PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions History Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science History Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

SST Guide for Class 7 PSEB 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Textbook Questions and Answers

(क) निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
18वीं शताब्दी में स्थापित हुई किन्हीं चार प्रादेशिक शक्तियों के नाम लिखें।
उत्तर-
दक्षिण भारत की शक्तियाँ-मराठे, हैदराबाद के निज़ाम तथा मैसूर में हैदरअली और टीपू सुल्तान। उत्तरी भारत की शक्तियाँ-बंगाल, अवध, बुंदेलखंड, मथुरा तथा पंजाब।

प्रश्न 2.
पाठ में उत्तरकालीन मुग़लों की सूची बनाएं।
उत्तर-
बहादुर शाह, जहांदार शाह, फरुख्सीयर, मुहम्मद शाह तथा बहादुरशाह जफ़र।

प्रश्न 3.
18वीं शताब्दी में अवध के उत्थान का संक्षेप में वर्णन करो।
उत्तर-
सआदत खां-अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक सआदत खां था। वह 1722 ई० में मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह के अधीन अवध का सूबेदार बना था। उसने राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार किए। उसने खेती-बाड़ी की ओर विशेष ध्यान दिया। 1739 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

सफदर जंग-सआदत खां की मृत्यु के पश्चात् सफदर जंग अवध का नया शासक बना। उसने 1754 ई० में रूहेलखण्ड के प्रदेश जीत लिये। 1775 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

शुजाउद्दौला तथा आसफुद्दौला-सफदर जंग के पश्चात् क्रमशः शुजाउद्दौला तथा आसफुद्दौला अवध के शासक बने। अंग्रेज़ गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्ज़ ने आसफुद्दौला को फैजाबाद की संधि करने के लिए विवश कर दिया। उसने आसफुद्दौला को अवध में रखी गई अंग्रेजी सेना के बदले मिलने वाली धनराशि बढ़ाने के लिए भी मज़बूर किया। 1797 ई० में आसफुद्दौला की मृत्यु हो गई।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 4.
18वीं शताब्दी में सिक्ख किस प्रकार शक्तिशाली बने ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी में मुग़लों तथा सिक्खों के बीच एक लंबा संघर्ष हुआ। इसी संघर्ष ने सिक्खों को शक्तिशाली बना दिया था।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के अधीन सिक्ख-मुग़लों ने सिक्खों पर बहुत अत्याचार किए थे। मुग़ल अत्याचारों का सामना करने के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिक्खों को वीर योद्धा बनाने का निर्णय किया। इस उद्देश्य से उन्होंने 1699 ई० में खालसा पंथ की स्थापना की। इसके बाद मुग़लों तथा सिक्खों के बीच कई लड़ाइयां हुईं। इनमें आनंदपुर साहिब की पहली तथा दूसरी,लड़ाई, चमकौर साहिब की लड़ाई तथा खिदराना की लड़ाई प्रमुख थी। चमकौर साहिब की लड़ाई में गुरु साहिब के दो बड़े साहिबज़ादे अजीत सिंह तथा जुझार सिंह शहीद हो गए। 1706 ई० में गुरु साहिब ने खिदराना अथवा मुक्तसर की लड़ाई में मुग़लों को बुरी तरह हराया। 1708 ई० में गुरु साहिब ज्योति जोत समा गए। इससे पूर्व उन्होंने बंदा बहादुर को सिक्खों का नेतृत्व सौंप दिया था।

बंदा बहादुर के अधीन सिक्ख-बंदा बहादुर ने 1709 ई० में कैथल से अपनी विजयों की शुरुआत की। इसके पश्चात् उसने समाना, कपूरी तथा सढौरा पर विजय प्राप्त की। बंदा बहादुर ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के पुत्रों की शहीदी का बदला लेने के लिए जलालाबाद, करनाल, पानीपत, अमृतसर, गुरुदासपुर, कलानौर तथा पठानकोट पर विजय प्राप्त की। इस प्रकार उसने पंजाब में सिक्ख राज्य की स्थापना की। उसने लौहगढ़ को अपनी राजधानी बनाया। 1715 ई० में मुग़लों ने बंदा बहादुर तथा उसके साथियों को बंदी बना लिया। उन्हें दिल्ली भेज दिया गया, जहां 9 जून, 1716 ई० को उन्हें शहीद कर दिया गया।

पंजाब के गवर्नरों द्वारा सिक्खों पर अत्याचार-
1. मुग़ल सम्राट् फरुख्सीयर ने 1716 ई० में अबदुसमन्द खां को पंजाब का सूबेदार नियुक्त किया। उसने अपने शासन- काल में अनगिनत सिक्खों का कत्ल किया। इस कारण मुग़ल बादशाह फरुख्सीयर ने उसे ‘राज्य की तलवार’ की उपाधि दी।

2. 1726 ई० में अबदुसमन्द खां के पुत्र जकरिया खां को पंजाब का सूबेदार नियुक्त किया गया। उसने सिक्खों का दमन करने के लिए कठोर नीति अपनाई। उसने बड़ी संख्या में सिक्खों को मरवा डाला। उसके शासनकाल में भाई मनी सिंह भाई, भाई मेहताब सिंह, भाई तारू सिंह तथा भाई हकीकत राय जैसे व्यक्तियों ने शहीदी दी। परंतु वह सिक्खों का पूरी तरह से दमन करने में असफल रहा।

3. 1745 ई० में जकरिया खां का पुत्र याहिया खां पंजाब का सूबेदार बना। उसने भी सिक्खों के प्रति दमनकारी . नीति जारी रखी। उसने काहनूवाल (गुरदासपुर) में सिक्खों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले के दौरान 700 सिक्ख मारे गए तथा 3000 सिक्खों को बंदी बना लिया गया। इस घटना को छोटा घल्लूघारा कहा जाता है।

4. 1748 ई० में मीर मन्नू पंजाब का नया सूबेदार बना। उसने भी बड़ी संख्या में सिक्खों का कत्ल करवाया। परंतु वह सिक्खों की ओर पूरा ध्यान न दे सका। परिणामस्वरूप सिक्खों ने अपनी शक्ति को और अधिक संगठित कर लिया।

अहमदशाह अब्दाली के आक्रमण तथा पंजाब में स्वतंत्र सिक्ख राज्य की स्थापना-अहमदशाह अब्दाली अफगानिस्तान का शासक था। उसने पंजाब पर आठ बार आक्रमण किया। 1765 ई० में सिक्खों ने लाहौर पर अधिकार करके अपनी स्वतन्त्रता की घोषणा कर दी। परंतु उनका कोई नेता न होने के कारण उन्होंने अपने आप को जत्थों (समूहों) में संगठित कर लिया। इन जत्थों को मिसलें कहा जाता था। ये संख्या में 12 थीं। प्रत्येक मिसल का एक सरदार होता था जो अपनी मिसल का शासन चलाता था। 18वीं सदी के अंत में शुकरचकिया मिसल के सरदार रणजीत सिंह ने सभी मिसलों को एकत्रित करके पंजाब में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।

प्रश्न 5.
हैदरअली तथा टीपू सुल्तान ने मैसूर को किस प्रकार एक शक्तिशाली राज्य बनाया ?
उत्तर-
हैदरअली तथा टीपू सुल्तान मैसूर के दो प्रसिद्ध शासक थे। उन्होंने अंग्रेजों से ज़बरदस्त टक्कर ली।

हैदरअली-हैदरअली 1761 में मैसूर का शासक बना। उसने अपने शासनकाल में मैसूर के शासन प्रबन्ध को कुशल बनाया। वह सभी धर्मों का सत्कार करता था। उसने बहुत-से हिंदुओं को ऊंचे पदों पर नियुक्त किया। उसने बहुत-से क्षेत्रों को जीत कर मैसूर को एक शक्तिशाली राज्य बनाया। उसने मराठों, हैदराबाद के निज़ाम, कर्नाटक के शासकों तथा अंग्रेजों के साथ अनेक लड़ाइयां लड़ी। हैदरअली तथा अंग्रेज़ों के बीच दो लड़ाइयां हुईं जिन्हें ऐंग्लो-मैसूर युद्ध कहा जाता है। प्रथम ऐंग्लो-मैसूर युद्ध में हैदरअली ने अंग्रेजों को बुरी तरह पराजित किया। 1780 ई० में उनके बीच दूसरा युद्ध हुआ। यह युद्ध अभी चल ही रहा था कि हैदरअली की मृत्यु हो गई।

टीपू सुल्तान-हैदरअली की मृत्यु के पश्चात् उसका पुत्र टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना। अपने पिता की भांति वह भी एक योग्य शासक था। उसने शासन प्रबन्ध में अनेक सुधार किए। उसे मैसूर का टाइगर कहा जाता है। वह एक महान् देशभक्त था। वह भारत में अंग्रेजों के अत्याचारी शासन का अन्त करना चाहता था। इसलिए उसने अपनी सेना का आधुनिकीकरण किया और उसे आधुनिक शस्त्रों से लैस किया। उसने राज्य के उद्योग तथा व्यापार को उन्नत किया। वह 1799 ई० में अंग्रेजों के साथ मैसूर के चौथे युद्ध में लड़ते हुए मारा गया।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 6.
शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की स्थापना करने में क्या योगदान दिया?
उत्तर-
शिवाजी एक महान् देशभक्त थे। वह भारत में मुसलमानों के अत्याचारी शासन को समाप्त करके एक स्वतंत्र हिन्दू राज्य की स्थापना करना चाहते थे। उन्होंने निम्नलिखित विजयों द्वारा स्वतन्त्र मराठा साम्राज्य की स्थापना की –
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 1
आरम्भिक विजयें –
(1) शिवाजी की पहली विजय तोरण दुर्ग (1646 ई०) पर थी। 1648 ई० में उन्होंने सिंहगड, पुरन्धर तथा कोंकण के दुर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया।

(2) उन्होंने जावली के सरदार चन्दराव को मरवा कर जावली को भी अपने अधिकार में ले लिया।

(3) शिवाजी की बढ़ती हुई शक्ति को देख कर बीजापुर का सुल्तान चिन्ता में पड़ गया। उसने शिवाजी के विरुद्ध अपने सेनापति अफ़जल खां को भेजा। अफ़जल खां ने धोखे से शिवाजी को मारने का प्रयत्न किया। परन्तु इस प्रयास में वह स्वयं मारा गया। अन्त में शिवाजी तथा बीजापुर के सुल्तान के बीच सन्धि हो गई।

मुगलों से टक्कर-शिवाजी ने अब मुग़लों के प्रदेशों पर आक्रमण करने आरम्भ कर दिए। औरंगज़ेब ने उनके विरुद्ध अपने मामा शाइस्ता खां को भेजा, परन्तु शिवाजी ने उसे पूना से मार भगाया।

अब औरंगजेब ने राजा जयसिंह और राजकुमार मुअज्जम को भेजा। जयसिंह ने शिवाजी से कई किले छीन लिए और उन्हें सन्धि करने के लिए मजबूर कर दिया। शिवाजी आगरा पहुंचे जहां उन्हें कैद कर लिया गया। परन्तु मौका पाकर शिवाजी आगरा से भाग निकले और अपने प्रदेश महाराष्ट्र पहुंचने में सफल हो गए।
1674 ई० में उन्होंने छत्रपति की उपाधि धारण की। उन्होंने मुग़लों से युद्ध जारी रखे। दक्षिण में उन्होंने जिंजी, बैलौर तथा कनारा के प्रदेश जीत लिए। 1680 ई० में उनका देहान्त हो गया।

(ख) रिक्त स्थान की पूर्ति करो

  1. मुहम्मद शाह ने …………. तक राज्य किया।
  2. मुर्शिद कुली खां ……….. था।
  3. हैदरअली …………. का शासक था।
  4. सआदत खां ………….. ई० में अवध का सूबेदार बना।
  5. शिवाजी …………. साम्राज्य का संस्थापक था।
  6. गोकुल …………… का नेता था।
  7. बन्दा बहादुर का वास्तविक नाम ……

उत्तर-

  1. 1719 से 1748 ई०
  2. बंगाल तथा उड़ीसा का सूबेदार
  3. मैसूर
  4. 1722
  5. मराठा
  6. जाटों
  7. लक्ष्मण दास।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

(ग) निम्नलिखित प्रत्येक कथन के आगे ठीक (✓) अथवा गलत (✗) का चिन्ह लगाएं

  1. फरुखसियर दिल्ली का शासक बना।
  2. मुर्शिद कुली खां अवध का सूबेदार था।
  3. निज़ाम-अल-मुल्क हैदराबाद रियासत का संस्थापक था।
  4. राजा राम शिवाजी का उत्तराधिकारी बना।
  5. 1740 ई० में बालाजी राव तीसरा पेशवा बना।
  6. बदन सिंह गोकुल का उत्तराधिकारी था।
  7. बंदा बहादुर ने पंजाब में सिक्ख राज्य की स्थापना की।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)
  4. (✗)
  5. (✓)
  6. (✗)
  7. (✓)

निम्नलिखित के ठीक जोड़े बनाओ

कॉलम ‘क’ – कॉलम ‘ख’

  1. बहादुर शाह की – 1739 ई० में मृत्यु हो गई।
  2. शुज्जाउद्दीन की – 20 अप्रैल, 1627 ई० को हुआ।
  3. हैदरअली की – 1712 ई० में मृत्यु हो गई।
  4. टीपू सुल्तान को – मैसूर का टाइगर कहा जाता था।
  5. शिवाजी का जन्म – 1782 ई० में मृत्यु हो गई।
  6. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने– 27 अक्तूबर, 1670 ई० को हुआ।
  7. बंदा बहादुर का जन्म – खालसा पन्थ की स्थापना 1699 ई० में की।

उत्तर-

  1. बहादुर शाह की 1712 ई० में मृत्यु हो गई।
  2. शुज्जाउद्दीन की 1739 ई० में मृत्यु हो गई।
  3. हैदरअली की 1782 ई० में मृत्यु हो गई।
  4. टीपू सुल्तान को मैसूर का टाइगर कहा जाता था।
  5. शिवाजी का जन्म 20 अप्रैल, 1627 ई० को हुआ।
  6. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पन्थ की स्थापना 1699 ई० में की।
  7. बंदा बहादुर का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 ई० को हुआ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

PSEB 7th Class Social Science Guide 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
उत्तरकालीन मुगल कौन थे ?
उत्तर-
औरंगज़ेब की मृत्यु के पश्चात् जिन मुग़ल शासकों ने राज्य किया उन्हें उत्तरकालीन मुग़ल कहा जाता है। वे इतने शक्तिहीन तथा अयोग्य थे कि साम्राज्य के दूर के प्रान्तों को इकट्ठा न रख सके।

प्रश्न 2.
अठारहवीं शताब्दी में भारत में स्वतन्त्र राज्यों के उदय का एक कारण लिखो।
उत्तर-
1707 ई० में मुग़ल शासक औरंगजेब की मृत्यु हो गई तो उस के कमज़ोर उत्तराधिकारियों के शासनकाल में अनेक शक्तियों ने स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिए।

प्रश्न 3.
बंगाल में मुर्शिद कुली खां ने अपनी शक्ति को कैसे बढ़ाया ?
उत्तर-
मुर्शिद कुली खां ने बिहार तथा उड़ीसा को अपने राज्य में मिला लिया। इससे उसकी शक्ति का विस्तार हुआ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 4.
बंगाल के शासक मुर्शिद कुली खां के दो उत्तराधिकारियों के नाम लिखो।
उत्तर-
मुर्शिद कुली खां के दो सफल उत्तराधिकारी शुजाउद्दीन तथा अलीवर्दी खां थे।

प्रश्न 5.
अलीवर्दी खां कहां का शासक था ? उसने कितने समय तक शासन किया ?
उत्तर-
अलीवर्दी खां बंगाल का शासक था। उसने 1740 से 1756 ई० तक शासन किया।

प्रश्न 6.
हैदराबाद में स्वतन्त्र राज्य की स्थापना किसने और कब की ?
उत्तर-
हैदराबाद में स्वतन्त्र राज्य की स्थापना निज़ामुलमुल्क आसफजाह ने की। उसने इस राज्य की स्थापना 1724 ई० में की।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 7.
हैदराबाद राज्य के संस्थापक निज़ामुल्मुल्क आसफजाह के कोई दो कार्य लिखो।
उत्तर-

  1. उसने राज्य में शान्ति व्यवस्था स्थापित की और शासन में महत्त्वपूर्ण सुधार किए।
  2. उसने हिन्दुओं तथा मुसलमानों से समान व्यवहार किया।

प्रश्न 8.
हैदराबाद राज्य के पतन का कोई एक कारण लिखो। .
उत्तर-
1748 ई० में हैदराबाद के शक्तिशाली शासक आसफजाह की मृत्यु हो गई। उसके उत्तराधिकारी अयोग्य निकले। परिणामस्वरूप हैदराबाद राज्य का पतन आरम्भ हो गया।

प्रश्न 9.
अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक कौन था ? उसे कौन-सी पदवी मिली हुई थी ?
उत्तर-
अवध के स्वतन्त्र राज्य का संस्थापक सआदत्त खां था। उसे बुरहानुउल मुल्क की पदवी मिली हुई थी।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 10.
अवध के स्वतन्त्र शासक सआदत्त खां का कोई एक महत्त्वपूर्ण कार्य लिखिए।
उत्तर-
अवध के शासक सआदत्त खां ने नई भू-नीति लागू की। इससे किसानों की दशा में बहुत सुधार हुआ।

प्रश्न 11.
सआदत्त खां (अवध का शासक)का उत्तराधिकारी कौन था ? उसकी किसी एक सफलता का वर्णन करो।
उत्तर-
सआदत्त खां का उत्तराधिकारी उसका भतीजा और दामाद सफदरजंग था। उसने इलाहाबाद क्षेत्र को अपने राज्य में मिलाया।

प्रश्न 12.
अठारहवीं शताब्दी के दो प्रसिद्ध विदेशी आक्रमणकारियों के नाम बताओ। उन्होंने भारत पर कबकब आक्रमण किए ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी के दो प्रसिद्ध आक्रमणकारी थे-नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली। नादिरशाह ने 1739 ई० में भारत पर आक्रमण किया। अहमदशाह अब्दाली ने 1748 से 1758 तक पांच बार भारत पर आक्रमण किया।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 13.
‘मिसल’ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
18वीं शताब्दी में पंजाब में सिक्ख सरदारों ने अपने छोटे-छोटे स्वतन्त्र जत्थे बना लिए थे। इन्हें मिसल कहा जाता था। इनकी कुल संख्या 12 थी।

प्रश्न 14.
पंजाब में किस शासक ने मिसलों का अन्त किया ? उसका सम्बन्ध किस मिसल से था ?
उत्तर-
पंजाब में रणजीत सिंह ने मिसलों का अन्त करके एक शक्तिशाली राज्य की स्थापना की। वह सुकरचकिया मिसल से सम्बन्ध रखता था।

प्रश्न 15.
मैसूर राज्य के दो स्वतन्त्र शासकों के नाम बताओ।
उत्तर-
मैसूर राज्य के दो स्वतन्त्र शासक हैदरअली और टीपू सुल्तान थे।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 16.
पेशवा कौन थे ? सबसे पहला पेशवा कौन था ? .
उत्तर-
मराठा राज्य में प्रधानमन्त्री को पेशवा कहते थे। साहूजी के अधीन पेशवा मराठा राज्य के वास्तविक शासक बन गए। सबसे पहला पेशवा बालाजी विश्वनाथ था।

प्रश्न 17.
बालाजी विश्वनाथ कब पेशवा बना ? उसका कोई एक काम लिखो।
उत्तर-
बालाजी विश्वनाथ 1713 ई० में पेशवा बना। उसने साहूजी की माता को मुग़ल कैद से रिहा करवाया।

प्रश्न 18.
बालाजी विश्वनाथ के दो उत्तराधिकारियों के नाम बताओ।
उत्तर-
बालाजी विश्वनाथ के दो उत्तराधिकारी थे :–
बाजीराव प्रथम तथा बालाजी बाजीराव।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 19.
पेशवा बाजीराव प्रथम का कोई एक कार्य लिखो।
उत्तर-
पेशवा बाजीराव प्रथम ने अनेक प्रदेश विजय किए। उसने मराठा राज्य का विस्तार दिल्ली तक कर दिया।

प्रश्न 20.
मराठों की किसी एक कमज़ोरी का वर्णन करो।
उत्तर-
मराठा सरदार आपस में ईर्ष्या और द्वेष रखते थे। यह कमज़ोरी बाद में उनके पतन का कारण बनी।

प्रश्न 21.
जाटों के नेताओं के नाम लिखो जिन्होंने मुगलों से संघर्ष किया।
उत्तर-
मुग़लों के साथ संघर्ष करने वाले मुख्य जाट नेता गोकुल, राजाराम तथा चूड़ामणि (चूड़ामन) थे।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 22.
शिवाजी का जन्म कब हुआ ?
उत्तर-
शिवाजी का जन्म 1627 ई० में हुआ।

प्रश्न 23.
शाइस्ता खां कौन था ?
उत्तर-
शाइस्ता खां औरंगज़ेब का मामा था। वह एक योग्य सेनानायक था। औरंगज़ेब ने उसे दक्षिण का गवर्नर नियुक्त किया था।

प्रश्न 24.
पुरन्धर की सन्धि के बारे में लिखो।
उत्तर-
पुरन्धर की सन्धि मुग़ल सेनानायक मिर्जा राजा जयसिंह तथा शिवाजी के बीच हुई। इस सन्धि के अनुसार शिवाजी ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली। उन्हें अपने 23 किले मुग़लों को देने पड़े।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 25.
शिवाजी के विरुद्ध भेजे गए बीजापुर के अधिकारी का क्या नाम था और उसे किसने भेजा था ?
उत्तर-
शिवाजी के विरुद्ध भेजे गए बीजापुर के अधिकारी का नाम अफ़जल खां था। उसे बीजापुर के सुल्तान ने भेजा था।

प्रश्न 26.
शिवाजी राजगद्दी पर कब बैठे और उन्होंने कौन-सी उपाधि धारण की ?
उत्तर-
शिवाजी 1674 ई० में राजगद्दी पर बैठे और उन्होंने छत्रपति की उपाधि धारण की।

प्रश्न 27.
बन्दा बहादुर के समय में सरहिन्द का फौजदार कौन था और उसे बन्दा बहादुर ने किस लड़ाई में मारा ?
उत्तर-
बन्दा बहादुर के समय में सरहिन्द का फौजदार वज़ीर खां था। उसे बन्दा बहादुर ने चप्परचिड़ी के युद्ध में मारा।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 28.
शिवाजी ने अफ़ज़ल खां का वध कैसे किया ?
उत्तर-
अफ़जल खां शिवाजी को धोखे से मारना चाहता था। इसलिए उसने शिवाजी को अकेले मिलने के लिए कहा और साथ ही यह भी कहा कि वह उनसे सन्धि करना चाहता है, परन्तु शिवाजी उसकी चाल भांप गए। वे अपने कपड़ों के नीचे कवच पहन कर तथा बिछुआ छिपा कर अफ़जल खां से मिलने जा पहुँचे। दोनों आपस में गले मिले।

अफ़जल खां ने धोखे से शिवाजी के पेट में छुरा घोंपने की कोशिश की, परन्तु शिवाजी ने शीघ्र ही अपना बिछुआ उसके पेट में घोंप कर उसे मार डाला।

प्रश्न 29.
शिवाजी का शाइस्ता खां के साथ टकराव का वर्णन करें।
उत्तर-
मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब शिवाज़ी की बढ़ती हुई शक्ति का दमन करना चाहता था। उसने अपने मामा शाइस्ता खां को दक्षिण का सूबेदार नियुक्त किया। शाइस्ता खां ने दो-तीन वर्षों में ही मराठों के कई दुर्ग विजय कर लिए और पूना पर अधिकार कर लिया। शाइस्ता खां को वर्षा के कारण कुछ समय पूना में व्यतीत करना पड़ा। शिवाजी ने अवसर का लाभ उठाते हुए 400 सैनिकों सहित एक बारात के रूप में पूना में प्रवेश किया। आधी रात के समय उन्होंने शाइस्ता खां के निवास स्थान पर आक्रमण कर दिया। इस आक्रमण में शाइस्ता खां का बेटा और उसके 40 सैनिक मारे गए। इस विजय से शिवाजी के सम्मान में बड़ी वृद्धि हुई।

प्रश्न 30.
पानीपत का तीसरा युद्ध कब और किस-किस के बीच हुआ ? इस युद्ध में किस की विजय हुई ?
उत्तर-
पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 ई० में अहमदशाह अब्दाली तथा मराठों के बीच हुआ। इस युद्ध में अहमदशाह अब्दाली की विजय हुई।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 31.
पानीपत के तीसरे युद्ध का मुख्य कारण क्या था ?
उत्तर-
मराठों ने उत्तरी भारत में पंजाब तक अपना विस्तार कर लिया था। अफ़गानिस्तान का शासक अहमदशाह अब्दाली पंजाब के अधिकांश क्षेत्र को अपने साम्राज्य का अंग मानता था। अतः उसने मराठों को दण्ड देने के लिए उनके साथ पानीपत के मैदान में युद्ध किया।

प्रश्न 32.
पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठों की पराजय का कोई एक कारण लिखो।
उत्तर-
युद्ध में मराठों की सैनिक व्यवस्था ठीक नहीं थी। अब्दाली की चतुराई से मराठों को दक्षिण दिशा से कोई सहायता न मिल पाई। अतः वे पराजित हुए।

प्रश्न 33.
पानीपत के तीसरे युद्ध का एक परिणाम लिखिए।
उत्तर-
इस युद्ध से मराठा शक्ति का अन्त हो गया। उनके अनेक वीर सैनिक तथा सेनापति मारे गए।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 34.
पेशवा बालाजी बाजीराव की मृत्यु कब हुई ? उसकी मृत्यु का क्या कारण था ?
उत्तर-
पेशवा बालाजी बाजीराव की मृत्यु 1761 ई० में हुई। पानीपत के तीसरे युद्ध में मसठों की पराजय उसकी मृत्यु का मुख्य कारण था।

प्रश्न 35.
उत्तरकालीन मुग़लों की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर-
औरंगजेब के अयोग्य उत्तराधिकारी उत्तरकालीन मुग़ल कहलाते हैं। इनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है –

बहादुर शाह प्रथम (1707-1712)-मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ने छ: वर्ष तक राज्य किया। परन्तु वह मराठों तथा सिक्खों पर काबू न पा सका। 1712 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

जहांदार शाह-बहादुर शाह प्रथम की मृत्यु के बाद उसका पुत्र जहांदार शाह राजगद्दी पर बैठा। उसने कुछ ही महीनों तक शासन किया। उसके राज्यकाल में दो सैयद भाई हुसैन अली तथा अब्दुल बहुत ही शक्तिशाली हो गए थे। वे जहांदार शाह को अपने हाथों की कठपुतली बनाना चाहते थे। परन्तु वे अपने उद्देश्य में सफल न हो सके। अत: उन्होंने जहांदार शाह का वध कर दिया।

फरुख्सीयर (1713-1719 ई०)-जहांदार की मृत्यु के पश्चात् उसका भतीजा फरुख्सीयर शासक बना। वह केवल नाम मात्र का ही राजा था। राज्य का वास्तविक शासन हुसैन अली तथा अब्दुल के हाथ में ही था, जिन्हें सैयद भाई कहा जाता था। 1719 ई० में सैयद भाइयों ने उसका भी वध कर दिया।

मुहम्मदशाह-मुहम्मदशाह अगला प्रसिद्ध मुग़ल शासक था। उसने 1719 से 1748 ई० तक शासन किया। उसके शासनकाल में सैयद भाइयों का प्रभाव समाप्त हो गया। परन्तु उसने साम्राज्य को संगठित करने का प्रयास नहीं किया। अतः शक्तिशाली गवर्नरों ने देश के भिन्न-भिन्न भागों में अपने स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिए।

बहादुरशाह ज़फ़र-बहादुरशाह ज़फ़र अन्तिम मुग़ल बादशाह था। उसे 1858 ई० में अंग्रेज़ों ने गद्दी से उतार कर मुग़ल साम्राज्य का अन्त कर दिया।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 36.
बंगाल राज्य के उत्थान और पतन का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
बंगाल मुग़ल साम्राज्य का एक समृद्ध प्रान्त था। यहां का सूबेदार मुर्शिद कुली खां था। औरंगज़ेब की मृत्यु के पश्चात् बंगाल पर मुगलों का नियन्त्रण कमज़ोर पड़ गया। अवसर का लाभ उठा कर मुर्शिद कुली खां ने बंगाल में एक स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिया। विभिन्न शासकों के अधीन बंगाल राज्य के विकास का वर्णन इस प्रकार है –

1. मुर्शिद कुली खां-मुर्शिद कुली खां बंगाल राज्य का संस्थापक था। उसने 1714 से 1718 ई० के बीच बिहार तथा उड़ीसा को अपने राज्य में मिला कर अपनी शक्ति और भी बढ़ा ली।

2. अन्य शासक-बंगाल के अन्य प्रसिद्ध शासक शुजाउद्दीन (1727-39), सरफराज (1739) तथा अलीवर्दी खां (1740-56 ई०) थे। इन सभी शासकों ने राज्य में शान्ति व्यवस्था स्थापित की। उन्होंने कृषि, व्यापार और उद्योगों की उन्नति के लिए भी कार्य किया। इस प्रकार बंगाल राज्य काफ़ी समृद्ध हो गया।

3. राज्य का पतन-बंगाल के शासकों ने राज्य की समृद्धि के लिए कार्य अवश्य किए, परन्तु राज्य की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान न दिया। परिणामस्वरूप बंगाल राज्य का पतन हो गया।

प्रश्न 37.
हैदराबाद का स्वतन्त्र राज्य के रूप में उदय एवं विकास का वर्णन कीजिए। इस राज्य का पतन कैसे हुआ?
अथवा
हैदराबाद के शासक निजामुलमुल्क आसफजाह की प्रमुख सफलताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
हैदराबाद मुग़ल साम्राज्य के अधीन दक्षिणी भारत का एक प्रान्त था। 1724 ई० में वहां निज़ामुलमुल्क आसफजाह ने स्वतन्त्र राज्य की स्थापना की। उसने तत्कालीन मुग़ल शासक मुहम्मद शाह के प्रति अपनी स्वामी भक्ति अवश्य दिखाई परन्तु यह सब कुछ दिखावा मात्र ही था।

आसफजाह की सफलताएं-आसफजाह एक सफल शासक था। उसने राज्य में शान्ति-व्यवस्था स्थापित की और शासन-प्रबन्ध में अनेक सुधार किए। उसने अपनी हिन्दू प्रजा के साथ अच्छा व्यवहार किया। उसने अपनी सेना को भी शक्तिशाली बनाया और शक्तिशाली मराठों से अपने राज्य की रक्षा की। 1748 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।

राज्य का पतन-आसफजाह के उत्तराधिकारी बड़े कमज़ोर और अयोग्य थे। अत: वे अधिक समय तक अपनी स्वतन्त्रता की रक्षा न कर सके।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 38.
बन्दा बहादुर पर नोट लिखो।
उत्तर-
बन्दा बहादुर का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 ई० को पुंछ (जम्मू) में हुआ था। उसका वास्तविक नाम लक्ष्मणदास था। वह दक्षिण में गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में आया। गुरु जी से प्रभावित होकर वह स्वयं को गुरु जी का बन्दा कहने लगा। गुरु साहिब ने उसे ‘बहादुर’ की उपाधि दी। इस प्रकार वह बन्दा बहादुर कहलाने लगा। गुरु जी का आदेश पा कर वह पंजाब आया और उसने सिक्खों का नेतृत्व किया। उसने मुग़लों के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया। उसने सरहिन्द के फौजदार वज़ीर खां से गुरु पुत्रों की हत्या का बदला लिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। वास्तव में उसने हर उस स्थान को जीतने का प्रयास किया जहां के शासकों ने गुरु जी को कष्ट देने का प्रयास किया था। परन्तु अन्त में वह पकड़ा गया। 9 जून, 1716 ई० में उसे तथा उसके 25 प्रमुख साथियों को दिल्ली में शहीद कर दिया गया। उसकी शहीदी पंजाब के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी।

प्रश्न 39.
औरंगजेब के शासनकाल में जाटों तथा राजपूतों के विद्रोह के बारे में लिखो।
उत्तर-
औरंगजेब का शासनकाल अत्यन्त अशान्तिपूर्ण रहा। इसका कारण था औरंगजेब की अनुचित नीतियों के कारण होने वाले विद्रोह। इन विद्रोहों का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है –

1. जाट-जाटों ने 1669 ई० में विद्रोह किया। उन्होंने मुग़ल फौजदार को मार डाला। सम्राट ने जाटों के विद्रोह को बड़ी कठोरता से दबाया। परन्तु जाट औरंगज़ेब के शासनकाल में उत्पात मचाते रहे और सम्राट् उन्हें न रोक सका।

2. राजपूत-अकबर के समय में राजपूतों और मुग़लों में मित्रतापूर्ण सम्बन्ध थे। परन्तु औरंगजेब ने अपनी कट्टर धार्मिक नीति के कारण उन्हें भी अपना विरोधी बना लिया। फलस्वरूप औरंगज़ेब को मेवाड़ और मारवाड़ के राजपूतों से एक लम्बे युद्ध में उलझना पड़ा। मारवाड़ के वीर दुर्गादास ने छापामार लड़ाई द्वारा मुग़लों को बड़ी क्षति पहुँचाई।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 40.
मराठों (शिवाजी) की शासन व्यवस्था की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
शिवाजी ने एक स्वतन्त्रं मराठा राज्य स्थापित किया था। उन्होंने अपने राज्य में एक कुशल शासन-व्यवस्था की नींव रखी। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित थीं –

1. राजा-सारे शासन का मुखिया राजा था। उसे ‘छत्रपति’ कहते थे। राजा के अनेक अधिकार थे। वह अपनी इच्छा से कोई भी शासन-सम्बन्धी कार्य कर सकता था। उसने अपनी सहायता के लिए अष्ट-प्रधान नामक परिषद् नियुक्त की हुई थी।

2. अष्ट-प्रधान-शिवाजी ने अपनी सहायता के लिए आठ मन्त्री नियुक्त किए हुए थे। इन मन्त्रियों के समूह को अष्ट-प्रधान कहा जाता था। सबसे बड़े मन्त्री को पेशवा कहते थे।

3. भूमि का प्रबन्ध-सैनिकों के वेतन तथा अन्य खर्चों के लिए शिवाजी ने नए सिरे से भूमि का प्रबन्ध किया। उन्होंने सारी भूमि को फिर से नपवाया और उपज के अनुसार भूमिकर निश्चित किया। मराठों की कर व्यवस्था में चौथ तथा सरदेशमुखी दो प्रमुख कर थे। चौथ नामक कर मुग़ल क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षा के बदले वसूल किया जाता था।

4. न्याय प्रबन्ध-शिवाजी बड़े न्यायप्रिय थे। उन्होंने न्याय के लिए पंचायतों की व्यवस्था की।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 2

सही उत्तर चुनिए :

प्रश्न 1.
मैसूर के शासक हैदरअली के उत्तराधिकारी को मैसूर का टाइगर’ कहा जाता है। उसका नाम बताइए।
(i) टीपू सुल्तान
(ii) शुजाउद्दौला
(iii) सफदरजंग।
उत्तर-
(i) टीपू सुल्तान।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना

प्रश्न 2.
चित्र में दिखाए गए मराठा शासक की बढ़ती हुई शक्ति को नष्ट करने का प्रयास किसने किया?
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 3
(i) अंग्रेजों ने
(ii) हैदर अली ने
(iii) औरंगजेब ने।
उत्तर-
(iii) औरंगजेब ने।

प्रश्न 3.
सवाई राजा जयसिंह ने निम्न में से क्या बनवाया?
(i) जंतर-मंतर
(ii) विशाल मन्दिर
(iii) सुन्दर राजदरबार।
उत्तर-
(i) जंतर-मंतर।

प्रश्न 4.
नीचे अन्तिम मुगल बादशाह का चित्र दिया गया है। इसका क्या नाम था ?
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 17 18वीं शताब्दी में भारत में नए राज्यनीतिक शक्तियों की स्थापना 4
(i) जहांदार शाह
(ii) बहादुर शाह ज़फ़र
(iii) मुहम्मद शाह।
उत्तर-
(i) बहादुर शाह जफ़र।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

Punjab State Board PSEB 7th Class Agriculture Book Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Agriculture Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

PSEB 7th Class Agriculture Guide फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Textbook Questions and Answers

(क) एक-दो शब्दों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
धान-गेहूँ फसली चक्र वाले खेतों में आने वाले किसी एक खरपतवार का नाम लिखो।
उत्तर-
गुल्ली डंडा।

प्रश्न 2.
गेहूँ में चौड़ी पत्ती वाला कौन-सा खरपतवार आता है ?
उत्तर-
मैना, मैनी, तकला, जंगली पालक।

प्रश्न 3.
धान में कौन-सा खरपतवार आता है ?
उत्तर-
सवांक, मोथा, घरिल्ला, सनी।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 4.
फसल और खरपतवार उगने से पहले कौन-से खरपतवार-नाशक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
ट्रेफलान।

प्रश्न 5.
खड़ी फसल में जब खरपतवार उगे हों, तब कौन-से खरपतवार-नाशक का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-
टोपिक।

प्रश्न 6.
सुरक्षित हुड लगाकर कौन-से खरपतवार-नाशक का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
राऊंड अप।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 7.
गुडाई में काम आने वाले दो खेती यंत्रों के नाम लिखो।
उत्तर-
खुरपा, कसौला, व्हील हो, त्रिफाली।

प्रश्न 8.
खरपतवार को काबू करने के लिए उपयोग में आने वाले कोई एक काश्तकारी ढंग का नाम लिखो।
उत्तर-
फसलों की अदला-बदली।

प्रश्न 9.
खरपतवार-नाशकों के छिड़काव के लिए उपयोग में आने वाली नोज़ल का नाम लिखो।
उत्तर-
फ्लैट फैन या फ्लड जैट नोज़ल।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 10.
क्या एक खेत में लगातार एक ही किस्म के खरपतवार-नाशक का छिड़काव करना चाहिए ?
उत्तर-
एक ही किस्म के खरपतवार-नाशकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए।

(ख) एक-दो वाक्यों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
खरपतवार क्या होते हैं ?
उत्तर-
मुख्य फसल में उगे अवांछित, पौधे जो फसल की काश्त के साथ उग जाते हैं तथा फसल का भोजन, पानी तथा प्रकाश खींच लेते हैं उन्हें खरपतवार कहा जाता है।

प्रश्न 2.
घास वाले खरपतवारों की पहचान कैसे की जाती है ?
उत्तर-
घास वाले खरपतवारों के पत्ते लम्बे, पतले तथा नाडियां सीधी लम्बी-लम्बी होती हैं।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 3.
चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों की पहचान कैसे की जाती है ?
उत्तर-
इन खरपतवारों के पत्ते चौड़े होते हैं तथा नाड़ियों का समूह होता है।

प्रश्न 4.
फसलों में खरपतवारों की किस्म और बहुलता किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
खरपतवारों की किस्म तथा बहुलता फसली चक्र, खादों की मात्रा, पानी के साधन, मिट्टी की किस्म पर निर्भर करती है।

प्रश्न 5.
गुडाई करने में कौन-सी मुश्किलें आती हैं ?
उत्तर-
गुडाई महंगी पड़ती है, समय भी अधिक लगता है, कई बार गुडाई करने के लिए मज़दूर नहीं मिलते तथा सावन की ऋतु में वर्षा के कारण गुडाई करनी संभव नहीं होती।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 6.
खरीफ के खरपतवार बड़ी समस्या क्यों पैदा करते हैं ?
उत्तर-
खरीफ की फसलों के समय वर्षा अधिक होने के कारण पानी की कमी नहीं आती तथा खरपतवार बढ़िया ढंग से फलते-फूलते हैं, इसलिए एक बड़ी समस्या पैदा करते हैं।

प्रश्न 7.
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव कैसे मौसम में करना चाहिए ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव शांत मौसम वाले दिन करना चाहिए तथा जब हवा न चलती हो।

प्रश्न 8.
गेहूँ में गुल्ली डंडे की रोकथाम काश्तकारी ढंग से कैसे की जाती है ?
उत्तर-
गेहूँ में गुल्ली डंडे की रोकथाम काश्तकारी ढंग से की जा सकती है। इसमें फसलों की अदला-बदली कर के इस खरपतवार की रोकथाम की जा सकती है।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 9.
रबी की फसलों में आने वाले खरपतवारों के नाम लिखो।
उत्तर-
रबी की फसलों में गुल्ली डंडा, जौंघर, जंगली जवी, मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, बटन बूटी, जंगली मटरी, बिल्ली बूटी, तकला, पित्त पापड़ा आदि।

प्रश्न 10.
खरपतवार फसलों से कौन-कौन से ऊर्जा-स्रोतों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं ?
उत्तर-
खरपतवार खादों, पानी, सूर्य के प्रकाश, भोजन आदि ऊर्जा स्रोतों के लिए फसलों से प्रतिस्पर्धा (मुकाबला) करते हैं।

(ग) पाँच-छ: वाक्यों में उत्तर दें:

प्रश्न 1.
फसलों में खरपतवारों की रोकथाम करना क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर-
फसलों में कुछ अवांछित तथा अनावश्यक पौधे अपने आप उग पड़ते हैं जिन्हें खरपतवार कहा जाता है। इनका खेतों में मुख्य फसल के साथ उगना हानिकारक होता है। यह मुख्य फसल के साथ खादों, पानी, सूर्य के प्रकाश पोषक तत्त्वों को लेने के लिए मुकाबला करते हैं। खरपतवारों के कारण मुख्य फसलों की गुणवत्ता पर खराब प्रभाव पड़ता है तथा इसकी पैदावार भी कम हो जाती है। इसलिए फसलों में नदीनों (खरपतवारों) की रोकथाम करना ज़रूरी है।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 2.
काश्तकारी ढंग से खरपतवारों को कैसे काबू किया जा सकता है ?
उत्तर-
खरपतवारों को काबू करने के लिए कई बार काश्तकारी ढंग का प्रयोग किया जाता है। कई खरपतवार एक ही फसल के बोने पर आते हैं, ऐसा इसलिए होता है कि खरपतवार की प्राथमिक आवश्यकताएं इसी मुख्य फसल से पूरी होती हैं। जैसे गेहूँ की फसल में गुल्ली डंडा। ऐसे खरपतवार की रोकथाम के लिए फसलों की अदला-बदली करके बुआई की जाती है। अधिक फैलने वाली फसलों को बोकर तथा उनकी दोहरी रौणी बोई जाए तो भी खरपतवार कम होते हैं। खाद को छींटा (छट्टा) की बजाय पोरा करने से, दोनों ओर बिजाई करने से, सियाड़ों में फासला घटाने से भी नदीनों पर काबू करने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 3.
खरपतवार-नाशक क्या होते हैं और इनके उपयोग के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
यह रासायनिक दवाइयां होती हैं, जो खरपतवारों को मार देती हैं । यह खरपतवारों की रोकथाम का एक प्रभावशाली ढंग है। इसमें फसल में खरपतवार जमने से पहले ही मारे जा सकते हैं, इस तरह यह फसल के साथ खाद, हवा, पानी, प्रकाश, पोषक तत्त्वों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के योग्य नहीं रहते तथा इस तरह फसल की पैदावार भी बढ़ती है और गुणवत्ता भी परन्तु इन दवाइयों का अनावश्यक प्रयोग नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 4.
उपयोग के समय के अनुसार खरपतवार-नाशकों की कितनी श्रेणियां हैं ?
उत्तर-
उपयोग के समय के अनुसार खरपतवार-नाशक की चार श्रेणियां होती हैं—

  1. बुआई के लिए खेत तैयार करके फसल बोने से पहले उपयोग
  2. फसल उगने से पहले उपयोग
  3. खड़ी फसल में उपयोग
  4. खाली स्थान पर उपयोग।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 5.
खरपतवार-नाशकों का छिड़काव करते समय कौन-सी सावधानियां रखनी चाहिएं ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशक के छिड़काव के समय सावधानियां—

  1. खरपतवारों के प्रयोग के समय हाथों में दस्ताने अवश्य पहनने चाहिएं।
  2. खरपतवार दवाइयों के छिड़काव के लिए सदा फ्लैट फैन या फ्लड जैट नोज़ल का प्रयोग करना चाहिए।
  3. खरपतवार-नाशकों का प्रयोग शांत मौसम वाले दिन ही करना चाहिए।
  4. फसल उगने से पहले प्रयोग किए जाने वाले खरपतवार-नाशकों का प्रयोग सुबह या शाम के समय ही करना चाहिए, दोपहर के समय नहीं करना चाहिए।
  5. खरपतवार-नाशकों को बच्चों से दूर ताले में रखना चाहिए।
  6. खरपतवार-नाशकों को खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य ही लें।
  7. खरपतवार-नाशकों का घोल छिड़काव वाले पम्प में डालने से पहले ही तैयार करना चाहिए।
  8. खरपतवार-नाशकों का छिड़काव सारी फसल के ऊपर एक जैसा करना चाहिए।

Agriculture Guide for Class 7 PSEB फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम Important Questions and Answers

बहुत छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
घास वाले खरपतवारों में नाड़ियां कैसी होनी चाहिए ?
उत्तर-
लम्बी तथा सीधी।

प्रश्न 2.
चौड़े पत्ते वाले खरपतवार की नाड़ियां कैसी होती हैं ?
उत्तर-
इनमें नाड़ियों का समूह होता है।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 3.
खरीफ की फसल में खरपतवारों के कारण पैदावार कितनी कम हो जाती है ?
उत्तर-
20-25%.

प्रश्न 4.
कद् किए धान के खेत में कुछ खरपतवार बताओ।
उत्तर-
संवाक, मोथा, कनकी।

प्रश्न 5.
खरीफ की कुछ अन्य फसलों में खरपतवार बताएं।
उत्तर-
खब्बल घास, कौआ मक्की, सलारा, मकरा।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 6.
धान फसली चक्र वाले खेतों में कौन-सा खरपतवार अधिक होता है ?
उत्तर-
गुल्ली डंडा/सिट्टी खरपतवार।

प्रश्न 7.
रबी में दूसरे फसली चक्रों में कौन-से खरपतवार होते हैं ?
उत्तर-
जौंधर/जंगली जई आदि।

प्रश्न 8.
गेहूँ में कौन-से खरपतवार देखे जा सकते हैं ?
उत्तर-
मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, तकला आदि।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 9.
खरपतवारों की रोकथाम के लिए कितने ढंग हैं ?
उत्तर-
तीन, गुडाई, काश्तकारी ढंग, खरपतवार-नाशक दवाइयां।

प्रश्न 10.
खरपतवार पैदा होने से पहले प्रयोग किए जाने वाले खरपतवारनाशकों के नाम बताओ।
उत्तर-
ट्रेफ्लान।

प्रश्न 11.
बुवाई से 24 घण्टे के अन्दर-अन्दर छिड़काव किए जाने वाले नदीननाशक बताओ।
उत्तर-
स्टोंप।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 12.
खड़ी फसल में नदीनों के लिए कौन-सी दवाई का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर-
टोपिक।

प्रश्न 13.
सुरक्षित हुड्ड लगा कर कौन-सा खरपतवार-नाशक प्रयोग किया जाता
उत्तर-
राऊंड अप।

प्रश्न 14.
फसल उगने से पहले खरपतवार-नाशक किस समय छिड़कना चाहिए ?
उत्तर-
सुबह या शाम के समय।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
धान-गेहूँ फसली चक्र में गुल्ली डंडा के फलने-फूलने का क्या कारण
उत्तर-
धान-गेहूँ का फसली चक्र इसके फलने-फूलने के लिए अनुकूल परिस्थिति देता है।

प्रश्न 2.
खरपतवार की गुडाई करके काबू करने के लिए कौन-से यन्त्र प्रयोग किए जाते हैं ?
उत्तर-
खुरपा, कसौला, व्हील हो, त्रिफाली या ट्रैक्टर से चलने वाले हल, टिल्लर।

प्रश्न 3.
खाद डालने का ढंग, बुआई का ढंग आदि से खरपतवारों की रोकथाम करने का क्या ढंग हैं ?
उत्तर-
खाद को छींटे के स्थान पर पोरे से डालना, दोनों तरफ बुआई करना, सियाडों में फासला कम करना आदि से खरपतवारों की रोकथाम की जा सकती है।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

प्रश्न 4.
खरपतवार-नाशक क्या हैं ?
उत्तर-
खरपतवार-नाशक रासायनिक दवाइयां हैं जो खरपतवारों को मार देती हैं, परन्तु मुख्य फसल को नुकसान नहीं करतीं।

प्रश्न 5.
खरपतवार-नाशकों का प्रयोग किसकी सिफ़ारिश से तथा कितना तथा कब करना चाहिए ?
उत्तर-
इन दवाइयों का प्रयोग पी०ए०यू० लुधियाना की सिफारिशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर तथा उचित मात्रा में समय पर ही करना चाहिए। इनके अनावश्यक उपयोग से बचना चाहिए।

बड़े उत्तर वाला प्रश्न

प्रश्न-
खरपतवारों की रोकथाम के दो ढंग विस्तारपूर्वक बताएं।
उत्तर-
खरपतवारों की रोकथाम के लिए गुडाई, काश्तकारी ढंग, खरपतवार-नाशकों का प्रयोग किया जाता है।
गुडाई-खरपतवारों को गुडाई करके समाप्त किया जा सकता है। इस कार्य के लिए खुरपा, कसौली, व्हील हो, त्रिफाली, ट्रैक्टर से चलने वाले हल का प्रयोग किया जाता है। परन्तु गुडाई सही समय तथा सही ढंग से करनी चाहिए। इस ढंग के कुछ नुकसान भी हैं; जैसे-कई बार गुडाई करने के लिए मज़दूर नहीं मिलते, वर्षा में गुडाई करनी मुश्किल होती है। यह ढंग महंगा है तथा समय भी अधिक लगता है।

खरपतवार-नाशकों का प्रयोग-ये रासायनिक दवाइयां हैं जो खरपतवारों को नष्ट कर देती हैं परन्तु मुख्य फसल को हानि नहीं पहुंचाते। भिन्न-भिन्न फसलों में भिन्न-भिन्न खरपतवारों के लिए तथा खरपतवारों के उगने के समय के अनुसार भिन्न-भिन्न खरपतवारनाशकों का प्रयोग किया जाता है। यह दवाइयां कुछ सीमा तक ज़हरीली होती हैं तथा इनका प्रयोग पी.ए.यू. लुधियाना की सिफारिशों के अनुसार ही आवश्यकता अनुसार करना चाहिए। एक ही खरपतवार-नाशक का एक ही खेत में लगातार प्रयोग नहीं करना चाहिए।

PSEB 7th Class Agriculture Solutions Chapter 5 फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम

फसलों में खरपतवार और उनकी रोकथाम PSEB 7th Class Agriculture Notes

  • मुख्य फसल में उगे अवांछित पौधे जो फसल की काश्त के साथ उगते हैं तथा भोजन खाते हैं, उन्हें खरपतवार कहते हैं।
  • खरपतवार के कारण फसल की पैदावार कम होती है तथा इसकी गुणवत्ता पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • खरपतवार को दो भागों में बांटा गया है।
  • घास वाले खरपतवार के पत्ते लम्बे, पतले तथा नाड़ियां सीधी तथा लम्बी होती
  • चौड़े पत्तों वाले खरपतवार के पत्ते चौड़े तथा नाड़ियों का समूह होता है।
  • सावन में वर्षा आम होती रहती है इसके कारण खरपतवार एक बड़ी समस्या पैदा करते हैं। इनको पानी की कोई कमी नहीं होती तथा अधिक फलते-फूलते हैं।
  • खरीफ ऋतु में कद्रू किए धान के खेत में खरपतवार हैं-घरिल्ला, सावंकी, सवांक, सनी, कनकी, मोंथा आदि।
  • खरीफ ऋतु के अन्य खरपतवार हैं-बलवती घास, कुत्ता घास, मकरा, मधाना, अरैकनी घास, खब्बल घास, कौआ मक्की, बरु, डिला, सलारा, माकरू बेल
    चौलाई, तांदला आदि।
  • रबी की फसलों में गुल्ली डंडा, जौंधर, जंगली जवी, मैना, मैनी, जंगली पालक, कंटीली पालक, बटन बूटी, जंगली मटरी, बिल्ली बूटी, तकला, पित्त पापड़ा आदि।
  • गुल्ली डंडा गेहूँ में बहुत नुकसान करता है।
  • खरपतवार की रोकथाम के ढंग हैं-गुडाई करना, फसलों की अदला-बदली, खरपतवार-नाशक दवाइयों का प्रयोग।
  • स्टौंप जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग बुवाई के 24 घण्टे के अन्दर-अन्दर किया जाता है।
  • टोपिक जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग जब खड़ी फसल में खरपतवार उगे हों, तब किया जाता है।
  • राऊंड अप जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग नोज़ल को ढककर सीधे ही खरपतवार पर किया जाता है।
  • कई खरपतवारनाशक ज़हरीले होते हैं। इसलिए इनका प्रयोग करते समय बहुत सावधानी रखनी चाहिए।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

Punjab State Board PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं Important Questions and Answers.

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पौधों में कायिक जनन का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर-
पौधों में कायिक जनन मुख्य रूप से दो प्रकार से होता है
(i) प्राकृतिक और
(ii) कृत्रिम कायिक जनन।

(i) प्राकृतिक कायिक जनन-प्राकृतिक कायिक जनन निम्नवत् होता है –
(क) जड़ों द्वारा-कुछ पौधों की जड़ों, जैसे शकरकंद में कलिकाएं (आँक) मौजूद होती हैं। शकरकंद को भूमि में गाड़ देने से कलिकाओं के कोंपल फूटते हैं, जिससे नया पौधा बनता है।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 1
(ख) तने द्वारा- कुछ तनों से भी आँक या कलिकाएं मौजूद होती हैं जैसे आलू, अदरक आदि। इनको भूमि में बो देने से कलिकाओं से कोंपल निकल आती है।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 2
(ग) पत्तियों द्वारा-ब्रायोफिलम, बिगोनिया आदि की पत्तियों से पर्ण-कलिकाएं निकल आती हैं, जो पत्तियों से विलग होकर भूमि पर गिर कर नये पौधे को जन्म देती हैं।

(ii) कृत्रिम कायिक जनन-यह मुख्यत: निम्नलिखित प्रकार का होता है-
(क) लेयरिंग-कुछ पौधों की टहनियों को झुकाकर भूमि के भीतर मिट्टी में दबा देते हैं। कुछ दिन बाद मिट्टी में दबी टहनी में से कोंपल फूट आते हैं। उदाहरण-चमेली, अंगूर आदि।

(ख) कलम-गुलाब, गुड़हल, चमेली आदि की ऐसी शाखा काट लेते हैं जिनमें दो पर्व हों। इनको भूमि में गाड़ देने से पर्वो से अपस्थानिक जड़ें निकल आती हैं और कक्षकलिकाओं से कोंपल फूटने लगते हैं।

(ग) रोपण-इसमें एक वृक्ष की शाखा को काट कर उसमें ‘T’ के आकार का खांच बना लेते हैं, इसको स्टाक कहते हैं। अब उसी जाति को दूसरे वृक्ष की शाखा को काट कर स्टॉक के खांच के अनुरूप खांच बना लेते हैं, इसको सिऑन कहते हैं। सिऑन को स्टॉक में फिट कर देते हैं। खांच के चारों ओर मिट्टी लगा कर बाँध देते हैं। कुछ दिन बाद दोनों जुड़कर पौधा बन जाता है। उदाहरण-गन्ना, आम, अमरूद, लीची आदि।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

(घ) कलिका-इसमें एक वृक्ष की टहनी की छाल में ‘T’ की तरह खांच बना लेते हैं। किसी दूसरे चुने हुए पौधे की कलिका को लेकर स्टॉक के खांचे में घुसा देते हैं। इसको अच्छी तरह से बांधकर इसके ऊपर मिट्टी लपेट देते हैं। कुछ दिन बाद उस स्थान में कोंपल निकल आते हैं।
उदाहरण-नींबू, नारंगी आदि।

प्रश्न 2.
अंकित चित्र की सहायता से पुष्प के भागों का वर्णन करो।
उत्तर-
पुष्प-पुष्पी पौधों में पुष्प लैंगिक जनन में सहायता करता है। पुष्पों की सहायता से बीज बनते हैं। पुष्प में एक आधारी भाग होता है जिस पर पुष्प के सभी भाग लगे होते हैं। इसे पुष्पासन कहते हैं। पुष्प के मुख्य चार भाग होते हैं –
(i) बाह्य दलपुंज या हरी पत्तियाँ- यह पुष्प का सबसे बाहरी भाग होता है। यह हरी पत्तियों के रूप में परागकोष होता है जिन्हें बाह्य दल कहते हैं। यह पुष्प की रक्षा करता है।

(ii) दलपुंज या रंगीन पत्तियाँ- बाह्य दलपुंज के भीतरी भाग को दलपुंज कहते हैं। प्रत्येक अंग पंखुड़ी या दल कहलाता है। इसका रंग विभिन्न पुष्पों में अलग-अलग होता है। इनका कार्य कीटों को आकर्षित करके परागण में सहायता करना है।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 3

(iii) पुंकेसर-यह पुष्प का बाहर से तीसरा भाग है। इसके प्रत्येक अंग को पुंकेसर कहते हैं। पुंकेसर के मुख्य दो भाग होते हैं-पराग सूत्र एवं पुतंतु। पराग सूत्र भोजी द्वारा पराग कोष से जुड़ा होता है। पराग कोष के अंदर परागकण होते हैं। ये निषेचन के बाद बीज बनाते हैं।

(iv) स्त्रीकेसर-यह पुष्प का मादा भाग होता है। इसके प्रत्येक अंग को स्त्रीकेसर या गर्भ केसर कहते हैं। इसके तीन भाग होते हैं-

  1. वर्तिकाग्र
  2. वर्तिका
  3. अंडाशय।

अंडाशय के अंदर बीजाणु होते हैं।

प्रश्न 3.
परागण से आरंभ करके पौधों में बीज बनने तक सभी अवस्थाएं बताइए।
उत्तर-
परागकोश से परागकणों का वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण परागण कहलाता है। फूल के पुंकेसर में परागकोश होते हैं, जो परागकण उत्पन्न करते हैं। स्त्रीकेसर के तीन भाग होते हैं-अंडाशय, वर्तिका और वर्तिकाग्र। परागण के बाद परागकण से एक नली निकलती है जिसे परागनली कहते हैं। पराग नली में दो नर युग्मक होते हैं। इनमें से एक नर युग्मक पराग नली में से होता हुआ बीजांड तक पहुँच जाता है। यह बीजांड के साथ संलयन करता है जिससे युग्मनज बनता है। दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय केन्द्रकों से मिलकर प्राथमिक एंडोस्पर्म (भ्रूणकोष) केंद्रक बनाता है जिस से अंत में एंडोस्पर्म बनता है। इस प्रकार उच्चवर्गीय (एंजियोस्पर्मी) पौधे दोहरी निषेचन क्रिया प्रदर्शित करते हैं।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 4
निषेचन के बाद फूल की पंखुड़ियां, पुंकेसर, वर्तिका तथा वर्तिकाग्र गिर जाते हैं। बाह्य दल सूख जाते हैं और अंडाशय पर लगे रहते हैं। अंडाशय शीघ्रता से वृद्धि करता है और इनमें स्थित कोशिकाएं विभाजित होकर वृद्धि करती हैं और बीज का बनना आरंभ हो जाता है। बीज में एक शिशु पौधा अथवा भ्रूण होता है। भ्रूण में एक छोटी जड़ (मूल जड़), एक छोटा प्ररोह (प्रांकुर) तथा बीजपत्र होते हैं। बीजपत्र में भोजन संचित रहता है। समयानुसार बीज सख्त होकर सूख जाता है। यह बीज प्रतिकूल परिस्थिति में जीवित रह सकता है। अंडाशय की दीवार भी सख्त हो सकती है और एक फली बन जाती है। निषेचन के बाद सारे अंडाशय को फल कहते हैं।

प्रश्न 4.
बाह्य निषेचन तथा आंतरिक निषेचन का क्या अर्थ है ? परनिषेचन तथा स्वनिषेचन में क्या अंतर है? इनमें से कौन-सी ज्यादा लाभदायक है?
उत्तर-
बाह्य निषेचन तथा आंतरिक निषेचन-जब नर और मादा अपने-अपने शुक्राणु तथा अंडे सारे शरीर से बाहर पानी में छोड़ देते हैं और शुक्राणु और अंडे का संयोग शरीर से बाहर होता है तो इस क्रिया को बाह्य निषेचन कहते हैं। जैसे मेंढक और मछलियों में। आंतरिक निषेचन में नर अपने शुक्राणु मादा के शरीर में विसर्जित करता है और शुक्राणु मादा के शरीर में अंडे से संयोग करता है। जैसे पक्षियों और स्तनधारियों में।

परनिषेचन और स्वनिषेचन-
परनिषेचन (Cross-Fertilization)-यह उन जीवों में होता है जहां नर और मादा अलग-अलग होते हैं। उभयलिंगी जंतुओं में यह हो सकता है यदि जनन अंग विभिन्न समय पर परिपक्व हों। इससे जीवों में विविधताएं आती हैं।

स्वनिषेचन (Self-Fertilization)-उभयलिंगी जीवों में जहां नर और मादा जनन अंग एक ही समय पर परिपक्व होते हैं, स्वनिषेचन होता है। इस विधि में पैतृक गुण पीढ़ी दर पीढ़ी कायम रहते हैं। परपरागण से जीवों में विविधताएँ उत्पन्न होती हैं जिससे जीवों में क्षमताएँ बढ़ती हैं। जीवन के नए युग्मक बनने में आनुवंशिक विविधता का विकास होता है।

प्रश्न 5.
अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियां कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
अलैंगिक जनन में जीव स्वयं गुणित होते हैं। अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियां निम्नलिखित हैं
(i) विखंडन (Binary Fission)-द्विखंडन में जीव का शरीर लंबवत् अनुप्रस्थ खांच से दो बराबर भागों में विभाजित हो जाता है। प्रत्येक भाग जनक के समान हो जाता है। जनन की यह विधि प्रोटोज़ोआ (अमीबा, पैरामीशियम आदि) में होती है जिन में यही विधि आवश्यक रूप से कोशिका विभाजन की विधि है जिसके परिणामस्वरूप संतति कोशिकाओं का पृथक्करण होता है। बहुकोशिकीय जंतुओं में भी इस विधि को देखा गया है। जैसे-सी-ऐनीमोन में लंबवत् खंडन तथा प्लेनेरिया में अनुप्रस्थ खंडन।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 5
(ii) मुकुलन (Budding)-मुकुलन एक प्रकार की अलैंगिक जनन क्रिया है जिसमें नया जीव जो अपेक्षाकृत छोटे पुँज की कोशिकाओं से निकलता है, आरंभ में जनक जीव में मुकुल बनाता है। मुकुल अलग होने से पहले जनक का रूप धारण कर लेता है जैसे-बाह्य मुकुलन में या जनक से अलग होने के पश्चात् आंतरिक मुकुलन में। बाह्य मुकुलन स्पंज, सोलेंट्रेटा (जैसे हाइड्रा), चपटे कृमि और ट्यूनीकेट में मिलता है लेकिन कुछ सीलेंट्रेट जैसे ओबेलिया पोलिप की अपेक्षा मैडूयूसी पैदा करते हैं।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 6

(iii) खंडन (Fragmentation)-स्पाइरोगायरा जैसे कुछ जीव पूर्ण विकसित होने के बाद साधारणतया दो या अधिक खंडों में टूट जाते हैं। ये खण्ड वृद्धि करके पूर्ण विकसित जीव बन जाते हैं। खंडन चपटे कृमि, रिबन कृमि
और एनेलिडा संघ के प्राणियों में भी होता है।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 7
(iv) बहुखंडन (Multiple Fission)-कभी-कभी प्रतिकूल परिस्थितियों में कोशिका के चारों ओर एक संरक्षक परत या भित्ति बन जाती है। ऐसी अवस्था को पुटी (सिस्ट) कहते हैं। पुटी के अंदर कोशिका कई बार विभाजित हो जाती है जिससे बहुत-सी संतति कोशिकाएं बन जाती हैं। ऐसी प्रक्रिया को बहुखंडन कहते हैं। पुटी के फटने के बाद बहुत-सी कोशिकाएं बाहर निकल जाती हैं।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 8
(v) कायिक प्रवर्धन (Vegetative Reproduction)-जब पौधे के किसी कायिक अंग जैसे पत्ता, तना अथवा जड़ से नया पौधा उगाया जा सकता हो तो इस प्रक्रिया को कायिक प्रवर्धन कहते हैं।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

प्रश्न 6.
मनुष्य में नर जनन तंत्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर-
मनुष्य में नर जनन तंत्र-नर मनुष्य (पुरुष) में जंघनास्थि क्षेत्र में एक मांसल संरचना शिश्न होता है जिसके बीच में मूत्रवाहिनी होती है। शिश्न के नीचे उसकी जड़ में एक मांसल थैली वृषण कोष होता है जिसमें अंडाकार संरचनाएं वृषण होते हैं। वृषण नर युग्मक शुक्राणु का निर्माण करते हैं। वृषण में एक विशिष्ट संरचना शुक्राशय पाया जाता है जिसमें शुक्राणु के पोषण के लिए चिपचिपा पदार्थ स्रावित होता है। चिपचिपे पदार्थ (वीर्य) के साथ शुक्राणु एक संकरी नली द्वारा मूत्र वाहिनी में पहुंचते हैं। जहाँ से शिश्न की सहायता से मादा की योनि में छोड दिए जाते हैं। शिश्न मूत्र एवं शुक्राणु युक्त वीर्य दोनों को बाहर निकालता है।

प्रश्न 7.
मनुष्य के मादा जनन तंत्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
मनुष्य के मादा जनन तंत्र के निम्नलिखित भाग हैं –
(i) अंडाशय (Ovary) – श्रोणीय गुहिका में दो अंडाशय होते हैं जो बहुत छोटे आकार के होते हैं। अंडाशय में अंडे बनते हैं। अंडाशय की अंदर की सतह पर एपीथीलियम कोशिकाओं की पतली परत होती है जिसे जनन एपीथीलियम कहते हैं। इसकी कोशिकायें विभाजित होकर फोलिकल तथा अंडा बनाती हैं। अंडाशय की गुहा में संयोजी ऊतक होते हैं जिन्हें स्ट्रोमा कहते हैं। प्रत्येक फोलिकल में एक जनन कोशिका होती है जिसके चारों ओर स्ट्रोमा की कोशिकाएं रहती हैं। अर्ध सूत्री विभाजन के फलस्वरूप जनन कोशिकाएं अंडे का निर्माण करती हैं। ओस्ट्रोजिन तथा प्रोजिस्ट्रॉन नामक दो हार्मोन अंडाशय द्वारा स्रावित होते हैं जो मादा में प्रजनन संबंधी विभिन्न क्रियाओं का नियंत्रण करते हैं।

(ii) फैलोपियन नलिका (Fallopian Tube)-यह रचना में नलिका समान होती है। इसका एक सिरा गर्भाशय से जुड़ा रहता है और दूसरा सिरा अंडाशय के पास खुला रहता है। इसके सिरे पर झालदार रचना होती है जिसे फिंब्री कहते हैं। अंडाशय से जब अंडा निकलता है तो फिंब्री की संकुचन क्रिया के कारण फैलोपियन नलिका में आ जाता है। यहाँ से गर्भाशय की ओर बढ़ता है। अंड निषेचन फैलोपियन नलिका में ही होता है। यदि अंडे का निषेचन नहीं होता यह गर्भाशय से होकर योनि में और ऋतु स्राव के समय योनि से बाहर निकल जाता है।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 9

(iii) गर्भाशय (Uterus)-यह मूत्राशय तथा मलाशय के बीच स्थित एक मांसल रचना है। फैलोपियन नलिकाएँ इसके दोनों ओर ऊपर के भागों में खुलती हैं। गर्भाशय का निचला सिरा कम चौड़ा होता है और योनि में खुलता है। गर्भाशय के अंदर की दीवार एंड्रोमीट्रियम की बनी होती है। गर्भाशय का मुख्य कार्य निषेचन अंडे को परिवर्धन काल में जब तक कि गर्भ विकसित होकर शिशु के रूप में जन्म न ले ले, आश्रय तथा भोजन प्रदान करना है।

(iv) योनि (Vagina)-यह मांसल नलिका समान रचना है। इसका पिछला भाग गर्भाशय की ग्रीवा में खुलता है। मादा में मूत्र निष्कासन के लिए अलग छिद्र होता है जो योनि में खुलता है।

(v) भग (Vulva)–योनि बाहर की ओर एक सुराख से खुलती है जिसे भग कहते हैं।

प्रश्न 8.
(क) परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है ?
(ख) फूल के नर तथा मादा जनन अंगों का नामांकित चित्र बनाओ।
उत्तर-
(क) परागण क्रिया तथा निषेचन क्रिया में अंतर-देखें “अध्याय के अंतर्गत प्रश्न’ शीर्षक के अधीन प्रश्न 1 पृष्ठ 201
(ख) फूल का नर जनन अंग : पुंकेसर
फूल का मादा जनन अंग : स्त्रीकेसर
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 10

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
कायिक प्रवर्धन के लाभ बताइए।
उत्तर-

  • सभी नये पौधे मातृ पौधे के समान होते हैं। इस प्रकार एक अच्छे गुणों वाले पौधे से कलम द्वारा उसके समान ही अनेक पौधे तैयार किये जाते हैं।
  • फलों द्वारा उत्पन्न सभी बीज समान नहीं होते परंतु कायिक जनन खरा उत्पन्न पौधों में पूर्ण समानता होती है।
  • कायिक जनन द्वारा नये पौधे थोड़े समय में ही प्राप्त हो जाते हैं।
  • वे पौधे जो बीज द्वारा सरलता से प्राप्त नहीं किए जा सकते, कायिक जनन द्वारा प्राप्त किये जा सकते हैं। केला, अंगूर, संतरे आदि की खेती इस प्रकार की जाती है।

प्रश्न 2.
पुनरुद्भवन (Regeneration) किसे कहते हैं ?
उत्तर-
पुनरुद्भवन-शरीर के कटे हुए किसी भाग में पूर्ण जीव बना लेने या उसे फिर से विकसित कर लेने की क्षमता को पुनर्जनन या पुनरुद्भवन कहते हैं। स्टार फिश कटी हुई भुजा को फिर से प्राप्त कर लेती है। स्पाइरोगायरा, हाइड्रा, प्लैनेरिया आदि इस विधि से जनन करते हैं।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 11

प्रश्न 3.
ऊतक संवर्धन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ऊतक संवर्धन (Tissue Culture)- इस विधि में पौधे के ऊतक का एक टुकड़ा काट लेते हैं। एक बीकर में पोषक तत्वों से युक्त माध्यम लेकर उसमें उचित परिस्थितियों में ऊतक के टुकड़े को रख देते हैं। इस चीकर के अंदर उस ऊतक की वृद्धि एक असंगत पिंड की तरह होती है जिसे कैलस कहा जाता है। कैलस का थोड़ा-सा भाग एक अन्य माध्यम में रखा जाता है जिसमें पदपादक में विभेदन होता है। इस पदपादक को गमले या मिट्टी में रोपित कर देते हैं। इस प्रकार एक नया पौधा बनकर तैयार हो जाता है।

प्रश्न 4.
राइज़ोपस में बीजाणु समासंघ से नए जीव किस प्रकार उत्पन्न होते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
अनेक सरल बहुकोशिक जीवों में विशिष्ट जनन संरचनाएँ पाई जाती हैं। नमी युक्त ब्रेड पर धागे के समान कुछ संरचनाएं विकसित होती हैं। वह राइजोपस का कवक जाल है। यह जनन के भाग नहीं हैं। इन उर्ध्व तंतुओं पर गोल सूक्ष्म गुच्छ (संरचनाएँ) जनन में भाग लेती हैं। यह गुच्छ बीजाणुधानी हैं जिसमें विशेष कोशिकाएँ अथवा बीजाणु होते हैं। यह बीजाणु वृद्धि करके राइजोपस के नए जीव उत्पन्न करते हैं। बीजाणु के चारों ओर एक मोटी भित्ति होती है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में उसकी रक्षा करती है। नम सतह के संपर्क में आने पर वह वृद्धि करने लगते हैं।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 12

प्रश्न 5.
मासिक धर्म के बंद होने का क्या कारण है ?
उत्तर–
गर्भाशय में भ्रूण की उपस्थिति में प्लेसैंटा बनता है। प्लेसैन्टा ऐस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोजन हार्मोन पैदा करता है जो मासिक धर्म को बंद कर देते हैं।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

प्रश्न 6.
गर्भधारण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गर्भधारण-निषेचित अंडा बार-बार माइटोटिक विभाजन करता है जिससे कोशिकाओं का एक पुँज-सा बन जाता है जो अंडवाहिनी से गर्भाशय तक जाता है। यहाँ यह गर्भाशय की गर्भ दीवारों में धंस जाता है। इस क्रिया को गर्भाधारण करना कहते हैं।

प्रश्न 7.
मैनोपॉज (Menopause) से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
मैनोपॉज-मादा में प्राकृतिक मासिक धर्म की क्रिया के बंद होने को मैनोपॉज कहते हैं। मानव मादा में यह 45-50 वर्ष की अवस्था में होता है। इस मैनोपॉज के बंद होने के पश्चात् स्त्री बच्चों को जन्म नहीं दे सकती।

प्रश्न 8.
एक लिंगी तथा उभयलिंगी की परिभाषा एक-एक उदाहरण देते हुए लिखिए।
उत्तर-
एक लिंगी-वे जीव जिनमें नर और मादा स्पष्ट रूप से अलग-अलग हों उन्हें एक लिंगी जीव कहते हैं। उदाहरण- मनुष्य। उभयलिंगी-जिन जीवों में नर और मादा लिंग एक साथ उपस्थित होते हैं उन्हें उभयलिंगी कहते हैं। उदाहरण-केंचुआ।

प्रश्न 9.
पुरुष तथा स्त्री के द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का वर्णन कीजिए।
अथवा
किशोर अवस्था में लड़के तथा लड़कियों में आने वाले परिवर्तन कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
(क) नर के शरीर में दिखाई देने वाले परिवर्तन

  • आवाज़ में भारीपन आ जाता है।
  • दाढ़ी और मूंछे उग जाती हैं।
  • जननांगों पर बाल उग आते हैं।
  • शिश्न का आकार बढ़ जाता है और दिन या रात के सपनों में उसका स्तंभन बढ़ जाता है।
  • कंधे चौड़े हो जाते हैं। माँस पेशियाँ विकसित हो जाती हैं।
  • विपरीत लिंग की ओर आकर्षण बढ़ जाता है।

(ख) मादा के शरीर में दिखाई देने वाले परिवर्तन

  • जननांगों पर बाल उग आते हैं।
  • वक्षों का विकास हो जाता है। मांसलता आ जाती है।
  • रजोधर्म चक्र आरंभ हो जाता है।
  • कूल्हों के आस-पास वसा इकट्ठी हो जाती है।
  • विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है।
  • जनन अंगों का विकास हो जाता है।

प्रश्न 10.
अंडे और शुक्राणु में क्या अंतर है ?
उत्तर-

अंडा शुक्राणु
(1) यह नर जनन कोशिका है। (1) यह मादा जनन कोशिका है।
(2) यह अंडे की अपेक्षा आकार में छोटा होता है। (2) यह शुक्राणु की अपेक्षा आकार में बड़ा होता है।
(3) इसकी पूंछ नहीं होती। (3) इसकी पूंछ होती है।
(4) यह तैर नहीं सकते।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 13
(4) ये पूंछ की सहायता से तैर सकते हैं।
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 14

प्रश्न 11.
लैंगिक तथा अलैंगिक जनन में अंतर बताओ।
उत्तर-
लैंगिक तथा अलैंगिक जनन में अंतर

लैंगिक जनन अलैंगिक जनन
(1). इस क्रिया में नर और मादा दोनों की आवश्यकता नहीं होती। (1) इस क्रिया में नर और मादा दोनों की आवश्यकता पड़ती है।
(2) इस प्रकार का जनन उच्च श्रेणी के जीवों में होता है। (2) यह निम्न श्रेणी के जीवों में होता है।
(3) लैंगिक जनन निषेचन क्रिया के बाद जीव बनना आरंभ करता है। (3) अलैंगिक जीव में निषेचन क्रिया नहीं होती।
(4) इस जनन द्वारा उत्पन्न संतान में नए गुण विकसित सकते। (4) इस जनन द्वारा उत्पन्न संतान में नए गुण नहीं आ हो सकते हैं।
(5) इस क्रिया में बीजाणु उत्पन्न नहीं होते। (5) इस क्रिया में एककोशिकीय बीजाणु (जैसे फफूंदी में) उत्पन्न हो सकते हैं।

प्रश्न 12.
नर मानव में वृषण शरीर के बाहर क्यों स्थित होते हैं ?
उत्तर-
नर मानव में वृषण की स्थिति वृषण कोश में होती है जो उदर गुहिका के बाहर नीचे की ओर स्थित होता है। शुक्राणुओं के जनन के लिए निम्न ताप प्राप्ति के लिए ऐसा संभव होता है ताकि शुक्राणु देर तक सक्रिय रह सकें।

प्रश्न 13.
एड्स (AIDS) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
एड्स (AIDS)-एड्स (एक्वायर्ड इम्युनो-डेफिशिएंसी सिंड्रोम) नामक रोग एक ऐसे विषाणु (Virus) के कारण होता है जो शरीर के प्रतिरक्षण संस्थान को निष्क्रिय करता है जिसके कारण शरीर को कोई भी रोग सरलता से लग सकता है। इस के वायरस का नाम HIV है। एड्स के रोगी उनके कमज़ोर शरीर पर हुए अन्य आक्रमण के कारण मरते हैं। यह रोग संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध स्थापित करने से फैलता है परंतु कभी-कभी इसके विषाणु सीधे ही रक्त में पहुँच जाते हैं।

ऐसा तब होता है जब रक्त आधान (खून चढ़ाना) द्वारा किया गया रक्त संक्रमित हो या टीका लगाने के लिए संक्रमित सुई का उपयोग किया गया हो यह आनुवंशिक भी होता है। इस रोग से संक्रमित माताओं के बच्चों से भी यह रोग माता के रक्त द्वारा पहुँच जाता है इसके उपचार का कोई भी टीका या औषधि अब तक उपलब्ध नहीं है। इस रोग का अधिक प्रकोप अफ्रीका तथा पश्चिमी देशों में है। अज्ञानता, ग़रीबी और अशिक्षा के कारण हमारा देश इस रोग के चंगुल में बहुत तेजी से आ रहा है।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

प्रश्न 14.
मानव मादा जनन तंत्र का अंकित अंकित चित्र बनाओ।
उत्तर-
मानव मादा जनन तंत्र का अंकित चित्र-
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 15

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
DNA का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर-
डिऑक्सी राइबो न्यूक्लीक एसिड।

प्रश्न 2.
किन जीवों में एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजन होता है।
उत्तर-
मलेरिया परजीवी, प्लैज्मोडियम जैसे एक कोशिका जीव।

प्रश्न 3.
कैलस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ऊतक संवर्धन में जब कोशिकाएं विभाजित हो कर अनेक कोशिकाओं का छोटा समूह बनाती हैं तो उसे कैलस कहते हैं।

प्रश्न 4.
पुष्प के जनन भाग कौन-से हैं ?
उत्तर-
पुंकेसर और स्त्रीकेसर।

प्रश्न 5.
एकलिंगी पुष्प के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
पपीता, तरबूज।

प्रश्न 6.
उभयलिंगी पुष्प के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
गुड़हल, सरसों।।

प्रश्न 7.
कलम एवं दाब लगाकर नये पौधे उत्पन्न करने के कौन-से दो मुख्य लाभ हैं ?
उत्तर-

  1. सभी नए पौधे मूल या मातृ पौधे के समान होते हैं।
  2. नए पौधे थोड़े ही समय में तैयार हो जाते हैं।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

प्रश्न 8.
परागण की परिभाषा लिखें।
उत्तर-
परागण-पौधों में निषेचन क्रिया के पूर्व पराग कणों के स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र तक पहुँचने की क्रिया को परागण कहते हैं।

प्रश्न 9.
निषेचन क्रिया के पश्चात् युग्मनज में क्या बनता है ?
उत्तर-
भ्रूण।

प्रश्न 10.
नर तथा मादा युग्मकों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
शुक्राणु तथा अंडाणु।

प्रश्न 11.
फीटस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गर्भ धारण के दो या तीन महीने बाद विकसित हो रहे बच्चे को फीटस कहते हैं।

प्रश्न 12.
वीर्य क्या है ?
उत्तर-
वीर्य में शुक्राणु और कुछ ग्रंथियों का स्राव होता है।

प्रश्न 13.
प्लेसेंटा किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गर्भवती माँ के गर्भाशय की दीवार तथा भ्रूण की झिल्ली के संयोजन की एक नाल की रचना होती है जिसे आँवल या गर्भनाल या प्लेसैंटा कहते हैं। प्लेसेंटा में पर्याप्त रुधिर कोशिकाएं होती हैं जिनके द्वारा माता का रुधिर भ्रूण या गर्भ के शरीर में आता जाता रहता है।

प्रश्न 14.
पुनर्जनन से उत्पन्न प्राणी का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
स्टारफिश।

प्रश्न 15.
यौवन की आयु क्या होती है ?
उत्तर-
लड़कों में 13-14 वर्ष, लड़कियों में 10-12 वर्ष।

प्रश्न 16.
मनुष्य की मादा में गर्भकाल कितना होता है ?
उत्तर-
लगभग नौ मास।

प्रश्न 17.
IUCD क्या है ?
उत्तर-
IUCD (इंटरायूटीरिन कंट्रासेप्टिव डिवाइस) नारी गर्भाशय में लगाई जाने वाली एक युक्ति है जो गर्भ निरोधक का कार्य करती है।

प्रश्न 18.
STD क्या है ?
उत्तर-
STD (Sexually Transmitted Disease) यौन संक्रमित रोग।

प्रश्न 19.
दो यौन रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. गोनेरिया,
  2. सिफलिस।

प्रश्न 20.
नीचे दिए गए चित्र किस जीव के हैं तथा किस क्रिया को दर्शाते हैं ?
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 16
उत्तर-
जीव का नाम : अमीबा। क्रिया पोषण क्रिया।

प्रश्न 21.
नीचे दिए चित्र में अमीबा की कौन-सी जीवन क्रिया दर्शायी गई है ?
PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं 17
उत्तर-
जनन क्रिया की द्विखण्डन विधि।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)
बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है।
(a) अमीबा
(b) यीस्ट
(c) प्लैज्मोडियम
(d) लेप्मानिया।
उत्तर-
(b) यीस्ट।

प्रश्न 2.
निम्न में से कौन मानव में मादा जनन तंत्र का भाग नहीं है ?
(a) अंडाशय
(b) गर्भाशय
(c) शुक्रवाहिका
(d) डिंबवाहिनी।
उत्तर-
(c) शुक्रवाहिका।

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

प्रश्न 3.
यीस्ट में अलैंगिक जनन प्रायः होता है
(a) मुकुलन द्वारा
(b) विखंडन द्वारा
(c) बीजाणु
(d) रोपण द्वारा।
उत्तर-
(a) मुकुलन द्वारा।

प्रश्न 4.
विखंडन द्वारा अलैंगिक जनन होता है –
(a) अमीबा में
(b) यीस्ट में
(c) स्पाइरोगाइरा में
(d) फर्न।
उत्तर-
(c) स्पाइरोगाइरा में।

प्रश्न 5.
हाइड्रा में अनुकूल परिस्थितियों में अलैंगिक जनन होता है –
(a) विखंडन द्वारा
(b) मुकुलन द्वारा
(c) बीजाणुओं द्वारा
(d) विखंडन द्वारा।
उत्तर-
(b) मुकुलन द्वारा।

प्रश्न 6.
कायिक प्रवर्धन होता है-
(a) दूब घास में
(b) आलू में
(c) ब्राइओफिलम में
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

प्रश्न 7.
स्त्री में आर्तव चक्र पूर्ण होता है –
(a) 14 दिन में
(b) 21 दिन में
(c) 28 दिन में
(d) 30 दिन में।
उत्तर-
(b) 21 दिन में।

प्रश्न 8.
कौन-सा हॉर्मोन लड़कियों में यौवनावस्था के लक्षणों को नियंत्रित करता है ?
(a) एस्ट्रोजन
(b) टेस्टोस्टेरॉन
(c) थायरॉक्सिन
(d) इंसुलिन।
उत्तर-
(a) एस्ट्रोजन।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(i) नर तथा मादा जनन कोशिकाओं के मेल से बनी संरचना को ……………………. कहते हैं।
उत्तर-
युग्मनज

(ii) प्रजनन अंगों में होने वाली कोशिका विभाजन से ………………………. कोशिकाएँ बनती हैं।
उत्तर-
जनन

(iii) मनुष्य का जीवन ………………………….. कोशिका से शुरू होता है।
उत्तर-
एक

(iv) जब वृद्धि एक निश्चित अनुपात में होती है तो इसे …………………….. कहते हैं।
उत्तर-
परिवर्धन

PSEB 10th Class Science Important Questions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते हैं

(v) अमीबा में अलैंगिक जनन …………………. विधि द्वारा होता है।
उत्तर-
द्विखंडन।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र

जान पहचान-डॉस फाइलों का प्रबंध करती है। यह यूजर को असल तकनीक से दूर रखती है। यूजर सिर्फ हिदायतें देता है बाकी काम आपरेटिंग सिस्टम स्वयं ही करता है।

एम एस डॉस की ज़रूरी फाइल :
एम एस डॉस के लिए आवश्यक फाइल निम्न अनुसार है –
1. MSDOS.SYS
2. IO.SYS
3. Command.Com

एम एस डॉस की कमांड : डॉस में दो प्रकार की कमांडज़ होती हैं।
1. इंटरनल कमांड
2. एक्सटरनल कमांड

1. इंटरनल कमांड वे होती हैं जिन्हें चलाने के लिए किसी कमांड की ज़रूरत नहीं होती।

2. एक्सटर्नल कमांड वह होती है जिसे चालने के लिए बाहरी फाइल की आवश्यकता होती है।

डॉस का डिस्क प्रबंध :
डॉस ट्री रूप की डायरैक्टरी स्ट्रकचर में फाइलें सेव करती है। सबसे ऊपर रूट डायरैक्टरी होती है। उसके बाद अन्य डायरैक्टरी तथा अन्दर सव डायरैक्टरी आती-
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र 1
फाइल को नाम देना : डॉस में फाइल को नाम देने के निम्न नियम हैं –

  1. फाइल के नाम के दो हिस्से होते हैं।
  2. स्पैशल क्रैक्टर का प्रयोग नहीं कर सकते।’
  3. अपर या लोअर केस दोनों में नाम लिख सकते हैं।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र

रूट डायरैक्टरी :
रूट डायरैक्टरी वह डायरैक्टरी होती है जिसके अन्दर अन्य सभी डायरैक्टरी होती हैं।

डॉस की डायरैक्टरी स्ट्रक्चर :
डॉस की डायरैक्टरी स्ट्रक्टर अलमारी के दराज की तरह है। इसमें सबसे उपर रूट डायरैक्टरी होती है। उस के अंदर डायरैक्टरी तथा सब डायरैक्टरी होती है। यह सब मिल कर एक ट्री बनाती है। एक डायरैक्टरी में कई चाइलड डायरैक्टरी हो सकती हैं, परन्तु चाईल्ड की एक ही पेरेंट डायरैक्टरी होती है। डास की डायरैक्टरी स्ट्रक्चर निम्न प्रकार की होती है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र 2

इंटर्नल कमांडज़ :
इंटर्नल कमांडज़ वो होती हैं जिसके चलने के लिए किसी फाइल की आवश्यकता नहीं होती। डॉस की इंटरनल कमांड निम्न हैं –
1. Cls : Cls कमांड का प्रयोग स्क्रीन के कंटेंट को साफ करने के लिए किया जाता है। इससे सिर्फ स्क्रीन साफ होती है। कंटैंट डिलीट नहीं होता। इसका सिंटैक्स निम्न प्रकार हैCls

2. Date : Date कमांड का प्रयोग कम्प्यूटर पर तारीख देखने तथा बदलने के लिए किया जाता है। Date टाइप करने से पहले हमें तारीख दिखाई देती है फिर डॉस उसको बदलने के लिए पुछता है। यदि तारीख बदलनी हो तो बदली जा सकती है। Date

3. Time : Time कमांड का प्रयोग कम्प्यूटर पर टाइम देखने तथा बदलने के लिए किया जाता है। यह कमांड भी Date की तरह ही कार्य करती है।
Time

एक्सटर्नल कमांडज़ :
एक्सटर्नल कमांडज़ वो होती हैं जिनके चलने के लिए किसी फाइल की आवश्यकता होती है। इंटर्नल तथा एक्सटर्नल कमांडज़ में अंतर : Internal तथा External कमांड में निम्नलिखित अंतर हैं-

Internal External
1. ये कमांड DOS के अंदर होती है। 1. ये कमांड डॉस की बाहरी होती है।
2. इनकी कोई अपनी फाइल नहीं होती। 2. इनकी अपनी फाइल होती है।
3. ये छोटी होती हैं। 3. ये काफी बड़ी भी हो सकती हैं।
4. इनसे सरल कार्य किए जाते हैं। 4. इनका प्रयोग कठिन कार्य करने में होता है।
5. इनकी संख्या निश्चित है। 5. इनकी संख्या घटाई या बढ़ाई जा सकती है।

डॉस एडीटर :
डॉस एडीटर वह यूटिलिटी है जिसमें हम अपनी फाइल को एडिट कर सकते हैं। इसमें हम नई फाइल भी तैयार कर सकते हैं। इसमें काफी सारे अन्य विकल्प भी मौजूद होते हैं।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 8 डॉस कमांडज्र

बैच फाइल :
वैच फाइल वह फाइल होती है जिसमें डॉस की काफी कमांडज़ स्टोर की जाती हैं ताकि उनको इक्ट्ठा ही चलाया जा सके। इस प्रकार हम ज्यादा कमांडज़ को इकट्ठा चला सकते हैं। बैच फाइल की एक्सटेंशन .bat होती है। इनके द्वारा हमारा काम काफी आसान तथा जल्दी हो जाता है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस

जान पहचान-आपरेटिंग सिस्टम सबसे ज़रूरी साफ्टवेयर होता है। यह हार्डवेयर तथा मैमरी का प्रबंध करता है। कम्प्यूटर इस के बिना कार्य नहीं कर सकता। यह प्रोग्रामों में तालमेल बना कर चलता है। डॉस एक महत्त्वपूर्ण आपरेटिंग सिस्टम है।

यूजर इंटरफेस :
यूजर इंटरफेस से अभिप्राय उस इंटरफेस से है जिसके द्वारा कोई यूजर कम्प्यूटर के साथ बातचीत करता है। ये दो प्रकार के होते हैं

  1. क्रैक्टर यूजर इंटरफेस।
  2. ग्राफिकल यूजर इंटरफेस।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस 1

  • क्रैक्टर यूजर इंटरफेस : इस इंटरफेस में कम्प्यूटर को कमांड टाइप करके दी जाती है। इसमें कीबोर्ड का ज्यादा कार्य होता है तथा नतीजा भी टैक्सट रूप में ही मिलता है। डॉस इसकी उदाहरण है।
  • ग्राफिकल यूजर इंटरफेस: इस इंटरफेस में कम्प्यूटर के साथ ग्राफिकल ऑबजैक्ट के द्वारा बातचीत की जाती है। इसमें आइकन तथा माऊस का ज्यादा प्रयोग होता है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस 2

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस

ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस के निम्न. लाभ होते हैं –

  1. यह देखने में सुन्दर होता है।
  2. इसमें कमांड याद नहीं रखनी पड़ती।
  3. कमांडों को टाइप भी नहीं करना पड़ता।
  4. ये दिखने में रंगीन होते हैं।
  5. इन में विभिन्न प्रकार के कार्य किये जा सकते हैं।
  6. एक समय पर हम एक से ज्यादा कार्य भी कर सकते हैं।

सी यू आई तथा जी यू आई में अंतर:
सी यू आई तथा जी यू आई में निम्न अंतर है

जी यू आई सी यू आई
1. सी यू आई का अर्थ है क्रैक्टर यूजर इंटरफेस। 1. जी यू आई का अर्थ है ग्राफिकल यूजर इंटरफेस।
2. इसमें कमांड टाइप की जाती है। 2. इसमें कमांड सिलैक्ट की जाती है।
3. इसमें कमांड याद रखनी पड़ती है। 3. इसमें कमांड याद नहीं रखनी पड़ती।
4. इसमें ग्राफिक्स नहीं होते। 4. इसमें ग्राफिक्स प्रयोग होते हैं।
5. ये आकार में छोटे होते हैं। 5. ये आकार में बड़े होते हैं।
6. डॉस इसकी उदाहरण है। 6. विंडोज इसकी उदाहरण है।

डॉस :
डास का पूर्ण अर्थ है डिस्क ऑप्रेटिंग सिस्टम। यह माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी का उत्पाद है। इसमें डिस्क को मैनेज करने के लिए कमांड का प्रयोग किया जाता है। इसमें काफी सारी कमांडज़ होती हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस 3

एम०एस०डॉस को शुरू करना :
डॉस को शुरू करने के निम्न पग हैं-

  1. Start बटन पर क्लिक करें।
  2. Run कमांड पर क्लिक करें।
  3. cmd टाइप करें तथा OK बटन दबाएँ।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस 4

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 7 एम० एस० डॉस

कमांड प्रोम्पट:
कमांड प्रोम्पट वह स्थान होता है जहां डॉस में कमांड दाखिल की.जाती है। यह निम्न प्रकार का होता है।

कमांड टाइप करना :
डॉस में कमांड टाइप करके दी जाती है। इसको कमांड प्रोम्पट पर टाइप किया जाता है। इसके लिए हमें कमांड के सिटैक्स का पूरा पता होना चाहिए। कमांड को टाइप करने के निम्न पग हैं-

  1. डॉस खोलें।
  2. कमांड का नाम टाइप करें।
  3. कमांड के विकल्प टाइप करें।
  4. कमाडं के आर्गुमैंट टाइप करें।
  5. एंटर की दबाएं। (कमांड चल पड़ेगी।)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान

जान-पहचान : कम्प्यूटर की मदद से हम अलग-अलग प्रकार की तस्वीरें बना सकते हैं और उन को छाप भी सकते हैं। कम्प्यूटर हमें अलग-अलग तस्वीरें बनाने के लिए अलग-अलग साफ्टवेयर प्रदान करवाता है। पेंट, अडोब फोटोशॉप, कोरल ड्रा, ग्राफिकल साफ्टवेयर हैं।

मल्टीमीडिया:
जब बहुत से मीडिया जैसे तस्वीरें, टैक्सट, आवाज़, मूवी आदि एकत्रित हो जाते हैं तो मल्टीमीडिया बन जाता है। मल्टीमीडिया का प्रयोग मनोरंजन के साधनों के लिए, शिक्षा देने के लिए किया जा रहा है।

मल्टीमीडिया के भाग :
मल्टीमीडिया के निम्न भाग होते हैं :

  1. टैक्सट : टैक्सट मल्टीमीडिया का बेसिक भाग होता है। किसी भी प्रकार के मल्टीमीडिया प्रोजैक्ट में जानकारी या शाब्दिक रूप देने के लिए टैक्सट का प्रयोग होता है। टैक्सट किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है।
  2. पिक्चर : पिक्चर या तस्वीर मल्टीमीडिया का एक महत्त्वपूर्ण भाग है। जो जानकारी हम टैक्सट रूप में नहीं पेश कर सकते उसे हम तस्वीर के रूप में पेश कर सकते हैं। तस्वीर द्वारा पेश की जानकारी ज्यादा प्रभावशाली होती है। तस्वीरें कई प्रकार तथा फारमैट की होती हैं।

ग्राफिकस की किस्में :
इनकी दो मुख्य किसमें नीचे लिखी गई हैं –

  1. वैक्टर इमेज़: यह इमेज़ ड्राईंग प्रोग्राम के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इनको सीधे रूप से नहीं बनाया जा सकता। यह बहुत कम मैमरी घेरती है।
  2. बिटमैप इमेज़: इनका आकार वैक्टर इमेज़ से बड़ा होता है। यह सीधे रूप से पेंट आदि सफ्टवेयर इस्तेमाल करके बनाई जा सकती है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान 1

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान

3आवाज: आवाज़ भी मल्टीमीडिया का महत्त्वपूर्ण भाग है। इससे हमारे मल्टीमीडिया ऑबजैक्ट में प्रभाव बढ़ता है। आवाज़ दो प्रकार की होती है। एनालॉग तथा डिजीटल। डिजीटल प्रकार से स्टोर की आवाज़ ज्यादा प्रभावशाली होती है।

4. वीडियो: वीडियो को चलचित्र भी कहते हैं। ये असल में तस्वीरें ही होती हैं जिनको क्रमवार तेज़ी से चलाया जाता है। जिससे वे हमें चलती दिखाई देती हैं।

5. एनीमेश: एनीमेशन तस्वीरों को तेज़ी से चलता दिखाने से ही बनती है। इसमें तस्वीरें कृत्रिम होती है। कई प्रकार के कार्टून इसी तकनीक से बनते हैं।

मल्टीमीडिया की ज़रूरतें : मल्टीमीडिया की निम्न ज़रूरतें हैं-
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान 2
(1) हार्डवेयर ज़रूरतें : मल्टीमीडिया के लिए प्रयोग होने वाले इनपुट डिवाइस निम्न हैं

  • कीअ-बोर्ड
  • माऊस
  • स्क्रीन
  • स्के नर
  • वॉयस रैकोगनीशन सिस्टम
  • डिजीटल कैमरा।

(2) आऊटपुट यंत्र : मल्टीमीडिया के लिए निम्न आऊटपुट डिवाइस चाहिए-

  • मॉनीटर
  • आडियो डिवाइस
  • वीडियो डिवाइस
  • प्रोजैक्टर
  • प्रिंटर

(3) स्टोरेज डिवाइस : मल्टीमीडिया के लिए निम्न स्टोरेज डिवाइस चाहिए-

  • रैम
  • हार्ड डिस्क ड्राइव
  • मैगनेटिक टेप
  • CD/DVD
  • USB पैन ड्राइव।

(4) साफ्टवेयर :
मल्टीमीडिया के लिए कई साफ्टवेयर प्रयोग होते हैं, उनमें से कुछ निम्न प्रकार हैं-

  • अडोव डायरैक्टर
  • मीडिया वलैंडर
  • मीडिया वर्कस
  • क्रिऐट टूगेदर
  • पूले एम ओ
  • मल्टीमीडिया बिल्डर।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान

एनीमेशन : तस्वीरों को प्रभावशाली बनाने के लिए हम तस्वीरों पर अलग-अलग प्रकार के प्रभाव डालते हैं। इन प्रभावों को ही एनीमेशन कहा जाता है। एनीमेशन बनाने के लिए विण्डो के द्वारा एक साफ्टवेयर प्रदान करवाया गया है, जिसका नाम विण्डो मूवी मेकर है।

मल्टीमीडिया प्रैजनटेशन :
किसी खास विषय से संबंधित जानकारी को मल्टीमीडिया की मदद से पेश करने के ढंग को मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन कहते हैं। इसके लिए सबसे पहले स्क्रिप्ट लिखी जाती है। इसमें यह दर्शाया जाता है कि प्रेजेंटेशन के लिए कौन-कौन सी ज़रूरतें होती हैं। इसको दर्शकों के सामने किस प्रकार पेश किया जाता है। इसके बाद इसके भागों जैसे टैक्सट, आडियो, वीडियो आदि की तैयारी की जाती है।

मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन बनाने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  1. मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन तैयार करने से पहले प्रयोग की जाने वाली टूल की जानकारी होनी बहुत ज़रूरी है।
  2. दर्शकों की रुचि को ध्यान में रख के टैक्सट और तस्वीरों के रंग अनुकूल इस्तेमाल करने चाहिए।
  3. हमेशा अच्छे विषय की प्रेजेंटेशन बनायें, जो दर्शकों को ज्ञान दें।
  4. मल्टीमीडिया का आकार छोटा होना चाहिए।
  5. ग्राफिक्स का इस्तेमाल ज्यादा और टैक्सट का इस्तेमाल कम होनी चाहिए।
  6. ऐनीमेशन में फालतू ट्रांजीशन से भी गुरेज करना चाहिए।
  7. पहले दर्शकों की दिलचस्पी का ज्ञान कर लेना चाहिए कि वह क्या चाहते हैं।

मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन : मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन की कई किस्में हो सकती हैं। इनमें से कुछ नीचे लिखे अनुसार हैं-
1. सलाइड प्रैजेंटेशन-यह पावर प्वाईंट में तैयार की जाती है। इन में सलाइडें तैयार की जाती हैं। सलाइडों में टैक्सट, तस्वीरें, आवाजें, वीडियो आदि भरे जा सकते हैं।

2. प्रेजेंटेशन- इनमें यूज़र कम्प्यूटर से सीधा ही जुड़ जाता है। यूज़र काम करने या उत्तरों का चुनाव करने के लिए सक्रीन पर नज़र आने वाली तस्वीरों का चुनाव करता है।

3. वैब पेज-मल्टीमीडिया की प्रेजेंटेशन तैयार करने के लिए वैब पेज़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वैब पेजों में अलग-अलग मल्टीमीडिया तत्त्व भरे जा सकते हैं। वैब पेजों को . एकत्रित करके वैब साईट तैयार की जा सकती है।

मल्टीमीडिया में फाइल फारमेंट-जिन फाइलों में ग्राफिक्स स्टोर किये जाते हैं उन्हें ग्राफिक्स फाइलें कहा जाता है। ग्राफिक्स फाइलों का अलग-अलग फारमैट होता है। कुछ फारमैट नीचे दिये अनुसार हैं –
1. GIF – GIF का पूरा नाम है-ग्राफिक इंटरचेंज फारमेंट-इसमें 256 रंग होते हैं। यह फारमैट सभी कम्प्यूटरों में चल सकता है। इस फारमैट वाली फाइलें कम्परैस्ड होती हैं। यही कारण है कि इनका आकार काफ़ी छोटा होता है। यह मैमरी में कम स्थान घेरती हैं। इन फाइलों की ऐक्स्टेंशन gif होती हैं। यह फाइलें वैब ब्राओज़र की तरफ से सबसे अधिक पसन्द की जाती हैं।

2. JPEG JPEG का पूरा नाम है-जुआइंट फोटोग्राफिक एकस्पर्ट ग्रुप-इनमें लाखों रंग होते हैं। यह फोटोज़ और गुंझलदार तस्वीरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इनमें jpeg या jpg ऐक्स्टैंशन होती है। यह फाइलें कम्परैस्ड होती हैं। यह फाइलें सभी कम्प्यूटरों पर चल सकती हैं।

3. BMP बी० एम० पी० का पूरा नाम-बिट मैप पिक्चर होता है। इनमें लाल, हरे और नीले (प्राइमरी) रंगों से तस्वीरें बनती हैं। इनका आकार बड़ा होता है। यह ज़्यादा मैमरी घेरती हैं। इनकी ऐक्स्टेंशन bmp होती है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान 3

4. PDF पी० डी० एफ० का पूरा नाम है-पोरटेबल डाकूमैंट फारमैट। जैसे कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह फारमैट इधर-उधर बदले जा सकने वाले (पोरटेबल) डाकूमैंटस के लिए प्रयोग किये जाते हैं। यह फारमैट सिर्फ अडोब ऐकरोबेट (Adobe Acrobat) द्वारा इस्तेमाल किये जाते हैं। यह वैक्टर और बिटमैप दोनों का मेल होती हैं। इन फाइलों में लिंक होते हैं। फोटोशॉप (Photoshop) में भी यह फाइलें प्रयोग की जा सकती हैं। इनकी ऐक्स्टेंशन pdf होती है।

मल्टीमीडिया के क्षेत्र : मल्टीमीडिया के प्रयोग के निम्न क्षेत्र हैं :
1. शिक्षा : शिक्षा के क्षेत्र में इसका प्रयोग विद्यार्थियों को सामग्री देने के लिए किया जाता है। ई-लर्निंग भी इसी का एक भाग है। इसके प्रयोग से अध्यापन को काफी प्रभावशाली बनाया जा सकता है। .

2. व्यापार : मल्टीमीडिया के प्रयोग से एक व्यापारी अपने व्यापार की पेशकारी बढ़िया ढंग से कर सकता है। इसके अलावा इसका प्रयोग ट्रेनिंग, बाजारीकरण तथा मशहूरी करने के लिए भी किया जाता है। वीडियो कानफ्रेंसिंग द्वारा व्यापारी एक-दूसरे से दूर बैठे बात कर सकते हैं।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 6 मल्टीमीडिया से जान-पहचान

3. मैडीकल सेवा : मल्टीमीडिया के प्रयोग से मैडीकल क्षेत्र में कृत्रिम वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। इसके लिए एनीमेशन या वरचुयल टैकनालॉजी का प्रयोग किया जाता है।

4. मनोरंजन : मनोरंजन क्षेत्र में मल्टीमीडिया का प्रयोग रेडियो, टेलीविज़न, गेम, वीडियो तथा फिल्मों में किया जाता है। इससे इनकी कवालिटी को बढ़िया बनाया जा सकता है।

5. जनतक स्थान : मल्टीमीडिया का प्रयोग लाइब्रेरी, शापिंग मॉल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन तथा होटलों आदि में ज़रूरी सूचना देने के लिए किया जाता है।

6. मल्टीमीडिया कानफ्रंस : मल्टीमीडिया कानफ्रंस दूर बैठ कर दूसरे व्यक्तियों से बात करने की प्रक्रिया को कहते हैं। इसके द्वारा हम अपनी बातें दूसरों के आगे रख सकते हैं।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2)

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2)

जान पहचान-बर्ड में एक तस्वीर पर स्टाइल, शेप, बार्डर आदि करके तथा उसको क्राप, कम्प्रैस तथा उस पर आर्टिस्टक इफैक्ट लगाए जा सकते हैं। इस के लिए कई प्रकार के टूलज उपलब्ध हैं।

पिक्चर टूल (फारमैट टैब):
पिक्चर टूल (फारमैट टैब) वर्ड में तभी दिखाई देती है जब हम वर्ड में कोई पिक्चर इनसर्ट करते हैं। इसमें किसी तस्वीर को फारमैट करने के विकल्प उपलब्ध होते हैं। इसके कलर, आर्टिस्टिक इफैक्ट, स्टाइल, बार्डर, क्राप आदि जैसे विकल्प होते हैं। इसके अलावा इसमें Remove Background, Reset Picture, Picture Layout, Wrap Text तथा तस्वीर की चौड़ाई तथा ऊंचाई भी होती है।

1. रीसैट पिक्चर : रीसैट पिक्चर वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी पिक्चर पर किए गए सारे कार्यों के प्रभावों को खत्म करके वापिस असली तस्वीर मिल जाती है।

पेज़ ले-आऊट :
पेज़ ले आऊट वर्ड में एक टैब होती है जिसमें पेज़ की ले-आऊट से संबंधित सैटिंग होती है। इसमें मारजिन, ओरिएंटेशन, साइज, कॉलम, ब्रेक लाइन, नंबर आदि विकल्प Page Setup ग्रुप में होते हैं। इसके अलावा इसमें Paragraph तथा Arrange ग्रुप भी होते हैं। इन सभी का प्रयोग दस्तावेज की पेज़ संबंधित सैटिंग करने में किया जाता है।

पेज़ बैकग्राऊंड : पेज़ बैक ग्राऊंड का संबंध दस्तावेज़ के पेज़ की बैकग्राऊंड से होता है। यह ग्रुप Design टैब में उपलब्ध होता है। इसमें Watermark, Page Colour तथा Page Border विकल्प उपलब्ध होते हैं। इनका प्रयोग पेज़ बैकग्राऊंड बदलने में होता है।

2. वाटर मार्क : वाटरमार्क एक प्रकार का टैक्सट ही होता है। जो हमारे दस्तावेज़ में बैकग्राऊंड में दिखाई देता है। यह टैक्सट आम टैक्सट से कम काला होता है। इसका प्रयोग दस्तावेज़ की प्रकृति को दर्शाने में किया जाता है। इसमें अक्सर Draft, Confidential, या Do Not Copy जैसे शब्द भरे जाते हैं। अपनी आवश्यकता अनुसार कोई भी टैक्सट भरा जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 1
वाटर मार्क लगाने के पग-

  1. अपना दस्तावेज़ खोलें।
  2. Design टैब पर क्लिक करें।
  3. Page Background ग्रुप में Water-mark पर क्लिक करें।
  4. अपनी आवश्यकता अनुसार वाटरमार्क का चुनाव करें। (वाटरमार्क लग जाएगा)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2)

रिवियू :
रिवियू टैब वर्ड में उपलब्ध होता है। इसमें दस्तावेज़ का रिवियू करने के कई विकल्प उपलब्ध होते हैं। इसमें Proofing, Language, Comments, Tracking, Changes, Compare, Protect ग्रुप होते हैं। इसमें उपलब्ध मुख्य विकल्प Spelling and Grammar, Word Count, Comment आदि होते हैं।

3. स्पैलिंग तथा ग्रामर चैक : वर्ड में हम दस्तावेज़ में स्पैलिंग तथा ग्रामर ठीक कर सकते हैं। इसके लिए वर्ड ग़लत स्पैलिंग के नीचे लाल तथा ग़लत व्याकरण के नीचे हरी लाइन लगाता है। इन को . वर्ड की सहायता से ठीक किया जा सकता है। हमें ग़लतियां ढूंढने की आवश्यकता नहीं होती। Spelling and Grammar का प्रयोग दस्तावेज़ की ग़लतियां ठीक करने के लिए किया जाता है। स्पैलिंग तथा ग्रामर वर्ड की एक महत्त्वपूर्ण यूटिलिटी है। इसके द्वारा अपने दस्तावेज़ में ग़लतियों को ठीक कर सकते हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 2
स्पैलिंग तथा ग्रामर चैक करने के पग-
1. अपना दस्तावेज़ खोलें।
2. Renew टैब पर क्लिक करें।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 3
3. Proofing ग्रुप में Spelling & Grammar पर क्लिक करें। (एक पैन नज़र आएगा।) इसमें पहली ग़लती तथा उसके उपलब्ध विकल्प दिखाई देंगे। अपनी आवश्यकता अनुसार विकल्प चुन कर Change पर क्लिक करें। इसी प्रक्रिया का प्रयोग करके हम सारी ग़लतियां ठीक कर सकते हैं।

प्रिटिंग डाक्यूमैंट: वर्ड में किसी भी दस्तावेज़ को अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट किया जाता है। किसी भी दस्तावेज की हम जितनी मर्जी चाहे कॉपी निकाल सकते हैं। इसके अलावा भी वर्ड हमें प्रिटिंग से संबंधित काफ़ी सारे विकल्प प्रदान करता है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2)

प्रिंट करने के पग :
डाक्यूमैंट प्रिंट करने के निम्न स्टैप हैं-

  1. अपना डाक्यूमैंट खोलें।
  2. File मीनू पर क्लिक करें।
  3. Print कमांड पर क्लिक करें। (प्रिंट डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।)
  4. अपनी आवश्यकता अनुसार प्रिंटर, कॉपी, पेज़, पेपर आदि का चुनाव करें।
  5. Print बटन पर क्लिक करें।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 4

4. आर्टिस्टिक इफैक्टस : आर्टिस्टिक इफैक्ट पहले से परिभाषित इफैक्ट होते हैं। जिनका प्रयोग अपनी तस्वीर पर किया जा सकता है। इसके द्वारा तस्वीर को बढ़िया ढंग से पेश किया जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 5

आर्टिस्टिक इफैक्ट लगाने के पग :
1. अपना दस्तावेज़ खोलें।
2. तस्वीर पर क्लिक करें। (Format मीनू दिखाई देगा।)
3. Format टैब पर Proofing ग्रुप में Artistic Effects पर क्लिक करें।
4. अपनी आवश्यकता अनुसार इफैक्ट चुनें। (इफैक्ट लागू हो जाएगा।)
5. कम्प्रेस पिक्चर : री-सैट पिक्चर कम्प्रेस पिक्चर का प्रयोग करके हम अपनी तस्वीर का आकार कम कर सकते हैं। इसके द्वारा तस्वीर के कटे हिस्से हटाये जाते हैं तथा इसके द्वारा फाइल का आकार कम हो जाता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 5 एमएस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-2) 6

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

जान-पहचान : MS Word एक महत्त्वपूर्ण वर्ड प्रोसैसिंग साफ्टवेयर है। इसका प्रयोग डाक्यूमैंट बनाने के लिए किया जाता है। वर्ड प्रोसैसर हमें कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसकी सहायता से हम बहुत ही आकर्षित दस्तावेज़ तैयार कर सकते हैं। यह हमें गलतियां ढूँढ़न, प्रिंट करने, सेव करने, एडिट करने, फारमैट करने जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।

टैक्सट सिलैक्ट करना :
टैक्सट फारमैटिंग का भाव है दस्तावेज़ की दिखावट में बदलाव करना। टैक्सट को फारमैट करने के लिए उसे सिलैक्ट करना पड़ता है। सिलैक्ट करने के दो तरीके हैं-

  1. माऊस के साथ
  2. कीअ-बोर्ड के साथ

सारे दस्तावेज़ को सिलैक्ट करने के लिए Ctrl + A बटन दबाया जाता है। टैक्सट एडिट करना। टैक्सट की कांट-छांट करने की क्रिया को ऐडिट करना कहते हैं। इसमें हम टैक्सट कट, कॉपी, पेस्ट तथा डिलीट कर सकते हैं। कट, कॉपी तथा पेस्ट करना : किसी भी टैक्सट को सिलैक्ट करके राईट क्लिक करके उसको कट या कॉपी किया जा सकता है। इस टैक्सट को नई जगह पर पेस्ट किया जा सकता है। अन डू कमांड हमारे द्वारा किये गए कार्य के प्रभाव को खत्म करके पहले वाले प्रभाव तक ले आती है। हम अपने किये गए कई कार्यों के प्रभाव को खत्म कर सकते हैं। ग़लती होने पर यह कमांड काफी फायदेमंद होती है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

हैडर तथा फुटर :
किसी दस्तावेज़ में हरेक पेज के ऊपर हैडर तथा नीचे फुटर नज़र आता है। इसमें ऐसा कुछ भी शामिल किया जा सकता है जो हम दस्तावेज़ के हर पेज पर दिखाना चाहते हैं। वर्ड में हैडर प्रत्येक पेज पर ऊपर तथा फुटर नीचे दिखाई देते हैं। हैडर या फुटर डालने के लिए पग :

  1. दस्तावेज़ खोलें।
  2. Insert टैब पर क्लिक करें।
  3. Header & Footer ग्रुप में Header या Footer पर क्लिक करें।
  4. अपनी आवश्यकता अनुसार विकल्प का चुनाव करें।
  5. ज़रूरत अनुसार Header या Footer का टैक्सट टाइप करें।
  6. दस्तावेज़ में पेज पर कहीं भी दो बार क्लिक करें। (Header या Footer लग जाएगा।)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 1

हैडर या फुटर हटाने के पग :

  1. अपना दस्तावेज़ खोले।
  2. Insert टैब पर क्लिक करें।
  3. Header & Footer ग्रुप में Header या Footer पर क्लिक करें। (एक मीनू दिखाई देगा)
  4. Remove Header या Remove Footer पर क्लिक करें। (Header या Footer हट जाएगा।)

फारमैटिंग : यह फोंट बदलने का आसान तरीका है। इसका प्रयोग कर हम अलग-अलग स्टाइल या फारमैटिंग आसानी से कर सकते हैं। कीअ-बोर्ड शार्टकट कीज
बोल्ड करने के लिए Ctrl + B
इटालिक करने के लिए Ctrl + I
अंडरलाइन करने के लिए Ctrl + U

वर्ड में काफ़ी सारे फारमैटिंग के विकल्प होते हैं। हम अपनी आवश्यकता अनुसार फारमैटिंग कर सकते हैं। वर्ड में फारमैटिंग तीन प्रकार की होती है –

  • अक्षरों की फारमैटिंग
  • पैरे की फारमैटिंग
  • पेज की फारमैटिंग।

या

1. अक्षरों की फारमैटिंग : अक्षरों की फारमैटिंग निम्न प्रकार की हो सकती है-

  • फोंट टाइप तथा साइज़ बदलना।
  • बोल्ड, इटालिक आदि करना।
  • एनीमेशन इफैक्ट देना। अक्षर फारमैटिंग की विधि

1. शब्दों का चयन करें।
2. Home → Font पर क्लिक करें। (Font डायलाग बॉक्स दिखाई देगा।)

3. इसमें आवश्यकता अनुसार अपना चयन करें।

  • फोंट बदलने के लिए फोंट का चयन करें।
  • बोल्ड करने के लिए Bold चुनें।
  • इटालिक करने के लिए Italic चुनें।
  • फोंट साईज़ बढ़ाने के लिए ज़रूरत अनुसार साईज़ चुनें।
  • नीचे लाइन लगाने के लिए Underline चुनें।
  • रंग बदलने के लिए Font Color चुनें।
  • यदि कोई खास इफैक्ट देना है तो उस इफैक्ट को चुनें। सारा चयन करने के बाद OK बटन पर क्लिक करें।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 2

2. पैरे की फारमैटिंग करना : पैरे की फारमैटिंग सारे पैरों की सैटिंग से सम्बन्धित होती है। इसमें लाइनों की स्पेसिंग, इन्डैटिंग तथा सिधाई आदि आ जाते हैं। इन सभी की सैटिंग भी एक डायलाग बॉक्स से हो जाती है। इसकी विधि नीचे दी गई है-
1. पैरे का चयन करें पैरे के अन्दर क्लिक करें।
2. Home → Paragraph पर क्लिक करें।(Paragraph डॉयलाग बॉक्स दिखाई देगा)
3. अपनी आवश्यकता अनुसार विकल्पों का चयन करें –
(a) सिधाई के ढंग Left, Right, Centre or Justify में से कोई चुनें।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 3
(b) इन्डेंट के लिए विकल्पों का चयन करें।
(c) लाइन स्पेसिंग की दूरी का चयन करें।
(d) दो पैरों की आपस में दूरी का चयन किया जा सकता है।
पिछले पैरे से स्पेसिंग के लिए Before पर स्पेसिंग दें तथा अगले पैरे के लिए After से स्पेसिंग सारी सैटिंग करने के बाद OK बटन पर क्लिक करें।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

3. पेज की सैटिंग करना : पेज की सैटिंग दस्तावेज़ प्रिन्ट करने के लिए की जाती है। इसमें हम पेपर का साईज़, उसके मारजिन तथा छपाई का ढंग आदि का चयन करते हैं। इसके लिए निम्न विधि का प्रयोग किया जाता है।
1. File मीनू पर क्लिक करें।
2. Print …………. पर क्लिक करें। (Page Setup डायलाग बॉक्स दिखाई देगा।)
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 4
3. अपने विकल्पों का चयन करें।

  • मारजिन का चयन करें। ये मारजिन दायें, बायें, ऊपर तथा नीचे चारों तरफ के होते हैं।
  • छपाई की दिशा Portrait या Landscape का चयन करें।
  • कागज़ से सम्बन्धित सैटिंग के लिए Paper टैप पर क्लिक करें।
  • पेपर के साईज़ का चयन करें।
  • इसके साथ काफ़ी सारे और विकल्प भी मौजूद होते हैं। इनका चयन भी किया जा सकता है।

4. OK बटन पर क्लिक करें।

टैक्सट अलाइन करना:
अलाइन करने का अर्थ है टैक्सट को किसी सीध में रखना। टैक्सट को दायें, बायें, मध्य तथा जस्टीफाई अलाइन किया जा सकता है। टैक्सट को टूलबार की सहायता से अलाइन किया जा सकता है। की-बोर्ड की सहायता से भी यह कार्य किया जा सकता है। इसके लिए Ctrl + L, Ctrl + R, Ctrl + E, Ctrl + J कीज़ का प्रयोग किया जाता है।

वर्ड में सिधाई चार प्रकार की होती है –

  1. बाईं तरफ की (Left Alignment)-इसमें सारी पंक्तियां बाईं तरफ से बराबर की जाती हैं।
  2. दाईं तरफ की (Right Alignment)-इसमें सारी पंक्तियां दाईं तरफ से बराबर की जाती हैं।
  3. केन्द्र सिधाई (Centerd Alignment)-सभी पंक्तियां स्क्रीन के मध्य में सिधाई जाती हैं।
  4. उचित ढंग की (Justify Alignment)-यह सिधाई बाईं तथा दाईं दोनों तरफ से की जाती है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 5

लाइन तथा पैराग्राफ स्पेसिंग : किसी दो लाइनों के बीच के स्थान को लाइन स्पेसिंग कहा जाता है तथा पैराग्राफ के आगे तथा पीछे आने वाले स्थान को पैराग्राफ स्पेसिंग कहा जाता है। यह स्पेसिंग फारमैट मीनू की सहायता से की जा सकती है। लाइन स्पेसिंग के लिए Ctrl + 1, Ctrl + 5, Ctrl + 2 आदि शार्टकट कीज़ का प्रयोग किया जाता है।

वर्ड में दो लाइनों के बीच की स्पेसिंग को लाइन स्पेसिंग कहा जाता है। इसको कम या ज्यादा किया जा सकता है। इसके लिए निम्न तरीका अपनाया जाता है –

  1. टैक्सट को सिलैक्ट करो।
  2. Format → Paragraph मीनू को चुनो। (Paragraph डायलाग बाक्स दिखाई देगा।)
  3. Indent and Spacing टैब पर क्लिक करो।
  4. लाइन स्पेसिंग सैट करो।
  5. OK बटन पर क्लिक करो।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 6

बुलेट तथा नंबर डालना :
किसी लिस्ट को प्रभावशाली ढंग से पेश करने के लिए बुलेट तथा नंबर डाले जाते हैं। इसके लिए फारमैट मीनू तथा फारमैट टूलबार का प्रयोग किया जा सकता है।

चेंज टैक्सट केस :
वर्ड में हम अपने टैक्सट का केस भी बदल सकते हैं। Title, Sentence, UPPAR, Lower, TOGGLE ये पांच प्रकार के केस बदलाव के विकल्प होते हैं।

फाइंड एंड रिप्लेस :
फाइंड एंड रिप्लेस यूटिलिटी द्वारा हम वर्ड में अपने टैक्सट को ढूंढ़ सकते हैं तथा अपनी ज़रूरत अनुसार किसी दूसरे टैकसट के साथ बदल सकते हैं। कई बार हमारा दस्तावेज काफ़ी बड़ा हो जाता है तथा हमें उस दस्तावेज़ में कोई शब्द ढूंढ़ने की आवश्यकता होती है। यदि हम उस शब्द को ढूंढने लगें तो काफी समय लग जाता है। साथ ही यह कार्य काफ़ी मुश्किल भी है। यह कार्य भी वर्ड कर सकता है। इसके लिए एक फंक्शन बनी हुई है जिसे टैक्सट ढूंढ़ना कहते हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 7
1. शब्द ढूंढ़ना (Finding Words)-कई बार हमारा दस्तावेज़ काफ़ी बड़ा होता है तथा हमें उसमें कोई शब्द ढूंढना पड़ता है। यह काम भी वर्ड खुद ही कर देगा। –

  • Edit → Find पर क्लिक करें। (Find डायलाग बॉक्स दिखाई देगा)
  • Find What में शब्द टाइप करें।
  • Find Next बटन पर क्लिक करें। वह शब्द हाईलाईट हो जाएगा।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

यदि वह शब्द दस्तावेज़ में नहीं है तो वर्ड एक मैसेज दिखा देगा जिस में लिखा होगा कि वह शब्द नहीं मिला।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 8

2. शब्द बदलनाहम कई बार अपने दस्तावेज़ में एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द लिखना चाहते हैं पर हमें अपने शब्द का स्थान नहीं मालूम होता। उस स्थिति में भी वर्ड हमारी मदद करता है।

  • Edit → Replace पर क्लिक करें।
  • Find What में शब्द भरें।
  • Replace with में वह शब्द भरें जिसके साथ स्थान बदलना है।
  • Replace पर क्लिक करो। यदि सारे शब्दों को बदलना है तो Replace All पर क्लिक करो।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 9

फाइंड एंड रिप्लेस:
फाइंड एंड रिप्लेस यूटिलिटी द्वारा हम वर्ड में अपने टैक्सट को ढूंढ़ सकते हैं तथा अपनी ज़रूरत अनुसार किसी दूसरे टैकसट के साथ बदल सकते हैं। कई बार हमारा दस्तावेज काफ़ी बड़ा हो जाता है तथा हमें उस दस्तावेज़ में कोई शब्द ढूंढ़ने की आवश्यकता होती है। यदि हम उस शब्द को ढूंढ़ने लगें तो काफी समय लग जाता है। साथ ही यह कार्य काफ़ी मुश्किल भी है। यह कार्य भी वर्ड कर सकता है। इसके लिए एक फंक्शन बनी हुई है जिसे टैक्सट ढूंढ़ना कहते हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 10

1. शब्द ढूंढ़ना (Finding Words)-कई बार हमारा दस्तावेज़ काफ़ी बड़ा होता है तथा हमें उसमें कोई शब्द ढूंढ़ना पड़ता है। यह काम भी वर्ड खुद ही कर देगा। –

  • Edit → Find पर क्लिक करें। (Find डायलाग बॉक्स दिखाई देगा)
  • Find What में शब्द टाइप करें।
  • Find Next बटन पर क्लिक करें। वह शब्द हाईलाईट हो जाएगा। यदि वह शब्द दस्तावेज़ में नहीं है तो वर्ड एक मैसेज दिखा देगा जिस में लिखा होगा कि वह शब्द नहीं मिला।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 11

2. शब्द बदलनाहम कई बार अपने दस्तावेज़ में एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द लिखना चाहते हैं पर हमें अपने शब्द का स्थान नहीं मालूम होता। उस स्थिति में भी वर्ड हमारी मदद करता है।

  • Edit → Replace पर क्लिक करें।
  • Find What में शब्द भरें।
  • Replace with में वह शब्द भरें जिसके साथ स्थान बदलना है।
  • Replace पर क्लिक करो। यदि सारे शब्दों को बदलना है तो Replace All पर क्लिक करो।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 12

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

समार्ट आर्ट ग्राफिक्स :
समार्ट आर्ट वर्ड में पहले से बनी आर्ट ग्राफिकस होता है जिसका प्रयोग हम अपनी आवश्यकता अनुसार कर सकते है। स्मार्ट आर्ट पहले से बनी आकृतियां हैं जिसका प्रयोग दस्तावेज़ में किया जा सकता है। वर्ड में आठ प्रकार के स्मार्ट आर्ट हैं। जिनके नाम निम्न हैं –

  1. List
  2. Process
  3. Cycle
  4. Hierarchy
  5. Relationship
  6. Matrix
  7. Pyramid
  8. Picture.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 13

प्रत्येक में आगे कई प्रकार के स्मार्ट आर्ट होते हैं। स्मार्ट आर्ट दाखिल करने के पग :

  1. अपना दस्तावेज़ पेज़ खोलें।
  2. वहां क्लिक करें जहां स्मार्ट आर्ट दाखिल करना है।
  3. Insert टैब के Illustration ग्रुप के Smartart बटन पर क्लिक करें। (एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 14

 

4. अपनी पसंद अनुसार स्मार्ट आर्ट चुनें स्मार्ट आर्ट दाखिल हो जाएगा।)
5. उसमें अपना टैक्सट टाइप करें।

क्लिप आर्ट:
क्लिप आर्ट छोटी तस्वीरें होती हैं, जिनको दस्तावेज़ में डाला जा सकता है। इनका प्रयोग दस्तावेज़ को सुन्दर बनाने के लिए किया जाता है। इन क्लिप आर्ट को हम इंसरट मीनू की सहायता से डाल सकते हैं।

वर्ड आर्ट भरना :
वर्ड में टैक्सट को ड्राईंग की वस्तु के रूप में भरा जा सकता है। इसमें विभिन्न प्रकार के स्टाइल लगाए जा सकते हैं। ये सब कुछ वर्ड आर्ट गैलरी में पड़ा होता है। यह इन्सरट मीनू में मौजूद होता है। वर्ड आर्ट में टैक्सट को बढ़िया ढंग से पेश करने का ढंग है। इसके द्वारा टैक्सट को कई डिजाइनों में दिखा सकते है। इनमें रंगों का भी बढ़िया प्रयोग किया गया होता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 15

वर्ड आर्ट दाखिल करने के पग

  1. अपना दस्तावेज खोलें।
  2. Insert टैब के Text ग्रुप में Wordart बटन पर क्लिक करें।
  3. अपनी आवश्यकता अनुसार Wordart चुनें।
  4. अपना टैक्सट टाइप करें। (टैक्सट दाखिल हो जाएगा।)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 16

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1)

आटोशेप भरना:
वर्ड में कुछ पहले से बनी आकृतियां होती हैं जिनको दस्तावेज़ में भरा जा सकता है। इन आकृतियों को आटो शेप कहते हैं। शेप वर्ड में बनी बनाई आकृतियां हैं जिसका प्रयोग अपने दस्तावेज़ में किया जा सकता है। वर्ड में Line Rectangle, Basic Shapes, Block Arrows, Equation Shapes, Flow Charts, Starts and Banners तथा Callout आदि कैटागरी की शेपस उपलब्ध होती है। शेप दाखिल करने के पग : शेप दाखिल करने के निम्न पग हैं –

  1. अपना दस्तावेज़ खोलें।
  2. वहां क्लिक करें जहां शेप दाखिल करनी है।
  3. Insert टैब को Illustrations ग्रुप के Shapes बटन पर क्लिक करें।
  4. अपनी ज़रूरत अनुसार शेप पर क्लिक करें। (शेप दाखिल हो जाएगी।)

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 17

सिंबल :
सिंबल विभिन्न प्रकार के चिन्ह होते हैं। जिनको हम टाइप या कीअ-बोर्ड द्वारा दाखिल नहीं कर सकते। इनको माऊस द्वारा सिलैक्ट करके दाखिल किया जा सकता है। सिंबल कई प्रकार के होते हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 18
सिंबल दाखिल करने के पग
1. अपना दस्तावेज़ खोलें।
2. वहां क्लिक करें जहां सिंबल दाखिल करना है।
3. Insert टैब के Symbols ग्रुप में Symbols पर क्लिक करें। (एक मीनू दिखाई देगा)
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 4 एम एस वर्ड में फारमैटिंग (भाग-1) 19
4. अपनी ज़रूरत अनुसार सिंबल चुनें। यदि सिंवल दिखाई नहीं दे रहा है तो More Symbols पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा। उसमें अपनी ज़रूरत का सिंबल ढूंढ़े तथा Insert पर क्लिक करें। (सिंबल दाखिल हो जाएगा।)

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

Punjab State Board PSEB 7th Class Science Book Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Science Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

PSEB 7th Class Science Guide अपशिष्ट जल की कहानी Textbook Questions and Answers

1. खाली स्थान भरें :-

(i) मल प्रवाह में घुली हुई तथा ठोस अशुद्धियों को ……………………. कहते हैं।
उत्तर-
प्रदूषक

(ii) चार्जित गार में लगभग …………………… जल होता है।
उत्तर-
97%

(iii) जल शुद्धिकरण टैंक के तल पर बैठे ठोस पदार्थ को ……………………… कहते हैं।
उत्तर-
गार/आपंक

(iv) ……………… ऐसा स्थान होता है, जहाँ अपशिष्ट जल में से दूषकों को अलग किया जाता है।
उत्तर-
जल शुद्धिकरण टैंक

(v) सफाई संबंधी ……………………… आदतें अपनाएं।
उत्तर-
अच्छी।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

2. निम्नलिखित में से सही या गलत चुनें :-

(i) खुली नालियों (Drain) की गंध तथा दिखावट बहुत मनमोहक होती है।
उत्तर-
ग़लत

(ii) पॉलिथीन के लिफ़ाफे नालियों में फेंकें।
उत्तर-
ग़लत

(iii) खुली नालियाँ, मक्खियों तथा मच्छरों के प्रजनन स्थान होते हैं।
उत्तर-
सही

(iv) खुले में शौच न करें।
उत्तर-
सही

(v) भोजन के बचे हुए ठोस टुकड़े नालियों (Drain) को बंद कर सकते हैं।
उत्तर-
सही

3. कॉलम ‘क’ और कॉलम ‘ख’ का सही मिलान करें :-

कॉलम ‘क’ कॉलम ‘ख’
(i) कार्बनिक अशुद्धियाँ (क) मल–प्रवाह उपचार
(ii) अकार्बनिक अशुद्धियाँ (ख) टायफाइड
(iii) अपशिष्ट जल-शोधन (ग) रूड़ी खाद
(iv) जल के साथ होने वाली बीमारी (घ) नाइट्रेट्स तथा फास्फेट
(v) सूखा गार (ङ) मानवीय मल।

उत्तर-

कॉलम ‘क’ कॉलम ‘ख’
(i) कार्बनिक अशुद्धियाँ (ङ) मानवीय मल।
(ii) अकार्बनिक अशुद्धियाँ (घ) नाइट्रेट्स तथा फास्फेट
(iii) अपशिष्ट जल-शोधन (क) मल-प्रवाह उपचार
(iv) जल के साथ होने वाली बीमारी (ख) टायफाइड
(v) सूखा गार (ग) रूड़ी खाद।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

4. बहु-वैकल्पिक उत्तरों में सही उत्तर चुनें :-

प्रश्न (i)
अपशिष्ट जल शोधक यंत्र में होते हैं-
(क) छड़ों वाली जाली
(ख) जल शुद्धिकरण
(ग) गारा तथा रेत अलग करने वाली टंकी
(घ) उपर्युक्त सभी।
उत्तर-(घ) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न (ii)
अपशिष्ट जल शोधक प्लांट के सह उत्पाद होते हैं-
(क) बायोगैस
(ख) गारा
(ग) ‘क’ तथा ‘ख’ दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(ग) ‘क’ तथा ‘ख’ दोनों।

प्रश्न (iii)
इनमें से कौन-सा रासायनिक जल को कीटाणु रहित करने के लिए प्रयोग किया जाता है ?
(क) क्लोरीन
(ख) ओजोन
(ग) ‘क’ तथा ‘ख’ दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(ग) ‘क’ तथा ‘ख’ दोनों।

प्रश्न (iv)
विश्व टॉयलेट दिवस मनाया जाता है-
(क) 29 नवंबर
(ख) 19 अक्तूबर
(ग) 19 नवंबर
(घ) 29 अक्तूबर।
उत्तर-
(ग) 19 नवम्बर।

प्रश्न (v)
इनमें से कौन-सी कम खर्चीली मल-प्रवाह निपटान की प्रणाली नहीं है ?
(क) सेप्टिक टंकी
(ख) कंपोस्टिंग टंकी
(ग) रासायनिक टॉयलेट
(घ) छड़ों वाली जाली।
उत्तर-
(घ) छड़ों वाली जाली।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

5. अति लघूत्तर प्रश्न :-

प्रश्न (i)
मल-प्रवाह क्या होता है ?
उत्तर-
मल-प्रवाह – यह वह गंदा जल होता है जिसमें घुली हुई तथा लटकती हुई ठोस अशुद्धियाँ होती हैं। यह घरों, उद्योगों, खेतों तथा अस्पतालों द्वारा पैदा किया जाता है।

प्रश्न (ii)
गार किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गार – जो ठोस पदार्थ जल शुद्धिकरण टैंक के तल पर बैठ जाता है, उसे गार अथवा आपंक कहते हैं।

प्रश्न (iii)
निर्मल जल /शुद्ध जल (Clarified Water) क्या होता है ?
उत्तर-
निर्मल जल या शुद्ध जल – शुद्ध जल रंगहीन, गंधहीन तथा स्वादरहित होता है। शुद्ध जल का pH लेवल 7 होता है। वर्षा जल शुद्ध जल होता है। शुद्ध जल का उबाल दर्जा 100°C होता है। शुद्ध जल में कोई घुलनशील अथवा लटकती हुई कोई अशुद्धि नहीं होती तथा यह कीटाणु रहित होता है।

प्रश्न (iv)
सेप्टिक टंकी किसे कहते हैं ?
उत्तर-
सेप्टिक टैंकी – यह एक कम खर्चे वाली मल प्रवाह शोध की ऐसी प्रणाली है जिसमें ऑक्सीजन रहित जीवाणु होते हैं जो अपशिष्ट पदार्थों का अपघटन करते हैं। इसका मुख्य मल-विसर्जन पाइपों से कोई संबंध नहीं होता है। मानवीय मल प्रवाह की यह तकनीक वहाँ प्रयोग होती है जहाँ मल को शौचालय के बंद पाइपों के रास्ते सीधा ही बायोगैस प्लांट में भेजा जाता है।
PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी 1

प्रश्न (v)
अपशिष्ट जल शोधन-प्रणाली क्या होती है ?
उत्तर-
अपशिष्ट जल – शोधन प्रणाली-अशुद्धियों को अलग करने के लिए मल प्रवाह को बंद पाइपों द्वारा व्यर्थ जल शोधक प्रणाली तक लेकर जाते हैं तथा शोध के बाद इस जल को नदियों या समद्रों में बहा दिया जाता है। अपशिष्ट जल शोधक प्रणाली वहीं होती है जहाँ इसमें से अशुद्धियाँ अलग की जाती हैं। अपशिष्ट जल में से अशुद्धियाँ अलग करने को जल स्वच्छ करना या जल शोधन या उपचार कहते हैं। जल शोधन में पानी में से अशुद्धियाँ दूर करने के लिए भौतिक, रासायनिक तथा जैविक क्रियाएँ की जाती हैं। अपशिष्ट जल शोधन को साधारणतः से मल-प्रवाह शोधन कहते हैं।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

6. लघूत्तर प्रश्न :-

प्रश्न (i)
तेल, घी आदि को नाली में क्यों नहीं फेंकना चाहिए ? टिप्पणी दें।
उत्तर-
खाना/भोजन पकाते समय बचे हुए तेल/घी को ड्रेन में फेंकने के स्थान पर कूड़ेदान में फेंकना चाहिए क्योंकि यह सख्त होकर निकासी वाली पाइपों को बंद कर सकते हैं। खुले स्थान पर यह मिट्टी के मुसामों/छिद्रों को भी बंद कर सकते हैं जिससे मिट्टी की पानी को फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है।

प्रश्न (ii)
अपशिष्ट जल शोधक प्रणाली में छड़ों वाली जाली का क्या काम है ?
उत्तर-
अपशिष्ट जल शोधक प्रणाली में सबसे पहले इस जल में से ठोस अशुद्धियों जैसे डिब्बे, कपड़े के टुकड़े नैपकिन, प्लास्टिक की वस्तुएँ आदि को अलग करने के लिए जल को लोहे वाले जाल में से गुजारा जाता है जहाँ यह वस्तुएँ रुककर अलग हो जाती हैं।
PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी 2

प्रश्न (iii)
कूड़े को केवल कूड़ेदान में फेंके। टिप्पणी करें।
उत्तर-
कूड़े के बिखेरने से न केवल हमारा इर्द-गिर्द ही गंदा होगा बल्कि वातावरण भी दूषित होगा तथा गंदी बदबू भी आएगी जो कीड़े-मकौड़ों तथा तिलचट्टे पैदा होने में सहायक होगी। इससे कई बिमारियाँ भी होंगी। इसलिए कूडे को कूड़ेदान में फेंकना चाहिए।

Science Guide for Class 7 PSEB अपशिष्ट जल की कहानी Intext Questions and Answers

सोचें तथा उत्तर दें:- (पेज 216)

प्रश्न 1.
साफ जल तथा दूषित जल के रंग में क्या अंतर होता है ?
उत्तर-
साफ जल – साफ जल रंगहीन होता है, परंतु इसमें घुली अशुद्धियाँ तथा सूक्ष्मजीव उपस्थित हो सकते हैं। यह जल शुद्ध नहीं होता तथा पीने योग्य नहीं है।

दूषित जल – जल जिसमें सूक्ष्मजीव उपस्थित हो वह भी रंगहीन हो सकता है। इसके अतिरिक्त यदि जल में कोई रंगदार घुली हुई मिट्टी या अशुद्धि है तो यह काले या भूरे रंग का भी हो सकता है।

प्रश्न 2.
गंदे जल में विद्यमान कोई दो कार्बनिक संदूषकों के नाम बताएं।
उत्तर-
गंदे पानी में उपस्थित कार्बनिक संदूषक-

  1. कीटनाशक
  2. नदीन नाशक
  3. फल सब्जियाँ
  4. मानवीय तथा पशु मल।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

सोचें तथा उत्तर दें:- (पेज 217)

प्रश्न 1.
मल-प्रवाह मार्ग में मैनहोल क्यों बनाए जाते हैं ?
उत्तर-
मल-प्रवाह मार्ग के प्रत्येक 50-60 मीटर की दूरी पर या दो मल विसर्जनों के जोड़ पर जहाँ दिशा बदलनी हो, वहाँ मैनहोल बनाए जाते हैं ताकि इसमें दाखिल होकर व्यक्ति जल-मल निकास की समस्या का पता तथा निवारण कर सके।

प्रश्न 2.
किसी खुले जल-निकास में या समीप पाए जाने वाले दो जीवों के नाम बताएं।
उत्तर-

  1. काकरोच (तिलचट्टा) तथा
  2. बिच्छू।

सारी परखनलियों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:-(पेज 220)

प्रश्न 1.
हवा प्रवाहित करने के बाद तरल दिखावट (Appearance) में क्या परिवर्तन आया ?
उत्तर-
द्रव का रंग थोड़ा साफ तथा हल्के रंग का दिखाई देता है।

प्रश्न 2.
रेत फिल्टर होने से क्या अलग हुआ ?
उत्तर-
रेत फिल्टररेशन द्वारा अघुलनशील ठोस कण अलग हो गए।

PSEB Solutions for Class 7 Science अपशिष्ट जल की कहानी Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(i) जल को स्वच्छ करना ………………… को दूर करने का प्रक्रम है।
उत्तर-
संदूषक

(ii) घरों द्वारा मुक्त किए जाने वाला अपशिष्ट जल …………………… कहलाता है।
उत्तर-
वाहित मल

(iii) शुष्क ……………………….. का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।
उत्तर-
आपंक

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

(iv) नालियाँ …………………. और ……………………. के द्वारा अवरूद्ध हो जाती हैं।
उत्तर-
तेल, वसा

(v) ढक्कन से ढका हुआ वह खुला स्थान जिस रास्ते व्यक्ति अंदर जाकर मल-प्रवाह प्रणाली को चैक कर सकता है, को ……………….. कहते हैं।
उत्तर-
मैनहोल।

प्रश्न 2.
कॉलम ‘क’ में दिए गए शब्दों का कालम ‘ख’ के साथ मिलान कीजिए-

कॉलम ‘क’ कॉलम ‘ख
(i) व्यर्थ जल शोध के सह-उत्पाद (क) 19 दिसम्बर
(ii) विश्व जल दिवस (ख) मक्खियां तथा मच्छरों का प्रजनन स्थल
(iii) खुले मल-प्रवाह (ग) गार, बायोगैस
(iv) विश्व टायलेट दिवस (घ) 22 मार्च।

उत्तर-

कॉलम ‘क’ कॉलम ‘ख’
(i) व्यर्थ जल शोध के सह-उत्पाद (ग) गार, बायोगैस
(ii) विश्व जल दिवस (घ) 22 मार्च
(iii) खुले मल-प्रवाह (ख) मक्खियां तथा मच्छरों का प्रजनन स्थल
(iv) विश्व टायलेट दिवस (क) 19 दिसम्बर।

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनें-

(i) धरती के नीचे छोटे तथा बढ़े पाइपों के जाल को कहते हैं।
(क) गार
(ख) मल-प्रवाह
(ग) मल विसर्जन प्रणाली
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(ग) मल विसर्जन प्रणाली।

(ii) विश्व जल दिवस मनाया जाता है-
(क) 22 मार्च
(ख) 22 फरवरी
(ग) 22 अप्रैल
(घ) 22 जून।
उत्तर-
(क) 22 मार्च।

(iii) पराबैंगनी विकिरणों को कौन-सी गैस अवशोषित करती है ?
(क) नाइट्रोजन
(ख) ऑक्सीजन
(ग) ओज़ोन
(घ) हाइड्रोजन।
उत्तर-
(ग) ओज़ोन।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

(iv) प्रदूषित पानी से रोग होते हैं ?
(क) पीलिया
(ख) पेचिश
(ग) हैजा
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(घ) उपरोक्त सभी।

(v) मलेरिया फैल सकता है-
(क) खुली नालियों से-
(ख) बंद नालियों से
(ग) नल से
(घ) पानी की पाइपों से।
उत्तर-(क) खुली नालियों से।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से ठीक या गलत बताओ-

(i) अवशोषित मल प्रवाह को जल भंडारों में फेंक देना चाहिए।
उत्तर-
ग़लत

(ii) बचे हुए तेल तथा घी को ड्रेन में बहा देना चाहिए।
उत्तर-
ग़लत

(iii) पॉलीथीन के लिफ़ाफे या टुकड़े नालियों में फेंकने से नालियों को बंद कर सकते हैं।
उत्तर-
ठीक

(iv) कचरे को केवल कूड़ेदान में ही फेंकना चाहिए।
उत्तर-
ठीक

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

(v) जल शुद्धिकरण टैंक के तल में बैठे ठोस पदार्थ को गार कहते हैं।
उत्तर-
ठीक।

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कौन-सा दिन विश्व जल दिवस के रूप में मनाया जाता है ?
उत्तर-
22 मार्च।

प्रश्न 2.
जल की सफ़ाई से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
जल की सफ़ाई : अपशिष्ट जल से संदूषकों को पृथक् करने के प्रक्रम को जल की सफ़ाई कहते हैं।

प्रश्न 3.
अपशिष्ट जल को साफ़ करने के प्रक्रम को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर-
वाहित मल उपचार।

प्रश्न 4.
‘वाहित मल’ कैसे बनता है ?
उत्तर-
वाहित मल घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों और अन्य उपयोगों के बाद प्रवाहित किया जाने वाला जल अपशिष्ट या वाहित मल होता है।

प्रश्न 5.
पेचिश फैलाने वाले जीव कौन-से हैं ?
उत्तर-
सूक्ष्म रोगाणु।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

प्रश्न 6.
सीवर किसे कहते हैं ?
उत्तर-
सीवर (Sewerage) – भूमि के अंदर छोटे और बड़े पाइपों का जाल, सीवर कहलाता है।

प्रश्न 7.
पानी के सूक्ष्म जीव कौन-से रसायनों से नष्ट होते हैं ?
उत्तर-
पेंट, तेल, दवाइयां आदि। ।

प्रश्न 8.
ठोस व्यर्थ नालियों में क्यों नहीं फेंकने चाहिए ?
उत्तर-
क्योंकि यह नालियों को प्रदूषित करते हैं तथा ऑक्सीजन के मुक्त प्रवाह को रोकते हैं।

प्रश्न 9.
ऑक्सीजन व्यर्थ जल को किस प्रकार शुद्ध करती है ?
उत्तर-
ऑक्सीजन व्यर्थ जल का निम्नीकरण करती है।

प्रश्न 10.
रोगों के फैलने के दो कारणों के नाम लिखो।
उत्तर-

  1. सफाई ना करना
  2. प्रदूषित जल।

प्रश्न 11.
जिन स्थानों पर मल वाहन की व्यवस्था नहीं है वहां किस प्लांट का उपयोग उपयुक्त है ?
उत्तर-
सेप्टिक टैंक (Septic Tank)।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वाहित मल निपटान की प्रणाली पर नोट लिखिए।
उत्तर-
सेप्टिक टैंक, रासायनिक शौचालय, कपोस्टिंग पिट आदि वाहित मल निपटान की वैकल्पिक व्यवस्थाएँ हैं। यह सारी व्यवस्था साधन की कम लागत से तैयार होती है और उन सभी जगहों के लिए उपयुक्त है जहाँ सीवर साधन उपलब्ध नहीं हैं जैसे अस्पताल, अलग-थलग बने भवन अथवा 4 से 5 घरों का समूह।

प्रश्न 2.
घरों में अपशिष्ट जल की मात्रा को कम करने के कुछ उपाय समझाइए।
उत्तर-घरों में अपशिष्ट जल की मात्रा को नियंत्रण करने के उपाय-

  1. नालियों में तेलीय वस्तुएँ, वसा आदि को नहीं बहने देना चाहिए क्योंकि ये वस्तुएँ नालियों को अवरूद्ध कर देती हैं।
  2. पेंट, रसायन, कीटनाशी आदि जल में प्रवाहित नहीं करने चाहिए क्योंकि ये जल शोधन के सूक्ष्मजीव को नष्ट कर देते हैं।
  3. प्रयुक्त चाय पत्ती, बचे हुए ठोस खाद्य पदार्थ, खिलौने, सैनिटरी टावल आदि कूड़ेदान में डालने चाहिए क्योंकि यह ठोस नालियों को अवरूद्ध कर देते हैं।

प्रश्न 3.
वाहित मल क्या है ? अनुपचारित वाहित मल को नदियों अथवा समुद्र में विसर्जित करना हानिकारक क्यों है ? समझाइए। . .
उत्तर-
वाहित मल – यह द्रव रूपी अपशिष्ट है जिसमें अधिकांश घुले हुए और निलंबित अपद्रव्य (संदूषक) होते हैं। यह प्रकृति में जटिल होता है। वाहित मल घरों, उद्योगों, कृषि क्षेत्रों तथा मानव क्रियाकलापों द्वारा उत्पन्न होता है। यह जल तथा भूमि के प्रदूषण का मुख्य कारण है।

अनुपचारित प्रदूषित जल के हानिकारक प्रभाव-

  1. इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे होते हैं।
  2. भूमिगत जल तथा भूमि जल प्रदूषित हो जाते हैं।
  3. जलवाहक रोगों के लिए वाहक का कार्य करता है।

प्रश्न 4.
तेल और वसाओं को नाली में क्यों नहीं बहाना चाहिए ? समझाइए।
उत्तर-
तेल तथा वसा जम कर ठोस बन जाने से पाइप तथा नालियों को बंद कर देते हैं। खुली नालियों में तेल मिट्टी के कणों को जकड़ लेते हैं जिससे उनकी फिल्टर करने की शक्ति कम हो जाती है।

प्रश्न 5.
अपशिष्ट जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के प्रक्रम में सम्मिलित चरणों का वर्णन करें।
उत्तर-
अपशिष्ट जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने में चरण-

  1. अपशिष्ट जल में उपस्थित कपड़ों के टुकड़े, डंडियाँ, डिब्बे तथा प्लास्टिक आदि को पृथक् करने के लिए
    अपशिष्ट जल को उर्ध्वाकार लगी छड़ों से बने शलाका छन्ने (बार स्क्रीन) में से गुज़ारा जाता है।
  2. अपशिष्ट जल को ग्रिट तथा रेत अलग करने वाली टैंकी में से गुज़ारा जाता है जहाँ अपशिष्ट जल को कम प्रवाह से छोड़ा जाता है। यहाँ जल में उपस्थित रेत, ग्रिट और कंकड़-पत्थर नीचे बैठ जाते हैं।
  3. अब जल को बड़ी टैंकी में ले जाया जाता है, जिसका पैंदा मध्य भाग में ढलान वाला होता है। इस टैंकी के मध्य भाग में मल तथा तैरने वाले तेल जैसे ठोस टैंकी की तपैंदी के मध्य भाग में बैठ जाते हैं।
  4. अब निर्मलीकृत जल में से पंप द्वारा वायु को गुज़ारा जाता है जिससे उसमें वायकीय जीवाणुओं की वृद्धि होती है। इस प्रकार साफ़ किया गया जल निर्मलीकृत जल कहलाता है।

PSEB 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

प्रश्न 6.
आपंक क्या है ? समझाइए कि इसे कैसे उपचारित किया जाता है ?
उत्तर-
आपंक (Sludge) – यह अपशिष्ट जल को बार स्क्रीन लगी टैंकी जिससे ग्रिट तथा रेत पृथक् की जाती है, में से गुज़ार कर एकत्रित किया गया ठोस मल है।

आपंक का उपचार – आपंक को एक टैंकी में एकत्रित किया जाता है, जहाँ यह अवायवीय जीवाणुओं द्वारा अपघटित हो जाता है। इस प्रक्रम में उत्पन्न होने वाली बायोगैस (जैव गैस) का उपयोग ईंधन के रूप में या बिजली उत्पादन में किया जाता है। शुष्क आपंक को खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 7.
अनुपचारित मानव मल एक स्वास्थ्य संकट है। समझाइए।
उत्तर-

  1. अनुपचारित मानव मल मच्छर, मक्खी तथा अन्य कीटों का जनन केंद्र बन जाता है।
  2. यह दुर्गंध से भरपूर होता है।
  3. यह भूमि तथा जल को प्रदूषित करता है।
  4. यह अनेक प्रकार के रोगों का वाहक है।

प्रश्न 8.
जल को रोगाणुनाशित (रोगाणु मुक्त) करने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो रसायनों के नाम बताइए।
उत्तर-

  1. क्लोरीन और
  2. ओज़ोन।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वाहित मल उपचार संयंत्र का विवरण दीजिए।
उत्तर-
वाहित मल उपचार संयंत्र – वाहित मल के उपचार में भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रम सम्मिलित हैं जो जल को संदूषित करने वाले भौतिक, रासायनिक और जैविक द्रव्यों को पृथक करने में सहायता करते हैं।

(i) शलाका छन्नों में से गुज़ारना – अपशिष्ट जल उर्ध्वाकार लगी छड़ों से बने शलाका छन्नों में से गुज़ारा जाता है ताकि बड़े आकार की अशुद्धियां जैसे कपड़ों के टुकड़े, डिब्बे, प्लास्टिक के थैले आदि पृथक् हो सकें।

(ii) ग्रिट और बालू उपचार टैंक – अपशिष्ट जल को इन टैंकों में से बड़ी से धीमी गति से प्रवाहित किया जाता है ताकि धूल, कंकड़, पत्थर आदि नीचे तल में बैठ जाएँ।

(iii) आपंक को पृथक् करना – अपशिष्ट जल को एक ऐसी टैंकी में डाला जाता है जिसका मध्य भाग ढलान वाला होता है ताकि अपशिष्ट जल में ठोस इस ढलान वाली तली में बैठ जाए। यह तली पर जमा ठोस आपंक कहलाता

इसे खुरच कर बाहर निकाला जाता है। अपशिष्ट जल में तैरने वाली अशुद्धियों (तेल, वसा) को अपमथित्र (स्किमर) द्वारा पृथक् किया जाता है। यह जल निर्मलीकृत जल होता है।

अब दो विभिन्न प्रक्रम अपनाए जाते हैं-
(क) आपंक को एक ऐसी टंकी में स्थानांतरित किया जाता है जहाँ अवायवीय अपघटन हो सके। इस अपघटन में बायोगैस उत्पन्न होती है।

(ख) निर्मलीकृत जल में वायवीय सूक्ष्मजीव बचे हुए मानव अपशिष्ट पदार्थों, खाद्य पदार्थों, साबुन आदि का उपयोग करते हैं। इन जीवों की वद्धि के लिए निर्मलीकृत जल में वायु का प्रवाह किया जाता है। यह सूक्ष्मजीव उपभोग किए हुए पदार्थों के साथ टंकी की तली में बैठ जाते हैं। ऊपर से जल को निकाल दिया जाता है। जमे हुए आपंक को सुखा कर खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।

(iv) उपरोक्त जल को या तो किसी जल स्रोतों में डाल दिया जाता है अथवा क्लोरीन या ओज़ोन से उपचारित किया जाता है।

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़

This PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ will help you in revision during exams.

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़

जान पहचान : स्टोरेज डिवाइस वह यन्त्र होता है जिसका प्रयोग जानकारी संभालने के लिए किया जाता है। हमारे पास बहुत से ऐसे यन्त्र उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग हम अपनी आवश्यकता अनुसार डाटा स्टोर करने के लिए कर सकते हैं।

मैमरी का प्रयोग :
कम्प्यूटर में डाटा स्टोर करने के लिए मैमरी का प्रयोग होता है। इसमें डाटा तथा निर्देश स्टोर करके रखे जाते हैं ताकि उन्हें प्रोसैस किया जा सके। कम्प्यूटर डाटा को डिजीटल फारमेट में स्टोर करता है।

मैमरी की किस्में : कम्प्यूटर का वह स्थान जहां पर डाटा स्टोर किया जाता है उसको मैमरी कहते हैं। मैमरी एक प्रकार की इलैक्ट्रॉनिक चिप होती है। इसकी भण्डारण क्षमता अलग-अलग होती है। मैमरी दो प्रकार की होती है-
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 1

1. प्राइमरी मैमरी : यह मुख्य मैमरी होती है जो सी.पी.यू. के साथ सीधे तौर पर जुड़ी होती है। यह बहुत महंगी होती है। RAM तथा ROM इसकी किस्में हैं।
प्राइमरी मैमरी की किस्में : प्राइमरी मैमरी दो प्रकार की होती है –
1. RAM : RAM का पूरा नाम Random Access Memory है। इसको पढ़ने तथा लिखने दोनों के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 2

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़

2. ROM: ROM का पूरा नाम Read only Memory है। इसका प्रयोग सिर्फ पढ़ने के लिए ही किया जाता है। इस पर लिखना सम्भव नहीं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 3

2. सैकेण्डरी मैमरी : यह मैमरी वह मैमरी होती है जो सीधे रूप से कम्प्यूटर से जुड़ी नहीं होती। यह बाहरी मैमरी होती है। इसका प्रयोग कम्प्यूटर से अलग करके भी किया जा सकता है। फ्लापी डिस्क, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव आदि इसकी किस्में होती हैं। सैकेण्डरी मैमरी की किस्में : सैकेण्डरी मैमरी निम्न प्रकार की होती है –

1. हार्ड डिस्क : इसका प्रयोग भी डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह पक्के तौर पर कम्प्यूटर में लगी होती है। हार्ड डिस्क में फ्लापी डिस्क से ज़्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 42. एक्सटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव :
एक्सटरनल हार्ड डिस्क एक स्टोरेज डिवाइस है। जिसका प्रयोग ज्यादा डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है, ताकि उसे दूसरे कम्प्यूटर तक आसानी से भेजा जा सके। यह एक पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस होता है। इसकी स्टोरेज क्षमता हार्ड डिस्क जैसी ही होती है। इसको कभी भी कम्प्यूटर से हटाकर कहीं भी रखा जा सकता है। इसको कम्प्यूटर से USB द्वारा जोड़ा जाता है। यह प्रयोग में काफ़ी आसान होती है। इसका प्रयोग अक्सर बैकअप लेने के लिए किया जाता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 5

एक्सटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव के लाभ-

  • यह पोर्टेबल होती है।
  • इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है।
  • यह पल्ग एंड प्ले आधार पर कार्य करता है।
  • इसके द्वारा काफी बैकअप लिया जा सकता है।
  • इसमें डाटा सुरक्षित रखा जा सकता है।

3. फ्लापी डिस्क : यह एक प्लास्टिक की डिस्क होती है। इसमें डाटा स्टोर कर कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसमे रखा डाटा जल्दी ही नष्ट हो जाता है।

4. मैगनैटिक टेप : यह एक सिक्यूएशनल स्टोरेज माध्यम है। इसका प्रयोग बैकअप रखने के लिए किया जाता है। यह टेप प्लास्टिक से बनी होती है जिस पर फैरोमैगनेटिक की कोटिंग होती है। इस पर डाटा स्टोर करना सस्ता होता है। यह विभिन्न आकार, शक्ल आदि की आती है। इसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी इसका क्रमवार होना है। आखिरी रिकार्ड के लिए पहले सभी रिकार्ड को पढ़ना पडता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 6

5. CD-ROM : CD-ROM का पूरा नाम Compact Disk Read Only Memory है। यह एक चमकदार डिस्क होती है जो डाटा स्टोर करने के काम आती है। इसमें भी बड़ी मात्रा में डाटा स्टोर किया जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 7

PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़

6. DVD : DVD का पूरा नाम Data Video Disk है। इसमें CD के मुकाबले ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है। इसमें हम फिल्में, तस्वीरें, चित्र, आवाजें आदि स्टोर कर सकते हैं।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 8

7. पैन ड्राइव : पैन ड्राइव सैकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जिसका प्रयोग डाटा को एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक पहुंचाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक पोर्टेवल स्टोरेज डिवाइस है।

8. मैमरी कार्ड : मैमरी कार्ड एक स्टोरेज मीडिया है। इसका प्रयोग डिजीटल कैमरा, हैंड हैल्ड कम्प्यूटर, MP3 प्लेयर, फोन, गेम, प्रिंटर आदि में किया जाता है। इनको फ्लैश मैमरी कार्ड भी कहा जाता है। इनका प्रयोग करने के लिए मैमरी कार्ड रीडर का प्रयोग किया जाता है। इनकी क्षमता विभिन्न होती है। इनमें किसी भी प्रकार का डाटा स्टोर किया जा सकता है।
PSEB 7th Class Computer Notes Chapter 3 स्टोरेज डिवाइसज़ 9