PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

SST Guide for Class 7 PSEB लोकतन्त्र तथा समानता Textbook Questions and Answers

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 1-15 शब्दों में लिखें

प्रश्न 1.
लोकतंत्रीय सरकार से क्या भाव है ?
उत्तर-
लोकतंत्र (प्रजातन्त्र) लोगों की अपनी सरकार होती है, अर्थात् वहां का शासन लोगों की इच्छानुसार चलाया जाता है। कानून के अनुसार भी शासन चलाने की शक्ति लोगों के हाथ में होती है। प्रजातन्त्र में कानून का शासन (Rule of Law) होता है। प्रजातान्त्रिक सरकार लोगों द्वारा ही बनाई जाती है और वह लोगों के कल्याण के लिए ही कार्य करती है। अब्राहिम लिंकन के शब्दों में प्रजातान्त्रिक सरकार ‘लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए’ होती है।

प्रश्न 2.
‘कानून के शासन’ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
कानून के शासन से अभिप्राय यह है कि देश का शासन निश्चित कानूनों अथवा नियमों के अनुसार चलाया जाता है। सरकार इन नियमों की अवहेलना नहीं कर सकती। उसकी शक्ति का स्रोत कानून होते हैं।

प्रश्न 3.
मताधिकार का लोकतंत्र में क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
आधुनिक लोकतंत्र प्रतिनिधि लोकतंत्र है। इसमें नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं जो सरकार चलाते हैं और कानून बनाते हैं। इन प्रतिनिधियों का चुनाव वोट अथवा मताधिकार द्वारा किया जाता है। यदि सरकार अयोग्य हो, तो उसे भी मताधिकार द्वारा बदला जाता है। इसलिए लोकतंत्र में मताधिकार बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

प्रश्न 4.
प्रधानात्मक सरकार कौन-सी होती है ?
उत्तर-
कृपया इसके लिए 50-60 शब्दों वाला प्रश्न नं. 4 पढ़ें।

प्रश्न 5.
लोकतंत्र में लोकमत का क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
लोकमत से अभिप्राय लोगों की इच्छा से है। लोकतंत्र में नीतियों का निर्माण लोकमत के आधार पर ही होता है। लोकमत की उपेक्षा करने वाली सरकार को अगले चुनावों में बदल दिया जाता है। इस प्रकार लोकतन्त्र में लोकमत बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है।

प्रश्न 6.
कौन से देश में आज भी प्रत्यक्ष लोकतंत्र है ?
उत्तर-
स्विट्ज़रलैण्ड में आज भी प्रत्यक्ष लोकतंत्र है।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर 50-60 शब्दों में लिखें :

प्रश्न 1.
लोकतंत्र के अस्तित्व में आने संबंधी संक्षिप्त नोट लिखें।
उत्तर-
लोकतंत्र (प्रजातन्त्र) का आरम्भ यूनान के शहर ऐथन्ज़ में हुआ। वहां का प्रजातन्त्र लगभग 2500 वर्ष पुराना है। यह प्रत्यक्ष (सीधा) लोकतंत्र था जिसमें सभी लोग मिलकर शासन चलाते थे। वे लोग वर्ष में कई बार एकत्रित होकर सभा किया करते थे। वहां पर लोगों द्वारा राज्य प्रबन्ध चलाने के निर्णय लिए जाते थे। उस समय सीधा लोकतंत्र इसलिए सम्भव था क्योंकि लोगों की संख्या कम थी और सभी एक स्थान पर बैठकर निर्णय ले सकते थे। सीधा प्रजातन्त्र इसलिए भी सम्भव था क्योंकि उस समय लोकतान्त्रिक देशों में स्त्रियों, विदेशियों और दासों को शासन में भाग लेने का अधिकार नहीं था।

प्रश्न 2.
स्वतन्त्रता की धारणा के विकास के संबंध में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर-
स्वतन्त्रता लोकतन्त्र का मूल आधार है। इस धारणा का विकास 17वीं शताब्दी में इंग्लैंड की शानदार क्रान्ति तथा 18वीं शताब्दी में फ्रांस की क्रान्ति के साथ हुआ। आरम्भ में मतदान का अधिकार केवल धनी लोगों को ही प्राप्त था। समय की आवश्यकता के अनुसार सभी वयस्क स्त्री-पुरुषों को मतदान का अधिकार दिया गया।

19वीं और 20वीं शताब्दी में प्रजातन्त्र के समानता के अधिकार ने और ज़ोर पकड़ा। यह अधिकार पहले केवल राजनीतिक क्षेत्र तक ही सीमित था। समय की आवश्यकता के अनुसार आर्थिक तथा सामाजिक क्षेत्रों में भी समानता के अधिकार पर बल दिया जाने लगा। लोगों को कई प्रकार की स्वतन्त्रताएं भी दी गईं। इनमें विचारों की स्वतन्त्रता प्रमुख थी।

प्रश्न 3.
लोकतन्त्र सबसे पहले किस देश में स्थापित हुआ ?
उत्तर-
लोकतन्त्र सबसे पहले यूनान में स्थापित हुआ। वहां लोकतन्त्र का विकास ऐथन्स नगर में हुआ। वहां का लोकतन्त्र लगभग 2500 वर्ष पुराना है। ऐथन्स के लोग साल में कई बार इकट्ठे होते थे और सभा करते थे। इन सभाओं में वे मिलकर निर्णय लेते थे कि राज्य प्रबन्ध किस प्रकार चलाया जाए।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

प्रश्न 4.
लोकतंत्रीय सरकार के चार भिन्न-भिन्न स्वरूपों का नाम लिखें।
उत्तर-
(1) प्रधानात्मक सरकार
(2) संसदीय सरकार
(3) एकात्मक सरकार
(4) संघात्मक सरकार।
1. प्रधानात्मक (अध्यक्षात्मक) सरकार-प्रधानात्मक सरकार में राष्ट्रपति सीधे लोगों द्वारा चुना जाता है। वह राज्य का वास्तविक शासक होता है। इसलिए राष्ट्रपति और मन्त्री एक ही राजनीतिक दल से नहीं होते। इस प्रकार की प्रधानात्मक लोकतान्त्रिक सरकार अमेरिका में है। वहां का राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली है।

2. संसदीय सरकार-संसदीय अथवा संसदात्मक सरकार में संसद् अधिक शक्तिशाली होती है। राष्ट्रपति केवल नाममात्र का मुखिया होता है। राज्य की वास्तविक शक्ति प्रधानमन्त्री के पास होती है। मन्त्रिपरिषद् के सभी सदस्य संसद् अर्थात् विधानपालिका से ही लिए जाते हैं। इसलिए संसदात्मक सरकार में विधानपालिका एवं कार्यपालिका में तालमेल बना रहता है।

3. एकात्मक सरकार-एकात्मक प्रजातन्त्र में राज्यों और केन्द्र के बीच शक्तियों का विभाजन होता है। परन्तु केन्द्र राज्यों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होता है। हमारे भारत का संविधान भी संघात्मक है, परन्तु किसी आन्तरिक संकट के समय केन्द्रीय सरकार की शक्तियां बढ़ जाती हैं।

4. संघात्मक सरकार-संघात्मक सरकार में संविधान लिखित एवं कठोर होता है। राज्यों और केन्द्र के बीच शक्तियों का बंटवारा होता है। प्रत्येक राज्य की अपनी सरकार होती है। भारत में भी संघात्मक सरकार है।

प्रश्न 5.
संसदीय लोकतंत्र से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
संसदात्मकं अथवा संसदीय लोकतन्त्र में संसद् अधिक शक्तिशाली होती है। राष्ट्रपति नाममात्र का मुखिया होता है। राज्य की वास्तविक शक्ति प्रधानमन्त्री के पास होती है। मन्त्रिपरिषद् के सभी सदस्य संसद् अर्थात् विधानपालिका से ही लिये जाते हैं। इसलिए संसदीय सरकार में विधानपालिका तथा कार्यपालिका के बीच तालमेल बना रहता है।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

प्रश्न 6.
लोकतंत्रीय सरकार की कोई दो विशेषताएं लिखें।
उत्तर-
लोकतंत्र को प्रजातंत्र भी कहा जाता है। आधुनिक युग में लोकतंत्रीय सरकार को सर्वश्रेष्ठ सरकार माना जाता है। सफल लोकतंत्र के लिए कुछ शर्तों का होना अनिवार्य है। लोकतन्त्र सरकार की विशेषताओं का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है :–

1. सत्तेत नागरिक-प्रजातन्त्र सरकार का मूल आधार लोकमत है, जिसके आधार पर सरकार चलाई जाती है। इसलिए लोगों का सचेत होना बहुत आवश्यक है। इसका अर्थ यह है कि जनता राजनीतिक रूप से परिपक्व हो। ऐसे लोग ही अपने प्रतिनिधियों पर नियन्त्रण रख सकते हैं।

2. योग्य एवं सचेत नेतागण-यदि सरकार पढ़े-लिखे तथा सचेत नेताओं द्वारा चलाई जायेगी, तो सरकार योग्य होगी। केवल समझदार मतदाता (वोटर) ही ऐसे नेताओं को चुन सकते हैं।

3. अनुशासित नागरिक एवं राजनीतिक दल-प्रजातन्त्र में लोगों का अनुशासित होना बहुत आवश्यक है। तभी वे सरकार की गलत नीतियों और अनुचित कार्यों का विरोध करके सरकार को ठीक ढंग से कार्य करने पर विवश कर सकते हैं। लोगों में दूसरों के विचारों के प्रति आदर भी होना चाहिए। लोगों के राजनीतिक विचारों में भिन्नता के आधार पर राजनीतिक दल बनते हैं। लोगों के प्रतिनिधि चुनाव द्वारा चुने जाते हैं। चुनावों के लिए राजनीतिक दल बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं। राजनीतिक दल लोगों को सरकार के कार्यों के बारे सूचित करके लोक मत बनाने में सहायता करते हैं। इसलिए राजनीतिक दलों का सचेत और अनुशासित होना अति आवश्यक है।

4. सामाजिक एवं आर्थिक समानता-प्रजातन्त्र में धनी एवं निर्धन का अन्तर नहीं होना चाहिए। यदि सभी नागरिक सामाजिक और आर्थिक रूप से समान नहीं होंगे तो प्रजातन्त्र सफल नहीं हो सकता। इसलिए समाज में जाति, धर्म और भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

5. सहनशीलता-लोकतन्त्र में बहुमत प्राप्त दल का शासन होता है। परन्तु दल का उदार होना आवश्यक है। विरोधी दल को भी शासक दल के प्रति सहनशील होना चाहिए। सहनशीलता प्रजातन्त्र की सफलता के लिए एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है।
नोट-विद्यार्थी कोई दो लिखें।

प्रश्न 7.
सामाजिक तथा आर्थिक समानता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
सामाजिक समानता-सामाजिक समानता का अर्थ है कि सामाजिक दृष्टि से सभी व्यक्ति समान हैं। किसी के साथ जन्म स्थान, रंग, धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी व्यक्ति समाज के उपयोगी अंग हैं। किसी व्यक्ति विशेष को कोई विशेष महत्त्व नहीं दिया जाता।

आर्थिक समानता-आर्थिक समानता का अर्थ है कि देश में धनी एवं निर्धन का अन्तर नहीं होना चाहिए। समाज के किसी वर्ग का शोषण न हो। इसका अर्थ यह भी है कि उत्पादन के साधन कुछ एक व्यक्तियों के हाथों में सीमित न हों। सभी को रोज़ी कमाने के समान अवसर प्राप्त हों।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

प्रश्न 8.
आधुनिक युग में लोकतंत्रीय सरकार अत्यधिक प्रिय क्यों है ?
उत्तर-
आज संसार के अधिकतर देशों में लोकतन्त्रीय सरकार है। ऐसी सरकार कल्याणकारी होती है और मानव अधिकारों एवं स्वतन्त्रता को विशेष महत्त्व देती है। लोकतन्त्र में कानून की दृष्टि में सभी बराबर माने जाते हैं। ये कानून भी लोगों के अपने प्रतिनिधियों द्वारा बनाए जाते हैं। लोकतन्त्र को लोकप्रिय बनाने वाले कई अन्य आधार भी हैं जिनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है :–

1. समानता-प्रजातन्त्र में अमीरी-गरीबी, धर्म या जाति के आधार पर किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जाता। कानून की दृष्टि से सब समान होते हैं। इसलिए तानाशाही सरकार की अपेक्षा प्रजातान्त्रिक सरकार अधिक लोकप्रिय

2. स्वतन्त्रता-प्रजातन्त्र में लोग हर पक्ष में स्वतन्त्र होते हैं। वे कोई भी व्यवसाय अपनाने, अपने विचारों को प्रकट करने और किसी भी क्षेत्र में रहने के लिए स्वतन्त्र होते हैं। परन्तु तानाशाही राज्य में लोगों को तानाशाह राजा की आज्ञा अनुसार चलना पड़ता है।

3. निर्णय लेने की कार्य विधि-प्रजातन्त्र में राज्य प्रबन्ध चलाने के लिए निर्णय लेने का एक विशेष ढंग होता है, जोकि लोगों के हाथ में होता है। लोग अपने प्रतिनिधि चुनकर विधानपालिका में भेजते हैं। ये प्रतिनिधि शासन चलाने के लिए कानून बनाते हैं। विधानपालिका में बहमत दल सरकार बनाती है। सरकार लोगों की इच्छानुसार कार्य करती है। यदि सरकार लोगों की इच्छानुसार कार्य न करे, तो जनता, उसे अगले चुनावों में बदल सकती है।

4. नागरिकों की सक्रिय भागीदारी-प्रजातन्त्र में सभी मतदाता चुनाव लड़ सकते हैं या चुनाव में अपना मत इच्छानुसार दे सकते हैं। देश के शासन में सभी बराबर के भागीदार हैं। तानाशाही राज्यों में ऐसा नहीं होता। इसलिए आधुनिक समय में प्रजातान्त्रिक सरकार अधिक लोकप्रिय है।

5. मतभेद दूर करना-प्रजातन्त्र में किसी पर भी अपना विचार थोपा नहीं जाता, बल्कि सभी के विचारों का आदर किया जाता है। शासक दल विरोधी दल के सुझावों पर उदारता से विचार करता है। दूसरी ओर विरोधी दल सरकार के कार्यों में उदारता से सहयोग देता है। इस प्रकार प्रजातन्त्र में वैचारिक मतभेदों को उदारतापूर्वक दूर किया जाता है। इसी कारण प्रजातान्त्रिक सरकार अधिक पसन्द की जाती है।

6. मानव गौरव (शान) में वृद्धि-स्वतन्त्रता, समानता तथा भाईचारा प्रजातन्त्र के मुख्य सिद्धान्त हैं। इनके आधार पर ही फ्रांस में प्रजातन्त्र का आरम्भ हुआ। प्रजातन्त्र में केवल राजनीतिक स्वतन्त्रता और समानता ही नहीं होती, अपितु सामाजिक तथा आर्थिक समानता भी होती है। इसके लिए सरकार सभी देशवासियों को रोज़ी कमाने के लिए समान अवसर प्रदान करती है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए नौकरियों में स्थान आरक्षित किये जाते हैं। इस प्रकार प्रजातन्त्र में मानव गौरव और शान को बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयत्न किया जाता है।

(ग) खाली स्थान भरें

  1. भारत एक ………….. गणराज्य है।
  2. हमारे देश की केन्द्रीय सरकार का नाममात्र का प्रधान …………… है और राज्य सरकारों के मुख्य ……………. होते हैं।
  3. लोकतंत्र का आरम्भ ………………. के शहर ……………… में हुआ।
  4. ………………. ही ऐसा देश है जहां आज भी प्रत्यक्ष लोकतंत्र है।
  5. लोकतंत्र का आरम्भिक सिद्धांत …………. तथा ……………. है।

उत्तर-

  1. लोकतंत्रीय,
  2. राष्ट्रपति, राज्यपाल,
  3. यूनान, एथेंस
  4. स्विट्ज़रलैण्ड
  5. स्वतन्त्रता तथा समानता।

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(घ) निम्नलिखित वाक्यों में ठीक (✓) या गलत (✗) का निशान लगाओ

  1. भारत एक लोकतंत्रीय गणराज्य है।
  2. स्विट्ज़रलैण्ड ही ऐसा देश है जहाँ आज भी प्रत्यक्ष लोकतंत्र चल रहा है।
  3. वोट डालने का अधिकार केवल कुछ बालिगों (वयस्कों) को ही प्राप्त है।
  4. लोकतंत्रीय देश में कानून का राज्य होता है।
  5. आधुनिक लोकतंत्र की स्थापना पहले फ्रांस देश में हुई थी।

संकेत-

  1. (✓)
  2. (✓)
  3. (✗)
  4. (✓)
  5. (✗)

(ङ) बहु-वैकल्पिक प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर पर निशान लगाएं :–
प्रश्न 1.
लोकतांत्रिक सरकार लोगों की, लोगों के लिए तथा लोगों के द्वारा-यह कथन है
(क) इब्राहिम लिंकन
(ख) लास्की
(ग) डेविड ईस्टन।
उत्तर-
(क) इब्राहिम लिंकन

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प्रश्न 2.
आधुनिक युग में किस सरकार को सर्वोत्तम माना जाता है ?
(क) तानाशाही सरकार
(ख) लोकतांत्रिक सरकार
(ग) सैनिक शासन।
उत्तर-
(ख) लोकतांत्रिक सरकार

प्रश्न 3.
लोकतांत्रिक सरकार वाले देशों में देश के मुखिया कितनी तरह के होते हैं ?
(क) चार
(ख) पाँच
(ग) दो।
उत्तर-
(ग) दो।

PSEB 7th Class Social Science Guide लोकतन्त्र तथा समानता Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
प्रजातन्त्र (लोकतन्त्र) की दो विशेषताएं बताओ।
उत्तर-

  1. लोकतन्त्र में शासन चलाने की शक्ति लोगों के हाथ में होती है।
  2. लोकतन्त्र में सरकार की नीतियों का निर्णय लोगों की इच्छा के अनुसार लिया जाता है।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 18 लोकतन्त्र तथा समानता

प्रश्न 2.
लोकतन्त्र कौन-कौन से दो प्रकार का होता है ?
उत्तर-

  1. प्रत्यक्ष अथवा सीधा लोकतन्त्र
  2. अप्रत्यक्ष अथवा प्रतिनिधि लोकतन्त्र।

प्रश्न 3.
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र तथा अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र में क्या अन्तर है ?
उत्तर-
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में शासन की नीतियों के निर्माण में सभी नागरिक सीधे रूप में भाग लेते हैं। इसके विपरीत अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र में नागरिक अपने प्रतिनिधि चुनते हैं जो शासन की नीतियों का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 4.
लोकतन्त्रीय सरकार में देश के मुखिया कौन-कौन से दो प्रकार के होते हैं ? भारत से उदाहरण दें।
उत्तर-
लोकतन्त्रीय सरकार में देश के दो प्रकार के मुखिया होते हैं-नाममात्र मुखिया और वास्तविक मुखिया। हमारे देश की केन्द्रीय सरकार का नाममात्र का मुखिया राष्ट्रपति और राज्यों में राज्यपाल है जबकि केन्द्र में वास्तविक मुखिया प्रधानमन्त्री और राज्य में मुख्यमन्त्री होता है।

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प्रश्न 5.
गणराज्य क्या होता है ?
उत्तर-
जिस देश का प्रमुख लोगों के द्वारा चुना जाता है उसे गणराज्य कहा जाता है।

प्रश्न 6.
हम भारत को लोकतान्त्रिक गणराज्य क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
भारत एक लोकतन्त्र है। देश का मुखिया अर्थात् राष्ट्रपति लोगों द्वारा चुना जाता है। इसलिए भारत को लोकतान्त्रिक गणराज्य कहते हैं।

प्रश्न 7.
राजतन्त्रीय लोकतन्त्र क्या होता है ? एक उदाहरण भी दें।
उत्तर-
राजतन्त्रीय लोकतन्त्र में देश का मुखिया राजा या रानी होते हैं। वे लोगों द्वारा नहीं चुने जाते बल्कि उनका पद परम्परागत होता है। वे नाममात्र के मुखिया होते हैं। इंग्लैंड में राजतन्त्रीय लोकतन्त्र है।

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प्रश्न 8.
प्रजातन्त्र (लोकतन्त्र) का मुख्य सिद्धान्त क्या है ? यह किस बात पर आधारित है ?
उत्तर-
लोकतन्त्र का मुख्य सिद्धान्त कानून का शासन है। यह मानव की स्वतन्त्रता तथा समानता पर आधारित है।

प्रश्न 9.
व्यापक (सार्वभौम) वयस्क मताधिकार क्या होता है ?
उत्तर-
जब देश के सभी वयस्क स्त्री-पुरुषों को बिना किसी भेदभाव के मतं देने का अधिकार दिया जाता है, तो उसे सार्वभौम वयस्क मताधिकार कहा जाता है।

प्रश्न 10.
कार्यपालिका तथा विधानपालिका के प्रभाव की दृष्टि से लोकतान्त्रिक सरकार कौन-कौन से दो प्रकार की होती है ?
उत्तर-

  1. प्रधानात्मक (अध्यक्षात्मक) सरकार
  2. संसदीय सरकार।

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प्रश्न 11.
केन्द्र तथा राज्य सरकारों के बीच शक्तियों के विभाजन के आधार पर लोकतान्त्रिक सरकार कौन-कौन से दो प्रकार की होती है ?
उत्तर-

  1. एकात्मक सरकार
  2. संघात्मक सरकार।

प्रश्न 12.
“लोकतन्त्र अथवा प्रजातन्त्र राज्य सरकार का एक प्रकार नहीं, अपितु एक जीवन-परीक्षण है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
प्रजातन्त्र में समाज में किसी भी आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। कानून की दृष्टि में अमीर-गरीब, स्त्री-पुरुष सब समान हैं। प्रत्येक को अपने व्यक्तित्व का विकास करने का अधिकार होता है। जाति या जन्म के आधार पर किसी को भी कोई विशेष सुविधा प्राप्त नहीं होती, क्योंकि प्रजातान्त्रिक समाज में इस प्रकार के भेद-भाव के लिए कोई स्थान नहीं होता। यदि आर्थिक एवं सामाजिक पक्ष से सभी स्त्री-पुरुष समान होंगे तभी सभी लोग राजनीतिक पक्ष से भी समान होंगे। इसीलिए प्रजातन्त्र राज्य सरकार का एक प्रकार नहीं अपितु एक जीवन परीक्षण है।

सही जोड़े बनाइए:

  1. लोकतन्त्र का आरम्भ – यूरोप
  2. आधुनिक लोकतन्त्र की सबसे पहले स्थापना – भारत
  3. प्रधानात्मक लोकतन्त्र – एथेंस (यूनान)
  4. संसदीय सरकार – अमेरिका

उत्तर-

  1. लोकतन्त्र का आरम्भ – एथेंस (यूनान)
  2. आधुनिक लोकतन्त्र की सबसे पहले स्थापना – यूरोप
  3. प्रधानात्मक लोकतन्त्र – अमेरिका
  4. संसदीय सरकार – भारत।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions History Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

SST Guide for Class 7 PSEB 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Textbook Questions and Answers

(क) निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
18वीं शताब्दी में स्थापित हुई किन्हीं चार प्रादेशिक शक्तियों के नाम लिखें।
उत्तर-
दक्षिण भारत की शक्तियाँ-मराठे, हैदराबाद के निज़ाम तथा मैसूर में हैदरअली और टीपू सुल्तान। उत्तरी भारत की शक्तियाँ-बंगाल, अवध, बुंदेलखंड, मथुरा तथा पंजाब।

प्रश्न 2.
पाठ में उत्तरकालीन मुग़लों की सूची बनाएं।
उत्तर-
बहादुर शाह, जहांदार शाह, फरुख्सीयर, मुहम्मद शाह तथा बहादुरशाह जफ़र।

प्रश्न 3.
18वीं शताब्दी में अवध के उत्थान का संक्षेप में वर्णन करो।
उत्तर-
सआदत खां-अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक सआदत खां था। वह 1722 ई० में मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह के अधीन अवध का सूबेदार बना था। उसने राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार किए। उसने खेती-बाड़ी की ओर विशेष ध्यान दिया। 1739 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

सफदर जंग-सआदत खां की मृत्यु के पश्चात् सफदर जंग अवध का नया शासक बना। उसने 1754 ई० में रूहेलखण्ड के प्रदेश जीत लिये। 1775 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

शुजाउद्दौला तथा आसफुद्दौला-सफदर जंग के पश्चात् क्रमशः शुजाउद्दौला तथा आसफुद्दौला अवध के शासक बने। अंग्रेज़ गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्ज़ ने आसफुद्दौला को फैजाबाद की संधि करने के लिए विवश कर दिया। उसने आसफुद्दौला को अवध में रखी गई अंग्रेजी सेना के बदले मिलने वाली धनराशि बढ़ाने के लिए भी मज़बूर किया। 1797 ई० में आसफुद्दौला की मृत्यु हो गई।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 4.
18वीं शताब्दी में सिक्ख किस प्रकार शक्तिशाली बने ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी में मुग़लों तथा सिक्खों के बीच एक लंबा संघर्ष हुआ। इसी संघर्ष ने सिक्खों को शक्तिशाली बना दिया था।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के अधीन सिक्ख-मुग़लों ने सिक्खों पर बहुत अत्याचार किए थे। मुग़ल अत्याचारों का सामना करने के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिक्खों को वीर योद्धा बनाने का निर्णय किया। इस उद्देश्य से उन्होंने 1699 ई० में खालसा पंथ की स्थापना की। इसके बाद मुग़लों तथा सिक्खों के बीच कई लड़ाइयां हुईं। इनमें आनंदपुर साहिब की पहली तथा दूसरी,लड़ाई, चमकौर साहिब की लड़ाई तथा खिदराना की लड़ाई प्रमुख थी। चमकौर साहिब की लड़ाई में गुरु साहिब के दो बड़े साहिबज़ादे अजीत सिंह तथा जुझार सिंह शहीद हो गए। 1706 ई० में गुरु साहिब ने खिदराना अथवा मुक्तसर की लड़ाई में मुग़लों को बुरी तरह हराया। 1708 ई० में गुरु साहिब ज्योति जोत समा गए। इससे पूर्व उन्होंने बंदा बहादुर को सिक्खों का नेतृत्व सौंप दिया था।

बंदा बहादुर के अधीन सिक्ख-बंदा बहादुर ने 1709 ई० में कैथल से अपनी विजयों की शुरुआत की। इसके पश्चात् उसने समाना, कपूरी तथा सढौरा पर विजय प्राप्त की। बंदा बहादुर ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के पुत्रों की शहीदी का बदला लेने के लिए जलालाबाद, करनाल, पानीपत, अमृतसर, गुरुदासपुर, कलानौर तथा पठानकोट पर विजय प्राप्त की। इस प्रकार उसने पंजाब में सिक्ख राज्य की स्थापना की। उसने लौहगढ़ को अपनी राजधानी बनाया। 1715 ई० में मुग़लों ने बंदा बहादुर तथा उसके साथियों को बंदी बना लिया। उन्हें दिल्ली भेज दिया गया, जहां 9 जून, 1716 ई० को उन्हें शहीद कर दिया गया।

पंजाब के गवर्नरों द्वारा सिक्खों पर अत्याचार-
1. मुग़ल सम्राट् फरुख्सीयर ने 1716 ई० में अबदुसमन्द खां को पंजाब का सूबेदार नियुक्त किया। उसने अपने शासन- काल में अनगिनत सिक्खों का कत्ल किया। इस कारण मुग़ल बादशाह फरुख्सीयर ने उसे ‘राज्य की तलवार’ की उपाधि दी।

2. 1726 ई० में अबदुसमन्द खां के पुत्र जकरिया खां को पंजाब का सूबेदार नियुक्त किया गया। उसने सिक्खों का दमन करने के लिए कठोर नीति अपनाई। उसने बड़ी संख्या में सिक्खों को मरवा डाला। उसके शासनकाल में भाई मनी सिंह भाई, भाई मेहताब सिंह, भाई तारू सिंह तथा भाई हकीकत राय जैसे व्यक्तियों ने शहीदी दी। परंतु वह सिक्खों का पूरी तरह से दमन करने में असफल रहा।

3. 1745 ई० में जकरिया खां का पुत्र याहिया खां पंजाब का सूबेदार बना। उसने भी सिक्खों के प्रति दमनकारी . नीति जारी रखी। उसने काहनूवाल (गुरदासपुर) में सिक्खों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले के दौरान 700 सिक्ख मारे गए तथा 3000 सिक्खों को बंदी बना लिया गया। इस घटना को छोटा घल्लूघारा कहा जाता है।

4. 1748 ई० में मीर मन्नू पंजाब का नया सूबेदार बना। उसने भी बड़ी संख्या में सिक्खों का कत्ल करवाया। परंतु वह सिक्खों की ओर पूरा ध्यान न दे सका। परिणामस्वरूप सिक्खों ने अपनी शक्ति को और अधिक संगठित कर लिया।

अहमदशाह अब्दाली के आक्रमण तथा पंजाब में स्वतंत्र सिक्ख राज्य की स्थापना-अहमदशाह अब्दाली अफगानिस्तान का शासक था। उसने पंजाब पर आठ बार आक्रमण किया। 1765 ई० में सिक्खों ने लाहौर पर अधिकार करके अपनी स्वतन्त्रता की घोषणा कर दी। परंतु उनका कोई नेता न होने के कारण उन्होंने अपने आप को जत्थों (समूहों) में संगठित कर लिया। इन जत्थों को मिसलें कहा जाता था। ये संख्या में 12 थीं। प्रत्येक मिसल का एक सरदार होता था जो अपनी मिसल का शासन चलाता था। 18वीं सदी के अंत में शुकरचकिया मिसल के सरदार रणजीत सिंह ने सभी मिसलों को एकत्रित करके पंजाब में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।

प्रश्न 5.
हैदरअली तथा टीपू सुल्तान ने मैसूर को किस प्रकार एक शक्तिशाली राज्य बनाया ?
उत्तर-
हैदरअली तथा टीपू सुल्तान मैसूर के दो प्रसिद्ध शासक थे। उन्होंने अंग्रेजों से ज़बरदस्त टक्कर ली।

हैदरअली-हैदरअली 1761 में मैसूर का शासक बना। उसने अपने शासनकाल में मैसूर के शासन प्रबन्ध को कुशल बनाया। वह सभी धर्मों का सत्कार करता था। उसने बहुत-से हिंदुओं को ऊंचे पदों पर नियुक्त किया। उसने बहुत-से क्षेत्रों को जीत कर मैसूर को एक शक्तिशाली राज्य बनाया। उसने मराठों, हैदराबाद के निज़ाम, कर्नाटक के शासकों तथा अंग्रेजों के साथ अनेक लड़ाइयां लड़ी। हैदरअली तथा अंग्रेज़ों के बीच दो लड़ाइयां हुईं जिन्हें ऐंग्लो-मैसूर युद्ध कहा जाता है। प्रथम ऐंग्लो-मैसूर युद्ध में हैदरअली ने अंग्रेजों को बुरी तरह पराजित किया। 1780 ई० में उनके बीच दूसरा युद्ध हुआ। यह युद्ध अभी चल ही रहा था कि हैदरअली की मृत्यु हो गई।

टीपू सुल्तान-हैदरअली की मृत्यु के पश्चात् उसका पुत्र टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना। अपने पिता की भांति वह भी एक योग्य शासक था। उसने शासन प्रबन्ध में अनेक सुधार किए। उसे मैसूर का टाइगर कहा जाता है। वह एक महान् देशभक्त था। वह भारत में अंग्रेजों के अत्याचारी शासन का अन्त करना चाहता था। इसलिए उसने अपनी सेना का आधुनिकीकरण किया और उसे आधुनिक शस्त्रों से लैस किया। उसने राज्य के उद्योग तथा व्यापार को उन्नत किया। वह 1799 ई० में अंग्रेजों के साथ मैसूर के चौथे युद्ध में लड़ते हुए मारा गया।

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प्रश्न 6.
शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की स्थापना करने में क्या योगदान दिया?
उत्तर-
शिवाजी एक महान् देशभक्त थे। वह भारत में मुसलमानों के अत्याचारी शासन को समाप्त करके एक स्वतंत्र हिन्दू राज्य की स्थापना करना चाहते थे। उन्होंने निम्नलिखित विजयों द्वारा स्वतन्त्र मराठा साम्राज्य की स्थापना की –
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आरम्भिक विजयें –
(1) शिवाजी की पहली विजय तोरण दुर्ग (1646 ई०) पर थी। 1648 ई० में उन्होंने सिंहगड, पुरन्धर तथा कोंकण के दुर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया।

(2) उन्होंने जावली के सरदार चन्दराव को मरवा कर जावली को भी अपने अधिकार में ले लिया।

(3) शिवाजी की बढ़ती हुई शक्ति को देख कर बीजापुर का सुल्तान चिन्ता में पड़ गया। उसने शिवाजी के विरुद्ध अपने सेनापति अफ़जल खां को भेजा। अफ़जल खां ने धोखे से शिवाजी को मारने का प्रयत्न किया। परन्तु इस प्रयास में वह स्वयं मारा गया। अन्त में शिवाजी तथा बीजापुर के सुल्तान के बीच सन्धि हो गई।

मुगलों से टक्कर-शिवाजी ने अब मुग़लों के प्रदेशों पर आक्रमण करने आरम्भ कर दिए। औरंगज़ेब ने उनके विरुद्ध अपने मामा शाइस्ता खां को भेजा, परन्तु शिवाजी ने उसे पूना से मार भगाया।

अब औरंगजेब ने राजा जयसिंह और राजकुमार मुअज्जम को भेजा। जयसिंह ने शिवाजी से कई किले छीन लिए और उन्हें सन्धि करने के लिए मजबूर कर दिया। शिवाजी आगरा पहुंचे जहां उन्हें कैद कर लिया गया। परन्तु मौका पाकर शिवाजी आगरा से भाग निकले और अपने प्रदेश महाराष्ट्र पहुंचने में सफल हो गए।
1674 ई० में उन्होंने छत्रपति की उपाधि धारण की। उन्होंने मुग़लों से युद्ध जारी रखे। दक्षिण में उन्होंने जिंजी, बैलौर तथा कनारा के प्रदेश जीत लिए। 1680 ई० में उनका देहान्त हो गया।

(ख) रिक्त स्थान की पूर्ति करो

  1. मुहम्मद शाह ने …………. तक राज्य किया।
  2. मुर्शिद कुली खां ……….. था।
  3. हैदरअली …………. का शासक था।
  4. सआदत खां ………….. ई० में अवध का सूबेदार बना।
  5. शिवाजी …………. साम्राज्य का संस्थापक था।
  6. गोकुल …………… का नेता था।
  7. बन्दा बहादुर का वास्तविक नाम ……

उत्तर-

  1. 1719 से 1748 ई०
  2. बंगाल तथा उड़ीसा का सूबेदार
  3. मैसूर
  4. 1722
  5. मराठा
  6. जाटों
  7. लक्ष्मण दास।

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(ग) निम्नलिखित प्रत्येक कथन के आगे ठीक (✓) अथवा गलत (✗) का चिन्ह लगाएं

  1. फरुखसियर दिल्ली का शासक बना।
  2. मुर्शिद कुली खां अवध का सूबेदार था।
  3. निज़ाम-अल-मुल्क हैदराबाद रियासत का संस्थापक था।
  4. राजा राम शिवाजी का उत्तराधिकारी बना।
  5. 1740 ई० में बालाजी राव तीसरा पेशवा बना।
  6. बदन सिंह गोकुल का उत्तराधिकारी था।
  7. बंदा बहादुर ने पंजाब में सिक्ख राज्य की स्थापना की।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)
  4. (✗)
  5. (✓)
  6. (✗)
  7. (✓)

निम्नलिखित के ठीक जोड़े बनाओ

कॉलम ‘क’ – कॉलम ‘ख’

  1. बहादुर शाह की – 1739 ई० में मृत्यु हो गई।
  2. शुज्जाउद्दीन की – 20 अप्रैल, 1627 ई० को हुआ।
  3. हैदरअली की – 1712 ई० में मृत्यु हो गई।
  4. टीपू सुल्तान को – मैसूर का टाइगर कहा जाता था।
  5. शिवाजी का जन्म – 1782 ई० में मृत्यु हो गई।
  6. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने– 27 अक्तूबर, 1670 ई० को हुआ।
  7. बंदा बहादुर का जन्म – खालसा पन्थ की स्थापना 1699 ई० में की।

उत्तर-

  1. बहादुर शाह की 1712 ई० में मृत्यु हो गई।
  2. शुज्जाउद्दीन की 1739 ई० में मृत्यु हो गई।
  3. हैदरअली की 1782 ई० में मृत्यु हो गई।
  4. टीपू सुल्तान को मैसूर का टाइगर कहा जाता था।
  5. शिवाजी का जन्म 20 अप्रैल, 1627 ई० को हुआ।
  6. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पन्थ की स्थापना 1699 ई० में की।
  7. बंदा बहादुर का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 ई० को हुआ।

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PSEB 7th Class Social Science Guide 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
उत्तरकालीन मुगल कौन थे ?
उत्तर-
औरंगज़ेब की मृत्यु के पश्चात् जिन मुग़ल शासकों ने राज्य किया उन्हें उत्तरकालीन मुग़ल कहा जाता है। वे इतने शक्तिहीन तथा अयोग्य थे कि साम्राज्य के दूर के प्रान्तों को इकट्ठा न रख सके।

प्रश्न 2.
अठारहवीं शताब्दी में भारत में स्वतन्त्र राज्यों के उदय का एक कारण लिखो।
उत्तर-
1707 ई० में मुग़ल शासक औरंगजेब की मृत्यु हो गई तो उस के कमज़ोर उत्तराधिकारियों के शासनकाल में अनेक शक्तियों ने स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिए।

प्रश्न 3.
बंगाल में मुर्शिद कुली खां ने अपनी शक्ति को कैसे बढ़ाया ?
उत्तर-
मुर्शिद कुली खां ने बिहार तथा उड़ीसा को अपने राज्य में मिला लिया। इससे उसकी शक्ति का विस्तार हुआ।

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प्रश्न 4.
बंगाल के शासक मुर्शिद कुली खां के दो उत्तराधिकारियों के नाम लिखो।
उत्तर-
मुर्शिद कुली खां के दो सफल उत्तराधिकारी शुजाउद्दीन तथा अलीवर्दी खां थे।

प्रश्न 5.
अलीवर्दी खां कहां का शासक था ? उसने कितने समय तक शासन किया ?
उत्तर-
अलीवर्दी खां बंगाल का शासक था। उसने 1740 से 1756 ई० तक शासन किया।

प्रश्न 6.
हैदराबाद में स्वतन्त्र राज्य की स्थापना किसने और कब की ?
उत्तर-
हैदराबाद में स्वतन्त्र राज्य की स्थापना निज़ामुलमुल्क आसफजाह ने की। उसने इस राज्य की स्थापना 1724 ई० में की।

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प्रश्न 7.
हैदराबाद राज्य के संस्थापक निज़ामुल्मुल्क आसफजाह के कोई दो कार्य लिखो।
उत्तर-

  1. उसने राज्य में शान्ति व्यवस्था स्थापित की और शासन में महत्त्वपूर्ण सुधार किए।
  2. उसने हिन्दुओं तथा मुसलमानों से समान व्यवहार किया।

प्रश्न 8.
हैदराबाद राज्य के पतन का कोई एक कारण लिखो। .
उत्तर-
1748 ई० में हैदराबाद के शक्तिशाली शासक आसफजाह की मृत्यु हो गई। उसके उत्तराधिकारी अयोग्य निकले। परिणामस्वरूप हैदराबाद राज्य का पतन आरम्भ हो गया।

प्रश्न 9.
अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक कौन था ? उसे कौन-सी पदवी मिली हुई थी ?
उत्तर-
अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक सआदत्त खां था। उसे बुरहानुउल मुल्क की पदवी मिली हुई थी।

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प्रश्न 10.
अवध के स्वतन्त्र शासक सआदत्त खां का कोई एक महत्त्वपूर्ण कार्य लिखिए।
उत्तर-
अवध के शासक सआदत्त खां ने नई भू-नीति लागू की। इससे किसानों की दशा में बहुत सुधार हुआ।

प्रश्न 11.
सआदत्त खां (अवध का शासक)का उत्तराधिकारी कौन था ? उसकी किसी एक सफलता का वर्णन करो।
उत्तर-
सआदत्त खां का उत्तराधिकारी उसका भतीजा और दामाद सफदरजंग था। उसने इलाहाबाद क्षेत्र को अपने राज्य में मिलाया।

प्रश्न 12.
अठारहवीं शताब्दी के दो प्रसिद्ध विदेशी आक्रमणकारियों के नाम बताओ। उन्होंने भारत पर कबकब आक्रमण किए ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी के दो प्रसिद्ध आक्रमणकारी थे-नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली। नादिरशाह ने 1739 ई० में भारत पर आक्रमण किया। अहमदशाह अब्दाली ने 1748 से 1758 तक पांच बार भारत पर आक्रमण किया।

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प्रश्न 13.
‘मिसल’ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी में पंजाब में सिक्ख सरदारों ने अपने छोटे-छोटे स्वतन्त्र जत्थे बना लिए थे। इन्हें मिसल कहा जाता था। इनकी कुल संख्या 12 थी।

प्रश्न 14.
पंजाब में किस शासक ने मिसलों का अन्त किया ? उसका सम्बन्ध किस मिसल से था ?
उत्तर-
पंजाब में रणजीत सिंह ने मिसलों का अन्त करके एक शक्तिशाली राज्य की स्थापना की। वह सुकरचकिया मिसल से सम्बन्ध रखता था।

प्रश्न 15.
मैसूर राज्य के दो स्वतन्त्र शासकों के नाम बताओ।
उत्तर-
मैसूर राज्य के दो स्वतन्त्र शासक हैदरअली और टीपू सुल्तान थे।

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प्रश्न 16.
पेशवा कौन थे ? सबसे पहला पेशवा कौन था ? .
उत्तर-
मराठा राज्य में प्रधानमन्त्री को पेशवा कहते थे। साहूजी के अधीन पेशवा मराठा राज्य के वास्तविक शासक बन गए। सबसे पहला पेशवा बालाजी विश्वनाथ था।

प्रश्न 17.
बालाजी विश्वनाथ कब पेशवा बना ? उसका कोई एक काम लिखो।
उत्तर-
बालाजी विश्वनाथ 1713 ई० में पेशवा बना। उसने साहूजी की माता को मुग़ल कैद से रिहा करवाया।

प्रश्न 18.
बालाजी विश्वनाथ के दो उत्तराधिकारियों के नाम बताओ।
उत्तर-
बालाजी विश्वनाथ के दो उत्तराधिकारी थे :–
बाजीराव प्रथम तथा बालाजी बाजीराव।

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प्रश्न 19.
पेशवा बाजीराव प्रथम का कोई एक कार्य लिखो।
उत्तर-
पेशवा बाजीराव प्रथम ने अनेक प्रदेश विजय किए। उसने मराठा राज्य का विस्तार दिल्ली तक कर दिया।

प्रश्न 20.
मराठों की किसी एक कमज़ोरी का वर्णन करो।
उत्तर-
मराठा सरदार आपस में ईर्ष्या और द्वेष रखते थे। यह कमज़ोरी बाद में उनके पतन का कारण बनी।

प्रश्न 21.
जाटों के नेताओं के नाम लिखो जिन्होंने मुगलों से संघर्ष किया।
उत्तर-
मुग़लों के साथ संघर्ष करने वाले मुख्य जाट नेता गोकुल, राजाराम तथा चूड़ामणि (चूड़ामन) थे।

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प्रश्न 22.
शिवाजी का जन्म कब हुआ ?
उत्तर-
शिवाजी का जन्म 1627 ई० में हुआ।

प्रश्न 23.
शाइस्ता खां कौन था ?
उत्तर-
शाइस्ता खां औरंगज़ेब का मामा था। वह एक योग्य सेनानायक था। औरंगज़ेब ने उसे दक्षिण का गवर्नर नियुक्त किया था।

प्रश्न 24.
पुरन्धर की सन्धि के बारे में लिखो।
उत्तर-
पुरन्धर की सन्धि मुग़ल सेनानायक मिर्जा राजा जयसिंह तथा शिवाजी के बीच हुई। इस सन्धि के अनुसार शिवाजी ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली। उन्हें अपने 23 किले मुग़लों को देने पड़े।

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प्रश्न 25.
शिवाजी के विरुद्ध भेजे गए बीजापुर के अधिकारी का क्या नाम था और उसे किसने भेजा था ?
उत्तर-
शिवाजी के विरुद्ध भेजे गए बीजापुर के अधिकारी का नाम अफ़जल खां था। उसे बीजापुर के सुल्तान ने भेजा था।

प्रश्न 26.
शिवाजी राजगद्दी पर कब बैठे और उन्होंने कौन-सी उपाधि धारण की ?
उत्तर-
शिवाजी 1674 ई० में राजगद्दी पर बैठे और उन्होंने छत्रपति की उपाधि धारण की।

प्रश्न 27.
बन्दा बहादुर के समय में सरहिन्द का फौजदार कौन था और उसे बन्दा बहादुर ने किस लड़ाई में मारा ?
उत्तर-
बन्दा बहादुर के समय में सरहिन्द का फौजदार वज़ीर खां था। उसे बन्दा बहादुर ने चप्परचिड़ी के युद्ध में मारा।

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प्रश्न 28.
शिवाजी ने अफ़ज़ल खां का वध कैसे किया ?
उत्तर-
अफ़जल खां शिवाजी को धोखे से मारना चाहता था। इसलिए उसने शिवाजी को अकेले मिलने के लिए कहा और साथ ही यह भी कहा कि वह उनसे सन्धि करना चाहता है, परन्तु शिवाजी उसकी चाल भांप गए। वे अपने कपड़ों के नीचे कवच पहन कर तथा बिछुआ छिपा कर अफ़जल खां से मिलने जा पहुँचे। दोनों आपस में गले मिले।

अफ़जल खां ने धोखे से शिवाजी के पेट में छुरा घोंपने की कोशिश की, परन्तु शिवाजी ने शीघ्र ही अपना बिछुआ उसके पेट में घोंप कर उसे मार डाला।

प्रश्न 29.
शिवाजी का शाइस्ता खां के साथ टकराव का वर्णन करें।
उत्तर-
मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब शिवाज़ी की बढ़ती हुई शक्ति का दमन करना चाहता था। उसने अपने मामा शाइस्ता खां को दक्षिण का सूबेदार नियुक्त किया। शाइस्ता खां ने दो-तीन वर्षों में ही मराठों के कई दुर्ग विजय कर लिए और पूना पर अधिकार कर लिया। शाइस्ता खां को वर्षा के कारण कुछ समय पूना में व्यतीत करना पड़ा। शिवाजी ने अवसर का लाभ उठाते हुए 400 सैनिकों सहित एक बारात के रूप में पूना में प्रवेश किया। आधी रात के समय उन्होंने शाइस्ता खां के निवास स्थान पर आक्रमण कर दिया। इस आक्रमण में शाइस्ता खां का बेटा और उसके 40 सैनिक मारे गए। इस विजय से शिवाजी के सम्मान में बड़ी वृद्धि हुई।

प्रश्न 30.
पानीपत का तीसरा युद्ध कब और किस-किस के बीच हुआ ? इस युद्ध में किस की विजय हुई ?
उत्तर-
पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 ई० में अहमदशाह अब्दाली तथा मराठों के बीच हुआ। इस युद्ध में अहमदशाह अब्दाली की विजय हुई।

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प्रश्न 31.
पानीपत के तीसरे युद्ध का मुख्य कारण क्या था ?
उत्तर-
मराठों ने उत्तरी भारत में पंजाब तक अपना विस्तार कर लिया था। अफ़गानिस्तान का शासक अहमदशाह अब्दाली पंजाब के अधिकांश क्षेत्र को अपने साम्राज्य का अंग मानता था। अतः उसने मराठों को दण्ड देने के लिए उनके साथ पानीपत के मैदान में युद्ध किया।

प्रश्न 32.
पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठों की पराजय का कोई एक कारण लिखो।
उत्तर-
युद्ध में मराठों की सैनिक व्यवस्था ठीक नहीं थी। अब्दाली की चतुराई से मराठों को दक्षिण दिशा से कोई सहायता न मिल पाई। अतः वे पराजित हुए।

प्रश्न 33.
पानीपत के तीसरे युद्ध का एक परिणाम लिखिए।
उत्तर-
इस युद्ध से मराठा शक्ति का अन्त हो गया। उनके अनेक वीर सैनिक तथा सेनापति मारे गए।

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प्रश्न 34.
पेशवा बालाजी बाजीराव की मृत्यु कब हुई ? उसकी मृत्यु का क्या कारण था ?
उत्तर-
पेशवा बालाजी बाजीराव की मृत्यु 1761 ई० में हुई। पानीपत के तीसरे युद्ध में मसठों की पराजय उसकी मृत्यु का मुख्य कारण था।

प्रश्न 35.
उत्तरकालीन मुग़लों की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर-
औरंगजेब के अयोग्य उत्तराधिकारी उत्तरकालीन मुग़ल कहलाते हैं। इनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है –

बहादुर शाह प्रथम (1707-1712)-मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ने छ: वर्ष तक राज्य किया। परन्तु वह मराठों तथा सिक्खों पर काबू न पा सका। 1712 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

जहांदार शाह-बहादुर शाह प्रथम की मृत्यु के बाद उसका पुत्र जहांदार शाह राजगद्दी पर बैठा। उसने कुछ ही महीनों तक शासन किया। उसके राज्यकाल में दो सैयद भाई हुसैन अली तथा अब्दुल बहुत ही शक्तिशाली हो गए थे। वे जहांदार शाह को अपने हाथों की कठपुतली बनाना चाहते थे। परन्तु वे अपने उद्देश्य में सफल न हो सके। अत: उन्होंने जहांदार शाह का वध कर दिया।

फरुख्सीयर (1713-1719 ई०)-जहांदार की मृत्यु के पश्चात् उसका भतीजा फरुख्सीयर शासक बना। वह केवल नाम मात्र का ही राजा था। राज्य का वास्तविक शासन हुसैन अली तथा अब्दुल के हाथ में ही था, जिन्हें सैयद भाई कहा जाता था। 1719 ई० में सैयद भाइयों ने उसका भी वध कर दिया।

मुहम्मदशाह-मुहम्मदशाह अगला प्रसिद्ध मुग़ल शासक था। उसने 1719 से 1748 ई० तक शासन किया। उसके शासनकाल में सैयद भाइयों का प्रभाव समाप्त हो गया। परन्तु उसने साम्राज्य को संगठित करने का प्रयास नहीं किया। अतः शक्तिशाली गवर्नरों ने देश के भिन्न-भिन्न भागों में अपने स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिए।

बहादुरशाह ज़फ़र-बहादुरशाह ज़फ़र अन्तिम मुग़ल बादशाह था। उसे 1858 ई० में अंग्रेज़ों ने गद्दी से उतार कर मुग़ल साम्राज्य का अन्त कर दिया।

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प्रश्न 36.
बंगाल राज्य के उत्थान और पतन का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
बंगाल मुग़ल साम्राज्य का एक समृद्ध प्रान्त था। यहां का सूबेदार मुर्शिद कुली खां था। औरंगज़ेब की मृत्यु के पश्चात् बंगाल पर मुगलों का नियन्त्रण कमज़ोर पड़ गया। अवसर का लाभ उठा कर मुर्शिद कुली खां ने बंगाल में एक स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिया। विभिन्न शासकों के अधीन बंगाल राज्य के विकास का वर्णन इस प्रकार है –

1. मुर्शिद कुली खां-मुर्शिद कुली खां बंगाल राज्य का संस्थापक था। उसने 1714 से 1718 ई० के बीच बिहार तथा उड़ीसा को अपने राज्य में मिला कर अपनी शक्ति और भी बढ़ा ली।

2. अन्य शासक-बंगाल के अन्य प्रसिद्ध शासक शुजाउद्दीन (1727-39), सरफराज (1739) तथा अलीवर्दी खां (1740-56 ई०) थे। इन सभी शासकों ने राज्य में शान्ति व्यवस्था स्थापित की। उन्होंने कृषि, व्यापार और उद्योगों की उन्नति के लिए भी कार्य किया। इस प्रकार बंगाल राज्य काफ़ी समृद्ध हो गया।

3. राज्य का पतन-बंगाल के शासकों ने राज्य की समृद्धि के लिए कार्य अवश्य किए, परन्तु राज्य की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान न दिया। परिणामस्वरूप बंगाल राज्य का पतन हो गया।

प्रश्न 37.
हैदराबाद का स्वतन्त्र राज्य के रूप में उदय एवं विकास का वर्णन कीजिए। इस राज्य का पतन कैसे हुआ?
अथवा
हैदराबाद के शासक निजामुलमुल्क आसफजाह की प्रमुख सफलताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
हैदराबाद मुग़ल साम्राज्य के अधीन दक्षिणी भारत का एक प्रान्त था। 1724 ई० में वहां निज़ामुलमुल्क आसफजाह ने स्वतन्त्र राज्य की स्थापना की। उसने तत्कालीन मुग़ल शासक मुहम्मद शाह के प्रति अपनी स्वामी भक्ति अवश्य दिखाई परन्तु यह सब कुछ दिखावा मात्र ही था।

आसफजाह की सफलताएं-आसफजाह एक सफल शासक था। उसने राज्य में शान्ति-व्यवस्था स्थापित की और शासन-प्रबन्ध में अनेक सुधार किए। उसने अपनी हिन्दू प्रजा के साथ अच्छा व्यवहार किया। उसने अपनी सेना को भी शक्तिशाली बनाया और शक्तिशाली मराठों से अपने राज्य की रक्षा की। 1748 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

राज्य का पतन-आसफजाह के उत्तराधिकारी बड़े कमज़ोर और अयोग्य थे। अत: वे अधिक समय तक अपनी स्वतन्त्रता की रक्षा न कर सके।

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प्रश्न 38.
बन्दा बहादुर पर नोट लिखो।
उत्तर-
बन्दा बहादुर का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 ई० को पुंछ (जम्मू) में हुआ था। उसका वास्तविक नाम लक्ष्मणदास था। वह दक्षिण में गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में आया। गुरु जी से प्रभावित होकर वह स्वयं को गुरु जी का बन्दा कहने लगा। गुरु साहिब ने उसे ‘बहादुर’ की उपाधि दी। इस प्रकार वह बन्दा बहादुर कहलाने लगा। गुरु जी का आदेश पा कर वह पंजाब आया और उसने सिक्खों का नेतृत्व किया। उसने मुग़लों के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया। उसने सरहिन्द के फौजदार वज़ीर खां से गुरु पुत्रों की हत्या का बदला लिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। वास्तव में उसने हर उस स्थान को जीतने का प्रयास किया जहां के शासकों ने गुरु जी को कष्ट देने का प्रयास किया था। परन्तु अन्त में वह पकड़ा गया। 9 जून, 1716 ई० में उसे तथा उसके 25 प्रमुख साथियों को दिल्ली में शहीद कर दिया गया। उसकी शहीदी पंजाब के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी।

प्रश्न 39.
औरंगजेब के शासनकाल में जाटों तथा राजपूतों के विद्रोह के बारे में लिखो।
उत्तर-
औरंगजेब का शासनकाल अत्यन्त अशान्तिपूर्ण रहा। इसका कारण था औरंगजेब की अनुचित नीतियों के कारण होने वाले विद्रोह। इन विद्रोहों का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है –

1. जाट-जाटों ने 1669 ई० में विद्रोह किया। उन्होंने मुग़ल फौजदार को मार डाला। सम्राट ने जाटों के विद्रोह को बड़ी कठोरता से दबाया। परन्तु जाट औरंगज़ेब के शासनकाल में उत्पात मचाते रहे और सम्राट् उन्हें न रोक सका।

2. राजपूत-अकबर के समय में राजपूतों और मुग़लों में मित्रतापूर्ण सम्बन्ध थे। परन्तु औरंगजेब ने अपनी कट्टर धार्मिक नीति के कारण उन्हें भी अपना विरोधी बना लिया। फलस्वरूप औरंगज़ेब को मेवाड़ और मारवाड़ के राजपूतों से एक लम्बे युद्ध में उलझना पड़ा। मारवाड़ के वीर दुर्गादास ने छापामार लड़ाई द्वारा मुग़लों को बड़ी क्षति पहुँचाई।

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प्रश्न 40.
मराठों (शिवाजी) की शासन व्यवस्था की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
शिवाजी ने एक स्वतन्त्रं मराठा राज्य स्थापित किया था। उन्होंने अपने राज्य में एक कुशल शासन-व्यवस्था की नींव रखी। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित थीं –

1. राजा-सारे शासन का मुखिया राजा था। उसे ‘छत्रपति’ कहते थे। राजा के अनेक अधिकार थे। वह अपनी इच्छा से कोई भी शासन-सम्बन्धी कार्य कर सकता था। उसने अपनी सहायता के लिए अष्ट-प्रधान नामक परिषद् नियुक्त की हुई थी।

2. अष्ट-प्रधान-शिवाजी ने अपनी सहायता के लिए आठ मन्त्री नियुक्त किए हुए थे। इन मन्त्रियों के समूह को अष्ट-प्रधान कहा जाता था। सबसे बड़े मन्त्री को पेशवा कहते थे।

3. भूमि का प्रबन्ध-सैनिकों के वेतन तथा अन्य खर्चों के लिए शिवाजी ने नए सिरे से भूमि का प्रबन्ध किया। उन्होंने सारी भूमि को फिर से नपवाया और उपज के अनुसार भूमिकर निश्चित किया। मराठों की कर व्यवस्था में चौथ तथा सरदेशमुखी दो प्रमुख कर थे। चौथ नामक कर मुग़ल क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षा के बदले वसूल किया जाता था।

4. न्याय प्रबन्ध-शिवाजी बड़े न्यायप्रिय थे। उन्होंने न्याय के लिए पंचायतों की व्यवस्था की।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 2

सही उत्तर चुनिए :

प्रश्न 1.
मैसूर के शासक हैदरअली के उत्तराधिकारी को मैसूर का टाइगर’ कहा जाता है। उसका नाम बताइए।
(i) टीपू सुल्तान
(ii) शुजाउद्दौला
(iii) सफदरजंग।
उत्तर-
(i) टीपू सुल्तान।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 2.
चित्र में दिखाए गए मराठा शासक की बढ़ती हुई शक्ति को नष्ट करने का प्रयास किसने किया?
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 3
(i) अंग्रेजों ने
(ii) हैदर अली ने
(iii) औरंगजेब ने।
उत्तर-
(iii) औरंगजेब ने।

प्रश्न 3.
सवाई राजा जयसिंह ने निम्न में से क्या बनवाया?
(i) जंतर-मंतर
(ii) विशाल मन्दिर
(iii) सुन्दर राजदरबार।
उत्तर-
(i) जंतर-मंतर।

प्रश्न 4.
नीचे अन्तिम मुगल बादशाह का चित्र दिया गया है। इसका क्या नाम था ?
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 4
(i) जहांदार शाह
(ii) बहादुर शाह ज़फ़र
(iii) मुहम्मद शाह।
उत्तर-
(i) बहादुर शाह जफ़र।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

Punjab State Board PSEB 7th Class Agriculture Book Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Agriculture Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

PSEB 7th Class Agriculture Guide फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Textbook Questions and Answers

(क) एक-दो शब्दों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
धान-गेहूँ फसली चक्र वाले खेतों में आने वाले किसी एक खरपतवार का नाम लिखो।
उत्तर-
गुल्ली डंडा।

प्रश्न 2.
गेहूँ में चौड़ी पत्ती वाला कौन-सा खरपतवार आता है ?
उत्तर-
मैना, मैनी, तकला, जंगली पालक।

प्रश्न 3.
धान में कौन-सा खरपतवार आता है ?
उत्तर-
सवांक, मोथा, घरिल्ला, सनी।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 4.
फसल और खरपतवार उगने से पहले कौन-से खरपतवार-नाशक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
ट्रेफलान।

प्रश्न 5.
खड़ी फसल में जब खरपतवार उगे हों, तब कौन-से खरपतवार-नाशक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
टोपिक।

प्रश्न 6.
सुरक्षित हुड लगाकर कौन-से खरपतवार-नाशक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
राऊंड अप।

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प्रश्न 7.
गुडाई में काम आने वाले दो खेती यंत्रों के नाम लिखो।
उत्तर-
खुरपा, कसौला, व्हील हो, त्रिफाली।

प्रश्न 8.
खरपतवार को काबू करने के लिए उपयोग में आने वाले कोई एक काश्तकारी ढंग का नाम लिखो।
उत्तर-
फसलों की अदला-बदली।

प्रश्न 9.
खरपतवार-नाशकों के छिड़काव के लिए उपयोग में आने वाली नोज़ल का नाम लिखो।
उत्तर-
फ्लैट फैन या फ्लड जैट नोज़ल।

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प्रश्न 10.
क्या एक खेत में लगातार एक ही किस्म के खरपतवार-नाशक का छिड़काव करना चाहिए ?
उत्तर-
एक ही किस्म के खरपतवार-नाशकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए।

(ख) एक-दो वाक्यों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
खरपतवार क्या होते हैं ?
उत्तर-
मुख्य फसल में उगे अवांछित, पौधे जो फसल की काश्त के साथ उग जाते हैं तथा फसल का भोजन, पानी तथा प्रकाश खींच लेते हैं उन्हें खरपतवार कहा जाता है।

प्रश्न 2.
घास वाले खरपतवारों की पहचान कैसे की जाती है ?
उत्तर-
घास वाले खरपतवारों के पत्ते लम्बे, पतले तथा नाडियां सीधी लम्बी-लम्बी होती हैं।

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प्रश्न 3.
चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों की पहचान कैसे की जाती है ?
उत्तर-
इन खरपतवारों के पत्ते चौड़े होते हैं तथा नाड़ियों का समूह होता है।

प्रश्न 4.
फसलों में खरपतवारों की किस्म और बहुलता किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
खरपतवारों की किस्म तथा बहुलता फसली चक्र, खादों की मात्रा, पानी के साधन, मिट्टी की किस्म पर निर्भर करती है।

प्रश्न 5.
गुडाई करने में कौन-सी मुश्किलें आती हैं ?
उत्तर-
गुडाई महंगी पड़ती है, समय भी अधिक लगता है, कई बार गुडाई करने के लिए मज़दूर नहीं मिलते तथा सावन की ऋतु में वर्षा के कारण गुडाई करनी संभव नहीं होती।

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प्रश्न 6.
खरीफ के खरपतवार बड़ी समस्या क्यों पैदा करते हैं ?
उत्तर-
खरीफ की फसलों के समय वर्षा अधिक होने के कारण पानी की कमी नहीं आती तथा खरपतवार बढ़िया ढंग से फलते-फूलते हैं, इसलिए एक बड़ी समस्या पैदा करते हैं।

प्रश्न 7.
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव कैसे मौसम में करना चाहिए ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव शांत मौसम वाले दिन करना चाहिए तथा जब हवा न चलती हो।

प्रश्न 8.
गेहूँ में गुल्ली डंडे की रोकथाम काश्तकारी ढंग से कैसे की जाती है ?
उत्तर-
गेहूँ में गुल्ली डंडे की रोकथाम काश्तकारी ढंग से की जा सकती है। इसमें फसलों की अदला-बदली कर के इस खरपतवार की रोकथाम की जा सकती है।

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प्रश्न 9.
रबी की फसलों में आने वाले खरपतवारों के नाम लिखो।
उत्तर-
रबी की फसलों में गुल्ली डंडा, जौंघर, जंगली जवी, मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, बटन बूटी, जंगली मटरी, बिल्ली बूटी, तकला, पित्त पापड़ा आदि।

प्रश्न 10.
खरपतवार फसलों से कौन-कौन से ऊर्जा-स्रोतों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं ?
उत्तर-
खरपतवार खादों, पानी, सूर्य के प्रकाश, भोजन आदि ऊर्जा स्रोतों के लिए फसलों से प्रतिस्पर्धा (मुकाबला) करते हैं।

(ग) पाँच-छ: वाक्यों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
फसलों में खरपतवारों की रोकथाम करना क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर-
फसलों में कुछ अवांछित तथा अनावश्यक पौधे अपने आप उग पड़ते हैं जिन्हें खरपतवार कहा जाता है। इनका खेतों में मुख्य फसल के साथ उगना हानिकारक होता है। यह मुख्य फसल के साथ खादों, पानी, सूर्य के प्रकाश पोषक तत्त्वों को लेने के लिए मुकाबला करते हैं। खरपतवारों के कारण मुख्य फसलों की गुणवत्ता पर खराब प्रभाव पड़ता है तथा इसकी पैदावार भी कम हो जाती है। इसलिए फसलों में नदीनों (खरपतवारों) की रोकथाम करना ज़रूरी है।

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प्रश्न 2.
काश्तकारी ढंग से खरपतवारों को कैसे काबू किया जा सकता है ?
उत्तर-
खरपतवारों को काबू करने के लिए कई बार काश्तकारी ढंग का प्रयोग किया जाता है। कई खरपतवार एक ही फसल के बोने पर आते हैं, ऐसा इसलिए होता है कि खरपतवार की प्राथमिक आवश्यकताएं इसी मुख्य फसल से पूरी होती हैं। जैसे गेहूँ की फसल में गुल्ली डंडा। ऐसे खरपतवार की रोकथाम के लिए फसलों की अदला-बदली करके बुआई की जाती है। अधिक फैलने वाली फसलों को बोकर तथा उनकी दोहरी रौणी बोई जाए तो भी खरपतवार कम होते हैं। खाद को छींटा (छट्टा) की बजाय पोरा करने से, दोनों ओर बिजाई करने से, सियाड़ों में फासला घटाने से भी नदीनों पर काबू करने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 3.
खरपतवार-नाशक क्या होते हैं और इनके उपयोग के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
यह रासायनिक दवाइयां होती हैं, जो खरपतवारों को मार देती हैं । यह खरपतवारों की रोकथाम का एक प्रभावशाली ढंग है। इसमें फसल में खरपतवार जमने से पहले ही मारे जा सकते हैं, इस तरह यह फसल के साथ खाद, हवा, पानी, प्रकाश, पोषक तत्त्वों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के योग्य नहीं रहते तथा इस तरह फसल की पैदावार भी बढ़ती है और गुणवत्ता भी परन्तु इन दवाइयों का अनावश्यक प्रयोग नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 4.
उपयोग के समय के अनुसार खरपतवार-नाशकों की कितनी श्रेणियां हैं ?
उत्तर-
उपयोग के समय के अनुसार खरपतवार-नाशक की चार श्रेणियां होती हैं—

  1. बुआई के लिए खेत तैयार करके फसल बोने से पहले उपयोग
  2. फसल उगने से पहले उपयोग
  3. खड़ी फसल में उपयोग
  4. खाली स्थान पर उपयोग।

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प्रश्न 5.
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव करते समय कौन-सी सावधानियां रखनी चाहिएं ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशक के छिड़काव के समय सावधानियां—

  1. खरपतवारों के प्रयोग के समय हाथों में दस्ताने अवश्य पहनने चाहिएं।
  2. खरपतवार दवाइयों के छिड़काव के लिए सदा फ्लैट फैन या फ्लड जैट नोज़ल का प्रयोग करना चाहिए।
  3. खरपतवार-नाशकों का प्रयोग शांत मौसम वाले दिन ही करना चाहिए।
  4. फसल उगने से पहले प्रयोग किए जाने वाले खरपतवार-नाशकों का प्रयोग सुबह या शाम के समय ही करना चाहिए, दोपहर के समय नहीं करना चाहिए।
  5. खरपतवार-नाशकों को बच्चों से दूर ताले में रखना चाहिए।
  6. खरपतवार-नाशकों को खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य ही लें।
  7. खरपतवार-नाशकों का घोल छिड़काव वाले पम्प में डालने से पहले ही तैयार करना चाहिए।
  8. खरपतवार-नाशकों का छिड़काव सारी फसल के ऊपर एक जैसा करना चाहिए।

Agriculture Guide for Class 7 PSEB फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Important Questions and Answers

बहुत छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
घास वाले खरपतवारों में नाड़ियां कैसी होनी चाहिए ?
उत्तर-
लम्बी तथा सीधी।

प्रश्न 2.
चौड़े पत्ते वाले खरपतवार की नाड़ियां कैसी होती हैं ?
उत्तर-
इनमें नाड़ियों का समूह होता है।

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प्रश्न 3.
खरीफ की फसल में खरपतवारों के कारण पैदावार कितनी कम हो जाती है ?
उत्तर-
20-25%.

प्रश्न 4.
कद् किए धान के खेत में कुछ खरपतवार बताओ।
उत्तर-
संवाक, मोथा, कनकी।

प्रश्न 5.
खरीफ की कुछ अन्य फसलों में खरपतवार बताएं।
उत्तर-
खब्बल घास, कौआ मक्की, सलारा, मकरा।

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प्रश्न 6.
धान फसली चक्र वाले खेतों में कौन-सा खरपतवार अधिक होता है ?
उत्तर-
गुल्ली डंडा/सिट्टी खरपतवार।

प्रश्न 7.
रबी में दूसरे फसली चक्रों में कौन-से खरपतवार होते हैं ?
उत्तर-
जौंधर/जंगली जई आदि।

प्रश्न 8.
गेहूँ में कौन-से खरपतवार देखे जा सकते हैं ?
उत्तर-
मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, तकला आदि।

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प्रश्न 9.
खरपतवारों की रोकथाम के लिए कितने ढंग हैं ?
उत्तर-
तीन, गुडाई, काश्तकारी ढंग, खरपतवार-नाशक दवाइयां।

प्रश्न 10.
खरपतवार पैदा होने से पहले प्रयोग किए जाने वाले खरपतवारनाशकों के नाम बताओ।
उत्तर-
ट्रेफ्लान।

प्रश्न 11.
बुवाई से 24 घण्टे के अन्दर-अन्दर छिड़काव किए जाने वाले नदीननाशक बताओ।
उत्तर-
स्टोंप।

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प्रश्न 12.
खड़ी फसल में नदीनों के लिए कौन-सी दवाई का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर-
टोपिक।

प्रश्न 13.
सुरक्षित हुड्ड लगा कर कौन-सा खरपतवार-नाशक प्रयोग किया जाता
उत्तर-
राऊंड अप।

प्रश्न 14.
फसल उगने से पहले खरपतवार-नाशक किस समय छिड़कना चाहिए ?
उत्तर-
सुबह या शाम के समय।

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छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
धान-गेहूँ फसली चक्र में गुल्ली डंडा के फलने-फूलने का क्या कारण
उत्तर-
धान-गेहूँ का फसली चक्र इसके फलने-फूलने के लिए अनुकूल परिस्थिति देता है।

प्रश्न 2.
खरपतवार की गुडाई करके काबू करने के लिए कौन-से यन्त्र प्रयोग किए जाते हैं ?
उत्तर-
खुरपा, कसौला, व्हील हो, त्रिफाली या ट्रैक्टर से चलने वाले हल, टिल्लर।

प्रश्न 3.
खाद डालने का ढंग, बुआई का ढंग आदि से खरपतवारों की रोकथाम करने का क्या ढंग हैं ?
उत्तर-
खाद को छींटे के स्थान पर पोरे से डालना, दोनों तरफ बुआई करना, सियाडों में फासला कम करना आदि से खरपतवारों की रोकथाम की जा सकती है।

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प्रश्न 4.
खरपतवार-नाशक क्या हैं ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशक रासायनिक दवाइयां हैं जो खरपतवारों को मार देती हैं, परन्तु मुख्य फसल को नुकसान नहीं करतीं।

प्रश्न 5.
खरपतवार-नाशकों का प्रयोग किसकी सिफ़ारिश से तथा कितना तथा कब करना चाहिए ?
उत्तर-
इन दवाइयों का प्रयोग पी०ए०यू० लुधियाना की सिफारिशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर तथा उचित मात्रा में समय पर ही करना चाहिए। इनके अनावश्यक उपयोग से बचना चाहिए।

बड़े उत्तर वाला प्रश्न

प्रश्न-
खरपतवारों की रोकथाम के दो ढंग विस्तारपूर्वक बताएं।
उत्तर-
खरपतवारों की रोकथाम के लिए गुडाई, काश्तकारी ढंग, खरपतवार-नाशकों का प्रयोग किया जाता है।
गुडाई-खरपतवारों को गुडाई करके समाप्त किया जा सकता है। इस कार्य के लिए खुरपा, कसौली, व्हील हो, त्रिफाली, ट्रैक्टर से चलने वाले हल का प्रयोग किया जाता है। परन्तु गुडाई सही समय तथा सही ढंग से करनी चाहिए। इस ढंग के कुछ नुकसान भी हैं; जैसे-कई बार गुडाई करने के लिए मज़दूर नहीं मिलते, वर्षा में गुडाई करनी मुश्किल होती है। यह ढंग महंगा है तथा समय भी अधिक लगता है।

खरपतवार-नाशकों का प्रयोग-ये रासायनिक दवाइयां हैं जो खरपतवारों को नष्ट कर देती हैं परन्तु मुख्य फसल को हानि नहीं पहुंचाते। भिन्न-भिन्न फसलों में भिन्न-भिन्न खरपतवारों के लिए तथा खरपतवारों के उगने के समय के अनुसार भिन्न-भिन्न खरपतवारनाशकों का प्रयोग किया जाता है। यह दवाइयां कुछ सीमा तक ज़हरीली होती हैं तथा इनका प्रयोग पी.ए.यू. लुधियाना की सिफारिशों के अनुसार ही आवश्यकता अनुसार करना चाहिए। एक ही खरपतवार-नाशक का एक ही खेत में लगातार प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम PSEB 7th Class Agriculture Notes

  • मुख्य फसल में उगे अवांछित पौधे जो फसल की काश्त के साथ उगते हैं तथा भोजन खाते हैं, उन्हें खरपतवार कहते हैं।
  • खरपतवार के कारण फसल की पैदावार कम होती है तथा इसकी गुणवत्ता पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • खरपतवार को दो भागों में बांटा गया है।
  • घास वाले खरपतवार के पत्ते लम्बे, पतले तथा नाड़ियां सीधी तथा लम्बी होती
  • चौड़े पत्तों वाले खरपतवार के पत्ते चौड़े तथा नाड़ियों का समूह होता है।
  • सावन में वर्षा आम होती रहती है इसके कारण खरपतवार एक बड़ी समस्या पैदा करते हैं। इनको पानी की कोई कमी नहीं होती तथा अधिक फलते-फूलते हैं।
  • खरीफ ऋतु में कद्रू किए धान के खेत में खरपतवार हैं-घरिल्ला, सावंकी, सवांक, सनी, कनकी, मोंथा आदि।
  • खरीफ ऋतु के अन्य खरपतवार हैं-बलवती घास, कुत्ता घास, मकरा, मधाना, अरैकनी घास, खब्बल घास, कौआ मक्की, बरु, डिला, सलारा, माकरू बेल
    चौलाई, तांदला आदि।
  • रबी की फसलों में गुल्ली डंडा, जौंधर, जंगली जवी, मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, बटन बूटी, जंगली मटरी, बिल्ली बूटी, तकला, पित्त पापड़ा आदि।
  • गुल्ली डंडा गेहूँ में बहुत नुकसान करता है।
  • खरपतवार की रोकथाम के ढंग हैं-गुडाई करना, फसलों की अदला-बदली, खरपतवार-नाशक दवाइयों का प्रयोग।
  • स्टौंप जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग बुवाई के 24 घण्टे के अन्दर-अन्दर किया जाता है।
  • टोपिक जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग जब खड़ी फसल में खरपतवार उगे हों, तब किया जाता है।
  • राऊंड अप जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग नोज़ल को ढककर सीधे ही खरपतवार पर किया जाता है।
  • कई खरपतवारनाशक ज़हरीले होते हैं। इसलिए इनका प्रयोग करते समय बहुत सावधानी रखनी चाहिए।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए कि दो प्रतिच्छेदित करते हुए वृत्तों की केंद्रों की रेखा दोनों प्रतिच्छेद बिंदुओं पर समान कोण अंतरित करती है।
हल :
मान लीजिए दो वृत्त जिन के केंद्र क्रमश: A और B हैं, परस्पर C और D पर प्रतिच्छेद करते हैं। हमने सिद्ध करना है कि ∠ACB = ∠ADB
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 1
उपपति : ΔABC और ΔABD में,
AC = AD (प्रत्येक = r)
BC = BD (प्रत्येक = r)
AB = AB (उभयनिष्ठ)
∴ ΔABC ≅ ΔABD
(SSS सर्वांगसमता नियम)
⇒ ∠ACB = ∠ADB
(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 2.
एक वृत्त की 5 cm तथा 11 cm लंबी दो जीवाएँ AB और CD समांतर हैं और केंद्र की विपरीत दिशा में स्थित हैं। यदि AB और CD के बीच की दूरी 6 cm हो, तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए O वृत्त का केंद्र है।
OA और OC को मिलाइए।
क्योंकि वृत्त के केंद्र से जीवा पर खींचा गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 2
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 3
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 4
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 5

प्रश्न 3.
किसी वृत्त की दो समांतर जीवाओं की लंबाइयाँ 6 cm और 8 cm हैं। यदि छोटी जीवा केंद्र से 4 cm की दूरी पर हो, तो दूसरी जीवा केंद्र से कितनी दूर है ?
हल :
मान लीजिए AB = 6 cm और CD = 8 cm, O केंद्र वाले वृत्त की जीवाएँ हैं।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 6
OA और C को मिलाइए।
क्योंकि वृत्त के केंद्र से जीवा पर खींचा गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
∴ AE = EB = \(\frac {1}{2}\)AB
= \(\frac {1}{2}\) × 6 = 3cm
और
CF = FD = \(\frac {1}{2}\)CD
= \(\frac {1}{2}\) × 8
= 4 cm
जीवा AB की केंद्र O से लंबात्मक दूरी OE है।
∴ OE = 4 cm
अब समकोण ΔAOE में,
OA2 = AE2 + OE2 [पाइथागोरस का परिणाम प्रयोग करने पर]
⇒ r2 = 32 + 42
⇒ r2 = 9 + 16
⇒ r2 = 25
⇒ r2 = \(\sqrt{25}\)
⇒ r2 = 5cm
जीवा CD की केंद्र O से लंबात्मक दूरी OF है।
समकोण ΔOFC में,
OC2 = CF2 + OF2
[पाइथागोरस का परिणाम प्रयोग करने पर] |
⇒ r2 = 42 + OF2
⇒ 52 = 42 + OF2
या OF2 = 25 – 16
⇒ OF2 = 9
⇒ OF = \(\sqrt{9}\)
⇒ OF = 3 cm
अतः, दूसरी जीवा की केंद्र से दूरी 3 cm है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 4.
मान लीजिए कि कोण ABC का शीर्ष एक वृत्त के बाहर स्थित है और कोण की भुजाएँ वृत्त से बराबर जीवाएँ AD और CE काटती हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠ABC जीवाओं AC तथा DE द्वारा केंद्र पर अंतरित कोणों के अंतर का आधा है।
हल :
∠ABC का शीर्ष B एक वृत्त (जिसका केंद्र O है) के बाहर स्थित है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 7
भुजा AB, जीवा CE को बिंदु E पर प्रतिच्छेद करती है और BC जीवा AD को बिंदु D पर प्रतिच्छेद करती है।
हमने सिद्ध करना है कि
∠ABC = \(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE]
OA, OC, OE और OD को मिलाइए।
अब, ∠AOC = 2∠AEC [चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिंदु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है]
या \(\frac {1}{2}\)∠AOC = ∠AEC …………(i)
इसी प्रकार, \(\frac {1}{2}\) ∠DOE = ∠DCE …………..(ii)
[उपरोक्त कारण से]
(ii) को (i) में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है,
\(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE] = ∠AEC – ∠DCE …………(iii)
अब, ∠AEC = ∠ADC …….(iv)
(एक ही वृत्तखंड के कोण)
साथ ही, ∠DCE = ∠DAE
(एक ही वृत्तखंड के कोण)
(iv) और (v) को (iii) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता है,
\(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE] = ∠ADC – ∠DAE …….(vi)
ΔADB में,
∠ADC = ∠DAE + ∠ABD …(vii) (त्रिभुज का बाह्य कोण अंत:अभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है)
(vii) को (vi) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता है :
\(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE] = ∠DAE + ∠ABD – ∠DAE
⇒ \(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE] = ∠ABD
या \(\frac {1}{2}\)[∠AOC – ∠DOE] = ∠ABC
(इति सिद्धम)

प्रश्न 5.
सिद्ध कीजिए कि किसी चतुर्भुज की किसी भूजा को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त उसके विकणों के प्रतिच्छेद बिंदु से होकर जाता है।
हल :
मान लीजिए कि ABCD एक समचतुर्भुज है जिसमें विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 8
जैसा कि हमें ज्ञात है कि समचतुर्भुज के विकर्ण एकदूसरे के लंब समद्विभाजिक होते हैं।
∴ ∠AOB = 90°
यदि हम AB को व्यास मानकर वृत्त खींचे तो यह निश्चित रूप से ही बिंदु ०(विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु) में से होकर जाएगा। क्योंकि तब ∠AOB = 90° इसके अर्धवृत्त में बना कोण होगा।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 6.
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। A, B और C से होकर जाने वाला वृत्त CD (यदि आवश्यक हो तो बढ़ाकर) को E पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि AE = AD है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 9
आकृति (a) में,
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
⇒ ∠1 = ∠3 …………(i)
(समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण)
ABCE एक चक्रीय चतुर्भुज है।
∠1 + ∠6 = 180° …… (ii)
∠5 + ∠6 = 180°…(रैखिक युग्म)… (iii)
(ii) और (iii) से
∠1 = ∠5 …. (iv)
अब, (i) और (iv) से
∠3 = ∠5
अब, ΔAED में,
∠3 = ∠5
⇒ AE = AD (∵ त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ) आकृति (b) में,
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
⇒ ∠1 = ∠3 (समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण)
∠2 = ∠4
साथ ही AB || CD और BC इनको मिलती है।
∠1 + ∠2 = 180° ……. (1)
और AD || BC और EC इनको मिलती है।
∠5 = ∠2 (संगत कोण) …… (2)
ABCE एक चक्रीय चतुर्भुज है।
∴ ∠1 + ∠6 = 180°
(1) और (3) से हमें प्राप्त होता है :
∠1 + ∠2 = ∠1 + ∠6
⇒ ∠2 = ∠6
परंतु (2) से,
∠2 = ∠5
⇒ ∠5 = ∠6
अब, ΔAED में,
∠5 = ∠6
⇒ AE = AD
अतः, दोनों स्थितियों में,
AE = AD.

प्रश्न 7.
AC और BD एक वृत्त की जीवाएँ हैं जो परस्पर समद्विभाजित करती हैं। सिद्ध कीजिए :
(i) AC और BD व्यास हैं,
(ii) ABCD एक आयत है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 10
मान लीजिए वृत्त की जीवाएँ AC और BD परस्पर O पर समद्विभाजित करती हैं।
तो OA = OC और OB = OD.
हमने सिद्ध करना है कि (i) AC और BD व्यास हैं दूसरे शब्दों में, O वृत्त का केंद्र है।
ΔAOD और ΔBOC में,
AO = OC (दिया है।)
∠AOD = ∠BOC (शीर्षाभिमुख कोण)
OD = OB (दिया है)
∴ ΔAOD ≅ ΔCOB
(SAS सर्वांगसमता नियम)
⇒ AD = CB
(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)
इसी प्रकार, ΔAOB ≅ ΔCOD
⇒ AB = CD
⇒ \(\widehat{\mathrm{AB}}\) ≅ \(\widehat{\mathrm{CD}}\)
[बराबर जीवाओं की सम्मुख चा]
⇒ \(\widehat{\mathrm{AB}}\) + \(\widehat{\mathrm{BC}}\)
⇒ \(\widehat{\mathrm{CD}}\) + \(\widehat{\mathrm{BC}}\)
⇒ \(\widehat{\mathrm{ABC}}\) = \(\widehat{\mathrm{BCD}}\)
⇒ AC = BD
(बराबर चापों की सम्मुख जीवाएँ)
∴ AC और BD व्यास हैं। क्योंकि केवल व्यास ही, वृत्त की जीवाओं के रूप में परस्पर समदृविभाजित करते हैं।
(ii) के लिए (i) में जैसा कि सिद्ध हुआ ;
AC व्यास है।
∴ ∠B = ∠D = 90° ………(1)
[अन्त का कोण समकोण होता है]
इसी प्रकार BD व्यास है
∴ ∠A = ∠C = 90° …(2)
अब व्यास
AC = BD
⇒ \(\widehat{\mathrm{AC}}\) ≅ \(\widehat{\mathrm{BD}}\)
(बराबर जीवाओं की संगत चाप बराबर होती हैं)
⇒ \(\widehat{\mathrm{AC}}\) – \(\widehat{\mathrm{DC}}\) ≅ \(\widehat{\mathrm{BD}}\) – \(\widehat{\mathrm{DC}}\)
⇒ \(\widehat{\mathrm{AD}}\) ≅ \(\widehat{\mathrm{BC}}\)
⇒ AD = BC
(बराबर जीवाओं की संगत चाप बराबर होती हैं) ……..(3)
इसी प्रकार AB = DC ……..(4)
(1), (2), (3) और (4) से हम देखते हैं कि चतुर्भुज का प्रत्येक कोण 90° का है तथा सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
अतः, ABCD एक आयत है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 8.
एक त्रिभुज ABC के कोणों A, B और C के समद्विभाजक इसके परिवृत्त को क्रमश: D, E और F पर प्रतिच्छेद करते हैं। सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज DEF के कोण 90° – \(\frac {1}{2}\)A, 90° – \(\frac {1}{2}\)B तथा 90° – \(\frac {1}{2}\)C हैं।
हल :
प्रश्न के अनुसार (नीचे दी गई आकृति को देखिए)।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 11
AD, ∠A का समद्विभाजक है
∴ ∠1 = ∠2 = \(\frac {A}{2}\)
BE, ∠B का समद्विभाजक है।
∴ ∠3 = ∠4 = \(\frac {B}{2}\)
CE, ∠C का समद्विभाजक है।
∴ ∠5 = ∠6 = \(\frac {C}{2}\)
जैसा कि हम जानते हैं कि एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
∴ ∠9 = ∠3
(\(\widehat{\mathrm{AE}}\) द्वारा अंतरित कोण)
∠8 =∠5
(\(\widehat{\mathrm{FA}}\) द्वारा अंतरित कोण)
∠9 + ∠8 = ∠3 + ∠5
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 12

प्रश्न 9.
दो सर्वांगसम वृत्त परस्पर बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। A से होकर कोई रेखाखंड PAQ इस प्रकार खींचा गया है कि P और दोनों वृत्तों पर स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि BP = BQ है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 13
दिया है : दो सर्वांगसम वृत्त बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं।
A से खींची गई रेखा वृत्तों को P और Q पर मिलती
सिद्ध करना है : BP = BQ
रचना : A और B को मिलाइए
उपपत्ति : AB उभयनिष्ठ जीवा है और वृत्त बराबर हैं।
∴ उभयनिष्ठ जीवा के संगत चाप बराबर होते हैं।
अर्थात्
\(\widehat{\mathrm{ACB}}=\widehat{\mathrm{ADB}}\)
क्योंकि दो सर्वांगसम वृत्तों के सर्वांगसम चाप वृत्त के । शेष भाग पर बराबर कोण बनाते हैं
इसलिए, हमें प्राप्त है
∠1 = ∠2
APBQ में,
∠1 = ∠2 (सिद्ध किया है)
∴ त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए :
BP = BQ.

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6

प्रश्न 10.
किसी त्रिभुज ABC में, यदि ∠A का समद्विभाजक तथा BC का लंब समद्विभाजक प्रतिच्छेद करें, तो सिद्ध कीजिए कि वे ΔABC के परिवृत्त पर प्रतिच्छेद करेंगे।
हल :
दिया है कि ABC एक त्रिभुज है और इसके शीर्षों में से वृत्त गुजरता है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Ex 10.6 - 14
मान लीजिए कि कोण A का समद्विभाजक तथा सम्मुख भुजा BC का लंब समद्विभाजक (कह लीजिए) बिंदु P पर प्रतिच्छेद करते हैं।
हमें सिद्ध करना है कि त्रिभुज ABC का परिवृत्त भी बिंद P में से होकर जाएगा।
उपपत्ति : जैसा कि हमें ज्ञात है कि किसी भुजा के लंब समद्विभाजक पर कोई भी बिंदु इस संगत भुजा के अंत:बिंदुओं से समदूरस्थ होता है।
∴ BP = PC ………(i)
साथ ही प्राप्त है: ∠1 = ∠2 …… (ii) [ क्योंकि, AP, ∠A का समद्विभाजक है।
(दिया है)]
(i) और (ii) से हमें ज्ञात होता है कि बराबर रेखाखंड वृत्त के एक ही खंड (अर्थात् Δ ABC के परिवृत्त के बिंदु A पर) में बराबर कोण बनाते हैं।
इसलिए BP और PC, ΔABC के परिवृत्त की जीवाओं के रूप में हैं और उनकी संगत चापें ; \(\widehat{\mathrm{BP}}\) और \(\widehat{\mathrm{PC}}\) परिवृत्त के ही भाग हैं।
अतः बिंदु P परिवृत्त पर ही है।
दूसरे शब्दों में, बिंदु A, B, P और C एकवृत्तीय हैं।
(इति सिद्धम)

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 10 वृत्त MCQ Questions with Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 10 वृत्त MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न

दिये गए चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें।

प्रश्न 1.
दी गई आकृति में AB = 5 सेमी. है। जीवा CD की लंबाई पता करो।
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 1
(A) 6 सेमी०
(B) 10 सेमी०
(C) 5 सेमी०
(D) 2.5 सेमी०।
उत्तर –
(C) 5 सेमी०

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

प्रश्न 2.
कितने असरेख बिंदुओं में से केवल एक ही वृत्त खींचा जा सकता है ?
(A) तीन
(B) चार
(C) पाँच
(D) छः।
उत्तर –
(A) तीन

प्रश्न 3.
दी गई आकृति में AB = CD = 5 सेमी। OM = 3 सेमी० तब ON की लंबाई है:
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 2
(A) 4 सेमी०
(B) 6 सेमी०
(C) 1.5 सेमी०
(D) 3 सेमी०।
उत्तर –
(D) 3 सेमी०।

प्रश्न 4.
दी गई आकृति में 0 वृत्त का केंद्र है। ∠AOB = 60° है। ∠ACB का मान क्या है ?
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 3
(A) 60°
(B) 30°
(C) 15°
(D) 20°.
उत्तर –
(B) 30°

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

प्रश्न 5.
दी गई आकृति में O वृत्त का केंद्र है। ∠ADB का माप क्या है ?
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 4
(A) 40°
(B) 20°
(C) 30°
(D) 60°.
उत्तर –
(B) 20°

प्रश्न 6.
एक चक्रीय चतुर्भुज ABCD में AOC वृत्त का व्यास है। यदि ∠CAD = 50° हो तो ∠ACD का मान क्या है ?
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 5
(A) 50°
(B) 90°
(C) 40°
(D) 60°.
उत्तर –
(C) 40°

प्रश्न 7.
किसी वृत्त का AD एक व्यास है और AB एक जीवा है। यदि AD = 34 cm. AB = 30 cm है, तो वृत्त के केंद्र से AB की दूरी है
(A) 17 cm
(B) 15 cm
(C) 4 cm
(D) 8 cm.
उत्तर –
(D) 8 cm.

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

प्रश्न 8.
आकृति में, यदि OA = 5cm, AB = 8 cm तथा OD जीवा AB पर लंब है, तो CD बराबर है
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 6
(A) 2cm
(B) 3 cm
(C) 4 cm
(D) 5 cm.
उत्तर –
(A) 2cm

प्रश्न 9.
यदि AB = 12 cm, BC = 16 cm और AB रेखाखंड BC पर लंब है, तो A, B और C से होकर जाने वाले वृत्त की त्रिज्या है
(A) 6 cm
(B) 8 cm
(C) 10 cm
(D) 12 cm.
उत्तर –
(C) 10 cm

प्रश्न 10.
आकृति में, यदि ∠ABC = 20° है तो ∠AOC बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 7
(A) 20°
(B) 40°
(C) 60°
(D) 10°.
उत्तर –
(B) 40°

प्रश्न 11.
आकृति में, यदि AOB वृत्त का एक व्यास तथा AC = BC है, तो ∠CAB बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 8
(A) 30°
(B) 60°
(C) 90°
(D) 45°……
उत्तर –
(D) 45°……

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

प्रश्न 12.
आकृति में, यदि ∠OAB = 40° है, तो ∠ACB बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 9
(A) 50°
(B) 40°
(C) 60°
(D) 70°.
उत्तर –
(A) 50°

प्रश्न 13.
आकृति में, यदि ∠DAB = 60°, ∠ABD = 50° है, तो ∠ACB बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 10
(A) 60°
(B) 50°
(C) 70°
(D) 80°.
उत्तर –
(C) 70°

प्रश्न 14.
ABCD एक ऐसा चक्रीय चतुर्भुज है कि AB इस चतुर्भुज के परिंगत वृत्त का एक व्यास है तथा ∠ADC = 140° है तब, ∠BAC बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 11
(A) 80°
(B) 50°
(C) 40°
(D) 30°.
उत्तर –
(B) 50°

प्रश्न 15.
आकृति में, BC वृत्त का व्यास है तथा ∠BAO = 60° है। तब, ∠ADC बराबर है-
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 120°
उत्तर –
(C) 60°

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त

प्रश्न 16.
आकृति में, ∠AOB = 900 और ∠ABC = 30° है। तब, ∠CAO बराबर है-
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 10 वृत्त 12
(A) 30°
(B) 45°
(C) 90°
(D) 60°.
उत्तर –
(D) 60°

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल MCQ Questions with Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न

दिये गए चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें।

प्रश्न 1.
दी गई आकृति में ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। लंब AE की लंबाई क्या है ?
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 1
(A) 3 सेमी०
(B) 6 सेमी०
(C) 9 सेमी०
(D) 2 सेमी०।
उत्तर –
(A) 3 सेमी०

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

प्रश्न 2.
E, F, G और H समांतर चतुर्भुज ABCD की भुजाओं के मध्य बिंदु है।
तब क्षे० (EFGH) = ………. :
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 2
(A) \(\frac {1}{3}\) से (ABCD)
(B) क्षे० (ABCD)
(C) \(\frac {1}{2}\)क्षे० (ABCD)
(D) \(\frac {1}{4}\)क्षे० (ABCD).
उत्तर –
(C) \(\frac {1}{2}\)क्षे० (ABCD)

प्रश्न 3.
दी गई आकृति में ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। ABE एक त्रिभुज है। यदि AB || CE हो और क्षे० (ABCD) = 60 सेमी०2 हो तो ΔABE का क्षेत्रफल क्या है ?
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 3
(A) 60 सेमी2
(B) 30 सेमी०2
(C) 120 सेमी०2
(D) 50 सेमी०2
उत्तर –
(B) 30 सेमी०2

प्रश्न 4.
ΔABC की माध्यिका AD पर बिंदु E है। यदि क्षे० (ΔABE) = 10 सेमी०2 तब क्षे० (ΔACE) है :
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 4
(A) 20 सेमी०2
(B) 5 सेमी०2
(C) 30 सेमी०2
(D) 10 सेमी०2
उत्तर –
(D) 10 सेमी०2

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

प्रश्न 5.
समलंब चतुर्भुज ABCD में AB || DC है। यदि क्षे० (AOD) = 15 सेमी०2 तब क्षे० (BOC) है :
(A) 30 सेमी०2
(B) 15 सेमी०2
(C) 10 सेमी०2
(D) 7.5 सेमी.2
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 5
उत्तर –
(B) 15 सेमी०2

प्रश्न 6.
एक त्रिभुज की माध्यिका उसे विभाजित करती है,
(A) बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में
(B) सर्वांगसम त्रिभुजों में
(C) समकोण त्रिभुजों में
(D) समद्विबाहु त्रिभुजों में
उत्तर –
(A) बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में

प्रश्न 7.
निम्नलिखित आकृतियों में से किसमें आप एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच, बने दो बहुभुज प्राप्त होते हैं :
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 6
उत्तर –
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 7

प्रश्न 8.
8cm और 6 cm भुजाओं वाले एक आयत की आसन्न भुजाओं के मध्य-बिन्दुओं को मिलाने से बनी आकृति है :
(A) 24 cm2 क्षेत्रफल का एक आयात
(B) 25 cm2 क्षेत्रफल का एक वर्ग
(C) 24 cm2 क्षेत्रफल का एक समलंब
(D) 24 cm2 क्षेत्रफल का एक समचतुर्भुज
उत्तर –
(D) 24 cm2 क्षेत्रफल का एक समचतुर्भुज

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

प्रश्न 9.
आकृति में, समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल हैं :
(A) AB × BM
(B) BC × BN
(C) DC × DL
(D) AD × DL
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 8
उत्तर –
(C) DC × DL

प्रश्न 10.
आकृति में, यदि समांतर चतुर्भुज ABCD और आयत AREM समान क्षेत्रफल के हैं, तो :
(A) ABCD का परिमाप = ABEM का परिमाप
(B) ABCD का परिमाप < AREM का परिमाप
(C) ABCD का परिमाप > ABEM का परिमाप
(D) ABCD का परिमाप = \(\frac {1}{2}\)(ABEM का परिमाप)
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 9
उत्तर –
(C) ABCD का परिमाप > ABEM का परिमाप

प्रश्न 11.
एक त्रिभुज की भुजाओं के मध्य बिंदु किसी भी एक शीर्ष को चौथा बिंदु लेकर एक समांतर चतुर्भुज बनाते हैं, जिसका क्षेत्रफल बराबर है :
(A) \(\frac {1}{2}\)ar (ABC)
(B) \(\frac {1}{3}\)ar (ABC)
(C) \(\frac {1}{4}\)ar (ABC)
(D) ar (ABC)
उत्तर –
(A) \(\frac {1}{2}\)ar (ABC)

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

प्रश्न 12.
दो समांतर चतुर्भुज बराबर आधारों पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात है।
(A) 1 : 2
(B) 1 : 1
(C) 2 : 1
(D) 3 : 1.
उत्तर –
(B) 1 : 1

प्रश्न 13.
ABCD एक चतुर्भुज है जिसका विकर्ण AC उसे बराबर क्षेत्रफल वाले दो भागों में विभाजित करता है। तब, ABCD
(A) एक आयत है
(B) सदैव एक समचतुर्भुज है
(C) एक समांतर चतुर्भुज है।
(D) (A), (B) या (C) में से कोई भी होना आवश्यक नहीं।
उत्तर –
(D) (A), (B) या (C) में से कोई भी होना आवश्यक नहीं।

प्रश्न 14.
एक त्रिभुज और एक समांतर चतुर्भुज एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं, तो त्रिभुज के क्षेत्रफल का समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल से अनुपात है।
(A) 1 : 3
(B) 1 : 2
(C) 3 : 1
(D) 1 : 4
उत्तर –
(B) 1 : 2

PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल

प्रश्न 15.
ABCD एक समलंब है जिसकी समांतर भुजाएँ AB = a cm और DC = bcm है। E और F असमांतर भुजाओं के मध्य-बिंदु हैं। ar (ABFE) और ar (EFCD) का अनुपात है।
(A) ab
(B) (3a + b) : (a + 3b)
(C) (a + 3b) : (3a + 3b)
(D) (2a + b) : (3a + b)
PSEB 9th Class Maths MCQ Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल 10
उत्तर –
(B) (3a + b) : (a + 3b)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

प्रश्न 1.
समांतर चतुर्भुज ABCD और आयत ABEF एक ही आधार AB पर स्थित हैं और उनके क्षेत्रफल बराबर हैं। दर्शाइए कि समांतर चतुर्भुज का परिमाप आयत के परिमाप से अधिक है।
हल:
दिया है : समांतर चतुर्भुज ABCD और आयत ABEF एक ही आधार AB पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं।
ar (|| gm ABCD) = ar (आयत ABEF)
सिद्ध करना है: AB + BC + CD + AD > AB + BE + EF + AE.
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 1
उपपत्ति – AB = CD. [∵ चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।]
AB = EF [∵ चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती है।]
CD = EF ………..(1)
(1) के दोनों ओर AB जोड़ने पर
AB + CD = AB + EF ………(2)
∴ किसी बिंदु से जो दी हुई रेखा पर स्थित नहीं है, रेखा तक खींचे गए सभी रेखाखंडों में से लांबिक रेखाखंड सबसे छोटा होता है।
∴ BE < BC |
और AF < ADI या, BC > BE
और AD> AF
∴ BC + AD > BE + AF …….(3)
(2) और (3) से हमें प्राप्त होता है
AB + BC + CD + AF > AB + BE + EF + AF.
इति सिद्धम्

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

प्रश्न 2.
आकृति में भुजा BC पर दो बिंदु D और E इस प्रकार स्थित हैं कि BD = DE = EC है। दर्शाइए कि ar (ABD) = ar (ADE) = ar (AEC) है।।
क्या आप अब उस प्रश्न का उत्तर दे सकतें हैं, जो आपने इस अध्याय की भूमिका में छोड़ दिया था। कि “क्या बुधिया का खेत वास्तव में बराबर क्षेत्रफलों वाले तीन भागों में विभाजित हो गया है” ?
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 2
हल:
ΔABC में, बिंदु D और E, BC को तीन बराबर भागों में इस प्रकार विभाजित करते हैं कि
BD = DE = EC है।
∴ BD = DE = EC = \(\frac {1}{3}\)BC
AF ⊥ BC खींचिए।
ar (ΔABC) = \(\frac {1}{2}\)BC × AF ………..(i)
[∵ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac {1}{2}\)आधार × लम्ब]
ar (ΔABD) = \(\frac {1}{2}\) × BD × AF
= \(\frac {1}{3}\) × \(\frac {BC}{3}\) × AF
[∵ BD = \(\frac {1}{3}\)BC]
= \(\frac {1}{3}\) [\(\frac {1}{2}\) × BC × AF]
= \(\frac {1}{3}\) ar (ΔABC) ………..(ii)
इसी प्रकार, ar (ΔADE) = \(\frac {1}{3}\)ar (ΔABC) ………..(iii)
और ar (ΔAEC) = \(\frac {1}{3}\)ar (ΔABC) ….(iv)
(ii), (iii) और (iv) से हमें प्राप्त होता है :
ar (ΔABD) = ar (ΔADE) = ar (ΔAEC)
इति सिद्धम्

[टिप्पणी : ध्यान दीजिए कि यदि BD = DE = EC, लें तो ΔABC बराबर क्षेत्रफलों वाले तीन त्रिभुजों ABD, ADE और AEC में विभाजित हो जाता है। इसी प्रकार, BC को बराबर भागों में विभाजित करके और इस भुजा को विभाजित करने वाले बिंदुओं को सम्मुख शीर्ष A से मिलाकर हम इस त्रिभुज को बराबर क्षेत्रफलों वाले । त्रिभुजों में विभाजित कर सकते हैं।]

प्रश्न 3.
आकृति में, ABCD, DCFE और ABFE समांतर चतुर्भुज है। दर्शाइए कि
ar (ADE) = ar (BCF) है।
हल:
जैसा कि हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 3
∴ समांतर चतुर्भुज ABFE में,
AE = BF और AB = EF
||gm DCFE में,
DE = CF और DC = EF
||gm ABCD में,
AD = BC और AB = DC
अब, ΔADE और ΔBCF में,
AE = BF [|| gm ABFE की सम्मुख भुजाएँ]
DE = CF [|| gm DCFE की सम्मुख भुजाएँ।
और AD = BC [|| gm of ABCD की सम्मुख भुजाएँ।
∴ ΔADE ≅ ΔBCF
[SSS सांगसमता नियम]
इसलिए, ar (ΔADE) = ar (ΔBCF) [∵ दो सर्वांगसम आकृतियों का क्षेत्रफल सदैव बराबर होता है।]

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

प्रश्न 4.
आकृति में, ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और BC को एक बिंदु Q तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि AD = CQ है। यदि AQ भुजा DC को P पर प्रतिच्छेद करती है, तो दर्शाइए कि ar (BPC) = ar (DPO) है।
हल :
A और C मिलाइए
ΔAPC और ΔBPC एक ही आधार PC पर तथा एक ही समांतर रेखाओं PC और AB के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔAPC) = ar (ΔBPC) … (1)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 4
ACBD एक समांतर चतुर्भुज है।
∴ AD = BC [∵ समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।]
साथ ही, BC = CQ (दिया है)
∴ AD = CQ
अब, AD || CQ
[∵ CQ, बढ़ी हुई BC है]
और
AD = CQ
∴ ADQC एक समांतर चतुर्भुज है।
[∵ यदि चतुर्भुज को सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर हो, तो वह समांतर चतुर्भुज होती हैं।]
क्योंकि ||gm के विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं।
∴ AP = PQ और CP = DP
अब, ΔAPC और ΔDPQ
AP = PQ (ऊपर सिद्ध किया है)
∠APC = ∠DPQ (शीर्षाभिमुख कोण)
PC = PD(ऊपर सिद्ध किया गया है)
∴ ΔAPC ≅ ΔDPQ …(2)
⇒ ar (ΔAPC) = ar (ΔDPQ) [∵ सर्वांगसम आकृतियों का क्षेत्रफल सदैव बराबर होता है]
(1) और (2) से हमें प्राप्त होता है ।
ar (ΔBPC) = ar (ΔDPQ) इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
आकृति में, ABC और BDE दो समबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि D भुजा BC का मध्य-बिंदु है। यदि AE भुजा BC कोF पर प्रतिच्छेद करती है, तो दर्शाइए कि
(i) ar (BDE) = \(\frac {1}{4}\) ar (ABC)
(ii) ar (BDE) = \(\frac {1}{2}\)ar (BAE)
(iii) ar (ARC) = 2ar (BEC)
(iv) ar (BFE) = ar (AFD)
(v) ar (BFE) = 2ar (FED)
(vi) ar (FED) = \(\frac {1}{8}\) ar (AFC)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 5
हल:
EC और AD को मिलाइए।
ΔABC एक समबाहु त्रिभुज है।
∴ ∠A = ∠B = ∠C = 60°
ΔBDE भी एक समबाहु त्रिभुज है।
∴ ∠B = ∠D = ∠E = 60°
यदि हम दो रेखाएँ AC और BE तथा BC को तिर्यक रेखा लें,
∠B = ∠C
[(प्रत्येक = 60°) एकांतर कोण]
⇒ BE || AC [∵ जब एकांतर कोण बराबर होते हैं तो रेखाएँ समांतर होती हैं।]
इसी प्रकार, रेखाओं AB और DE तथा BF तिर्यक रेखा के लिए ∠B = ∠D
(प्रत्येक = 60°) [एकांतर कोण]
∴ AB || DE
(i) समबाहु त्रिभुज BDE का क्षेत्रफल
= \(\frac{\sqrt{3}}{4}\) (BD)2
[∵ समबाहु Δ का क्षेत्रफल = \(\frac{\sqrt{3}}{4}\)(भुजा)2] ………..(1)
समबाहु ΔABC का क्षेत्रफल
= \(\frac{\sqrt{3}}{4}\) (BC)2 ………..(2)
(1) को (2) से भाग देने पर हम प्राप्त करते हैं
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 6
[∵ दिया है कि D, BC का मध्य-बिंदु है।
∴ BD = DC
अब, BC = BD + DC
⇒ BC = BD + BD
⇒ BC = 2BD]
या, ar (ΔBDE) = \(\frac{\sqrt{1}}{4}\)ar (ΔABC)

(ii) ΔBEC में, ED माध्यिका है।
∴ ar (ΔBDE) = \(\frac{\sqrt{1}}{2}\)ar (ΔBEC) …… (3)
[∵ माध्यिका त्रिभुज को बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती है।]
हमें प्राप्त है : BE || AC.
इसलिए ΔBEC और ΔBAE एक ही आधार BE तथा एक ही समांतर रेखाओं BE और AC के बीच स्थित है।
∴ ar (ABEC) = ar (ABAE) … (4)
(4) को (3) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔBDE) = \(\frac{\sqrt{1}}{2}\)ar (ΔBAE)
(iii) क्योंकि ED त्रिभुज BEC की एक माध्यिका है।
∴ ar (BDE) = \(\frac{\sqrt{1}}{2}\)ar (BEC)
भाग (i) से, ar (BDE) = \(\frac{\sqrt{1}}{4}\)ar (ABC)
∴ \(\frac{\sqrt{1}}{4}\)ar (ABC) = \(\frac{\sqrt{1}}{2}\)ar (BEC)
⇒ ar (ABC) = 4 × \(\frac{\sqrt{1}}{2}\)ar (BEC)
अत:, ar (ABC) = 2ar (BEC)

(iv) अब, ∠BDE = ∠ABD = 60° (दिया है)
परंतु ये एकांतर कोण का युग्म है।
∴ AB || DE
अब, ΔBDE और ΔADE एक ही आधार DE तथा समांतर रेखाओं AB और DE के बीच स्थित हैं।
∴ ar (BDE) = ar (ADE)
दोनों ओर से ar (FED) घटाने पर,
ar (BDE) – ar (FED) = ar (ADE) – ar (FED)
ar (BFE) = ar (AFD)

(v) ΔBDE और ΔAED एक ही आधार DE एक ही समांतर रेखाओं DE पर स्थित हैं
ar (ΔBDE) = (ΔAED)
ar (ΔFED) को दोनों पक्षों में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है :
ar (ΔBDE) – ar (ΔFED)
= ar (ΔAED) – ar (ΔFED)
⇒ ar(ΔBFE) = ar(ΔAFD) ……… (5)
एक समबाहु त्रिभुज में खीची गई माध्यिका भुजा पर लम्ब भी होती है।
∴ AD ⊥ BC
[∵ AD, ΔABC की माध्यिका है।]
अब, ar (ΔAFD) = \(\frac {1}{2}\) FD × AD ………. (6)
EG ⊥ BC खींचिए।
∴ ar (ΔFED) = \(\frac {1}{2}\)FD × EG … (7)

(6) को (7) से भाग देने पर हमें प्राप्त होता है
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 7
⇒ \(\frac {ar (ΔAFD)}{ar (Δ FED)}\) = \(\frac {2BD}{BD}\)
या ar (ΔAFD) = 2ar (Δ FED) …… (8)

(8) को (5) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता है।
ar (ΔBFE) = 2 ar (ΔFED)
(vi) ar (ΔAFC) = ar (ΔAFD)+ar (ΔADC)
= 2 ar (ΔFED) + \(\frac {1}{2}\) ar (ΔABC)
[संबंध (8) के प्रयोग करने पर और हम यह भी जानते हैं कि माध्यिका त्रिभुज को बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती हैं।]
= 2 ar (ΔFED) + \(\frac {1}{2}\) [4 ar (ΔBDE)]
[भाग (i) के परिणाम को प्रयोग करने पर]
= 2 ar (ΔFED) + 2 ar (ΔBDE)
= 2 ar (ΔFED) + 2 ar(ΔAED)
[∵ ΔBDE और ΔAED एक ही आधार ED तथा एक ही समांतर रेखाओं AB और DE के बीच स्थित हैं]
= 2 ar (ΔFED) + 2 [ar (ΔAFD) + ar (ΔFED)]
= 2 ar (ΔFED) + 2ar (ΔAFD) + 2ar (ΔFED)
= 4 ar (ΔFED) + 2(2 ar (ΔFED)]
[परिणाम को (8) में प्रयोग करने पर] |
= 4 ar (ΔFED) + 4 ar (ΔFED)
⇒ ar (ΔAFC) = 8 ar (ΔFED)
या, 8 ar (ΔFED) = ar (ΔAFC)
⇒ ar (ΔFED) = \(\frac {1}{8}\) ar (ΔAFC)
इति सिद्धम्

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

प्रश्न 6.
चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु P पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि ar (APB) × ar (CPD) = ar (APD) × ar (BPC) है।
हल:
दिया है : एक चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC और BD परस्पर P पर प्रतिच्छेद करते हैं।
सिद्ध करना है:
ar (ΔAPD) × ar (ΔBPC)
= ar (ΔABP) × ar (ΔCDP)
रचना :
A से AM ⊥ BD और C, CN ⊥ BD खींचिए।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 8
उपपत्ति
ar (ΔABP) = F × BP × AM ….(i)
ar (ΔAPD) = \(\frac {1}{2}\) × DP × AM .. (ii)
(ii) को (i), से भाग देने पर हमें प्राप्त होता है
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 9
इति सिद्धम्

प्रश्न 7.
P और Q क्रमश: त्रिभुज ABC की भुजाओं AB और BC के मध्य-बिंदु हैं तथा R रेखाखंड AP का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि
(i) ar (PRQ) = \(\frac {1}{2}\)ar (ARC)
(ii) ar (RQC) = \(\frac {3}{8}\)ar (ABC)
(iii) ar (PBQ) = ar (ARC)
हल:
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 10
(i) ΔABC में, P और Q क्रमशः भुजाओं AB और BC के मध्य बिंदु हैं।
AQ और PC को मिलाइए।
QR, त्रिभुज ABQ की माध्यिका है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 11
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 12
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 13
= \(\frac {1}{4}\) ar (ABC)
समीकरण (9) और (10) से
ar (PBQ) = ar (ARC)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4

प्रश्न 8.
आकृति में, ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसका कोण A समकोण है। BCED, ACFG और ABMN क्रमश: भुजाओं BC, CA और AB पर बने वर्ग हैं। रेखाखंड AX ⊥ DE भुजा BC को बिंदु Y पर मिलता है। दर्शाइए कि :
(i) ΔMBC ≅ ΔABD
(ii) ar (BYXD) = 2 ar (MBC)
(iii) ar (BYXD) = ar (ABMN)
(iv) ΔFCB ≅ ΔACE
(v) ar (CYXE) = 2 ar (FCB)
(vi) ar (CYXE) = ar (ACFG)
(vii) ar (BCED) = ar (ABMN) + ar (ACFG)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.4 - 14
हल :
(i) ΔMBC और ΔABD में,
BC = BD[वर्ग BCED की भुजाएँ]
∠MBC = ∠ABD
[∵ प्रत्येक = 90° + ∠ABC]
MB = AB
[वर्ग ABMN की भुजाएँ]
∴ ΔMBC ≅ ΔABD
[SAS सर्वांगसमता नियम से]

(ii) ΔABD और वर्ग BYXD एक ही आधार BD और एक ही समांतर रेखाओं BD और AX के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ADB) = \(\frac {1}{2}\)ar (BYXD)
परंतु ΔMBC ≅ ΔABD
[भाग (i) में सिद्ध किया है।]
⇒ ar (MBC) = ar (ABD)
∴ ar (MBC) = \(\frac {1}{2}\)ar (BYXD) … (1)
⇒ ar (BYXD) = 2ar (MBC)

(iii) ΔMBC और वर्ग ABMN एक ही आधार MB और एक ही समांतर रेखाओं MB और NAC के बीच स्थित है।
∴ ar (MBC) = \(\frac {1}{2}\)ar (ABMN) …(2)
(1) और (2) से,
ar (BYXD) = ar (ABMN)

(iv) ΔFCB और ΔACE में,
CB = CE[वर्ग BCED की भुजाएं]
∠FCB = ∠ACE
[∵ प्रत्येक = 90° + ∠BCA]
FC = AC [वर्ग ACFG की भुजाएं]
∴ ΔFCB ≅ ΔACE
(SAS सर्वांगसमता नियम)

(v) ΔACE और वर्ग CYXE एक ही आधार CE और एक ही समांतर रेखाओं CE और AYX के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ACE) = \(\frac {1}{2}\) ar (CYXE)
⇒ \(\frac {1}{2}\) ar (CYXE) = ar (FCB)
⇒ ar (CYXE) = 2ar (FCB)
[भाग (iii) से ΔFCB ≅ ΔACE ]

(vi) वर्ग ACFG और ΔBCF एक ही आधार CF और एक ही समांतर रेखाओं CF और BAG के बीच स्थित है।
∴ ar (BCF) = \(\frac {1}{2}\) ar (ACFG)
साथ ही, ar (FCB) = \(\frac {1}{2}\)ar (CYXE)
⇒ \(\frac {1}{2}\) ar (CYXE) = \(\frac {1}{2}\) ar (ACFG)
⇒ \(\frac {1}{2}\) ar (CYXE) = ar (ACFG)
भाग (iii) से, ar (BYXD) = ar (ABMN)
भाग (vi) से, ar (CYXE) = ar (ACFG)
जोड़ने पर, ar (BYXD) + ar (CYXE) = ar (ABMN) + ar (ACFG)
⇒ ar (BCED) = ar (ABMN) + ar (ACFG)
इति सिद्धम्

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 1.
आकृति में, ΔABC की एक माध्यिका AD पर स्थित E कोई बिंदु है। दर्शाइए कि
ar (ΔABE) = ar (ACE) है।
हल :
ΔABC में, AD माध्यिका है।
ar (ΔABD) = ar (ΔACD) ……..(i)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 1
[∵ माध्यिका त्रिभुज को बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती है।]
पुनः, ΔEBC में, ED एक माध्यिका है। ,
ar (ΔEBD) = ar (ΔECD) …(ii)
(ii) को (i), में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔABD) = ar (ΔEBD)
= ar (ΔACD) – ar (ΔECD)
⇒ ar (ΔABE) = ar (ΔACE).

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 2.
ΔABC में E, माध्यिका AD का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि ar (BED) = \(\frac {1}{4}\)ar (ABC) है।
हल :
दिया है : ΔABC में, AD एक माध्यिका है और E माध्यिका AD का मध्य-बिंदु है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 2
सिद्ध करना है : ar (ΔBED) = \(\frac {1}{4}\)r (ΔABC).
उपपत्ति : ΔABC में AD माध्यिका है।
∴ ar (ΔABD) = ar (ΔADC) [∵ माध्यिका त्रिभुज को बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती है।]
∴ ar (ΔABD) = \(\frac {1}{2}\)ar (ΔABC) …(i)
ΔABD में, BC एक माध्यिका है।
∴ ar (ΔBED) = ar (ΔBAE)
∴ ar (ΔBED) = \(\frac {1}{2}\)ar (ΔABD) …(ii)
⇒ ar (ΔBED) = \(\frac {1}{2}\) × \(\frac {1}{2}\)ar (ΔABC)
[(i) और (ii) से]
= \(\frac {1}{4}\)ar (ΔABC)
इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
दर्शाइए कि समांतर चतुर्भुजों के दोनों विकर्ण उसे बराबर क्षेत्रफलों वाले चार त्रिभुजों में बाँटते हैं।
हल :
मान लीजिए समांतर चतुर्भुज ABCD है और इसके विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 3
ΔABC और ΔADC में,
AB = DC (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)
BC = AD
(समांतर चतुर्भुज सम्मुख भुजाएँ)
AC = AC (उभयनिष्ठ)
∴ ΔABC ≡ ΔCDA
(SSS सर्वांगसमता नियम)
जैसा कि हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर समद्विभाजित होते हैं।
∴ आकृति में ; O समद्विभाजक बिंदु है।
अब ΔADC में;
DO एक माध्यिका है।
∴ ar (ΔAOD) = ar (ΔCOD) …………..(i)
(∵ माध्यिका त्रिभुज को बराबर क्षेत्र फलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती है।]
इसी प्रकार, ΔABC में, OB माध्यिका है
∴ ar (ΔAOB) = ar (ΔBOC) …(ii)
[उपरोक्त कारण ही]
ΔAOB और ΔAOD में; AO माध्यिका है।
∴ ar (ΔAOB) = ar (ΔAOD)
(उपरोक्त कारण ही) …(iii)
(i), (ii) और (iii) से हमें प्राप्त होता है :
ar (ΔAOB) = ar (ΔAOD) = ar (ΔBOC)
= ar (ΔCOD)
अतः समांतर चतुर्भुज के विकर्ण इसे बराबर क्षेत्रफलों वाले चार त्रिभुजों में बाँटते हैं।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 4.
आकृति में, ABC और ABD एक ही आधार AB पर बने दो त्रिभुज हैं। यदि रेखाखंड CD रेखाखंड AB से बिंदु पर समद्विभाजित होता है, तो दर्शाइए कि ar (ABC) = ar (ABD) है।
हल :
CM ⊥ AB और DN ⊥ AB खींचिए।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 4
ΔCMO और ΔCNO में,
∠CMO = ∠DNO
[(प्रत्येक = 90°) रचना]
∠COM = ∠DON
(शीर्षाभिमुख कोण)
OC = OD
(O, CD का मध्य-बिंदु है)
∴ ΔCOM ≡ ΔDON
[AAS सर्वांगसमता का नियम]
इसलिए, CM = DN
(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) …….(i)
अब ar (ΔABC) = \(\frac {1}{2}\) × AB × CM …(ii)
ar (ΔADB) = \(\frac {1}{2}\) × AB × DN …(iii)
(i) को (iii) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔADB) = \(\frac {1}{2}\) × AB × CM ….(iv)
(ii) और (iv) से हमें प्राप्त होता है
ar (ΔABC) = ar (ΔADB)

प्रश्न 5.
D, E और F क्रमशः त्रिभुज ABC की भुजाओं BC, CA और AB के मध्य-बिंदु हैं। दर्शाइए कि :
(i) BDEF एक समांतर चतुर्भुज है
(ii) ar (DEF) = \(\frac {1}{4}\) ar (ABC)
(iii) ar (BDEF) = \(\frac {1}{2}\)ar (ABC)
हल :
(i) F, AB का मध्य-बिंदु और E, AC का मध्य-बिंदु है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 5
∴ FE || BC और FE = \(\frac {1}{2}\)BC
[∵ त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समांतर और इसका आधा होती है।]
या FE || BD
∵ BD, BC का ही भाग है] और FE = BD [∵ दिया है कि D, EC का मध्य-बिंदु है।
∴ BD = \(\frac {1}{2}\)BC
इसलिए, FE = \(\frac {1}{2}\) BC (ऊपर सिद्ध किया है) |
⇒ FE = BD
अब E, AC का मध्य-बिंदु और D, EC का मध्यबिंदु है।
∴ DE || AB और DE = \(\frac {1}{2}\) AB
[ऊपर वाले कारण का उपयोग करने पर
या DE || BF [∵ BE, AB का ही भाग है।]
और DE = BF
[∵ F, AB का मध्य-बिंदु है ∴ BF = \(\frac {1}{2}\) AB
परंतु DE = \(\frac {1}{2}\) AB (ऊपर सिद्ध किया है)
इसलिए, DE = BF]
अब,
FE || BD और DE || BF
या FE = BD और DE = BF
अतः, BDEF एक समांतर चतुर्भुज है।

(ii) BDEF एक समांतर चतुर्भुज है
∴ ar (ΔBDF) = ar (ΔDEF) ….(1) [∵ समांतर चतुर्भुज का विकर्ण इसे बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करता है।]
DCEF भी समांतर चतुर्भुज है[भाग (i) के चरणों का प्रयोग करने पर]
∴ ar (ΔDEF) = ar (ΔDEC) …(2)
साथ ही, AEDF एक समांतर चतुर्भुज है। [भाग (i) के चरणों का प्रयोग करने पर]
∴ ar (ΔAFE) = ar (ΔDEF) …(3)
(1), (2) और (3)से
ar (ΔDEF) = ar (ΔBDF) = ar(ΔDEC)
= ar (ΔAFE) …(4)
अब, ar (ΔABC) = ar (ΔAFE) + ar (ΔBDF) + ar (ΔDEC) + ar (ΔDEF)…(5)
⇒ ar (ΔABC) = ar (ΔDEF) + ar (ΔDEF) + ar (ΔDEF)) + ar (ΔDEF)
[(4) को (5) में प्रयोग करने पर]
⇒ ar (ΔABC) = 4 ar (DEF)
या, 4 ar (ΔDEF) = ar (ΔABC)
⇒ ar (ΔDEF) = \(\frac {1}{4}\)ar (ΔABC) …….(6)

(iii) ar (||gm BDEF) = ar (ΔBDF) + ar (ΔDEF)
= ar (ΔDEF) + ar (ΔDEF)
[(4) प्रयोग करने पर]
= 2 ar (ΔDEF)
= 2 × \(\frac {1}{4}\) ar (ΔABC)
[(6) का प्रयोग करने पर]
⇒ ar (||gm BDEF) = \(\frac {1}{2}\)ar (ΔABC)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 6.
आकृति में, चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु O पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि OB = OD है।
यदि AB = CD है, तो दर्शाइए कि
(i) ar (DOC) = ar (AOB)
(ii) ar (DCB) = ar (ACB)
(iii) DA || CB या ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
हल :
(i) BM ⊥ AC और DN ⊥ AC खींचिए।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 6
ΔDON और ΔBOM में,
OD = OB (दिया है)
∠DNO = ∠BMO
[प्रत्येक = 90° (रचना से)]
∠DON = ∠BOM
(शीर्षाभिमुख कोण)
∴ ΔDON ≡ ΔBOM
[AAS सर्वांगसमता नियम]
इसलिए, DN = BM
(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)
साथ ही, ar (ΔDON) = ar (ΔBOM) …(1)
अब, ΔDCN और ΔABM में,
∠DNC = ∠BMA
[प्रत्येक = 90° (रचना से)]
CD = AB (दिया है)
DN = BM (ऊपर सिद्ध किया)
∴ ΔDCN ≡ ΔBAM
[RHS सर्वांगसमता नियम]
∴ ar (ΔDCN) = ar (ΔBAM) …(2)
(1) और (2) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है।
ar (ΔDON) + ar (ΔDCN) = ar (ΔBOM) + ar (ΔBAM)
⇒ ar (ΔDOC) = ar (ΔAOB)

(ii) भाग (ii) में हमने सिद्ध किया है कि
ar (ΔDOC) = ar (ΔAOB)
दोनों ओर ar (ΔBOC) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔDOC) + ar (ΔBOC) = ar (ΔAOB) + ar (ΔBOC)
⇒ ar (ΔDCB) = ar (ΔACB)

(iii) भाग (ii) में हमने सिद्ध किया है कि ar (ΔDCB) = ar (ΔACB)
इसलिए इन दोनों त्रिभुजों का एक ही आधार CB है
और दोनों एक ही समांतर रेखाओं CB और DA के बीस्थित है।
इसलिए, DA || CB
अब AB = CD
और, DA || CB
अत: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

प्रश्न 7.
बिंदु D और E क्रमश: ΔABC की भुजाओं AB और AC पर इस प्रकार स्थित हैं कि ar (DBC) = ar (EBC) है। दर्शाइए कि DE || BC है।
हल :
दिया है कि
ar (ΔDBC) = ar (ΔEBC)
दो बराबर क्षेत्रफल वाली त्रिभुजों का एक ही आधार BC है।
इसलिए DE || BC
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 7
[∵ दो त्रिभुज जिनका एक ही आधार (या बराबर आधार) है और बराबर क्षेत्रफल है, एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित होते हैं।]

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 8.
XY त्रिभुज ABC की भुजा BC के समांतर एक रेखा है। यदि BE || AC और CF || AB रेखा XY से क्रमश: E और F पर मिलती है, तो दर्शाइए कि
ar (ABE) = ar (ACF)
हल :
ΔABE और ||gm BCYE एक ही आधार BE तथा एक ही समांतर रेखाओं BE और AC के बीच स्थित है।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 8
∴ ar (ΔABE) = \(\frac {1}{2}\) ar (||gm BCYE) …….(1)
साथ ही, ΔACF और || gm BCFX एक ही आधार CF तथा एक ही समांतर रेखाओं BX और CF के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔACF) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm BCFX)…(2)
परंतु ||gm BCYE और ||gm BCFX एक ही आधार BC और एक ही समांतर रेखाओं BC और EF के बीच स्थित है।
ar (||gm BCYE) = ar (||gm BCEX) …(3)
(1), (2) और (3) से हमें प्राप्त होता है-
ar (ΔABE) = ar (ΔACF)

प्रश्न 9.
समांतर चतुर्भुज ABCD की एक भुजा AB को एक बिंदु P तक बढ़ाया गया है। A से होकर CP के समांतर खींची गई रेखा बढ़ाई गई CB को Q पर मिलती है और फिर समांतर चतुर्भुज PBQR को पूरा किया गया है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि ar (ABCD) = ar (PBQR) है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 9
दिया है कि ABCD और PBQR समांतर चतुर्भुज है। साथ ही, CP || AQ.
हम देखते हैं कि
ΔACQ और ΔAPQ एक ही आधार AQ तथा एक ही समांतर रेखाओं AQ और CP के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔACQ) = ar (ΔAPQ)
दोनों पक्षों में से ar (ΔABQ) घटाने पर हमें प्राप्त होता है:
ar (ΔACQ) – ar (ΔABQ)
= ar (ΔAPQ) – ar (ΔABQ)
⇒ ar (ΔACB) = ar (ΔPBQ)
या, \(\frac {1}{2}\) ar (|| gm ABCD) = \(\frac {1}{2}\)ar || gm PBQR) [∵ विकर्ण चतुर्भुज को बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करता है।
∴ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac {1}{2}\)समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल]
⇒ ar (|| gm ABCD) = ar (|| gm PBQR)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 10.
एक समलंब ABCD, जिसमें AB || DC है, के विर्कण AC और BD परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि ar (AOD) = ar (BOC) है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 10
ΔABD और ΔABC एक ही आधार AB और एक समांतर रेखाओं AB और DC के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔABD) = ar (ΔABC)
ar (ΔAOB) को दोनों पक्षों में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔABD) – ar (ΔAOB) = ar (ΔABC) – ar (ΔAOB)
⇒ ar Δ(AOD) = ar (ΔBOC) इति सिद्धम्

प्रश्न 11.
आकृति में, ABCDE एक पंचभुज है। B से होकर AC के समांतर खींची गई रेखा बढ़ाई गई DC को F पर मिलती है। दर्शाइए कि:
(i) ar (ACB) = ar (ACF)
(ii) ar (AEDF) = ar (ABCDE)
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 11
(i) दिया है BF || AC.
ΔACB और ΔACF एक ही आधार AC तथा एक ही समांतर रेखाओं AC और BF के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔACB) = ar (ΔACF) …(1)
(ii) अब, ar (ΔABCDE) = ar (समलंब AEDC) + ar (ΔABC) …..(2)
= ar (समलंब AEDC) + ar (ΔACF)
[(1) को (2) में प्रयोग करने पर]
ar (समलंब AEDC) + ar (ΔACF)
=ar (चतुर्भुज AEDF)
या, ar (AEDF) = ar (ABCDE)
इति सिद्धम्

प्रश्न 12.
गाँव के एक निवासी इतवारी के पास एक चर्तुभुजाकार भूखंड था। उस गाँव की ग्राम पंचायत ने उसके भूखंड के एक कोने से उसका कुछ भाग लेने का निर्णय लिया ताकि वहाँ एक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा सके। इतवारी उस प्रस्ताव को इस प्रतिबंध के साथ स्वीकार कर लेता है कि उसे इस भाग के बदले उसी भूखंड के संलग्न एक भाग ऐसा दे दिया जाए कि उसका भूखंड त्रिभुजाकार हो जाए। स्पष्ट कीजिए कि इस प्रस्ताव को किस प्रकार कार्यान्वित किया जा सकता है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 12
मान लीजिए इतवारी के पास एक चतुर्भुजाकार भूखंड ABCD है।
रचना : AB को E तक बढ़ाइए। BD को मिलाइए और CE || BD खींचिए।
उत्पत्ति : क्योंकि ΔBDC और ΔBDE एक ही आधार BD और एक ही समांतर रेखाओं BD और CE के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔBDC) = ar (ΔBDE)
दोनों ओर ar (ΔABD) जोड़ने पर, ar (ΔABD) + ar (ΔBDC) = ar (ΔABD) + ar (ΔBDE)
ar (ABCD) = ar (AED)
अतः, स्वास्थ्य केंद्र के लिए दिया गया भूखंड = ar (CDF)
उक्त भूखंड के बदले इतवारी को मिला भूखंड = ar (BEF)

प्रश्न 13.
ABCD एक समलंब है, जिसमें AB || DC है। AC के समांतर एक रेखा AB को x पर और BC को Y पर प्रतिच्छेद करती है। सिद्ध कीजिए कि ar (ADX) = ar (ACY) है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 13
CX को मिलाइए। ΔADX और ΔACX एक ही आधार XA पर तथा एक ही समांतर रेखाओं XA और DC के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔADX) = ar (ΔACX) ………(i)
साथ ही, ΔACX और ΔACY एक ही आधार CY तथा एक ही समांतर रेखाओं CY और XA के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔACX) = ar (ΔACY) …(ii)
(i) और (ii) से हमें प्राप्त होता है
ar (ΔADX) = ar (ΔACY).
इति सिद्धम्

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 14.
आकृति में, AP || BQ || CR है। सिद्ध कीजिए कि ar (AQC) = ar (PBR) है।
हल :
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 14
ΔABQ और ΔBPQ एक ही आधार BQ तथा एक ही समांतर रेखाओं AP और BQ के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔABQ) = ar (ΔBPQ) …(1)
ΔBQC और ΔBQR एक ही आधार BQ तथा एक ही समांतर रेखाओं BQ और CR के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔBQC) = ar (ΔBQR) …(2)
(1) और (2) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है।
ar (ΔABQ) + ar (ΔBQC) = ar (ΔBPQ) + ar (ΔBQR)
⇒ ar (ΔAQC) = ar (ΔPBR) इति सिद्धम्

प्रश्न 15.
चतुर्भुज ABCD के विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु O पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि ar (AOD) = ar (BOC) है। सिद्ध कीजिए कि ABCD एक समलंब है।
हल:
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 15
दिया है कि
ar (ΔAOD) = ar (ΔBOC)
दोनों ओर ar (ΔAOB) जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है
ar (ΔAOD) + ar (ΔAOB) = ar (ΔBOC) + ar (ΔAOB)
⇒ ar (ΔABD) = ar (ΔABC)
जैसा कि हम जानते हैं कि यदि दो त्रिभुज बराबर क्षेत्रफल एक ही आधार पर स्थित हों, तो वे एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित होती है। ΔABD और ΔABC एक ही आधार AB पर स्थित हैं और क्षेत्रफल के बराबर हैं।
∴ वे एक ही समांतर रेखाओं AB और DC के बीच स्थित हैं।
या, AB || DC.
अब, चतुर्भुज ABCD में AB || DC
इसलिए, ABCD एक समलंब है। [∵ समलंब में सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर होता है।]

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3

प्रश्न 16.
आकृति में, ar (DRC) = ar (DPC) है और ar (BDP) = ar (ARC) है। दर्शाइए कि दोनों चतुर्भुज ABCD और DCPR समलंब हैं।
हल :
दिया है कि ΔDRC और ΔDPC एक ही आधार DC पर स्थित हैं।
साथ ही, ar (ΔDRC) = ar (ΔDPC) ….(1)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.3 - 16
∴ DC || RP [∵ यदि बराबर क्षेत्रफल वाली दो त्रिभुज एक ही आधार पर स्थित हों तो वे सदैव एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित होती है।]
चतुर्भुज DCPR में,
DC || RP
इसलिए, DCPR एक समलंब है।
साथ ही, दिया है कि
ar (ΔBDP) = ar (ΔARC) ………..(2)
(1) को इस प्रकार भी लिखा जा सकता है।
ar (ΔDPC) = ar (ΔDRC) ……… (3)
(3) को (2) में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है।
ar (ΔBDP) – ar (ΔDPC)
= ar (ΔARC) – ar (ΔDRC)
⇒ ar (ΔBDC) = ar (ΔADC)
ΔBDC और ΔADC का बराबर क्षेत्रफल है और एक ही आधार पर स्थित है DC
AB || DC
[∵ यदि बराबर क्षेत्रफल वाली दो त्रिभुज एक ही आधार पर स्थित हों तो वे सदैव एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित होती है।]
अब चतुर्भुज ABCD में
AB || DC
इसलिए ABCD, एक समलंब है।

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2

प्रश्न 1.
आकृति में, ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, AE ⊥ DC और CF ⊥ AD है। यदि AB = 16 cm, AE = 8 cm और CF = 10 cm है, तो AD ज्ञात कीजिए।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 1
हल :
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
∴ DC = AB
⇒ DC = 16 सेमी
AE ⊥ DC (दिया है)
समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल
= DC × AE [∵ ar (|| gm) = आधार × संगत ऊँचाई]
= 16cm × 8 cm
= 128 cm2
आधार AD और ऊँचाई CF का प्रयोग करने पर; समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = AD × CF
⇒ 128 cm2 = AD × 10 cm
या AD × 10 cm = 128 cm2
⇒ AD = \(\frac {128}{10}\) cm
⇒ AD = 12.8 cm

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2

प्रश्न 2.
यदि E, F, G और H क्रमशः समांतर चतुर्भुज ABCD की भुजाओं के मध्य-बिंदु हैं, तो दर्शाइए कि ar (EFGH) = \(\frac {1}{2}\)ar (ABCD) है।
हल :
दिया है : ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और E, F, G और H क्रमश: भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य-बिंदु है।
सिद्ध करना है : ar (EFGH) = \(\frac {1}{2}\)ar (ABCD)
रचना . AC और HF को मिलाइए।
उपपत्ति : ΔABC में, E भुजा AB का मध्य-बिंदु है और F भुजा BC का मध्य-बिंदु हैं।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 2
∴ EF = \(\frac {1}{2}\)AC और EF || AC …….(1)
इसी प्रकार ΔADC में,
GH = \(\frac {1}{2}\)AC और GH || AC ….(2)
∴ GH = EF और GH || EF
[(1) और (2) से]
∴ चतुर्भुज EFGH एक ||gm है। [यदि चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर हो, तो यह समांतर चतुर्भुज होती हैं।]
|| gm ABCD में,
AD = BC और AD || BC
[|| gm की सम्मुख भुजाएँ]
∴ \(\frac {1}{2}\)AD = \(\frac {1}{2}\)BC और AD || FC
⇒ HD = FC और HD || FC
∴ HDCF एक || gm है
क्योंकि ΔHGF और ||gm HDCF एक ही आधार HF और एक ही समांतर रेखाओं के बीच है।
∴ ar (ΔHGF) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm HDCF) …(3)
इसी प्रकार,
ar (ΔHEF) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm HABF) ….(4)
(3) और (4) को जोड़ने से हमें प्राप्त होता है।
ar (ΔHGF) + ar (ΔHEF)
= \(\frac {1}{2}\)[ar (||gm HDCF) + ar (||gm HABF)]
अतः, ar (|| gm EFGH) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm ABCD).

प्रश्न 3.
P और Q क्रमश: समांतर चतुर्भुज ABCD की भुजाओं DC और AD पर स्थित बिंदु हैं। दर्शाइए कि ar (APB) = ar (BQC) है।
हल :
दिया है : ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। P, DC पर स्थित हैऔर Q, AD पर स्थित बिंदु है।
सिद्ध करना है : ar (ΔAPB) = ar (ΔBQC)
रचना : PM | BC और QN |DC खींचिए।
उपपत्ति : क्योंकि QC, || gm QNCD का विकर्ण है।
∴ ar (ΔQNC) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm QNCD) ……(1)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 3
पुनः, BQ || gm ABNQ का विकर्ण है।
∴ ar (ΔBQN) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm ABNQ) ….(2)
(1) और (2) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है ) ar (ΔQNC) + ar (ΔBQN)
= \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm QNCD) + \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm ABNQ)
⇒ ar (ΔBQC) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm ABCD) ….(3)
पुनः, AP, ||gm AMPD का विकर्ण है।
∴ ar (ΔAPM) = \(\frac {1}{2}\)ar (|| gm AMPD) ….(4 )
और PB, ||gm PCBM का विकर्ण है।
∴ ar (ΔPBM) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm PCBM) ….(5 )
(4) और (5) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है:
ar (ΔAPM) + ar (ΔPBM)
= \(\frac {1}{2}\)ar (||gm AMPD) + \(\frac {1}{2}\)ar (||gm PCBM)
⇒ ar (ΔAPB) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm ABCD) ……(6)
(3) और (6) से हमें प्राप्त होता है
ar (ΔBQC) = ar (ΔAPB)
या ar (ΔAPB) = ar (ΔBQC)
इति सिद्धम

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2

प्रश्न 4.
आकृति में, P समांतर चतुर्भुज ABCD के अभ्यंतर में स्थित कोई बिंदु है। दर्शाइए कि
(i) ar (APB) + ar (PCD) = \(\frac {1}{2}\)ar (ABCD)
(ii) ar (APD) + ar (PBC) = ar (APB) + ar (PCD)
हल:
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 4
(i) P से होकर AB के समांतर एक रेखा l खींचिए जो AD को Q पर तथा BC को R पर प्रतिच्छेदित करे।
अब ΔAPB और ||gm ABRQ एक ही आधार AB तथा एक ही समांतर रेखाओं AB और QR के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔAPB) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm ABRQ) …….(1)
साथ ही APCD और ||gm DCRQ एक ही आधार DC तथा एक ही समांतर रेखाओं DC और QR के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔPCD) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm DCRQ) …..(2)
(1) और (2) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है। ar (ΔAPB) + ar (ΔPCD)
= \(\frac {1}{2}\)ar (||gm ABRQ) + \(\frac {1}{2}\)ar (||gm DCRQ)
⇒ ar (ΔAPB) + ar (ΔPCD)
= \(\frac {1}{2}\)ar (||gm ABCD) ……….. (3)

(ii) P से होकर AD के समांतर एक रेखा m खींचिए जो AB को M पर तथा DC को N पर प्रतिच्छेद करे।
अब ΔAPD और ||gm AMND एक ही आधार AD तथा एक ही समांतर रेखाओं AD और MN के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔAPD) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm AMND) ………….(4)
साथ ही, Δ(PBC) और ||gm MNCB एक ही आधार BC तथा एक ही समांतर रेखाओं BC और MN के बीच स्थित हैं।
∴ ar (ΔPBC) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm MNCB) …..(5)
(4) और (5) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता है :
ar (ΔAPD) + ar (ΔPBC)
= \(\frac {1}{2}\) ar (||gm AMND) + \(\frac {1}{2}\)ar (||gm MNCB)
⇒ ar (ΔAPD) + ar (ΔPBC)
= \(\frac {1}{2}\) ar (ABCD) ……..(6)
(5) और (6) से हमें प्राप्त होता है :
ar (ΔAPB) + ar (ΔPCD) = ar (ΔAPD) + ar (ΔPBC)
या, ar (ΔAPD) + ar (ΔPBC) = ar (ΔAPB) + ar (ΔPCD)
इति सिद्धम

प्रश्न 5.
आकृति में, PORS और ABRS समांतर चतुर्भज हैं तथा X भुजा BR पर स्थत कोई बिंदु है। दर्शाइए कि
(i) ar (PQRS) = ar (ABRS)
(ii) ar (AXS) = \(\frac {1}{2}\)ar (PQRS)
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 5
हल:
(i) समांतर चतुर्भुज PQRS और ABRS एक ही आधार SR तथा एक ही समांतर रेखाओं SR और PB के बीच स्थित हैं।
∴ ar (||gm PQRS) = ar (||gm ABRS) ……(1)
[∵ एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित समांतर चतुर्भुज क्षेत्रफल में बराबर होते हैं।]

(ii) ΔAXS और ||gm ABRS एक ही आधार AS तथा एक ही समांतर रेखाओं AS और BR के बीच स्थित
∴ ar (AAXS) = \(\frac {1}{2}\)(||gm ABRS) ….(2)
(1) का (2) में प्रयोग करने पर हमें प्राप्त होता हैं,
ar (ΔAXS) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm PQRS)

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2

प्रश्न 6.
एक किसान के पास समांतर चतुर्भुज PQRS के रूप का एक खेत था। उसने RS पर स्थित कोई बिंदु A लिया और उसे P और Q से मिला दिया। खेत कितने भागों में विभाजित हो गया है? इन भागों के आकार क्या हैं? वह किसान खेत में गेहूँ और दालें बराबर-बराबर भागों में अलग-अलग बोना चाहती है। वह ऐसा कैसे करे ?
हल:
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 6
जब A को P और Q से मिलाया जाता है, तो खेत तीन भागों, जैसे : ΔPAS, ΔAPQ और ΔAQR में विभाजित हो जाता है।
ΔAPQ और समांतर चतुर्भुज PQRS एक ही आधार PQ तथा एक ही समांतर रेखाओं PQ और SR के बीच स्थित है।
∴ ar (ΔAPQ) = \(\frac {1}{2}\)ar (||gm PQRS)
अतः, त्रिभुजाकार भाग APQ, समांतर चतुर्भुज PQRS के रूप के खेत का आधा भाग है।
इसलिए किसान यदि त्रिभुजाकार खेत APQ में गेहूँ
बोती है, तो दूसरे दो त्रिभुजाकार भागों PAS और AQR में उसे दालें बोनी पड़ेंगी।

अथवा

जब वह त्रिभुजाकार खेत APQ में दालें बोती हैं तो दूसरे दो त्रिभुजाकार भागों PAS और AQR में उसे अवश्य ही गेहूँ बोना पड़ेगा।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.2 - 7

PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.1

Punjab State Board PSEB 9th Class Maths Book Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित आकृतियों में कौन-सी आकृतियाँ एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं ? ऐसी स्थिति में, उभयनिष्ठ आधार और दोनों समांतर रेखाएँ लिखिए।
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 9 समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुजों के क्षेत्रफल Ex 9.1 - 1
हल:
आकृति (i) में, ΔDPC और समलंब ABCD एक ही आधार DC तथा एक ही समांतर रेखाओं DC और AB के बीच स्थित है।
आकृति (iii) में ; ΔRTQ और समांतर चतुर्भुज PORS एक ही आधार OR तथा एक ही समांतर रेखाओं QR और PS के बीच स्थित है।
आकृति (v) में ; समांतर चतुर्भुज ABCD और समांतर चतुर्भुज APQD एक ही आधार AD तथा एक ही समांतर रेखाओं AD और BQ पर स्थित हैं।