PSEB 5th Class Hindi रचना निबंध-लेखन

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Hindi Rachana Nibandh Lekhan निबंध-लेखन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 5th Class Hindi Rachana निबंध-लेखन

1. मेरा मित्र

राम मेरा पक्का मित्र है। वह पाँचवीं कक्षा में पढ़ता है। उसकी आयु 12 वर्ष है। वह बड़ा स्वस्थ और सुन्दर है। उसका कद लम्बा और बाल काले घने हैं। यह सदा साफ़-सुथरे वस्त्र पहनता है। वह बड़ा परिश्रमी है। उसके पिता जी एक वकील हैं। उसकी माता जी एक स्कूल में पढ़ाती हैं। राम बहुत होनहार लड़का है। वह परीक्षा में सदा प्रथम रहता है। वह कमज़ोर लड़कों की सहायता करता है। वह सदा समय पर स्कूल जाता है। वह सदा सच बोलता है। सभी अध्यापक उससे प्यार करते हैं। भगवान् करे, उसकी आयु लम्बी हो।

2. मेरा प्रिय अध्यापक

मेरे स्कूल में दस अध्यापक हैं। मैं श्री राम लाल को सबसे अधिक पसन्द करता हूँ। उनकी आयु 30 वर्ष की है। वे सुन्दर और स्वस्थ हैं। वे हमें हिन्दी पढ़ाते हैं। उनके पढ़ाने का ढंग बहुत अच्छा है। वे बड़े दयालु हैं। वे कमज़ोर लड़कों की हमेशा सहायता करते हैं। वे सदा साफ़ कपड़े पहनते हैं। वे एक अच्छे कवि हैं। वे सदा समय पर स्कूल आते हैं। वे अपने से बड़ों का सम्मान करते हैं। स्कूल के सभी बच्चे उन्हें बहुत प्यार करते हैं। हमें उन पर बड़ा गर्व है।

PSEB 5th Class Hindi Vyakaran निबंध-लेखन

3. मेरी मुख्याध्यापिका

श्रीमती अजीत कौर मेरी मुख्याध्यापिका है। उनकी आयु 40 वर्ष की है। वे स्वस्थ और सुन्दर हैं। उनका कद लम्बा और बाल काले और लम्बे हैं। वे पाँचवीं श्रेणी को पढ़ाती हैं। वे बड़े सरल ढंग से पढाती हैं।। हमें उनकी हर एक बात समझ में आती है। वे | प्रातःकाल समय पर स्कूल में आती हैं और स्कूल | का चक्कर लगाती हैं। वे अध्यापिकाओं से बड़ा अच्छा व्यवहार करती हैं। वे बच्चों से बड़ा प्यार करती हैं। वे बच्चों के माता-पिता को भी समयसमय पर स्कूल बुलाती हैं। हमें उन पर बड़ा गर्व है।

4. मेरा स्कूल
अथवा
मेरा विद्यालय

मेरे स्कूल (विद्यालय) का नाम ‘सरकारी हाई स्कूल’ है। यह रेलवे स्टेशन के समीप ही स्थित है। इसमें दस कमरे हैं। हर कमरे में बिजली का पंखा लगा हुआ है। सभी कमरे बहुत अच्छे सजे हुए हैं। | मेरे स्कूल में छोटा-सा बाग है। इसमें सुन्दर फूल | खिले हुए हैं। स्कूल में एक खेल का मैदान भी है। हम आधी छुट्टी के समय यहाँ खेलते हैं। स्कूल में सभी अध्यापक अच्छे हैं। उनका पढ़ाने का ढंग बड़ा सरल है। इसलिए हमारे स्कूल के परिणाम सदा अच्छे रहते हैं। सच पूछो तो हमारा स्कूल हमारे नगर का सबसे अच्छा स्कूल है। मुझे अपने स्कूल पर गर्व है।

5. अच्छा विद्यार्थी

विद्या प्राप्त करने वाला विद्यार्थी कहलाता है। अच्छे विद्यार्थी को अपने गुरुओं का आदर करना चाहिए। उसको स्वस्थ होना चाहिए। उसे खूब ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। उसे सादा जीवन बिताना चाहिए। उसे सदा अपने माता-पिता की आज्ञा माननी चाहिए। उसे सदा सच बोलना चाहिए। उसे सदा समय पर स्कूल जाना चाहिए। उसे मन लगाकर पढ़ना चाहिए। उसे खेलों में भी भाग लेना चाहिए। उसे सदा अच्छी बातें सोचनी चाहिएं। उसे बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।

6. गाय

गाय एक पालतू पशु है। उसकी चार टांगें, दो आँखें, दो कान और एक लम्बी पूँछ होती है। इसके दो सींग भी होते हैं। गाय हरी घास और भूसा खाती है। यह हमें दूध देती है। इसका दूध मीठा और स्वास्थ्य को बढ़ाने वाला होता है। इसके दूध से दही, लस्सी, मक्खन और घी बनता है। इसका दूध बच्चों, बूढ़ों और बीमार लोगों के लिए बहुत लाभदायक है। इसके गोबर से खाद तथा उपले बनते हैं। भारत के लोग गाय को गौ माता कहते हैं। हिन्दू इसकी पूजा करते हैं।

7. दशहरा

दशहरा भारत का प्रसिद्ध त्योहार है। यह दीवाली से 20 दिन पहले मनाया जाता है। 9 दिन तक रामलीला होती है और दसवें दिन दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन श्री रामचन्द्र जी ने रावण पर विजय पाई थी। इसलिए दशहरे को ‘विजयदशमी’ भी कहते हैं। दशहरे के दिन दुकानदार अपनी दुकानें सजाते हैं। इस दिन बाजारों में बड़ी भीड़ होती है। शाम के समय नगर के बाहर भारी मेला लगता है। सूर्य डूबने से कुछ समय पहले रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों को जलाया जाता है। लोग मेले की दुकानों से मिठाइयां तथा खिलौने खरीदते हैं और खुशी-खुशी घरों को लौट आते हैं।

8. दिवाली

दिवाली भारत का प्रसिद्ध त्योहार है। यह त्योहार दशहरे के बीस दिन बाद आता है। यह त्योहार श्री रामचन्द्र जी के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। इसी दिन सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरिगोबिंद जी जहांगीर की नज़रबन्दी से आज़ाद होकर आए थे। पंजाब में अमृतसर की दिवाली देखने योग्य होती है। दिवाली के कुछ दिन पहले दुकानों तथा घरों में सफ़ेदी की जाती है। दिवाली के दिन दुकानदार दुकानें सजाते हैं। बाजारों में बड़ी में जाते हैं। वे मिठाइयां, पटाखे और खिलौने खरीदते हैं। रात के समय लक्ष्मी की पूजा की जाती है। सभी लोग अपने-अपने घरों में दीये जलाते हैं। बच्चे रात को पटाखे चलाते हैं।

9. मेरा प्रिय त्योहार

लोहड़ी पंजाब का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह जनवरी के महीने में आता है। त्योहार के दिन बच्चे प्रात:काल ही टोलियां बनाकर निकल पड़ते हैं। वे घर-घर जाकर लोहड़ी मांगते हैं और लोहडी के। गीत गाते हैं। लोग उन्हें रेवड़ियां, गुड़ तथा मक्की के भुने हुए दाने देते हैं। जिस घर में कोई विवाह हुआ हो या किसी बच्चे का जन्म हुआ हो, वहाँ से उन्हें और भी अधिक चीजें मिलती हैं। कुछ लोग उन्हें लकड़ियां और उपले भी देते हैं। रात के समय इनका एक ढेर लगाकर आग लगाई जाती है। लोग आग में चिड़वे और रेवड़ियों की. आहुति डालते हैं। काफ़ी 1 देर तक लोग आपस में बैठकर बातें करते हैं। इस प्रकार यह त्योहार खुशी के साथ-साथ भाईचारे का सन्देश भी देता है।

10. वैशाखी का त्योहार

वैशाखी पंजाब का एक प्रसिद्ध त्योहार है। पंजाब में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह कई कारणों से मनाया जाता है। इस समय तक किसानों की फसल पक जाती है और वे खुशी से
झूम उठते हैं। इसी दिन सन् 1699 ई० में गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की नींव भी रखी थी। वैशाखी के दिन कई स्थानों पर मेले लगते हैं। इनमें खेलों के मुकाबले होते हैं।

11. व्यायाम
साधारण शब्दों में व्यायाम कसरत करने का नाम है। व्यायाम हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। शरीर में फुर्ती आती है। व्यायाम करने से हम स्वस्थ रहते हैं। व्यायाम करने वालों को बुढ़ापा जल्दी नहीं आता। शरीर सुन्दर और मजबूत बनता है। व्यायाम से खून का संचार बढ़ता है। स्त्रियों और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रकार के व्यायाम हैं। व्यायाम करने से काम में रुचि बढ़ती है और मन प्रसन्न रहता है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए क्योंकि अंग्रेजी की एक कहावत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है।

PSEB 5th Class Hindi Vyakaran निबंध-लेखन

12. मेरा गाँव

भारत गाँवों का देश है। इसकी 80% जनता गाँवों में रहती है। मेरे गाँव का नाम ……… है। इसमें दो सौ के लगभग मकान हैं। अधिकतर मकान पक्के हैं, परन्तु कुछ मकान कच्चे भी हैं। गाँव की गलियां कच्ची हैं परन्तु गलियों में पक्की नालियां बनी हुई हैं। गाँव में एक छोटा-सा बाजार है। गाँव के बाहर एक डाकखाना है। इसमें एक डिस्पैंसरी भी है। यहाँ रोगियों को मुफ्त दवा दी जाती है। गाँव में एक पंचायत घर भी है। इसके चारों ओर हरे-भरे खेत हैं। मेरे गाँव के निवासी बहुत अच्छे हैं। वे कभी एक दूसरे से नहीं लड़ते। मुझे अपने गाँव पर गर्व है। मेरा गाँव एक आदर्श गाँव है।

13. मेरा देश

भारत मेरा प्यारा देश,
सब देशों से न्यारा देश।

मेरे देश का नाम भारत है। यह एक विशाल देश है। इसकी आबादी 125 करोड़ के लगभग है। यह 28 राज्यों पर आधारित है। यह तीनों ओर से समुद्र से घिरा हुआ है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत है। मेरे देश की धरती बड़ी उपजाऊ है। इस देश में गंगा-यमुना जैसी महान् नदियां बहती हैं। यहाँ की धरती में खनिज पदार्थों के भण्डार भी छिपे पड़े हैं। इस देश में लगभग सभी धर्मों के लोग रहते हैं। अब भारत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। यहाँ अनेक उद्योग-धन्धे पनप रहे हैं। मुझे अपने देश पर गर्व है क्योंकि “सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा।”

14. स्वतन्त्रता दिवस

हमारा देश 15 अगस्त, 1947 को स्वतन्त्र हुआ था। इसलिए हम हर साल 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाते हैं। यह दिन भारत में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन लाल किले पर तिरंगा झण्डा फहराया जाता है। इसके बाद प्रधानमन्त्री भाषण देते हैं। इस दिन स्थान-स्थान पर खेल, नाटक, कवि दरबार, नाच-गाने आदि होते हैं। रात को दीपमाला होती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें | आज़ादी की हर तरह से रक्षा करनी चाहिए।

15. छब्बीस जनवरी

26 जनवरी हमारा गणतन्त्र दिवस है। हम हर वर्ष इसे बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। गणतन्त्र दिवस का मुख्य समारोह दिल्ली में होता है। इस वर्ष 26 जनवरी को हमारे स्कूल में गणतन्त्र दिवस मनाया गया। स्कूल को अच्छी तरह सजाया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के लिए एस० डी० एम० को बुलावा दिया गया। वे प्रातः नौ बजे स्कूल पहुंचे। द्वार पर अध्यापकगण ने उनका स्वागत किया। स्कूल के बैंड ने स्वागती धुन बजाई। वे मंच पर पहुँचे और उन्होंने राष्ट्रीय झण्डे को फहराया। सभी ने मिलकर राष्ट्रीय गान गाया। तब समारोह आरम्भ हुआ। कई प्रकार के खेल और नाटक प्रस्तुत किए गए। कुछ विद्यार्थियों ने देश प्यार के गीत और कविताएं गाईं। विजेताओं को इनाम दिए गए। बारह बजे समारोह समाप्त हो गया। हम सभी खुशी-खुशी घर लौट आए।

16. श्री गुरु नानक देव जी

श्री गुरु नानक देव जी सिक्खों के पहले गुरु थे। उनका जन्म तलवण्डी गाँव में हुआ। इस स्थान को आजकल ननकाना साहिब कहते हैं। अब यह पाकिस्तान में है। उनके पिता जी का नाम मेहता कालू राम जी और माता जी का नाम तृप्ता जी था। बचपन से उनका ध्यान ईश्वर की भक्ति करने की ओर था। उन्होंने अपना सारा जीवन लोगों की भलाई में लगा दिया। उन्होंने स्थान-स्थान पर घूम कर लोगों को अपना उपदेश दिया। उन्होंने लोगों को बताया कि ईश्वर एक है और हम सब भाई-भाई हैं। उन्होंने लोगों को नेक कमाई करने और सत्यनाम का जाप करने की शिक्षा दी।

17. अमृतसर की सैर

अमृतसर एक सुन्दर नगर है। यह हमारा पवित्र तीर्थ स्थान है। इसे गुरु की नगरी भी कहते हैं। गत रविवार मैं अपने पिता जी के साथ अमृतसर गया। सबसे पहले हम दरबार साहिब देखने गए। हमने बाबा अटल का ऊँचा बुर्ज तथा कई अन्य भवन देखे। इसके बाद हमने जलियांवाला बाग देखा। यहां सन् 1919 ई० में अनेक लोग शहीदी को प्राप्त हुए थे। वहां से हम दुर्गियाना मन्दिर देखने गए। यह मन्दिर दुर्गा देवी के नाम पर बना है। हमने कम्पनी बाग भी देखा। अमृतसर नगर शिक्षा तथा व्यापार का केन्द्र है। हमने अनेक बाज़ार तथा गलियां देखीं। शाम को हम माल रोड की सैर को निकले। सच तो यह है कि अमृतसर की सैर से मन मुग्ध हो गया।

18. श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी

श्री गरु गोबिन्द सिंह जी सिक्खों के दसवें गुरु थे। उनका जन्म पटना में सन् 1666 ई० में हुआ। उनको अच्छी शिक्षा दी गई। उन्हें घुड़सवारी, तीर तथा तलवार चलाना भी सिखाया गया। उनकी आयु अभी 9 वर्ष की थी कि उनके पिता जी को शहीद कर दिया गया। पिता जी की शहीदी के बाद वह सिक्खों के गुरु बने। उन्होंने सन् 1699 ई० में खालसा पंथ की स्थापना की और सिक्खों को नाम के आगे ‘सिंह’ शब्द लगाने का आदेश दिया। गुरु जी ने देश की जनता की रक्षा की। वह ग़रीबों का सहारा बने। उन्होंने ऊँच-नीच का भेदभाव मिटाया। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने चारों पुत्रों का बलिदान दे दिया। वे जीवन भर लड़ते रहे। उन्होंने अन्याय के सामने कभी शीश नहीं झुकाया। इतिहास में उनका नाम सदा अमर रहेगा।

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19. समाचार-पत्र

समाचार-पत्र के द्वारा हम घर पर बैठे ही देशविदेश के समाचारों को जान लेते हैं। संसार के किसी कोने में घटने वाली घटना तार, टेलीफोन अथवा टेलीप्रिंटर के द्वारा समाचार-पत्रों के कार्यालयों में पहुँच जाती है।

समाचार-पत्रों से हमें अनेक लाभ हैं। नगर, प्रान्त, देश तथा विदेश आदि के समाचारों को हम समाचारपत्र द्वारा घर बैठे जान लेते हैं। इससे हमारे ज्ञान में भी वृद्धि होती है। समय-समय पर इनमें अनेक प्रकार के चित्र भी छपते रहते हैं। इन चित्रों के द्वारा जहाँ हमारा मनोरंजन होता है, वहाँ इनसे अनेक प्रकार के ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक स्थानों की भी जानकारी होती है।

समाचार-पत्रों में कहानियां, कविताएँ, जीवनियां तथा हास्य की सामग्री भी छपती रहती है। इन्हें पढ़कर हमारा मनोरंजन होता है। समाचार-पत्र सब के लिए उपयोगी हैं।

20. हॉकी का मैच

रविवार का दिन था। मैं अपने भाई के स्कूल में गया। वहाँ हॉकी का मैच हो रहा था। एक ओर जैन स्कूल की तथा दूसरी ओर हीरो स्कूल की टीम थी। जैन स्कूल के खिलाड़ी बड़ा अच्छा खेल रहे थे। उनका कप्तान बाल लेकर दौड़ा और उसने गोल कर दिया। शीघ्र ही मध्यान्तर (आधा समय) हो गया।

मध्यान्तर के बाद मैच फिर शुरू हुआ। हीरो स्कूल के लड़के जोश में आ गए। वे एक होकर खेलने लगे। शीघ्र ही उन्होंने गोल कर दिया। मुकाबला अन्त तक होता रहा। कोई भी टीम और गोल न कर सकी। अन्त में मैच बराबर रहा।

21. मेरा प्रिय नेता
अथवा
महात्मा गांधी

महात्मा गांधी भारत के महान् नेताओं में से थे। उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के प्रयोग से अंग्रेज़ों को भारत छोड़ने पर विवश कर दिया। दुनिया के इतिहास में उनका नाम हमेशा अमर रहेगा। गाँधी जी मेरे प्रिय नेता थे।

इस महापुरुष का जन्म 2 अक्तूबर सन् 1869 को गुजरात काठियावाड़ के पोरबन्दर स्थान पर हुआ। आप मोहनदास कर्मचन्द गाँधी के नाम से प्रख्यात हुए। आपके पिता राजकोट राज्य में दीवान थे। माता पुतलीबाई बहत धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। गाँधी जी को उच्च आदर्शों और संस्कारों की शिक्षा इनकी माता जी से ही मिली।

महात्मा गांधी ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष शुरू कर दिया। उन्होंने अहिंसा के शस्त्र से भारत में अंग्रेज़ शासन का अन्त कर दिया। जिसके परिणामस्वरूप 15 अगस्त, सन् 1947 को भारत आज़ाद हुआ।

स्वतन्त्रता का पुजारी बापू गाँधी 30 जनवरी, सन् 1948 को एक मनचले नौजवान नाथूराम गोडसे की गोली का शिकार हुआ। अहिंसा का सबसे बड़ा उपासक हिंसा की भेंट चढ़ गया। देशवासी गांधी जी को सदा स्मरण रखेंगे।

22. प्रातःकाल की सैर

प्रात:काल का समय बड़ा सुहावना होता है। इस समय ताज़गी छाई हुई होती है। प्रात:काल का वातावरण मन को अतीव प्रसन्नता देने वाला तथा स्फूर्तिदायक होता है। प्रकृति इस समय अपना अनुपम सौन्दर्य प्रदर्शित करती है। सुबह सवेरे नर्म-नर्म बिस्तर को छोड़कर जो व्यक्ति भ्रमण का आनन्द लूटता है, प्रकृति उसे धनवान, बुद्धिमान् और स्वस्थ होने का वरदान देती है।

गर्मियों में साढ़े चार या पाँच तथा सर्दियों में साढ़े पाँच-छ: बजे का समय भ्रमण के लिए उपयुक्त समय है। बिस्तर छोड़ने में थोड़ा-सा कष्ट अवश्य अनुभव होता है लेकिन जब हम उठ बैठते हैं तो सारा आलस्य भी समाप्त हो जाता है। प्रात:काल की सैर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही श्रेष्ठ है। इससे व्यक्ति नीरोग रहता है। चेहरा खिला रहता है। पढ़ने में दिल लगता है। प्रात: की सैर सबके लिए अच्छा व्यायाम है।

23. बसन्त ऋतु बसन्त ऋतु का आगमन चैत्र तथा वैशाख के महीनों में होता है। इन्हीं महीनों में न ठिठुराने वाला जाड़ा होता है, न भयंकर झुलसाने वाली लू चलती हैं, न वर्षा होती है। खुले दिन होते हैं। सभी बेलों तथा वृक्षों पर फूल-पत्ते आ जाते हैं। बागों में नई बहार आ जाती है। आम, अनार, अमरूद आदि वृक्षों पर बौर आ जाता है। कोयल पंचम स्वर में गाने लगती है।

खेतों में वसन्ती रंग के सरसों के फूल तथा नीले रंग के अलसी के फूल सबके मन को मोह लेते हैं। अत: लोग बसन्त की बहार को देखने के लिए घरों से निकल पड़ते हैं तथा इसका सुहावना आनन्द लेते हैं। शीत ऋतु का जमा हुआ रक्त पिघल कर शरीर के प्रत्येक अंग में पहुँचता है।

इस ऋतु का बड़ा महत्त्व यह भी है कि इस ऋत के आरम्भ में अपने धर्म पर बलिदान होने वाले हकीकत राय को धर्मान्ध काज़ियों ने मरवा दिया था। वीर हकीकत की याद में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। वसन्त ऋतु मुझे बहुत प्रिय लगती है।

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24. रंगों का पर्व : होली

भारत त्योहारों का देश है। इस देश में प्रायः प्रत्येक महीने में कोई न कोई त्योहार अवश्य आता है। रंगों का त्योहार होली का आगमन मार्च के महीने में होता है। इस पर्व में चारों ओर रंगों की बहार आ जाती है। कहीं अबीर उड़े तो कहीं गुलाल चले, कहीं पिचकारी है तो कहीं रंगों में रंगे लोग मस्ती में गा रहे हैं। चारों ओर प्रसन्नता और उल्लासता छा जाती है।

होली का आरम्भ कब हुआ इसके सम्बन्ध में कथा प्रचलित है कि नास्तिक हिरण्यकश्यपु राजा ने अपने पुत्र प्रह्लाद को जला देने की सोची। हिरण्यकश्यपु की बहन होलिका जिसे यह वरदान मिला था कि आग में जल नहीं सकती, प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में जा बैठी। प्रह्लाद तो बच गया पर होलिका जल गई। तभी से यह उत्सव मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह से ही मित्रों की टोलियां बनाकर अपने मित्रों को रंगने के लिए घरों से निकल पड़ते हैं। चारों ओर होली है-होली है का शोर सुनाई देता है। ब्रज और मथुरा की होली का तो रूप ही और होता है। रंगों से रंगे हुए, गाते बजाते, नाचते हुए मस्ती से भरे लोग सब तरफ दिखाई पड़ते हैं। यह त्योहार परस्पर द्वेष, वैर भाव भुलाकर प्रेमपूर्वक मिलकर रहने का सन्देश देता है।

25. मेरा घर

मेरा घर शहर के एक साफ़-सुथरे इलाके में स्थित है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित है। मेरे घर में मेरे साथ-साथ मेरी माता जी, पिता जी तथा मेरा छोटा भाई भी रहते हैं। मेरे घर में छ: कमरे हैं। सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग कमरे हैं। मेरा भी अपना एक अलग कमरा है। मेरा घर दो मंजिला है। मेरा कमरा दूसरी मंजिल पर है। यहाँ पर मेरी सभी वस्तुएँ रखी हुई हैं। मेरा एक अलग से पढ़ने का कमरा भी है। यहाँ पर बैठ कर मैं अपनी पढ़ाईलिखाई करता हूँ। सभी कमरे खुले और हवादार हैं। सभी कमरों पर संगमरमर का फर्श है। कमरों की दीवारों पर रंग किया हुआ है। सभी कमरे सुन्दर ढंग से सजे हुए हैं। मेरे घर में एक सुन्दर बागीचा भी है। यहां पर रंग-बिरंगे तथा सुन्दर-सुन्दर फूल लगे हुए हैं। फूलों की सुगन्ध मन को मोह लेती है। शाम के समय हम बागीचे में बैठते तथा खेलते हैं। पक्की ईंटों और संगमरमर से बना मेरा घर सचमुच बहुत सुन्दर है। मुझे अपने घर पर गर्व है।

26. किसान

भारत देश एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ के अधिकतर लोग खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। किसान सारे लोगों के लिए भोजन देने का कार्य करते हैं, इसीलिए इन्हें ‘अन्नदाता’ कहा जाता है। किसान दिन-रात अपने खेतों में मेहनत करके अन्न उत्पन्न करता है। गर्मी, सर्दी, वर्षा, आँधी-तूफ़ान चाहे कैसी भी ऋतु हो वह तो अपने खेतों में डटा रहता है। उसके लिए कोई रविवार नहीं, कोई छुट्टी नहीं, उसका तो बस काम ही पूजा है। अपनी मेहनत से बोई हुई फसलों को पकते हुए देखकर वह फूला नहीं समाता। पकी हुई फसलों को देखकर वह खुशी से झूम उठता है।

देश में क्या हो रहा है, इन सब बातों से उसे जैसे कोई सरोकार नहीं उसे यदि ध्यान रहता है तो अपने खेतों का, चिन्ता यदि कोई है तो बस यही कि कहीं फसल खराब न हो जाए। किसान बहुत ही सरल हृदय तथा निष्कपट स्वभाव के होते हैं। उसके लिए तो बस काम व परिश्रम ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। पहले किसान खेतों में हल चलाने के लिए बैलों का सहारा लेते थे पर आजकल ट्रेक्टरों आदि का सहारा लिया जाता है। गेहूँ, धान आदि फसलों को बोना, उगाना, संभालना और समय पर मण्डी पहुँचाना तथा फिर नई फसलों को बोना ही उसका जीवन-चक्र है।

27. हमारा देश

हमारे देश का नाम भारत है। यह हमारी मातृभूमि है। दुष्यन्त और शकुन्तला के पुत्र भरत के नाम पर इसका भारत नाम पड़ा। यह एक विशाल देश है। जनसंख्या की दृष्टि से यह संसार में दूसरे स्थान पर है। इसकी जनसंख्या 125 करोड़ से अधिक है। यहाँ पर अलग-अलग जातियों के लोग रहते हैं।

भारत के उत्तर में हिमालय है और शेष तीनों ओर समुद्र है। स्थान-स्थान पर हरे-भरे वन इसकी शोभा हैं। यह एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 80% जनता गाँवों में रहती है। यहाँ गेहूँ, मक्का -बाजरा, ज्वार, चना, धान, गन्ना आदि फसलें होती हैं। यहाँ की धरती बहुत उपजाऊ है। यहाँ गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियाँ बहती हैं। इसकी भूमि से लोहा, कोयला, सोना आदि कई प्रकार के खनिज पदार्थ निकलते हैं।

यहाँ पर कई धर्मों के लोग निवास करते हैं। सभी प्रेम से रहते हैं। यहाँ पर अनेक तीर्थस्थल हैं। ताजमहल, लालकिला, सारनाथ, शिमला, मंसूरी, श्रीनगर आदि पर्यटन स्थल हैं जो देखने योग्य हैं। यहाँ पर कई महापुरुषों ने जन्म लिया। राम-कृष्ण, गुरुनानक, दयानन्द, रामतीर्थ तिलक, गांधी आदि इस देश की शोभा थे। यहाँ के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी हैं। यह देश दिन दुगुनी रात चौगुनी उन्नति कर रहा है।

28. खेलों के लाभ

विद्यार्थी जीवन में खेलों का बड़ा महत्त्व है। पुस्तकों में उलझ कर थका-मांदा विद्यार्थी जब खेल 1 के मैदान में जाता है तो उसकी थकावट तुरन्त गायब हो जाती है। विद्यार्थी अपने आप में चुस्ती और
ताज़गी अनुभव करता है। मानव जीवन में सफलता के लिए मानसिक, शारीरिक और आत्मिक शक्तियों के विकास से जीवन सम्पूर्ण बनता है।

स्वस्थ, प्रसन्न, चुस्त और फुर्तीला रहने के लिए शारीरिक शक्ति का विकास ज़रूरी है। शरीर का विकास खेल-कूद पर निर्भर करता है। यदि हम सारा दिन कार्य करते हैं तो शरीर में घबराहट, चिड़चिड़ापन या सुस्ती छा जाती है। ज़रा खेल के मैदान में जाइये, फिर देखिए घबराहट, चिड़चिड़ापन या सुस्ती केसे दूर भागती है। शरीर हल्का-फुल्का और साहसी बन जाता है। मन में और अधिक कार्य करने की लगन पैदा होती है।

खेलों में भाग लेने से विद्यार्थी खेल के मैदान में से अनेक शिक्षाएं ग्रहण करता है। खेलें संघर्ष द्वारा विजय प्राप्त करने की भावना पैदा करती हैं। खेलें हँसते-हँसते अनेक कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करना सिखा देती हैं। खेल के मैदान में विद्यार्थी के अन्दर अनुशासन में रहने की भावना पैदा होती है। सहयोग करने तथा भ्रातृभाव की आदत बनती है।

29. मेरा मनपसंद खेल

आज हमारे भारत देश में अनेक खेल खेले जाते हैं। उन सब खेलों में कबड्डी का खेल मेरा प्रिय खेल है। यह खेल सब खेलों में सस्ता खेल है। आज यह खेल भी राष्ट्रीय खेल में गिना जाता है। यह दो प्रकार का है-पंजाबी कबड्डी और नेशनल कबड्डी।

यह खेल भी दो पक्षों में खेला जाता है। इस खेल की प्रत्येक टीम में सात खिलाड़ी होते हैं। यह खेल केन्द्र में रेखा डालकर खेला जाता है। यह खेल किसी मैदान में खेला जाता है। इस खेल में से एक खिलाड़ी का सांस यदि टूट जाता है और विपक्ष के खिलाड़ी उसे छू लेते हैं या पकड़ लेते हैं तो रैफरी उसे मरा हुआ घोषित कर देता है। इस प्रकार विपक्ष एक अंक प्राप्त कर लेता है।

यदि वह खिलाड़ी दूसरे पक्ष के जितने खिलाड़ियों को छूकर अपने पक्ष में लौट आता है तो रैफरी विपक्ष के उतने ही खिलाड़ियों को मरा हुआ घोषित कर देता है। इस प्रकार यह बीस मिनट तक चलता है। बीस मिनट बाद रैफरी अर्धावकाश की सीटी मार देता है। अर्धावकाश पांच मिनट का होता है। इस समय में खिलाड़ी जलपान करते हैं। इसके अतिरिक्त दोनों टीमों के प्रशिक्षक अपने खिलाड़ियों की गलतियों को बताते हैं।

पाँच मिनट बाद रैफरी की सीटी के बाद फिर खेल उसी क्रम से शुरू होता है और बीस मिनट के बाद फिर समाप्त हो जाता है। पहले तथा दूसरे समय में जो टीम ज्यादा नम्बर लेती है वही विजयी होती है।

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30. ग्रीष्म ऋतु

बसन्त की समाप्ति पर ग्रीष्म का आगमन होता है। ग्रीष्म ऋतु ज्येष्ठ और आषाढ़ महीनों में पड़ती है। बसन्त में चलने वाली मन्द-मन्द हवा ग्रीष्म के आते ही गर्म हवा में बदल जाती है जिसे दूसरे शब्दों में ‘लू’ कहते हैं।

ग्रीष्म के प्रारम्भ होते ही दिन भी मानों गर्मी से फैलने लगते हैं। सूर्य का उदय शीघ्र ही हो जाता है और फिर अस्ताचल की ओर उसका गमन भी देर से होता है। दोपहर के समय तो मानो आकाश से अंगारे बरसते हैं। एक ओर जलाती हुई लू तो दूसरी ओर जलाती हुई भूमि। इस समय बाहर निकलना भी एक समस्या बन जाता है। पशु-पक्षी भी इस समय पेड़ों के नीचे विश्राम करते हैं।

PSEB 5th Class Hindi रचना पत्र-लेखन

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PSEB 5th Class Hindi Rachana पत्र-लेखन

1. अपने स्कूल के मुख्याध्यापक को बीमारी के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।

सेवा में
मुख्याध्यापक महोदय,
डी० ए० वी० प्राइमरी स्कूल,
अमृतसर।
श्रीमान् जी,

निवेदन यह है कि मुझे कल स्कूल से घर पहुँचते ही बुखार आ गया था। इसलिए मैं स्कूल में उपस्थित नहीं हो सकता। कृपा करके मुझे तीन दिन का अवकाश प्रदान करें। मैं आपका बहुत धन्यवादी होऊंगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
राजीव कुमार
कक्षा पाँचवीं,
रोल नं० 15

दिनांक : 10 फरवरी, 20…..

PSEB 5th Class Hindi Vyakaran पत्र-लेखन

2. अपनी मुख्याध्यापिका को घर में आवश्यक काम होने के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।
अथवा
अपने स्कूल के मुख्याध्यापक जी को तीन दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।

सेवा में
मुख्याध्यापिका महोदया,
महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय,
लुधियाना।
श्रीमती जी,

निवेदन यह है कि मेरी माता जी कल से सख्त बीमार हैं। मेरे पिता जी बाहर गए हुए हैं। माता जी की देखभाल के लिए मेरा घर में रहना बहुत आवश्यक है। इसलिए मैं स्कूल नहीं आ सकती। कृपा करके मुझे तीन दिन की छुट्टी दे दीजिए।

आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
मीना शर्मा
कक्षा पाँचवीं,
रोल नं0 18

दिनांक : 12 जुलाई, 20 ……

3. कल्पना कीजिए कि आपका नाम मोहित है तथा आप पाँचवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। आपकी बड़ी बहन का विवाह 8 मार्च को होना निश्चित हुआ है, आप अपने मुख्याध्यापक को 3 दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र लिखें।

सेवा में
मुख्याध्यापक महोदय,
आर्य प्राथमिक स्कूल,
होशियारपुर।
श्रीमान् जी,

सविनय निवेदन यह है कि मेरी बड़ी बहन का विवाह 8 मार्च को होना निश्चित हुआ है। मेरा इस विवाह में शामिल होना बहुत ज़रूरी है। इसलिए मैं स्कूल में उपस्थित होने में असमर्थ हूँ। कृपा करके मुझे 7 मार्च से 9 मार्च तक तीन दिन का अवकाश प्रदान करें। मैं आपका अति आभारी होऊंगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
मोहित
कक्षा पाँचवीं,
रोल नं0 22

दिनांक : 6 मार्च, 20……

4. अपने स्कूल के मुख्याध्यापक को फीस माफी के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।

सेवा में
मुख्याध्यापक महोदय,
ए० एस० प्राथमिक स्कूल,
जालन्धर।
श्रीमान जी,

निवेदन यह है कि मैं आपके स्कूल की कक्षा पाँचवीं ‘ए’ का विद्यार्थी हूँ। मेरे पिता जी बहुत ग़रीब हैं। वे एक मामूली-सी दुकान पर काम करते हैं। इससे घर का खर्च भी अच्छी प्रकार से नहीं चलता। इसलिए वे मेरी फीस नहीं दे सकते, परन्तु | मैं अपनी पढ़ाई छोड़ना नहीं चाहता। कृपा करके आप मेरी फीस माफ कर दें। मैं आपका बहुत धन्यवादी होऊंगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
भारत भूषण
पाँचवीं ‘ए’
रोल नं० 15

दिनांक : 24 अप्रैल, 20 ……

5. मान लीजिए कि आप हिमांशी हैं। आपको कक्षा अध्यापक ने कक्षा में देरी से आने पर 50 रुपये जुर्माना लगाया है। आप अपने स्कूल के मुख्याध्यापक को जुर्माना माफी के लिए पत्र लिखें। . (From

सेवा में
मुख्याध्यापक महोदय,
नेहरू प्राथमिक विद्यालय,
गुरदासपुर।
श्रीमान् जी,

निवेदन यह है कि मैं कल प्रातः काल अपने गाँव से साइकिल से स्कूल आ रही थी। रास्ते में मेरी साइकिल में पंचर हो गया। मुझे स्कूल पहुँचने के लिए दो मील तक पैदल चलना पड़ा। इसलिए मैं एक घण्टा देर से पहुँची। अध्यापक महोदय ने मुझे 50 रुपये जुर्माना कर दिया है। मैं इससे पहले कभी देर से नहीं आयी। आगे भी देर से नहीं आऊंगी। कृपा करके आप मेरा जुर्माना माफ कर दें।

मैं आपकी बहुत धन्यवादी होऊंगी।।

आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
कक्षा पाँचवीं,
रोल नं० 4

दिनांक : 16 नवम्बर, 20……

6. स्कूल छोड़ने का प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) लेने के लिए मुख्याध्यापक को प्रार्थना-पत्र लिखो।

सेवा में
मुख्याध्यापक महोदय,
नगरपालिका प्राथमिक पाठशाला,
नवांशहर।
श्रीमान् जी,

निवेदन यह है कि मेरे पिता जी का स्थानांतरण (तबादला) हो गया है। वे कल यहाँ से कानपुर जा रहे हैं और साथ में परिवार भी जा रहा है। इस अवस्था में मेरा यहाँ अकेला रहना कठिन है। कृपा करके मुझे स्कूल छोड़ने का प्रमाण-पत्र दीजिए ताकि मैं वहां जाकर स्कूल में प्रवेश पा सकूँ।

धन्यवाद सहित।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
सुनील कक्षा पाँचवीं,
रोल नं0 32

दिनांक : 11 जनवरी, 20 ……..

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7. मित्र को गर्मियों की छुट्टियां एक साथ बिताने के लिए निमन्त्रण-पत्र लिखो।

330, मॉडल टाऊन,
लुधियाना।
15 जून, 20…

प्रिय मित्र राकेश,

अगले सप्ताह से गर्मी की छुट्टियां आरम्भ हो रही हैं। स्कूल दो मास तक बन्द रहेगा। इस बार मैंने छुट्टियों के दिन अपने चाचा जी के यहां शिमला में बिताने का निश्चय किया है। मित्र, यदि तुम भी मेरे साथ चलो तो मज़ा आ जाएगा। वहाँ हम मिलकर पढ़ेंगे और शाम के समय वहां के प्राकृतिक दृश्यों का आनन्द लेंगे। शिमला में मेरे चाचा जी का एक बहुत बड़ा मकान है। अतः हमें वहाँ रहने में कोई
तुम छुट्टी आरम्भ होते ही मेरे पास पहुँच जाओगे। यहाँ से अगले ही दिन हम शिमला के लिए रवाना हो जाएंगे।

तुम्हारा मित्र,
सुमीत।

8. चाचा जी (मामा जी) को उपहार के लिए धन्यवाद-पत्र लिखो।

21, माल रोड,
बठिण्डा।
28 सितम्बर, 20 …..

पूज्य चाचा जी,
नमस्ते !

मेरे जन्म दिन पर. आपके द्वारा भेजा गया उपहार मुझे मिल गया है। यह एक सुन्दर घड़ी है। मुझे यह घड़ी बहुत पसन्द आई है। वैसे भी मुझे घड़ी की ज़रूरत थी। मुझे स्कूल पहुँचने में सदा देरी हो जाती थी, परन्तु अब मैं समय से पहले ही स्कूल पहँच जाया करूँगा। मेरे पेपर भी शुरू होने वाले हैं। इन दिनों में मैं इस घड़ी से पूरा-पूरा लाभ उठा सकूँगा। इस सुन्दर उपहार के लिए मैं आपका बहुतबहुत धन्यवाद करता हूँ। चाची जी को प्रणाम। बिटू को प्यार।

आपका भतीजा,
अश्विनी।

9. अपने छोटे भाई को लेख सुधारने के लिए , एक पत्र लिखो।

परीक्षा भवन,
…….. नगर।
25 अगस्त, 20…

प्रिय दिनेश,

आज तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारा लेख देखकर बड़ा दुःख हुआ। मैं बड़ी कठिनाई से तुम्हारा पत्र पढ़ सका हूँ। सुलेख के बिना तुम परीक्षा में अच्छे अंक | न पा सकोगे। इसलिए अपना लेख सुधारने की कोशिश | करो। क्योंकि लेख का सुलेख होना आवश्यक है।

तुम्हारा बड़ा भाई,
मोहन लाल।

10. राखी प्राप्ति पर अपनी बड़ी बहन को एक पत्र लिखो।

परीक्षा भवन,
…….. नगर।
25 अगस्त, 20 …….

पूज्य बहन जी,

चरण वन्दना। आज आपकी भेजी हुई राखी मिली। बड़ी सुन्दर राखी है। इस पर लगा फूल मनमोहक है। यह राखी आपके स्नेह की निशानी है। मैं इस स्नेह के बन्धन को अच्छी तरह निभाऊंगा। जीजा जी को प्रणाम । पूनम को प्यार।

आपका प्रिय भाई,
पवन।

11. नगरपालिका के प्रधान को गली की सफ़ाई के लिए पत्र लिखो।’

परीक्षा भवन,
……… नगर।
12 अप्रैल, 20 ……..

सेवा में
श्रीमान् प्रधान जी,
नगरपालिका,
………. नगर।

आपसे निवेदन है कि हमारी गली की दशा बहुत खराब है। सारी गली में कूड़े और गन्दगी के ढेर लगे हुए हैं। गन्दगी के कारण बीमारी फैलने का बहुत डर है। इसलिए कृपा करके आप हमारी गली की सफ़ाई की ओर पूरा ध्यान दें।

आपके आज्ञाकारी
हम हैं निवासी,
…………
राम गली,
………. पुर।

12. अपने मित्र को अपने बड़े भाई के विवाह पर निमन्त्रण पत्र लिखो।

75/बी पीतमपुरा,
दिल्ली।
8 दिसम्बर, 20 ……..

प्रिय राजेश,
सप्रेम नमस्ते।

तुम्हारी कोई जानकारी कई दिनों से नहीं मिली। तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मेरे बड़े भाई का शुभ-विवाह 16 दिसम्बर को निश्चित हुआ है। बारात दिल्ली से मथुरा जा रही है। तुम्हें बारात में अवश्य चलना होगा। मैंने रमेश, अरुण तथा जगदीश को भी बुलाया है। तुम साथ रहोगे तो और भी मजा आएगा। इसलिए तुम 15 दिसम्बर तक यहाँ अवश्य पहुँच जाना। छोटे भाई राजेन्द्र को भी लाना मत भूलना।

प्रतीक्षा में.
तुम्हारा मित्र,
विश्वास वर्मा।

13. अपने मित्र को पत्र लिखो कि वह आपकी बहन की शादी में शामिल हो।

16/A जनकपुरी,
लुधियाना।
4 दिसम्बर, 20…….

प्रिय सुरेन्द्र,
सप्रेम नमस्ते,

तुम्हें यह जानकर बड़ी प्रसन्नता होगी कि मेरी बहन का विवाह 18-12-20…. को निश्चित हुआ है। इस खुशी के अवसर पर तुम्हारा यहाँ उपस्थित रहना बहुत ही ज़रूरी है। तुम पत्र मिलते ही यहाँ आने की तैयारी कर लो। मुझे तुम्हारा इन्तज़ार रहेगा। साथ में अंकल और आंटी को लाना मत भूलना। बाकी बातें मिलने पर होंगी।

प्रतीक्षा में,
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
राजेन्द्र।

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14. पत्रों के सही वितरण न होने पर स्थानीय पोस्ट मास्टर को शिकायत भरा पत्र लिखो।

सेवा में
पोस्टमास्टर महोदय,
मुख्य डाकघर,
लुधियाना।
श्रीमान् जी,

निवेदन है कि हमारे मुहल्ले का डाकिया बहुत आलसी और लापरवाह है। वह ठीक समय पर पत्र नहीं पहुँचाता। कभी-कभी तो वह बच्चों के हाथ पत्र देकर चला जाता है। वे पत्र इधर-उधर फेंक देते हैं। कल ही शर्मा जी का पत्र नाली में गिरा हुआ पाया गया। हमने उसे कई बार समझाया है, पर वह हमारी बात मानता ही नहीं।

इसलिए आपसे प्रार्थना है कि या तो आप उसे समझा दें ताकि वह आगे से ऐसा न करे या फिर आप उसे बदल दीजिए। आशा है कि आप हमारी प्रार्थना पर अवश्य ध्यान देंगे।

प्रार्थी
रवि, मोहन, दीपक और अन्य।

15. रुपए मंगवाने के लिए पिता जी को पत्र लिखो।

………….. स्कूल,
……… शहर।
22 अगस्त, 20…

पूज्य पिता जी,
सादर प्रणाम।

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मैं चौथी कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ हूँ। अब मुझे पाँचवीं श्रेणी में दाखिला लेना है तथा नई पुस्तकें और कापियाँ खरीदनी हैं। इसलिए कृपा करके मुझे 500 रुपए मनीआर्डर द्वारा तुरन्त भेज दें ताकि ठीक समय पर मैं दाखिला ले सकू।

माता जी को प्रणाम और टिंकू को प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
संजय।

16. अपने जन्म दिन पर अपने चाचा जी को निमन्त्रण (बुलावा) पत्र लिखो।

205, मॉडल टाऊन।
अमृतसर।
20 अप्रैल, 20 ……..

पूज्य पिता जी,
सादर, प्रणाम।

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि 23 अप्रैल को मेरा जन्म दिन है। इसलिए मैं अपने मित्रों को शाम की चाय पार्टी दे रहा हूँ, आप भी चाची जी, रिंकू और नीता को लेकर इस छोटी-सी चाय पार्टी पर आएं।

चाची जी को प्रणाम। रिंकू और नीतू को प्यार।

आपका भतीजा,
नरेश कुमार।

17. मित्र की सफलता पर बधाई पत्र लिखो।

208, प्रेम नगर,
पटियाला।
11 अप्रैल, 20 …….

प्रिय मित्र सुरेश,

कल ही तुम्हारा पत्र मिला। यह पढ़कर बहुत ही खुशी हुई कि तुम पाँचवीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण (पास) हो गए हो। मेरी ओर से अपनी इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई स्वीकार करो। मैं कामना (इच्छा) करता हूँ कि तुम अगली परीक्षा में भी इसी प्रकार सफलता प्राप्त करोगे। मैं एक बार फिर तुम्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा मित्र,
राजबीर।

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18. अपनी माता जी को अपनी कुशलता के बारे में पत्र लिखो।

सरकारी स्कूल छात्रावास,
जालन्धर।
1 अगस्त, 20 …….

पूज्य माता जी,
सादर प्रणाम।

मैं पिछले रविवार को यहाँ पहुँच गया था। सोमवार से हमारी पढ़ाई ठीक प्रकार से शुरू हो गई है। मैं पूर्णतया कुशल से हूँ। बुखार के कारण जो कमज़ोरी आ गई थी, वह अब नहीं रही। छात्रावास में भोजन का अच्छा प्रबन्ध है। किसी प्रकार की चिन्ता न करें। अब मैं समय सारिणी के अनुसार चल रहा हूँ। प्रात 5 बजे उठ जाता हूँ। शौचादि से निवृत्त होकर कुछ व्यायाम करता हूँ, फिर नहा-धोकर अल्पाहार लेकर पढ़ने बैठ जाता हूँ। 9 बजे स्कूल का समय है। वहां से लौटकर सायं 5 बजे सब छात्र क्रीड़ा-क्षेत्र में चले जाते हैं। मैं कबड्डी टीम में हूँ। रोज़ की कसरत से मेरे अन्दर नई ताज़गी का आभास होने लगता है। रात को समय पर सो जाता हूँ।

आपका पुत्र,
अमित कुमार,
पाँचवीं ‘ए’।

19. मुख्याध्यापक को विद्यालय से मुफ्त पुस्तकें एवं वर्दी प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र।

सेवा में
मुख्याध्यापक जी,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय,
सोनीपत।
महोदय,

निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की पाँचवीं कक्षा का छात्र हूँ। मेरे पिताजी सरकारी कार्यालय में लिपिक हैं। हम तीन भाई-बहन हैं। पिताजी का वेतन इतना कम है कि वे हमारी पढ़ाई का भार सम्भालने में कठिनाई का अनुभव कर रहे हैं। मैंने पाँचवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में 96% अंक प्राप्त किये हैं। खेलों में भी मेरी रुचि है।

आपसे सानुरोध प्रार्थना है कि हमारी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुझे विद्यालय की ओर से छठी श्रेणी की पुस्तकें तथा वर्दी देने की कृपा करें। मैं आपका हृदय से आभारी रहूँगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
रमेश,
पाँचवीं ‘ग’

दिनांक …………..

20. सैक्शन बदलने के लिए प्रार्थना-पत्र।

सेवा में
श्रीमान् प्रधानाध्यापक जी,
हिन्दू प्राथमिक स्कूल,
जगरांव।
आदरणीय महोदय,

विनम्र निवेदन है कि मैं आपके स्कूल की पाँचवीं कक्षा सैक्शन ‘बी’ में पढ़ता हूँ। मैं इस विद्यालय का पुराना विद्यार्थी हूँ। एक मास तक इस सैक्शन में पढ़ने के बाद मुझे यह अनुभव हुआ कि इस सैक्शन में विद्यार्थी पढ़ने वाले कम और शरारती अधिक हैं। साथ ही इस सैक्शन के अंग्रेज़ी के अध्यापक हमें व्याकरण नहीं पढ़ाते। हिन्दी के अध्यापक भी कक्षा में गप्पें मारते रहते हैं और वे विशेष उत्साह नहीं दिखाते। विद्यार्थी घर से जो काम करके लाते हैं उसे कोई देखता नहीं। साथ ही पिछले वर्ष इस सैक्शन का परिणाम भी उतना अच्छा नहीं रहा।

कृपा करके आप मुझे सैक्शन ‘ए’ मैं बैठने की आज्ञा दें। आपका अति आभारी रहूँगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
राजीव,
पाँचवीं-बी।

तिथि ………

PSEB 5th Class Hindi Vyakaran पत्र-लेखन

21. अपने छोटे भाई को पत्र लिखो जिसमें प्रातः भ्रमण (सुबह की सैर) के लाभ बताए गए हों।

208 कृष्ण नगर,
बहादुरगढ़।
11 जुलाई, 20….

प्रिय भाई नरेश,
चिरंजीव रहो।

कल माता जी का पत्र मिला। पढ़ कर पता चला कि तुम बीमार रहने के कारण बहुत कमज़ोर हो गए हो। तुम सुबह देर तक सोए रहते हो। प्यारे भाई! प्रातः उठ कर सैर करनी चाहिए। सुबह की सैर से स्वास्थ्य उत्तम होता है। प्रातः भ्रमण से शरीर चुस्त रहता है। कोई बीमारी पास नहीं फटकती। मांसपेशियों में नए रक्त का संचार होता है। फेफड़ों को साफ़ वायु मिलती है। ओस पड़ी घास पर नंगे पांव चलने से बल, बुद्धि और आँखों की रोशनी बढ़ती है। दिमाग को शक्ति मिलती है। इसलिए प्रातः घूमने अवश्य जाया करो।

आशा है तुम मेरे आदेश का पालन करोगे। पूज्य माताजी को प्रणाम और अनु को प्यार।

तुम्हारा बड़ा भाई,
प्रदीप कुमार।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

Hindi Guide for Class 5 PSEB हाथी कैसे तोला गया Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
राजा को अपना हाथी क्यों प्रिय था ?
उत्तर:
राजा का हाथी अनेक युद्धों में अपनी बहादुरी तथा साहस दिखा चुका था। इसीलिए राजा को अपना हाथी प्रिय था।

प्रश्न 2.
राजा ने कितना सोना निर्धन लोगों में बाँटने का निश्चय किया ?
उत्तर:
राजा ने हाथी के भार के बराबर का सोना निर्धन लोगों में बाँटने का निश्चय किया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

प्रश्न 3.
किस व्यक्ति ने हाथी तोलने का दावा किया?
उत्तर:
एक निर्धन मछुए ने हाथी तोलने का दावा किया।

प्रश्न 4.
मछुए ने राजा से नाव बनाने के लिए कितने दिन का समय माँगा ?
उत्तर:
मछुए ने राजा से नाव बनाने के लिए सौ दिन का समय माँगा।

प्रश्न 5.
मछुए की शर्त क्या थी ?
उत्तर:
मछुए की शर्त थी कि पहले राजा के कर्मचारी एक बड़ी नाव बनाने में मछुए की मदद करें।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखो

प्रश्न 1.
मछुए ने हाथी को कैसे तोला? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर:
मछुए ने हाथी को तोलने से पूर्व एक नाव बनवाई। कई लोगों की सहायता से नाव को समुद्र में उतारा गया। हाथी को उस नाव पर चढ़ाया गया। नाव जितनी पानी में डूब गई वहाँ पर निशान लगा दिया गया। फिर हाथी को नाव से उतार लिया गया। अब नाव में सोना डाला जाने लगा। डालतेडालते जब सोना उसी निशान तक पहुँच गया जहाँ तक हाथी के भार का निशान था। इस प्रकार सोना तोला गया।

प्रश्न 2.
आजकल हाथी. को कैसे तोला जा सकता है ?
उत्तर:
आजकल हाथी को तोलने के लिए बड़ीबड़ी मशीनें हैं। मशीनों पर हाथी को खड़ा करके उसे तोला जा सकता है।

प्रश्न 3.
इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर:
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि बुद्धि के बल पर प्रत्येक कार्य किया जा सकता है। बुद्धि का प्रयोग करके असम्भव कार्य को भी सफलतापूर्वक सम्भव बनाया जा सकता है। अतः बुद्धि बल, श्रेष्ठ बल है।

III. वाक्य पढ़ो और बताओ कि यह कहानी के अनुसार सही हैं या ग़लत

(i) हाथी राजा को बहुत प्रिय था।
(ii) सभी राजदरबार के लोग हाथी तोलने का उपाय खोज कर लाए।
(iii) मछुआ समुद्र के किनारे रहता था।
(iv) राजा के आदमी दिन-रात नाव बनाने में लगे रहे।
(v) मछुए ने नाव को अकेले समुद्र में धकेला।
(vi) धीरे-धीरे कदम रखते हुए हाथी नाव पर चढ़ गया।
(vii) हाथी के बराबर सोना तुल गया-मछुए ने कहा।
उत्तर:
(i) ✓
(ii) ✗
(iii) ✓
(iv) ✓
(v) ✗
(vi) ✓
(vii) ✓

IV. विपरीत शब्दों का मिलान करो

दिन – डरपोक
बूढ़ा – सम्पन्न
साहसी – रात
निर्धन – जवान
इनाम – रंक
एक – दण्ड
राजा – अनेक
उत्तर:
दिन – रात।
बूढ़ा – जवान।
साहसी – डरपोक।
निर्धन – सम्पन्न।
इनाम – दण्ड।
एक – अनेक।
राजा – रंक।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

V. पढ़ो, समझो और लिखो

राज-दरबार = राजा का दरबार
प्रजा-जन = प्रजा के जन
अनाज-भण्डार = ………….
धन-दौलत = धन और दौलत
दिन-रात = …………..
प्रश्न-उत्तर = …………
उत्तर;
राज-दरबार = राजा का दरबार।
प्रजा-जन = प्रजा के जन (लोग)।
अनाज-भण्डार = अनाज के भण्डार।
धन-दौलत = धन और दौलत।
दिन-रात = दिन और रात।
प्रश्न-उत्तर = प्रश्न और उत्तर

VI. हाथी के चित्र में से उपयुक्त समानार्थक शब्द चुनकर लिखो

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया 1

(i) राजा = नृप, ………….
(ii) हाथी = ………….. , …………..
(iii) पानी = ………….. , …………..
(iv) समुद्र = ………….. , …………..
(v) नाव = ………….. , …………..
(vi) सोना = ………….. , …………..
उत्तर:
पर्यायवाची/समानार्थक शब्द
(i) राजा = नृप, नरेश।
(ii) हाथी = गज, नाग।
(ii) पानी = अम्बू, नीर।
(iv) समुद्र = जलधि, वारिधि।
(v) नाव = नैया, नौका।
(vi) सोना = कनक, स्वर्ण।

VII. विराम चिह्न लगाओ

(i) कई दिन बीत गए पर राज्य में किसी भी व्यक्ति ने कोई उपाय नहीं सुझाया
(ii) परन्तु नाव हाथी कैसे तोलेगी महाराज ने प्रश्न किया
उत्तर:
(i) कई दिन बीत गए, पर राज्य में किसी भी व्यक्ति ने कोई उपाय नहीं सुझाया।
(ii) परन्तु नाव हाथी कैसे तोलेगी ?’ महाराज ने प्रश्न किया।

VIII. उपयुक्त अक्षर लगाकर पाठ में आए शब्द को पूरा करो.

1. मूल्य ___ न
2. उ. ___ य
3. सा ___ स
4. म ___ आ
5. क ___ चारी
6. श ___ ती
7. ___ हाज
8. ___ त।
उत्तर:
1. मूल्यवान
2. उदय।
3. साहस
4. मछुआ।
5. कर्मचारी
6. शहतीर।
7. महाराज।
8. शर्त।

IX. शब्द में से कम-से-कम दो शब्द ढूँढकर लिखो

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया 2
उत्तर:
(1) निकालेगा-(i) निकाल, (ii) काले, (iii) कागा (iv) लेगा।
(2) तराजू-(i) तर (ii) राजू।
(3) सहायता-(i) हाय (ii) सह (iii) सहाय।
(4) दरबार-(i) दर (i) बार (iii) दरबा।
(5) मालामाल-(i) माल (ii) माला।
(6) महावत-(i) महा (i) हाव।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

प्रयोगात्मक व्याकरण

राजा ने अपने मंत्रियों से कहा कि तुम में से जो भी हाथी को तोलने का उपाय बताएगा उसे मैं इनाम दूंगा। एक कर्मचारी ने राजा से कहा कि समुद्र के किनारे एक मछुआ रहता है। वह हाथी को तोलने का दावा करता है।

उपर्युक्त पंक्तियों में राजा, मन्त्री और मछुआ शब्द संज्ञा हैं। यहाँ राजा ने अपने लिए ‘मैं’, मन्त्रियों के लिए ‘तुम’ और ‘उसे’ तथा मछुए के लिए ‘वह’ शब्द का प्रयोग किया है। ये शब्द संज्ञा के स्थान पर आने के कारण सर्वनाम हैं।

अत: संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयोग में आने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे मैं, हम, आप, तुम, तू, वह, वे आदि। अन्य सर्वनाम शब्द :-उन्हें, उस, उसका, मेरा, हमारा, तेरा, तुम्हारा, अपना, स्वयं
आदि।

X. रेखांकित शब्दों के स्थान पर उचित सर्वनाम का प्रयोग करके वाक्य दोबारा लिखें।

प्रश्न 1.
हाथी को कैसे तोला जाए कि हाथी तोल के बराबर सोना तुल जाए।
उत्तर:
हाथी को कैसे तोला जाए कि उसके तोल के बराबर सोना तुल जाए।

प्रश्न 2.
राजा के पास एक हाथी था। राजा हाथी को बहुत प्यार करता था।
उत्तर:
राजा के पास एक हाथी था। वह उसको बहुत प्यार करता था।

प्रश्न 3.
एक राजा था। प्रजा राजा को बहुत चाहती थी।
उत्तर:
एक राजा था। प्रजा उसे बहुत चाहती थी।

प्रश्न 4.
मछुए ने कहा कि मछुआ हाथी को तोलूँगा।
उत्तर:
मछुए ने कहा कि मैं हाथी को तोलूँगा।

प्रश्न 5.
मछुए ने कहा कि राजा के सेवकों को सोना लाने की आज्ञा दें।
उत्तर:
मछुए ने कहा कि राजा अपने सेवकों को सोना लाने की आज्ञा दें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं-

प्रश्न 1.
राजा के पास क्या था ?
(क) हाथी
(ख) सेना
(ग) वजीर
(घ) मंत्री।
उत्तर:
(क) हाथी

प्रश्न 2.
राजा को सबसे प्रिय क्या था ?
(क) सेना
(ख) धन-दौलत
(ग) मंत्री
(घ) हाथी।
उत्तर:
(घ) हाथी।

प्रश्न 3.
हाथी तोलने का दावा किसने किया ?
(क) मंत्री ने
(ख) सेनानायक ने
(ग) मछुए ने
(घ) रानी ने।
उत्तर:
(ग) मछुए ने

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 हाथी कैसे तोला गया

प्रश्न 4.
दुनिया में किसके बल पर प्रत्येक कार्य किया जा सकता है ?
(क) बुद्धि के
(ख) मन के
(ग) धन के
(घ) बल के।
उत्तर:
(क) बुद्धि के

हाथी कैसे तोला गया Summary

हाथी कैसे तोला गया पाठ का सार

बहुत समय पहले की बात है कि हमारे देश में एक राजा राज्य करता था। प्रजा उसे बहुत चाहती थी। उसके पास एक हाथी था, जिसे वह बहुत प्यार करता था। एक बार उसके राज्य में सूखा पड़ा। बहुत समय तक वर्षा न होने के कारण अनाज पैदा न हुआ और लोग दुःखी रहने लगे। राजा ने लोगों के लिए अनाज के भण्डार खोल दिए। उसने ग़रीबों की सहायता के लिए अपने प्रिय हाथी के भार के बराबर सोना तोल कर ग़रीबों में बाँटने का निश्चय किया। पर एक उलझन यह थी कि इतने बड़े हाथी का भार कैसे तोला जाए ? उन दिनों भार तोलने की इतनी बड़ी मशीनें नहीं थीं। तब राजा ने प्रजा में यह घोषणा करवाई कि जो मनुष्य हाथी को तोलने का तरीका बतलाएगा, उसे वह सोने से भरी दस थैलियाँ इनाम में देगा।

बहुत-से लोगों ने सोचा लेकिन हाथी को तोलने का कोई उपाय न सूझा। अन्त में एक सेवक ने आकर बताया कि एक मछुआ हाथी को तोलने के लिए तैयार है। राजा अपने सेवकों के साथ हाथी को लेकर मछुआरे के पास गया। मछुआरे ने कहा कि पहले एक बड़ी नाव बनाई जाए। मछुआरे तथा राजा के सेवकों ने मिलकर सौ दिन मेहनत करके एक नाव तैयार की। उस नाव को समुद्र में उतारा गया। हाथी को नाव पर चढ़ाया गया। नाव का बहुत-सा भाग पानी में डूब गया। जहाँ तक नाव पानी में डूबी मछुआरे ने वहाँ निशान लगा लिया। फिर हाथी को नाव से उतार कर सोना भर दिया गया। जब निशान वाले स्थान तक नाव पानी में डूब गई तब मछुए ने कहा यही हाथी के भार के बराबर सोना है। मछुए की सूझ-बूझ देखकर सब हैरान हुए। सभी ने उसकी प्रशंसा की। राजा ने उसे पुरस्कार दिया।

कठिन शब्दों के अर्थ:

अत्यधिक = बहुत ज़्यादा। मूल्यवान् = कीमती। अचम्भित = हैरान। अंकश = लोहे की छोटी नुकीली छड, हाथी को काब में रखने का शस्त्र। कर्मचारी = काम करने वाला। विधि = तरीका। लश्कर = सेना। महावत = हाथी को हाँकने वाला। सहस्त्र = हज़ार। दृश्य = नज़ारा। चिह्न = निशान। असमर्थ = लाचार।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

Hindi Guide for Class 5 PSEB प्लास्टिक : सजग प्रयोग Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
सुबह उठते ही आपके दिन की शुरुआत किससे होती है?
उत्तर:
सुबह उठते ही हमारे दिन की शुरुआत प्लास्टिक के बने टुथब्रश से होती है।

प्रश्न 2.
आज के युग को किसकी संज्ञा दे सकते हैं?
उत्तर:
आज के युग को प्लास्टिक युग की संज्ञा दे सकते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्रश्न 3.
विभिन्न प्लास्टिकों से बनी वस्तुओं का उपयोग किन-किन क्षेत्रों में हो रहा है?
उत्तर:
प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हो रहा है।

प्रश्न 4.
कृषि-क्षेत्र तथा भवन-निर्माण में प्लास्टिक से क्या-क्या वस्तुएँ बनती हैं ?
उत्तर:
कृषि-क्षेत्र में सिंचाई के साधन, पशुआवास के निर्माण तथा ग्रीन हाऊस की छत बनाने में प्लास्टिक का प्रयोग होता है।
भवन निर्माण में आजकल प्लास्टिक के बने खिड़की, दरवाज़े तथा चौखट प्रयोग में लाये जाते हैं। छत निर्माण में भी प्लास्टिक का उपयोग किया – जाता है।

प्रश्न 5.
परिवहन क्षेत्र में प्लास्टिक से क्या निर्मित होता है?
उत्तर:
परिवहन के क्षेत्र में सभी परिवहन साधनों के टायर-ट्यूब रबड़ (एक प्रकार की प्लास्टिक) से बनाए जाते हैं। मोटर-साइकिलों और स्कूटरों की बॉडी (आवरण) भी आजकल प्लास्टिक की ही बनाई जाती है।

प्रश्न 6.
चिकित्सा क्षेत्र में प्लास्टिक की क्या भूमिका है?
उत्तर:
चिकित्सा के क्षेत्र में, विकलांगों के कृत्रिम अंग (हाथ, पैर आदि) चश्मे के फ्रेम तथा ग्लासप्लास्टिक के ही बनते हैं। यहाँ तक कि कान्टेक्ट लेंस भी एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। प्लास्टिक सर्जरी में तथा हृदय के कृत्रिम भाग आदि बनाने में प्लास्टिक की विशेष भूमिका है।

प्रश्न 7.
घर में रोजमर्रा की खाद्य सामग्री किसमें आती है?
उत्तर:
घर की रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री तथा घरेलू सामान प्लास्टिक की थैलियों में ही आते हैं।

प्रश्न 8.
अच्छी कोटि के प्लास्टिक या पॉलीथीन तथा घटिया प्लास्टिक या पॉलीथीन में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:
अच्छी कोटि के प्लास्टिक की थैलियों में खाद्य-पदार्थों की पैकिंग पूर्णतः सुरक्षित और स्वास्थ्यकारी होती है जबकि दूसरी तरफ घटिया और सस्ते प्लास्टिक में लंबे समय तक रखे गए खाद्य पदार्थ में प्लास्टिक के हानिकारक योगशील रसायन घुल जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होते हैं।

प्रश्न 9.
हमारे पर्यावरण पर किस का दुष्प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हमारे पर्यावरण पर प्लास्टिक कचरे जैसे पॉलीथीन की थैलियाँ, कोल्ड-ड्रिंक्स की बोतलें, मिनरल वाटर की बोतलें आदि का दुष्प्रभाव पड़ता

II. चार-पाँच वाक्यों में उत्तर दें

प्रश्न 1.
सबसे लोकप्रिय प्लास्टिक कौन-सा है? खाद्य-सामग्री में उसका उपयोग किस प्रकार से हो रहा है?
उत्तर:
पॉलिइथिलीन प्लास्टिक सबसे लोकप्रिय प्लास्टिक है। आइसक्रीम के कप, कोल्ड ड्रिंक तथा मिनरल वाटर की बोतलें इसी प्लास्टिक से बनती हैं। यह पालीथीन अन्य धातुओं की तुलना में सस्ता, हल्का, मज़बूत तथा सुविधाजनक होता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्रश्न 2.
कौन-कौन से पदार्थ प्रकृति में अपघटित (नष्ट) हो जाते हैं और कौन-से नहीं?
उत्तर:
कागज़, लकड़ी, खाद्य-पदार्थ, मृतजीव शरीर प्रकृति में उपस्थित बैक्टीरिया तथा जैविक रूप से नष्ट हो जाते हैं, किन्तु प्लास्टिक तथा पॉलीथीन ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं जो न तो सड़ते हैं, न ही घुलते हैं और न ही नष्ट होते हैं।

प्रश्न 3.
प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए आप क्या योगदान दे सकते हैं ? लिखो।
उत्तर:
प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम अत्यावश्यक है। प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्लास्टिक के स्थान पर कागज़ के लिफाफे प्रयोग में लाएंगे। कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग भी प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्ति दिला सकता है।

III. विपरीत शब्द लिखो

गंदा, लाभ, विनाश, अनुपस्थित, प्राकृतिक, दुरुपयोग।
कृत्रिम : …………..
निर्माण : …………..
उपयोग : …………..
उपस्थित : …………..
हानि : …………..
स्वच्छ : …………..
उत्तर:
विपरीतार्थक शब्द
कृत्रिम = प्राकृतिक।
निर्माण = विनाश।
उपयोग = दुरुपयोग।
उपस्थित = अनुपस्थित।
हानि = लाभ।
स्वच्छ = गंदा।

(ख) समानार्थक शब्द:

विश्व ……………
दिन ……………
रात ……………
नदी ……………
समुद्र ……………
पहाड़ ……………
सूर्य ……………
वायु। ……………
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
विश्व = संसार, जग।
दिन = दिवस, वासर।।
रात = रात्रि, रजनी।
नदी = सरिता, तरंगिनी।
समुद्र = सागर, उद्धि।
पहाड़ = नग, अचल।
सूर्य = रवि, भास्कर।
वायु = पवन, मारुत।

(ग) वचन बदलो

बाल्टियाँ ……………
डिब्बा ……………
सब्जी ……………
बोतलें ……………
वस्तुएँ ……………
अपना ………………
विषैला ……………
उत्तर:
बाल्टियाँ = बाल्टी
डिब्बा = डिब्बे।।
सब्जी = सब्जियाँ।
बोतलें = बोतल।
वस्तुएँ = वस्तु।
अपना = अपने।
विषैला = विषैले।

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(घ) अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखें

वातावरण, लोकप्रिय, विषाक्त, पुनरुत्पादन, दुष्प्रभाव, हानिकारक, अभियान, विकलांग, परियोजना
अंग से हीन ……………
विष से युक्त ……………
लोगों में प्रिय ……………
व्यवस्थित आन्दोलन …………….
दोबारा उत्पादन करना ………….
बुरा प्रभाव …………..
हानि पहुँचाने वाला …………….
नियमित एवं व्यवस्थित रूप से ……………..
पृथ्वी के चारों ओर की वाय ……………
उत्तर:
अंग से हीन = विकलांग
विष से युक्त = विषाक्त।
लोगों में प्रिय = लोकप्रिय।
व्यवस्थित आन्दोलन = अभियान।
दोबारा उत्पादन करना = पुनरुत्पादन।
बुरा प्रभाव = दुष्प्रभाव।
हानि पहुँचाने वाला = हानिकारक।
नियमित एवं व्यवस्थित रूप से = परियोजना।
पृथ्वी के चारों ओर की वायु = वातावरण।

IV. वाक्य बनाओ-

कृषि ………………..
पर्यावरण ………………..
स्वास्थ्य ………………..
संचित ………………..
नियन्त्रित ………………..
रोगाणु ………………..
उत्तर:
कृषि = भारत एक कृषि प्रधान देश है।
पर्यावरण = हमारे पर्यावरण में प्रदूषण फैलने का मुख्य कारण मोटर गाड़ियों से निकलता धुआँ है।
स्वास्थ्य = अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
संचित = मैंने बड़ी मेहनत से धन संचित किया है।
नियन्त्रित = हमें बढ़ती जनसंख्या को नियन्त्रित करना होगा।
रोगाणु = रोगाणु हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

अभि + यान = अभियान, अभिमान
प्र + दूषित = प्रदूषित, ………..
सह + योगी = सहयोगी, ………………..
उप + योगी – उपयोगी, ………………..
परि + योजना = परियोजना, ………………..
अप + घटित = अपघटित,. ………………..
सु + गम = सुगम, ………………..
वि + भिन्न = विभिन्न, ………………..
उत्तर:
उपसर्ग लगाकर नए शब्द:
अभि + यान = अभियान, अभिमान।
प्र + दूषित = प्रदूषित, प्रचार।
सह + योगी = सहयोगी, सहचर।
उप + योगी = उपयोगी, उपचार।
परि + योजना = परियोजना, परिवार।
अप + घटित = अपघटित, अपराध।
सु + गम = सुगम, सुकर।
वि + भिन्न = विभिन्न, विज्ञान।

VI. सोचिए और लिखिए

(क) घटिया प्लास्टिक किस तरह वायु, जल तथा मिट्टी को प्रदूषित कर रहा है ? पाँच सात वाक्य लिखो।
उत्तर:
घटिया प्लास्टिक मानव-उपयोग के लिए तो अहितकर है ही इसका दुष्प्रभाव जल, वायु और मिट्टी पर भी होता है। जल में, तालाबों, झीलों, नदियों, समुद्रों में प्लास्टिक कचरा जल को प्रदूषित करता है। पानी के बहाव में यह प्लास्टिक बाधा बनता है। प्लास्टिक कचरे को यदि नालियों आदि में फेंक दिया जाए तो यह नाली और सीवर के पानी के बहाव में बाधा बनता है।

यदि इस प्लास्टिक कचरे को खुले वायु में जलाया या पिघलाया जाए तो इससे कई हानिकारक तथा विषाक्त पदार्थ और जहरीली गैसें निकलती हैं जो वातावरण को दूषित करती हैं। यह मानव स्वास्थ्य को भी हानि पहुँचाती हैं।

यदि इस प्लास्टिक कचरे को मिट्टी में दबाया जाए तो यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को हानि पहुँचाती है। मिट्टी में दबे प्लास्टिक के रसायन गर्मी पाकर विषैली गैसें उत्पन्न करते हैं जिनसे भूमि में रहने वाले जीवाणु और कीड़े-मकौड़े प्रभावित होते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

(ख) हमारे दैनिक जीवन में घटिया प्लास्टिक से बनने वाली चीज़ों की सूची बनाएं और उन चीज़ों के विकल्प भी बताएं।
घटिया प्लास्टिक से बनी चीजें विकल्प
1. पॉलीथीन लिफाफे कागज़ के लिफाफे,
कपड़े के थैले आदि
2. …………………
3. ………………….
उत्तर:
विद्यार्थी इनके लिए स्वयं अपने आसपास प्लास्टिक की वस्तुओं को देखें और लिखें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
आज जीवन के हर क्षेत्र में किसका बोलबाला
(क) प्लास्टिक का
(ख) धन का
(ग) राजनीति का
(घ) धर्म का।
उत्तर:
(क) प्लास्टिक का

प्रश्न 2.
विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाने वाला पदार्थ क्या है?
(क) पैसा
(ख) प्लास्टिक
(ग) पेपर
(घ) पेंसिल।
उत्तर:
(ख) प्लास्टिक

प्रश्न 3.
आज के युग को किसकी संज्ञा दे सकते हैं ?
(क) प्लास्टिक युग
(ख) राजनीति युग
(ग) बाल युग
(घ) अंतरिक्ष युग।
उत्तर:
(क) प्लास्टिक युग

प्रश्न 4.
सुबह उठते ही दिन की शुरुआत किससे होती है ?
(क) टुथब्रुश से
(ख) पानी से
(ग) नाश्ते से
(घ) रोटी से।
उत्तर:
(क) टुथब्रुश से

प्रश्न 5.
प्लास्टिक पर्यावरण के लिए क्या है ?
(क) लाभदायक
(ख) हानिकारक
(ग) श्रेष्ठ
(घ) अच्छा
उत्तर:
(ख) हानिकारक

प्रश्न 6.
क्या हमें प्लास्टिक का प्रयोग करना चाहिए ?
(क) कभी नहीं
(ख) कभी-कभी
(ग) नहीं
(घ) हां।
उत्तर:
(क) कभी नहीं

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्लास्टिक : सजग प्रयोग Summary

प्लास्टिक : सजग प्रयोग पाठ का सार

आज के युग को प्लास्टिक का युग कहा जा सकता है। जीवन के हर क्षेत्र में प्लास्टिक का ही बोलबाला है। यह विश्व भर में सब से अधिक प्रयोग में लाया जाने वाला पदार्थ है। घरेलू उपयोगी सामान के अतिरिक्त कृषि, परिवहन, भवन-निर्माण, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में भी इसका अधिकता से उपयोग हो रहा है। वाहनों के ढाँचे, इमारतों की खिड़कियाँ, दरवाजे, चौखट और छतें भी प्लास्टिक से बनाई जाने लगी हैं। चश्मे के फ्रेम, लेंस, कान्टेक्ट लेंस, हृदय के कृत्रिम वाल्व, तरह-तरह की थैलियाँ, आईस क्रीम के कप, कोल्डड्रिंक तथा मिनरल वाटर की बोतलें आदि इसी से बनाए जाते हैं क्योंकि यह हल्का, मज़बूत और सुविधाजनक होता है। सामान्य रूप से अच्छी कोटि का प्लास्टिक हानिकारक और विषैला नहीं होता लेकिन जब घटिया किस्म के प्लास्टिक में रंग मिलाए जाते हैं तो वे हानिकारक प्रभाव दिखाते हैं। प्लास्टिक का पर्यावरण पर भी कुप्रभाव पड़ता है। प्लास्टिक तथा पॉलीथीन प्राकृतिक और जैविक विधि से नष्ट नहीं होते। गर्मी पाकर ये विषैली गैसें उत्पन्न करते हैं। इसके कारण अनेक जीव जन्तु मर जाते हैं। इनसे सीवर बंद हो जाते हैं। गाय-भैंसें आदि इन्हें खाद्य पदार्थों के साथ निगल जाती हैं और मौत के मुँह में समा जाती हैं। इसलिए हमें प्लास्टिक का उपयोग सावधानी से करना चाहिए।

कठिन शब्दों के अर्थ:

प्रत्येक = हर एक। क्षेत्र = इलाका। दबदबा = रोबदाब। मानव निर्मित = मनुष्य के बनाए हुए। कृषि = खेती। पशु-आवास = जानवरों के रहने का स्थान। निर्माण = बनाना। सर्जरी = शल्य क्रिया। कृत्रिम = नकली। रोज़मर्रा = दैनिक उपयोगी।खाद्य-सामग्री = खाने का सामान। लोकप्रिय = प्रसिद्ध। हाऊस = घर। जगत = संसार। प्रदूषण = दूषित। परिवहन = एक स्थान से दूसरे स्थान तक। उपलब्ध = प्राप्त। खाद्य-पदार्थ = खाने वाली वस्तुएँ। विषैले = ज़हरीले। पूर्णतः = पूरी तरह। प्रतिरोधता = रुकावट। घातक = हानिकारक। कचरा = गन्दगी। पर्यावरण = वातावरण। विषाक्त = विष युक्त, ज़हरीले। मृतजीव = मरे हुए जीव। उत्पन्न = पैदा। जीवाणु = अति सूक्ष्म जीव। असमय = समय से पहले। समक्ष = सामने। परेशानियों = मुश्किलों। नियन्त्रण = वश में।।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 17 उन्नति का मंत्र

Hindi Guide for Class 5 PSEB उन्नति का मंत्र Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
संसार में लगातार परिवर्तन होता रहता है, इसके कोई पाँच उदाहरण लिखो।
उत्तर:
संसार में लगातार होने वाले पाँच परिवर्तन इस प्रकार हैं

  1. सूरज का रोज़ निकलना और छिप जाना।
  2. फूल का डाली पर खिलना और सूख कर झड़ जाना।
  3. कभी बचपन कभी जवानी और फिर बुढ़ापा तथा मृत्यु।
  4. रात के बाद दिन का निकलना, दिन के बाद फिर रात का आना।
  5. समय का आगे बढ़ते जाना, फिर लौट कर न आना।
  6. पेड़-पौधों के पत्तों का कोमल हरा और फिर पीला हो जाना।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

प्रश्न 2.
समय नष्ट न करने वाले को क्या मिलता
उत्तर:
समय नष्ट न करने वाले को जीवन में सारे सुख मिलते हैं। वह जीवन में उन्नति करता है।

प्रश्न 3.
कवि ने उन्नति का कौन-सा मन्त्र कविता में दिया है?
उत्तर:
कवि ने उन्नति का मूल मन्त्र बताते हुए कहा है-‘समय को कभी मत गँवाओ।’

प्रश्न 4.
‘समय अमूल्य है,’ इस विषय पर पाँच वाक्य लिखो।
उत्तर:
समय एक बहुमूल्य धन है। यह कभी लौट कर नहीं आता। इसलिए समय के महत्त्व को समझो। समय को कभी व्यर्थ न गँवाओ। समय पर किया गया काम ही अच्छा होता है। जो विद्यार्थी समय | के महत्त्व को नहीं समझते, वे बाद में पछताते हैं। ऐसे लोग जीवन में ठोकरें खाते रहते हैं। इसी कारण हमारे महापुरुषों ने समय को बड़ा महत्त्व दिया है।

II. सरलार्थ करो

कभी बालपन मिलता हमको,
कभी जवानी आती है।
पागल बन जब झूमा करते,
तभी जरा आ जाती है।
उत्तर:
कवि कहता है कि मनुष्य का जीवन एक-सा नहीं रहता। प्रकृति में भी कभी सुबह होती है तो कभी रात का अन्धेरा छा जाता है और चाँद मुस्कुराने लगता है। फूल कभी डाली पर खिलता है और कभी वह झड़ जाता है। कभी हमें बचपन मिलता है और कभी जवानी (यौवन) आ जाती है। जवानी की मस्ती में पागल हो कर जब हम झूमते हैं तो उसी समय बुढ़ापा आ जाता है।

वाक्य बनाओ

(i) बालपन = ………………….
(ii) नष्ट = ………………….
(iii) इच्छा = ………………….
(iv) सुख = ………………….
उत्तर:
(i) बालपन = बालपन में अधिकतर बच्चे नटखट होते हैं।
(ii) नष्ट = पशुओं ने सारा बाग नष्ट कर दिया।
(iii) इच्छा = मेरी इच्छा डॉक्टर बनने की है।
(iv) सुख = यदि हमें सुख की इच्छा है तो परिश्रम करना होगा।

III. समानार्थक शब्द लिखो

(i) सवेरा = ………………….
(ii) अन्धेरा = ………………….
(iii) चाँद = ………………….
(iv) फूल = ………………….
(v) डाली = ………………….
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
(i) सवेरा = सुबह, प्रातः
(ii) अन्धेरा = अन्धकार, तम।
(iii) चाँद = निशिकर, रजनीकर।
(iv) फूल = पुष्प, सुमन।
(v) डाली = शाखा, टहनी।

IV. विपरीत शब्द समझो

इच्छा = अनिच्छा
सुख = दुःख
आलसी = चुस्त
जीवन = मृत्यु
आबाद = उजाड़
उत्तर:
विद्यार्थी ऊपर लिखे गए विपरीतार्थक शब्दों को समझें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

V. रेखांकित शब्दों के वचन बदल कर वाक्य दोबारा लिखो

यह आम के पेड़ की डाली है।
पेड़ का पत्ता हरा है।
उत्तर:
(i) ये आम के पेड़ों की डालियाँ हैं।
(ii) पेड़ों के पत्ते हरे हैं।

VI. नये शब्द बनाओ

न् + न = न्न = उन्नति,
त् + र = त्र = मन्त्र, ……………
न् + त = न्त = निरन्तर, ……………
त् + त = त्त, त्त = पत्ती, …………..
प् + र = प्र = प्राण, …………………
ष् + ट = ष्ट = नष्ट, …………………
द् + य = द्य, द्य = विद्या, ………….
उत्तर:
नए शब्द-
न् + न = न्न = उन्नति, अन्न, खिन्न।
त् + र = त्र = मन्त्र, स्वतन्त्र, मित्र।
न् + त = न्त = निरन्तर, अन्त, अन्तर।
त् + त = त्त (त्त) = पत्ती, कुत्ता, पत्ता।
प् + र = प्र = प्राण, प्रबल, प्रखर।
ष् + ट = ष्ट = नष्ट, कष्ट, दुष्ट।
द् + य = द्य (द्य) = विद्या, विद्यार्थी, विद्यालय।

VII. शब्दों की माला पूरी करो

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र 1

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
परिवर्तन किसका नियम है ?
(क) प्रकृति का
(ख) मनुष्य का
(ग) सबका
(घ) धन का।
उत्तर:
(क) प्रकृति का

प्रश्न 2.
इस कविता में कवि ने क्या शिक्षा दी है ?
(क) धन कमाने की
(ख) समय नष्ट न करने की
(ग) पढ़ने की
(घ) जगने की।
उत्तर:
(ख) समय नष्ट न करने की

प्रश्न 3.
समय कैसा धन है ?
(क) अमूल्य
(ख) मूल्य
(ग) धनी
(घ) अच्छा
उत्तर:
(क) अमूल्य

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

प्रश्न 4.
जो समय को नष्ट करता है उसे कौन-सा धन नहीं मिलता?
(क) विद्या धन
(ख) विद्या पैसा
(ग) धन
(घ) गृह धन।
उत्तर:
(क) विद्या धन

प्रश्न 5.
उन्नति का मंत्र क्या है ?
(क) समय का लाभ उठाना
(ख) समय गंवाना
(ग) समय देना
(घ) समय न देना।
उत्तर:
(क) समय का लाभ उठाना

उन्नति का मंत्र Summary

उन्नति का मंत्र पाठ का सार

कवि ने समय के लगातार बदलने और उसके अच्छे-बुरे प्रभावों को अपनी कविता में प्रकट किया -है। समय बदलने के साथ कभी सवेरा होता है तो कभी रात का अंधेरा। कभी पौधों पर फूल महकते हैं तो कभी झड़ जाते हैं। बचपन जवानी में बदलता है तो जवानी बुढ़ापे में बदल जाती है। संसार का कण-कण बदलता है। मनुष्य को समय की इज्जत करनी चाहिए। उसे कभी भी गंवाना नहीं चाहिए। समय ही मान है, प्राण है और सब सुखों का दाता है। कभी समय न गंवाना ही सब सुखों को प्राप्त करने का मूल मंत्र है।

पद्यांशों के सरलार्थ

1. कभी सवेरा कभी अँधेरा,
कभी चाँद मुसकाता है।
खिलता फूल कभी डाली पर,
वही कभी झड़ जाता है।
कभी बालपन मिलता हमको,
कभी जवानी आती है।
पागल बन जब झुमा करते,
तभी ज़रा आ जाती है।

कठिन शब्दों के अर्थ:
सवेरा = सुबह। मुसकाता = मुस्कुराता, हँसता। बालपन = बचपन। जरा = बुढ़ापा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मन्त्र’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में कवि ने समय के मूल्य को जानना ही उन्नति का मन्त्र बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि मनुष्य का जीवन एक-सा नहीं रहता। प्रकृति में भी कभी सुबह होती है तो कभी रात का अन्धेरा छा जाता है और चाँद मुस्कुराने लगता है। फूल कभी डाली पर खिलता है और कभी वह झड़ जाता है। कभी हमें बचपन मिलता है और कभी जवानी (यौवन) आ जाती है। जवानी की मस्ती में पागल हो कर जब हम झूमते हैं तो उसी समय बुढ़ापा आ जाता है।

भावार्थ:
समय निरन्तर बढ़ता रहता है तथा उसके साथ बदलाव भी निश्चित है।

2. समय निरन्तर बढ़ता जाता,
बदल रहा जग-जीवन है।
बदल रही है पत्ती-पत्ती,
बदल रहा सब कण-कण है।
यदि इच्छा है सुख की तुमको,
समय व्यर्थ मत खोना रे।
जो कुछ करना, करो समय पर,
नहीं आलसी होना रे।

कठिन शब्दों के अर्थ:
समय = वक्त। निरन्तर = लगातार। जग-जीवन = सांसारिक जीवन। कणकण = ज़र्रा-ज़र्रा इच्छा = चाह। व्यर्थ = फजूल। आलसी = सुस्त।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मंत्र’ से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में कवि ने समय का महत्त्व बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि समय लगातार बढ़ता जाता है। समय बीतता रहता है। इसी के साथ संसार का जीवन भी बदलता रहता है।

दुनिया में पत्ती-पत्ती और हर कण बदल रहा है। अरे मानव ! यदि तुम सुख चाहते हो तो अपना समय व्यर्थ मत गँवाओ। तुम्हें जो कुछ भी करना है, उसे समय पर कर डालो। आलसी बनकर रहना बुरी बात है।

भावार्थ:
समय अमूल्य है, वह लौट कर नहीं आता।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

3. समय मान है, समय प्राण है,
समय सभी सुख द्गाता है।
समय नष्ट कर नहीं कोई भी,
विद्या धन सुख पाता है।
नहीं समय को कभी गँवाओ,
मंत्र उन्नति का याद रहे।
मूल्य समय का जो पहचाने,
जीवन उसका आबाद रहे।

कठिन शब्दों के अर्थ:
मान = इज्जत। प्राण = जान। सुखदाता = सुख देने वाला। विद्याधन = विद्या रूपी दौलत। उन्नति = तरक्की। मूल्य = कीमत।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मन्त्र’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने जीवन में उन्नति पाने के लिए समय की कद्र करना बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है-समय इज्जत है और समय ही प्राण है। कोई भी व्यक्ति समय को बरबाद करके विद्या रूपी धन एवं सुख प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए समय को कभी मत गँवाओ। इस उन्नति के
मन्त्र को हमेशा याद रखो। जो व्यक्ति समय की कीमत को पहचानता है, उसका जीवन आबाद रहता है।

भावार्थ:
हमें समय के महत्त्व को पहचानना चाहिए।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 वैशाखी आई रे

Hindi Guide for Class 5 PSEB वैशाखी आई रे Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
पंजाब में फ़सलों की कटाई से जुड़ा कौन-सा त्योहार मनाया जाता है ?
उत्तर:
पंजाब में फ़सलों की कटाई से जुड़ा त्योहार वैशाखी मनाया जाता है।

प्रश्न 2.
जलियाँवाले बाग़ में किसने गोलियाँ चलाई थीं ?
उत्तर:
जलियाँवाले बाग़ में जरनल डायर ने गोलियाँ चलाई थीं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे

प्रश्न 3.
आनन्दपुर साहिब में गुरु गोबिन्द सिंह जी ने किसकी स्थापना की थी ?
उत्तर:
आनन्दपुर साहिब में गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।

प्रश्न 4.
वैशाखी पर किसान अपनी खुशी कैसे प्रकट करता है ?
उत्तर:
वैशाखी पर किसान भंगड़ा करके, गहनों, कपड़ों आदि की खरीदारी करके अपनी खुशी प्रकट करता है।

प्रश्न 5.
पंजाब में वैशाखी पर कौन-सा गीत गाया जाता है ?
उत्तर:
पंजाब में वैशाखी पर गाया जाने वाला गीत है ‘कनकां दी मुक गई राखी ओ जट्टा आई वैशाखी।’

II. अपने अध्यापक से

(1) जलियाँवाले बाग़ की घटना सुनो।
(2) धर्म की रक्षा के लिए गुरु गोबिन्द सिंह जी द्वारा स्थापित ‘खालसा पंथ’ की जानकारी प्राप्त करो।
(3) सिक्ख धर्म के दस गुरुओं के नाम लिखो और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करो।
उत्तर:
1 और 2 के लिए विद्यार्थी अपने कक्षा अध्यापक से जानकारी प्राप्त करें।

(3) सिक्ख धर्म के दस गुरुओं के नाम इस प्रकार हैं-

  • श्री गुरु नानक देव जी
  • श्री गुरु अंगद देव जी
  • श्री गुरु अमरदास जी
  • श्री गुरु रामदास जी
  • श्री गुरु अर्जन देव जी
  • श्री गुरु हरिगोबिन्द जी
  • श्री गुरु हरिराय जी
  • श्री गुरु हरिकृष्ण जी
  • श्री गुरु तेग़ बहादुर जी
  • श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी।

III. सरलार्थ करो

पंथ खालसा सिरजन हेतु
बना आनन्दपुर सांखी
अमृत छकाकर, सिंह सजाकर
जन-जन की चेतना जगाई रे
वैशाखी आई रे …………..
उत्तर:
कवि कहता है कि हम कैसे भूल सकते हैं सन् सोलह सौ निनयानवें का वैशाखी वाला वह दिन, जब कलगीधर दशम गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने धर्म की रक्षा के लिए आनन्दपुर साहिब में खालसा पंथ की सृजना की थी। आनन्दपुर साहिब इस बात का प्रत्यक्ष साक्षी है जब अमृत पिलाकर पाँच ‘सिंह’ सजाकर जन-जन में एक नई चेतना जगाई थी।

IV. वैशाखी पर लगने वाले मेले का आनन्द लें। अपनी डायरी में लिखें आपने वैशाखी का त्योहार कैसे मनाया ?

कवि कहता है कि वैशाखी का त्योहार आया है और अपने साथ हज़ारों पुरानी यादों को भी लाया है। वैशाखी का यह त्योहार हमें जलियाँवाले बाग़ की उस मिट्टी की याद दिलाता है जहाँ अपने प्यारे भारत देश की आजादी की माँग करने वाले हज़ारों लोग शहीद कर दिए गए। याद आता है वह शहीदी कुआँ जहाँ जनरल डायर की गोलियों से बचने के लिए हज़ारों लोग कुएँ में कूद कर जान गँवा बैठे। वैशाखी वाले दिन याद आता है जब बच्चों, बूढ़ों और जवानों ने देश को आजाद करवाने के लिए अपने सीने पर गोलियाँ खाई थीं।

V. (क) योग्यता विस्तार

जलियाँवाला बाग़-जलियाँवाला बाग़ अमृतसर में स्थित है। 13 अप्रैल, सन् 1919 को इस बाग़ में एक सभा का आयोजन किया गया था। जब लोग, अपने नेताओं के विचार सुन रहे थे, तभी एक अंग्रेज़ अफसर जनरल डायर अपनी सशस्त्र सेना के साथ बाग़ में दाखिल हुआ और उसने फौज को गोलियाँ चलाने का आदेश दिया। उन्होंने चीखते-चिल्लाते, भागते हए, दीवारों पर चढ़ते हए, कूदते हए, निहत्थे लोगों को निशाना बनाया। देश की स्वाधीनता के लिए हज़ारों की संख्या में लोग शहीद हुए। उन शहीदों के बलिदान ने देश को आजादी दिलाई।

खूनी कुआँ – जलियाँवाला बाग़ में स्थित एक कुआँ है जिसे खुनी कुआँ कहा जाता है। जब जनरल डायर ने जलियाँवाला बाग़ में सभा में बैठे लोगों पर गोलियां चलाईं तो लोग जान बचाने के लिए इस कुएँ में कूद गए और मर गए। कहते हैं कि कुओं लाशों से भर गया था। इसलिए इसे खूनी कुआँ कहा जाता है।

खालसा पंथ – सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी ने आनन्दपुर साहिब में सन् 1699 में वैशाखी के दिन एक विशाल दीवान का आयोजन किया था। गुरु जी ने धर्म की रक्षा के लिए ‘पाँच प्यारों’ का चुनाव किया था। यह पाँच प्यारे अलग-अलग धर्मों और प्रदेशों के थे। लाहौर का भाई दयाराम, हस्तिनापुर का भाई धर्मराय, द्वारिका का भाई मोहकम चन्द, बिदर का भाई साहिब चन्द और पुरी का भाई हिम्मत राय। गुरु जी ने इन्हें ‘पाँच प्यारों’ के नाम से पुकारा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे

(ख) योग्यता विस्तार

जैसे पंजाब में किसान और कृषि से जुड़ा त्योहार वैशाखी मनाया जाता है, उसी प्रकार दक्षिण भारत के तमिलनाडु और आन्ध्र प्रदेश में जनवरी माह में मकर संक्राति के अवसर पर कृषि से सम्बन्धित पोंगल त्योहार मनाया जाता है। जैसे पंजाब में किसान गेहूँ की फ़सल की कटाई शुरू करते हैं, उसी प्रकार तमिलनाडु में (धान) की फ़सल की कटाई शुरू होती है। वैशाखी से भारतीय सम्वत् शुरू होता है, इसे नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
वैशाखी हमें किसकी याद दिलाती है ?
(क) वीरों की
(ख) देशभक्तों की
(ग) जलियाँवाला बाग की
(घ) अंग्रेजों की।
उत्तर:
(ग) जलियाँवाला बाग की

प्रश्न 2.
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने किस पंथ की स्थापना की ?
(क) खालसा
(ख) चालीसा
(ग) वीर
(घ) वीरांगना।
उत्तर:
(क) खालसा

प्रश्न 3.
खालसा पंथ की स्थापना किस दिन हुई थी ?
(क) होली
(ख) दीवाली
(ग) वैशाखी
(घ) लोहड़ी।
उत्तर:
(ग) वैशाखी

प्रश्न 4.
आज़ादी हमारा क्या है ?
(क) सपना
(ख) अधिकार
(ग) अपना
(घ) धन।
उत्तर:
(ख) अधिकार

प्रश्न 5.
वैशाखी त्योहार किसकी कटाई से जुड़ा है ?
(क) पेड़ों
(ख) फसलों
(ग) सड़कों
(घ) वनों।
उत्तर:
(ख) फसलों

प्रश्न 6.
जलियाँवाला बाग में किसने गोलियां चलाई थीं ?
(क) जनरल डायर
(ख) जनरल हायर
(ग) जनरल फेयर
(घ) मेयर।
उत्तर:
(क) जनरल डायर

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे

वैशाखी आई रे Summary

वैशाखी आई रे पाठ का सार

हर वर्ष वैशाखी आती है। वह अपने साथ अनेक यादें लेकर आती है। यह हमें जलियांवाला बाग की याद दिलाती है। अंग्रेज अधिकारी डायर के जुल्म और खूनी कुएँ की यादें इसी से जुड़ी हुई हैं। आज़ादी के अधिकार को पाने के लिए इसी दिन बच्चों, युवकों और बूढ़ों ने अपने सीने पर गोलियां खाई थीं। इसी दिन ही तो गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। वैशाखी का दिन ही तो है | जब किसान अपनी पकी फसलों की कटाई कंबाइनों से करने लगते हैं। इस खुशी में भंगड़े, गिद्दे, मेलों, नए कपड़ों और गहनों की खरीद की धूम-सी मच जाती है।

पद्यांशों के सरलार्थ

1. वैशाखी आई रे, वैशाखी आई रे
यादें हज़ारों साथ लाई रे ……….
वैशाखी है याद दिलाती
जलियाँवाला बाग़ की माटी
आज़ादी अधिकार हमारा हमें
अपना देश है प्यारा,
खूनी कुआँ जो है कहलाता
डायर का वह जुल्म बताता
बच्चे, बूढ़े और युवकों ने
सीने पे गोली खाई रे
वैशाखी आई रे ……….॥

कठिन शब्दों के अर्थ :
माटी = मिट्टी। अधिकार = हक। जुल्म = अत्याचार।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘वैशाखी आई रे’ से ली गई हैं। इस कविता में कवि ने वैशाखी पर्व के आगमन का स्वागत करते हुए इसकी ऐतिहासिक महत्ता को भी बताने का प्रयास किया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि वैशाखी का त्योहार आया है और अपने साथ हज़ारों पुरानी यादों को भी लाया है। वैशाखी का यह त्योहार हमें जलियाँवाले बाग़ की उस मिट्टी की याद दिलाता है जहाँ अपने प्यारे भारत देश की आजादी की माँग करने वाले हज़ारों लोग शहीद कर दिए गए। याद आता है वह शहीदी कुआँ जहाँ जनरल डायर की गोलियों से बचने के लिए हज़ारों लोग कुएँ में कूद कर जान गँवा बैठे। वैशाखी वाले दिन याद आता है जब बच्चों, बूढ़ों और जवानों ने देश को आजाद करवाने के लिए अपने सीने पर गोलियाँ खाई थीं।

भावार्थ:
कवि ने उपरोक्त पद में उल्लासमय त्योहार वैशाखी के अवसर पर उसकी ऐतिहासिक महत्ता को भी दर्शाया है।

2. कैसे भुलाएं सन सोलह सौ
निनानवें की वो वैशाखी
कलगीधर दशमेश पिता ने
करने को जब धर्म की राखी
पंथ खालसा सिरजन हेतु
बना आनन्दपुर साखी
अमृत छकाकर सिंह सजाकर
जन-जन की चेतना जगाई रे
वैशाखी आई रे ………..

कठिन शब्दों के अर्थ:
कलगीधर = कलगी धारण करने वाले। दशमेश = दशम (दसवें) गुरु। सिरजन = सृजना, रचना, स्थापना। राखी = रक्षा। हेतु = लिए। साखी = साक्षी, गवाह, प्रमाण।। छकाकर = पिलाकर।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘वैशाखी आई रे’ से ली गई हैं। इस कविता में कवि ने वैशाखी पर्व के आगमन का स्वागत करते हुए इसकी ऐतिहासिक महत्ता को भी बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि हम कैसे भूल सकते हैं सन् सोलह सौ निनयानवें का वैशाखी वाला वह दिन, जब कलगीधर दशम गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने धर्म की रक्षा के लिए आनन्दपुर साहिब में खालसा पंथ की सृजना की थी। आनन्दपुर साहिब इस बात का प्रत्यक्ष साक्षी है जब अमृत पिलाकर पाँच ‘सिंह’ सजाकर जन-जन में एक नई चेतना जगाई थी।

भावार्थ:
वैशाखी पर्व की ऐतिहासिक महत्ता बताते हए खालसा पंथ की स्थापना के बारे में बताया है।

3. खत्म हई फ़सलों की राखी
देख ले जट्टा आई वैशाखी
कंबाइनों से फ़सल कटी है
मण्डी में वह आन बिकी है
धूम मची है अब मेलों की
भंगड़े गिददे और खेलों की
कपड़े लत्ते और गहनों की
खरीदारी ने धम मचाई रे
वैशाखी आई रे …………….

कठिन शब्दों के अर्थ:
खत्म = समाप्त। राखी = रक्षा। कंबाइनों = फ़सल काटने वाली मशीन। धूम मचाना = रौनक होना।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘वैशाखी आई रे’ से ली गई हैं। इस कविता में कवि ने वैशाखी पर्व का स्वागत करते हुए कहा है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 वैशाखी आई रे

सरलार्थ:
वैशाखी आने का स्वागत करते हुए कवि कहता है कि अब फ़सलों की राखी (रखवाली) समाप्त हुई ओ जट्टा (किसान भाई) वैशाखी आई है। कंबाइनों से फ़सल कट गई है और सारी फ़सल मंडी में आकर बिकने लगी है। मेलों की धूम मच गई है। भंगड़े, गिद्दे और खेलों की धूम मच गई है। कपड़ों की तथा गहनों की खरीदारी ने धूम मचा दी है। चारों तरफ खुशियों का माहौल है। वैशाखी का त्योहार आया है। .

भावार्थ:
वैशाखी के त्योहार में होने वाले मेलों, उत्सवों, खेलों व रौनक मेले का वर्णन किया है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 8 भाखड़ा बाँध

Hindi Guide for Class 5 PSEB भाखड़ा बाँध Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
बाँध किसे कहते हैं ?
उत्तर:
बाँध वह निर्माण है जिसके द्वारा नदियों के पानी को बाँध कर अथवा इकट्ठा करके आवश्यकता के समय उपयोग में लाया जाता है।

प्रश्न 2.
भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है?
उत्तर;
भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर बनाया गया है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई कितनी है ?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई 226 मीटर है।

प्रश्न 4.
‘गोबिन्द सागर’ झील का नाम किस गुरु के नाम पर रखा गया है ?
उत्तर:
गोबिन्द सागर झील का नाम दशम गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के नाम पर रखा गया है।

प्रश्न 5.
किस नहर पर और कहाँ दो बिजली घर बनाए गए हैं ?
उत्तर:
सतलुज नहर पर गंगूवाल और कोटला नामक स्थानों पर दो बिजलीघर बनाए गए हैं।

प्रश्न 6.
भाखड़ा बाँध से किस-किस राज्य को सिंचाई के लिए पानी मिलता है?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को सिंचाई के लिए पानी मिलता है।

प्रश्न 7.
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे कब राष्ट्र को समर्पित किया था ?
उत्तर:
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे 22 अक्तूबर, सन् 1963 को राष्ट्र को समर्पित किया था।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में लिखो

प्रश्न 1.
कैसा स्थान बाँध बनाने के लिए उपयुक्त समझा जाता है ?
उत्तर:
दो पहाड़ों के बीच का संकरा रास्ता, जहाँ नदी के पानी को आसानी से इकट्ठा किया जा सके, बाँध बनाने के लिए उपयुक्त स्थान समझा जाता है।

प्रश्न 2.
गोबिन्द सागर झील की सुन्दरता का वर्णन करो।
उत्तर:
तीन ओर से पहाड़ों से घिरी हरी-भरी घाटियाँ. ऊँचे-ऊँचे वक्षों की पंक्तियाँ और बीच में लहराता हुआ जल गोबिन्द सागर झील की सुन्दरता का अनुपम दृश्य उपस्थित करता है। दर्शकों का मन तो इस प्राकृतिक सौन्दर्य की छटा को देखकर मुग्ध हो उठता है।

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध के निर्माण से पंजाब के पड़ोसी राज्यों को क्या-क्या लाभ हुए हैं ?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध के निर्माण से पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान को भी खूब लाभ मिला है। इन्हें सिंचाई के लिए पानी मिलता है जिस कारण इन राज्यों की उपज भी दोगुनी हो गई है। पहले जहाँ इन स्थानों में भूमि रेतीली और बंजर नज़र आती थी अब वहाँ फ़सलें लहलहाती नज़र आ रही हैं।

III. वाक्य पूरे करो-

(i) भाखड़ा बाँध …………. पहला बाँध है।
(ii) यह आनन्दपुर साहिब से . सतलुज नदी पर बनाया गया है।
(iii) भाखड़ा बाँध ………………. में से एक है।
(iv) भाखड़ा बाँध बनने से ………….. दृष्टिगोचर होते हैं।
(v) भाखड़ा बाँध …………………… गौरव है।
उत्तर:
(i) स्वतन्त्र भारत में बनाया गया
(ii) लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर
(iii) एशिया के सबसे ऊँचे बाँधों
(iv) पंजाब और हरियाणा में चारों ओर लहलहाते खेत
(v) हमारे देश का।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

IV. वाक्यों में प्रयोग करो

स्वर्गीय, प्राकृतिक, तीर्थ, आधुनिक, सौन्दर्य, दृष्टिगोचर, सोना उगलना।
उत्तर:
स्वर्गीय-स्वर्गीय पं० जवाहर लाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे।
प्राकृतिक-शिमला का प्राकृतिक सौन्दर्य अनूठा है।
तीर्थ-अमृतसर पंजाब का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
आधुनिक-भाखड़ा बाँध को पं० नेहरू ने आधुनिक तीर्थ स्थल कहा।
सौन्दर्य-पहाड़ों में प्रकृति का सौन्दर्य दर्शनीय है।
दृष्टिगोचर-पंजाब के खेतों में हरियाली ही हरियाली दृष्टिगोचर होती है।
सोना उगलना-पंजाब की उपजाऊ धरती सोना उगलती है।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

(i) बहना = बहाव
(ii) चुनना = ……….
(iii) दबना = ………..
(iv) सींचना = सिंचाई
(v) चढ़ना = ……….
(vi) पढ़ना = …………
उत्तर:
(i) बहना = बहाव।
(ii) चुनना = चुनाव।
(iii) दबना = दबाव।।
(iv) सींचना = सिंचाई।
(v) चढ़ना = चढाई।
(vi) पढ़ना = पढ़ाई।

VI. शुद्ध शब्द पर गोला लगाओ:

(i) उदोयोग – उद्योग – उदयोग
(ii) समरीध – समृद्ध – समृद्ध
(iii) समरपित – समर्पित – समीत
(iv) द्रिष्टि – दरिष्टि – दृष्टि
(v) उपस्थित – उपस्थीत – उपस्थिति
उत्तर:
शुद्ध शब्द
(i) उद्योग!
(ii) समृद्ध।
(iii) समर्पित।
(iv) दृष्टि।
(v) उपस्थित।

VII. अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द लिखो.

(i) किसी देश का सबसे बड़ा मन्त्री = प्रधानमन्त्री
(ii) नदी के पानी को बाँधना/रोकना = ……………..
(iii) सुख सुविधाओं से परिपूर्ण = ……………..
(iv) ज़मीन के नीचे खोदकर बनाई हुई नाली = ……………..
(v) सैलानियों के घूमने-फिरने का स्थान = ……………..
(vi) वह भूमि जो खेती योग्य न हो = ……………..
(vii) वह भूमि जिस पर भरपूर फ़सल हो = ……………..
(viii) पशुओं के चरने की जगह = ……………..
(ix) मृत्यु को प्राप्त = ……………..
उत्तर:
(i) किसी देश का सबसे बड़ा मन्त्री = प्रधानमन्त्री।
(ii) नदी के पानी को बांधना/रोकना = बाँध।
(iii) सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण = समृद्ध।
(iv) जमीन के नीचे खोदकर बनाई हुई नाली = सुरंग।
(v) सैलानियों के घूमने-फिरने का स्थान = पर्यटन स्थल।
(vi) वह भूमि जो खेती योग्य न हो = बंजर।
(vii) वह भूमि जिस पर भरपूर फसल हो = ऊसर/ उपजाऊ।
(viii) पशुओं के चरने की जगह = चारागाह।
(ix) मृत्यु को प्राप्त = मृत।

VIII. निम्नलिखित गद्यांश में आए संज्ञा शब्दों पर गोला तथा सर्वनाम शब्दों को रेखांकित करें

भाखड़ा बाँध पर काम करने वाले मजदूरों तथा इंजीनियरों की सुविधा के लिए विशेष रूप से एक बस्ती बनाई गई है। यह बस्ती नया नंगल के नाम से प्रसिद्ध है। यह स्थान भाखड़ा से तेरह किलोमीटर की दूरी पर है और बाँध के सबसे समीप पड़ता है। इसी स्थान पर सतलुज नदी पर एक छोटा बाँध और बनाया गया है। इससे एकनिहर निकाली गई है, जिस पर दो बिजली घर गंगुवाल तथा कोटला नामक स्थानों पर बनाए गए हैं।

IX. पढ़ो, समझो और लिखो

(क) ‘समर्पित’ शब्द में मूल शब्द समर्पण है। उसमें ‘इत’ शब्दांश जोड़ कर समर्पित शब्द बना है। इसी प्रकार नए शब्द बनाएँ-
(i) समर्पण + इत = समर्पित
(ii) प्रवाह + इत = ……………..
(iii) सम्मान + इत = …………….
(iv) एकत्र + इत = …………….
(v) निर्माण + इत = …………..
(vi) अनुमान + इत = …………
उत्तर:
इत’ प्रत्यय लगाकर बनाए गए शब्द
(i) समर्पण + इत = समर्पित।
(ii) प्रवाह + इत = प्रवाहित।
(iii) सम्मान + इत = सम्मानित।
(iv) एकत्र + इत = एकत्रित।
(v) निर्माण + इत = निर्माणित।
(vi) अनुमान + इत = अनुमानित।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

प्रयोगात्मक व्याकरण

(ख) विशेषण-
उदाहरण-

  1. हरी भरी घाटियाँ तथा ऊँचे-ऊँचे वृक्ष दिखाई दे रहे थे।
  2. हज़ारों मजदूरों की मेहनत रंग लाई।
  3. रेतीली भूमि में भी फ़सलें लहलहाने लगी हैं।।
  4. यह ऊँचा है।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘हरी भरी’ शब्द घाटियों (संज्ञा) की ‘ऊँचे-ऊँचे’ शब्द वृक्ष (संज्ञा) की, ‘हज़ारों’ शब्द मज़दूरों (संज्ञा) की, ‘रेतीली’ शब्द भूमि (संज्ञा) की तथा ‘ऊँचा’ शब्द ‘यह’ सर्वनाम की विशेषता बता रहा है।

परिभाषा-संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।

निम्नलिखित में से विशेषण शब्द छाँटिए।
1. अनेक यात्री भाखड़ा बाँध की सैर करने आते हैं।
2. इसके लिए दो सुरंगें खोदी गईं।
3. अब बंजर भूमि सोना उगलने लगी है।
4. कँटीली झाड़ियाँ नजर आ रही हैं।
5. प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू का सपना साकार हुआ।
उत्तर:
विशेषण शब्द
(1) अनेक।
(2) दो।
(3) बंजर।
(4) कँटीली
(5) प्रथम।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई कितनी है ?
(क) 255 मीटर
(ख) 226 मीटर
(ग) 227 मीटर
(घ) 228 मीटर।
उत्तर:
(ख) 226 मीटर

प्रश्न 2.
भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है ?
(क) गंगा
(ख) यमुना
(ग) सतलुज
(घ) गोदावरी।
उत्तर:
(ग) सतलुज

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध से किस राज्य को सिंचाई के लिएं पानी मिलता है ?
(क) पंजाब
(ख) हरियाणा
(ग) राजस्थान
(घ) तीनों को।
उत्तर:
(घ) तीनों को।

प्रश्न 4.
भाखड़ा बाँध का उद्घाटन कब हुआ ?
(क) 22 अक्तूबर 1963
(ख) 22 अक्तूबर 1964
(ग) 22 अक्तूबर 1965
(घ) 22 अक्तूबर 1966.
उत्तर:
(ख) 22 अक्तूबर 1964

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

प्रश्न 5.
आनंदपुर साहिब से भाखड़ा बाँध की दूरी लगभग कितने कि०मी० है ?
(क) 20
(ख) 25
(ग) 30
(घ) 35
उत्तर:
(ग) 30

प्रश्न 6.
भाखड़ा बाँध हमारे देश का क्या है ?
(क) गौरव
(ख) बाँध
(ग) सागर
(घ) सब कुछ।
उत्तर:
(क) गौरव

प्रश्न 7.
भाखड़ा बाँध के लिए बनाई झील का क्या नाम है ?
(क) गोबिन्द सागर
(ख) गोबिन्द झील
(ग) गोबिन्द नदी
(घ) गोबिन्द बिन्दू।
उत्तर:
(क) गोबिन्द सागर

भाखड़ा बाँध Summary

भाखड़ा बाँध पाठ का सार

भारत का आधुनिक तीर्थ भाखड़ा बाँध हमारे देश की स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद बनाया गया सबसे पहला बाँध है। नदियों के पानी को इकट्ठा कर बाँध की सहायता से उपयोग में लाया जाता है। भाखड़ा बाँध चण्डीगढ़ से एक सौ पन्द्रह किलोमीटर दूर है। इसे आनन्दपुर से लगभग तीस किलोमीटर दूर सतलुज पर बनाया गया है। यहाँ सतलुज दो पहाड़ों के बीच में से गुज़रती है। बाँध बनाने से पहले दो सुरंगें खोदकर नदी का पानी इनसे निकाला गया था। यह बाँध एशिया के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक है जिस की ऊँचाई 226 मीटर है। यह कुतुब मीनार से तीन गुणा ऊंचा है। इसके लिए बनाई गई झील का नाम गुरु गोबिन्द सिंह जी के नाम पर गोबिन्द सागर’ रखा गया है। इससे एक नहर निकालकर उस पर दो बिजली घर बनाए गए हैं। इससे सिंचाई के लिए। पानी प्राप्त होता है। इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में फसलें लहलहाने लगी हैं। इससे प्राप्त बिजली का उपयोग उद्योगों के विकास के लिए किया गया है। यह बाँध हमारे देश का गौरव है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

कठिन शब्दों के अर्थ:

स्वतन्त्र = आज़ाद। आधुनिक = आजकल का, नवीन। निर्माण = बनाना, रचना। सम्पन्न = धनी, उन्नतिशील। आवश्यकता = ज़रूरत। उद्योग-धन्धे = ऐसे धन्धे जिनके द्वारा कुछ उत्पादन किया जा सके। संकरे = तंग। उपयुक्त = उचित, ठीक। प्रवाह = बहाव। अनुपम = जिसकी कोई उपमा न हो। दर्शक = देखने वाला। प्राकृतिक = कुदरती। सौन्दर्य = सुन्दरता। मुग्ध = प्रसन्न। पर्यटन स्थल = घूमने का स्थान। दृष्टिगोचर = नज़र आना। चरागाह = पशुओं के चराने के लिए बने घास के मैदान। अधिकांश = ज़्यादा भाग। विकास = उन्नति। समृद्ध = खुशहाल, सम्पन्न। सहस्त्रों = हज़ारों। अथक = जो कभी न थके। गौरव = बड़प्पन। स्वर्गीय = जिसकी मृत्यु हो चुकी हो। समर्पित = समर्पण करना, सौंप देना।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 10 फूल और काँटा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 10 फूल और काँटा

Hindi Guide for Class 5 PSEB फूल और काँटा Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
फूल और काँटे को कौन-सी समान परिस्थितियाँ मिलती हैं ?
उत्तर:
फूल और काँटे को एक ही पौधा पालता है, चाँद की रोशनी, वर्षा का पानी और हवाएँ एक समान प्राप्त होती हैं।

प्रश्न 2.
फूल किस प्रकार सुख देता है ?
उत्तर:
फूल अपनी सुगन्धि, सुन्दरता तथा रस से दूसरों को सुख देता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

प्रश्न 3.
काँटा किस प्रकार दुःख देता है ?
उत्तर:
काँटा दूसरों की उँगलियों में चुभ कर और उनके सुन्दर कपड़े फाड़कर दुःख देता है।

प्रश्न 4.
देवता के शीश पर किसे चढ़ाया जाता है?
उत्तर;
देवता के शीश पर फूल को चढ़ाया जाता है।

प्रश्न 5.
कवि ने इस कविता में कुल का क्या महत्त्व बताया है ?
उत्तर:
इस कविता में कवि ने कुल का नहीं बल्कि अच्छे कर्म का महत्त्व बताया है।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच पंक्तियों में लिखो

प्रश्न 1.
इस कविता से आपको क्या शिक्षा मिलती है ? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर:

  1. हमें सभी से प्यार करना चाहिए।
  2. हमें किसी को दुःख नहीं पहुँचाना चाहिए।
  3. हमें दूसरों का भला करना चाहिए।
  4. हमें अपने अन्दर अच्छाइयाँ (गुण) पैदा करनी चाहिएं।

प्रश्न 2.
समान कुल में जन्म लेने और समान परिस्थितियाँ मिलने पर भी व्यक्तियों का व्यवहार अलग-अलग होता है। क्यों ? उदाहरण देकर लिखो।
उत्तर:
(1) रावण और विभीषण एक ही खानदान में पले थे, परन्तु रावण ने पराई स्त्री का धोखे से हरण किया। इसके विपरीत विभीषण ने उसे छुड़ाने में भगवान् राम का साथ दिया।

(2) राम और लक्ष्मण दोनों भाई थे। एक ही पिता के आश्रय तले पालन-पोषण होने पर भी दोनों के व्यवहार में बहुत अन्तर था। राम धीर-गम्भीर और शान्त स्वभाव के थे जबकि लक्ष्मण उग्र और अधीर स्वभाव के थे।

III. काव्य-पंक्ति पूरी करो

(1) एक ही पौधा …………….
(2) मेह उन पर है ……………..।
(3) प्यार डूबी ……………।
(4) जब किसी में ……………।
उत्तर:
(1) उन्हें है पालता
(2) बरसता एक सा
(3) तितलियों के पर कतर
(4) हो बड़प्पन की कसर।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

IV. सरलार्थ करो

है खटकता एक सबकी आँख में,
दूसरा है सोहता सुर-सीस पर।।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जब किसी में हो बड़प्पन की कसर।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत पद्यांश में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया है।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे की तुलना करते हुए लिखता है कि इनमें से एक (काँटा) सभी को बुरा लगता है। दूसरा (फूल) देवता के सिर पर शोभा देता है। इस प्रकार किसी बड़े खानदान में पैदा होने का कोई लाभ नहीं, जब तक कि उसमें स्वयं बड़ों जैसे गुण न हों।

V. वाक्य बनाओ

(i) कली का जी खिलना = प्रसन्न होना ………….
(ii) आँख में खटकना = बुरा लगना ……………
उत्तर:
(i) कली का जी खिलना = भँवरे के मंडराने से कली का जी खिल उठा।
(ii) आँख में खटकना = काँटा सबकी आँख में खटकता है।

VI. विपरीत शब्दों का मिलान करो

(क)

श्याम दुर्गन्ध
सुगन्ध असुर
सुर घृणा
एक अनेक
प्यार श्वेत।

उत्तर:
श्याम – श्वेत।
सुगन्ध – दुर्गन्ध।
सुर – असुर।
एक – अनेक।
प्यार – घृणा।

(ख) फूल के चित्र में से समानार्थक शब्द ढूँढकर लिखो

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा 1

(i) फूल = पुष्प …………..
(ii) चाँद = ……………
(iii) हवा = ……………
(iv) वर्षा = …………..
(v) देवता = …………..
(vi) भौंरा = …………..
(vii) चाँदनी = …………..
उत्तर:
(i) फूल = पुष्प, सुमन।
(ii) चाँद = शशि, राकेश।
(iii) हवा = समीर, मारुत।
(iv) वर्षा = मेह, बारिश।
(v) देवता = देव, सुर।
(vi) भौंरा = अलि, भ्रमर।
(vii) चाँदनी = ज्योत्स्ना, चंद्रिका।

(ग) बहुवचन रूप लिखो-

उँगली = उँगलियाँ
काँटा = काँटे
हवा = हवाएँ
कली = ……..
भौंरा = ……………
कविता = …………
तितली = …………..
निराला = ………….
लता = …………..
उत्तर:
उँगली = उँगलियाँ।
कली = कलियाँ।
तितली = तितलियाँ।
काँटा = काँटे।
भौंरा = भौंरे।
निराला = निराले।
हवा = हवाएँ।
कविता = कविताएँ।
लता = लताएँ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

कविता में ‘श्याम-तन’ ‘वर-वसन’ ‘सुर-शीश’ शब्द युग्म के रूप में प्रयोग हुए हैं। इनमें पहला शब्द दूसरे शब्द की विशेषता बताता है। जिसकी विशेषता बताई जाये, उसे विशेष्य और जो शब्द विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। इन शब्द-युग्मों में से विशेषण और विशेष्य अलग-अलग कर लिखो।
उत्तर:
विशेषण – विशेष्य
(i) श्याम – तन।
(ii) वर – वसन।
(iii) सुर – शीश।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
फूल और कांटे के जीवन में क्या समानता
(क) एक पौधे द्वारा पालना
(ख) दो पौधों द्वारा पालना
(ग) अलग-अलग
(घ) एक रस।
उत्तर:
(क) एक पौधे द्वारा पालना

प्रश्न 2.
फूल हमें क्या देता है ?
(क) सुगंध
(ख) सुन्दरता
(ग) रस
(घ) सभी।
उत्तर:
(घ) सभी।

प्रश्न 3.
कांटा हमें क्या देता है ?
(क) चुभन
(ख) कपड़े फाड़ना।
(ग) पीड़ा
(घ) सभी।
उत्तर:
(घ) सभी।

प्रश्न 4.
देवता के शीश पर किसे चढ़ाया जाता है ?
(क) फूल
(ख) कांटा
(ग) चावल
(घ) आटा।
उत्तर:
(क) फूल

प्रश्न 5.
कुल से बढ़कर किसका महत्त्व ज्यादा है?
(क) अच्छे कर्म का
(ख) अच्छे धर्म का
(ग) अच्छे सौंदर्य का
(घ) अच्छी ऊंचाई का।
उत्तर:
(क) अच्छे कर्म का

फूल और काँटा Summary

फूल और काँटा पाठ का सार

कवि फूल और काँटे के विषय में कहता है कि दोनों एक ही पौधे पर लगते हैं। चाँद की चाँदनी उन पर एक-सी ही पड़ती है, वर्षा एक साथ ही बरसती है और हवा भी एक समान प्राप्त होती है पर फिर भी दोनों में कितना बड़ा अन्तर होता है। काँटा चुभ कर किसी को कष्ट देता है, कपड़े फाड़ता है, भंवरों| तितलियों को बींध डालता है तो फूल सबको प्रसन्नता देता है। अपनी सुगन्ध से सबको हर्षित करता है। काँटा सबको बुरा लगता है तो फूल देवताओं के शीश पर शोभा देता है। प्रत्येक जीव अपने कार्यों से ही श्रेष्ठता प्राप्त करता है न कि परिवार के नाम से।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

पद्यांशों के सरलार्थ

1. हैं जन्म लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी,
एक-सी ही चाँदनी है डालता॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
जगह = स्थान। पालता = पालन करना। चाँदनी = चाँद की रोशनी।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया गया है।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे का वर्णन करते हुए लिखता है कि ये दोनों एक ही जगह पर जन्म (पैदा होते हैं) लेते हैं। एक ही पौधा उन्हें पालतापोसता है। रात के समय चाँद उन पर एक समान चमकता है और उन दोनों पर एक-जैसी रोशनी डालता है।

भावार्थ:
फूल हो या काँटा-प्रकृति उन्हें अपने समान व्यवहार से ही पालती-पोसती है।

2. मेह उन पर है बरसता एक-सा,
एक-सी उन पर हवाएँ हैं बहीं।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।

कठिन शब्दों के अर्थ:
मेह = वर्षा। बहीं = बहती हैं। ढंग = तरीका।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के | भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया गया है।

सरलार्थ:
फूल और काँटे दोनों पर एक समान वर्षा बरसती है। उन पर हवाएँ भी एक-सी बहती हैं। लेकिन हमें हमेशा ही यह दिखाई देता है कि उन दोनों, फूल और काँटे के तरीके एक समान नहीं होते।

भावार्थ:
प्रकृति का व्यवहार सभी के लिए एक समान ही होता है-चाहे कोई अच्छा हो या बुरा।

3. छेद कर काँटा किसी की उंगलियाँ,
फाड़ देता है किसी का वर वसन।
प्यार में डबी तितलियों के पर कतर,
भौंर का है बेध देता श्याम तन॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
छेदकर = बेधकर। वर वसन = सुन्दर कपड़े। कतर = काट देना। पर = पंख। श्याम = काला। बेध देता = जख्मी कर देता है।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। इन पंक्तियों में कवि ने काँटे के स्वभाव के बारे में बताया है।

सरलार्थ:
पौधे पर लगा काँटा किसी आदमी की उंगलियाँ छेदकर अथवा उंगलियों में चुभ कर दुःख पहुँचाता है। काँटा किसी के सुन्दर कपड़ों को फाड़ देता है। वह फूलों के प्यार में डूबी प्यार करने वाली तितलियों के पंख काट देता है। वह भंवरों के काले शरीर को ज़ख्मी कर देता है।

भावार्थ:
बुरों का व्यवहार सबके लिए बुरा ही होता है।

4. फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगन्धित औ’ निराले ढंग से,
है सदा देता कली का जी खिला॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
अनूठा = निराला, बहुत अच्छा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। इन पंक्तियों में कवि ने फूल के कोमल स्वभाव के बारे में बताया है।

सरलार्थ:
फूल तितलियों को अपनी गोद में ले प्यार करता है और भंवरे को अपना मीठा रस पिलाता है। फूल अपनी खुशबू और अपने अच्छे ढंग से हमेशा कली के दिल को प्रसन्न कर देता है। कहने का भाव यह है कि फूल सबको सुख पहुँचाता है।

भावार्थ:
अच्छे स्वभाव वाले सभी के प्रति अच्छा व्यवहार ही करते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

5. है खटकता एक सब की आँख में,
दूसरा है सोहता सुर-सीस पर।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जब किसी में हो बड़प्पन की कसर॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
खटकता = बुरा लगता है। सोहता = शोभा देता है। सुर = देवता। कुल = खानदान। बड़प्पन = श्रेष्ठता।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश ‘फूल और काँटा’ नामक कविता से लिया गया है, जिसमें कवि ने स्पष्ट किया है कि हमारे कार्य और गुण ही हमें बड़ा बनाते हैं न कि हमारा परिवार।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे की तुलना करते हुए लिखता है कि इनमें से एक (काँटा) सभी को बुरा लगता है। दूसरा (फूल) देवता के सिर पर शोभा देता है। इस प्रकार किसी बड़े खानदान में पैदा होने का कोई लाभ नहीं, जब तक कि उसमें स्वयं बड़ों जैसे गुण न हों।

भावार्थ:
प्रत्येक प्राणी अपने गुणों से बड़ा बनता है न कि अपने परिवार की श्रेष्ठता से।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

Hindi Guide for Class 5 PSEB नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
केरल के समुद्री किनारे के साथ-साथ किस चीज़ की पट्टी बिछी हुई है ?
उत्तर:
केरल के समुद्री किनारे के साथ-साथ नारियल के वृक्षों की लम्बी पट्टी बिछी हुई है।

प्रश्न 2.
केरल को क्या कहकर बुलाया जाता है ?
उत्तर:
केरल को नारियल का बगीचा कहकर बुलाया जाता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

प्रश्न 3.
केरल का प्रिय जानवर कौन-सा है?
उत्तर:
केरल का प्रिय जानवर हाथी है।

प्रश्न 4.
केरल के लोगों का मुख्य त्योहार कौनसा है?
उत्तर:
केरल के लोगों का मुख्य त्योहार ओणम है।

प्रश्न 5.
केरल के लोगों का प्रमुख नृत्य कौन| सा है?
उत्तर:
केरल के लोगों का प्रमुख नृत्य कथकली है।

II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में लिखें

प्रश्न 1.
केरल को नारियल का बगीचा क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
केरल के समुद्र के किनारे-किनारे नारियल के वृक्षों की लम्बी पट्टी बिछी हुई है इसी से केरल को नारियल का बगीचा कहते हैं।

प्रश्न 2.
केरल को भारत का नंदनवन क्यों पुकारा जाता है?
उत्तर:
केरल की सुन्दरता और प्राकृतिक दृश्यों की मनोरमता के कारण इसे भारत का नंदनवन कह कर पुकारा जाता है।

प्रश्न 3.
केरल के जंगलों में कौन-कौन से वृक्ष पाए जाते हैं ?
उत्तर:
केरल के जंगलों में रबड़, चन्दन, सागौन और शीशम के वृक्ष पाए जाते हैं।

प्रश्न 4.
केरल के लोगों का पहरावा कैसा है ?
उत्तर:
केरल के लोग अधिकतर ढीले-ढाले कपड़े पहनते हैं। पुरुष लुंगी एवं कुरता पहनते हैं और स्त्रियाँ धोती और ब्लाउज पहनती हैं।

प्रश्न 5.
नारियल के वृक्ष को केरल का कल्पवृक्ष क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
केरल प्रदेश समुद्र के किनारे बसा हुआ प्रदेश है। यहाँ पर नारियल के वृक्षों की भरमार है। चारों ओर नारियल के ऊँचे-ऊँचे वृक्ष लगे दिखाई देते हैं। नारियल के पेड़ इनके लिए बहुपयोगी हैं। इनसे इनकी बहुत-सी ज़रूरतें पूरी होती हैं। इसीलिए नारियल के वृक्ष को केरल का कल्पवृक्ष कहा जाता है।

प्रश्न 6.
हाथी केरल के लोगों का प्रिय जानवर क्यों है ?
उत्तर;
केरल में घने जंगल मिलते हैं। इन जंगलों में हाथी, शेर, चीता आदि जानवर बहुतायत में होते हैं। हाथी यहाँ का विशेष प्रिय जानवर है। इसे लकड़ियाँ ढोने और सवारी करने के प्रयोग में लाया जाता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

प्रश्न 7.
केरल निवासी ओणम का त्योहार कैसे मनाते हैं?
उत्तर:
केरल के लोग ओणम का त्योहार बड़ी श्रद्धा और उत्साह से मनाते हैं। इस अवसर पर दुकानों और घरों को सजाया जाता है। घरों में भिन्न- भिन्न पकवान और मिठाइयाँ बनती हैं। लक्ष्मी माता
और नौका की पूजा की जाती है। इस अवसर पर कई प्रतियोगिताएँ भी करवाई जाती हैं। हाथियों को सजा कर सवारी निकाली जाती है। कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस अवसर पर करवाए जाते हैं। नौका | प्रतियोगिता का विशेष आकर्षण होता है।

III. निम्नलिखित शब्दों को वाक्यों में प्रयोग करें

(i) तुल्य
(ii) विशेष
(iii) मनोरम
(iv) मुख्य
(v) लोकप्रिय
(vi) शिक्षित
(vii) प्रतियोगिता।
उत्तर:
(i) तुल्य-केरल के प्राकृतिक नज़ारे कश्मीर के तुल्य माने जाते हैं।
(i) विशेष-केरल में ओणम के त्योहार में लोग विशेष रुचि लेते हैं।
(iii) मनोरम-केरल के मनोरम दृश्य देखकर मन आनंदित हो गया।
(iv) मुख्य-चावल और मछली केरल के लोगों का मुख्य भोजन है।
(v) लोकप्रिय- (1) ओणम केरल का लोकप्रिय त्योहार है।
(2) कथकली केरल का लोकप्रिय नृत्य है।
(vi) शिक्षित-केरल के प्रायः सभी लोग शिक्षित हैं।
(vii) प्रतियोगिता-ओणम के अवसर पर यहाँ कई प्रतियोगिताएँ होती हैं।

IV. वचन बदलो

मछली, झीलें, नदी, प्रतियोगिता, लड़की, नाटिका, धोती, रस्सी, चटाई, पत्ती।
उत्तर:
मछली = मछलियाँ।
झीलें = झील
नदी = नदियाँ।
प्रतियोगिता = प्रतियोगिताएँ।
लड़की = लड़कियाँ।
नाटिका = नाटिकाएँ।
धोती = धोतियाँ
रस्सी = रस्सियाँ।
चटाई = चटाइयाँ।
पत्ती = पत्तियाँ।

V. समान-अर्थ वाले शब्द लिखो

तट, खूबसूरत, मनोहारी, बहुतायत, भरमार।
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
तट = किनारा, कगार।
खूबसूरत = सुन्दर, मनोहर।
मनोहारी = आकर्षक, सुन्दर।
बहुतायत = ज़्यादातर, अधिकतर।
भरमार = बहुत अधिक, ज्यादा।

VI. शुद्ध करके लिखो

परदेशों, परसिध, पशचिम, पूरब, तामीलनाडु, करनाटक, दकशिन, नारीअल, मनौहारी, कलपवृक्ष, गुनकारी, खुबसूरत, पियाले, उदयोग-दन्दे, विशेश, सीदे-सादे।
उत्तर:
परदेशों = प्रदेशों।
परसिध = प्रसिद्ध।
पशचिम = पश्चिम।
पूरब = पूर्व।
तामीलनाडु = तमिलनाडु।
करनाटक = कर्नाटक।
दकशिन = दक्षिण।
नारीअल = नारियल।
मनौहारी = मनोहारी।
कलपवृक्ष = कल्पवृक्ष।
गुनकारी = गुणकारी
खुबसूरत = खूबसूरत।
पियाले = प्याले।।
उदयोग-दन्दे = उद्योग-धंधे
विशेश = विशेष।
सीदे-सादे = सीधे-सादे।

VII. पाठ में से ढूँढ़कर पाँच युग्म शब्द लिखें जैसे-

अलग-अलग
उत्तर:
युग्म शब्द
(i) किनारे – किनारे।
(ii) अलग – अलग।
(iii) सीधे – सादे।
(iv) भिन्न – भिन्न।
(v) ढीले – ढाले।

VIII. ठीक (✓) या (✗) गलत ढूँढकर चिह्न लगाएँ

1. नारियल की लकड़ी का प्रयोग क्रिकेट का बल्ला बनाने में किया जाता है।
2. केरल में मौसम अधिकतर गर्म रहता है।
3. केरल में ज़्यादातर लोग खेतीबाड़ी करते हैं।
4. केरल प्रदेश में नीलगिरी पर्वत फैला हुआ है।
5. केरल के लोग रेलगाड़ी से अधिक सफर करते हैं।
6. केरल का प्रसिद्ध नृत्य कथकली है।
उत्तर:
(1) ✗
(2) ✓
(3) ✓
(4) ✓
(5) ✗
(6) ✓

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

IX. वाक्य पूरे करो

(चावल, अरब सागर, श्रद्धा, हिन्द महासागर, उत्साह, साबुन, हाथी, कश्मीर)
1. केरल के पूर्व में ………………….. और दक्षिण में…………….है।
2. नारियल तेल ……………. बनाने में भी काम आता है।
3. केरल के प्राकृतिक दृश्य.. ……………. के -ुल्य माने जाते हैं।
4. लकड़ियाँ ढोने और सवारी करने में ……………. का प्रयोग किया जाता है।
5. इडली, डोसा, उत्पम आदि ……………. से बनते हैं।
6. ओणम का त्योहार …………..और ………… से मनाया जाता है।
उत्तर:
1. अरब सागर, हिन्द महासागर।
2. साबुन।
3. कश्मीर।
4. हाथी।
5. चावल।
6. श्रद्धा, उत्साह।

X. सोचिए और लिखिए

(1) केरल प्रदेश से सम्बन्धित चित्र ढूँढ़कर अपनी कापी पर चिपकाएँ।
(2) भारत के अन्य प्रदेशों के बारे में जानकारी मैगज़ीनों, अखबारों, लाइब्रेरी की पुस्तकों से प्राप्त करें और संग्रह करें।
(3) किसी प्रदेश की यात्रा करें तो उसका अनुभव अपनी डायरी में ज़रूर लिखें।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने अध्यापकों की सहायता एवं अपने अनुभव द्वारा इन्हें लिखें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
हमारे देश में कितने प्रदेश हैं?
(क) 28
(ख) 29.
(ग) 30
(घ) 31.
उत्तर:
(क) 28

प्रश्न 2.
केरल कौन-सी दिशा में स्थित है?
(क) पूर्व
(ख) पश्चिम
(ग) उत्तर
(घ) दक्षिण।
उत्तर:
(घ) दक्षिण।

प्रश्न 3.
केरल के पूर्व में कौन-सा सागर है?
(क) अरब सागर
(ख) हिन्द महासागर
(ग) दीप सागर
(घ) अंध सागर।
उत्तर:
(क) अरब सागर

प्रश्न 4.
केरल के दक्षिण में कौन-सा सागर है?
(क) अरब सागर
(ख) हिन्द महासागर
(ग) दीप सागर
(घ) अंध सागर।
उत्तर:
(ख) हिन्द महासागर

प्रश्न 5.
केरल की राजधानी कौन-सी है ?
(क) भूटान
(ख) तिरुवनंतपुरम
(ग) पुरम
(घ) आर. के. पुरम।
उत्तर:
(ख) तिरुवनंतपुरम

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

प्रश्न 6.
केरल को क्या कह कर बुलाया जाता है?
(क) वृक्षों का वगीचा
(ख) नदियों का बगीचा
(ग) फूलों का बगीचा
(घ) नारियल का बगीचा।
उत्तर:
(घ) नारियल का बगीचा।

प्रश्न 7.
केरल का प्रिय जानवर कौन-सा है?
(क) हाथी
(ख) घोड़ा
(ग) जेबरा
(घ) गैंडा।
उत्तर:
(क) हाथी

प्रश्न 8.
केरल का मुख्य त्योहार कौन-सा है?
(क) दीवाली
(ख) होली
(ग) ओणम
(घ) वैशाखी।
उत्तर:
(ग) ओणम

प्रश्न 9.
केरल के लोगों का प्रमुख नृत्य कौन-सा है ?
(क) कथकली
(ख) कथाकली
(ग) कली
(घ) कथा।
उत्तर:
(क) कथकली

प्रश्न 10.
केरल को भारत का क्या कहा जाता है?
(क) नंद
(ख) नंदनवन
(ग) वन
(घ) नंदी।
उत्तर:
(ख) नंदनवन

नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश Summary

नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश पाठ का सार

हमारे देश भारत में 28 प्रदेश हैं जिनमें दक्षिण में स्थित केरल प्रदेश समृद्ध और प्रसिद्ध है। इसके पूर्व में अरब सागर और दक्षिण में हिन्द महासागर है। इसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम है। इस राज्य के पश्चिम में तमिलनाड़ राज्य है। इस राज्य में नारियल के इतने अधिक पेड़ हैं कि इसे नारियल का बगीचा भी कहा जाता है। यहाँ के लोगों की बहुत अधिक आवश्यकताएँ नारियल के वृक्षों से पूरी होती है। यहाँ अधिक गर्मी या सर्दी नहीं होती। इस राज्य में बहुत अधिक वर्षा होती है। यहाँ के अधिकांश उद्योग-धन्धे जंगलों पर निर्भर करते हैं। यहाँ चावल, गर्म मसाले और चाय बहुत अधिक होती है। नदियों, नहरों और झीलों की अधिकता के कारण इधर-उधर जाने के लिए नावों का प्रयोग किया जाता है। यहाँ सड़कें तो पर्याप्त हैं पर रेलों की संख्या अधिक नहीं है। यहाँ के लोगों का मुख्य भोजन चावल और मछली है। यहाँ के लोग सीधे-सादे और नृत्य संगीत के शौकीन हैं। अधिकतर लोग ढीले-ढाले वस्त्र पहनते हैं। यहाँ का मुख्य त्योहार ओणम है। इस दिन पर्व मनाने के साथ-साथ नौकाओं की दौड आयोजित की जाती है। हाथियों को सजा-संवार कर देवताओं की सवारी निकाली जाती है। यहाँ घूमने के लिए जाने का उचित समय अक्तूबर-नवम्बर महीना है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 18 नारियल का बगीचा-केरल प्रदेश

कठिन शब्दों के अर्थ:

समृद्ध = सम्पन्न, अमीर। प्रदेश = इलाका। तट = किनारे। चार-चाँद लगाना = शोभा बढ़ाना। मनोहारी = मन को हरने (अच्छा लगने) वाला। दृश्य = नज़ारा। तुल्य = समान, बराबर। बहुतायत = बहुत अधिक। इस्तेमाल = प्रयोम। लोकप्रिय = प्रसिद्ध। शिक्षित = पढ़ेलिखे। शौकीन = शौक रखने वाले। हिस्सा = भाग। प्राकृतिक दृश्य = कुदरती नज़ारे। सांस्कृतिक = संस्कृति से जुड़े हुए। तारीफ = प्रशंसा। पकवान = खाने की चीजें, भोजन। श्रद्धा = विश्वास। अर्चना = प्रार्थना। आधारित = निर्भर। मुख्य = खास। तुल्य = समान। भरमार = अधिकता। आधारित = निर्भर।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 19 रेत और पत्थर

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 19 रेत और पत्थर Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 19 रेत और पत्थर

Hindi Guide for Class 5 PSEB रेत और पत्थर Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
दोनों दोस्त कहाँ टहल रहे थे?
उत्तर:
दोनों दोस्त समुद्र किनारे टहल रहे थे।

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प्रश्न 2.
एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को चाँटा क्यों मारा ?
उत्तर:
दोनों दोस्तों में बहस हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को चाँटा मारा।

प्रश्न 3.
चाँटा लगने पर दोस्त ने क्या किया?
उत्तर:
चाँटा लगने पर दोस्त ने समद्र किनारे रेत पर लिखा-“आज मेरे सबसे प्यारे दोस्त ने मुझे चाँटा मारा है।”

प्रश्न 4.
रेत और पत्थर’ में एक दोस्त बेहोश क्यों हो गया?
उत्तर:
समुद्र में नहाते हुए अचानक उसका पैर पानी के नीचे दलदल में फँस गया और वह डूबने लगा। उसके दोस्त ने उसे बचा लिया, लेकिन वह बेहोश हो गया।

प्रश्न 5.
होश आने पर उसने क्या किया?
उत्तर:
होश आने पर उसने पत्थर पर लिख दिया “आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचायी।”

प्रश्न 6.
इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती
उत्तर:
इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि अपने दुखों और कष्टों को रेत पर लिखना और अपने प्रति दूसरों के द्वारा किया गया अच्छा कार्य पत्थर या हृदय पर लिखना चाहिए जिसे कोई कभी न मिटा सके।

II. समानार्थक शब्द लिखो

दोस्त = मित्र, सखा
किनारा = ……….. , ………..
चाँटा = ……….. , ………..
पैर = ……….. , ………..
बाँह = ……….. , ………..
पत्थर = ……….. , ………..
लहर = ……….. , ………..
उत्तर:
समानार्थक शब्द
दोस्त = मित्र, सखा।
किनारा = तट, कूल।
चाँटा = चपत, थप्पड़।
पैर = पग, पाँव।
बाँह = हाथ, भुजा।
पत्थर = पाहन, पाथर।
लहर = तरंग, उर्मि।

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III. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार बदलें

1. दो दोस्त समुद्र के किनारे टहल रहे थे। (वर्तमान काल में बदलो)
2.आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचाई (भविष्य काल में बदलो)
3. वह डूबने लगा। (वर्तमान काल में बदलो)
4. हल्की बेहोशी के बाद जब उसे होश आया तो उसने स्वयं को दोस्त की बाँहों में पाया। (भविष्य काल में बदलो)
5. एक ने दूसरे के गाल पर कसकर चाँटा मारा। (वर्तमान काल में बदलो)
उत्तर:
1. दो दोस्त समुद्र के किनारे टहल रहे. हैं।
2. मेरे सबसे अच्छे दोस्त मेरी जान बचाएँगे।
3. वह डूब रहा है।
4. हल्की बेहोशी के बाद जब उसे होश आएगा तो वह स्वयं को दोस्त की बाँहों में पाएगा।
5. एक, दूसरे के गाल पर कसकर चाँटा मारते हैं।

IV. इस पत्थर में सभी शब्द घुल-मिल गए हैं। उनमें से क्रिया शब्द छाँटकर उनसे उचित वाक्य बनाएँ।

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उत्तर:
क्रिया शब्द – वाक्य
(1) टहलना – हम शाम को बाग में टहल रहे थे।
(2) मारना – अध्यापक ने मोहन को चाँटा मारा।
(3) बचाना – मैंने अपने दोस्त को बचाया।
(4) सीखना – मैंने कार चलानी सीखी।
(5) लिखना – वह लिखता है।
(6) तराशना – वह पत्थर तराशता है।

V. विलोम शब्द लिखो

(i) दोस्त
(ii) मारना
(iii) नीचे
(iv) होश
(v) दुःख
(vi) अच्छा
उत्तर:
विलोम शब्द
(i) दोस्त = दुश्मन।
(ii) मारना = बचाना।
(iii) नीचे = ऊपर।
(iv) होश = बेहोश।
(v) दुःख = सुख।
(vi) अच्छा = बुरा।

VI. सर्वनाम भरकर वाक्य पूरे करो

1. …………… सबसे प्यारे दोस्त ने चाँटा मारा।
2. इस बार ………….. पत्थर पर लिखा है ऐसा क्यों।
3. ………….. स्वयं को दोस्त की बाँहों में पाया।
4. ……………….. डूबने लगा।
5. ……….. पैर पानी के नीचे दलदल में फंस गया।
उत्तर:
(1) मेरे
(2) तुमने
(3) मैंने
(4) वह
(5). उसका

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कुछ करने के लिए-

1. यदि आपने कभी किसी की सहायता की है तो उसका अनुभव लिखें।
2. वीर बालकों की कथा-कहानियाँ पढ़ें।

नोट- विद्यार्थी स्वयं के अनुभव से लिखने का प्रयास करें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान – लगाएं

प्रश्न 1.
दोनों दोस्त कहाँ घूमने गए?
(क) समुद्र के बीच
(ख) समुद्र के किनारे
(ग) नदी के किनारे
(घ) तालाब के किनारे।
उत्तर:
(ख) समुद्र के किनारे

प्रश्न 2.
एक दोस्त ने दूसरे को क्या मारा?
(क) चाँटा
(ख) डंडा
(ग) हाथ
(घ) कांटा।
उत्तर:
(क) चाँटा

प्रश्न 3.
एक दोस्त का पैर कहाँ फंस गया?
(क) दलदल में
(ख) पानी में
(ग) पत्थर में
(घ) समुद्र में।
उत्तर:
(क) दलदल में

प्रश्न 4.
एक दोस्त की जान किसने बचाई ?
(क) तैराक ने
(ख) माँ ने
(ग) पिता ने
(घ) दूसरे दोस्त ने।
उत्तर:
(घ) दूसरे दोस्त ने।

रेत और पत्थर Summary

रेत और पत्थर पाठ का सार

दो दोस्त समुद्र के किनारे घूम रहे थे। किसी बात पर बहस करते हुए एक ने दूसरे की गाल पर चाँटा मार दिया। जिसे चाँटा लगा उसने बिना उससे कुछ कहे रेत पर लिखा-‘आज मेरे सबसे प्यारे दोस्त ने मुझे चाँटा मारा।’ वे दोनों एक साथ घूमते रहे। समुद्र में भाटे के कारण जल स्तर कम होते ही दोनों उसमें नहाने लगे। अचानक वह दोस्त जिसे चाँटा लगा था वह दलदल में धंस कर डूबने लगा पर उसके दोस्त ने उसे बचा लिया। समुद्र से बाहर आकर उसने पत्थर पर लिखा-‘आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचायी है।’ दूसरे दोस्त के द्वारा उसके द्वारा लिखने के लिए रेत और पत्थर के चुनाव के बारे में पूछा तो उसने उत्तर दिया कि जब कोई हमें दुःख या कष्ट देता है तो उसे रेत पर लिख देना चाहिए क्योंकि भुलावे रूपी लहरें और हवाएं उसे मिटा देती। हैं पर जब कोई हमारे लिए अच्छा करता है तो उसे पत्थर पर तराशकर लिख देना चाहिए जहाँ कोई हवा या पानी उसे कभी न मिटा सके।

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कठिन शब्दों के अर्थ:

टहल = घूम। नौबत = स्थिति। आघात = चोट। भाटा = समुद्र के पानी का उतार। दलदल = कीचड़ से भरी जगह।