान हल के रूप में प्राप्त नहीं करते।
इसलिए हम y का भी कोई मान प्राप्त हीं कर सकते। यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि दी ई दोनों समीकरणें एक ही हैं।
अतः, समीकरण (1) और (2) के असीमित रूप से अनेक हल हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(iv) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है
0.2x + 0.3y = 1.3
या \(\frac{2}{10} x+\frac{3}{10} y=\frac{13}{10}\)
या 2x + 3y = 13 ………….(1)
0.4x + 0.5y = 2.3
या \(\frac{4}{10} x+\frac{5}{10} y=\frac{23}{10}\)
या 4x + 5y = 23 …………….(2)
(1) से, 2x = 13 – 3y
या x = \(\frac{13-3 y}{2}\) …………..(3)
x का यह मान समीकरण (2), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
4 \(\left[\frac{13-3 y}{2}\right]\)]+ 5y = 23
26 – 6y + 5y = 23
– y = 23 – 26 = – 3
y = 3
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{13-3 \times 3}{2}\)

= \(\frac{13-9}{2}=\frac{4}{2}\) = 2
अतः, x = 2 और y = 3

(v) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है:
√2x + √3y = 0 ……………..(1)
और √3x – √8y = 0 …………..(2)
(2) से, √3x = √8y
x = \(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}}\) y …………….(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
\(\sqrt{2}\left(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}} y\right)\) +√3y = 0
या \(\left[\frac{4}{\sqrt{3}}+\sqrt{3}\right]\) y = 0
या y = 0
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{\sqrt{8}}{\sqrt{3}}\) × 0 = 0
अतः x = 0 और y = 0.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(vi) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3 1

x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 \(\left[\frac{10 y-12}{9}\right]\) + 3y = 13

या \(\frac{20 y-24}{9}\) + 3y = 13

या \(\frac{20 y-24+27 y}{9}\) = 13

या 47y – 24 = 13 × 9 = 117
या 47y = 117 + 24 = 141
या y = \(\frac{141}{47}\) = 3
y का यह मान समीकरण (3), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{10 \times 3-12}{9}\)

= \(\frac{30-12}{9}\)

= \(\frac{18}{9}\) = 2
अतः x = 2 और y = 3.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

प्रश्न 2.
2x + 3y = 11 और 2x – 4y = – 24 को हल कीजिए और इससे ‘m’ का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए y = mx + 3 हो।
हल :
दी गई रैखिक समीकरण युग्म है :
2x + 3y = 11 …………..(1)
और 2x – 4y = – 24 ……………(2)
(2) से,
2x = 4y – 24
या 2x = 2 [2y – 12]
या x = 27 – 12 ……………(3)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
2 (2y – 12) + 3Y = 11
या 4y – 24 + 3y = 11
या 7y = 11 + 24
या 7y = 35
या y = \(\frac{35}{7}\) = 5
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 2 (5) – 12
= 10 – 12 = 2
अब y = mx + 3 लीजिए।
x = – 2, y = 5 प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है:
5 = m (- 2) + 3
या 5 – 3 = – 2m
या 2 = – 2m
या – 2m = 2
m = – 1
अतः x = – 2, y = 5 और m = – 1.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

प्रश्न 3.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरण युग्म बनाइए और उनके हल प्रतिस्थापन विधि द्वारा ज्ञात कीजिए :
(i) दो संख्याओं का अंतर 26 है और एक संख्या दूसरी संख्या की तीन गुनी है। उन्हें ज्ञात कीजिए।

(ii) दो संपूरक कोणों में बडा कोण छोटे कोण से 18 डिग्री अधिक है। उन्हें ज्ञात कीजिए।

(iii) एक क्रिकेट टीम के कोच ने 7 बल्ले तथा 6 गेंदें ₹ 3800 में खरीदीं। बाद में, उसने 3 बल्ले तथा 5 गेंदें ₹ 1750 में खरीदीं। प्रत्येक बल्ले और प्रत्येक गेंद का मूल्य ज्ञात कीजिए।

(iv) एक नगर में टैक्सी के भाड़े में एक नियत भाड़े के अतिरिक्त चली गई दूरी पर भाड़ा सम्मिलित किया जाता है। 10 km की दूरी के लिए भाड़ा ₹ 105 है तथा 15 km के लिए भाड़ा ₹ 155 है। नियत भाड़ा तथा प्रति km भाड़ा क्या है ? एक व्यक्ति को 25 km यात्रा करने के लिए कितना भाड़ा देना होगा ?

(v) यदि किसी भिन्न के अंश और हर दोनों में 2 जोड़ दिया जाए, तो वह \(\frac{9}{11}\) हो जाती है। यदि अंश और हर दोनों में 3 जोड़ दिया जाए, तो वह \(\frac{5}{6}\) हो जाती है। वह भिन्न ज्ञात कीजिए।

(vi) पाँच वर्ष बाद जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु से तीन गुनी हो जाएगी। पाँच वर्ष पूर्व जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु की सात गुनी थी। उनकी वर्तमान आयु क्या है ?

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3
हल:
(i) मान लीजिए दो संख्याएँ x और y है,
पहली शर्त अनुसार,
x – y = 26 ………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x = 3y ………….(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3y – y = 26
या 2y = 26
या y = \(\frac{26}{2wad}\) = 13
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 × 13 = 39
अतः दो संख्याएँ 39, 13 हैं।

(ii) मान लीजिए दो संपूरक कोण x, y हैं और x > y
पहली शर्त अनुसार,
x + y = 180 …………(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x = y + 18 ………….(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
y + 18 + y = 180
या 2y = 180 – 18
या 2y = 162
या y = \(\frac{162}{2}\) = 81
y का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 81 + 18 = 99
अतः अभीष्ट कोण 99, 81 हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(iii) मान लीजिए एक बल्ले का मूल्य = ₹ x और
एक गेंद का मूल्य = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
7x + 6y = ₹ 3800 ……………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार.
3x + 5y = ₹ 1750 …………(2)
(1) से, 7x = ₹ 3800 – 6y
या x = \(\frac{3800-6 y}{7}\) …………….(3)
x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3[latex][/latex] + 5y = 1750

या \(\frac{11400-18 y+35 y}{7}\) = 1750

या 11400 + 17y = 1750 × 7
या 11400 + 17y = 12250
या 17y = 12250 – 11400
या 17y = 850
या y = \(\frac{850}{17}\) = 50
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{3800-6 \times 50}{7}\)

= \(\frac{3800-300}{7}=\frac{3500}{7}\)
x = 500
अतः, एक बल्ले का मूल्य = ₹ 500
और एक गेंद का मूल्य = ₹ 50

(iv) मान लीजिए टैक्सी का निश्चित किराया = ₹ x
और एक km यात्रा का किराया = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
x + 10y = 105 ………..(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
x + 15y = 155 …………(2)
(1) से,
x = 105 – 10y …………(3)
x का यह मान समीकरण (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
105 – 10y + 15y = 155
या 5y = 155 – 105
या 5y = 50
या y = \(\frac{50}{5}\) = 10
y का यह मान समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 105 – 10 × 10
= 105 – 100 = 5
अतः, टैक्सी की निश्चित किराया = 5 रु
और 1 कि.मी. यात्रा का किराया = 10 रु
साथ ही 25 कि.मी. यात्रा का किराया = (10 × 25) रु + 5 रु
= [250 + 5] रु
= [250 + 5] रु
= 255 रु

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(v) मान लीजिए दी गई भिन्न का हर = x
मान लीजिए दी गई भिन्न का अंश = y
∴ अभीष्ट भिन्न = \(\frac{x}{y}\)
पहली शर्त अनुसार,

\(\frac{x+2}{y+2}=\frac{9}{11}\)

या 11 (x + 2) = 9 (y + 2)
या 11x + 22 = 9y + 18
या 11x = 9y + 18 – 22
या 11x = 9y – 4
या x = \(\frac{9 y-4}{11}\) ………….(1)
दूसरी शर्त अनुसार,
या \(\frac{x+3}{y+3}=\frac{5}{6}\)
या 6 (x + 3) = 5 (y + 3)
या 6x + 18 = 5y + 15
या 6x – 5y = 15 – 18
या 6x – 5y = -3 …………..(2)
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
6 \(\left[\frac{9 y-4}{11}\right]\) – 5y = – 3

या \(\frac{54 y-24}{11}\) – 5y = – 3

या \(\frac{54 y-24-55 y}{11}\) = -3
या – y – 24 = – 3 × 11
या – y = – 33 + 24
या – y = -9
y = 9
y का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{9 \times 9-4}{11}=\frac{81-4}{11}\)

= \(\frac{77}{11}\) = 7

अतः, अभीष्ट भिन्न \(\frac{7}{9}\) है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.3

(vi) मान लीजिए जैकब की वर्तमान आयु = x वर्ष
और जैकब के बेटे की वर्तमान आयु = y वर्ष

पाँच वर्ष पश्चात्
जैकब की आयु = (x + 5) वर्ष
उसके पुत्र की आयु = (v + 5) वर्ष

पहली शर्त अनुसार,
x + 5 = 3 (y + 5)
या x + 5 = 3y + 15
या x = 3y + 15 – 5
या x = 3y + 10 ……………..(1)

पाँच वर्ष पहले
जैकब की आयु = (x – 5) वर्ष
उसके पुत्र की आयु = (y – 5) वर्ष
दूसरी शर्त अनुसार,
x – 5 = 7 (y – 5)
या x – 5 = 7y – 35
या x – 7y = – 35 + 5
या x – 7y = – 30
x का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
3y + 10 – 7y = – 30
या – 4y = – 30 – 10
या – 4y = – 40
या y = 10
y का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 (10) + 10
= 30 + 10 = 40
अतः, जैकब और उसके पुत्र की आयु क्रमश: 40 वर्ष और 10 वर्ष है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

This PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II will help you in revision during exams.

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

विज्ञापन
विज्ञापन का अर्थ है कि कंपनी किस तरह लोगों को अपने उत्पादों, सेवाओं या विचारों को खरीदने के लिए उत्तेजित करती हैं। एक विज्ञापन क्या होता है। वह वस्तुएं जो आपका ध्यान अच्छे से अपनी ओर खींचती हैं। यह आमतौर पर किसी विज्ञापन एजेंसी द्वारा डिज़ाइन किया जाता है। विज्ञापन टेलीविज़न, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिका आदि में दिखाई देते हैं। विज्ञापन के प्रायोजक बहुधा व्यापारी होते हैं जो अपने उत्पादों और सेवाओं को पदोन्नत करना चाहते हैं।

विज्ञापनों को अलग-अलग मीडिया द्वारा संचारित किया जाता है जैसे कि पुराना मीडिया जिसका भाव है-समाचार-पत्र, पत्रिका, टेलीविजन, रेडियो, बाहरी विज्ञापन या सीधी मेल और नई मीडिया से भाव है सर्च रिजल्ट, ब्लॉग, वैबसाइट या टैकस्ट संदेश आदि। एक मीडिया में संदेश की असली पेशकारी को विज्ञापन या “AD” द्वारा चित्रित किया जाता है। गैर-व्यावसायिक विज्ञापन में राजनीतिक पार्टियों, रुचि रखने वाले समूह, धार्मिक संगठन और सरकारी एजेंसियां आदि शामिल होती हैं।

ऐम० एस०-पब्लिशर ब्रोशर, समाचार पत्र, व्यापार कार्ड और चित्र मेन्यू सहित अलग-अलग पब्लिकेशन बनाने में हमारी मदद करने के लिए टैम्पलेट और अधिक साधन प्रदान करता है। विज्ञापन के लिए अलगअलग प्रिंट मीडिया नीचे दिए हुए हैं।

  • ब्रोशर (Brochures)
  • न्यूजलैटर (Newsletters)
  • बैनर (Banners)
  • सूची (Catalogs)
  • फ्लाइर्ज (Flyers)

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

ब्रोशर
एक ब्रोशर एक ही सूचना से भरा/कागज़ी दस्तावेज होता है, जो कभी-कभी विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी टैंपलेट, पैंफलेट या लीफलेट में फोल्ड किया जाता है। ब्रोशर एक प्रोत्साहनपरक दस्तावेज है। जो मुख तौर पर किसी भी कंपनी, संस्था, उत्पादों या सेवाओं को जनता के सामने लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ब्रोशर को समाचार पत्र में और व्यस्त स्थानों में ब्रोशर रैकों में रखा जाता है। उसको ग्रे-लिटरेचर भी कहा जा जाता है।

आज-कल के ब्रोशर इलैक्ट्रॉनिक फार्मेट में भी उपलब्ध हैं और इनको ई-ब्रोशर भी कहा जाता है। इन रिवायती कागज़ ब्रोशर की तुलना को ई-ब्रोशर जो कि कम लागत और अनगिनत लाभ पहुंचाते हैं। एक ब्रोशर की सबसे आम किस्म बाइ-फोल्ड (bi-fold) (एक शीट जो दोनों तरफ से छपी होती है, और ट्राई-फोल्ड (जिसे तीने पक्षों में फोल्ड) होती हैं।

MS-Publisher का इस्तेमाल करते हुए ब्रोशर तैयार करना-पब्लिशर में ब्रोशर को तैयार करना।

  • File टेब पर क्लिक करें फिर New और फिर Broucher पर क्लिक करें। ब्रोशर के साथ संबद्ध कई टैम्पलेट होते हैं। अपनी पसंद के अनुसार कोई भी चुनें। अब विर्ड की दायरा और चुने हुए ब्रोशर को कस्टमाइज करने के लिए विकल्प देख सकते हैं।
  • अब, ब्रोशर को कलर स्कीम, फौंट स्कीम, पेज आकार के विकल्प और फार्मों की मदद से कस्टमाइज़ करें।
  • ब्रोशर की कलर, फौंट साइज और फार्म बदलने के बाद Create विकल्प पर क्लिक करें। अब हम अपने ब्रोशर के विवरण को एडिट कर सकते हैं और इसकी पब्लिकेशन के तौर पर सेव कर सकते हैं।

न्यूज़लैटर
आप लोगों को अपने समारोह के बारे में जानकारी देने के लिए न्यूज़लैटर बन सकते हो। न्यूज़लैटर में, आप समारोह में होने वाले प्रोग्रामों के समय के बारे, मुख्य मेहमान के बारे और अन्य भिन्न व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी दे सकते हो।

न्यूज़लैटर बनाने के स्टैप
न्यूज़लैटर बनाने के लिए निम्नलिखित स्टैप का प्रयोग करो :
1. New Publication 10 H, New from a Design # Publication for Print → News letter पर क्लिक करो।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II 1
2. प्रिव्यू गैलरी में से आवश्यकतानुसार न्यूज़लैटर का चुनाव करो। बाय डिफाल्ट, न्यूज़लैटर के चार पन्ने होते हैं। प्रत्येक पन्ने का अलग ले-आऊट होता है। पहले पन्ने पर हैडिंग, डेट, इशु नम्बर, स्टोरी के तीन कालम का स्थान बाईं तरफ होता है।

3. टाईटल को न्यूज़लैटर बाक्स में एवं तिथि को न्यूज़लैटर तिथि टैक्सट बाक्स में लिखो।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II 2
4. Volumel Issuel टैक्सट बाक्स में IssueI लिखो।

अगर आप न्यूज़लैटर का ले-आऊट बदलना चाहते हो तो आपको Page Content Task Pane में दी गई कमांडज़ का प्रयोग करना पड़ेगा।
5. न्यूज़लैटर के अगले पन्नों पर पहले से ही तीन कालम एवं तीन स्टोरीज़ होती हैं। आप विभिन्न पन्नों पर विभिन्न कंटैन्ट प्रयोग कर सकते हो।
6. न्यूज़लैटर में आवश्यक जानकारी देने एवं एडिट करने के बाद, अपने पब्लिकेशन को सेव करो।

बैनर
आप किसी भी समारोह के लिए पब्लिशर में बैनर बना सकते हो और लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच सकते हो। बैनर बनाने के स्टैप
MINIMURGARHIARIETIATIMESGARIENanohagaranMATRIMONIANOTI
बैनर को बनाने के स्टैप इस प्रकार हैं :
1. New Publication Rot A Ă New from a Design Ă Publication for Print → Banners → Event पर क्लिक करो। _ विभिन्न डिज़ाईन के बैनर प्रिव्यू गैलरी में नज़र आएंगे।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II 3
2. प्रिव्यू गैलरी में आवश्यकतानुसार बैनर के डिज़ाईन पर क्लिक करो।
3. फार्मेट मीनू के प्रयोग से, टैक्सट बाक्स कलर एवं फोंट कलर को बदलो।
4. समारोह के अनुसार तस्वीरों को बदलने के लिए Picture पर राईट क्लिक करो। फिर क्लिप आर्ट पर क्लिक करो एवं फिर पिक्चर को चुन कर बैनर पर लगाओ।
5. बैनर में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने के बाद पब्लिकेशन को सेव करो।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II 4

कैटालाग
कैटालाग वस्तुओं की सूची होती है। इसमें उत्पाद, लाइब्रेरी की किताबें, आवाज़ रिकार्डिंग आदि की लिस्ट हो सकती है। कैटालाग को भी बाकी वस्तुओं जैसे ही तैयार किया जा सकता है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

फ्लायर
फ्लायर एक कागज का विज्ञापन होता है जिसे बांटने के लिए प्रयोग करते हैं। यह Photocopy से सस्ते होते हैं। इनका प्रयोग कई प्रकार से होता है। जैसे-

  • लाइव कंसर्ट/नाइट कल्ब, त्योहार आदि में
  • किसी कारोबार को प्रमोट करना।
  • चुनाव के दौरान।
  • संस्था या कंपनी के मैंबर बनना।

पब्लिशर में कई प्रकार के फ्लायर उपलब्ध हैं। इनका चुनाव कर हम इन्हें अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट कर सकते हैं।

व्यापार कार्ड
व्यापार कार्ड एक छोटा-सा कार्ड है जो कि किसी के नाम, व्यवसायों, व्यापार आदि के साथ छपा होता है। उसको व्यापार कार्ड कहते हैं। पब्लिशर में व्यापार कार्ड बनाना –
1. File पर क्लिक करें, फिर New और Business Card पर क्लिक करें। व्यापार कार्ड के साथ संबद्ध ईस्टाल टैंपलेट में बहुत सारे टैंपलेट होते हैं। अपनी पसंद के साथ कोई भी चुन सकते हैं। विर्ड के दाएं ओर, हम कलर स्कीम, फौंट स्कीम, व्यापार की जानकारी, पन्ना आकार के आप्शन और लोगो की मदद से चुने हुए व्यापार कार्ड को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।

2. अब हम व्यापार कार्ड के नीचे दिखाई गई तस्वीर में देख सकते हैं कि व्यापार कार्ड पूर्ण रूप से डिज़ाइन हो गई है। अब हम व्यापार का नाम या कोई नाम और पता आदि बदल सकते हैं।

ग्रीटिंग कार्ड/आमंत्रण पत्र/प्रशंसा कार्ड
ग्रीटिंग कार्ड, आमंत्रण पत्र, प्रशंसा कार्ड अपने दोस्तों को बढ़िया संदेश देने का एक माध्यम होता है जो खास मौकों पर दिया जाता है। यह कार्ड लिफाफे में पैक करके दिया दिया जाता है।इनको भी Publishers की मदद से तैयार किया जा सकता है।

अवार्ड सर्टीफिकेट
अवार्ड सर्टीफिकेट किसी की उपलब्धि की मान्यता को दर्शाता है। यह व्यक्ति या संस्था के खास गुणों की पुष्टि करता है। जिस किसी को भी यह मिलता है उसके कार्य की प्रशंसा होती है तथा दूसरों को प्रेरणा भी मिलती है। Publishers में सर्टीफिकेट आसानी से बनाया जा सकता है। इसमें कई सारे डिजाइन विभिन्न रंगों में उपलब्ध हैं।

एनवेल्प
आप निमन्त्रण-पत्र और चिट्ठियों को भेजने के लिए एनवेल्प बना सकते हो। एनवैल्प बनाने के स्टैप एनवैल्प को बनाने के निम्नलिखित स्टैप हैं-

  • New Publication टास्क पेन में New from a Design में से, Publication for Print → Envelopes पर क्लिक करो।
  • Plain Paper या Special Paper आप्शन में से किसी एक को क्लिक करो।
  • प्रिव्यू गैलरी में किसी एक डिज़ाईन को क्लिक करो।
  • एनवैल्प में लोगो पहले से ही लगा होता है। अगर आप लोगो नहीं लगाना चाहते हो तो आप Logo के नीचे None आप्शन जो कि Envelope option टास्क पेन में नज़र आएगी, पर क्लिक करो।
  • Envelope option टास्क पेन में, size के नीचे सही size को क्लिक करो।
  • पब्लिकेशन को सेव करो।

लेबल
लेबल कागज़ का एक टुकड़ा, पॉलिमार, कपड़ा, धातु या कोई अन्य वस्तु होती है जिसको र या प्रोडक्ट पर लगा सकते हैं। उत्पादों की उत्पत्ति, निर्माता वर्त, शेल्फ-लाईफ और डीस्पोजल आदि की जानकारी प्रदान करने के लेबल के बहुत सारे उपयोग होते हैं। लेबल इनके लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
1. प्रोडक्ट (Products)-स्थायी प्रोडक्ट लेबल में प्रोडक्ट को पूर्ण जीवन दौरान सुरक्षित रहने की ज़रूरत होती है।

2. पैकेजिंग (Packaging)-पैकेजिंग पर लेबल लगा हो सकता है या यह पैकेजिंग का हिस्सा हो सकता है। इन पर कीमत, वारकोड, यू.पी.सी. (यूनिवर्सल प्रोडक्ट कार्ड) की पहचान, उपयोग की विधि, पता, विज्ञापन रैसिपी और बहुत कुछ हो सकता है।

3. संपत्ति (Assets)-औद्योगिक या फैजी वातावरण में संपत्ति लेबलिंग का उपयोग प्रशासन और कामकाज के उद्देश्यों के लिए कंपनी में स्पष्ट तौर पर पहचान करने के लिए की जाती है।

4. वस्त्र (Texttiles)-वस्त्रों में आमतौर पर अलग देखभाल/उपचार के लेबल होते हैं जो आमतौर पर यह दर्शाता है कि आइटम की कैसे धुलाई करनी चाहिए जैसे कि मशीन वॉशेवल या ड्राईक्लीन। टैक्सटाइल लेबल को वस्त्र पर जड़ा जा सकता है और यह गर्मी रोधक, कलर फार्मेट, धोने योग्य (Washable) हो सकता है।

5. मेल-मेल लेबल प्राप्त करता, भेजने वाले और अलग जानकारी जो कि आवाजाई के लिए उपयोगी हो, उसको आईडंटफाई करते हैं।

6. सुरक्षा लेबल-इसको प्रामाणिकता, चोरी कटौती और डुप्लीकेट से सुरक्षा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और आमतौर पर ID कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैकेजिंग और सी०डी०, इलैक्ट्रॉनिक्स उत्पादों से लेकर वस्त्र तक इस्तेमाल किये जाते हैं।

पब्लिशर में लेबल बनाना

  1. File → New → Lables पर क्लिक करो।
  2. Media श्रेणी में CD/DVD Label का चुनाव कर टैंपलेट तथा कलर स्कीम चुनो।
  3. अपनी जानकारी को एडिट करो।
  4. लेबल को सेव करो।

लैटर-हैड
लैटर-हैड एक स्टेशनरी है जिसमें संस्था या किसी व्यक्ति का नाम और पता होता है और यह चिट्ठियों को लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। लैटर-हैड बनाने के स्टैप लैटर-हैड एक स्टेशनरी है जिसमें संस्था या किसी व्यक्ति का नाम और पता होता है और यह चिट्ठियां लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। लैटर-हैड बनाने के स्टैप निम्नलिखित हैं –

  • New Publication टासक पेन में, New from a Design में से Publication for Print Letterhead पर क्लिक करें।
  • Plain paper या Special paper में से किसी एक आप्शन पर क्लिक करें।
  • प्रीवियु गैलरी में से आवश्यकता अनुसार डिज़ाइन चुनें। लैटर हैड में लोगो, स्कूल का नाम और पता दिखेगा।
  • लैटर हैड में लोगो पहले से ही लगा होता है। अगर आप लोगो नहीं लगाना चाहते तो None पर क्लिक करें।
  • सारे बदलाव करने के बाद पब्लिकेशन को सेव करें। लैटर-हैड और पोस्ट-कार्ड में अन्तर लैटर-हैड और पोस्ट-कार्ड में निम्नलिखित अन्तर हैं-
लैटरहैड पोस्ट-कार्ड
1. लैटर-हैड किसी कम्पनी का अधिकारक पेज होता है। 1. पोस्ट-कार्ड चिट्ठी डालने का एक साधन है।
2. लैटर-हैड किसी भी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जा सकता है।  2. पोस्ट-कार्ड न्यौता देने के लिए प्रयोग किया जाता है।
3. लैटर-हैड का आकार बड़ा होता है। 3. पोस्ट-कार्ड छोटे आकार का होता है।
4. लैटर-हैड का आर्डर आदि दिये जाते हैं। 4. पोस्ट-कार्ड से पत्र-व्यवहार किया जाता है।
5. साधारण तौर पर लैटर-हैड आम पेपर की तरह ही होता है। 5. पोस्ट-कार्ड का पेपर मोटा होता है।

कैलेंडर
एक कैलेंडर सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक या प्रशासनिक उद्देश्य के लिए दिनों को प्रदर्शित करने की प्रणाली है। कैलेंडर का उपयोग लोगों की निजी शैड्यूल, समय और गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए भी किया जाता है। कैलेंडर पूर्ण टाइमकिपिंग प्रणाली में उपयोग किया जाता है- जैसे समय के किसी खास पल को दर्शाने के लिए तिथि और समय। ऐम०एस पब्लिशर में कैलेंडर बनानाFile टैब पर क्लिक करें और फिर New और फिर Calendar पर क्लिक करें।

  • उपलब्ध टैपलेट में से कैलेंडर के साथ शब्द टैंपलेट्स अपनी पसंद के अनुसार कोई भी चुनें।
  • अब, कैलेंडर स्कीम, फौंट स्कीम, व्यापार जानकारी, पेज साइज के विकल्पों और खासतौर पर टाइमफ्रेम (एक महीने प्रति पन्ना या एक साल प्रति पन्ना) की मदद से अपने कैलेंडर को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
  • कैलेंडर को कस्टमाइज़ करने के बाद, Create विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब हम नीचे दिए गए चित्र में दिखाई गई कैलेंडर देख सकते हैं। जब हम चाहें तो हम तस्वीर को ऐडिट कर सकते हैं और इस कैलेंडर को पब्लिशर में Save कर सकते हैं।

रिज्यूम
रिज्यूम हमारी उपलब्धियों को संक्षेप रूप में पेश करता है। यह नौकरी का आवेदन देने में काम आता है। यह संक्षेप होता है। यह एक या दो पेज का होता है। जानकारी संक्षेप रखने के लिए बुलेटिड लिस्ट का प्रयोग किया जाता है।

पब्लिशर में रिज्यूम तैयार करना

  • File → New → Resume पर क्लिक करो।
  • उपलब्ध टैंपलेट में अपनी पसंद का चुनाव करें तथा Create पर क्लिक करें।
  • अपनी जानकारी को एडिट करें तथा Save करें।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 8 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-II

करीकयूलम विटे
यह भी रिज्यूम की तरह अनुभव को संक्षेप में पेश करता है। यह रिज्यूम से ज्यादा लंबा होता है। इस में शिक्षा, डिगरी, खोज, पुरस्कार, प्रकाशन तथा अन्य उपलब्धियां शामिल होती हैं। इस को भी रिज्यूम की तरह पब्लिशर में बनाया जा सकता है।

मीनूज
किसी रैस्टोरैंट में खाने पीने की लिस्ट का मीनू होता है। यह एक सूची होती है। यह आर्डर देने का तरीका है। हम पब्लिशर में मीनू डिजाइन कर सकते हैं।

संकेत
यह तस्वीर या शब्दों में पेंट किया कागज, कपड़े, लकड़ी या अन्य सामग्री होती है जो किसी उत्पाद या घटना की जानकारी देता है। पब्लिशर हमें काफी सारे चिन्ह प्रदान करता है इनका प्रयोग करके हम कोई भी संकेत बना सकते हैं।

पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट
पेपर फोल्डिंग प्रोजेक्ट को टुकड़े टैपलेटों में औरोपलेन और आगीगेमी (पेपरों की फोल्ड करके बनाने वाले) प्रोजैक्टों के लिए कागज़ नमूने शामिल होते हैं। इन पेजों में “फील्ड-लाइन’ के साथ और हमारी कागज़ी मास्टर पीस बनाने के लिए हिदायतें शामिल होती हैं।
माइक्रोसोफ्ट पब्लिशर बच्चे के लिए टैंपलेट पेश करता है। इन टैपलेटों में भिन्न-भिन्न पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट जैसे कि हवाई जहाज, नाव, कप तथा अन्य शामिल होते हैं।

पब्लिशर में पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट (Paper Folding Projects in Publisher) नीचे दिए गए पद की पालना करें –

  1. File टैब में New फिर More Templates में Paper folding पर क्लिक करें। मिडल बैनर में बहुत सारे पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट हो सकते हैं।
  2. प्रोजैक्ट का चयन-एक बार जब हम प्रोजैक्टों का चयन करते हैं हम दायें पैनल की कुछ विकल्पों को ऐडिट कर सकते हैं। हम अपनी पसंद के अनुसार रंग स्कीम और प्रोजैक्ट के लिए फौंट स्कीम और टाइपिंग अनुदेश को चुन सकते हैं। उसके बाद प्रोजैक्ट को नई विंडो में खुलने के लिए Create बटन पर क्लिक करें।
  3. अब पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट को ऐडिट करें हम क्लिप आर्ट और टैक्सट को इनसर्ट कर सकते हैं।
  4. अगर हम क्लिप आर्ट इनसर्ट करना चाहते हैं तो विंडो के ऊपर तक जाना है और Insert- Picture-Clip Art पर क्लिक करें।
  5. पेपर फोल्डिंग प्रोजैक्ट के पूरा करने के बाद हम इसको अपने कम्प्यूटर पर सेव कर सकते हैं और इसको प्रिंट कर सकते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पादप कोशिको की इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए-
उत्तर-
पादप कोशिको की इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी संरचना-
इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा पादप कोशिका की संरचना निम्नलिखित अनुसार है। इस सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने पर कोशिका के तीन भाग प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं तथा वे हैं

  1. कोशिका भित्ति
  2. कोशिका द्रव्य तथा
  3. केंद्रक।

I. कोशिका भित्ति (Cell wall) – यह कोशिका का बाह्य आवरण है। यह अजीवित पदार्थ सेल्यूलोज़ का बना होता है। यह कोशिका को आकार प्रदान करती है तथा जल के लिए पारगम्य (Permeable) होती है। यह कोशिका की सुरक्षा करती है तथा ऊतकों को दृढ़ और मज़बूत बनाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 1

II. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – यह एक अर्ध तरल, जैलीनुमा जीवित पदार्थ है। यह स्वभाव में कोलायडी होता है। यह कोशिका में जैविक कार्य करता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, लिपिड, जल, न्यूक्लिक अम्ल तथा खनिज लवण पाए जाते हैं। इसमें निम्नलिखित पिंड या कोशिकांग (Cell organelles) पाए जाते हैं-

(i) लवक (Plastids) – पौधों की कोशिकाओं में तीन प्रकार के लवक पाए जाते हैं-
(क) हरित लवक (Chloroplast) – इनमें एक हरे रंग का पदार्थ क्लोरोफिल होता है जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण में सहायता करता है।
(ख) वर्णी लवक (Chromoplast) – ये नीले, काले अथवा पीले रंग के होते हैं, परंतु इनका रंग हरा नहीं होता।
(ग) अवर्णी लवक (Leucoplast) – ये रंगहीन होते हैं तथा पौधे के प्रकाश से दूर वाले भागों में पाए जाते हैं। ये तने, शाखाओं तथा पत्तियों में हरे रंग के ही होते हैं।

(ii) रिक्तिकाएं (Vacuoles) – पौधों की कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य में बड़ी रिक्तिकाएं पाई जाती हैं। इनमें कोशिका रस भरा होता है। ये कोशिका का लगभग 90% भाग घेरती है। यह कोशिका को दृढ़ता प्रदान करने में भी सहायक होती हैं।

(iii) माइटोकाँड्रिया (Mitochondria) – यह कोशिका के जीव द्रव्य में पाए जाने वाले दानेदार पदार्थों के छोटे समूह हैं। ये ऊर्जा का भंडारण करते हैं।

(iv) अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) – यह एक तरल से भरी हुई अवकोशिका को घेरे हुए झिल्लीदार जाली है। यह दो प्रकार की है-खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (अपनी सतह पर राइबोसोम जुड़े हुए) प्रोटीन संश्लेषण के लिए और चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (बिना राइबोसोम के) लिपिड स्राव के लिए। राइबोसोम कोशिका द्रव्य में अलग से भी होते हैं। जालिका में संश्लेषित कुछ प्रोटीन व लिपिड नए कोशिकीय अंश (विशेषतया कोशिका झिल्ली) बनाने में प्रयुक्त होते हैं। कुछ अन्य, कोशिका के अंदर या जब कोशिका से बाहर स्रावित किए जाते हैं, एंजाइम व हार्मोन के रूप में कार्य करते हैं।

(v) राइबोसोम (Ribosomes) – लाल रक्ताणुओं तथा विकसित शुक्राणुओं के अतिरिक्त ये असीमकेंद्रक तथा ससीमकेंद्रक कोशिकाओं में पाए जाते हैं। प्रत्येक राइबोसोम के दो भाग होते हैं। एक छोटा सब-यूनिट तथा एक बड़ा सब-यूनिट होता है। राइबोसोम आर० एन० ए० (R.N.A.) तथा प्रोटीन के बने होते हैं। ये कोशिका के भीतर प्रोटीन का निर्माण करते हैं।

(vi) गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) – यह एक चिकने, चपटे, नलिकाकार उपक्रम समूह से बना है। ये प्रायः समानांतर पंक्तियों में एक ढेर में होते हैं। गॉल्जी उपकरण कोशिका का स्त्रावी अंगक है। यह कोशिका में संश्लेषित पदार्थों के पैकेज बनाकर कोशिका के अंदर (प्लाज्मा झिल्ली व लाइसोसोम) व बाहर के लक्ष्यों को भेजता है। गॉल्जी सम्मिश्रण लाइसोसोम और परॉक्सिम को बनाने में भी शामिल हैं। गॉल्जी उपकरण पौधों में जब छोटी इकाइयों में होते हैं, तो जालीकाय (डिक्टियोसो’:) कहलाते हैं।

III. केंद्रक (Nucleus) – यह एक प्रमुख गोलाकार या अंडाकार संरचना है जो प्रायः कोशिका के केंद्र के निकट स्थित होता है। यह सभी कोशिकीय गतिविधियों का नियंत्रण केंद्र है। यह एक द्विपरती झिल्ली, केंद्रीय झिल्ली से घिरा होता है जो इसे कोशिका द्रव्य से अलग करती है। केंद्रकीय झिल्ली में कुछ छिद्र होते हैं। केंद्रक के मुख्य अवयव हैं (क) क्रोमेटिन पदार्थ जो एक धागेनुमा संरचना के रूप में है, और (ख) केंद्रक जिसमें अधिकतर आर० एन० ए० होता है। आर० एन० ए० कोशिका द्रव्य में प्रोटीन बनाने में सहायता करता है। क्रोमेटिन पदार्थ, मुख्यतया डी० एन० ए० से बना होता है। यह आनुवंशिक सूचनाओं को संचित करने व एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में प्रेषित करने के लिए उत्तरदायी है। कोशिका विभाजन के साथ यह सघन छड़नुमा पिंडों-गुणसूत्रों (Chromosomes) में संघनित हो जाते हैं। गुणसूत्रों में जीन होते हैं जो डी० एन० ए० के खंड हैं। एक जीन गुणसूत्र की कार्यात्मक इकाई है। केंद्रक कोशिका की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 2.
कोशिका के केंद्रक की संरचना और कार्य का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर-
कोशिका के मध्य में विद्यमान गोलाकार या अंडाकार संरचना को केंद्रक कहते हैं। इसकी सर्वप्रथम खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की थी। प्रायः एक कोशिका में एक केंद्रक होता है। केंद्रक में निम्नलिखित प्रमुख भाग होते हैं-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 2

1. केंद्रक झिल्ली – केंद्रक के चारों ओर दोहरे परत का एक आवरण होता है जिसे केंद्रक झिल्ली कहते हैं। इसमें छोटे-छोटे अनेक छिद्र होते हैं जिनके द्वारा केंद्रक के भीतर का केंद्रक द्रव्य बाहर जा सकता है। असीम केंद्र की कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली नहीं होती।

2. केंद्रक द्रव्य – केंद्रक झिल्ली से घिरे पदार्थ को केंद्रक द्रव्य कहते हैं। यह पारदर्शी, कोलॉइजी तरल होता है जो न्यूक्लियो प्रोटीन से बना होता है। इस में राइबोसोम्ज, खनिज लवण, एंजाइम, आर० एन० ए०, क्रोमेटिन धागे तथा केंद्रिक पाए जाते हैं।

3. क्रोमैटिन पदार्थ – क्रोमैटिन पदार्थ धागे के समान बारीक रचनाओं का जाल होता है। जब कभी कोशिका का विभाजन होने वाला होता है तो वह क्रोमोसोम में संगठित हो जाता है। क्रोमोसोम (गुणसूत्र) में आनुवंशिक गुण होते हैं जो माता-पिता से DNA (डिऑक्सी राइबो-न्यूक्लिक अम्ल) अणु रूप में अगली पीढ़ी में जाते हैं। डी० एन० ए० तथा प्रोटीन से गुणसूत्र बनते हैं और इनमें कोशिका के निर्माण और संगठन की सभी विशेषताएँ उपलब्ध होती हैं। डी० एन० ए० के क्रियात्मक खंड को जीन कहते हैं। जिस कोशिका का विभाजन नहीं हो रहा होता उसमें डी० एन० ए० क्रोमैटिन के रूप में रहता है। विभिन्न जीवधारियों में क्रोमोसोम की संख्या अलग-अलग होती है पर एक ही जाति के सभी प्राणियों में इनकी संख्या एक समान होती है। क्रोमोसोम की संरचना में बदलाव होने से जीव-जंतुओं में विभिन्नताएं उत्पन्न हो जाती हैं। केंद्रक में आर० एन० ए० रिबोन्यूक्लिक अम्ल है जो केंद्रिका में प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।

4. केंद्रिक – कोशिका के केंद्रक में एक या दो केंद्रिका होती हैं। इस में प्रोटीन, आर० एन० ए० तथा डी० एन० ए० होते हैं। असीम केंद्रकी कोशिकाओं में केंद्रिक नहीं होता। बैक्टीरिया जैसे कुछ जीवों में कोशिका का केंद्रकीय क्षेत्र बहुत कम स्पष्ट होता है क्योंकि इसमें केंद्रक झिल्ली की अनुपस्थिति रहती है।

केंद्रिक के कार्य

  1. यह आनुवंशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थानांतरण का आधार है।
  2. यह कोशिका विभाजन के लिए जिम्मेदार होता है।
  3. यह कोशिका की सभी उपापचय क्रियाओं पर नियंत्रण रखता है।
  4. यह शरीर की वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त नोट लिखो
(i) क्लोरोप्लास्ट
(ii) अंतःद्रव्यी जालिका
(iii) गॉल्जीकाय।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 3
(i) क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) – ये कोशिका द्रव्य में हरे पौधों की समस्त कोशिकाओं में पाये जाते हैं। इनकी संख्या एक से सौ तक हो | राइबोसोम
ग्रैनम सकती है। ये प्रायः तश्तरीनुमा अथवा कुछ पौधों की कोशिकाओं में गोलाकार हो सकते हैं। स्पाइरोगायरा के क्लोरोप्लास्ट फीते या रिबन के समान होते हैं, परंतु क्लेमाइडोमोनास के हरितकवक प्यालेनुमा होते हैं। हरित लवक के चारों ओर दोहरी पर्त वाली इकाई की बनी दो झिल्लियां होती हैं। ग्रेनम लैमिली द्वारा जुड़े होते हैं। थैलेनुमा थाइलेकोइडस स्ट्रोमा में एक के ऊपर एक चट्टे के समान स्थित होते हैं। इसमें आनुवंशिक पदार्थ भी होता है।

क्लोरोप्लास्ट के कार्य-

  1. ये प्रकाश-संश्लेषण का कार्य करते हैं और CO2, H2O से सूर्य की विकिरण ऊर्जा की उपस्थिति में भोजन तैयार करते हैं।
  2. प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया में ऑक्सीजन मुक्त होती है।
  3. ये कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण करते हैं। अतः ये कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की सामान्य सांद्रता का स्थिरीकरण करते हैं।
  4. हरित लवक, वर्णी लवकों में परिवर्तित हो जाते हैं-उदाहरण फलों के छिलके।

(ii) अंतःद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) – यह कोशिका के कोशिका द्रव्य में झिल्लियों का जाल होता है। यह दो प्रकार का होता है। चिकनी अंत: द्रव्यी जालिका तथा रूक्ष अंतः द्रव्यी जालिका। राइबोसोम्स रूक्ष अंतः द्रव्यी जालिका से जुड़े होते हैं। चिकनी अंत: प्रद्रव्यी जालिका पर कोई राइबोसोम नहीं होता, ये कलाविहीन कोशिकांग होते हैं। यह कोशिका के अंदर विभिन्न पदार्थों का भंडारण करते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 4

(iii) गॉल्जीकाय (Golgi Body) – इन्हें गॉल्जी काम्पलैक्स या गॉल्जी उपकरण कहते हैं। ये पोलीसेकेहेराइडस, लिपिड्स तथा अन्य पदार्थों के श्रावण तथा उन्हें कोशिका से बाहर निकालने में लगी होती हैं। पौधों में ड्रिक्टियोसोम्स कोशिका भित्ति संश्लेषण में शामिल होती हैं। गॉल्जी काय पुटिकाओं, थैलियों तथा नलिकाओं की बनी होती हैं। ये थैली या थैले के समान होती हैं तथा एक के ऊपर एक चट्टेनुमा रखी होती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 5

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 4.
माइटोकाँड्रिया का सचित्र वर्णन करो। इन्हें कोशिका का ऊर्जा घर क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
माइटोकॉड्रिया (Mitochondria) – ये बहुत ही सूक्ष्म कोशिकांग हैं जो कोशिका में अधिक संख्या में पाए जाते हैं। इनका आकार 0.5 से 2 माइक्रॉन तक होता है। अमीबा की कुछ जातियों में इनकी संख्या 5,00,000 तक होती है। ये केवल इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा ही देखे जा सकते हैं। ये छड़ आकार, धागानुमा अथवा गोलाकार रचनाएं होती हैं। प्रत्येक माइटोकाँड्रिया के चारों ओर लाइपो प्रोटीन की एक दोहरी झिल्ली होती है। इसकी भीतरी परत अंदर की ओर धंसकर कई प्रकार के उभार बनाती है जिन्हें क्रिस्टी कहते हैं। माइटोकाँड्रिया के भीतरी द्रव को मैट्रिक्स (Matrix) कहते हैं। माइटोकॉड्रिया द्रव से भारी होते हैं। माइटोकॉड्रिया में डी० एन० ए० (DNA) भी पाया जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 6

माइटोकॉड़िया ऊर्जा घर के रूप में – इनमें काफ़ी मात्रा में एंजाइम होते हैं। माइटोकांड्रिया को कोशिका में भोजन पदार्थों के ऑक्सीकरण का स्थान माना गया है। इसके श्वसन के द्वारा काफ़ी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। इसी कारण से माइटोकॉड्रिया को कोशिको का ऊर्जा घर कहा जाता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
कोशिका क्या है ? कोशिका के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
कोशिका – कोशिका जीव की संरचना तथा कार्य की एक इकाई है। इसमें जीवन देने वाला पदार्थ जीव द्रव्य पाया जाता है। यह पदार्थ प्लाज्मा झिल्ली अथवा कोशिका झिल्ली से घिरा होता है।

कोशिका के मुख्य कार्य-

  1. यह पाचन में सहायता करती है।
  2. यह ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायक है।
  3. यह पदार्थों के स्त्रावण में सहायता करती है।
  4. यह आवश्यक पदार्थों के संश्लेषण में सहायता करती है।

प्रश्न 2.
ससीमकेंद्री (Eukaryotic cell) कोशिका किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ससीमकेंद्री कोशिका – ऐसी कोशिका जिसमें केंद्रक स्पष्ट रूप से पाया जाता है जो केंद्रक कला द्वारा घिरा होता है उसे ससीमकेंद्री कोशिका कहते हैं। इसमें कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक स्पष्ट होते हैं।
उदाहरण – जंतु तथा पादप कोशिका।

प्रश्न 3.
असीमकेंद्री कोशिका क्या है ?
उत्तर-
असीमकेंद्री कोशिका – इस कोशिका में केंद्रक स्पष्ट रूप में नहीं होता। इसे न्यूक्लीओइड (Nucleoid) कहते हैं। इसमें केंद्रक कला अनुपस्थित होती है।

उदाहरण – जीवाणु (Bacteria) कोशिका तथा नील-हरित शैवाल की कोशिकाएं (Cells of blue-green algae)

प्रश्न 4.
एककोशिकीय जीव तथा बहुकोशिकीय जीव का उदाहरण देकर व्याख्या करो।
उत्तर-
एककोशिकीय जीव तथा बहुकोशिकीय जीव की उदाहरण सहित व्याख्या-

जीव का प्रकार व्याख्या एवं उदाहरण
I. एककोशिकीय जीव (i) इनका शरीर एक कोशिका का बना होता है।

(ii) इसकी सभी जैविक क्रियाएं (भौतिक और रासायनिक) जैसे श्वसन तथा पोषण आदि एक कोशिका द्वारा होती हैं।

(iii) इसमें अमीबा (प्रोटोजोआ) बैक्टीरिया तथा क्लेमाइडोमोनास आदि आते हैं।

II. बहुकोशिकीय जीव (i) इनका शरीर लाखों कोशिकाओं का बना होता है।

(ii) इन जीवों के शरीर के विभिन्न भाग वही क्रियाएं करते हैं, जिनके वह अनुकूलित होते हैं।

(iii) इसमें कवक, पौधे, जंतु, हवेल, बरगद का वृक्ष, हाथी, मनुष्य तथा मेंढक आदि आते हैं।

प्रश्न 5.
कोशिका में पाए जाने वाले अजीवित पदार्थ कौन-से हैं ?
उत्तर-
कोशिका में पाए जाने वाले अजीवित पदार्थ – कुछ रासायनिक तथा उत्सर्जी पदार्थ कोशिका में पाए जाते हैं। ये पदार्थ स्टॉर्च के कण, शर्करा, वसा, प्रोटीन, खनिज तथा एलकेलाइडस होते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 6.
कोशिका झिल्ली और कोशिकी भित्ति में क्या अंतर है ? प्रत्येक के कार्य बताइए।
उत्तर-
कोशिका झिल्ली तथा कोशिका भित्ति में अंतर-

कोशिका झिल्ली (Plasma membrane) कोशिका भित्ति (Cell wall)
(1) यह सभी कोशिकाओं के जीव द्रव्य के चारों ओर पाई जाती है। (1) यह पौधों, जीवाणुओं, हरी नीली काई की कोशिकाओं की कोशिका कला के चारों ओर पाई जाती है।
(2) यह प्रोटीन की बनी हुई होती है। (2) यह सैल्यूलोज़ की बनी हुई होती है।
(3) यह स्वभाव में महीन व लचीली होती है। (3) यह मोटी तथा सख्त होती है।

प्रश्न 7.
कोशिका में विद्यमान दोनों न्यूक्लिक एसिड के नाम बताइए। वे क्या कार्य करते हैं ?
उत्तर-
कोशिकाओं में पाए जाने वाले दो न्यूक्लिक एसिड हैं-
(1) डी० एन० ए० (डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड) (DNA)
(2) आर० एन० ए० (राइबोन्यूक्लिक एसिड) (RNA)।

1. डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड के कार्य – इसमें जीन्स होती है। यह आनुवंशिक सूचनाओं को एकत्रित करता है तथा इन्हें अगली पीढ़ी में वंशागत करता है। यह एक प्रकार का आनुवंशिक पदार्थ है। यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में पाया जाता है।

2. राइबोन्यूक्लिक एसिड के कार्य – यह कई प्रकार के विषाणुओं (viruses) में आनुवंशिक पदार्थ होता है। यह कोशिका द्रव्य में प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करने में सहायक होता है।

प्रश्न 8.
जीन क्या है ? इसके कार्य के बारे में लिखिए।
उत्तर-
जीन तथा उसके कार्य – यह डी० एन० ए० का खंड होता है। यह क्रोमोसोम पर एक के ऊपर एक क्रम में स्थित होती है। जीन आनुवंशिक गुणों के निर्धारण की इकाई है। आमतौर पर एक लक्षण जीन के एक जोड़े से नियंत्रित होता है, जो होमोलोगस क्रोमोसोम पर एक विशिष्ट स्थान पर होते हैं। ऐसे जीनों को एलील कहते हैं।

जीन के कार्य-

  1. जीन सजीवों के लक्षणों के लिए उत्तरदायी है।
  2. जीन सजीवों की लंबाई एवं शक्ल निर्धारित करते हैं।
  3. जीनज वर्णकों की उत्पत्ति में ही सहायक हैं।

प्रश्न 9.
कौन-सा कोशिकांग ‘पाचक थैली’ कहलाता है और क्यों ?
उत्तर-
लाइसोसोम को प्रायः ‘पाचक थैली’ कहते हैं। ये सभी कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये थैलीनुमा रचनाएं एक हरी झिल्ली द्वारा घिरी होती हैं। इन थैलीनुमा रचनाओं में अनेक पाचक विकर होते हैं। इन्हें पाचक थैलियां (Digestive bags) भी कहते हैं। ये विकर लाइसोसोमस से युक्त होकर अनेक कोशिका द्रव्यी रचनाओं को नष्ट कर देते हैं। लाइसोसोम भोजन के कणों, अन्य बाह्य कार्यों, कोशिका के पुराने कटे-फटे कोशिकांगों के पाचन में सहायता करते हैं। इसमें प्रायः पुरानी कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। अतः इन्हें कोशिका की ‘पाचक थैलियां’ कहा जाता है अथवा आत्मघाती थैलियां भी कहते हैं।

प्रश्न 10.
कौन-से कोशिकांग कोशिका के ऊर्जा संयंत्र हैं ? संक्षेप में इनके कार्य बताइए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया को कोशिका के ऊर्जा संयंत्र कहते हैं।
माइटोकांडिया के कार्य – इसमें कोशिका के भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है। इसके श्वसन के फलस्वरूप ऊर्जा मुक्त होती है। ये ऊर्जा को एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट के रूप में संचित करते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 11.
पौधों में रिक्तिकाओं के कार्य बताओ।
उत्तर-
पौधों में रिक्तिकाओं के कार्य – पौधों की कोशिकाओं में रिक्तिकाएं कोशिका द्रव्य में पाई जाती हैं। इनमें कोशिका रस भरा होता है। पौधों की कोशिकाओं का लगभग 90% भाग रिक्तिकाओं द्वारा घिरा होता है। जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएं छोटी होती हैं। यह पौधों की स्फीति (turgidity) तथा दृढ़ता प्रदान करती हैं।

प्रश्न 12.
राइबोसोम तथा तारककाय में अंतर बताइए।
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosome) तथा तारककाय (Centrosome) में अंतर-

राइबोसोम (Ribosome) तारककाय (Centrosome)
(1) ये सूक्ष्म दानेदार, गोल संरचनाएं हैं। (1) यह एक सूक्ष्म पारदर्शक काय है।
(2) ये जीव-द्रव्य में स्वतंत्र अवस्था में तथा अंत:द्रव्यी जालिका से जुड़े रहते हैं। (2) यह केवल जंतु कोशिकाओं में केंद्रक की केंद्रक झिल्ली के समीप स्थित होता है।
(3) राइबोसोम में RNA तथा प्रोटीन होते हैं। (3) इसकी रचना में बिंदु के समान दो सूक्ष्म रचनाएं होती हैं जिनसे एस्टर किरणें निकलती हैं।
(4) राइबोसोम प्रोटीन निर्माण के स्थल होते हैं। (4) यह जंतु कोशिका के विभाजन में सहायक होता है।

प्रश्न 13.
राइबोसोम किस पदार्थ के बने होते हैं ? कोशिका में इनका क्या कार्य है और प्रोकैरियोटिक कोशिका में यह कहाँ होते हैं ?
उत्तर-
राइबोसोम RNA प्रोटीन का बना होता है। यह कोशिका में उपस्थित अंतर्द्रव्यी जालिका के धागों पर स्थित होता है। यह प्रोकैरियोटिक कोशिका के कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से उपस्थित होता है। इनका मुख्य कार्य प्रोटीन संश्लेषित करना है।

प्रश्न 14.
गॉल्जीकाय द्वारा स्रावित पदार्थ कहाँ एकत्रित होता है ? पौधों में गॉल्जीकाय को क्या नाम दिया गया है ?
उत्तर-
गॉल्जीकाय द्वारा रिसा पदार्थ रसधानियों में एकत्रित होता है। पौधों में गॉल्जीकाय का नाम डिक्टियोसोम (Dictyosome) है। यह कोशिका भित्ति बनाने में काम आते हैं।

प्रश्न 15.
हम माइटोकॉड्रिया को कोशिका का ऊर्जागृह क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
माइटोकाँडिया में ऑक्सीकारक एंजाइम होते हैं जो भोजन के कार्बोहाइड्रेट्स ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा उत्पादन के लिए उत्तरदायी हैं । यह उत्पादित ऊर्जा कोशिका द्वारा प्रयोग की जाती है। इसलिए इसे कोशिका का ऊर्जागृह कहते हैं।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित शब्दों की परिभाषा दीजिएजीव द्रव्य, कोशिका द्रव्य, केंद्रक द्रव्य।
उत्तर-
जीव द्रव्य (Protoplasm) – यह जीवन का आधार है तथा कोशिका कला के अंदर पाया जाता है। इसमें कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक द्रव्य दोनों आते हैं।

कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) – यह कोशिका कला तथा केंद्रक के मध्य पाया जाता है। यह एक गाढ़ा, पारदर्शक, जैली के समान पदार्थ है। इसमें विभिन्न प्रकार के कोशिकांग होते हैं।

केंद्रक द्रव्य (Nucleosplasm) – यह कोशिका के केंद्रक में पाया जाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 17.
पक्ष्माभ तथा कशाभ में अंतर बताइए।
उत्तर-
पक्ष्माभ तथा कशाभ में अंतर-

पक्ष्माभ (Cilia) कशाभ (Flagella)
(1) एक कोशिका में पक्ष्माभ की संख्या 1400 तक होती है। (1) प्रत्येक कोशिका में कशाभ की संख्या एक अथवा दो होती है।
(2) इनकी लंबाई 5-10μ होती है। (2) इनकी लंबाई 100-150μ तक होती है।
(3) पक्ष्माभ कोशिका की सारी सतह पर होते हैं। (3) यह कोशिका के एक सिरे पर होते हैं।
(4) इसमें घुमावदार गति (Sweeping movement) प्रदर्शित होती है। (4) इसमें लहरदार गति (Undulating movement) प्रदर्शित होती है।
(5) ये सूक्ष्म कोशिकीय विस्तार हैं। (5) ये लंबे कोशिकीय विस्तार हैं।

प्रश्न 18.
ग्रेना तथा स्ट्रोमा में अंतर बताइए।
उत्तर-
ग्रेना (Grana) तथा स्ट्रोमा (Stroma) में अंतर-

ग्रेना (Grana) स्ट्रोमा (Stroma)
(1) यह चपटी थैलियों जैसी संरचना होती है जो एक-दूसरे के ऊपर सिक्कों के रूप में पड़ी होती हैं। ये एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। (1) यह क्लोरोप्लास्ट का आधात्री पदार्थ है जिसमें ग्रेना तथा पटलिकाओं जैसी रचनाएं होती हैं।
(2) इसमें प्रकाश संश्लेषणीय वर्णक होते हैं। ये क्लोरोप्लास्ट की इकाई होते हैं। (2) इनमें वर्णक द्रव्य नहीं होते।
(3) ये लाइपो-प्रोटीन पदार्थ के बने होते हैं। (3) ये जलीय प्रोटीन पदार्थ के बने होते हैं।

प्रश्न 19.
कोशिका भित्ति के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
कोशिका भित्ति के कार्य-

  1. यह कोशिका की सुरक्षा करती है।
  2. यह कोशिका को निश्चित आकृति प्रदान करती है।
  3. यह पारगम्य होती है। इस द्वारा खनिज घोल कोशिका में प्रवेश पाते हैं।
  4. ये समीपवर्ती कोशिकाओं को बाँधे रखती है।
  5. यह पादप कोशिका के भीतर स्फीति (turgidity) बनाये रखती है।

प्रश्न 20.
प्लाज्मा झिल्ली के मुख्य कार्य बताओ।
उत्तर-
प्लाज्मा झिल्ली के कार्य-

  1. यह कोशिकाओं को आकृति प्रदान करती है।
  2. यह अंदर की कोशिकांगों की सुरक्षा करती है।
  3. यह कोशिकाओं के भीतर के सभी पदार्थों को घेरे रखती है।
  4. यह विभिन्न पदार्थों को एक अंश का कोशिका के अंदर तथा बाहर जाने देती है क्योंकि यह अर्ध-पारगम्य है।

प्रश्न 21.
आप प्याज़ की झिल्ली की कोशिकाएँ किस प्रकार दर्शाएं ?
उत्तर-
प्याज़ के छोटे-से टुकड़े की अवतल सतह से चिमटी की सहायता से झिल्ली उतारो और पानी वाले वांच ग्लास में रखो ताकि झिल्ली मुड़ने और सूखने से बची रहे। काँच की एक स्लाइड लो और उस पर पानी की एक बूंद डालो। इस पर झिल्ली के एक टुकड़े को बिल्कुल सीधी रखो। इस पर एक बूंद आयोडीन डालो और इसे कवर स्लिप से ढक दो। कवर स्लिप में वायु के बुलबुले नहीं होने चाहिए। इसे संयुक्त सूक्ष्मदर्शी से देखो।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 7

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 22.
मानव शरीर की विभिन्न कोशिकाओं के चित्र बनाओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 8

प्रश्न 23.
कोशिका भित्ति की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर-
पौधों, कवक तथा बैक्टीरिया की कोशिकाओं को कोशिका भित्ति अपेक्षाकृत कम तनु विलयन में बिना फटे बचा कर सुरक्षित रखती है। ऐसे माध्यम से कोशिका परासरण विधि से पानी ग्रहण कर लेती है और कोशिका फूल जाती है तथा कोशिका भित्ति पर दबाव डालती है। कोशिका भित्ति भी फूली हुई कोशिका के प्रति समान रूप से दबाव डालती है। कोशिका भित्ति के कारण पादप कोशिकाएँ परिवर्तनीय माध्यम को जंतु कोशिका की अपेक्षा अधिक सरलता से सहन कर सकती हैं ।

प्रश्न 24.
केंद्रक की संरचना का चित्र बनाओ जैसा कि इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में दिखाई देता है।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदशी में केंद्रक की संरचना-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 9

प्रश्न 25.
केंद्रक के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर-

  1. केंद्रक कोशिका की क्रियाशीलता को बनाए रखने का कार्य करता है।
  2. कोशिका के सभी प्रमुख क्रियाकलापों पर यही नियंत्रण बनाए रखता है।
  3. केंद्रक कोशिका विभाजन में सहायक होता है।
  4. केंद्रक जनन क्रिया में सहयोग देता है।

प्रश्न 26.
बहुकोशिकीयता के क्या लाभ होते हैं ?
उत्तर-
बहुकोशिकीयता (Multicellularity) के कारण निम्नलिखित लाभ होते हैं-

  1. इसके कारण उच्च वर्ग के जीवों में श्रम विभाजन का कार्य संपन्न होता है।
  2. कोशिकाएं विभेदन के कारण विशिष्ट रूप धारण कर विशेष कार्यों को कराती हैं।
  3. कोशिकाएं एक-दूसरे के सहयोग से कार्य कराती हैं।
  4. प्राणियों में विकास और वृद्धि इसी कारण होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 27.
कोशिका में रसधानियां क्या होती हैं ? इनके कार्य लिखिए।
उत्तर-
रसधानियां वे संग्राहक थैलियां होती हैं जिनमें ठोस और तरल पदार्थों का संग्रह होता है।

इनके निम्नलिखित कार्य होते हैं-

  1. पदार्थों के लिए आवश्यक प्रोटीन, कार्बनिक अम्ल, शर्करा, अमीनो अम्ल आदि इनमें विद्यमान होते हैं।
  2. रसधानियों में भरा कोशिका द्रव्य कोशिकाओं को स्फीति और कठोरता प्रदान करता है।
  3. ये जल और अपशिष्ट पदार्थों के एक कोशी जीवों के शरीर से बाहर निकालती है।
  4. अमीबा रसधानी से ही अपने प्रयोग के लिए खाद्य प्राप्त करता है। पादप कोशिकाओं में रसधानियों का आधार बड़ा होता है जबकि जंतु कोशिकाओं में इनका आधार छोटा होता है।

प्रश्न 28.
एक कोशिका के संगठन का वर्णन करो।
उत्तर-
कोशिका का संगठन-

क्रम संख्या कोशिका के भाग व्याख्या
(1) कोशिका झिल्ली यह कोशिकाओं की बाहरी दीवार बनाती है।
(2) जीव द्रव्य यह कोशिकाओं में जीवन देने वाला पदार्थ है।

प्रश्न 29.
माइटोकांड्रिया और लाइसोसोम में रचना और कार्य का अंतर चित्र सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया और लाइसोसोम में अंतर-

माइटोकांड्रिया (Mitochondria) लाइसोसोम (Lysosomes)
(1) माइटोकांड्रिया छड़ आकार के अंगक हैं कोशिका द्रव्य में होते हैं। (1) लाइसोसोम कोशिका-द्रव्य में सूक्ष्म गोलाकार अंगक है। कोशिका द्रव्य में होते हैं।
(2) यह दोहरी झिल्ली से घिरा होता है। (2) यह इकहरी झिल्ली से घिरा होता है।
(3) माइटोकांड्रिया की भीतरी भित्ति उंगली जैसी रचनाओं में फैली होती है जिन्हें क्रिस्टी (Cristae) कहते हैं। (3) इसमें क्रिस्टी नहीं होते।
(4) इनमें श्वसन एंजाइम होते हैं। (4) इनमें हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं जो पाचन का कार्य करते हैं।
(5) इन्हें कोशिका के ऊर्जा गृह भी कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 10

(5) इन्हें कोशिका की आत्महत्या की थैलियाँ भी कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 11

प्रश्न 30.
पादप कोशिका के विशिष्ट भाग/अंगक के कार्य बताइए।
उत्तर-
कोशिका भित्ति (Cell Wall) के कार्य-

  1. यह यांत्रिक शक्ति और सुरक्षा प्रदान करती है।
  2. यह कोशिका की स्फीत स्थिति बनाए रखती है।
  3. यह परासरण नियंत्रण के द्वारा कोशिका को फटने से बचाती है।
  4. यह पानी और खनिज पदार्थ के गति का मार्ग है।

क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) – यह अंगक प्रकाश-संश्लेषण का स्थल है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, पानी तथा प्रकाश की ऊर्जा की सहायता से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण होता है।

बड़ी केंद्रीय रसधानी (Large Central Vacuole)-

  1. यह विभिन्न पदार्थों (अपशिष्ट पदार्थ भी) को संग्रहित करती है।
  2. यह कोशिका की परासरण क्रियाओं में भाग लेती है।
  3. कभी-कभी यह लाइसोसोम के समान भी कार्य करती है।

प्रश्न 31.
क्रोमोसोम किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
कोशिका विभाजन के समय केंद्रक में धागे की तरह दिखाई देने वाली रचनाओं को क्रोमोसोम कहते हैं। प्रत्येक जीव में इनकी अलग-अलग संख्या होती है। आलू में 48, कुत्ते में 64 और मनुष्य में इनकी 46 (23 जोड़े) संख्या होती है। हर एक क्रोमोसोम में दो क्रोमेटिड होते हैं जिन पर जीन होते हैं और उन्हें ही आनुवंशिकता के लिए उत्तरदायी माना जाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 32.
जीवन की कार्यात्मक इकाई क्या है ? परिभाषित करिए।
उत्तर-
जीवन की कार्यात्मक इकाई कोशिका है।
कोशिका – यह जीव द्रव्य का एक छोटा-सा पिंड होता है जिसके द्वारा जीव की सभी क्रियाएं जैसे कि उपापचय, चेतनता, जनन, प्रचलन आदि संपन्न होती हैं।

प्रश्न 33.
कौन-सा कोशिकांग ‘आत्मधाती थैली’ कहलाता है ? और क्यों ?
उत्तर-
लाइसोसोम को प्रायः ‘आत्मधाती थैली’ कहते हैं। ये सभी कोशिकाओं में पाए जाते हैं । ये थैलीनुमा रचनाएं एक हरी झिल्ली द्वारा घिरी होती हैं। इन थैलीनुमा रचनाओं में अनेक पाचक विकर होते हैं। इन्हें आत्मधाती थैलियां भी कहते हैं । ये विकर लाइसोसोमस से युक्त होकर अनेक कोशिका द्रव्यी रचनाओं को नष्ट कर देते हैं। लाइसोसोम भोजन के कणों, अन्य बाह्य कार्यों, कोशिका के पुराने कटे-फटे कोशिकांगों के पाचन में सहायता करते हैं। इसमें प्राय: पुरानी कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। अतः इन्हें कोशिका की ‘आत्मधाती थैलियां’ कहा जाता है।

प्रश्न 34.
कौन-से कोशिकांग कोशिका के ऊर्जा संयंत्र हैं ? संक्षेप में इनके कार्य बताइए।
उत्तर-
माइटोकांड्रिया को कोशिका के ऊर्जा संयंत्र कहते हैं।

माइटोकांड्रिया के कार्य – इसमें कोशिका के भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है। इसके श्वसन के फलस्वरूप ऊर्जा मुक्त होती है। ये ऊर्जा को एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट के रूप में संचित करते हैं।

प्रश्न 35.
निम्नलिखित प्रत्येक कोशिका अवयव का मुख्य कार्य क्या है ?
(क) प्लैज्मा झिल्ली
(ख) सूत्र कणिका (माइटोकांडिया)
(ग) गुण-सूत्र
(घ) न्यूक्लिओलस (केंद्रिका)
(ङ) लाइसोसोम
(च) कोशिका भित्ति
(छ) राइबोसोम
(ज) क्लोरोप्लास्ट
(झ) गॉल्जी उपकरण
(अ) परॉक्सिसोम।
उत्त-

कोशिका अवयव (Organelle) कार्य (Role)
(क) प्लैज्मा झिल्ली पदार्थों के कोशिका के भीतर आने या बाहर जाने पर नियंत्रण रखना।
(ख) माइटोकांड्रिया कोशिका का ऊर्जा गृह कार्बोहाइड्रेट के विखंडन द्वारा ऊर्जा पैदा करना।
(ग) गुण-सूत्र (Chromosome) (i) ये डी० एन० ए० पर उपस्थित होते हैं जो आनुवंशिक लक्षणों के वाहक होते हैं।

(ii) यह कोशिका की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

(घ) (केंद्रिका) (Nucleolus) राइबोसोम के निर्माण तथा आनुवंशिक सूचनाएं ले जाने में मध्यस्थ का कार्य।
(ङ) लाइसोसोम अंतर कोशिकीय पाचन तंत्र का कार्य।
(च) कोशिका भित्ति कोशिका को यांत्रिक शक्ति तथा सुरक्षा प्रदान करना।
(घ) राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करना।
(ज) क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण द्वारा खाद्य निर्माण करना
(झ) गॉल्जी उपकरण लाइसोसोमस तथा परऑक्सीसोमस का निर्माण।
(अ) परॉक्सिसोम ऑक्सीकरण अभिक्रियाएं करना।

प्रश्न 36.
हेप्लोइड तथा डिप्लोइड कोशिकाओं में अंतर बताओ।
चित्र-हेप्लोइड तथा डिप्लोइड कोशिकाओं में अंतर-

हेप्लोइड कोशिकाएं (Haploid Cells) डिप्लोइड कोशिकाएँ (Diploid Cells)
(1) कोशिकाएँ जिनमें क्रोमोसोम के जोड़े नहीं होते। (1) कोशिकाएं जिनमें क्रोमोसोम होमोलोगोस जोड़ों में होते हैं।
(2) बहुत-से जंतुओं और पौधों की जनन कोशिकाएं और युग्मक हेप्लोइड होती हैं। (2) बहुत-से उच्च श्रेणी के जंतुओं और पौधों की कायिक कोशिकाएं डिप्लोइड होती हैं।
(3) हेप्लोइड (N) डिप्लोइड (2N) संख्या का आधा होता है। (3) डिप्लोइड (2N) हेप्लाइड (N) संख्या का दुगुना होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
जीवन की कार्यात्मक इकाई क्या है ?
उत्तर-
कोशिका (Cell) जीवन की कार्यात्मक इकाई है।

प्रश्न 2.
कोशिका के तीन भागों के नाम लिखो।
उत्तर-
कोशिका भित्ति, कोशिका द्रव्य, केंद्रक।

प्रश्न 3. कोशिकांगों के नाम लिखें।
उत्तर-
अंतः प्रद्रव्यी जालिका, माइटोकाँड्रिया, राइबोसोम, गॉल्जीकॉय, क्लोरोप्लास्ट तथा लाइसोसोम, प्लास्टिड्ज आदि मुख्य कोशिकांग हैं।

प्रश्न 4.
कोशिका के उस अंग का नाम बताओ जो केवल पादप कोशिकाओं में होता है।
उत्तर-
लवक (Plastids)।

प्रश्न 5.
पौधों का हरा रंग किस पदार्थ के कारण होता है ?
उत्तर-
हरित लवक (Chlorophyll)।

प्रश्न 6.
केंद्रक की मुख्य रचना का नाम बताओ।
उत्तर-
गुण-सूत्र (Chromosome)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 7.
उन दो कोशिकांगों के नाम बताओ जो केवल पौधों में ही पाए जाते हैं।
उत्तर-

  1. कोशिका भित्ति तथा
  2. लवक।

प्रश्न 8.
एक ऐसे अंगक का नाम बताओ जो कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है।
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosome)।

प्रश्न 9.
हमारे शरीर की सबसे छोटी कोशिका का नाम बताओ।
उत्तर-
लिंफोसाइट (Lymphocyte)।

प्रश्न 10.
पौधे की सबसे लंबी कोशिका का नाम बताओ।
उत्तर-
दृढ़ कोशिका (Sclerenchyma)।

प्रश्न 11.
कोशिका के उस अंग का नाम बताओ जो श्वसन के लिए उत्तरदायी है।
उत्तर-
माइटोकाँड्रिया (Mitochondria)।

प्रश्न 12.
माइटोकॉड्रिया के अंदर मिलने वाले एंजाइम का नाम बताओ।
उत्तर-
श्वसन एंजाइम।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 13.
कोशिका का माप कैसे प्रभावित होता है ?
उत्तर-
कोशिका का माप कोशिका के कार्य जो यह करता है से प्रभावित होता है। उदाहरण के तौर पर कुछ नाड़ी कोशिकाएं एक मीटर से भी लंबी हैं।

प्रश्न 14.
ससीम कोशिका का कौन-सा भाग द्रव्य का निर्माण करता है ?
उत्तर-
ससीम कोशिका का केंद्रक और कोशिका द्रव्य, जीव द्रव्य बनाते हैं।

प्रश्न 15.
कोशिका के किस अंग को आत्महत्या के थैले कहते हैं ?
उत्तर-
लाइसोसोमस को (Lysosomes)।

प्रश्न 16.
कोशिका का कौन-सा अंग प्रोटीन संश्लेषण के लिए उत्तरदायी है ?
उत्तर-
राइबोसोम (Ribosomes)।

प्रश्न 17.
डी० एन० ए० का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
डीऑक्सी राइबोज न्यूक्लिक एसिड।

प्रश्न 18.
आर० एन० ए० का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
राइबो न्यूक्लिक एसिड।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 19.
राबर्ट हुक ने कार्क की पतली काट की संरचना कैसी पाई थी ?
उत्तर-
मधुमक्खी के छत्ते जैसी।

प्रश्न 20.
कार्क क्या है ?
उत्तर-
कार्क एक पदार्थ है जो वृक्ष की छाल से प्राप्त होता है।

प्रश्न 21.
राबर्ट हुक ने कार्क में प्रकोष्ठकों को कब और किसकी सहायता से देखा था ?
उत्तर-
राबर्ट हुक ने कार्क में प्रकोष्ठकों को सन् 1665 में स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से देखा था।

प्रश्न 22.
राबर्ट हुक ने प्रकोष्ठकों को कोशिका क्यों कहा था ?
उत्तर-
लेटिन भाषा में (Cellulae) (कोशिका) का अर्थ है-छोटा कमरा । इसीलिए राबर्ट हुक ने प्रकोष्ठकों को कोशिका कहा था।

प्रश्न 23.
एक कोशी जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जीवों में केवल एक कोशिका होती है उन्हें एक कोशी जीव कहते हैं।

प्रश्न 24.
एक कोशी जीवों के छः उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
अमीबा, पैरामीशियम, युग्लीना, एंटअमीबा, क्लैमिडोमोनास, बैक्टीरिया।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 25.
बहकोशी जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जिन जीवों में अनेक कोशिकाएं समाहित हो कर विभिन्न कार्यों को संपन्न करने हेतु विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं उन्हें बहुकोशी जीव कहते हैं।

प्रश्न 26.
बहुकोशी जीवों के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
कवक (Fungi), पादप, जंतु।

प्रश्न 27.
कोशिका का सबसे पहले पता किसने और कब लगाया था ?
उत्तर-
राबर्ट हुक ने 1665 में।

प्रश्न 28.
तालाब के जल में स्वतंत्र रूप से जीवित कोशिकाओं का पता किसने और कब लगाया था ?
उत्तर-
ल्यूवेनहक ने सन् 1674 में।

प्रश्न 29.
कोशिका में केंद्रक किसने और कब खोजा था ?
उत्तर-
राबर्ट ब्राउन ने 1831 में।

प्रश्न 30.
जैविक पदार्थ को जीवद्रव्य नाम किसने और कब दिया था ?
उत्तर-
जे० ई० पुराकंज ने 1839 में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 31.
कोशिका सिद्धांत की खोज किसने की थी ?
उत्तर-
एम० स्लीडन (1838) तथा टी० स्वान (1839) ने।

प्रश्न 32.
कोशिका सिद्धांत क्या है ?
उत्तर-
सभी पौधे तथा जंतु कोशिकाओं से बने हैं और वे जीवन की मूलभूत इकाई हैं।

प्रश्न 33.
कोशिका सिद्धांत को किसने आगे बढ़ाया था ?
उत्तर-
विरचो ने 1855 में।

प्रश्न 34.
विरचो की कोशिका सिद्धांत को क्या देन है ?
उत्तर-
विरचो ने बताया कि सभी कोशिकाएं पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं।

प्रश्न 35.
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज कब हुई थी ?
उत्तर-
सन् 1940 में।

प्रश्न 36.
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से क्या लाभ हुआ ? ।
उत्तर-
कोशिका की जटिल संरचना और अनेक अंगकों को समझना संभव हो सका।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 37.
कोशिका के किन तीन गुणों पर सभी क्रियाएं संभव हो पाती हैं ?
उत्तर-
प्लैज्मा झिल्ली, केंद्रक, कोशिका द्रव्य।

प्रश्न 38.
प्लैज्मा झिल्ली क्या है ?
उत्तर-
कोशिका की सबसे बाहरी परत प्लैज्मा झिल्ली है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है। यही पदार्थों को अंदर या बाहर आने-जाने से रोकती है।

प्रश्न 39.
प्लैज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
यह अन्य पदार्थों की गति को रोकती है पर कुछ पदार्थों को अंदर या बाहर आने-जाने देती है इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।

प्रश्न 40.
CO2 तथा ऑक्सीजन झिल्ली के आर-पार किस विधि से आ-जा सकते हैं ?
उत्तर-
विसरण प्रक्रिया से।

प्रश्न 41.
कोशिका तथा बाह्य पर्यावरण में विसरण की क्या भूमिका है ?
उत्तर-
गैसों के आदान-प्रदान को नियंत्रित रखना।

प्रश्न 42.
परासरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जल के अणुओं की गति जब वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा हो तो उसे परासरण कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 43.
परासरण में जल के अणु किस आधार पर गति करते हैं ?
उत्तर-
परासरण में जल के अणु वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाते हैं।

प्रश्न 44.
अल्प परासरण दाबी विलयन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
यदि कोशिका को तनु विलयन वाले माध्यक में रखा जाए तो जल परासरण विधि से कोशिका के भीतर चला जाएगा। ऐसे विलयन को अल्प परासरण दाबी विलयन कहते हैं।

प्रश्न 45.
एक कोशीय अलवणीय जीव तथा पादप कोशिकाएं जल किस विधि के द्वारा ग्रहण करती हैं ?
उत्तर-
परासरण द्वारा।

प्रश्न 46.
पौधों की जड़ों के द्वारा जल अवशोषण कैसी क्रिया है ?
उत्तर-
परासरण क्रिया।

प्रश्न 47.
कोशिकाओं से परिवहन में ऊर्जा की किस रूप में आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
ATP के रूप में।

प्रश्न 48.
प्लैज्मा झिल्ली किस से बनी होती है ?
उत्तर-
लिपिड और प्रोटीन से।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 49.
प्लैज्मा झिल्ली की रचना किस सूक्ष्मदर्शी से देख सकते हैं ?
उत्तर-
इलैक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से।

प्रश्न 50.
एक कोशी जीवों में कोशिका झिल्ली का लचीलापन किस कार्य में सहायक बनता है ?
उत्तर-
बाह्य वातावरण से भोजन तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने में।

प्रश्न 51.
पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से किससे बनी होती है ?
उत्तर-
सेल्यूलोज से।

प्रश्न 52.
सेल्यूलोज की कोशिका भित्ति के निर्माण में क्या उपयोगिता है ?
उत्तर-
यह जटिल पदार्थ है और पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।

प्रश्न 53.
जीवद्रव्य कुंचन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जब पादप कोशिका में परासरण से पानी की हानि होती है तो कोशिका झिल्ली सहित आंतरिक पदार्थ संकुचित हो जाते हैं जिसे जीव द्रव्य कुंचन कहते हैं।

प्रश्न 54.
जंतु कोशिका को अपेक्षा पादप कोशिका परिवर्तनीय माध्यम को आसानी से किस कारण सहन कर सकती है ?
उत्तर-
कोशिका भित्ति के कारण।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 55.
प्याज़ की झिल्ली की अस्थाई स्लाइड बनाने के लिए किस घोल का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
आयोडीन का।

प्रश्न 56.
कोशिका को रंगने के लिए किस-किस विलयन का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर-
आयोडीन विलयन, सैफ्रानिन अथवा मैथलीन ब्लू विलयन।

प्रश्न 57.
कोशिका द्रव्य क्या है ?
उत्तर-
प्लैज्मा झिल्ली के अंदर कोशिका द्रव्य एक तरल पदार्थ है जिस में अनेक विशिष्ट कोशिका के घटक होते हैं। कोशिका द्रव्य तथा केंद्रक को मिला कर जीव द्रव्य बनता है।

प्रश्न 58.
अंतर्द्रव्यी जालिका क्या है ?
उत्तर-
यह झिल्ली युक्त नलिकाओं का एक बहुत बड़ा तंत्र है। यह लंबी नलिका या गोल या आयताकार थैलों की तरह दिखाई देती है। इसकी रचना प्लैज्मा झिल्ली जैसी ही होती है।

प्रश्न 59.
अंतर्द्रव्यी जालिका किस-किस प्रकार की होती है ?
उत्तर-

  1. खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER),
  2. चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) ।

प्रश्न 60.
गॉल्जी उपकरण का विवरण सबसे पहले किसने किया था ?
उत्तर-
कैमिलो गॉल्जी।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 61.
गॉल्जी उपकरण में सामान्य शक्कर से क्या बनता है ?
उत्तर-
जटिल शक्कर।

प्रश्न 62.
लाइसोसोम किससे बनाया जाता है ?
उत्तर-
गॉल्जी उपकरण से।

प्रश्न 63.
लाइसोम का कोशिका में क्या कार्य है ?
उत्तर-
कोशिका अंगकों के टूटे-फूटे भागों को पाचित कर कोशिका को साफ करना।

प्रश्न 64.
कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने में कौन सक्षम है ?
उत्तर-
लाइसोसोम।

प्रश्न 65.
लाइसोसोम क्यों फटता है ?
उत्तर-
कोशिकीय चयापचय में व्यवधान के कारण जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है।

प्रश्न 66.
माइटोकांड्रिया किस रूप में ऊर्जा प्रदान करता है ?
उत्तर-
ATP (ऐडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 67.
माइटोकांड्रिया की बाहरी और भीतरी झिल्ली कैसी होती है ?
उत्तर-
बाहरी झिल्ली छिद्रित तथा भीतरी झिल्ली बहुत अधिक वलित होती है।

प्रश्न 68.
प्लैस्टिड किन में होते हैं ?
उत्तर-
केवल पादप कोशिकाओं में।

प्रश्न 69.
प्लैस्टिड के दो प्रकार कौन-से हैं ?
उत्तर-
केरोमोप्लास्ट (रंगीन प्लैस्टिड) तथा ल्यूकोप्लास्ट (श्वेत अथवा रंगहीन प्लैस्टिड)।

प्रश्न 70.
जिस प्लैस्टिड में क्लोरोफिल होता है उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
क्लोरोप्लास्ट।

प्रश्न 71.
जंतु और पादप कोशिकाओं में रसधानियाँ कैसी होती हैं ?
उत्तर-
जंतु कोशिकाओं में छोटी तथा पादप कोशिकाओं में बहुत बड़ी।

प्रश्न 72.
पादप कोशिका की रसधानी में क्या भरा होता है ?
उत्तर-
कोशिका द्रव्य।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

This PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I will help you in revision during exams.

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

जान पहचान
पब्लिशर में टैंपलेटस, विजार्डस और डिज़ाइन गैलरी का प्रयोग करके, प्रचार और मशहूरी करने वाले इश्तिहारों को बनाया जाता है। इन प्रकार और विज्ञापन करने वाले इश्तिहारों को पब्लिकेशन कहा जाता है।
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 1
पब्लिकेशन, पब्लिशर में एक फाईल होती है कि एक लेबल, बैनर, न्यूज़लैटर, पोस्टर, निमन्त्रण पत्र (इनवीटेशन), ग्रीटिंग कार्ड या एक लैटर-हैड (Letterhead) हो सकता है। पब्लिकेशन में बहुत सारे पेज़ हो सकते हैं और हर पेज़ में आब्जैकटस होते हैं, जैसे कि टैक्सट बाक्स और तस्वीरें ।

पब्लिशर एक ऐपलीकेशन है जो कि सुन्दर और बढ़िया प्रचार और विज्ञापन करने वाले इश्तिहारों को डिज़ाइन करने और बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे कि पैंफलैट, लैटर-हैड, न्यूज़लैटर, पोस्टर, कलैंडर, निमन्त्रण-पत्र आदि।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

पब्लिशर विज़ार्ड और डिज़ाइन गैलरी का प्रयोग करके जल्दी से जल्दी पब्लिकेशन बनाने में मदद करता है। टैम्पलैट पब्लिकेशन का पहले से परिभाषित किया मॉडल होता है। आप पब्लिकेशन को जैसे मोनीटर पर देखते हो, प्रिंट होने के बाद वो बिल्कुल वैसे ही नज़र आता है। पब्लिशर आपकों रंगों का चुनाव करने में भी मदद करता है ताकि हाई-कुआलटी के रंगों की पब्लिकेशन प्राप्त हो सके। पब्लिशर की मदद से आप कम खर्चे में एक बढ़िया वैब-साईट भी बना सकते हो।

माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर 2010
पब्लिशर 2010 हमें प्रोफैशनल, जल्दी तथा आसानी से निम्न प्रकार के पब्लिकेशन तैयार करने में मदद करता है –
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 2

पब्लिशर कैसे शुरू करें ब्रोशर
पब्लिशर को खोलने के निम्नलिखित स्टैप हैं :
1. Start बटन पर क्लिक करें।
2. All Programs को हाइलाइट करें।
3. Microsoft Office हाइलाइट करें।
4. Microsoft Office Publisher 2010 पर क्लिक करें। पब्लिशर विंडो खुल जाएगी।
या
सर्च बार में Publisher या Pub टाइप करें तथा Enter कीअ दबाएं

पब्लिकेशन बनाना
तीन तरीके से पब्लिकेशन बनाई जा सकती है

  1. Blank Layout
  2. Installed Templates
  3. Online Templates

Blank layout से पब्लिकेशन बनाना
खाली पब्लिकेशन तैयार करने के स्टैप निम्नलिखित हैं :

  • File Menu पर क्लिक करें।
  • मौजूदा टैम्पलेट में Blank Publication Template पर क्लिक करें और बाद में Create में क्लिक करें।
  • अब हम पब्लिकेशन में अपनी ज़रूरत के हिसाब से पब्लिकेशन बना सकते हैं। हम Blank Layout में टैक्सट, तस्वीरें, शब्द, कला और अधिक स्पेस जोड़ सकते हैं। Blank Layout विंडो नीचे दिखाई गई है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 3
4. पब्लिकेशन निर्माण के बाद File मीनू में Save विकल्प पर जा कर Save as dialogue बॉक्स दिखाई देगी। अपनी पब्लिकेशन का नाम टाइप करें और फोल्डर को चुनें जिसमें हम इसको सेव कर सकते हैं और फिर सेव बटन पर क्लिक करें। यह पब्लिकेशन एक्सटेंशन पर सेव हो जाएगा।

5. अब File मीनू में Close बटन पर क्लिक करके पब्लिकेशन को बंद करें। एक डॉयलाग बॉक्स दिखेगा। अगर हम सभी परिवर्तन सेव करना चाहते हैं तो Yes बटन क्लिक करें। अगर नहीं तो No पर क्लिक करें। पब्लिशर से बाहर भेजने से पहले सभी पब्लिकेशनों को बंद करना चाहिए। इसके बाद File मीनू में Exit पर क्लिक करें या फिर टाइटल बार पर क्रास (x) का बटन क्लिक करें।

पब्लिशर बिंडो के कंपोनेंट पब्लिशर विंडो के नीचे लिखे भाग हैं :
पब्लिशर विंडो के भाग
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I 4

1. क्विक ऐक्सैस टूलबार (Quick Access Toolbar)-क्विक एक्सैस टूलबार कस्टमाइज करने योग्य टूलबार होता है जिसमें वह कमांड होती है जिनको हम इस्तेमाल करना चाहते हैं। हम क्विक एक्सैस टूलबार को रिबन के ऊपर या नीचे रख सकते हैं। क्विक एक्सैस टूलबार की जगह परिवर्तन करने के लिए इसके अंत में बने तीर पर क्लिक करें और Show Below the Ribbon विकल्प पर क्लिक करें। रिबन (Ribbon)-दस्तावेजों के सबसे ऊपर वाले भाग के पैनल को रिबन कहा जाता है। इसके 6 टैब हैं। Home, Insert, Page, Design, Mailings, Review और View. हर टैब अलग-अलग समूहों में बांटा गया है।

टैब्ज (Tabs)-पब्लिशर में कुछ बहुत उपयोगी टैब्ज हैं जिसमें कई उपलब्ध होते हैं। हर टैब के फ़ीचर देखने के लिए उस टैब के नाम पर क्लिक करें। यहाँ प्रत्येक टैब के समूहों की सूची दी गई है।

  • Home. Clipboard, Font, Paragraph, Styles, Objects, Arrange, Editing
  • Insert. Pages, Tables, Illustrations, Buildings, Blocks, Text, Links, Headers & Footer.
  • Page Design. Template, Page Setup, Layout, Pages, Schemes, Page Background.
  • Mailing. Start, Write & Insert Fields, Preview Results, Finish.
  • View. Views, Layout, Show, Zoom, Window.

3. फ़ाइल विंडो (File Window)-जब हम File Menu पर क्लिक करते हैं हमारे सामने Info Screen खुल जाती है। इस प्रकार लगता है कि हमारे दस्तावेज़ मिट गए हैं पर ऐसा नहीं होता। जैसे कि हम File Menu में Options पर क्लिक करते हैं Screen इस प्रकार बदल जाएगी।

  • Save. फ़ाइल को 2010 फारमेट में सेव करने के लिए।
  • Save As. हमें एक अलग File Type चुनने की आज्ञा देता है।
  • Open. पब्लिशर फ़ाइल को ब्राउज़ करने के लिए।
  • Close. फ़ाइल को बंद करने के लिए, परंतु पब्लिशर चलता रहेगा।
  • Info. व्यापार सूचना को Edit करने के लिए, डिज़ाइन मेकर का उपयोग करने के लिए, या पेशेवर प्रिंट सूचना सैट करने के लिए।
  • Recent. हमारे अभी प्रयोग की गई पब्लिशर फ़ाइलों की सूची।
  • New. नई पब्लिकेशन स्क्रीन।
  • Print. प्रिंट करने के लिए विकल्प।
  • Save & Send. फाइलों को Save और email करने का विकल्प।
  • Help. माइक्रोसॉफ्ट मदद।
  • Options. डिफाल्ट विकल्प सैट करने के लिए।
  • Exit. पब्लिशर बंद करने के लिए।

पब्लिकेशन में कार्य करना
1. पब्लिकेशन में Text को Add करना।

  • Home या Insert Tab में Draw Text Box चुनें।
  • कर्सर को क्लिक करें और ड्रैग करके अपनी पसंद के नाम पर Text Box बनाएं। हम Text Box निर्माण के बाद भी इसका आकार बदल सकते हैं।
  • कर्सर के पेज पर जहां हम Text Box बनाना चाहते हैं वहां क्लिक करें।
  • जब हम माऊस को Left क्लिक करते हैं। हमारे सामने Format Tab, जिसमें Text Box से अधिक विकल्प होते हैं, वह खुल जाते हैं।
  • अब Text Box पर Text टाइप करें।

2. Text को Edit करना :

  • जिस Text को हम Edit करना चाहते हैं उसको हाइलाइट करें।
  • जब हम Text Box Tool Format Tab पर नहीं हैं। इसको चुन लें।

3. Text Group  का विकल्प :

  • Text Fit यह बताता है कि Text Box में Text कैसे होगा। इसके विकल्प यह हैं: Best Fit, Shrink Text on Overflow, Grow Text Box to Fit, Do not Auto Fit.
  • Text Direction. Text की दिशा Vertical और Horizontal करने के लिए।
  • Hyphenation. Text की Hyphenation परिवर्तन करने के लिए।

4. Font Group विकल्प: Style, Font Size, Bold, Italic, Underline, Text Spacing और Color.
5. Alignment Group Options: Text Box Alignment, Columns, Margins.
6. Effects Group विकल्प: Shadow, Outline, Engrave, Emboss.

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

3. Text Box का स्टाइल बदलना

  • Text Box पर क्लिक करो।
  • Fomat टैब पर Drawing tools पर क्लिक करो।
  • Shape styles Group options में विकल्प चुनो।
  • Arrange Group Options में विकल्प चुनो।

4. Clip Art इनसर्ट करना

  • Insert → Clip Art पर क्लिक करो।
  • Keyword type करो।
  • Go पर क्लिक करो।
  • अपनी जरूरत अनुसार Clip Art चुनो।

5. Picture SCRIE CARGA

  • Insert → Picture पर क्लिक करो।
  • अपनी Picture चुनो तथा Insert पर क्लिक करो।

6. Shape इनसर्ट करना

  • Home या Insert Tab पर क्लिक करें।
  • Shape पर क्लिक करें।
  • Shape सिलैक्ट करें।
  • पेज पर क्लिक करके Drag करें। Shape बन जाएगी।

7. Text Wrapping

  • Object को चुने
  • Formal → Arrang group → Wrap Text पर क्लिक करें।
  • जरूरत अनुसार विकल्प चुने।

8. Objects का साइज़ बदलना

  • Object का चुनाव करें
  • Resize हैडर पर क्लिक कर आवश्यकता अनुसार Drag करें।

9. Object Move करना

  • Object का चुनाव करें
  • Solid line पर कर्सर ले जा Drag करके जहां जरूरत हो वहां ले जाए।

10. Object Delete करना

  • Object का चुनाव करें।
  • Del कीअ दबाएं।

फ्रेम
पब्लिकेशन के हिस्से को फ्रेम कहते हैं। इसमें कई आब्जैक्ट हो सकते हैं।

फ्रेम के साथ काम करना फ्रेम पर जब क्लिक करते हैं तो उसके हैडल दिखाई देते हैं इनकी सहायता से हम कार्य कर सकते हैं।
हैडल : फ्रेम के चारों तरफ नजर आने वाले गोलों को हैडल कहते हैं। इन की सहायता से फ्रेम को मूव, रीसाइज आदि किया जाता है।
हैडल की सहायता से हम निम्न कार्य कर सकते हैं-
1. फ्रेम को मूव करना

  • पिक्चर फ्रेम को मूव करना
  • टैक्सट फ्रेम को मव करना

2. फरेम को रीसाइज़ करना

  • पिक्चर फ्रेम को रीसाइज़ करना
  •  टैक्सट फ्रेम को रीसाइज़ करना।

3. फ्रेम को डीलीट करना फ्रेम पर क्लिक करें तथा Delete कीअ दबाएं।
4. टैक्सट फ्रेम इंसर्ट करना।

पब्लिकेशन में पेज देखना पब्लिकेशन में पेज देखने के तीन तरीके है।

  1. पेज के थंबनेल
  2. पेज टू पेज स्परैड वियू
  3. स्लाइडर जूम इन तथा जूम आऊट

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 7 माईक्रोसॉफ्ट पब्लिशर-I

टैंपलेट
टैंपलेट की मदद से आसानी से पब्लिकेशन तैयार की जा सकती है। टैंपलेट में पहले से ही तैयार किए हुए डिज़ाइन स्टाइल होते हैं। जिनको हम उसी तरह ही या उनमें फेरबदल करके अपनी ज़रूरत के अनुसार प्रयोग कर सकते हैं।
1. टैंपलेट कस्टमाइज़ करना- टैंपलेट कस्टमाइज़ करने का अर्थ है टैंपलेट का रंग, फोंट आदि अपनी आवश्यकता अनुसार बदलना। इसके लिए टेंपलेट का चुनाव कर दायीं ओर उपलब्ध आपशन से आवश्यकता अनुसार बदलाव करें। टैंपलेट का डिज़ाइन बदलना। टैम्पलेट का डिज़ाइन बदलने के लिए नीचे लिखे स्टैप हैं :

  • Page Design टैब पर क्लिक करें।
  • सभी टैम्पलेट को बदलने के लिए Change Template पर क्लिक करें। विंडो में टैम्पलेट का परिवर्तन चाहते हो तो भरी गई सूचना, नई टैम्पलेट मुताबिक दिखाई देगी।

3. रंग परिवर्तन के लिए समूह में Color Scheme के साथ ब्राऊज़ करें। कलर स्कीम को देखने के लिए माऊस को कलर स्कीम पर लेकर जाएं।

  • किसी एक कलर स्कीम को चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।
  • कलर स्कीम चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।

4. फोंट बदलने के लिए समूह में Font पर क्लिक करें।

  • मौजूद फोंट स्कीम ब्राउज करें।
  • फोंट स्कीम को देखने के लिए माऊस को फोंट स्कीम पर लेकर जाएं।
  • फोंट स्कीम चुनने के लिए उस पर क्लिक करें।
  • अगर हम अपनी नई फोंट स्कीम बनाना चाहते हैं, तो New Font Scheme पर क्लिक करें।

पब्लिकेशन सेव करना
पब्लिकेशन को सेव करने के निम्नलिखित स्टैप हैं :

  1. File मीनू पर क्लिक करें।
  2. Save पर क्लिक करें।
  3. फाइल का नाम लिखें।
  4. Save बटन पर क्लिक करें।

पब्लिकेशन प्रिंट करना
पब्लिकेशन को प्रिंट करने के दो तरीके हैं। पहले तरीके में अपनी टूलबार में Print आइकन पर क्लिक करें। इसके साथ हमारी पब्लिकेशन की डिफाल्ट प्रिंट विकल्प की एक कापी प्रिंट हो जाएगी। या
1. फाईल मीनू पर क्लिक करें।
2. जब Print में नंबर आए ज़रूरत से Number of Copies सिलेक्ट करें।

3. नीचे लिखे Print Setting में किसी को भी चुनें।

  • All Pages, Selection, Current Page, or custom range.
  • Manually पेज नंबर बताइए जो हम प्रिंट करना चाहते हैं। प्रत्येक पेपर शीट के कितने पेपर प्रिंट होते हैं।
    Paper Size
  • 1-sided या 2-Sided Printing.

4. Print पर क्लिक करें।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
परमाणु के नाभिक से क्या अभिप्राय है ? नाभिक की खोज करने के लिए रदरफोर्ड द्वारा किए गए अल्फा-किरण प्रकीर्णन प्रयोग की संक्षिप्त में विवेचना कीजिए। इस प्रयोग के परिणामों तथा त्रुटियों को भी लिखिए।
उत्तर-
नाभिक (Nucleus)- रदरफोर्ड तथा सहयोगियों द्वारा किए गए अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग (Alpha particle scattering experiment) से गहन द्रव्यमान वाले नाभिक के अस्तित्व के बारे संकेत मिला। परमाणु के सघन तथा धन आवेशित भाग को नाभिक कहा जाता है। इस पर उपस्थित धन आवेश, इलेक्ट्रॉनों के ऋण आवेश के बराबर होने के कारण परमाणु उदासीन होता है।

परमाणु के आयतन की तुलना में नाभिक का आयतन बहुत ही कम होता है। नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन होते हैं। परमाणु का द्रव्यमान प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के कारण होता है क्योंकि इलैक्ट्रॉन का द्रव्यमान नाममात्र होता है। __रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग- रदरफोर्ड ने सन् 1911 में अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा नाभिक की खोज की थी। इस प्रयोग में उसने एक सोने की बारीक 1000 परमाणुओं के बराबर मोटी पन्नी पर तीव्र गति वाले अल्फा कणों की बमबारी की।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 1

सोने की पतली पन्नी से टकराने के उपरान्त एल्फा कणों का प्रकीर्णन हो जाता है अर्थात् वे बिखर जाते हैं। अधिकांश कण सोने के पत्र को पार कर जाते हैं परंतु कुछ कण परमाणु नाभिक के टकराने के बाद उसी दिशा में वापिस लौट आते हैं।

प्रयोग के प्रेक्षण-प्रयोग के परिणामस्वरूप रदरफोर्ड ने निम्नलिखित प्रेक्षण प्रस्तुत किए-

  1. बहुत से α-कण (लगभग 99%) सोने की पन्नी में से बिना किसी परावर्तन के गुज़र जाते हैं।
  2. कुछ कण विभिन्न कोणों पर विक्षेपित होते हैं।
  3. बहुत ही अल्प संख्या में कण (10,000 में से एक) केंद्रीय भाग से टकराकर अपने पथ पर फिर लौट आते है।

प्रयोग से परिणाम – ऐसे प्रयोगों की श्रृंखला से रदरफोर्ड ने निम्नलिखित परिणाम प्रस्तुत किए-

  1. क्योंकि शीट में से बहुत-से कण बिना परावर्तित हुए गुज़र जाते हैं, इससे सिद्ध होता है कि परमाणु में अधिकतर स्थान खाली है।
  2. धन आवेशित कुछ α-कण (He2+) अपने पथ से परावर्तित होते हैं, अर्थात् मुड़ जाते हैं। इससे यह निर्णय लिया जा सकता है कि परमाणु का कुछ भाग धन आवेशित तथा द्रव्यमान युक्त है।
  3. कुछ α-कण वापिस लौट आए। इसी से नाभिक की स्थिति का पता लगता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 2

त्रुटियां – यह परमाणु की स्थिरता के विषय में कुछ व्यक्त नहीं करता। नाभिक के चारों ओर इलैक्ट्रॉन वृत्तीय चक्कर लगाते हैं जिसका परिणाम उनकी तेज़ गति होती है। इस कारण आवेशित कणों से विकिरित ऊर्जा परमाणु को अस्थिर कर देगी। पर यह सत्य नहीं है जबकि परमाणु तो वास्तव में निश्चित संरचना के साथ स्थिर होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के आधार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के निम्नलिखित मुख्य बिंदु थे-

  1. परमाणु का केंद्र धनावेशित होता है जिसे नाभिक कहते हैं। परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  2. नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं जैसे सूर्य के चारों ओर विभिन्न नक्षत्र चक्कर लगाते हैं।
  3. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत कम होता है।

प्रश्न 2.
रदरफोर्ड को कैसे विश्वास हुआ कि परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन होते हैं ?
उत्तर-
ऐसा α-किरणों के प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा पता चला कि बहुत कम α-कण (लगभग 10,000 में से एक) उसी दिशा में वापिस हो जाते हैं। क्योंकि α-कण नाभिक द्वारा अपकर्षित किए जाते हैं, इसलिए ऐसे कणों पर अवश्य ही धन आवेश होगा। उस समय तक ज्ञात अवपरमाणुक कणों-इलैक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों में से केवल प्रोटॉन पर धन आवेश था। इसलिए ही तत्व के परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन विद्यमान हैं, जोकि α-कणों को अपकर्षित करते हैं।

प्रश्न 3.
रदरफोर्ड ने इस तथ्य के लिए क्या कारण बताया था कि परमाणु के इलैक्ट्रॉन नाभिक के अंदर की ओर अपकर्षित नहीं होते ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के अनुसार परमाणु के बाह्य नाभिकीय भाग में इलेक्ट्रॉन स्थिर नहीं है। ये शैल (Shell) नामक वृत्ताकार परिपथों में चक्कर लगाते हैं। बाह्य नाभिकीय भाग में स्थित इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर आकर्षित होते हैं। इस आकर्षण बल को इससे विपरीत दिशा में क्रियाशील केंद्रीय बल संतुलित कर देता है। इसलिए इलेक्ट्रॉन निश्चित परिपथों में निरंतर घूमते रहते हैं तथा नाभिक के अंदर की ओर आकर्षित नहीं होते।

प्रश्न 4.
नाभिकीय आकार की तुलना में परमाणु के आकार का परिमाण बताइए।
उत्तर-
परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या से 1015 गुणा बड़ी है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 3

प्रश्न 5.
रदरफोर्ड परमाणु मॉडल के बारे में मुख्य आपत्ति क्या थी ?
उत्तर-
इलैक्ट्रॉन आवेशित कण हैं। कोई भी आवेशित कण जब त्वरित किया जाता है तो ऊर्जा विकरित करता है। नाभिक के गिर्द चक्राकार गति में रहने के लिए इलेक्ट्रॉन को त्वरित होना पड़ेगा जिसके फलस्वरूप वह ऊर्जा का विकिरण करेगा। ऊर्जा की हानि के कारण कक्षा का आकार सिकुड़ेगा और अंत में नाभिक को टकराएगा। इसलिए ऐसा मॉडल स्थिरता प्रदान नहीं करेगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 6.
जब एक इलैक्ट्रॉन ऊर्जा स्तर K से ऊर्जा स्तर L में छलांग लगाता है तो परमाणु की ऊर्जा क्यों बढ़ जाती है ?
उत्तर-
एक इलेक्ट्रॉन जो ऊर्जा स्तर K में चक्कर लगा रहा है उसके पास ऊर्जा की एक निश्चित मात्रा है। जब वह इलैक्ट्रॉन K ऊर्जा स्तर से L ऊर्जा स्तर में कूद जाता है तो वह L ऊर्जा स्तर की ऊजां ग्रहण कर लेता है जोकि पहले से अधिक होती है। इस प्रकार इलेक्ट्रॉन पहली ऊर्जा से अधिक ऊर्जा प्राप्त कर लेता है। इससे कुल मिला कर परमाणु की ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 7.
वे शैल जिनमें इलेक्ट्रॉन परमाणु के नाभिक के गिर्द चक्कर लगाते हैं ऊर्जा स्तर क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर-
एक इलेक्ट्रॉन किसी शैल में चक्कर लगाते समय कुछ ऊर्जा की मात्रा से जुड़ा रहता है। जब यह एक शैल से दूसरे शैल में छलाँग लगाता है तो इसकी ऊर्जा में परिवर्तन आ जाता है। इस प्रकार शैल इलेक्ट्रॉन को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ स्थान भी बदलता है जिससे उन्हें ऊर्जा शैल या ऊर्जा स्तर कहा जाता है।

प्रश्न 8.
परमाणु की संरचना को समझने के लिए रदरफोर्ड का मूल योगदान क्या थे ?
अथवा
रदरफोर्ड द्वारा प्रस्तुत किए गए नाभिकीय मॉडल के लक्षण क्या थे ?
उत्तर-
परमाणु की नाभिकीय संरचना को समझने के लिए रदरफोर्ड का मूल योगदान निम्न प्रकार थे-

  1. परमाणु का केंद्र धन आवेशित होता है जिसे नाभिक कहा जाता है।
  2. एक परमाणु का संपूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  3. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत छोटा होता है।
  4. इलैक्ट्रॉन नाभिक के इर्द-गिर्द निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं।

प्रश्न 9.
फ्लोरीन परमाणु में 9 इलेक्ट्रॉन तथा 9 प्रोटॉन हैं। इसके परमाणु में कितने ऊर्जा शैल होंगे ?
उत्तर-
क्योंकि पहले कोश K में 2 इलेक्ट्रॉन समा सकते हैं। इसलिए शेष 7 इलैक्ट्रॉन दूसरे कोश L में समा जायेंगे जिसकी अधिकतम सामर्थ्य 8 इलेक्ट्रॉनों की है। इसलिए फ्लोरीन के दो ऊर्जा कोश होंगे।

प्रश्न 10.
मैग्नीशियम परमाणु में 12 इलेक्ट्रॉन है। इसका कौन-सा ऊर्जा कोश पूर्ण रूप से भरा हुआ नहीं
उत्तर-
मैग्नीशियम परमाणु में 12 इलेक्ट्रॉन हैं। K कोश में 2 इलेक्ट्रॉन तथा दूसरे L कोश में 8 इलेक्ट्रॉन भरे जायेंगे।
इस प्रकार K तथा L शैल पूर्ण रूप से भरे गए हैं। शेष 2 इलेक्ट्रॉन [12 – (2 + 8) = 2)] तीसरे कोश M में समाहित होंगे जबकि इस कोश में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन भरे जा सकते हैं। अत: तीसरा कोश M अपूर्ण है।

प्रश्न 11.
निम्न परमाणु युग्ल की इलेक्ट्रॉनिक संरचना में क्या समानताएं हैं ? प्रत्येक परमाणु की इलैक्ट्रॉन संख्या कोष्ठक में दिये गए हैं ।
लीथियम (3), सोडियम (11) तथा पोटैशियम (19), हीलियम (2), नियॉन (10) तथा आर्गान (18), बैरीलियम (4), मैग्नीशियम (12) तथा कैल्सियम (20)।
उत्तर-

  1. लीथियम, सोडियम तथा पौटैशियम सभी के बाह्यतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन है।
  2. हीलियम, नियॉन तथा आर्गान सभी के बाहयतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हैं।
  3. बैरीलियम, मैग्नीशियम तथा कैल्सियम सभी के बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 12.
एक तत्त्व का परमाणु रासायनिक संयोजन में भाग नहीं लेता है। क्या आप बता सकते हैं कि इस परमाणु के बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी है ? वर्णन करें।
उत्तर-
यह कथन दर्शाता है कि तत्व अक्रियाशील गैस है और इसके परमाणु के बाह्यतम कोश में ? या 8 इलेक्ट्रॉन हैं।
ऐसा इसलिए है कि हीलियम के बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन को छोड़ कर ऐसे परमाणु जिनके बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन हैं अक्रियाशील हैं और वे रासायनिक संयोजन में भाग नहीं लेते हैं।

प्रश्न 13.
एक तत्व में 16 प्रोटॉन हैं। परमाणु के K, L तथा M कोशों में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे ? इसकी इलैक्ट्रॉन संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 16
इलेक्ट्रॉनिक संरचना = K = 2 ; L = 8 ; M = 6
तत्व में वैलेंस इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
∴ इलैक्ट्रॉन संयोजकता = 8 – 6 = 2

प्रश्न 14.
यदि हम किसी परमाणु का क्रमांक जानते हैं तो उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखना संभव है। ऐसा क्यों है ?
उत्तर-
हां. किसी तत्व के परमाणु क्रमांक की सहायता से उसकी इलेक्ट्रॉन संरचना लिखना संभव है। वास्तव में किसी तत्व का परमाणु क्रमांक उसके परमाणु में विद्यमान प्रोटॉनों या न्यूट्रॉनों की संख्या के बराबर होता है। यदि हमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या पता हो तो हम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिख सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का अर्थ है कि विभिन्न शैलों में इलेक्ट्रॉनों का वितरण किस प्रकार है।

उदाहरण – ऑक्सीजन की परमाणु संख्या (Z) 8 है। इसका अर्थ यह है कि ऑक्सीजन में 8 इलेक्ट्रॉन हैं। इनमें से 2 पहले शैल में होते हैं जिससे वह पूरी तरह भर जाता है। शेष 6 इलेक्ट्रॉन दूसरे शैल में विद्यमान होते हैं।
ऑक्सीजन में इलेक्ट्रॉन वितरण इस प्रकार है-
पहले K-शैल में 2 इलेक्ट्रॉन
दूसरे L-शैल में 6 इलेक्ट्रॉन
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 4

प्रश्न 15.
क्या किसी परमाणु में 12 प्रोटॉन और 13 इलेक्ट्रॉन होना संभव है ? व्याख्या करें।
उत्तर-
नहीं, ऐसा संभव नहीं है। एक परमाणु विद्युतीय दृष्टि से उदासीन होना चाहिए। इसका अर्थ है कि इस पर कोई आवेश शेष नहीं रहता है। अब प्रत्येक प्रोटॉन पर इकाई धन आवेश होता है तथा प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर इकाई ऋण आवेश होता है। अतः एक उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बराबर होनी चाहिए।

प्रश्न 16.
संकेत \({ }_{20}^{40} \mathrm{Ca}\) से लिखें-
(i) Ca की द्रव्यमान संख्या
(ii) Ca की परमाणु संख्या
(iii) Ca नाभिक की संरचना।
उत्तर-
(i) Cu की द्रव्यमान संख्या = 40

(ii) Ca की परमाणु संख्या = 20

(iii) Ca नाभिक की संरचना-
प्रोटॉनों की संख्या P = 20. इलेक्ट्रॉनों की संख्या = P = 20
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉनों की संख्या
= 40 – 20 = 20

प्रश्न 17.
इस कथन से क्या सूचना मिलती है कि मैग्नीशियम की द्रव्यमान संख्या 24 तथा परमाणु संख्या 12 है ?
उत्तर-
मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 इस ओर संकेत करती है कि इसके परमाणु के नाभिक में 12 प्रोटॉन हैं तथा इतने ही इलेक्ट्रॉन इसके बाह्य नाभिकीय भाग में हैं। द्रव्यमान संख्या 24 यह दर्शाती है कि प्रोटॉनों के साथ नाभिक में 12 न्यूट्रॉन (24-12) भी विद्यमान हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 18.
द्रव्यमान संख्या को परिभाषित कीजिए। द्रव्यमान संख्या नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों से कैसे संबंधित है ?
उत्तर-
द्रव्यमान संख्या – किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या उसमें उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के योग के बराबर होती है।
द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (P) + न्यूट्रॉनों की संख्या (N)
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉनों की संख्या
= द्रव्यमान संख्या – परमाणु संख्या
= A – Z

प्रश्न 19.
जे० जे० टॉमसन के प्रसिद्ध प्रयोगों से पहले विद्युत् और चुंबकीय क्षेत्रों में कैथोड किरणों का विक्षेपण ज्ञात था, तो जे० जे० टॉमसन का मुख्य योगदान क्या था ?
उत्तर-
जे० जे० टॉमसन का योगदान यह था कि (i) उन्होंने कणों पर आवेश और उनके द्रव्यमान अनुपात का पता लगाया था।
उनके अनुसार \(\frac{e}{m}\) = 1.76 × 1011 c /kg
यहाँ e = कणों पर आवेश तथा m = द्रव्यमान है।

(ii) उन्होंने इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान का पता लगाया जो m = \(\frac{1.602 \times 10^{-19 \mathrm{c}}}{1.76 \times 10^{11 \mathrm{c} / \mathrm{kg}}}\)
= 9.1 × 10-31 kg = 9.1
× 10 g-28 ग्राम था। यह द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान का \(\frac{1}{1837}\) भाग के समान था।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित तत्वों के परमाणुओं में वेलैंस कोश इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी है ?
(i) ऐलुमिनियम
(ii) सल्फ र
(ii) क्लोरीन
(iv) कार्बन
(v) नाइट्रोजन
(vi) पोटैशियम
(vii) ऑक्सीजन
(viii) फ्लोरीन।
उत्तर-

क्रमांक तत्व का नाम वेलैंस कोश (संयोजकता) इलेक्ट्रॉन की संख्या
(i) ऐलुमिनियम (A1) 3
(ii) सल्फर (S) 2
(iii) क्लोरीन (Cl) 1
(iv) कार्बन (C) 4
(v) नाइट्रोजन (N) 3
(vi) पोटैशियम (K) 1
(vii) ऑक्सीजन (O) 2
(viii) फ्लू ओरीन (F) 1

प्रश्न 21.
न्यूट्रॉन के अस्तित्व को किसने प्रस्तावित किया ? इस पूर्वधारणा (Assumption) का क्या आधार था ?
उत्तर-
सबसे पहले न्यूट्रॉन के अस्तित्व का विचार रदरफोर्ड ने प्रकट किया था। सन् 1920 में उसने मत प्रस्तुत किया कि नाभिक में प्रोटॉन और उसके निकट इलेक्ट्रॉन विद्युतीय आकर्षण के कारण आपस में इतने निकट हों कि उन्हें एक कण के रूप में ही माना जा सकता हो जिसमें पूरा आवेश शून्य हो गया हो। इसलिए उसने एक नये कण की संकल्पना की और उसका नाम न्यूट्रॉन रखा। तत्पश्चात् इसी संकल्पना ने आधुनिक विज्ञान की अनेक महत्त्वपूर्ण समस्याओं को हल कर दिया।

प्रश्न 22.
प्रायोगिक रूप से न्यूट्रॉन की खोज किसने की ? इस प्रयोग की आवश्यक बातें क्या थीं ?
उत्तर-
जेम्स चैडविक ने सन् 1932 में सबसे पहले न्यूट्रॉन की खोज की थी। उन्होंने पाया कि जब बैरीलियम नामक तत्व से a-किरणें टकरायी जाती हैं तो उससे एक नया कण विसर्जित होता है। यह नया कण उदासीन प्रकृति का था। जब इस कण को जिंक सल्फाइड की प्लेट से टकराया गया तो प्रकाश उत्पन्न हुआ। इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान के समान था।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 5

उपस्थिति संबंधी प्रयोग उन्होंने पाया कि हाइड्रोजन परमाणु के अतिरिक्त अन्य सभी तत्वों में न्यूट्रॉन थे। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन के द्रव्यमान के समान था। प्रोटॉन का द्रव्यमान 1 a.m.u. माना जाता था। इसलिए न्यूट्रॉन का द्रव्यमान भी 1 a.m.u. है। न्यूट्रॉन आवेशित कण नहीं हैं इसलिए इनका परीक्षण आसान नहीं है परंतु 1932 ई० में चैडविक इनको प्रदर्शित करने में सफल हो गया।

‘प्रश्न 23.
हीलियम के संयोजकता कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं पर उसकी संयोजकता 2 नहीं होती। क्यों ?
उत्तर-
हीलियम के संयोजकता कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं पर उसकी संयोजकता 2 नहीं होती क्योंकि उसका कक्ष पूर्ण होता है। इसलिए उसकी संयोजकता शून्य है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 24.
संयोजकता इलेक्ट्रॉन को परिभाषित कीजिए। यह परमाणु संरचना से कैसे सम्बन्धित है ?
उत्तर-
संयोजकता इलेक्ट्रॉन-किसी परमाणु के सबसे बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉन ही संयोजकता इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं। ये ही रासायनिक क्रियाओं में भाग लेते हैं।

संयोजकता किसी परमाणु की संरचना को प्रकट करती है। जैसे सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है। उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (K = 2, L = 8, M = 1) में सबसे बाहरी कक्ष M में एक इलेक्ट्रॉन है। इसलिए उसकी संयोजकता एक है। किसी भी तत्व के रासायनिक गुण सबसे बाहरी कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर ही निर्भर करते हैं। परमाणु संरचना से ही संयोजकता इलेक्ट्रॉनों का पता लगता है। यह परमाणु के नाभिक के द्रव्यमान से लगभग संबंधित नहीं होते। यदि किसी परमाणु का बाह्यतम कक्ष पूर्ण रूप से भरा हुआ (8, 18, 32 इलेक्ट्रॉन) हो तो उस तत्व की संयोजकता शून्य होती है और वह निष्क्रिय होता है। विभिन्न तत्वों के परमाणुओं में बराबर इलेक्ट्रॉन होने की अवस्था में उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।

प्रश्न 25.
परमाणु नाभिक के आवश्यक गुणधर्म की व्याख्या कीजिए। इन गुणधर्मों की इलैक्ट्रॉन के गुणधर्मों से तुलना कीजिए।
उत्तर-
परमाणु नाभिक ( केंद्रक) के गुणधर्म-

  1. परमाणु का नाभिक (केंद्रक) धन आवेश युक्त होता है।
  2. परमाणु का पूरा द्रव्यमान उसके नाभिक में ही स्थित होता है।
  3. परमाणु नाभिक का आकार परमाणु के आकार से बहुत छोटा होता है। यह परमाणु के आकार से 105 गुना छोटा होता है।

परमाणु नाभिक की त्रिज्या 10-13 10-19 होती है जबकि परमाणु की अपनी त्रिज्या 10-8 सें०मी० होती है। इसलिए परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है।

परमाणु नाभिक के गुणधर्मों की इलैक्ट्रॉनों के गुणधर्मों से तुलना-

  1. इलेक्ट्रॉनों पर ऋण आवेश होता है, जबकि नाभिक पर प्रोटॉनों के कारण धन आवेश होता है।
  2. इलेक्ट्रॉन केंद्रक के चारों ओर घूमते रहते हैं जबकि नाभिक परमाणु के केंद्रीय भाग में स्थित होता है।
  3. नाभिक का द्रव्यमान हीलियम परमाणु के बराबर होता है जबकि इलेक्ट्रॉन हाइड्रोजन परमाणु के \(\frac{1}{1840}\) भाग
    के बराबर होता है।

प्रश्न 26.
इलेक्ट्रानों को नक्षत्रीय इलेक्ट्रॉन क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल को सौर मॉडल भी कहते हैं क्योंकि इस मॉडल में यह कल्पना की गई थी कि जिस प्रकार सूर्य के चारों ओर सभी नक्षत्र चक्कर लगाते हैं, उसी प्रकार नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं। इसलिए परमाणु के इलेक्ट्रॉनों को नक्षत्रीय इलेक्ट्रॉन भी कहा जाता है।

प्रश्न 27.
क्या ऐसा संभव हो सकता है कि तत्व के अणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन हो परंतु उसका कोई भी न्यूट्रॉन न हो ? यदि ऐसा है तो उस तत्व का नाम लिखिए।
उत्तर-
हाँ, ऐसा संभव है। हाइड्रोजन तत्व के अणु की स्थिति में ऐसा ही होता है जिसे \({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\) से प्रदर्शित किया जाता है।

प्रश्न 28.
क्या 35Cl और 37Cl की संयोजकता अलग-अलग होगी ? अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
नहीं, 35Cl और 37Cl की संयोजकता अलग-अलग नहीं होगी क्योंकि ये दोनों एक ही तत्व के समस्थानिक हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 29.
चित्र द्वारा सोडियम परमाणु और सोडियम आयन में इलैक्ट्रॉन वितरण दर्शाइए और इनकी परमाणु संख्या दीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 6

सोडियम परमाणु की परमाणु संख्या 11 है और इसमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी 11 है। धनात्मक सोडियम आयन (Na+) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 11 – 1 = 10 होती है। इसलिए उसके इलेक्ट्रॉनिक कक्ष में इलेक्ट्रॉन वितरण 2, 8 होगा। किसी तत्व की परमाणु संख्या इसके प्रोटॉनों के बराबर होगी। इसलिए सोडियम परमाणु और सोडियम आयन में परमाणु संख्या समान ही होगी। अत: दोनों की परमाणु संख्या 11 है।

प्रश्न 30.
हीलियम, नियॉन तथा आर्गान तत्वों की संयोजकता शून्य क्यों है ?
उत्तर-
हीलियम के एकमात्र शैल K में 2 इलेक्ट्रॉन हैं। क्योंकि यह अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या है जो K शैल में समाहित हो सकती है। इसलिए यह न तो इलेक्ट्रॉन का लाभ कर सकता है और न ही हानि । इसलिए इसकी संयोजकता शून्य है। इसी भांति नियॉन (2, 8) और आर्गान (2, 8, 8) में बाह्यतम शैल में आठ-आठ इलेक्ट्रॉन हैं जोकि अधिकतम संख्या है। इसलिए दोनों नियॉन और आर्गान की संयोजकता शून्य है।

प्रश्न 31.
एक तत्व की परमाणु संख्या 15 है। इसका क्या अभिप्राय है ? क्या यह संभव है कि एक ही परमाणु के कोश (शैल) अधिक हो सकते हैं ?
उत्तर-
जब एक परमाणु के तीन कोश हैं, इसका तात्पर्य यह है कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन का वितरण तीन ऊर्जा स्तरों में है। इस प्रकार उत्तेजित अवस्था में उसी परमाणु के इलेक्ट्रॉन तीन से अधिक ऊर्जा स्तरों में वितरित हैं। जिससे उसी परमाणु के अधिक शैल (कोश) होंगे।

प्रश्न 32.
तत्वों की परमाणु संख्या तथा परमाणु द्रव्यमान संख्या नीचे दी गई हैं। निम्न सूचना को रिक्त स्थानों में लिखिए।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 7
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 8

प्रश्न 33.
एक तत्व की परमाणु संख्या क्या होगी जिसके M-शैल में 7 इलेक्ट्रॉन हैं ?
उत्तर-
इसका तात्पर्य यह है कि तत्व के परमाणु के K-शैल तथा L-शैल पूर्ण रूप से भरे हुए हैं। K-शैल में अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या 2 तथा L-शैल में 8 हो सकती है जबकि M-शैल में 7 इलेक्ट्रॉन हैं।
इसलिए परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या = 2 + 8 + 7 = 17

क्योंकि परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन होता है, इसलिए परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों को संख्या होगी।
∴ परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या = 17
∴ परमाणु की परमाणु संख्या = 17

प्रश्न 34.
समस्थानिकों के समान गुण लिखिए।
उत्तर-
समस्थानिकों के गुण-

  1. किसी तत्व के समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है।
  2. तत्व के सभी समस्थानिकों के रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं।
  3. तत्व के सभी समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
  4. तत्व के सभी समस्थानिकों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एक जैसा होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 35.
निम्न सारणी में किन्हीं तत्वों की द्रव्यमान संख्या तथा परमाणु संख्या दी गई है :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 9
(i) ऊपर दी गई सारणी से आइसोबार (समभारिक) का युग्म चुनिए।
(ii) सारणी में लिखे तत्व B की संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर-
(i) D तथा E
(ii) B तत्व की संयोजकता = 1

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
परमाणु द्रव्यमान 35 और 37 वाले क्लोरीन के दो समस्थानिक (आइसोटोप) 3 : 1 के अनुपात में विद्यमान हैं। इनका औसत परमाणु द्रव्यमान क्या होगा ?
हल :
क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान = \(\frac{35 \times 3+37 \times 1}{3+1}\)
= \(\frac{105+37}{4}\) = 35.5 a. m. u.

प्रश्न 2.
परमाणु क्रमांक 18 वाले तत्व X तथा परमाणु क्रमांक 16 वाले तत्व Z में से कौन-सा रासायनिक रूप से अधिक अभिक्रियाशील होगा ?
हल :
X तत्व का परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 18
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 10
अब Z तत्व का परमाणु क्रमांक – Z में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 16
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 11

किसी निष्क्रिय गैस के एक परमाणु के सबसे बाहरी कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिससे X न तो कभी इलेक्ट्रॉन खोएगा और न ही अर्जित करेगा। अतएव X रासायनिक रूप से अभिक्रियाशील नहीं है।

किसी निष्क्रिय गैस के विन्यास को प्राप्त करने के लिए Z तत्व 2 इलेक्ट्रॉन अर्जित कर सकता है। अतएव Z रासायनिक रूप से X से अधिक अभिक्रियाशील है।

प्रश्न 3.
उस तत्व की परमाणु संख्या ज्ञात करें जिसके नाभिक में 12 न्यूट्रॉन हैं और जिसकी द्रव्यमान संख्या 23 है। इस तत्व का संकेत क्या है ?
हल :
परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या = 12
परमाणु द्रव्यमान (A) = 23
परमाणु संख्या (Z) = ?
हम जानते हैं कि द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या
23 = P + 12
∴ प्रोटॉन की संख्या (P) = 23 – 12 = 11
अर्थात् परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉन की संख्या = 11 उत्तर
सोडियम तत्व की परमाणु संख्या 11 तथा द्रव्यमान संख्या 23 है। इस तत्व को दर्शाने के लिए संकेत है \({ }_{11}^{23} \mathrm{Na}\) उत्तर

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में प्रोटॉनों, न्यूट्रॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या पता करें : \({ }_{92}^{235} \mathbf{U}\) तथा \({ }_{92}^{238} \mathrm{U}\) दोनों परमाणुओं का आपस में क्या संबंध है ?
हल :
U-235 परमाणु की द्रव्यमान संख्या (A) = 235
परमाणु संख्या (Z) = 92
हम जानते हैं कि n = A – Z
n = 235 – 92
n = 143
∴ U-235 में प्रोटॉन की संख्या = परमाणु संख्या = 92
इलेक्ट्रॉन की संख्या = प्रोटॉन की संख्या = 92
न्यूट्रॉन की संख्या = 143
U-238 परमाणु की द्रव्यमान संख्या (A) = 238
परमाणु संख्या (Z) = 92
n = 238 – 92
n = 146

\({ }_{92}^{235} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{92}^{238} \mathrm{U}\) दोनों यूरेनियम तत्व के समस्थानिक हैं। इन दोनों के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या एक समान 92 है, परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या विभिन्न है अर्थात् दोनों परमाणुओं की परमाणु संख्या समान है, परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 5.
तत्व \(x_{9}^{19}\) में कितने इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन हैं ? इस तत्व की संयोजकता कितनी होगी ?
हल :
परमाणु संख्या = 9
द्रव्यमान संख्या = 19
∴ इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 9
प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या = 9
न्यूट्रॉनों की संख्या – 19 – 9 = 10
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 12
तत्व की संयोजकता = 8 – 7 = 1

प्रश्न 6.
परमाणु के अवपरमाणुक कणों के नाम बताओ। हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 4u तथा इसके नाभिक में 2 प्रोटॉन हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन हैं ? सोडियम तथा कार्बन की इलेक्ट्रॉनिक संरचना लिखिए (दिया है सोडियम की परमाणु संख्या = 11, कार्बन की परमाणु संख्या = 6)।
हल :
(i) परमाणु के अवपरमाणुक कण : इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन

(ii) हीलियम में न्यूट्रॉनों की संख्या = 4 – 2 = 2
(iii) सोडियम की इलेक्ट्रॉनिक संरचना : PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 13
(iv) कार्बन की इलेक्ट्रॉनिक संरचना : PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 14

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
‘कैनाल रे’ की खोज किसने और कब की थी ?
उत्तर-
‘कैनाल रे’ को खोज ई० गोल्डस्टीन ने सन 1886 में की थी।

प्रश्न 2.
कैनाल किरणों पर कौन-सा आवेश होता है ? उत्तर-धन आवेश।

प्रश्न 3.
प्रोटॉन पर कौन-सा आवेश होता है ?
उत्तर-
धन आवेश।

प्रश्न 4.
प्रोटॉन परमाणु के किस भाग में होते हैं ?
उत्तर-
सबसे भीतरी भाग नाभिक में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 5.
डाल्टन के अनुसार परमाणु के मूल गुण क्या थे ?
उत्तर-
डाल्टन के अनुसार परमाणु अविभाज्य और अविनाशी है।

प्रश्न 6.
डॉल्टन के सिद्धांत को किस खोज ने गलत सिद्ध कर दिया था ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की खोज ने।

प्रश्न 7.
परमाणु संरचना से संबंधित पहला मॉडल किसने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
जे० जे० टॉमसन।

प्रश्न 8.
रदरफोर्ड ने एल्फा कणों के प्रकीर्णन प्रयोग में सोने की पन्नी क्यों चुनी थी ?
उत्तर-
रदरफोर्ड बहुत पतली परत चाहते थे जो 1000 परमाणुओं के बराबर मोटी हो।

प्रश्न 9.
एल्फा कण क्या होते हैं ?
उत्तर-
दविआवेशित हीलियम (He2+) कण होते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 10.
एल्फा कणों पर कौन-सा आवेश होता है ?
उत्तर-
धन आवेश ।

प्रश्न 11.
एल्फा कणों का द्रव्यमान कितना होता है ?
उत्तर-
4u.

प्रश्न 12.
नील्स बोर ने रदरफोर्ड के मॉडल पर उठी आपत्तियों को किस प्रकार दूर किया ?
उत्तर-
नील्स बोर ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं जिनसे ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।

प्रश्न 13.
ऊर्जा स्तर किसे कहते हैं ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन जिन निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं उन्हें ऊजां स्तर कहते हैं। इन्हें K. L, M. N… या 1, 2, 3, 4 … के द्वारा निरूपित किया जाता है।

प्रश्न 14.
परमाणु द्रव्यमान किसे कहते हैं ?
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान – परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग को परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।

प्रश्न 15.
विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण का नियम किसने प्रस्तुत किया था ?
उत्तर-
बोर और बरी ने।

प्रश्न 16,
परमाणु के विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों की कक्षा में वितरण करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर-
2n2जहां ‘n’ कक्षा की संख्या या ऊर्जा स्तर होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 17.
पहली चार कक्षाओं में क्रम से इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या लिखिए।
उत्तर-
2, 8. 18. 32.

प्रश्न 18.
सबसे बाह्यतम कोश में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं ?
उत्तर-
8.

प्रश्न 19.
रासायनिक रूप से कौन-से तत्व सक्रिय नहीं होते ?
उत्तर-
जिन तत्वों के परमाणुओं के बाह्यतम कक्ष पूर्ण रूप से भरे होते हैं, वे रासायनिक दृष्टि से सक्रिय नहीं होते।

प्रश्न 20.
अष्टक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
अष्टक -आट इलेक्ट्रॉन वालं सबसे बाहरी कक्ष को अप्टक कहते हैं।

प्रश्न 21.
तत्व की संयोजकता क्या होती है ?
उत्तर-
संयोजकता – परमाणा के बाहयतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों के अष्टक बनाने के लिए जितनी संख्या में इलेवटॉनों का सामेदारी या स्थानांतरण होता है. वह उस तत्व की संयोजकता होती है।

प्रश्न 22.
परमाणु संख्या किसे कहते हैं ?
उत्तर-
परमाणु संख्या – किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 23.
न्यूक्लिऑन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
न्यूक्लिऑन – कियो परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को न्यूक्लिऑन कहते हैं।

प्रश्न 24.
परमाण का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान कहां स्थित होता है ?
उत्तर-
परमाणु के नाभिक में।

प्रश्न 25.
द्रव्यमान संख्या किसे कहते हैं ?
उत्तर-
द्रव्यमान संख्या – किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूटॉनों की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहते हैं।

प्रश्न 26.
समस्थानिक किस कहते हैं ?
उत्तर-
समस्थानिक ( आइसोटोप)- एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, उसे समस्थानिक कहते हैं।

प्रश्न 27.
क्लोरीन के दो समस्थानिक लिखिए।
उत्तर-
\({ }_{17}^{35} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{17}^{37} \mathrm{U}\)

प्रश्न 28.
कार्बन के दो समस्थानिक लिखिए।
उत्तर-
\({ }_{16}^{12} \mathrm{U}\) तथा \({ }_{16}^{14} \mathrm{U}\)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 29.
क्लोरीन के परमाणु का द्रव्यमान क्या है ?
उत्तर-
35.5.

प्रश्न 30.
कैंसर के उपचार में किस तत्व के समस्थानिक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
कोबाल्ट के समस्थानिक का।

प्रश्न 31.
घेघा रोग के इलाज में किस तत्व के समस्थानिक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
आयोडीन के समस्थानिक का।

प्रश्न 32.
परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किस तत्व के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
यूरेनियम का।

प्रश्न 33.
समभारिक किसे कहते हैं ?
उत्तर-
समभारिक-भिन्न-भिन्न परमाणु संख्या पर समान द्रव्यमान संख्या वाले तत्वों को समभारिक कहते हैं।

प्रश्न 34.
दो समभारिक तत्वों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. कैल्सियम
  2. आर्गान।

प्रश्न 35.
हाइड्रोजन के तीन समस्थानिकों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. प्रोटियम (\({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\))
  2. ड्यूटीरियम (\({ }_{1}^{2} \mathrm{H}\))
  3. ट्राइटियम (\({ }_{1}^{3} \mathrm{H}\))

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 36.
यदि किसी तत्व के K तथा L शैल संपूर्ण रूप से इलैक्ट्रॉनों से भरे हों तो इसमें इलेक्ट्रॉनों की कुल कितनी संख्या होगी ? ।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 10 (K = 2, L = 8)

प्रश्न 37.
परमाणु के कौन-से इलेक्ट्रॉन तत्व के गुणों को निर्धारित करते हैं ?
उत्तर-
वेलैंस इलेक्ट्रॉन।

प्रश्न 38.
क्लोरीन परमाणु की द्रव्यमान संख्या 35 और परमाणु संख्या 17 है। आप क्लोरीन परमाणु को कैसे प्रदर्शित करोगे ?
उत्तर-
\({ }_{17}^{35} \mathrm{Cl}\)

प्रश्न 39.
उस अवपरमाणुक कण का नारा बताओ जो परमाणु का आकार निर्धारित करता है।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन।

प्रश्न 40.
उन पदार्थों ( परमाणुओं) को क्या कहते हैं जिनके रासायनिक गुण समान हों परंतु भौतिक गुण अलग हों ?
उत्तर-
समस्थानिक (आइसोटोप)।

प्रश्न 41.
Mg2+ आयन में 10 इलैक्ट्रॉन हैं। Mg2+ में प्रोटॉनों की संख्या क्या होगी ?
उत्तर-
12

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 42.
वह कौन-सा तत्व है जिसके परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन उपस्थित नहीं है ?
उत्तर-
हाइड्रोजन।

प्रश्न 43.
किसी तत्व के समस्थानिकों में निम्न कणों में से कौन-कौन से समान संख्या में होते हैं : इलेक्ट्रॉन, प्रोट्रॉन, न्यूट्रॉन ?
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन।

प्रश्न 44.
हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं : \({ }_{1}^{1} \mathrm{H}\), \({ }_{1}^{2} \mathrm{H}\), \({ }_{1}^{3} \mathrm{H}\) ये सभी विद्युतीय उदासीन क्यों हैं ?
उत्तर-
इन तीनों में एक प्रोटॉन तथा एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित है।

प्रश्न 45.
एक तत्व के परमाणु की परमाणु संख्या 16 है। उसके संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा संयोजकता विन्यास लिखें।
उत्तर-
संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 4 परमाणु की संरचना 15

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

This PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम will help you in revision during exams.

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

जान पहचान
एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक इंटरफेस है। एक आप्रेटिंग सिस्टम, फाइल मैनेजमैंट, मैमरी मैनेजमैंट, इनपुट और आऊटपुट को संभालना, डिस्क ड्राइव और प्रिंटर जैसे यंत्रों को कंट्रोल करना आदि जैसे सारे बुनियादी काम करता है। कुछ मशहूर आप्रेटिंग सिस्टम हैं- Linux, Windows, OSX, VMS, OS/400, AIX, Z/OS आदि।

आप्रेटिंग सिस्टम की परिभाषा
एक आप्रेटिंग सिस्टम ऐसा प्रोग्राम है जो कि कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच में इंटरफेस के रूप में काम करता है और हर किस्म के प्रोग्राम के लागू करने को कंट्रोल करता है। (User 1)
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 1

आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं
एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और कंप्यूटर प्रोग्राम दोनों को सर्विस प्रदान करता है।
1. यह प्रोग्राम को लागू करने के लिए वातावरण प्रदान करता है।
2. यह कंप्यूटर यूज़र को कंप्यूटर प्रोग्राम आसान ढंग से लागू करने के लिए सेवा प्रदान करता है।

1. प्रोग्राम को लागू करना-आप्रेटिंग सिस्टम यूज़र प्रोग्राम से सिस्टम प्रोग्राम तक कई किस्म की क्रियाएं करता है जैसे कि-प्रिंटर, स्पूलर, नेम-सर्वर, फाइल सर्वर आदि। इन सभी क्रियाओं को एक प्रोसैस माना जाता है। एक प्रोसैस का संदर्भ किसी क्रिया के पूरी तरह लागू होने के साथ होता है। प्रोग्राम मैनेजमैंट से संबंधित आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा की जाने वाली मुख्य क्रियाएं निम्नलिखित हैं-

  • एक प्रोग्राम को कंप्यूटर मैमरी में लोड करना।
  • प्रोग्राम को लाग करना।
  • प्रोग्राम के लागू होने की क्रिया को कंट्रोल करना।
  • प्रोसैस सीक्रोनाइजेशन के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।
  • प्रोसैस कम्यूनिकेशन के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।
  • डैडलॉक हैंडलिंग के लिए योग्य प्रणाली प्रदान करना।

2. इनपुट आऊटपुट आप्रेशन-एक इनपुट-आऊटपुट सबसिस्टम में इनपुट आऊटपुट यंत्र और उनसे संबंधित ड्राइवर या सॉफ्टवेयर होते हैं। ड्राइवर किसी खास हार्डवेयर यंत्र की विशिष्टता को यूज़र से छुपा लेते हैं। एक आप्रेटिंग सिस्टम कंप्यूटर यूज़र और डिवाइस ड्राइवर के बीच में संचार करने का प्रबंध करता है।

  • इनपुट-आऊटपुट आप्रेशन का मतलब किसी फाइल या किसी खास इनपुट-आऊटपुट यंत्र पर रीड या राइट आप्रेशन करना।
  • आप्रेटिंग सिस्टम ज़रूरत पड़ने पर किसी इनपुट-आउटपुट यंत्र पर पहुंच करने की प्रवानगी देता है।
  • फाइल सिस्टम को मैनुप्लेट करना-फाइल सिस्टम को मैनुप्लेट करने से भाव है कि भिन्न-भिन्न तरह के फाइल-आप्रेशन जैसे कि डिलीट, कॉपी और मूव करने की आज्ञा देना।

कंप्यूटर लंबे समय तक स्टोर करने के लिए फाइलों को डिस्क (सैकेंडरी स्टोरेज) पर स्टोर कर सकता है। इन स्टोरेज मीडिया की उदाहरण हैं-मैगनेटिक टेप, मैगनेटिक डिस्क और आप्टीकल डिस्क ड्राइव जैसे कि सी०डी० और डी०वी०डी०।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

एक फाइल सिस्टम को आसानी से प्रयोग और नेवीगेट करने के लिए साधारण रूप से डाइरैक्टरियों में रखा जाता है। इन डाइरैक्टरियों में फाइलें और अन्य डाइरैक्टरियां भी हो सकती हैं। फाइल मैनेजमैंट के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं –

  1. किसी फाइल को रीड या राइट करने के लिए प्रोग्राम उपलब्ध करना।
  2. आप्रेटिंग सिस्टम किसी प्रोग्राम को फाइल पर काम करने की आज्ञा देता है।
  3. यह आज्ञा रीड-ओनली, रीड-राइट, डिनाई करना और अन्य हो सकती है।
  4. आप्रेटिंग सिस्टम किसी यूज़र को फाइलें, क्रियेट या डिलीट करने का इंटरफेस प्रदान करता है।
  5. आप्रेटिंग सिस्टम किसी यूज़र को डाइरैक्टरियां क्रियेट या डिलीट करने का इंटरफेस प्रदान करता है।
  6. आप्रेटिंग सिस्मट फाइलों को बैकअप क्रियेट करने के लिए इंटरफेस प्रदान करता है।

4. संचार-आप्रेटिंग सिस्टम डिस्ट्रीब्यूट सिस्टम की इन क्रियाओं के बीच संचार का प्रबंध करता है। मल्टीपल प्रोसैस एक दूसरे से सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नैटवर्क में उपलब्ध संचार लाइनों का प्रयोग करता है।

आप्रेटिंग सिस्टम रूटिंग और कुनैक्शन ढंगों को कंट्रोल और सुरक्षा से संबंधित मुश्किलों को हैंडल करता है। नीचे आप्रेटिंग सिस्टम की संचार से संबंधित बनियादी क्रियाएं दी गई हैं जैसे कि-

  • दो प्रोसैसों को उनके बीच में ट्रांसफर होने वाले डाटा की अकसर ज़रूरत पड़ती है।
  • इन दोनों के प्रोसैस एक कंप्यूटर पर या भिन्न-भिन्न कंप्यूटर पर हो सकते हैं पर यह कंप्यूटर नेटवर्क के द्वारा आपस में जुड़े होते हैं।
  • इनके बीच में संचार दो तरीकों के द्वारा लागू हो सकता हैशेयर मैमरी द्वारा मैसेज पासिंग द्वारा।

5. त्रुटि को ढूंढना- सी०पी०यू० इनपुट-आऊटपुट यंत्र या कंप्यूटर हार्डवेयर मैमरी में कोई गलती हो सकती है। ऐरर हैंडलिंग के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं

  • आप्रेटिंग सिस्टम संभव गलतियों को लगातार चैक करता है।
  • आप्रेटिंग सिस्टम सही और लगातार कंप्यूटिंग करने के लिए पर्याप्त कार्यवाही करता है।

6. रिसोर्स मैनेजमैंट-मल्टी यूजर या मल्टी-टास्किंग वातावरण में उपलब्ध रिसोर्स जैसे कि मुख्य मैमोरी, सी०पी०यू० साइकल और फाइल स्टोरेज़ आदि को हर एक यूज़र या जॉब (Job) में बांटा जाता है। रिसोर्स मैनेजमैंट के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं-

  • आप्रेटिंग सिस्टम रिसोर्स मैनेजर के रूप में काम करता है। आप्रेटिंग सिस्टम हर किस्म के प्रोसैस का प्रबन्ध शैड्यूलर के प्रयोग से करता है।
  • सी०पी०यू० के बढ़िया प्रयोग के लिए सी०पी०यू० शैड्यूलिंग ऐलगोरिदम इस्तेमाल किया जाता है।

7. सुरक्षा-एक कंप्यूटर सिस्टम जिस के मल्टीपल (एक से ज्यादा) यूज़र हैं और एक ही समय में जिसके मल्टीपल प्रोसैसिस चल रहे हों, इसको ध्यान में रखते हुए इन प्रोसैसिंस को एक-दूसरे की क्रियाओं से सुरक्षित रखना जरूरी होता है।

सुरक्षा के संबंध में आप्रेटिंग सिस्टम के द्वारा निम्नलिखित अनुसार मुख्य क्रियाएं की जाती हैं

  • आप्रेटिंग सिस्टम यह यकीनी बनाता है कि सिस्टम रिसोरों पर पहुंच कंट्रोल में है।
  • आप्रेटिंग सिस्टम यह यकीनी बनाता है कि सभी बाहरी इनपुट-आऊटपुट यंत्र अवैध (Invalid) पहुंच की कोशिश करने से सुरक्षित हैं।
  • आप्रेटिंग सिस्टम हर यूज़र को प्रमाणित (authorised) करने के लिए पासवर्ड की विशेष सहूलियत देता है।

आप्रेटिंग सिस्टम की किस्में
आप्रेटिंग सिस्टम की निम्नलिखित किस्में हैं-
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 2

बैच आप्रेटिंग सिस्टम
बैच आप्रेटिंग सिस्टम अधीन एक यूज़र सीधे रूप से कंप्यूटर से जुड़ा नहीं होता। हर एक यूज़र अपने काम को ऑफ-लाइन यंत्र जैसे कि पंच-कार्ड पर तैयार करता है और इसको कंप्यूटर आप्रेटर के पास जमा करवा देता है। इस काम को तेज़ी से करने के लिए एक किस्म के कामों को एकत्रित कर लिया जाता है और एक ग्रुप में चलाया जाता है। प्रोग्रामर अपने प्रोग्राम को आप्रेटर के पास छोड़ देते हैं और आप्रेटर इनको एक ही किस्म के प्रोग्राम अनुसार छांट कर बैच में बांट देता है।

बैच सिस्टम की निम्नलिखित मुश्किलें हैं

  • यूज़र और काम (job) में आपसी तालमेल की कमी होना।
  • मेकैनीकल इनपुट-आऊटपुट यंत्रों की रफ्तार सी०पी०यू० से कम होने से कारण सी०पी०यू० बिना किसी काम के ही रहता है।
  • ज़रूरत अनुसार तरजीह देना मुश्किल होता है।

टाइम शेयरिंग आप्रेटिंग सिस्टम
टाइम शेयरिंग एक ऐसी तकनीक है जो कि भिन्न-भिन्न टर्मीनल पर बैठे लोगों को एक ही समय में खास कम्प्यूटर सिस्टम को इस्तेमाल के योग्य बनाता है। टाइम-शेयरिंग या मल्टी-टॉस्किंग मल्टी प्रोग्रामिंग की लोजीकल एक्सटेंशन है। मल्टीपल कामों को सी०पी०यू० के द्वारा उनके बीच में स्विचिंग तकनीक के द्वारा लागू किया जाता है। स्विचिंग तकनीक बहुत रफ्तार में होती है। इसलिए यूज़र बहुत जल्दी रिस्पांस प्राप्त करता है। कंप्यूटर सिस्टम जो कि पहले बैच सिस्टम के लिए डिज़ाइन किए गए थे उनको टाइम शेयरिंग सिस्टम के लिए मोडीफाई किया जा चुका है।

टाइम शेयरिंग आप्रेटिंग सिस्टम की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  • जल्दी रिस्पांस प्राप्त करने की सहूलियत देता है।
  • सॉफ्टवेयर की डुपलीकेशन को रोकता है।
  • सी०पी०यू० का खाली समय घटाता है।

टाइम शेयरिंग सिस्टम की निम्नलिखित हानियां हैं

  1. भरोसे योग्यता की समस्या
  2. यूज़र प्रोग्राम और डाटा की सुरक्षा और इंटीग्रिटी में कमज़ोरी।
  3. डाटा संचार की समस्या

डिस्ट्रीब्यूटिड आप्रेटिंग सिस्टम-
डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम मल्टीपल रीयल टाइम एप्लीकेशन और मल्टीपल यूज़र को सेवा देने के लिए मल्टीपल केंद्रीय प्रोसैसर का प्रयोग करता है। डाटा प्रोसैसिंग कामों को प्रोसैसर की तरतीब अनुसार बांटा जाता है | यह प्रोसैसर एक दूसरे के साथ कई किस्म की संचार लाइनों के अनुसार संचार करते हैं। इन प्रोसैसरों को लूज़ली कप्लड सिस्टम या डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम कहा जाता है। डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम में प्रोसैसर आकार और काम के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। इन प्रोसैसरों को साधारण रूप से साइट, नोडज़ या कंप्यूटर कहा जाता है।

डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम की विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

  1. रिसोर्स शेयरिंग सुविधा होने के कारण यूज़र एक साइट से दूसरे स्थान पर उपलब्ध रिसोर्स को इस्तेमाल करने के योग्य होता है।
  2. इलैक्ट्रॉनिक मेल की मदद से डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तेज़ रफ्तार से ट्रांसफर किया जा सकता है।
  3. डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम में अगर एक साइट काम करना बंद करती है तो दूसरी साइट अपने-आप चलती रहती है।
  4. ग्राहक को बढ़िया सुविधा।
  5. होस्ट कंप्यूटर पर लोड में कमी।
  6. डाटा प्रोसैसिंग में होने वाली देरी में कमी।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम
एक नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम सर्वर पर चलता है और सर्वर को डाटा, यूज़र, ग्रुप, सुरक्षा, ऐप्लीकेशनों और अन्य नैटवर्किंग फंक्शन का प्रबंध करने के योग्य बनाता है। नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य एक नैटवर्क से जुड़े मल्टीपल कंप्यूटर जैसे कि लोकल एरिया नेटवर्क, प्राइवेट नैटवर्क या अन्य नैटवर्क, को फाइलों और प्रिंटर पर पहुँचने की आज्ञा देना है।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम के उदाहरण हैं, जैसे कि-Microsoft Windows, Server 2003, Microsoft Windows Server 2008, UNIX, Linux, Mac OSX, Novell Net Ware और BSD आदि।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम के लाभ निम्नलिखित हैं

  • सैंटरलाइज़ सर्वर बहुत स्थिर होते हैं।
  • सुरक्षा सर्वर के द्वारा मैनेज़ की जाती है।
  • नई तकनीकों और हार्डवेयर को अपग्रेड सिस्टम के द्वारा आसानी से जोड़ा जाता है।
  • सर्वर को अलग लोकेशन से रिमोर्ट एक्सैस करना संभव है।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम की निम्नलिखित हानियां हैं-

  1. सर्वर को खरीदना और चलाना काफ़ी महंगा है।
  2. कई काम करने के लिए सैंट्रल लोकेशन सर्वर पर निर्भर करना पड़ता है।
  3. रैगुलर रख-रखाव और अपडेट की ज़रूरत पड़ती है।

रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम को डाटा आप्रेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है। इसमें इनपुट की प्रक्रिया और जवाब देने के लिए जो समय लगता है, वो बहुत कम होता है। एक सिस्टम के द्वारा इनपुट लेने और अपडेटिड सूचना को डिस्पले करने में जो समय लगता है, उसको रिस्पांस टाइम कहा जाता है। इसलिए इस तरीके में रिस्पांस टाइम ऑनलाइन प्रोसैसिंग के मुकाबले बहुत कम होता है।

रीयल टाइम सिस्टम का इस्तेमाल उस समय होता है जब डाटा के फलों या प्रोसैसर के आप्रेशन में लगने वाला समय न बदलने योग्य हो। उदाहरण के लिए वैज्ञानिक तुजुर्बे, मैडीकल इमेजिंग सिस्टम, इंडस्ट्रीयल कंट्रोल सिस्टम, हथियार सिस्टम (Weapon System), रोबोट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम आदि हैं।

डॉस तथा विंडोज़ आप्रेटिंग सिस्टम में अंतर
डॉस और विंडोज़ में निम्नलिखित अंतर हैं –

डॉस विंडोज़
1. डॉस एक यूज़र आप्रेटिंग सिस्टम है। 1. विंडोज़ बहु यूज़र इंटरनेट है।
2. डॉस एकल टास्किंग है। 2. विंडोज़ बहु टास्किंग है।
3. इसमें समय साझा नहीं होता। 3. विंडोज़ में समय साझा होता है।
4. इनपुट यंत्र की बोर्ड होता है। 4. मानक इनपुट यंत्र की-बोर्ड और माउस होते हैं।
5. यह चरित्र यूज़र इंटरफेस है। 5. यह ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस है।
6. इसका आकार छोटा होता है। 6. इसका आकार बड़ा होता है।
7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन नहीं करता। 7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन करता है।
8. इसका मुख्य कार्य फाइलों को मैनेज करना है। 8. इसके कई प्रकार के मुख्य कार्य हैं।
9. यह फ्लॉपी में स्टोर हो जाती है। 9. इसको फ्लॉपी में स्टोर नहीं किया जा सकता।
10. इसका उत्पादन बंद हो चुका है। 10. इसका उत्पादन चल रहा है।

लाईनैक्स
लाईनैक्स यूनिक्स आप्रेटिंग सिस्टम का एक प्रसिद्ध वर्जन है। यह ओपन सोर्स होता है और इसका सोर्स कोड मुफ्त उपलब्ध होता है। यह इस्तेमाल में फ्री होता है। यूनिक्स की जटिलता को देखते हुए लाईनैक्स को डिज़ाइन किया गया था। इसके काम करने की लिस्ट यूनिक्स (UNIX) की तरह ही है।

लाईनकस की बेसिक विशेषताएं लाईनैक्स आप्रेटिंग सिस्टम की कुछ खास विशेषताएं निम्नलिखित हैं –
1. पोर्टेबल-यह सॉफ्टवेयर भिन्न-भिन्न किस्म के हार्डवेयर और एक ही तरीके से काम करता है। लाईनैक्स कर्नल और ऐप्लीकेशन प्रोग्राम किसी भी किस्म के हार्डवेयर प्लेटफार्म और इंस्टालेशन को स्पोर्ट करता है।

2. ओपन सोर्स-लाइनक्स सोर्स कोड मुफ्त उपलब्ध है। लाइनैक्स आप्रेटिंग सिस्टम की योग्यता
को बढ़ाने के लिए मल्टीपल टीमें काम करती हैं और यह लगातार विकसित हो रहा है।

3. मल्टीयूज़र-लाइनैक्स एक मल्टीयूज़र सिस्टम है जिसका मतलब यह है कि एक ही समय में सिस्टम रिसोर्स जैसे कि मैमोरी/रैम/ ऐप्लीकेशन प्रोग्राम को प्रयोग कर सकता है।

4. मल्टीप्रोग्रामिंग-लाईनैक्स एक मल्टी प्रोग्रामिंग सिस्टम है जिसका मतलब यह है कि एक ही समय में मल्टीपल ऐप्लीकेशन चल सकती है।

5. हरारकीकल फाइल सिस्टम-लाईनैक्स एक स्टैंडर्ड फाइल स्ट्रक्चर अधीन सिस्टम फाइलें । यूज़र फाइलों को अरेंज करता है। इसमें फ़ाइलें और डाइरैक्टरियां एक ट्री (Tree) के रूप में होती हैं।

6. शैल (Shell)-लाईनैक्स एक खास इंटरप्रेटर प्रोग्राम की सहूलियत देता है जिसका इस्तेमाल आप्रेटिंग सिस्टम की कमांडों को लागू करने के लिए किया जा सकता है। इसका प्रयोग भिन्नभिन्न आप्रेशन एप्लीकेशन प्रोग्राम आदि को बुलाने के लिए है।

7. सुरक्षा-लाइनैक्स ई-इंटरप्रेटर यूज़र को खास अधिकार अधीन सुरक्षा प्रदान करता है जैसे कि पासवर्ड प्रोटैक्शन/खास किस्म की फाइलों पर पहुंच को नियंत्रित करना डाटा को इनकरप्शन करना इत्यादि।

आरीटेक्चर लाइनैक्स सिस्टम के आर्कीटेक्चर में निम्नलिखित परतें (लेयरें) होती हैं

  • हार्डवेयर (Hardware)-लेयर इस लेयर में कभी पैरीफरिल यंत्र (devices) होते हैं जैसे कि रैम/हार्ड डिस्क ड्राइव आदि।
  • कर्नल (Kernel)-यह आप्रेटिंग सिस्टम का कोर कंपोनैट होता है जो कि सीधे रूप से हार्डवेयर से संपर्क करता है और अपर लेयर कंपोनेंट्स को लो लेवल सर्विस प्रदान करता है।
  • शैल (Shell)-कर्नल से संपर्क करके यह यूज़र से कर्नल के जटिल फंक्शन को छुपा देता है। शैल यूज़र से कमांडज़ प्राप्त करती है और कर्नल के फंक्शन को लागू करता है।
  • यूटीलिटी (Utility)-यूटीलिटी प्रोग्राम यूज़र को मुख्य रूप से आप्रेटिंग सिस्टम के फंक्शन प्रदान करता है।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम 3

कंप्यूटर सुरक्षा
कंप्यूटर सुरक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमारे कंप्यूटर पर अन-अधिकारिक प्रयोग को चैक करती है और इसको रोकती है। रोकथाम (prevention) के माप हमारे कंप्यूटर के किसी भी हिस्से को अनअधिकारिक यूज़र (हैकर) की तरफ से पहुंच करने से रोकने में हमारी मदद करते हैं। इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि इंटरनैट सिक्योरिटी बहुत महत्त्वपूर्ण पहलू है। हम इन सुरक्षा धमकियों से अपने-आप को और अपनी सूचना को बचाने संबंधी कुछ महत्त्वपूर्ण टिप्स के बारे में वर्णन कर रहे हैं।

नवीनतम एंटी वायरस
एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को ज़्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए हमें उपलब्ध नये अपडेट्स के साथ इसको अपडेट करना चाहिए। कई तरह के एंटीवायरस उपलब्ध हैं जो कि मुफ़्त और अदायगी योग्य हैं।

एंटी-स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर
स्पाइवेयर प्रोग्राम वायरस से अलग होते हैं क्योंकि वायरस की तरह यह हमारे कंप्यूटर में पड़े डाटा या सिस्टम को करप्ट नहीं करते बल्कि यह हमारे सिस्टम में अपने-आप इंस्टाल हो जाते हैं और हमारे सिस्टम में स्टोर पासवर्ड, क्रैडिट कार्ड के नंबर अपने सर्वर पर भेजते हैं। इसलिए अपने सिस्टम में से सपाइवेयर प्रोग्राम को ढूंढने और रोकने के लिए हमें नवीनता एंटी स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की ज़रूरत पड़ती है।

पासवर्ड प्रोटेक्शन
पासवर्ड कई तरह के ऑन-लाइन खातों का बहुत महत्त्वपूर्ण पहलू है। अपने पासवर्ड को सुरक्षित रखना अपने पैसे को सुरक्षित रखने की तरह ही है। भिन्न-भिन्न खातों के लिए एक ही तरह का पासवर्ड न रखें। आसानी से बूझा जाने वाला पासवर्ड जैसे कि अपना निजी मोबाइल नंबर या जन्म तारीख आदि न रखें। अपना पासवर्ड ज्यादा अक्षरों से जैसे कि अक्षर और नंबर हो सके तो कुछ खास करैक्टर के साथ मिला कर रखें। अपने पासवर्ड के साथ संबंधित वैबसाइटों पर पहुंच करने के लिए हमेशा एक नया वैब पेज खोलें और कभी भी ई-मेल में दिये लिंक या और तरीकों के द्वारा न खोलें।

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

नवीनतम अपडेटस और पैच को लागू करना
हमारे सिस्टम में इंस्टाल किया कोई भी सॉफ्टवेयर हमेशा के लिए परफैक्ट नहीं होता। अपने सॉफ्टवेयर पर नवीनतम अपडेट और पैच अप्लाई करते रहो। यह अपडेट और पैच सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों के द्वारा समय-समय पर उपलब्ध करवाये जाते हैं।

फॉयरवाल – अगर हो सके तो अपने सिस्टम को हैकरों के अटैक से बचाने के लिए फायरवाल का प्रयोग करें। फायरवाल हमारे सिस्टम के अन-अधिकारिक पहुँच करने वाले ट्रैफ़िक को ब्लॉक कर देता है। फॉयरवाल हमें इंटरनैट सुरक्षित ढंग से इस्तेमाल और हमारे सिस्टम पर अन-अधिकारिक एप्लीकेशन की पहुंच को रोकने के योग्य बनाता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

प्रश्न 1.
निम्न समस्याओं में रैखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके ग्राफीय विधि से हल ज्ञात कीजिए।
(i) कक्षा X के 10 विद्यार्थियों ने एक गणित की पहेली प्रतियोगिता में भाग लिया। यदि लड़कियों की संख्या लड़कों की संख्या से 4 अधिक हो, तो प्रतियोगिता में भाग लिए लड़कों और लड़कियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
(ii) 5 पेंसिल तथा 7 कलमों का कुल मूल्य ₹ 50 है, जबकि 7 पेंसिल तथा 5 कलमों का मूल्य ₹ 46 है। एक पेंसिल और एक कलम का मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) मान लीजिए .
प्रतियोगिता में लड़कों की संख्या = x
और प्रतियोगिता में लड़कियों की संख्या = y
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कुल विद्यार्थी = 10
∴ x + y = 10
या x + y – 10 = 0
प्रश्न अनुसार,
y = x + 4
या x = y – 4
अब रैखिक समीकरणों
x + y = 10
और x – y + 4 = 0 का आलेख खींचिए।
x + y = 10
या x = 10 – y..(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 10 – 0 = 10
y = 7 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 10 – 7 = 3
y = 10 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 10 – 10 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 1

बिंदुओं A (10, 0), B (3, 7), C (0, 10) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 10 का आलेख प्राप्त होता है।
x – y + 4 = 0
या x = y – 4 …………..(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 0 – 4 = – 4
y = 7 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 7 – 4 = 3
y = 4 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 4 – 4 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 2

बिंदुओं D (- 4,0), B (3, 7), E (0, 4) को आले खित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x-y +4= 0 का आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 3

आलेख से यह स्पष्ट है कि दोनों रैखिक समीकरण बिंदु B (3, 7) पर मिलते हैं।
∴ बिंदु B (3, 7) आलेखीय स्थिति है।
अतः प्रतियोगिता में लड़कों की संख्या = 3
प्रतियोगिता में लड़कियों की संख्या = 7

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(ii) मान लीजिए 1 पेंसिल का मूल्य = ₹ x
और 1 कलम का मूल्य = ₹ y
पहली शर्त अनुसार,
5x + 7y = 50
दूसरी शर्त अनुसार,
7x + 5y = 46
∴ रैखित समीकरण युग्म है :
5x + 7y = 50
7x + 5y = 46
अब इन रैखिक समीकरणों का आलेख खींचिए :
5x + 7y = 50
या 5x = 50 – 7y
या x = \(\frac{50-7 y}{5}\) ……………(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = \(\frac{50-7 \times 0}{5}=\frac{50}{5}\)
x = 10
y = 5 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{50-7 \times 5}{5}=\frac{50-35}{5}\)

= \(\frac{15}{5}\) = 3

y = 7 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{50-7 \times 7}{5}=\frac{50-49}{5}\)

= \(\frac{1}{5}\) = 0.2

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 4

बिंदुओं A (10, 0), B (3, 5), C (0.2, 7) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खीचने पर हमें समीकरण 5x + 7y = 50 का आलेख प्राप्त होता
7x+ 5y = 46
या 7x = 46 – 5y
या \(\frac{46-5 y}{7}\) …………….(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times 0}{7}=\frac{46}{7}\) = 6.5

y = 5 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times 5}{7}=\frac{46-25}{7}\)

= \(\frac{21}{7}\) = 3

y = – 4 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।

x = \(\frac{46-5 \times(-4)}{7}=\frac{46+20}{7}\)

= \(\frac{66}{7}\) = 9.5

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 5

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 6

बिंदुओं E (6.5, 0), B (3, 5), F (9.5, – 4) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खीचने पर हमें समीकरण 7x + 5y = 46 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि दोनों रैखिक समीकरण बिंदु B (3, 5) पर मिलते हैं
∴ बिंदु B (3, 5) आलेखीय स्थिति है।
अतः, एक पेंसिल का मूल्य = 3 रु
एक कलम का मूल्य = 5 रु

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

प्रश्न 2.
अनुपातों \(\frac{a_{1}}{a_{2}}\), \(\frac{b_{1}}{b_{2}}\) और \(\frac{c_{1}}{c_{2}}\) की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न समीकरण युग्म द्वारा निरूपित रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, समांतर हैं अथवा संपाती हैं:
(i) 5x – 4y + 8 = 0
7x + 6y – 9 = 0

(ii) 9x + 3y + 12 = 0
18x + 6y + 24 = 0

(iii) 6x – 3y + 10 = 0
2x – y + 9 = 0
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण युग्म है :
5x – 4y + 8 = 0
और 7x + 6y – 9 = 0
यहाँ a1 = 5, b1 = – 4, c1 = 8
a2 = 7, b2 = 6, c2 = – 9
अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{5}{7} ; \frac{b_{1}}{b_{2}}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-4}{6}=\frac{-2}{3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{8}{-9}\) \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण युग्म एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं।

(ii) दी गई रैखिक समीकरण युग्म हैं :
9x + 3y + 12 = 0
और 18x + 6y + 24 = 0
a1 = 9, b1 = 3, c1 = 12
a2 = 18, b2 = 6, c2 = 24
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{9}{18}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{12}{24}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
अतः, दी गई समीकरण-युग्म संपाती हैं।

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
6x – 3y + 10 = 0
और 2x – y + 9 = 0
यहाँ a1 = 6, b1 = – 3, c1 = 10
a2 = 2, b2 = – 1, c2 = 9

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{6}{2}\) = 3;

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-1}\) = 3;

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{10}{9}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म एक दूसरे समांतर है

प्रश्न 3.
अनुपातों \(\), \(\) और \(\) की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न रैखिक समीकरणों के युग्म संगत हैं या असंगत :
(i) 3x + 2y = 5; 2x – 3y = 7
(ii) 2r – 3y = 8; 4x – 6y = 9
(iii) x+5y = 7; 9x – 10y = 14
(iv) 5x – 3y = 11; – 10x + 6y = – 22
(v) x +2y = 8; 2x + 3y = 12
हलः
(i) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
3x + 2y = 5 और 2x – 3y = 7
या 3x + 2y – 5 = 0
और 2r – 3y – 7 = 0
यहाँ a1 = 3, b1 = 2, c1 = – 5
a2 = 2, b2 = – 3, c2 = – 7

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{3}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{2}{-3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-5}{-7}=\frac{5}{7}\);

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(ii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
2x – 3Y = 8 और 4x – 6y = 9
या 2x – 3y – 8 = 0
4x – 6y – 9 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = – 3, c1 = – 8
a2 = 4, b2 = – 6, c2 = – 9
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-3}{-6}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-8}{-9}=\frac{8}{9}\);

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है
\(\frac{3}{2}\) x + \(\frac{5}{3}\) y = 7
और 9x – 10y = 14
या \(\frac{3}{2}\) x + \(\frac{4}{4}\) y – 7 = 0
और 9 x – 10y – 14 = 0
यहाँ a1 = \(\frac{3}{2}\), b1 = \(\frac{5}{3}\), c1 = – 7
a2 = 9, b2 = – 10, c2 = – 14

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 7

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(iv) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
5x – 3y = 11 और – 10x + 6y = – 22
या 5x – 3y – 11 = 0 और – 10x + 6y + 22 = 0
a1 = 5, b1 = – 3, c1 = – 11
a2 = – 10, b2 = 6, c2 = 22
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{5}{-10}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{3}{6}=-\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-11}{22}=\frac{-1}{2}\)

∵ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है

(v) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
\(\frac{4}{3}\)x + 2y = 8 और 2x + 3y = 12
और \(\frac{4}{3}\)x + 2y – 8 = 0 या 2x + 3y – 12 = 0
यहाँ a1 = \(\frac{4}{3}\), b1 = 2, c1 = – 12
a2 = 2, b2 = 3, c2 = – 12

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 8

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म संगत है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

प्रश्न 4.
निम्न रैखिक समीकरणों के युग्मों में से कौन युग्म संगत/असंगत हैं ? यदि संगत हैं, तो ग्राफीय विधि से हल ज्ञात कीजिए :
(i) x + y = 5, 2x + 2y = 10
(ii) x – y = 8, 3x – 3y = 16
(iii) 2x + y – 6 = 0, 4x – 2y -4 = 0
(iv) 2x – 2y – 2 = 0, 4x – 4y – 5 = 0
हल :
(i) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
x + y = 5 और 2x + 2y = 10
या x + y – 5 = 0 2x + 2y – 10 = 0
यहाँ a1 = 1, b1 = 1, c1 = – 5
a2 = 2, b2 = 2, c2 = – 10
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-5}{-10}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
∴ दी गई रैखिक समीकरण युग्म इसका आलेख खींचिए
x + y = 5
x = 5 – y ……………..(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 0 = 5
y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 3 = 2
y = 5 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है।
x = 5 – 5 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 9

बिंदुओं A (5, 0), B (2, 3), C (0, 5) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 5 का आलेख प्राप्त होता है।
2x + 2y = 10. या 2 (x + y) = 10
x + y = 5
या x = 5 – y ……………(2)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 0 = 5
y = 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 2 = 3
y = 5 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है
x = 5 – 5 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 10

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 11

बिंदुओं A (5, 0), D (3, 2), C (0, 5) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + 2y = 10 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि दी गई रैखिक समीकरण युग्म संपाती रेखाएँ हैं या इनके अपरिमित रूप से अनेकों हल हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(ii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
x – y = 8 और 3x – 3y = 16
या x – y – 8 = 0 और 3x – 3y – 16 = 0
यहाँ a = 1, b = – 1, c = 8
a = 3, b = – 3, c = – 16

अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-1}{-3}=\frac{1}{3}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-8}{-16}=\frac{1}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म असंगत है।

(iii) दी गई रैखिक समीकरण-युग्म है :
2x + y -6 = 0
और 4x – 2y – 4 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = 1, c1 = – 6
a2 = – 4, b2 = – 2, c2 = – 4

अब, \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{1}{-2}\);

\(c_{1}=\frac{-6}{-4}=\frac{3}{2}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
∴ दी गई रैखिक समीकरण–युग्म इस रैखिक समीकरणों का आलेख खींचिए
2x + y – 6 = 0
या 2x = 6 – y
x = \(\frac{6-y}{2}\) …………….(1)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6-0}{2}=\frac{6}{2}\) = 3

y = 2 को (1), में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6-2}{2}\)

= \(\frac{4}{2}\) = 2

y = – 2 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{6-(-2)}{2}=\frac{6+2}{2}\)

= \(\frac{8}{2}\) = 4

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 12

बिंदुओं A (3, 0), B (2, 2), C (4, – 2) को आले खित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + y – 6 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
4x – 2y – 4 = 0
या 2[2x – y – 2] = 0
या 2x – y – 2 = 0
या 2x = y + 2
या x = \(\fracy+2}{2}\) …………(2)

y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{0+2}{2}\)

= \(\frac{2}{2}\) = 1

y = 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है

x = \(\frac{2+2}{2}\)
= \(\frac{4}{2}\) = 2

y = – 2 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{-2+2}{2}\)

= \(\frac{0}{2}\) = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 13

बिंदुओं D (1,0), B (2, 2), E (0, -2) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण 4x – 2y – 4 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 14

आलेख से यह स्पष्ट है कि दी गई समीकरण-युग्म बिंदु B (2, 2) पर मिलती है।
अतः, दी गई रैखिक समीकरण-युग्म अद्वितीय है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

(iv) दी गई रैखिक किरण-युग्म है
2x – 2y – 2 = 0 और 4x – 4y – 5 = 0
यहाँ a1 = 2, b1 = – 2, c1 = – 2
a2 = 4, b2 = – 4, c2 = – 5
अब \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{-2}{-4}=\frac{1}{2}\);

\(\frac{c_{1}}{c_{2}}=\frac{-2}{-5}=\frac{2}{5}\)

∴ \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)

अतः, दी गई समीकरण युग्म असंगत है। उत्तर

प्रश्न 5.
एक आयताकार बाग, जिसकी लंबाई, चौड़ाई से 4 m अधिक है, का अर्धपरिमाप 36 m है। बाग की विमाएँ ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए बाग की लंबाई = x m
बाग की चौड़ाई = y m
बाग का परिमाप = 2 [x + y] m
बाग के परिमाप का आधा = (x + y) m
प्रश्न की पहली शर्त अनुसार,
x = y + 4
प्रश्न की दूसरी शर्त का अनुसार,
x + y = 36
∴ रैखिक समीकरण-युग्म है:
x = y + 4 और x + y = 36
x = y + 4 …………..(1)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 0 + 4 = 4
y = – 4 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = – 4 + 4 = 0
y = 16 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 16 + 4 = 20

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 15

बिंदुओं A (4, 0), B (0, – 4), C (20, 16) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x = y + 4 का आलेख प्राप्त होता है।

x + y = 36
x = 36 – y …………….(2)
y = 12 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 12 = 24
y = 24 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 24 = 12
y = 16 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 36 – 16 = 20

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 16

बिंदुओं D (24, 12), E (12, 24), C (20, 16) को आलेखित करने और उनको मिलाते हुए रेखा खींचने पर हमें समीकरण x + y = 36 का आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 17

आलख स यह स्पष्ट ह क राखक समाकरणा का युग्म बिंदु C (20, 16) पर मिलता है।
∴ C (20, 16) अर्थात् x = 20 और y = 16 रैखिक समीकरण युग्म का हल है।
अतः, बाग की लंबाई = 20 m
बाग की चौड़ाई = 16 m

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

एक अन्य विधि:
मान लीजिए बाग बाग की चौड़ाई = x m
बाग की लंबाई = (x + 4) m
बाग का परिमाप = 2 [लंबाई + चौड़ाई]
= 2 [x + x + 4] m
= [2x + 4] m
∴ बाग के परिमाप का आधा = (2x + 4) m
प्रश्न अनुसार,
2x + 4 = 36
2x = 36 – 4
2x = 32
x = \(\frac{32}{2}\) = 16
अतः, बाग की चौड़ाई = 16 m
और बाग की लंबाई = (16 + 4) m = 20 m

प्रश्न 6.
एक रैखिक समीकरण 2x + 3y – 8 = 0 दी गई है। दो चरों में एक ऐसी और रैखिक समीकरण लिखिए ताकि प्राप्त युग्म का ज्यामितीय निरूपण जैसा कि :
(i) प्रतिछेद रेखाएँ हों।
(ii) समांतर रेखाएँ हों।
(iii) संपाती रेखाएँ हों।
हल :
स्थिति I. प्रतिच्छेद करती रेखाएँ:
दी गई रैखिक समीकरण है :
2x + 3y – 8 = 0 ……………(1)
यहा पर प्रातप्छा५त रखाए का शता का पूरा करम फ लिए अनेक मान है
अर्थात् \(\frac{a_{1}}{a_{2}} \neq \frac{b_{1}}{b_{2}} \neq \frac{c_{1}}{c_{2}}\)
इनमें से एक है।
3x – 2y – 6 = 0 ………….(2)
अब रैखिक समीकरण (1) और (2) का आलेख खींचिए।
2x + 3y – 8 = 0 या 2x = 8 – 3y
या x = \(\frac{8-3 y}{2}\) ………….(1)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3 \times 0}{2}=\frac{8}{2}\) = 4

y = – 2 को (1) में प्रतिस्थापित __करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3(-2)}{2}=\frac{14}{2}\) = 7

y = 2 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{8-3 \times 2}{2}=\frac{8-6}{2}=\frac{2}{2}=1\) = 1

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 18

बिंदुओं A (4,0), B (7, — 2), C (1, 2) को आलेखित करने और उनको मिलाने पर प्राप्त रेखा खींचने पर हमें समीकरण 2x + 3y – 8 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
3x – 2y – 6 = 0 या 3x = 6 + 2y
या x = \(\frac{6+2 y}{3}\) ………….(2)

y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6+2 \times 0}{3}=\frac{6}{3}=2\)

y = – 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = \(\frac{6+2(-3)}{3}\)

= \(\frac{6-6}{3}\) = 0

y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{6+2 \times 3}{3}=\frac{6+6}{3}\)

= \(\frac{12}{3}\) = 4

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 19

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 20

बिंदुओं D (2, 0), E (0, – 3), F (4, 3) को आलेखित करने और उनको मिलाने पर प्राप्त रेखा खींचने पर हमें समीकरण 3x – 2y – 6 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि रैखिक किरण युग्म बिंदु G पर प्रतिच्छेद करता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 21

बिंदुओं G (2.5, 0), H (- 2, 3), I (7, – 3) को आलेखित करने और उनको मिलाकर रेखा खींचने से हमें समीकरण 2x + 3y – 5 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

स्थिति III.
संपाती रेखाओं के लिए
दी गई रैखिक समीकरण है
2x + 3y – 8 = 0 …………..(1)
दो चरों में ऐसे और भी अधिकतम अन्य रैखिक समीकरण हो सकते हैं जो संपाती रेखाओं की शर्त को संतुष्ट करते हों अर्थात् \(\frac{a_{1}}{a_{2}}=\frac{b_{1}}{b_{2}}=\frac{c_{1}}{c_{2}}\)
अतः उनमें से एक इस प्रकार है :
6x + 9y – 24 = 0 ……………(4)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 22

अब रैखिक समीकरणों (1) और (4) का आलेख खींचिए।
रैखिक समीकरण (4) लीजिए
6x + 9y – 24 = 0
‘या 3 [2x + 3y – 8] = 0
या 2x + 3y – 8 = 0
∴ दोनों में बिंदु एक समान है और दोनों समीकरणों की एक ही रेखा है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

प्रश्न 7.
समीकरणों x -y + 1 = 0 और 3x + 2y – 12 = 0 का ग्राफ खींचिए।x-अक्ष और इन रेखाओं से बने त्रिभुज के शीर्षों के निर्देशांक ज्ञात कीजिए और त्रिभुजाकार पटल को छायांकित कीजिए।
हल :
एक रैखिक समीकरण-युग्म लीजिए
x – y + 1 = 0 और 3x + 2y – 12= 0
x – y + 1 = 0
या x = y – 1 …………(1)
y = 0 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 0 – 1 = – 1
y = 3 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 3 – 1 = 2 y = 1 को (1) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :
x = 1 – 1 = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 23

बिंदुओं A (- 1, 0), B (2, 3), C (0, 1) को आलेखित करने और उनको मिला कर रेखा खींचने पर हमें समीकरण x – y + 1 = 0 का आलेख प्राप्त होता है।
3x + 2y – 12 = 0
या 3x = 12 – 2y
या x = \(\frac{12-2 y}{3}\) ………..(2)
y = 0 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 24

x = \(\frac{12-2 \times 0}{3}=\frac{12}{3}\) = 4

y = 3 को (2), में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{12-2 \times 3}{3}=\frac{12-6}{3}=\frac{6}{3}\) = 2

y = 6 को (2) में प्रतिस्थापित करने पर हमें प्राप्त होता है :

x = \(\frac{12-2 \times 6}{3}=\frac{12-12}{3}\) = 0

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2 25

बिंदुओं D (4,0), B (2, 3), E (0, 6) को आलेखित करने और उनको मिलाकर रेखा खींचने पर हमें समीकरण 3x + 2y – 12 = 0 आलेख प्राप्त होता है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म Ex 3.2

रैखिक समीकरणों के युग्म और .x-अक्ष द्वारा बनाए गए त्रिभुज के शीर्षों को आलेख में छायांकित किया गया है।

∆ABD इस प्रकार बनी त्रिभुज है।
∆ABD के शीर्षों के निर्देशांक हैं : A (- 1, 0), B (2, 3) और D (4,0).
अब, आधार AD की लंबाई = AO + OD
= 1 + 4 = 5 मात्रक
लंब BF की लंबाई = 3 मात्रक
∴ ∆ABD का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) × आधार × लंब
= \(\frac{1}{2}\) × AD × BF
= (\(\frac{1}{2}\) × 5 × 3) वर्ग मात्रक
= \(\frac{15}{2}\) = 7.5 वर्ग मात्रक