PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

PSEB 9th Class Science Guide जीवन की मौलिक इकाई Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
पादप कोशिकाओं तथा जंतु कोशिकाओं में तुलना करो।
उत्तर-
पादप कोशिका तथा प्राणी (जंतु) कोशिका में अंतर
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प्रश्न 2.
प्रोकैरियोटी कोशिकाएँ यूकैरियोटी कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं ?
उत्तर-
प्रोकैरियोटी व यूकैरियोटी कोशिकाओं में भेद-

प्रोकैरियोटी कोशिका (Prokaryotic Cell) यूकैरियोटी कोशिका (Eukaryotic Cell)
(1) ये प्राय छोटे आकार के होते हैं (1-10 μm)। (1) ये प्रायः बड़े आकार के होते हैं (5-100 um)।
(2) इसमें झिल्लियों द्वारा घिरे कोशिकांग जैसे अंतः प्रदव्यी जालिका, गाल्जीकाय, लाइसोसोम, माइटोकांड्रिया आदि अनुपस्थित होते हैं। (2) इन कोशिकाओं में झिल्लियों द्वारा घिरे सभी कोशिकांग पाए जाते हैं।
(3) इनमें राइबोसोम 70 S प्रकार के होते हैं। (3) इनमें राइबोसोम 80 S प्रकार के होते हैं।
(4) इनमें गुण-सूत्र डी० एन० ए० के बने होते हैं तथा कोशिका द्रव्य में पाए जाते हैं। (4) इनमें गुण-सूत्र डी० एन० ए० के बने होते हैं तथा केंद्रक कवक में पाए जाते हैं।
(5) इनमें गुण-सूत्र केंद्रक कला द्वारा घिरे हुए नहीं होते। (5) इनमें गुण-सूत्र केंद्रक कला द्वारा घिरे हुए होते हैं।
(6) इसमें केंद्रिकाएं अनुपस्थित होती हैं। (6) इसमें केंद्रिकाएं पाई जाती हैं।
(7) इसमें केवल एक गुण-सूत्र होता है। (7) इसमें एक से अधिक गुण-सूत्र होते हैं।
(8) इसमें कोशिका विभाजन कलिका उत्पादन (budding) अथवा खंडन (fission) विधि द्वारा होता है। (8) इसमें कोशिका विभाजन सूत्री (mitosis) अथवा अर्ध सूत्री (meiosis) विधि द्वारा होता है।

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प्रश्न 3.
यदि प्लैज्मा झिल्ली फट जाए अथवा टूट जाए तो क्या होगा ?
उत्तर-
यदि प्लैज्मा झिल्ली फट जाए अथवा टूट जाए तो कोशिका अंगक लाइसोसोम फट जाएंगे और एंजाइम अपनी ही कोशिकाओं को पाचित कर लेंगे। ऐसी स्थिति में कोशिका का जीवित रहना कठिन हो जाएगा।

प्रश्न 4.
यदि गॉल्जी उपकरण न हो तो कोशिका के जीवन में क्या होगा ?
उत्तर-
यदि गॉल्जी उपकरण न हो अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) में संश्लेषित पदार्थ कोशिका के बाहर तथा अंदर विभिन्न क्षेत्रों में नहीं आ पाएंगे। यह लाइसोसोम को बनाने में सहायक है जिससे कोशिका का अपशिष्ट निपटाया जाता है। गॉल्जी उपकरण के बिना पदार्थों का संचयन और रूपांतरण नहीं हो पाएगा।

प्रश्न 5.
कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर है ? और क्यों ?
उत्तर-
माइटोकांड्रिया कोशिका का बिजलीघर है। इसे कोशिका में भोजन पदार्थों के ऑक्सीकरण का स्थान माना जाता है। इसके श्वसन से पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। इसी कारण इसे कोशिका का ऊर्जा घर कह जाता है।

प्रश्न 6.
कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
उत्तर-
खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) पर राइबोसोम लगे होते हैं जो प्रोटीन का संश्लेषण करते हैं। चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड का संश्लेषण करती है।

प्रश्न 7.
अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है ?
उत्तर-
कोशिका झिल्ली में लचीलापन होता है जो अमीबा को बाह्य पर्यावरण से अपना भोज्य तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने में सहायता करता है। जिस प्रक्रिया से अमीबा अपना भोजन प्राप्त करता है, उसे एंडोसाइटोसिस कहते हैं। अमीबा जल में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों को अपना आहार बनाता है। वह अपने भोजन को किसी भी सतह से कूटपाद के द्वारा ग्रहण कर लेता है। जब भोज्य पदार्थ उसके संपर्क में आता है तो वह अपने कूटपादों से उसे चारों ओर से घेर लेता है और वह प्यालेनुमा रचना के द्वारा करता है जिसे खाद्यधानी या रिक्तिका कहते हैं। इस तरह खाद्य पदार्थ
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कोशिका द्रव्य में खाद्य के साथ खाद्यधानी कोशिका के भीतर एक थैली में बंद हो जाता है। अंतर्कोशिकीय पाचन प्रणाली से भोजन का पाचन एंजाइमों की सहायता से खाद्यधानी में होता है। पचा हुआ भोजन विसरण-प्रक्रिया से कोशिका द्रव्य में जाकर अवशोषित हो जाता है जिसे स्वांगीकरण कहते हैं । जो भोजन पच नहीं पाता वह शारीरिक सतह से खाद्य रिक्तिका के माध्यम से बाहर निकल जाता है। इसे बाहय क्षेपण कहते हैं।

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प्रश्न 8.
परासरण क्या है ?
उत्तर-
परासरण – जल के अणुओं की गति जब वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली के द्वारा हो तो उसे परासरण कहते हैं। प्लैज्मा झिल्ली से जल की गति जल में घुले पदार्थों की मात्रा के कारण प्रभावित होती है। जल के अणु वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली से उच्च जल की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाते हैं। वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली अपने छोटे-छोटे छिद्रों से जल अणुओं को पार गुजरने देती है पर घुलनशील पदार्थ के बड़े अणु इससे नहीं गुज़र पाते।
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परागम्य झिल्ली परासरण प्रक्रिया की घटनाएं प्रायः तीन प्रकार की होती हैं-
(क) अल्पपरासरण – यदि कोशिका को तनु घोल माध्यम में रखा जाए तो जल परासरण विधि से जल कोशिका में चला जाता है। तनु घोल में नमक या चीनी या किसी अन्य लवण की मात्रा कम और जल की मात्रा ज्यादा होती है। जल के अणु कोशिका झिल्ली के दोनों ओर आने-जाने के लिए स्वतंत्र होते हैं पर कोशिका के भीतर जाने वाले जल की मात्रा कोशिका से बाहर आने वाले जल की मात्रा से अधिक होगी। इसका परिणाम यह होता है कि कोशिका फूलने लगती है। जल में डूबी किशमिश या खुबानी इसी कारण फूल जाती हैं।
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(ख) सम परासरण – यदि कोशिका ऐसे माध्यम घोल में रखी जाए जिसमें बाहरी जल की सांद्रता कोशिका में विद्यमान जल की सांद्रता के बिल्कुल बराबर हो तो कोशिका झिल्ली से जल में से कोई शुद्ध गति नहीं होगी। जल कोशिका में आता-जाता है पर जल की जो मात्रा भीतर जाती है उतनी ही बाहर आ जाती है।

(ग) अति परासरण – यदि कोशिका के बाहर वाला घोल भीतर के घोल से सांद्र हो तो जल परासरण से कोशिका से बाहर आ जाएगा। इस स्थिति में कोशिका से ज्यादा जल बाहर आएगा और कम जल भीतर जाएगा।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें
छिले हए आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो, इन चारों को खोखला करो जिससे कि आलू के कप बन जाएँ। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है। आलू के प्रत्येक कप को जल वाले बर्तन में रखो। अब
(a) कप ‘A’ को खाली रखो,
(b) कप ‘B’ में एक चम्मच चीनी डालो,
(c) कप ‘C’ में एक चम्मच नमक डालो तथा
(d) उबले आलू से बनाए गए कप ‘D’ में एक चम्मच चीनी डालो।
आलू के इन चारों कपों को दो घंटे तक रखने के पश्चात् उनका अवलोकन करो तथा निम्न प्रश्नों का उत्तर दो :
(i) ‘B’ तथा ‘C’ खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया ? इसका वर्णन करो।
(ii) ‘A’ आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है ?
(iii) ‘A’ तथा ‘D’ आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ ? इसका वर्णन करो।
उत्तर-
छिले हुए कच्चे आलू से बने तीन तथा उबले हुए आलू से बने एक कप को चित्रानुसार जल से भरे बर्तन में रखो।
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(i) B और C कप में जल एकत्रित हो गया। कच्चे आलू से बने दोनों कप वर्णात्मक पारगम्यता का कार्य करते हैं और जल परासरण विधि से जल खोखले आलुओं के भीतर चला गया। क्योंकि उनके भीतर चीनी और नमक विद्यमान थे। यह अल्पपरासरण का परिणाम है क्योंकि आलू के कपों के अंदर जाने वाले जल की मात्रा उससे बाहर आने वाले जल की मात्रा से अधिक थी।

(ii) ‘A’ आलू का कप कच्चे आलू से बना था जो वर्णानात्मक पारगम्य झिल्ली का कार्य करता है। भीतर से खाली होने के कारण जल में कोई शुद्ध गति नहीं हुई। यह नियंत्रण का कार्य करता है।

(iii) A और D कपों में जल एकत्रित नहीं हुआ क्योंकि दोनों में बाहरी जल की सांद्रता कपों में स्थित जल की सांद्रता के बराबर थी। जिस कारण परासरण नहीं होता। कप A कच्चे आलू का बना था और भीतर से खाली था पर कप D उबले आलू का था जिसमें एक चम्मच चीनी थी। उबला होने के कारण वह वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली का कार्य नहीं करेगा। जिस कारण आलू के कपों से जल में कोई शुद्ध गति नहीं हो सकी।

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पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
कोशिका की खोज किसने और कैसे की ?
उत्तर-
कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने सन् 1665 में की थी। उन्होंने स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से कार्य की पतली काट को देखा था जिस में मधुमक्खी के छत्ते जैसी संरचना दिखाई दी थी। लेटिन भाषा में Cellulae (कोशिका) का अर्थ ‘छोटा कमरा’ है और यही नाम कोशिका के लिए प्रचलित हो गया था।

प्रश्न 2.
कोशिका को जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
कोशिका की रचना अनेक कोशिकाओं से होती है। कोशिकाओं की आकृति और आकार उनके विशेष कार्यों के अनुरूप होते हैं। कोशिकांगों के कारण ही कोई कोशिका जीवित रहती है और अपने सभी कार्य करती है इसीलिए कोशिका को जीवन की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई कहते हैं।

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प्रश्न 3.
CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका से कैसे अंदर तथा बाहर जाते हैं ? इस पर चर्चा करें।
उत्तर-
CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका झिल्ली से आर-पार विसरण प्रक्रिया द्वारा आ-जा सकते हैं।

(i) CO2 का बाहर जाना – CO2 एक कोशीय अपशिष्ट है जिसे कोशिका से बाहर निकालना आवश्यक है। जब कोशिका में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो इसकी सांद्रता वातावरण में उपस्थित CO2 की सांद्रता से बढ़ जाती है। जैसे ही कोशिका के भीतर और बाहर CO, की सांद्रता में अंतर आता है वैसे ही उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर विसरण द्वारा कोशिका से CO2 बाहर निकल जाती है।

(ii) O2 का भीतर जाना – जब कोशिका में ऑक्सीजन की सांद्रता कम हो जाती है तो वह बाहर से कोशिका में विसरण द्वारा भीतर चली जाती है।

(iii) पानी का भीतर तथा बाहर जाना – पानी भी विसरण के नियमों के अनुसार व्यवहार करता है। पानी के अणुओं की गति जब वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली से होती है तो उसे परासरण कहते हैं । प्लैज्मा झिल्ली से पानी की गति पानी में घुले हुए पदार्थों की मात्रा के कारण प्रभावित होती है। वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली से पानी के अणु उच्च पानी की सांद्रता से निम्न पानी की सांद्रता की तरफ गति करते हैं। यदि कोशिका को तनु विलयन वाले माध्यम में रखा जाए तो पानी अधिक मात्रा में होने के कारण परासरण विधि से कोशिका में चला जाएगा। पानी के अणु कोशिका झिल्ली के दोनों और आने-जाने के लिए स्वतंत्र होते हैं पर कोशिका के भीतर जाने वाले पानी की मात्रा कोशिका से बाहर आने वाले पानी की मात्रा से ज्यादा होगी, यदि कोशिका में पानी अधिक गया तो वह फूलने लगती है। यदि कोशिका को ऐसे माध्यम में रखा जाए जिसमें बाहरी पानी की सांद्रता कोशिका में विद्यमान पानी की सांद्रता के बराबर हो तो कोशिका झिल्ली से न पानी जाता है और न ही पानी आता है। यदि कोशिकाओं के बाहर वाला विलयन भीतर के घोल से सांद्र हो तो पानी परासरण से कोशिका से बाहर आ जाएगा जिस कारण कोशिका सिकुड़ जाएगी।

प्रश्न 4.
प्लैज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
लिपिड और प्रोटीन से बनी प्लैज़्मा झिल्ली लचीली होती है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है। यह कुछ पदार्थों को अंदर या बाहर आने-जाने देती है। यह अन्य पदार्थों की गति को भी रोकती है। विसरण प्रक्रिया से CO2 तथा O2 इसके आर-पार जा सकती है। जल के अणुओं की गति भी परासरण प्रक्रिया से होती है। चूंकि प्लैज्मा झिल्ली आवश्यक पदार्थों को उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर आने-जाने देती है इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।

प्रश्न 5.
क्या अब आप निम्नलिखित तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों को भर सकते हैं, जिससे कि प्रोकैरियोटी तथा यूकैरियोटी कोशिकाओं में अंतर स्पष्ट हो सके :

प्रोकैरियोटी कोशिका यूकैरियोटी कोशिका
1. आकार प्रायः छोटा (1-10 μm)
1 μm = 10-6m.
1. आकार प्रायः बड़ा (5-100 μm)
2. केंद्रकीय क्षेत्र : ………………….. और उसे ……….. कहते हैं। 2. केंद्रकीय क्षेत्र : सुस्पष्ट जो चारों ओर से केंद्रकीय झिल्ली से घिरा रहता है।
3. क्रोमोसोम : एक 3. क्रोमोसोम : एक से अधिक
4. झिल्ली युक्त कोशिका अंगक अनुपस्थित 4. …………………………

उत्तर-

प्रोकैरियोटी कोशिका यूकैरियोटी कोशिका
1. आकार प्रायः छोटा (1-10 μm)
1μm = 10-6m.
1. आकार प्रायः बड़ा (5-100 μm)
2. केंद्रकीय क्षेत्र : अस्पष्ट केंद्रक क्षेत्र में केवल क्रोमैटिन पदार्थ होता है और उसे केंद्रकाय कहते हैं। 2. केंद्रकीय क्षेत्र : सुस्पष्ट जो चारों ओर से केंद्रकीय झिल्ली से घिरा रहता है।
3. क्रोमोसोम : एक 3. क्रोमोसोम : एक से अधिक
4. झिल्ली युक्त कोशिका अंगक अनुपस्थित। 4. केंद्रकीय झिल्ली तथा झिल्ली युक्त उपस्थित।

प्रश्न 6.
क्या आप दो ऐसे अंगकों का नाम बता सकते हैं जिनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है ?
उत्तर-
माइटोकाँड्रिया तथा प्लैस्टिड में अपना DNA अणु के रूप में होता है जिनमें कोशिका के निर्माण और संगठन की सभी आवश्यक सूचनाएं होती हैं।

प्रश्न 7.
यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक अथवा रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है, तो क्या होगा ?
उत्तर-
यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक या रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है तो कोशिका का अपशिष्ट निपटाने वाला तंत्र लाइसोसोम फट जाते हैं और एंजाइम अपनी ही कोशिकाओं को पाचित कर देते हैं।

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प्रश्न 8.
लाइसोसोम को आत्मघाती थैली क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है तो लाइसोसोम फट जाते हैं और एंजाइम अपनी ही कोशिकाओं को पचा लेते हैं इसलिए लाइसोसोम को ‘आत्मघाती थैली’ कहते हैं।

प्रश्न 9.
कोशिका के अंदर प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
उत्तर-
कोशिका द्रव्य में राइबोसोम छोटे-छोटे कणों के रूप में अंतः प्रद्रव्यी जालिका के तल पर तथा केंद्रक झिल्ली के ऊपर मिलते हैं जो प्रोटीन का संश्लेषण करने में सहायक होते हैं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Book Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 4 परमाणु की संरचना

PSEB 9th Class Science Guide परमाणु की संरचना Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना-
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प्रश्न 2.
जे० जे० टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएं हैं ?
उत्तर-
टॉमसन परमाणु मॉडल की सीमाएं – जे० जे० टॉमसन ने सुझाव दिया कि परमाणु का द्रव्यमान उसके अंदर स्थित प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन के फलस्वरूप होता है जोकि परमाणु के भीतर एक समान वितरित होते हैं जैसे क्रिसमस केक के अंदर ड्राइफ्रूट (मेवा) लगा रहता है।
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यह धारणा रदरफोर्ड के सुझाव से मेल नहीं खाती थी क्योंकि उसने कहा था कि परमाणु द्रव्यमान नाभिक के अंदर स्थित प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों के कारण होता है।

प्रश्न 3.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएं हैं ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की सीमाएं – रदरफोर्ड ने अपने परमाणु मॉडल में प्रस्तुत किया कि परमाणु का पूरा द्रव्यमान नाभिक में केंद्रित होता है। नाभिक धन आवेशित होता है जिसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन विभिन्न ऊर्जा शैल में चक्कर लगाते हैं। ये ऋण आवेशित (इलेक्ट्रॉन) प्रवेगित कण चक्रीय गति करते हुए ऊर्जा विकसित करते हैं तथा ऊर्जा की हानि होने पर नाभिक में जा गिरते हैं ! इसका अभिप्राय यह हुआ कि परमाणु अस्थिर हैं जोकि सही नहीं है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 4.
बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 3
बोर का परमाणु मॉडल*
नीलस बोर ने परमाणु की संरचना के बारे निम्नलिखित मान्यताएं पेश की-

  1. परमाणु का केंद्र धन आवेशित छोटा सा ठोस भाग होता है जिसे नाभिक (Nucleus) कहते हैं। नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन उपस्थित रहते हैं।
  2. नाभिक का आयतन, परमाणु के आयतन की तुलना में बहुत छोटा होता है।
  3. ऋण-आवेशित इलैक्ट्रॉन नाभिक के चारों तरफ कुछ निश्चित पथों (आर्बिट) में चक्कर लगाते रहते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉन के विविक्त आर्बिट (Discrete orbits) कहते हैं। जब इलेक्ट्रॉन विविक्त आर्बिट में चक्कर लगाते हैं तो उनकी ऊर्जा का विकिरण नहीं होता है।
  4. जब इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हुए एक ऊर्जा कोश से किसी दूसरे ऊर्जा कोश में छलांग लगाता है तो ऊर्जा परिवर्तन होता है।

प्रश्न 5.
इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
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विभिन्न परमाणु मॉडलों की तुलना-
(i) टॉमसन का परमाणु मॉडल

  1. डिस्चार्ज ट्यूब (विसर्जन नली) प्रयोग के आधार पर टॉमसन ने यह सुझाव दिया कि परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन है तथा इसके पूरे आयतन में इलेक्ट्रॉन समरूप फैले हुए हैं।
  2. परमाणु धन आवेशित गोलाकार का बना होता है जिसमें इलेक्ट्रॉन धंसे रहते हैं।
  3. परमाणु का आकार 10-10 मी० अथवा 1°A होता है।
  4. परमाणु का द्रव्यमान समान रूप से पूर्ण क्षेत्र में फैला हुआ होता है।

(ii) रदरफोर्ड परमाणु मॉडल-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 5

  1. सोने की पन्नी से α-विकिरणों के प्रकीर्णन ने यह सुझाया कि नाभिक परमाणु का बहुत छोटा तथा ठोस भाग है जिसमें धन-आवेशित कण विदयमान होते हैं।
  2. परमाणु के नाभिक का अर्धव्यास पूर्ण परमाणु के अद्धव्यास का 105 गुना होता है।
  3. परमाणु में इलैक्ट्रॉन, नाभिक के इर्द-गिर्द विभिन्न कक्षाओं में तीव्र गति से चक्कर लगाते हैं।

(iii) नीलस बोर का परमाणु मॉडल-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 6

  1. परमाणु का नाभिक इलेक्ट्रॉनों से घिरा रहता है।
  2. नाभिक के इर्द-गिर्द इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों अथवा कोशों में चक्रीय गति करते हैं।
  3. जब इलेक्ट्रॉन गति करते हुए एक कोश से दूसरे कोश में गिरता है तो ऊर्जा परिवर्तन होता है। (लाभ अथवा हानि) जो विविरणों के रूप में होता है तथा अंत में इलेक्ट्रॉन नाभिक में जा गिरता है। अर्थात् परमाणु अस्थिर है।

प्रश्न 6.
पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलैक्ट्रॉन वितरण के नियम को लिखिए।
उत्तर-
विभिन्न कोशों में इलैक्ट्रॉन वितरण – परमाणुओं के विभिन्न कक्षों में इलैक्ट्रॉन वितरण के लिए बोर तथा बरी ने निम्नलिखित नियम प्रतिपादित किए-

  1. परमाणु के किसी कोश में उपस्थित अधिक-से-अधिक इलेक्ट्रॉनों की संख्या को 2n2 सूत्र द्वारा दर्शाया जा सकता है, जहाँ n कोश अथवा ऊर्जा स्तर की संख्या है। भीतर से बाहर की ओर ऊर्जा स्तर के नाम क्रमश: K, L, M, ……. हैं।
  2. बाह्यतम कोश में इलैक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 8 हो सकती है।
  3. बाह्यतम कोश से पहले कोश में 18 से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं हो सकते।
  4. किसी परमाणु के दिए गए कोश में इलेक्ट्रॉन उस समय तक स्थान ग्रहण नहीं करते जब तक उससे अंदर वाला कोश पूरी तरह भर नहीं जाता है। अर्थात् कोश क्रमानुसार ही भरे जाते हैं।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 7.
सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
किसी तत्व की संयोजक क्षमता को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं। परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या उसकी संयोजकता बताती है। परंतु यदि बाह्यतम शैल में इलेक्ट्रॉन की संख्या उसकी अधिकतम क्षमता के समीप हो तो संयोजकता ज्ञात करने के लिए परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन संख्या को 8 में से घटा लिया जाता है।
सिलिकॉन – सिलिकॉन परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (p) = 14
∴ इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 14
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 7
∴ सिलिकॉन परमाणु के बाह्यतम शैल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 4
∴ सिलिकॉन की संयोजकता = 4
ऑक्सीजन
ऑक्सीजन परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (p) = 8
∴ इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 8
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 8
ऑक्सीजन के बाहयतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
∴ ऑक्सीजन की संयोजकता = (8 – 6) = 2 है।

प्रश्न 8.
उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर-
(i) परमाणु संख्या (Atomic Number) – किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को उस परमाणु की परमाणु संख्या कहते हैं। उदाहरणार्थ मैग्नीशियम परमाणु के नाभिक 12 प्रोटॉन हैं।
इसलिए मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 है। परमाणु संख्या को ‘z’ से दर्शाया जाता है ?
परमाणु संख्या (z) = प्रोटॉन संख्या (p) = इलैक्ट्रॉन संख्या (e)
इसी प्रकार कार्बन के परमाणु में 6 प्रोटॉन होते हैं।
∴ कार्बन की परमाणु संख्या (z) = 6

(ii) द्रव्यमान संख्या (Mass Number) – किसी तत्व के नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन जिन्हें इकट्ठा मिलाकर न्यूक्लीऑन कहते हैं, की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहते हैं । द्रव्यमान संख्या को ‘A’ से प्रदर्शित किया जाता है। द्रव्यमान संख्या (A) = नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन की संख्या + नाभिक में उपस्थित न्यूट्रॉन की संख्या
उदाहरणार्थ, कार्बन के नाभिक में 6 प्रोटॉन तथा 6 न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं, इसलिए
कार्बन की द्रव्यमान संख्या A = p + n
= 6 + 6
= 12 है।

(ii) समस्थानिक (Isotopes) – एक ही तत्व के दो परमाणु जिनकी परमाणु संख्या एक समान है परंतु परमाणु द्रव्यमान भिन्न-भिन्न हो, उन्हें उस तत्व के समस्थानिक (Isotopes) कहते हैं।

उदाहरण के लिए क्लोरीन के दो समस्थानिक \({ }_{17}^{35} \mathrm{Cl}\) तथा \({ }_{17}^{37} \mathrm{Cl}\) हैं जिनकी परमाणु संख्या एक समान अर्थात् 17 है परंतु एक की परमाणु द्रव्यमान संख्या 35 और दूसरे की परमाण द्रव्यमान संख्या 37 है।

(iv) समभारिक (Isobars) – ऐसे तत्व जिनकी परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है परंतु द्रव्यमान संख्या एक समान होती हैं, उन्हें समभारिक कहते हैं। उदाहरणार्थ कैल्शियम की परमाणु संख्या 20 तथा आर्गान की परमाणु संख्या 18 है परन्तु इनकी द्रव्यमान संख्या 40 है जिस कारण इनमें इलैक्ट्रॉन की संख्या भिन्न-भिन्न होती है। इन तत्वों के रासायनिक गुण समान होते हैं। इन तत्वों में उपस्थित प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न होती है।

समस्थानिकों के उपयोग (Uses of Isotopes)-

  1. कैंसर की चिकित्सा के लिए कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है।
  2. गॉयटर की चिकित्सा में आयोडीन के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 9.
Na+ के पूरी तरह भरे हुए K और L कोश होते हैं-व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
किसी तत्व के परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या उतनी ही होती है जितनी उस परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन होते हैं। इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन पर विपरीत आवेश होता है जिसके परिणामस्वरूप परमाणु विद्युतीय उदासीन होता है। यदि उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की वृद्धि होगी तो उसमें इकाई ऋण आवेश आ जायेगा। दूसरी ओर यदि उसमें से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाता है तो वह इकाई धन आवेश ग्रहण कर लेगा। इसलिए इलेक्ट्रॉन का निकलना या संयोजित होने से ऐसे बने आवेशित कण को आयन कहते हैं।

सोडियम परमाणु विद्युतीय उदासीन है। इसमें 11 प्रोटॉन तथा 11 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इन इलेक्ट्रॉनों का वितरण 2, 8, 1 है। अब उनमें से 1 इलेक्ट्रॉन निकलने से यह धन आवेशित सोडियम आयन बन जाता है।

सोडियम परमाणु (Na) – le e. → सोडियम आयन (Na+)
अथवा 11-e – 1-e → 10-e
NaO – 1-e Na+
सोडियम आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2, 8) होगा।
अर्थात् इसमें K तथा L कोश पूर्ण रूप से भरे हुए होते हैं।

प्रश्न 10.
यदि ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों के [ \({ }_{35}^{79} \mathrm{Br}\)(49.7%) तथा \({ }_{35}^{81} \mathrm{Br}\) (50.3%) ] रूप में है तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।
हल :
ब्रोमीन का समस्थानिक जिसका परमाणु द्रव्यमान 79 है = 49.7 %
∴ ब्रोमीन के परमाणु द्रव्यमान के लिए \({ }_{35}^{79} \mathrm{Br}\) का योगदान = \(\frac{79}{100}\) x 49.7
= 39.26u
ब्रोमीन का समस्थानिक जिसका परमाणु द्रव्यमान 81 है = 50.3 %
ब्रोमीन के परमाणु द्रव्यमान के लिए \({ }_{35}^{81} \mathrm{Br}\) का योगदान = \(\frac{50.3}{100}\) x 81
= 40.74 u
अब ब्रोमीन परमाणु का औसत परमाणु द्रव्यमान = 39.26 + 40.74 = 80.0 u

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 11.
एक तत्व x का परमाणु द्रव्यमान 16.2 u है तो इस सैंपल में समस्थानिक \({ }_{8}^{16} x\) और \({ }_{8}^{18} x\) प्रतिशत क्या होगा ?
हल :
मान लो सैंपल में \({ }_{8}^{16} x\) की प्रतिशतता = y है
∴ सैंपल में \({ }_{8}^{18} x\) की प्रतिशतता = (100 – y)
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 9

16.2 x 100 = 1800 – 2 y
1620 = 1800 – 2y
2 y = 1800 – 1620
2 y = 180
∴ y = \(\frac{180}{2}\)
= 90
अर्थात् \({ }_{8}^{16} \mathrm{X}\) की प्रतिशतता = 90%
तथा \({ }_{8}^{18} \mathrm{X}\) की प्रतिशतता = 100 – 90
= 10%

प्रश्न 12.
यदि तत्व का Z = 3 तो तत्व की संयोजकता क्या होगी ? तत्व का नाम भी लिखिए।
हल :
तत्व की परमाणु संख्या को z से दर्शाया जाता है।
∴ तत्व की परमाणु संख्या = z = 3
अर्थात् तत्व के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या = इलैक्ट्रॉनों की संख्या = 3
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 10
यह परमाणु लीथियम है तथा इसकी संयोजकता 1 है।

प्रश्न 13.
दो परमाणु स्पीशीज़ के केंद्रकों का संघटन नीचे दिया गया है-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 11
X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज़ में क्या संबंध है?
उत्तर-
X की द्रव्यमान संख्या = 6 + 6
= 12
Y की द्रव्यमान संख्या = 6 + 8
= 14
क्योंकि X तथा Y दोनों की परमाणु संख्या एक समान है परंतु इनकी द्रव्यमान संख्या भिन्न है इसलिए दोनों परमाणु एक ही तत्व के समस्थानिक PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 12 हैं।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए F और सही के लिए T लिखें।
(a) जे० जे० टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केंद्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं। इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग \(\frac{1}{2000}\) गुणा होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंकचर आयोडीन बनाने में होता है।
उत्तर-
(a) False,
(b) False,
(c) True,
(d) TTrue.
प्रश्न संख्या 15, 16 तथा 17 में गलत के सामने (×) का चिह्न तथा सही के सामने (√) का चिह्न लगाएँ

प्रश्न 15.
रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था-
(a) परमाणु केंद्रक
(b) इलैक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन।
उत्तर-
(a) परमाणु केंद्रक √
(b) ×
(c) ×
(d) ×.

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 16.
एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं-
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों के अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या।
उत्तर-
(a) ×
(b) ×
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या √
(d) ×

प्रश्न 17.
Cl आयन में संयोजकता इलैक्ट्रॉनों की संख्या है-
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18.
उत्तर-
(a) ×
(b) 8 √
(c) ×
(d) ×.

प्रश्न 18.
सोडियम का सही इलैक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में से कौन-सा है ?
(a) 2, 8
(b) 8, 2.1
(c) 2. 1. 8
(d) 2. 8. 1.
उत्तर-
(a) ×
(b) ×
(c) ×
(d) 2, 8, 1√.

प्रश्न 19.
निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 13
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 14

Science Guide for Class 9 PSEB परमाणु की संरचना InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
केनाल किरणें क्या हैं ?
उत्तर-
केनाल किरणें (Canat Rays) – एनोड से उत्सर्जित होने वाली किरणें जब डिस्चार्ज टयब में गैस प्रयोग की जाती है, केनाल किरणें कहलाती हैं। ये धन आवेशित विकिरणें हैं जो ऐसे कणों से निर्मित होती हैं और जिनका द्रव्यमान, इलैक्ट्रॉन का 2000 गुना होता है परंतु इसका आवेश इलैक्ट्रॉन के आवेश से विपरीत होता है।

प्रश्न 2.
यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो उसमें कोई आवेश होगा या नहीं ?
उत्तर-
प्रत्येक प्रोटॉन का आवेश +1 तथा इलैक्ट्रॉन का आवेश -1 माना गया है। अब क्योंकि किसी परमाणु में एक प्रोटॉन तथा एक इलेक्ट्रॉन है जो परस्पर एक-दूसरे के आवेशों को संतुलित करते हैं। इसलिए इस परमाणु पर कोई परिणामी (नेट) आवेश नहीं होगा अर्थात् परमाणु विद्युतीय उदासीन होगा।

प्रश्न 3.
परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए। उत्तर-टॉमसन का परमाणु मॉडल (Thomson’s Model of Atom)-

  1. परमाणु धन आवेशित गोलाकार होता है तथा इलैक्ट्रॉन इसमें फँसे होते हैं जैसे क्रिसमस केक में मेवा लगा होता है।
  2. ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश मात्रा में समान होते हैं जो एक-दूसरे को संतुलित करते हैं। इसलिए परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन (आवेश रहित) होता है।

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 4.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार नाभिक के परमाणु में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है ?
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल अनुसार परमाणु का नाभिक (Nucleus) धन आवेशित होता है। परमाणु का लगभग सारा द्रव्यमान परमाणु के नाभिक में स्थित होता है तथा इलैक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर विभिन्न पथों (कक्षाओं) में चक्कर लगाते हैं। इसलिए परमाणु के नाभिक में अवपरमाणुक कण प्रोटॉन विद्यमान होता है।

प्रश्न 5.
तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 15

प्रश्न 6.
क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु के पन्नी से संभव होगा ?
उत्तर-
यदि अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त किसी अन्य धातु की पन्नी से किया जाए तो वही परिणाम संभव होगा जो सोने की पन्नी के साथ हुआ था।

अंतर केवल इतना है कि सोना एक आघातवर्धनीय धातु है और इसे पीट कर पतलो चादर में बदला जा सकता है जबकि अन्य किसी धातु को इतना बारीक नहीं किया जा सकता है। यदि हम मोटी धातु की चादर का प्रयोग करेंगे तो अल्फा कण इससे टकराकर वापिस लौट आएंगे तथा हमें परमाणु के भीतर धन आवेशित प्रोटॉन की स्थिति का पक्का अनुमान नहीं होगा।

प्रश्न 7.
परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें।
उत्तर-
परमाणु के तीन अवपरमाणुक कण-परमाणु के निम्नलिखित तीन अवपरमाणुक कम हैं :-
(i) प्रोटॉन (1P1 )
(ii) इलेक्ट्रॉन (0e-1 )
(iii) न्यूट्रॉन (1n0 )।

प्रश्न 8.
हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है और उसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे ?
उत्तर-
हीलियम परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या-किसी परमाणु का द्रव्यमान उसके नाभिक (Nucleus) में उपस्थित प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के द्रव्यमानों के योग के कारण होता है : अब हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4 u है तथा इसके नाभिक में 2 प्रोटॉन होते हैं और दो प्रोटॉनों का द्रव्यमान 20 है। इसलिए इसके नाभिक में (4 u -2u = 2u) द्रव्यमान न्यूट्रॉन की उपस्थिति के कारण है। क्योंकि 1 न्यूट्रॉन का द्रव्यमान 1 u होता है इसलिए नाभिक में 2 न्यूट्रॉन होंगे जो 2 u द्रव्यमान प्रदान करेंगे।
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 9.
कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलैक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।
उत्तर-
कार्बन परमाणु – कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 है। इसलिए
इसमें प्रोटॉनों की संख्या (p) = 6 तथा इलैक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 6 है।
कार्बन परमाणु में इलैक्ट्रॉन वितरण-
K-कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
∴ L-कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 4
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 16

सोडियम परमाणु
सोडियम का परमाणु द्रव्यमान = 23 है, इसलिए सोडियम के परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (p) = 11 तथा इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 11 है।
सोडियम परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का वितरण-
K-कोश में इलैक्ट्रॉनों की संख्या = 2
L-कोश में इलैक्ट्रॉनों की संख्या = 8
M-कोश में इलैक्ट्रॉनों की संख्या = 1
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 17

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 10.
अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है तो उस परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या होगी ?
उत्तर-
K-कोश भरा हुआ होने की परिस्थिति में इलेक्ट्रानों की कुल संख्या = 2
L-कोश पूरा भरा हुआ होने की अवस्था में इलेक्ट्रानों की संख्या = 8
∴ परमाणु में उपस्थित कुल इलैक्ट्रॉन = 2 + 8 = 10

प्रश्न 11.
क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे ?
उत्तर-
(i) क्लोरीन (Cl)-
क्लोरीन की परमाणु संख्या = 17
क्लोरीन के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या (p) = 17
इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 17
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 18
क्लोरीन परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 7
∴ क्लोरीन की संयोजकता = 8 – 7
अर्थात् बाह्यतम कोश में अष्टक बनाने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉन = 1

(ii) सल्फर (S)-
सल्फर की परमाणु संख्या = 16
सल्फर के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या (p) = 16
इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 16
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 19
सल्फर परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
बाह्यतम कोश में अष्टक (पूरा भरने) बनाने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉन = 8 – 6 = 2
∴ सल्फर की संयोजकता = 2

(iii) मैग्नीशियम (Mg)-
मैग्नीशियम की परमाणु संख्या = 12
मैग्नीशियम के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या (p) = 12
इलेक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 12
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 20
मैग्नीशियम के परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या
अर्थात् मैग्नीशियम परमाणु के बाह्यतम कोश को भरा होने के लिए जितने इलेक्ट्रॉन छोड़ने पड़ेंगे = 2
∴ मैग्नीशियम परमाणु की संयोजकता = 2

प्रश्न 12.
यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है, तब
(क) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या होगी ?
(ख) परमाणु का क्या आवेश है ?
उत्तर-
(i) परमाणु की परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या (p) = 8
∴ परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉन न्यूट्रॉनों की संख्या= 8
∴ परमाणु द्रव्यमान = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
= 8 + 8 = 16

(ii) परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 8
परमाणु पर उपस्थित आवेश = प्रोटॉनों की संख्या – इलेक्ट्रॉनों की संख्या
= 8 – 8
= 0
अर्थात् परमाणु आवेश विहीन है।

प्रश्न 13.
पाठ्य-पुस्तक की सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
(i) ऑक्सीजन (O)
ऑक्सीजन परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या (p) = 8
न्यूट्रॉनों की संख्या (n) = 8
∴ ऑक्सीजन परमाणु की परमाणु की द्रव्यमान संख्या = p + n
= 8 + 8
= 16

(ii) सल्फर (S)-
सल्फर के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या (p) = 16
न्यूट्रॉनों की संख्या (n) = 16
∴ सल्फर परमाणु की परमाणु द्रव्यमान संख्या = p + n
= 16 + 16
= 32

प्रश्न 14.
चिह्न H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर-
H, D और T चिह्न हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं जिनकी परमाणु संख्या 1 है परंतु परमाणु द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न है।
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 21

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 15.
समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 22
(i) समस्थानिक (Isotopes) – क्लोरीन तत्व के दो समस्थानिक \({ }_{17}^{35} \mathrm{Cl}[latex] तथा [latex]{ }_{17}^{37} \mathrm{Cl}\) हैं। इन दोनों की परमाणु संख्या 17 है।
अब परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 17
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 23

(ii) समभारिक (Isobars) – कैल्सियम \({ }_{20}^{40} \mathrm{C} a\) तथा आर्गन (\({ }_{18}^{40} \mathrm{~A} r\)) समभारिकों का युग्म है जिनका परमाणु द्रव्यमान एक समान 40 है परंतु १९ गाणु संख्या क्रमशः 20 और 18 भिन्न होने के कारण परमाणुओं का इलेक्ट्रॉन वितरण भी भिन्न होगा।

कैल्सियम (Ca)-
परमाणु द्रव्यमान संख्या = 40
अर्थात कैल्सियम के परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (p) = 20
इलैक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 20 ……….(1)
परमाणु द्रव्यमान संख्या = n + p = 40 …………….(2)
∴ कैल्सियम के परमाणु में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या (n) = (2) – (1)
= 40 – 20
= 20
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 24

आर्गन (Ar) परमाणु संख्या = 18
अर्थात् आर्गन के परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (p) = इलैक्ट्रॉनों की संख्या (e) = 18 ………………. (1)
परमाणु द्रव्यमान संख्या = n + p = 40 ………………… (2)
∴ आर्गन परमाणु में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या (n)
= (2) – (1)
= 40 – 18
= 22
PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना 25

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ 1.4

प्रश्न 1.
बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए, बताइए कि निम्नलिखित परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार सांत हैं या असांत आवर्ती हैं :
(i) \(\frac{13}{3125}\)

(ii) \(\frac{17}{8}\)

(iii) \(\frac{64}{455}\)

(iv) \(\frac{15}{1600}\)

(v) \(\frac{29}{343}\)

(vi) \(\frac{23}{2^{3} 5^{2}}\)

(vii) \(\frac{129}{2^{2} 5^{7} 7^{5}}\)

(viii) \(\frac{6}{15}\)

(ix) \(\frac{35}{50}\)

(x) \(\frac{77}{210}\)

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

हल :
(i) मान लीजिए x = \(\frac{13}{3125}\) ………………(1)
(1) की x = P से तुलना कीजिए,
यहाँ p = 13 और q = 3125
q के अभाज्य गुणनखंड = 3125 = 5 × 5 × 5 × 5
= 55 × 20
जोकि 2n × 5m के रूप का है।
जहाँ n = 0, m = 5
जो ऋणोतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{13}{3125}\) का सांत दशमलव प्रसार है। उत्तर

(ii) मान लीजिए x = \(\frac{17}{8}\) ………….. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए
यहाँ p = 17 और q = 8
q के अभाज्य गुणनखंड = 8 = 2 × 2 × 2 = 23
= 23 × 50
जोकि 2n × 5m के रूप का है।
जहाँ n = 3 m = 0 है।
और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{17}{8}\)
जिसका दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(iii) मान लीजिए x = \(\frac{64}{455}\) ……………. (1)
(1) की x = ” से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 64, q = 455
q के अभाज्य गुणनखंड = 455 = 5 × 7 × 13
जोकि 2n × 5m के रूप का नहीं है।
∴ x = \(\frac{64}{455}\) का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है।। उत्तर

(iv) मान लीजिए x = \(\frac{15}{1600}\) ……………..(1)
(1) की x = = के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 15 और q = 1600
q के अभाज्य गुणनखंड = 600
= 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5
= 26 × 52 .
जोकि 2n × 5m, के रूप का है,
जहाँ n = 6, m = 2 और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{15}{1600}\) जिसका दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

(v) मान लीजिए x = \(\frac{29}{343}\) ……………(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 29 और q = 343
q के अभाज्य गुणनखंड हैं = 343
= 7 × 7 × 7
= 73
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है।
∴ x = \(\frac{29}{343}\) का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है। उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(vi) मान लीजिए x = \(\frac{23}{2^{3} 5^{2}}\) …………..(1)
(1) की x = 4 के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 23 और 4 = 2352
q के अभाज्य गुणनखंड = 2352
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 3, m = 2 और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{23}{2^{3} 5^{2}}\) का दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

(vii) मान लीजिए x = \(\frac{129}{2^{2} 5^{7} 7^{5}}\) ………………(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 129 और q = 22 57 75
q के अभाज्य गुणनखंड = 22 57 75
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है।
∴ x = \(\frac{129}{2^{2} 5^{7} 7^{5}}\) का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है। उत्तर

(viii) मान लीजिए x = \(\frac{6}{15}=\frac{2}{5}\) ………….(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) के साथ से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 2, q = 5
q के अभाज्य गुणनखंड हैं 5 = 20 × 51
जोकि 2n × 5m के रूप का है।
जहां n = 0, m = 1 और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{6}{15}\) का दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(ix) मान लीजिए x = \(\frac{35}{50}=\frac{7}{10}\) ……………..(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 7, q = 10
q के अभाज्य गुणनखंड हैं = 10 = 2 × 5 = 21 × 51
जहां 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 1, m = 1 दोनों n और m ऋणेतर पूर्णांक हैं। .
∴ x = \(\frac{35}{50}\) का दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

(x) मान लीजिए x = \(\frac{77}{210}=\frac{11}{30}\)
(1) की. x = \(\frac{p}{q}\) के साथ तुलना कीजिए।
यहाँ p = 11, q = 30
q के अभाज्य गुणनखंड हैं = 30 = 2 × 3 × 5
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है।
∴ x = \(\frac{77}{210}\) का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है। उत्तर

प्रश्न 2.
ऊपर दिए गये प्रश्न में उन परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसारों को लिखिए जो सांत हैं।
हल :
(i) मान लीजिए x = \(\frac{13}{3125}\) ………….. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) के साथ तुलना कीजिए
यहाँ p = 13, q = 3125
q के अभाज्य गुणनखंड = 3125 = 5 × 5 × 5 × 5 × 5
= 55 × 20
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 0, m = 5
∴ x = \(\frac{13}{3125}\) का दशमलव प्रसार सांत है। उत्तर

दशमलव के रूप में व्यक्त करना
x = \(\frac{13}{3125}=\frac{13}{5^{5} \times 2^{0}}\)

x = \(\frac{13 \times 2^{5}}{5^{5} \times 2^{5}}\)
[::: हम हर को 10 की कोई घात बनाने के लिए इसे 25 से गुणा और भाग करते हैं।] |

x = \(\frac{13 \times 32}{(2 \times 5)^{5}}\)

x = \(\frac{416}{(10)^{5}}=\frac{416}{100000}\)

x = 0.00416 उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(i) मान लीजिए x = \(\frac{17}{8}\)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 17, q = 8
q के अभाज्य गुणनखंड = 8 = 2 × 2 × 2
= 23 × 50
जोकि 2n × 5m के रूप का है, जहाँ n = 3, m = 0 · और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{17}{8}\) को सांत दशमलव प्रसार के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।

दशमलव के रूप में व्यक्त करना
x = \(\frac{17}{8}=\frac{17}{2^{3} \times 5^{0}}\)

x = \(\frac{17 \times 5^{3}}{2^{3} \times 5^{3}}\)
[हम हर को 10 की घात बनाने के लिए 53 से गुणा और भाग करते हैं।]

x = \(\frac{17 \times 125}{(2 \times 5)^{3}}\)

x = \(\frac{2125}{(10)^{3}}=\frac{2125}{1000}\)

x = 2.125
∴ \(\frac{17}{8}\) = 2.125 उत्तर .

(iii) मान लीजिए x = \(\frac{64}{455}\) ………….(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए
यहाँ p = 64, q = 455
q के अभाज्य गुणनखंड = 455 = 5 × 7 × 13
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है
∴ x = \(\frac{64}{455}\) का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है। उत्तर

(iv) मान लीजिए x = \(\frac{15}{1600}\) …………(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 15, q = 1600
q के अभाज्य गुणनखंड = 1600 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5
= 26 × 52
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 6, m = 2 और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं
∴ x = \(\frac{15}{1600}\) का सांत दशमलव प्रसार है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

दशमलव के रूप में व्यक्त करना

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4 1

(v) मान लीजिए x = \(\frac{29}{343}\) …………. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए
यहाँ p = 29 और q = 343 = 7 × 7 × 7 = 73
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं हैं।
∴ x = \(\frac{29}{343}\) का असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होगा।

(vi) मान लीजिए x = \(\frac{23}{2^{3} 5^{2}}\) ………….. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए
यहाँ p = 23 और q = 2352
q के अभाज्य गुणनखंड = 2352
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 3 और m = 2 और ये ऋणेतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{23}{2^{3} 5^{2}}\) का सांत दशमलव प्रसार है।

दशमलव के रूप में व्यक्त करना

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4 2

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(vii) मान लीजिए x = \(\frac{129}{2^{2} 5^{7} 7^{5}}\) ……….. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए .
यहाँ p = 129 और 4 = 22 x 57 x 75
q के अभाज्य गुणनखंड = 22 x 57 × 75
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है।
∴ x = \(\frac{129}{2^{2} 5^{7} 7^{5}}\) का एक असांत आवर्ती दशमलव प्रसार है। उत्तर

(viii) मान लीजिए x = \(\frac{6}{15}=\frac{2}{5}\) ……………. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए ।
यहाँ p = 2, q = 5
q के अभाज्य गुणनखंड = 5 = 20 × 51
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 0, m = 1 है।
∴ x = \(\frac{6}{15}[/layex] का एक सांत दशमलव प्रसार है।

दशमलव के रूप में व्यक्त करना
x = [latex]\frac{6}{15}=\frac{2}{5}\)

x = \(\frac{2 \times 2^{1}}{2^{1} \times 5^{1}}=\frac{4}{10}\) = 0.4

दशमलव के रूप में,
x = \(\frac{6}{15}\) = 0.4.

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(x) मान लीजिए x = \(\frac{35}{50}=\frac{7}{10}\) ………….. (1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 7, q = 10
q के अभाज्य गुणनखंड = 10 = 21 × 51
जोकि 2n × 5m के रूप का है,
जहाँ n = 1, m = 1
और n और m दोनों ऋणोतर पूर्णांक हैं।
∴ x = \(\frac{7}{10}\) का एक सांत दशमलव प्रसार है।

दशमलव के रूप में व्यक्त करना

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4 3

अत: दशमलव रूप में,
x = 0.7.

(x) मान लीजिए x = \(\frac{77}{210}=\frac{11}{30}\) ……………..(1)
(1) की x = \(\frac{p}{q}\) से तुलना कीजिए।
यहाँ p = 11, q = 30
q के अभाज्य गुणनखंड = 30 = 2 × 3 × 5
जोकि 2n × 5m के रूप में नहीं है
∴ x = \(\frac{77}{210}\) का असांत आवर्ती दशमलव प्रसार है। उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

प्रश्न 3.
कुछ वास्तविक संख्याओं के दशमलव प्रसार नीचे दर्शाए गये हैं। प्रत्येक स्थिति के लिए निर्धारित कीजिए कि यह संख्या परिमेय संख्या है या नहीं। यदि यह परिमेय संख्या है और \(\frac{p}{q}\) के.रूप की है, तो के अभाज्य गुणनखंडों के बारे में आप क्या कह सकते हैं ?
(i) 43.123456789
(ii) 0.120120012000120000
(iii) \(43 . \overline{123456789}\)
हल :
(i) मान लीजिए x = 43.123456789 ……………(1)
संख्या से स्पष्ट है कि x एक परिमेय संख्या है।
अब संख्या में से दशमलव को हटा दीजिए
∴ x = \(\frac{43123456789}{1000000000}\)

x = \(\frac{43123456789}{10^{9}}\) ……………….(2)

(2) से x \(\frac{p}{q}\) के रूप की एक परिमेय संख्या है
जब p = 43123456789 और q = 109
अब q के अभाज्य गुणनखंड = 109 = (2 × 5)9
⇒ q के अभाज्य गुणनखंड 29 × 59 हैं। उत्तर

(ii) मान लीजिए x = 0.120120012000120000
संख्या से स्पष्ट है कि यह एक अपरिमेय संख्या है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4

(iii) मान लीजिए x = \(43 . \overline{123456789}\) …. (1)
यह स्पष्ट है कि दी गई संख्या एक परिमेय संख्या है क्योंकि यह असांत और आवर्ती दशमलव है।

यह दर्शाने के लिए कि (i) P के रूप का है
(1) के दोनों पक्षों को 109 से गुणा कीजिए
109 x = 43123456789.123456789… …. (2)
(1) को (2) से घटाने पर हम प्राप्त करते हैं :

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.4 4

अतः, q के अभाज्य गुणनखंड 32 (12345679) हैं।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

Punjab State Board PSEB 10th Class Computer Book Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

Computer Guide for Class 10 PSEB ऑफिस टूल्ज़ Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. किस सॉफ्टवेयर में प्रोग्रामों के एक ग्रुप शामिल होते हैं ?
(a) सिस्टम सॉफ्टवेयर
(b) ऐपलीकेशन सॉफ्टवेयर
(c) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(a) सिस्टम सॉफ्टवेयर

2. कौन-सा टूल बजट, वित्तीय स्टेटमैंट और बिक्री के रिकार्ड को व्यवस्थित करने के लिए प्रयोग किया जाता है ?
(a) मल्टीमीडिया
(b) स्प्रेडशीट
(c) प्रैज़नटेशन
(d) डाटाबेस।
उत्तर-
(b) स्प्रेडशीट

3. जब हम एक पन्ने के ……………………….. पर पहुँचते हैं तो वर्ड आटोमैटिक एक पेज ब्रेक दाखिल करता है।
(a) Starting
(b) End
(c) Mid of page
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(b) End

4. जब हम अपना डॉक्यूमैंट टाइप करते हैं, तो गलत लिखे अक्षर के नीचे वेवी लाइनें आ जायेंगी।
(a) नीली
(b) सफेद
(c) लाल
(d) काली।
उत्तर-
(c) लाल

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

5. पावर प्वांइट में कौन-सी विशेषता बैकग्राऊंड को मूल रूप में चुनने के लिए हमारी मदद करती है ?
(a) ऐनीमेशन
(b) ट्रांजीशन
(c) ट्राइमर
(d) बीम।
उत्तर-
(d) बीम।

6. प्रैज़नटेशन का कौन-सा आप्शन उतना ही आसान है जितना कि अगली स्लाइड पर जाना ?
(a) ऐनीमेशन
(b) साउंड प्रभाव
(c) डिज़ाइन
(d) ट्रांजीशन।
उत्तर-
(d) ट्रांजीशन।

7. सबसे आम किस्म के प्रभाव में ऐंटरैस और एग्ज़िट शामिल होते हैं।
(a) ऐनीमेशन
(b) साउंड प्रभाव
(c) डिज़ाइन
(d) ट्रांजीशन।
उत्तर-
(a) ऐनीमेशन

8. आमतौर पर पावर प्वाइंट में स्लाइड शो का अंत करने के लिए हम की-बोर्ड से कौन सी की दबाते हैं ?
(a) शिफ्ट की
(b) Ctrl की
(c) Alt की
(d) Esc की।
उत्तर-
(d) Esc की।

9. माइक्रोसॉफ्ट ऐपलीकेशन यूज़र को अपनी फाइल जैसे कि डॉक्यूमैंट स्प्रेडशीट और प्रैज़नटेशन आदि को एनकपिट के साथ और …………………….. ऑप्शन के साथ सुरक्षित करने की क्षमता प्रदान करती है।
(a) की वर्ड
(b) पासवर्ड
(c) लॉक
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(b) पासवर्ड

10. पेज ………… पेज के कोनों का खाली स्थान होती हैं।
(a) ग्रॉफिक्स
(b) डिज़ाइन
(c) मार्जिन
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) मार्जिन।

(B) खाली स्थान भरें

1. कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को दो श्रेणियों में बांटा गया है …………………………… और …………………….. ।
उत्तर-
सिस्टम सॉफ्टवेयर और ऐपलीकेशन सॉफ्टवेयर,

2. डाटाबेस सॉफ्टवेयर संबंधित डाटा का संग्रह है। इस टूल का उद्देश्य ………………. और …………………….. |
उत्तर-
संगठित और प्रबंध करना,

3. हम अपने पूरे डॉक्यूमैंट या कुछ हिस्से के लिए ……………. (वर्टीकल) या …………… (हॉरीजोंटल) ओरियन्टेशन का चुनाव कर सकते हैं।
उत्तर-
पोर्टरेट और लैंडस्केप,

4. पावर प्वांइट के द्वारा समर्थित इमेज फाइल की ऐक्सटेंशन में शामिल है ……………………. एवं ………………TIFF (tiff) और बटिमैप (बी०एम०पी०)।
उत्तर-
jpeg, .gif,

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

5. मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर वो टूल हैं जो यूज़र को मीडिया प्लेयर और रीयल प्लेयर की मदद से ………….. और ……….. बनाने की आज्ञा देता है।
उत्तर-
ऑडियो और वीडियो।

(C) सही या गलत

1. स्प्रेडशीट टूल का मुख्य उद्देश्य डॉक्यूमैंट बनाना है।
उत्तर-
गलत,

2. ऐपलीकेशन सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो यूज़र के लिए खास काम करता है।
उत्तर-
सही,

3. डाटाबेस टूल स्लाइड शो के रूप में जानकारी को डिस्पले करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत,

4. हम मौजूदा टोश को रूलर के साथ-साथ अलग-अलग स्थानों पर दायें या बायें की तरफ तंग कर सकते हैं।
उत्तर-
सही,

5. जब हम प्रिंट टैब पर क्लिक करते हैं, तो प्रिंट प्रीविऊ अपने आप दिखाई देता है।
उत्तर-
सही।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
एम०एस०ऑफिस 2010 में वर्ड डॉक्यूमैंट की एक्सटेंशन लिखो।
उत्तर-.
docx.

प्रश्न 2.
एम०एस०ऑफिस 2010 में स्प्रेडशीट की एक्सटेंशन लिखो।
उत्तर-
.xlsx.

प्रश्न 3.
एम०एस०ऑफिस 2010 में पावर प्वांइट की एक्सटेंशन लिखो।
उत्तर-.
pptx.

प्रश्न 4.
बी०एम०पी० (इमेज फाइल) का पूरा रूप लिखो।
उत्तर-
BitMaP.

प्रश्न 5.
पी०डी०एफ० का पूरा रूप लिखो।
उत्तर-
पोर्टेबल डॉक्यूमैंट फारमेट ।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सिस्टम सॉफ्टवेयर को परिभाषित करें।
उत्तर-
सिस्टम सॉफ्टवेयर ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो कंप्यूटर के उपकरणों के संचालन को कंट्रोल करते हैं।

प्रश्न 2.
ऑफिस प्रोडक्टीविटी टूल्ज की व्याख्या करें।
उत्तर-
ऑफिस प्रोडक्टीविटी टूल्ज़ ऐपलीकेशन प्रोग्रामों की वह श्रेणी होती है जो यूज़र को डॉक्यूमैंट डाटाबेस, ग्रॉफ, वर्कशीटों और प्रैजनटेशन जैसी चीजें तैयार करने में सहायता करते हैं।

प्रश्न 3.
डाटाबेस सॉफ्टवेयर की व्याख्या करें।
उत्तर-
डाटाबेस सॉफ्टवेयर वह सॉप्टवेयर होता है जिसका काम डाटा को संगठित करना और उसका प्रबंध करना होता है। यह डाटा को स्टोर और प्रदर्शित करने का काम भी करता है।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

प्रश्न 4.
मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर की व्याख्या करें।
उत्तर-
मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर वे सॉफ्टवेयर होते हैं जो भिन्न-भिन्न प्रकार के मीडिया में बदलाव करने की सहूलियत प्रदान करते हैं; जैसे कि ऑडियो कनवर्टर, वीडियो इनकोडर, डीकोडर आदि।

प्रश्न 5.
कस्टम मार्जिन बनाने के लिए कदम लिखें।
उत्तर-
कस्मट मार्जिन बनाने के निम्नलिखित कदम हैं

  1. Page layout टैब पर Page Setup ग्रुप में Margin पर क्लिक करें।
  2. Margin गैलरी के ड्रोप डाऊन मीनु के नीचे Custom Margin पर क्लिक करें। (Page Setup डॉयलॉग बॉक्स दिखाई देगा।)
  3. मॉर्जिन बदलने के लिए Top, Bottom, Left या Right टैक्सट बॉक्स में नये मूल्य दाखिल करें।
  4. OK पर क्लिक करें।

प्रश्न 6.
पेज ब्रेकस क्या है ? Page Break कैसे दाखिल किया जाता है ?
उत्तर-
Page Break पेज़ के समाप्त होने को दर्शाता है। इससे वर्ड को पता चलता है कि इस स्थान पर पेज़ समाप्त हो गया है। पेज़ ब्रेक को इनसर्ट करने के लिए जिस स्थान पर पेज़ ब्रेक इनसर्ट करनी हो उस स्थान पर क्लिक करने के बाद Insert टैब और Pages ग्रुप में Page Break पर क्लिक किया जाता है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
ऑफिस टूल्ज़ क्या हैं ? किन्हीं पांच ऑफिस टूल्ज़ की व्याख्या करें।
उत्तर-
ऑफिस टूल्ज़-ऑफिस टूल्ज़ सॉफ्टवेयर वे प्रोग्राम होते हैं जो कंप्यूटर के यूज़र्स को अपने काम के स्थान पर अधिक उत्पादक और कुशल बनाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। ऑफिस प्रोडक्टीविटी टूल्ज़ की रेंज वर्ड प्रोसैसिंग से स्प्ररैड शीट, प्रैज़नटेशन और डाटाबेस तक है। ऑफिस प्रोडक्टीविटी डूल्ज़-ऐप्लीकेशन प्रोग्रामों की श्रेणी है जो यूज़र को डाक्यूमैंट, डाटाबेस ग्राफ, वर्कशीटों और प्रैजनटेशन जैसी चीज़ों को तैयार करने में सहायता करते हैं। ऑफिस प्रोडक्टीविटी सॉफ्टवेयर्स की उदाहरणों में वर्ड प्रोसैसर, डाटाबेस मैनेजमैंट, सिस्टम ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर और स्प्रेडशीट एप्लीकेशन शामिल हैं।

ऑफिस टूल्ज़ की किस्में-ऑफिस टूल्ज़ की निम्नलिखित किस्में हैं-
1. वर्ड प्रोसैसिंग ट्ल-इस ट्रल का मुख्य उद्देश्य डाक्यूमैंट तैयार करना है। MS-Word, Word Pad, नोटपैड और कुछ अन्य टैक्सट ऐडीटर वर्ड प्रोसैसिंग टूल के कुछ उदाहरण हैं।

2. डाटाबेस सॉफ्टवेयर टूल-डाटाबेस संबंधित डाटा का संग्रह है, इस टूल का उद्देश्य डाटा को संगठित करना और प्रबंध करना है। इस टूल का उपयोग यह है कि आप डाटा के स्टोर करने और प्रदर्शित करने के तरीके को बदल सकते हो। एम० एस० अक्सैस, डी-बेस, …क्सप्रो, पैराडोक्स और ओरेक्ल, डाटाबेस सॉफ्टवेयर की कुछ उदाहरणें हैं।

3. स्प्रेडशीट टूल-स्प्रेडशीट टूल का उपयोग बज़ट, फाइनेंशियल स्टेटमैंट और बेचने के रिकार्डो की संभाल रखने के लिए किया जाता है। इस टूल का उद्देश्य नंबरों को क्रमवार करना है। यह यूजर्स को नंबरों पर साधारण या जटिल गणना करने की भी आज्ञा देता है। MS-Excel स्प्रेडशीट टूल्ज़ की उदाहरणों में से एक है।

4. प्रैज़नटेशन टूल-यह टूल स्लाइड शो के रूप में जानकारी को प्रदर्शित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। प्रैजनटेशन टूल के तीन मुख्य काम हैं-टैक्सट ऑडिट करना, इनसर्ट करना और फारमेटिंग करना, टैक्सट में ग्राफिक्स शामिल करना और स्लाइड शो को चलाना है। इस किस्म के टूल का सबसे बढ़िया उदाहरण Microsoft Power Point है।

5. मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर-मीडिया प्लेयर और रीयल प्लेयर मल्टीमीडिया टूल के उदाहरण हैं। यह टूल यूज़र को आडियो-वीडियोज़ बनाने में मदद करता है। मल्टीमीडिया टूल्ज़ के भिन्नभिन्न रूप हैं आडियो कनवर्टर, प्लेयर, बरनर, वीडियो इंकडोर और डीकोडर।

प्रश्न 2.
एम०एस० वर्ड टैंपलेट्स के साथ रजिऊमे कैसे बनाया जाता है ?
उत्तर-
एम०एस० वर्ड टैंपलेट्स के साथ रज़िऊमे तैयार करने के निम्नलिखित कदम हैं
1. File टैब पर New पर क्लिक करें।
2. Available Templates में से किसी एक का चुनाव करें।
इसमें निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध होते हैं

  • Sample Templates
  • Recent Templates
  • Office.com Templates

3. Office.com Templates में Resumes and Cover letters को सिलैक्ट करें। (MS Word चुने टैंपलेट को डाऊनलोड कर देगा।)
4. इसमें Resume and Cover letter के लिए भिन्न-भिन्न साइट उपलब्ध हैं। ज़रूरत के अनुसार किसी एक का चुनाव करें और Download पर क्लिक करें।
5. अपनी ज़रूरत के अनुसार Resume को एडिट करें।
6. अपने दस्तावेज़ को Save करें।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

प्रश्न 3.
स्प्रेडशीट के साथ मेल मार्जन का इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थी की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कदम लिखें।
उत्तर-
स्प्रेडशीट के साथ मेल मार्जन का इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थियों की वार्षिक रिपोर्ट निम्नलिखित कदमों का इस्तेमाल करके तैयार की जा सकती है-
1. सबसे पहले एम०एस० वर्ड में हम मैनूयल रिपोर्ट फारमैट बनायेंगे। यहां हम विद्यार्थियों के विवरण जैसे कि दाखिला नंबर, रोल नंबर, नाम, पिता का नाम और हम एक विषय के नंबर और उसका रिजल्ट और विद्यार्थियों के अंकों का प्रतिशत आदि दर्शाएंगे।

2. दूसरी तरफ, हम एक एक्सल वर्कशीट तैयार करते हैं जिसमें विद्यार्थी का दाखिला नंबर, रोल नंबर, नाम, पिता का नाम, विषय के अनुसार प्राप्त किए अंक जैसे पंजाबी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक, EVS और कंप्यूटर के grades भरे जाते हैं।

3. अब Mailing tab पर Click करें और Start Mail Merge को क्लिक करें। उसके बाद Letter options को चुनें जो हमने पहले ही बनाई हुई है।

4. अब Select Recipients पर क्लिक करें और Using Existing List Option को Select करें। Select Table, Dialog Box का इस्तेमाल करते हुए Excel Sheet को चुनें और OK पर Click करें।

5. अपने Cursor को उस जगह पर रखें जिस जगह Excel Sheet में Value को रखना है। अब Insert Merge Field Option पर जायें जो कि Write and Insert Fields Group में है। Drop Down Menu खुल जायेगा जिसमें चुनी हुई Excel Work Sheet के Field, Names
होंगे।

6. Field Names को एक-एक करके विद्यार्थी की वार्षिक रिपोर्ट में Cursor को सही जगह पर रखकर Select करें।

7. सभी क्षेत्रों को इनसर्ट करने के बाद हम प्रीविऊ रिज़ल्ट ऑप्शन को क्लिक करके विद्यार्थियों के नतीजों का प्रीविऊ देख सकते हैं। नेवीगेशन बटनों का प्रयोग करते हुए अगले और पहले विद्यार्थी, पहले और आखिरी विद्यार्थी के नतीजों को भी देखें।

8. अब Finish & Merge ऑप्शन पर क्लिक करें और मीनू से Edit Individual Document का चुनाव करें। एक नया Merge to New Document डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा। एक्सल वर्कशीट में सभी विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड को दिखाने के लिए ऑप्शन All को चुनें और OK पर क्लिक करें।

9. अपने दस्तावेज़ को Save करें।

प्रश्न 4.
टैब स्टॉप्स क्या हैं ? मैनुयल टैब स्टाप्स सैट करने की व्याख्या करें।
उत्तर-
टैब स्टॉप बनाना तब सहायक हो सकता है जब बहुत सारे डाक्यूमैंट तैयार किए जाते हों, जैसे कि Flyers, सामग्री की सूची (Table of Content) या रजिऊम बनाते समय। यह हमें सही ढंग से जानकारी दर्शाने और श्रृंखला बनाने में मदद करते हैं। मैनुयल टैब स्टॉप को सैट करना
1. टैब सिलैक्ट (<) जो कि टूल्ज़ के दायें कोने में है को तब तक क्लिक करें जब तक कि सैट करने वाली टैब प्रदर्शित नहीं होती।

2. फिर अपने पेज़ के ऊपर रूलर पर क्लिक करें, यहां हम टैब स्टॉप सैट करना चाहते हैं। भिन्न भिन्न प्रकार की टैब स्टॉप हैंLeft टैब स्टॉप-टैक्सट की शुरुआती पोजीशन को सैट करती है जो कि टाइप करने से दाईं तरफ चलती है। Centre टैब स्टॉप-टैक्सट के सैंटर को निर्धारित करता है। जैसे-जैसे हम टाइप करते हैं टैक्सट सैट होता रहता है।

Right टैब स्टॉप-टैक्सट को दाईं तरफ सैट करता है। जैसे हम टाइप करते हैं टैक्सट बाईं तरफ को जाता है। Decimal टैब स्टॉप-यह अंकों को डैसीमल (दशमलव) के साथ आनलाइन करता है। अंकों की गिनती से परे यह दशमलव की जगह नहीं बदलता। Bar टैब स्टॉप-टैक्सट को पोजीशन नहीं करता। यह टैब पोजीशन पर एक वर्टीकल बार को इनसर्ट करता है।

प्रश्न 5.
प्रिंट प्रीविऊ और प्रिंट कमांड की व्याख्या करें।
उत्तर-
प्रिंट प्रीविऊ-अपने दस्तावेज़ को प्रिंट करने से पहले उसको कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने वाली सहूलियत को प्रिंट प्रीविऊ कहा जाता है। इसके द्वारा हम अपने दस्तावेज को प्रिंट किए बिना ही उसका प्रिंट रूप देख सकते हैं और अगर कुछ ठीक न हो तो उसको ठीक कर सकते हैं। इसके साथ हमारा टाइम और पेपर बच जाता है। प्रिंट कमांड-प्रिंट कमांड का प्रयोग अपने दस्तावेज़ को कागज़ पर प्रिंटर के द्वारा प्रिंट करने के लिए किया जाता है। यह तब ही चलती है अगर हमारे कंप्यूटर पर कोई प्रिंटर इंस्टाल हो। इस कमांड की आऊटपुट हमें स्क्रीन पर नहीं बल्कि कागज़ पर मिलती है।

PSEB 10th Class Computer Guide ऑफिस टूल्ज़) Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. पावर प्वाइंट को किस प्रकार सेव किया जा सकता है ?
(a) PDF के तौर पर
(b) वीडियो फाइल
(c) प्रैजनटेंशन
(d) सभी।
उत्तर-
(d) सभी।

2. इमेज फाइल की एक्सटेंशन कौन-सी है ?
(a) .jpg
(b) .gif
(c) .bmp
(d) सभी।
उत्तर-
(d) सभी।

3. निम्नलिखित में से सिस्टम सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) वर्ड
(b) एक्सल
(c) विंडो
(d) पावर प्वाइंट।
उत्तर-
(c) विंडो

4. मेलमर्ज किस सॉफ्टवेयर की मुख्य फीचर है ?
(a) वर्ड
(b) एक्सल
(c) विंडो
(d) पावर प्वाइंट।
उत्तर-
(a) वर्ड

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

5. कौन-सी ऑफिस टूल की किस्म नहीं है ?
(a) वर्ड प्रोसैसिंग
(b) डी०बी०एम०एस०
(c) मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(d) कोई नहीं। ।

(B) रिक्त स्थान भरें

1. वर्ड प्रोसैसिंग टूल का काम ……………… बनाना है।
उत्तर-
डाक्यूमैंट्स

2. पावर प्वाइंट में थीम ……………… चुनने में मदद करता है।
उत्तर-
बैकग्राऊंड

3. मोबाइल पर चलने वाले सॉफ्टवेयर को ……………… कहते हैं। .
उत्तर-
ऐप

4. ……………… पहले से पारिभाषित डाक्यूमैंट स्ट्रक्चर होती है।
उत्तर-
टैंपलेट

5. ……………… का इस्तेमाल गणना के लिए किया जाता है।
उत्तर-
एक्सल।

(C) सही या गलत

1. एपलीकेशन सॉफ्टवेयर यूज़र के लिए खास काम करता है।
उत्तर-
सही

2. किसी डाक्यूमैंट के लिए दो ओरीएंटेशन हो सकती है।
उत्तर-
सही

3. प्रैज़नटेशन को PDF के रूप में सेव किया जा सकता है।
उत्तर-
गलत

4. एक्सल में हम गणना नहीं कर सकते।
उत्तर-
गलत

5. पेज मार्जन पेज के बीच में खाली जगह होती है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
दो प्रकार के।

प्रश्न 2.
हमारे काम को लाभकारी और कुशल बनाने वाले सॉफ्टवेयर को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
ऑफिस टूल्ज़।

प्रश्न 3.
नोटपैड किसकी उदाहरण है ?
उत्तर-
वर्ड प्रोसैसिंग टूल की।

प्रश्न 4.
स्प्रेडशीट की एक उदाहरण दें।
उत्तर-
एम०एस० एक्सल।

प्रश्न 5.
पावर प्वाइंट किस टूल की उदाहरण है ?
उत्तर-
प्रैजनटेशन टूल की।

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 1 ऑफिस टूल्ज़

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पेज मार्जन क्या होते हैं ?
उत्तर-
पेज मार्जन पेज़ के किनारों के इर्द-गिर्द खाली स्थान होता है। साधारण रूप में, हम मार्जन के अंदर प्रिंट होने योग्य एरिया में टैक्सट और ग्राफिक्स रखते हैं। जब हम किसी डाक्यूमैंट के पेज़ मार्जन को बदलते हैं, हम उस जगह को बदलते हैं जहाँ टैक्सट और ग्राफिक्स दिखाई देते हैं।

प्रश्न 2.
पहले से परिभाषित पेज मार्जन को सैट करने का तरीका लिखें।
उत्तर-

  1. पेज़ लेआउट टैब पर पेज़ सैट अप ग्रुप में, मार्जन पर क्लिक करें। (मार्जन गैलरी ड्राप डाउन मीन दिखाई देगा।)
  2. मार्जन की उस किस्म पर क्लिक करें जिसको हम लागू करना चाहते हैं।

प्रश्न 3.
पेज़ ओरिएनटेशन को बदलने के लिए पग लिखें।
उत्तर-
पेज़ ले आऊट टैब पर पेज़ सैट-अप ग्रुप में ओरिएनटेशन पर क्लिक करें। Portrait या Landscape पर क्लिक करें।

प्रश्न 4.
एक ही डाक्यूमैंट पर भिन्न-भिन्न पेज़ ओरिएनटेशन लगाने के पग लिखें।
उत्तर-
1. पेज़ या अनुच्छेद का चुनाव करें जिनको हम पोर्टरेट या लैंडस्केप करना चाहते हैं।
2. पेज़ ले आउट टैब पर, पेज़ सैट-अप ग्रुप में, मार्जन पर क्लिक करें।

  • ड्राप डाउन मीनू के नीचे कस्टम मार्जन पर क्लिक करें।
  • एक पेज़ सैटअप डायलॉग बॉक्स नज़र आयेगा।
  • मार्जन टैब पर, पोर्टरेट या लैंड स्केप पर क्लिक करें।
  • Apply to list में Selected text या This point forward पर क्लिक करें।

प्रश्न 5.
कस्टम मार्जन बनाने के कदमों की व्याख्या करें।
उत्तर-

  1. पेज़ ले आउट टैब पर, पेज़ सैटअप ग्रुप में, मार्जन पर क्लिक करें।
  2. मार्जन गैलरी के ड्राप डाउन मीनू के नीचे कस्टम मार्जन पर क्लिक करें।
  3. पेज़ सैटअप डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।
  4. मार्जन बदलने के लिए Top, Bottom, Left या Right टैक्सट बॉक्स में नए मूल्य दाखिल करें।
  5. OK पर क्लिक करें।

प्रश्न 6.
प्रैजनटेशन को PDF फाइल के रूप में सेव करने के स्टैप लिखें।
उत्तर-
पी०डी०एफ० फाइल के रूप में प्रैजनटेशन को सेव करने के स्टैप हैं-

  • फाइल टैब में बैक स्टेज PDF पर जायें।
  • Save As डायलॉग को खोलने के लिए Save As पर क्लिक करें।
  • फाइल को सही नाम दें।
  • Supported File Types की लिस्ट में से PDF फाइल टाइप चुनें और Save पर क्लिक करें।
  • PDF फाइल नियत की जगह में सेव हो जायेगी।

प्रश्न 7.
पी०पी०टी० ब्रॉडकास्ट स्लाइड शो की व्याख्या करें।
उत्तर-
पावर प्वाइंट 2010 यूज़र को अपनी Presentation इंटरनैट पर दुनिया भर के दर्शकों के लिए प्रसारण करने का मौका देता है। माइक्रोसॉफ्ट मुफ्त प्रसारण स्लाइड शो सेवा प्रदान करता है। हमें सिर्फ लिंक को अपने दर्शकों से शेयर करने की ज़रूरत होती है और वो किसी भी स्थान पर Presentation देख सकते हैं। ऐसा करने के लिए कोई खास सैटअप या फीस देने की ज़रूरत नहीं होती। हमें सिर्फ एक Windows Live Account की ज़रूरत पड़ती है।

प्रश्न 8.
पी०पी०टी० पैकेजिंग Presentation क्या होती है ?
उत्तर-
कुछ Presentations दर्शकों को एक सी०डी० के रूप में बांटना ज्यादा बेहतर रहता है। ऐसे मामलों में,हम एक सी०डी० पैकेजिंग बना सकते हैं जो एक सी०डी० में burn (बर्न) करके बांटे जा सकते हैं।

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IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न 

प्रश्न 1.
पी०पी०टी० डाक्यूमैंट पासवर्ड सैट करने के स्टैप लिखें।
उत्तर-
कई बार Presentation को सुरक्षित करने के लिए और अनअधिकारिक रीडर स्लाइड को न देख सकें, पावर प्वाइंट यूज़र को Presentation को सुरक्षित करने की योग्यता प्रदान करता है।

  1. फाइल टैब पर बैक स्टेज View पर जायें।
  2. Info सैक्शन पर Permission ड्राप डाऊन पर क्लिक करें।
  3. पासवर्ड सुरक्षित करने के लिए ‘Encrypt with Password’ चुनें।
  4. इनक्रिप्ट डाक्यूमैंट डायलॉग ‘Encrypt Document Dialog’ में पासवर्ड डालें।
  5. Confirm Password डायलॉग में पासवर्ड दुबारा डालें।
  6. हमारी Presentation अब पासवर्ड में सुरक्षित है यूज़र को अब फाइल खोलने के लिए पासवर्ड डायलॉग में पासवर्ड देना पड़ेगा।

प्रश्न 2.
पी०पी०टी० ई-मेल स्लाइड शो क्या है ? इस प्रैजनटेशन को ई-मेल करने के पग लिखें।
उत्तर-
पावर प्वाइंट यूजरों को Presentation ई-मेल अटैचमैंट के रूप में भी शेयर करने की आज्ञा देता है। हालांकि हम प्रोग्राम के बाहर से Presentation को अटैच कर सकते हैं, पावर प्वाइंट से सीधे ई-मेल भेजने की योग्यता काफी सुविधाजनक है। यह इसलिए है, क्योंकि हमें ई-मेल भेजने के लिए पावर प्वाइंट को बंद करने की ज़रूरत नहीं है। पावर प्वाइंट से एक ई-मेल भेजने के स्टैप

  • फाइल टैब बैक स्टेज View पर जायें।
  • Save & Send पर क्लिक करें, Send using email आप्शन को चुनें और Send As Attachment बटन पर क्लिक करें।
  • यह Out look sendmail विंडो को लांच करता है जिसमें Presentation एक अटैचमैंट की तरह जुड़ी होती है। ई-मेलों को जोड़ सकते हैं और ई-मेल भेज सकते हैं।
  • हम Recipient के ई-मेल भर सकते हैं और E-mail भेज सकते हैं। Send As Attachment चुनने के अलावा अगर हम Send as pdf चुनते हैं तो हम Attachment को .pptx की जगह अटैचमैंट के रूप में भेज सकते हैं।

प्रश्न 3.
प्रैजनटेशन को वीडियो फाइल के रूप में सेव करने के कदमों की व्याख्या करें।
उत्तर-
एक वीडियो फाइल के रूप में प्रैजनटेशन को सेव करने के स्टैप

  • फाइल टैब में बैक स्टेज view पर जायें।
  • सेव एज़ डायलॉग को खोलने के लिए सेव एज पर क्लिक करें।
  • फाइल को सही नाम दें।
  • सहायक फाइल किस्म की सूची में से फाइल किस्म .wmv चुनें।
  • वीडियो बनाना तुरंत होने वाली प्रक्रिया नहीं है, जैसे कि अन्य फाइल टाइप्स में होता है। पावर प्वाइंट को वीडियो फाइल बनाने की ज़रूरत पड़ती है। हम अपनी प्रैजनटेशन विंडो के नीचे वीडियो बनाने की प्रक्रिया को देख सकते हैं।
  • जब प्रैजनटेशन बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो वीडियो फाइल को नियत जगह पर बन जाती है।

प्रश्न 4.
टैब स्टॉप को क्लीयर करने के भिन्न-भिन्न पग लिखें।
उत्तर-
हम भिन्न-भिन्न तरीकों से टैब स्टॉप को हटा सकते हैं, सबसे आसान है रूलर पर जायें। टैब स्टॉप पर क्लिक करें और होल्ड करें और इसको डाक्यूमैंट की तरफ नीचे को खींचें। टैब स्टॉप हट जायेगा।
टैब स्टॉप तेज़ी से हटाने के लिए और नई शुरुआत करने के लिए –

  1. होम टैब पर क्लिक करें, पैराग्राफ डायलॉग बॉक्स लांचर पर क्लिक करें।
  2. एक पैराग्राफ बॉक्स दिखाई देगा, डायलॉग बॉक्स के नीचे बाईं तरफ टैब्ज के बटन पर क्लिक करें।
  3. एक टैब डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।
  4. टैब स्टॉप पोजीशन नीचे सूची में, टैब स्टॉप पोजीशन पर क्लिक करें जो हम हटाना चाहते हैं और फिर Clear पर क्लिक करें। मैनूयल टैब स्टॉपस से स्पेस हटाने के लिए Clear All पर क्लिक करें।

प्रश्न 5.
“स्पैल चैक” विशेषता का इस्तेमाल करने के तरीके लिखें।
उत्तर-
अपने डाक्यूमैंट में गल्तियों को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका यह है
1. कर्सर को गलत स्पैलिंग वाले शब्द पर ले जाकर Right क्लिक करें।
2. एक ड्राप डाउन बाक्स शब्द के सही स्पैलिंग के साथ दिखाई देगा।
3. उस शब्द को हाइलाइट करें और Left क्लिक करें जिसके साथ हम सही शब्द को बदलना चाहते हैं। ज्यादा व्यापक स्पैलिंग और व्याकरण की जांच करने के लिए, हम स्पैलिंग और ग्रामर (Spelling and Grammar) विशेषता का उपयोग कर सकते हैं।

  • Review टैब पर क्लिक करें।
  • स्पैलिंग और ग्रामर कमांड पर क्लिक करें।
  • एक Spelling & Grammar बॉक्स दिखाई देगा।
  • हम बॉक्स के अंदर कोई स्पैलिंग या ग्रामर के मुद्दे को ठीक कर सकते हैं।

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प्रश्न 6.
किसी दस्तावेज़ को प्रिंट करने के कदम लिखें।
उत्तर-

  1. फाइल टैब पर क्लिक करें।
  2. एक डाक्यूमैंट को प्रिंट करने के लिए प्रिंट कमांड पर क्लिक करें।
  3. अपना डाक्यूमैंट प्रिंट करने के लिए प्रिंट बटन पर क्लिक करें।
  4. यह ड्राप डाउन चुने हुए प्रिंट को दिखाता है। ड्राप डाउन को क्लिक करने से और उपलब्ध प्रिंटर दिखाई देंगे।
  5. यह ड्राप डाउन मीनू में चुनी हुई सैटिंग्ज़ हैं। हमें सिर्फ एक विशेषता का नाम दिखाने के अलावा, यह मीनू हमें हर एक विशेषता के बारे में बताता है और इसका वर्णन करता है। यह हमें समझने में मदद कर सकता है कि क्या हम अपनी सैटिंग्ज़ को बदलना चाहते हैं।

प्रश्न 7.
पावर प्वाइंट में ट्रांजीशन पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
पावर प्वाइंट स्लाइड ट्रांजीशन विशेषता को स्पोर्ट करती है जो हमें स्लाइड शो के दौरान स्लाइडों की तबदीली करने के बारे में आज्ञा देता है। पावर प्वाइंट प्रैजनटेशन जिसमें हर एक स्लाइड के बीच में स्पैशल इफैक्ट हैं, वो इफैक्ट स्लाइड ट्रांजीशन हैं। एक ट्रांजीशन साधारण स्लाइड Flashy Effect से लेकर जटिल फ्लैशी इफैक्ट भी हो सकती है। इसका मतलब यह है कि हम किसी प्रैजनटेशन के स्टाइल अनुसार किसी भी ट्रांजीशन का चुनाव कर सकते हैं।

ट्रांजीशन का चुनाव करने के लिए तीन श्रेणियां हैं जो कि Transition Tab पर मौजूद होती हैं-

  1. Subtle (Slight Transitions)
  2. Exciting (Strong Transitions)
  3. Dynamic Content

प्रश्न 8.
एम०एस० पावर प्वाइंट में स्लाइड शो क्या है और इसको शुरू करने और समाप्त करने के बारे में विस्तार में बतायें।
उत्तर-
अपने स्लाइड शो को पेश करने के लिए, हमें इसकी शुरुआत करने की जानकारी होनी चाहिए। पावर प्वाइंट हमारी पहली स्लाइड या स्लाइड शो के अंदर किसी भी स्लाइड से स्लाइड शो शुरू करने की आज्ञा देता है। एक बार स्लाइड शो शुरू होने के बाद हमें यह पता होना चाहिए कि कैसे स्लाइडों से आगे बढ़ना है। स्लाइड शो शुरू करना :
1. स्लाइड शो टैब का चुनाव करें।
2. स्लाइड शो को पहली स्लाइड से शुरू करने के लिए, ग्रुप में से, कमांड का इस्तेमाल करें।

हम जिससे स्लाइड शो शुरू करना चाहते हैं उसको Start Slide Show Group में से From Current Slide पर क्लिक करने चुन सकते हैं। यह Option उस समय सुविधाजनक है अगर हम कुछ स्लाइडों को देखना या पेश करना चाहते हैं। स्लाइड शो की शुरुआत करने का दूसरा Option विंडो के नीचे स्थित स्टेट्स बार पर दाईं तरफ Slide Show View पर क्लिक करना है एक स्लाइड शो को रोकने या समाप्त करने के लिए हम प्रैजनटेशन समाप्त करने के लिए अपने की बोर्ड से ESC कीज़ दबा सकते हैं। पावर प्वाइंट में स्लाइड शो की सैटिंग और चलाने के लिए कई ऑप्शन मौजूद हैं। हम एक ऑटोमैटिक प्रैजनटेशन बना सकते हैं जो एक क्यूसिक काउंटर पर प्रदर्शित की जा सकती है।

स्लाइड शो सैटअप ऑप्शन तक पहुंच करने के लिए

  1. स्लाइड शो टैब चुनें।
  2. सैटअप शो कमांड पर क्लिक करें।
  3. सैटअप शो डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा। स्लाइड शो की सैटिंग और चलाने के लिए उपलब्ध ऑप्शनों में से किसी बटन पर क्लिक करें।
  4. स्लाइड शो की सैटिंग्ज़ को लागू करने के लिए OK पर क्लिक करें।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 7 ई-गवर्नेस

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PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 7 ई-गवर्नेस

परिचय
गवर्नेस का मतलब है-फैसले करना और फैसले को लागू करने की कार्य प्रक्रिया।
ई-गवर्नेस-इस का मतलब है कि सरकारी सेवाओं का आनलाइन मिलना। ई-गवर्नैस का मतलब है सूचना तकनीक (Information Technology) की मदद से नागरिकों और व्यापारियों को नई-से-नई व्यापारिक जानकारी देना और कार्यों को बढ़िया तरीके से उन को प्रदान करवाना।

ई-गवर्नेस की मदद से हम किसी भी ज़रूरी काम आने वाले सूचनाओं को कहीं भी कभी भी देख सकते हैं। इस के लिए हमारे पास कम्प्यूटर और इंटरनैट होना बहुत ज़रूरी है। इस का प्रयोग हर एक क्षेत्र में किया जाता है। इसमें लिखित, मौखिक, वीडियो और ऐनीमेशन तकनीकें शामिल हैं।

अच्छी गवर्नेस की मुख्य विशेषताएं
एक अच्छी गवर्नेस की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं :
1. अच्छी गवर्नेस में सभी सम्मिलित होते हैं। कोई भी आदमी जोकि किसी निर्णय द्वारा प्रभावित होता है या फैसला लेने की प्रक्रिया में भाग लेना चाहता है, में शामिल हो सकता है। यह कई ढंगों से जैसे कि किसी वर्ग के लोगों को जानकारी देनी और उनकी राय का पता लगाना, उनको सिफारिशों का मौका देना या कई बार उनको वास्तव में निर्णय करने के कार्य में शामिल कर लिया जा सकता है।

2. अच्छी गवर्नैस कानून का पालन करती है।

3. अच्छी गवर्नेस निर्णय करने और फैसले लागू करने में प्रभावशाली और कुशल होती है और कई प्रक्रियाओं द्वारा उपलब्ध लोगों, स्रोतों के अच्छे प्रयोग करके समाज की आवश्यकता अनुसार नतीजे प्राप्त करती है।

4. अच्छी गवर्नेस लिए गए फैसले के नतीजे के लिए जनता को उत्तरदायी होती है।

5. अच्छी गवर्नेस जनता की आवश्यकताओं को समय पर और ठीक ढंग से पूरा करने के लिए उत्तरदायी होती है।

6. अच्छी गवनैंस पारदर्शी होती है, इससे अभिप्राय यह है कि जनता साफ-साफ यह देख सकती है कि कोई फैसला कैसे और क्यों लिया गया है।

ई-गवर्नेस का इतिहास और विकास
भारत में ई-गवर्नेस 70 में स्थापित की गई। उस समय सरकार ने इसको सुरक्षा के क्षेत्र, पैसे के लेनदेन की योजना के क्षेत्र में प्रयोग किया? सूचना और संचार टैकनोलॉजी का प्रयोग वोटे, टैक्स, प्रशासन से संबंधित डाटे का प्रबंध करने के लिए किया जाता है। इसके बाद NIC-National Information Center की कोशिशों से सारे जिलों को आपस में जोड़ा गया। साल 1990 की शुरुआत में ई-गवर्नेस ने सूचना टैकनोलॉजी का प्रयोग करके बहुत बड़े क्षेत्र में पहुंच गए और गांव क्षेत्र में पहुंचने की कोशिश की।

पहले सरकार और नागरिक के बीच बात करने के लिए कार्यालय की ज़रूरत पड़ती थी। परन्तु सूचना और संचार के क्षेत्र में प्रगति आने से सरकारी काम और अच्छे तरीके से होने लगा। सूचना और संचार में ग्राहकों के लिए, सेवा केन्द्र को ढूंढना और भी संभव हो गया। यह केन्द्र सरकारी एजेंसी में ‘काऊंटर के रूप में या ग्राहकों के नज़दीक सरकारी एजेंसी के बाहर भी हो सकते हैं।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 7 ई-गवर्नेस

ई-गवर्नेस
ई-गवर्नेस का मतलब है सूचना तकनीक (Information Technology) की मदद से नागरिकों और व्यापारियों को नई-से-नई व्यापारिक जानकारी देना और कार्यों को बढ़िया तरीके से उन को प्रदान करवाना। ई-गवर्नेस की मदद से हम किसी भी ज़रूरी काम आने वाले सूचनाओं को कहीं भी कभी भी देख सकते हैं। इस के लिए हमारे पास कम्प्यूटर और इंटरनैट होना बहुत ज़रूरी है। इस का प्रयोग हर एक क्षेत्र में किया जाता है। इसमें लिखित, मौखिक, वीडियो और ऐनीमेशन तकनीकें शामिल हैं।

ई-गवर्नेस के चार स्तंभ

  1. संपर्क-लोगों को सरकार की सेवाओं से जोड़ने के लिए संपर्क की आवश्यकता होती है।
  2. ज्ञान-ज्ञान का भाव है IT (Information Technology) का ज्ञान। सरकार अच्छे इंजीनियर को इस काम के लिए रखती है जो ई-गवर्नेस के काम को अच्छे से पूरा करते हैं।
  3. डाटा-इंटरनैट पर सूचना को शेयर करने के लिए सरकार अपनी सेवाओं से संबंधित डाटाबेस का रख-रखाब करती है।
  4. पैसा-सरकार की तरफ से अपनी सेवाओं को लागू करने के लिए लगाई गई राशि।

ई-गवर्नेस के उद्देश्य

  • भिन्न-भिन्न आनलाइन सेवाओं का प्रयोग करके जनता की ज़रूरतों को आसानी से पूरा करना।
  • सरकारी प्रशासनिक काम-काज की पारदर्शी, उत्तरदेय और प्रभावशाली तरीके के साथ सेवाओं को उपलब्ध करवाना।

ई-गवर्नेस के चार मॉडल
1. सरकार से नागरिक-यह सरकार की उन सेवाओं के बारे में बताती है जो एक नागरिक प्रयोग करता है। इस मॉडल में नागरिक जिन सेवाओं का प्रयोग करना चाहते हैं, उस लिंक का प्रयोग करते हैं। इसका प्रयोग करके नागरिक आन लाइन पानी का बिल, बिजली और टैलीफोन आदि को जमा करवा सकता है।

2. सरकार से सरकार-इस मॉडल में सरकार के बीच शेयर किये जाने वाली सेवाएं आती हैं। इसमें सरकार भिन्न-भिन्न प्रकार के राज्य के पुलिस विभाग शेयर किये जाने वाली सूचना और बजट से संबंधित काम शामिल है।

3. सरकार से व्यापारी-इसमें निजी क्षेत्र और सरकार के बीच रिश्ता और भी अच्छा होता है। यह व्यापारियों से सरकार और सरकार से व्यापारियों की बातचीत करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें टैक्स को इकट्ठा करना, पैकिंग वस्तुओं को मंजूर या न मंजूर करना आदि शामिल है।

4. सरकार से कर्मचारी-इस मॉडल में सरकार और इसके कर्मचारियों के बीच और अच्छे संबंधों के लिए काम करता है। इसके कर्मचारी सरकार के काम और कार्य प्रणाली की देखभाल करते हैं।

ई-गवर्नेस का महत्त्व-

  1. ई-गवर्नेस से कोई भी काम बड़ी तेज़ी, आसानी से कर सकते हैं। जिन कामों को बहुत ज्यादा समय लगता था, वही काम आज बड़ी आसानी और परंपरागत तरीकों से किया जा सकता है।
  2. इस में लिखित, मौखिक, वीडियो और ऐनीमेशन तकनीकें शामिल हैं।
  3. इसका खर्च परंपरागत साधनों के खर्च से बहुत कम होता है। पूरा सैट-आप स्थापित हो जाने से इसका रोज़ाना खर्चा बहुत कम होता है । सिर्फ शुरुआत के खर्चे ज्यादा हैं।
  4. ई-गवर्नेस की मदद से हम भी कहीं भी किसी भी टाईम अपना काम कर सकते हैं जैसे हम किसी भी बैंक की वैब साईट से अपने अकाऊंट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और बैंकों की नई स्कीमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सुविधा सैंटरों के कोई पाँच मुख्य उपयोग

  • इन सैंटरों में जनता की आम ज़रूरत में आने वाली सेवायें, सहूलतें प्रदान की जाती हैं।
  • हर सुविधा सैंटर में हैल्प-लाईन नंबर मौजूद हैं। कोई भी व्यक्ति टेलीफोन करके जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
  • सेवाओं के लिए एक स्थान पर सारी ऐपलीकेशनज़ को जमा करवाना ।
  • जो भी नई स्कीम या तरीका हो उसकी जानकारी मौके पर उसी समय ही उपलब्ध हो जाती है।
  • सुविधा केंद्रों की कोरीयर (Courier) सर्विस भी बहुत तेज़ है जिस के द्वारा ज़रूरी कागजात अब 48 घंटों में व्यक्तियों के घर पहुंचा दिये जाते हैं।

ई-गवर्नेस के लाभ
1. कम खर्च (Low Cost)-इसका खर्च परंपरागत साधनों के खर्च से बहुत कम होता है। पूरा सैट-अप स्थापित हो जाने पर इसका रोज़ाना खर्चा बहुत कम होता है। केवल आरंभ के खर्चे ज्यादा हैं। इस की लागत में साफ्टवेयर, नेटवर्किंग और इंटरनैट की लागत मुख्य है।

2. तेज रफ्तार (High Speed)-ई-गवर्नेस से कोई भी काम बड़ी तेज़ी और आसानी से कर सकते हैं। जिन कामों को बहुत ज्यादा समय लगता था वही काम आज बड़ी आसानी और परंपरागत तरीकों से किये जा सकते हैं, जैसे कि हम किसी रेल की टिकट पहले रेलवे स्टेशन पर जा कर बुक करवाते थे पर अब सब कुछ वैब-साईट पर उपलब्ध है और हम अब घर बैठे टिकट बुक करवा सकते हैं।

3. कहीं भी किसी भी समय (Anywhere anytime)-ई-गवर्नेस की मदद से हम कहीं भी किसी भी समय अपना काम कर सकते हैं जैसे कि ATM मशीन के आ जाने से हम किसी भी समय पैसे निकाल सकते हैं। यह 24 घंटे खुले रहते हैं और इस के लिए किसी भी व्यक्ति की ज़रूरत नहीं पड़ती। इस के बिना हम किसी भी बैंक की वैब-साईट से अपने अकाऊंट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और बैंक की नई स्कीमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ई-गवर्नेस की सेवाएं
1. इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking)-इंटरनेट बैंकिंग ने बैंकिंग को नया रूप प्रदान कर दिया है। इस बैंकिंग के द्वारा हम इंटरनेट (Internet) द्वारा आम बैंकिंग सुविधायें जैसे कि भुगतान (Payment), मनी ट्रांसफर (Money Transfer) आदि काम 24 घंटे कर सकते हैं। जो काम पहले बैंकों में जा कर करना पड़ता था आज वही काम जैसे नई स्कीमों की जानकारी, एक से दूसरे खाते में अदायगियां या पैसा ट्रांसफर करना आदि, आज हम घर बैठे कर सकते हैं। यह कस्टमर को अकाऊंटस की सिक्योरिटी प्रदान करवाता है।

2. आन-लाईन रेलवे और हवाई-टिकटिंग-इस तकनीक के द्वारा हम रेल गाड़ियों और हवाई उड़ानों की जानकारी पहले से ही प्राप्त कर सकते हैं और रेलवे और हवाई संस्था की टिकटें इंटरनेट के द्वारा घर बैठे बुक करवा सकते हैं, अदायगी के भी बहुत विकल्प मौजूद हैं। भारतीय रेलवे ने दो तरह की टिकटिंग प्रणाली शुरू की हुई है:(1) आई-टिकटिंग (2) ई-टिकटिंग।

3. पासपोर्ट सेवायें-पासपोर्ट आफिस ने भी पासपोर्ट सेवायें शुरू की हुई हैं। पासपोर्ट सेवाओं के द्वारा ऐपलीकेंट अपने नाम और दूसरी डिटेलज़ (Details) से वैब पर रजिस्टर हो सकते हैं।

4. टैक्सों, पानी और सीवरेज के बिलों, टेलीफोन के बिलों की अदायगी के लिए।

5. बसों के महीनावार पास, सीनियर सिटीज़न, अंगहीनों के प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए।

6. जन्म और मौत के सर्टीफिकेट, जाति और अनुसूचित जातियों के प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 7 ई-गवर्नेस

ई-गवर्नेस के क्षेत्र

  1. शहरी क्षेत्र में ई-गवर्नेस
  2. गाँव में ई-गवर्नेस
  3. स्वास्थ्य विभाग में ई-गवर्नेस
  4. शिक्षा क्षेत्र में ई-गवर्नैस।

शहरी क्षेत्र में ई-गवर्नेस
1. आवाजाही
इस क्षेत्र में ई-गवर्नेस निम्न कार्य करती है

  1. लर्नर तथा ड्राइविंग लाइसैंस जारी तथा रिन्यू करना
  2. आनलाइन सहूलियत प्रदान करना ।
  3. आनलाइन बस टिकट, पड़ताल सुविधा प्रदान करना
  4. बसों का टाइम टेबल जारी करना
  5. इंटर स्टेट बुकिंग सुविधा
  6. सुधार प्रोग्राम जारी करना
  7. क्षेत्रीय प्रोग्राम बनाना
  8. भीड़ नियंत्रण करना
  9. आवाजाही मांग प्रबंधन

मुख्य प्रोजैक्ट
1. IRCTC
2. HRTC

2. बिल तथा टैक्स की आनलाइन अदायगी
इस क्षेत्र में ई गवनैंस निम्न सेवाएं प्रदान करती है

  • आनलाइन लाईसैंस तथा यूनिवर्सिटी फीस अदा करना
  • बिजली, पानी आदि बिल अदायगी
  • गाड़ियों आदि के टैक्स देना
  • घरों की किश्तें।

मुख्य प्रोजैक्ट
1. SAMPAIR
2. E Suvidha
3. E Seva
4. E Mitra

3. सूचना तथा संपर्क सेवाएं

इसमें निम्न सेवाएं प्रदान की जाती हैं

  • रोजगार, टैंडर आदि के बारे में
  • गांवों में ई-मेल से सूचना

मुख्य प्रोजैक्ट
Lok Mitra

4. नगर निगम सेवाएं

  • घरों के टैक्स, बिल भरने
  • ज़मीनों के रिकार्ड रखने
  • पासपोर्ट वेरीफिकेशन
  • जन्म तथा मृत्यु सर्टीफीकेट जारी करना
  • जायदाद की रजिस्ट्रेशन
  • पेंशन तथा सर्टीफिकेट जारी करना
  • साइट प्लान पास करवाना।

मुख्य प्रोजैक्ट
1. SDO Suit
2. Rural Digital Seva

5. सड़क तथा सुरक्षा प्रबंधन

  • सड़क तथा पुलों का नेटवर्क
  • सड़क बनाना तथा मुरम्मत करना
  • यातायात भीड़ प्रबंधन
  • सुरक्षा, हादसे तथा प्रदूषण कंट्रोल

मुख्य प्रोजैक्ट RSPCB
ग्रामीण क्षेत्र में ई-गवर्नेस
1. खेती बाड़ी : इसके निम्न प्रोजैक्ट हैं

  • AGMARKNET
  • SEDNET

2. लोकल सूचना इस क्षेत्र के निम्न प्रोजैक्ट हैं

  • E-Aadhaar
  • E Jan Sampark

3. आफत प्रबंधन
इस क्षेत्र के प्रोजैक्ट हैं
1. Chetana

4. लैड रिकार्ड मैनजमैंट
इस क्षेत्र के निम्न प्रोजैक्ट हैं-

  • लैंड रिकार्ड मैनेजमैंट सिस्टम
  • Dev भूमि
  • वहु लेख
  • ई धरा
  • पंचायत

इस क्षेत्र की सेवाएं निम्न हैं
1. जन्म तथा मृत्यु सर्टीफिकेट जारी करना
2. वोटर सूची में सुधार
3. ग़रीबों के लिए स्कीम चलाना
4. जिला स्तर पर प्लान बनाने
5. ग़रीबों के लिए नौकरी प्रबंधन
6. गांवों में पानी तथा सैनीटेशन सहूलियत देना।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 7 ई-गवर्नेस

प्रोजैक्ट E. Gram
सेहत क्षेत्र में ई-गवर्नेस सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में ई-गवर्नेस का बहुत महत्त्वपूर्ण योगदान है। इसमें सरकार शिक्षा के क्षेत्र और सेहत विभाग में क्या काम चल रहा है उसकी पूरी देखभाल करती है। इसमें सरकार इस बात को देखती है कि सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में कितना सुधार हुआ है। यदि कोई सुधार हुआ है तो कितनी मात्रा में हुआ है।

प्रोजैक्ट

  1. अस्पताल में OPD रजिस्ट्रेशन
  2. डॉक्टर से अपायंटमैंट
  3. आनलाइन वेरीफिकेशन

शिक्षा क्षेत्र में ई-गवर्नेस इस क्षेत्र की सेवाएं निम्न अनुसार हैं –

  • बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा देना
  • कक्षा के रिजल्ट तैयार करना
  • योग्यता आधार पर किताबें बांटने की स्कीम

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन

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PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन

जान-पहचान
इंटरनैट पूरे संसार में जुड़े हुए कम्प्यूटर नेटवर्क का वह समूह है जो कि कॉमन साफ्टवेयर का प्रयोग एक-दूसरे के साथ डाटे की अदला-बदली कर सकता है।

ई-मेल
ई-मेल का पूरा नाम इलैक्ट्रॉनिक मेल है। यह एक ऐसा ढंग है जिससे संदेश को लिखना, भेजना और प्राप्त करना संभव है। यह सब से ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला इंटरनेट साधन है।
ई-मेल का पूरा नाम इलैक्ट्रानिक मेल है। अगर आप किसी नैटवर्क से जुड़े हुए हो तो ई-मेल के द्वारा कोई लिखित या अन्य फाइलों को दूसरे यूज़र (User) तक पहुंचा सकते हो। ई-मेल इलैक्ट्रानिक तरीके से भेजी जाती है जिस को कोई भी यूज़र प्राप्त कर सकता है। ई-मेल का इस्तेमाल बड़ी संस्थाओं द्वारा बहुत ज्यादा किया जाता है।

अगर आप अपने कम्प्यूटर के द्वारा किसी को ई-मेल भेजना चाहते हैं तो आपको एक ई-मेल प्रोग्राम की ज़रूरत पड़ेगी। आज बहुत सारी वैबसाईटें उपलब्ध हैं जो आपको ई-मेल की सुविधा प्रदान करवाती है। हर एक ई-मेल प्रोग्राम के अलग-अलग नियम और योग्यतायें होती हैं। फिर भी नीचे कुछ ई-मेल प्रोग्राम के सारे गुणों की चर्चा की गई है-

  1. नैटवर्क पर हर एक यूज़र को विलक्षण पता (Address) दिया जाता है। ई-मेल पते में यूज़र का नाम और होस्ट का नाम शामिल होता है। उदाहरण के लिए [email protected] एक ई मेल पता है जिसमें abc निजी नाम और इस से आगे होस्ट का नाम है।
  2. ई-मेल भेजते समय प्राप्त करता (receiver) का पता लिखना/बताना पड़ता है। ई-मेल प्रोग्राम
    मेल भेजने वाले का ई-मेल पता, तारीख और समय आदि अपने आप भर लेते हैं।
  3. ई-मेल द्वारा प्राप्त किया संदेश आप कागज़ पर प्रिंट कर सकते हो। उसकी संपादना (Edit) कर सकते हो और भविष्य में इस्तेमाल करने के लिए सेव कर के रख सकते हो।
  4. ई-मेल प्रोग्रामों मे आने वाली डाक (मेल) स्क्रीन पर अपने-आप प्रदर्शित हो जाती है, नहीं तो समय-समय पर खुद को ई-मेल चैक करनी पड़ती है।
  5. आप अपनी मेल में कोई कुछ पन्नों का संदेश और साथ ही कोई फाइल आदि जोड़ कर भेज सकते हो। ई-मेल में आप गैर-लिखत (non-text) फाईलें जैसे कि तस्वीरें, गाने और प्रोग्राम फाइलें आदि जोड़ सकते हो।

ई-मेल पता
ई-मेल भेजने या प्राप्त करने के लिए आप के पास ई-मेल पता होना बहुत आवश्यक है। ई-मेल पते के दो भाग हो सकते हैं-
इस्तेमाल करने वाले का नाम @ होस्ट (Username@Host) यहां host या मेज़बान से भाव है ई-मेल की सुविधा प्रदान करवाने वाला जैसे कि [email protected] में इस्तेमाल करने वाले का और yahoo ई-मेल की सुविधा वाली एक वैबसाइट है।

GMail Gmail, Google की मुक्त ई-मेल सेवा है। यह कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करती है। Gmail पर अकांऊट बनाना Gmail पर ई-मेल अकाऊंट बनाने के निम्न पग हैं

  1. अपना इंटरनेट ब्राऊजर खोलें।
  2. www.gmail.com एडरैस टाइप करें।
  3. Google का Sign in सैक्शन आ जाएगा।
  4. Create Account पर क्लिक करें।
    PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन 1

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन

एक नया पेज आएगा जिसमें हमसे कुछ बेसिक जानकारी पूछी जाती है।
जैसे कि First name तथा Last name.
Username जो आपका ई-मेल पता होगा।
Password
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन 2
Confirm Password
Date of Birth
Gender
Mobile Number.

5. सारी जानकारी भरने के बाद Next पर क्लिक करें तो ई-मेल अकाऊंट तैयार हो जाएगा।

CAPTCHA का पूरा नाम Code Completely Automated Public Thring Test to Tell Computer and Human Apart. यह एक प्रकार का टैस्ट होता है जो हमें बताता है कि यूजर मनुष्य है या नहीं। इसमें यूजर को कोई टैक्सट भरने के लिए दिया जाता है तथा उसे फिर चैक किया जाता है।
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन 3

गूगल एप्स एप्स से अभिप्राय एप्लीकेशन। यह एक एप छोटा साफ्टवेयर होता है। यह इंटरनैट कम्प्यूटर या फोन या किसे इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस को चलाता है। यह एक प्रकार का प्रोग्राम होता है।

गूगल कैलंडर यह एक गूगल द्वारा बनाया गया टाइम मैनेजमैंट वैब एप्लीकेशन तथा मोबाइल एप्प है। उसके द्वारा हम अपने कार्य को रिकार्ड कर सकते हैं तथा यह हमें समय आने पर अलर्ट भी कर देता है। इसके लिए यूजर के पास Google अकाऊंट होना चाहिए।

गूगल मैप गूगल मैप एक डैस्कटाप बैव मैपिंग सेवा है। इससे हमें सैटेलाइट इमेज, स्ट्रीट मैप, 360 डिग्री स्ट्रीट व्यू, मौजूदा ट्रैफिक कंडीशन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट द्वारा यात्रा करना आदि जैसे विकल्प या सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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गूगल ट्रांसलेट गूगल ट्रांसलेट-यह गूगल की एक फ्री सेवा है, जिसमें किसी एक भाषा से दूसरी भाषा में मशीनी ट्रांसलेशन की जा सकती है।
Google +
Google + एक सोशल नेटवर्किंग साइट है। यह हमें वही फीचर प्रदान करती है जो कि Facebook देती है; जैसे

  1. Post.
  2. Circle
  3. Sports
  4. Hangout & Huddles.

→ Google Docs यह एक आनलाइन वर्ड प्रोसैसर है जिस द्वारा हम वर्ड दस्तावेज बना सकते हैं।

→ Google Sheets यह एक आनलाइन स्प्रेडशीट है जिसमें हम Excel वाले सारे कार्य कर सकते हैं।

→ Google Slides यह आनलाइन प्रेजेंटेशन साफ्टवेयर है। इसमें हम Powerpoint की तरह प्रेजेंटेशन बना सकते हैं।

→ Play Store यह एक आनलाइन स्टोर है जिसमें हम Android डिवाइस के लिए कई प्रकार की ऐप डाऊनलोड कर सकते हैं।

→ Google Drive यह हमें आनलाइन स्टोरेज सहूलियत प्रदान करती है। इसकी शुरुआत 24 अप्रैल, 2012 को की गई यह हमें 5GB मुफत डाटा देती है।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन

Google Drive के लाभ Google Drive के निम्न लाभ हैं-

  1. Google Drive के साथ हम अपने दोस्तों, रिश्तेदारों आदि को जो गूगल ड्राइव प्रयोग करते हैं को अपनी फाइलें भेज सकते हैं।
  2. इसके द्वारा फाइल वैब पर उपलब्ध हो जाती है, जिससे हम इसे कहीं भी देख सकते हैं।
  3. गूगल ड्राइव एक मोबाइल एप्प भी है। इससे हम अपनी फाइलस को कहीं भी Smart Phone पर भी देख सकते हैं।
  4. गूगल ड्राइव में एक बना बनाया सर्च इंजन भी होता है। इसके द्वारा हम अपनी फाइलों के कंटेंट को सर्च भी कर सकते हैं।
  5. गूगल ड्राइव में ऑप्टीकल करैक्टर रैकोगनीशन सिस्टम भी है। इसे हम स्कैन किये दस्तावेज भी कुछ सर्च कर सकते हैं।
  6. गूगल ड्राइव एक फ्री सेवा है, जब तक इसका ज्यादा बड़ा इस्तेमाल न किया जाए।

Google Drive द्वारा फाइल शेयर करना

  1. Drive में फाइल या फोल्डर खोलो
  2. Sharing Box खोलो। फाइल के दायीं ओर या फोल्डर के ऊपर Share बटन पर क्लिक करो।
  3. जिसको शेयर करनी है उसका email पता टाइप करो।
  4. ज़रूरत अनुसार Edit, Comment, View विकल्प चुनो।
  5. Done पर क्लिक करो।

डाऊनलोड करने का तरीका

  1. लिंक पर क्लिक करें।
  2. Save या Open करें।
  3. डाऊनलोड को Confirm करें।
  4. Open या Run पर क्लिक करें।

इंटरनैट मीडिया
यह एक ऐसा तरीका है जो इंटरनैट के ऑनलाइन अखबार, खबरें आदि का प्रबंध करता है। अब हम इंटरनैट तथा टी०वी० दोनों को आपस में जोड़ सकते हैं तथा कई प्रकार के आनलाइन रेडियो भी सुन सकते

ऑनलाइन अखबार यह अखबार का आनलाइन रूप होता है तथा वैसे ही प्रकाशित होता है। इसको हम इंटरनैट द्वारा अखबार की वैबसाइट पर जा कर पढ़ डाऊनलोड तथा प्रिंट कर सकते हैं।

ऑनलाइन टी० वी०, रेडियो, लाइन प्रोग्राम ऑनलाइन टी०वी० एक स्ट्रीमिंग मीडिया है अर्थात् जब हम इसे देख रहे होते हैं उसी समय यह डाऊनलोड होता है। इसी प्रकार हम ऑनलाइन रेडियो भी सुन सकते हैं। इन सब को हम अपने कम्प्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन आदि पर देख सुन सकते हैं।

क्लाऊड नैटवर्किंग क्लाऊड क्लाऊड का प्रयोग नैटवर्क के लिए होता है। यह वह वस्तु है जो सब जगह होती है, जैसे इंटरनैट। क्लाऊड नैटवर्किंग कलाऊड शब्द इंटरनैट के लिए प्रयोग किया जाता है। दूसरे शब्दों में कलाऊड किसी दूर वाले स्थान को दर्शाता है। यह पब्लिक तथा प्राइवेट दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है।

ई-मेल, वैब कानफरैंसिंग, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमैंट सिस्टम आदि कलाऊड पर चलते हैं। यह हमें आनलाइन स्टोरेज सुविधा तथा अन्य कई प्रकार की एप्लीकेशनज़ प्रदान करता है। यह नैटवर्किंग की स्वतन्त्रता प्रदान करता है। इसमें लोकल पी०सी० पर साफ्टवेयर पर इंस्टाल नहीं करने पड़ते। इसमें अन्य फैसिलिटीज जोड़ना काफी आसान होता है। यूजर बढ़ने के साथ कलाऊड को भी ज़रूरत अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
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यूनीक आई० पी० एडरैस
इंटरनैट से जुड़े प्रत्येक कम्प्यूटर को एक विशेष नंबर दिया जाता है जिसके द्वारा वह पहचाना जाता है। इस एडरैस या नाम को IP एडरैस कहते हैं। एक आई०पी० एडरैस में चार नंबर होते हैं जिनको (.) डाट द्वारा अलग किया जाता है। प्रत्येक नंबर 0 से 255 के बीच हो सकता है। ये चारों नंबर किसी खास नेटवर्क को दर्शाते हैं। 192.168.1.1 एक IP एडरैस की उदाहरण है। इस प्रकार इन सारे नंबरों का प्रयोग करके 4, 294, 967, 296 आई०पी० एडरैस बनाए जा सकते हैं। इंटरनैट पर कोई भी कम्प्यूटर एक आई०पी० एडरैस के नहीं हो सकते।

क्लाऊड प्रिंटिंग
कलाउड प्रिंटिंग वह प्रक्रिया है जिसमें किसी भी दस्तावेज को कलाउड नैटवर्क के साथ जुड़े किसी कम्प्यूटर पर से प्रिंट कर सकते हैं।
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इंटरनैट सुरक्षा इंटरनैट पर कई प्रकार के खतरे हैं। यह खतरे वायरस, स्पाईवेयर, टरोजन, फिशिंग आदि प्रकार के हो सकते हैं।
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन 7

वायरस
यह अपने आप को दोहराने वाला प्रोग्राम होता है। यह हमारे डाटा तथा हार्डवेयर को नुकसान पहुंचाता है।

वायरस की निशानियां
जब आपके पी० सी० में वॉयरस दाखिल होता है तो यह कुछ निशानियां या चिन्न दिखाता है। कुछ महत्त्वपूर्ण निशानियां इस प्रकार हैं –

  1. अगर आपके पी०सी० की स्क्रीन पर संदेश जैसे कि-Happy Birthday to you आना शुरू हो जाये।
  2. अगर कुछ प्रोग्रामों को चालू करने या बन्द करने का समय अचानक बढ़ जाये।
  3. अगर अचानक प्रोग्रामों या सिस्टम फाइलों का आकार बदल जाये।
  4. अगर पूरी कम्प्यूटर प्रणाली की रफ्तार धीमी पड़ जाये।
  5. अगर कम्प्यूटर की फाइलों के नाम बदले हुए नज़र आयें या कुछ प्रोग्राम या डायरैक्टरियां डिस्क पर नज़र न आ रही हों।
  6. अगर कम्प्यूटर बूट ना हो रहा हो।
  7. अगर प्रोग्राम या डाटा फाइलें डिलीट या क्रप्ट (corrupt) हो जायें।
  8. अगर हार्ड डिस्क ड्राइव या फलोपी ड्राइव की छोटी लाइट जग-बुझ रही हो पर कोई काम न हो रहा हो।
  9. अगर कुछ नई फाइलें और फोल्डर्स अपने आप बन जायें। वायरस से बचने का तरीका एंटीवायरस प्रोग्राम होता है।

यह हमारे कम्प्यूटर से वायरस को खत्म करता है। ये कई प्रकार के तथा कई कम्पनियों के हो सकते हैं जैसे;
1. Norton
2. AVG
3. Cscan
4. Avast

स्पाईवेयर
स्पाईवेयर वह प्रोग्राम होता है जो हमारे कम्प्यूटर की जानकारी दूसरे को भेजता है। यह हमारा डाटा, पासवर्ड आदि दूसरे व्यक्ति को भेज सकता है। इस द्वारा भेजी जाने वाली जानकारी का हमें पता नहीं चलता।

टरोजन
टरोजन को टरोजन हार्स भी कहते हैं। यह शब्द ग्रीक कहानी से लिया गया है। यह प्रोग्राम हमारे कम्प्यूटर में बिना आज्ञा दाखिल होकर हमारे कम्प्यूटर तथा डाटा को नुक्सान पहुंचाता है।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 6 इंटरनैट एप्लीकेशन

फिशिंग स्कैम
यह इमेल से धोखा करने का तरीका है। इसमें व्यक्ति ईमेल द्वारा हमारी जानकारी इकट्ठा करता है तथा दूसरों को भेजता है।

डिजीटल सिगनेचर
यह एक ऐसा कोड होता है जो इलैक्ट्रॉनिक तरीके से ट्रांसफर होने वाली फाइल के साथ जुड़ा होता है। इसके साथ भेजने वाले की पहचान होती है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल :
मान लीजिए कि √5 एक परिमेय संख्या है।
इसलिए हम ऐसे दो पूर्णांक r और s जहाँ s ≠ 0 प्राप्त कर सकते हैं कि √5 = \(\frac{r}{s}\)
मान लीजिए r और 5 के 1 के अतिरिक्त अन्य कुछ गुणनखंड हैं, तो हम उस उभयनिष्ठ गुणनखंड से भाग देकर प्राप्त कर सकते हैं :
√5 = \(\frac{a}{b}\) जहाँ a और b, b ≠ 0 सहअभाज्य है।
⇒ b√5 = a
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर,
⇒ (b√5)2 = a2
⇒ b2 (√5)2 = a2
⇒ 5b2 = a2 ……………… (1)
∴ 5, a2 को विभाजित करता है।
प्रमेय से यदि एक अभाज्य संख्या ‘p’, a2 को विभाजित करता है, तो ‘p’, a जहाँ a एक पूर्णांक है, को भी विभाजित करता है।
⇒ 5, a को भी विभाजित करता है ………………. (2)
अतः, a = 5c जहाँ c कोई पूर्णांक है।
a का मान (1) में प्रतिस्थापित करने पर,
5b2 = (5c)2
5b2 = 25c2
b2 = 5c2
या 5c2 = b2
⇒ 5, b2 को विभाजित करता है।
[∵ प्रमेय से यदि एक अभाज्य संख्या ‘p’, a2 को विभाजित करता है, तो ‘p’, a जहाँ a एक पूर्णांक है, को भी विभाजित करता है।
⇒ 5, b को भी विभाजित करता है …………………. (3)
(2) और (3) से, a और b का कम-से-कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड 5 है।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास है कि a और b अविभाज्य है अर्थात् इनके 1 के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखंड हैं।
∴ हमारी यह कल्पना कि √5 एक परिमेय संख्या है, गलत है।
अतः √5 एक अपरिमेय संख्या है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

प्रश्न 2.
सिद्ध कीजिए कि 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल :
मान लीजिए कि 3 + 2√5 एक परिमेय संख्या है।
∴ हम अविभाज्य संख्या a और b प्राप्त कर सकते हैं जहाँ a और b (b ≠ 0) पूर्णांक हैं कि
3 + 2√5 = \(\frac{a}{b}\)
∴ \(\frac{a}{b}\) – 3 = 2√5

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3 1

अतः, (1) से 15 एक परिमेय संख्या है।
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास है कि /5 एक अपरिमेय संख्या है।
∴ हमारी कल्पना गलत है।
अत: 3+2 15 एक परिमेय संख्या है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

प्रश्न 3.
सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित संख्याएँ अपरिमेय हैं:
(i) \(\)
(ii) 7√5
(iii) 6 + √2
हल :
(i) \(\frac{1}{\sqrt{2}}=\frac{1}{\sqrt{2}} \times \frac{\sqrt{2}}{\sqrt{2}}\)

\(\frac{1}{\sqrt{2}}=\frac{\sqrt{2}}{2}\)

मान लीजिए कि \(\frac{\sqrt{2}}{2}\) एक परिमेय संख्या है।
∴ हम अविभाज्य पूर्णांक a और b (b ≠ 0) प्राप्त कर सकते हैं।
⇒ \(\frac{\sqrt{2}}{2}=\frac{a}{b}\)

⇒ √2 = \(\frac{2 a}{b}\) …………… (1)
क्योंकि दो पूर्णांकों का भागफल एक परिमेय संख्या होती है।

अतः \(\frac{2 a}{b}\) = परिमेय संख्या
∴ (1) से 2 भी एक परिमेय संख्या है
परंतु यह इस तथ्य का विरोधाभास है कि √2 एक अपरिमेय संख्या है।
∴ हमारी कल्पना गलत है।
अतः \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) एक अपरिमेय संख्या है।

(ii) 7√5
मान लीजिए कि 7√5 एक परिमेय संख्या है।
∴ हम ऐसे दो पूर्णांक a और b (b ≠ 0) प्राप्त कर सकते हैं कि
7√5 = \(\frac{a}{b}\)
⇒ 7b√5 = a
⇒ √5 = \(\frac{a}{7 b}\) …………… (1)
चूँकि a, 7 और b सभी पूर्णांक हैं और दो पूर्णांकों का भाग भी एक परिमेय संख्या होती है।
अर्थात् \(\frac{a}{7 b}\) = परिमेय संख्या
∴ (1) से, √5 = परिमेय संख्या
जोकि इस तथ्य का विरोधाभास है कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
∴ हमारी कल्पना गलत है। अत: 715 एक अपरिमेय संख्या है

(iii) 6 + √2
मान लीजिए कि 6 + √2 एक परिमेय संख्या है।
∴ हम ऐसी सहअभाज्य संख्याएँ a और b (b ≠ 0) ज्ञात कर सकते हैं कि
6 + √2 = \(\frac{a}{b}\)
∴ \(\frac{a}{b}\) – 6 = √2
या √2 = \(\frac{a-6 b}{b}\) ……………..(1)
चूँकि a और b पूर्णांक हैं।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3 2

अतः (1) से,
√2 = परिमेय संख्या
परंतु इससे इस तथ्य का विरोधाभास होता है कि √2 एक अपरिमेय संख्या है।
∴ हमारी कल्पना गलत है।
अतः 6 + √2 एक अपरिमेय संख्या है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

Punjab State Board PSEB 10th Class Maths Book Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2 Textbook Exercise Questions and Answers

PSEB Solutions for Class 10 Maths Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए :
(i) 140
(ii) 156
(iii) 3825
(iv) 5005
(v) 7429.
हल :
(i) 140 के अभाज्य गुणनखंड
= (2)2 (35)
= (2)2 (5) (7)

(ii) 156 के अभाज्य गुणनखंड
= (2)2 (39)
= (2)2 (3) (13)

(iii) 3825 के अभाज्य गुणनखंड
= (3)2 (425)
= (3)2 (5) (85)
= (3)2 (5)2 (17)

(iv) 5005 के अभाज्य गुणनखंड
= (5) (1001)
= (5) (7) (143)
= (5) (7) (11) (13)

(v) 7429 के अभाज्य गुणनखंड
= (17) (437)
= (17) (19) (23)

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प्रश्न 2.
पूर्णांकों के निम्नलिखित युग्मों के HCF और LCM ज्ञात कीजिए तथा इसकी जाँच कीजिए कि दो संख्याओं का गुणनफल = LCM x HCF है ।
(i) 26 और 91
(ii) 510 और 92
(iii) 336 और 54.
हल :
(i) 26 और 91 दी गई संख्याएँ हैं।
26 और 91 के अभाज्य गुणनखंड हैं :
26 = (2) (13)
और 91 = (7) (13)
HCF (26, 91) = उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की सबसे छोटी घातों का गुणनफल
∴ HCF (26, 91) = 13
और LCM (26, 91) = सभी अभाज्य गुणनखंडों की | सबसे बड़ी घातों का गुणनफल
= (2) (7) (13)
= 182
सत्यापन: LCM (26, 91) × HCF (26, 91)
= (13) × (182) = (13) × (2) × (91) = (26) × (91)
= दी गई संख्याओं का गुणनफल

(ii) 510 और 92 दी गई संख्याएँ हैं।
510 और 92 के अभाज्य गुणनखंड हैं :
510 = (2) (255) = (2) (3) (85)
= (2) (3) (5) (17)
और 92 = (2) (46) = (2)2 (23)
HCF (510, 92) = उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों
की सबसे छोटी घातों का गुणनफल = 2
LCM (510, 92) = सभी अभाज्य गुणनखंडों की
सबसे बड़ी घातो का गुणनफल = (2)2 (3) (5) (17) (23)
= 23460

सत्यापन :
LCM (510. 92) × HCF (510, 92)
= (2) (23460)
= (2) × (2)2 (3) (5) (17) (23)
= (2) (3) (5) (17) × (2)2 (23)
= 510 × 92
= दी गई संख्याओं का गुणनफल

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

(iii) 336 और 54 दी गई संख्याएँ हैं 336 और 54 के अभाज्य गुणनखंड हैं :
336 = (2) (168)
= (2) (2) (84)
= (2) (2) (2) (42)
= (2) (2) (2) (2) (21)
= (2)4 (3) (7)

और 54 = (2) (27) = (2) (3) (9)
= (2) (3) (3) (3)
= (2) (3)3
HCF (336, 54) = उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की सबसे छोटी घातों का गुणनफल
= (2) (3) = (6)
LCM (336, 54)
= अभाज्य गुणनखंडों की सबसे
बड़ी घातों का गुणनखंड = (2)4 (3)3 (7)
= 3024

सत्यापन : LCM (336, 54) × HCF (336, 54)
= 6 × 3024
= (2) (3) × (2)4 (3)3 (7)
= (2)4 (3) (7) × (2) (3)3
= 336 × 54
= दी गई संख्याओं का गुणनफल

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 3.
अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा निम्नलिखित पूर्णांकों के HCF और LCM ज्ञात कीजिए :
(i) 12, 15 और 21
(ii) 17, 23 और 29
(iii) 8, 9 और 25 .
हल:
(i) 12, 15 और 21 दी गई संख्याएँ हैं। 12, 15 और 21 के अभाज्य गुणनखंड हैं
12 = (2) (6) = (2) (2) (3)
= (2)2 (3) 15
= (3) (5)
21 = (3) (7)
HCF (12, 15 और 21) = 3 उत्तर
LCM (12, 15 और 21) = (2)2 (3) (5) (7)
= 420 उत्तर

(ii) 17, 23 और 29 दी गई संख्याएँ हैं।
17, 23 और 29 के अभाज्य गुणनखंड हैं
17 = (17) (1)
23 = (23) (1)
29 = (29) (1)
HCF (17, 23 और 29) = 1 उत्तर
LCM (17, 23 और 29) = 17 × 23 × 29
= 11339 उत्तर

(iii) 8, 9 और 25 दी गई संख्याएँ हैं।
8, 9 और 25 के अभाज्य गुणनखंड हैं
8 = (2) (4) = (2) (2) (2)
= (2)3 (1)
9 = (3) (3) = (3)2 (1)
25 = (5) (5) = (5)2 (1)
HCF (8, 9 और 25) = 1 उत्तर
LCM (8, 9 और 25) = (2)3 (3)2 (5)2
= 1800 उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 4.
HCF (306, 657) = 9 दिया है।
LCM (306, 657) ज्ञात कीजिए।
हल :
306 और 657 दी गई संख्याएँ हैं।
306 और 657 के अभाज्य गुणनखंड हैं
306 = (2) (153) = (2) (3) (51)
= (2) (3) (3) (17)
= (2) (3)2 (17)
657 = (3) (219) = (3) (3) (73)
= (3)2 (73)
HCF (306, (657) = (3) = 9
∵ HCF × LCM = दी गई संख्याओं का गुणनफल
∴ 9 × LCM (306, 657) = 306 × 657
या LCM (306, 657) = 306 × 657
= 34 × 657
= 22338 उत्तर

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 5.
जाँच कीजिए कि क्या किसी प्राकृत संख्या n के लिए, संख्या 6n अंक 0 पर समाप्त हो सकती है।
हल :
मान लीजिए, कि किसी संख्या n ∈ N के लिए, 6n अंक 0 पर समाप्त होती है।
∴ 6n, 5 से विभाज्य है।
परंतु 6 के अभाज्य गुणनखंड 2 और 3 हैं।
(6)n के अभाज्य गुणनखंड (2 × 3)n हैं।
⇒ यह स्पष्ट है कि 6 के अभाज्य गुणनखंडन में 5 का कोई स्थान नहीं है।
∵ अंक गणित की आधारभूत प्रमेय के अनुसार प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में गुणनखंडित किया जा सकता है और यह गुणनखंडन अद्वितीय है, बिना यह ध्यान दिए कि अभाज्य संख्याएँ किस क्रम में हैं।
∴ हमारी कल्पना गलत है।
अतः, कोई भी प्राकृत संख्या n ऐसी नहीं है जिसके लिए संख्या 6n अंक 0 पर समाप्त होती है।

प्रश्न 6.
व्याख्या कीजिए कि 7 × 11 × 13 + 13 और 7 × 6 × 5 × 4 × 3 × 2 × 1 + 5 भाज्य संख्याएँ क्यों हैं ?
हल :
7 × 11 × 13 + 13 = 13 [7 × 11 + 1]
जो कि एक अभाज्य संख्या नहीं है क्योंकि 13 इसका एक गुणनखंड है इसलिए, यह एक भाज्य संख्या है।
(साथ ही) 7 × 6 × 5 × 4 × 3 × 2 × 1 + 5
= 5 [7 × 6 × 4 × 3 × 2 × 1 + 1], जो कि एक अभाज्य संख्या नहीं है क्योंकि 5 इसका एक गुणनखंड है।
इसलिए, यह एक भाज्य संख्या है।

PSEB 10th Class Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 7.
किसी खेल के मैदान के चारों ओर एक वृत्ताकार पथ है। इस मैदान का एक चक्कर लगाने में सोनिया को 18 मिनट लगते हैं, जबकि इसी मैदान का एक चक्कर लगाने में रवि को 12 मिनट लगते हैं। मान लीजिए वे दोनों एक ही स्थान और एक ही समय पर चलना प्रारंभ करके एक ही दिशा में चलते हैं। कितने समय बाद वे पुनः प्रारंभिक स्थानों पर मिलेंगे ?
हल :
सोनिया द्वारा मैदान का एक चक्कर लगाने में लगा समय = 18 मिनट
रवि द्वारा मैदान का एक चक्कर लगाने में लगा समय = 12 मिनट
वे पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलते हैं
= LCM (18, 12)
अब 18 और 12 के अभाज्य गुणनखंड हैं :
18 = (2) (9) = (2) (3) (3)
= (2) (3)2
12 = (2) (6) = (2) (2) (3)
= (2)2 (3)
LCM (18, 12) = (2)2 (3)2
= 4 × 9 = 36
अतः, 36 मिनट बाद सोनिया और रवि प्रांरभिक स्थान पर मिलेंगे। उत्तर

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय

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PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय

परिचय
इसका प्रयोग डाटाबेस बनाने और प्रबंध करने के लिए किया जाता है। इस में पहले से मौजूद बहुत सारी विशेषताएं होती हैं जो आपकी सूचना तैयार करने और देखने में मदद करती हैं।

रिलेशनल डाटाबेस इसे RDBMS भी कहते हैं। 1969 में एडगर कोड ने सबसे पहले इसका सुझाव दिया। इसमें डाटा को टेबल रूप में रखा जाता है। यह एक स्प्रेडशीट की तरह होता है। टेबल रोअ तथा कॉलम से मिल कर बनता है।

डाटाबेस डिजाइन के लिए जरूरी निर्देश डाटाबेंस डिज़ाइन करने से पहले आप को कुछ दिशा निर्देश मानने पड़ेंगे। ये दिशा निर्देश आप को एक अच्छा डाटाबेस बनाने में मदद करेंगे-

  1. अपनी ज़रूरत अनुसार आप सभी फील्ड को ढूंढें जिन में आप की ज़रूरत के अनुसार जानकारी भरी जा सकती है।
  2. डाटाबेस को अच्छा बनाने के लिए डाटा के हर एक फील्ड को छोटे-छोटे महत्त्वपूर्ण हिस्से में बांटना चाहिए।
  3. ग्रुप के संबंधित फील्ड को टेबल में बनाएं।
  4. सभी टेबलों में एक मुख्य कुंजी लगाएं।
  5. टेबल में एक ऐसा फील्ड चाहिए जो आम हो।

अक्सैस के कुछ तकनीकी शब्द
अक्सैस में प्रयोग होने वाले कुछ तकनीकी शब्द निम्न प्रकार हैं

  • डाटाबेस फाइल : यह मुख्य फाइल होती है जो सारे डाटा को संभालती है।
  • टेबल : टेबल रोअ तथा फील्ड से मिल कर बनता है जो सारा डाटा स्टोर करता है।
  • फील्ड : टेबल के कॉलम को फील्ड कहते हैं। यह एक प्रकार का डाटा स्टोर करता है।
  • डाटा टाइप : एक फील्ड जिस प्रकार का डाटा स्टोर करती है उसे डाटा टाइप कहते हैं।

अक्सैस के कम्पोनेंट
1. टेबल-टेबल असल में डाटा स्टोर करता है। यह रोअ तथा फील्ड से मिल कर बनता है। रोअ को रिकार्ड भी कहते हैं। किसी खास विषय के ऊपर इकट्ठा किया डाटा, टेबल कहलाता है। इस डाटाबेस में बहुत सारे टेबल होते हैं।

2. फार्म (Form)-कोई फार्म आपकी स्क्रीन पर बनायी गयी ऐसी विंडो होता है, जो किसी सारणी में सरलता से डाटा देखने, प्रविष्ट करने और सुधार करने में हमारी सहायता करती है।

3. कुएरी (Queries)-किसी डाटाबेस से किसी शर्त के आधार पर कोई सूचना ढूँढ़ने के लिए दिया गया आदेश कुएरी कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके कौन-कौन से मित्र आगरा में रहते हैं, तो इसे कुएरी कहा जाएगा।

किसी कुएरी के उत्तर में प्राप्त हुई सूचना अथवा रिकार्डों के समूह को उस कुएरी के लिए डायनासेट (Dynaset) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, आगरा में रह रहे मित्रों की सूची उस कुएरी का डायनासेट होगी। कुएरी का उपयोग एक साथ कई रिकार्डों को हटाने या सुधारने के लिए तथा कोई विशेष गणना करने के लिए भी किया जाता है।

4. रिपोर्ट (Reports)-सरलतम शब्दों में, कोई रिपोर्ट किसी कागज़ पर छपा हुआ डायनासेट होता है। आप डायनासट के रिकार्डों के समूह बना सकते हैं और उनके योग तथा अनुयोग छाप सकते हैं। एम० एस० एक्सैस में सारणी, फॉर्म, कुएरी, रिपोर्ट आदि बनाने की अच्छी सुविधाएँ हैं। इनके लिए एक्सैस में विज़ार्ड नामक विशेष प्रोग्राम उपलब्ध हैं।

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5. मैक्रो : मैक्रो काम को ऑटोमैटिक करता है। बार-बार किये जाने वाले कार्य को मैक्रो में रिकार्ड कर सकते हैं।

6. मड्यूल : मडयूल, प्रोसीजर, स्टेटमैंट तथा डैकलरेशन का मेल होता है। यह मैक्रो की तरह ही होता है। इसका प्रयोग एडवांस फंक्शन की तरह किया जाता है।

डाटाबेस आबजैक्ट
डाटाबेस आबजैक्ट चार तरह के होते हैं-

  • टेबल
  • कुएरी
  • फार्म
  • रिपोर्ट

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डाटा टाइपस
डाटा टाइप किसी भी डाटा के प्रकार को कहते हैं। अर्थात् वह डाटा किस प्रकार का है; जैसे कि नंबर, : करेंसी, टैक्सट, पिक्चर आदि एक्सैस में निम्न प्रकार की डाटा टाइपस हैं :
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अक्सैस की विशेषताएं

  1. एक आसानी से इंस्टाल होता है तथा इसमें कार्य करना आसान है।
  2. यह दूसरे प्रोग्राम के साथ आसानी से लिंक होता है।
  3. Access एक बहुत प्रसिद्ध RDBMS है।
  4. Access सस्ता साफ्टवेयर है।
  5. यह डाटा को सुविधा पूर्ण संभाल कर रखता है।
  6. यह एक से ज्यादा यूजर को स्पोर्ट करता है।
  7. इसमें डाटा इंपोर्ट करना आसान है।
  8. Access एक सुरक्षित डाटाबेस सिस्टम है।

एम०एस० अक्सैस
एम०एस० अक्सैस एक रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम (RDBMS) है। इस डाटे को स्टोर करता है ज़रूरत पड़ने पर वापिस दिखाता है। इस में डाटे को टेबल के रूप में स्टोर करता है। अक्सैस को शुरू करना Start → All Program → Microsoft Office → MS – Access.

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टेबल के साथ कार्य करना
टेबल रिकार्ड तथा फील्ड से मिलकर बनता है। इनके साथ कार्य करना बहुत आसान है।

टेबल बनाना
टेबल बनाने के तीन तरीके हैं

  1. Design View
  2. Wizard
  3. Entering Data

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डाटाशीट वियू से टेबल तैयार करना
टेबल ग्रुप में कान्टेंट टैब पर टेबल बटन पर क्लिक करें। इससे एक नए खाली टेबल डाटाशीट में एक छोटी Window खुल जायेगी।
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2. डाटे को डालते समय फील्ड भरना-डाटाशीट व्यू में डाटा Excel की वर्कशीट की तरह ही डाला जाता है। इसमें डाटा लगातार रोअज़ और कालम में दाखिल होता है। डाटाशीट व्यू में ऊपर दाईं (Left) तरफ क्लिक करें। जब भी कभी डाटाशीट व्यू में कोई नया कालम डालना होता है तो यह टेबल में एक नया फील्ड बना देता है। डाटाशीट व्यू में हर टेबल में अक्सैस अपने आप एक डाटाशीट के दाईं तरफ एक फील्ड बना देता है जिस को हम आई-डी (ID) कहते हैं। यह फील्ड अपने आप में प्राइमरी कीअ की तरह काम आता है।

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3. डाटा दाखिल करते समय फील्ड को भरना –
(1) Click to Add Column में पहले सैल पर क्लिक करो। इस के बाद अपने टेबल की आईटम में डाटा दाखिल करें। कालम में बाईं (Right) तरफ जाने के लिए टैब (Tab) अथवा Enter कीअ को दबायें। अक्सैस अपने आप आई-डी फील्ड में 1 नंबर डाल देगा। जब भी हम कोई रोअज़ को सिलैक्ट करते हैं, वह अपने आप पैन्सिल में बदल जाता है। जब भी कोई रिकॉर्ड (Record) को डाला जाता है पर उस को सेव (Save) नहीं किया जाता है।
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(2) रोअज़ आईकन में पैन्सिल पर क्लिक करें। इस तरह पहला रिकॉर्ड सेव (Save) हो जायेगा। जिसका नंबर 1 होगा। इस तरह आपका सारा रिकार्ड सेव (Save) हो जायेगा।
(3) इसी तरह आप डाटा आईटम डालते जाएं और Enter or Tab कीअ दबाते जायें।
(4) जब आप पहले रिकॉर्ड में डाटा दाखिल कर देते हैं तो आप रिकॉर्ड को सेव (Save) करने के लिए किसी भी रोअज़ पर क्लिक करें। आप जितना डाटा डालें उसके बाद टेबल को सेव कर लें।

डिजाइन वियू में टेबल तैयार करना जब भी आप डिज़ाइन दृश्य में टेबल बनाना चाहते हैं। आप को अपनी डाटाशीट पर बहुत ध्यान देना पड़ेगा। पहले हमें डिज़ाइन दृश्य में टेबल का ढांचा बनाना पड़ता है और बाद में डाटाशीट में जा कर डाटा को दाखिल करना पड़ता है।

डिज़ाइन दृश्य में पहले Object Window में दिए पेज़ नज़र आते हैं। उसमें पहला Field object पेज़ होता है जो window में दाईं तरफ होता है। इस का प्रयोग field name बताने के लिए और डाटा टाइप बनाने के लिए किया जाता है।

इस का दूसरा क्षेत्र है Property पेन है। यह window के नीचे दिखाई देता है जिस में फील्ड की प्रापर्टी के बारे में बताया जाता है। फील्ड प्रापर्टी में जो प्रापर्टीज़ होती है वह हमारी तरफ से दिए गए मूल्य पर निर्भर करती है। डिज़ाइन दृश्य में टेबल बनाने के स्टैप

  • Create table में टेबल ग्रुप में टेबल डिज़ाइन बटन पर क्लिक करो। Object window में एक खाली टेबल आ जायेगा।
  • फील्ड नेम कॉलम में पहले फील्ड नेम लिखें। फील्ड नेम 64 अंग्रेज़ी के अक्षर हो सकते हैं जिनमें लैटर, नंबर, स्पेस आदि हो सकते हैं।
  • डाटा टाइप कॉलम में नीचे ऐरो पर क्लिक करें और लिस्ट में से डाटा टाइप चुनें।
  • Description कॉलम में फील्ड की Description टाइप करें।

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और फील्ड लेकर स्टैप 2 से 4 दुबारा करें। सारे फील्ड भरने के बाद टेबल को सेव करें।

फार्म बनाना तथा बदलना-
फार्म का प्रयोग डाटा डालने तथा बदलने के लिए किया जाता है। इससे हमें डाटा को आसानी से डालने में मदद मिलती है।

फार्म बनाना अक्सैस में फार्म को आसानी से बनाया जा सकता है, यह एक ग्राफिकल पेशकारी ही होती है। इससे हमारा कार्य आसानी से होता है।
टेबल से फार्म बनाना टेबल से फार्म बनाने के लिए Create – Form पर क्लिक करें तथा अपनी ज़रूरत अनुसार फार्म बनाएं।

सोर्टिंग
आप डाटाबेस में जो रिकॉर्ड देखते हो वही नज़र आयेगा। जैसे कि सबसे पहला रिकॉर्ड और उसके बाद दूसरा रिकॉर्ड। इस तरह हम आसानी से स्क्रोल (Scroll) करके किसी भी रिकॉर्ड को ढूंढ़ सकते हैं। अक्सैस में रिकॉर्ड उनकी आई०डी० के आधार पर सोर्टिंग करता है। उदाहरण के लिए-कक्षा से संबंधित डाटाबेस को कई प्रकार से सोर्टिंग कर सकते हैं।

  • विद्यार्थी को नतीजे, उनके नाम, अथवा नंबरों के आधार पर हम डाटे को शोर्ट (Sort) कर सकते
  • रोल नंबर और नाम के आधार पर
  • कक्षा के आधार पर विद्यार्थी के टेबल को सोर्ट करने का तरीका :

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(1) होम टैब टेबल पर क्लिक करें और सोर्टिंग और फिल्टर ग्रुप पर जायें।
(2) फील्ड को सोर्ट करें। चढ़ते अथवा ढलते क्रम कमांड को सिलैक्ट करें।

  • टैक्सट को A to Z और नंबर को छोटे से बड़े तक सोर्टिंग करने के चढ़ते क्रम को सिलैक्ट करें।
  • चढ़ते क्रम को सिलैक्ट करें, जिससे टैक्सट Z to A और नंबर की बड़े से छोटे अंक पर सोर्टिंग करना चाहते हैं।

(3) अब आप टेबल को सिलैक्ट करें फील्ड के अनुसार सिलैक्ट हो जायेगा।

डाटा फिल्टर
M.S. Access में फिल्टर एक ऐसा तरीका है जो आप को वही डाटा दिखाता है जिसकी आप को ज़रूरत होती है। डाटा फिल्टर लगाने के स्टैप-
(1) आप जिस फील्ड पर फिल्टर लगाना चाहते हैं, उस फील्ड के साथ के Drop down Arrow पर क्लिक करें। हम कक्षा के आधार पर फिल्टर लगाएं। क्योंकि हम पूरी कक्षा में उन विद्यार्थियों की सूची देखना चाहते हैं जो कि पास अथवा फेल हुए हैं।
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(2) एक चैक लिस्ट के साथ एक Drop down मीनू सामने आ जायेगे। फिल्टर के प्रणाम में चैक लगी हुई items ही दिखाई देगी। आगे लिखी हुई ऑप्शन पर आप फैसला कर सकते हो किस फिल्टर में आप कौन-सी आईटम ला सकते हो।

  • किसी एक आईटम को एक समय सिलैक्ट या डीसिलैक्ट करने के लिए Check box पर क्लिक करें। यहाँ पर हम अकेले कक्षा में फिल्टर लगाना चाहते हैं और बाकी बची आप्शन को छोड़ देंगे।
  • हर एक आईटम को फिल्टर लगाने के लिए सिलैक्ट आल पर क्लिक करें और दूसरी बार क्लिक करने पर सभी आईटम डी-सिलैक्ट हो जायेगी।
  • ब्लैंक (Blank) पर क्लिक करने पर फिल्टर वही रिकॉर्ड सामने दिखाई देंगे जिस में कई फील्ड होंगे।
  • OK पर क्लिक करके फिल्टर चालू हो जाएगा।

रिपोर्ट अक्सैस में रिपोर्ट आप को इकट्ठे किये डाटे की अपनी सुविधा अनुसार प्रिंट करने की सुविधा प्रधान करता है। आप अपने टेबल और Queries के आधार पर रिपोर्ट बना सकते हैं।

रिपोर्ट बनाने के कई तरीके हैं पर यहां पर हम विजार्ड के साथ रिपोर्ट बनायेंगे। रिपोर्ट बनाने का तरीका-
1. अपना डाटा बेस खोलें।
2. Report टैब पर क्लिक करें।
3. Create Report by using wizard आप्शन पर क्लिक करें।
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय 10
4. एक टेबल का चुनाव करें, जिस पर आधारित रिपोर्ट तैयार करनी है।
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय 11
5. टेबल के बीच वाले फील्डस ज़रूरत के अनुसार चुनें।
6. Next बटन पर क्लिक करें। टेबल के बीच जाने कोल्डस जरूरत के अनुसार चुने। अपना
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7. अपनी रिपोर्ट के लिए ज़रूरत अनुसार जानकारी दें और Next पर क्लिक करें।
8. फील्ड स्टोर करने के संबंध में जानकारी दें और Next बटन पर क्लिक करें।
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय 13
9. रिपोर्ट का ले आऊट निर्धारित करें और Next बटन पर क्लिक करें। ….
PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 5 एम०एस० अक्सैस से परिचय 14
10. रिपोर्ट का स्टाइल चुनें।
11. First बटन पर क्लिक करें।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 4 डी०बी०एम०एस० से परिचय

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PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 4 डी०बी०एम०एस० से परिचय

जान-पहचान
डाटा बेस मैनेजमैंट सिस्टम ऐसा टूल है जो डाटा का उचित प्रबन्ध करता है। DBMS का पूरा नाम है-डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम है। यह एक सॉफ्टवेयर होता है जो यूज़र को डाटाबेस सिस्टम बनाने, संभाल कर रखने, कन्ट्रोल करने और देखने की आज्ञा देता है।

डाटा और सूचना
डाटा वह पदार्थ होते हैं जिन पर कम्प्यूटर प्रोग्राम काम करते हैं । ये अंक, अक्षर, शब्द, विशेष चिन्ह आदि हो सकते हैं। इनका स्वयं में कोई अर्थ नहीं होता। प्रक्रिया के बाद डाटा सूचना में बदल जाता है।

डाटाबेस
कम्प्यूटर डाटा बेस व्यवस्थित रिकार्डज़ का समूह है। जो कम्प्यूटर में स्टोर होता है। डाटाबेस से यूज़र ज़रूरी सूचना प्राप्त कर सकता है। डाटाबेस तैयार करने के लिए एक सॉफ्टवेयर प्रयोग किया जाता है जिसे डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम कहा जाता है।

  1. ऐट्रिब्यूट या डाटा आइटम किसी विशेष डाटा आइटम का वर्णन करने के लिए गए अक्षरों के समूह को ऐट्रिब्यूट कहा जाता
  2. रिकार्ड एक-दूसरे से सम्बन्धित डाटा आइटम के समूह को रिकार्ड कहा जाता है ; जैसे-स्टूडेंट रिकार्ड में प्रयोग की जाने वाली डाटा आइटम, जैसे रोल नम्बर, नाम और अंक आदि रिकार्ड कहलाता है।
  3. फाइल एक-दूसरे से सम्बन्धित रिकार्ड के समूह को फाइल कहा जाता है।

डी० बी० एम० एस० DBMS का पूरा नाम है-डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम है। यह एक सॉफ्टवेयर होता है जो यूज़र को डाटाबेस सिस्टम बनाने, संभाल कर रखने, कन्ट्रोल करने और देखने की आज्ञा देता है।

डाटा तथा इनफॉरमेशन डाटा-डाटा कच्चे पदार्थ होते हैं जिन पर कम्प्यूटर प्रोग्राम काम करते हैं। इनफॉरमेशन-प्रोसैस किये गए डाटा को इनफॉरमेशन कहते हैं।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 4 डी०बी०एम०एस० से परिचय

डाटाबेस मैनेजमैंट
सरलतम शब्दों में कोई डाटाबेस किसी विशेष वस्तु या वस्तुओं के समूह के बारे में आपस में सम्बन्धित डाटा का एक संग्रह होता है। उदाहरण के लिए, कोई विश्वविद्यालय अपने विभिन्न कोरों के लिए नामांकित विद्यार्थियों का डाटाबेस बना सकती है और कोई कम्पनी अपने विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले कर्मचारियों का डाटाबेस तैयार कर सकती है। ऐसे डाटाबेस किसी एक कार्य के लिए सीमित नहीं होते, बल्कि वे एक साथ कई उद्देश्यों के लिए उपयोगी होते हैं।

वास्तव में, कोई डाटाबेस बनाने का उद्देश्य समस्त आवश्यक डाटा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना होता है, जिसका उपयोग अनेक प्रोग्रामों तथा उपयोगों द्वारा किया जा सकता है। कोई डाटाबेस हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी होता है, चाहे वह व्यक्तिगत हो या व्यापारिक। उदाहरण के लिए, हम अपने किसी मित्र या सम्बन्धी का पता या टेलीफोन नं० देखने के लिए एडरैस बुक का उपयोग करते हैं, जिसमें हमारे सभी मित्रों तथा सम्बन्धियों के नाम-पते वर्णमाला के क्रम (Alphabetic order) में लिखे होते हैं। ऐसी एडरैस बुक वास्तव में एक डाटाबेस है, हालांकि वह कम्प्यूटर में नहीं है।

अच्छे डाटा बेस डिजाइन के लिए जरूरी निर्देश अच्छे डाटा बेस के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • डाटा सही, पूरा तथा अच्छी तरह बना होना चाहिए।
  • डाटा को प्रयोग होने वाले रूप में बनाना चाहिए।
  • डाटाबेस का डिजाइन बढ़िया ढंग से होना चाहिए।
  • डाटाबेस को भविष्य में आने वाली मुश्किलों को ध्यान में रख कर डिजाइन करना चाहिए।

डाटाबेस एपलीकेशन का उपयोग डाटाबेस एपलीकेशन का उपयोग निम्न स्थानों पर होता है-

  1. बैंक में अकाऊंट की संभाल
  2. एयरलाइन रिजर्वेशन
  3. यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट इनफॉरमेशन तथा कोर्स
  4. संस्था की महीनेवार स्टेटमैंट
  5. दूरसंचार के लिए
  6. सेल तथा परचेज
  7. खरीद संबंधी जानकारी
  8. सप्लाई तथा वेयर हाऊस आर्डर
  9. कर्मचारियों की सैलरी, पे-रोल, टैक्स आदि।

फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम कम्प्यूटर आने से पहले सारी सूचना कागज़ों के ऊपर स्टोर की जाती थी। जब सब सूचना ढूँढ़नी हो तो कागज़ को देखना होता था।
फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम के लाभफाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में निम्नलिखित लाभ हैं :

  • तकनीकी जानकारी की आवश्यकता नहीं-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में किसी भी प्रकार की खास कम्प्यूटर या साफ्टवेयर की जानकारी की आवश्यकता नहीं होती।
  • कम डाटा में आसानी-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में कम डाटा के साथ काम करने में आसानी . होती है।
  • समझने में आसानी-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में डाटा की स्ट्रक्चर को समझना डी०वी०एम०एस० से आसान होता है।
  • सस्ता-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम की कीमत कम होती है।
  • सरल-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम सरल होता है।
  • फालतू हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं-आम करके फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में किसी हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होती।
  • आसान जगह बदली-फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में डाटा की आसानी से जगह बदली जा सकती है। सिर्फ फाइलें कापी तथा पेस्ट ही करनी होती हैं।

फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम के हानियांफाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में निम्नलिखित हानियां हैं :

डाटामैपिंग अकसैस-सब संबंधित सूचना को अलग-अलग फाइल में स्टोर करना होता है पर इनमें किसी भी प्रकार की मैपिंग नहीं होती है।

2. डाटा रिडुयनहुँसी-डुपलीकेट डाटा को वैलिडेट करने के लिए फाइल सिस्टम में कोई भी तरीका नहीं होता है। फाइल सिस्टम में डुपलीकेट डाटा को संभाला नहीं जा सकता। क्योंकि इससे स्पेस घटती है जिससे डाटा को हमेशा संभाल के रखने में मुश्किल होती है। इससे डाटाबेस संभाल सकते हैं।

3. डाटा डिपेंडेंस-फाइल में डाटा एक विशेष प्रकार से स्टोर किया जाता है ; जैसे कि टैब, कोमा या सैमीकालम जब फाइल का फारमैट बदल दिया जाए। वह फाइल प्रोसैस करने के लिए पूरा प्रोग्राम बदलना पड़ेगा। सारा डाटा खराब हो जाएगा। क्योंकि बहत प्रोग्राम फाइल का प्रयोग करते हैं। इससे फाइलों का प्रयोग काफी मुश्किल हो जाता है।

4. डाटा इनकनसिसटैंसी-एक ही प्रकार के डाटा की भिन्न कापियों में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। इस प्रकार के डाटा को इनकनसिसटैंसी कहते हैं। इसका कारण है कि फाइल की सही सूची नहीं बनी होती जिसके कारण डाटा की एक जैसी कापी नहीं होती है।

5. सुरक्षा-हर फाइल को पासवर्ड लागकर सुरक्षित किया जाता है। परंतु अगर फाइल में से हम कोई रिकार्ड देखते हैं जैसे कि किसी भी यूज़र ने अपना नतीजा देखना हो तो यह फाइल प्रोसैसिंग सिस्टम में बहुत मुश्किल होता है।

डी० बी० एम० एस० DBMS का पूरा नाम डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम है। यह एक सॉफ्टवेयर होता है। जो यूज़र को डाटाबेस बनाने, संभाल कर रखने, कन्ट्रोल करने और देखने की आज्ञा देता है। DBMS वास्तव में प्रोग्रामों का एक समूह है जो यूज़र को स्टोर करने, बदलने और डाटाबेस में से संक्षेप सूचना निकालने की स्वीकृति देता है।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 4 डी०बी०एम०एस० से परिचय

DBMS के लाभ

  1. यह अधिकता को कंट्रोल करता है।
  2. डाटा का मॉडल बनाया जा सकता है।
  3. डाटा की सांझेदारी की जा सकती है।
  4. अशुद्धता लागू होती है।
  5. इसका उचित स्तर होता है।
  6. इसे बिना आज्ञा कोई व्यक्ति नहीं चला सकता और न ही देख सकता है।
  7. निजी ज़रूरतों से लेकर उद्योगों की ज़रूरतें पूरी करता है।
  8. इससे ज़्यादा यूज़र इकट्ठे कार्य कर सकते हैं।
  9. इसमें बैकअप की यूटिलिटी भी होती है।

हानियां

  • यह जटिल होता है।
  • इसका छोटे कम्प्यूटर पर उच्च स्तर पर प्रयोग नहीं हो सकता।
  • खराब होने का खतरा अधिक होता है।
  • आकार काफ़ी बड़ा होता है।
  • इसका मूल्य काफ़ी अधिक होता है।
  • अतिरिक्त हार्डवेयर की ज़रूरत पड़ती है।
  • परिवर्तन का मूल्य काफ़ी अधिक होता है।

डी० बी० ए०
इसका पूरा नाम डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर है। यह वह व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह है जो डाटाबेस प्रणाली को नियन्त्रण करता है। डी० बी० ए० के प्रकार-
1. एडमिनीस्ट्रेटिव डी० बी० ए०
2. डिवैल्पमेंट डी० बी० ए०
3. आरीटैक्ट डी० बी० ए०
4. डाटा वेयरहाऊस डी० बी० ए० ।

DBA के नीचे लिखे काम और जिम्मेदारियां होती हैं

  • डाटाबेस के लिए विषय-वस्तु निर्धारित करना।
  • हार्डवेयर यन्त्रों के बारे में फैसला करना।
  • यह यूज़र के द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले डाटे के बारे में फैसला करता है।
  • बैकअप प्रदान करवाता है।
  • यह पुनः प्राप्ति में सहायता करता है।
  • डाटाबेस के लिए सुरक्षा प्रदान करता है।
  • ज़रूरत के अनुसार डाटाबेस में तबदीली करता है।
  • यह डाटे की वैलीडेशन निर्धारित करता है।

डाटा रिडयू.सी डाटा रिडयू.सी का अर्थ है-एक ही प्रकार के डाटा को बार-बार स्टोर करना। एन०टी०टी० तथा एट्रीब्यूट्स वह चीज़ जिसकी जानकारी हम डाटा के रूप में डाटाबेस में स्टोर करते हैं। उसे एन० टी० टी० कहते हैं।

एन० टी० टी० किस्में
1. कमज़ोर एन० टी० टी०-यह एक ऐसी एन० टी० टी० है। जो आपके एट्रीब्यूट्स से अलग नहीं पहचानी जा सकती।
2. बढ़िया एन० टी० टी०-इस में प्राइमरी कीअ लगी होती है। यह एन० टी० टी० बढ़िया से जान सकते हैं। यह डाटा से अलग हो जाती है।

एन०टी०टी० रिलेशनशिप डायाग्राम एनटीटी रिलेशनशिप डायाग्राम वह डायाग्राम होता है जो विभिन्न एन०टी०टी० का आपसी संबंध बताता है इसके दो तरीके हैं-
1. Dr. Peter Chen’s alt
2. James Martin तथा Clive Fine Kelstein वाला

डी० बी० एम० एस० में कीज़
कीअज़ डाटाबेस मैनेजमैंट सिस्टम का महत्त्वपूर्ण भाग है। इनका प्रयोग टेबलज़ को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है। ये यह यकीनी बनाते हैं कि प्रत्येक रिकार्ड फील्डज़ के एक विशेष सैट से पूरी तरह पहचाना जा सके। ये निम्न प्रकार की होती हैं
1. सुपर कीअ-यह कीअ एट्रीब्यूटज़ का वह संग्रह है जो टेबल में रिकार्ड को अलग रूप में पहचानती है। सुपर कीअ कैडीडेट कीअ का सुपर सैट होती है।

2. कैंडीडेट कीअ-कैंडीडेट कीअ फील्डज़ का वह संग्रह होती है जिनसे प्राइमरी कीअ का चुनाव किया जाता है। यह एट्रीब्यूटज़ का सैट होती है जो प्रत्येक रिकार्ड की पहचान के लिए प्राइमरी कीअ का प्रयोग करती है।

3. प्राइमरी कीअ-प्राइमरी कीअ वह कीअ होती है, जो टेबल की मुख्य कीअ बनने के लिए सबसे बढ़िया होती है। यह टेबल के रिकॉर्ड की अलग तौर से पहचान करती है।

4. कम्पोजिट कीअ-कम्पोजिट कीअ वह होती है जो दो या दो से ज्यादा एट्रीब्यूटस की पहचान करती है। कोई भी एट्रीब्यूटज़ जो एक कम्पोजिट कीअ बनाता है वह एक साधारण कीअ नहीं होता।

5. फौरन कीअ-फौरन कीअ दो टेबल में संबंध जोड़ती है। यह टेबल की प्राइमरी कीअ होती है। फौरन कीअ को प्राइमरी कीअ के मुकाबले लागू करना मुश्किल होता है। एक टेबल की प्राइमरी कीअ दूसरे टेबल की फौरन कीअ बन जाती है।

नारमलाइजेशन नारमलाइज़ेशन एक वैज्ञानिक विधि है जिसके द्वारा टेबल को आसान तरीके से यूज़र को समझने योग्य रूप में बदला जा सकता है। टेबल में रिडुयन.सी को कम करने के लिए और डाटाबेस इनकनसिसटैंसी को कम करने और अपने डाटाबेस को मज़बूत करने के लिए आगे कुछ पग दिये हैं।

PSEB 9th Class Computer Notes Chapter 4 डी०बी०एम०एस० से परिचय

  • सब टेबल में एक आइडेंटीफाईर ज़रूरी होना चाहिए।
  • सब टेबल में एक टाइप का एन०टी०टी० स्टोर होना चाहिए।
  • नल वैल्यू को कम-से-कम स्टोर करना चाहिए।
  • वैलयूज़ बार-बार कम आनी चाहिए।

आमतौर पर नारमल फारमज़ पांच होती है।

  1. First Normal Form (INF)
  2. Second Normal Form (2NF)
  3. Third Normal Form (3NF)
  4. Fourth Normal Form (4NF)
  5. Boyce coded Normal Form (BCNF).

संबंध
DBMS संबंध टेबल को बांटने तथा स्टोर करने की आज्ञा देता है। एक टेबल की फौरन कीअ डाटाबेस के सभी टेबल की प्राइमरी कीअ होती है। इनसे ही संबंध बनते हैं। संबंध निम्न प्रकार के होते हैं-

  1. एक से एक-एक से एक संबंध एक टेबल के कॉलम को दूसरे टेबल से जोड़ती है। एक का संबंध दूसरे किसी एक से ही होता है।
  2. एक से अनेक-यह संबंध वहां होता है जहां दो टेबलों की प्राइमरी कीअ तथा फौरन कीअ में संबंध हो। इसमें एक टेबल की रोअ दूसरे टेबल की ज्यादा रोअ से संबंध बनाती है।
  3. अनेक से अनेक-इसमें जंक्शन टेबल का प्रयोग होता है। एक टेबल के रिकॉर्ड दूसरे टेबल के अनेक रिकॉर्डों से संबंध बनाते हैं।

Oracle Oracle साफ्टवेयर कंपनी की शुरुआत 1877 में Relational Software Corporation के नाम से हुई थी। इसने पहला RDBMS बनाया।
इसके दो उद्देश्य थे

  • डाटा बेस को SQL के कंपैटेवल बनाना
  • DBMS को C भाषा में बनाना

SQL
SQL एक उच्च स्तरीय भाषा है जो डाटा बेस को संभालने, बदलने के काम आती है। SQL के लाभ

  1. यह हाई लेबल भाषा है
  2. इससे एक समय में बहुत डाटाबेस पर काम किया जाता है।
  3. SQL प्रोग्राम पोर्टेबल होता है।
  4. SQL समझने में काफी आसान है।

DB2 DB2, IBM द्वारा बनाया RDBMS है। इसका प्रयोग डाटा संभालने, देखने, बदलने के लिए होता है। इसकी स्थापना 1990 में की गई थी।

डाटा मॉडल
डाटा मॉडल वह तरीका है जो हमें डाटाबेस स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी देता है। यह तीन प्रकार के होते हैं।
1. ऑब्जैकट ओरीऐंटिड मॉडल-यह लाइन दर लाइन डाटा का वर्णन करते हैं। यह पाँच प्रकार के होते हैं।

  • बाइनरी मॉडल
  • फंकशन मॉडल
  • एन० टी० टी० रिलेशनशिप
  • ऑब्जैकट ओरऐंटिड मॉडल
  • सिमेटिक डाटा मॉडल। ।

2. रिकार्ड बेस लॉजीकल मॉडल-यह लाइन दर लाइन डाटा का वर्णन करते हैं। पर यह एक फारमैट का प्रयोग करते हैं। इसमें हर एक रिकार्ड के अपने एट्रीब्यट्स और फील्डस होते हैं, जिसे एक निश्चित अधिकार होता है। यह तीन प्रकार के होते हैं।

  • नेटवर्क मॉडल
  • रिलेशनल मॉडल
  • हैरारीकल मॉडल।

3. फिजीकल डाटा मॉडल-फिजीकल डाटा मॉडल का प्रयोग डाटाबेस में से नीचे लेवल के डाटा का वर्णन करने के लिए किया जाता है। यह इस प्रकार है –

  1. एन० टी० टी०-यह डाटाबेस के अलग-अलग वस्तु के बारे में जानकारी देता है।
  2. एट्रीब्यूट-यह प्रयोगकर्ता के नाम, पता आदि के एन० टी० टी० के बारे में जानकारी देता है।
  3. एन० टी० टी० सेट-यह एन० टी० टी० सैट और एट्रीब्यूट सुमेल से बनता है। इसमें अलग-अलग ऐन० टी० टी० और एट्रीब्यूट स्टोर की जाती है।
  4. रिलेशनशिप-हम जिस भी एन० टी० टी० का प्रयोग कर सकते हैं। वह आपसी डाटाबेस में किसी अन्य एन० टी० टी० से भी जुड़ी हो सकती है। इसी को रिलेशनशिप या संबंध कहते हैं।