PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पदार्थ की विशेषताएं क्या हैं? पदार्थ की तीन अवस्थाओं के गुण संक्षेप में लिखिए।
उत्तर-

  1. पदार्थ स्थान घेरते हैं – वस्तु द्वारा घेरा हुआ स्थान आयतन कहलाता है। सभी वस्तुएं स्थान तो घेरती हैं, लेकिन समान रूप में नहीं घेरती हैं। कुछ वस्तुएं कम और कुछ वस्तुएं अधिक स्थान घेरती हैं; जैसे-एक पुस्तक, पैंसिल की अपेक्षा अधिक स्थान घेरती है।
  2. पदार्थ भार रखते हैं – सभी वस्तुओं में भार होता है, पर सभी में समान रूप से भार नहीं होता है। यह इस पर निर्भर करता है जो कि वस्तु में अणु कितनी दृढ़ता से व्यवस्थित हैं।

सभी पदार्थों को तीन अवस्थाओं में वर्गीकृत किया गया है-
ठोस (Solid) – ऐसे पदार्थ जिनकी आकृति और आयतन दोनों ही निश्चित होते हैं, ठोस कहलाते हैं; जैसे-पत्थर, लोहा आदि।
ठोस के गुण-

  1. ठोस का आयतन निश्चित होता है।
  2. ठोस की आकृति निश्चित होती है।
  3. से कटोर और दृढ़ होते हैं।
  4. ठोस बहते नहीं हैं। इनका ढेर लगाया जा सकता है।
  5. ठोसों को संपोड़ित नहीं किया जा सका है।
  6. ठोसों के अणुओं के मध्य अधिक आकर्षण बल पाया जाता है।
  7. ठोस में बहुत-से मुक्त पृष्ठ हो सकते हैं।

द्रव (Liquids ) – वह पदार्थ जिनका आयतन तो निश्चित होता है, परंतु आकृति निश्चित नहीं होती है तथा एक मुक्त पृष्ठ होता है, द्रव कहलाता है। उदाहरण-जल, दूध आदि।

  1. द्रव का आयतन निश्चित होता है।
  2. द्रव की आकृति निश्चित नहीं होती है। यह उसी बर्तन की आकृति ग्रहण कर लेता है जिसमें रखा जाता है।
  3. द्रव के रखने के लिए बर्तन की आवश्यकता होती है।
  4. द्रव इसका ऊपरी पृष्ठ खुला होता है।
  5. द्रव के अणुओं के मध्य लगने वाला आकर्षण बल, ठोसों की अपेक्षा कम होता है।

गैस (Gas) – वह पदार्थ जिसमें न तो आकृति और न ही आयतन निश्चित होता है, गैस कहलाता है। यह सरलता से संपीड़ित हो जाता है और इसका कोई मुक्त पृष्ठ नहीं होता है। उदाहरण-ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, भाप आदि।

गैसों के गुण-

  1. गैसों की आकृति निश्चित नहीं होती है। ये जिस बर्तन में रखी जाती हैं, उसी का आकार ग्रहण कर लेती हैं।
  2. गैसों का आयतन निश्चित नहीं होता है। ये उसी बर्तन का आयतन ग्रहण कर लेती हैं, जिसमें इनको रखा जाता
  3. गैस को संपीड़ित किया जा सकता है।
  4. गैस का मुक्त पृष्ठ नहीं होता है।
  5. गैस के अणुओं के बीच आकर्षण बल कम होता है।
  6. गैस सभी दिशाओं में बह सकती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 2.
(क) प्रयोग द्वारा सिद्ध करें कि वाष्पन से ठंडक पैदा होती है।
(ख) वे उदाहरण दें जहाँ वाष्पन लाभदायक होता है।
उत्तर-
(क) प्रयोग – लकड़ी के टुकड़े पर थोड़ा-सा पानी छिड़क कर ईथर से भरे बीकर को ऊपर रख देते हैं। ईथर की वाष्पन दर बढ़ाने के लिए ईथर को फूंक मारते हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है । पानी से वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अवशोषित कर ली जाती है। यह ठंडा हो जाता है और अंत में जम जाता है तथा बर्फ बन जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 1

(ख) वाष्पन द्वारा ठंडक पैदा करने के उदाहरण-

  1. गर्मियों में हम ज़मीन पर पानी छिड़कते हैं। सतह से पानी वाष्पित होता है और वाष्पन के लिए गुप्त ऊष्मा यह करने से अवशोषित करता है जिससे ज़मीन ठंडी हो जाती है।
  2. गर्मियों के मौसम में प्रयुक्त होने वाले वाटर कूलर (डैज़र्ट कूलर) इसी नियम पर आधारित हैं कि वाष्पन से ठंडक पैदा होती है। चटाइयों ( पंड) पर छिड़का जा रहा पानी वाष्पित होता है और ठंडक पैदा होती है।
  3. जब बाहर का ताप बहुत आंधक ने तो हमारे शरीर पर पसीना आता है। जैसे ही हमें पसीना आता है, वाष्पन क्रिया होती हैं और ठंडक महेंसूस होता है।
  4. नहाने के बाद हमारे शरीर पर स्थित पानी का वाष्पन होता है जिससे ठंडक महसूस होती है। यह ठंडक और अधिक महसूस होगी यदि हम पंखे के नीचे आ खड़े हों। पंखे की हवा वाष्पन की दर बढ़ाती है, अत: ठंडक बढ़ती है।
  5. चुसकी लेने से पहले चाय के गर्म कप में फूंक मारी जाती है जिससे वाष्पन में वृद्धि हो जाती है तथा ताप में कमी हो जाती है।
  6. गर्मियों में वृक्षों में नए पत्ते आ जाते हैं। इन पत्तों से पानी का वाष्पन काफ़ी तीव्रता से होता है। फलस्वरूप ये
  7. मिट्टी के बर्तनों या सुराहियों में पानी ठंडा रहता है। मिट्टी के बर्तनों की सतह पर बहुत बारीक लिद्र होते हैं। पानी इन छिद्रों में से बाहर रिसता रहता है और वाष्पित होता रहता है तथा सुराही के पानी से वाष्पन की गुप्त ऊष्णा अवशोषित कर लेता है।
  8. परिणामस्वरूप सुराही में पड़ा पानी ठंडा हो जाता है। (8) कई बार घड़े के गिर्द एक गोला कपड़ा रखा जाता है ताकि पानी की वाष्पन क्रिया तेज हो और यह शीघ्रता से ठंडा हो सके।
  9. गर्मियों में कुत्ते प्रायः अपनी जीभ बाहर निकाले रखते हैं ताकि उन्हें ठंडक महसूस हो। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनकी चमड़ी से पसीना नहीं आता।
  10. जब नाखूनों की पॉलिश हटाने के लिए एसीटोन नामक द्रव को प्रयोग में लाते हैं तो नाखूनों के आस-पास त्वचा पर लगने से वह वहाँ से ऊष्मा को प्राप्त कर वाष्पीकृत हो जाती है जिससे ठंडक महसूस होती है।

प्रश्न 3.
क्वथन (Boiling) की परिभाषा दीजिए। यह वाष्यन से कैसे भिन्न है ?
उत्तर-
कवथन या उबाल क्रिया – जब द्रव का सतही दबाव वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो जाता है तब द्रव अवस्था से वाष्प अवस्था में बदलने की क्रिया को उबाल क्रिया या क्वथन क्रिया कहते हैं।

पानी का क्वथनांक (Boiling point) – 100°C है। अशुद्धियाँ प्राय. क्वथनांक को कम कर देती हैं। द्रव की सतह पर दबाव में वृद्धि से उबाल दर्जे में वृद्धि होती है। यह दाब के कारण पानी (द्रव) के क्वथनांक में वृद्धि का सिद्धांत प्रेशर कुकर के निर्माण में प्रयुक्त होता है।

वाष्पन तथा क्वथन में अंतर-

क्वथन वाष्पन
(1) इस क्रिया के दौरान ताप बदलता है। (1) इस क्रिया के दौरान ताप पूर्णतया स्थिर रहता है।
(2) यह सभी तापों पर होता रहता है। (2) यह केवल क्वथनांक पर होता है।
(3) यह सतह पर होने वाली क्रिया है। (3) यह द्रव के सभी कणों पर होता है।
(4) यह एक शांत और धीमी क्रिया है। (4) यह तेज़ और एक ध्वनि उत्पन्न करने वाली क्रिया है।
(5) यह सतह के क्षेत्रफल, वायु, वेग आदि की वृद्धि से बढ़ जाती है। (5) यह इनके परिवर्तनों के होने पर स्थिर रहता है।
(6) इस क्रिया में बुलबुले नहीं बनते। (6) इस क्रिया में बुलबुले बनते हैं।
(7) इसमें ठंड उत्पन्न होती है। (7) इसमें ठंड उत्पन्न नहीं होती।

प्रश्न 4.
वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
पदार्थ के कण सदा गतिशील रहते हैं। निश्चित तापमान पर उसके कणों में गतिज ऊर्जा होती है। जिस कारण वाष्पीकरण होता रहता है पर निम्नलिखित कारकों से इसकी दर प्रभावित होती है-

  • सतह क्षेत्र बढ़ने से – वाष्पीकरण एक सतही प्रक्रिया है। जब सतह का क्षेत्र बढ़ा दिया जाता है तो वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है। इसलिए किसी गिलास में डाले गए गर्म दूध की अपेक्षा प्लेट में डाला गया गर्म दूध जल्दी ठंडा हो जाता है। गीले कपड़ों को सुखाने के लिए उन्हें धूप में फैलाया जाता है।
  • तापमान में वृद्धि – द्रव का तापमान जितना अधिक होगा उसका वाष्पीकरण भी उतना ही जल्दी होगा। इस से पदार्थ के कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा प्राप्त होती है।
  • आर्द्रता में कमी – यदि वायु में नमी की मात्रा कम हो तो वाष्पीकरण शीघ्र होता है पर वायु में नमी होने के कारण वाष्पीकरण देर से होता है। वर्षा के दिनों में गीले कपड़ों को इसी कारण सूखने में देर लगती है।
  • हवा की गति में तीव्रता – तेज़ हवा में वाष्पीकरण शीघ्र होता है। हवा तेज़ होने के कारण जलवाष्प हवा के साथ उड़ जाते हैं जिस कारण आसपास के जल वाष्पों की मात्रा घट जाती है।
  • पदार्थ की प्रकृति – पेट्रोल, स्पिरिट आदि ऐसे द्रव हैं जिनकी प्रकृति अधिक तेजी से वाध्वीकृत होने की है।
  • दबाव में कमी – द्रवों पर दबाव कम होने से वाष्पीकरण की क्रिया अधिक तेजी से होती है।

प्रश्न 5.
ऊष्मा और तापमान में अंतर लिखिए।
उत्तर-
ऊष्मा और तापमान में अंतर-

ऊष्या नापमान
1. यह ऊर्जा का एक रूप है। 1. यह एक अवाया है। इससे ऊष्मा के बहने की दिशा का पता लता है।
2. इसमें गर्मी या सर्दी की संवेदना का अनुभव होता है। 2. वस्तु का गुणधर्म होने के कारण यह उभा के प्रवाह को निश्चित करता है।
3. इसे कैलोरी या किलो-कैलोरी में मापते हैं। इसका यांत्रिक मात्रक जूल (J) है। 3. इसे अंशो में मा५ है।
4. यह वस्तु में ऊर्जा की मात्रा है। 4. यह वस्तु का भौतिक है।
5. इसे कैलोरीमीटर से मापते हैं। 5. इसे तापमापी से मापत हैं।
6. यह वस्तु की संहति, प्रकृति और तापक्रम पर निर्भर करती है। 6. यह वस्तु की संहति, प्रकृति और तापक्रम पर निर्भर नहीं करता।
7. यह एक कारण है। 7. यह ऊष्मा का प्रभाव है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पदार्थ किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
पदार्थ – हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग में लायी जाने वाली अनेक प्रकार की नस्तुएं हैं। इसका रूप, सा, गुण, आकार, उपयोग आदि अलग-अलग होते हैं पर फिर भी हमारे लिए उपयोगा हैं। नमक का पानी में घोल और चीनी का पानी में घोल देखने में एक से प्रतीत होते हैं पर दोनों एक-दूपरे से भिन्न हैं : मेला, कुम भ पानी, हवा, पेसिल, पत्थर, दूध, माँस, दालें, अनाज आदि सभी पदार्थ हैं। पदार्थ वे वस्तुएँ हैं जो स्थान घरती हैं और रखती हैं इसलिए हमारे आस-पास की सभी वस्तुएँ पदार्थ की श्रेणी में रखी जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 2.
पदार्थ का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर-
पदार्थ को अनेक प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है। आधुनिक काल में इसका वो करण प्रायः दो आधारों पर किया जाता है-
(I) भौतिक अवस्था के आधार पर : ठोस द्रव और गैस
(II) रासायनिक संरचना के आधार पर : तत्त्व, यौगिक और मिश्रण।

प्रश्न 3.
प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि पदार्थ कणों से बने होते हैं और कणों के बीच खाली स्थान होता
उत्तर-
प्रयोग – एक 100 ml का बीकर लो। इसे जल से लगभग आधा भर दो और जल के स्तर पर निशान लगा दो। अब इसमें कुछ नमक या चीनी डालो और जल के स्तर को देखो। यह कुल बह गया है। नमक या चीनी को छड़ की सहायता से अच्छी तरह हिलाओ। इसके घुल जाने के पश्चात् जल का तल फिर से कम हो जाएगा।

निष्कर्ष – इससे प्रमाणित होता है कि जल के अणुओं के बाच खाली स्थान होता है। हिलाने पर नमक या चीनी के अणु उन खाली स्थानों में चले गए और जल का स्तर कम हो गया। पदार्थ कणों से बनने के कारण ही नमक या चीनी पूरी तरह जल में घुल गई।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 2

प्रश्न 4.
प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि पदार्थ के कण अति सूक्ष्म होते हैं ।
उत्तर-
प्रयोग – पोटाशियम परमैंगनेट के दो या तीन क्रिस्टलों को 100 मि.ली० जल में घोल दें। इस घोल से परखनली में लगभग 10 मि०ली. घोल निकाल कर 90 मि०ली० साफ जल में मिला दें। फिर इस घोल से 10 मि०ली० निकाल कर उसे भी 90 मि०ली० साफ जल में मिला दें। इसी प्रकार इस घोल को 5 से 8 बार दोहराओ और घोल को तनु करते रहो । आप देखेंगे कि जल अब भी रंगीन रहेगा।

निष्कर्ष- इससे सिद्ध होता है कि पोटाशियम परमैंगनेट के केवल एक क्रिस्टल में अनेक सूक्ष्म कण होते हैं ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 3

प्रश्न 5.
प्रयोग द्वारा ठोस, द्रव और गैसों पर दबाव का प्रभाव प्रदर्शित करना ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 4
प्रयोग – 100 ml की तीन सिरिंज लेकर उनके सिरों को चित्र के अनुसार बंद कर दो। सभी सिरिंजों के पिस्टन को हटा लें। पहली सिरिंज में हवा, दूसरी में जल और तीसरी में चॉक के टुकड़े भर दें। सिरिंज के पिस्टन की गतिशीलता आसान बनाने के लिए उस पर थोड़ी वैसलीन लगा दें और उसे वापस सिरिंज में लगाएं। अब पिस्टन को संपीडित करने का प्रयत्न करें।

पिस्टन वायु से भरी सिरिंज में आसानी से गति करता है पर पानी से भरी सिरिंज में पिस्टन बहुत थोड़ी गति करता है। चॉक के टुकड़ों पर संपीडन बिल्कुल नहीं होता।

निष्कर्ष – गैसें सबसे अधिक संपीड्य होती हैं। द्रवों को अधिक नहीं दबाया जा सकता पर ठोस पर दबाव का प्रभाव नहीं पड़ता। गैसें सबसे अधिक संपीड्य होती हैं।

प्रश्न 6.
पदार्थ का भौतिक अवस्था के आधार पर वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर-
विश्व की विभिन्न वस्तुओं को भौतिक आधार पर ठोस, तरल और गैस नामक तीन अवस्थाओं में वर्गीकृत किया जा सकता है।
ठोस – ठोस का निश्चित रूप और आकार होता है तथा इसका निश्चित घनफल होता है। प्रायः ये कठोर होते हैं और इन पर दबाव नहीं डाला जा सकता। उदाहरण-लकड़ी, पत्थर, चीनी, नमक।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 5

द्रव – तरल का निश्चित आकार नहीं होता पर निश्चित घनफल अवश्य होता है। ये उसी बर्तन का आकार ले लेते हैं जिसमें इन्हें डाला जाता है। इनमें बहने की प्रवृत्ति होती है। इसलिए इन्हें द्रव भी कहते हैं । उदाहरण पानी, दूध, तेल, एल्कोहल।

गैस – गैस का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित घनफल। इस पर दबाव डाला जा सकता है। यह उस बर्तन में पूर्ण रूप से फैल कर उसी का रूप ले लेती है जिसमें इसे डाला जाता है। उदाहरण-ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, वायु, कार्बन डाइऑक्साइड।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 7.
ठोस, द्रव और गैस की स्थिति अंतरा आण्विक बल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
प्रत्येक पदार्थ अति छोटे कणों से बनता है। ये कण स्थिर न हो कर लगातार गतिशील रहते हैं। ऊष्मा ऊर्जा से इनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। ये एक-दूसरे पर आकर्षण बल लगाते हैं जिसे अंतरा आण्विक बल कहते हैं । इनके आधार पर ठोस, द्रव, गैस की स्थिति की व्याख्या की जा सकती है।

ठोस – इनमें कण एक-दूसरे के बहुत निकट होते हैं और कणों के बीच बहुत कम रिक्त स्थान होता है । इनके बीच आकर्षण बल बहुत अधिक होता है और वे केवल घूर्णन गति कर सकते हैं । इसलिए उनका निश्चित आकार और घनफल होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 6

द्रव – इनमें कण एक-दूसरे से दूर-दूर होते हैं और कणों के बीच पर्याप्त रिक्त स्थान होता है जिसके परिणामस्वरूप इनमें आकर्षण बल अपेक्षाकृत कमजोर होता है पर यह इतना कमजोर नहीं होता कि कण एक-दूसरे से अलग हो जाएं। इसीलिए द्रव पदार्थों का निश्चित आकार नहीं होता पर उनका निश्चित घनफल होता है। वे उस बर्तन का आकार ग्रहण कर लेते हैं जिसमें डाले जाते हैं।

गैस – गैसों में कणों की स्थिति बहुत ढीली होती है और उन के बीच रिक्त स्थान बहुत अधिक होते हैं। उन के बीच आकर्षण बल न के बराबर ही होता है और तीव्र वेग से सभी दिशाओं में इधर-उधर गति कर सकते हैं। इसीलिए गैस का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित घनफल। इनके कणों में बड़े रिक्त स्थानों के कारण उन्हें दबाया जा सकता है और वे बर्तन की दीवारों पर दबाव डाल सकती हैं।

प्रश्न 8.
अवस्था परिवर्तन से आप क्या समझते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
तापमान और दबाव पर निर्भर कर कोई पदार्थ ठोस, तरल और गैस अवस्थाओं को प्राप्त कर सकता है जिसे अवस्था परिवर्तन कहते हैं। यदि किसी वस्तु का द्रवणांक सामान्य तापमान से अधिक हो तो वह ठोस कहलाती है और यदि उसका क्वथनांक सामान्य तापमान से अधिक हो तो वह द्रव कहलाती है। सामान्य दबाव पर यदि क्वथनांक कम हो तो उसे गैस कहते हैं। तापमान और दबाव में परिवर्तन से किसी पदार्थ को ठोस, तरल और गैस अवस्थाएं दी जा सकती
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 7
हैं। बर्फ को गर्म करने से वह द्रव में और द्रव को गर्म करने से वाष्प में बदला जा सकता है। वाष्प को ठंडा करने से द्रव और द्रव को ठंडा करने से उसे ठोस में बदला जा सकता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 8

प्रश्न 9.
एक प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि तापमान के परिवर्तन से पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन होता
उत्तर-
प्रयोग – एक बीकर में लगभग 150 ग्राम बर्फ का टुकड़ा लें और उसे स्टैंड पर इस प्रकार रखें कि थर्मामीटर का बल्ब उसको स्पर्श करे। चित्रानुसार उपकरण को लगाएं। बीकर को धीमी आंच पर गर्म करें।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 9

जब बर्फ पिघलने लगे तो तापमान नोट करो। जब पूरी बर्फ जल में परिवर्तित हो जाए तो फिर तापमान नोट करो। जब जल उबलने लगे और भाप बनने लगे तब तापमान को नोट करो।

निष्कर्ष – बर्फ 0°C पर पिघलती है। जब सारी बर्फ पिघल कर पानी में बदल जाती है तब भी उसका तापमान 0°C होता है। जल की द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तन 100°C पर होता है।

प्रश्न 10.
पदार्थ की अवस्था पर ताप और दाब का क्या प्रभाव पड़ता है ? स्पष्ट करो।
उत्तर-
ताप और दाब का पदार्थ की अवस्था पर प्रभाव पड़ता है। जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है तो उस के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। वे तेजी से कंपन करते हैं और अधिक स्थान ग्रहण करते हैं और वे फैलने लगते हैं। एक निश्चित तापमान पर वे आकर्षण के बंधन से मुक्त हो स्वतंत्रतापूर्वक घूमने लगते हैं। तब उसके अणुओं की गति नहीं बढ़ती और उनका व्यवस्था और क्रम में परिवर्तन होने लगता है तब वे तरल अवस्था में बदल जाते हैं । तल को गर्म करने से अणुओं का वेग बढ़ जाता है। उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। तेज़ गति वाले अणुओं का सवेग जब उन पर भीतर की तरफ लग रहे बल से अधिक बढ़ जाता है तो वे वाष्प अवस्था में बदल जाते हैं और तरल की सतह से बाहर निकल आते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 11.
जल और एल्कोहल के निश्चित आयतन को परस्पर मिलाने पर मिश्रण का आयतन प्रारंभ में लिए गए जल और एल्कोहल के योग से कम हो जाता है। क्यों ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
काँच की एक नली के आधे भाग में जल भरो। इस के शेष आधे भाग को एथिल एल्कोहल से भर दो। इसे अच्छी तरह से हिलाओ। नली में कुछ रिक्त स्थान दिखाई देगा। कुछ समय बाद इसे फिर देखो। मिश्रण का आयतन प्रारंभ में लिए गए जल और एल्कोहल के आयतन के योग से कुछ कम दिखाई देगा क्योंकि एल्कोहल के कण जल के अंतरा-अणुक अवकाश के मध्य समायोजित हो जाते हैं।

प्रश्न 12.
ठोस, द्रव तथा गैस में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
ठोस, द्रव तथा गैस में अंतर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 10

प्रश्न 13.
शीतलन के लिए 0°C के पानी की अपेक्षा 0°C की बर्फ़ अधिक प्रभावी क्यों होती है ?
उत्तर-
0°C ताप की बर्फ °C के पानी की अपेक्षा ठंडा करने में अधिक प्रभावपूर्ण होती है क्योंकि वह 0°C के पानी में बदलने के लिए अपनी गलन की गुप्त ऊष्मा के बराबर ऊष्मा लेती है और फिर ताप वृद्धि के लिए ऊष्मा प्राप्त करती है जबकि 0°C तापमान का पानी केवल ताप में वृद्धि के लिए ही ऊष्मा को प्राप्त करता है।

प्रश्न 14.
दाँतों को आइसक्रीम बर्फ के जल की अपेक्षा अधिक ठंडी क्यों प्रतीत होती है ?
उत्तर-
आइसक्रीम को पिघलने के लिए गलन की गुप्त ऊष्मा की आवश्यकता होती है जो दाँतों से अवशोषित की जाती है। इस गुप्त ऊष्मा का मान अधिक होता है जिसके परिणामस्वरूप दाँतों को आइसक्रीम बर्फ के जल की अपेक्षा अधिक ठंडी प्रतीत होती है।

प्रश्न 15.
बर्फ गलन की गुप्त ऊष्मा क्या है ? इसका क्या अर्थ है ?
उत्तर-
बर्फ गलन की गुप्त ऊष्मा 3.34 × 105 J/kg (या 80 cal/g) है। इसका अर्थ यह है कि 0°C पर 1 kg बर्फ 3.34 × 105 जूल ऊष्मा अवशोषित करके 0°C पर 1 kg पानी में बदलती है या 1 kg पानी 0°C पर 3.34 × 105 जूल ऊष्मा विसर्जित करके 0°C पर बर्फ में बदल जाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 16.
भाप के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा क्या है ? इसका क्या अर्थ है ?
उत्तर-
भाप के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा 22.5 × 105 J/kg (या 540 cal/g) है। इसका अर्थ यह है कि 100° पर 1kg पानी 22.5 × 105 जूल ऊष्मा अवशोषित करके 100°C ताप वाली भाप में बदल जाता है या 100°C पर 1 kg भाप 22.5 × 105 जूल ऊष्मा विसर्जित करके 100°C ताप वाले पानी में बदल जाती है।

प्रश्न 17.
उबलते पानी और उसी ताप की भाप में से, किससे जलन अधिक कष्टकर होती है ? कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
भाप सदा ही उबलते पानी से अधिक गंभीर जलन उत्पन्न करती है। जब पानी 100°C तापमान पर उबलता है तो 100°C वाष्प में परिवर्तित होता है। उसे 536 कैलोरी / ग्राम या 2260 जूल / ग्राम ऊष्मा की आवश्यकता होती है जिसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं । इसीलिए उबलते पानी से भाप में ऊष्मा अधिक होती है क्योंकि उसमें गुप्त ऊष्मा भी सम्मिलित होती है। इसी कारण वह अधिक गंभीर जलन उत्पन्न करती है।

प्रश्न 18.
जब मोटे कांच से बने गिलास में उबलता हुआ पानी ( या बर्फ ) डाल दिया जाता है तो यह तिड़क क्यों जाता है ?
उत्तर-
जब मोटे कांच से बने गिलास में उबलता हुआ पानी डाला जाता है तो ताप वृद्धि के कारण गिलास का आंतरिक भाग फैल जाता है। क्योंकि कांच ऊष्मा का कम चालक है इसलिए बाहर बहुत कम ऊष्मा आती है। बाहरी सतह से कांच बहुत कम फैलता है। इसी कारण गिलास तिड़क जाता है।

प्रश्न 19.
ठोस प्रसार की कुछ हानियां बताओ।
उत्तर-
ठोस प्रसार की कुछ हानियां-

  1. जब कांच के गिलास में गर्म पानी डाला जाता है तो यह तिड़क जाता है ।
  2. इस प्रसार के कारण रेल की पटरियां टेढ़ी हो सकती हैं तथा गाड़ियां उलट सकती हैं।
  3. कंकरीट या अन्य सामान्य फ़र्श तिड़क सकते हैं।
  4. भाप या गर्म पानी से पानी की पाइपें मुड़ सकती हैं।
  5. गर्मियों में लंबी तारें बिछाई जाती हैं ताकि सर्दियों में सिकुड़ने की क्रिया को पूरा किया जा सके।
  6. इस्पात से बने पुल फैल कर सहारे की दीवारें तोड़ सकते हैं।
  7. घड़ियां गर्मियों में पीछे और सर्दियों में आगे जा सकती हैं।

प्रश्न 20.
जब बहुत गर्म चाय कांच के गिलास में डाली जाती है तो यह तिड़क क्यों जाता है ?
उत्तर-
गर्म पानी या चाय डालने पर मोटा कांच का गिलास तिड़क जाता है । गर्म द्रव गिलास के आंतरिक भाग को बाहरी तल से पहले प्रसारित कर देता है। इस तरह उत्पन्न तनाव कांच के लिए इतना अधिक होता है जो इसके लिए असहनीय हो जाता है और गिलास तिड़क जाता है।

प्रश्न 21.
रेल की दो पटरियों के बीच प्रसार के लिए खाली स्थान रखा जाता है, क्यों ? व्याख्या करो।
उत्तर-
गर्मियों में रेल पटरियां गर्म होकर फैलती हैं। यदि प्रसार के लिए खाली स्थान न रखा जाए तो यह मुड़ सकती हैं तथा रेल पटरी से उतर सकती है। इसलिए दो पटरियों के बीच खाली स्थान छोड़ा जाता है. ताकि इन्हें प्रसार के लिए स्थान मिल सके।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 22.
जब तालाब जम जाते हैं, तो भी मछलियां कैसे जीवित रहती हैं ? ।
उत्तर-
पानी के असंगत प्रसार के कारण बहुत कड़ाके की सर्द में भी झीलों और तालाबों के पानी की ऊपरी सतह ही जमती है। ऊपर जमी बर्फ के नीचे का पानी नहीं जमता । परिणामस्वरूप मछलियां तथा अन्य जल जीव जीवित रहते हैं। यदि पानी का प्रसार एक जैसा होता है तो झीलों और तालाबों का सारे का सारा पानी जम जाता है तो जल जीवों तथा जल-वनस्पति का बचना असंभव होता।

प्रश्न 23.
किसी धात्वीय बर्तन की अपेक्षा सुराही में रखा पानी अधिक ठंडा क्यों होता है ?
उत्तर-
सुराही के छिद्रों में से पानी बाहर आ जाता है जो निरंतर इसकी सतह से वाष्पित होता रहता है। वाष्पन के लिए अभीष्ट ऊष्मा सुराही के अंदर पड़े पानी से ली जाती है। इस ऊष्मा हानि के कारण पानी ठंडा हो जाता है।

प्रश्न 24.
‘पदार्थ की गुप्त ऊष्मा’ की परिभाषा लिखो।
उत्तर-
गुप्त ऊष्मा की वह मात्रा है जो किसी पदार्थ द्वारा ठोस से द्रव या द्रव से गैस (वाष्प) अवस्था परिवर्तित करते समय बिना किसी ताप वृद्धि के अवशोषित की जाती है।

प्रश्न 25.
गलन की गुप्त ऊष्मा तथा वाष्यन की गुप्त ऊष्मा की परिभाषा दें।
उत्तर-
गलन की ऊष्मा – बिना ताप परिवर्तित किए किसी पदार्थ के इकाई पुंज द्वारा ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में बदलते समय अवशोषित ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की गलन ऊष्मा कहते हैं।

वाष्पन की गुप्त ऊष्मा-बिना ताप परिवर्तित किए किसी पदार्थ के इकाई पुंज द्वारा द्रव अवस्था से गैस अवस्था में बदलते समय अवशोषित ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।

प्रश्न 26.
गर्मियों में कभी-कभी सोडा वाटर की बोतलें फट जाती हैं क्यों?
उत्तर-
गर्मियों में वायुमंडल का ताप बढ़ने से सोडा-वाटर में भरी गैस का दाब गर्म होने से बढ़ जाता है जिसके कारण कभी-कभी सोडा वाटर की बोतलें फट जाती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 27.
नहाने के तुरंत बाद हमें ठंड क्यों महसूस होती है ?
उत्तर-
नहाने के तुरंत बाद शरीर पर पानी की कुछ बूंदें रह जाती हैं। इन बूंदों का वाष्पीकरण होता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा हमारे शरीर से ले ली जाती है जिसके कारण हमें ठंड महसूस होती है।

प्रश्न 28.
गर्मियों में सड़कों पर छिड़काव क्यों किया जाता है?
उत्तर-
वाष्पन से ठंडक उत्पन्न होती है। सड़कों पर किए गए छिड़काव के कारण वाष्पन क्रिया तीव्र होती है। वाष्पण के लिए जो ऊष्मा की आवश्यकता होती है वह सड़क से ली जाती है जिस कारण सड़कें ठंडी हो जाती हैं।

प्रश्न 29.
किस प्रकार सिद्ध करोगे कि पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं ?
उत्तर-
जलती हुई अगरबत्ती की सुगंध पदार्थ के कणों के गतिशील होने के कारण दूर से अनुभव की जा सकती है। गर्म खाने की महक दूर से अनुभव की जा सकती है। रबड़ को लगी आग को बहुत दूर से जाना जा सकता है। इत्र की गंध पदार्थ के कणों के गतिशील होने के कारण ही दूर तक फैल जाती है।

प्रश्न 30.
ठोस का ठोस में विसरण क्या है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
दो धातु के टुकड़ों को कसकर बाँधकर कुछ वर्षों तक रख देने से कभी-कभी एक धातु के कण दूसरे में विसरित हो जाते हैं। इसे ठोस में ठोस का विसरण कहते हैं। ठोस के कण अपने स्थान से ज़्यादा गति नहीं करते। वे अपने माध्य स्थान पर ही दोलन करते हैं। इसलिए ठोस पदार्थों में दूसरे ठोस पदार्थ में विसरित होने के गुण प्रायः नहीं होते।

प्रश्न 31.
गैसों में संपीड्यता के अधिक होने के तीन उपयोग लिखिए।
उत्तर-

  1. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) को सिलिंडरों में भरा जाता है ताकि ईंधन के रूप में प्रयुक्त की जा सके।
  2. अस्पतालों में रोगियों को दी जाने वाली ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों में संपीडित की जाती है।
  3. प्राकृतिक गैस (CNG) का वाहनों में प्रयोग इसी गुण के आधार पर किया जाता है।

प्रश्न 32.
गर्म करने पर ठोसों की अवस्था में परिवर्तन लिखिए।
उत्तर-
ठोस को गर्म करने पर उसके अणुओं की कंपन गति बढ़ती है। गतिज ऊर्जा बढ़ने के साथ अंतर आण्विक बल कम होने लगता है। एक निश्चित ताप पर अणुओं के कंपन का आयाम इतना बढ़ जाता है कि वे आकर्षण के बंधन से मुक्त होकर स्वतंत्रतापूर्वक घूमने लगते हैं। एक निश्चित ताप के पहुँचने पर ठोस के अणुओं की गतिज ऊर्जा नहीं बढ़ती है, बल्कि उनकी व्यवस्था तथा क्रम में परिवर्तन होने लगता है। अत: ठोस द्रव में परिवर्तित होने लगता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 33.
गर्म करने पर द्रव की अवस्था में परिवर्तन लिखिए।
उत्तर-
द्रव को गर्म करने पर उसके अणुओं की गतिज ऊर्जा काफ़ी बढ़ जाती है, और अणु एक-दूसरे से काफ़ी दूर होते जाते हैं। ऐसे अणु जिनकी गतिज ऊर्जा बहुत अधिक होती है, द्रव की सतह पर आने पर सतह को छोड़कर वायुमंडल में चले जाते हैं। इस प्रकार अणुओं के बीच अंतरा अणुक आकर्षण बल नहीं के बराबर हो जाता है और द्रव वाष्प में निरंतर परिवर्तित होने लगता है।

प्रश्न 34.
द्रव के ठंडा होने की अवस्था में परिवर्तन लिखिए।
उत्तर-
जब किसी द्रव को ठंडा किया जाता है तो इसके अणु ऊष्मीय ऊर्जा खो देते हैं। इससे उनकी गति धीमी हो जाती है। गति धीमी होने से अंतराअणुक बल बढ़ जाते हैं। यह तब तक चलता रहता है, जब तक कि अंतराअणुक बल, कंपन करते हुए अणुओं की ऊर्जा से अधिक नहीं हो जाते। इस प्रकार अणु एक स्थिति में रहते हैं। इस समय द्रव, ठोस अवस्था में परिवर्तित होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 11

प्रश्न 35.
गैस के ठंडा होने पर अवस्था परिवर्तन लिखिए।
उत्तर-
जब गैस को ठंडा किया जाता है, इसके अणु ऊष्मा ऊर्जा को खो देते हैं। इससे अणुओं की गति धीमी हो जाती है। यह तब तक चलता रहता है, जब तक कि गैस के अणुओं की ऊर्जा, अंतराअणुक बलों से कम नहीं हो जाती है। इस प्रकार, अणु एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं और निर्बल अंतराअणुक बलों द्वारा बँधे रहते हैं। इसीलिए गैस, द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।

प्रश्न 36.
पदार्थ की तीन अवस्थाओं में परिवर्तन को रेखाचित्र की सहायता से प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 12

प्रश्न 37.
ऊर्ध्वपातन विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
ऊर्ध्वपातन विधि में ठोस को गर्म कर सीधा वाष्प में या वाष्प को सीधा ठोस में बदला जाता है। इस प्रक्रिया में द्रव नहीं बनता।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 13
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 14

इस विधि से अमोनियम क्लोर इड, नैप्थालीन, आयोडीन, कपूर आदि को सरलता से प्राप्त कर लिया जाता है।

चीनी की प्याली में थोड़ा कपूर या अमोनियम क्लोराइड लें। इस पर फिल्टर पेपर रख कर उस पर उल्टा कीप रखें। कीप के सिरे पर रूई का एक टुकड़ा रख दें। गर्म करने पर वाष्प बना कपूर या अमोनियम क्लोराइड प्राप्त हो जाएगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 38.
बर्फीले पानी से भरे गिलास की बाहरी सतह पर पानी की बूंदें क्यों दिखाई देती हैं?
उत्तर-
किसी बर्तन में हम बर्फीला पानी रखते हैं। जल्दी ही बर्तन की बाहरी सतह पर हमें पानी की बूंदें नज़र आने लगेंगी। वायु में उपस्थित जल वाष्प की ऊर्जा ठंडे पानी के संपर्क में आकर कम हो जाती है और यह द्रव अवस्था में बदल जाता है, जो हमें पानी की बूंदों के रूप में नज़र आता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 15

प्रश्न 39.
दाब बढ़ाने से किसी द्रव पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
पदार्थ की विभिन्न अवस्थाएं घटक कणों के बीच की दूरी में अंतर के कारण होती हैं। दाब बढ़ाने से पदार्थों के कणों को समीप लाया जा सकता है। ताप में कमी करके इससे गैस को द्रव अवस्था में बदला जा सकता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ 16

प्रश्न 40.
प्लाज्मा क्या है ? ये कहाँ-कहाँ देखा जा सकता है ?
उत्तर-
प्लाज्मा पदार्थ की एक अवस्था है जिसमें कण आयनीकृत गैस के रूप में होते हैं। ये अत्यधिक ऊर्जावान और उत्तेजित होते हैं । इसे अग्रलिखित में देखा जा सकता है-

  1. लोटसेंट ट्यूब और नियॉन बल्ब में।
  2. सूर्य और तारों की चमक में।

प्रश्न 41.
प्लाज्मा भिन्न रंगों को प्रकट क्यों करता है ?
उत्तर-
विशेष प्रकार की गैसों में विद्युत् ऊर्जा प्रवाहित करने पर गैसें आयनीकृत हो जाती हैं। गैस के स्वभाव के अनुसार विशेष रंग की चमक उत्पन्न होती है।

प्रश्न 42.
बोस आइंस्टाइन कंडनसेट से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
एक भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बोस ने सन् 1920 में पदार्थ की पाँचवीं अवस्था के लिए कुछ गणनाएँ की थीं। उनके आधार पर अल्बर्ट आइंस्टीन ने पदार्थ की एक नई अवस्था की भविष्यवाणी की थी। इसी को बोस आइंस्टाइन कंडनसेट (BEC) कहा जाता है। बाद में अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों एरिक ए कॉर्नेल, उल्फगैंग केटरले और कार्ल ई वेमैन ने BEC की अवस्था प्राप्त करने पर नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया था।

प्रश्न 43.
BEC किस प्रकार तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
सामान्य वायु के घनत्व के एक लाखवें हिस्से से कम घनत्व वाली गैस को अत्यधिक कम तापमान पर ठंडा करने से BEC तैयार किया जाता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
हमारे चारों ओर की वस्तुएं किस कारण भिन्न दिखाई देती हैं ?
उत्तर-
आकार, आकृति और बनावट में भिन्नता के कारण वे भिन्न दिखाई देती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 2.
पदार्थ किसे कहते हैं ?
उत्तर-
विश्व की हर वस्तु जिस भी सामग्री से बनती है, जो स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे पदार्थ कहते हैं।

प्रश्न 3.
पदार्थ के पाँच उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
हवा, भोजन, पत्थर, जल, पौधे।

प्रश्न 4.
पंचतत्व किसे कहते हैं ?
उत्तर-
हमारे देश के प्राचीन दार्शनिकों ने सभी वस्तुओं को बनाने वाले पदार्थ को पाँच मूल तत्वों में वगीकृत किया था जिन्हें पंचतत्व कहते हैं।

प्रश्न 5.
पंचतत्व कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
वायु, पृथ्वी, अग्नि, जल और आकाश।

प्रश्न 6.
यूनानी दार्शनिक कितने तत्वों का मूल मानते थे ?
उत्तर-
चार।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 7.
यूनानी दार्शनिकों के द्वारा स्वीकार किए जाने वाले चार मूल तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर-
पृथ्वी, अग्नि, वायु और जल।

प्रश्न 8.
आधुनिक वैज्ञानिक पदार्थ को किस आधार पर वर्गीकृत करते हैं ?
उत्तर-
भौतिक गुणधर्म और रासायनिक प्रकृति।

प्रश्न 9.
पदार्थ किससे बनते हैं ?
उत्तर-
पदार्थ कणों से मिलकर बनते हैं।

प्रश्न 10.
पोटेशियम परमैंगनेट के बहुत थोड़े क्रिस्टलों से भी जल रंगीन क्यों हो जाता है ?
उत्तर-
पोटेशियम परमैंगनेट के केवल एक क्रिस्टल में अनेक सूक्ष्म कण होते हैं।

प्रश्न 11.
पदार्थ के कण कितने छोटे हो सकते हैं ?
उत्तर-
पदार्थ के कण इतने छोटे हो सकते हैं कि उनकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते।

प्रश्न 12.
पदार्थ के कणों के बीच में क्या होता है ?
उत्तर-
पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 13.
नमक, चीनी, डेटॉल आदि पानी में क्यों घुल जाते हैं ?
उत्तर-
पदार्थों के कणों के बीच पर्याप्त रिक्त स्थान होने के कारण।

प्रश्न 14.
अगरबत्ती की सुगंध दूर तक किस कारण से फैल जाती है ?
उत्तर-
पदार्थ के कणों के निरंतर गतिशील होने के कारण।

प्रश्न 15.
नमक पानी में क्यों घुल जाता है ?
उत्तर-
जब नमक को पानी में घोलते हैं तो नमक के कण पानी के कणों के बीच रिक्त स्थानों में समावेशित हो जाते हैं।

प्रश्न 16.
पानी में शहद की शुद्धता किस प्रकार परखी जा सकती है ?
उत्तर-
यदि पानी में शहद एक वर्ण रेखा के रूप में गिरता है तो वह शुद्ध माना जाता है।

प्रश्न 17.
तापमान बढ़ाने से कणों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 18.
पदार्थ के कण निरंतर गतिशील किस कारण रहते हैं ?
उत्तर-
गतिज ऊर्जा के कारण।

प्रश्न 19.
विसरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वत: मिलना विसरण कहलाता है।

प्रश्न 20.
गर्म करने पर विसरण पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
गर्म करने पर विसरण तेज़ हो जाता है।

प्रश्न 21.
पदार्थ के कणों पर बल क्या प्रभाव डालता है ?
उत्तर-
यह बल कणों को एक साथ रखता है।

प्रश्न 22.
भौतिक अवस्था के आधार पर पदार्थ की अवस्थाएं कौन-कौन-सी हैं ?
उत्तर-
ठोस, द्रव और गैस।

प्रश्न 23.
ठोस पदार्थों के तीन गुण लिखिए।
उत्तर-
ठोस पदार्थों का निश्चित आकार, स्पष्ट सीमाएँ और स्थिर आयतन होता है।

प्रश्न 24.
बल लगाने से ठोस पदार्थों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
बल लगाने से भी ठोस पदार्थ अपना आकार बनाए रखते हैं। अधिक बल लगाने से वे टूट सकते हैं पर अपना आकार नहीं बदलते।

प्रश्न 25.
रबड़ को खींच कर इसका आकार बदला जा सकता है तो फिर यह ठोस क्यों है ?
उत्तर-
रबड़ पर बल लगाने से यह अपना आकार बदलता है पर बल हटा लेने से यह पुनः अपने मूल आकार को प्राप्त कर लेता है। अत्यधिक बल लगाने पर यह टूट जाता है। इसलिए यह ठोस है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 26.
चीनी, नमक, शक्कर आदि को जिन बर्तनों में रखते हैं, ये उन्हीं बर्तनों का आकार ले लेते हैं पर फिर भी ये ठोस क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर-
चीनी, नमक, शक्कर आदि को जिन बर्तनों में रखते हैं, ये उन्हीं का आकार ले लेते हैं। पर फिर भी ये ठोस हैं क्योंकि इनके क्रिस्टलों के आकार नहीं बदलते।

प्रश्न 27.
स्पंज का संपीडन संभव क्यों होता है ?
उत्तर-
स्पंज का संपीडन इसमें विद्यमान छिद्रों से हवा बाहर निकलने के कारण संभव होता है।

प्रश्न 28.
द्रव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
द्रव निश्चित आयतन वाले तरल हैं जिनमें बहाव का गुण होता है और ये आकार बदलते हैं।

प्रश्न 29.
जल के किस गुण के कारण जलीय जंतु जीवित रह पाते हैं ?
उत्तर-
वातावरण में विद्यमान ऑक्सीजन गैस विसरित होकर जल में मिल जाती है जो जलीय जंतुओं के जीवन के लिए अनिवार्य होती है।

प्रश्न 30.
जल में कौन-सी गैस विसरित होकर पौधों के लिए आवश्यकताओं की पूर्ति करती है ?
उत्तर-
कार्बन डाइऑक्साइड गैस।

प्रश्न 31.
द्रव में किन-किन का विसरण संभव है ?
उत्तर-
द्रव में ठोस, द्रव और गैस तीनों का विसरण संभव है।

प्रश्न 32.
ठोस की अपेक्षा द्रव में विसरण की दर अधिक क्यों होती है ?
उत्तर-
ठोस की अपेक्षा द्रव में पदार्थ के कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उन कणों में रिक्त स्थान भी अधिक होते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 33.
ठोस, द्रवों और गैसों में अपेक्षाकृत संपीड्यता किसमें सबसे अधिक होती है ?
उत्तर-
गैसों में।

प्रश्न 34.
वाहनों में कौन-सी संपीडित गैस प्रयुक्त की जाती है ?
उत्तर-
संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG)।

प्रश्न 35.
घरों में ईंधन के रूप में कौन-सी गैस प्रयुक्त की जाती है ?
उत्तर-
द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG)।

प्रश्न 36.
इत्र और अगरबत्ती की सुगंध तेज़ी से क्यों फैल जाती है ?
उत्तर-
कणों की तेज़ गति और अत्यधिक रिक्त स्थानों के कारण गैसों का विसरण बहुत तीव्रता से हो जाता है।

प्रश्न 37.
पानी द्रव्य की किन-किन अवस्थाओं में पाया जाता है ?
उत्तर-
पानी ठोस (बर्फ), द्रव, गैस (वाष्प) अवस्थाओं में पाया जाता है।

प्रश्न 38.
ठोस की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर-
ठोस प्रायः कठोर होते हैं जिन पर दबाव नहीं डाला जा सकता। इनका निश्चित आकार और घनफल होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 39.
द्रव की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर-
द्रव का निश्चित घनफल होता है पर कोई निश्चित आकार नहीं होता। इस पर भी अधिक दबाव नहीं डाला जा सकता। यह प्रायः बहते हैं।

प्रश्न 40.
गैस की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर-
गैस दबाव को सहन करने वाला द्रव्य है जिसे किसी भी आकार के बर्तन में भरा जा सकता है। इसका निश्चित आकार और घनफल नहीं होता।

प्रश्न 41.
ठोस, तरल और गैस के चार-चार उदाहरण दो।
उत्तर-
ठोस = लकड़ी, पत्थर, चीनी, नमक।
तरल = पानी, दूध, तेल, एल्कोहल।
गैस = वायु, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड।

प्रश्न 42.
CNG का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर-
Compressed Natural Gas (दबाव सहित प्राकृतिक गैस)।

प्रश्न 43.
ठोस प्रायः निश्चित आकार के क्यों होते हैं ?
उत्तर-
ठोस वस्तुओं को बनाने वाले कण एक-दूसरे के बहुत निकट होते हैं और उनके बीच आकर्षण बल बहुत अधिक होता है इसलिए ठोस प्रायः निश्चित आकार के होते हैं।

प्रश्न 44.
किसी टायर में हवा अधिक क्यों भरी जा सकती है ?
उत्तर-
गैसों के द्वारा अधिक दबाव सहने के गुण के कारण किसी टायर में अधिक हवा भरी जा सकती है। गैसों के कण गति करने में स्वतंत्र होते हैं और वे टायर में शीघ्र फैल सकते हैं।

प्रश्न 45.
गैसों की आकृति और आयतन निश्चित क्यों नहीं होता ?
उत्तर-
गैसों के अणु एक-दूसरे से काफ़ी दूरी पर होते हैं। इन्हें गति करने और अपने स्थान से चारों ओर घूमने में पर्याप्त स्वतंत्रता होती है इसलिए इनकी आकृति और आयतन निश्चित नहीं होता।

प्रश्न 46.
जल पदार्थ की कितनी अवस्थाओं में रहता है ?
उत्तर-
तीन अवस्थाओं में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 47.
जल की तीनों अवस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
ठोस = बर्फ, द्रव = जल, गैस = जलवाष्प।

प्रश्न 48.
तापमान में वृद्धि के कारण जब ठोस पिघल कर द्रव बन जाता है तो उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
गलनांक।

प्रश्न 49.
तापमान की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
केल्विन।

प्रश्न 50.
0°C कितने केल्विन के बराबर होता है ?
उत्तर-
0°C सेल्सियस = 273.16K .

प्रश्न 51.
केल्विन से सेल्सियस में बदलने के लिए तापमान में कितना घटाना चाहिए ?
उत्तर-
273 घटाना चाहिए।

प्रश्न 52.
सेल्सियस से केल्विन में बदलने के लिए तापमान में कितना जोड़ना चाहिए ?
उत्तर-
273 जोड़ना चाहिए।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 53.
संगलन क्या है ?
उत्तर-
गलने की प्रक्रिया यानि ठोस से द्रव अवस्था में परिवर्तन को संगलन कहते हैं।

प्रश्न 54.
जल का क्वथनांक क्या है ?
उत्तर-
जल का क्वथनांक 373 K (100°C) है।

प्रश्न 55.
ऊर्ध्वपातन क्या है ?
उत्तर-
द्रव अवस्था में परिवर्तित हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस और वापस ठोस में बदलने की प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं।

प्रश्न 56.
शुष्क बर्फ किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते हैं।

प्रश्न 57.
दाब के मापन की इकाई क्या है ?
उत्तर-
ऐटमॉस्फीयर (atm)।

प्रश्न 58.
दाब की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
पास्कल (Pa)।

प्रश्न 59.
सामान्य दाब किसे कहते हैं ?
उत्तर-
समुद्र की सतह पर वायुमंडलीय दाब एक ऐटमॉसफीयर होता है और इसे सामान्य दाब कहते हैं।

प्रश्न 60.
कोई द्रव बिना क्वथनांक पर पहुँचे वाष्प अवस्था में किस प्रकार पहुँचता है ?
उत्तर-
वाष्पन क्रिया से।

प्रश्न 61.
वाष्पन क्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
धूप में गीले कपड़ों का सूखना।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 62.
क्वथनांक से कम तापमान पर द्रव के वाष्पन में परिवर्तन की प्रक्रिया को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
वाष्पीकरण।

प्रश्न 63.
वाष्पीकरण की दर किन-किन कारणों से बढ़ती है ?
उत्तर-
सतह क्षेत्र बढ़ने से, तापमान में वृद्धि, आर्द्रता में कमी, हवा की गति में वृद्धि।

प्रश्न 64.
तापमान बढ़ने से वाष्पीकरण की क्रिया तेज़ क्यों हो जाती है ?
उत्तर-
कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिलने के कारण।

प्रश्न 65.
हवा की गति बढ़ने से कपड़े जल्दी क्यों सूखते हैं ?
उत्तर-
जल वाष्पों के कण हवा के साथ उड़ जाते हैं जिस कारण आस-पास के जल वाष्प की मात्रा घट जाती है।

प्रश्न 66.
आर्द्रता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वायु में विद्यमान जल वाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।

प्रश्न 67.
आर्द्रता का वाष्पन से क्या संबंध है ?
उत्तर-
वायु में जल कणों की मात्रा बढ़ने से वाष्पीकरण की दर घट जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 68.
कपड़ों को सुखाने के लिए उन्हें फैलाया क्यों जाता है ?
उत्तर-
उनके सतही क्षेत्र को बढ़ाने के लिए ताकि वाष्पीकरण की दर बढ़ाई जा सके।

प्रश्न 69.
वाष्पीकरण का शीतलता से क्या संबंध है ?
उत्तर-
वाष्पीकरण से शीतलता बढ़ती है।

प्रश्न 70.
गर्मियों में सूती कपड़ों का प्रयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर-
सूती कपड़ों में जल का अवशोषण अधिक होता है जिसका वायुमंडल में सरलता से वाष्पीकरण हो जाता है जिस कारण तापमान कम हो जाता है।

प्रश्न 71.
प्लाज्मा अवस्था में कण किस रूप में होते हैं ?
उत्तर-
इस अवस्था में कणं अत्यधिक ऊर्जा वाले और अधिक उत्तेजित होते हैं। ये कण आयनीकृत गैस के रूप में होते हैं।

प्रश्न 72.
लोरसेंट ट्यूब और नियॉन बल्ब में क्या होता है ?
उत्तर-
प्लाज्मा होता है।

प्रश्न 73.
सूर्य और तारों में चमक किस कारण होती है ?
उत्तर-
प्लाज्मा के कारण।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 74.
तारों में प्लाज्मा किस कारण बनता है ?
उत्तर-
उच्च तापमान के कारण।

प्रश्न 75.
BEC किस प्रकार तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
सामान्य वायु के घनत्व के एक लाखवें भाग जितने कम घनत्व वाली गैस को बहुत ही कम तापमान पर ठंडा करने से BEC तैयार होता है।

प्रश्न 76.
‘बोस-आइंस्टीन कंडनसेशन’ की अवस्था प्राप्त करने के लिए भौतिकी में किसे नोबेल पुरस्कार दिया गया था ?
उत्तर-
सन् 2001 में अमेरिका के एरिक ए० कॉर्नेल, उलगैंग केटरले तथा कार्ल ई० वेमैन को।

प्रश्न 77.
किसे लॉग ऑन करके पदार्थ की चौथी और पाँचवीं अवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है ?
उत्तर-
WWW.Chem4kids.com

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

Computer Guide for Class 10 PSEB आप्रेटिंग सिस्टम Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. आप्रेटिंग सिस्टम क्या है ?
(a) टर्मीनल सिस्टम
(b) सॉफ्टवेयर
(c) स्टोरेज़ सिस्टम
(d) प्रोसैसर।
उत्तर-
(b) सॉफ्टवेयर

2. टाइम शेयरिंग एक तकनीक है जो एक समय में कंप्यूटर सिस्टम को प्रयोग करने की आज्ञा देती है।
(a) कई यूज़र
(b) एक यूज़र
(c) दो यूज़र
(d) किसी को भी नहीं।
उत्तर-
(a) कई यूज़र

3. एक ही समय में मल्टीपल ऐप्लीकेशन रन करने को कहा जाता है।
(a) मल्टी एप्लीकेशन
(b) मल्टी प्रोसैसिंग
(c) मल्टी प्रोग्रामिंग
(d) मल्टी टाइमिंग।
उत्तर-
(c) मल्टी प्रोग्रामिंग

4. एक ही समय में भिन्न-भिन्न किस्म के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के काम करने की योग्यता को कहा जाता है।
(a) ओपन सोर्स
(b) पोर्टेबलिटी
(c) शैल
(d) सुरक्षा।
उत्तर-
(b) पोर्टेबलिटी|

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

5. आप्रेटिंग सिस्टम पर काम कर रहा यूज़र कंप्यूटर पर सीधे रूप से काम नहीं करता।
(a) बैच प्रोसैसिंग सिस्टम
(b) टाइम शेयरिंग सिस्टम
(c) नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम
(d) डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम।
उत्तर-
(a) बैच प्रोसैसिंग सिस्टम

6. यह हमें इंटरनैट सुरक्षित ढंग से इस्तेमाल और हमारे सिस्टम से अन-अधिकारिक एप्लीकेशन की पहंच को रोकने के योग्य बनाता है।
(a) एंटी-वायरस
(b) सुरक्षा
(c) फॉयरवॉल
(d) उपरोक्त में से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(c) फॉयरवॉल

7. यह यूज़र से कर्नल के जटिल फंक्शन को छुपा देता है।
(a) शैल
(b) हार्डवेयर लेयर
(c) HDD
(d) कर्नल।
उत्तर-
(a) शैल,

8. यह एक स्टैंडर्ड फाइल स्ट्रक्चर अधीन सिस्टम फाइलें, यूज़र फाइलों को अरेंज करता है।
(a) टर्मीनल
(b) हरारकीकल
(c) स्टोरेज सिस्टम
(d) नैटवर्क।
उत्तर-
(b) हरारकीकल

9. एक सिस्टम के द्वारा इनपुट लेने और अपडेटिड सूचना को डिस्पले करने में जो समय लगता है, उसको कहा जाता है।
(a) रिस्पांस टाइम (Response Time)
(b) अक्सैस टाइम (Access time)
(c) आऊटपुट टाइम (Output Time)
(d) टोटल टाइम (Total Time)।
उत्तर-
(a) रिस्पांस टाइम (Response Time)

10. इस सिस्टम में सर्वर को अलग लोकेशन से रिमोट अक्सैस करना संभव है।
(a) बैच प्रोसैसिंग सिस्टम
(b) टाइम शेयरिंग सिस्टम
(c) नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम
(d) डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम।
उत्तर-
(c) नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम।

(B) रिक्त स्थान भरें

1. एक …………… संबंधित …………. के इकट्ठ को प्रदर्शित करती है।
उत्तर-
फाइल, जानकारी,

2. सिस्टम मल्टीपल रीयर टाइम ………….. एप्लीकेशन और मल्टीपल यूज़र को सर्व करने के लिए मल्टीपल सैंटरल (प्रोसैसर) का इस्तेमाल करता है।
उत्तर-
डिस्ट्रीब्यूटिड, सैंटरल,

3. ………. अपने सिस्टम को अन-अधिकारिक प्रयोग की जांच …….. और रोकने की प्रक्रिया है।
उत्तर-
कंप्यूटर सुरक्षा, अन-अधिकारिक,

4. ……….. आन-लाइन खातों ……….. पर पहुंच करने और खाते से जुड़ी कई गतिविधियों जैसे कि खरीददारी, ई-मेल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
उत्तर-
पासवर्ड, ऑनलाइन,

5. …………. सिस्टम का इस्तेमाल उस समय होता है जब डाटा के ……………..फलों या प्रोसैसर – के आप्रेशन में लगने वाला समय जटिल हो।
उत्तर-
रीयल टाइम सिस्टम, रिजिड।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

(C) सही या गलत

1. एक सिस्टम के द्वारा इनपुट लेने और अपेक्षित अपटेड सूचना को डिस्पले करने में जो समय लगता है उसको रिस्पांस टाइम कहा जाता है।
उत्तर-
सही,

2. इंटरनैट सुरक्षा धमकियों से बचने के लिए केवल एंटी वायरस सॉफ्टवेयर एक ही काफी होता है।
उत्तर-
गलत,

3. आप्रेटिंग सिस्टम यूज़र और डिवाइस ड्राइवर के बीच में संचार को मैनेज नहीं कर सकता।
उत्तर-
गलत,

4. लाइनैक्स सोर्स कोड मुफ़्त उपलब्ध है और यह संस्था आधारित डिवेल्पमैंट आधारित प्रोजैक्ट है।
उत्तर-
सही,

5. आप्रेटिंग सिस्टम शेडयूलर का प्रयोग करके हर किस्म के रिसोर्स को मैनेज करता है।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
कंप्यूटर हार्डवेयर और कंप्यूटर यूज़र के बीच में इंटरफेस।
उत्तर-
आप्रेटिंग सिस्टम।

प्रश्न 2.
जो खास हार्डवेयर यंत्रों की जटिलताओं को यूज़र से छुपा लेता है।
उत्तर-
ड्राईवर।

प्रश्न 3.
एक मैकनिज़म या तरीका जो कंप्यूटर सिस्टम के द्वारा परिभाषित रिसोर्स पर प्रोग्राम, प्रोसैस या यूज़र की पहुँच को नियंत्रित करता है।
उत्तर-
प्रोटैक्शन।

प्रश्न 4.
सभी कंप्यूटर पर अन-अधिकारिक इस्तेमाल को जांचना और रोकने की प्रक्रिया।
उत्तर-
कंप्यूटर सुरक्षा।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

प्रश्न 5.
लाइनैक्स एक खास इंटरप्रेटर प्रोग्राम प्रदान करता है जिसका प्रयोग आप्रेटिंग सिस्टम की कमांडों को लागू करने में किया जा सकता है।
उत्तर-
शैल।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आप्रेटिंग सिस्टम क्या होता है ?
उत्तर-
आप्रेटिंग सिस्टम वह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो किसी यूज़र और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक माध्यम या इंटरफेस का काम करता है।

प्रश्न 2.
आप्रेटिंग सिस्टम की किस्में लिखो।
उत्तर–
आप्रेटिंग सिस्टम की निम्नलिखित किस्में हैं-

  • बैच-प्रोसैसिंग सिस्टम।
  • टाइम शेयरिंग आप्रेटिंग सिस्टम।
  • नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम।
  • रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम।

प्रश्न 3.
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम की व्याख्या करें।
उत्तर-
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम वह होता है जिसमें इनपुट की प्रक्रिया और जवाब देने के लिए जो समय लगता है वो बहुत छोटा होता है। इसको डाटा आप्रेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है।

प्रश्न 4.
आप्रेटिंग सिस्टम के क्या काम होते हैं ? एक सूची बनायें।
उत्तर-
आप्रेटिंग सिस्टम के निम्नलिखित काम होते हैं-

  • प्रोग्राम को लागू करना
  • इनपुट आऊटपुट आप्रेशन
  • फाइल सिस्टम को मैनूपुलेट करना।
  • संचार करना
  • गलतियां ढूंढना
  • रिसोर्स एलोकेशन
  • सुरक्षा।

प्रश्न 5.
कंप्यूटर सुरक्षा से आप क्या समझते हो ?
उत्तर-
कंप्यूटर सुरक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमारे कंप्यूटर पर अन-अधिकारिक इस्तेमाल को चैक करती और उसको रोकती है। आजकल के ज़माने में कई प्रकार के संकटों से बचने के लिए कंप्यूटर सुरक्षा बहुत ज़रूरी होती है।

प्रश्न 6.
लाइनैक्स को परिभाषित करें।
उत्तर-
लाइनैक्स एक ओपन सोर्स विंडो आधारित आप्रेटिंग सिस्टम है जिसकी उपलब्धता मुफ़्त है। यह आप्रेटिंग सिस्टम यूनिक्स से कम जटिल है।

प्रश्न 7.
सुरक्षा क्या होती है ?
उत्तर-
सुरक्षा का अर्थ है अपने आप या अपने दोस्तों को किसी अन्जान संकट से बचाने की प्रक्रिया। उदाहरण के रूप से कंप्यूटर को अन्जान खतरे जैसे कि वायरस, चोरी आदि से बचाने की प्रक्रिया को कंप्यूटर सुरक्षा कहा जाता है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आप्रेटिंग सिस्टम के कार्य की व्याख्या करें।
उत्तर-
यह एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है। यह हार्डवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच काम करता है। यह नीचे लिखे काम करता है –
1. सी०पी०यू० का प्रबन्ध करना-प्रोसैसर का प्रयोग गणना करने के लिए किया जाता है। यह लौजिक और गणित से संबंधित हर प्रकार की गणना कर सकता है। आप्रेटिंग सिस्टम प्रोसैसर को मैनेज करता है।

2. मुख्य मैमोरी का प्रबन्ध करना-कंप्यूटर सिस्टम में मैमोरी का प्रबन्ध बहुत खास स्थान रखता है। क्योंकि प्रोसैसर इस डाटा से काम करता है। जोकि कम्प्यूटर की मेन मैमोरी में पड़ा होता है। आप्रेटिंग सिस्टम मैमोरी का प्रबन्ध करता है।

3. इनपुट और आऊटपुट का प्रबन्ध करना-आप्रेटिंग सिस्टम यह ध्यान रखता है कि कौन सा इनपुट और आऊटपुट उपकरण काम कर रहा है, कौन से कार्य के लिए कौन सा इनपुट या . आऊटपुट यंत्र का प्रयोग करना है और इसमें कौन से इनपुट और आऊटपुट यंत्र को काम देना है और कब यंत्र से काम वापिस लिए जाएं।

4. फाइलों का प्रबन्ध करना-कंप्यूटर में दी गई सूचना को फाइलों के नाम के साथ रक्षित किया जाता है। आप्रेटिंग सिस्टम का वह भाग जो फाइलों का प्रबन्ध करता है इसको फाइल सिस्टम कहते हैं।

5. कंप्यूटर को सुरक्षा उपलब्ध करना-आप्रेटिंग सिस्टम की यह जिम्मेदारी है कि वह कंप्यूटर को सुरक्षा प्रदान करवाए।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

प्रश्न 2.
लाइनेक्स के आर्कीटेक्चर की व्याख्या करें।
उत्तर-
लाईनेक्स का आर्कीटेक्चर निम्नलिखित हैं :

  • हार्डवेयर-इस लेअर में सब प्रोफाइल यंत्र होते हैं; जैसे कि रैम, हार्ड डिस्क, ड्राईव आदि।
  • कर्नल-यह ऑप्रेटिंग सिस्टम का कोर कम्पोनेंट होता है जो कि सीधे तौर पर हार्डवेयर के साथ संपर्क करता है और अपर लेअर कम्पोनेंट को निचले स्तर की सर्विस मुहैया करवाता है।
  • शैल-कर्नल के साथ संपर्क करके यह यूज़र से जटिल फंक्शन को छुपा देता है। शैल यूज़र से कमांडज़ प्राप्त करते हैं और कर्नल से फंक्शन को लागू करती है।
  • यूटीलिटी-यूटीलिटी प्रोग्राम को यूज़र में मुख्य रूप से ऑप्रेटिंग सिस्टम फंक्शन मुहैया करती है।

प्रश्न 3.
कम्प्यूटर सुरक्षा को परिभाषित करो। अपनी सूचना और अपने आप को सुरक्षित रखने के उपाय बताएं।
उत्तर-
कम्प्यूटर सुरक्षा-कम्प्यूटर सुरक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमारे कम्प्यूटर के अन-अधिकारिक उपयोग को चैक करती है और इसको रोकती है। निवारण की माप हमारे कम्प्यूटर के किसी भी हिस्से में अन-अधिकारिक प्रयोग को रोकने के लिए हमारी मदद करती है। इंटरनेट उपयोग करने वाले हर व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि इंटरनेट सिक्योरिटी एक बहुत महत्त्वपूर्ण पहल देती है।
1. नवीनतम एंटी वायरस-एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को सबसे प्रभावशाली बनाने के लिए हमें उपलब्ध नव-अपडेट्स के साथ अपडेट करना होता है। अनेक प्रकार के एंटी वायरस प्रोग्राम हैं जो कि मुफ्त होते हैं।

2. एंटी स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर स्पाइवेयर प्रोग्राम वायरस से अलग होता है। क्योंकि वायरस के जैसे यह हमारे कम्प्यूटर में पड़े हुए डाटा या सिस्टम को क्रप्ट नहीं कर सकता जैसे कि यह हमारे सिस्टम में अपने आप इंस्टाल हो जाता है और हमारे सिस्टम में से पासवर्ड, क्रैडिट कार्ड के नंबर अपने आप सर्वर में भेज देता है। इसलिए यह अपने सिस्टम में स्पाइवेयर प्रोग्राम को खोजने और रोकने के लिए हमें नवीनतम एंटी स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की ज़रूरत पड़ती है।

3. पासवर्ड प्रोटैक्शन-पासवर्ड अनेक प्रकार के ऑनलाइन खाते का बहुत महत्त्वपूर्ण पहलू है। अपने पासवर्ड की सुरक्षा रखना अपने पैसे की सुरक्षा रखना है। अलग-अलग प्रकार के खाते के लिए एक ही जैसा पासवर्ड न रखो। आसानी से प्राप्त होने वाला पासवर्ड जैसे की अपना मोबाइल नंबर या जन्म तारीख आदि न रखो। अपना पासवर्ड अनेक अक्षर वाला जैसे कि अक्षर और नंबर और हो सके तो कुछ खास करैक्टर से मिला के रखो।

4. अपने पासवर्ड से सम्बन्धित वैबसाइट पर पहुंच करने के लिए हमेशा नया वैब पेज खोलना चाहिए और कभी भी ई-मेल में दिए गए लिंक या अनेक तरीके के साथ न खोलें। नवीनतम अपडेट और पैच को लागू करना-हमारे सिस्टम में स्थापित किया कोई भी सॉफ्टवेयर हमेशा के लिए उत्तम नहीं होता। अपने सॉफ्टवेयर को नवीनतम अपडेट और लागू करते रहो। यह अपडेट और पैच सॉफ्टवेयर निर्माण करने वाली कम्पनियों द्वारा समय-समय से उपलब्ध किये जाते हैं।

5. फ़ायरबॉल-यदि हो सके तो अपने सिस्टम को हैकर्स के आक्रमण से बचाने के लिए फ़ायरबॉल का उपयोग करो। फायरबॉल हमारे सिस्टम के अन-अधिकारिक पहुँच करने वाले यातायात को ब्लॉक कर देता है। फायरबॉल हमें इंटरनैट सुरक्षा के साथ उपयोग और हमारे सिस्टम को अन-अधिकारिक एप्लीकेशन की पहुँच को रोकने के योग्य होता है।

प्रश्न 4.
लिनक्स की मुख्य सुविधाएं क्या हैं ?
उत्तर-
लिनक्स आप्रेटिंग सिस्टम की मुख्य सुविधाएं नीचे दी गई हैं :
1. पोर्टेबल-यह सॉफ्टवेयर विभिन्न-विभिन्न किस्म के हार्डवेयर के ही तरीके के साथ काम करता है। लिनक्स कर्नल और एप्लीकेशन प्रोग्राम किसी प्रकार के हार्डवेयर पर इस्टाल हो सकता है।

2. अन्य स्रोत-लिनक्स स्रोत कोड मुफ्त उपलब्ध है। लिनक्स आप्रेटिंग सिस्टम की पात्रता की वृद्धि के लिए विभिन्न टीमें काम करती हैं और यह लगातार विकसित हो रही हैं।

3. मल्टीयूज़र-लिनक्स एक मल्टीयूज़र सिस्टम है जिसका मतलब यह है कि वह यूज़र एक ही समय में सिस्टम संसाधन जैसे कि मैमोरी/रैम/एप्लीकेशन कार्यक्रम का उपयोग कर सकता है।

4. मल्टी प्रोग्रामिंग-लिनक्स एक मल्टी प्रोग्रामिंग सिस्टम है जिसका महत्त्व यह है कि एक समय में मल्टीपल एप्लीकेशन चल सकती हैं।

5. हररकीकल फाइल सिस्टम-लिनक्स एक मानक फाइल स्ट्रक्चर के नीचे सिस्टम फाइल/यूज़र फाइलों को रेंज करता है। इसमें फाइलों और निर्देशिका एक्टर की शक्ल होती है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

शैल-लिनक्स एक खास ईंटरप्रेटर प्रोग्राम की सहूलियत देता है जिसका प्रयोग आप्रेटिंग सिस्टम की कमांडों को लागू करने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग विभिन्न-विभिन्न ऑप्रेशन, ऐप्लीकेशन, प्रोग्राम आदि को बुलाने के लिए किया जा सकता है। सुरक्षा-लिनक्स इंटरप्रेटर यूज़र को खास शक्ति से सुरक्षा प्रदान करता है। जैसे कि-पासवर्ड सुरक्षा/खास किस्म की फाइलों में पहुंच से नियंत्रित डाटे की ईंक्रप्शन न करना।

प्रश्न 5.
डॉस और विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में अंतर बताइए।
उत्तर-
डॉस और विंडोज़ में अंतर नीचे दिए अनुसार हैं :

डॉस विंडोज़
1. डॉस एक यूज़र आप्रेटिंग सिस्टम है। 1. विंडोज़ बहु यूज़र इंटरनेट है।
2. डॉस एकल टास्किंग है। 2. विंडोज़ बहु टास्किंग है।
3. इसमें समय साझा नहीं होता। 3. विंडोज़ में समय साझा होता है।
4. इनपुट यंत्र की बोर्ड होता है। 4. मानक इनपुट यंत्र की-बोर्ड और माउस
होते हैं।
5. यह चरित्र यूज़र इंटरफेस है। 5. यह ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस है।
6. इसका आकार छोटा होता है। 6. इसका आकार बड़ा होता है।
7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन नहीं करता। 7. यह मल्टीमीडिया को समर्थन करता है।
8. इसका मुख्य कार्य फाइलों को मैनेज करना है। 8. इसके कई प्रकार के मुख्य कार्य हैं।
9. यह फ्लॉपी में स्टोर हो जाती है। 9. इसको फ्लॉपी में स्टोर नहीं किया जा
सकता।
10. इसका उत्पादन बंद हो चुका है। 10. इसका उत्पादन चल रहा है।

PSEB 10th Class Computer Guide आप्रेटिंग सिस्टम Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. प्रोग्राम मैनेजमैंट के साथ सम्बद्ध ऑप्रेटिंग सिस्टम की क्या कार्रवाई है ?
(a) लागू करना
(b) नियंत्रण करना
(c) लोड करना
(d) सारे ही।
उत्तर-
(d) सारे ही।

2. नेटवर्किंग आप्रेटिंग सिस्टम क्या नहीं है ?
(a) MS Windows
(b) UNIX
(c) MacOSX
(d) DOS.
उत्तर-
(d) DOS.

3. Linux की विशेषता नहीं है –
(a) पोर्टेबल
(b) खुला मोडम
(c) एक यूज़र
(d) मल्टीयूज़र।
उत्तर-
(c) एक यूज़र

4. लाइनैक्स के आर्कीटैक्चर की क्या परत नहीं है ?
(a) कर्नल
(b) शैल
(c) कमांड
(d) उपयोगिता।
उत्तर-
(c) कमांड

5. कौन-सा कम्प्यूटर सुरक्षा के साथ सम्बद्ध नहीं है ?
(a) एंटीवायरस
(b) नैटवर्क
(c) पासवर्ड सुरक्षा
(d) फायरबॉल।
उत्तर-
(b) नैटवर्क

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

(B) रिक्त स्थान भरें-

1. आप्रेटिंग सिस्टम यूज़र और …………………… बीच में संचार का काम करता है।
उत्तर-
डिवाइस,

2. ……………. आप्रेटिंग सिस्टम यूज़र के साथ नहीं जुड़ा होता।
उत्तर-
बैच,

3. …………………. आप्रेटिंग सिस्टम जल्दी प्रतिक्रिया उपयोगिता देता है।
उत्तर-
टाइम साझा,

4. ………………………………………. आप्रेटिंग सिस्टम को डाटा आप्रेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है।
उत्तर-
रीयल टाइम।

(C) सही या गलत

1. विंडो एक पोर्टेबल ऑप्रेटिंग सिस्टम है।
उत्तर-
गलत,

2. डास मल्टीयूज़र ऑप्रेटिंग सिस्टम है।
उत्तर-
गलत,

3. कम्प्यूटर को किसी प्रकार की सुरक्षा की ज़रूरत नहीं होती।
उत्तर-
गलत,

4. हैकर कोई भी पहचान की परवाह करते हैं।
उत्तर-
गलत,

5. फायरबॉल कम्प्यूटर सुरक्षा महत्त्वपूर्ण है।
उत्तर-
सही।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आप्रेटिंग सिस्टम किस प्रकार का सॉफ्टवेयर है ?
उत्तर-
सिस्टम सॉफ्टवेयर।

प्रश्न 2.
कोई भी खुला स्रोत ऑप्रेटिंग सिस्टम का नाम बताइए।
उत्तर-
लिनक्स।

प्रश्न 3.
लिनक्स में कौन-सा भाग यूज़र से कमांड प्राप्त करता है ?
उत्तर-
शैल।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
समय साझा करने वाले आप्रेटिंग सिस्टम के लाभ बताइए।
उत्तर-
समय साझा करने वाले आप्रेटिंग सिस्टम के लाभ नीचे दिए गए हैं :

  • जल्दी प्रतिक्रिया प्राप्त करने की उपयोगिता देता है।
  • सॉफ्टवेयर की प्रतिलिपि को रोकता है।
  • सी०पी०यू० को खाली रहने का समय कम करता है।

प्रश्न 2.
समय साझा करने वाले आप्रेटिंग सिस्टम की हानियां बताइए।
उत्तर-
समय साझा करने वाले आप्रेटिंग सिस्टम की हानियां नीचे लिखी हैं :

  1. भरोसा योग्यता की समस्या।
  2. यूज़र कार्यक्रम और डाटा की सुरक्षा और ईंटीग्रिटी में कमज़ोरी।
  3. डाटा संचार की समस्या।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
डिस्ट्रीब्यूटिड ऑप्रेटिंग सिस्टम के बारे विस्तार में लिखो।
उत्तर-
डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम मल्टीपल रियल समय ऐप्लीकेशन और मल्टीपल यूज़र को सेवा देने के लिए मल्टीपल सैंट्रल प्रोसैसर का उपयोग करते हैं। डाटा प्रोसैसिंग के काम प्रोसैसर की तरतीब अनुसार विभाजित किया जाता है। यह प्रोसैसर एक-दूसरे के साथ कई कौन संचार लाइनों अनुसार संचार करते हैं। इन प्रोसैसर लज़ली कपलड सिस्टम या डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम कहा जाता है। डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम में प्रोसैसर का आकार और काम विभिन्न-विभिन्न हो सकते हैं। इन प्रोसैसरों को अक्सर स्टील नोडज़ या कम्प्यूटर कहा जाता है।

डिस्ट्रीब्यूटिड सिस्टम की नीचे लिखी विशेषताएं हैं :

  • संसाधन साझा सुविधा कारण यूज़र एक साइट से दूसरे स्थान पर उपलब्ध संसाधन को उपयोग करने योग्य होता है।
  • इलैक्ट्रॉनिक मेल की मदद से डाटा का एक स्थान से दूसरी स्थान पर तेज गति के साथ स्थानांतरण किया जाता है।
  • डिस्ट्रीब्यूट सिस्टम में अगर एक साइट काम करना बंद कर देती है तो दूसरी साइट अपने आप चलती रहती है।
  • ग्राहक को सबसे अच्छी सुविधा मिलती है।
  • मेज़बान कम्प्यूटर के लोड में कमी होती है।
  • डाटा प्रोसैसिंग में होने वाली दर में कमी होती है।

प्रश्न 2.
नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से लिखो।
उत्तर-
एक नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम सर्वर से चलता है और सर्वर को डाटा, यूज़र, समूह, सुरक्षा, ऐप्लीकेशन और अधिक नैटवर्किंग को प्रबंध करने योग्य बनाता है। नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य एक नैटवर्क के साथ जुड़े मल्टीपल कम्प्यूटर जैसे कि लोकल एरिया नेटवर्क, निजी नैटवर्क या अन्य प्रकार के नैटवर्क को फाईलों और प्रिंटर प्रयोग करने की आज्ञा देना है।

नैटवर्क आप्रेटिंग सिस्टम की उदाहरण हैं। Microsoft Windows, Server 2003, Microsoft Windows Server 2008, UNIX, Linux, MacOSX, NovellNet Ware, और BSD आदि।

नैटवर्क ऑप्रेटिंग सिस्टम के लाभ निम्नलिखित अनुसार हैं :

  • सैंटरलाइज़ड, सर्वर बहुत स्थिर होता है।
  • सुरक्षा सर्वर द्वारा मैनेज किया जाता है।
  • नई तकनीकों और हार्डवेयर को नये सिस्टम के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है।
  • सर्वर को अलग स्थान से पहंच करना संभव है।

नैटवर्क ऑप्रेटिंग सिस्टम की हानियाँ निम्नलिखित हैं :

  1. सर्वर को खरीदना और चलाना बहुत महंगा है।
  2. कई काम करने के लिए सैंटरल सर्वर पर निर्भर करना पड़ता है।
  3. नियमित रख-रखाव और अपडेट की ज़रूरत पड़ती है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 6 आप्रेटिंग सिस्टम

प्रश्न 3.
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम के बारे में विस्तारपूर्वक बताइए।
उत्तर-
रीयल टाइम आप्रेटिंग सिस्टम को डाटा आप्रेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है। इसमें इनपुट की प्रक्रिया का जवाब देने के लिए जो समय लगता है वह बहुत छोटा होता है। एक सिस्टम द्वारा इनपुट लेना और अपडेटिड सूचना को प्रदर्शन करने में जो समय लगता है इसको प्रतिक्रिया समय कहा जाता है। इसके लिए इस तरीके में प्रतिक्रिया समय ऑनलाइन प्रोसैसर के मुकाबले बहुत कम होता है। रीयल टाइम सिस्टम का उपयोग उस समय होता है जब डाटा के प्रवाह या प्रोसैसर के आप्रेशन में लगने वाला समय न बदलने योग्य होता है। उदाहरण के लिए वैज्ञानिक तुजुर्बे, मेडिकल इमेजिंग सिस्टम, औद्योगिक नियंत्रण सिस्टम, हथियार सिस्टम (Weapon System) रोबोट और हवा यातायात नियंत्रण सिस्टम आदि है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

PSEB 9th Class Science Guide खाद्य संसाधनों में सुधार Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
फसल उत्पादन की एक विधि का वर्णन करो जिससे अधिक पैदावार प्राप्त हो सके।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार 1
फसल उत्पादन की जिस विधि से अधिक पैदावार प्राप्त हो सकती है, वह अंतरा फसलीकरण है। इस विधि में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ किसी खेत में निर्दिष्ट पैटर्न पर उगाया जाता है। कुछ पंक्तियों में एक प्रकार की फसल तथा उनके एकांतर में स्थित दूसरी पंक्तियों में दूसरी प्रकार की फसल उगाते हैं। उदाहरण-

  1. सोयाबीन + मक्का
  2. बाजरा + लोबिया।

फसलों का चुनाव उनकी पोषक तत्वों की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। वे आवश्यकताएं भिन्न-भिन्न होनी चाहिए ताकि पोषकों का उपयोग अधिक से अधिक हो सके। इस विधि से सभी फसल के पौधों में पीड़कों और रोगों को फैलने से रोका जा सकता है।

प्रश्न 2.
खेतों में खाद तथा उर्वरक का उपयोग क्यों करते हैं ?
उत्तर-
खेतों में खाद का उपयोग मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ा कर पोषक हेतु किया जाता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ जाती है और उसकी रचना में सुधार होता है। इसके कारण रेतीली मिट्टी में पानी को रखने की क्षमता बढ़ जाती है तथा चिकनी मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की अधिक मात्रा पानी को निकालने में सहायता करती है जिससे पानी इकट्ठा नहीं होता। उर्वरकों के प्रयोग से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम की मात्रा मिट्टी में बढ़ जाती है जिससे पौधों में कायिक वृद्धि अच्छी होती है तथा उन्हें स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

प्रश्न 3.
अंतराफसलीकरण तथा फसल चक्र के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
अंतराफसलीकरण से एक साथ किसी खेत से दो या दो से अधिक फसलों को प्राप्त किया जा सकता है। इससे पोषक तत्वों का अधिकतम उपयोग हो पाता है। इससे पीड़कों और रोगों को फसल के सभी पौधों में फैलने से रोका जा सकता है और अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
किसी खेत में क्रमवार पूर्व नियोजित तरीके से तरह-तरह की फसलों को फसल चक्र के अंतर्गत उगाया जाता है। परिपक्वन काल के आधार उचित फसल चक्र को अपनाने से वर्ष में दो-तीन फसलों का अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

इससे निम्नलिखित लाभ होते हैं-

  1. मिट्टी की उर्वरकता होती है।
  2. उत्पादन में वृद्धि होती है।
  3. खेत को खाली नहीं छोड़ना पड़ता।
  4. एक ही खेत में फ़सलों की अदला-बदली हो जाती है।
  5. मृदा में पोषक तत्व नियंत्रित रहते हैं और मृदा की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
  6. नाइट्रोजन वर्ग के उर्वरकों की बचत होती है।
  7. पीड़कों के नियंत्रण में सहायता प्राप्त होती है।
  8. फ़सलें रोगों से बच जाती हैं।
  9. कीटों में वृद्धि पर रोक लगती है।

प्रश्न 4.
आनुवंशिक फेरबदल क्या है ? कृषि प्रणालियों में ये कैसे उपयोगी है? ना कर
उत्तर-
आनुवंशिक फेरबदल पौधों में ऐच्छिक गुणों को डालने की प्रक्रिया है। इसके द्वारा रोग की प्रतिरोग प्रतिरोधकता, उर्वरक के प्रति अनुरूपता, उत्पादन की गुणवत्ता तथा उच्च उत्पादन क्षमता के गुणों की प्राप्ति की जा सकती है तथा फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। इस विधि से विभिन्न आनुवंशिक गुणों वाले पौधों में संकरण करवाते हैं। यह संकरण अंतराकिस्मीय (विभिन्न किस्मों में), अंतरास्पीशीज़ (एक ही जीनस की दो विभिन्न स्पीशीज में) तथा अंतरावंशीय (विभिन्न जेनरा में) हो सकता है। इसके परिणाम से आनुवंशिकीय रूपांतरित फसलें प्राप्त हो सकती हैं। कृषि प्रणालियों में इस विधि ने बीजों की नई-नई किस्में तथा जातियां प्रदान की हैं जिससे अनाज उत्पाद बढ़ा है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

प्रश्न 5.
भंडार गृहों (गोदामों) में अनाज की हानि कैसे होती है ?
उत्तर-
भंडार गृहों में अनाज की हानि दो प्रकार से होती है-

  1. जैविक कारण
  2. अजैविक कारण।

जैविक आधार पर कीट, कुंतक, कवक, चिंचड़ी तथा जीवाणु फसलों की गुणवत्ता को खराब करते हैं तथा उनके वज़न को कम कर देते हैं। इससे उत्पाद बदरंग हो जाता है। उसमें अंकुरण की क्षमता कम हो जाती है।

अजैविक आधार पर नमी और ताप का अभाव फसलों को खराब कर देते हैं। फसल में फफूंदी उत्पन्न हो जाती है।

प्रश्न 6.
किसानों के लिए पशु पालन प्रणालियाँ कैसे लाभदायक हैं ?
उत्तर-
किसानों के लिए पशु पालन प्रणालियाँ बहुत उपयोगी हैं। इससे उन्हें खेती के साथ-साथ पशुओं से भी आर्थिक लाभ होता है।

  1. खाद्य पदार्थ देने वाले – गाय, भैंस आदि पशुओं से दूध मिलता है। दूध मनुष्य का पूर्ण भोजन है और शरीर की समुचित वृद्धि के लिए इसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व विद्यमान होते हैं।
  2. खाद की प्राप्ति – सभी पालतू पशु जैसे-बैल, भैंस, बकरी, ऊंट, घोड़ा, गाय आदि के अपशिष्ट से हमें खाद प्राप्त होती है।
  3. खेतों में कार्य एवं बोझा ढोना – बैल, घोड़े, खच्चर, ऊंट आदि पशु किसान के लिए खेती का काम करते हैं तथा सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ढोते हैं। फल मिति की

प्रश्न 7.
पशु पालन के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
पशु पालन के लाभ-

हाजी पालकीनीया-

  1. दुधारू पशुओं से दूध की प्राप्ति होती है।
  2. अंडों की प्राप्ति पोल्ट्री से होती है।
  3. मत्स्य पालन तथा कुक्कट पालन से मांस की प्राप्ति होती है।
  4. जंतु अवशिष्ट खाद बनाने में काम आते हैं।
  5. मधुमक्खी से मधु तथा मोम मिलती है।
  6. बैल, ऊँट, खच्चर आदि पशुओं को कृषि पद्धतियों में प्रयोग में लाया जाता है। कि
  7. बोझा ढोने वाले पशु बोझा ढोते हैं।
  8. भेड़-बकरियों से हमें ऊन प्राप्त होता है जो सर्दियों में हमें ठंड से बचाता है।

प्रश्न 8.
उत्पादन बढ़ाने के लिए कुक्कट पालन, मत्स्य पालन तथा मधु मक्खी पालन में क्या समानताएँ
उत्तर-
उत्पादन बढ़ाने के लिए कुक्कट पालन, मत्स्य पालन तथा मधु मक्खी पालन में उचित देख-रेख तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रति अनुकूलता आवश्यकता है। उनके संवर्धन के लिए उचित परिस्थितियां बनाई जानी चाहिएं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

प्रश्न 9.
प्रग्रहण मत्स्यन, मेरीकल्चर तथा जल संवर्धन में क्या अंतर है ?
उत्तर-

  • प्रग्रहण मत्स्यन (Fishing) – साफ लवण रहित तथा समुद्री-लवण सहित जल स्रोतों से मछली पकड़ना प्रग्रहण मत्स्यन कहलाता है। ऐसे जल स्रोत मुख्य रूप से तालाब, पोखर, नदी, नदी मुख, लैगून आदि होते हैं। इसमें उत्पादन कम होता है।
  • मेरी कल्चर (Marine Culture) – आर्थिक महत्त्व की अनेक मछलियों का संवर्धन समुद्री जल में किया जाता है। इसे मेरी कल्चर कहते हैं; जैसे-मुलेट, भेटकी, पर्लस्पाट, झींगा, मरुसल, ऑएस्टर आदि।
  • जल संवर्धन (Aquaculture) – तालाबों में तरह-तरह की मछलियों का संवर्धन किया जाता है। इस प्रकार से संवर्धित मछलियों में आपसी स्पर्धा नहीं होती। इससे तालाब में मछली उत्पादन अधिक होता है। इस प्रकार की मछली पालन विधि को जल संवर्धन कहते हैं। ये मछलियां जल स्रोत के भिन्न-भिन्न हिस्सों से अपना भोजन प्राप्त करती हैं ;

जैसे-
कटला-जल की सतह से
मार रोहू-तालाब के मध्य से
मृगल, कॉमन कार्प-तालाब की तली से।

Science Guide for Class 9 PSEB खाद्य संसाधनों में सुधार InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
अनाज, दाल, फल तथा सब्जियों से हमें क्या प्राप्त होता है ?
उत्तर-
अनाज हमें कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं ये हमें गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा तथा ज्वार से प्राप्त होते हैं। इनसे हमें ऊर्जा मिलती है। दालों से हमें प्रोटीन प्राप्त होती है। यह चना, मटर, उड़द, मूंग, अरहर और मसूर में होती है। फलों और सब्जियों से विटामिन, खनिज लवणों के अतिरिक्त कुछ मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा भी प्राप्त होती है।

प्रश्न 2.
जैविक तथा अजैविक कारक किस प्रकार फसल उत्पादन को प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
फसलें हमारे जीवन की आधार हैं। वे जैविक और अजैविक कारकों से प्रभावित होती हैं। इनसे उनका उत्पादन और गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

(i) जैविक कारकों का प्रभाव – तरह-तरह के रोग, कीट तथा निमेटोड फसलों को प्रभावित करते हैं। सूक्ष्प जीव खाद्यान्नों को बहुत अधिक खराब करते हैं। इनके कारण अनाज के भार में कमी, अंकुरण न होना, बदरंग हो जाना, तापन तथा विषाक्त पदार्थों का उत्पन्न होना हो सकता है। फफूंद, खमीर तथा जीवाणु का इन्हें पर्याप्त हानि पहुंचाते हैं। चूहे तथा पक्षी भी खाद्य पदार्थों को बहुत हानि पहुंचाने का कार्य करते हैं।

(ii) अजैविक कारकों का प्रभाव – सूखा, क्षारता, जलाक्रांति, गर्मी, ठंड और पाला के कारण फसल उत्पादन कम हो जाता है। इनसे अनाज में संक्रमण बढ़ जाता है। एंजाइम, कीट और अन्य सूक्ष्म जीव भी इन कारकों से प्रभावित होकर अनाज को अधिक क्षति पहुंचाते हैं। सूखा पड़ने से फसलें मष्ट हो जाती हैं तो जला क्रांति से भी उनकी जड़ें गल जाती हैं। अत्यधिक गर्मी, ठंड और पाला भी उपज को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 3.
फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण क्या हैं ?
उत्तर-
पशुओं के लिए चारा तभी अधिक होगा जब चारे वाली फसलों की शाखाएं सघन होंगी। अनाज के लिए पौधे बौने होने चाहिए ताकि उनके लिए कम पोषकों की आवश्यकता हो। फसलों में ऐसे सुधारों के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान सहायक सिद्ध होती है।

प्रश्न 4.
वृहत् पोषक क्या हैं और इन्हें वृहत् पोषक क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
वृहत् पोषक उन्हें कहते हैं जो पौधों को अपने पोषण के लिए अधिक मात्रा में चाहिए होते हैं। इनकी संख्या छह है और इन्हें ये मिट्टी से प्राप्त करते हैं। वृहत् पोषक हैं- नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मालिबेडेनम।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

प्रश्न 5.
पौधे अपना पोषक कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
पौधे अपना पोषक हवा, पानी और मिट्टी से प्राप्त करते हैं। हवा से इन्हें ऑक्सीजन तथा कार्बन प्राप्त होती है, पानी से हाइड्रोजन मिलती है तथा मिट्टी से 13 पोषक प्राप्त होते हैं जिनमें से 6 वृहत् पोषक तथा 7 सूक्ष्म पोषक होते हैं। पौधे जड़ों के माध्यम से मिट्टी से पोषक प्राप्त करते हैं, जो पानी में मिलकर जड़ों से अवशोषित होते हैं।

प्रश्न 6.
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक के उपयोग की तुलना कीजिए।
उत्तर-
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक की अपनी-अपनी भूमिका है।
खाद मिट्टी को पोषकों तथा कार्बनिक पदार्थों से परिपूर्ण करती है और मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है। कार्बनिक पदार्थ अधिक मात्रा में होने के कारण मिट्टी की संरचना में सुधार करती है इसके कारण रेतीली मिट्टी में पानी को रखने की क्षमता बढ़ जाती है। चिकनी मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की अधिकता के कारण पानी को निकालने में सहायता करती है जिससे पानी इकट्ठा नहीं होता।

उर्वरक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाशियम प्रदान करते हैं इनके उपयोग से अच्छी कायिक वृद्धि (पत्तियां, शाखाएं तथा फूल) होती है और स्वस्थ पौधों की प्राप्ति होती है। परंतु ये उर्वरक आर्थिक दृष्टि से महंगे पड़ते हैं। अत्यधिक उर्वरक के उपयोग से मिट्टी को संरचना में बदलाव भी कई बार आ जाता है। यह कई बार जल प्रदूषण का कारण भी बनता है। इसलिए इनका उपयोग हमें सावधानी से करना होता है।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति में सबसे अधिक लाभ होगा ? क्यों ?
(a) किसान उच्च कोटि के बीज का उपयोग करें, सिंचाई न करें अथवा उर्वरक का उपयोग न करें।
(b) किसान सामान्य बीजों का उपयोग करें, सिंचाई करें तथा उर्वरक का उपयोग करें।
(c) किसी अच्छी किस्म के बीज प्रयोग करें, सिंचाई करें, उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल सुरक्षा की विधियां अपनाए।
उत्तर-
(c) किसान अच्छी किस्म के बीज प्रयोग करें, सिंचाई करें, उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल सुरक्षा की विधियां अपनाएं । इनसे अच्छी फसल की प्राप्ति होगी। अच्छे बीजों का चयन इस आधार पर करना चाहिए कि वे अनुकूल परिस्थितियों में उग सकें। संकरण विधि से प्राप्त ऐसे बीजों का चयन किया जाना चाहिए जो रोगों के प्रति रोग प्रतिरोधिता गुणों से युक्त हों। उनमें उत्पादन की गुणवत्ता तथा उच्च उत्पादन क्षमता होनी चाहिए। अच्छे गुणों वाली जीन से युक्त बीज ही उपयुक्त होते हैं। सिंचाई आवश्यकतानुसार नियमित रूप से की जानी चाहिए। सिंचाई की कमी से फसल उत्पाद कम प्राप्त होते हैं। उर्वरकों के प्रयोग से फसल की प्रकृति के अनुसार नाइट्रोजन, पोटैशियम तथा फॉस्फोरस तत्व मिट्टी में मिलाए जा सकते हैं जिससे उर्वरकता बढ़ती है और अच्छी फसल प्राप्त करते हैं। फसल सुरक्षा की विधियां भी अपनाई जानी चाहिए। खरपतवार तथा पीड़कों का नियंत्रण करना चाहिए। खेतों में फसल खरपतवार, कीट, पीड़क तथा रोगों से प्रभावित होती है। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया जाता तो वे फसलों को बहुत हानि पहुंचाते हैं।

प्रश्न 8.
फसल की सुरक्षा के लिए निरोधक विधियां तथा जैव नियंत्रण क्यों अच्छा समझा जाता है ?
उत्तर-
फसल की सुरक्षा के लिए निरोधक विधियां तथा जैव नियंत्रण अति आवश्यक है। तरह-तरह के जैविक और अजैविक कारक फसल को खराब कर देते हैं जिस कारण उत्पादक और व्यापारी को आर्थिक हानि होने के साथसाथ मानसिक आघात भी पहुंचता है। इन निरोधक विधियों और जैव नियंत्रण को न अपनाने से निम्नलिखित क्षति होती हैं-

  1. फसल की गुणवत्ता खराब हो जाती है।
  2. फसल का वज़न कम हो जाता है।
  3. अंकुरण की क्षमता कम हो जाती है। इन सब कारणों से उत्पाद की कीमत कम हो जाती है।

प्रश्न 9.
भंडारण की प्रक्रिया में कौन-से कारक अनाज की हानि के लिए उत्तरदायी हैं ?
उत्तर-
भंडारण के दौरान जैविक और अजैविक कारक अनाज की हानि के लिए उत्तरदायी हैं। जैविक कारक हैं- कीट, कुंतक, कवक, चिंचड़ी तथा जीवाणु। अजैविक कारक हैं-भंडारण के स्थान पर उपयुक्त नमी और ताप का असंतुलन।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

प्रश्न 10.
पशुओं की नस्ल सुधार के लिए प्रायः कौन-सी विधि का उपयोग किया जाता है और क्यों ?
उत्तर-
पशुओं की नस्ल सुधार के लिए लंबे समय तक दुग्ध स्रावण काल वाली जर्सी, ब्राउन स्विस जैसी नस्लों तथा रोगों के प्रति प्रतिरोधिता में अच्छी देशी नस्लों रेडसिंधी तथा साहीवाल में संकरण कराया जाता है ताकि संकर पशु में दोनों अधिक दुग्ध स्रावण काल तथा रोगों की प्रतिरोधिता के गुण हों।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित कथन के उपयोग की विवेचना कीजिए–
“यह रुचिकर है कि भारत में कुक्कुट, अल्प रेशे के खाद्य पदार्थों को उच्च पोषकता वाले पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तन करने के लिए सबसे अधिक सक्षम हैं। अल्प रेशे के खाद्य पदार्थ मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं होते।”
उत्तर-
यह कथन पूर्ण रूप से सत्य है। कुक्कटों का गेहूं, चावल, ज्वार, जौ, बाजरा आदि के दले हुए दानों के साथ हड्डी चूरा, व्यर्थ मांस खाद्य आदि खाने के लिए दिए जाते हैं। जो प्रायः मानवों के द्वारा प्रयुक्त नहीं किए जाते। कुक्कट इन्हें खाकर इनका अंडों और मांस में संश्लेषण करते हैं तथा उच्च कोटि के पोषक पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तित कर देते हैं। उनके अंडों में 36% पीतक तथा 64% प्रोटीन होती है उनके मांस में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, खनिज लवण तथा विटामिन होते हैं।

प्रश्न 12.
पशु पालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में क्या समानता है ?
उत्तर-
पशु पालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में समानता है। दोनों में ही संकरण से श्रेष्ट जातियां प्राप्त की जाती हैं ताकि उनसे मानव के लिए उपयोगी खाद्य प्राप्त किए जा सकें जो मात्रा और गुणवत्ता में श्रेष्ठ हों। दोनों को ही अनेक कारणों से अनेक रोग हो जाते हैं जिनसे बचाव के लिए उचित प्रबंध किए जाने आवश्यक हैं। दोनों के पालन में आहार की ओर ध्यान देना परम आवश्यक है। इससे उनकी मृत्यु दर कम हो जाती है तथा उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहती है। उनके आवास में उचित ताप, स्वच्छता और प्रबंधन की समान रूप से आवश्यकता होती है। संक्रामक रोगों से बचाने के लिए दोनों को टीका लगवाना आवश्यक है।

प्रश्न 13.
ब्रौलर और अंडे देने वाली लेयर में क्या अंतर है ? इनके प्रबंधन के अंतर को भी स्पष्ट करें।
उत्तर-
ब्रौलर मांस प्रदान करते हैं जबकि लेयर अंडे देते हैं। लेअर को रहने के लिए पर्याप्त स्थान, प्रकाश और पौष्टिक दोनों देना चाहिए जबकि ब्रौलर को प्रोटीन, वसा तथा विटामिन A और K से युक्त कुक्कुट आहार देना चाहिए। ब्रौलर की मृत्यु दर कम है लेकिन लेयर की मृत्यु दर अपेक्षाकृत अधिक होती है। ब्रौलर 6-7 सप्ताह में ही मांस के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जबकि लेयर 20 सप्ताह के बाद अंडे दे सकता है।

प्रश्न 14.
मछलियाँ कैसे प्राप्त की जाती हैं ?
उत्तर-
मछली समुद्री जल और ताजे जल दोनों से प्राप्त की जाती है। ताज़ा जल नदियों और तालाबों में होता है। मछली पकड़ना और मछली संवर्धन समुद्र तथा ताजे पानी के पारिस्थितिक तंत्र में किया जाता है। मछली पकड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के जालों का उपयोग मछली पकड़ने वाली नाव से किया जाता है। सैटेलाइट तथा प्रतिध्वनि गंभीरता मापी से खुले समुद्र में मछलियों के बड़े समूहों का पता लगाकर उन्हें जालों से पकड़ लिया जाता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

प्रश्न 15.
मिश्रित मछली संवर्धन के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
मिश्रित मछली संवर्धन से देशी-विदेशी मछलियां पाई जा सकती हैं। ऐसे तंत्रों से अधिक मात्रा में मछली प्राप्त होती है। एक ही तालाब में 5 या 6 मछली की जातियों को बढ़ाया जा सकता है। मछलियां एक स्थान पर रहकर पानी की अलग-अलग सतहों से भोजन प्राप्त करती हैं। ग्रास कार्य जाति की मछलियां तो खरपतवार तक खा लेती हैं। मछलियों में आहार के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं होती। तालाब के हर भाग में स्थित आहार का उपयोग हो जाता है।

प्रश्न 16.
मधु उत्पादन के लिए प्रयुक्त मधु मक्खी में कौन-से ऐच्छिक गुण होने चाहिएं ?
उत्तर-

  1. मधु मक्खी में मधु एकत्र करने की क्षमता अधिक होनी चाहिए।
  2. उसे डंक कम मारना चाहिए।
  3. प्रजनन तीव्रता से करना चाहिए।
  4. अपने छत्ते में अधिक समय तक रहें।
  5. स्वयं को दुश्मनों से बचा सके।

प्रश्न 17.
चरागाह क्या है और ये मधु उत्पादन से कैसे संबंधित हैं ?
उत्तर-
चरागाह वह विस्तृत घाम और अन्य वनस्पतियों से भरा स्थान है जहां पर मधु मक्खियां फूलों से मकरंद और पराग इकट्ठा करती हैं। जिस चरागाह में जितने अधिक और भिन्न प्रकार के फूल होंगे उतनी ही किस्में मधु के स्वाद की भी होंगी इसलिए मधु उत्पादन का चरागाह से संबंध है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 1.
सत्यापित कीजिए कि निम्न त्रिघात बहुपदों के साथ दी गई संख्याएँ उसकी शून्यक हैं। प्रत्येक स्थिति में शून्यकों और गुणांकों के बीच के संबंध को भी सत्यापित कीजिए : (i) 2x3 + x2 – 5x + 2; \(\frac{1}{2}\), 1, – 2
(ii) x3 – 4x2 + 5x – 2; 2, 1, 1
हल :
(i) मान लीजिए p (x) = 2x3 + x2 – 5x + 2
इसकी तुलना ax3 + bx2 + cx + d से करने पर
उनके दूसरे शून्यक साथ में दिए गए हैं :
∴ a = 2, b = 1, c = – 5, d = 2
अब, \(p\left(\frac{1}{2}\right)=2\left(\frac{1}{2}\right)^{3}+\left(\frac{1}{2}\right)^{2}-5\left(\frac{1}{2}\right)+2\)

= \(\frac{1}{4}+\frac{1}{4}-\frac{5}{2}+2\)

= \(\frac{1+1-10+8}{4}\)

= \(\frac{0}{4}\) = 0

∴ \(\frac{1}{2}\), p(x)
और p (1) = 2 (1)3 + (1)2 – 5 (1) + 2
= 2 + 1 – 5 + 2
= 5 – 5 = 0
∴ 1, p(x) का एक शून्यक है।
साथ ही, p (- 2) = 2 (- 2)3 + (- 2)2 – 5 (- 2) + 2
= – 16 +4 + 10+2
= – 16 + 16 = 0
∴ – 2, p (x) का एक शून्यक हैं।
उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि दिए गए बहुपद के शून्यक हैं।

मान लीजिए यह शून्यक हैं :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 1

उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों और गुणांकों में संबंध है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

(ii) मान लीजिए p (x) = x3 – 4x2 + 5x – 2.
इसकी तुलना ax3 + bx2 + cx + d से करने पर
∴ a = 1, b = – 4, c = 5, d = – 2
अब p (2) = (2)3 – 4 (2)2 + 5 (2) – 2
= 8 – 16 + 10 – 2
= 18 – 18 = 0
∴ 2, p (2) का एक शून्यक है।
उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों 2, 1, 1 दिए गए बहुपद के शून्यक हैं। उत्तर

मान लीजिए यह शून्यक हैं :
α = 2, β = 1, γ = 1
अब α + β + γ = 2 + 1 + 1 = 4
= \(\frac{-(-4)}{1}=\frac{-b}{a}\)

αβ + βγ + γα = (2) (1) + (1) (1) + (1) (2)
= 2 + 1 + 2 = 5
= \(\frac{5}{1}=\frac{c}{a}\)

αβγ = (2) (1) (1) = 2
= \(\frac{-(-2)}{1}=\frac{-d}{a}\)

उपरोक्त चर्चा से, यह स्पष्ट है कि शून्यकों और गुणांकों में संबंध है।

प्रश्न 2.
एक त्रिघात बहुपद प्राप्त कीजिए जिसके शून्यकों का योग, दो शून्यकों को एक साथ लेकर उनके गुणनफलों का योग तथा तीनों शून्यकों के गुणनफल क्रमशः 2, – 7, – 14 हों।
हल :
त्रिघात बहुपद का सर्वव्यापक व्यंजक है :
ax3 + bx2 + cx + d.
मान लीजिए α, β, γ इसके शून्यक हैं।
∴ α + β + γ = शून्यकों का योग = 2
αβ + βγ + γα = शून्यकों के गुणनफलों का योग = – 7
αβγ = शून्यकों का गुणनफल = – 14
∴ ax3 + bx2 + cx + d = k [(x – α) (x – β) (x – γ)]
जहाँ k कोई राक अचर है।
= k [x3 – (α + β + γ) x2 + (αβ + βγ + γα) x – αβγ]
= k [x3 – 2x2 – 7x – 14] (1) का प्रयोग करने परा k के भिन्न – भिन्न मानों के लिए, हम भिन्न – भिन्न त्रिघात बहुपद प्राप्त करते हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 3.
यदि बहुपद x3 – 3x2 + x + 1 a – b, a, a + b, हो, तो a और b ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए p (x) = x3 – 3x2 + x + 1 और इसके शून्यक a – b, a, a + b हैं।
a – b, p (x) का एक शून्यक है। (दिया है)
∴ p (a – b) = 0
या (a – b)3 – 3 (a – b)2 + (a – b) + 1 = 0
या [a3 – b3 – 3a2b + 3ab2] – 3 [a2 + b2 – 2ab] + a – b + 1 = 0 …………..(1)
और a, p (x) का शून्यक है ….(दिया है)
∴ p(a) = 0
या (a + b)3 – 3 (a + b)2 + (a + b) + 1 = 0
या (a3 + b3 + 3a2b + 3ab2) – 3 (a2 + b2 + 2ab) + a + b – 1 = 0
या a3 + b3 – 3a2b + 3ab2 – 3a2 – 3b2 – 6ab + a + b + 1 = 0 ……………(3)
(1) और (3), को जोड़ने पर हम प्राप्त करते हैं।
या 2a3 + 6ab2 – 6a2 – 6b2 + 2a + 2 = 0
या a3 + 3ab2 – 2a2 – 3b2 + a + 1 = 0
या (a3 – 3a3+ a + 1) + (3ab2 – 3b2) = 0
या 0 + 3b2 (a – 1) = 0 [(2) का प्रयोग करने से]
या a – 1 = 0
या a = 1 ………….(4)
(3) और (4), से हम प्राप्त करते हैं।
(1)3 + b3 + 3 (1)2b + 3 (1) b2 – 3 (1)2 – 3 (b)2 – 6 (1) b + 1 + b + b + 1 = 0
या 1 + b3 + 3b + 3b2 – 3 – 3b2 – 6b + b + 2 = 0
या b3 – 2b = 0
या b(b2 – 2) = 0
या b2 – 2 = 0
या b2 = 2
या b = ± √2
अत: a = 1 और b = ± √2

वैकल्पिक हल:
दिया है कि बहुपद x3 – 3x2 + x + 1 के तीन शून्यक क्रमशः a – b, a, a + b हैं।
अब, शून्यकों का योगफल = (a – b) + a + (a + b)
= a – b + a + a + b
= 3a
परंतु गुणांकों का प्रयोग करके शून्यकों का गुणनफल

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 2

∴ 3a = 3 या a = 1
साथ ही, शून्यकों का गुणनफल = (a – b) . a . (a + b)
= (a2 – b2) a
a का मान भरने पर हम प्राप्त करते हैं = (1 – b2) . 1
= (1 – b2)
परंतु गुणांकों का प्रयोग करके शून्यकों का योगफल

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 3

∴ 1 – b2 = – 1
– b2 = – 1 – 1
– b2 = – 2 या b2 = 2
b = ± √2
अत: a = 1 और b = ± √2

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 4.
यदि बहुपद x4 – 6x3 – 26x2 + 138x – 35 के या दो शून्यक 2 + +3, हों, तो अन्य शून्यक ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है कि दो शून्यक (2 + √3) और (2 – √3) हैं।
∴ [x – (2 + √3)] [x – (2 – √3)] दी गई बहुपद के गुणनखंड हैं।
अब, [x – (2 + √3)] [x – (2 – √3)] = x2 -[2 – √3 + 2 + √3] + [(2 + √3) (2 – √3)]
= x2 – 4x + [(2)2 – (√3)2]
= x2 – 4x + 1
∴ (x2 – 4x + 1) दी गई बहुपद का गुणनखंड है। अब दी गई बहुपद और (x2 – 4x + 1) पर विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करने पर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 4

∴ x4 – 6x3 – 26x2 + 138x – 35 = (x2 – 4x + 1) (x2 – 2x – 35)
= (x2 – 4x + 1) (x2 + 5x – 7x – 35)
S = -2, P = – 35
= (x2 – 4x + 1) [ x (x + 5) – 7 (x + 5)]
= (x2 – 4x + 1) (x + 5) (x – 7)
अब, बहुपद के अन्य शून्यक हैं।
x + 5 = 0 या x – 7 = 0
x = – 5 या x = 7
∴ दी गई चार घात वाली बहुपद के शून्यक हैं : 2 + √3, 2 – √3, – 5, 7

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 5.
यदि बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को एक अन्य बहुपद x2 – 2x + k, से भाग दिया जाए तो शेषफल x + a, आता है, तो k और a ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है कि बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को एक अन्य बहुपद x2 – 2x + k से भाग दिया जाता है, तो शेषफल x + a आता है
इसलिए सर्वप्रथम हम x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 को x2 – 2x + k, से भाग करते हैं और भागफल और शेषफल ज्ञात् करते हैं

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 5

∴ बहुपद x4 – 6x3 + 16x2 – 25x + 10 के लिए विभाजन एल्गोरिथ्म से
= (x2 – 2x + k) (x2 – 4x + (8 – k)] + [(- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2]
और शेषफल = (- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2)
परंतु शेषफल = x + a….(दिया है)
∴ (- 9 + 2k) x + (10 – 8k + k2) = x + a
समान गुणांकों की तुलना करने से
– 9 + 2k = 1 या 10 – 8k + k2 = a
2k = 1 + 9
2k = 10, हम प्राप्त करते हैं
k = \(\frac{10}{2}\) = 5
अब, 10 – 8k + k2 = a
k का मान प्रतिस्थापित करने पर हम प्राप्त करते हैं:
10 – 8 × 5 + (5)2 = a
10 – 40 + 25 = a
k = 5
– 5 = a
a = – 5
अत: k = 5 और a = – 5

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

Computer Guide for Class 10 PSEB डैस्कटॉप पब्लिशिंग Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. इस प्रोग्राम का उपयोग किताबें, मैगज़ीन, अखबारें, फलाइर, पैंफलिट और अन्य किस्म के प्रिंटिड डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है –
(a) डैस्क पब्लिशिंग
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग
(c) टॉप पब्लिशिंग
(d) पब्लिशिंग।
उत्तर-
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग,

2. यह डिस्पले स्क्रीन पर डाक्यूमैंट को बिल्कुल उसी तरह दर्शाती है, जिस तरह डाक्यूमैंट प्रिंट होकर लगता है।
(a) WYSWJKI
(b) WKSWUG
(c) WYSIWYQ
(d) WYSIWYG.
उत्तर-
(c) WYSIWYQ,

3. यह एक बाहरी आऊटपुट यंत्र है जो कंप्यूटर से डाटा लेता है और पेपर और ग्राफिक्स या टैक्सट के रूप में आऊटपुट तैयार करता है।
(a) फ्रेमज़
(b) प्रिंटरर्स
(c) फौंट्स
(d) प्लोटरस।
उत्तर-
(b) प्रिंटरर्स

4. एक प्रिंटर जो एक फोटो कॉपी मशीन की तरह काम करता है।
(a) लेज़र
(b) इंकजैट
(c) लाइन
(d) ड्रम।
उत्तर-
(a) लेज़र

5. आयताकार क्षेत्र जो कि ग्राफिक्स और टैक्सट इनसर्ट करने के लिए बने होते हैं।
(a) आयत
(b) फ्रेमज़
(c) स्ट्रक्चर
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) फ्रेमज़

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

6. यह एक इमेज की विजुअल पेशकारी है।
(a) चार्टस
(b) ग्राफिक्स
(c) फ्रेमज़
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) ग्राफिक्स

7. इंकजेट प्रिंटर्स पेपर पर स्याही स्प्रे करके ………………. अक्षर प्रति सैकिंड के हिसाब के अक्षर बनाता है।
(a) 250
(b) 350
(c) 200
(d) 100.
उत्तर-
(a) 250

8. ………………………….. यह स्याही की छोटी बूंदों से बनते हैं।
(a) पिक्सल
(b) डॉटस
(c) फौंट्स
(d) करेक्टर्ज।
उत्तर-
(b) डॉटस

9. यह पिनज़ को रिबन पर स्ट्राइक या प्रैस करके कागज़ पर तस्वीरों या टैक्सट को प्रिंट करता है।
(a) इंक-जैट
(b) इम्पैक्ट
(c) नॉन-इमपैक्ट
(d) लेज़र।
उत्तर-
(b) इम्पैक्ट

10. यह ग्राफिक हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर नहीं करते हैं, इसलिए फाइल का आकार, इमेज़ के आकार पर निर्भर नहीं करता।
(a) रास्टर
(b) प्लेन ग्राफिक्स
(c) वैक्टर
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) वैक्टर|

(B) रिक्त स्थान भरें

1. Arial, Helvetica, Times and Verdana ……….. की उदाहरण है और इनका एक जैसा ……………. होता है।
उत्तर-
टाइप फेस, डिज़ाइन,

2. एक गटर मार्जिन सैटिंग उस डाक्यूमैंट के ………… या ……….. मार्जिन में एक्स्ट्रा स्थान जोड़ती है जिसको हम बाईंड (जिल्द) करने की योजना बनाते हैं।
उत्तर-
साइड, टॉप,

3. पॉलीगन फ्रेम को किसी भी ………….. और ……… भी बदला जा सकता है।
उत्तर-
सेप, साइज़,

4. वैब पेज़ में कन्टैंट सिर्फ ………… देते हैं न कि ……… के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
उत्तर-
देखने योग्य, प्रिंट,

5. लेज़र प्रिंटर ……… का प्रयोग करते हैं जो कि एक समय पर …………. को स्टोर करते हैं।
उत्तर-
बफर, पूरा पेज।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

(C) सही या गलत

1. DTP का अर्थ है डैस्कटॉप पब्लिशिंग।
उत्तर-
सही,

2. डैस्कटॉप पब्लिशिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रयोग वैब पेज़ बनाने और डिज़ाइन करने के लिए भी किया जाता है।
उत्तर-
सही,

3. इंक जैट प्रिंटर्ज में स्याही पेपर द्वारा सोख ली जाती है और तुरंत सूख जाती है।
उत्तर-
गलत,

4. फ्रेमज़ यूजर को ऑब्जैक्ट्स को पेज़ के उस स्थान पर रखने की आज्ञा देता है जिस पर वह उसको रखना चाहता है।
उत्तर-
सही,

5. डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर में 19 से 124 पिन वाला प्रिंट हैड होता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
कौन-सा प्रिंटर एक मिनट में 1200 से 6000 लाइन प्रिंट करता है ?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 2.
कौन-से इमेजिज दो या तीन आयामी हो सकते हैं ?
उत्तर-
कंप्यूटर ग्राफिक्स।

प्रश्न 3.
किस प्रिंटर में एक विशेष परत होती है, जिसमें टोनर (एक स्याही पाऊडर) चिपक जाता है?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 4.
एक जैसे डिजाइन के अक्षरों के समूह को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
टाइप फेस।

प्रश्न 5.
एक पेज़ की मुख्य सामग्री और पेज़ के किनारे के बीच के क्षेत्र को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
मार्जिन।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कंप्यूटर और कुछ सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल करके बढ़िया ढंग से डिज़ाइन वाले दस्तावेज़ तैयार करना। इसका संबंध कुछ ऐप्लीकेशन सॉफ्टवेयरों से होता है जो दस्तावेज़ तैयार और प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।

प्रश्न 2.
प्रिंटर की भिन्न-भिन्न किस्में कौन-सी हैं ?
उत्तर-
प्रिंटर की निम्नलिखित किस्में हैं –

  • इमपैक्ट प्रिंटर।
  • नॉन-इमपैक्ट प्रिंटर।

प्रश्न 3.
फ्रेम क्या है ?
उत्तर-
फ्रेम एक आयताकार क्षेत्र होता है जो किसी ऑबजैक्ट को अपने में समाकर रखता है।

प्रश्न 4.
फौंट की परिभाषा दें।
उत्तर-
फौंट एक खास शैली और आकार में छापने योग्य या देखने योग्य टैक्सट करैक्टर का सैट होता है।

प्रश्न 5.
मार्जिन क्या है?
उत्तर-
मार्जिन किसी दस्तावेज में ऑबजैक्ट और पेज़ की हद के बीच की दूरी होती है। इसको हाशिया भी कहते हैं। यह चार तरफ से देखी जाती है।

  • ऊपर,
  • बायें,
  • दायें,
  • नीचे।

मार्जिन अक्सर इंच या सैंटीमीटर में नापे जाते हैं। यह बताते हैं कि किसी पेज़ के चारों तरफ कितनी जगह खाली रहेगी।

प्रश्न 6.
गटर पोजीशन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
गटर पोजीशन किसी पेज़ पर उस छोड़े गए स्थान को कहते हैं जो जिल्द बाँधने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य टैक्सट को जिल्द में आने से बचाना होता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 7.
ग्राफिक्स क्या है ?
उत्तर-
ग्राफिक्स कंप्यूटर पर किसी भी प्रकार की विजुयल पेशकारी को कहते हैं जो साधारण टैक्सट से अलग होता है।

प्रश्न 8.
लेज़र प्रिंटर की कार्य प्रणाली की व्याख्या करें।
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर में एक लेज़र टीम को दर्पण से निर्देशित किया जाता है। जो आगे ड्रम पर पड़ती है। इसकी मदद से पेपर पर इमेज़ बनती है, जिसको एक टोनर की मदद से छापा जाता है।

प्रश्न 9.
WYSIWYG विशेषता की व्याख्या करें।
उत्तर-
WYSIWYG का अर्थ है What You See Is What You Get. इसका अर्थ है आप जिस प्रकार अपने दस्तावेज़ को कंप्यूटर पर देखते हो, उसी प्रकार का ही प्रिंट रूप में प्राप्त करोगे।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर-
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में निम्नलिखित अन्तर हैं –

वेक्टर ग्राफिक्स बिटमैप ग्राफिक्स
1. वेक्टर ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील करती है। 1. बिटमैप ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील नहीं करता।
2. इसमें हर पिक्सेल की ऐडिटिंग नहीं की सकता| 2. इसमें हर पिक्सेल को ऐडिट किया जा जाती।
3. फाइल का आकार छोटा होता है। 3. फाइल का आकार बड़ा होता है।
4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम हो नहीं होती। 4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम जाती है।
5. यह गणितीय गणना पर आधारित होती है। 5. यह गणितीय गणना पर आधारित नहीं होती है।
6. हर ऑब्जैक्ट विभिन्न प्रकार से ऐडिट किया  संभव नहीं होता। 6. हर आब्जैक्ट को विभिन्न प्रकार से ऐडिट करना जा सकता है।

प्रश्न 2.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग के साथ संचार खुला है। विस्तार से बताएं।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का दायरा अब काफी बड़ा हो रहा है। यह एक पेशे तक ही सीमित नहीं है। साधारण लोग भी अब इसका प्रयोग करते हैं। अब छोटे व्यापारी, सचिव, अध्यापक, विद्यार्थी आदि भी इसका प्रयोग करते हैं। पहले इसका दायरा प्रिंटिग तक ही सीमित था। अब डेस्कटॉप पब्लिशिंग में डिजिटल मीडिया भी शामिल है।

प्रश्न 3.
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में अंतर बताएं।
उत्तर-
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में नीचे लिखे अंतर हैं –

इम्पैक्ट नॉन इम्पैक्ट
1. इनमें एक हैड होता है। 1. इनमें एक हैड नहीं होता है।
2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क करते हैं। 2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क नहीं करते।
3. स्याही के लिए रिबन का प्रयोग होता है। 3. स्याही के लिए अलग स्थान होता है।
4. यह प्रिंटर आवाज़ करते हैं। 4. यह प्रिंटर आवाज़ नहीं करते।
5. प्रिंटिंग मूल्य कम होता है। 5. प्रिंटिंग मूल्य अधिक होता है।
6. आमतौर पर यह प्रिंटर सस्ते होते हैं। 6. यह प्रिंटर महंगे होते हैं।
7. इनका प्रयोग अब कम होता है। 7. इनका प्रयोग अब अधिक होता है।
8. हैड पेपर में स्ट्राइक करता है। 8. हैड पेपर पर स्ट्राइक नहीं करता।

प्रश्न 4.
दो प्रकार के इम्पैक्ट प्रिंटर की व्याख्या करें।
उत्तर-
इम्पैक्ट प्रिंटर की इन पिनों की किस्में हैं-डॉट मैट्रिक्स और डेजी वील। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर-डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर 9 से 24 पिन वाला प्रिंटर होता है। यह प्रिंटर इन पिनों की मदद से छपाई करता है। इसकी गुणवत्ता अच्छी होती है। इसकी मदद से ग्राफिक्स छापा जा सकता है। यह आमतौर पर काले रंग के साथ ही छपाई करता है। पर रंगीन प्रिंटर भी होते हैं। इनमें स्याही एक रिबन पर लगी होती है। यह प्रिंटर सस्ते होते हैं एवं आमतौर पर 100 से 600 अक्षर प्रति सैकिंड की स्पीड के साथ छपाई करते हैं।

2. डेज़ी वील प्रिंटर-डेज़ी वील प्रिंटर का नाम इसकी प्रिंटिंग प्रणाली पर डेज़ी फूल के जैसे दिखाने पर पड़ा। इसमें पैटल होते हैं। हर पैटल एक पूर्ण रूप से तैयार अक्षर होता है। यह ठोस लाइन पर प्रिंट करता है। इसमें एक हैमर होता है जो अक्षर को रिबन से मारता है जिससे अक्षर छापा जाता है। इसकी गति कम होती है। यह अधिक से अधिक 25-35 अक्षर प्रति सैकिण्ड प्रिंट करता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 5.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसिंग सॉफ्टवेयर की तुलना करें।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसर में निम्नलिखित अन्तर हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग वर्ड प्रोसैसिंग
1. डी.टी.पी. का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ के डिजाइन को ठीक रखना होता है। 1. वर्ड प्रोसेसर का मुख्य उद्देश्य उसमें टैकस्ट की शुद्धता होता है।
2. यह एक ऑब्जैक्ट आधारित साफ्टवेयर है। 2. यह टैकस्ट आधारित ऐडिटर सॉफ्टवेयर है।
3. इसमें पेज ले आऊट पर अधिक ध्यान दिया जाता है। 3. इसमें शब्दों की शुद्धता मुख्य है।
4. हर एक ऑब्जैक्ट अकेले तौर पर संभाला नहीं जाता है। 4. सभी टैक्सट को एक साथ प्रयुक्त किया जाता है।
5. इसमें आब्जैक्ट लचीला होता है। 5. इसमें आब्जैक्ट्स में लचीलापन कम होता है।

PSEB 10th Class Computer Guide डैस्कटॉप पब्लिशिंग Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्नलिखित में से ग्राफिक सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब इलस्ट्रेटर
(b) कोरल ड्रा
(c) ईदसपेस
(d) सभी ही।
उत्तर-
(d) सभी ही।

2. निम्नलिखित में से फोटो ऐडिटिंग सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब फोटोशॉप
(b) कोरल पेंट्स
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ही

3. ग्राफिक कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 1
(d) 4.
उत्तर-
(a) 2

4. लेजर प्रिंटर किस प्रकार का प्रिंटर है ?
(a) इम्पैक्ट
(b) नॉन-इम्पैक्ट
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(b) नॉन-इम्पैक्ट|

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

(B) रिक्त स्थान भरें

1. …….. का अर्थ है दो से अधिक लाइनों के बीच दूरी।
उत्तर-
लीडिंग

2. फ्रेम संबद्ध सूचना एवं ग्राफिक्स को ………….. करते हैं।
उत्तर-
इकट्ठा

3. WYSIWYG का अर्थ है …………. ।
उत्तर-
What you see is what you get

4. हम कई तरीके से डाक्यूमैंट को ………… कर सकते हैं।
उत्तर-
प्रिंट

5. सब से तेज़ रंगदार लेजर प्रिंटर ……….. पेज़ प्रिंट कर सकता है।
उत्तर-
200.

(C) सही या गलत

1. हेडर पेज़ के नीचे लिखे जाते हैं।
उत्तर-
गलत

2. ऐम० एस० वर्ड, डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर है।
उत्तर-
गलत

3. पेज़ तैयार करने के लिए प्लानिंग की ज़रूरत नहीं होती।
उत्तर-
गलत

4. स्टाइल में बुलेट्स आदि शामिल होते हैं।
उत्तर-
सही

5. स्केलिंग दो से अधिक पंक्तियों के बीच की दूरी को कहा जाता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
WYSIWYG का पूरा नाम बताएं।
उत्तर-
What you see is what you get.

प्रश्न 2.
कौन-सी प्रिंटिंग अच्छी होती है ?
उत्तर-
लेजर प्रिंटिंग।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 3.
जिस प्रिंटिंग पर स्याही बैठ जाती है। उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
ऑफसैट प्रिंटिंग।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रिंटिंग के कौन-कौन से तरीके हैं ?
उत्तर-
प्रिंटिंग के दो तरीके हैं –

  1. ऑफसैट प्रिंटिंग-यह वह प्रिंटिंग है जिसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है उसको ऑफसैट प्रिंटिंग कहते हैं।
  2. लेजर प्रिंटिंग-जिस प्रिंटिंग में लेजर की मदद से प्रिंटिंग की जाती है उसको लेजर प्रिंटिंग कहते हैं। यह प्रिंटिंग तेज़ गति वाली होती है।

प्रश्न 2.
स्केलिंग, ट्रैकिंग एवं लीडिंग बारे में बताएं।
उत्तर-
स्केलिंग-स्केलिंग का अर्थ है दस्तावेज़ में अक्षर को फौंट के साइज़ को बिना कम या बढ़ाए हुए अक्षर की चौड़ाई, लंबाई को बढ़ाना या कम कर देना। ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है किसी भी शब्द या लाइन के अक्षरों में दूरी बढ़ाना या कम करना। लीडिंग-लीडिंग का अर्थ है, दस्तावेज में दो या अधिक लाइनों के बीच की दूरी को बढ़ाना या कम करना।

प्रश्न 3.
स्केलिंग क्या है ?
उत्तर-
स्केलिंग-डाक्यूमैंट में बहुत से तरीके द्वारा फौंट को छोटा तथा बड़ा किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि फौंट के प्वाइंट को बिना बढ़ाये या कम किये अक्षर की चौड़ाई को बढ़ा या कम कर सकते हैं। इसकी स्केलिंग कहा जाता है।

प्रश्न 4.
ट्रैकिंग क्या होता है ?
उत्तर-
ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है कि किसी भी वर्ड या लाइन के अक्षर में दूरी बढ़ाना। इसको प्वाइंट में मापा जा सकता है या किसी और विधि द्वारा मापा जाता है।

प्रश्न 5.
लीडिंग क्या होता है ?
उत्तर-
यह दो या दो से अधिक लाइनों के बीच की दूरी को दर्शाता है। इसको पाइंट से भी मापा जा सकता है या यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर पर निर्भर करता है।

प्रश्न 6.
फ्रेमस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
फ्रेमस संबद्ध सूचना और ग्राफिक्स को इकट्ठा करते हैं। हर फ्रेम में हर ऑबजैक्ट की अलग ऐनटिटी (Entity) है। हर फ्रेम, बॉक्स, बॉर्डर का खास उद्देश्य होना चाहिए। फ्रेम अक्षर की सीमा बनाता है। खास अक्षरों पर ध्यान देने के लिए फ्रेम का प्रयोग किया जाता है। प्रेम की सूचना अधिक महत्त्व देती है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पेज़ ले-आऊट का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
पेज़ ले-आऊट का अर्थ है कि किसी पेज़ की ले-आऊट अर्थात् किसी दस्तावेज़ को पेज़ से आब्जेक्ट किस प्रकार रखा जाती है। इसमें ऑबजेक्ट को अपनी जरूरत अनुसार उसकी सही जगह पर पूरी सटीकता के साथ रखा जाता है। इसके साथ ही इनके साथ बनने वाले डिज़ाइन का भी ध्यान रखा जाता है कि वह पेज़ देखने में ठीक लगता है या नहीं। इसका संबंध पेज़ एवं कंपोजीशन के साथ होता है। इसमें सभी प्लेस होल्डर भी शामिल किए जाते हैं जो प्रिंट नहीं होते। किसी भी दस्तावेज की पेज ले-आऊट सैट करने के लिये पेज़ के मार्जन, आबजेक्ट, टैक्सट, फौंट साइज, कलर और डिजाइन आदि का पूरा ध्यान रखा जाता है।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1

प्रश्न 2.
फौंट्स क्या होते हैं ?
उत्तर-
फौंट्स का अर्थ है अक्षरों की बनावट। किसी भी दस्तावेज में कुछ न कुछ टैक्सट प्रयुक्त किया जाता है। वह टैक्सट किसी भी भाषा में हो सकते हैं। उस भाषा के अक्षरों की बनावट को फौंट्स कहते हैं। जैसे अंग्रेज़ी के अक्षर A, B, C ………. Z आदि की बनावट कई प्रकार की हो सकती है। इन सबको फौंट कहते हैं। इनको कुछ खास नामों से जाना जाता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

कुछ आम प्रयोग होने वाले फौंटस हैं –
1. Arial
2. Times New Roman
आप इन फौंट्स को बोल्ड, इटैलिक और अंडरलाइन आदि भी कर सकते हैं।
PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 2

प्रश्न 3.
डाक्यूमैंट प्लानिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग का अर्थ है किसी भी दस्तावेज़ को तैयार करने के लिए उसके साथ संबद्ध सभी प्लानिंग करनी। इसमें किस स्टेज पर क्या करना है आदि के बारे में विचार किया जाता है।

डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें ध्यान रखी जाता हैं-

  1. पेज़ ले-आऊट : पेज़ ले-आऊट का अर्थ है दस्तावेज़ का खाका तैयार करना।
  2. स्टाइल : स्टाइल का अर्थ है दस्तावेज़ को किस प्रकार का दिखना चाहिए, इस बारे में निर्णय लेना।
  3. मार्जन : मार्जन कितना रखना है, इस बारे में फैसला करना।
  4. हैडर और फुटर-दस्तावेज में हैडर और फुटर के बारे निर्णय करना।
  5. फौंट : दस्तावेज में फौंट कौन-कौन से होने चाहिए और उनका साइज, कलर आदि क्या होना चाहिए।

इस प्रकार हम देखते हैं कि डाक्यूमैंट प्लानिंग में दस्तावेज़ तैयार करने से पहले की दस्तावेज़ से संबंधित सब निर्णय लिए जाते हैं।

प्रश्न 4.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ? इसकी क्या ज़रूरत होती है ? कौन-कौन से सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) के लिए किया जाता है?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग-डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कि कंप्यूटर का प्रयोग करके पब्लिशिंग और प्रिंटिग के साथ संबद्ध काम करने। इसमें कुछ सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। उनको अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट किया जाता है। डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत-डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत हमें अपने दस्तावेज को सही तरीके के साथ और सटीकता के साथ तैयार करने के लिए की जाती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर की मदद से अपने दस्तावेज को सुंदर, सही और अच्छा डिज़ाइन वाले बना सकते हैं। इसकी मदद के साथ हम अपने दस्तावेज में सभी ऑबजैक्टों को उनकी सही जगह पर सही आकार अनुसार रख सकते हैं। अपने दस्तावेज में रंगों का सही प्रयोग किया जा सकता है। दस्तावेज़ को भी किसी भी आकार का प्रिंट किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर टैक्सट और ग्राफिक्स पर पूरा कंट्रोल कर सकते हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग के सॉफ्टवेयर-डेस्कटॉप पब्लिशिंग तीन प्रकार की हो सकती है और उसकी किस्म के अनुसार ही सॉफ्टवेयर लिए जाते हैं।

यह किस्में और उनके सॉफ्टवेयर की जानकारी नीचे दी गई है –

डी० टी० पी० की किस्म सॉफ्टवेयर
1. पेज़ ले-आऊट एडोब पेज़ मेकर, एडोब मैथ टाइप
2. ऐडिटिंग एडीब फोटोशॉप, कोरल फोटोपेंट, पिक्सा
3. इलस्ट्रेशन कोरल ड्रा, ऐम० एस० पब्लिश

प्रश्न 5.
डी० टी० पी० पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
डी० टी० पी० का सम्बन्ध कम्प्यूटर की उस ऐप्लीकेशन के साथ है जो छोटी कंपनी या व्यक्तियों के लिए कम्प्यूटर के ज़रिए, रिपोटर्स, विजिटिंग कार्ड, कैलेंडर, विज्ञापन, मैगज़ीन आदि अच्छी गुणवत्ता के साथ छापता है। नए युग के कम्प्यूटर के साथ डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा बहुत सारे काम जैसे कि विज्ञापन, किताबें तैयार करना आदि अच्छी तरह किये जा सकते हैं।

ऐसे डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा कई भाषाओं के अक्षरों को बड़े अच्छे तरीके से और बहुत सारे तरीकों के साथ लिखा या छापा जा सकता है। साधारण तौर पर यह कम्प्यूटर की योग्यता होनी चाहिए कि इसकी प्रिंटिंग होने से पहले डाक्यूमैंट का प्रीवियू कम्प्यूटर की स्क्रीन पर देखा जाए। डैस्कटॉप पब्लिशिंग एक पेज़ के ले-आऊट की योग्यता बारे बताती है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1985 में “Introduction to Mac Publisher” सॉफ्टवेयर के साथ शुरू हुई थी। यह WYSIWYG layout का पहला प्रोग्राम था। डैस्कटॉप पब्लिशिंग वाले सॉफ्टवेयर बनाने से पहले यह काम बहुत सारे आम लोगों द्वारा किया जाता था। ग्राफिक्स, टैक्सट या और डिज़ाइन के लिए खास निपुणता वाले लोग शामिल किये जाते थे जिस कारण बहुत समय लगता था।

अब डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इस प्रकार के काम को बड़े अच्छे तरीके के साथ करते हैं और यह सॉफ्टवेयर टैक्सट या ग्राफिक्स पर पूरा नियंत्रण रख सकता है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग आमतौर पर तीन प्रकार के हैं

  • पेज़ ले-आऊट (Page layout)-एडोब पेज़ मेकर (Adobe page Maker) आदि।
  • ऐडिटिंग (Editing)-एडोब फोटोशॉप (Adobe, Photoshop), कोरल फोटो पेंट (Corel Photo paint) आदि।
  • इलस्ट्रेशन (Illustration)–कोरल ड्रा (CorelDraw), ऐम०एस० पब्लिशर (M.S. Publishers) आदि।

कोई भी डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए सबसे पहला कदम यह है कि यह निर्णय कर लिया जाए कि आपने शादी कार्ड तैयार करना है या किताब का सबसे पहला कवर पेज या कोई ब्रोशर (Brochure), या कोई बिजनेस कार्ड। अगर आप किताब का टाइटल कवर (Title Cover) बनाना चाहते हैं तो आपको उसका साइज़ पता होना चाहिए। अगर आप पीछे कही बातों के बारे में जानते हो तो आप डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर के साथ कुछ भी बना सकते हो।

प्रश्न 6.
दस्तावेज़ प्रिंट करना क्या होता है ? विस्तार में बताएं।
उत्तर-
यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। हम बहुत से तरीकों के साथ डाक्यूमैंट को प्रिंट करते हैं। प्रिंटिंग एक प्रोसैस है जिसमें टैक्सट, ग्राफिक्स और तस्वीरें आदि को विभिन्न-विभिन्न प्रिंट किया जा सकता है। प्रिंटिग एक बड़ी फैक्टरी का काम भी हो सकता है और एक अकेला आदमी के लिए भी। प्रिंटिंग के तरीके-
1. ऑफसैट प्रिंटिंग-इसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है। अब आमतौर पर हर प्रिंटिंग ऑफसैट होती है। अगर बहुत कम कागजों पर प्रिंटिंग करनी हो तो वह कम्प्यूटर प्रिंटर/कापीयर पर होगी। हमें डाक्यूमैंट की बहुत सारी कापियां (सैंकड़ों हज़ारों, लाखों या करोड़ों) करने के लिए ऑफसैट प्रिंटिंग ही सस्ती और बहुत अच्छी होती है।

2. लेजर प्रिंटिंग-यह आम प्रिंटिंग है जो कि टैक्सट और ग्राफिक्स का अच्छा प्रिंट करती है। लेज़र प्रिंटर एक नॉन-इमपैक्ट फोटो कॉपीयर टैक्नालोजी (Non-impact photocopier Technology) का प्रयोग करते हैं। इस प्रिंटिग में इलैक्ट्रीकल चार्ज (Electrical charges) द्वारा सिलीनीअम कोडड ड्रम पर लेजर बीम डाली जाती है।

जब ड्रम चार्ज होता है तो यह घूमने लग जाती है। कलर प्रिंटिंग के साथ किए हुआ काम ब्लैक एंड वाइट लेज़र प्रिंटर से 10 गुणा महंगा होता है। एक ब्लैक एंड वाईट लेज़र प्रिंटर मॉडल एक मिनट में 200 पेज प्रिंट कर सकता है। प्रिंटिंग स्पीड ग्राफिक्स पर भी निर्भर करती है। सबसे रंगदार प्रिंट करने वाला एक मिनट में 100 पेज़ प्रिंट कर सकता है। डी०टी०पी० के लिए लेजर प्रिंटर का रैजुलेशन 600 डॉटस पर (resolution 600 Dots per inch (dpi) होना चाहिए।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

प्रश्न 7.
WYSIWYG क्या होता है ?
उत्तर-
WYSIWYG (What-You-See-Is-what-You-Get)-यह शब्द कम्प्यूटिंग में यह बताने के लिए इस्तेमाल होता है कि कंप्यूटर में इलैक्ट्रॉनिक पेज़ जो दिखा रहे हैं वह हमारी आऊटपुट के जैसे है। यह पेज़ एक प्रिंटिग डाक्यूमैंट हो सकता है। बैव पेज या स्लाइड भी हो सकता है। अब वाले डैस्कटॉप. पब्लिशिंग खास आऊटपुट के लिए स्क्रीन उसके अनुसार ढाल लेते हैं। उदाहरण के तौर पर ऐम०एस० वर्ड सॉफ्टवेयर (MS-Word Software) आम आदर्श रंगदार लेज़र प्रिंटर (Typical Colour Laser Printer) कागज़ पर आऊटपुट लेने योग्य होता है। हम डी०टी०पी० (DTP) में तैयार किया हुआ कोई भी डाक्यूमैंट प्रिंट करेंगे तो वह WYSIWYG के बिल्कुल पास होता है।

कुछ हालातों में WYSIWYG का कोई अर्थ नहीं रह जाता क्योंकि डाक्यूमैंट में पेज़ की रचना समय : -अतिरिक्त जानकारी लाभकारी होती है। जैसे कि कई बार हमें नॉन-प्रिंटिंग करैक्टर आदि की ज़रूरत होती है। पेज़ ले-आऊट मोड में हम अक्सर ही ग्रिड ; गाइड लाइन्ज (Guidelines) का उपयोग ऑब्जैक्ट को अलाईन करने के लिए करते हैं।

प्रश्न 8.
डाक्यूमैंट प्लानिंग क्या होती है ? व्याख्या करें।
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें शामिल हैंपेज़-ले-आऊट-पेज़ ले-आऊट तैयार करने का मतलब किसी डाक्यूमैंट का खाका तैयार करना है। जब आप टैक्सट, ग्राफिक्स या खास प्रकार के निशान (Symbols), जैसे कि बॉक्स (डिब्बा) फ्रेम, बार्डर आदि इकट्ठा कर लिया तो पेज़ ले-आऊट तैयार कर सकते हैं। इसमें एक पेज़ की ज़रूरत पड़ सकती है।

स्टाइल-डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर में आप कितने सारे फौंट्स चुन सकते हैं। ले-आऊट ऐलीमैंट ग्राफिक्स में उनमें रंग तथा उनमें फिल्टर्स इफैक्ट आ सकता है। जो फौंट आप चुनें उसको सभी डाक्यूमैंट में इस्तेमाल करें। डाक्यूमैंट में जानकारी का स्टाइल अच्छा होना चाहिए, जो कि अच्छी तरह समझ आ सके ताकि उसको याद रखा जा सके। स्टाइल का अर्थ अपने डाक्यूमैंट में अपने आप फार्मेटिंग (Formatting) करने के लिए है।

स्टाइल के बिना आपके हर पैराग्राफ, लाइन की अलग से सैटिंग करनी पड़ेगी। यह काम बहुत कठिन और बोरिंग हो जाता है। एक स्टाइल में हैडिंग हैडर और फुटर, बुलेट (Heading, Header & Footer, Bullets) आदि शामिल होते हैं। – मार्जन-मार्जन टैक्सट की बाएं और दाएं, ऊपर और नीचे से टैक्सट की दूरी को कहा जाता है। मार्जन आमतौर पर (From Left, Right, Top, Bottom) एक ईंच के होते हैं। पर इनको अपनी इच्छा अनुसार बढ़ाया या कम किया जा सकता है।

हैडर (Header)-हैडर वह टैक्सट है जो कि पेज़ के ऊपरी हिस्से पर प्रिंट किया जाता है। यह पेज़ नंबर, पाठ नंबर या कोई खास सूचना हो सकती है।
फुटर (Footer)-फुटर वह टैक्सट है जो पेज़ के नीचे के हिस्से पर लिखा जाता है। इसमें भी पेज नंबर, पाठ का नाम और जानकारी हो सकती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर अपने आप हर पेज़ नंबर और और सूचना लिख सकता है।

फौंट : यह डाक्यूमैंट डिज़ाइन का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। आमतौर पर पाठक एरियल (Arial) या टाईमज़ न्यू रोमन (Time New Roman) स्टाइल वाला फौंट पसंद करते हैं। क्योंकि इसके साथ अक्षर को पढ़ना आसान हो जाता है। आप कुछ फौंट्स को Bold, Italic, Under line आदि कर सकते हैं। एरियल; टाईमज़ न्यू रोम फौंट किताब, मैगजीन और अखबारों में प्रयोग किए जाते हैं।

यह डाक्यूमैंट प्लानिंग बारे कुछ ज़रूरी जानकारी है पर और बातें भी ध्यान देने योग्य हैं जैसे कि पेज का आकार, पेज़ों की संख्या, पेज़ के मध्य कालमों की गिनती, टाइटल, कैपशन (caption) आदि।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

PSEB 9th Class Science Guide प्राकृतिक संपदा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
जीवन के लिए वायुमंडल क्यों आवश्यक है ?
उत्तर-
जीवों के लिए वायुमंडल बहुत आवश्यक है। यही हमारे जीवन का आधार है। वायु में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प नामक घटक हैं। ऑक्सीजन प्रत्येक जंतु के लिए जरूरी है। जो स्थल पर रहते हैं वे श्वसन के लिए इसे वायु से प्राप्त करते हैं। जलीय जीव इसे पानी में घुली हुई अवस्था में प्राप्त करते हैं। यूकेरियोटिक कोशिकाओं तथा प्रोकेरियोटिक कोशिका को ग्लूकोज अणुओं को तोड़ने तथा उससे ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसी के कारण कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होती है। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बोहाइड्रेट्स में बदलते हैं तथा अपने लिए भोजन के रूप में प्राप्त करते हैं। वायुमंडल ने पूरी पृथ्वी को एक कंबल की तरह ढांप रखा है। वायु ताप की कुलाचक है इसलिए पृथ्वी का औसत तापमान पूरा वर्ष लगभग नियत रहता है। यह दिन के समय तापमान को बढ़ाने से रोकता है और रात के समय तापमान को पृथ्वी के बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है। वायुमंडल में जलवाष्प बनने और हवा बहने की क्रिया होती है।

प्रश्न 2.
जीवन के लिए जल क्यों अनिवार्य है ?
उत्तर-
जीवन के लिए जल की अनिवार्यता-

  1. जीवन की उत्पत्ति सर्वप्रथम सागर के जल में हुई थी। सागर के जल में जीवन की उत्पत्ति “नीले हरे शैवाल” तथा “साइनो बैक्टीरिया” नामक जीवों के रूप में हुई।
  2. हमारे शरीर में पाया जाने वाला जल भोजन से प्राप्त पोषक तत्त्वों को घोलकर इन्हें शरीर के सभी अंगों तक पहुँचा देता है।
  3. जल स्वेदन तथा वाष्पन की प्रक्रियाओं द्वारा मानव शरीर के ताप को नियंत्रित करता है।
  4. जल हमारे शरीर के अपशिष्ट पदार्थों (मल-मूत्र इत्यादि) के उत्सर्जन के लिए एक अच्छा माध्यम है।
  5. नदियों और समुद्र में नावों और जलयानों के द्वारा यात्रियों और सामानों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन होता है।
  6. हम पानी का अत्यधिक उपयोग पीने में, नहाने में, कपड़े धोने में और खाना पकाने इत्यादि में करते हैं। खाना पकाने और पीने का पानी कीटाणु-रहित तथा स्वच्छ होना चाहिए।
  7. जल का उपयोग सामान्यतया औषधि के रूप में भी करते हैं।
  8. ऊंचाई से तेज़ गति से गिरते हुए जल में ऊर्जा होती है जिसका प्रयोग हम बिजली बनाने में करते हैं।
  9. बहुत-से जलीय जंतु, जैसे-मेंढक, मछली, मगरमच्छ आदि जल में निवास करते हैं तथा वे जल में घुली हुई ऑक्सीजन का प्रयोग श्वसन क्रिया में करते हैं।
  10. बहुत-से जलीय पौधे भी जल में पाए जाते हैं तथा जल में घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया के लिए करते हैं।
  11. कृषि के लिए भी जल अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। पौधे पानी के बिना वृद्धि नहीं कर सकते हैं।
  12. जल, पेड़-पौधों में खनिजों तथा अन्य पोषक तत्वों का परिवहन करने के लिए एक माध्यम का काम करता है।
  13. जल, पौधों के अंकुरण तथा पौधों की वृद्धि में सहायता करता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 3.
जीवित प्राणी मृदा पर कैसे निर्भर है ? क्या जल में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र हैं ?
उत्तर-
जीवित प्राणी मृदा पर ही निर्भर करता है। मृदा में उत्पन्न पेड़-पौधों से अपना खाद्य प्राप्त करता है। जीवन-यापन के लिए सभी आवश्यक तत्व इसी से प्राप्त होते हैं। पौधे तरह-तरह के खनिज लवण मृदा से ही प्राप्त करते हैं और भोजन के तत्वों के रूप में प्राणियों के जीवन के आधार बनते हैं।

पानी में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं। वे जल में उगे पादपों को खाते हैं या उन पर आधारित अन्य प्राणियों को खाकर जीवित रहते हैं।

प्रश्न 4.
आपने टेलीविजन पर और समाचारपत्र में मौसम संबंधी रिपोर्ट को देखा होगा। आप क्या सोचते हैं कि हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं ?
उत्तर-
मौसम संबंधी जानकारियां लंबी और गहन वैज्ञानिक जानकारियों पर आधारित होती हैं। दूर आकाश में स्थित सैटेलाइट पृथ्वी पर सदा अपनी दृष्टि जमाए रहते हैं तथा वातावरण की जांच करने में वैज्ञानिकों की सहायता करते हैं। वायु के दबाव, फटने तथा समुद्रों में उत्पन्न चक्रवातों की सूचना प्रदान करते हैं। मानसून आने से पहले ही इनसे अनुमान हो जाता है कि किसी वर्ष वर्षा की स्थिति कैसी होगी। इससे कृषि संबंधी नई योजनाएं बनाई जाती हैं। समुद्री तटों पर रहने वालों को तरह-तरह के खतरों की पूर्व सूचना दी जाती है।

प्रश्न 5.
हम जानते हैं कि बहुत-सी मानवीय गतिविधियां वायु, जल एवं मृदा के प्रदूषण स्तर को बढ़ा रही हैं। क्या आप सोचते हैं कि इन गतिविधियों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेगी ?
उत्तर-
बहुत से मानवीय क्रियाकलाप वायु, जल और मृदा के प्रदूषण स्तर को निरंतर बढ़ा रहे हैं। यदि इन क्रियाकलापों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर दिया जाए तो प्रदूषण के स्तर पर कुछ मदद मिलेगी। प्रायः अस्पतालों के आसपास भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर वातावरण से हानिकारक गैसों पर नियंत्रण पाया जाता है। पेट्रोल और डीज़ल के स्थान पर वाहनों में CNG का प्रयोग कुछ नगरों में आरंभ किया गया है जिसके अनुकूल प्रभाव दिखाई दिए हैं। खादानों की खुदाई रोककर वायुमंडल तथा पेड़-पौधों की रक्षा की गई है। नदियों के पानी की शुद्धिकरण के प्रयत्न किए गए हैं। यह ठीक है कि हमारे देश में जनसंख्या बहुत अधिक है, अशिक्षा है, गरीबी है पर फिर भी प्रयत्न करने पर सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेंगे। इनसे प्रदूषण समाप्त तो नहीं होगा पर प्रदूषण के स्तर को घटाने में मदद अवश्य मिलेगी।

प्रश्न 6.
जंगल, वायु, मृदा और जलीय स्त्रोत की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
जंगलों की भूमि तथा वर्षा में गहरा संबंध है। यदि वृक्षों को काटने की दर उनकी वदधि से अधिक हो जाए तो वृक्षों की संख्या कम होती जाती है और वह क्षेत्र धीरे-धीरे रेगिस्तान भी बन सकता है। जंगल सदा वायु, मृदा और जलीय स्रोत को सीधा प्रभावित करते हैं।

वृक्ष वाष्पण क्रिया से बड़ी मात्रा में जल मुक्त करते हैं। इस मुक्त जल से वाष्प-बादल बनते हैं तथा वर्षा होती है। जंगलों के कम होने से वर्षा भी कम होगी तथा उस क्षेत्र में वृक्ष उगने की दर कम हो जाएगी जिससे पर्यावरण प्रभावित होगा।

वृक्षों के बहुत अधिक काटने से जैव पदार्थों में समृद्ध मृदा की सबसे ऊपर की सतह वर्षा के पानी के साथ बहकर लुप्त हो जाएगी। मृदा के इस प्रकार अपरदन के कारण भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो जाती है। वन जंगली-जंतुओं को आश्रय देते हैं। हमें उनसे कई प्रकार की जड़ी-बूटियां मिलती हैं तथा इमारती लकड़ी प्राप्त होती है। कई उद्योगों के लिए हमें कच्चा माल प्रदान करते हैं। जंगलों से जलीय स्रोतों की गुणवत्ता बढ़ती है। इनसे भूमि कटाव पर नियंत्रण होता है।

जंगलों की उपयोगिता को देखते हुए वनों का पुनः पूरण अति आवश्यक हो जाता है। इन सबके अतिरिक्त पौधे जितने अधिक उगाए जाएंगे हमारा पर्यावरण उतना ही स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक होगा। पौधे ही हमारे प्रदूषित पर्यावरण को स्वच्छ कर सकते हैं। हवा, मृदा और जलीय स्रोत जंगलों से सीधे तौर पर संबंधित है।

Science Guide for Class 9 PSEB प्राकृतिक संपदा InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमंडल से हमारा वायुमंडल कैसे भिन्न है ?
उत्तर-
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगभग 95 से 97% है जबकि पृथ्वी के वायुमंडल में यह 0.04% है। इसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन गैसों की अधिक मात्रा उपस्थित है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 2.
वायुमंडल एक कंबल की तरह कैसे कार्य करता है ?
उत्तर-
जिस प्रकार कोई व्यक्ति कंबल को अपने ऊपर पूरी तरह से लपेट कर अंदर और बाहर के दो भिन्न वातावरण बना लेता है उसी प्रकार पृथ्वी के चारों ओर फैला वायुमंडल भी इसे दो स्तरों में बांट देता है। सूर्य की ओर से आने वाले हानिकारक विकिरणों को स्थल पर आने से रोकता है और नीचे की गैसों को ऊपर अंतरिक्ष में जाने से।

प्रश्न 3.
वायु प्रवाह (पवन) के क्या कारण हैं ? उत्तर-सूर्य की किरणें दिन भर स्थल और समुद्र तल को गर्म करती हैं। स्थल जल्दी गर्म होता है और जल
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा 1
से। इसलिए जल की अपेक्षा स्थल के ऊपर की हवा भी तेजी से गर्म होकर ऊपर उठती है जिसकी आपूर्ति के लिए समुद्र की ओर से वायु स्थल की ओर चलने लगती है। रात के समय स्थल और समुद्र दोनों ठंडे होने लगते हैं पर स्थल ठंडा जल्दी हो जाता है और पानी धीरे-धीरे ठंडा होता है इसलिए पानी के ऊपर की वायु स्थल की ऊपर की वायु से गर्म होती है। तब स्थल की ओर से समुद्र की ओर वायु चलने लगती है।

प्रश्न 4.
बादलों का निर्माण कैसे होता है ?
उत्तर-
सूर्य की गर्मी से सभी जलीय भागों से वाष्पन क्रिया होती है और पानी वाष्प बनकर हवा में चला जाता है। जल वाष्प की कुछ मात्रा विभिन्न जैविक क्रियाओं से वायुमंडल में चली जाती है और हवा को गर्म करती है। यह अपने साथ जलवाष्प को लेकर ऊपर की ओर उठ जाती है। जल वाष्प ऊपर जाकर ठंडे हो जाते हैं तथा हवा में उपस्थित जल वाष्प छोटी-छोटी पानी की बूंदों में संघनित हो जाते हैं। यदि कुछ कण नाभिक की तरह कार्य करें तो ये बूंदें उनके चारों ओर जम जाती हैं। प्रायः हवा में उपस्थित धूलकण तथा अन्य निलंबित कण इस क्रिया को पूरा करते हैं। इसी से बादल बनते हैं। उनसे पानी की बूंदें संघनित होने के कारण बड़ी और भारी होकर वर्षा के रूप में नीचे गिर जाती हैं।

प्रश्न 5.
मनुष्य के तीन क्रियाकलापों का उल्लेख करें जो वाय के प्रदूषण में सहायक हैं।
उत्तर-

  1. जीवाश्म ईंधन पदार्थों का ऊर्जा प्राप्ति के लिए हवा में दहन।
  2. वृक्षों की अंधाधुंध कटाई।
  3. उद्योग-धंधों की अधिकता से स्थापना।

प्रश्न 6.
जीवों को जल की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
सभी जीवों में कोशिकाएं होती हैं। कोशिकाएं जीव द्रव्य से बनी होती हैं जिसमें लगभग 90% जल होता है। कोशिकाओं की सारी सक्रियता जल के माध्यम से ही हो पाती है। जल की अनुपस्थिति में वे जीवित नहीं रह सकतीं इसलिए जीवों को जल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 7.
जिस गांव/शहर/नगर में आप रहते हैं वहां पर उपलब्ध शुद्ध जल का मुख्य स्रोत क्या है ?
उत्तर-
हमारे नगर में मीठे पानी का स्रोत भूमिगत जल है जिसे भूमि से निकाल कर टैंकों में स्टोर कर लिया जाता है तथा नगरवासियों को वितरित कर दिया जाता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 8.
क्या आप किसी क्रियाकलाप के बारे में जानते हैं जो इस जल के स्रोत को प्रदूषित कर रहा
उत्तर-
हमारे नगर में अनेक उद्योग-धंधे हैं जिनमें रंगों तथा रासायनिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है। रंग और रासायनिक पदार्थ पानी में घुलते हैं और धीरे-धीरे मिट्टी में अवशोषित होते जाते हैं। अब तक अनेक क्षेत्रों में इनके द्वारा भूमिगत पानी प्रदूषित किया जा चुका है और आने वाले समय में ये उद्योग-धंधे एक बड़ा संकट खड़ा करने ही वाले हैं। पानी में घुले हुए पारा, आर्सेनिक, सीसा जैसे हानिकारक तत्व अनेक भयंकर बीमारियों के कारण बन जाएंगे।

प्रश्न 9.
मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है ?
उत्तर-
मृदा चट्टानों के टूटने-फूटने से बनती है। हज़ारों और लाखों वर्षों के लंबे समयांतराल में पृथ्वी की सतह या उसके समीप पाए जाने वाले पत्थर विभिन्न प्रकार के भौतिक, रासायनिक तथा कुछ जैव प्रक्रमों द्वारा टूट जाते हैं। टूटने के बाद सबसे अंत में बचा महीन कण मृदा है। सूर्य, जल, वायु तथा जीव ऐसे कारक हैं जो मृदा बनाने में सहायक हैं।

प्रश्न 10.
मृदा-अपरदन क्या है ?
उत्तर-
मृदा-अपरदन (Soil Erosion) – जल और वायु के प्रकोप से कई बार भूमि को ऊपरी सतह जल के साथ बह जाती है या वायु द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर चली जाती है। भूमि का इस प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर बह जाना मृदा अपरदन (Soil Erosion) कहलाता है।

प्रश्न 11.
अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं ?
उत्तर-
रोकने तथा कम करने के तरीके – मृदा अपरदन रोकने तथा कम करने के लिए निम्नलिखित ढंग अपनाये जा सकते हैं-

(1) भूमि को समतल करना – ढालू भूमि से वर्षा का पानी ढाल की दिशा में तेजी से बहता है और तेज़ बहाव के कारण मिट्टी कटकर बहते पानी के साथ बह जाती है जिससे मृदा अपरदन हो जाता है। अत: भूमि को समतल रखना चाहिए।

(2) मज़बूत मेड़बंदी – खेत की मेड़बंदी करनी चाहिए ताकि खेत से पानी बाहर न बह सके और मिट्टी का कटाव न हो सके।

(3) रेतीली भूमि में जीवांश खाद का मिलाना – रेतीली भूमि हल्की होती है और हल्की मिट्टी पानी के साथ जल्दी बह जाती है। अत: रेतीली भूमियों में जीवांश पदार्थ मिलाना चाहिए ताकि मिट्टी के कण आपस में बंधे रहें तथा मिट्टी पानी के साथ न बह सके ।

(4) वनस्पति का उगना – वह भूमि जिस पर फसल या पौधे नहीं उगाए जाते, वर्षा के पानी के साथ बह जाते हैं। पौधे उगने से मिट्टी के कण जड़ों द्वारा मज़बूती से बंधे रहते हैं तथा आसानी से बहते पानी के साथ अलग नहीं होते। अत: वनस्पति उगाकर इसे रोका जा सकता है।

(5) भूमि के ढाल के विपरीत फसल उगाना – पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि प्रायः ढालू होती है। ऐसी भूमियों पर खेत की जुताई ढाल के विपरीत दिशा से करनी चाहिए तथा फसल की कतारें भी ढाल के विपरीत ही बीजनी चाहिए। ढालू भूमि पर पट्टियों से इस प्रकार खेती करनी चाहिए कि प्रत्येक पट्टी एक-दूसरे के ऊपर सीढ़ीनुमा हो ताकि पानी तेज़ न बह सके।

(6) वायुरोधक पौधे लगाना – ऐसी जगह जहाँ भूमि रेतीली हो तथा वायु तेज़ चलती हो, वहाँ खेतों के चारों ओर लंबे व घने पौधे उगाने चाहिएं ताकि वायु का तेज़ प्रभाव भूमि पर न पड़े तथा मिट्टी के कण वायु के साथ न उड़ सकें।

प्रश्न 12.
जल चक्र के क्रम में जल की कौन-कौन सी अवस्थाएं पायी जाती हैं ?
उत्तर-
वाष्प अवस्था, द्रव अवस्था और ठोस अवस्था (बर्फ)।

प्रश्न 13.
जैविक रूप से महत्त्वपूर्ण दो यौगिकों के नाम दें जिसमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन दोनों पाए जाते हैं।
उत्तर-

  1. प्रोटीन,
  2. न्यूक्लिक अम्ल।

प्रश्न 14.
मनुष्य की किन्हीं तीन गतिविधियों को पहचानें जिन से वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है।
उत्तर-

  1. उद्योग धंधों में कोयले का ईंधन रूप में प्रयोग।
  2. पेट्रोल और डीज़ल का वाहनों में प्रयोग।
  3. विद्युत् उत्पादन के लिए जीवाश्मी ईंधन का प्रयोग।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 15.
ग्रीन हाऊस प्रभाव क्या है ?
उत्तर-
ग्रीन हाऊस प्रभाव (Green House Effect) – हमारे वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की प्रतिशत मात्रा 0.04% है जो अति आवश्यक है। कार्बन डाइऑक्साइड की इस मात्रा को विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा बनाए रखा जाता है क्योंकि इसका उपयोग हरे पौधे तथा महासागर करते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड के अणुओं में पृथ्वी की सतह से परावर्तित अवरक्त विकिरणों को अवशोषित करने की क्षमता है जिससे वायुमंडल गर्म हो जाता है। इस प्रकार प्रग्रहित विकिरणों के कारण वायुमंडल के गर्म होने को ग्रीन हाऊस प्रभाव या पौधा घर प्रभाव कहते हैं। अतः वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता वातावरण को प्रभावित करती है। जलवाष्प तथा ओज़ोन में भी अवरक्त विकिरणों को प्रग्रहित करने की क्षमता होती है, इसीलिए उनको भी प्राय: ग्रीन हाऊस गैसों के रूप में माना जाता है। क्योंकि CO2 वायुमंडल में एक समान रूप से वितरित है, अत: यह ग्रीन हाऊस को जल वाष्पों या ओज़ोन से अधिक प्रभावित करती है।

प्रश्न 16.
वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-

  1. ऑक्सीजन (O2)
  2. ओज़ोन (O3)।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

PSEB 9th Class Science Guide हम बीमार क्यों होते हैं Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
पिछले एक वर्ष में आप कितनी बार बीमार हुए ? बीमारी क्या थी ? ।
(a) इन बीमारियों को हटाने के लिए आप अपनी दिनचर्या में क्या परिवर्तन करेंगे ?
(b) इन बीमारियों से बचने के लिए आप अपने आस-पड़ोस में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे ?
उत्तर-
पिछले एक वर्ष में मैं दो बार बीमार हुई। पहली बार मुझे वाइरल बुखार हुआ और दूसरी बार मलेरिया हुआ था।

(क) बीमारी से बचने के लिए प्रतिरक्षा-तंत्र का सबल होना आवश्यक है। इसलिए पौष्टिक और संतुलित भोजन खाना पसंद करूंगी। मलेरिया से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करूंगी। मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें-ऐसा प्रबंध करूंगी।

(ख) मैं अपने आस-पड़ोस में रुके हुए पानी के स्रोतों को दूर करना चाहूंगी। बंद पड़े कूलरों में भरे पानी, जगहजगह पानी से भरे बर्तनों को खाली करवाना चाहूंगी। घर के बाहर रुकी हुई गंदी नालियों को साफ कराना चाहूंगी ताकि उनमें मच्छर न पनप सकें। घर से कुछ दूर जोहड़ पर मिट्टी के तेल का छिड़काव कराना चाहूंगी ताकि मच्छरों के लारवा नष्ट हो जाएं।

प्रश्न 2.
डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा रोगियों के संपर्क में अधिक रहते हैं। पता करो कि वे अपने-आपको बीमार होने से कैसे बचाते हैं ?
उत्तर-
निश्चित रूप से डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी रोगियों के संपर्क में अधिक आने के कारण जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। बीमारी से बचने के लिए रोग प्रतिरक्षी विधियां अपनाते हैं। अच्छा पौष्टिक भोजन खाते हैं। व्यक्तिगत और अपने परिवेश को साफ-सुथरा रखते हैं। रोगी का परीक्षण करने के बाद हाथ धोते हैं। संक्रामक रोगियों के निकट जाने से पहले नाक-मुंह को ढांप लेते हैं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

प्रश्न 3.
अपने आस-पड़ोस में एक सर्वेक्षण कीजिए तथा पता लगाइए कि सामान्यतः कौन-सी तीन बीमारियां होती हैं ? इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए अपने स्थानीय प्रशासन को तीन सुझाव दीजिए।
उत्तर-
हमारे आस-पड़ोस में लोगों को सामान्यतः दस्त, मलेरिया और वायरल बुखार होता है। इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि-

  1. सड़क के किनारों पर बनी नालियों की नियमित सफाई करायें। उनमें गंदा पानी खड़ा न होने दें।
  2. नागरिकों को दी जाने वाली जल आपूर्ति क्लोरीन युक्त होनी चाहिए।
  3. जगह-जगह खड़े पानी पर मिट्टी के तेल का छिड़काव कराना चाहिए ताकि मच्छरों की वृद्धि रुक सके।

प्रश्न 4.
एक बच्चा अपनी बीमारी के विषय में नहीं बता पा रहा है। हम कैसे पता करेंगे कि
(a) बच्चा बीमार है?
(b) उसे कौन-सी बीमारी है ?
उत्तर-
(a) बच्चे का रंग पीला पड़ जाता है, बच्चे को भूख कम लगती है, बच्चे को आर्थिक थकान होती है तथा उसका वजन भी कम होने लगता है।
(b) बच्चे को पीलिया रोग हो गया है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है ? क्यों ?
(a) जब वह मलेरिया से ठीक हो रहा है ?
(b) वह मलेरिया से ठीक हो चुका है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।
(c) मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है ? क्यों ?
उत्तर-
(c) मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।

कारण – बीमारी के बाद उसके शरीर में स्वाभाविक कमज़ोरी आएगी। उस कमज़ोरी से उसके शरीर की प्रतिरक्षी क्षमता कम हो जाएगी जिसकी पूर्ति पौष्टिक और सुपाच्य भोजन से होनी थी पर चार दिन उपवास करने से प्रतिरक्षी क्षमता और भी कम हो जाएगी। चेचक एक संक्रामक रोग है जिसका संक्रमण शीघ्र हो सकता है। वह उस कमज़ोर व्यक्ति को अपना शिकार बना लेगा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में आप बीमार हो सकते हैं ? क्यों ?
(a) जब आपकी परीक्षा का समय है ?
(b) जब आप बस तथा रेलगाड़ी में दो दिन तक यात्रा कर चुके हैं।
(c) जब आपका मित्र खसरा से पीड़ित है।
उत्तर-
(c) जब आपका मित्र खसरा से पीड़ित है।
खसरा एक संक्रामक रोग है। मित्र के साथ खेलने, बैठने-उठने, बातें करने, एक साथ खाने, उसकी वस्तुओं को छूने आदि से खसरा के वाइरस हमें संक्रमित कर देंगे और हम भी उसी रोग से ग्रसित हो जाएंगे।

Science Guide for Class 9 PSEB हम बीमार क्यों होते हैं InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
अच्छे स्वास्थ्य की दो आवश्यक स्थितियां बताओ।
उत्तर-
अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्थितियों का अच्छा होना आवश्यक

प्रश्न 2.
रोगमुक्ति की कोई दो आवश्यक परिस्थितियां बताइए।
उत्तर-

  1. सामुदायिक स्वच्छता
  2. अच्छा भोजन।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

प्रश्न 3.
क्या उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर एक जैसे हैं अथवा भिन्न, क्यों ? .
उत्तर-
वास्तव में अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक स्थितियों और परिस्थितियों में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ये दोनों एक-दूसरे से इस प्रकार जुड़ी हुई हैं कि इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यदि सामुदायिक स्वच्छता हो तथा व्यक्ति को खाने के लिए पौष्टिक भोजन प्राप्त हो तो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी बना रहेगा। जब वातावरण दूषित हो; सब तरफ गंदगी फैली हो तो शारीरिक रोग तो परेशान करेंगे ही पर साथ ही मानसिक पीड़ा भी होगी। निर्धनता के कारण यदि भोजन की प्राप्ति न हो; पेट खाली रहे तो मानसिक क्लेश के साथ अल्पपोषण और कुपोषण से संबंधित रोग भी सतायेंगे। उपरोक्त दोनों प्रश्नों के उत्तर एक ही हैं। इनमें कोई मौलिक अंतर नहीं है।

प्रश्न 4.
ऐसे तीन कारण लिखिए जिससे आप सोचते हैं कि आप बीमार हैं और चिकित्सक के पास जाना चाहते हैं। यदि इनमें से एक भी लक्षण हो तो क्या आप फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहोगे ? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
उत्तर-
तीन कारण हैं-

  1. तात्कालिक कारण
  2. एर्याप्त पोषण का न होना
  3. ग़रीबी तथा लोक सेवाओं की अनुप्लब्धता।

यदि इन तीनों में से एक भी कारण हो तो हम फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहेंगे। मान लो एक बच्चा पतले दस्त से ग्रस्त है इसका कारण वायरस है यह तात्कालिक कारण है। इसका कारण यह भी हो सकता है कि बच्चा या उसका परिवार गरीब हो वह पर्याप्त भोजन न ले सका और बीमार पड़ गया। जहाँ बच्चे का परिवार रहता है वहाँ खराब लोक सेवाओं के कारण साफ पानी उपलब्ध हो सका। इसलिए यह सभी कारण किसी न किसी रूप में संबंधित हैं। वायरस कीटाणु जीव समुदाय में फैल सकते हैं तथा इनके कारण होने वाले रोग फैल भी सकते हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से किसके लंबे समय तक रहने के कारण आप समझते हैं कि आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा तथा क्यों ?
• यदि आप पीलिया रोग से ग्रस्त हैं ?
• यदि आपके शरीर पर जूं (luce) है।
• यदि आप मुंहासों से ग्रस्त हैं ?
उत्तर-
यदि आप पीलिया से लंबे समय से ग्रस्त हैं तो यह स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब है क्योंकि इसका संबंध यकृत से है। उसके लिए हीपेटाइटिस की प्रकार की जांच और उपचार होना चाहिए। जूं तथा मुंहासे तीव्र प्रभाव दिखाते हैं। यह चमड़ी के रोग लगाते हैं और सरलता से दूर हो सकते हैं तथा उनका शरीर पर प्रभाव देर तक नहीं रहता।

प्रश्न 6.
जब आप बीमार होते हैं तो आपको सुपाच्य तथा पोषण युक्त भोजन करने का परामर्श क्यों दिया जाता है ?
उत्तर-
पौष्टिक और सुपाच्य भोजन किसी भी बीमार व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक होता है। शरीर में प्रकृति के द्वारा प्रदान किया हुआ प्रतिरक्षा तंत्र होता है जो रोगाणुओं से लड़ता है और उन्हें मार देता है। यदि शरीर में बीमारी या भोजन की कमी से प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर पड़ जाता है तो वह शरीर की सुरक्षा के अपने कार्य में सफल नहीं हो पाएगा। कोशिकाएं प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा आदि से बनती हैं जो उन्हें संतुलित भोजन से ही प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 7.
संक्रामक रोग फैलने की विभिन्न विधियां कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
संक्रामक रोग मुख्य रूप से वायु, जल और लैंगिक संपर्क के माध्यम से फैलते हैं। सूक्ष्मजीवीय कारक अनेक तरीकों से किसी रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक फैलते हैं जिन्हें निम्नलिखित आधारों पर स्पष्ट कर सकते हैं-
(i) हवा से – जब कोई रोगी व्यक्ति खांसता है या छींकता है तो उसके मुंह और नाक से छोटे-छोटे बूंदक बहुत वेग से बाहर निकलते हैं। जो व्यक्ति उसके निकट होता है उसके सांस के रास्ते वे उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और उसे भी संक्रमित कर देते हैं। खांसी, जुकाम, निमोनिया, क्षय रोग आदि रोग इसी प्रकार फैलते हैं। जहां अधिक भीड़ होती है वहां हवा से फैलने वाले रोगों के संक्रमण की संभावना उतनी अधिक हो जाती अधिक भीड़-भाड़ वाले एवं कम रोशनदान वाले घरों में वायु वाहित रोग होने की संभावना अधिक होती है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं 1

(ii) पानी से – अनेक संक्रामक रोग पानी से फैलते हैं। जब बीमार व्यक्ति के अपशिष्ट पेयजल में मिल जाते हैं और कोई स्वस्थ व्यक्ति जाने-अनजाने उसे पी लेता है तो सूक्ष्मजीव उसके शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं और वह भी रोगग्रस्त हो जाता है। हैजा, पेचिश आदि रोग ऐसे ही फैलते हैं।

(iii) लैंगिक संपर्क से – जब दो व्यक्ति शारीरिक रूप से लैंगिक क्रियाओं में एकदूसरे के संपर्क में आते हैं तो सूक्ष्म जीवीय रोग संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच जाते हैं। सिफलिस, गनोरिया, AIDS आदि रोग इस प्रकार एक से दूसरे तक स्थानांतरित हो संक्रमित जाते हैं।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं 2

(iv) जंतुओं द्वारा – मच्छर, मक्खी, पिस्सू आदि संक्रमण करने वाले कारक हैं जो रोगाणुओं को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा देते हैं। संक्रमित कुत्ता, बंदर, नेवला आदि जंतु भी रेबीज़ फैलाते हैं। उनकी लार से ये रोग फैलता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

प्रश्न 8.
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए आपके अपने विद्यालय में कौन-कौन सी सावधानियां आवश्यक हैं ?
उत्तर-
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने की सावधानियाँ-

  1. विद्यार्थियों को साफ-स्वच्छ रहने, प्रतिदिन नहाने, शारीरिक स्वच्छता और व्यक्तिगत सफाई के लिए प्रेरित करना चाहिए।
  2. संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की शिक्षा देनी चाहिए ताकि उनके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा ठीक बनी रह सके।
  3. मल-मूत्र तथा अपशिष्ट का निपटान ठीक प्रकार से होना चाहिए।
  4. खुले स्थानों पर मल त्याग पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए।
  5. सीवर व्यवस्था बहुत अच्छी होनी चाहिए।
  6. विद्यालय में कैंटीन में कटे हुए फल, बिना ढकी खाद्य सामग्री आदि प्रतिबंधित होनी चाहिए।
  7. संक्रामक रोगों से ग्रसित विद्यार्थियों को तब तक विद्यालय में आने से रोक दिया जाना चाहिए जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं।
  8. मच्छर, मक्खी आदि को नष्ट कर देना चाहिए।
  9. समय-समय पर विद्यार्थियों को संक्रमण पर रोक पाने के लिए टीकों का प्रबंध करना चाहिए।

प्रश्न 9.
प्रतिरक्षीकरण क्या है ?
उत्तर-
प्रतिरक्षीकरण – विभिन्न प्रकार के संक्रमणकारी रोगों से बचने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न सदा से किए जाते रहे हैं। शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र प्रकृति के द्वारा प्रदान किया गया है जो बाहर से शरीर में प्रविष्ट होने वाले रोगाणुओं को मार देता है। प्रतिरक्षा कोशिकाएं संक्रमण से पहले उन्हें नष्ट कर देती हैं। टीके के दवारा शरीर में विशिष्ट संक्रमण प्रविष्ट कराए जाते हैं जो वास्तव में रोग नहीं करते बल्कि रोग करने वाले रोगाणुओं को रोग करने से रोकते हैं। जब रोगाणु प्रतिरक्षा तंत्र पर पहली बार आक्रमण करते हैं तो प्रतिरक्षा तंत्र उनके प्रति विरोध कर उनके विशिष्ट रूप का स्मरण कर लेता है। जब दुबारा वही रोगाणु या उसमें मिलता-जुलता रोगाणु संपर्क में आता है तो पूरी शक्ति से उस पर हमला कर उसे नष्ट कर देता है। इससे पहले संक्रमण की अपेक्षा दूसरा संक्रमण शीघ्र समाप्त हो जाता है। यही प्रतिरक्षीकरण है।

प्रश्न 10.
आपके पास में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण के कौन-से कार्यक्रम उपलब्ध हैं ? आपके क्षेत्र में कौन-कौन सी स्वास्थ्य संबंधी मुख्य समस्या है ?
उत्तर-
हमारे पास में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में अनेक ऐसे कार्यक्रम उपलब्ध हैं जहां टीकाकरण किया जाता है। छोटे बच्चों के लिए ट्रिपिल वैक्सीन (DPT) – काली खांसी, डिप्थीरिया, टैटनस, चिकन पॉक्स, तपेदिक के टीकों का प्रबंध है। प्रतिरेबीज़, हिपेटाइटिस, टायफाइड आदि का टीकाकरण किया जाता है।

हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी मुख्य समस्या मलेरिया, खसरा और रेबीज़ की है। जगह-जगह रुका हुआ पानी मच्छरों को बढ़ाने के कारण हैं तो सड़कों-गलियों में आवारा कुत्तों की भीड़ रेबीज़ का कारण बनती है। स्थानीय प्रशासन इस विषय में कुछ नहीं कर रहा।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 12 ध्वनि Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 12 ध्वनि

PSEB 9th Class Science Guide ध्वनि Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
ध्वनि क्या है और कैसे उत्पन्न होती है ?
उत्तर-
ध्वनि- ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों में सुनने का अनुभव पैदा करती है।
ध्वनि उत्पन्न करना-हम भिन्न-भिन्न वस्तुओं में तुनका लगाकर, रगड़ कर, फूंक मार कर अथवा उनको हिलाकर ध्वनि उत्पन्न कर सकते हैं। अर्थात् वस्तुओं में कंपन पैदा करके ध्वनि उत्पन्न की जा सकती है। कंपन का अर्थ है किसी वस्तु को तीव्रता से बार-बार इधर-ऊधर गति कराना।

प्रश्न 2.
एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में संपीडन तथा विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि के संचरण के लिए वायु सबसे अच्छा और सामान्य माध्यम है। वायु में उत्पन्न कोई ध्वनि जब कोई कंपमान वस्तु आगे की ओर करती है तो अपने सामने की वायु को पीछे धक्का देकर संपीडित करती है। इससे एक उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इसे संपीडन (C) कहते हैं। यह संपीडन कंपमान वस्तु से दूर आगे की ओर गति करता है। जब कंपमान वस्तु पीछे की ओर कंपन करती है तो एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसे विरलन (R) कहते हैं जब वस्तु आगे और पीछे तेज़ी से गति करती है तो वायु में संपीडन और विरलन की एक श्रेणी बन जाती है। यही संपीडन और विरलन ध्वनि तरंग उत्पन्न करते हैं जो माध्यम से होकर संचरित होती है। संपीडन उच्च दाब का और विरलन निम्न दाब का क्षेत्र है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 1

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 3.
किस प्रयोग से यह दर्शाया जा सकता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
ध्वनि संचरण के लिए द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता – ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है तथा इसके संचरण के लिए किसी पदार्थ जैसे वायु, जल, स्टील आदि का होना आवश्यक है। ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती है। इसे निम्नलिखित प्रयोग द्वारा दर्शाया जा सकता है :

प्रयोग – एक विदयुत् घंटी और एक काँच का वायुरुद्ध बेलजार लो। विद्युत् घंटी को बेलजार में कार्क की सहायता से लटकाइए। एजार को एक निर्वात पंप से जोडिए। घंटी के स्विच को दबाने पर आपको उसकी ध्वनि सुनाई देती है। अब निर्वात पंप को चलाइए। जैसे-जैसे बेलजार की वायु धीरे-धीरे बाहर निकलती है, घंटी की ध्वनि धीमी होती जाती है यद्यपि उसमें पहले जैसे ही विद्युत् धारा प्रवाहित हो रही है। कुछ समय बाद जब बेलजार में बहुत कम वायु रह जाएगी तब आपको बहुत धीमी ध्वनि सुनाई देगी। यदि बेलजार की समस्त वायु निकाल दी जाए तो घंटी की ध्वनि नहीं सुनाई देगी। इससे सिद्ध होता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 2

प्रश्न 4.
ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है ?
उत्तर-
ध्वनि तरंगों अनुदैर्ध्य तरंगें कहलाती हैं। इन तरंगों में माध्यम के कणों का विस्थापन विक्षोभ के संचरण की दिशा के समांतर होता है। कण एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति नहीं करते बल्कि अपनी विराम अवस्था से आगे-पीछे दोलन करते हैं। क्योंकि ध्वनि तरंगें इसी प्रकार संचरित होती हैं, इसलिए ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं।

प्रश्न 5.
ध्वनि का कौन-सा अभिलक्षण किसी अन्य अंधेरे कमरे में बैठे आपके मित्र की आवाज़ पहचानने में आप की सहायता करता है ?
उत्तर-
ध्वनि की गुणवत्ता लक्षण के आधार पर हम अंधेरे कमरे में बैठे मित्र की आवाज़ को पहचान सकते हैं।

प्रश्न 6.
तड़ित की चमक तथा गर्जन साथ-साथ उत्पन्न होते हैं। लेकिन चमक दिखाई देने के कुछ सेकंड पश्चात् गर्जन सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है ?
उत्तर-
आकाशीय तड़ित की चमक तथा बादल की गर्जन एक साथ उत्पन्न होते हैं परंतु प्रकाश की चाल (3 × 108 m/s) ध्वनि की चाल (340m/s) से बहुत अधिक है। इसलिए ध्वनि गर्जन की तुलना में प्रकाश की चमक पहले पहुँच जाती है।

प्रश्न 7.
किसी व्यक्ति का औसत श्रव्य परास 20Hz से 20KHz है। इन दो आवृत्तियों के लिए ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए। वायु में ध्वनि का वेग 344 ms-1 लीजिए।
उत्तर
(i) पहली स्थिति जब श्रव्य परास की निम्नतम सीमा है-
ध्वनि की आवृत्ति (v1) = 20 Hz
वायु में ध्वनि का वेग (V1 ) = 344 ms-1
तरंग दैर्ध्य (λ1) = ?
हम जानते हैं, V1 = v1 × λ1
या λ1 = \(\frac{v_{1}}{v_{1}}\)
= \(\frac{344}{20}\)
∴ तरंग दैर्ध्य (λ1) = 17.2m ……………… (1)

(ii) दूसरी स्थिति जब श्रव्य परास की उच्चतम सीमा है।
अब, ध्वनि की आवृत्ति (v2) = 20KHz
= 20 × 1000Hz
= 2 × 104 Hz
वायु में ध्वनि का वेग (V2 = V1) = 344 ms-1
तरंग दैर्ध्य (λ2) = ?
∴ λ2 = \(\frac{344}{2 \times 10^{4}}\)
= \(\frac{172}{10000}\)
= 0.0172 m

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 8.
दो बालक किसी ऐलुमिनियम पाइप के दो सिरों पर हैं। एक बालक पाइप के एक सिरे पर पत्थर से आघात करता है। दूसरे सिरे पर स्थित बालक तक वायु तथा ऐलुमिनियम से होकर जाने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा लिए गए समय का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लो पाइप की लंबाई = l
वायु में ध्वनि का वेग = 346 ms-1
ऐलुमिनियम में ध्वनि का वेग = 6420 ms-1
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 3

प्रश्न 9.
किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति 100 Hz है। एक मिनट में वह कितनी बार कंपन करेगा ?
हल :
ध्वनि स्रोत की आवृति = 100Hz
अर्थात् स्रोत द्वारा 1 सेकंड में किए गए कंपनों की संख्या = 100
∴ 1 मिनट = 60 सेकंड में किए गए कंपनों की संख्या = 100 × 60
= 6000

प्रश्न 10.
क्या ध्वनि परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती है जिनका कि प्रकाश तरंगें करती हैं ? इन नियमों को बताइए।
उत्तर-
ध्वनि परावर्तन के नियम पूर्ण रूप से वही हैं जो प्रकाश तरंगें प्रदर्शित करती हैं। प्रकाश की भांति ध्वनि भी ठोस या द्रव की सतह से परावर्तित होती है। ये नियम हैं-

नियम 1. परावर्तक सतह के किसी बिंदु पर आपतित ध्वनि तरंग तथा अभिलंब के बीच का कोण तथा परावर्तित ध्वनि तरंग तथा अभिलंब के बीच का कोण सदैव बराबर होते हैं।

नियम 2. आपतित ध्वनि तरंग, अभिलंब तथा परावर्तित ध्वनि तरंग तीनों एक ही धरातल में होते हैं।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 4

प्रश्न 11.
ध्वनि का एक स्रोत किसी परावर्तक सतह के सामने रखने पर उसके द्वारा प्रदत्त ध्वनि तरंग की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। यदि स्रोत तथा परावर्तक सतह की दूरी स्थिर रहे तो किस दिन प्रतिध्वनि अधिक शीघ्र सुनाई देगी-
(i) जिस दिन तापमान अधिक हो ?
(ii) जिस दिन तापमान कम हो ?
उत्तर-
(i) जिस दिन तापमान अधिक है उस दिन ध्वनि की चाल अधिक होगी। इसलिए उस दिन प्रति ध्वनि शीघ्र सुनाई देगी।

प्रश्न 12.
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लिखिए।
उत्तर-
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के व्यावहारिक उपयोग-

1. स्टेथोस्कोप एक डॉक्टरी उपकरण है जो शरीर के भीतर मुख्य रूप से हृदय तथा फेफड़ों में उत्पन्न होने वाली ध्वनि को सुनने के काम आता है। स्टेथोस्कोप में रोगी के हृदय की धड़कन की ध्वनि बार-बार परावर्तन के कारण डॉक्टर के कान तक पहुँचती है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 5

2. मैगाफोन अथवा लाउडस्पीकर, हॉर्न, तूती, शहनाई जैसे संगीतक यंत्र का अग्रिम खुला भाग शंक्वाकार बनाया जाता है ताकि जो स्रोत से उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगों को बार-बार परावर्तित करके श्रोताओं की ओर आगे की दिशा में भेजा जा सके।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 6

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 13.
500 मीटर ऊँची किसी मीनार की चोटी से एक पत्थर मीनार के आधार पर स्थित एक पानी के तालाब में गिराया जाता है। पानी में इसके गिरने की ध्वनि चोटी पर कब सुनाई देगी ?
(g = 10 ms-2 तथा ध्वनि की चाल = 340 ms-1)
हल :
यहां आरंभिक वेग (u) = 0
मीनार की ऊँचाई (अर्थात् तय की गई दूरी) (S) = 500 मीटर
गुरुत्वीय त्वरण (g) =10 ms-2
समीकरण S = ut + \(\frac {1}{2}\) gt2 से
500 = 0 × t +\(\frac {1}{2}\) × 10 × t2
500 = 0 + 5 × t2
t2 = \(\frac{500}{5}\)
= 100
∴ t = \(\sqrt{100}\) = 10 सेकंड
अब ध्वनि ने ऊपर की दिशा में चोटी की ओर जाना है तथा ध्वनि का वेग ‘g’ से मुक्त है
∴ t’ = PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 7
= \(\frac{500}{340}\)
= 1.47 सेकंड
ध्वनि को ऊपर आने में लगा कुल समय = t + t’
= (10 + 1.47) सेकंड
= 11.47 सेकंड उत्तर

प्रश्न 14.
एक ध्वनि तरंग 339 ms-1 की चाल से चलती है। यदि इसकी तरंगदैर्ध्य 1.5cm हो तो तरंग की आवृति कितनी होगी ? क्या ये श्रव्य होगी ?
हल :
ध्वनि की तरंग चाल (v) = 339ms-1
तरंगदैर्ध्य (λ) = 1.5 cm
= \(\frac{1.5}{100}[latex] m = 0.015m
तरंग आवृति (v) = ?
हम जानते हैं, आवृत्ति (v) = [latex]\frac{v}{\lambda}\)
= \(\frac{339}{0.015}\)
= 22600 Hz
हाँ, यह ध्वनि तंरगें परा श्रव्य हैं क्योंकि इनकी आवृत्ति श्रव्य परास (20 Hz से 20000 Hz) के अंदर नहीं है।

प्रश्न 15.
अनुरणन क्या है ? इसे कैसे कम किया जा सकता है ?
उत्तर-
अनुरणन (Reverberation) – ध्वनि का परावर्तन अनुरणन कहलाता है। यदि किसी बड़े हाल या भवन में ध्वनि के उत्पन्न होने के पश्चात् ध्वनि का दीवारों तथा छत से बार-बार परावर्तन हो। जिस कारण ध्वनि लगातार बनी रहे, को अनुरणन (गूंज) कहते हैं। अनुरणन अनावश्यक ध्वनि होती है क्योंकि इस कारण स्पष्ट सुनाई नहीं देता है। इसे कम करने के लिए हाल या भवन की दीवारों तथा छत के ऊपर ध्वनि शोषक पदार्थ जैसे संपीडित फाइबर बोर्ड खुरदरा पलस्तर अथवा भारी पर्दे लगा कर ढक दिया जाता है।

प्रश्न 16.
ध्वनि की प्रबलता से क्या अभिप्राय है ? यह किन कारकों पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
ध्वनि की ‘प्रबलता’ कानों की संवेदनशीलता का माप है। यह ‘तीव्रता’ के समान किसी एकांक क्षेत्रफल

से एक सेकंड में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा नहीं है। दो ध्वनियां समान तीव्रता की हो सकती हैं पर फिर भी इनमें से एक को दूसरे की अपेक्षा अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुन सकते हैं क्योंकि हमारे कान इसके लिए अधिक संवेदनशील हैं।

प्रश्न 17.
चमगादड़ अपना शिकार पकड़ने के लिए पराध्वनि का उपयोग किस प्रकार करता है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर-
चमगादड़ गहरे अंधेरे में अपने भोजन को खोजने के लिए उड़ते समय पराध्वनि तंरगें उत्पन्न करता है तथा परावर्तन के पश्चात् इनका संसूचन करता है। चमगादड़ द्वारा उत्पन्न उच्च तारत्व के पराध्वनि स्पंद अवरोधों या कीटों से परावर्तित होकर चमगादड़ के कानों तक पहुँचते हैं। इन परावर्तित स्पंदों की प्रकृति से चमगादड़ को ज्ञात हो जाता है कि अवरोध या कीट कहाँ पर है तथा वह किस प्रकार का है। वह सरलता से उनका शिकार कर लेता है?
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 8

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 18.
वस्तुओं को साफ़ करने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे करते हैं ?
उत्तर-
पराध्वनि प्रायः वस्तुओं के उन भागों को साफ़ करने में उपयोग की जाती है जहाँ तक पहुँचना कठिन होता है। सर्पिलाकार नली, विषम आकार के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक अवयव आदि को साफ़ करना कठिन होता है। जिन वस्तुओं को साफ़ करना होता है उन्हें साफ़ करने वाले मार्जन विलयन में रखते हैं और इस विलयन में पराध्वनि तंरगें भेजी जाती है। उच्च आवृत्ति के कारण धूल, चिकनाई तथा गंदगी के कण अलग होकर नीचे गिर जाते हैं। इससे वस्तु पूर्णतया साफ़ हो जाती है।

प्रश्न 19.
सोनार की कार्यविधि तथा उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 9
सोनार एक ऐसी युक्ति है जिसमें जल में स्थित पिंडों की दूरी, दिशा तथा चाल मापने के लिए पराध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।
कार्यविधि – सोनार में एक प्रेषित तथा एक संसूचक होता है। इसे किसी नाव या जहाज़ में लगाया जाता है।

प्रेषित पराध्वनि तंरगें उत्पन्न तथा प्रेषित करता है। ये तंरगें समुद्र तल में पिंड से टकराने के पश्चात् परावर्तित होकर संसूचक द्वारा ग्रहण कर ली जाती हैं। संसूचक पराध्वनि तरंगों को विद्युत् संकेतों में बदल देता है जिनकी उचित रूप से व्याख्या कर ली जाती है। जल में ध्वनि की चाल तथा पराध्वनि के प्रेषण तथा अभिग्रहण के समय अंतराल को ज्ञात करके उस पिंड की दूरी की गणना की जा सकती है।

पिंड की दूरी का परिकलन – मान लीजिए पराध्वनि संकेत के प्रेषण तथा अभिग्रहण का समय अंतराल ‘t’ है। जल में ध्वनि की चाल ‘v’ तब सतह से पिंड की दूरी 2d होगी।
2d = v × t

इस विधि को प्रतिध्वनिक-परास कहते हैं। सोनार की तकनीक का उपयोग समुद्र की गहराई ज्ञात करने तथा जल के अंदर स्थित चट्टानों, पनडुब्बियों तथा डूबे हुए जहाज़ आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 20.
एक पनडुब्बी पर लगी एक सोनार युक्ति संकेत भेजती है और उनकी प्रतिध्वनि 5s पश्चात् ग्रहण करती है। यदि पनडुब्बी से वस्तु की दूरी 3625m हो तो ध्वनि की चाल की गणना कीजिए।
हल :
ध्वनि तरंग के प्रेषण तथा सुंसाचन के बीच में लगा समय (t) = 5 s
समुद्र की गहराई (d) = 3625 m
प्रतिध्वनि द्वारा तय की गईं दूरी (2d) = 2 × 3625 m
= 7250 m
हम जानते हैं, 2d = ध्वनि की चाल × समय
7250 = ध्वनि की चाल × 5
∴ ध्वनि की चाल (υ) = \(\frac{7250}{5}\)
= 1450 m/s

प्रश्न 21.
किसी धातु के ब्लॉक में दोषों का पता लगाने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे किया जाता है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर-
उद्योगों में पराध्वनि का उपयोग धातु के ब्लॉकों में दरारों तथा अन्य प्रकार के दोषों का पता लगाने के लिए किया जाता है। धात्विक घटकों को प्रायः बड़े-बड़े भवनों, पुलों, मशीनों, उद्योग-धंधों तथा वैज्ञानिक उपकरणों को बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। धातु के ब्लॉकों में विद्यमान दरार या छिद्र जो बाहर से दिखाई नहीं देते, मशीनों, उपकरणों, भवनों, पुलों आदि की संरचनी की मजबूती को कम कर देते हैं। पराध्वनि तंरगे धातु के ब्लॉक से गुजारी जाती हैं और प्रेषित तरंगों का पता लगाने के लिए संसूचकों का उपयोग किया जाता है। यदि कहीं थोड़ा-सा भी दोष होता है, तो पराध्वनि तरंगों में परावर्तन हो जाता है जो दोष की उपस्थिति को दर्शाती है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 10

प्रश्न 22.
मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है ? विवेचना कीजिए।
उत्तर-
मानव कान की कार्य विधि – मनुष्य के कान के बाहरी भाग को “पिन्ना” या “कर्ण पल्लव” कहलाता
है जो आस-पास के वातावरण से ध्वनि को एकत्रित करता है। यह एकत्रित की गई ध्वनि कर्ण नाली में से गुजरती हुई कर्ण नाली के ऊपरी सिरे पर लगी पतली झिल्ली (membrane) पर गिरती है। यहाँ माध्यम के संपीड़न के कारण झिल्ली के बाहरी ओर दबाव बढ़ जाता है जो कान को भीतर की ओर धकेलता है। विरलनों के पहुंचने पर कान का पर्दा बाहर की ओर गति करता है। इस प्रकार पर्दा कंपन करना आरंभ कर देता है। कान के मध्य भाग में लगी तीन हड्डियां (हथौड़ा, एनविल तथा स्टिरिप) इन कंपनों को कई गुना बढ़ा देती है तथा इन दबाव परिवर्तनों को कान के भीतरी भाग तक पहुँचा देती हैं। यहाँ पर इस दबाव परिवर्तनों को विद्युत् संकेतों में बदल दिया जाता है तथा श्रवण तंतुओं द्वारा दिमाग तक भेज दिया जाता है। दिमाग ( मस्तिष्क) इन्हें ध्वनि के रूप में वर्णित करता है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 11

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

Science Guide for Class 9 PSEB ध्वनि InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
किसी माध्यम में ध्वनि दद्वारा उत्पन्न विक्षोभ आपके कानों तक कैसे पहँचता है ?
उत्तर-
माध्यम में ध्वनि का कानों तक संचार – जब वस्तु कंपन करते हुए आगे की ओर बढ़ती है तो यह अपने सामने पड़े वायु के कणों को संपीडित करती है जिससे उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन हो जाता है। इस क्षेत्र को संपीडन कहते हैं। यह दाब कंपन कर रही वस्तु से आगे की दिशा में गति करता है। जब ये कंपन कर रही वस्तु पीछे की दिशा की ओर कंपन करती है तो एक कम दाब वाला क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है जिसे विरलन कहते हैं।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 12

जब कंपन कर रही वस्तु आगे-पीछे की दिशा में तीव्रता पति कनी में लाद में पोडन तथा विरलन की एक श्रृंखला बन जाती है अर्थात् ध्वनि तरंग बन जाती है ! इस प्रकार एक माध्यम में ध्वनि संचार घनत्व के परिवर्तन के संचरण के रूप में होता है जो हमारे कानों तक पहँचकर ₹पनेक झिल्ली को दबाती है तथा उसमें कंपन उत्पन्न करती है जिससे हमें ध्वनि का अनुभव (‘संवेदना) होती है।

प्रश्न 2.
आपके विद्यालय की घंटी ध्वनि कैसे उत्पन्न करती है ?
उत्तर-
जब विद्यालय की घंटी को हथौड़े से चोट लगाई जाती है तो यह कंपन करना आरंभ कर देती है जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। यदि घंटी को तनिक छू दिया जाए तो हमें इन कंपनों का अनुभव होगा। तरंग एक विक्षोभ है जो माध्यम के निकटवर्ती कणों में गति उत्पन्न कर देते हैं ! ये कण इसी प्रकार की गति अन्य सटे हुए कणों में उत्पन्न करते हैं। माध्यम के कण स्वयं एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति नहीं करते परंतु विक्षोभ (हलचल) आगे बढ़ता है। अंत में ध्वनि तरंगें हम तक पहुंच जाती हैं।

प्रश्न 3.
ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है जो स्वयं उत्पन्न नहीं हो सकती है। इसे उत्पन्न करने के लिए यांत्रिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। चाहे वह ताली बजा कर है या फिर हथौड़े से घंटी को चोट लगाकर है। यह ध्वनि ऊर्जा तरंगों के रूप में माध्यम के कणों में हल-चल (विक्षोभ) उत्पन्न करके संचरित होती हैं। इसलिए ध्वनि तरंगों को यांत्रिक ऊर्जा का नाम दिया गया है।

प्रश्न 4.
मान लीजिए आप अपने मित्र के साथ चंद्रमा पर गए हुए हैं। क्या आप अपने मित्र द्वारा उत्पन्न ध्वनि को सुन पाएंगे ?
उत्तर-
ध्वनि संचरण के लिए वायु या किसी अन्य पदार्थक माध्यम की आवश्यकता होती है। चंद्रमा पर ऐसा कोई माध्यम नहीं है जिस कारण ध्वनि निर्वात में एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जा सकती है। इसलिए आप अपने मित्र से बातचीत नहीं कर सकते और अपने मित्र द्वारा उत्पन्न की गई ध्वनि को नहीं सुन सकते हैं।

प्रश्न 5.
तरंग का कौन-सा गुण निम्नलिखित को निर्धारित करता है ?
(a) प्रबलता
(b) तारत्व।
उत्तर-
(a) प्रबलता (Loudness) – किसी ध्वनि तरंग की प्रबलता का अनुमान उसके आयाम से लगाया जाता है। ध्वनि तरंगों का आयाम वस्तु को कंपन कराने के लिए बल के परिणाम पर निर्भर करता है। अधिक बल की मात्रा लगाने से प्रबल ध्वनि उत्पन्न होती है। प्रबल ध्वनि अधिक दूरी तक पहुँचती है क्योंकि इसमें अधिक ऊर्जा होती है। जैसे-जैसे ध्वनि स्रोत से दूर पहुँचती है, इसकी प्रबलता कम हो जाती है।

(b) तारत्व (Pitch)- किसी उत्सर्जित ध्वनि की आवृति को तारत्व कहते हैं। ध्वनि का तारत्व उसकी आवृति निर्धारित करती है। किसी स्रोत की कंपन जितनी अधिक होगी उतना ही तारत्व उसका अधिक होगा। इसी प्रकार ध्वनि का तारत्व कम होगा यदि उसकी आवृति कम है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 13

अधिक तारत्व वाली ध्वनि में किसी निश्चित बिंदु से एकाँक समय में गुज़रने वाले संपीड़नों की सख्या अधिक होगी।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 6.
अनुमान लगाइए कि निम्न में से किस ध्वनि का तारत्व अधिक है ?
(a) गिटार
(b) कार का हार्न।
उत्तर-
(a) गिटार।

प्रश्न 7.
किसी ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य, आवृति, आवर्तकाल तथा आयाम का क्या अभिप्राय है ? ।
उत्तर-
(i) ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य – माध्यम के किसी कण को एक कंपन करने में लगे समय के दौरान तरंग द्वारा तय की गई दूरी को तरंग-दैर्ध्य कहते हैं।

अथवा

यह लांगीच्यूडीनल अथवा (अनुदैर्ध्य) तरंग के दो निकटतम संपीडन या निरलन के बीच की दूरी होती है। तरंगदैर्ध्य को λ (ग्रीक अक्षर लैम्डा) से प्रदर्शित किया जाता है। इस का S.I. मात्रक मीयू (m) है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 14

(ii) आवृत्ति – किसी माध्यम में तरंग संचरण के दौरान माध्यम के किसी कण द्वारा एक सेकंड में पूरी की गई कंपनों की संख्या होती है। इसे से प्रदर्शित किया जाता है। आवृति का S.I. मात्रक हर्टज़ (Hz) है। आवृत्ति को किसी बिंदु से गुजरने वाली संपीडनों या विरलनों की संख्या द्वारा मापा जाता है।

(iii) आवर्तकाल – तरंग संचरण के दौरान माध्यम के किसी कण द्वारा एक कंपन को पूरा करने में लगा समय अंतराल होता है। इसे ‘T’ से प्रदर्शित किया जाता है। इसका S.I. मात्रक सेकंड है।

अथवा

ध्वनि तरंग की दो निकटतम संपीडनों या विरलनों को एक बिंदु से गुज़रने में लगा समय होता है।

(iv) आयाम – माध्यम के किसी कण का माध्य स्थिति के दोनों ओर अधिकतम विस्थापन को आयाम कहते हैं। इसे प्रायः ‘A’ अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। ध्वनि तरंग के लिए इसका मात्रक दाब या घनत्व का मात्रक होता है। ध्वनि की प्रबलता इसके आयाम पर निर्भर करता है।

प्रश्न 8.
किसी ध्वनि तरंग की तरंग-दैर्ध्य तथा आकृति उसके वेग से किस प्रकार संबंधित है ?
उत्तर-
ध्वनि तरंग को वेग (v) = तरंग-दैy (λ) × आवृत्ति (v).

प्रश्न 9.
किसी दिए हुए माध्यम में एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 220 Hz तथा वेग 440 m/s है। इस तरंग की तरंग-दैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल :
ध्वनि तरंग का वेग (v) = 440ms-1
ध्वनि की आवृत्ति (v) = 220Hz
ध्वनि तरंग का तरंग-दैर्ध्य (λ) = ?
हम जानते हैं, v = v × λ
440 = 220 × λ
∴ λ = \(\frac{440}{220}\)
अर्थात् तरंग-दैर्ध्य (λ) = 2m

प्रश्न 10.
किसी ध्वनि स्त्रोत से 450m दूरी पर बैठा हुआ कोई मनुष्य 500Hz की ध्वनि सुनता है। स्रोत से मनुष्य के पास तक पहुँचने वाले दो क्रमागत संपीडनों में कितना समय अंतराल होगा ?
हल :
दिया है, ध्वनि की आवृत्ति (v) = 500 हर्टज़ (Hz)
क्रमागत दो संपीडनों के मध्य की दूरी में लगा समय अंतराल = आवर्त काल (T) = ?
हम जानते हैं, आवर्तकाल (T) = PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 15
= \(\frac{1}{\text { आवृति }(y)}\)
= 0.002 सेकंड उत्तर

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 11.
ध्वनि की प्रबलता और तीव्रता में अंतर बताइए।
उत्तर-
ध्वनि की प्रबलता तथा तीव्रता में अंतर-

प्रबलता तीव्रता
1. ध्वनि के लिए प्रबलता कानों की संवेदनशीलता का माप है। 1. यह किसी एकाँक क्षेत्रफल से एक सेकंड में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा है।
2. ध्वनि की प्रबलता को नापा नहीं जा सकता। 2. ध्वनि की तीव्रता को नापा जा सकता है।
3. भिन्न-भिन्न प्रेक्षकों के लिए ध्वनि की प्रबलता अलग-अलग हो सकती है। 3. सभी के लिए ध्वनि की तीव्रता एक समान है।
4. पराश्रव्य तथा अवश्रव्य ध्वनि तरंगों की प्रबलता सुनाई न देने के कारण शून्य होती है। 4. पराश्रव्य तथा अवश्रव्य ध्वनि तरंगों में तीव्रता का होना संभव है।

प्रश्न 12.
वायु, जल या लोहे में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज़ चलती है ?
उत्तर-
लोहे में ध्वनि वायु और जल की अपेक्षा तेज़ चलती है। लोहे में ध्वनि का वेग 5950 ms-1 होता है।

प्रश्न 13.
कोई प्रतिध्वनि 3s पश्चात् सुनाई देती है। यदि ध्वनि की चाल 342 ms-1 हो तो स्रोत तथा परावर्तक सतह के बीच कितनी दूरी होगी ?
हल :
ध्वनि की चाल (υ) = 342ms-1
प्रति ध्वनि सुनने में लिया गया समय (t) = 3s
∴ ध्वनि द्वारा तय की गई दूरी (S) = υ × t
= 342 × 3
= 1026 m
अर्थात 35 में ध्वनि को स्रोत से परावर्तक सतह और फिर परावर्तक सतह से स्रोत तक वापिस आना है।
∴ स्रोत तथा परावर्तक सतह के बीच की दूरी = \(\frac{S}{2}\)
= \(\frac{1026}{2}\)
= 513 m

प्रश्न 14.
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार क्यों होती हैं ?
उत्तर-
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार बनाई जाती हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। ताकि ध्वनि परावर्तन के बाद परावर्तित ध्वनि हॉल के सभी भागों में एक समान पहुँचकर स्पष्ट सुनाई दे।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि 16

प्रश्न 15.
सामान्य मनुष्य के कानों के लिए श्रव्यता परास क्या है ?
उत्तर-
सामान्य मनुष्य के लिए ध्वनि की श्रव्यता परास लगभग 20Hz से 20,000 Hz तक होती है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 16.
निम्न से संबंधित आवृत्तियों के परास क्या हैं ?
(a) अवश्रव्य ध्वनि
(b) पराध्वनि।
उत्तर-
(a) अवश्रव्य ध्वनि के लिए ध्वनि की आवृत्ति सीमा 20Hz से कम है।
(b) पराध्वनि के लिए आवृत्ति सीमा 20 KHz (अर्थात् 20,000 Hz) से अधिक है।

प्रश्न 17.
एक पनडुब्बी सोनार स्पंद उत्सर्जित करती है, जो पानी के अंदर एक खड़ी-चट्टान से टकराकर 1.025 के पश्चात् वापस लौटता है। यदि खारे पानी में ध्वनि की चाल 1531 m/s हो, तो चट्टान की दूरी ज्ञात करो।
हल :
ध्वनि को पनडुब्बी से चट्टान तक और वापस आने में लगा समय = 1.02s
(अर्थात् प्रेषण तथा संसूचन के बीच लगा समय)
खारे पानी में पराध्वनि की चाल = 1531 m/s
ध्वनि द्वारा तय की गई दूरी 2d = ध्वनि की चाल × लगा समय (∵ पनडुब्बी तथा चट्टान के बीच की दूरी = d)
= 1531 × 1.02
= 1561.62 m
d = \(\frac{1561.62}{2}\) m
= 780.81 m
अर्थात् पनडुब्बी से चट्टान के बीच की दूरी (d) = 780.81 m

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

Computer Guide for Class 10 PSEB वैब डिवैल्पमैंट Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. किसी वैबसाइट की योजना बनाने के चार पड़ाव हैं ?
(a) किसी साइट का उद्देश्य
(b) दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग
(c) काम रणनीति और विषय-वस्तु एवं विकास
(d) ऊपर दिये सभी।
उत्तर-
(d) ऊपर दिये सभी।

2. उद्देश्य प्राप्त करने के लिए काम करने के ढंगों को क्या बुलाया जाता है ?
(a) काम-रणनीति
(b) योजना की रणनीति
(c) डिज़ाइन-रणनीति
(d) ऊपर वालों में से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(a) काम-रणनीति,

3. वैब सर्वर हो सकता है –
(a) खरीदा
(b) उधार लिए
(c) उपरोक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) उपरोक्त दोनों,

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

4. वैब पेज़ का आकार ज्यादा से ज्यादा नहीं होना चाहिए –
(a) एक स्क्रीन
(b) दो स्क्रीन्ज़
(c) तीन स्क्रीन्ज़
(d) चार स्क्रीन्ज़।
उत्तर-
(d) चार स्क्रीन्ज़।

5. वैब पेज़ की एक बढ़िया दिखावट किस पर निर्भर करती है ?
(a) फौंट का आकार/रंग
(b) बैक ग्राउंड रंग
(c) टेबल और ग्राफिक्स
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

6. किस टैस्टिंग के लिए इंटरनेट कनैक्शन की ज़रूरत नहीं है।
(a) ऑफलाइन टैस्टिंग
(b) ऑनलाइन टैस्टिंग
(c) उपरोक्त दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) ऑनलाइन टैस्टिंग

7. एस०ई०ओ० का मतलब है
(a) सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(b) सिस्टम इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(c) सैकरोगनाइज़ड इंजन ऑप्टीमाइजेशन
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन

8. एस०एम०एम० मतलब क्या है ?
(a) सोशल मीडिया मार्केटिंग
(b) साइंस मीडिया मार्केटिंग
(c) सिस्टम मैक्रो मीडिया
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) सोशल मीडिया मार्केटिंग

9. FTP का मतलब है
(a) File Transfer Protocol
(b) Finance Transfer Protocol
(c) Folder Transfer Protocol
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) File Transfer Protocol

10. इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए वैबसाइट की जांच करना किस नाम के रूप में जाना जाता
(a) Offline Testing
(b) Online Testing
(c) उपरोक्त दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) Online Testing

(B) रिक्त स्थान भरें

1. साइट की योजना बनाते समय साइट की ………. का फैसला अंत में लिया जाता है।
उत्तर-
पब्लिशिंग,

2. …………… आपकी साइट का पता है।
उत्तर-
डोमेन नेम,

3. डोमेन नाम के बारे में फैसला करने के बाद अगला कदम डोमेन नाम की ……… करना है।
उत्तर-
रजिस्ट्रेशन,

4. …………. दो स्क्रीनों से बड़ा नहीं होना चाहिए।
उत्तर-
वैब पेज़,

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

5. …………. टैस्टिंग इंटरनेट के बिना की जा सकती है।
उत्तर-
ऑफ लाइन,

6. किसी भी वैबसाइट के पहले पेज़ को ……….. कहा जाता है।
उत्तर-
होम पेज़।

(C) सही या गलत

1. होम पेज़ के साथ अन्य पेज़ों का कोई लिंक नहीं है।
उत्तर-
गलत,

2. साइट का पता .com, .org, .net आदि से समाप्त होता है।
उत्तर-
सही,

3. किसी साइट का ऑफलाइन टैस्ट सिर्फ एक ही ब्राऊज़र पर करना चाहिए।
उत्तर-
गलत,

4. होस्ट के लिए वैब पेज़िज़ को भेजने के लिए, हमें FTP क्लाइंट की ज़रूरत है।
उत्तर-
सही,

5. किसी साइट के ऑन लाइन टैस्टिंग के दौरान आपके कंप्यूटर को इंटरनेट से जुड़ा होना चाहिए।
उत्तर-
सही।

(D) पूरे नाम लिखो

1. IP,
2. FTP,
3. URL
उत्तर-
1. IP- Internet Protocol
2. FTP-File Transfer Protocol
3. URL-Uniform Resource Locator.

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आपकी साइट का पता कौन-सा है ?
उत्तर-
डोमेन नेम।

प्रश्न 2.
कंप्यूटर की वैबसाइट की कापी को ……….. वर्जन कहा जाता है, और वैब होस्ट ऊपर कापी को कहा ……… वर्जन कहा जाता है।
उत्तर-
लोकल, एक्सटर्नल।

प्रश्न 3.
कोई कंपनी ग्राहकों से सीधी फीड बैंक किस तरह प्राप्त कर सकती है ?
उत्तर-
सोशल मीडिया मार्केटिंग।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

प्रश्न 4.
वैबसाइट पर सभी भिन्न-भिन्न विशेषताओं की जाँच करने के लिए क्या जरूरी है ?
उत्तर-
टैस्टिंग।

प्रश्न 5.
डिज़ाइनर डाटा को नष्ट होने, मालवेयर और अन्य नुम्पानों से बच सकता है ?
उत्तर-
सुरक्षा और बैकअप का इस्तेमाल करके।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी साइट का उद्देश्य फिक्स करने के लिए महत्त्वपूर्ण तरीके बतायें।
उत्तर-
किसी साइट का उद्देश्य निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित तरीके हैं-

  • साइट के उद्देश्य इस प्रकार के हों जिनसे पता चल जाये कि साइट पर क्या डालना है।
  • साइट के दो तीन महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होने चाहिए।

प्रश्न 2.
वैबसाइट दर्शकों के लिए तैयार करने का क्या मतलब है ? संक्षेप में लिखें।
उत्तर-
दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग से भाव है साइट के दर्शकों की ज़रूरत को ध्यान में रखकर साइट का निर्माण करना। ‘साइट की दिखावट किस प्रकार की होगी ?’ यह निर्धारित करना।

प्रश्न 3.
आप अपनी साइट की कार्यनीति के बारे में किस तरह फैसला करोगे ?
उत्तर-
किसी साइट के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीकों को कार्य नीति कहा जाता है। कार्यनीति के लिए दर्शकों को ध्यान में रखकर सभी काम किये जाते हैं।

प्रश्न 4.
साइट का कन्टैंट कैसा होना चाहिए ?
उत्तर-
साइट का विषय-वस्तु दर्शकों को सभी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान होनी चाहिए। विषय-वस्तु सही स्थान पर हो और अच्छ तरीकों से व्यवस्थित किया हो।

प्रश्न 5.
डोमेन नेम से आपका क्या मतलब है ?
उत्तर-
डोमैन नेम किसी वैबसाइट का पूरा एडरैस होता है। इसकी सहायता से ही कोई साइट देखी जा सकती है।

प्रश्न 6.
डोमेन नेम को कैसे दर्ज किया जाता है ?
उत्तर-
डोमेन नेम को साइट के सर्विस प्रोवाइडर की सहायता से रजिस्टर करवाया जाता है। इसके लिए फार्म भरा जाता है और रजिस्ट्रेशन की फीस दी जाती है। इसके साथ ही यह भी चैक किया जाता है कि यह नाम पहले तो किसी ने रजिस्टर नहीं करवाया।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

प्रश्न 7.
इंटरनेट की दुनिया में सर्वर की क्या भूमिका है ?
उत्तर-
सर्वर पर हमारी साइट पड़ी होती है। यह सर्वर खरीदा जा सकता है या किराये पर लिया जाता है। सर्वर हमारी साइट को संभाल कर रखता है और जरूरत पड़ने पर दिखाता है। अतः सर्वर के बिना हमारी वैबसाइट नहीं बन सकती।

प्रश्न 8.
वैब पन्ने डिजाइन करते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर-
वैब पेज़ डिज़ाइन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा जाता है-

  • वैब पेज़ दो स्क्रीन्ज़ से लंबा नहीं होना चाहिए।
  • अगर लंबा पेज़ बनाना है तो बुकमार्क के द्वारा अंदरूनी लिंक बनायें।
  • अगर डाक्यूमैंट एक स्क्रीन से बड़ा है तो पहले सिर्फ एक पेज़ ही दिखायें। दर्शकों की मांग पर ही बाकी हिस्सा दिखाया जाये।
  • ज्यादा भारी वैब पेज़ न बनायें।

प्रश्न 9.
किसी साइट को अपलोड करने की क्या प्रक्रिया है ?
उत्तर-
साइट को अपलोड करने के लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल (FTP) का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए पहले ज़रूरी प्रोग्राम चलाया जाता है। फिर उसके द्वारा सभी फाइलें अपलोड की जाती हैं।

प्रश्न 10.
ऑफ-लाइन टैस्टिंग से क्या मतलब है ?
उत्तर-
आफ-लाइन टैस्टिंग वैबसाइट टैस्ट करने की वो तकनीक है जिसमें उसको टैस्ट करने के लिए इंटरनैट की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इसमें पहले होम पेज़ खोला जाता है और फिर सभी पेजों के लिंक चैक किए जाते हैं।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट की योजनाबंदी के भिन्न-भिन्न पड़ाव बतायें।
उत्तर-
साइट की योजनाबंदी के समय हम यह फैसला करते हैं कि साइट बनाने के लिए क्या कुछ करना है और किस प्रकार करना है। इस के मुख्य चार पड़ाव हैं-

  • साइट का उद्देश्य
  • दर्शकों के लिए डिजाइनिंग
  • कार्य नीति
  • विषय-वस्तु।

1. साइट का उद्देश्य-हर एक साइट का कोई उद्देश्य होना चाहिए। यह उद्देश्य बताता है कि हमें इस साइट में क्या कुछ डालना है। साइट से संबंधित सारा काम साइट के उद्देश्य के अनुसार होना चाहिए। साइट बनाते वक्त निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  • साइट का उद्देश्य
  • उद्देश्य की पूर्ति के लिए साइट तैयार करने का तरीका
  • उद्देश्य प्राप्ति के लिए कार्यनीति।
  • साइट तैयारी और अपडेट करने का समय।

2. दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग-उद्देश्य स्पष्ट करने के बाद अगला काम है साइट के दर्शक निर्धारित करना। यह पता करना कि कौन-कौन से लोग साइट देखेंगे। उन लोगों को ध्यान में रख कर ही साइट का डिज़ाइन तैयार किया जाता है।

3. कार्य नीति- उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीकों को कार्य नीति कहा जाता है। इसमें साइट के लिए विषयवस्तु इकट्ठा करने का ढंग, साइट बनाने का ढंग आदि शामिल होते हैं।

4. विषय-वस्तु-आखिर में विषय-वस्तु की बारी आती है। विषय-वस्तु में वे सब शामिल होता है जो हमें साइट पर दिखाना है। यह सारी सामग्री इकट्ठी की जाती है और इसको किस प्रकार किस पेज पर दिखाना है यह सब निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही साइट पर लिंकस आदि निर्धारित किए जाते हैं।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

प्रश्न 2.
वैब को अमल में लाने के लिए जरूरी निर्देशों का वर्णन करें।
उत्तर-
वैब को अमल में लाने का मतलब है कि योजनाबंदी के अनुसार काम करना। इसमें निम्नलिखित काम शामिल हैं-

  1. डोमेन नाम का चुनाव
  2. डोमेन नेम रजिस्टर करना
  3. सर्वर का चुनाव करना
  4. वैब पेज की व्यवस्था करनी
  5. दिखावट बनाना
  6. ऑफ-लाइन टैस्टिंग
  7. साइट अपलोड करनी
  8. ऑन-लाइन टैस्टिंग।

1. डोमेन नेम का चुनाव-इसमें साइट का नाम निर्धारित किया जाता है। यह नाम अपने आप में अलग होना चाहिए क्योंकि किन्हीं भी दो साइटों का नाम एक नहीं हो सकता।

2. डोमेन नेम रजिस्टर करना-इस डोमेन नेम को नाम देने वाली कंपनी के पास रजिस्टर करवाया जाता है।

3. सर्वर का चुनाव करना-सर्वर वो कंप्यूटर होता है जिस पर साइट अपलोड की जाती है। इसका भी चुनाव किया जाता है। वैब पेजों की व्यवस्था करना-वैब पेज अच्छी तरह व्यवस्थित किया जाता है।

4. इसके लिए कई बातों का ध्यान रखा जाता है। वैब पेज को ज्यादा लंबा नहीं होना चाहिए। उसमें सही ढंग के लिंक होने चाहिए।

5. दिखावट बनाना-वैब पेज की दिखावट अच्छी होनी चाहिए ताकि इसको पढ़ने और देखने का मन करे। इसमें सही मात्रा में टैक्सट, इमेज, आवाज़ और वीडियो शामिल किया होना चाहिए।

6. ऑफ-लाइन टैस्टिग-इसमें वैबसाइट को बगैर इंटरनैट से टैस्ट किया जाता है। इसमें चैक किया जाता है कि सभी लिंक आदि सही चल रहे हैं कि नहीं।

7. साइट अपलोड करना–साइट अपलोड करने का मतलब है साइट की फाइलें सर्वर पर कॉपी करना। इसके लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल का प्रयोग किया जाता है।

8. ऑन-लाइन टैस्टिंग-इस टैस्टिंग में साइट को इंटरनैट पर चैक किया जाता है कि यह सही ढंग से काम कर रही है कि नहीं। इसमें पास होने के बाद साइट बनाने का काम पूरा हो जाता

प्रश्न 3.
ऑफ-लाइन टैस्टिग और आन-लाइन टैस्टिग में अंतर बतायें।
उत्तर-
ऑफ-लाइन टैस्टिंग और ऑन-लाइन टैस्टिंग में निम्नलिखित अंतर हैं-

ऑफ-लाइन टैस्टिग ऑन-लाइन टैस्टिंग
1. इसमें इंटरनेट की ज़रूरत नहीं पड़ती। 1. इसमें इंटरनेट की ज़रूरत पड़ती है।
2. यह साइट अपलोड करने से पहले की जाती | 2. यह साइट अपलोड करने के बाद की जाती |
3. यह किसी भी कंप्यूटर पर की जा सकती है। 3. यह टैस्टिंग सिर्फ उस कंप्यूटर पर की जा
सकती है जिस पर इंटरनैट चल रहा हो।
4. आप वैब पेज़ की कोडिंग बदल सकते हो। 4. आप वैब पेज की कोडिंग बदल नहीं सकते।

प्रश्न 4.
एस० ई० ओ० क्या है ?
उत्तर-
एस० ई० ओ० का पूरा नाम सर्च इंजन ओपटीसाइजेशन है। इसका अर्थ है जब एक सर्च इंजन हमारी साइट से संबंधित कुछ सर्च करता है तो हमारी साइट के नतीजे सबसे ऊपर और बढ़िया रूप में नज़र आये। इस के लिए साइट बनाने के लिए लगातार कार्यशील रहना पड़ता है। एस०ई०ओ० यह यकीनी बनाता है कि किसी साइट को किसी खोज इंजन के लिए पहुँच योग्य बनाया जाये और संभावनाओं को सुधारा जाये कि साइट सर्च इंजन के द्वारा ढूंढ़ ली जायेगी। एस०ई०ओ० किसी खास प्रकार के सर्च इंजन के लिए की जाती है जैसे किwww.google.com, www.yahoo.com आदि।

प्रश्न 5.
एस० एम० एम० क्या है ?
उत्तर-
एस० एम० एम० का अर्थ सोशल मीडिया मार्कीटिंग होता है। एस०एम०एम० का उद्देश्य वो सामग्री तैयार करना है जो उपभोक्ता अपने सोशल नेटवर्क से शेयर करेगी ताकि उनकी कंपनी की ब्रांड एकसपोज़र बढ़ाने और ग्राहकों की पहुँच को बढ़ाने में मदद की जा सके।
एस०एम०एम० के मुख्य भागों में एस०एस०ओ० होता है जो एक नई वैबसाइट में नये और विलक्षण विज़िटर्ज को खींचने की एक रणनीति होती है। एस०एम०ओ० दो प्रकार किया जाता है।
1. कंटैंट के साथ सोशल मीडिया लिंक बटन शेयर करके
2. स्टेटमैंट या ट्वीटस को अपडेट या ब्लॉग पोस्ट करके एस०एम०एम० अपनी कंपनी ग्राहकों से सीधी फीड बैक प्राप्त करने में मदद करती है। एस०एम०एम० कई प्रकार की सोशल वैबसाइटों जैसे कि Facebook, Twitter, Linkedin, Youtube, Myspace, Orkut आदि के कारण काफी प्रचलित बनती जा रही है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

PSEB 10th Class Computer Guide वैब डिवैल्पमैंट Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. वैबसाइट के पहले पेज को ……. कहते हैं।
(a) मेन पेज
(b) सर्च इंजन
(c) होम पेज
(d) डोमेन।
उत्तर-
(c) होम पेज

2. वैबसाइट के नाम को क्या कहते हैं ?
(a) होम पेज
(b) डोमेन नेम
(c) सर्च
(d) एस०सी०ओ०।
उत्तर-
(b) डोमेन नेम

(B) रिक्त स्थान भरें

1. साइट की योजना बनाते समय सबसे आखिर में साइट के ……… बारे फैसला किया जाता है।
उत्तर-
विषय-वस्तु,

2. ………… आपकी साइट का एडरैस होता है।
उत्तर-
डोमेन नेम,

3. डोमेन नेम के बारे में फैसला करने के बाद अगला काम डोमेन नेम को …………. करवाना होता
उत्तर-
रजिस्टर,

4. ………. दो स्क्रीन्ज से लंबा नहीं होना चाहिए।
उत्तर-
वैब पेज,

5. ………… टैस्ट इंटरनेट के बिना किया जाता है।
उत्तर-
ऑफ लाइन,

6. वैबसाइट के पहले वैब पेज को ……… कहा जाता है।
उत्तर-
Home page.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

(C) सही या गलत-

1. एक अच्छी वैबसाइट के होम पेज का दूसरे पेज से कोई लिंक नहीं होता।
उत्तर-
गलत,

2. साइट का एडरैस .com, .org, .net आदि से समाप्त होता है।
उत्तर-
सही,

3. वैबसाइट का ऑफ-लाइन टैस्टिग सिर्फ एक ही ब्राऊज़र पर करनी चाहिए।
उत्तर-
गलत,

4. वैब पन्नों को होस्ट तक भेजने के लिए FTP क्लाइंट की ज़रूरत पड़ती है।
उत्तर-
सही,

5. ऑन लाइन टैस्ट करने के समय आपका कंप्यूटर इंटरनैट से जुड़ा हुआ होना चाहिए।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
विषय-वस्तु क्या होता है ?
उत्तर-
विषय-वस्तु का अर्थ है साइट पर पाई जाने वाली सामग्री।

प्रश्न 2.
डोमेन नेम किसको कहते हैं ?
उत्तर-
किसी वैबसाइट के पते को डोमेन नेम कहा जाता है।

प्रश्न 3.
अपलोडिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
अपनी वैबसाइट को इंटरनैट पर डालने की क्रिया को अपलोडिंग कहते हैं।

प्रश्न 4.
टैस्टिग का क्या मतलब है ?
उत्तर-
किसी वैबसाइट के सभी लिंक चैक करने की क्रिया को टैस्टिंग कहा जाता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

प्रश्न 5.
टेस्टिंग कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर-
टैस्टिंग दो तरह की होती है
1. ऑफ-लाइन टैस्टिंग
2. ऑन-लाइन टैस्टिंग।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट की योजनाबंदी से आपका क्या भाव है ?
उत्तर-
योजनाबद्ध तरीके से बनाई गई वैबसाइट प्रभावशाली होती है। कोई भी वैबसाइट बनाने से पहले उसकी योजना बना लेनी चाहिए। अगर योजना से काम करोगे तो उद्देश्य की पूर्ति होगी। वैबसाइटों के द्वारा हम संचार करवाते हैं। वैबसाइट के डिज़ाइन के समय सब से पहली महत्त्वपूर्ण बात है वैब साइट का उद्देश्य (Goal)। वैबसाइट का निर्माण हमेशा उसके उद्देश्य को मुख्य रख कर ही करना चाहिए।

प्रश्न 2.
कार्यनीति पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
जब आप फैसला कर लेते हो तो आपको कार्यनीति के बारे में सोचना पड़ेगा। उद्देश्य (goal) की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों के तरीके को कार्य नीति कहा जाता है। आप अपनी साइट में कई प्रकार की सूचनाएं शामिल कर सकते हो। जैसे कि-

  • टैक्सट सूचना
  • आडियो या सूचना
  • वीडियो सूचना।

एक अच्छी वैबसाइट साधारण (Simple) होती है। दूसरे शब्दों में वैबसाइट जटिल नहीं होनी चाहिए।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
साइट के उद्देश्य पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
साइट का कोई विशेष उद्देश्य या मनोरथ होना चाहिए। साइट का उद्देश्य हमें बताता है कि हमें इसमें क्या कुछ डालना है। आप विस्तारपूर्वक और सजावट वाली साइट तैयार कर सकते हो, पर शर्त यह है कि वो उद्देश्य की पूर्ति ज़रूर करती हो। कोई भी साइट बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान ज़रूर रखें-

  • संस्था का उद्देश्य।
  • आपकी साइट के 2-3 महत्त्वपूर्ण उद्देश्य।
  • उद्देश्य की पूर्ति के लिए साइट तैयार करने का तरीका।
  • उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्यनीति।
  • साइट की तैयारी का समय।
  • साइट को अपडेट करने का समय।

प्रश्न 2.
दर्शकों के लिए डिज़ाइनिंग से आपका क्या भाव है ?
उत्तर-
साइट का मनोरथ स्पष्ट करने के बाद अगला काम यह जानना है कि आपकी साइट के दर्शक कौन से होंगे ? किस किस्म के लोग आपकी साइट की यात्रा करेंगे ? बच्चे, विद्यार्थी, वकील, डॉक्टर या घरेलू औरतें। यहाँ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि दर्शकों की आपकी साइट से क्या इच्छाएं हैं। उदाहरण के रूप में अगर आप पुस्तक प्रकाशक के लिए साइट डिज़ाइन कर रहे हो तो आपके दर्शक या पाठक विद्यार्थी, बच्चे, अध्यापक, प्रोफेसर और अन्य बुद्धिजीवी हो सकते हैं। इस हालत में आप अपने दर्शकों की रुचि के मुताबिक साइट का डिज़ाइन करोगे।

प्रश्न 3.
वैबसाइट को अमल में लाने के विभिन्न कार्य लिखें।
उत्तर-
साइट की संपूर्ण योजना बनाने और सूचनाओं या लिंकस के संबंध में फैसला करने के बाद इसको इंपलीमैंट अर्थात् अमल में लाने के बारे में सोचा जाता है। इसमें डोमेन नेम का चुनाव, डोमेन रजिस्टर करवाना, सर्वर का चुनाव और साइट का प्रबंध आदि गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
1. डोमेन नाम का चुनाव (Choosing Domain Name)-डोमेन नेम आपकी साइट का एडरैस होता है। डोमेन नेम असल में (इंटरनेट प्रोटोकाल) साइट का एडरैस होता है। डोमेन नेम डाटाबेस में होता है जो कि सर्वर के एडरैस की सूची में शामिल होता है। डोमेन नेम .com, .net, .org आदि नामों से समाप्त होता है। इसमें हाइफनज़ (Hyphens) शामिल होते हैं। इसमें प्रयोग किए जाने वाले अक्षरों की ज्यादा से ज्यादा गिनती 63 हो सकती है।

2. डोमेन नेम रजिस्टर करना (Registering Domain Name)-डोमेन नेम के बारे में फैसला करने के बाद डोमेन नेम रजिस्टर करवाया जाता है। आप अपनी साइट को सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा रजिस्टर करवा सकते हो। सर्विस प्रोवाइडर आपको एक फार्म भरने के लिए कहता है और फिर रजिस्टर करने के लिये आपसे फीस भी वसूल सकता है। फार्म भरने के बाद चैक किया जाता है कि आपके नाम वाला किसी और ने तो नहीं रजिस्टर करवाया। अगर नाम उपलब्ध हो तो उसके रजिस्टर होने का संदेश आपको ई-मेल के द्वारा भेज दिया जाता है।

3. सर्वर का चुनाव (Choosing a server)-साइट को अमल में लाने का एक ज़रूरी कार्य है सर्वर का चुनाव। यहाँ सर्वर का चुनाव बहुत महत्ता रखता है। सर्वर यहाँ आपकी साइट स्थायी रूप में रखता है आप अपना सर्वर खरीद सकते हो या फिर किराये पर भी ले सकते हो। वैबसाइटों की दुनिया में सर्वर का अहम रोल है। ऐसे विशेष किस्म के सर्वर को वैब सर्वर कहा जाता है। जब आप अपने ब्राऊजर पर कोई साइट खोलते हो तो यह संबंधित वैब सर्वर से जुड़ जाता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 4 वैब डिवैल्पमैंट

4. वैब पेज की व्यवस्था (Organizing Web Page)-वैबसाइट का पेज अच्छे ढंग से व्यवस्थित होना चाहिए। वैब पेज की व्यवस्था ऐसी हो कि यह साइट को बराबर दिखावट (Balanced look) प्रदान करे। पेज की व्यवस्था के समय पेज की लंबाई एक महत्त्वपूर्ण नुक्ता है। पेज डिज़ाइन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिएवैब पेज दो स्क्रीनज़ से लंबा नहीं होना चाहिए। अगर लंबा पेज इस्तेमाल करना चाहते हो तो बुकमार्क के द्वारा अंदरूनी लिंक स्थापित करें। अगर आपका डाक्यूमैंट एक स्क्रीन से बड़ा है तो पहले दर्शकों को सिर्फ कुछ भाग ही दिखायें। दर्शकों द्वारा मांग करने के बाद ही बाकी हिस्सा दिखा जाये।

5. दिखावट (Look)-वैब पेज अच्छी दिखावट वाला हो तो हर एक का पढ़ने को मन करेगा। अच्छी दिखावट के लिए वैब पेज में ज़रूरत अनुसार लिंक, ग्राफिक्स, ऐनीमेशन, साऊंड और वीडियो क्लिप शामिल होने चाहिए। वैब पेज की भिन्न-भिन्न सामग्री में विभिन्नता पर अच्छा दृष्टिगत प्रभाव होना चाहिए। साइट में उचित फौंट कलर, बैकग्राउंड कलर, टेबल, ग्राफ आदि का इस्तेमाल अच्छी दिखावट का प्रतीक होता है।

6. ऑफ-लाइन टैस्टिग (Offline Testing)-वैबसाइट के सभी पेजिज डिज़ाइन करने के बाद इसको ब्राऊजर पर टैस्ट किया जाता है। इस टैस्ट के लिए इंटरनैट की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसी कारण इसको ऑफ-लाइन टैस्ट कहा जाता है। आफ-लाइन टैस्टिग में सबसे पहले ब्राऊज़र में होम पेज खोला जाता है। फिर एक-एक करके लिंक किए हुए सभी पन्नों (Pages) को चैक किया जाता है। यहाँ यह यकीनी बनायें कि आपके पेज बढ़िया नज़र आयें। आपको अपनी साइट को भिन्न-भिन्न ब्राऊज़र्स पर टैस्ट कर लेना चाहिए।

7. साइट को अपलोड करना (Uploading the Site)-साइट को इंटरनैट पर सभी के लिए प्रदान करवाने के लिए इसको अपलोड किया जाता है। आपके वैब पन्नों को होस्ट (Host) तक भेजने के लिए फाइल ट्रांसफर प्रोटोकाल (FTP) क्लाइंट की ज़रूरत पड़ती है। इस काम के लिए सबसे पहले FTP प्रोग्राम जैसे कि क्यूट FTP (Cute FTP) सैट किया जाता है। इसके बाद ऑन-लाइन होकर अपनी फाइलों को अपलोड करें।

8. ऑन-लाइन टैस्टिंग (Online Testing)-जब आपकी साइट अपलोड हो जाती है तो आगे का स्टैप है इसको ऑन-लाइन टैस्ट करना। इंटरनेट कनैक्ट करें, ब्राऊज़र खोलें और अपनी साइट का यू०आर०एल (URL) टाइप करें। चैक करें कि आपकी साइट के सभी लिंक सही काम कर रहे हैं। इसी प्रकार अन्य ब्राऊज़र ऊपर भी चैक करें।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Computer Guide for Class 10 PSEB एच०टी०एम०एल०-II Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. फार्म किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) ई-मेल के कन्टैंट डिस्पले करने के लिए
(b) ऐनीमेशन इफैक्ट को डिस्पले करने के लिए
(c) यूज़र से इनपुट लेने के लिए
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) यूज़र से इनपुट लेने के लिए

2. CSS का पूरा नाम क्या है ?
(a) Cascading style sheet
(b) Costume style sheet
(c) Cascading system style
(d) None of the Above.
उत्तर-
(c) Cascading system style

3. वैब पेज़ में लिंक दर्शाने के लिए कौन-सा लिंक सही है ?
(a) <LINK SRC = “abc.html”>
(b)<BODY LINK = “abc.html”>
(c) <A SRC = “abc.html”>
(d) < A HERF =”abc.html”>

उत्तर-
(d) < A HERF =”abc.html”>

4. Check box बनाने के लिए कौन-सा tag फार्म में इस्तेमाल किया जाता है ?
(a) <check box>
(b) <input = ”check box”>
(c) <input = check box>
(d) <input check box>

5. निम्नलिखित में से कौन-सी सबसे ज्यादा साधारण रूप में इस्तेमाल की जाने वाली HTTP विधि ?
(a) PRF और POST
(b) GET और SET
(c) ASK और REPLY
(d) GET और POST.
उत्तर-
(d) GET और POST.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

6. क्या एक वैब पेज़ में लिंक स्थापित किया जा सकता है ?
(a) हाँ
(b) नहीं
(c) सिर्फ फ्रेम में
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(a) हाँ

7. आप एक e-mail लिंक कैसे स्थापित कर सकते हो ?
(a) .
(b) mail href = “xxx@yyy'”>
(c) xxx@yyy</mail
(d)
उत्तर-
(d)

8. एक html फार्म में एक वैब पेज़ का हिस्सा है जिसमें वो स्थान शामिल है जहाँ कि
(a) जानकारी को उपभोक्ता द्वारा फीड किया जाता है
(b) और वैबसाइट सर्वर पर भेज दी जाती है
(c) दोनों ए और बी
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ए और बी

9. एक कंटेनर टैग और एक सिंगल इनपुट आइटम में टैक्सट की बहुत सारी लाइनों को अनुमति देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
(a) Text area
(b) Check box
(c) Radio Button
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(a) Text area

10. चुनाव सूची वो सूचियाँ हैं जिसकी सूची दी गई सूची में से कौन-सा उपभोक्ता सिंगल या मल्टीपल विकल्प चुन सकता है। सूची की किस्में हैं –
(a) Scrolling lists
(b) Pull down pick-up lists
(c) Both a and b
(d) उपरोक्त कोई नहीं।
उत्तर-
(c) Both a and b.

(B) रिक्त स्थान भरें

1. ………… टैग को किसी वैब पेज़ पर एक लिंक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर-
Anchor tag

2. …………. वैब पेज़ पर दिए गए हिस्से के लिए लिंक को परिभाषित करता है।
उत्तर-
href

3. …….. का उपयोग वैब सर्वर में जानकारी को भरने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
form

4. आप टैक्सट की बहुत सारी लाइनें ……… के द्वारा फार्म में इस्तेमाल कर सकते हो।
उत्तर-
Text Area

5. एक फार्म में कई विकल्प चुनने के लिए हम …………………………… का इस्तेमाल कर सकते हैं।
उत्तर-
Check box

6. …………………… का इस्तेमाल एक बार में बहुत विकल्पों को एक ही चुनाव को देखने के लिए की जाती है।
उत्तर-
Radio Button

7. सर्वर पर जानकारी भेजने के लिए ……………………. बटन का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Submit Button

8. फार्म से सारे विकल्पों को साफ करने के लिए हम …………………….. बटन का प्रयोग कर सकते हैं।
उत्तर-
Reset Button

9. ………… वैब ब्राऊज़र विंडो को मल्टीपल HTML डाक्यूमैंट में बांटता है।
उत्तर-
Frames

10. Frametest टैग में हम ……….. और ………… को ऐट्रीब्यूट के तौर पर प्रयोग कर सकते है।
उत्तर-
Row and Colom.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

(C) सही या गलत

1. एक अनविजटिड लिंक अंडरलाइन होता है और इसका रंग नीला होता है।
उत्तर-
True

2. बुकमार्क को वैब पन्ने के बाहर लिंक को एक्सटर्नल लिंक के तौर पर जाना जाता है।
उत्तर-
False

3. वैबसाइट से बाहर वाले लिंक को एक्सटर्नल लिंक के रूप में जाना जाता है।
उत्तर-
True

4. <input type=”Password” /> टैक्सट बाक्स में स्टार (***) दिखायेगा।
उत्तर-
True

5. सिलैक्शन लिस्ट ड्राप डाउन लिस्ट को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
उत्तर-
True.

(D) पूरा नाम लिखें
1.
2. HREF
3. URL
4. BGCOLOR
5. SRC
उत्तर
1.
– Anchor Tag
2. HREF – Hyper Text reference
3. URL – Uniform Resource Locator
4. BGCOLOR – BackGround COLOR
5. SRC – Source

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी वैब पेज़ को लिंक करने के लिए कौन-सा टैग इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
Anchor log.

प्रश्न 2.
कौन-सा लिंक वैबसाइट से बाहर परिभाषित किया जाता है ?
उत्तर-
एक्सटर्नल लिंक।

प्रश्न 3.
जब एक फार्म को सबमिट किया जाता है तो कौन-सा ऐट्रीब्यूट यह परिभाषित करता है कि फार्म डाटा कहाँ भेजना है।
उत्तर-
Action ऐट्रीब्यूट।

प्रश्न 4.
यह विधि उपयोगकर्ता द्वारा यू० आर० एल० पाथ का इस्तेमाल करने के बाद फीड डाटा को इनकोड करने के लिए प्रयोग किया जाता है और सर्वर को भेजा जाता है।
उत्तर-
GET Method.

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 5.
दिए गए वैब पन्ने पर कुछ कार्यवाही करने के लिए क्या प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
बटन।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
हाईपरलिंक क्या होता है ?
उत्तर-
हाईपरलिंक HTML में एक वैब पेज़ को दूसरे वैब पेज़ से जोड़ने का एक साधन है। यह एक लिंक की तरह काम करता है। यह लिंक टैक्सट, तस्वीर आदि पर लगाया जा सकता है। जब हम इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो इससे लिंक किया पेज़ खुल जाता है।

प्रश्न 2.
लिंक की किस्मों के नाम बताएं।
उत्तर-
लिंक दो प्रकार के होते हैं

  • अंदरूनी लिंक
  • बाहरी लिंक।

प्रश्न 3.
ऐंकर टैग क्या होता है ? उदाहरणों से समझायें।
उत्तर-
ऐंकर टैग वे टैग हैं जिसका इस्तेमाल लिंक बनाने के लिए किया जाता है। इसका सिन्टैक्स अग्रलिखित है Link Text यह एक paired टैग है। HTML में हाईपरलिंक इसकी मदद से ही तैयार किए जाते हैं। उदाहरण-Go to Google

प्रश्न 4.
HTML वैब पेज़ में बुकमार्क समझायें।
उत्तर-
बुकमार्क HTML में एक पेज़ के खास हिस्से तक पहुँच का ढंग है। वैब पेज़ के ज़रूरी खास हिस्से को एक नाम दे दिया जाता है जिसका इस्तेमाल अंदरूनी लिंक में किया जाता है। कई बार इसका इस्तेमाल बाहरी लिंक में भी किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
एक लिंक के रूप में चित्र कैसे बनाया जा सकता है ?
उत्तर-
चित्र को लिंक के रूप में प्रयोग करने के लिए पहले टैग का इस्तेमाल करके चित्र इनसर्ट करें और फिर उस टैग को ऐंकर टैग की मदद से लिंक करें।
उदाहरण

प्रश्न 6.
एक फार्म क्या होता है ?
उत्तर-
फार्म यूज़र से डाटा लेकर सर्वर तक पहुँचाने का एक साधन है। फार्म में ज़रूरत अनुसार ऑबजैक्ट जैसे कि टैक्सट बॉक्स, चैक बॉक्स, रेडियो बटन आदि में प्रयोग किए जाते हैं। यूज़र इसमें डाटा ऐंटर करता है और यह डाटा सर्वर तक पहुँचाया जाता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 7.
फार्मों में चुनाव सूची का इस्तेमाल क्या है ?
उत्तर-
चुनाव सूची की मदद से यूज़र बहुत सारे उपलब्ध विकल्पों में अपनी ज़रूरत के विकल्प टाइप नहीं करने पड़ते। इससे समय की बचत होती है।

प्रश्न 8.
HTML फार्म में भिन्न-भिन्न बटनों की व्याख्या करें।
उत्तर-
HTML फार्म में निम्नलिखित बटन होते हैं-

  1. Submit-इसका इस्तेमाल डाटा सर्वर पर भेजने के लिए किया जाता है।
  2. Reset-इसका इस्तेमाल फार्म को पहली ऐंटरी को साफ करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 9.
फ्रेमों की व्याख्या करें।
उत्तर-
फ्रेम एक से ज्यादा वैब पेजों को एक वैब पेज़ में दिखाने का साधन है। इनकी मदद से हम कई वैब पेज़ों को एक पेज़ में भिन्न-भिन्न दिखा सकते हैं और सारे वैब पेज़ अपने आप में आज़ाद होते

प्रश्न 10.
उदाहरण के साथ मारकिऊ टैग और इनके गुणों को समझायें।
उत्तर-
मारकिऊ टैग का इस्तेमाल वैब पेज पर किसी टैक्सट या तस्वीर को चलता दिखाने के लिए किया जाता है। This text is scrolling जब वैब पेज़ पर किसी खास टैक्सट की तरफ यूज़र का ध्यान दिलाना होता है तो मारकिऊ टैक्सट का इस्तेमाल काफी ज़रूरी होता है। यूज़र का ध्यान सीधा उस टैक्सट की तरफ ही जाता है। इसकी मदद से हम वैब पेज़ पर अनाउसमैंट दिखा सकते हैं।

प्रश्न 11.
हम एक html फाइल में ऑडियो और वीडियो फाइलों को कैसे जोड़ सकते हैं ?
उत्तर-
html में ऑडियो और वीडियो फाइलों को ऐंकर टैग की मदद से जोड़ा जा सकता है। ऐंकर टैग के href attribute में उस ऑडियो या वीडियो फाइल का नाम डाल दिया जाता है।

प्रश्न 12.
CSS की व्याख्या करें।
उत्तर-
CSS का पूरा नाम Cascading Style Sheet है। यह अपने वैब पेज़ या पूरी वैबसाइट को एकसार डिज़ाइन देने का एक साधन है। इसमें कुछ नियम निर्धारित किए जाते हैं। हर एक नियम बताता है कि कोई खास आब्जैक्ट जैसे कि टैक्सट, हैडिंग, बैक ग्राऊंड आदि किस प्रकार दिखाई देगी।

प्रश्न 13.
CSS की किस्मों को परिभाषित करें।
उत्तर-
ये निम्नलिखित तीन प्रकार की होती हैं –

  • इनलाइन स्टाइल
  • इनटर्नल या ऐमबैरिड स्टाइल।
  • एक्सटर्नल स्टाइल।

प्रश्न 14.
रेडियो बटनों और इसके गुणों के बारे में व्याख्या करें।
उत्तर-
रेडियो बटन वे बटन होते हैं जो हमें बहुत सारे विकल्पों में सिर्फ एक विकल्प चुनने की आजादी देते हैं। रेडियो बटन की विशेषता यह है कि हमें अपने विकल्प लिखना नहीं पड़ता और न ही बाकी विकल्प काटने पड़ते हैं। यह सारा काम रेडियो बटन अपने आप ही करता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 15.
चैक बॉक्स क्या होता है ? ।
उत्तर-
चैक बॉक्स हमें बहुत सारे विकल्प प्रदान करने की सहूलियत देता है और साथ ही यह आज़ादी देता है कि हमें उन विकल्पों में से एक या ज्यादा विकल्पों का चुनाव कर सकें।

प्रश्न 16.
फार्म में प्राप्त होने की विधि का क्या काम है ?
उत्तर–
प्राप्त होने की विधि यूज़र द्वारा URL पाथ का इस्तेमाल करके फीड डाटा को एक्सैटट करने और सर्वर पर भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 17.
फार्म में पोस्ट विधि की व्याख्या करें।
उत्तर-
पोस्ट विधि का इस्तेमाल URL को बिना दखल दिए सर्वर पर डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह विधि ज्यादा सुरक्षित है। डाटा भेजने से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
दो भिन्न-भिन्न वैब पेजों को कैसे जोड़ा जाता है ?
उत्तर-
दो भिन्न-भिन्न वैब पेज़ों को जोड़ने के लिए लिंकिंग का प्रयोग किया जाता है। लिंकिंग HTML की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है। इस विशेषता के द्वारा हम किसी टैक्सट या इमेज का लिंक (संपर्क) दूसरे दस्तावेज़ से बना सकते हैं। लिंक को हाइपरटैक्सट लिंक (Hypertext link) या हाइपरलिंक (Hyperlink) भी कहा जाता है। ब्राऊज़र हाइपरलिंक को नीले रंग में दिखाता है और उसको अंडरलाइन कर देता है।

लिंक के लिए ऐंकर (anchor) टैग का प्रयोग किया जाता है। ऐंकर टैग टैग से शुरू होता है और टैग से समाप्त होता है। लिंक असल में एक-आयामी (One-Dimensional) संपर्क होता है जो मौजूदा (Source) दस्तावेज़ को दूसरे (destination) दस्तावेज़ से जोड़ता है।

ऐंकर टैग में HREF नामक ऐट्रीब्यूट प्रयोग किया जाता है। HREF ऐट्रीब्यूट लिंक किए जाने वाले डाक्यूमैंट का URL (यूनीफार्म रिसोर्स लोकेटर) सैट करता है। URL असल में डाक्यूमैंट का एडरैस होता है जैसे कि-http://www.yahoo.com/page2.html.

ऐंकर टैग का इस्तेमाल (Using an Anchor Tag)

  • ऐंकर टैग
  • टैक्सट टाइप करें। यह टैक्सट हाइपर टैक्सट के रूप में काम करेगा। (जैसे कि-Click)
  • ऐंकर टैग बंद कर दें। (जैसे कि )

आइये एक उदाहरण के द्वारा समझने की कोशिश कीजिए। नीचे की उदाहरण में page2. html डाक्यूमैंट का पाथ और VISIT to next page हाइपरलिंक है। दो भिन्न-भिन्न पेजों की कोडिंग और लिंक्स

The weather is very pleasant in Punjab VISIT to next page through this link ई-मेल एडरैस से लिंक बनाना (Linking to email address) आप ऐंकर टैग का इस्तेमाल करके ई-मेल एडरैस से लिंक बना सकते हैं। इससे यूज़र लिंक पर क्लिक करके आपको ई-मेल कर सकता है। ई-मेल एडरैस से लिंक बनाने के लिए निम्नलिखित कोड प्रयोग करें: mailme

यहाँ [email protected] मेल एडस और mailme हाइपरलिंक है। इमेज से लिंक बनाना (Linking to Image) आप किसी इमेज (चित्र) के द्वारा दूसरे डाक्यूमैंट से लिंक बना सकते हो। इसमें इमेज फाइल का नाम और उसका उचित फार्मैट लिखा जाता है। <a href=”link.”> <img src=”pc.jpg” /> </a> <a href=”link.”> <img src=”pc.jpg” /> </a> यहाँ link.html लिंक किए जाने वाले डाक्यूमैंट का नाम है।

इसी तरह imgsrc = “pc.jpg” में pc.jpg इमेज का नाम है जिसको हाईपरलिंक के रूप में प्रयोग किया जाता है। उदाहरण : इमेज के द्वारा लिंक बनाने की कोडिंगThis is page no. 1. Visit to next page please click on this image. <a> <img src=”sh.jpg” /> </a> बुकमार्क का प्रयोग (Using Bookmark)-इस के द्वारा एक या दूसरे डाक्यूमैंट के किसी विशेष भाग से लिंक बनाया जा सकता है। इसमें भी ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। इस काम के लिए प्रयोग किए जाने वाले ऐंकर को नेमड ऐंकर (Named anchor) कहा जाता है। मान लीजिये आपका वैब डाक्यूमैंट काफी बड़ा है और उसकी आउटपुट स्क्रीन पर दिखाई नहीं दे रही। इस हालत में डाक्यूमैंट के एक भाग का दूसरे भाग से लिंक बनाया जाता है।

इसको बुकमार्क (Bookmark) भी कहा जाता है। बुकमार्क को समझने के लिए कई पेजों की कोडिंग टाइप करें। आप देखोगे कि ब्राउज़र की स्क्रीन के ऊपर सारी सामग्री नज़र नहीं आ रही है। जब आप लिंक पर क्लिक करोगे तो संबंधित सूची नज़र आयेगी। बुकमार्क स्थापित करने के लिए href ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
Syntax : LinkName यहाँ चिन्ह # एक डाक्यूमैंट में लिंक को दर्शाता है। डाक्यूमैंट के भाग को दर्शाने के लिए Name ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है। Syntax : LinkName

प्रश्न 2.
विवरण के रूप में फार्म पर चर्चा करें।
उत्तर-
वैब पेज़ पर डाटा एंटर करने का एक साधन है। इसमें कई प्रकार के ऐलीमैंट जैसे टैक्सट बॉक्स, रेडियो बटन, लिस्ट बाक्स आदि शामिल किए फार्म में जो भी डाटा ऐंटर किया जाता है वो सर्वर तक पहुँचाया जाता है। इसके लिए Action और method ऐट्रीब्यूटस का प्रयोग किया जाता है।
Action : Action ऐट्रीब्यूट बताता है कि फार्म को सबमिट करने के बाद किस प्रकार की प्रोसैसिंग करनी है। इसमें एक पेज़ का स्क्रिप्ट को काल किया जाता है।
उदाहरण

Method-Method उस तरीके को दर्शाती है जिसके द्वारा यूज़र की सूचना सर्वर तक भेजी और स्टोर की जाती है। यह दो प्रकार की होती है –
1. Get Method-इस ढंग में यूज़र द्वारा URL पाथ का प्रयोग करके डाटा को ऐनकोड करने और सर्वर भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके द्वारा लिमिटिड डाटा ही भेजा जा सकता है। इसके पैरामीटर ब्राउज़र की हिस्ट्री में रहते हैं।
उदाहरण-

2. Post Method-इस ढंग में बिना URL दाखिल किए डाटा सर्व तक भेजा जाता है। यह ज्यादा सुरक्षित और पाबंदी रहित ढंग है। इसमें डाटे की कोई लिमिट नहीं होती। फार्म के एलीमैंट-फार्म में निम्ननिखित प्रकार के ऐलीमैंट दाखिल किए जा सकते हैं

  • टैक्सट बॉक्स
  • टैक्सट एरिया
  • चैक बाक्स
  • रेडियो बटन
  • सिलैक्शन लिस्ट
  • बटन।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 3.
HTML में मल्टीमीडिया कैसे जोड़ा जा सकता है ?
उत्तर-
मल्टीमीडिया का अर्थ है एक से ज्यादा मीडिया। HTML में मल्टीमीडिया अग्रलिखित ढंगों से दाखिल किया जाता है।
1. Marquee
2. आडियो और वीडियो फाइलें जोड़ना।

1. Marquee-Marquee टैक्सट तस्वीरों को गतिमान रूप में लिखने का एक ढंग है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब यूज़र का ध्यान इस टैक्सट की तरफ दिलाना हो।

2. आडियो और वीडियो फाइलें जोड़ना-HTML वैब पेज़ में आडियो या वीडियो फाइलें जोड़ी जा सकती हैं। इसके लिए ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। जब यूज़र उस लिंक पर क्लिक करता है तो वो फाइल डाउनलोड हो जाती है और फिर यूज़र उस को सुन या देख सकता है।

प्रश्न 4.
उदाहरण के रूप में भिन्न-भिन्न के बटनों के बारे में चर्चा करें।
उत्तर-
बटनों का प्रयोग किसी प्रकार की कार्रवाई के लिए किया जाता है। बटन दो प्रकार के होते हैं
1. Submit बंटन
2. Rest बटन।

1. Submit बटन-Submit बटन का प्रयोग डाटा को सर्वर तक भेजने के लिए किया जाता है। उदाहरण :<input type=”Submit” value=”“Submit” /> जब यूज़र इस पर क्लिक करता है तो डाटा सर्वर पर सबमिट हो जाता है।

2. Reset बटन-Reset बटन का प्रयोग फार्म में डाटा साफ करने के लिए किया जाता है। कई बार हम गलत डाटा एंटर कर देते हैं तो एक-एक करके डाटा साफ करने की जगह पर सिर्फ Reset बटन ही क्लिक करके सारा डाटा साफ कर दिया जाता है।

प्रश्न 5.
फार्म में सिलैक्शन सूची क्या होती है ?
उत्तर-
सिलैक्शन सूची बहुत सारे विकल्पों में एक या ज्यादा विकल्प चुनने की सहूलियत प्रदान करती है। हमें ऑप्शन टाइप नहीं करने पड़ते सिर्फ सिलैक्ट ही करने होते हैं। इसके लिए\
<select>टैग का प्रयोग किया जाता है।
</select>

<select>
<option>option 1</option>
<option>option 2</option>…………………….
<option>option</option>
</select><select>इसमें कई प्रकार के ऐट्रीब्यूट भी प्रयोग किये जाते हैं। जैसे कि1. Size-Size ऐट्रीब्यूट बताता है कि एक बार में कितने विकल्प दिखाये जा सकते हैं।
</select>

2. Value-यह वो मूल्य होता है जो सर्वर को भेजा जाता है। 3. Selected—इसमें वो मूल्य दिया जाता है जो पहले से ही सिलैक्ट किया दिखाई देगा। सिलैक्ट सूची हमारे समय की काफी बचत करती है क्योंकि हमें डाटा टाइप नहीं सिर्फ सिलैक्ट ही करना पड़ता है।

प्रश्न 6.
टैक्सट एरिया की उदाहरण के साथ व्याख्या करें।
उत्तर-
टैक्सट एरिया का प्रयोग बहुत सारी लाइनों का इनपुट लेने के लिए किया जाता है जिसके लिए टैक्सट बॉक्स छोटा साबित हो सकता है।
इसके लिए Enter data </text area> एक कंटेनर टैग है। इसमें दो ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
1. Rows
2. Cols

1. Rows : Rows ऐट्रीब्यूट बताता है कि टैक्सट एरिया की कितनी रोअ दिखाई देंगी।
2. Cols : Cols ऐट्रीब्यूट बताता है कि टैक्सट एरिया के कितने कॉल्म दिखाई देंगे। उदाहरण- Enter data in text area </text area> Name : Name ऐट्रीब्यूट टैक्सट एरिया के नाम को परिभाषित करता है।

प्रश्न 7.
उदाहरण के रूप में फ्रेमों की व्याख्या करें।
उत्तर-
फ्रेम का प्रयोग एक वैब पेज में कई वैब पेज दिखाने के लिए किया जाता है। हम हर एक फ्रेम के आकार को निश्चित कर सकते हैं और हर एक फ्रेम में एक अलग वैब पेज दिखा सकते हैं।
इसके लिए ……….. , टैग का प्रयोग किया जाता है। यह दो प्रकार का होता है।

फ्रेम सैट के निम्नलिखित ऐट्रीब्यूट हैं

  • Rows : विंडो को रोअज़ में बदलता है।
  • Cols : विंडो को कॉल्म में बदलता है।
  • Framespacing : फ्रेम में स्पेस पिक्सल बताता है।
  • Frame border : फ्रेम बार्डर दिखाने या न दिखाने में मदद करता है।
  • Border : बार्डर की मोटाई दर्शाता है।

प्रश्न 8.
फार्म में कार्रवाई (action) और विधि (Method) का क्या उद्देश्य होता है ?
उत्तर-
Action और Method फार्म टैग के महत्त्वपूर्ण ऐट्रीब्यूटस हैं। इनकी चर्चा आगे की गई है।
1. Action : Action ऐट्रीब्यूट बताता है कि जब फार्म को सबमिट करना है तो क्या करना है। इसमें एक पेज़ या स्क्रिप्ट काल की जाती है। उस पेज या स्क्रिप्ट में लिखा होता है कि डाटा का क्या करना है। उदाहरण :

2. Method : Method ऐट्रीब्यूट उस तरीके को परिभाषित करती है जिसके द्वारा यूज़र की सूचना फार्म में ऐंटर की जाती है और जिसको वैबसाइट सर्वर पर भेजा और स्टोर किया जाता है। दो तरीकों के द्वारा यह जानकारी भेजी जा सकती है। Get Method : यह ढंग यूज़र द्वारा URL पाथ का इस्तेमाल करके फीड डाटा को एनकोड करने और सर्वर को भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है। लिमिटिड डाटा सर्वर पर भेजा जा सकता है। इसके पैरामीटर ब्राउज़र की हिस्ट्री में रहते हैं।

Post Method : इस ढंग का प्रयोग URL को बिना दखल दिये सर्वर पर डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है और वैबसाइट form को GET विधि के द्वारा सर्वर को भेजने के लिए ज्यादा सुरक्षित है। डाटा भेजने में कोई पाबंदी नहीं होती। इसके मापदंड ब्राऊजर की हिस्ट्री में नहीं है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

PSEB 10th Class Computer Guide एच०टी०एम०एल०-II Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. दो पेजों को ……………………….. का प्रयोग करके जोड़ा जा सकता है।
(a) पेज
(b) गोंद
(c) बटन
(d) हाईपर लिंक।
उत्तर-
(d) हाईपर लिंक।

2. फार्म में क्या नहीं इस्तेमाल किया जाता ?
(a) बटन
(b) टैक्सट बाक्स
(c) रेडियो बटन
(d) रो।
उत्तर-
(d) रो।

3. लिंक कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5.
उत्तर-
(a) 2

4. फार्म में मैथड कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 1
(b) 2
(c) 2
(d) 4.
उत्तर-
(b) 2

(B) रिक्त स्थान भरें

1. ब्राउज़र जिस टैक्सट को उभार (Highlight) के नीले रंग में दिखाता है, को ……………………… कहा जाता है।
उत्तर-
हाईपरलिंक,

2. टेबल का कलर बदलने के लिए ……………………………… ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
BGCOLOR,

3. सैलज़ के बीच की स्पेसिंग बदलने के लिए ……………………………. ऐट्रीब्यूट का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Cell spacing,

4. ……………………….. का प्रयोग सैल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए किया जाता है।
उत्तर-
Colspan,

5. ब्राउज़र हाईपरलिंक को …………………………….. रंग में प्रदर्शित करता है।
उत्तर-
नीले,

6. एक ही डाक्यूमैंट में किसी दूसरे भाग पर जाने के लिए ……………………. का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
बुकमार्क।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

(C) सही या गलत

1. हाईपरलिंक बनाने के लिए ऐंटर टैग का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

2. इमेज दाखिल करने के लिए टैग प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

3. HREF, टैग का ऐट्रीब्यूट है।
उत्तर-
गलत,

4. हम बैकग्राउंड में फोटो लगा सकते हैं।
उत्तर-
सही,

5. SCR, टैग का ऐट्रीब्यूट है।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐंकर टैग किस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर-
ऐंकर टैग वैब पेज़ में लिंक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

प्रश्न 2.
लिंकिंग क्या होती है ?
उत्तर-
किसी एक वैब पेज में किसी टैक्सट या इमेज़ को किसी दूसरे वैब पेज से जोड़ने की क्रिया को लिंकिंग कहते हैं।

प्रश्न 3.
SCR ऐट्रीब्यूट क्या होती है ?
उत्तर-
वैब पेज पर फोटो दिखाने के लिए टैग का प्रयोग किया जाता है। इस टैग में फोटो की फाइल SCR ऐट्रीब्यूट से की जाती है।

प्रश्न 4.
इमेज को कौन-कौन से तरीकों से अलाइन किया सकता है ?
उत्तर-
इमेज को पाँच तरीकों से अलाइन किया जा सकता है।
यह हैं-

  • Left
  • Right
  • Top
  • Bottom
  • Middle

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सबमिट बटन क्या होता है ?
उत्तर-
हर फार्म में एक ऐसा बटन शामिल होना चाहिए जो डाटा फार्म सर्वर को भेजता है। आप इस बटन पर कोई भी लेबल लगा सकते हो। इसके दो ऐट्रीब्यूटस यह हैं। Type जिसकी सबमिट की जाने वाली कीमत होती है और value ऐट्रीब्यूट जो कि सबमिट बटन का नाम परिभाषित करता है, इसको बटन पर प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 2.
Marquee पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
इस टैग को टैक्सट को वैब पेज़ पर मूव (गतिमान) करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक कंटेनर टैग है। इस टैग में कुछ ऐट्रीब्यूट हैं जो साधारण रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इनको टेबल में परिभाषित किया गया है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

प्रश्न 3.
इनलाइन स्टाइल क्या होता है ?
उत्तर-
इनलाइन स्टाइल वो स्टाइल है जो सीधा HTML दस्तावेज में टैग लिखा जाता है। इनलाइन स्टाइल शीट उस हालत में इस्तेमाल की जानी चाहिए यहाँ पेज/साइट पर किसी विशेष स्टाइल को दोहराया नहीं जाता। इनलाइन स्टाइल केवल खास टैग को प्रभावित करते हैं, जिन पर इनको लागू किया जाता है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
CSS स्टाइल कितने प्रकार के होते हैं ? विस्तारपूर्वक बतायें।
उत्तर-
CSS स्टाइल निम्नलिखित प्रकार के हैं-
इनलाइन स्टाइल-इनलाइन स्टाइल वे स्टाइल हैं जिनमें सीधे HTML दस्तावेज में टैग लिखे जाते हैं। इनलाइन स्टाइल शीट उस हालत में प्रयोग की जानी चाहिए यहाँ पेज़/साइट पर किसी विशेष स्टाइल को दोहराया नहीं जाता। इनलाइन स्टाइल केवल खास टैग को प्रभावित करते हैं, जिन पर इनको लागू किया जाता इनटर्नल या एमबैडैड स्टाइलज-इसकी परिभाषा को एक पन्ने के मुख्य भाग में एक बार लिखा जाता है। इसको हर एक पन्ने पर लिखा होना चाहिए जिस पर इस स्टाइल को लगाना हो। नीचे इनटर्नल स्टाइल शीट कोऔरसैक्शन के अंदर परिभाषित किया गया है।

एमबेडैड स्टाइल वे स्टाइल हैं जो कि डाक्यूमैंट के हैड में शामिल किए जाते हैं। एमबेडैड स्टाइल उन पन्नों के टैराज को प्रभावित करते हैं जिसमें वे एमबेडैड होते हैं।

एमबेडैड स्टाइल शीटों का फायदा यह है कि यह अन्य बाहरी फाइलों को लोड करने की जगह पर पन्ने पर तुरंत लोड होता है।एक्सटर्नल स्टाइल शीट-स्टाइल परिभाषा केवल एक बार लिखी जाती है और एक फाइल में सेव की जाती है। हर वैब पेज, जो कि फाइल को प्रयोग करना चाहता हो, फाइल के HEAD भाग में फाइल का लिंक रख सकता है।

सिनटैक्सCSS एक्सटर्नल फाइल-CSS फाइलें साधारण टैक्सट फाइलें होती हैं और नोटपैड जैसे साधारण टैक्सट ऐडीटर में लिखी जा सकती है। फाइल की एक्सटैंशन CSS होती है। ज्यादातर वैबसाइटें एक्सटर्नल स्टाइल शीटों का प्रयोग करती हैं। एक्सटर्नल स्टाइल वे स्टाइल हैं जो एक अलग दस्तावेज में लिखे गए हैं और फिर कई वैब डाक्यूमैंट के साथ जुड़े होते हैं। एक्सटर्नल स्टाइल शीट्स उन दस्तावेज़ों को प्रभावित कर सकते हैं जिसके साथ वे जुड़े हुए होते हैं।

प्रश्न 2.
HTML में हम बाहरी इमेज़ और मूवी किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं ?
उत्तर-
आप अपने वैब पेज़ पर कोई बाहरी इमेज खोल सकते हो। इसी प्रकार बाहरी आवाज़ और मूवी (फिल्म) आदि को भी खोला जा सकता है। इमेज या मूवी अलग डाक्यूमैंट में खुलता है। बाहरी इमेज या मूवी देखने के लिए ऐंकर टैग का प्रयोग किया जाता है। ऐंकर टैग में HREF ऐट्रीब्यूट इस्तेमाल किया जाता है।
<a href=”Guru Nanak.gif”>link anchor </a> यहाँ और ऐंकर टैग हैं। HREF ऐट्रीब्यूट, Guru Nanak.gif इमेज का नाम और link anchor लिंक का नाम है।

इसी तरह किसी बाहरी मूवी को अलग डाक्यूमैंट में खोलने का तरीका है-
<a href=”harrypotter.mov”> view the movie Harry Potter </a> इससे हैरी पौटर की मूवी चलनी शुरू हो जायेगी। पर यहाँ याद रखने योग्य बात यह है कि संबंधित मूवी की फाइल उसी फोल्डर में पड़ी होनी चाहिए जहाँ आपका HTML डाक्यूमैंट सेव पड़ा है। टैक्सट, मूवी या साऊंड के लिए कुछ निम्नलिखित फाइल एक्सटैंशनज याद रखनी चाहिए

  • वेव (Wave) साऊंड फाइल के लिए – .Wav
  • क्विक टाइम मूवी के लिए – .Mov
  • प्लेन टैक्सट के लिए। – .txt
  • HTML डाक्यूमैंट के लिए – .html

तस्वीर दिखाना-एक वैब पेज़ में तस्वीरें भी दिखाई जा सकती हैं। यह तस्वीर किसी भी तरह की हो सकती है। इन तस्वीरों की मदद से हम अपने वैब पेज को सुंदर और आकर्षित बना सकते हैं। इसके लिए tag का इस्तेमाल किया जाता है। इस टैग में हम तस्वीर का नाम बताते हैं। हम तस्वीर को उस स्थान पर रखते हैं जो स्थान हमने टैग में लिखा होता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 3 एच०टी०एम०एल०-II

Attributes : टैग के साथ हम निम्नलिखित attributes का प्रयोग कर सकते हैं।
Width : तस्वीर की चौड़ाई बताने के लिए इस का इस्तेमाल किया जाता है। तस्वीर की चौड़ाई नंबरों या प्रतिशत में दी जा सकती है।
Height : चौड़ाई की तरह ही तस्वीर की लंबाई बताने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह भी नंबरों या प्रतिशत में दी जाती है।
Border : तस्वीर का बार्डर दिखाने के लिए इस attribute का इस्तेमाल किया जाता है।
Alignment : तस्वीर को दायें, बायें या मध्य आदि जगह पर दिखाने के लिए इस attribute का इस्तेमाल किया जाता है।
Alt : Alt attribute का प्रयोग शब्द दिखाने के लिए किया जाता है। यह शब्द तब दिखाई देते हैं जब हम माउस तस्वीर के ऊपर लेकर जाते हैं।
उदाहरण-सभी attributes के प्रयोग से टैग की उदाहरण दी गई है। <img alt=”circle” width=”70%” height=”200″ border=”5″ />