PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 1.
सत्यापित कीजिए कि निम्न त्रिघात बहुपदों के साथ दी गई संख्याएँ उसकी शून्यक हैं। प्रत्येक स्थिति में शून्यकों और गुणांकों के बीच के संबंध को भी सत्यापित कीजिए : (i) 2x3 + x2 – 5x + 2; \(\frac{1}{2}\), 1, – 2
(ii) x3 – 4x2 + 5x – 2; 2, 1, 1
हल :
(i) मान लीजिए p (x) = 2x3 + x2 – 5x + 2
इसकी तुलना ax3 + bx2 + cx + d से करने पर
उनके दूसरे शून्यक साथ में दिए गए हैं :
∴ a = 2, b = 1, c = – 5, d = 2
अब, \(p\left(\frac{1}{2}\right)=2\left(\frac{1}{2}\right)^{3}+\left(\frac{1}{2}\right)^{2}-5\left(\frac{1}{2}\right)+2\)

= \(\frac{1}{4}+\frac{1}{4}-\frac{5}{2}+2\)

= \(\frac{1+1-10+8}{4}\)

= \(\frac{0}{4}\) = 0

∴ \(\frac{1}{2}\), p(x)
और p (1) = 2 (1)3 + (1)2 – 5 (1) + 2
= 2 + 1 – 5 + 2
= 5 – 5 = 0
∴ 1, p(x) का एक शून्यक है।
साथ ही, p (- 2) = 2 (- 2)3 + (- 2)2 – 5 (- 2) + 2
= – 16 +4 + 10+2
= – 16 + 16 = 0
∴ – 2, p (x) का एक शून्यक हैं।
उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि दिए गए बहुपद के शून्यक हैं।

मान लीजिए यह शून्यक हैं :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 1

उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों और गुणांकों में संबंध है।

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(ii) मान लीजिए p (x) = x3 – 4x2 + 5x – 2.
इसकी तुलना ax3 + bx2 + cx + d से करने पर
∴ a = 1, b = – 4, c = 5, d = – 2
अब p (2) = (2)3 – 4 (2)2 + 5 (2) – 2
= 8 – 16 + 10 – 2
= 18 – 18 = 0
∴ 2, p (2) का एक शून्यक है।
उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों 2, 1, 1 दिए गए बहुपद के शून्यक हैं। उत्तर

मान लीजिए यह शून्यक हैं :
α = 2, β = 1, γ = 1
अब α + β + γ = 2 + 1 + 1 = 4
= \(\frac{-(-4)}{1}=\frac{-b}{a}\)

αβ + βγ + γα = (2) (1) + (1) (1) + (1) (2)
= 2 + 1 + 2 = 5
= \(\frac{5}{1}=\frac{c}{a}\)

αβγ = (2) (1) (1) = 2
= \(\frac{-(-2)}{1}=\frac{-d}{a}\)

उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों और गुणांकों में संबंध है।

प्रश्न 2.
एक त्रिघात बहुपद प्राप्त कीजिए जिसके शून्यकों का योग, दो शून्यकों को एक साथ लेकर उनके गुणनफलों का योग तथा तीनों शून्यकों के गुणनफल क्रमशः 2, – 7, – 14 हों।
हल :
त्रिघात बहुपद का सर्वव्यापक व्यंजक है :
ax3 + bx2 + cx + d.
मान लीजिए α, β, γ इसके शून्यक हैं।
∴ α + β + γ = शून्यकों का योग = 2
αβ + βγ + γα = शून्यकों के गुणनफलों का योग = – 7
αβγ = शून्यकों का गुणनफल = – 14
∴ ax3 + bx2 + cx + d = k [(x – α) (x – β) (x – γ)]
जहाँ k कोई राक अचर है।
= k [x3 – (α + β + γ) x2 + (αβ + βγ + γα) x – αβγ]
= k [x3 – 2x2 – 7x – 14] (1) का प्रयोग करने परा k के भिन्न – भिन्न मानों के लिए, हम भिन्न – भिन्न त्रिघात बहुपद प्राप्त करते हैं।

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प्रश्न 3.
यदि बहुपद x3 – 3x2 + x + 1 a – b, a, a + b, हो, तो a और b ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए p (x) = x3 – 3x2 + x + 1 और इसके शून्यक a – b, a, a + b हैं।
a – b, p (x) का एक शून्यक है। (दिया है)
∴ p (a – b) = 0
या (a – b)3 – 3 (a – b)2 + (a – b) + 1 = 0
या [a3 – b3 – 3a2b + 3ab2] – 3 [a2 + b2 – 2ab] + a – b + 1 = 0 …………..(1)
और a, p (x) का शून्यक है ….(दिया है)
∴ p(a) = 0
या (a + b)3 – 3 (a + b)2 + (a + b) + 1 = 0
या (a3 + b3 + 3a2b + 3ab2) – 3 (a2 + b2 + 2ab) + a + b – 1 = 0
या a3 + b3 – 3a2b + 3ab2 – 3a2 – 3b2 – 6ab + a + b + 1 = 0 ……………(3)
(1) और (3), को जोड़ने पर हम प्राप्त करते हैं।
या 2a3 + 6ab2 – 6a2 – 6b2 + 2a + 2 = 0
या a3 + 3ab2 – 2a2 – 3b2 + a + 1 = 0
या (a3 – 3a3+ a + 1) + (3ab2 – 3b2) = 0
या 0 + 3b2 (a – 1) = 0 [(2) का प्रयोग करने से]
या a – 1 = 0
या a = 1 ………….(4)
(3) और (4), से हम प्राप्त करते हैं।
(1)3 + b3 + 3 (1)2b + 3 (1) b2 – 3 (1)2 – 3 (b)2 – 6 (1) b + 1 + b + b + 1 = 0
या 1 + b3 + 3b + 3b2 – 3 – 3b2 – 6b + b + 2 = 0
या b3 – 2b = 0
या b(b2 – 2) = 0
या b2 – 2 = 0
या b2 = 2
या b = ± √2
अत: a = 1 और b = ± √2

वैकल्पिक हल:
दिया है कि बहुपद x3 – 3x2 + x + 1 के तीन शून्यक क्रमशः a – b, a, a + b हैं।
अब, शून्यकों का योगफल = (a – b) + a + (a + b)
= a – b + a + a + b
= 3a
परंतु गुणांकों का प्रयोग करके शून्यकों का गुणनफल

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∴ 3a = 3 या a = 1
साथ ही, शून्यकों का गुणनफल = (a – b) . a . (a + b)
= (a2 – b2) a
a का मान भरने पर हम प्राप्त करते हैं = (1 – b2) . 1
= (1 – b2)
परंतु गुणांकों का प्रयोग करके शून्यकों का योगफल

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∴ 1 – b2 = – 1
– b2 = – 1 – 1
– b2 = – 2 या b2 = 2
b = ± √2
अत: a = 1 और b = ± √2

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प्रश्न 4.
यदि बहुपद x4 – 6x3 – 26x2 + 138x – 35 के या दो शून्यक 2 + +3, हों, तो अन्य शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है कि दो शून्यक (2 + √3) और (2 – √3) हैं।
∴ [x – (2 + √3)] [x – (2 – √3)] दी गई बहुपद के गुणनखंड हैं।
अब, [x – (2 + √3)] [x – (2 – √3)] = x2 -[2 – √3 + 2 + √3] + [(2 + √3) (2 – √3)]
= x2 – 4x + [(2)2 – (√3)2]
= x2 – 4x + 1
∴ (x2 – 4x + 1) दी गई बहुपद का गुणनखंड है। अब दी गई बहुपद और (x2 – 4x + 1) पर विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करने पर

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∴ x4 – 6x3 – 26x2 + 138x – 35 = (x2 – 4x + 1) (x2 – 2x – 35)
= (x2 – 4x + 1) (x2 + 5x – 7x – 35)
S = -2, P = – 35
= (x2 – 4x + 1) [ x (x + 5) – 7 (x + 5)]
= (x2 – 4x + 1) (x + 5) (x – 7)
अब, बहुपद के अन्य शून्यक हैं।
x + 5 = 0 या x – 7 = 0
x = – 5 या x = 7
∴ दी गई चार घात वाली बहुपद के शून्यक हैं : 2 + √3, 2 – √3, – 5, 7

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 5.
यदि बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को एक अन्य बहुपद x2 – 2x + k, से भाग दिया जाए तो शेषफल x + a, आता है, तो k और a ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है कि बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को एक अन्य बहुपद x2 – 2x + k से भाग दिया जाता है, तो शेषफल x + a आता है
इसलिए सर्वप्रथम हम x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को x2 – 2x + k, से भाग करते हैं और भागफल और शेषफल ज्ञात् करते हैं

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∴ बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 के लिए विभाजन एल्गोरिथ्म से
= (x2 – 2x + k) (x2 – 4x + (8 – k)] + [(- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2]
और शेषफल = (- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2)
परंतु शेषफल = x + a….(दिया है)
∴ (- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2) = x + a
समान गुणांकों की तुलना करने से
– 9 + 2k = 1 या 10 – 8k + k2 = a
2k = 1 + 9
2k = 10, हम प्राप्त करते हैं
k = \(\frac{10}{2}\) = 5
अब, 10 – 8k + k2 = a
k का मान प्रतिस्थापित करने पर हम प्राप्त करते हैं:
10 – 8 × 5 + (5)2 = a
10 – 40 + 25 = a
k = 5
– 5 = a
a = – 5
अत: k = 5 और a = – 5

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

Computer Guide for Class 10 PSEB डैस्कटॉप पब्लिशिंग Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. इस प्रोग्राम का उपयोग किताबें, मैगज़ीन, अखबारें, फलाइर, पैंफलिट और अन्य किस्म के प्रिंटिड डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है –
(a) डैस्क पब्लिशिंग
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग
(c) टॉप पब्लिशिंग
(d) पब्लिशिंग।
उत्तर-
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग,

2. यह डिस्पले स्क्रीन पर डाक्यूमैंट को बिल्कुल उसी तरह दर्शाती है, जिस तरह डाक्यूमैंट प्रिंट होकर लगता है।
(a) WYSWJKI
(b) WKSWUG
(c) WYSIWYQ
(d) WYSIWYG.
उत्तर-
(c) WYSIWYQ,

3. यह एक बाहरी आऊटपुट यंत्र है जो कंप्यूटर से डाटा लेता है और पेपर और ग्राफिक्स या टैक्सट के रूप में आऊटपुट तैयार करता है।
(a) फ्रेमज़
(b) प्रिंटरर्स
(c) फौंट्स
(d) प्लोटरस।
उत्तर-
(b) प्रिंटरर्स

4. एक प्रिंटर जो एक फोटो कॉपी मशीन की तरह काम करता है।
(a) लेज़र
(b) इंकजैट
(c) लाइन
(d) ड्रम।
उत्तर-
(a) लेज़र

5. आयताकार क्षेत्र जो कि ग्राफिक्स और टैक्सट इनसर्ट करने के लिए बने होते हैं।
(a) आयत
(b) फ्रेमज़
(c) स्ट्रक्चर
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) फ्रेमज़

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

6. यह एक इमेज की विजुअल पेशकारी है।
(a) चार्टस
(b) ग्राफिक्स
(c) फ्रेमज़
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) ग्राफिक्स

7. इंकजेट प्रिंटर्स पेपर पर स्याही स्प्रे करके ………………. अक्षर प्रति सैकिंड के हिसाब के अक्षर बनाता है।
(a) 250
(b) 350
(c) 200
(d) 100.
उत्तर-
(a) 250

8. ………………………….. यह स्याही की छोटी बूंदों से बनते हैं।
(a) पिक्सल
(b) डॉटस
(c) फौंट्स
(d) करेक्टर्ज।
उत्तर-
(b) डॉटस

9. यह पिनज़ को रिबन पर स्ट्राइक या प्रैस करके कागज़ पर तस्वीरों या टैक्सट को प्रिंट करता है।
(a) इंक-जैट
(b) इम्पैक्ट
(c) नॉन-इमपैक्ट
(d) लेज़र।
उत्तर-
(b) इम्पैक्ट

10. यह ग्राफिक हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर नहीं करते हैं, इसलिए फाइल का आकार, इमेज़ के आकार पर निर्भर नहीं करता।
(a) रास्टर
(b) प्लेन ग्राफिक्स
(c) वैक्टर
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) वैक्टर|

(B) रिक्त स्थान भरें

1. Arial, Helvetica, Times and Verdana ……….. की उदाहरण है और इनका एक जैसा ……………. होता है।
उत्तर-
टाइप फेस, डिज़ाइन,

2. एक गटर मार्जिन सैटिंग उस डाक्यूमैंट के ………… या ……….. मार्जिन में एक्स्ट्रा स्थान जोड़ती है जिसको हम बाईंड (जिल्द) करने की योजना बनाते हैं।
उत्तर-
साइड, टॉप,

3. पॉलीगन फ्रेम को किसी भी ………….. और ……… भी बदला जा सकता है।
उत्तर-
सेप, साइज़,

4. वैब पेज़ में कन्टैंट सिर्फ ………… देते हैं न कि ……… के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
उत्तर-
देखने योग्य, प्रिंट,

5. लेज़र प्रिंटर ……… का प्रयोग करते हैं जो कि एक समय पर …………. को स्टोर करते हैं।
उत्तर-
बफर, पूरा पेज।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

(C) सही या गलत

1. DTP का अर्थ है डैस्कटॉप पब्लिशिंग।
उत्तर-
सही,

2. डैस्कटॉप पब्लिशिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रयोग वैब पेज़ बनाने और डिज़ाइन करने के लिए भी किया जाता है।
उत्तर-
सही,

3. इंक जैट प्रिंटर्ज में स्याही पेपर द्वारा सोख ली जाती है और तुरंत सूख जाती है।
उत्तर-
गलत,

4. फ्रेमज़ यूजर को ऑब्जैक्ट्स को पेज़ के उस स्थान पर रखने की आज्ञा देता है जिस पर वह उसको रखना चाहता है।
उत्तर-
सही,

5. डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर में 19 से 124 पिन वाला प्रिंट हैड होता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
कौन-सा प्रिंटर एक मिनट में 1200 से 6000 लाइन प्रिंट करता है ?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 2.
कौन-से इमेजिज दो या तीन आयामी हो सकते हैं ?
उत्तर-
कंप्यूटर ग्राफिक्स।

प्रश्न 3.
किस प्रिंटर में एक विशेष परत होती है, जिसमें टोनर (एक स्याही पाऊडर) चिपक जाता है?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 4.
एक जैसे डिजाइन के अक्षरों के समूह को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
टाइप फेस।

प्रश्न 5.
एक पेज़ की मुख्य सामग्री और पेज़ के किनारे के बीच के क्षेत्र को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
मार्जिन।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कंप्यूटर और कुछ सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल करके बढ़िया ढंग से डिज़ाइन वाले दस्तावेज़ तैयार करना। इसका संबंध कुछ ऐप्लीकेशन सॉफ्टवेयरों से होता है जो दस्तावेज़ तैयार और प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।

प्रश्न 2.
प्रिंटर की भिन्न-भिन्न किस्में कौन-सी हैं ?
उत्तर-
प्रिंटर की निम्नलिखित किस्में हैं –

  • इमपैक्ट प्रिंटर।
  • नॉन-इमपैक्ट प्रिंटर।

प्रश्न 3.
फ्रेम क्या है ?
उत्तर-
फ्रेम एक आयताकार क्षेत्र होता है जो किसी ऑबजैक्ट को अपने में समाकर रखता है।

प्रश्न 4.
फौंट की परिभाषा दें।
उत्तर-
फौंट एक खास शैली और आकार में छापने योग्य या देखने योग्य टैक्सट करैक्टर का सैट होता है।

प्रश्न 5.
मार्जिन क्या है?
उत्तर-
मार्जिन किसी दस्तावेज में ऑबजैक्ट और पेज़ की हद के बीच की दूरी होती है। इसको हाशिया भी कहते हैं। यह चार तरफ से देखी जाती है।

  • ऊपर,
  • बायें,
  • दायें,
  • नीचे।

मार्जिन अक्सर इंच या सैंटीमीटर में नापे जाते हैं। यह बताते हैं कि किसी पेज़ के चारों तरफ कितनी जगह खाली रहेगी।

प्रश्न 6.
गटर पोजीशन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
गटर पोजीशन किसी पेज़ पर उस छोड़े गए स्थान को कहते हैं जो जिल्द बाँधने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य टैक्सट को जिल्द में आने से बचाना होता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 7.
ग्राफिक्स क्या है ?
उत्तर-
ग्राफिक्स कंप्यूटर पर किसी भी प्रकार की विजुयल पेशकारी को कहते हैं जो साधारण टैक्सट से अलग होता है।

प्रश्न 8.
लेज़र प्रिंटर की कार्य प्रणाली की व्याख्या करें।
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर में एक लेज़र टीम को दर्पण से निर्देशित किया जाता है। जो आगे ड्रम पर पड़ती है। इसकी मदद से पेपर पर इमेज़ बनती है, जिसको एक टोनर की मदद से छापा जाता है।

प्रश्न 9.
WYSIWYG विशेषता की व्याख्या करें।
उत्तर-
WYSIWYG का अर्थ है What You See Is What You Get. इसका अर्थ है आप जिस प्रकार अपने दस्तावेज़ को कंप्यूटर पर देखते हो, उसी प्रकार का ही प्रिंट रूप में प्राप्त करोगे।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर-
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में निम्नलिखित अन्तर हैं –

वेक्टर ग्राफिक्स बिटमैप ग्राफिक्स
1. वेक्टर ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील करती है। 1. बिटमैप ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील नहीं करता।
2. इसमें हर पिक्सेल की ऐडिटिंग नहीं की सकता| 2. इसमें हर पिक्सेल को ऐडिट किया जा जाती।
3. फाइल का आकार छोटा होता है। 3. फाइल का आकार बड़ा होता है।
4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम हो नहीं होती। 4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम जाती है।
5. यह गणितीय गणना पर आधारित होती है। 5. यह गणितीय गणना पर आधारित नहीं होती है।
6. हर ऑब्जैक्ट विभिन्न प्रकार से ऐडिट किया  संभव नहीं होता। 6. हर आब्जैक्ट को विभिन्न प्रकार से ऐडिट करना जा सकता है।

प्रश्न 2.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग के साथ संचार खुला है। विस्तार से बताएं।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का दायरा अब काफी बड़ा हो रहा है। यह एक पेशे तक ही सीमित नहीं है। साधारण लोग भी अब इसका प्रयोग करते हैं। अब छोटे व्यापारी, सचिव, अध्यापक, विद्यार्थी आदि भी इसका प्रयोग करते हैं। पहले इसका दायरा प्रिंटिग तक ही सीमित था। अब डेस्कटॉप पब्लिशिंग में डिजिटल मीडिया भी शामिल है।

प्रश्न 3.
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में अंतर बताएं।
उत्तर-
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में नीचे लिखे अंतर हैं –

इम्पैक्ट नॉन इम्पैक्ट
1. इनमें एक हैड होता है। 1. इनमें एक हैड नहीं होता है।
2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क करते हैं। 2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क नहीं करते।
3. स्याही के लिए रिबन का प्रयोग होता है। 3. स्याही के लिए अलग स्थान होता है।
4. यह प्रिंटर आवाज़ करते हैं। 4. यह प्रिंटर आवाज़ नहीं करते।
5. प्रिंटिंग मूल्य कम होता है। 5. प्रिंटिंग मूल्य अधिक होता है।
6. आमतौर पर यह प्रिंटर सस्ते होते हैं। 6. यह प्रिंटर महंगे होते हैं।
7. इनका प्रयोग अब कम होता है। 7. इनका प्रयोग अब अधिक होता है।
8. हैड पेपर में स्ट्राइक करता है। 8. हैड पेपर पर स्ट्राइक नहीं करता।

प्रश्न 4.
दो प्रकार के इम्पैक्ट प्रिंटर की व्याख्या करें।
उत्तर-
इम्पैक्ट प्रिंटर की इन पिनों की किस्में हैं-डॉट मैट्रिक्स और डेजी वील। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर-डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर 9 से 24 पिन वाला प्रिंटर होता है। यह प्रिंटर इन पिनों की मदद से छपाई करता है। इसकी गुणवत्ता अच्छी होती है। इसकी मदद से ग्राफिक्स छापा जा सकता है। यह आमतौर पर काले रंग के साथ ही छपाई करता है। पर रंगीन प्रिंटर भी होते हैं। इनमें स्याही एक रिबन पर लगी होती है। यह प्रिंटर सस्ते होते हैं एवं आमतौर पर 100 से 600 अक्षर प्रति सैकिंड की स्पीड के साथ छपाई करते हैं।

2. डेज़ी वील प्रिंटर-डेज़ी वील प्रिंटर का नाम इसकी प्रिंटिंग प्रणाली पर डेज़ी फूल के जैसे दिखाने पर पड़ा। इसमें पैटल होते हैं। हर पैटल एक पूर्ण रूप से तैयार अक्षर होता है। यह ठोस लाइन पर प्रिंट करता है। इसमें एक हैमर होता है जो अक्षर को रिबन से मारता है जिससे अक्षर छापा जाता है। इसकी गति कम होती है। यह अधिक से अधिक 25-35 अक्षर प्रति सैकिण्ड प्रिंट करता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 5.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसिंग सॉफ्टवेयर की तुलना करें।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसर में निम्नलिखित अन्तर हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग वर्ड प्रोसैसिंग
1. डी.टी.पी. का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ के डिजाइन को ठीक रखना होता है। 1. वर्ड प्रोसेसर का मुख्य उद्देश्य उसमें टैकस्ट की शुद्धता होता है।
2. यह एक ऑब्जैक्ट आधारित साफ्टवेयर है। 2. यह टैकस्ट आधारित ऐडिटर सॉफ्टवेयर है।
3. इसमें पेज ले आऊट पर अधिक ध्यान दिया जाता है। 3. इसमें शब्दों की शुद्धता मुख्य है।
4. हर एक ऑब्जैक्ट अकेले तौर पर संभाला नहीं जाता है। 4. सभी टैक्सट को एक साथ प्रयुक्त किया जाता है।
5. इसमें आब्जैक्ट लचीला होता है। 5. इसमें आब्जैक्ट्स में लचीलापन कम होता है।

PSEB 10th Class Computer Guide डैस्कटॉप पब्लिशिंग Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्नलिखित में से ग्राफिक सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब इलस्ट्रेटर
(b) कोरल ड्रा
(c) ईदसपेस
(d) सभी ही।
उत्तर-
(d) सभी ही।

2. निम्नलिखित में से फोटो ऐडिटिंग सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब फोटोशॉप
(b) कोरल पेंट्स
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ही

3. ग्राफिक कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 1
(d) 4.
उत्तर-
(a) 2

4. लेजर प्रिंटर किस प्रकार का प्रिंटर है ?
(a) इम्पैक्ट
(b) नॉन-इम्पैक्ट
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(b) नॉन-इम्पैक्ट|

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

(B) रिक्त स्थान भरें

1. …….. का अर्थ है दो से अधिक लाइनों के बीच दूरी।
उत्तर-
लीडिंग

2. फ्रेम संबद्ध सूचना एवं ग्राफिक्स को ………….. करते हैं।
उत्तर-
इकट्ठा

3. WYSIWYG का अर्थ है …………. ।
उत्तर-
What you see is what you get

4. हम कई तरीके से डाक्यूमैंट को ………… कर सकते हैं।
उत्तर-
प्रिंट

5. सब से तेज़ रंगदार लेजर प्रिंटर ……….. पेज़ प्रिंट कर सकता है।
उत्तर-
200.

(C) सही या गलत

1. हेडर पेज़ के नीचे लिखे जाते हैं।
उत्तर-
गलत

2. ऐम० एस० वर्ड, डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर है।
उत्तर-
गलत

3. पेज़ तैयार करने के लिए प्लानिंग की ज़रूरत नहीं होती।
उत्तर-
गलत

4. स्टाइल में बुलेट्स आदि शामिल होते हैं।
उत्तर-
सही

5. स्केलिंग दो से अधिक पंक्तियों के बीच की दूरी को कहा जाता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
WYSIWYG का पूरा नाम बताएं।
उत्तर-
What you see is what you get.

प्रश्न 2.
कौन-सी प्रिंटिंग अच्छी होती है ?
उत्तर-
लेजर प्रिंटिंग।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 3.
जिस प्रिंटिंग पर स्याही बैठ जाती है। उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
ऑफसैट प्रिंटिंग।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रिंटिंग के कौन-कौन से तरीके हैं ?
उत्तर-
प्रिंटिंग के दो तरीके हैं –

  1. ऑफसैट प्रिंटिंग-यह वह प्रिंटिंग है जिसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है उसको ऑफसैट प्रिंटिंग कहते हैं।
  2. लेजर प्रिंटिंग-जिस प्रिंटिंग में लेजर की मदद से प्रिंटिंग की जाती है उसको लेजर प्रिंटिंग कहते हैं। यह प्रिंटिंग तेज़ गति वाली होती है।

प्रश्न 2.
स्केलिंग, ट्रैकिंग एवं लीडिंग बारे में बताएं।
उत्तर-
स्केलिंग-स्केलिंग का अर्थ है दस्तावेज़ में अक्षर को फौंट के साइज़ को बिना कम या बढ़ाए हुए अक्षर की चौड़ाई, लंबाई को बढ़ाना या कम कर देना। ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है किसी भी शब्द या लाइन के अक्षरों में दूरी बढ़ाना या कम करना। लीडिंग-लीडिंग का अर्थ है, दस्तावेज में दो या अधिक लाइनों के बीच की दूरी को बढ़ाना या कम करना।

प्रश्न 3.
स्केलिंग क्या है ?
उत्तर-
स्केलिंग-डाक्यूमैंट में बहुत से तरीके द्वारा फौंट को छोटा तथा बड़ा किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि फौंट के प्वाइंट को बिना बढ़ाये या कम किये अक्षर की चौड़ाई को बढ़ा या कम कर सकते हैं। इसकी स्केलिंग कहा जाता है।

प्रश्न 4.
ट्रैकिंग क्या होता है ?
उत्तर-
ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है कि किसी भी वर्ड या लाइन के अक्षर में दूरी बढ़ाना। इसको प्वाइंट में मापा जा सकता है या किसी और विधि द्वारा मापा जाता है।

प्रश्न 5.
लीडिंग क्या होता है ?
उत्तर-
यह दो या दो से अधिक लाइनों के बीच की दूरी को दर्शाता है। इसको पाइंट से भी मापा जा सकता है या यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर पर निर्भर करता है।

प्रश्न 6.
फ्रेमस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
फ्रेमस संबद्ध सूचना और ग्राफिक्स को इकट्ठा करते हैं। हर फ्रेम में हर ऑबजैक्ट की अलग ऐनटिटी (Entity) है। हर फ्रेम, बॉक्स, बॉर्डर का खास उद्देश्य होना चाहिए। फ्रेम अक्षर की सीमा बनाता है। खास अक्षरों पर ध्यान देने के लिए फ्रेम का प्रयोग किया जाता है। प्रेम की सूचना अधिक महत्त्व देती है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पेज़ ले-आऊट का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
पेज़ ले-आऊट का अर्थ है कि किसी पेज़ की ले-आऊट अर्थात् किसी दस्तावेज़ को पेज़ से आब्जेक्ट किस प्रकार रखा जाती है। इसमें ऑबजेक्ट को अपनी जरूरत अनुसार उसकी सही जगह पर पूरी सटीकता के साथ रखा जाता है। इसके साथ ही इनके साथ बनने वाले डिज़ाइन का भी ध्यान रखा जाता है कि वह पेज़ देखने में ठीक लगता है या नहीं। इसका संबंध पेज़ एवं कंपोजीशन के साथ होता है। इसमें सभी प्लेस होल्डर भी शामिल किए जाते हैं जो प्रिंट नहीं होते। किसी भी दस्तावेज की पेज ले-आऊट सैट करने के लिये पेज़ के मार्जन, आबजेक्ट, टैक्सट, फौंट साइज, कलर और डिजाइन आदि का पूरा ध्यान रखा जाता है।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1

प्रश्न 2.
फौंट्स क्या होते हैं ?
उत्तर-
फौंट्स का अर्थ है अक्षरों की बनावट। किसी भी दस्तावेज में कुछ न कुछ टैक्सट प्रयुक्त किया जाता है। वह टैक्सट किसी भी भाषा में हो सकते हैं। उस भाषा के अक्षरों की बनावट को फौंट्स कहते हैं। जैसे अंग्रेज़ी के अक्षर A, B, C ………. Z आदि की बनावट कई प्रकार की हो सकती है। इन सबको फौंट कहते हैं। इनको कुछ खास नामों से जाना जाता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

कुछ आम प्रयोग होने वाले फौंटस हैं –
1. Arial
2. Times New Roman
आप इन फौंट्स को बोल्ड, इटैलिक और अंडरलाइन आदि भी कर सकते हैं।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 2

प्रश्न 3.
डाक्यूमैंट प्लानिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग का अर्थ है किसी भी दस्तावेज़ को तैयार करने के लिए उसके साथ संबद्ध सभी प्लानिंग करनी। इसमें किस स्टेज पर क्या करना है आदि के बारे में विचार किया जाता है।

डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें ध्यान रखी जाता हैं-

  1. पेज़ ले-आऊट : पेज़ ले-आऊट का अर्थ है दस्तावेज़ का खाका तैयार करना।
  2. स्टाइल : स्टाइल का अर्थ है दस्तावेज़ को किस प्रकार का दिखना चाहिए, इस बारे में निर्णय लेना।
  3. मार्जन : मार्जन कितना रखना है, इस बारे में फैसला करना।
  4. हैडर और फुटर-दस्तावेज में हैडर और फुटर के बारे निर्णय करना।
  5. फौंट : दस्तावेज में फौंट कौन-कौन से होने चाहिए और उनका साइज, कलर आदि क्या होना चाहिए।

इस प्रकार हम देखते हैं कि डाक्यूमैंट प्लानिंग में दस्तावेज़ तैयार करने से पहले की दस्तावेज़ से संबंधित सब निर्णय लिए जाते हैं।

प्रश्न 4.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ? इसकी क्या ज़रूरत होती है ? कौन-कौन से सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) के लिए किया जाता है?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग-डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कि कंप्यूटर का प्रयोग करके पब्लिशिंग और प्रिंटिग के साथ संबद्ध काम करने। इसमें कुछ सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। उनको अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट किया जाता है। डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत-डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत हमें अपने दस्तावेज को सही तरीके के साथ और सटीकता के साथ तैयार करने के लिए की जाती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर की मदद से अपने दस्तावेज को सुंदर, सही और अच्छा डिज़ाइन वाले बना सकते हैं। इसकी मदद के साथ हम अपने दस्तावेज में सभी ऑबजैक्टों को उनकी सही जगह पर सही आकार अनुसार रख सकते हैं। अपने दस्तावेज में रंगों का सही प्रयोग किया जा सकता है। दस्तावेज़ को भी किसी भी आकार का प्रिंट किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर टैक्सट और ग्राफिक्स पर पूरा कंट्रोल कर सकते हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग के सॉफ्टवेयर-डेस्कटॉप पब्लिशिंग तीन प्रकार की हो सकती है और उसकी किस्म के अनुसार ही सॉफ्टवेयर लिए जाते हैं।

यह किस्में और उनके सॉफ्टवेयर की जानकारी नीचे दी गई है –

डी० टी० पी० की किस्म सॉफ्टवेयर
1. पेज़ ले-आऊट एडोब पेज़ मेकर, एडोब मैथ टाइप
2. ऐडिटिंग एडीब फोटोशॉप, कोरल फोटोपेंट, पिक्सा
3. इलस्ट्रेशन कोरल ड्रा, ऐम० एस० पब्लिश

प्रश्न 5.
डी० टी० पी० पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
डी० टी० पी० का सम्बन्ध कम्प्यूटर की उस ऐप्लीकेशन के साथ है जो छोटी कंपनी या व्यक्तियों के लिए कम्प्यूटर के ज़रिए, रिपोटर्स, विजिटिंग कार्ड, कैलेंडर, विज्ञापन, मैगज़ीन आदि अच्छी गुणवत्ता के साथ छापता है। नए युग के कम्प्यूटर के साथ डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा बहुत सारे काम जैसे कि विज्ञापन, किताबें तैयार करना आदि अच्छी तरह किये जा सकते हैं।

ऐसे डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा कई भाषाओं के अक्षरों को बड़े अच्छे तरीके से और बहुत सारे तरीकों के साथ लिखा या छापा जा सकता है। साधारण तौर पर यह कम्प्यूटर की योग्यता होनी चाहिए कि इसकी प्रिंटिंग होने से पहले डाक्यूमैंट का प्रीवियू कम्प्यूटर की स्क्रीन पर देखा जाए। डैस्कटॉप पब्लिशिंग एक पेज़ के ले-आऊट की योग्यता बारे बताती है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1985 में “Introduction to Mac Publisher” सॉफ्टवेयर के साथ शुरू हुई थी। यह WYSIWYG layout का पहला प्रोग्राम था। डैस्कटॉप पब्लिशिंग वाले सॉफ्टवेयर बनाने से पहले यह काम बहुत सारे आम लोगों द्वारा किया जाता था। ग्राफिक्स, टैक्सट या और डिज़ाइन के लिए खास निपुणता वाले लोग शामिल किये जाते थे जिस कारण बहुत समय लगता था।

अब डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इस प्रकार के काम को बड़े अच्छे तरीके के साथ करते हैं और यह सॉफ्टवेयर टैक्सट या ग्राफिक्स पर पूरा नियंत्रण रख सकता है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग आमतौर पर तीन प्रकार के हैं

  • पेज़ ले-आऊट (Page layout)-एडोब पेज़ मेकर (Adobe page Maker) आदि।
  • ऐडिटिंग (Editing)-एडोब फोटोशॉप (Adobe, Photoshop), कोरल फोटो पेंट (Corel Photo paint) आदि।
  • इलस्ट्रेशन (Illustration)–कोरल ड्रा (CorelDraw), ऐम०एस० पब्लिशर (M.S. Publishers) आदि।

कोई भी डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए सबसे पहला कदम यह है कि यह निर्णय कर लिया जाए कि आपने शादी कार्ड तैयार करना है या किताब का सबसे पहला कवर पेज या कोई ब्रोशर (Brochure), या कोई बिजनेस कार्ड। अगर आप किताब का टाइटल कवर (Title Cover) बनाना चाहते हैं तो आपको उसका साइज़ पता होना चाहिए। अगर आप पीछे कही बातों के बारे में जानते हो तो आप डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर के साथ कुछ भी बना सकते हो।

प्रश्न 6.
दस्तावेज़ प्रिंट करना क्या होता है ? विस्तार में बताएं।
उत्तर-
यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। हम बहुत से तरीकों के साथ डाक्यूमैंट को प्रिंट करते हैं। प्रिंटिंग एक प्रोसैस है जिसमें टैक्सट, ग्राफिक्स और तस्वीरें आदि को विभिन्न-विभिन्न प्रिंट किया जा सकता है। प्रिंटिग एक बड़ी फैक्टरी का काम भी हो सकता है और एक अकेला आदमी के लिए भी। प्रिंटिंग के तरीके-
1. ऑफसैट प्रिंटिंग-इसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है। अब आमतौर पर हर प्रिंटिंग ऑफसैट होती है। अगर बहुत कम कागजों पर प्रिंटिंग करनी हो तो वह कम्प्यूटर प्रिंटर/कापीयर पर होगी। हमें डाक्यूमैंट की बहुत सारी कापियां (सैंकड़ों हज़ारों, लाखों या करोड़ों) करने के लिए ऑफसैट प्रिंटिंग ही सस्ती और बहुत अच्छी होती है।

2. लेजर प्रिंटिंग-यह आम प्रिंटिंग है जो कि टैक्सट और ग्राफिक्स का अच्छा प्रिंट करती है। लेज़र प्रिंटर एक नॉन-इमपैक्ट फोटो कॉपीयर टैक्नालोजी (Non-impact photocopier Technology) का प्रयोग करते हैं। इस प्रिंटिग में इलैक्ट्रीकल चार्ज (Electrical charges) द्वारा सिलीनीअम कोडड ड्रम पर लेजर बीम डाली जाती है।

जब ड्रम चार्ज होता है तो यह घूमने लग जाती है। कलर प्रिंटिंग के साथ किए हुआ काम ब्लैक एंड वाइट लेज़र प्रिंटर से 10 गुणा महंगा होता है। एक ब्लैक एंड वाईट लेज़र प्रिंटर मॉडल एक मिनट में 200 पेज प्रिंट कर सकता है। प्रिंटिंग स्पीड ग्राफिक्स पर भी निर्भर करती है। सबसे रंगदार प्रिंट करने वाला एक मिनट में 100 पेज़ प्रिंट कर सकता है। डी०टी०पी० के लिए लेजर प्रिंटर का रैजुलेशन 600 डॉटस पर (resolution 600 Dots per inch (dpi) होना चाहिए।

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प्रश्न 7.
WYSIWYG क्या होता है ?
उत्तर-
WYSIWYG (What-You-See-Is-what-You-Get)-यह शब्द कम्प्यूटिंग में यह बताने के लिए इस्तेमाल होता है कि कंप्यूटर में इलैक्ट्रॉनिक पेज़ जो दिखा रहे हैं वह हमारी आऊटपुट के जैसे है। यह पेज़ एक प्रिंटिग डाक्यूमैंट हो सकता है। बैव पेज या स्लाइड भी हो सकता है। अब वाले डैस्कटॉप. पब्लिशिंग खास आऊटपुट के लिए स्क्रीन उसके अनुसार ढाल लेते हैं। उदाहरण के तौर पर ऐम०एस० वर्ड सॉफ्टवेयर (MS-Word Software) आम आदर्श रंगदार लेज़र प्रिंटर (Typical Colour Laser Printer) कागज़ पर आऊटपुट लेने योग्य होता है। हम डी०टी०पी० (DTP) में तैयार किया हुआ कोई भी डाक्यूमैंट प्रिंट करेंगे तो वह WYSIWYG के बिल्कुल पास होता है।

कुछ हालातों में WYSIWYG का कोई अर्थ नहीं रह जाता क्योंकि डाक्यूमैंट में पेज़ की रचना समय : -अतिरिक्त जानकारी लाभकारी होती है। जैसे कि कई बार हमें नॉन-प्रिंटिंग करैक्टर आदि की ज़रूरत होती है। पेज़ ले-आऊट मोड में हम अक्सर ही ग्रिड ; गाइड लाइन्ज (Guidelines) का उपयोग ऑब्जैक्ट को अलाईन करने के लिए करते हैं।

प्रश्न 8.
डाक्यूमैंट प्लानिंग क्या होती है ? व्याख्या करें।
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें शामिल हैंपेज़-ले-आऊट-पेज़ ले-आऊट तैयार करने का मतलब किसी डाक्यूमैंट का खाका तैयार करना है। जब आप टैक्सट, ग्राफिक्स या खास प्रकार के निशान (Symbols), जैसे कि बॉक्स (डिब्बा) फ्रेम, बार्डर आदि इकट्ठा कर लिया तो पेज़ ले-आऊट तैयार कर सकते हैं। इसमें एक पेज़ की ज़रूरत पड़ सकती है।

स्टाइल-डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर में आप कितने सारे फौंट्स चुन सकते हैं। ले-आऊट ऐलीमैंट ग्राफिक्स में उनमें रंग तथा उनमें फिल्टर्स इफैक्ट आ सकता है। जो फौंट आप चुनें उसको सभी डाक्यूमैंट में इस्तेमाल करें। डाक्यूमैंट में जानकारी का स्टाइल अच्छा होना चाहिए, जो कि अच्छी तरह समझ आ सके ताकि उसको याद रखा जा सके। स्टाइल का अर्थ अपने डाक्यूमैंट में अपने आप फार्मेटिंग (Formatting) करने के लिए है।

स्टाइल के बिना आपके हर पैराग्राफ, लाइन की अलग से सैटिंग करनी पड़ेगी। यह काम बहुत कठिन और बोरिंग हो जाता है। एक स्टाइल में हैडिंग हैडर और फुटर, बुलेट (Heading, Header & Footer, Bullets) आदि शामिल होते हैं। – मार्जन-मार्जन टैक्सट की बाएं और दाएं, ऊपर और नीचे से टैक्सट की दूरी को कहा जाता है। मार्जन आमतौर पर (From Left, Right, Top, Bottom) एक ईंच के होते हैं। पर इनको अपनी इच्छा अनुसार बढ़ाया या कम किया जा सकता है।

हैडर (Header)-हैडर वह टैक्सट है जो कि पेज़ के ऊपरी हिस्से पर प्रिंट किया जाता है। यह पेज़ नंबर, पाठ नंबर या कोई खास सूचना हो सकती है।
फुटर (Footer)-फुटर वह टैक्सट है जो पेज़ के नीचे के हिस्से पर लिखा जाता है। इसमें भी पेज नंबर, पाठ का नाम और जानकारी हो सकती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर अपने आप हर पेज़ नंबर और और सूचना लिख सकता है।

फौंट : यह डाक्यूमैंट डिज़ाइन का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। आमतौर पर पाठक एरियल (Arial) या टाईमज़ न्यू रोमन (Time New Roman) स्टाइल वाला फौंट पसंद करते हैं। क्योंकि इसके साथ अक्षर को पढ़ना आसान हो जाता है। आप कुछ फौंट्स को Bold, Italic, Under line आदि कर सकते हैं। एरियल; टाईमज़ न्यू रोम फौंट किताब, मैगजीन और अखबारों में प्रयोग किए जाते हैं।

यह डाक्यूमैंट प्लानिंग बारे कुछ ज़रूरी जानकारी है पर और बातें भी ध्यान देने योग्य हैं जैसे कि पेज का आकार, पेज़ों की संख्या, पेज़ के मध्य कालमों की गिनती, टाइटल, कैपशन (caption) आदि।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

PSEB 9th Class Science Guide प्राकृतिक संपदा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
जीवन के लिए वायुमंडल क्यों आवश्यक है ?
उत्तर-
जीवों के लिए वायुमंडल बहुत आवश्यक है। यही हमारे जीवन का आधार है। वायु में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प नामक घटक हैं। ऑक्सीजन प्रत्येक जंतु के लिए जरूरी है। जो स्थल पर रहते हैं वे श्वसन के लिए इसे वायु से प्राप्त करते हैं। जलीय जीव इसे पानी में घुली हुई अवस्था में प्राप्त करते हैं। यूकेरियोटिक कोशिकाओं तथा प्रोकेरियोटिक कोशिका को ग्लूकोज अणुओं को तोड़ने तथा उससे ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसी के कारण कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होती है। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बोहाइड्रेट्स में बदलते हैं तथा अपने लिए भोजन के रूप में प्राप्त करते हैं। वायुमंडल ने पूरी पृथ्वी को एक कंबल की तरह ढांप रखा है। वायु ताप की कुलाचक है इसलिए पृथ्वी का औसत तापमान पूरा वर्ष लगभग नियत रहता है। यह दिन के समय तापमान को बढ़ाने से रोकता है और रात के समय तापमान को पृथ्वी के बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है। वायुमंडल में जलवाष्प बनने और हवा बहने की क्रिया होती है।

प्रश्न 2.
जीवन के लिए जल क्यों अनिवार्य है ?
उत्तर-
जीवन के लिए जल की अनिवार्यता-

  1. जीवन की उत्पत्ति सर्वप्रथम सागर के जल में हुई थी। सागर के जल में जीवन की उत्पत्ति “नीले हरे शैवाल” तथा “साइनो बैक्टीरिया” नामक जीवों के रूप में हुई।
  2. हमारे शरीर में पाया जाने वाला जल भोजन से प्राप्त पोषक तत्त्वों को घोलकर इन्हें शरीर के सभी अंगों तक पहुँचा देता है।
  3. जल स्वेदन तथा वाष्पन की प्रक्रियाओं द्वारा मानव शरीर के ताप को नियंत्रित करता है।
  4. जल हमारे शरीर के अपशिष्ट पदार्थों (मल-मूत्र इत्यादि) के उत्सर्जन के लिए एक अच्छा माध्यम है।
  5. नदियों और समुद्र में नावों और जलयानों के द्वारा यात्रियों और सामानों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन होता है।
  6. हम पानी का अत्यधिक उपयोग पीने में, नहाने में, कपड़े धोने में और खाना पकाने इत्यादि में करते हैं। खाना पकाने और पीने का पानी कीटाणु-रहित तथा स्वच्छ होना चाहिए।
  7. जल का उपयोग सामान्यतया औषधि के रूप में भी करते हैं।
  8. ऊंचाई से तेज़ गति से गिरते हुए जल में ऊर्जा होती है जिसका प्रयोग हम बिजली बनाने में करते हैं।
  9. बहुत-से जलीय जंतु, जैसे-मेंढक, मछली, मगरमच्छ आदि जल में निवास करते हैं तथा वे जल में घुली हुई ऑक्सीजन का प्रयोग श्वसन क्रिया में करते हैं।
  10. बहुत-से जलीय पौधे भी जल में पाए जाते हैं तथा जल में घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया के लिए करते हैं।
  11. कृषि के लिए भी जल अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। पौधे पानी के बिना वृद्धि नहीं कर सकते हैं।
  12. जल, पेड़-पौधों में खनिजों तथा अन्य पोषक तत्वों का परिवहन करने के लिए एक माध्यम का काम करता है।
  13. जल, पौधों के अंकुरण तथा पौधों की वृद्धि में सहायता करता है।

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प्रश्न 3.
जीवित प्राणी मृदा पर कैसे निर्भर है ? क्या जल में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र हैं ?
उत्तर-
जीवित प्राणी मृदा पर ही निर्भर करता है। मृदा में उत्पन्न पेड़-पौधों से अपना खाद्य प्राप्त करता है। जीवन-यापन के लिए सभी आवश्यक तत्व इसी से प्राप्त होते हैं। पौधे तरह-तरह के खनिज लवण मृदा से ही प्राप्त करते हैं और भोजन के तत्वों के रूप में प्राणियों के जीवन के आधार बनते हैं।

पानी में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं। वे जल में उगे पादपों को खाते हैं या उन पर आधारित अन्य प्राणियों को खाकर जीवित रहते हैं।

प्रश्न 4.
आपने टेलीविजन पर और समाचारपत्र में मौसम संबंधी रिपोर्ट को देखा होगा। आप क्या सोचते हैं कि हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं ?
उत्तर-
मौसम संबंधी जानकारियां लंबी और गहन वैज्ञानिक जानकारियों पर आधारित होती हैं। दूर आकाश में स्थित सैटेलाइट पृथ्वी पर सदा अपनी दृष्टि जमाए रहते हैं तथा वातावरण की जांच करने में वैज्ञानिकों की सहायता करते हैं। वायु के दबाव, फटने तथा समुद्रों में उत्पन्न चक्रवातों की सूचना प्रदान करते हैं। मानसून आने से पहले ही इनसे अनुमान हो जाता है कि किसी वर्ष वर्षा की स्थिति कैसी होगी। इससे कृषि संबंधी नई योजनाएं बनाई जाती हैं। समुद्री तटों पर रहने वालों को तरह-तरह के खतरों की पूर्व सूचना दी जाती है।

प्रश्न 5.
हम जानते हैं कि बहुत-सी मानवीय गतिविधियां वायु, जल एवं मृदा के प्रदूषण स्तर को बढ़ा रही हैं। क्या आप सोचते हैं कि इन गतिविधियों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेगी ?
उत्तर-
बहुत से मानवीय क्रियाकलाप वायु, जल और मृदा के प्रदूषण स्तर को निरंतर बढ़ा रहे हैं। यदि इन क्रियाकलापों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर दिया जाए तो प्रदूषण के स्तर पर कुछ मदद मिलेगी। प्रायः अस्पतालों के आसपास भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर वातावरण से हानिकारक गैसों पर नियंत्रण पाया जाता है। पेट्रोल और डीज़ल के स्थान पर वाहनों में CNG का प्रयोग कुछ नगरों में आरंभ किया गया है जिसके अनुकूल प्रभाव दिखाई दिए हैं। खादानों की खुदाई रोककर वायुमंडल तथा पेड़-पौधों की रक्षा की गई है। नदियों के पानी की शुद्धिकरण के प्रयत्न किए गए हैं। यह ठीक है कि हमारे देश में जनसंख्या बहुत अधिक है, अशिक्षा है, गरीबी है पर फिर भी प्रयत्न करने पर सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेंगे। इनसे प्रदूषण समाप्त तो नहीं होगा पर प्रदूषण के स्तर को घटाने में मदद अवश्य मिलेगी।

प्रश्न 6.
जंगल, वायु, मृदा और जलीय स्त्रोत की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
जंगलों की भूमि तथा वर्षा में गहरा संबंध है। यदि वृक्षों को काटने की दर उनकी वदधि से अधिक हो जाए तो वृक्षों की संख्या कम होती जाती है और वह क्षेत्र धीरे-धीरे रेगिस्तान भी बन सकता है। जंगल सदा वायु, मृदा और जलीय स्रोत को सीधा प्रभावित करते हैं।

वृक्ष वाष्पण क्रिया से बड़ी मात्रा में जल मुक्त करते हैं। इस मुक्त जल से वाष्प-बादल बनते हैं तथा वर्षा होती है। जंगलों के कम होने से वर्षा भी कम होगी तथा उस क्षेत्र में वृक्ष उगने की दर कम हो जाएगी जिससे पर्यावरण प्रभावित होगा।

वृक्षों के बहुत अधिक काटने से जैव पदार्थों में समृद्ध मृदा की सबसे ऊपर की सतह वर्षा के पानी के साथ बहकर लुप्त हो जाएगी। मृदा के इस प्रकार अपरदन के कारण भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो जाती है। वन जंगली-जंतुओं को आश्रय देते हैं। हमें उनसे कई प्रकार की जड़ी-बूटियां मिलती हैं तथा इमारती लकड़ी प्राप्त होती है। कई उद्योगों के लिए हमें कच्चा माल प्रदान करते हैं। जंगलों से जलीय स्रोतों की गुणवत्ता बढ़ती है। इनसे भूमि कटाव पर नियंत्रण होता है।

जंगलों की उपयोगिता को देखते हुए वनों का पुनः पूरण अति आवश्यक हो जाता है। इन सबके अतिरिक्त पौधे जितने अधिक उगाए जाएंगे हमारा पर्यावरण उतना ही स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक होगा। पौधे ही हमारे प्रदूषित पर्यावरण को स्वच्छ कर सकते हैं। हवा, मृदा और जलीय स्रोत जंगलों से सीधे तौर पर संबंधित है।

Science Guide for Class 9 PSEB प्राकृतिक संपदा InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमंडल से हमारा वायुमंडल कैसे भिन्न है ?
उत्तर-
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगभग 95 से 97% है जबकि पृथ्वी के वायुमंडल में यह 0.04% है। इसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन गैसों की अधिक मात्रा उपस्थित है।

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प्रश्न 2.
वायुमंडल एक कंबल की तरह कैसे कार्य करता है ?
उत्तर-
जिस प्रकार कोई व्यक्ति कंबल को अपने ऊपर पूरी तरह से लपेट कर अंदर और बाहर के दो भिन्न वातावरण बना लेता है उसी प्रकार पृथ्वी के चारों ओर फैला वायुमंडल भी इसे दो स्तरों में बांट देता है। सूर्य की ओर से आने वाले हानिकारक विकिरणों को स्थल पर आने से रोकता है और नीचे की गैसों को ऊपर अंतरिक्ष में जाने से।

प्रश्न 3.
वायु प्रवाह (पवन) के क्या कारण हैं ? उत्तर-सूर्य की किरणें दिन भर स्थल और समुद्र तल को गर्म करती हैं। स्थल जल्दी गर्म होता है और जल
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा 1
से। इसलिए जल की अपेक्षा स्थल के ऊपर की हवा भी तेजी से गर्म होकर ऊपर उठती है जिसकी आपूर्ति के लिए समुद्र की ओर से वायु स्थल की ओर चलने लगती है। रात के समय स्थल और समुद्र दोनों ठंडे होने लगते हैं पर स्थल ठंडा जल्दी हो जाता है और पानी धीरे-धीरे ठंडा होता है इसलिए पानी के ऊपर की वायु स्थल की ऊपर की वायु से गर्म होती है। तब स्थल की ओर से समुद्र की ओर वायु चलने लगती है।

प्रश्न 4.
बादलों का निर्माण कैसे होता है ?
उत्तर-
सूर्य की गर्मी से सभी जलीय भागों से वाष्पन क्रिया होती है और पानी वाष्प बनकर हवा में चला जाता है। जल वाष्प की कुछ मात्रा विभिन्न जैविक क्रियाओं से वायुमंडल में चली जाती है और हवा को गर्म करती है। यह अपने साथ जलवाष्प को लेकर ऊपर की ओर उठ जाती है। जल वाष्प ऊपर जाकर ठंडे हो जाते हैं तथा हवा में उपस्थित जल वाष्प छोटी-छोटी पानी की बूंदों में संघनित हो जाते हैं। यदि कुछ कण नाभिक की तरह कार्य करें तो ये बूंदें उनके चारों ओर जम जाती हैं। प्रायः हवा में उपस्थित धूलकण तथा अन्य निलंबित कण इस क्रिया को पूरा करते हैं। इसी से बादल बनते हैं। उनसे पानी की बूंदें संघनित होने के कारण बड़ी और भारी होकर वर्षा के रूप में नीचे गिर जाती हैं।

प्रश्न 5.
मनुष्य के तीन क्रियाकलापों का उल्लेख करें जो वाय के प्रदूषण में सहायक हैं।
उत्तर-

  1. जीवाश्म ईंधन पदार्थों का ऊर्जा प्राप्ति के लिए हवा में दहन।
  2. वृक्षों की अंधाधुंध कटाई।
  3. उद्योग-धंधों की अधिकता से स्थापना।

प्रश्न 6.
जीवों को जल की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
सभी जीवों में कोशिकाएं होती हैं। कोशिकाएं जीव द्रव्य से बनी होती हैं जिसमें लगभग 90% जल होता है। कोशिकाओं की सारी सक्रियता जल के माध्यम से ही हो पाती है। जल की अनुपस्थिति में वे जीवित नहीं रह सकतीं इसलिए जीवों को जल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 7.
जिस गांव/शहर/नगर में आप रहते हैं वहां पर उपलब्ध शुद्ध जल का मुख्य स्रोत क्या है ?
उत्तर-
हमारे नगर में मीठे पानी का स्रोत भूमिगत जल है जिसे भूमि से निकाल कर टैंकों में स्टोर कर लिया जाता है तथा नगरवासियों को वितरित कर दिया जाता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 8.
क्या आप किसी क्रियाकलाप के बारे में जानते हैं जो इस जल के स्रोत को प्रदूषित कर रहा
उत्तर-
हमारे नगर में अनेक उद्योग-धंधे हैं जिनमें रंगों तथा रासायनिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है। रंग और रासायनिक पदार्थ पानी में घुलते हैं और धीरे-धीरे मिट्टी में अवशोषित होते जाते हैं। अब तक अनेक क्षेत्रों में इनके द्वारा भूमिगत पानी प्रदूषित किया जा चुका है और आने वाले समय में ये उद्योग-धंधे एक बड़ा संकट खड़ा करने ही वाले हैं। पानी में घुले हुए पारा, आर्सेनिक, सीसा जैसे हानिकारक तत्व अनेक भयंकर बीमारियों के कारण बन जाएंगे।

प्रश्न 9.
मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है ?
उत्तर-
मृदा चट्टानों के टूटने-फूटने से बनती है। हज़ारों और लाखों वर्षों के लंबे समयांतराल में पृथ्वी की सतह या उसके समीप पाए जाने वाले पत्थर विभिन्न प्रकार के भौतिक, रासायनिक तथा कुछ जैव प्रक्रमों द्वारा टूट जाते हैं। टूटने के बाद सबसे अंत में बचा महीन कण मृदा है। सूर्य, जल, वायु तथा जीव ऐसे कारक हैं जो मृदा बनाने में सहायक हैं।

प्रश्न 10.
मृदा-अपरदन क्या है ?
उत्तर-
मृदा-अपरदन (Soil Erosion) – जल और वायु के प्रकोप से कई बार भूमि को ऊपरी सतह जल के साथ बह जाती है या वायु द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर चली जाती है। भूमि का इस प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर बह जाना मृदा अपरदन (Soil Erosion) कहलाता है।

प्रश्न 11.
अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं ?
उत्तर-
रोकने तथा कम करने के तरीके – मृदा अपरदन रोकने तथा कम करने के लिए निम्नलिखित ढंग अपनाये जा सकते हैं-

(1) भूमि को समतल करना – ढालू भूमि से वर्षा का पानी ढाल की दिशा में तेजी से बहता है और तेज़ बहाव के कारण मिट्टी कटकर बहते पानी के साथ बह जाती है जिससे मृदा अपरदन हो जाता है। अत: भूमि को समतल रखना चाहिए।

(2) मज़बूत मेड़बंदी – खेत की मेड़बंदी करनी चाहिए ताकि खेत से पानी बाहर न बह सके और मिट्टी का कटाव न हो सके।

(3) रेतीली भूमि में जीवांश खाद का मिलाना – रेतीली भूमि हल्की होती है और हल्की मिट्टी पानी के साथ जल्दी बह जाती है। अत: रेतीली भूमियों में जीवांश पदार्थ मिलाना चाहिए ताकि मिट्टी के कण आपस में बंधे रहें तथा मिट्टी पानी के साथ न बह सके ।

(4) वनस्पति का उगना – वह भूमि जिस पर फसल या पौधे नहीं उगाए जाते, वर्षा के पानी के साथ बह जाते हैं। पौधे उगने से मिट्टी के कण जड़ों द्वारा मज़बूती से बंधे रहते हैं तथा आसानी से बहते पानी के साथ अलग नहीं होते। अत: वनस्पति उगाकर इसे रोका जा सकता है।

(5) भूमि के ढाल के विपरीत फसल उगाना – पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि प्रायः ढालू होती है। ऐसी भूमियों पर खेत की जुताई ढाल के विपरीत दिशा से करनी चाहिए तथा फसल की कतारें भी ढाल के विपरीत ही बीजनी चाहिए। ढालू भूमि पर पट्टियों से इस प्रकार खेती करनी चाहिए कि प्रत्येक पट्टी एक-दूसरे के ऊपर सीढ़ीनुमा हो ताकि पानी तेज़ न बह सके।

(6) वायुरोधक पौधे लगाना – ऐसी जगह जहाँ भूमि रेतीली हो तथा वायु तेज़ चलती हो, वहाँ खेतों के चारों ओर लंबे व घने पौधे उगाने चाहिएं ताकि वायु का तेज़ प्रभाव भूमि पर न पड़े तथा मिट्टी के कण वायु के साथ न उड़ सकें।

प्रश्न 12.
जल चक्र के क्रम में जल की कौन-कौन सी अवस्थाएं पायी जाती हैं ?
उत्तर-
वाष्प अवस्था, द्रव अवस्था और ठोस अवस्था (बर्फ)।

प्रश्न 13.
जैविक रूप से महत्त्वपूर्ण दो यौगिकों के नाम दें जिसमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन दोनों पाए जाते हैं।
उत्तर-

  1. प्रोटीन,
  2. न्यूक्लिक अम्ल।

प्रश्न 14.
मनुष्य की किन्हीं तीन गतिविधियों को पहचानें जिन से वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है।
उत्तर-

  1. उद्योग धंधों में कोयले का ईंधन रूप में प्रयोग।
  2. पेट्रोल और डीज़ल का वाहनों में प्रयोग।
  3. विद्युत् उत्पादन के लिए जीवाश्मी ईंधन का प्रयोग।

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प्रश्न 15.
ग्रीन हाऊस प्रभाव क्या है ?
उत्तर-
ग्रीन हाऊस प्रभाव (Green House Effect) – हमारे वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की प्रतिशत मात्रा 0.04% है जो अति आवश्यक है। कार्बन डाइऑक्साइड की इस मात्रा को विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा बनाए रखा जाता है क्योंकि इसका उपयोग हरे पौधे तथा महासागर करते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड के अणुओं में पृथ्वी की सतह से परावर्तित अवरक्त विकिरणों को अवशोषित करने की क्षमता है जिससे वायुमंडल गर्म हो जाता है। इस प्रकार प्रग्रहित विकिरणों के कारण वायुमंडल के गर्म होने को ग्रीन हाऊस प्रभाव या पौधा घर प्रभाव कहते हैं। अतः वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता वातावरण को प्रभावित करती है। जलवाष्प तथा ओज़ोन में भी अवरक्त विकिरणों को प्रग्रहित करने की क्षमता होती है, इसीलिए उनको भी प्राय: ग्रीन हाऊस गैसों के रूप में माना जाता है। क्योंकि CO2 वायुमंडल में एक समान रूप से वितरित है, अत: यह ग्रीन हाऊस को जल वाष्पों या ओज़ोन से अधिक प्रभावित करती है।

प्रश्न 16.
वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-

  1. ऑक्सीजन (O2)
  2. ओज़ोन (O3)।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

PSEB 9th Class Science Guide हम बीमार क्यों होते हैं Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
पिछले एक वर्ष में आप कितनी बार बीमार हुए ? बीमारी क्या थी ? ।
(a) इन बीमारियों को हटाने के लिए आप अपनी दिनचर्या में क्या परिवर्तन करेंगे ?
(b) इन बीमारियों से बचने के लिए आप अपने आस-पड़ोस में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे ?
उत्तर-
पिछले एक वर्ष में मैं दो बार बीमार हुई। पहली बार मुझे वाइरल बुखार हुआ और दूसरी बार मलेरिया हुआ था।

(क) बीमारी से बचने के लिए प्रतिरक्षा-तंत्र का सबल होना आवश्यक है। इसलिए पौष्टिक और संतुलित भोजन खाना पसंद करूंगी। मलेरिया से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करूंगी। मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें-ऐसा प्रबंध करूंगी।

(ख) मैं अपने आस-पड़ोस में रुके हुए पानी के स्रोतों को दूर करना चाहूंगी। बंद पड़े कूलरों में भरे पानी, जगहजगह पानी से भरे बर्तनों को खाली करवाना चाहूंगी। घर के बाहर रुकी हुई गंदी नालियों को साफ कराना चाहूंगी ताकि उनमें मच्छर न पनप सकें। घर से कुछ दूर जोहड़ पर मिट्टी के तेल का छिड़काव कराना चाहूंगी ताकि मच्छरों के लारवा नष्ट हो जाएं।

प्रश्न 2.
डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा रोगियों के संपर्क में अधिक रहते हैं। पता करो कि वे अपने-आपको बीमार होने से कैसे बचाते हैं ?
उत्तर-
निश्चित रूप से डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी रोगियों के संपर्क में अधिक आने के कारण जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। बीमारी से बचने के लिए रोग प्रतिरक्षी विधियां अपनाते हैं। अच्छा पौष्टिक भोजन खाते हैं। व्यक्तिगत और अपने परिवेश को साफ-सुथरा रखते हैं। रोगी का परीक्षण करने के बाद हाथ धोते हैं। संक्रामक रोगियों के निकट जाने से पहले नाक-मुंह को ढांप लेते हैं।

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प्रश्न 3.
अपने आस-पड़ोस में एक सर्वेक्षण कीजिए तथा पता लगाइए कि सामान्यतः कौन-सी तीन बीमारियां होती हैं ? इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए अपने स्थानीय प्रशासन को तीन सुझाव दीजिए।
उत्तर-
हमारे आस-पड़ोस में लोगों को सामान्यतः दस्त, मलेरिया और वायरल बुखार होता है। इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि-

  1. सड़क के किनारों पर बनी नालियों की नियमित सफाई करायें। उनमें गंदा पानी खड़ा न होने दें।
  2. नागरिकों को दी जाने वाली जल आपूर्ति क्लोरीन युक्त होनी चाहिए।
  3. जगह-जगह खड़े पानी पर मिट्टी के तेल का छिड़काव कराना चाहिए ताकि मच्छरों की वृद्धि रुक सके।

प्रश्न 4.
एक बच्चा अपनी बीमारी के विषय में नहीं बता पा रहा है। हम कैसे पता करेंगे कि
(a) बच्चा बीमार है?
(b) उसे कौन-सी बीमारी है ?
उत्तर-
(a) बच्चे का रंग पीला पड़ जाता है, बच्चे को भूख कम लगती है, बच्चे को आर्थिक थकान होती है तथा उसका वजन भी कम होने लगता है।
(b) बच्चे को पीलिया रोग हो गया है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है ? क्यों ?
(a) जब वह मलेरिया से ठीक हो रहा है ?
(b) वह मलेरिया से ठीक हो चुका है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।
(c) मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है ? क्यों ?
उत्तर-
(c) मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।

कारण – बीमारी के बाद उसके शरीर में स्वाभाविक कमज़ोरी आएगी। उस कमज़ोरी से उसके शरीर की प्रतिरक्षी क्षमता कम हो जाएगी जिसकी पूर्ति पौष्टिक और सुपाच्य भोजन से होनी थी पर चार दिन उपवास करने से प्रतिरक्षी क्षमता और भी कम हो जाएगी। चेचक एक संक्रामक रोग है जिसका संक्रमण शीघ्र हो सकता है। वह उस कमज़ोर व्यक्ति को अपना शिकार बना लेगा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में आप बीमार हो सकते हैं ? क्यों ?
(a) जब आपकी परीक्षा का समय है ?
(b) जब आप बस तथा रेलगाड़ी में दो दिन तक यात्रा कर चुके हैं।
(c) जब आपका मित्र खसरा से पीड़ित है।
उत्तर-
(c) जब आपका मित्र खसरा से पीड़ित है।
खसरा एक संक्रामक रोग है। मित्र के साथ खेलने, बैठने-उठने, बातें करने, एक साथ खाने, उसकी वस्तुओं को छूने आदि से खसरा के वाइरस हमें संक्रमित कर देंगे और हम भी उसी रोग से ग्रसित हो जाएंगे।

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पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
अच्छे स्वास्थ्य की दो आवश्यक स्थितियां बताओ।
उत्तर-
अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्थितियों का अच्छा होना आवश्यक

प्रश्न 2.
रोगमुक्ति की कोई दो आवश्यक परिस्थितियां बताइए।
उत्तर-

  1. सामुदायिक स्वच्छता
  2. अच्छा भोजन।

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प्रश्न 3.
क्या उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर एक जैसे हैं अथवा भिन्न, क्यों ? .
उत्तर-
वास्तव में अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक स्थितियों और परिस्थितियों में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ये दोनों एक-दूसरे से इस प्रकार जुड़ी हुई हैं कि इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यदि सामुदायिक स्वच्छता हो तथा व्यक्ति को खाने के लिए पौष्टिक भोजन प्राप्त हो तो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी बना रहेगा। जब वातावरण दूषित हो; सब तरफ गंदगी फैली हो तो शारीरिक रोग तो परेशान करेंगे ही पर साथ ही मानसिक पीड़ा भी होगी। निर्धनता के कारण यदि भोजन की प्राप्ति न हो; पेट खाली रहे तो मानसिक क्लेश के साथ अल्पपोषण और कुपोषण से संबंधित रोग भी सतायेंगे। उपरोक्त दोनों प्रश्नों के उत्तर एक ही हैं। इनमें कोई मौलिक अंतर नहीं है।

प्रश्न 4.
ऐसे तीन कारण लिखिए जिससे आप सोचते हैं कि आप बीमार हैं और चिकित्सक के पास जाना चाहते हैं। यदि इनमें से एक भी लक्षण हो तो क्या आप फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहोगे ? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
उत्तर-
तीन कारण हैं-

  1. तात्कालिक कारण
  2. एर्याप्त पोषण का न होना
  3. ग़रीबी तथा लोक सेवाओं की अनुप्लब्धता।

यदि इन तीनों में से एक भी कारण हो तो हम फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहेंगे। मान लो एक बच्चा पतले दस्त से ग्रस्त है इसका कारण वायरस है यह तात्कालिक कारण है। इसका कारण यह भी हो सकता है कि बच्चा या उसका परिवार गरीब हो वह पर्याप्त भोजन न ले सका और बीमार पड़ गया। जहाँ बच्चे का परिवार रहता है वहाँ खराब लोक सेवाओं के कारण साफ पानी उपलब्ध हो सका। इसलिए यह सभी कारण किसी न किसी रूप में संबंधित हैं। वायरस कीटाणु जीव समुदाय में फैल सकते हैं तथा इनके कारण होने वाले रोग फैल भी सकते हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से किसके लंबे समय तक रहने के कारण आप समझते हैं कि आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा तथा क्यों ?
• यदि आप पीलिया रोग से ग्रस्त हैं ?
• यदि आपके शरीर पर जूं (luce) है।
• यदि आप मुंहासों से ग्रस्त हैं ?
उत्तर-
यदि आप पीलिया से लंबे समय से ग्रस्त हैं तो यह स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब है क्योंकि इसका संबंध यकृत से है। उसके लिए हीपेटाइटिस की प्रकार की जांच और उपचार होना चाहिए। जूं तथा मुंहासे तीव्र प्रभाव दिखाते हैं। यह चमड़ी के रोग लगाते हैं और सरलता से दूर हो सकते हैं तथा उनका शरीर पर प्रभाव देर तक नहीं रहता।

प्रश्न 6.
जब आप बीमार होते हैं तो आपको सुपाच्य तथा पोषण युक्त भोजन करने का परामर्श क्यों दिया जाता है ?
उत्तर-
पौष्टिक और सुपाच्य भोजन किसी भी बीमार व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक होता है। शरीर में प्रकृति के द्वारा प्रदान किया हुआ प्रतिरक्षा तंत्र होता है जो रोगाणुओं से लड़ता है और उन्हें मार देता है। यदि शरीर में बीमारी या भोजन की कमी से प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर पड़ जाता है तो वह शरीर की सुरक्षा के अपने कार्य में सफल नहीं हो पाएगा। कोशिकाएं प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा आदि से बनती हैं जो उन्हें संतुलित भोजन से ही प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 7.
संक्रामक रोग फैलने की विभिन्न विधियां कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
संक्रामक रोग मुख्य रूप से वायु, जल और लैंगिक संपर्क के माध्यम से फैलते हैं। सूक्ष्मजीवीय कारक अनेक तरीकों से किसी रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक फैलते हैं जिन्हें निम्नलिखित आधारों पर स्पष्ट कर सकते हैं-
(i) हवा से – जब कोई रोगी व्यक्ति खांसता है या छींकता है तो उसके मुंह और नाक से छोटे-छोटे बूंदक बहुत वेग से बाहर निकलते हैं। जो व्यक्ति उसके निकट होता है उसके सांस के रास्ते वे उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और उसे भी संक्रमित कर देते हैं। खांसी, जुकाम, निमोनिया, क्षय रोग आदि रोग इसी प्रकार फैलते हैं। जहां अधिक भीड़ होती है वहां हवा से फैलने वाले रोगों के संक्रमण की संभावना उतनी अधिक हो जाती अधिक भीड़-भाड़ वाले एवं कम रोशनदान वाले घरों में वायु वाहित रोग होने की संभावना अधिक होती है।
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(ii) पानी से – अनेक संक्रामक रोग पानी से फैलते हैं। जब बीमार व्यक्ति के अपशिष्ट पेयजल में मिल जाते हैं और कोई स्वस्थ व्यक्ति जाने-अनजाने उसे पी लेता है तो सूक्ष्मजीव उसके शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं और वह भी रोगग्रस्त हो जाता है। हैजा, पेचिश आदि रोग ऐसे ही फैलते हैं।

(iii) लैंगिक संपर्क से – जब दो व्यक्ति शारीरिक रूप से लैंगिक क्रियाओं में एकदूसरे के संपर्क में आते हैं तो सूक्ष्म जीवीय रोग संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच जाते हैं। सिफलिस, गनोरिया, AIDS आदि रोग इस प्रकार एक से दूसरे तक स्थानांतरित हो संक्रमित जाते हैं।
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(iv) जंतुओं द्वारा – मच्छर, मक्खी, पिस्सू आदि संक्रमण करने वाले कारक हैं जो रोगाणुओं को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा देते हैं। संक्रमित कुत्ता, बंदर, नेवला आदि जंतु भी रेबीज़ फैलाते हैं। उनकी लार से ये रोग फैलता है।

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प्रश्न 8.
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए आपके अपने विद्यालय में कौन-कौन सी सावधानियां आवश्यक हैं ?
उत्तर-
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने की सावधानियाँ-

  1. विद्यार्थियों को साफ-स्वच्छ रहने, प्रतिदिन नहाने, शारीरिक स्वच्छता और व्यक्तिगत सफाई के लिए प्रेरित करना चाहिए।
  2. संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की शिक्षा देनी चाहिए ताकि उनके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा ठीक बनी रह सके।
  3. मल-मूत्र तथा अपशिष्ट का निपटान ठीक प्रकार से होना चाहिए।
  4. खुले स्थानों पर मल त्याग पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए।
  5. सीवर व्यवस्था बहुत अच्छी होनी चाहिए।
  6. विद्यालय में कैंटीन में कटे हुए फल, बिना ढकी खाद्य सामग्री आदि प्रतिबंधित होनी चाहिए।
  7. संक्रामक रोगों से ग्रसित विद्यार्थियों को तब तक विद्यालय में आने से रोक दिया जाना चाहिए जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं।
  8. मच्छर, मक्खी आदि को नष्ट कर देना चाहिए।
  9. समय-समय पर विद्यार्थियों को संक्रमण पर रोक पाने के लिए टीकों का प्रबंध करना चाहिए।

प्रश्न 9.
प्रतिरक्षीकरण क्या है ?
उत्तर-
प्रतिरक्षीकरण – विभिन्न प्रकार के संक्रमणकारी रोगों से बचने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न सदा से किए जाते रहे हैं। शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र प्रकृति के द्वारा प्रदान किया गया है जो बाहर से शरीर में प्रविष्ट होने वाले रोगाणुओं को मार देता है। प्रतिरक्षा कोशिकाएं संक्रमण से पहले उन्हें नष्ट कर देती हैं। टीके के दवारा शरीर में विशिष्ट संक्रमण प्रविष्ट कराए जाते हैं जो वास्तव में रोग नहीं करते बल्कि रोग करने वाले रोगाणुओं को रोग करने से रोकते हैं। जब रोगाणु प्रतिरक्षा तंत्र पर पहली बार आक्रमण करते हैं तो प्रतिरक्षा तंत्र उनके प्रति विरोध कर उनके विशिष्ट रूप का स्मरण कर लेता है। जब दुबारा वही रोगाणु या उसमें मिलता-जुलता रोगाणु संपर्क में आता है तो पूरी शक्ति से उस पर हमला कर उसे नष्ट कर देता है। इससे पहले संक्रमण की अपेक्षा दूसरा संक्रमण शीघ्र समाप्त हो जाता है। यही प्रतिरक्षीकरण है।

प्रश्न 10.
आपके पास में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण के कौन-से कार्यक्रम उपलब्ध हैं ? आपके क्षेत्र में कौन-कौन सी स्वास्थ्य संबंधी मुख्य समस्या है ?
उत्तर-
हमारे पास में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में अनेक ऐसे कार्यक्रम उपलब्ध हैं जहां टीकाकरण किया जाता है। छोटे बच्चों के लिए ट्रिपिल वैक्सीन (DPT) – काली खांसी, डिप्थीरिया, टैटनस, चिकन पॉक्स, तपेदिक के टीकों का प्रबंध है। प्रतिरेबीज़, हिपेटाइटिस, टायफाइड आदि का टीकाकरण किया जाता है।

हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी मुख्य समस्या मलेरिया, खसरा और रेबीज़ की है। जगह-जगह रुका हुआ पानी मच्छरों को बढ़ाने के कारण हैं तो सड़कों-गलियों में आवारा कुत्तों की भीड़ रेबीज़ का कारण बनती है। स्थानीय प्रशासन इस विषय में कुछ नहीं कर रहा।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 12 ध्वनि Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 12 ध्वनि

PSEB 9th Class Science Guide ध्वनि Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
ध्वनि क्या है और कैसे उत्पन्न होती है ?
उत्तर-
ध्वनि- ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों में सुनने का अनुभव पैदा करती है।
ध्वनि उत्पन्न करना-हम भिन्न-भिन्न वस्तुओं में तुनका लगाकर, रगड़ कर, फूंक मार कर अथवा उनको हिलाकर ध्वनि उत्पन्न कर सकते हैं। अर्थात् वस्तुओं में कंपन पैदा करके ध्वनि उत्पन्न की जा सकती है। कंपन का अर्थ है किसी वस्तु को तीव्रता से बार-बार इधर-ऊधर गति कराना।

प्रश्न 2.
एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में संपीडन तथा विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि के संचरण के लिए वायु सबसे अच्छा और सामान्य माध्यम है। वायु में उत्पन्न कोई ध्वनि जब कोई कंपमान वस्तु आगे की ओर करती है तो अपने सामने की वायु को पीछे धक्का देकर संपीडित करती है। इससे एक उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इसे संपीडन (C) कहते हैं। यह संपीडन कंपमान वस्तु से दूर आगे की ओर गति करता है। जब कंपमान वस्तु पीछे की ओर कंपन करती है तो एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसे विरलन (R) कहते हैं जब वस्तु आगे और पीछे तेज़ी से गति करती है तो वायु में संपीडन और विरलन की एक श्रेणी बन जाती है। यही संपीडन और विरलन ध्वनि तरंग उत्पन्न करते हैं जो माध्यम से होकर संचरित होती है। संपीडन उच्च दाब का और विरलन निम्न दाब का क्षेत्र है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 1

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 3.
किस प्रयोग से यह दर्शाया जा सकता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
ध्वनि संचरण के लिए द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता – ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है तथा इसके संचरण के लिए किसी पदार्थ जैसे वायु, जल, स्टील आदि का होना आवश्यक है। ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती है। इसे निम्नलिखित प्रयोग द्वारा दर्शाया जा सकता है :

प्रयोग – एक विदयुत् घंटी और एक काँच का वायुरुद्ध बेलजार लो। विद्युत् घंटी को बेलजार में कार्क की सहायता से लटकाइए। एजार को एक निर्वात पंप से जोडिए। घंटी के स्विच को दबाने पर आपको उसकी ध्वनि सुनाई देती है। अब निर्वात पंप को चलाइए। जैसे-जैसे बेलजार की वायु धीरे-धीरे बाहर निकलती है, घंटी की ध्वनि धीमी होती जाती है यद्यपि उसमें पहले जैसे ही विद्युत् धारा प्रवाहित हो रही है। कुछ समय बाद जब बेलजार में बहुत कम वायु रह जाएगी तब आपको बहुत धीमी ध्वनि सुनाई देगी। यदि बेलजार की समस्त वायु निकाल दी जाए तो घंटी की ध्वनि नहीं सुनाई देगी। इससे सिद्ध होता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 2

प्रश्न 4.
ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है ?
उत्तर-
ध्वनि तरंगों अनुदैर्ध्य तरंगें कहलाती हैं। इन तरंगों में माध्यम के कणों का विस्थापन विक्षोभ के संचरण की दिशा के समांतर होता है। कण एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति नहीं करते बल्कि अपनी विराम अवस्था से आगे-पीछे दोलन करते हैं। क्योंकि ध्वनि तरंगें इसी प्रकार संचरित होती हैं, इसलिए ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं।

प्रश्न 5.
ध्वनि का कौन-सा अभिलक्षण किसी अन्य अंधेरे कमरे में बैठे आपके मित्र की आवाज़ पहचानने में आप की सहायता करता है ?
उत्तर-
ध्वनि की गुणवत्ता लक्षण के आधार पर हम अंधेरे कमरे में बैठे मित्र की आवाज़ को पहचान सकते हैं।

प्रश्न 6.
तड़ित की चमक तथा गर्जन साथ-साथ उत्पन्न होते हैं। लेकिन चमक दिखाई देने के कुछ सेकंड पश्चात् गर्जन सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है ?
उत्तर-
आकाशीय तड़ित की चमक तथा बादल की गर्जन एक साथ उत्पन्न होते हैं परंतु प्रकाश की चाल (3 × 108 m/s) ध्वनि की चाल (340m/s) से बहुत अधिक है। इसलिए ध्वनि गर्जन की तुलना में प्रकाश की चमक पहले पहुँच जाती है।

प्रश्न 7.
किसी व्यक्ति का औसत श्रव्य परास 20Hz से 20KHz है। इन दो आवृत्तियों के लिए ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए। वायु में ध्वनि का वेग 344 ms-1 लीजिए।
उत्तर
(i) पहली स्थिति जब श्रव्य परास की निम्नतम सीमा है-
ध्वनि की आवृत्ति (v1) = 20 Hz
वायु में ध्वनि का वेग (V1 ) = 344 ms-1
तरंग दैर्ध्य (λ1) = ?
हम जानते हैं, V1 = v1 × λ1
या λ1 = \(\frac{v_{1}}{v_{1}}\)
= \(\frac{344}{20}\)
∴ तरंग दैर्ध्य (λ1) = 17.2m ……………… (1)

(ii) दूसरी स्थिति जब श्रव्य परास की उच्चतम सीमा है।
अब, ध्वनि की आवृत्ति (v2) = 20KHz
= 20 × 1000Hz
= 2 × 104 Hz
वायु में ध्वनि का वेग (V2 = V1) = 344 ms-1
तरंग दैर्ध्य (λ2) = ?
∴ λ2 = \(\frac{344}{2 \times 10^{4}}\)
= \(\frac{172}{10000}\)
= 0.0172 m

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प्रश्न 8.
दो बालक किसी ऐलुमिनियम पाइप के दो सिरों पर हैं। एक बालक पाइप के एक सिरे पर पत्थर से आघात करता है। दूसरे सिरे पर स्थित बालक तक वायु तथा ऐलुमिनियम से होकर जाने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा लिए गए समय का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लो पाइप की लंबाई = l
वायु में ध्वनि का वेग = 346 ms-1
ऐलुमिनियम में ध्वनि का वेग = 6420 ms-1
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प्रश्न 9.
किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति 100 Hz है। एक मिनट में वह कितनी बार कंपन करेगा ?
हल :
ध्वनि स्रोत की आवृति = 100Hz
अर्थात् स्रोत द्वारा 1 सेकंड में किए गए कंपनों की संख्या = 100
∴ 1 मिनट = 60 सेकंड में किए गए कंपनों की संख्या = 100 × 60
= 6000

प्रश्न 10.
क्या ध्वनि परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती है जिनका कि प्रकाश तरंगें करती हैं ? इन नियमों को बताइए।
उत्तर-
ध्वनि परावर्तन के नियम पूर्ण रूप से वही हैं जो प्रकाश तरंगें प्रदर्शित करती हैं। प्रकाश की भांति ध्वनि भी ठोस या द्रव की सतह से परावर्तित होती है। ये नियम हैं-

नियम 1. परावर्तक सतह के किसी बिंदु पर आपतित ध्वनि तरंग तथा अभिलंब के बीच का कोण तथा परावर्तित ध्वनि तरंग तथा अभिलंब के बीच का कोण सदैव बराबर होते हैं।

नियम 2. आपतित ध्वनि तरंग, अभिलंब तथा परावर्तित ध्वनि तरंग तीनों एक ही धरातल में होते हैं।
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प्रश्न 11.
ध्वनि का एक स्रोत किसी परावर्तक सतह के सामने रखने पर उसके द्वारा प्रदत्त ध्वनि तरंग की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। यदि स्रोत तथा परावर्तक सतह की दूरी स्थिर रहे तो किस दिन प्रतिध्वनि अधिक शीघ्र सुनाई देगी-
(i) जिस दिन तापमान अधिक हो ?
(ii) जिस दिन तापमान कम हो ?
उत्तर-
(i) जिस दिन तापमान अधिक है उस दिन ध्वनि की चाल अधिक होगी। इसलिए उस दिन प्रति ध्वनि शीघ्र सुनाई देगी।

प्रश्न 12.
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लिखिए।
उत्तर-
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के व्यावहारिक उपयोग-

1. स्टेथोस्कोप एक डॉक्टरी उपकरण है जो शरीर के भीतर मुख्य रूप से हृदय तथा फेफड़ों में उत्पन्न होने वाली ध्वनि को सुनने के काम आता है। स्टेथोस्कोप में रोगी के हृदय की धड़कन की ध्वनि बार-बार परावर्तन के कारण डॉक्टर के कान तक पहुँचती है।
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2. मैगाफोन अथवा लाउडस्पीकर, हॉर्न, तूती, शहनाई जैसे संगीतक यंत्र का अग्रिम खुला भाग शंक्वाकार बनाया जाता है ताकि जो स्रोत से उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगों को बार-बार परावर्तित करके श्रोताओं की ओर आगे की दिशा में भेजा जा सके।
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प्रश्न 13.
500 मीटर ऊँची किसी मीनार की चोटी से एक पत्थर मीनार के आधार पर स्थित एक पानी के तालाब में गिराया जाता है। पानी में इसके गिरने की ध्वनि चोटी पर कब सुनाई देगी ?
(g = 10 ms-2 तथा ध्वनि की चाल = 340 ms-1)
हल :
यहां आरंभिक वेग (u) = 0
मीनार की ऊँचाई (अर्थात् तय की गई दूरी) (S) = 500 मीटर
गुरुत्वीय त्वरण (g) =10 ms-2
समीकरण S = ut + \(\frac {1}{2}\) gt2 से
500 = 0 × t +\(\frac {1}{2}\) × 10 × t2
500 = 0 + 5 × t2
t2 = \(\frac{500}{5}\)
= 100
∴ t = \(\sqrt{100}\) = 10 सेकंड
अब ध्वनि ने ऊपर की दिशा में चोटी की ओर जाना है तथा ध्वनि का वेग ‘g’ से मुक्त है
∴ t’ = PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 7
= \(\frac{500}{340}\)
= 1.47 सेकंड
ध्वनि को ऊपर आने में लगा कुल समय = t + t’
= (10 + 1.47) सेकंड
= 11.47 सेकंड उत्तर

प्रश्न 14.
एक ध्वनि तरंग 339 ms-1 की चाल से चलती है। यदि इसकी तरंगदैर्ध्य 1.5cm हो तो तरंग की आवृति कितनी होगी ? क्या ये श्रव्य होगी ?
हल :
ध्वनि की तरंग चाल (v) = 339ms-1
तरंगदैर्ध्य (λ) = 1.5 cm
= \(\frac{1.5}{100}[latex] m = 0.015m
तरंग आवृति (v) = ?
हम जानते हैं, आवृत्ति (v) = [latex]\frac{v}{\lambda}\)
= \(\frac{339}{0.015}\)
= 22600 Hz
हाँ, यह ध्वनि तंरगें परा श्रव्य हैं क्योंकि इनकी आवृत्ति श्रव्य परास (20 Hz से 20000 Hz) के अंदर नहीं है।

प्रश्न 15.
अनुरणन क्या है ? इसे कैसे कम किया जा सकता है ?
उत्तर-
अनुरणन (Reverberation) – ध्वनि का परावर्तन अनुरणन कहलाता है। यदि किसी बड़े हाल या भवन में ध्वनि के उत्पन्न होने के पश्चात् ध्वनि का दीवारों तथा छत से बार-बार परावर्तन हो। जिस कारण ध्वनि लगातार बनी रहे, को अनुरणन (गूंज) कहते हैं। अनुरणन अनावश्यक ध्वनि होती है क्योंकि इस कारण स्पष्ट सुनाई नहीं देता है। इसे कम करने के लिए हाल या भवन की दीवारों तथा छत के ऊपर ध्वनि शोषक पदार्थ जैसे संपीडित फाइबर बोर्ड खुरदरा पलस्तर अथवा भारी पर्दे लगा कर ढक दिया जाता है।

प्रश्न 16.
ध्वनि की प्रबलता से क्या अभिप्राय है ? यह किन कारकों पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
ध्वनि की ‘प्रबलता’ कानों की संवेदनशीलता का माप है। यह ‘तीव्रता’ के समान किसी एकांक क्षेत्रफल

से एक सेकंड में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा नहीं है। दो ध्वनियां समान तीव्रता की हो सकती हैं पर फिर भी इनमें से एक को दूसरे की अपेक्षा अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुन सकते हैं क्योंकि हमारे कान इसके लिए अधिक संवेदनशील हैं।

प्रश्न 17.
चमगादड़ अपना शिकार पकड़ने के लिए पराध्वनि का उपयोग किस प्रकार करता है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर-
चमगादड़ गहरे अंधेरे में अपने भोजन को खोजने के लिए उड़ते समय पराध्वनि तंरगें उत्पन्न करता है तथा परावर्तन के पश्चात् इनका संसूचन करता है। चमगादड़ द्वारा उत्पन्न उच्च तारत्व के पराध्वनि स्पंद अवरोधों या कीटों से परावर्तित होकर चमगादड़ के कानों तक पहुँचते हैं। इन परावर्तित स्पंदों की प्रकृति से चमगादड़ को ज्ञात हो जाता है कि अवरोध या कीट कहाँ पर है तथा वह किस प्रकार का है। वह सरलता से उनका शिकार कर लेता है?
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प्रश्न 18.
वस्तुओं को साफ़ करने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे करते हैं ?
उत्तर-
पराध्वनि प्रायः वस्तुओं के उन भागों को साफ़ करने में उपयोग की जाती है जहाँ तक पहुँचना कठिन होता है। सर्पिलाकार नली, विषम आकार के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक अवयव आदि को साफ़ करना कठिन होता है। जिन वस्तुओं को साफ़ करना होता है उन्हें साफ़ करने वाले मार्जन विलयन में रखते हैं और इस विलयन में पराध्वनि तंरगें भेजी जाती है। उच्च आवृत्ति के कारण धूल, चिकनाई तथा गंदगी के कण अलग होकर नीचे गिर जाते हैं। इससे वस्तु पूर्णतया साफ़ हो जाती है।

प्रश्न 19.
सोनार की कार्यविधि तथा उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
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सोनार एक ऐसी युक्ति है जिसमें जल में स्थित पिंडों की दूरी, दिशा तथा चाल मापने के लिए पराध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।
कार्यविधि – सोनार में एक प्रेषित तथा एक संसूचक होता है। इसे किसी नाव या जहाज़ में लगाया जाता है।

प्रेषित पराध्वनि तंरगें उत्पन्न तथा प्रेषित करता है। ये तंरगें समुद्र तल में पिंड से टकराने के पश्चात् परावर्तित होकर संसूचक द्वारा ग्रहण कर ली जाती हैं। संसूचक पराध्वनि तरंगों को विद्युत् संकेतों में बदल देता है जिनकी उचित रूप से व्याख्या कर ली जाती है। जल में ध्वनि की चाल तथा पराध्वनि के प्रेषण तथा अभिग्रहण के समय अंतराल को ज्ञात करके उस पिंड की दूरी की गणना की जा सकती है।

पिंड की दूरी का परिकलन – मान लीजिए पराध्वनि संकेत के प्रेषण तथा अभिग्रहण का समय अंतराल ‘t’ है। जल में ध्वनि की चाल ‘v’ तब सतह से पिंड की दूरी 2d होगी।
2d = v × t

इस विधि को प्रतिध्वनिक-परास कहते हैं। सोनार की तकनीक का उपयोग समुद्र की गहराई ज्ञात करने तथा जल के अंदर स्थित चट्टानों, पनडुब्बियों तथा डूबे हुए जहाज़ आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 20.
एक पनडुब्बी पर लगी एक सोनार युक्ति संकेत भेजती है और उनकी प्रतिध्वनि 5s पश्चात् ग्रहण करती है। यदि पनडुब्बी से वस्तु की दूरी 3625m हो तो ध्वनि की चाल की गणना कीजिए।
हल :
ध्वनि तरंग के प्रेषण तथा सुंसाचन के बीच में लगा समय (t) = 5 s
समुद्र की गहराई (d) = 3625 m
प्रतिध्वनि द्वारा तय की गईं दूरी (2d) = 2 × 3625 m
= 7250 m
हम जानते हैं, 2d = ध्वनि की चाल × समय
7250 = ध्वनि की चाल × 5
∴ ध्वनि की चाल (υ) = \(\frac{7250}{5}\)
= 1450 m/s

प्रश्न 21.
किसी धातु के ब्लॉक में दोषों का पता लगाने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे किया जाता है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर-
उद्योगों में पराध्वनि का उपयोग धातु के ब्लॉकों में दरारों तथा अन्य प्रकार के दोषों का पता लगाने के लिए किया जाता है। धात्विक घटकों को प्रायः बड़े-बड़े भवनों, पुलों, मशीनों, उद्योग-धंधों तथा वैज्ञानिक उपकरणों को बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। धातु के ब्लॉकों में विद्यमान दरार या छिद्र जो बाहर से दिखाई नहीं देते, मशीनों, उपकरणों, भवनों, पुलों आदि की संरचनी की मजबूती को कम कर देते हैं। पराध्वनि तंरगे धातु के ब्लॉक से गुजारी जाती हैं और प्रेषित तरंगों का पता लगाने के लिए संसूचकों का उपयोग किया जाता है। यदि कहीं थोड़ा-सा भी दोष होता है, तो पराध्वनि तरंगों में परावर्तन हो जाता है जो दोष की उपस्थिति को दर्शाती है।
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प्रश्न 22.
मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है ? विवेचना कीजिए।
उत्तर-
मानव कान की कार्य विधि – मनुष्य के कान के बाहरी भाग को “पिन्ना” या “कर्ण पल्लव” कहलाता
है जो आस-पास के वातावरण से ध्वनि को एकत्रित करता है। यह एकत्रित की गई ध्वनि कर्ण नाली में से गुजरती हुई कर्ण नाली के ऊपरी सिरे पर लगी पतली झिल्ली (membrane) पर गिरती है। यहाँ माध्यम के संपीड़न के कारण झिल्ली के बाहरी ओर दबाव बढ़ जाता है जो कान को भीतर की ओर धकेलता है। विरलनों के पहुंचने पर कान का पर्दा बाहर की ओर गति करता है। इस प्रकार पर्दा कंपन करना आरंभ कर देता है। कान के मध्य भाग में लगी तीन हड्डियां (हथौड़ा, एनविल तथा स्टिरिप) इन कंपनों को कई गुना बढ़ा देती है तथा इन दबाव परिवर्तनों को कान के भीतरी भाग तक पहुँचा देती हैं। यहाँ पर इस दबाव परिवर्तनों को विद्युत् संकेतों में बदल दिया जाता है तथा श्रवण तंतुओं द्वारा दिमाग तक भेज दिया जाता है। दिमाग ( मस्तिष्क) इन्हें ध्वनि के रूप में वर्णित करता है।
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Science Guide for Class 9 PSEB ध्वनि InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
किसी माध्यम में ध्वनि दद्वारा उत्पन्न विक्षोभ आपके कानों तक कैसे पहँचता है ?
उत्तर-
माध्यम में ध्वनि का कानों तक संचार – जब वस्तु कंपन करते हुए आगे की ओर बढ़ती है तो यह अपने सामने पड़े वायु के कणों को संपीडित करती है जिससे उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन हो जाता है। इस क्षेत्र को संपीडन कहते हैं। यह दाब कंपन कर रही वस्तु से आगे की दिशा में गति करता है। जब ये कंपन कर रही वस्तु पीछे की दिशा की ओर कंपन करती है तो एक कम दाब वाला क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है जिसे विरलन कहते हैं।
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जब कंपन कर रही वस्तु आगे-पीछे की दिशा में तीव्रता पति कनी में लाद में पोडन तथा विरलन की एक श्रृंखला बन जाती है अर्थात् ध्वनि तरंग बन जाती है ! इस प्रकार एक माध्यम में ध्वनि संचार घनत्व के परिवर्तन के संचरण के रूप में होता है जो हमारे कानों तक पहँचकर ₹पनेक झिल्ली को दबाती है तथा उसमें कंपन उत्पन्न करती है जिससे हमें ध्वनि का अनुभव (‘संवेदना) होती है।

प्रश्न 2.
आपके विद्यालय की घंटी ध्वनि कैसे उत्पन्न करती है ?
उत्तर-
जब विद्यालय की घंटी को हथौड़े से चोट लगाई जाती है तो यह कंपन करना आरंभ कर देती है जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। यदि घंटी को तनिक छू दिया जाए तो हमें इन कंपनों का अनुभव होगा। तरंग एक विक्षोभ है जो माध्यम के निकटवर्ती कणों में गति उत्पन्न कर देते हैं ! ये कण इसी प्रकार की गति अन्य सटे हुए कणों में उत्पन्न करते हैं। माध्यम के कण स्वयं एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति नहीं करते परंतु विक्षोभ (हलचल) आगे बढ़ता है। अंत में ध्वनि तरंगें हम तक पहुंच जाती हैं।

प्रश्न 3.
ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है जो स्वयं उत्पन्न नहीं हो सकती है। इसे उत्पन्न करने के लिए यांत्रिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। चाहे वह ताली बजा कर है या फिर हथौड़े से घंटी को चोट लगाकर है। यह ध्वनि ऊर्जा तरंगों के रूप में माध्यम के कणों में हल-चल (विक्षोभ) उत्पन्न करके संचरित होती हैं। इसलिए ध्वनि तरंगों को यांत्रिक ऊर्जा का नाम दिया गया है।

प्रश्न 4.
मान लीजिए आप अपने मित्र के साथ चंद्रमा पर गए हुए हैं। क्या आप अपने मित्र द्वारा उत्पन्न ध्वनि को सुन पाएंगे ?
उत्तर-
ध्वनि संचरण के लिए वायु या किसी अन्य पदार्थक माध्यम की आवश्यकता होती है। चंद्रमा पर ऐसा कोई माध्यम नहीं है जिस कारण ध्वनि निर्वात में एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जा सकती है। इसलिए आप अपने मित्र से बातचीत नहीं कर सकते और अपने मित्र द्वारा उत्पन्न की गई ध्वनि को नहीं सुन सकते हैं।

प्रश्न 5.
तरंग का कौन-सा गुण निम्नलिखित को निर्धारित करता है ?
(a) प्रबलता
(b) तारत्व।
उत्तर-
(a) प्रबलता (Loudness) – किसी ध्वनि तरंग की प्रबलता का अनुमान उसके आयाम से लगाया जाता है। ध्वनि तरंगों का आयाम वस्तु को कंपन कराने के लिए बल के परिणाम पर निर्भर करता है। अधिक बल की मात्रा लगाने से प्रबल ध्वनि उत्पन्न होती है। प्रबल ध्वनि अधिक दूरी तक पहुँचती है क्योंकि इसमें अधिक ऊर्जा होती है। जैसे-जैसे ध्वनि स्रोत से दूर पहुँचती है, इसकी प्रबलता कम हो जाती है।

(b) तारत्व (Pitch)- किसी उत्सर्जित ध्वनि की आवृति को तारत्व कहते हैं। ध्वनि का तारत्व उसकी आवृति निर्धारित करती है। किसी स्रोत की कंपन जितनी अधिक होगी उतना ही तारत्व उसका अधिक होगा। इसी प्रकार ध्वनि का तारत्व कम होगा यदि उसकी आवृति कम है।
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अधिक तारत्व वाली ध्वनि में किसी निश्चित बिंदु से एकाँक समय में गुज़रने वाले संपीड़नों की सख्या अधिक होगी।

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प्रश्न 6.
अनुमान लगाइए कि निम्न में से किस ध्वनि का तारत्व अधिक है ?
(a) गिटार
(b) कार का हार्न।
उत्तर-
(a) गिटार।

प्रश्न 7.
किसी ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य, आवृति, आवर्तकाल तथा आयाम का क्या अभिप्राय है ? ।
उत्तर-
(i) ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य – माध्यम के किसी कण को एक कंपन करने में लगे समय के दौरान तरंग द्वारा तय की गई दूरी को तरंग-दैर्ध्य कहते हैं।

अथवा

यह लांगीच्यूडीनल अथवा (अनुदैर्ध्य) तरंग के दो निकटतम संपीडन या निरलन के बीच की दूरी होती है। तरंगदैर्ध्य को λ (ग्रीक अक्षर लैम्डा) से प्रदर्शित किया जाता है। इस का S.I. मात्रक मीयू (m) है।
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(ii) आवृत्ति – किसी माध्यम में तरंग संचरण के दौरान माध्यम के किसी कण द्वारा एक सेकंड में पूरी की गई कंपनों की संख्या होती है। इसे से प्रदर्शित किया जाता है। आवृति का S.I. मात्रक हर्टज़ (Hz) है। आवृत्ति को किसी बिंदु से गुजरने वाली संपीडनों या विरलनों की संख्या द्वारा मापा जाता है।

(iii) आवर्तकाल – तरंग संचरण के दौरान माध्यम के किसी कण द्वारा एक कंपन को पूरा करने में लगा समय अंतराल होता है। इसे ‘T’ से प्रदर्शित किया जाता है। इसका S.I. मात्रक सेकंड है।

अथवा

ध्वनि तरंग की दो निकटतम संपीडनों या विरलनों को एक बिंदु से गुज़रने में लगा समय होता है।

(iv) आयाम – माध्यम के किसी कण का माध्य स्थिति के दोनों ओर अधिकतम विस्थापन को आयाम कहते हैं। इसे प्रायः ‘A’ अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। ध्वनि तरंग के लिए इसका मात्रक दाब या घनत्व का मात्रक होता है। ध्वनि की प्रबलता इसके आयाम पर निर्भर करता है।

प्रश्न 8.
किसी ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य तथा आकृति उसके वेग से किस प्रकार संबंधित है ?
उत्तर-
ध्वनि तरंग को वेग (v) = तरंग-दैy (λ) × आवृत्ति (v).

प्रश्न 9.
किसी दिए हुए माध्यम में एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 220 Hz तथा वेग 440 m/s है। इस तरंग की तरंग-दैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल :
ध्वनि तरंग का वेग (v) = 440ms-1
ध्वनि की आवृत्ति (v) = 220Hz
ध्वनि तरंग का तरंग-दैर्ध्य (λ) = ?
हम जानते हैं, v = v × λ
440 = 220 × λ
∴ λ = \(\frac{440}{220}\)
अर्थात् तरंग-दैर्ध्य (λ) = 2m

प्रश्न 10.
किसी ध्वनि स्त्रोत से 450m दूरी पर बैठा हुआ कोई मनुष्य 500Hz की ध्वनि सुनता है। स्रोत से मनुष्य के पास तक पहुँचने वाले दो क्रमागत संपीडनों में कितना समय अंतराल होगा ?
हल :
दिया है, ध्वनि की आवृत्ति (v) = 500 हर्टज़ (Hz)
क्रमागत दो संपीडनों के मध्य की दूरी में लगा समय अंतराल = आवर्त काल (T) = ?
हम जानते हैं, आवर्तकाल (T) = PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 15
= \(\frac{1}{\text { आवृति }(y)}\)
= 0.002 सेकंड उत्तर

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प्रश्न 11.
ध्वनि की प्रबलता और तीव्रता में अंतर बताइए।
उत्तर-
ध्वनि की प्रबलता तथा तीव्रता में अंतर-

प्रबलता तीव्रता
1. ध्वनि के लिए प्रबलता कानों की संवेदनशीलता का माप है। 1. यह किसी एकाँक क्षेत्रफल से एक सेकंड में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा है।
2. ध्वनि की प्रबलता को नापा नहीं जा सकता। 2. ध्वनि की तीव्रता को नापा जा सकता है।
3. भिन्न-भिन्न प्रेक्षकों के लिए ध्वनि की प्रबलता अलग-अलग हो सकती है। 3. सभी के लिए ध्वनि की तीव्रता एक समान है।
4. पराश्रव्य तथा अवश्रव्य ध्वनि तरंगों की प्रबलता सुनाई न देने के कारण शून्य होती है। 4. पराश्रव्य तथा अवश्रव्य ध्वनि तरंगों में तीव्रता का होना संभव है।

प्रश्न 12.
वायु, जल या लोहे में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज़ चलती है ?
उत्तर-
लोहे में ध्वनि वायु और जल की अपेक्षा तेज़ चलती है। लोहे में ध्वनि का वेग 5950 ms-1 होता है।

प्रश्न 13.
कोई प्रतिध्वनि 3s पश्चात् सुनाई देती है। यदि ध्वनि की चाल 342 ms-1 हो तो स्रोत तथा परावर्तक सतह के बीच कितनी दूरी होगी ?
हल :
ध्वनि की चाल (υ) = 342ms-1
प्रति ध्वनि सुनने में लिया गया समय (t) = 3s
∴ ध्वनि द्वारा तय की गई दूरी (S) = υ × t
= 342 × 3
= 1026 m
अर्थात 35 में ध्वनि को स्रोत से परावर्तक सतह और फिर परावर्तक सतह से स्रोत तक वापिस आना है।
∴ स्रोत तथा परावर्तक सतह के बीच की दूरी = \(\frac{S}{2}\)
= \(\frac{1026}{2}\)
= 513 m

प्रश्न 14.
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार क्यों होती हैं ?
उत्तर-
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार बनाई जाती हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। ताकि ध्वनि परावर्तन के बाद परावर्तित ध्वनि हॉल के सभी भागों में एक समान पहुँचकर स्पष्ट सुनाई दे।
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प्रश्न 15.
सामान्य मनुष्य के कानों के लिए श्रव्यता परास क्या है ?
उत्तर-
सामान्य मनुष्य के लिए ध्वनि की श्रव्यता परास लगभग 20Hz से 20,000 Hz तक होती है।

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प्रश्न 16.
निम्न से संबंधित आवृत्तियों के परास क्या हैं ?
(a) अवश्रव्य ध्वनि
(b) पराध्वनि।
उत्तर-
(a) अवश्रव्य ध्वनि के लिए ध्वनि की आवृत्ति सीमा 20Hz से कम है।
(b) पराध्वनि के लिए आवृत्ति सीमा 20 KHz (अर्थात् 20,000 Hz) से अधिक है।

प्रश्न 17.
एक पनडुब्बी सोनार स्पंद उत्सर्जित करती है, जो पानी के अंदर एक खड़ी-चट्टान से टकराकर 1.025 के पश्चात् वापस लौटता है। यदि खारे पानी में ध्वनि की चाल 1531 m/s हो, तो चट्टान की दूरी ज्ञात करो।
हल :
ध्वनि को पनडुब्बी से चट्टान तक और वापस आने में लगा समय = 1.02s
(अर्थात् प्रेषण तथा संसूचन के बीच लगा समय)
खारे पानी में पराध्वनि की चाल = 1531 m/s
ध्वनि द्वारा तय की गई दूरी 2d = ध्वनि की चाल × लगा समय (∵ पनडुब्बी तथा चट्टान के बीच की दूरी = d)
= 1531 × 1.02
= 1561.62 m
d = \(\frac{1561.62}{2}\) m
= 780.81 m
अर्थात् पनडुब्बी से चट्टान के बीच की दूरी (d) = 780.81 m

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

Computer Guide for Class 10 PSEB वैब डिवैल्पमैंट Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. किसी वैबसाइट की योजना बनाने के चार पड़ाव हैं ?
(a) किसी साइट का उद्देश्य
(b) दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग
(c) काम रणनीति और विषय-वस्तु एवं विकास
(d) ऊपर दिये सभी।
उत्तर-
(d) ऊपर दिये सभी।

2. उद्देश्य प्राप्त करने के लिए काम करने के ढंगों को क्या बुलाया जाता है ?
(a) काम-रणनीति
(b) योजना की रणनीति
(c) डिज़ाइन-रणनीति
(d) ऊपर वालों में से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(a) काम-रणनीति,

3. वैब सर्वर हो सकता है –
(a) खरीदा
(b) उधार लिए
(c) उपरोक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) उपरोक्त दोनों,

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4. वैब पेज़ का आकार ज्यादा से ज्यादा नहीं होना चाहिए –
(a) एक स्क्रीन
(b) दो स्क्रीन्ज़
(c) तीन स्क्रीन्ज़
(d) चार स्क्रीन्ज़।
उत्तर-
(d) चार स्क्रीन्ज़।

5. वैब पेज़ की एक बढ़िया दिखावट किस पर निर्भर करती है ?
(a) फौंट का आकार/रंग
(b) बैक ग्राउंड रंग
(c) टेबल और ग्राफिक्स
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

6. किस टैस्टिंग के लिए इंटरनेट कनैक्शन की ज़रूरत नहीं है।
(a) ऑफलाइन टैस्टिंग
(b) ऑनलाइन टैस्टिंग
(c) उपरोक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) ऑनलाइन टैस्टिंग

7. एस०ई०ओ० का मतलब है
(a) सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(b) सिस्टम इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(c) सैकरोगनाइज़ड इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन

8. एस०एम०एम० मतलब क्या है ?
(a) सोशल मीडिया मार्केटिंग
(b) साइंस मीडिया मार्केटिंग
(c) सिस्टम मैक्रो मीडिया
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) सोशल मीडिया मार्केटिंग

9. FTP का मतलब है
(a) File Transfer Protocol
(b) Finance Transfer Protocol
(c) Folder Transfer Protocol
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) File Transfer Protocol

10. इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए वैबसाइट की जांच करना किस नाम के रूप में जाना जाता
(a) Offline Testing
(b) Online Testing
(c) उपरोक्त दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) Online Testing

(B) रिक्त स्थान भरें

1. साइट की योजना बनाते समय साइट की ………. का फैसला अंत में लिया जाता है।
उत्तर-
पब्लिशिंग,

2. …………… आपकी साइट का पता है।
उत्तर-
डोमेन नेम,

3. डोमेन नाम के बारे में फैसला करने के बाद अगला कदम डोमेन नाम की ……… करना है।
उत्तर-
रजिस्ट्रेशन,

4. …………. दो स्क्रीनों से बड़ा नहीं होना चाहिए।
उत्तर-
वैब पेज़,

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

5. …………. टैस्टिंग इंटरनेट के बिना की जा सकती है।
उत्तर-
ऑफ लाइन,

6. किसी भी वैबसाइट के पहले पेज़ को ……….. कहा जाता है।
उत्तर-
होम पेज़।

(C) सही या गलत

1. होम पेज़ के साथ अन्य पेज़ों का कोई लिंक नहीं है।
उत्तर-
गलत,

2. साइट का पता .com, .org, .net आदि से समाप्त होता है।
उत्तर-
सही,

3. किसी साइट का ऑफलाइन टैस्ट सिर्फ एक ही ब्राऊज़र पर करना चाहिए।
उत्तर-
गलत,

4. होस्ट के लिए वैब पेज़िज़ को भेजने के लिए, हमें FTP क्लाइंट की ज़रूरत है।
उत्तर-
सही,

5. किसी साइट के ऑन लाइन टैस्टिंग के दौरान आपके कंप्यूटर को इंटरनेट से जुड़ा होना चाहिए।
उत्तर-
सही।

(D) पूरे नाम लिखो

1. IP,
2. FTP,
3. URL
उत्तर-
1. IP- Internet Protocol
2. FTP-File Transfer Protocol
3. URL-Uniform Resource Locator.

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आपकी साइट का पता कौन-सा है ?
उत्तर-
डोमेन नेम।

प्रश्न 2.
कंप्यूटर की वैबसाइट की कापी को ……….. वर्जन कहा जाता है, और वैब होस्ट ऊपर कापी को कहा ……… वर्जन कहा जाता है।
उत्तर-
लोकल, एक्सटर्नल।

प्रश्न 3.
कोई कंपनी ग्राहकों से सीधी फीड बैंक किस तरह प्राप्त कर सकती है ?
उत्तर-
सोशल मीडिया मार्केटिंग।

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प्रश्न 4.
वैबसाइट पर सभी भिन्न-भिन्न विशेषताओं की जाँच करने के लिए क्या जरूरी है ?
उत्तर-
टैस्टिंग।

प्रश्न 5.
डिज़ाइनर डाटा को नष्ट होने, मालवेयर और अन्य नुम्पानों से बच सकता है ?
उत्तर-
सुरक्षा और बैकअप का इस्तेमाल करके।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी साइट का उद्देश्य फिक्स करने के लिए महत्त्वपूर्ण तरीके बतायें।
उत्तर-
किसी साइट का उद्देश्य निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित तरीके हैं-

  • साइट के उद्देश्य इस प्रकार के हों जिनसे पता चल जाये कि साइट पर क्या डालना है।
  • साइट के दो तीन महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होने चाहिए।

प्रश्न 2.
वैबसाइट दर्शकों के लिए तैयार करने का क्या मतलब है ? संक्षेप में लिखें।
उत्तर-
दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग से भाव है साइट के दर्शकों की ज़रूरत को ध्यान में रखकर साइट का निर्माण करना। ‘साइट की दिखावट किस प्रकार की होगी ?’ यह निर्धारित करना।

प्रश्न 3.
आप अपनी साइट की कार्यनीति के बारे में किस तरह फैसला करोगे ?
उत्तर-
किसी साइट के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीकों को कार्य नीति कहा जाता है। कार्यनीति के लिए दर्शकों को ध्यान में रखकर सभी काम किये जाते हैं।

प्रश्न 4.
साइट का कन्टैंट कैसा होना चाहिए ?
उत्तर-
साइट का विषय-वस्तु दर्शकों को सभी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान होनी चाहिए। विषय-वस्तु सही स्थान पर हो और अच्छ तरीकों से व्यवस्थित किया हो।

प्रश्न 5.
डोमेन नेम से आपका क्या मतलब है ?
उत्तर-
डोमैन नेम किसी वैबसाइट का पूरा एडरैस होता है। इसकी सहायता से ही कोई साइट देखी जा सकती है।

प्रश्न 6.
डोमेन नेम को कैसे दर्ज किया जाता है ?
उत्तर-
डोमेन नेम को साइट के सर्विस प्रोवाइडर की सहायता से रजिस्टर करवाया जाता है। इसके लिए फार्म भरा जाता है और रजिस्ट्रेशन की फीस दी जाती है। इसके साथ ही यह भी चैक किया जाता है कि यह नाम पहले तो किसी ने रजिस्टर नहीं करवाया।

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प्रश्न 7.
इंटरनेट की दुनिया में सर्वर की क्या भूमिका है ?
उत्तर-
सर्वर पर हमारी साइट पड़ी होती है। यह सर्वर खरीदा जा सकता है या किराये पर लिया जाता है। सर्वर हमारी साइट को संभाल कर रखता है और जरूरत पड़ने पर दिखाता है। अतः सर्वर के बिना हमारी वैबसाइट नहीं बन सकती।

प्रश्न 8.
वैब पन्ने डिजाइन करते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर-
वैब पेज़ डिज़ाइन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा जाता है-

  • वैब पेज़ दो स्क्रीन्ज़ से लंबा नहीं होना चाहिए।
  • अगर लंबा पेज़ बनाना है तो बुकमार्क के द्वारा अंदरूनी लिंक बनायें।
  • अगर डाक्यूमैंट एक स्क्रीन से बड़ा है तो पहले सिर्फ एक पेज़ ही दिखायें। दर्शकों की मांग पर ही बाकी हिस्सा दिखाया जाये।
  • ज्यादा भारी वैब पेज़ न बनायें।

प्रश्न 9.
किसी साइट को अपलोड करने की क्या प्रक्रिया है ?
उत्तर-
साइट को अपलोड करने के लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल (FTP) का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए पहले ज़रूरी प्रोग्राम चलाया जाता है। फिर उसके द्वारा सभी फाइलें अपलोड की जाती हैं।

प्रश्न 10.
ऑफ-लाइन टैस्टिंग से क्या मतलब है ?
उत्तर-
आफ-लाइन टैस्टिंग वैबसाइट टैस्ट करने की वो तकनीक है जिसमें उसको टैस्ट करने के लिए इंटरनैट की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इसमें पहले होम पेज़ खोला जाता है और फिर सभी पेजों के लिंक चैक किए जाते हैं।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट की योजनाबंदी के भिन्न-भिन्न पड़ाव बतायें।
उत्तर-
साइट की योजनाबंदी के समय हम यह फैसला करते हैं कि साइट बनाने के लिए क्या कुछ करना है और किस प्रकार करना है। इस के मुख्य चार पड़ाव हैं-

  • साइट का उद्देश्य
  • दर्शकों के लिए डिजाइनिंग
  • कार्य नीति
  • विषय-वस्तु।

1. साइट का उद्देश्य-हर एक साइट का कोई उद्देश्य होना चाहिए। यह उद्देश्य बताता है कि हमें इस साइट में क्या कुछ डालना है। साइट से संबंधित सारा काम साइट के उद्देश्य के अनुसार होना चाहिए। साइट बनाते वक्त निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  • साइट का उद्देश्य
  • उद्देश्य की पूर्ति के लिए साइट तैयार करने का तरीका
  • उद्देश्य प्राप्ति के लिए कार्यनीति।
  • साइट तैयारी और अपडेट करने का समय।

2. दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग-उद्देश्य स्पष्ट करने के बाद अगला काम है साइट के दर्शक निर्धारित करना। यह पता करना कि कौन-कौन से लोग साइट देखेंगे। उन लोगों को ध्यान में रख कर ही साइट का डिज़ाइन तैयार किया जाता है।

3. कार्य नीति- उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीकों को कार्य नीति कहा जाता है। इसमें साइट के लिए विषयवस्तु इकट्ठा करने का ढंग, साइट बनाने का ढंग आदि शामिल होते हैं।

4. विषय-वस्तु-आखिर में विषय-वस्तु की बारी आती है। विषय-वस्तु में वे सब शामिल होता है जो हमें साइट पर दिखाना है। यह सारी सामग्री इकट्ठी की जाती है और इसको किस प्रकार किस पेज पर दिखाना है यह सब निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही साइट पर लिंकस आदि निर्धारित किए जाते हैं।

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प्रश्न 2.
वैब को अमल में लाने के लिए जरूरी निर्देशों का वर्णन करें।
उत्तर-
वैब को अमल में लाने का मतलब है कि योजनाबंदी के अनुसार काम करना। इसमें निम्नलिखित काम शामिल हैं-

  1. डोमेन नाम का चुनाव
  2. डोमेन नेम रजिस्टर करना
  3. सर्वर का चुनाव करना
  4. वैब पेज की व्यवस्था करनी
  5. दिखावट बनाना
  6. ऑफ-लाइन टैस्टिंग
  7. साइट अपलोड करनी
  8. ऑन-लाइन टैस्टिंग।

1. डोमेन नेम का चुनाव-इसमें साइट का नाम निर्धारित किया जाता है। यह नाम अपने आप में अलग होना चाहिए क्योंकि किन्हीं भी दो साइटों का नाम एक नहीं हो सकता।

2. डोमेन नेम रजिस्टर करना-इस डोमेन नेम को नाम देने वाली कंपनी के पास रजिस्टर करवाया जाता है।

3. सर्वर का चुनाव करना-सर्वर वो कंप्यूटर होता है जिस पर साइट अपलोड की जाती है। इसका भी चुनाव किया जाता है। वैब पेजों की व्यवस्था करना-वैब पेज अच्छी तरह व्यवस्थित किया जाता है।

4. इसके लिए कई बातों का ध्यान रखा जाता है। वैब पेज को ज्यादा लंबा नहीं होना चाहिए। उसमें सही ढंग के लिंक होने चाहिए।

5. दिखावट बनाना-वैब पेज की दिखावट अच्छी होनी चाहिए ताकि इसको पढ़ने और देखने का मन करे। इसमें सही मात्रा में टैक्सट, इमेज, आवाज़ और वीडियो शामिल किया होना चाहिए।

6. ऑफ-लाइन टैस्टिग-इसमें वैबसाइट को बगैर इंटरनैट से टैस्ट किया जाता है। इसमें चैक किया जाता है कि सभी लिंक आदि सही चल रहे हैं कि नहीं।

7. साइट अपलोड करना–साइट अपलोड करने का मतलब है साइट की फाइलें सर्वर पर कॉपी करना। इसके लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल का प्रयोग किया जाता है।

8. ऑन-लाइन टैस्टिंग-इस टैस्टिंग में साइट को इंटरनैट पर चैक किया जाता है कि यह सही ढंग से काम कर रही है कि नहीं। इसमें पास होने के बाद साइट बनाने का काम पूरा हो जाता

प्रश्न 3.
ऑफ-लाइन टैस्टिग और आन-लाइन टैस्टिग में अंतर बतायें।
उत्तर-
ऑफ-लाइन टैस्टिंग और ऑन-लाइन टैस्टिंग में निम्नलिखित अंतर हैं-

ऑफ-लाइन टैस्टिग ऑन-लाइन टैस्टिंग
1. इसमें इंटरनेट की ज़रूरत नहीं पड़ती। 1. इसमें इंटरनेट की ज़रूरत पड़ती है।
2. यह साइट अपलोड करने से पहले की जाती | 2. यह साइट अपलोड करने के बाद की जाती |
3. यह किसी भी कंप्यूटर पर की जा सकती है। 3. यह टैस्टिंग सिर्फ उस कंप्यूटर पर की जा
सकती है जिस पर इंटरनैट चल रहा हो।
4. आप वैब पेज़ की कोडिंग बदल सकते हो। 4. आप वैब पेज की कोडिंग बदल नहीं सकते।

प्रश्न 4.
एस० ई० ओ० क्या है ?
उत्तर-
एस० ई० ओ० का पूरा नाम सर्च इंजन ओपटीसाइजेशन है। इसका अर्थ है जब एक सर्च इंजन हमारी साइट से संबंधित कुछ सर्च करता है तो हमारी साइट के नतीजे सबसे ऊपर और बढ़िया रूप में नज़र आये। इस के लिए साइट बनाने के लिए लगातार कार्यशील रहना पड़ता है। एस०ई०ओ० यह यकीनी बनाता है कि किसी साइट को किसी खोज इंजन के लिए पहुँच योग्य बनाया जाये और संभावनाओं को सुधारा जाये कि साइट सर्च इंजन के द्वारा ढूंढ़ ली जायेगी। एस०ई०ओ० किसी खास प्रकार के सर्च इंजन के लिए की जाती है जैसे किwww.google.com, www.yahoo.com आदि।

प्रश्न 5.
एस० एम० एम० क्या है ?
उत्तर-
एस० एम० एम० का अर्थ सोशल मीडिया मार्कीटिंग होता है। एस०एम०एम० का उद्देश्य वो सामग्री तैयार करना है जो उपभोक्ता अपने सोशल नेटवर्क से शेयर करेगी ताकि उनकी कंपनी की ब्रांड एकसपोज़र बढ़ाने और ग्राहकों की पहुँच को बढ़ाने में मदद की जा सके।
एस०एम०एम० के मुख्य भागों में एस०एस०ओ० होता है जो एक नई वैबसाइट में नये और विलक्षण विज़िटर्ज को खींचने की एक रणनीति होती है। एस०एम०ओ० दो प्रकार किया जाता है।
1. कंटैंट के साथ सोशल मीडिया लिंक बटन शेयर करके
2. स्टेटमैंट या ट्वीटस को अपडेट या ब्लॉग पोस्ट करके एस०एम०एम० अपनी कंपनी ग्राहकों से सीधी फीड बैक प्राप्त करने में मदद करती है। एस०एम०एम० कई प्रकार की सोशल वैबसाइटों जैसे कि Facebook, Twitter, Linkedin, Youtube, Myspace, Orkut आदि के कारण काफी प्रचलित बनती जा रही है।

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PSEB 10th Class Computer Guide वैब डिवैल्पमैंट Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. वैबसाइट के पहले पेज को ……. कहते हैं।
(a) मेन पेज
(b) सर्च इंजन
(c) होम पेज
(d) डोमेन।
उत्तर-
(c) होम पेज

2. वैबसाइट के नाम को क्या कहते हैं ?
(a) होम पेज
(b) डोमेन नेम
(c) सर्च
(d) एस०सी०ओ०।
उत्तर-
(b) डोमेन नेम

(B) रिक्त स्थान भरें

1. साइट की योजना बनाते समय सबसे आखिर में साइट के ……… बारे फैसला किया जाता है।
उत्तर-
विषय-वस्तु,

2. ………… आपकी साइट का एडरैस होता है।
उत्तर-
डोमेन नेम,

3. डोमेन नेम के बारे में फैसला करने के बाद अगला काम डोमेन नेम को …………. करवाना होता
उत्तर-
रजिस्टर,

4. ………. दो स्क्रीन्ज से लंबा नहीं होना चाहिए।
उत्तर-
वैब पेज,

5. ………… टैस्ट इंटरनेट के बिना किया जाता है।
उत्तर-
ऑफ लाइन,

6. वैबसाइट के पहले वैब पेज को ……… कहा जाता है।
उत्तर-
Home page.

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(C) सही या गलत-

1. एक अच्छी वैबसाइट के होम पेज का दूसरे पेज से कोई लिंक नहीं होता।
उत्तर-
गलत,

2. साइट का एडरैस .com, .org, .net आदि से समाप्त होता है।
उत्तर-
सही,

3. वैबसाइट का ऑफ-लाइन टैस्टिग सिर्फ एक ही ब्राऊज़र पर करनी चाहिए।
उत्तर-
गलत,

4. वैब पन्नों को होस्ट तक भेजने के लिए FTP क्लाइंट की ज़रूरत पड़ती है।
उत्तर-
सही,

5. ऑन लाइन टैस्ट करने के समय आपका कंप्यूटर इंटरनैट से जुड़ा हुआ होना चाहिए।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
विषय-वस्तु क्या होता है ?
उत्तर-
विषय-वस्तु का अर्थ है साइट पर पाई जाने वाली सामग्री।

प्रश्न 2.
डोमेन नेम किसको कहते हैं ?
उत्तर-
किसी वैबसाइट के पते को डोमेन नेम कहा जाता है।

प्रश्न 3.
अपलोडिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
अपनी वैबसाइट को इंटरनैट पर डालने की क्रिया को अपलोडिंग कहते हैं।

प्रश्न 4.
टैस्टिग का क्या मतलब है ?
उत्तर-
किसी वैबसाइट के सभी लिंक चैक करने की क्रिया को टैस्टिंग कहा जाता है।

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प्रश्न 5.
टेस्टिंग कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर-
टैस्टिंग दो तरह की होती है
1. ऑफ-लाइन टैस्टिंग
2. ऑन-लाइन टैस्टिंग।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट की योजनाबंदी से आपका क्या भाव है ?
उत्तर-
योजनाबद्ध तरीके से बनाई गई वैबसाइट प्रभावशाली होती है। कोई भी वैबसाइट बनाने से पहले उसकी योजना बना लेनी चाहिए। अगर योजना से काम करोगे तो उद्देश्य की पूर्ति होगी। वैबसाइटों के द्वारा हम संचार करवाते हैं। वैबसाइट के डिज़ाइन के समय सब से पहली महत्त्वपूर्ण बात है वैब साइट का उद्देश्य (Goal)। वैबसाइट का निर्माण हमेशा उसके उद्देश्य को मुख्य रख कर ही करना चाहिए।

प्रश्न 2.
कार्यनीति पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
जब आप फैसला कर लेते हो तो आपको कार्यनीति के बारे में सोचना पड़ेगा। उद्देश्य (goal) की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीके को कार्य नीति कहा जाता है। आप अपनी साइट में कई प्रकार की सूचनाएं शामिल कर सकते हो। जैसे कि-

  • टैक्सट सूचना
  • आडियो या सूचना
  • वीडियो सूचना।

एक अच्छी वैबसाइट साधारण (Simple) होती है। दूसरे शब्दों में वैबसाइट जटिल नहीं होनी चाहिए।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट के उद्देश्य पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
साइट का कोई विशेष उद्देश्य या मनोरथ होना चाहिए। साइट का उद्देश्य हमें बताता है कि हमें इसमें क्या कुछ डालना है। आप विस्तारपूर्वक और सजावट वाली साइट तैयार कर सकते हो, पर शर्त यह है कि वो उद्देश्य की पूर्ति ज़रूर करती हो। कोई भी साइट बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान ज़रूर रखें-

  • संस्था का उद्देश्य।
  • आपकी साइट के 2-3 महत्त्वपूर्ण उद्देश्य।
  • उद्देश्य की पूर्ति के लिए साइट तैयार करने का तरीका।
  • उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्यनीति।
  • साइट की तैयारी का समय।
  • साइट को अपडेट करने का समय।

प्रश्न 2.
दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग से आपका क्या भाव है ?
उत्तर-
साइट का मनोरथ स्पष्ट करने के बाद अगला काम यह जानना है कि आपकी साइट के दर्शक कौन से होंगे ? किस किस्म के लोग आपकी साइट की यात्रा करेंगे ? बच्चे, विद्यार्थी, वकील, डॉक्टर या घरेलू औरतें। यहाँ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि दर्शकों की आपकी साइट से क्या इच्छाएं हैं। उदाहरण के रूप में अगर आप पुस्तक प्रकाशक के लिए साइट डिज़ाइन कर रहे हो तो आपके दर्शक या पाठक विद्यार्थी, बच्चे, अध्यापक, प्रोफेसर और अन्य बुद्धिजीवी हो सकते हैं। इस हालत में आप अपने दर्शकों की रुचि के मुताबिक साइट का डिज़ाइन करोगे।

प्रश्न 3.
वैबसाइट को अमल में लाने के विभिन्न कार्य लिखें।
उत्तर-
साइट की संपूर्ण योजना बनाने और सूचनाओं या लिंकस के संबंध में फैसला करने के बाद इसको इंपलीमैंट अर्थात् अमल में लाने के बारे में सोचा जाता है। इसमें डोमेन नेम का चुनाव, डोमेन रजिस्टर करवाना, सर्वर का चुनाव और साइट का प्रबंध आदि गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
1. डोमेन नाम का चुनाव (Choosing Domain Name)-डोमेन नेम आपकी साइट का एडरैस होता है। डोमेन नेम असल में (इंटरनेट प्रोटोकाल) साइट का एडरैस होता है। डोमेन नेम डाटाबेस में होता है जो कि सर्वर के एडरैस की सूची में शामिल होता है। डोमेन नेम .com, .net, .org आदि नामों से समाप्त होता है। इसमें हाइफनज़ (Hyphens) शामिल होते हैं। इसमें प्रयोग किए जाने वाले अक्षरों की ज्यादा से ज्यादा गिनती 63 हो सकती है।

2. डोमेन नेम रजिस्टर करना (Registering Domain Name)-डोमेन नेम के बारे में फैसला करने के बाद डोमेन नेम रजिस्टर करवाया जाता है। आप अपनी साइट को सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा रजिस्टर करवा सकते हो। सर्विस प्रोवाइडर आपको एक फार्म भरने के लिए कहता है और फिर रजिस्टर करने के लिये आपसे फीस भी वसूल सकता है। फार्म भरने के बाद चैक किया जाता है कि आपके नाम वाला किसी और ने तो नहीं रजिस्टर करवाया। अगर नाम उपलब्ध हो तो उसके रजिस्टर होने का संदेश आपको ई-मेल के द्वारा भेज दिया जाता है।

3. सर्वर का चुनाव (Choosing a server)-साइट को अमल में लाने का एक ज़रूरी कार्य है सर्वर का चुनाव। यहाँ सर्वर का चुनाव बहुत महत्ता रखता है। सर्वर यहाँ आपकी साइट स्थायी रूप में रखता है आप अपना सर्वर खरीद सकते हो या फिर किराये पर भी ले सकते हो। वैबसाइटों की दुनिया में सर्वर का अहम रोल है। ऐसे विशेष किस्म के सर्वर को वैब सर्वर कहा जाता है। जब आप अपने ब्राऊजर पर कोई साइट खोलते हो तो यह संबंधित वैब सर्वर से जुड़ जाता है।

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4. वैब पेज की व्यवस्था (Organizing Web Page)-वैबसाइट का पेज अच्छे ढंग से व्यवस्थित होना चाहिए। वैब पेज की व्यवस्था ऐसी हो कि यह साइट को बराबर दिखावट (Balanced look) प्रदान करे। पेज की व्यवस्था के समय पेज की लंबाई एक महत्त्वपूर्ण नुक्ता है। पेज डिज़ाइन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिएवैब पेज दो स्क्रीनज़ से लंबा नहीं होना चाहिए। अगर लंबा पेज इस्तेमाल करना चाहते हो तो बुकमार्क के द्वारा अंदरूनी लिंक स्थापित करें। अगर आपका डाक्यूमैंट एक स्क्रीन से बड़ा है तो पहले दर्शकों को सिर्फ कुछ भाग ही दिखायें। दर्शकों द्वारा मांग करने के बाद ही बाकी हिस्सा दिखा जाये।

5. दिखावट (Look)-वैब पेज अच्छी दिखावट वाला हो तो हर एक का पढ़ने को मन करेगा। अच्छी दिखावट के लिए वैब पेज में ज़रूरत अनुसार लिंक, ग्राफिक्स, ऐनीमेशन, साऊंड और वीडियो क्लिप शामिल होने चाहिए। वैब पेज की भिन्न-भिन्न सामग्री में विभिन्नता पर अच्छा दृष्टिगत प्रभाव होना चाहिए। साइट में उचित फौंट कलर, बैकग्राउंड कलर, टेबल, ग्राफ आदि का इस्तेमाल अच्छी दिखावट का प्रतीक होता है।

6. ऑफ-लाइन टैस्टिग (Offline Testing)-वैबसाइट के सभी पेजिज डिज़ाइन करने के बाद इसको ब्राऊजर पर टैस्ट किया जाता है। इस टैस्ट के लिए इंटरनैट की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसी कारण इसको ऑफ-लाइन टैस्ट कहा जाता है। आफ-लाइन टैस्टिग में सबसे पहले ब्राऊज़र में होम पेज खोला जाता है। फिर एक-एक करके लिंक किए हुए सभी पन्नों (Pages) को चैक किया जाता है। यहाँ यह यकीनी बनायें कि आपके पेज बढ़िया नज़र आयें। आपको अपनी साइट को भिन्न-भिन्न ब्राऊज़र्स पर टैस्ट कर लेना चाहिए।

7. साइट को अपलोड करना (Uploading the Site)-साइट को इंटरनैट पर सभी के लिए प्रदान करवाने के लिए इसको अपलोड किया जाता है। आपके वैब पन्नों को होस्ट (Host) तक भेजने के लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल (FTP) क्लाइंट की ज़रूरत पड़ती है। इस काम के लिए सबसे पहले FTP प्रोग्राम जैसे कि क्यूट FTP (Cute FTP) सैट किया जाता है। इसके बाद ऑन-लाइन होकर अपनी फाइलों को अपलोड करें।

8. ऑन-लाइन टैस्टिंग (Online Testing)-जब आपकी साइट अपलोड हो जाती है तो आगे का स्टैप है इसको ऑन-लाइन टैस्ट करना। इंटरनेट कनैक्ट करें, ब्राऊज़र खोलें और अपनी साइट का यू०आर०एल (URL) टाइप करें। चैक करें कि आपकी साइट के सभी लिंक सही काम कर रहे हैं। इसी प्रकार अन्य ब्राऊज़र ऊपर भी चैक करें।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Computer Guide for Class 10 PSEB एच०टी०एम०एल०-II Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. फार्म किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) ई-मेल के कन्टैंट डिस्पले करने के लिए
(b) ऐनीमेशन इफैक्ट को डिस्पले करने के लिए
(c) यूज़र से इनपुट लेने के लिए
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) यूज़र से इनपुट लेने के लिए

2. CSS का पूरा नाम क्या है ?
(a) Cascading style sheet
(b) Costume style sheet
(c) Cascading system style
(d) None of the Above.
उत्तर-
(c) Cascading system style

3. वैब पेज़ में लिंक दर्शाने के लिए कौन-सा लिंक सही है ?
(a) <LINK SRC = “abc.html”>
(b)<BODY LINK = “abc.html”>
(c) <A SRC = “abc.html”>
(d) < A HERF =”abc.html”>

उत्तर-
(d) < A HERF =”abc.html”>

4. Check box बनाने के लिए कौन-सा tag फार्म में इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) <check box>
(b) <input = ”check box”>
(c) <input = check box>
(d) <input check box>

5. निम्नलिखित में से कौन-सी सबसे ज्यादा साधारण रूप में इस्तेमाल की जाने वाली HTTP विधि ?
(a) PRF और POST
(b) GET और SET
(c) ASK और REPLY
(d) GET और POST.
उत्तर-
(d) GET और POST.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

6. क्या एक वैब पेज़ में लिंक स्थापित किया जा सकता है ?
(a) हाँ
(b) नहीं
(c) सिर्फ फ्रेम में
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(a) हाँ

7. आप एक e-mail लिंक कैसे स्थापित कर सकते हो ?
(a) .
(b) mail href = “xxx@yyy'”>
(c) xxx@yyy</mail
(d)
उत्तर-
(d)

8. एक html फार्म में एक वैब पेज़ का हिस्सा है जिसमें वो स्थान शामिल है जहाँ कि
(a) जानकारी को उपभोक्ता द्वारा फीड किया जाता है
(b) और वैबसाइट सर्वर पर भेज दी जाती है
(c) दोनों ए और बी
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ए और बी

9. एक कंटेनर टैग और एक सिंगल इनपुट आइटम में टैक्सट की बहुत सारी लाइनों को अनुमति देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
(a) Text area
(b) Check box
(c) Radio Button
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(a) Text area

10. चुनाव सूची वो सूचियाँ हैं जिसकी सूची दी गई सूची में से कौन-सा उपभोक्ता सिंगल या मल्टीपल विकल्प चुन सकता है। सूची की किस्में हैं –
(a) Scrolling lists
(b) Pull down pick-up lists
(c) Both a and b
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) Both a and b.

(B) रिक्त स्थान भरें

1. ………… टैग को किसी वैब पेज़ पर एक लिंक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
Anchor tag

2. …………. वैब पेज़ पर दिए गए हिस्से के लिए लिंक को परिभाषित करता है।
उत्तर-
href

3. …….. का उपयोग वैब सर्वर में जानकारी को भरने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
form

4. आप टैक्सट की बहुत सारी लाइनें ……… के द्वारा फार्म में इस्तेमाल कर सकते हो।
उत्तर-
Text Area

5. एक फार्म में कई विकल्प चुनने के लिए हम …………………………… का इस्तेमाल कर सकते हैं।
उत्तर-
Check box

6. …………………… का इस्तेमाल एक बार में बहुत विकल्पों को एक ही चुनाव को देखने के लिए की जाती है।
उत्तर-
Radio Button

7. सर्वर पर जानकारी भेजने के लिए ……………………. बटन का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Submit Button

8. फार्म से सारे विकल्पों को साफ करने के लिए हम …………………….. बटन का प्रयोग कर सकते हैं।
उत्तर-
Reset Button

9. ………… वैब ब्राऊज़र विंडो को मल्टीपल HTML डाक्यूमैंट में बांटता है।
उत्तर-
Frames

10. Frametest टैग में हम ……….. और ………… को ऐट्रीब्यूट के तौर पर प्रयोग कर सकते है।
उत्तर-
Row and Colom.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

(C) सही या गलत

1. एक अनविजटिड लिंक अंडरलाइन होता है और इसका रंग नीला होता है।
उत्तर-
True

2. बुकमार्क को वैब पन्ने के बाहर लिंक को एक्सटर्नल लिंक के तौर पर जाना जाता है।
उत्तर-
False

3. वैबसाइट से बाहर वाले लिंक को एक्सटर्नल लिंक के रूप में जाना जाता है।
उत्तर-
True

4. <input type=”Password” /> टैक्सट बाक्स में स्टार (***) दिखायेगा।
उत्तर-
True

5. सिलैक्शन लिस्ट ड्राप डाउन लिस्ट को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
उत्तर-
True.

(D) पूरा नाम लिखें
1.
2. HREF
3. URL
4. BGCOLOR
5. SRC
उत्तर
1.
– Anchor Tag
2. HREF – Hyper Text reference
3. URL – Uniform Resource Locator
4. BGCOLOR – BackGround COLOR
5. SRC – Source

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी वैब पेज़ को लिंक करने के लिए कौन-सा टैग इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
Anchor log.

प्रश्न 2.
कौन-सा लिंक वैबसाइट से बाहर परिभाषित किया जाता है ?
उत्तर-
एक्सटर्नल लिंक।

प्रश्न 3.
जब एक फार्म को सबमिट किया जाता है तो कौन-सा ऐट्रीब्यूट यह परिभाषित करता है कि फार्म डाटा कहाँ भेजना है।
उत्तर-
Action ऐट्रीब्यूट।

प्रश्न 4.
यह विधि उपयोगकर्ता द्वारा यू० आर० एल० पाथ का इस्तेमाल करने के बाद फीड डाटा को इनकोड करने के लिए प्रयोग किया जाता है और सर्वर को भेजा जाता है।
उत्तर-
GET Method.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 5.
दिए गए वैब पन्ने पर कुछ कार्यवाही करने के लिए क्या प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
बटन।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
हाईपरलिंक क्या होता है ?
उत्तर-
हाईपरलिंक HTML में एक वैब पेज़ को दूसरे वैब पेज़ से जोड़ने का एक साधन है। यह एक लिंक की तरह काम करता है। यह लिंक टैक्सट, तस्वीर आदि पर लगाया जा सकता है। जब हम इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो इससे लिंक किया पेज़ खुल जाता है।

प्रश्न 2.
लिंक की किस्मों के नाम बताएं।
उत्तर-
लिंक दो प्रकार के होते हैं

  • अंदरूनी लिंक
  • बाहरी लिंक।

प्रश्न 3.
ऐंकर टैग क्या होता है ? उदाहरणों से समझायें।
उत्तर-
ऐंकर टैग वे टैग हैं जिसका इस्तेमाल लिंक बनाने के लिए किया जाता है। इसका सिन्टैक्स अग्रलिखित है Link Text यह एक paired टैग है। HTML में हाईपरलिंक इसकी मदद से ही तैयार किए जाते हैं। उदाहरण-Go to Google

प्रश्न 4.
HTML वैब पेज़ में बुकमार्क समझायें।
उत्तर-
बुकमार्क HTML में एक पेज़ के खास हिस्से तक पहुँच का ढंग है। वैब पेज़ के ज़रूरी खास हिस्से को एक नाम दे दिया जाता है जिसका इस्तेमाल अंदरूनी लिंक में किया जाता है। कई बार इसका इस्तेमाल बाहरी लिंक में भी किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
एक लिंक के रूप में चित्र कैसे बनाया जा सकता है ?
उत्तर-
चित्र को लिंक के रूप में प्रयोग करने के लिए पहले टैग का इस्तेमाल करके चित्र इनसर्ट करें और फिर उस टैग को ऐंकर टैग की मदद से लिंक करें।
उदाहरण

प्रश्न 6.
एक फार्म क्या होता है ?
उत्तर-
फार्म यूज़र से डाटा लेकर सर्वर तक पहुँचाने का एक साधन है। फार्म में ज़रूरत अनुसार ऑबजैक्ट जैसे कि टैक्सट बॉक्स, चैक बॉक्स, रेडियो बटन आदि में प्रयोग किए जाते हैं। यूज़र इसमें डाटा ऐंटर करता है और यह डाटा सर्वर तक पहुँचाया जाता है।

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प्रश्न 7.
फार्मों में चुनाव सूची का इस्तेमाल क्या है ?
उत्तर-
चुनाव सूची की मदद से यूज़र बहुत सारे उपलब्ध विकल्पों में अपनी ज़रूरत के विकल्प टाइप नहीं करने पड़ते। इससे समय की बचत होती है।

प्रश्न 8.
HTML फार्म में भिन्न-भिन्न बटनों की व्याख्या करें।
उत्तर-
HTML फार्म में निम्नलिखित बटन होते हैं-

  1. Submit-इसका इस्तेमाल डाटा सर्वर पर भेजने के लिए किया जाता है।
  2. Reset-इसका इस्तेमाल फार्म को पहली ऐंटरी को साफ करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 9.
फ्रेमों की व्याख्या करें।
उत्तर-
फ्रेम एक से ज्यादा वैब पेजों को एक वैब पेज़ में दिखाने का साधन है। इनकी मदद से हम कई वैब पेज़ों को एक पेज़ में भिन्न-भिन्न दिखा सकते हैं और सारे वैब पेज़ अपने आप में आज़ाद होते

प्रश्न 10.
उदाहरण के साथ मारकिऊ टैग और इनके गुणों को समझायें।
उत्तर-
मारकिऊ टैग का इस्तेमाल वैब पेज पर किसी टैक्सट या तस्वीर को चलता दिखाने के लिए किया जाता है। This text is scrolling जब वैब पेज़ पर किसी खास टैक्सट की तरफ यूज़र का ध्यान दिलाना होता है तो मारकिऊ टैक्सट का इस्तेमाल काफी ज़रूरी होता है। यूज़र का ध्यान सीधा उस टैक्सट की तरफ ही जाता है। इसकी मदद से हम वैब पेज़ पर अनाउसमैंट दिखा सकते हैं।

प्रश्न 11.
हम एक html फाइल में ऑडियो और वीडियो फाइलों को कैसे जोड़ सकते हैं ?
उत्तर-
html में ऑडियो और वीडियो फाइलों को ऐंकर टैग की मदद से जोड़ा जा सकता है। ऐंकर टैग के href attribute में उस ऑडियो या वीडियो फाइल का नाम डाल दिया जाता है।

प्रश्न 12.
CSS की व्याख्या करें।
उत्तर-
CSS का पूरा नाम Cascading Style Sheet है। यह अपने वैब पेज़ या पूरी वैबसाइट को एकसार डिज़ाइन देने का एक साधन है। इसमें कुछ नियम निर्धारित किए जाते हैं। हर एक नियम बताता है कि कोई खास आब्जैक्ट जैसे कि टैक्सट, हैडिंग, बैक ग्राऊंड आदि किस प्रकार दिखाई देगी।

प्रश्न 13.
CSS की किस्मों को परिभाषित करें।
उत्तर-
ये निम्नलिखित तीन प्रकार की होती हैं –

  • इनलाइन स्टाइल
  • इनटर्नल या ऐमबैरिड स्टाइल।
  • एक्सटर्नल स्टाइल।

प्रश्न 14.
रेडियो बटनों और इसके गुणों के बारे में व्याख्या करें।
उत्तर-
रेडियो बटन वे बटन होते हैं जो हमें बहुत सारे विकल्पों में सिर्फ एक विकल्प चुनने की आजादी देते हैं। रेडियो बटन की विशेषता यह है कि हमें अपने विकल्प लिखना नहीं पड़ता और न ही बाकी विकल्प काटने पड़ते हैं। यह सारा काम रेडियो बटन अपने आप ही करता है।

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प्रश्न 15.
चैक बॉक्स क्या होता है ? ।
उत्तर-
चैक बॉक्स हमें बहुत सारे विकल्प प्रदान करने की सहूलियत देता है और साथ ही यह आज़ादी देता है कि हमें उन विकल्पों में से एक या ज्यादा विकल्पों का चुनाव कर सकें।

प्रश्न 16.
फार्म में प्राप्त होने की विधि का क्या काम है ?
उत्तर–
प्राप्त होने की विधि यूज़र द्वारा URL पाथ का इस्तेमाल करके फीड डाटा को एक्सैटट करने और सर्वर पर भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 17.
फार्म में पोस्ट विधि की व्याख्या करें।
उत्तर-
पोस्ट विधि का इस्तेमाल URL को बिना दखल दिए सर्वर पर डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह विधि ज्यादा सुरक्षित है। डाटा भेजने से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
दो भिन्न-भिन्न वैब पेजों को कैसे जोड़ा जाता है ?
उत्तर-
दो भिन्न-भिन्न वैब पेज़ों को जोड़ने के लिए लिंकिंग का प्रयोग किया जाता है। लिंकिंग HTML की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है। इस विशेषता के द्वारा हम किसी टैक्सट या इमेज का लिंक (संपर्क) दूसरे दस्तावेज़ से बना सकते हैं। लिंक को हाइपरटैक्सट लिंक (Hypertext link) या हाइपरलिंक (Hyperlink) भी कहा जाता है। ब्राऊज़र हाइपरलिंक को नीले रंग में दिखाता है और उसको अंडरलाइन कर देता है।

लिंक के लिए ऐंकर (anchor) टैग का प्रयोग किया जाता है। ऐंकर टैग टैग से शुरू होता है और टैग से समाप्त होता है। लिंक असल में एक-आयामी (One-Dimensional) संपर्क होता है जो मौजूदा (Source) दस्तावेज़ को दूसरे (destination) दस्तावेज़ से जोड़ता है।

ऐंकर टैग में HREF नामक ऐट्रीब्यूट प्रयोग किया जाता है। HREF ऐट्रीब्यूट लिंक किए जाने वाले डाक्यूमैंट का URL (यूनीफार्म रिसोर्स लोकेटर) सैट करता है। URL असल में डाक्यूमैंट का एडरैस होता है जैसे कि-http://www.yahoo.com/page2.html.

ऐंकर टैग का इस्तेमाल (Using an Anchor Tag)

  • ऐंकर टैग
  • टैक्सट टाइप करें। यह टैक्सट हाइपर टैक्सट के रूप में काम करेगा। (जैसे कि-Click)
  • ऐंकर टैग बंद कर दें। (जैसे कि )

आइये एक उदाहरण के द्वारा समझने की कोशिश कीजिए। नीचे की उदाहरण में page2. html डाक्यूमैंट का पाथ और VISIT to next page हाइपरलिंक है। दो भिन्न-भिन्न पेजों की कोडिंग और लिंक्स

The weather is very pleasant in Punjab VISIT to next page through this link ई-मेल एडरैस से लिंक बनाना (Linking to email address) आप ऐंकर टैग का इस्तेमाल करके ई-मेल एडरैस से लिंक बना सकते हैं। इससे यूज़र लिंक पर क्लिक करके आपको ई-मेल कर सकता है। ई-मेल एडरैस से लिंक बनाने के लिए निम्नलिखित कोड प्रयोग करें: mailme

यहाँ [email protected] मेल एडस और mailme हाइपरलिंक है। इमेज से लिंक बनाना (Linking to Image) आप किसी इमेज (चित्र) के द्वारा दूसरे डाक्यूमैंट से लिंक बना सकते हो। इसमें इमेज फाइल का नाम और उसका उचित फार्मैट लिखा जाता है। <a href=”link.”> <img src=”pc.jpg” /> </a> <a href=”link.”> <img src=”pc.jpg” /> </a> यहाँ link.html लिंक किए जाने वाले डाक्यूमैंट का नाम है।

इसी तरह imgsrc = “pc.jpg” में pc.jpg इमेज का नाम है जिसको हाईपरलिंक के रूप में प्रयोग किया जाता है। उदाहरण : इमेज के द्वारा लिंक बनाने की कोडिंगThis is page no. 1. Visit to next page please click on this image. <a> <img src=”sh.jpg” /> </a> बुकमार्क का प्रयोग (Using Bookmark)-इस के द्वारा एक या दूसरे डाक्यूमैंट के किसी विशेष भाग से लिंक बनाया जा सकता है। इसमें भी ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। इस काम के लिए प्रयोग किए जाने वाले ऐंकर को नेमड ऐंकर (Named anchor) कहा जाता है। मान लीजिये आपका वैब डाक्यूमैंट काफी बड़ा है और उसकी आउटपुट स्क्रीन पर दिखाई नहीं दे रही। इस हालत में डाक्यूमैंट के एक भाग का दूसरे भाग से लिंक बनाया जाता है।

इसको बुकमार्क (Bookmark) भी कहा जाता है। बुकमार्क को समझने के लिए कई पेजों की कोडिंग टाइप करें। आप देखोगे कि ब्राउज़र की स्क्रीन के ऊपर सारी सामग्री नज़र नहीं आ रही है। जब आप लिंक पर क्लिक करोगे तो संबंधित सूची नज़र आयेगी। बुकमार्क स्थापित करने के लिए href ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
Syntax : LinkName यहाँ चिन्ह # एक डाक्यूमैंट में लिंक को दर्शाता है। डाक्यूमैंट के भाग को दर्शाने के लिए Name ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है। Syntax : LinkName

प्रश्न 2.
विवरण के रूप में फार्म पर चर्चा करें।
उत्तर-
वैब पेज़ पर डाटा एंटर करने का एक साधन है। इसमें कई प्रकार के ऐलीमैंट जैसे टैक्सट बॉक्स, रेडियो बटन, लिस्ट बाक्स आदि शामिल किए फार्म में जो भी डाटा ऐंटर किया जाता है वो सर्वर तक पहुँचाया जाता है। इसके लिए Action और method ऐट्रीब्यूटस का प्रयोग किया जाता है।
Action : Action ऐट्रीब्यूट बताता है कि फार्म को सबमिट करने के बाद किस प्रकार की प्रोसैसिंग करनी है। इसमें एक पेज़ का स्क्रिप्ट को काल किया जाता है।
उदाहरण

Method-Method उस तरीके को दर्शाती है जिसके द्वारा यूज़र की सूचना सर्वर तक भेजी और स्टोर की जाती है। यह दो प्रकार की होती है –
1. Get Method-इस ढंग में यूज़र द्वारा URL पाथ का प्रयोग करके डाटा को ऐनकोड करने और सर्वर भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके द्वारा लिमिटिड डाटा ही भेजा जा सकता है। इसके पैरामीटर ब्राउज़र की हिस्ट्री में रहते हैं।
उदाहरण-

2. Post Method-इस ढंग में बिना URL दाखिल किए डाटा सर्व तक भेजा जाता है। यह ज्यादा सुरक्षित और पाबंदी रहित ढंग है। इसमें डाटे की कोई लिमिट नहीं होती। फार्म के एलीमैंट-फार्म में निम्ननिखित प्रकार के ऐलीमैंट दाखिल किए जा सकते हैं

  • टैक्सट बॉक्स
  • टैक्सट एरिया
  • चैक बाक्स
  • रेडियो बटन
  • सिलैक्शन लिस्ट
  • बटन।

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प्रश्न 3.
HTML में मल्टीमीडिया कैसे जोड़ा जा सकता है ?
उत्तर-
मल्टीमीडिया का अर्थ है एक से ज्यादा मीडिया। HTML में मल्टीमीडिया अग्रलिखित ढंगों से दाखिल किया जाता है।
1. Marquee
2. आडियो और वीडियो फाइलें जोड़ना।

1. Marquee-Marquee टैक्सट तस्वीरों को गतिमान रूप में लिखने का एक ढंग है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब यूज़र का ध्यान इस टैक्सट की तरफ दिलाना हो।

2. आडियो और वीडियो फाइलें जोड़ना-HTML वैब पेज़ में आडियो या वीडियो फाइलें जोड़ी जा सकती हैं। इसके लिए ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। जब यूज़र उस लिंक पर क्लिक करता है तो वो फाइल डाउनलोड हो जाती है और फिर यूज़र उस को सुन या देख सकता है।

प्रश्न 4.
उदाहरण के रूप में भिन्न-भिन्न के बटनों के बारे में चर्चा करें।
उत्तर-
बटनों का प्रयोग किसी प्रकार की कार्रवाई के लिए किया जाता है। बटन दो प्रकार के होते हैं
1. Submit बंटन
2. Rest बटन।

1. Submit बटन-Submit बटन का प्रयोग डाटा को सर्वर तक भेजने के लिए किया जाता है। उदाहरण :<input type=”Submit” value=”“Submit” /> जब यूज़र इस पर क्लिक करता है तो डाटा सर्वर पर सबमिट हो जाता है।

2. Reset बटन-Reset बटन का प्रयोग फार्म में डाटा साफ करने के लिए किया जाता है। कई बार हम गलत डाटा एंटर कर देते हैं तो एक-एक करके डाटा साफ करने की जगह पर सिर्फ Reset बटन ही क्लिक करके सारा डाटा साफ कर दिया जाता है।

प्रश्न 5.
फार्म में सिलैक्शन सूची क्या होती है ?
उत्तर-
सिलैक्शन सूची बहुत सारे विकल्पों में एक या ज्यादा विकल्प चुनने की सहूलियत प्रदान करती है। हमें ऑप्शन टाइप नहीं करने पड़ते सिर्फ सिलैक्ट ही करने होते हैं। इसके लिए\
<select>टैग का प्रयोग किया जाता है।
</select>

<select>
<option>option 1</option>
<option>option 2</option>…………………….
<option>option</option>
</select><select>इसमें कई प्रकार के ऐट्रीब्यूट भी प्रयोग किये जाते हैं। जैसे कि1. Size-Size ऐट्रीब्यूट बताता है कि एक बार में कितने विकल्प दिखाये जा सकते हैं।
</select>

2. Value-यह वो मूल्य होता है जो सर्वर को भेजा जाता है। 3. Selected—इसमें वो मूल्य दिया जाता है जो पहले से ही सिलैक्ट किया दिखाई देगा। सिलैक्ट सूची हमारे समय की काफी बचत करती है क्योंकि हमें डाटा टाइप नहीं सिर्फ सिलैक्ट ही करना पड़ता है।

प्रश्न 6.
टैक्सट एरिया की उदाहरण के साथ व्याख्या करें।
उत्तर-
टैक्सट एरिया का प्रयोग बहुत सारी लाइनों का इनपुट लेने के लिए किया जाता है जिसके लिए टैक्सट बॉक्स छोटा साबित हो सकता है।
इसके लिए Enter data </text area> एक कंटेनर टैग है। इसमें दो ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
1. Rows
2. Cols

1. Rows : Rows ऐट्रीब्यूट बताता है कि टैक्सट एरिया की कितनी रोअ दिखाई देंगी।
2. Cols : Cols ऐट्रीब्यूट बताता है कि टैक्सट एरिया के कितने कॉल्म दिखाई देंगे। उदाहरण- Enter data in text area </text area> Name : Name ऐट्रीब्यूट टैक्सट एरिया के नाम को परिभाषित करता है।

प्रश्न 7.
उदाहरण के रूप में फ्रेमों की व्याख्या करें।
उत्तर-
फ्रेम का प्रयोग एक वैब पेज में कई वैब पेज दिखाने के लिए किया जाता है। हम हर एक फ्रेम के आकार को निश्चित कर सकते हैं और हर एक फ्रेम में एक अलग वैब पेज दिखा सकते हैं।
इसके लिए ……….. , टैग का प्रयोग किया जाता है। यह दो प्रकार का होता है।

फ्रेम सैट के निम्नलिखित ऐट्रीब्यूट हैं

  • Rows : विंडो को रोअज़ में बदलता है।
  • Cols : विंडो को कॉल्म में बदलता है।
  • Framespacing : फ्रेम में स्पेस पिक्सल बताता है।
  • Frame border : फ्रेम बार्डर दिखाने या न दिखाने में मदद करता है।
  • Border : बार्डर की मोटाई दर्शाता है।

प्रश्न 8.
फार्म में कार्रवाई (action) और विधि (Method) का क्या उद्देश्य होता है ?
उत्तर-
Action और Method फार्म टैग के महत्त्वपूर्ण ऐट्रीब्यूटस हैं। इनकी चर्चा आगे की गई है।
1. Action : Action ऐट्रीब्यूट बताता है कि जब फार्म को सबमिट करना है तो क्या करना है। इसमें एक पेज़ या स्क्रिप्ट काल की जाती है। उस पेज या स्क्रिप्ट में लिखा होता है कि डाटा का क्या करना है। उदाहरण :

2. Method : Method ऐट्रीब्यूट उस तरीके को परिभाषित करती है जिसके द्वारा यूज़र की सूचना फार्म में ऐंटर की जाती है और जिसको वैबसाइट सर्वर पर भेजा और स्टोर किया जाता है। दो तरीकों के द्वारा यह जानकारी भेजी जा सकती है। Get Method : यह ढंग यूज़र द्वारा URL पाथ का इस्तेमाल करके फीड डाटा को एनकोड करने और सर्वर को भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है। लिमिटिड डाटा सर्वर पर भेजा जा सकता है। इसके पैरामीटर ब्राउज़र की हिस्ट्री में रहते हैं।

Post Method : इस ढंग का प्रयोग URL को बिना दखल दिये सर्वर पर डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है और वैबसाइट form को GET विधि के द्वारा सर्वर को भेजने के लिए ज्यादा सुरक्षित है। डाटा भेजने में कोई पाबंदी नहीं होती। इसके मापदंड ब्राऊजर की हिस्ट्री में नहीं है।

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PSEB 10th Class Computer Guide एच०टी०एम०एल०-II Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. दो पेजों को ……………………….. का प्रयोग करके जोड़ा जा सकता है।
(a) पेज
(b) गोंद
(c) बटन
(d) हाईपर लिंक।
उत्तर-
(d) हाईपर लिंक।

2. फार्म में क्या नहीं इस्तेमाल किया जाता ?
(a) बटन
(b) टैक्सट बाक्स
(c) रेडियो बटन
(d) रो।
उत्तर-
(d) रो।

3. लिंक कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5.
उत्तर-
(a) 2

4. फार्म में मैथड कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 1
(b) 2
(c) 2
(d) 4.
उत्तर-
(b) 2

(B) रिक्त स्थान भरें

1. ब्राउज़र जिस टैक्सट को उभार (Highlight) के नीले रंग में दिखाता है, को ……………………… कहा जाता है।
उत्तर-
हाईपरलिंक,

2. टेबल का कलर बदलने के लिए ……………………………… ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
BGCOLOR,

3. सैलज़ के बीच की स्पेसिंग बदलने के लिए ……………………………. ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Cell spacing,

4. ……………………….. का प्रयोग सैल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
Colspan,

5. ब्राउज़र हाईपरलिंक को …………………………….. रंग में प्रदर्शित करता है।
उत्तर-
नीले,

6. एक ही डाक्यूमैंट में किसी दूसरे भाग पर जाने के लिए ……………………. का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
बुकमार्क।

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(C) सही या गलत

1. हाईपरलिंक बनाने के लिए ऐंटर टैग का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

2. इमेज दाखिल करने के लिए टैग प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

3. HREF, टैग का ऐट्रीब्यूट है।
उत्तर-
गलत,

4. हम बैकग्राउंड में फोटो लगा सकते हैं।
उत्तर-
सही,

5. SCR, टैग का ऐट्रीब्यूट है।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐंकर टैग किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
ऐंकर टैग वैब पेज़ में लिंक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

प्रश्न 2.
लिंकिंग क्या होती है ?
उत्तर-
किसी एक वैब पेज में किसी टैक्सट या इमेज़ को किसी दूसरे वैब पेज से जोड़ने की क्रिया को लिंकिंग कहते हैं।

प्रश्न 3.
SCR ऐट्रीब्यूट क्या होती है ?
उत्तर-
वैब पेज पर फोटो दिखाने के लिए टैग का प्रयोग किया जाता है। इस टैग में फोटो की फाइल SCR ऐट्रीब्यूट से की जाती है।

प्रश्न 4.
इमेज को कौन-कौन से तरीकों से अलाइन किया सकता है ?
उत्तर-
इमेज को पाँच तरीकों से अलाइन किया जा सकता है।
यह हैं-

  • Left
  • Right
  • Top
  • Bottom
  • Middle

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सबमिट बटन क्या होता है ?
उत्तर-
हर फार्म में एक ऐसा बटन शामिल होना चाहिए जो डाटा फार्म सर्वर को भेजता है। आप इस बटन पर कोई भी लेबल लगा सकते हो। इसके दो ऐट्रीब्यूटस यह हैं। Type जिसकी सबमिट की जाने वाली कीमत होती है और value ऐट्रीब्यूट जो कि सबमिट बटन का नाम परिभाषित करता है, इसको बटन पर प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 2.
Marquee पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
इस टैग को टैक्सट को वैब पेज़ पर मूव (गतिमान) करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक कंटेनर टैग है। इस टैग में कुछ ऐट्रीब्यूट हैं जो साधारण रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इनको टेबल में परिभाषित किया गया है।

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प्रश्न 3.
इनलाइन स्टाइल क्या होता है ?
उत्तर-
इनलाइन स्टाइल वो स्टाइल है जो सीधा HTML दस्तावेज में टैग लिखा जाता है। इनलाइन स्टाइल शीट उस हालत में इस्तेमाल की जानी चाहिए यहाँ पेज/साइट पर किसी विशेष स्टाइल को दोहराया नहीं जाता। इनलाइन स्टाइल केवल खास टैग को प्रभावित करते हैं, जिन पर इनको लागू किया जाता है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
CSS स्टाइल कितने प्रकार के होते हैं ? विस्तारपूर्वक बतायें।
उत्तर-
CSS स्टाइल निम्नलिखित प्रकार के हैं-
इनलाइन स्टाइल-इनलाइन स्टाइल वे स्टाइल हैं जिनमें सीधे HTML दस्तावेज में टैग लिखे जाते हैं। इनलाइन स्टाइल शीट उस हालत में प्रयोग की जानी चाहिए यहाँ पेज़/साइट पर किसी विशेष स्टाइल को दोहराया नहीं जाता। इनलाइन स्टाइल केवल खास टैग को प्रभावित करते हैं, जिन पर इनको लागू किया जाता इनटर्नल या एमबैडैड स्टाइलज-इसकी परिभाषा को एक पन्ने के मुख्य भाग में एक बार लिखा जाता है। इसको हर एक पन्ने पर लिखा होना चाहिए जिस पर इस स्टाइल को लगाना हो। नीचे इनटर्नल स्टाइल शीट कोऔरसैक्शन के अंदर परिभाषित किया गया है।

एमबेडैड स्टाइल वे स्टाइल हैं जो कि डाक्यूमैंट के हैड में शामिल किए जाते हैं। एमबेडैड स्टाइल उन पन्नों के टैराज को प्रभावित करते हैं जिसमें वे एमबेडैड होते हैं।

एमबेडैड स्टाइल शीटों का फायदा यह है कि यह अन्य बाहरी फाइलों को लोड करने की जगह पर पन्ने पर तुरंत लोड होता है।एक्सटर्नल स्टाइल शीट-स्टाइल परिभाषा केवल एक बार लिखी जाती है और एक फाइल में सेव की जाती है। हर वैब पेज, जो कि फाइल को प्रयोग करना चाहता हो, फाइल के HEAD भाग में फाइल का लिंक रख सकता है।

सिनटैक्सCSS एक्सटर्नल फाइल-CSS फाइलें साधारण टैक्सट फाइलें होती हैं और नोटपैड जैसे साधारण टैक्सट ऐडीटर में लिखी जा सकती है। फाइल की एक्सटैंशन CSS होती है। ज्यादातर वैबसाइटें एक्सटर्नल स्टाइल शीटों का प्रयोग करती हैं। एक्सटर्नल स्टाइल वे स्टाइल हैं जो एक अलग दस्तावेज में लिखे गए हैं और फिर कई वैब डाक्यूमैंट के साथ जुड़े होते हैं। एक्सटर्नल स्टाइल शीट्स उन दस्तावेज़ों को प्रभावित कर सकते हैं जिसके साथ वे जुड़े हुए होते हैं।

प्रश्न 2.
HTML में हम बाहरी इमेज़ और मूवी किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं ?
उत्तर-
आप अपने वैब पेज़ पर कोई बाहरी इमेज खोल सकते हो। इसी प्रकार बाहरी आवाज़ और मूवी (फिल्म) आदि को भी खोला जा सकता है। इमेज या मूवी अलग डाक्यूमैंट में खुलता है। बाहरी इमेज या मूवी देखने के लिए ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। ऐंकर टैग में HREF ऐट्रीब्यूट इस्तेमाल किया जाता है।
<a href=”Guru Nanak.gif”>link anchor </a> यहाँ और ऐंकर टैग हैं। HREF ऐट्रीब्यूट, Guru Nanak.gif इमेज का नाम और link anchor लिंक का नाम है।

इसी तरह किसी बाहरी मूवी को अलग डाक्यूमैंट में खोलने का तरीका है-
<a href=”harrypotter.mov”> view the movie Harry Potter </a> इससे हैरी पौटर की मूवी चलनी शुरू हो जायेगी। पर यहाँ याद रखने योग्य बात यह है कि संबंधित मूवी की फाइल उसी फोल्डर में पड़ी होनी चाहिए जहाँ आपका HTML डाक्यूमैंट सेव पड़ा है। टैक्सट, मूवी या साऊंड के लिए कुछ निम्नलिखित फाइल एक्सटैंशनज याद रखनी चाहिए

  • वेव (Wave) साऊंड फाइल के लिए – .Wav
  • क्विक टाइम मूवी के लिए – .Mov
  • प्लेन टैक्सट के लिए। – .txt
  • HTML डाक्यूमैंट के लिए – .html

तस्वीर दिखाना-एक वैब पेज़ में तस्वीरें भी दिखाई जा सकती हैं। यह तस्वीर किसी भी तरह की हो सकती है। इन तस्वीरों की मदद से हम अपने वैब पेज को सुंदर और आकर्षित बना सकते हैं। इसके लिए tag का इस्तेमाल किया जाता है। इस टैग में हम तस्वीर का नाम बताते हैं। हम तस्वीर को उस स्थान पर रखते हैं जो स्थान हमने टैग में लिखा होता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Attributes : टैग के साथ हम निम्नलिखित attributes का प्रयोग कर सकते हैं।
Width : तस्वीर की चौड़ाई बताने के लिए इस का इस्तेमाल किया जाता है। तस्वीर की चौड़ाई नंबरों या प्रतिशत में दी जा सकती है।
Height : चौड़ाई की तरह ही तस्वीर की लंबाई बताने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह भी नंबरों या प्रतिशत में दी जाती है।
Border : तस्वीर का बार्डर दिखाने के लिए इस attribute का इस्तेमाल किया जाता है।
Alignment : तस्वीर को दायें, बायें या मध्य आदि जगह पर दिखाने के लिए इस attribute का इस्तेमाल किया जाता है।
Alt : Alt attribute का प्रयोग शब्द दिखाने के लिए किया जाता है। यह शब्द तब दिखाई देते हैं जब हम माउस तस्वीर के ऊपर लेकर जाते हैं।
उदाहरण-सभी attributes के प्रयोग से टैग की उदाहरण दी गई है। <img alt=”circle” width=”70%” height=”200″ border=”5″ />

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

PSEB 9th Class Science Guide कार्य तथा ऊर्जा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्न सूचीबद्ध क्रियाकलापों को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इनमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।
(i) सूमा एक तालाब में तैर रही है।
(ii) एक गधे ने अपनी पीठ पर बोझा उठा रखा है।
(ii) एक पवन चक्की (विंड मिल) कुएँ से पानी उठा रही है।
(iv) एक हरे पौधे में प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया हो रही है।
(v) एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।
(vi) अनाज के दाने सूर्य की धूप में सूख रहे हैं।
(vii) एक पाल-नाव पवन ऊर्जा के कारण गतिशील है।
उत्तर-
(i) सूमा एक विशेष दिशा में अपना पेशीय बल लगाकर बल की दिशा में विस्थापित हो रही है। इसलिए सूमा द्वारा कार्य किया जा रहा है।

(ii) इस अवस्था में गधे की पीठ पर उठाया गया बोझ (भार) नीचे की ओर विस्थापन के लंबवत लग रहा है जिस कारण कार्य नहीं हो रहा है।

(iii) हाँ, कार्य हो रहा है क्योंकि पानी को पवन चक्की गुरुत्वाकर्षण के विपरीत दिशा में बल लगाकर उठा रही है।

(iv) हरे पौधे में प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया के समय पौधे में कोई विस्थापन नहीं होता है जिस कारण कोई कार्य नहीं हो रहा है।

(v) इंजन बल लगाकर ट्रेन (गाड़ी) को बल की दिशा में खींच रहा है और ट्रेन विस्थापित होती है। इसलिए कार्य होता है।

(vi) धूप में सुखाए जा रहे अनाज के दानों में कोई विस्थापन नहीं होता है, इसलिए कोई कार्य हुआ नहीं कहा जा सकता।

(vii) पवन ऊर्जा के कारण चलती हुई पाल-नाव में बल की दिशा में विस्थापन होता है, इसलिए कार्य हो रहा
है।

प्रश्न 2.
एक पिंड को धरती से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिंड के पथ क प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया गया ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 1
जब किसी पिंड को क्षैतिज रेखा के साथ किसी कोण पर फेंका जाता है तो यह वक्रीय पथ पर जाते हुए वापिस धरती पर आ जाता है। इस व्यवस्था में कोई कार्य नहीं होता क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल लंबवत् नीचे की दिशा में लगता है जबकि विस्थापन क्षैतिज दिशा में होता है। इस अवस्था में θ = 90°
तथा cos θ = cos 90° = 0
∴ W = F cos θ × S
= F × o × S
W = 0

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 3.
एक बैटरी बल्ब जलाती है। इस प्रक्रम में होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
बैटरी में रासायनिक क्रिया होती है जिससे रासायनिक ऊर्जा विद्युत् ऊर्जा में रूपांतरित होती है। यह विद्युत् ऊर्जा बल्ब को पहले गर्म करके ताप ऊर्जा और फिर प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित करती है।

प्रश्न 4.
20 kg द्रव्यमान पर लगने वाला कोई बल इसके वेग को 5ms-1 से 2 ms-1 में परिवर्तित कर देता है। बल द्वारा किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल :
द्रव्यमान (m) = 20 kg
प्रारंभिक वेग (u) = 5 ms-1
अंतिम वेग (υ) = 2 ms-1
वस्तु की प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (EK1) = \(\frac {1}{2}\)mu2
= \(\frac {1}{2}\) × 20 × (5)2
= \(\frac {1}{2}\) × 20 × 5 × 5
= 250J

वस्तु की अंतिम गतिज ऊर्जा (EK2) = \(\frac {1}{2}\)mv2
= \(\frac {1}{2}\) × 20 × (2)2
= \(\frac {1}{2}\) × 20 × 2 × 2
= 40J
∴ बल द्वारा किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
= अंतिम गतिज ऊर्जा – प्रारंभिक गतिज ऊर्जा
= 40J – 250J
= – 210J
ऋण चिहन से यह स्पष्ट होता है कि विरोधी बल कार्य कर रहा है।

प्रश्न 5.
10 kg द्रव्यमान का एक पिंड मेज़ पर A बिंदु पर रखा है। इसे B बिंदु पर लाया जाता है। यदि A तथा B को मिलाने वाली रेखा क्षैतिज है तो पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा ? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
हल :
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 2
10 kg द्रव्यमान के पिंड को A से B बिंदु तक क्षैतिज दिशा में विस्थापित किया गया है परंतु गुरुत्वाकर्षण बल लंबवत नीचे की दिशा में क्रिया कर रहा है जो विस्थापन दिशा के साथ 90° का कोण बना रहा है।

∴ गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य (W) = F cos θ × S
= F × cos 90° × S
= F × 0 × S
= 0 (शून्य) उत्तर

प्रश्न 6.
मुक्त रूप से गिरते एक पिंड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है। क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है। कारण बताइए।
उत्तर-
नहीं, ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन नहीं होता है। जब मुक्त रूप से गिर रहे पिंड की ऊँचाई कम होती है तो स्थितिज ऊर्जा निरंतर कम होती है परंतु गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है। किसी भी समय गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का योग स्थिर रहता है।

प्रश्न 7.
जब आप साइकिल चलाते हैं तो कौन-कौन से ऊर्जा रूपांतरण करते हैं ?
उत्तर-
जब हम साइकिल चलाते हैं तो उस समय हमारी माँसपेशियों की ऊर्जा, ताप ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में रूपांतरित होती है। यह गतिज ऊर्जा सड़क की घर्षण ऊर्जा के विरुद्ध कार्य करने में खर्च होती है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 8.
जब आप अपनी सारी शक्ति लगा कर एक बड़ी चट्टान को धकेलना चाहते हैं और इसे हिलाने में असफल हो जाते हैं तो क्या इस अवस्था में ऊर्जा का स्थानांतरण होता है ? आपके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा कहाँ चली जाती है ?
उत्तर-
जब हम अपनी सारी शक्ति लगाकर चट्टान को धकेलकर हिलाने में असफल हो जाते हैं तो उस समय कोई कार्य नहीं किया जाता है, परंतु हम अपनी पेशीय ऊर्जा का प्रयोग करते हैं। इस पेशीय ऊर्जा ने चट्टान तथा सड़क की सतह के मध्य उत्पन्न होने वाले घर्षण बल के विरोध में कार्य करने का यत्न किया तथा ताप ऊर्जा में परिवर्तित हो गई जो पसीने तथा थकान के रूप में प्रकट हुई।

प्रश्न 9.
किसी घर में एक महीने में ऊर्जा की 250 यूनिटें व्यय हुईं। यह ऊर्जा जूल में कितनी होगी ?
हल :
हम जानते हैं, 1 यूनिट ऊर्जा = 1 किलोवाट घंटा (1 kWh)
= 1 kW × 1 h
1 × 1000 वाट × 3600 सेकेण्ड
= 36 × 105 J
= 3.6 × 106 J
∴ 250 यूनिट ऊर्जा = 250 × 3.6 × 106 J
= 900 × 106 J
= 9 × 108

प्रश्न 10.
40 kg द्रव्यमान का एक पिंड धरती से 5m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा कितनी है ? यदि पिंड को मुक्त रूप से गिरने दिया जाए तो जब पिंड ठीक आधे रास्ते पर है उस समय इसकी गतिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए। [g = 10 ms-2]
हल :
यहां द्रव्यमान (m) = 40 kg
ऊँचाई (h) = 5m
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 ms-2
5m की ऊँचाई पर पिंड की स्थितिज ऊर्जा (Ep) = mgh
= 40 × 10 × 5J
= 32000 J
जब पिंड आधे रास्ते नीचे आ गया तो मान लो इसका वेग υ है।
अब पिंड द्वारा तय की गई दूरी (S) = \(\frac{5}{2}\) = 2.5m
υ2– u2 = 2gS का प्रयोग करके
υ2 – (0)2 = 2 × 10 × 2.5
υ2 = 2 × 25
या υ = 50
आधे रास्ते पहुँचकर पिंड की गतिज ऊर्जा (EK) = \(\frac{1}{2}\)mυ2
= \(\frac{1}{2}\) × 40 × 50
= 1000 J

प्रश्न 11.
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए किसी उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा ? अपने उत्तर को तर्क संगत बनाइए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 3
जब कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है तो गुरुत्व बल गति की दिशा इस वृत्तीय पथ के अर्धव्यास के साथ अंदर की ओर लगता है जबकि गति की दिशा इस पथ की स्पर्श रेखा (Tangent) जो अर्धव्यास के लंबवत् होती है। इस प्रकार गुरुत्वाकर्षण बल तथा विस्थापन परस्पर एक-दूसरे के साथ 90° का कोण बनाते हैं जिस कारण उपग्रह पर किया गया कार्य शून्य (0) होता है।

प्रश्न 12.
क्या किसी पिंड पर लगने वाले किसी भी बल की अनुपस्थिति में इसका विस्थापन हो सकता है ? सोचिए ! इस प्रश्न के बारे में अपने मित्रों तथा अध्यापकों से विचार-विमर्श कीजिए।
उत्तर-
किसी पिंड पर लगने वाले बल की अनुपस्थिति में इस पिंड का विस्थापन संभव है। यदि पिंड समान वेग से गति कर रहा है यदि पिंड विराम अवस्था में है तो बल की अनुपस्थिति में इसका विस्थापन संभव नहीं होगा।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 13.
कोई मनुष्य भूसे के गट्ठर को अपने सिर पर 30 मिनट तक रखे रहता है और थक जाता है। क्या उसने कुछ कार्य किया है या नहीं ? अपने उत्तर को तर्क संगत बनाइए।
उत्तर-
मनुष्य ने भूसे का गट्ठर अपने सिर पर 30 मिनट तक रखा और थक गया परंतु गुरुत्वाकर्षण बल के लगने पर भी गट्ठर में कोई विस्थापन नहीं हुआ है। इसलिए उस मनुष्य द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया कहा जाएगा।

प्रश्न 14.
एक विद्युत् हीटर (ऊष्मक) की घोषित शक्ति 1500 w है। 10 घंटे में यह कितनी ऊर्जा उपयोग करेगा ?
हल-
यहाँ, विद्युत् हीटर की शक्ति (P) = 1500 W
जितने समय के लिए हीटर उपयोग किया गया (t) = 10 घंटे
हीटर द्वारा खर्च की गई कुल ऊर्जा (E) = P × t
= 1500 W × 10 h
= 15000 watt-hours (Wh)
यूनिट = \(\frac{15000}{1000}\)
= 15 kWh

प्रश्न 15.
जब हम किसी सरल लोलक के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तो यह दोलन करने लगता है। इसमें होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों की चर्चा करते हुए ऊर्जा संरक्षण नियम को स्पष्ट कीजिए। गोलक कुछ समय पश्चात् विराम अवस्था में आ जाता है ? अंततः इसकी ऊर्जा का क्या होता है ? क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन है ?
उत्तर-
दोलित सरल लोलक में ऊर्जा का रूपांतरण – प्रारंभ में लोलक अपनी माध्य स्थिति में विराम अवस्था में होता है, इसलिए इस समय इसकी गतिज ऊर्जा शून्य होती है। इस स्थिति में हम इसकी स्थितिज ऊर्जा को भी शून्य मान लेते हैं।

जब गोलक को माध्य स्थिति से एक ओर को ले जाते हैं तो इसकी ऊँचाई बढ़ने लगती है और इस क्रिया में हमें गुरुत्वीय बल के विरुद्ध कुछ कार्य करना पड़ता है। यह कार्य गोलक की स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होता जाता है। इस प्रकार माध्य स्थिति से एक तरफ का अधिकतम विस्थापन की स्थिति (आयाम) में जब गोलक को छोड़ा जाता है तो उस स्थिति में गोलक की स्थितिज ऊर्जा अधिकतम और गतिज ऊर्जा शून्य होती है। अब गोलक छोड़ने पर गोलक वापिस धीरे-धीरे माध्य स्थिति की ओर बढ़ता है जिससे गोलक की ऊँचाई कम होने लगती है अर्थात् स्थितिज ऊर्जा कम होने लगती है जबकि वेग में धीरे-धीरे वृद्धि होने के कारण गतिज ऊर्जा बढ़ना प्रारंभ करती है। क्योंकि गोलक वायु में से होकर गति करता है, इसलिए वायु के घर्षण के विरुद्ध कार्य करने से कुछ ऊर्जा व्यय हो जाती है। इससे वायु के अणुओं का वेग बढ़ने के कारण उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। वापिस माध्य स्थिति में पहुँचकर लोलक की गतिज ऊर्जा अधिकतम और स्थितिज ऊर्जा शून्य हो जाती है। गति जड़त्व के कारण गोलक यहाँ विराम अवस्था में नहीं आता अपितु माध्य स्थिति के दूसरी ओर गतिशील रहता है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 4

इससे गोलक की ऊँचाई बढ़ने लगती है, अत: उसकी स्थितिज ऊर्जा बढ़ने लगती है, परंतु गतिज ऊर्जा घटने लगती है। अधिकतम विस्थापन की स्थिति में गोलक की स्थितिज ऊर्जा अधिकतम तथा गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है। गोलक यहां रुका नहीं रहता, पुनः माध्य अवस्था की ओर लौटने लगता है। प्रत्येक स्थिति में गोलक की स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा तथा वायु के अणुओं को ऊर्जा का योग नियत बना रहता है। इस प्रकार सरल लोलक के दोलनों में कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।

गोलक का आयाम गोलक की कुल ऊर्जा पर निर्भर करता है । गोलक द्वारा वायु के अणुओं को दी गई ऊर्जा पुनः गोलक को वापिस नहीं मिल पाती। इससे गोलक की कुल ऊर्जा लगातार घटती जाती है। जब गोलक अपनी संपूर्ण ऊर्जा वायु के अणुओं को दे देता है तो उसकी कुल ऊर्जा शून्य हो जाती है और वह माध्य स्थिति में विराम अवस्था में आ जाता है।
इस प्रकार यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन नहीं है।

प्रश्न 16.
m द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग υ से गतिशील है। पिंड पर कितना कार्य करना चाहिए कि वह विराम अवस्था में आ जाए?
हल :
मान लो, पिंड का द्रव्यमान = m
पिंड का आरंभिक वेग = υ
∴ पिंड की गतिज ऊर्जा (EK) = \(\frac {1}{2}\)mυ2
m द्रव्यमान वाले पिंड का अंतिम वेग = 0 (विराम अवस्था में)
∴ पिंड पर कार्य करने की आवश्यकता = पिंड की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
= \(\frac {1}{2}\)mυ2 – \(\frac {1}{2}\)m (0)2
= \(\frac {1}{2}\)mυ2 – 0
= \(\frac {1}{2}\)mυ2

प्रश्न 17.
1500 kg द्रव्यमान की कार को जो 60 km/h के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल :
यहाँ कार का द्रव्यमान (m) = 1500 kg
कार का प्रारंभिक वेग (u) = 60 km/h
= \(\frac{60 \times 1000}{60 \times 60}\) m/s
= \(\frac{50}{3}\) ms-1
कार का अंतिम वेग (υ) = 0 (विराम अवस्था)
कार को विराम अवस्था में लाने के लिए किया गया कार्य = कार की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 5
= 208333.3 J
= 208.33 kJ

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प्रश्न 18.
निम्न में से प्रत्येक स्थिति में m द्रव्यमान के एक पिंड पर एक बल F लग रहा है। विस्थापन की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर है जो एक लंबे तीर से प्रदर्शित की गई है। चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए और बताइए कि किया गया कार्य ऋणात्मक है, धनात्मक है या शून्य है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 6
उत्तर-
(i) इस स्थिति में बल तथा विस्थापन एक-दूसरे के लंबवत हैं,
∴ θ = 90°
cos θ = cos 90° = 0
अब पिंड पर किया गया कार्य, W = F S cos θ
= F S cos 90°
= F × s × 0
= 0 (शून्य) उत्तर

(ii) इस स्थिति में बल F तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैं।
∴ θ = 0°
cos θ = cos 0° = 1
अब पिंड पर किया गया कार्य, W = F S cos θ
= F × S × cos 0°
= F × S × 1
= FS, जोकि घनात्मक है।

(iii) इस स्थिति में पिंड पर लगाया गया बल F तथा विस्थापन विपरीत दिशा में हैं, इसलिए
θ = 180°
cos θ = cos 180° = -1
अब पिंड पर किया गया कार्य, W = FS cos θ
= FS cos 180°
= F × S × (-1)
= – FS जोकि ऋणात्मक है।

प्रश्न 19.
सोनी कहती है कि किसी वस्तु पर त्वरण शून्य हो सकता है चाहे उस पर कई बल कार्य कर रहे हों। क्या आप उससे सहमत हैं ? बताइए क्यों ?
उत्तर-
हाँ, मैं सोनी के कथन से सहमत हूँ क्योंकि यदि वस्तु पर अनेक बल एक ही समय पर लग रहे हैं तथा उनका परिणामी योग शून्य है तो वस्तु का त्वरण भी शून्य ही होगा।
a = \(\frac{\mathrm{F}}{m}\)
a = \(\frac{\mathrm{F}}{m}\) = 0

प्रश्न 20.
चार युक्तियाँ, जिनमें प्रत्येक की शक्ति 500 W है। 10 घंटे तक उपयोग में लाई जाती हैं। इनके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा kWh में परिकलित कीजिए।
उत्तर-
एक युक्ति की शक्ति (p) = 500 W
∴ 4 युक्तियों की कुल शक्ति (P) = 500 W × 4
= 2000 W
जितने समय के लिए 4 युक्तियाँ उपयोग की गईं (t) = 10 घंटे
व्यय की गई ऊर्जा (E) = P × t
2000 W × 10 h
= 20000 Wh
= \(\frac{20000}{1000}\) = 20 kWh

प्रश्न 21.
मुक्त रूप से गिरता एक पिंड अंततः धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा का क्या होता है ?
उत्तर-
जब कोई पिंड मुक्त रूप से नीचे धरती की ओर गिरता है तो धरती पर पहुँच कर रुक जाता है तथा इसकी गतिज ऊर्जा का अन्य रूपों में रूपांतरण हो जाता है। ये ऊर्जा के रूप, ऊष्मा, ध्वनि तथा प्रकाश हैं। अंततः यह स्थितिज ऊर्जा में रूपांतरित हो जाती है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

Science Guide for Class 9 PSEB कार्य तथा ऊर्जा InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
किसी वस्तु पर 7 N का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8m है (देखें चित्र)। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्थिति में किया गया कार्य कितना होगा ?
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 7
हल:
यहां बल (F) = 7 न्यूटन (N)
विस्थापन (S) = 8 m
किया गया कार्य (W) = ?
हम जानते हैं, W = F × s
= 7N × 8 m
= 56 N – m
= 56 J (जूल) उत्तर

प्रश्न 2.
हम कब कहते हैं कि कार्य किया गया है ?
उत्तर-
कार्य (Work) – जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है तथा वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है, तो बल द्वारा कार्य किया गया कहा जाता है।
∴ कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (S)

प्रश्न 3.
जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।
उत्तर-
जब वस्तु में विस्थापन उस पर लगने वाले बल (F) की दिशा में हो तो,
कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (S)

प्रश्न 4.
1J कार्य को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
एक जूल कार्य किया गया कहा जाता है यदि वस्तु पर लगने वाला 1 न्यूटन बल वस्तु को अपनी ही दिशा में 1 m की दूरी से विस्थापित करे।
W = F × S
अथवा 1J = 1N × 1m

प्रश्न 5.
बैलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय किसी हल पर 140 N बल लगाती है। जोता गया खेत 15 m लंबा है। खेत की लंबाई को जोतने में कितना कार्य किया गया ?
हल :
यहा लगाया गया बल (F) = 140 N
खेत की लंबाई (S) = 15m
किया गया कार्य (W) = ?
अब W = F × S
∴ किया गया कार्य (W) = 140 N × 15 m
= 2100 N – m
= 2100 J

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 6.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा क्या होती है ?
उत्तर-
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा उसमें उपस्थित गति के कारण होती है।
उदाहरण-

  1. गतिशील पत्थर।
  2. बहती वायु।
  3. घूमता हुआ पहिया।

प्रश्न 7.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक लिखिए।
उत्तर-
एक m द्रव्यमान वाली वस्तु जो समान वेग υ से गतिशील हो, की गतिज ऊर्जा (Ek) = \(\frac {1}{2}\) × द्रव्यमान × (वेग)2
= \(\frac {1}{2}\) × m × (υ)2
∴ गतिज ऊर्जा का व्यंजक (Ek) = \(\frac {1}{2}\)mυ2

प्रश्न 8.
5ms-1 के वेग से गतिशील किसी m द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा 25 J है। यदि इसके वेग को दोगुना कर दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी ? यदि इसके वेग को तीन गुना बढ़ा दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
हल :
दिया है, वस्तु का द्रव्यमान = m
वस्तु का वेग (υ) = 5 ms-1
वस्तु की गतिज ऊर्जा (EK) = 25 J
हम जानते हैं, EK = \(\frac {1}{2}\)mυ2
25 = \(\frac {1}{2}\)m × (5)2
25 = \(\frac {1}{2}\)m × 25
या m = \(\frac{25 \times 2}{25}\)
∴ m = 2 kg

(i) जब वस्तु का वेग दोगुना कर दिया जाता है, तो
m = 2 kg
υ1 = 2 × 5 ms-1
EK1 = \(\frac {1}{2}\) × m × υ12
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × (10)2
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × 10 × 10
= 100 J
= 4 × 25J
∴ EK1 = 4 × EK
∴ वेग दोगुना करने पर वस्तु की गतिज ऊर्जा (EK1), पहली ऊर्जा (EK = 5 J) का चार गुणा हो जायेगा।

(ii) जब वस्तु का वेग तिगुना कर दिया जाए, तो
υ2 = 3 × υ
= 3 × 5 ms-1
= 15 ms-1
.. वस्तु की गतिज ऊर्जा (EK2) = \(\frac {1}{2}\) × m × (υ2)2
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × (15)2
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × 15 × 15
=225J
= 9 × 25J
∴ EK2 = 9 × (EK)
अर्थात् वस्तु का वेग तिगुना करने पर वस्तु की गतिज ऊर्जा, पहली गतिज ऊर्जा (EK = 25 J) का नौ गुना हो जायेगी।

प्रश्न 9.
शक्ति क्या है ?
उत्तर-
शक्ति (Power) – कार्य करने की दर अथवा ऊर्जा रूपांतरण की दर को शक्ति कहते हैं। यदि कोई कारक (एजेंट) t समय में W कार्य करता है, तो शक्ति का मान होगा
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 8
∴ P= \(\frac{\mathrm{W}}{t}\)

प्रश्न 10.
1 वाट शक्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
वाट (Watt) – 1 वाट उस कारक या मशीन की शक्ति है जो 1 सेकेण्ड में 1 जूल कार्य करता है।
हम इस प्रकार भी कह सकते हैं कि यदि ऊर्जा के उपयोग की दर 1 Js-1 (जूल प्रति सेकेंड) हो तो शक्ति 1 वाट (W) होगी।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 9
या 1 W = \(\frac{1 \mathrm{~J}}{1 \mathrm{~s}}\)
= 1 Js-1

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 3.
एक लैंप 1000 J विद्युत् ऊर्जा 10 s में व्यय करता है। इसकी शक्ति कितनी है ?
हल :
यहाँ, W = 1000 J
t = 10s
हम जानते हैं, शक्ति (p) = \(\frac{\mathrm{E}}{t}\)
= \(\frac{1000 \mathrm{~J}}{10 s}\)
= 100 Js-1
P = 100 W

प्रश्न 11.
औसत शक्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
औसत (मध्यमान) शक्ति (Average Power) – कुल उपयोग की गई ऊर्जा तथा कुल लगे समय के अनुपात को औसत (मध्यमान) शक्ति कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

PSEB 9th Class Science Guide गुरुत्वाकर्षण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस प्रकार बदलेगा ?
उत्तर-
मान लो दो वस्तुओं A तथा B का क्रमशः द्रव्यमान m1 तथा m2 है तथा उनके केंद्रों के मध्य की दूरी r है। इसलिए गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार उनके बीच आकर्षण बल F = G \(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\) होगा। ………………….(i)
अब यदि उनके बीच की दूरी आधी कर दी जाए तो
r’ = \(\frac{r}{2}\) है तथा उनके मध्य गुरुत्वाकर्षण बल
F’ = G . \(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{f 2}}\)
= G . \(\frac{m_{1} \times m_{2}}{\left(\frac{r}{2}\right)^{2}}\)
= 4G . \(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\) ………………..(ii)
समीकरण (i) का प्रयोग करके
F’ = 4 × F
इसलिए दो वस्तुओं के मध्य की दूरी आधी करने से आकर्षण बल प्रारंभिक स्थिति की अपेक्षा आकर्षण बल चार गुणा हो जायेगा।

प्रश्न 2.
सभी वस्तुओं पर लगने वाले गुरुत्वीय बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है। फिर एक भारी वस्तु हल्की वस्तु के मुकाबले तेज़ी से क्यों नहीं गिरती ?
उत्तर-
मान लो F गुरुत्वीय आकर्षण बल m द्रव्यमान वाली वस्तु पर लग रहा है।
∴ F = G . \(\frac{\mathrm{Mm}}{r^{2}}\) ………….(i)
तथा F = mg ……………….(ii)
तथा समीकरण (i) तथा (ii) से
F = \(\frac{\mathrm{GM} m}{r^{2}}\) = mg
स्पष्ट है कि F ∝ m परंतु आकर्षण त्वरण g द्रव्यमान m पर निर्भर नहीं करता है। इसलिए सभी वस्तुएं (हल्की तथा भारी वस्तुएं) एक समान गति से नीचे की ओर गिरती हैं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 3.
पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी 1 kg की वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल का परिमाण क्या होगा ? (पृथ्वी का द्रव्यमान 6 × 1024 kg है तथा पृथ्वी को त्रिज्या 6.4 × 106 m है।)
हल-
यहां वस्तु का द्रव्यमान (m) = 1 kg
पृथ्वी का द्रव्यमान (M) = 6 × 1024 kg
पृथ्वी की त्रिज्या (R) = 6.4 × 106 m
पृथ्वी तथा 1 kg द्रव्यमान वाली वस्तु के मध्य गुरुत्वाकर्षण
बल का परिमाण (F) = G\(\frac{\mathrm{Mm}}{\mathrm{R}^{2}}\)
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 1
=9.77 N
= 9.8 N (लगभग) उत्तर

प्रश्न 4.
पृथ्वी तथा चंद्रमा एक-दूसरे को गुरुत्वीय बल से आकर्षित करते हैं। क्या पृथ्वी जिस बल से चंद्रमा को आकर्षित करती है वह बल, उस बल से जिससे चंद्रमा, पृथ्वी को आकर्षित करता है बड़ा है या छोटा है या बराबर है ? बताइए क्यों ?
उत्तर-
चंद्रमा भी पृथ्वी को उतने ही बल से आकर्षित करता है जितने बल से पृथ्वी चंद्रमा को आकर्षित करती है। ऐसा न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार है क्योंकि इस नियम के अनुसार दोनों बल समान परंतु एक दूसरे के विपरीत होते हैं।

प्रश्न 5.
यदि चंद्रमा, पृथ्वी को आकर्षित करता है, तो पृथ्वी चंद्रमा की ओर गति क्यों नहीं करती ?
उत्तर-
चंद्रमा, पृथ्वी को उतने ही बल से आकर्षित करता है जितने बल से पृथ्वी चंद्रमा को आकर्षित करती है परंतु पृथ्वी चंद्रमा से बड़ी है। इसलिए पृथ्वी में उत्पन्न हुआ त्वरण (a ∝ \(\frac{1}{m}\)) = अत्यधिक कम होने के कारण दिखाई नहीं
देता।

प्रश्न 6.
दो वस्तुओं के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होगा, यदि
(i) एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए ?
(ii) वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुनी अथवा तीन गुनी कर दी जाए ?
(ii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दोगुने कर दिए जाएँ ?
हल :
(i) हम जानते हैं कि दो वस्तुओं के मध्य लग रहा गुरुत्वाकर्षण बल,
F = G\(\frac{m_{1} m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\) ……………(1)
अब यदि हम एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना कर दें, तो
F’ = G\(\frac{m_{1} \times 2 m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\)
F’ = 2 × G \(\frac{m_{1} m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\) ……………. (2)
समीकरण (1) का प्रयोग करके
F’ = 2 × F
अर्थात् आकर्षण बल पहले आकर्षण बल से दोगुना हो जायेगा।

(ii) यदि वस्तुओं के मध्य की दूरी दोगुना कर दिया जाए, तो
F’ = G\(\frac{m_{1} m_{2}}{(2 \mathrm{R})^{2}}\)
= G\(\frac{m_{1} m_{2}}{4 \mathrm{R}^{2}}\)
= \(\frac{1}{4}\)G\(\frac{m_{1} m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\) ……………. (3)
समीकरण (1) का प्रयोग करके
F’ = \(\frac{1}{4}\) × F
अर्थात् आकर्षण बल पहली स्थिति का \(\frac{1}{4}\) हो जायेगा।
यदि दोनों वस्तुओं के मध्य की दूरी तीन गुना कर दी जाए, तो
F” = G\(\frac{m_{1} m_{2}}{(3 \mathrm{R})^{2}}\)
= G\(\frac{m_{1} m_{2}}{9 R^{2}}\)
= \(\frac{1}{9}\) × G\(\frac{m_{1} m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\) …………. (4)
समीकरण (1) का प्रयोग करके,
F’ “= \(\frac{1}{9}\) × F
अर्थात् दूरी तीन गुणा करने से बल का परिमाण पहली स्थिति के बल का \(\frac{1}{9}\) हो जायेगा।

(iii) जब दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाता है, तो
F’ ” = G.\(\frac{\left(2 m_{1}\right) \times\left(2 m_{2}\right)}{\mathrm{R}^{2}}\)
= 4.\(\frac{\mathrm{G} m_{1} m_{2}}{\mathrm{R}^{2}}\)
समीकरण (1) का प्रयोग करके
F’ = 4 × F
अर्थात् इस अवस्था में आकर्षण बल पहली स्थिति में बल की अपेक्षा 4 गुणा हो जायेगा।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 7.
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के क्या महत्त्व हैं ?
उत्तर-
सार्वत्रिक नियम के महत्त्व – गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम ने प्रकृति में हो रही विभिन्न घटनाओं का सफलतापूर्वक वर्णन किया है जो अंसबद्ध मानी जाती थी।

  1. हमें पृथ्वी से बाँधे रखने वाला बल
  2. पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति
  3. सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति
  4. चंद्रमा तथा सूर्य के कारण ज्वार-भाटा का आना।

प्रश्न 8.
मुक्त पतन का त्वरण क्या है ?
उत्तर-
वस्तु में उत्पन्न हुआ त्वरण जब वस्तु केवल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के अधीन नीचे गिरती है, तो उसे मुक्त पतन का त्वरण कहते हैं। पृथ्वी की सतह के निकट इसका मान 9.8 ms-2 है।

प्रश्न 9.
पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल को हम क्या कहेंगे ?
उत्तर-
पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच लगने वाले गुरुत्वीय बल को उस वस्तु का भार कहा जाता है।

प्रश्न 10.
एक व्यक्ति A अपने एक मित्र के निर्देश पर ध्रुवों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है। वह इस सोने को विषुवत् वृत्त पर अपने मित्र को देता है। क्या उसका मित्र खरीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा ? यदि नहीं, तो क्यों ?
उत्तर-
अमित का मित्र सोने के इस भार से संतुष्ट नहीं होगा क्योंकि ध्रुवों पर विषुवत वृत्त की अपेक्षा ‘g’ का मान अधिक होता है। इसलिए कुछ ग्राम सोने का भार (W = m × g) विषुवत वृत्त की तुलना में कम होगा।

प्रश्न 11.
एक कागज़ की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़ कर बनाई गई गेंद से धीमी क्यों गिरती
उत्तर-
कागज़ की शीट का क्षेत्रफल गेंद के क्षेत्रफल की अपेक्षा अधिक होगा जिस कारण गेंद की अपेक्षा कागज़ की शीट पर वायु का अधिक प्रतिरोध होगा। इस अधिक प्रतिरोध के कारण कागज़ की शीट धीमी गति से गिरती है।

प्रश्न 12.
चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा \(\frac{1}{6}\) गुणा है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा ?
हल-
चंद्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान = 10 kg
पृथ्वी पर वस्तु का द्रव्यमान = 10 kg
पृथ्वी पर वस्तु का भार (W) = m × g
= 10 × 9.8
N = 98 N

अब चंद्रमा पर वस्तु का भार (W’) = \(\frac{1}{6}\) × पृथ्वी पर वस्तु का भार
= \(\frac{1}{6}\) × 9.8N
= 16.3 N

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 13.
एक गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 49 m/s के वेग से फेंकी जाती है। परिकलन कीजिए।
(i) अधिकतम ऊंचाई जहाँ तक गेंद पहुंचती है।
(i) पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लिया गया कुल समय।
हल-
(i) यहां प्रारंभिक वेग (u) = 49 m/s
अंतिम वेग (υ) = 0 (अधिकतम ऊँचाई पर पहुँचकर)
पृथ्वी की सतह (तल) के विपरीत दिशा में जाने के कारण
गुरुत्वीय त्वरण (g) = – 9.8 ms-2
ऊँचाई (h) = ?
अधिकतम ऊँचाई पर पहुँचने के लिए लगा समय (t) = ?
गति समीकरण υ2 – u2 = 2gh का प्रयोग करने पर
(0)2 – (49)2 = 2 × (-9.8) × h
– (49 × 49) = -2 × 9.8 × h
∴ h = \(\frac{49 \times 49}{2 \times 9.8}=\frac{245}{2}\) = 122.5 m

(ii) अब υ = u + gt
0 = 49 + (-9.8) × t
– 49 = (-9.8) × t
t = \(\frac{49}{9.8}\)
= \(\frac{49 \times 10}{98}\)
∴ t = 5s
पृथ्वी पर वापिस आने में लगा कुल समय = t + t
= 2t
= 2 × 5s
= 10 s

प्रश्न 14.
19.6 m ऊँची एक मीनार की चोटी से एक पत्थर छोड़ा जाता है। पृथ्वी पर पहुँचने से पहले इसका अंतिम वेग ज्ञात कीजिए।
हल :
यहां मीनार की ऊँचाई (h) = 19.6 m
प्रारंभिक वेग (u) = 0
गुरुत्वीय त्वरण (g) = + 9.8 ms-2
अंतिम वेग (υ) = ?
गति समीकरण υ2 – u2 = 2gh का प्रयोग करके
υ2 – (0)2 = 2 × 9.8 × 19.6
υ2 = 19.6 × 19.6 1
υ = \(\sqrt{19.6 \times 19.6}\)
∴ υ = 19.6 ms-1

प्रश्न 15.
कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 40 m/s के प्रारंभिक वेग से फेंका गया है। g = 10 m/s2 लेते हुए ग्राफ की सहायता से पत्थर द्वारा पहुँची अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। नेट विस्थापन तथा पत्थर द्वारा चली गई कुल दूरी कितनी होगी ?
हल :
पत्थर का प्रारंभिक वेग (u) = 40 ms-1
पत्थर का अधिकतम ऊँचाई पर पहुँच कर अंतिम वेग (υ) = 0
[विरामावस्था] गुरुत्वीय त्वरण (g) = – 10 ms-2
समय (t) = ?
हम जानते हैं,
V = u + gt
0 = 40 + (- 10) × t
0 = 40 – 10 × t
– 40 = – 10 × t
t = \(\)
∴ t = 4s
अधिकतम दूरी (h) = ?
अब υ2 – u2 = 2gh का प्रयोग करके
(0)2 – (40)2 = 2 × (- 10) × h
– (40 × 40) = – 20 × h
या h = \(\)
∴ h = 80 m
पत्थर द्वारा तय की गई कूल दूरी = h + h
= 2h
= 2 × 80 m
= 160 m

प्रश्न 16.
पृथ्वी तथा सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिकलन कीजिए। दिया है, पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 × 1024 kg, सूर्य का द्रव्यमान = 2 x 1030 kg। दोनों के बीच औसत दूरी 1.5 × 1011 m है।
हल :
दिया है, पृथ्वी का द्रव्यमान (m1) = 6 × 1024 kg
सूर्य का द्रव्यमान (m2) = 2 × 1030 kg
पृथ्वी तथा सूर्य के बीच औसत दूरी (d) = 1.5 × 10-11 m
G = 6.7 × 10-11 N – m2/kg2
गुरुत्वाकर्षण बल (F) = ?
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियमानुसार,
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 2
= 35.57 × 1021 N

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 17.
कोई पत्थर 100 m ऊंची मीनार की चोटी से गिराया गया और उसी समय कोई दूसरा पत्थर 25 m/s के वेग से ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंका गया। परिकलन कीजिए कि दोनों पत्थर कब और कहाँ मिलेंगे ? (g = 10 ms-2)
हल :
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 3
मीनार की ऊँचाई = 100 m
मान लीजिए एक पत्थर मीनार की छत A से नीचे की ओर फेंका गया तथा दूसरा पत्थर उसी समय C से सीधा ऊपर की ओर फेंका गया है। ये दोनों पत्थर 1 समय के बाद B बिंदु पर मिलते हैं।
पहले पत्थर द्वारा तय की गई दूरी (AB) = x
दूसरे पत्थर द्वारा तय की गई दूरी (CB) = (100 – x)
पहले पत्थर की ऊपर से नीचे की ओर यात्रा
u = 0
g = + 10 ms-2
h = x मीटर
s = ut + \(\frac{1}{2}\) gt2 का प्रयोग करने पर
x = 0 + t + \(\frac{1}{2}\) × 10 × t2
x = 5t2
t2 = \(\frac{x}{5}\) ………(1)

दूसरे पत्थर की नीचे से सीधा ऊपर की दिशा में यात्रा
u = 25 ms-1
h = (100 – x) मीटर
g = – 10 ms-2
s = ut + \(\frac{1}{2}\) gt2 से
(100 – x) = 25 × t + \(\frac{1}{2}\) × (- 10) × t2
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 4
समीकरण (1) तथा (2) से
\(\frac{x}{5}\) = \(\frac{25 t-100+x}{5}\)
या x = 25t – 100 + x
σ = 25t – 100 + x
25t = 100
∴ t = \(\frac{100}{25}\)
= 4s
अब t = 4s समीकरण (1) में रखने पर
(4)2 = \(\frac{x}{5}\)
16 = \(\frac{x}{5}\)
∴ x = 16 × 5 = 80
अर्थात् पहला पत्थर छत से नीचे 80 m की दूरी तय करेगा।
दूसरा पत्थर C से ऊपर की ओर जाते समय दूरी तय करेगा
(100 – x) = 100 – 80
= 20 मीटर उत्तर

प्रश्न 18.
ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकी गई एक गेंद 6s पश्चात् फेंकने वाले के पास लौट आती है। ज्ञात कीजिए :
(a) यह किस वेग से ऊपर फेंकी गई,
(b) गेंद द्वारा पहुँची गई अधिकतम ऊँचाई तथा
(c) 4 5 पश्चात् गेंद की स्थिति।
हल :
कुल लगा समय (1) = 6 s
गेंद की ऊपर की दिशा में की गई यात्रा में लगा समय = गेंद को नीचे की ओर की गई यात्रा में लगा समय
= \(\frac{6 s}{2}\)

(i) मान लो गेंद प्रारंभिक वेग u से ऊपर की दिशा में फेंकी गई है।
g = – 9.8 ms-2
t = 3s
υ = 0
(अधिकतम ऊँचाई पर पहुँच कर गेंद विरामावस्था में आ जाती है)
अधिकतम की गई ऊँचाई (S) = h
υ = u + gt का प्रयोग करके
0 = u + (- 9.8) × 3
0 = u – 29.4
∴ u = 29.4 ms-1

(ii) अब υ2 – u2 = 2gS
(0)2 – (29.4) = 2 × (- 9.8) × h
0 – 29.4 × 29.4 = – 19.6 × h
या h = \(\frac{-29.4 \times 29.4}{-19.6}\)
= \(\frac{29.4 \times 29.4}{19.6}\)
∴ h = 44.1 m

(iii) 3 सैकिंड के बाद गेंद नीचे की ओर आना प्रारंभ करेगी
∴ u = 0
g = + 9.8 ms-2
t = (4 – 3) = 1 सैकंड
गति समीकरण S = ut + = \(\frac {1}{2}\)gt2 का प्रयोग करने पर
S = 0 × 1 + \(\frac {1}{2}\) × 9.8 × (1)2
S = 0 + 4.9 × 1 × 1
S = 4.9 m
∴ फेंकने वाले व्यक्ति से गेंद की ऊँचाई = (44.1 – 4.9) m
39.2 m

प्रश्न 19.
किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल किस दिशा में कार्य करता है ?
उत्तर-
किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल ऊपर की ओर क्रिया करता है।

प्रश्न 20.
पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी के पृष्ठ पर क्यों आ जाता
उत्तर-
जब एक प्लास्टिक के टुकड़े को पानी में छोड़ देते हैं तो यह पानी के पृष्ठ (सतह) पर आ जाता है क्योंकि प्लास्टिक का घनत्व पानी के घनत्व की अपेक्षा कम होता है। प्लास्टिक के टुकड़े पर विस्थापित पानी द्वारा लगाया गया उत्प्लावन बल प्लास्टिक के टुकड़े के भार से अधिक होता है जिसके फलस्वरूप टुकड़ा पानी के पृष्ठ पर आ जाता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 21.
50g के किसी पदार्थ का आयतन 20 cm3 है। यदि पानी का घनत्व 1g cm-3 हो, तो पदार्थ तैरेगा या डूबेगा ?
हल :
पदार्थ का द्रव्यमान (m) = 50 gm
पदार्थ का आयतन (V) = 20 cm3
पदार्थ का घनत्व (D) = ?
पानी का घनत्व (d) = 1 gm cm-3
हम जानते हैं D = \(\frac{m}{\mathrm{~V}}\)
= \(\frac{50}{20}\)
∴ D = 2.5 gm cm-3
D > d
अर्थात् पदार्थ का घनत्व पानी के घनत्व से अधिक है जिस कारण पानी का उत्प्लावन बल पदार्थ के भार से कम होगा और फलस्वरूप पदार्थ पानी में डूब जायेगा।

प्रश्न 22.
500g के एक.मोहरबंद पैकेट का आयतन 350 cm3 है। पैकेट 1 g cm-3 घनत्व वाले पानी में तैरेगा या डूबेगा ? इस पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का द्रव्यमान कितना होगा ?
हल :
दिया है, पानी का घनत्व = 1 g cm-3
मोहरबंद पैकेट का द्रव्यमान (m) = 500g
मोहरबंद पैकेट का आयतन (V) = 350 cm3
अब मोहरबंद पैकेट का घनत्व (d) = \(\frac{m}{\mathrm{~V}}\)
\(\frac{500}{350}\) cm-3
= \(\frac{10}{7}\) gcm-3
= 1.43 g cm-3 क्योंकि मोहरबंद पैकेट का घनत्व (1.43 g cm-3) पानी के घनत्व (1 g cm-3) से अधिक है, इसलिए यह पैकेट पानी में डूब जायेगा।
पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का आयतन = पैकट का आयतन
= 350 cm3
∴ विस्थापित पानी का द्रव्यमान = विस्थापित पानी का आयतन × पानी का घनत्व
= 350 cm3 × 1 g cm-3
= 350 g

Science Guide for Class 9 PSEB गुरुत्वाकर्षण InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
गुरुत्वाकर्षण का सर्वात्रिक नियम लिखिए।
उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण का सर्वात्रिक नियम (Universal Law of Gravitation) – इस ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु प्रत्येक दूसरी वस्तु को एक बल से अपनी ओर आकर्षित करती है। यह बल उन वस्तुओं के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उन वस्तुओं के केंद्रों के मध्य की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल सदैव उन दोनों वस्तुओं के केंद्रों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश लगता है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर-
मान लो ‘m’ द्रव्यमान वाली एक वस्तु पृथ्वी के पृष्ठ पर रखी है जिसका द्रव्यमान M तथा अर्धव्यास r है। गुरुत्वाकर्षण के सर्वात्रिक नियमानुसार पृथ्वी तथा वस्तु के मध्य लगने वाले बल का परिमाण का सूत्र है,
F = G \(\frac{\mathrm{M} \times m}{r^{2}}\)

प्रश्न 3.
मुक्त पतन से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
मुक्त पतन – जब वस्तु के ऊपर गुरुत्वाकर्षण बल के अतिरिक्त कोई अन्य बल क्रिया नहीं करता है, तो इस प्रकार गिर रही वस्तु स्वतंत्र रूप से गिर रही होती है जिसे मुक्त पतन कहते हैं। गिर रही वस्तु की दिशा में कोई परिवर्तन नहीं होता है परंतु पृथ्वी के आकर्षण के कारण वेग के मान में परिवर्तन होता है।

प्रश्न 4.
गुरुत्वीय त्वरण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
गुरुत्वीय त्वरण – जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से पृथ्वी की ओर गिरती है अर्थात् जब वस्तु का मुक्त पतन होता है तो उस वस्तु की दिशा में कोई परिवर्तन नहीं होता परंतु वेग में परिवर्तन होता है जिसे गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं। यह त्वरण वस्तु पर क्रिया कर रहे गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उत्पन्न होता है। गुरुत्व त्वरण को ‘g’ से प्रदर्शित करते हैं तथा इसका मात्रक (इकाई) m/s2 (अथवा ms-2) है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 5.
किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में क्या अंतर है ?
उत्तर-
वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में अंतर – किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा को उस वस्तु का द्रव्यमान कहते हैं। वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व का माप होता है। यदि वस्तु का द्रव्यमान अधिक होगा तो उसका जड़त्व भी बढ़ जायेगा। वस्तु का द्रव्यमान स्थिर रहता है तथा स्थान परिवर्तन के साथ इसमें परिवर्तन नहीं होता है। दूसरी ओर वस्तु का भार वह बल है जिससे वह वस्तु पृथ्वी की ओर आकर्षित होती है। भार का S.I. मात्रक न्यूटन (N) है। किसी निश्चित स्थान पर वस्तु का भार उसके द्रव्यमान (m) के अनुक्रमानुपाती (सीधा अनुपाती) होता है तथा पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है। इसे W से निर्दिष्ट किया जाता है। भार एक वह बल है जो उर्ध्वाधर दिशा में नीचे की ओर लगता है। इसे कमानीदार तुला (स्प्रिंग बैलेंस) द्वारा मापा जाता है। वस्तु का भार स्थान परिवर्तन होने से परिवर्तित हो जाता है। इसमें दिशा तथा परिमाण दोनों होते हैं।

प्रश्न 6.
किसी वस्तु का चंद्रमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का \(\frac{1}{6}\) गुणा क्यों होता है ?
उत्तर-
वस्तु का चंद्रमा पर भार पृथ्वी के भार का \(\frac{1}{6}\) गुणा-चन्द्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का \(\frac{1}{100}\) वां भाग है तथा इसका अर्धव्यास, पृथ्वी के अर्ध व्यास का \(\frac{1}{4}\) भाग है। इसलिए वस्तु तथा चंद्रमा का परस्पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का \(\frac{1}{6}\) भाग होता है अर्थात् वस्तु का चंद्रमा पर भार, पृथ्वी पर भार का \(\frac{1}{6}\) गुणा होता है।

प्रश्न 7.
एक पतली तथा मज़बूत डोरी से बने पट्टे की सहायता से स्कूल बैग को उठाना कठिन होता है, क्यों ?
उत्तर-
एकांक क्षेत्रफल पर लग रहे बल (भार) को दाब कहते हैं। पतली डोरी का क्षेत्रफल कम होता है जिससे हाथ पर लगने वाला दाब बढ़ जाता है। इस अधिक दाब के कारण स्कूल बैग को उठाना कठिन होता है।

प्रश्न 8.
उत्प्लावकता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
उत्प्लावकता (Buoyant Force) – जब किसी ठोस वस्तु को द्रव में डुबोया जाता है तो द्रव उस ठोस वस्तु पर ऊपर की दिशा में एक बल लगाता है। द्रव द्वारा ऊपर की दिशा में लगाया गया बल उत्प्लावन बल कहलाता है। इस बल का परिमाण द्रव (तरल) के घनत्व पर निर्भर करता है। द्रवों के इस गुण को उत्प्लावकता कहते हैं।

प्रश्न 9.
पानी की सतह पर रखने पर कोई वस्तु क्यों तैरती या डबती है ?
उत्तर-
पानी के पृष्ठ (सतह) पर रखी गई वस्तु उस समय तैरती है जब वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है अर्थात् पानी द्वारा ऊपर की ओर लगाया गया उत्प्लावन बल वस्तु के भार से अधिक होता है। परंतु जब वस्तु का घनत्व, पानी के घनत्व से अधिक होता है तो यह वस्तु पानी में डूब जाती है अर्थात् जब वस्तु का भार पानी के उत्प्लावन बल से अधिक होता है तो वस्तु पानी में डूब जाती है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 10.
एक तुला (Weighing Machine) पर आप अपना द्रव्यमान 42 kg नोट करते हैं। क्या आपका द्रव्यमान 42 kg से अधिक है या कम ?
उत्तर-
वास्तविक द्रव्यमान 42 kg से अधिक होगा क्योंकि भार तोलने वाली मशीन (तुला) 42 kg पाठ्यांक दर्शाती है जबकि वायु द्वारा लगाया गया उत्प्लावन बल ऊपर की दिशा में हमारे शरीर पर क्रिया करता है।

प्रश्न 11.
आपके पास एक रुई का बोरा तथा एक लोहे की छड़ है। तुला पर मापने पर दोनों 100 kg द्रव्यमान दर्शाते हैं। वास्तविकता में एक-दूसरे से भारी है। क्या आप बता सकते हैं कि कौन-सा भारी है और क्यों ?
उत्तर-
वास्तविकता में रुई का बोरा लोहे की छड़ की तुलना में अधिक भारी है। रुई के बोरे की सतह का क्षेत्रफल लोहे की छड़ से अधिक होने के कारण रुई का बोरा वायु का उत्प्लावन ऊपर की ओर अधिक बल अनुभव करता है। इसलिए तुला रूई के बोरे का कम भार दर्शाती है। जबकि वास्तविकता में अधिक है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज

Computer Guide for Class 10 PSEB एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. किसी भी HTML दस्तावेज़ में पहला टैग क्या होना चाहिए ?
(a) <head>
(b) <title>
(c) <html>
(d) <document>.
उत्तर-
(a) <head>

2. छोटे साइज़ के हैडिंग के लिए सही HTML टैग चुनें।
(a) <heading>
(b) <h6>
(c) <h1>
(d) <head>.
उत्तर-
(b) <h6>

3. लाइन ब्रेक पाने के लिए सही HTML टैग क्या है ?
(a) <br>
(b) </b>
(c) <break>
(d) <new line>.
उत्तर-
(a) <br>

4. इनमें से कौन-सा कंटेनर टैग नहीं है ?
(a) <p>
(b) <u>
(c) <>
(d) <img>.
उत्तर-
(d) <img>.

5. कुछ टैग टैक्स्ट को दोनों तरफ से दर्शाते हैं। उन्हें क्या कहा जाता है ?
(a) Couple tags
(b) Single tags
(c) Double tags
(d) Pair tags.
उत्तर-
(d) Pair tags.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज

6. Marquee HTML में एक टैग है।
(a) Mark the list of items to maintain in queue
(b) Mark the text so that it is hidden in browser.
(c) Display text with scrolling effect
(d) None of above.
उत्तर-
(c) Display text with scrolling effect

7. HTML समर्थन करता है।
(a) ordered lists:
(b) unordered lists
(c) both type of lists
(d) does not support those types.
उत्तर-
(c) both type of lists

8. अगर चित्र ब्राऊज में लोड नहीं कर सकता तो टैक्सट को प्रदर्शित करने के लिए img टैग के साथ कौन-सा गुण इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) description
(b) name
(c) alt
(d) id.
उत्तर-
(c) alt

9. एक वैब पेज तस्वीर दिखाता है, इस तस्वीर को प्रदर्शित करने के लिए कौन-सा टैग इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) picture
(b) image
(c) img
(d) src.
उत्तर-
(c) img

10. कौन-सा टैग आपके वैब पेज पर horizontally लाइन बनाता है ?
(a) <hr>
(b) <line>
(c) <line direction = “horizontal”>
(d) <tr>.
उत्तर-
(a) <hr>

11. कौन-सा टैग आपको एक अनुसूची में एक पंक्ति में शामिल करने की इजाजत देता है ?
(a) <td> and </td>
(b) <cr> and </cr>
(c) <th> and </th>
(d) <tr> and </tr>.
उत्तर-
(d) <tr> and </tr>.

12. HTML का पूरा रूप क्या है ?
(a) Hypertext markup language
(b) Hyphenation text markup language
(c) Hyphenation and marking language
(d) Hypertext marking language.
उत्तर-
(a) Hypertext markup language

13. FTP प्रोग्राम किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) सरवर से फाइलों को ट्रांसफर करने के लिए
(b) वैबसाइट को बनाने के लिए
(c) इंटरनैट से कनैक्ट करने के लिए
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) सरवर से फाइलों को ट्रांसफर करने के लिए

14. कौन-सा टैग पावर को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जायेगा (A+B)<sup>2</sup> ?
(a) <SUP>
(b) <SUB>
(c) <B>
(d) <P>.
उत्तर-
(a) <SUP>

15. HTML में डिज़ाइन किए हुए पेज़ को कहते हैं –
(a) Yellow page
(b) Web page
(c) Server page
(d) Front page.
उत्तर-
(b) Web page

16. HTML में दस्तावज़ को सेव करने के लिए ………………………. एक्सटेंशन इस्तेमाल की जाती है।
(a) .htl.
(b) .html.
(c) .hml.
(d) .htnl.
उत्तर-
(b) .html.

17. HTML टैगज़ ………………………………. ब्रैकटों में इस्तेमाल किया जाता है।
(a) Angle
(b) Square
(c) Round
(d) Curly.
उत्तर-
(a) Angle

18. ………………………. वैब पेज को आपस में जोड़ता है।
(a) Connector
(b) Link
(c) Hyperlink
(d) None of the above.
उत्तर-
(b) Link

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19. इनमें से कौन-सा सैक्शन इस्तेमाल करके टैक्सट और टैगज़ सीधे दिखाये जाते हैं।
(a) Head
(b) Body
(c) Title
(d) Html.
उत्तर-
(b) Body

20. इनमें से कौन-सी चीज़ ब्राऊजर और सर्च इंजनों के द्वारा स्टोर करने के बाद इस्तेमाल की जाती है ?
(a) Cookies
(b) Metatages
(c) Form
(d) Frame.
उत्तर-
(a) Cookies

21. <HR> टैग लेटवीं कतार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उसके एट्रीब्यूटस निम्नलिखित
(a) Size
(b) Width
(c) Align
(d) All of the above.
उत्तर-
(d) All of the above.

22. <Table> में अन्य इस्तेमाल किये जाते टैगज़ निम्नलिखित हैं
(a) <TR>
(b) <TD>
(c) <TH>
(d) All of the above.
उत्तर-
(d) All of the above.

(B) खाली स्थान भरें-

1. HTML का पूरा नाम ………….. है।
उत्तर-
Hyper Text Mark up Language

2. …………. सॉफ्टवेयर को एक वैब पेज पर पहुँच करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
Web Browser

3. एच० टी० एम० एल० के तत्त्व दो किस्में ……….. और ………….. हैं।
उत्तर-
Containers and Empty Tags

4. एक unorganised list को दर्शाने के लिए ……… सूची का इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
Unordered List

5. ……… Tag को एक सूची के element परिभाषित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
<LI>

6. …… attribute को दी गई List में Background के image को सैट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
Background

7. ALT का मतलब है ………… ।
उत्तर-
Alternate

8. …….. table में व्यक्तिगत डाटा सैल्स के बीच में पिक्सल की चौड़ाई है।
उत्तर-
cell Spacing

9. ……… HTML दस्तावेज़ का मुख्य हिस्सा है जिसमें वैबपेज के बारे में सारी जानकारी मौजूद है।
उत्तर-
<body>

10. …………….. में Title शामिल होते हैं जो कि HTML दस्तावेज़ के Heading की पहचान करता है।
उत्तर-
Heading.

(C) सही या गलत :

1. HTML एक structured भाषा है।
उत्तर-
True

2. टेबल शीर्षक <TH> टैग से शुरू होता है और </TH> टैग से समाप्त होता है।
उत्तर-
True

3. अलाइन टैग वैब पेज की अन्य कनटैंट के मुकाबले अटैच इमेजों की अलाइनमैंट नहीं करता।
उत्तर-
False

4. सैल पैडिंग सैल संक्षेप और सैल की सरहद के बीच पिक्सल स्पेस है।
उत्तर-
True

5. परिभाषा सूची में साधारण रूप से भिन्न-भिन्न नियम और उनके अर्थ की परिभाषा शामिल होती है।
उत्तर-
True.

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(D) पूरा नाम लिखें

1. HTML
2. <B>
3. <>
4. <u>
5. <OL>
6. <UL>
7. <P>
8. <BR>
9. SRC
10. <IMG>
11. <TR>
12. <TH>
13. <TD>
14. LI
15. URL.
उत्तर-
1. HTML – Hyper Text Markup Language
2. <B> – Bold
3. <I> – Italic
4. <U> – Underline
5. <OL> – Ordered List
6. <UL> – Unordered List
7. <P> – Paragraph
8. <BR> – Break
9. SRC – Source
10. <img> – Image
11. <TR> – Table Row
12. <TH> – Table Heading
13. <TD> – Table Data
14. LI – List Item
15. URL – Uniform Resource Locator

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
HTML किसने डिज़ाइन की ?
उत्तर-
टिम बर्नरस ली (Tim Berners Lee)

प्रश्न 2.
उस टैग का पूरा नाम बताएं जो शुरू और अंत में इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
<HTML> और </HTML>.

प्रश्न 3.
उस टैग का नाम बतायें जिसमें सभी वैब पेज की सूचना स्टोर होती है ?
उत्तर-
<Body> और </Body>

प्रश्न 4.
HTML दस्तावेज़ को सेव करने के लिए …………………… ऐक्सटैंशन का इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
html.

प्रश्न 5.
उस टैग का नाम बतायें जो कि ऐंपटी टैग है और एक लाइन को टूटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
<BR>.

प्रश्न 6.
एक वैब पेज में इमेज लगाने के लिए कौन-सा टैग इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
<img> टैग।

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III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
HTML क्या है ?
उत्तर-
HTML का अर्थ है Hyper Text Markup Language इसका इस्तेमाल वैब पेज डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है। इसकी मदद से वैब पेजों में एक आपसी लिंक भी बनाया जाता है। सभी इंटरनैट का आधार HTML भाषा ही है।

प्रश्न 2.
वैब ब्राऊज़र की व्याख्या करें।
उत्तर-
वैब ब्राऊज़र उस सॉफ्टवेयर को कहते हैं जिसका इस्तेमाल वैब पेज़ देखने के लिए किया जाता है। हम इंटरनैट पर सभी वैबसाइटों की इसकी मदद से ही सर्किंग कर सकते हैं।

प्रश्न 3.
<head> और <title> टैग को समझायें।
उत्तर-
<Head> टैग HTML का एक टैग है जो head सैक्शन को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस सैक्शन में दस्तावेज़ से संबंधित मैटा जानकारी को लिखा जाता है। इस जानकारी का इस्तेमाल सर्च इंजन वैब पेज को ढूंढ़ने के लिए करते हैं। यह एक pair टैग है। <title> टैग : </title> टैग का इस्तेमाल head सैक्शन में टाइटल देने के लिए किया जाता है। जब वैब पेज वैब ब्राऊज़र में दिखाई देता है तो टाइटल, टाइटल बार में दिखाई देता है। <title> टैग भी एक pair tag है। <title> This is a title </title>.

प्रश्न 4.
<body> टैग का उद्देश्य क्या है ?
उत्तर-
<body> टैग html का एक टैग है। हम अपने वैब पेज में जो भी यूज़र को दिखाना होता है वो सब कुछ <body> टैग में लिखा जाता है। html के सभी टैग का इस्तेमाल इस टैग के बीच ही किया जाता है।

प्रश्न 5.
एक टैग क्या है ?
उत्तर-
टैग एक HTML कमांड होती है जो वैब ब्राऊज़र को बताती है कि क्या करना है। इसका इस्तेमाल करने के बाद ही भिन्न-भिन्न प्रकार के टैक्सट, पिक्चर आदि को वैब पेज में दिखाया जाता है। यह दो प्रकार के होते हैं –

  1. Single tag
  2. Paired tag

प्रश्न 6.
HTML में इस्तेमाल की जाने वाली भिन्न-भिन्न किस्मों की सूची क्या है ?
उत्तर-
HTML में निम्नलिखित सूची का इस्तेमाल किया जाता है –

  • Ordered List
  • Unordered List
  • Definition List.

प्रश्न 7.
<img> टैग क्या है ? समझायें।
उत्तर-
<img> टैग का इस्तेमाल HTML में तस्वीर दिखाने के लिए किया जाता है। यह एक Single टैग है। जिस तस्वीर को दिखाना हो उसको इसके SRC attribute में लिखा जाता है। इसका साधारण रूप निम्नलिखित होता है
<img src = ‘filename’ All = ‘test’>

प्रश्न 8.
एक टेबल बनाने के लिए कौन-से भिन्न-भिन्न टैग का इस्तेमाल किए जाते हैं ?
उत्तर-
एक टेबल बनाने के लिए निम्नलिखित टैग का इस्तेमाल किया जाते हैं –

  1. <Table> ……… </table> : टेबल को परिभाषित करने के लिए
  2. <Tr> ………. </Tr> : टेबल रोअ परिभाषित करने के लिए
  3. <TD> ………. </TD> : टेबल डाटा देने के लिए
  4. <TH> ……… </TH> : टेबल हैडिंग देने के लिए।

प्रश्न 9.
Nested Lists का विवरण करें।
उत्तर-
Nested Lists का अर्थ है कि एक लिस्ट में अन्य लिस्टें। जब हम कई लिस्टों को एकत्रित करने के बाद एक-दूसरे में व्यवस्थित करके इस्तेमाल करते हैं उसको Nested Lists कहा जाता है।

प्रश्न 10.
फौंट टैग को ऐट्रीब्यूट से सम्मिलित विवरण करें।
उत्तर-
फौंट टैग का इस्तेमाल टैक्सट को सुंदर दिखाने के लिए किया जाता है। इसमें कई प्रकार के ऐट्रीब्यूट इस्तेमाल किये जाते हैं ; जैसे कि
Face – फोंट का नाम देने के लिए
Color – फोंट का रंग बदलने के लिए
Size – फौंट का आकार बदलने के लिए

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अंतर बताएँ –

प्रश्न 1.
आर्डरड और अनआर्डरड लिस्ट।
उत्तर-

आर्डरड लिस्टे अनआर्डरड लिस्टे
1. आर्डरड लिस्ट <OL> ……. </OL> टैग का इस्तेमाल करती है। 1. अन-आर्डरड लिस्ट <UL> …………………</UL> टैग का इस्तेमाल करती है।
2. डिफॉल्ट Type Attribute का मूल्य है। 2. डिफॉल्ट Type Attribute का मूल्य Disc है।
3. इनमें अंकों का इस्तेमाल होता है। 3. इनमें चिन्हों का इस्तेमाल होता है।
4. इनमें अंग्रेज़ी के अक्षर भी दिखाये जा सकते हैं। 4. इनमें सिर्फ चिन्ह ही दिखाये जा सकते  है।
5. इनके लिए टैग है-<OL> 5. इनके लिए टैग है-<UL>
6. इनमें ऐट्रीब्यूटस के लिए पाँच आप्शन हैं। 6. इनमें ऐट्रीब्यूटस के लिए तीन आप्शन हैं।

प्रश्न 2.
बैकग्राउंड और बी.जी. कलर।
उत्तर-
BGCOLOR और BACKGROUND में अंतर निम्नलिखित हैं-

BGCOLOR BACKGROUND
1. BGCOLOR ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल बैकग्राउंड को कलर देने के लिए किया जाता है। 1. BACKGROUND ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल बैकग्राउंड इमेज लगाने के लिए किया जाता है।
2. बैकग्राउंड कलर के रूप में कई रंग-जैसे-
काला, पीला, सफेद, लाल, हरा, नीला आदि इस्तेमाल किये जा सकते हैं।
2. यह वैब पेज की दिखावट को बदल देता है और इसमें इमेज को दाखिल करने के बाद सुंदर और आकर्षक बनाता है।
3. रंगों के नाम के स्थान पर, की कीमत हैक्सा डैसीमल में (जैसे कि “#FFA3C’) भी दी जा सकती है। 3. इमेज के नाम के स्थान पर, BACK GROUND में कीमत हैक्सा डैसीमल में नहीं दी जा सकती है।
4. इसमें ग्राफिक्स फाइल फारमैट का इस्तेमाल नहीं किया जाता। 4. इसमें ग्राफिक्स फाइल फारमैट जैसे-JPG, GIF आदि का इस्तेमाल किया जाता है।
5. Syntax : BGCOLOR ऐट्रीब्यूट का BODY टैग में सिनटैक्स है- <Body BGCOLOR = “Red”> 5. Syntax : BACKGROUND ऐट्रीब्यूट का BODY टैग में सिनटैक्स है- <Body BACKGROUND = “ABC.jpg”>

प्रश्न 3.
कंटेनर और ऐंपटी टैग।
उत्तर-
कंटेनर और ऐंपटी टैग में निम्नलिखित अंतर हैं-

कंटेनर टैग ऐंपटी टैग
1. कंटेनर टैग जोड़ों में होते हैं। 1. ऐंपटी टैग अकेले होते हैं।
2. यह कैसे टैक्सट पर अपना काम करते हैं। 2. एक टैक्सट के लिए स्थान की व्यवस्था करते हैं।
3. इनमें समाप्त होने वाला टैग देना ज़रूरी है। 3. इनमें इस प्रकार का कोई टैग नहीं होता।
4. अपने जोड़ीदार के बिना यह अधूरे हैं। 4. यह अपने आप में पूरे होते हैं।

प्रश्न 4.
कॉल स्पैन और रोअ स्पैन।
उत्तर-
रोअ स्पैन और कॉल स्पैन में निम्नलिखित अंतर हैं।

रोअ स्पैन कॉल स्पैन
1. रोअ स्पैन एक सैल ऐट्रीब्यूट है जिसका इस्तेमाल एक सैल को एक से ज्यादा रोयज़ में बढ़ाने के लिए किया जाता है। 1. कॉल स्पैन एक सैल ऍट्रीब्यूट है जिसका इस्तेमाल एक सैल को एक से ज़्यादा काल्मज़ में बढ़ाने के लिए किया जाता है।
2. रोअ स्पैन बताता है कि सैल में कितनी रोअज़ काल्मज़ होंगे। 2. कॉल स्पैन बताता है कि सैल में कितने होंगी।
3. रोअ स्पैन का इस्तेमाल सैल की ऊँचाई बढ़ाने के लिए किया जाता है। 3. कॉल स्पैन का इस्तेमाल सैल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किया जाता है।
4. यह सैलों की ऊँचाई को खड़े रुख में बढ़ाता है। 4. यह सैलों की चौड़ाई को लेटवें रुख में बढ़ाता है।
5. Syntax – रोअ स्पैन का सिनटैक्स निम्नलिखित <TD ROWS PAN = 4> 5. Syntax – कॉल स्पैन का सिनटैक्स निम्नलिखित है<TD COLS PAN = 5>

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प्रश्न 5.
सैल स्पेसिंग और सैल पैडिंग।
उत्तर-
सैल स्पेसिंग और सैल पैडिंग की तुलना निम्नलिखित है-

सैल स्पेसिंग सैल पैडिंग
1. सैलों के बीच की दूरी को बताने के लिए। सैल स्पेसिंग ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल किया जाता है। 1. टैक्सट और सैल के बार्डर के बीच की दूरी को बताने के लिए सैल पैडिंग ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल किया जाता है।
2. यह बताता है कि सैलों के बीच कितना खाली स्थान छोड़ना है। 2. यह बताता है कि टैक्सट और सैल बार्डर के बीच कितना खाली स्थान छोड़ा जाए।
3. Syntax : सैल स्पेसिंग का सिनटैक्स निम्नलिखित है : <Table Border = 1 CELL SPACING = 8> 3. Syntax : सैल पैडिंग का सिनटैक्स निम्नलिखित है
<Table Border = 1 CELL  SPACING = 4>

प्रश्न 6.
टैग और ऐट्रीब्यूट।
उत्तर-
टैग और ऐट्रीब्यूट में अंतर

टैग ऐट्रीब्यूटस
1. टैगस में ऐसे ऐलीमैंटस होते हैं जो जानकारी प्रदान करते हैं कि सूचना को किस तरह प्रोसेस या प्रदर्शित किया जा सकता है। इसमें दो टैग शुरुआती टैग <TAG> और अंतिम टैग </TAGS> होते हैं जो कि एक ऐलीमैंट की शुरुआत और अंत को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 1. एक ऐट्रीब्यूटस ऐलीमैंट की ऐसी प्रापर्टी को दर्शाता है जिसमें उस टैग से संबंधित विशेषता बताई जाती है और यह टैग के शुरु आती टैग में बताई जाती है।
2. टैगज़ में टैग के साथ उसकी विशेषताएं भी हो सकती हैं। 2. ऐट्रीब्यूटस ऐलीमैंट के शुरुआती टैग का भाग होता है।
3. यह दो तरह के होते हैं-ऐंपटी टैग और कंटेनर टैग। 3. ऐट्रीब्यूटस की किस्में इस्तेमाल किये जा रहे टैग पर निर्भर करती हैं भाव कि हर एक टैग के ऐट्रीब्यूट की संख्या भिन्न-भिन्न होती है।
4. उदाहरण <Table> यहाँ टेबल एक टैग है। 4. उदाहरण <Table Border = “3”> यहाँ टेबल एक टैग है और बार्डर एक ऐट्रीब्यूट है।

प्रश्न 7.
<P> और <BR> टैग।
उत्तर-
पैराग्राफ टैग और ब्रेक टैग में अंतर-

Paragraph <P> Tage Break <BR> Tags
1. टैग एक कंटेनर ऐलीमैंट (तत्त्व) होता है जो किसी वैब पेज में पैराग्राफ के रूप में टैक्सट का ब्लॉक देता है और वैब ब्राऊज़र को दो अनुच्छेद के बीच एक लाइन छोड़ जाता है। इस टैग में एक ऐट्रीब्यूट ALIGN है, जोकि तीन मूल्य-left, right and center (बायें, दायें और केंद्र) ले सकता है, टैग एक अनुच्छेद को संकेत करता है और </P> से समाप्त होता है। यह एक कंटेनर टैग होता है। 1. टैग एक ऐंपटी ऐलीमैंट है जोकि एक लाइन को तोड़ने और अगली लाइन से जारी टैक्सट को बिना दो लाइनों में कोई स्पेस दिए बिना प्रदर्शित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसका कोई ऐट्रीब्यूट नहीं है। <br> एक लाइन ब्रेक है और एक ऐंपटी टैग है।
2. इस टैग को आपके टैक्सट के साथ पैराग्राफ परिभाषित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण <p> hello world </p> 2. यह टैग एक साधारण लाइन ब्रेक है, यह केवल किसी भी स्पेसिंग या फारमैटिंग चुनाव के बिना अगली लाइन पर जंप करता है। उदाहरण
hello <br> world !

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न 

प्रश्न 1.
HTML के बुनियादी ढांचे के विवरण का वर्णन करें।
उत्तर-
HTML डाक्यूमैंट का बेसिक ढांचा। HTML डाक्यूमैंट में दो मुख्य भाग होते हैंHead ( हैड)-Head भाग में Title होता है जो कि HTML डाक्यूमैंट के शीर्षक की पहचान करता है।
Body (बॉडी)-Body ऐलीमैंट में असल कंटैंट या जानकारी होती है। जो आप उपभोक्ता को वैब पेज पर प्रदर्शित करना चाहते हो।। HTML डाक्यूमैंट का सिटैक्स निम्नलिखित है-
<HTML>
<Head>
<Title> Title of Your Webpage </Title>
</Head>
<Body>
Information which user wants to show.
</Body>
</HTML>
उपरोक्त ढांचे में परिभाषित टैग मूल रूप में वैब ब्राउज़र को दिए गए टैगों में परिभाषित किए गए टैक्सट पर किए गए भिन्न कार्यों के बारे में परिभाषित करते हैं या हिदायत देते हैं।
(HTML) टैग-(HTML) Tag में दस्तावेज शुरू किया गया है और </HTML> टैग के साथ बंद किया जाएगा। यह वैब ब्राऊज़र को सूचित करता है कि कहां वैब पेज़ शुरू होगा और यह कहां समाप्त होगा। अगर कमांड को टैग में परिभाषित नहीं किया जाता तो टैग ब्राऊज़र में टैक्सट के रूप में लेता है।

<HTML> टैग-HEAD टैग, हैडिंग (शीर्षक) के बारे में जानकारी प्रदान करती है। डाक्यूमैंट का हैडिंग <HEAD> टैग में लिखा गया है। यह हमेशा जोड़ों (Pair) के रूप में होता है। हैड टैग को एक वैब पेज़ के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। यह एक कंटेनर टैग है। यह HTML डाक्यूमैंट का शीर्षक परिभाषित करता है। यह <HEAD> Tag से शुरू होता है और </HEAD> से समाप्त होता है। यह टैग हमेशा </HTML> टैग से नीचे और <Body> टैग से पहले दर्शाया जाता है। इसमें वैब पेज़ का शीर्षक, सर्च इंजन के द्वारा प्रयोग किए गए शब्द आदि से संबंधित जानकारी शामिल है, इसमें अपने आपसे संबंधित कोई टैक्सट नहीं होता।

उदाहरण <HEAD><Title>This is a Title</Title></HEAD><Title> टाइटल टैग वैब पेज़ का शीर्षक परिभाषित करता है, जो वैब ब्राउज़र के टाइटल बार पर प्रदर्शित होता है जब वैब पेज़ को वैब ब्राऊज़र में लोड किया जाता है। यह <Title> और </Title> टैगस के बीच में होता है, यह छोटा और अर्थपूर्ण होना चाहिए।
<Body> टैग वैब ब्राऊज़र में वैब पेज़ में लोड होने पर वैब ब्राऊज़र पर प्रदर्शित करने वाली असल जानकारी रखता है। इसमें टैक्सट, चित्र, ऑडियो, वीडियो आदि के तत्त्व या कंटेंट शामिल हो सकते हैं। यह कंटैंट <Body> और </Body> टैगस के बीच परिभाषित होता है। यह एक कंटेनर टैग है।

प्रश्न 2.
हम एक साधारण वैब पेज कैसे बना सकते हैं, विवरण का वर्णन करें।
उत्तर-
वैब पेज़ साधारण टैक्सट फाइलें हैं जो किसी भी टैक्सट एडीटर या वर्ड प्रोसैसर जैसे कि नोटपैड, वर्डपैड आदि के इस्तेमाल से बनाये जा सकते हैं। एक वैब पेज़ बनाने और प्रदर्शित करने के लिए निम्नलिखित कदम हैं –
1. Start-All Programs-Accessories-Notepad पर क्लिक करके या Run विंडो में Notepad टाइप करके नोटपैड को खोलें। नोटपैड विंडो नीचे दिखाए चित्र के अनुसार खुलेगी।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज 1
2. नोटपैड में अब HTML कोड टाइप करें जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।
3. File-Save विकल्प पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा। यहां हम फाइल को सेव करना चाहते हैं, अपनी फाइल का नाम और एक्सटैंशन .html दाखिल करें।

प्रश्न 3.
Table में इस्तेमाल किए गए भिन्न-भिन्न टैगज़ क्या हैं? एक उदाहरण के साथ व्याख्या करें।
उत्तर-
Table हमें बहुत सारी कतारों और कॉलमों में जानकारी का प्रबंध करने की इजाजत देता है। HTML Table को वैब लेखकों को टैक्सट, इमेज, लिंकों, दूसरी टेबलज़ आदि जैसे डाटा को सैलों में व्यवस्थित करने की आज्ञा देता है। यह वह वैब पेज़ को आकर्षक बनाता है। यह <Table> टैग से शुरू होता है और </Table> के साथ समाप्त होता है। टेबल में कई एट्रीब्यूट्स हैं जो हम बाद में देखेंगे। टेबल टैग के अन्य बहुत सारे टैग हैं जो नीचे दिए गए हैं –
1. टेबल हैडिंग <TH> यह एक दिए टेबल के टेबल हैडिंग को परिभाषित करता है। यह <TH> टैग से शुरू होता है और </TH> टैग से समाप्त होता है। इसको Table row <TR> में परिभाषित करना चाहिए।

2. Table row <TR> यह एक टेबल में (कतार) row को परिभाषित करती है। एक रो में टेबल हैडिंग <TH> और टेबल डाटा <TD> परिभाषित होता है। टेबल रो <TR> के साथ टैग से शुरू और </TR> से समाप्त होता है।

Table टैग के Attributes (गुण)-
Border (बार्डर)-Border ऐट्रीब्यूट टेबल के बार्डर की चौड़ाई को परिभाषित करता है। जीरो मूल्य से कोई बार्डर नहीं लगता है और डिफाल्ट मूल्य है।
उदाहरण <Table Border = “1”>
ALLIGN (अलाइन)-Align ऐट्रीब्यूट विंडो ब्राऊज़र में Table के अलाइनमैंट को परिभाषित करती है। इसके मूल्य होते हैं Left, Right and Center इसके लिए उदाहरण इस प्रकार हैं-
<Table align = “Right” Border =“1”> Border Color : यह बार्डर का रंग बताती है। इसके लिए उदाहरण इस प्रकार हैं
<Table Border = 2 Border Color = “RED”> WIDTH-विडथ Table की चौड़ाई को परिभाषित करता है। यह पिक्सल में या वैब ब्राऊज़र विंडोज़ के अनुपात में दर्शाया जाता है। इसके लिए उदाहरण इस प्रकार है-
<Table WIDTH = “50”> It defines the 50% space of the browser.
<Table WIDTH = 200 > यह ब्राऊज़र के 200 पिक्सल स्पेस को परिभाषित करता है।

CELL SPACING : टेबल में डाटा सैलस के बीच पिक्सल की चौड़ाई CELL SPACING है। इसका डिफाल्ट मूल्य ज़ीरो है। अगर बार्डर 0 पर सैट है, तो CELL SPACING लाइनें नहीं दिखेंगी। इसके लिए उदाहरण इस प्रकार है <Table Border = “2” cellspacing = 12> CELL PADDING सैल कंटैंट और सैल के बार्डर के बीच में पिक्सल स्पेस है। इसकी डिफाल्ट वैल्यू भी जीरो है। यह ऐट्रीब्यूट ज्यादातर नहीं प्रयोग किया जाता, जब आप अपना बार्डर लागू कर देते हो और आप चाहते हो कि Contents (सामग्री) Border से “दूर” दिखाई दे या इसका इस्तेमाल किया जाता है, बार्डर प्रापर्टी लागू होने के बावजूद CELL PADDING दिखाई नहीं देती।

इसके लिए उदाहरण इस प्रकार है-
<Table Border = “3” cellpadding = 10> COLSPAN ROWSPAN—टेबल के सैलज़ एक से ज्यादा कॉलम या रोयज़ में फैल सकते हैं। COLSPAN एक से ज्यादा कॉलम के मेल को जोड़ते हैं जबकि ROWSPAN दर्शाते हैं कि कितनी कतारों को इकट्ठा करना है। इसके लिए उदाहरण इस प्रकार है-
<Table Border = “1” colspan = 2>
<Table Border = “1” rowspan = 2> टेबल की बैकग्राउंड (BACKGROUND) बैकग्राउंड ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल Table की बैकग्राउंड सैट करने के लिए किया जाता है। इसके लिए उदाहरण इस प्रकार है-
<Table background = “up.jpeg” border = 2> BGCOLOR (बीजीकलर)-इसका इस्तेमाल टेबल के (Background) को सैट करने के लिए किया जाता है। इस ऐट्रीब्यूट के लिए इस्तेमाल किए गए उदाहरण इस तरह है
– <Table bgcolor = “yellow” border = 2>

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प्रश्न 4.
एक उदाहरण के साथ Orderd List समझाएं।
उत्तर-
आर्डरड लिस्टों में नंबर पाये जाते हैं जिस कारण इसको नंबरड लिस्ट भी कहा जाता है। यह लिस्ट अन-आर्डरड लिस्ट की तरह होती है फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें बुलेट के स्थान पर नंबर प्रयोग किए जाते हैं।
<Body>
<BR>
<OL>
<LI> Fruits <LI>
Soya Milk
<LI> Water </OL>
</Body>
ऐट्रीब्यूटस (Attributes)
Type = “a” अंग्रेज़ी वर्णमाला के छोटे अक्षर इस्तेमाल किए जाते हैं।
Type = “A” अंग्रेज़ी वर्णमाला के बड़े अक्षर इस्तेमाल किए जाते हैं।
Type = “i” छोटे रोमन अंक इस्तेमाल किए जाते हैं।
Type = “I” रोमन अंक इस्तेमाल किए जाते हैं।
Type = “1” गिनती लिखी जाती है।

प्रश्न 5.
एक उदाहरण के साथ Definition List की सूची परिभाषित करें।
उत्तर-
यह किसी शब्द की परिभाषा देने के लिए इस्तेमाल की जाती है। डैफीनेशन लिस्ट <DL> टैग से शुरू होती है और </DL> से समाप्त होती है। इसमें दो टैग <DT> (डैफीनेशन टर्म) और <DD> (डैफीनेशन डाटा) इस्तेमाल किए जाते हैं। परिभाषित किए जाने वाले शब्द से पहले <DT> टैग इस्तेमाल किए जाते हैं। शब्द की परिभाषा लिखने के लिए <DD> टैग इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण
<DL>
<DT> Computer </DT>
<DD> Computer is an electronic device </DD>
<DT>
HTML
</DT>
<DD>
HTML is a mark up language
</DD>
</DL>

प्रश्न 6.
एक HTML प्रोग्राम में एक इमेज को इनसर्ट करने के भिन्न-भिन्न तरीके कौन-से हैं ?
उत्तर-
HTML प्रोग्राम में इमेज को इनसर्ट करने के लिए <img> टैग का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें SRC ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के रूप में नीचे लिखी कोडिंग देखें-
<IMG SRC = “Cat.jpg”>
इसमें IMG एक टैग और SRC ऐट्रीब्यूट है। इसी तरह Cat.jpg इमेज फाइल का नाम है जिसको कोडज़ (डबल कौमे) में लिखा जाता है।

प्रश्न 7.
हम किसी वैब पेज़ की बैक ग्राउंड कैसे बदल सकते हैं ?
उत्तर-
आप वैब पेज़ की बैकग्राउंड पर कोई रंग भी भर सकते हैं। इसी तरह टैक्सट का रंग भी बदला जा सकता है। आप कई प्रकार के रंग बैकग्राउंड पर लगा सकते हो जैसे कि Black, White, Red, Blue, Green, Yellow आदि। बैकग्राउंड कलर लिए BGCOLOR (बी.जी. कलर) ऐट्रीब्यूट का इस्तेमाल Body टैग में की जाती है।
जैसे कि <Body BGCOLOR = “Green”>
यहां Body टैग का BGCOLOR ऐट्रीब्यूट का और Green रंग का नाम है। Body टैग में कई और भी ऐट्रीब्यूट लिखे जाते हैं, जैसे कि TEXT, LINK आदि। टैक्सट ऐट्रीब्यूट के साथ टैक्सट का रंग और LINK ऐट्रीब्यूट के साथ लिंक का रंग बदला जा सकता है।

प्रश्न 8.
Nested List उदाहरण सहित समझाएं।
उत्तर-
Nested List वह होती है जिसमें एक लिस्ट में और लिस्टें लगाई गई होती हैं। इस तरह इसका की एक बड़ी लिस्ट बन जाती है जिसको Nested List कहा जाता है।

PSEB 10th Class Computer Guide एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा इंटरनैट के साथ संबंधित है ?
(a) HTML
(b) XML
(c) CSS
(d) सभी।
उत्तर-
(d) सभी।

2. इस टैग के बिना HTML दस्तावेज काम नहीं करेगा।
(a) <P>
(b) <HR>
(c) <HTML>
(d) <Table>.
उत्तर-
(c) <HTML>

3. एक वैब साइट देखने के लिए क्या ज़रूरी है ?
(a) इंटरनेट
(b) वैब ब्राऊज़र
(c) कोई नहीं
(d) दोनों ही।
उत्तर-
(d) दोनों ही।

4. फार्म में मैथड कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5.
उत्तर-
(b) 3.

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(B) रिक्त स्थान भरें

1. HTML में ……………… प्रकार के टैग इस्तेमाल किए जाते हैं।
उत्तर-
दो

2. ………………. टैग में ओपनिंग और क्लोजिंग टैग प्रयोग किए जाते हैं।
उत्तर-
कंटेनर

3. …………. टैग में क्लोजिंग टैग नहीं होता।
उत्तर-
ऐंपटी

4. HTML डाक्यूमैंट के लिए ………………. नामक टैक्सट ऐडीटर प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Notepad

5. HTML डाक्यूमैंट को …………. में खोला जाता है।
उत्तर-
वैब ब्राऊज़र

6. HTML डाक्यूमैंट को सेव करने के लिए ……… ऐक्सटैंशन का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
HTML

7. HTML डाक्यूमैंट का पहला और आखिरी टैग ………….. होना चाहिए।
उत्तर-
<HTML>

8. अन-आर्डरड लिस्ट को ………………. लिस्ट कहा जाता है।
उत्तर-
बुलेट

9. …………….. लिस्ट नंबरों को दर्शाती है।
उत्तर-
आर्डरड

10. जब एक लिस्ट में दूसरी लिस्ट आ जाये, तो उसको …………….. लिस्ट कहा जाता है।
उत्तर-
नैस्टिड

11. टेबल सूचना को संभाल कर रखते हैं और यह रोयज़ और ………….. से मिलकर बनते हैं।
उत्तर-
कॉलम

12. ……………… सैलों के बीच का खाली स्थान बदल देती है।
उत्तर-
Cell Spacing

13. टैक्सट और सैल बार्डर के बीच का खाली स्थान बदल देती है।
उत्तर-
Cell Padding

14. टेबल का हैडिंग लिखने के लिए ………………. टैग इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
<TH>.

(C) सही या गलत

1. HTML टैगज़ अंग्रेज़ी के बड़े या छोटे अक्षरों में से किसी में भी लिखे जा सकते हैं।
उत्तर-
सही,

2. होम पेज़ तैयार करने के लिए टैक्सट वर्ड पैड में लिखा जाता है।
उत्तर-
सही,

3. Body टैग Head टैग के बाद लिखा जाता है।
उत्तर-
सही,

4. कंटेनर टैग अकेला टैग होता है।
उत्तर-
गलत,

5. Title को Head टैग में लिखा जाता है।
उत्तर-
सही,

6. हैडिंग के कुल 6 स्तर होते हैं।
उत्तर-
सही,

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7. पैराग्राफ के लिए <P> टैग का इस्तेमाल होता है।
उत्तर-
सही,

8. लिस्ट के ऐट्रीब्यूट होते हैं-Face, Size and Color.
उत्तर-
गलत,

9. <BR> टैग का इस्तेमाल टैक्सट को गतिमान करने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

10. आर्डरड लिस्ट में बुलेट लगे होते हैं।
उत्तर-
गलत,

11. टेबल में Color ऐट्रीब्यूट का प्रयोग बैकग्राउंड का रंग बदलने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

12. Table Size नामक ऐट्रीब्यूट टेबल का बार्डर लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

13. COLSPAN ऐट्रीब्यूट Table टैग में प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
सही,

14. हाईपरलिंक बनाने के लिए ऐंटर टैग का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
सही,

15. इमेज दाखिल करने के लिए <img> टैग का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
HTML में प्रयोग किए जाने वाले टैगज़ की किस्में बताओ।
उत्तर-
HTML में टैगज़ दो तरह के होते हैं

  • कंटेनर टैग
  • ऐंपटी टैग।

प्रश्न 2.
कंटेनर टैग क्या होते हैं ?
उत्तर-
जो टैग जोड़ों में इस्तेमाल किए जाते हैं, उनको कंटेनर टैग कहा जाता है। इनको पेपर या कंपैनीयन टैग भी कहा जाता है।

प्रश्न 3.
Head टैग क्या होते हैं ?
उत्तर-
जिस टैग में हैडर सूचना होती है,उनको Head टैग कहते हैं। यह एक कंटेनर टैग होता है। हैड टैग बैव पेज़ के लिए काफी महत्त्वपूर्ण होता है।

प्रश्न 4.
Body टैग के इस्तेमाल के बारे में बतायें।
उत्तर-
Body टैग का इस्तेमाल डाक्यूमैंट बॉडी दिखाने के लिए किया जाता है। वैब पेज़ की सारी सामग्री इस टैग में बंद होती है। यह एक कंटेनर टैग है।

प्रश्न 5.
फौंट के भिन्न-भिन्न ऐट्रीब्यूटस के नाम बताएं।
उत्तर-
फौंट टैग के ऐट्रीब्यूट निम्नलिखित हैं

  1. Style,
  2. Size
  3. Color.

प्रश्न 6.
मारकुई टैग किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है?
उत्तर-
वैब पेज़ में किसी टैक्सट को दायें से बायें या बायें से दायें चलते दिखाने के लिए मारकुई टैग का इस्तेमाल किया जाता है।

प्रश्न 7.
टेबल रोअ क्या होती है ?
उत्तर-
टेबल में लेटवी दिशा में सभी सैलों के इकट्ठ को टेबल रोअ कहा जाता है।.

प्रश्न 8.
सैल स्पेसिंग से क्या भाव है ?
उत्तर-
किसी टेबल में सैलों के बीच खाली स्थान को सैल स्पेसिंग कहा जाता है।

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प्रश्न 9.
कॉल स्पैन पर नोट लिखें।
उत्तर-
कॉल स्पैन से टेबल के सैलों की चौड़ाई बदली जाती है। इसका इस्तेमाल <TD> टैग में किया जाता है।

प्रश्न 10.
ऐंकर टैग किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
ऐंकर टैग वेब पेज़ में लिंग बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

प्रश्न 11.
लिंकिंग क्या होती है ?
उत्तर-
किसी एक वैब पेज में किसी टैक्सट या इमेज को किसी दूसरे वेब पेज़ से जोड़ने की क्रिया को लिंकिंग कहते हैं।

प्रश्न 12.
SCR ऐट्रीब्यूट क्या होता है ?
उत्तर-
वैब पेज़ पर फोटो दिखाने के लिए <img> टैग का इस्तेमाल किया जाता है। इस टैग में फोटो की फाइल SCR ऐट्रीब्यूट से की जाती है।

प्रश्न 13.
टेबल किसको कहते हैं ?
उत्तर-
रोअज़ और कॉलमज़ से बनी बनावट को टेबल कहते हैं।

प्रश्न 14.
सैल क्या होता है ?
उत्तर-
रोअ और कॉलम के काट क्षेत्र को सैल कहते हैं।

प्रश्न 15.
सैल स्पेसिंग क्या होती है ?
उत्तर-
सैलों के बीच की जगह को सैल स्पेसिंग कहते हैं।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
HTML में इस्तेमाल किए जाने वाले चार टैगज़ के नाम बताएं।
उत्तर-
HTML में इस्तेमाल किए जाने वाले टैग हैं –
1. <B> ………………………….. </B>
2. <I> …………………………. </l>
3. <P> ……………………………………. </P>
4. <HI> ………………………… </HI>
5. <Font> ………………………….. </Font>

प्रश्न 2.
HTML में इस्तेमाल की जाने वाली भिन्न-भिन्न प्रकार की लिस्टों के नाम लिखें।
उत्तर-
HTML में निम्नलिखित प्रकार की लिस्टें होती हैं
1. अन-आर्डरड या बुलेट लिस्टें।
2. आर्डरड या नंबर लिस्टें।
3. डैफीनेशन लिस्टें।

प्रश्न 3.
अन-आर्डरड लिस्ट के भिन्न-भिन्न ऐट्रीब्यूटस के नाम बताएं।
उत्तर-
अन-आर्डरड लिस्ट के निम्नलिखित होते हैं-
Type = “Circle”
Type = “Disc”
Type = “Square”

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प्रश्न 4.
आप किसी टेबल का बार्डर कैसे लागू करोगे ?
उत्तर
किसी टेबल का बार्डर Border ऐट्रीब्यूटस से बनाया जाता है। इस ऐट्रीब्यूट को <Table> टैग में लिखा जाता है। उदाहरण के रूप में
<Table Border = “2”>

प्रश्न 5.
इमेज को कौन-कौन से तरीकों से अलाइन किया जा सकता है ?
उत्तर-
इमेज को पांच तरीकों से अलाइन किया जा सकता है। यह हैं
1. Left
2. Right
3. Top.
4. Bottom
5. Middle

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
HTML से परिचय कराएं
उत्तर-
आप इंटरनेट के आश्चर्यजनक संसार के बारे में जानते हैं। यह लगभग सभी विषयों और सेवाओं के बारे में सूचनाओं का एक विशाल संग्रह है। इंटरनेट का सबसे बड़ा भाग वर्ल्ड वाइड वेब (WWW : World Wide Web) है, जो प्रत्येक उपयोगकर्ता को उसके कम्प्यूटर पर ही उपलब्ध होने वाली सूचनाओं, चित्रों, ध्वनियों, वीडियो तथा अन्य का एक रोचक संग्रह है। वेब पर लाखों की संख्या में वेब साईट उपलब्ध हैं, जो हज़ारों वेब सर्वरों और उनसे जुड़े कम्प्यूटरों पर स्टोर की गई हैं।
प्रत्येक वेब साईट में कई वेब पेज होते हैं।

ये वेब पेज और कुछ नहीं बल्कि कम्प्यूटरों पर स्टोर किए गए साधारण दस्तावेज होते हैं, जैसे आप अपने कम्प्यूटरों में वर्ड या एक्सल दस्तावेज स्टोर करते हैं। वेब दस्तावेजों और अन्य दस्तावेजों में मुख्य अन्तर यह होता है कि वेब दस्तावेज एक विशेष भाषा में लिखे जाते हैं, जिसे हाइपरटैक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (Hyper Text Markup Language) या एचटीएमएल (HTML) कहा जाता है। जो कुछ भी आप किसी वेब पेज पर देखते हैं, वह इसी भाषा में कोड में लिखा जाता है और उसे किसी वेब ब्राऊजर जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर या नेटग्रेप नेवीगेटर द्वारा इंटरप्रिंट किया जाता है, जिससे वह आपके मॉनीटर की स्क्रीन पर अपने असली रूप में दिखाई देता है।

प्रश्न 2.
HTML क्या है ? यह कैसे कार्य करती है ?
उत्तर-
एचटीएमएल सीखना और उसमें कोड लिखना प्रारम्भ करने से पहले आपको यह जानना चाहिए कि एचटीएमएल क्या है यह क्या कर सकती है और क्या नहीं कर सकती। ठीक-ठीक शब्दों में एचटीएमएल एक दस्तावेज सजाने और हाइपरलिंक बनाने वाली भाषा है। इसका उपयोग वेब दस्तावेज का ढाँचा तैयार करने और अन्य वेब दस्तावेजों को खोलने के लिए हाइपरलिंक बनाने में किया जाता है।

कोई एचटीएमएल दस्तावेज ब्राऊजर प्रोग्राम को बताता है कि हाइपरटैक्सट दस्तावेज, अर्थात् एक ऐसा दस्तावेज जिसमें पाठ्य चित्र, ध्वनि तथा ऐसी ही अन्य वस्तुएं होती हैं, को किस प्रकार प्रदर्शित किया जाए। यह भाषा यह भी बताती है कि विशेष हाइपरलिंकों द्वारा किसी दस्तावेज को किस प्रकार वार्तालापी बनाया जाए।

प्रश्न 3.
एचटीएमएल के टैग पर नोट लिखें।
उत्तर-
कोई एचटीएमएल दस्तावेज एचटीएमएल के तत्त्वों (HTML Elements) का एक क्रमबद्ध समूह होता है, जो किसी वेब पेज के ढाँचे और उसके स्वरूप को परिभाषित करते हैं। कोई एचटीएमएल तत्त्व टैगों, उनके गुणों (Attributes) और सामग्री (Contents) से बना होता है।
एचटीएमएल टैग (HTML Tags) कोई एचटीएमएल टैग ऐसा आरक्षित शब्द (Reserved Word) है, जो ब्राउजर को बताता है कि उसकी सामग्री को कैसे इंटरप्रैट करना है। गुण (Attributes) कुछ अतिरिक्त सूचनाएं होती हैं, जो इच्छित परिणाम प्राप्त करने के लिए कोड का इंटरप्रैट करने में ब्राउजर प्रोग्राम की सहायता करती हैं।

सभी एचटीएमएल टैगों को कोणीय कोष्ठक (<>) में रखा जाता हैं, जैसे (<TITLE>). इसी प्रकार <HEAD> भी एक टैग है। एचटीएमएल में आप इसके टैगों को बड़े या छोटे कैसे भी अक्षरों में टाइप कर सकते हैं। ब्राउजर प्रोग्राम दोनों प्रकार के अक्षरों को एक ही तरह मानता है। दूसरे शब्दों में, एचटीएमएल टैगों के मामले में छोटे और बड़े अक्षरों में कोई अन्तर नहीं है।

एचटीएमएल दस्तावेज में टैगों को एक विशेष क्रम में रखा जाता है। उनमें से कुछ टैग जोड़ो के रूप में होते हैं और कुछ अकेले होते हैं। उदाहरण के लिए , <TITLE> टैग जोडे के रूप में दिया जाता है, जबकि <BASEFONT> टैग अकेला उपयोग किया जाता है। जोड़े के रूप में प्रयोग किए जाने वाले टैगों के मामले में किसी जोड़ा टैग के पहले टैग को बिगनिंग टैग (Beginning Tag) या स्टार्टिंग टैग (Starting Tag) कहते हैं और दूसरे टैग को एंडिंग टैग (Ending Tag) कहा जाता है। एंडिंग टैग के पहले एक स्लैश लगाया जाता है, उदाहरण के लिए <TITLE> एक स्टार्टिंग टैग है, जबकि </TITLE> एंडिंग टैग है। टैग किसी एचटीएमएल दस्तावेज के ढाँचे के मूल आधार होते हैं। जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है, एचटीएमएल में दो प्रकार के टैग होते हैं, एक वे जिनका उपयोग जोड़े के रूप में किया जाता और दूसरे वे जो अकेले उपयोग में लाये जाते हैं। ये दोनों प्रकार के टैग एचटीएमएल में दो प्रकार के तत्त्व बनाते हैं-कोंटेनर तत्त्व (Container Elements) तथा ऐंपटी तत्त्व (Empty Element).

प्रश्न 4.
कंटेनर टैग क्या होते हैं ? बताएँ।
उत्तर-
इस प्रकार के एचटीएमएल तत्व में एक स्टार्टिंग टैग के साथ एक एंडिंग टैग भी होता है। दूसरे शब्दों में वे जोड़ा टैग द्वारा बनते हैं। उदाहरण के लिए, <HTML>….</HTML> तथा <HEAD>…. </HEAD> ये दोनों कोंटेनर तत्त्व हैं। ध्यान दीजिए कि एंडिंग टैग वास्तव में स्टार्टिंग टैग जैसी ही है, केवल उसके शुरू में एक स्लैश (/) चिह्न लगाया गया है। कोंटेनर तत्त्वों में स्टार्टिंग और एंडिंग दोनों टैगों के बीच आने वाली प्रत्येक वस्तु उस टैग से प्रभावित होती है। कोंटेनर टैग के कुछ अन्य उदाहरण अग्रलिखित हैं
<TITLE> …………………………….. </TITLE>
<B> ……………………………….. </B>
<CENTER> ……………………………… </CENTER>
<P> ………………………………. </P>.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज

प्रश्न 5.
HTML दस्तावेज किस प्रकार तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
कोई एचटीएमएल दस्तावेज एचटीएमएल आदेशों (या टैग और उनके एट्रीब्यूट) से बना होता है, जो साधारण अंग्रेजी शब्दों और विशेष चिह्नों से बना पाठ्य होता है। इन शब्दों और चिह्नों को वेब पेज प्रदर्शित करने के लिए वेब ब्राउजर द्वारा इंटरप्रिट किया जाता है। कोई एचटीएमएल दस्तावेज किसी साधारण टैक्सट एडीटर का उपयोग करके तैयार किया जा सकता है और हार्ड डिस्क पर .htm या .html विस्तार नाम के साथ सुरक्षित किया जा सकता है। नीचे एचटीएमएल दस्तावेज तैयार करने के लिए कुछ लोकप्रिय एडीटिंग सॉफ्टवेयरों के नाम दिए गए हैं-
1. विंडोज नोटपैड (दस्तावेज को .htm विस्तार के साथ सुरक्षित करें)
2. मैकिन्तोष सिम्पल टैक्सट (साधारण पाठ्य की तरह सुरक्षित करें)
3. एमएस-वर्ड (दस्तावेज को .htm विस्तार के साथ सुरक्षित करें)
4. वर्डपैड (दस्तावेज को .htm विस्तार के साथ सुरक्षित करें)
5. माइक्रोसॉफ्ट फ्रंटपेज (HTML टैब को क्लिक करें)
इन प्रोग्रामों में से विंडोज आधारित मशीनों में एचटीएमएल दस्तावेज तैयार करने और सम्पादित करने के लिए नोटपैड सबसे ठीक है। यह वेब ब्राउजरों इंटरनेट एक्सप्लोरर तथा नेटस्केप नेवीगेटर के लिए डिफॉल्ट टैक्सट एडीटर भी है। यहाँ यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि आप .htm के बजाय कोई दूसरा विस्तार देते हैं, तो ब्राउजर प्रोग्राम उसे एचटीएमएल दस्तावेज की तरह नहीं खोल सकेगा।

प्रश्न 6.
HTML दस्तावेज किस प्रकार खोला जाता है ?
उत्तर-
1. नोटपैड प्रारम्भ कीजिए।
2. File मेन्यू में Open आदेश दीजिए। इससे आपको Open का डायलाग बॉक्स दिया जाएगा।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 2 एच०टी०एम०एल० फंडामैंटल्ज 2
3. File of type लिस्ट बॉक्स में नीचे के तीर के बटन को क्लिक कीजिए और उस ड्रेप-डाउन लिस्ट में से All Files (*.*) विकल्प को चुनिए। इससे इस डायलाग बॉक्स में सभी फाइलों के नाम दिखाई पड़ने लगेंगे।
4. आप जिस एचटीएमएल दस्तावेज को खोलना चाहते हैं इसका नाम चुनिए।
5. Open बटन को क्लिक कीजिए इससे एचटीएमएल दस्तावेज खुल जाएगा। नोटपैड विंडो में कोई एचटीएमएल दस्तावेज खोलने के बाद आप उसमें कोई भी सुधार कर सकते हैं और उसे उसी नाम से या किसी अन्य नाम से सुरक्षित कर सकते हैं।

प्रश्न 7.
HTML टैग का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर-
टैग किसी एचटीएमएल दस्तावेज की हड्डियाँ हैं। इन्हीं पर पूरा दस्तावेज टिका होता है। वे ब्राउजर प्रोग्राम को बताते हैं कि उस टैग से आगे की सामग्री पर कौन-सा प्रभाव डालना है। प्रत्येक टैग का एक विशेष प्रभाव होता है। इनके अलावा उनमें एट्रीब्यूट भी होते हैं जो ब्राउजर प्रोग्राम को अतिरिक्त सूचनाएँ देते हैं। मौलिक एचटीएमएल टैगों की चर्चा करने से पहले उनकी संरचना को समझना आवश्यक है।

एचटीएमएल टैगों की संरचना (Structure of HTML Tags)-
कोई एचटीएमएल टैग एक टैग नाम और कभी-कभी उसके बाद दिये जाने वाले एट्रीब्यूटों से बना होता है जिन्हें कोणीय कोष्ठक (<>) में रखा जाता है। प्रत्येक टैग के साथ कुछ निश्चित एट्रीब्यूट जुड़े होते हैं, जिन्हें टैग एट्रीब्यूट कहते हैं। यदि टैग एट्रीब्यूट दिये गये हैं, तो वे टैग नाम के बाद कोणीय कोष्ठक के अन्दर ही दिये जाते हैं। प्रत्येक के बीच में कम से कम एक स्पेस (Space) या टैब (Tab) या लाइनफीड (Linefeed) चिह्न होना चाहिए। टैग के अन्दर उसके एट्रीब्यूट किसी भी क्रम में हो सकते हैं। टैग नाम और उनके एट्रीब्यूट छोटे-बड़े अक्षरों में अन्तर नहीं करते, इसलिए उन्हें कैसे भी अक्षरों में लिखा जा सकता है। लेकिन यहाँ सुविधा के लिए हम टैग नामों को बड़े अक्षरों (Capital Letters) और एट्रीब्यूट नामों को छोटे अक्षरों (Small Letters) में लिखेंगे।

सामान्यतया हर एट्रीब्यूट का कोई मान होता है, जो एट्रीब्यूट नाम के बाद बराबर का चिह्न (=) लगाकर उसके बाद लिखा जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ टैग और उनके एट्रीब्यूट नीचे दिए गए हैं-
<HR width=25%>
<BODY bgcolor=blue>
<BODY background= “C:/My Documents/Logo.jpg”>
<DL compact>
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सामान्यतया एट्रीब्यूट मानों की किसी सन्दर्भ चिह्न (Quotation Marks) के बिना लिखा जाता है, लेकिन यदि किसी एट्रीब्यूट के मान में एक से अधिक शब्द हैं, तो उनको सन्दर्भ चिह्न से घेरना आवश्यक है। किसी एट्रीब्यूट मान की लम्बाई 024 चिह्नों तक हो सकती है|