PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 8 Social History of Clothing

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Social History of Clothing PSEB 9th Class SST Notes

→ Sumptuary Laws:

  • The Sumptuary Laws of Medieval France controlled the behaviour of the lower class.
  • According to these Laws, they were not allowed to wear the dress as nobles wore.

→ Women’s Beauty and Clothing:

  • In England, women’s beauty was given special emphases.
  • They were given a specific type of tight clothes to wear to show their physical beauty.

→ Women’s reaction towards Clothing:

  • All the women did not accept the clothing pattern.
  • Many opposed such tight dresses as they caused deformities and illness among young girls.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 8 Social History of Clothing

→ New Material:

  • During the 17th century, most British women were clothes made of Linen, flex or wool which were difficult to wash.
  • Later on, they started wearing cotton clothes.
  • They were cheap as well as easy to wash.

→ World Wars and Clothing:

  • As a result of the two World Wars, many changes came in clothing.
  • Working women started wearing uniforms of blouse and trousers with scarves.
  • By the twentieth century, the usage of clothes increased.

→ Western Clothes in India:

  • Parsis were the first in India to adopt western clothes.
  • Bengalis working in offices and those who converted to Christianity also started using western clothes.

→ Courts and Footwear:

  • During British rule, there was a restriction On wearing footwear in the courts.
  • This rule becomes a subject of conflict.

→ Swadeshi Movement:

  • This movement was initiated in 1905 against Lord Curzon’s decision to partition Bengal.
  • It boycotted the British goods and called for adopting locally made goods.
  • It gave great encouragement to the Indian industries.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 8 Social History of Clothing

→ Khadi:

  • Mahatma Gandhi’s dream was to cloth the whole nation in Khadi.
  • But many groups were attracted to western clothes.
  • Except for this, Khadi was a little bit expensive.
  • So, Gandhiji’s dream remained a dream.

पहनावे का सामाजिक इतिहास PSEB 9th Class SST Notes

→ सम्प्चुअरी कानून – मध्यकालीन फ्रांस के ये कानून निम्न वर्ग के व्यवहार को नियंत्रित करते थे। इनके अनुसार वे लोग राजवंश के लोगों जैसी वेश-भूषा धारण नहीं कर सकते थे।

→ नारी सुंदरता तथा वस्त्र – इंग्लैंड में नारी सुंदरता को विशेष महत्त्व दिया जाता था। अतः उन्हें विशेष प्रकार के तंग वस्त्र पहनाए जाते थे ताकि उनकी शारीरिक बनावट में निखार आए।

→ वस्त्रों के प्रति स्त्रियों की प्रतिक्रिया – सभी-स्त्रियों ने निर्धारित वस्त्र-शैली को स्वीकार न किया। कई स्त्रियों ने पीड़ा और कष्ट देने वाले वस्त्रों का विरोध किया।

→ नयी सामग्री – 17वीं शताब्दी में ब्रिटेन की अधिकतर स्त्रियां फ्लैक्स, लिनन या ऊन से बने वस्त्र पहनती थीं जिन्हें धोना कठिन था। बाद में वे सूती वस्त्र (कपास से बने) पहनने लगीं। ये सस्ते भी थे और इन्हें धोना भी आसान था।

→ महायुद्ध और पहरावा – दो महायुद्धों के परिणामस्वरूप पहरावे में काफ़ी अंतर आया। कामकाजी महिलाएं पतलून, ब्लाऊज़ तथा स्कार्फ पहनने लगीं।

→ भारत में पश्चिमी वस्त्र – भारत में पश्चिमी वस्त्रों को सर्वप्रथम पारसियों ने अपनाया। दफ्तरों में काम करने वाले बंगाली बाबू तथा ईसाई धर्म ग्रहण करने वाले पिछड़े लोग भी पश्चिमी वस्त्र पहनने लगे।

→ जूतों सम्बन्धी टकराव – ब्रिटिश काल में अदालतों में जूते पहन कर जाने पर रोक थी। यह नियम टकराव का विषय बन गया।

→ स्वदेशी आंदोलन – यह आंदोलन 1905 के बंगाल-विभाजन (लॉर्ड कर्जन द्वारा) के विरोध में चला। इसमें ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार किया गया तथा स्वदेशी माल के प्रयोग पर बल दिया गया। इससे भारतीय उद्योगों को बल मिला।

→ खादी – गांधी जी पूरे भारत को खादी पहनाना चाहते थे। परंतु कुछ वर्गों में पश्चिमी वस्त्रों का आकर्षण था। इसके अतिरिक्त खादी अपेक्षाकृत महंगी थी। अतः गांधी जी का सपना पूरा न हो सका।

→ फिफ्टी – सिक्ख सैनिक पाँच मीटर की पगड़ी बांधते थे, परंतु युद्ध के दौरान हमेशा भारी और लंबी पगड़ी पहनना संभव नहीं था। इसलिए सैनिकों के लिए पगड़ी की लंबाई कम करके दो मीटर कर दी गई। इस छोटी पगड़ी को फिफ्टी कहा जाता था।

→ पंजाबी लोगों का पहनावा एवं सभ्यता – पंजाबी लोगों के पहनावे और सभ्यता पर अंग्रेजी शासन का बहुत कम प्रभाव पड़ा। स्त्रियों का पहनावा लंबा कुर्ता, सलवार तथा दुपट्टा ही रहा। पुरुष मुख्य रूप से कुर्ता, पायजामा तथा पगड़ी पहनते थे।

→ शादी विवाह पर रंगदार तथा सजावट वाले कपड़े पहनने का रिवाज़ था। शोक के समय सफेद अथवा हल्के रंग के वस्त्र पहने जाते थे। परंतु आज के ग्लोबल विश्व में पंजाबी पहनावे का रूप बदलता जा रहा है।

→ 1842 – अंग्रेज़ वैज्ञानिक लुइस सुबाब द्वारा कृत्रिम रेशों से कपड़ा तैयार करने की मशीन का निर्माण।

→ 1830 ई. – इग्लैंड में महिला संस्थानों द्वारा स्त्रियों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग।

→ 1870 ई. – दो संस्थाओं नेशनल वुमैन सफरेज़ एसोसिएशन और ‘अमेरिकन वुमैन सफरेज़ एसोसिएशन’ द्वारा स्त्रियों के पहनावे में सुधार के लिए आंदोलन।

ਪਹਿਰਾਵੇ ਦਾ ਸਮਾਜਿਕ ਇਤਿਹਾਸ PSEB 9th Class SST Notes

→ 1842 ਈ: – ਅੰਗਰੇਜ਼ ਵਿਗਿਆਨੀ ਲੂਈਸ ਸੁਬਾਬ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਉਟੀ ਰੇਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੀ ਮਸ਼ੀਨ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ।

→ 1830 ਈ: – ਇੰਗਲੈਂਡ ਵਿਚ ਮਹਿਲਾ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੁਆਰਾ ਇਸਤਰੀਆਂ ਲਈ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ।

→ 1870 ਈ: – ਦੋ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ‘ਨੈਸ਼ਨਲ ਵੁਮੈਨ ਸਫਰੇਜ਼ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ’ ਅਤੇ ‘ਅਮੇਰਿਕਨ ਵੁਮੈਨ ਸਫਰੇਜ਼ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੁਆਰਾ ਇਸਤਰੀਆਂ ਦੇ ਪਹਿਰਾਵੇ ਵਿਚ ਸੁਧਾਰ ਲਈ ਅੰਦੋਲਨ ।

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 7 Forest Society and Colonialism

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Forest Society and Colonialism PSEB 9th Class SST Notes

→ Products available in the forests: We get many products from the forests such as furniture wood, fuel, fruit, gum, honey, wood for making paper, leaves for making bidi, etc.

→ Deforestation: The meaning of deforestation is cutting trees. Forests were cut down for many purposes such as the expansion of agriculture and railway, for ship-building, etc.

→ Bagaan: Large farmhouses where trees of a single type were planted in straight rows were called Bagan.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 7 Forest Society and Colonialism

→ Timber Trees: Timber wood is quite strong. It is available in the form of Seal and Teak trees.

→ Control on Forests: After coming to know the importance of forests, the colonial rulers established a forest department and passed many laws to control the forests.

→ Impact of Forest Control: With the government’s control of forests, the tribals were deprived of their means of livelihood. So, they started thinking about the revolts against the government.

→ Shifting Agriculture: In this type of agriculture, forests are cleared to get agricultural land. After doing agriculture for 2-3 years, the land is left alone and the same process is done on the nearby forest land. After the government’s control of forests, such agricultural practice was banned.

→ Scientific Forestry: The system under the control of the forest department in which old trees are cut down and new trees are planted.

→ Bastar: Bastar is located in Chhattisgarh, bordering Andhra Pradesh, Odisha, and Maharashtra. Tribals of this area revolted against the British as they were widely affected by the British forest policies. These revolts were started by the Dhruva tribe.

→ Java: Java is now famous as a rice-producing island in Indonesia. Dutch rulers greatly exploited its forest resources and made the locals labourers. Consequently, locals revolted and it took three months to crush the revolt.

→ 1855: Lord Dalhousie made laws for the protection of forests.

→ 1864: Indian Forest Department was established.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 7 Forest Society and Colonialism

→ 1865: Indian Forest Act was passed.

→ 1878: Indian forest Act was amended and three categories of forests were formed.

→ 1906: Imperial forest Research Centre was established at Dehradun.

वन्य समाज तथा बस्तीवाद PSEB 9th Class SST Notes

→ वनों का महत्त्व – वन मानव समाज के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण संसाधन हैं। वनों से हमें इमारती लकड़ी, ईंधन, फल, गोंद, शहद, कागज़ तथा अन्य कई उत्पाद प्राप्त होते हैं। ग्रामीणों के लिए वन आजीविका का महत्त्वपूर्ण साधन हैं।

→ वनोन्मूलन – वनोन्मूलन का अर्थ है-वनों की सफ़ाई। कृषि के विस्तार, रेलवे के विस्तार, जलयान निर्माण आदि कई कार्यों के लिए वनों को बड़े पैमाने पर काटा गया।

→ बागान – ऐसे बड़े-बड़े फार्म जहां एक सीधी पंक्ति में एक ही प्रजाति के वृक्ष लगाए जाते हैं, बागान कहलाते हैं।

→ इमारती लकड़ी के वृक्ष – इमारती लकड़ी मज़बूत तथा कठोर होती है। यह मुख्य साल तथा टीक के वृक्षों से मिलती है।

→ वनों पर नियंत्रण – वनों का महत्त्व ज्ञात होने के बाद औपनिवेशिक शासकों ने वन विभाग की स्थापना की और वन अधिनियम पारित करके वनों पर नियंत्रण कर लिया।

→ वन नियंत्रण के प्रभाव – वनों पर सरकार के नियंत्रण से वनों पर निर्भर रहने वाले आदिवासी कबीलों की रोजी-रोटी छिन गई और उनमें सरकार के विरुद्ध विद्रोह के भाव जाग उठे।

→ स्थानांतरी (झूम) खेती – इस प्रकार की खेती में वनों को साफ़ करके खेत प्राप्त किए जाते हैं।

→ एक-दो वर्ष तक वहां पर कृषि करके उन्हें छोड़ दिया जाता है और किसी अन्य स्थान पर खेत बना लिए जाते हैं। वनों पर सरकारी नियंत्रण के पश्चात् इस प्रकार की कृषि पर रोक लगा दी गई।

→ वैज्ञानिक वानिकी – वन विभाग के नियंत्रण में वृक्ष काटने की वह प्रणली जिसमें पुराने वृक्ष काटे जाते हैं और नए वृक्ष उगाए जाते हैं।

→ बस्तर – बस्तर एक पठार पर स्थित है। वन नियंत्रण से प्रभावित यहां के आदिवासी कबीलों ने अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध विद्रोह किए। इन विद्रोहों का आरंभ ध्रुव कबीले द्वारा हुआ।

→ जावा – जावा इंडोनेशिया का एक प्रदेश है। यहां के डच शासकों ने यहां के वनों का खूब शोषण किया और वहां के स्थानीय लोगों को मज़दूर बनाकर रख दिया।

→ फलस्वरूप उन्होंने विद्रोह कर दिया जिसे दबाने में तीन महीने लग गए।

→ 1855 ई० – लार्ड डल्हौज़ी ने वनों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए। इसकी अधीन मालाबार की पहाड़ियों में सागवान और नीलगिरि की पहाड़ियों में बबूल (कीकर) के वृक्ष लगाए गए।

→ 1864 ई० – वनों की रक्षा संबंधी कानूनों/नियमों की पालना हित भारतीय वन विभाग की स्थापना की गई। इसका मुख्य लक्ष्य व्यापारिक बाग़बानी को प्रोत्साहित करना था।

→ 1865 ई० – भारतीय वन अधिनियम 1865, वनों के प्रबंधन संबंधी कानून बनाने से संबंधित था।

→ 1878 ई० – भारतीय वन अधिनियम 1878 इस अधिनियम के अंतर्गत वनों की तीन श्रेणियां बना दी गईं-

  • आरक्षित वन
  • सुरक्षित वन
  • ग्रामीण वन।

→ इस कानून से जंगलों को निजी संपत्ति से सरकारी संपत्ति बनाने के अधिकार दिए गए और लोगों के जंगलों में जाने व उनका प्रयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

→ 1906 ई० –  इंपीरियल वन अनुसंधान केंद्र, देहरादून की स्थापना की गई।

→ 1927 ई० –  वनों से संबंधित कानूनों को मजबूत करने, जंगली लकड़ी का उत्पादन बढ़ाने, इमारती लकड़ी व अन्य वन्य उपजों पर कर लगाने के उद्देश्य से भारतीय वन अधिनियम 1927 लागू किया गया। इस कानून में उल्लंघन करने वालों को कारावास व भारी जुर्माने का प्रावधान था।

ਵਣ ਸਮਾਜ ਅਤੇ ਬਸਤੀਵਾਦ PSEB 9th Class SST Notes

→ 1855 ਈ: – ਲਾਰਡ ਡਲਹੌਜ਼ੀ ਨੇ ਜੰਗਲਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਏ । ਇਸਦੇ ਅਧੀਨ ਮਾਲਾਬਾਰ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿਚ ਸਾਗਵਾਨ ਅਤੇ ਨੀਲਗਿਰੀ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿਚ ਕਿੱਕਰ ਦੇ ਰੁੱਖ ਲਾਏ ਗਏ ।

→ 1864 ਈ: – ਜੰਗਲਾਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਸੰਬੰਧੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ/ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਨਾ ਲਈ ਭਾਰਤ ਵਣ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ! ਸਥਾਪਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਵਪਾਰਕ ਬਾਗਬਾਨੀ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨਾ ਸੀ ।

→ 1865 ਈ: – ਭਾਰਤੀ ਵਣ ਐਕਟ 1865, ਜੰਗਲਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਸੰਬੰਧੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਸੀ :

→ 1878 ਈ: – ਭਾਰਤੀ ਵਣ ਐਕਟ 1878 ਈ:, ਇਸ ਐਕਟ ਦੇ ਤਹਿਤ ਜੰਗਲਾਂ ਦੀਆਂ ਤਿੰਨ ਸ਼੍ਰੇਣੀਆਂ ਬਣਾ । ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ-

  • ਰਾਖਵੇਂ ਵਣ
  • ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਵਣ
  • ਗਾਮੀਣ ਵਣ ।
    ਇਸ ਕਾਨੂੰਨ ਨਾਲ ਜੰਗਲਾਂ ਨੂੰ ।

→ ਨਿੱਜੀ ਸੰਪੱਤੀ ਤੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਸੰਪੱਤੀ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਜੰਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਅਤੇ ! ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ।

→ 1906 ਈ: – ਇੰਪੀਰੀਅਲ ਵਣ ਖੋਜ ਸੰਸਥਾ, ਦੇਹਰਾਦੂਨ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ।

→ 1927 ਈ: – ਜੰਗਲਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ, ਜੰਗਲੀ ਲੱਕੜੀ ਦਾ ਉਤਾਦਨ ਵਧਾਉਣ, ਇਮਾਰਤੀ ਲੱਕੜੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵਣ ਉਤਪਾਦਾਂ ‘ਤੇ ਕਰ ਲਾਉਣ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਭਾਰਤੀ ਵਣ ਐਕਟ 1927 ਈ: ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ । ਇਸ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਚ ਉਲੰਘਣ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਜੇਲ ਅਤੇ ਭਾਰੀ ਜੁਰਮਾਨੇ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਸੀ ।

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1

Punjab State Board PSEB 12th Class Maths Book Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 12 Maths Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1

Question 1.
If a line makes angles 90°, 135°, 45° with x, y and z-axes respectively, find its direction cosines.
Solution.
Let direction cosines of the line be l, m and n.
I = cos 90° = 0, m = cos 135° = – \(\frac{1}{\sqrt{2}}\), n = cos 45° = \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)

Therefore, the direction cosines of the line are 0, \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) and \(\frac{1}{\sqrt{2}}\).

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1

Question 2.
Find the direction cosines of a line which makes equal angles with the coordinate axes.
Solution.
Let the direction cosines of the line make an angle a with each of the coordinate axes.
∴ l = cos α, m = cos α, n = cos α
We know that l2 + m2 + n2 = 1
⇒ cos2 α + cos2 α + cos2 α = 1
⇒ 3 cos2 α = 1
⇒ cos2 α = \(\frac{1}{3}\)
⇒ cos α = ± \(\frac{1}{\sqrt{3}}\)
Thus, the direction cosines of the line, which is equally inclined to the coordinate axes, are ± \(\frac{1}{\sqrt{3}}\), ± \(\frac{1}{\sqrt{3}}\) and ± \(\frac{1}{\sqrt{3}}\).

Question 3.
If a line has the direction ratios -18, 12, – 4, then what are its direction cosines?
Solution.
If a line has direction ratios of – 18,12 and – 4, then its direction cosines are

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1 1

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1

Question 4.
Show that the points (2, 3, 4), (- 1, – 2, 1), (5, 8, 7) are collinear.
Solution.
Let the given points are A (2, 3, 4), B (- 1, – 2, 1), C(5, 8, 7)
Direction ratios of AB are x2 – x1; y2 – y1, z2 – z1
i.e., (- 1 – 2), (- 2 – 3), (1 – 4) or – 3, – 5, – 3
Direction ratios of BC are
5 – (-1), 8 – (- 2), (7 – 1) or 6, 10, 6
which are – 2 times the direction ratios of AB.
∴ AB and BC have the same direction ratios.
∴ AB || BC, but B is a common point of AB and BC.
Hence A,B,C are collinear.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1

Question 5.
Find the direction cosines of the sides of the triangle whose vertices are (3, 5, – 4), (- 1, 1, 2) and (- 5, – 5,- 2).
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1 2

The vertices of ∆ABC are A(3, 5, – 4), B(- 2, 1, 2) and C(- 5, – 5, -2).
The direction ratios of side AB are (- 1, – 3), (1, – 5) and (2 – (- 4)) i.e„ – 4, – 4 and 6.
Then, \(\sqrt{(-4)^{2}+(-4)^{2}+(6)^{2}}\)
= \(\sqrt{16+16+36}\)
= \(\sqrt{68}=2 \sqrt{17}\)

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 11 Three Dimensional Geometry Ex 11.1 3

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 21 ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 21 ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science Chapter 21 ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ

Social Science Guide for Class 7 PSEB ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ Textbook Questions, and Answers

(ੳ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਇਕ ਸ਼ਬਦ/ਇਕ ਵਾਕ (1-15 ਸ਼ਬਦਾਂ ) ਵਿਚ ਲਿਖੋ-

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਕੀ ਸੰਬੰਧ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਡੂੰਘਾ ਸੰਬੰਧ ਹੈ । ਇਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਸੁਚੇਤ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਲੋਕਮਤ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੀ ਆਤਮਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਨੂੰ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦਾ ਚਾਨਣ-ਮੁਨਾਰਾ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਆਧੁਨਿਕ ਸਾਧਨਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਰੇਡੀਓ, ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ਅਤੇ ਕੰਪਿਊਟਰ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਮੁੱਖ ਆਧੁਨਿਕ ਸਾਧਨ ਹਨ । ਇਸ ਨਾਲ ਅਨਪੜ੍ਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਉਹ ਆਪਣੇ ਮਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
‘‘ਸੂਚਨਾ/ਜਾਣਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਸੰਬੰਧੀ ਅਧਿਕਾਰ’’ ਤੋਂ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਸਮਝਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੂਚਨਾ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਅਨੁਸਾਰ ਲੋਕ ਕੋਈ ਵੀ ਅਜਿਹੀ ਸੂਚਨਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਸਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਪ੍ਰਤੱਖ ਜਾਂ ਅਪ੍ਰਤੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦੇ ਗ਼ਲਤ ਕੰਮਾਂ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਜਾਂ ਨਿੱਜੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪੁੱਛ-ਗਿੱਛ ਕਰਨ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਤੋਂ ਤੁਹਾਡਾ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਰੇਕ ਉਤਪਾਦਕ ਆਪਣੀ ਵਸਤੂ ਨੂੰ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵੇਚਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਆਪਣੇ ਉਤਪਾਦ ਵੱਲ ਖਿੱਚਣ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਲਈ ਉਹ ਜੋ ਸਾਧਨ ਅਪਣਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਉਸਨੂੰ ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਿੰਨੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਗਿਆਪਨ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ

  1. ਵਪਾਰਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ
  2. ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ।

ਵਪਾਰਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਿਸੇ ਵਸਤੂ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹਨ, ਜਦਕਿ ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਸਮਾਜ ਸੇਵਾ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਨ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਪਹੁੰਚਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਕੀ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਹਨ

  1. ਕਿਸੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਵਸਤੂ ਬਾਰੇ ਸੂਚਨਾ ਦੇਣਾ ਅਰਥਾਤ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵਸਤੂ ਨੂੰ ਕਿੱਥੋਂ ਖ਼ਰੀਦਣਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਵੇਂ ਵਰਤੋਂ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣਾ ਹੈ ।
  2. ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਤਪਾਦ ਖ਼ਰੀਦਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨਾ ।
  3. ਸੰਬੰਧਤ ਸੰਸਥਾ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣਾ ॥

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਉਸ ਵਿਗਿਆਪਨ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸਦੇ ਦੁਆਰਾ ਸਮਾਜ ਕਲਿਆਣ ਲਈ ਪ੍ਰਯੋਗ ਹੋਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਵਿਗਿਆਪਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਅਜਿਹੇ ਵਿਗਿਆਪਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਬਿਮਾਰੀਆਂ, ਕੁਦਰਤੀ ਆਫ਼ਤਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਬੁਰਾਈਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਸੁਚੇਤ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਏਕਤਾ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਦੂਜੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨਾਂ ਤੋਂ ਭਾਵ ਸਮਾਜ-ਕਲਿਆਣ ਦੇ ਵਿਗਿਆਪਨਾਂ ਤੋਂ ਹੈ ।

(ਅ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ 50-60 ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਦਿਓ-

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਪਾਰਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਵਿਚ ਕੀ ਕੁੱਝ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਪਾਰਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਖ਼ਰੀਦਦਾਰ ਜਾਂ ਖ਼ਪਤਕਾਰ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ । ਖ਼ਪਤਕਾਰਾਂ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਖ਼ਪਤਕਾਰੀ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਖ਼ਰੀਦਦਾਰ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ । ਉਹ ਆਪਣੇ ਵਰਤਣ ਲਈ ਜਾਂ ਘਰ ਲਈ ਚੀਜ਼ਾਂ ਖ਼ਰੀਦਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਸਤਾਂ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਖਾਣ ਦੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ, ਜਿਵੇਂ ਰਾਸ਼ਨ-ਪਾਣੀ, ਕੱਪੜੇ ਅਤੇ ਬਿਜਲਈ ਚੀਜ਼ਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਡੀਓ, ਟੀ.ਵੀ., ਫਰਿੱਜ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ । ਲੱਖਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਖ਼ਰੀਦਦਾਰ ਨੂੰ ਖਿੱਚਣ ਲਈ ਵੇਚਕਾਰ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਢੰਗ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

ਉਹ ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਮੈਗਜ਼ੀਨ, ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ, ਰੇਡੀਓ ਦੁਆਰਾ ਆਪਣੇ ਸਮਾਨ ਦਾ ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਰਦੇ ਹਨ | ਚੀਜ਼ਾਂ ਵੇਚਣ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣਾ ਢੰਗ ਗਲੀਆਂ ਵਿਚ ਆਵਾਜ਼ ਦੇ ਕੇ ਫੇਰੀ ਕਰਨਾ ਹੈ । ਇਹ ਢੰਗ ਅੱਜ ਵੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ, ਫਲ ਅਤੇ ਹੋਰ ਕਈ ਚੀਜ਼ਾਂ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਵਰਤਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਵਿਗਿਆਪਨ ਖ਼ਰੀਦਦਾਰਾਂ ਨਾਲ ਸਿੱਧੀ ਅਪੀਲ ਕਰਕੇ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਕਰਦੇ ਹਨ | ਅਜਿਹੇ ਵਿਗਿਆਪਨ ਨੂੰ ਖ਼ਪਤਕਾਰ ਵਿਗਿਆਪਨ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਰਤਾ ਆਪਣੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਵਤੀਰਾ ਬਦਲਣ ਲਈ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਢੰਗ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਰਤਾ ਆਪਣੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਵਤੀਰਾ ਬਦਲਣ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਸਾਧਨਾਂ ਨਾਲ ਵਿਗਿਆਪਨ ਕਰਦੇ ਹਨ

  1. ਗਲੀਆਂ ਵਿਚ ਫੇਰੀ ਲਗਾ ਕੇ ।
  2. ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਮੈਗਜ਼ੀਨ ਆਦਿ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਦੇ ਕੇ ।
  3. ਰੇਡੀਓ, ਟੈਲੀਵਿਯਨ ‘ਤੇ ਆਪਣੇ ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੇ ਕੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਰਵਜਨਕ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਦੋ ਵਿਗਿਆਪਨਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ।
ਉੱਤਰ-
ਸਰਵਜਨਕ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੇ ਮੁੱਖ ਵਿਗਿਆਪਨ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਹੁੰਦੇ ਹਨ –

  1. ਸਮਾਜਿਕ ਮੁੱਦੇ
  2. ਪਰਿਵਾਰ ਨਿਯੋਜਨ
  3. ਪੋਲੀਓ ਦਾ ਖ਼ਾਤਮਾ
  4. ਕੈਂਸਰ ਤੋਂ ਬਚਾਓ
  5. ਏਡਸ ਪ੍ਰਤੀ ਜਾਗਰੂਕਤਾ
  6. ਭਰੂਣ ਹੱਤਿਆ ਨੂੰ ਰੋਕਣਾ
  7. ਸਮੁਦਾਇਕ ਮੇਲ ਮਿਲਾਪ
  8. ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਏਕਤਾ
  9. ਕੁਦਰਤੀ ਆਫ਼ਤਾਂ
  10. ਖੂਨ ਦਾਨ
  11. ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਆਦਿ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਸੰਬੰਧੀ ਅਧਿਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਕਿਉਂ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਗਿਆਪਨ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿਚ ਨਾ ਚੰਗਾ ਹੈ, ਨਾ ਉਰਾ | ਪਰ ਇਹ ਇਕ ਅਜਿਹਾ ਸਾਧਨ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਚੰਗੇ ਜਾਂ ਬੁਰੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸਦਾ ਸਮਾਜ ‘ਤੇ ਡੂੰਘਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਬੁਰੀ ਵਸਤੂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦੇਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੇ ਵਿਗਿਆਪਨਾਂ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਇਨ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਅਧਿਨਿਯਮ ਬਣਾ ਕੇ ਹੀ ਰੋਕ ਲਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ । ਉਦਾਹਰਨ ਲਈ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿਚ ਤੰਬਾਕੂ ਦੇ ਵਿਗਿਆਪਨ ‘ਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਰੋਕ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਵਿਗਿਆਪਨ ਸੰਬੰਧੀ ਅਧਿਨਿਯਮ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਬੁਰੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੈਤਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦਾ ਵੇਰਵਾ ਦਿਓ, ਜਿਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮੀਡੀਏ ਦੁਆਰਾ ਅਪਣਾਉਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮੀਡੀਏ ਦੁਆਰਾ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਨੈਤਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦਾ ਅਪਣਾਇਆ ਜਾਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ-

  1. ਸੁਤੰਤਰ ਰਹਿ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਤਕ ਸਹੀ ਅਤੇ ਸੱਚੀ ਸੂਚਨਾ ਪਹੁੰਚਾਉਣਾ ।
  2. ਲੋਕ ਕਲਿਆਣ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦੇਣਾ ।
  3. ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪੈਦਾ ਕਰਨਾ ਤਾਂ ਕਿ ਉਹ ਸਵੈ-ਸ਼ਾਸਨ ਚਲਾਉਣ ਯੋਗ ਨਾਗਰਿਕ ਬਣ ਸਕਣ ।
  4. ਸੰਪਰਦਾਇਕ ਤਣਾਓ ਪੈਦਾ ਨਾ ਹੋਣ ਦੇਣਾ ।
  5. ਲੋਕਤੰਤਰ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਸੂਚਨਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ ਕਰਨਾ ।
  6. ਸਮਾਜਿਕ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨੂੰ ਸਹੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਣਾ ।

(ਈ) ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਆਧੁਨਿਕ ਸ਼ਾਸਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਦੇ ਨੁਕਸ ਦੱਸਣ ਲਈ ਇਕ …………. ਸਾਧਨ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਅਤੇ ਸਿੱਧਾ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਦੀ ਮੁੱਖ ਭੂਮਿਕਾ …………. ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ਸੂਚਨਾ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
……………. ਤੋਂ ਭਾਵ ਹੈ ਕਿ ਆਪਣੀਆਂ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਠੀਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਣਾ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਦਾਚਾਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਆਪਣੇ …………. ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਵੱਖਰੇ-ਵੱਖਰੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਉਦੇਸ਼

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 21 ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਕਿਸੇ ਵਸਤੂ ਦੀ …………. ਨੂੰ ਵਧਾਉਣਾ ਵਿਗਿਆਪਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਿਕਰੀ ਜਾਂ ਮੰਗ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਅਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿਚ …………… ਵਿਗਿਆਪਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ॥

(ਸ) ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ-ਉੱਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਬਿਜਲਈ ਸਾਧਨ ਦਾ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
(1) ਅਖ਼ਬਾਰ
(2) ਮੈਗਜ਼ੀਨ
(3) ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ।
ਉੱਤਰ-
(3) ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਕਿੰਨੀਆਂ ਹਨ ?
(1) ਦੋ
(2) ਚਾਰ
(3) ਛੇ ।
ਉੱਤਰ-
(1) ਦੋ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਕਿਸ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਪ੍ਰੈੱਸ ਜਾਂ ਛਪਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦਾ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਤੰਭ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
(1) ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ
(2) ਭਾਰਤ
(3) ਚੀਨ ।
ਉੱਤਰ-
(2) ਭਾਰਤ ।

(ਹ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਠੀਕ (✓) ਜਾਂ ਗ਼ਲਤ (✗) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਓ-

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਮੂਹ ਨੂੰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਢੰਗ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨ ਨੂੰ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਐੱਸ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦਾ ਚਾਨਣ ਮੁਨਾਰਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਕਿਸਮਾਂ-ਵਪਾਰਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ (ਮੀਡੀਆ) ਕਿਸਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਮੂਹ ਦੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨ ਦੇ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਢੰਗਾਂ ਨੂੰ ਮੀਡੀਆ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ (ਮੀਡੀਆ) ਦੇ ਕੁੱਝ ਉਦਾਹਰਨ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਰੇਡਿਓ, ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ, ਸਿਨੇਮਾ, ਪ੍ਰਿੰਸ, ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ, ਚੋਣਾਂ ਆਦਿ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਮੀਡੀਆ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਐੱਸ, ਜਿਸ ਵਿਚ ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਮੈਗਜ਼ੀਨ, ਪੁਸਤਕਾਂ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 21 ਜਨੰਤਕ ਸੰਚਾਰ (Media) ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਐੱਸ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੈਂਸ ਲੋਕਤੰਤਰਿਕ ਰਾਜ ਵਿਚ ਲੋਕਮਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਾਧਨ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ, ਮੈਗਜ਼ੀਨ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ । ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਅਖ਼ਬਾਰ ਅਤੇ ਮੈਗਜ਼ੀਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਅਤੇ ਅੰਤਰ-ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ਦੀਆਂ ਸੂਚਨਾਵਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ, ਸੰਗਠਨ ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਕਾਰਜਕ੍ਰਮ ਬਾਰੇ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ (ਮੀਡੀਆ) ਦੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਮੀਟਿੰਗਾਂ, ਧਰਨਿਆਂ ਅਤੇ ਚੋਣ-ਘੋਸ਼ਣਾ-ਪੱਤਰਾਂ ਦੁਆਰਾ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਅਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰੀਆਂ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਸਿੱਖਿਅਤ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਮਾਜਿਕ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਲੋਕਮਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਨ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਨ ਵਿਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਚੋਣਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਲੋਕਮਤ ਬਣਾਉਣ ਵਿਚ ਕਿਵੇਂ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਰੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਚੋਣਾਂ ਜਿੱਤਣ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਸਫਲਤਾਵਾਂ, ਅਸਫਲਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਦਲਾਂ ਦੀਆਂ ਅਸਫਲਤਾਵਾਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸ ਕੇ ਸਿੱਖਿਅਤ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਲੋਕ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਦਲਾਂ ਦੇ ਵਿਚਾਰ ਸੁਣ ਕੇ ਆਪਣਾ ਸੰਤੁਲਿਤ ਮਤ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਸੂਚਨਾ ਅਧਿਕਾਰ ਸੰਬੰਧੀ ਅਧਿਨਿਯਮ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਰਾਜਾਂ ਨੇ ਬਣਾਏ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੂਚਨਾ ਅਧਿਕਾਰ ਸੰਬੰਧੀ ਅਧਿਨਿਯਮ ਕਈ ਰਾਜਾਂ ਨੇ ਬਣਾਇਆ ਹੈ । ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਜਿਹਾ ਅਧਿਨਿਯਮ ਰਾਜਸਥਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ 2000 ਵਿਚ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ । ਇਸਦੇ ਅਧੀਨ ਜਨਤਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸ਼ਾਸਨ ਸੰਬੰਧੀ ਹਰ ਤੱਥ ਬਾਰੇ ਸੂਚਨਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ । 2000 ਦੇ ਬਾਅਦ ਅਜਿਹੇ ਅਧਿਨਿਯਮ ਮਹਾਂਰਾਸ਼ਟਰ, ਕਰਨਾਟਕਾ, ਤਾਮਿਲਨਾਡੂ, ਗੋਆ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜਾਂ ਦੁਆਰਾ ਵੀ ਪਾਸ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਸੂਚਨਾ ਅਧਿਕਾਰ ਨਿਯਮ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੂਚਨਾ ਅਧਿਕਾਰ ਨਿਯਮ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੇ ਗ਼ਲਤ ਕੰਮਾਂ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹਥਿਆਰ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਇਸ ਨਾਲ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲੱਗੇਗੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਮਨੁੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਿਚ ਵਿਗਿਆਪਨ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਿਚ ਵਿਗਿਆਪਨ ਅਤਿ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦਾ ਹੈ । ਸਮਾਜ ਕਲਿਆਣ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੁਧਾਰ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਵਿਗਿਆਪਨ ਦਾ ਬਹੁਤ ਯੋਗਦਾਨ ਹੈ । ਇਹ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਜਿਹੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਆਪਣਾ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਸਮਾਜ ਦਾ ਭਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ

1. ਪੱਤਰਕਾਰਿਤਾ (ਪ੍ਰਿੰਸ) (i) ਬਿਜਲੀ ਦਾ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਮਾਧਿਅਮ
2. ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ (ii) ਖਰੀਦਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨਾ
3. ਵਪਾਰਕ ਵਿਗਿਆਪਨ (iii) ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਖੂਨਦਾਨ ਆਦਿ ਦੇ ਵਿਗਿਆਪਨ
4. ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ (iv) ਪ੍ਰਿੰਟਿੰਗ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਮਾਧਿਅਮ ॥

ਉੱਤਰ-

1. ਪੱਤਰਕਾਰਿਤਾ (ਐੱਸ) (iv) ਪ੍ਰਿੰਟਿੰਗ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਮਾਧਿਅਮ
2. ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ (i) ਬਿਜਲੀ ਦਾ ਜਨਤਕ ਸੰਚਾਰ ਮਾਧਿਅਮ
3. ਵਪਾਰਕ ਵਿਗਿਆਪਨ (ii) ਖਰੀਦਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨਾ
4. ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਗਿਆਪਨ (iii) ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਖੁਨਦਾਨ ਆਦਿ ਦੇ ਵਿਗਿਆਪਨ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

Social Science Guide for Class 7 PSEB ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ Textbook Questions, and Answers

(ੳ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਇਕ ਸ਼ਬਦ/ਇਕ ਵਾਕ (1-15 ਸ਼ਬਦਾਂ ) ਵਿਚ ਲਿਖੋ-

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਦੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜ ਰਾਜਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ਜਿੱਥੇ ਦੋ-ਸਦਨੀ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿਹਾਰ, ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ, ਕਰਨਾਟਕਾ, ਉੱਤਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਮਹਾਂਰਾਸ਼ਟਰ । ਨੋਟ-ਇਨ੍ਹਾਂ ਰਾਜਾਂ ਦੇ ਇਲਾਵਾ ਕੁੱਝ ਹੋਰ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਵੀ ਦੋ ਸਦਨੀ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਐੱਮ. ਐੱਲ. ਏ. ਚੁਣੇ ਜਾਣ ਲਈ ਕਿਹੜੀਆਂ ਦੋ ਯੋਗਤਾਵਾਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਐੱਮ. ਐੱਲ. ਏ. ਚੁਣੇ ਜਾਣ ਲਈ ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ ਵਿਚ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਯੋਗਤਾਵਾਂ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ

  • ਉਹ ਭਾਰਤ ਦਾ ਨਾਗਰਿਕ ਹੋਵੇ ।
  • ਉਸਦੀ ਉਮਰ 25 ਸਾਲ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਾਜਪਾਲ ਚੁਣੇ ਜਾਣ ਲਈ ਕਿਹੜੀਆਂ ਯੋਗਤਾਵਾਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਿਸੇ ਵੀ ਰਾਜ ਦਾ ਰਾਜਪਾਲ ਬਣਨ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਵਿਅਕਤੀ-

  1. ਭਾਰਤ ਦਾ ਨਾਗਰਿਕ ਹੋਵੇ ।
  2. ਉਸਦੀ ਉਮਰ 35 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੋਵੇ ।
  3. ਉਹ ਮਾਨਸਿਕ ਅਤੇ ਸਰੀਰਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਠੀਕ ਹੋਵੇ ।
  4. ਉਹ ਰਾਜ ਜਾਂ ਕੇਂਦਰੀ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦਾ ਮੈਂਬਰ ਜਾਂ ਸਰਕਾਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨਾ ਹੋਵੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਕਿਸੇ ਸਰਕਾਰੀ ਵਿਭਾਗ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਮੁਖੀ ਕੌਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਿਸੇ ਸਰਕਾਰੀ ਵਿਭਾਗ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਮੁਖੀ ਵਿਭਾਗੀ ਸਕੱਤਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਤੁਹਾਡੇ ਰਾਜ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਰਾਜਪਾਲ ਕੌਣ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਆਪਣੇ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬਾਨ ਤੋਂ ਵਰਤਮਾਨ ਸਥਿਤੀ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰੋ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਰਾਜ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਮੁਖੀ ਕੌਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਮੁਖੀ ਰਾਜਪਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

(ਅ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ 50-60 ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਦਿਓ-

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰਾਜਪਾਲ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਕੇਂਦਰ ਵਿਚ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੇ ਵਾਂਗ ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਜ ਦਾ ਨਾਂ-ਮਾਤਰ ਮੁਖੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਰਾਜ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਅਸਲ ਸ਼ਕਤੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਕੋਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਰਾਜਪਾਲ ਦੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਵੀ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੇ ਵਾਂਗ ਹੀ ਹਨ । ਪਰ ਜਦੋਂ ਕਦੇ ਰਾਜ ਦੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਠੀਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਨਾ ਚੱਲਣ ਦੇ ਕਾਰਨ ਰਾਜ ਦਾ ਸ਼ਾਸਨ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਆਪਣੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਲੈ ਲੈਂਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਜ ਦਾ ਅਸਲ ਮੁਖੀ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਰਾਜਪਾਲ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਸ਼ਕਤੀਆਂ –

  • ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਜ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਮੁਖੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਰਾਜ ਦਾ ਸ਼ਾਸਨ ਉਸ ਦੇ ਨਾਂ ਉੱਤੇ ਚਲਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
  • ਉਹ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  • ਰਾਜ ਦੇ ਹਾਈਕੋਰਟ ਦੇ ਜੱਜਾਂ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਸਮੇਂ ਉਹ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਨੂੰ ਸਲਾਹ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ।

ਵਿਧਾਨਿਕ ਸ਼ਕਤੀਆਂ

  1. ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦੁਆਰਾ ਪਾਸ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਮਿਲਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।
  2. ਜੇਕਰ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦਾ ਇਜਲਾਸ ਨਾ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈ ਜਾਏ ਤਾਂ ਰਾਜਪਾਲ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਜਾਰੀ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  3. ਕੋਈ ਵੀ ਵਿੱਤ ਬਿਲ ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਪੂਰਵ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਨਾਲ ਹੀ ਸੰਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  4. ਉਹ ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦੀ ਬੈਠਕ ਬੁਲਾਉਂਦਾ ਹੈ ।
  5. ਹਰੇਕ ਸਾਲ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਇਜਲਾਸ ਰਾਜਪਾਲ ਦੇ ਭਾਸ਼ਨ ਨਾਲ ਹੀ ਆਰੰਭ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
  6. ਜਿਹੜੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦੇ ਦੋ ਸਦਨ ਹਨ, ਉੱਥੇ ਰਾਜਪਾਲ ਕੁੱਝ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਲਈ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  7. ਰਾਜਪਾਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਲਾਹ ‘ਤੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਭੰਗ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਇੱਛੁਕ ਸ਼ਕਤੀਆਂ-ਰਾਜਪਾਲ ਨੂੰ ਕੁੱਝ ਅਜਿਹੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਉਹ ਆਪਣੀ ਬੁੱਧੀ ਜਾਂ ਇੱਛਾ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਰਾਜਪਾਲ ਦੀਆਂ ਇੱਛੁਕ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਅਖਵਾਉਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਹ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਹਨ –

  • ਜਦੋਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਦਲ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਬਹੁਮਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਰਾਜਪਾਲ ਆਪਣੀ ਸੂਝ-ਬੂਝ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  • ਜੇਕਰ ਰਾਜਪਾਲ ਇਹ ਅਨੁਭਵ ਕਰੇ ਕਿ ਰਾਜ ਦਾ ਸ਼ਾਸਨ ਸੰਵਿਧਾਨ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਨਹੀਂ ਚਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ, ਤਾਂ ਉਹ ਇਸ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਨੂੰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ । ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ‘ਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਉਸ ਰਾਜ ਵਿਚ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ਼ਾਸਨ ਲਾਗੂ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  • ਰਾਜਪਾਲ ਸਥਿਤੀ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਨੂੰ ਭੰਗ ਕਰਨ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨੂੰ ਮੰਨਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ।
  • ਰਾਜਪਾਲ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬਿਲ ਨੂੰ ਮੁੜ ਵਿਚਾਰ ਲਈ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਭੇਜ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬਿਲ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਲਈ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਵੀ ਰੱਖ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਜ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਰਾਜ ਦਾ ਅਸਲ ਮੁਖੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਉਸਦੇ ਕੰਮਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ –

  1. ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨਾਲ ਹੀ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਆਪਣੇ ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਇਕ ਸੂਚੀ ਤਿਆਰ ਕਰਦਾ ਹੈ |ਰਾਜਪਾਲ ਉਸ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਅੰਕਿਤ ਸਾਰੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਮੰਤਰੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  2. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ, ਮੰਤਰੀਆਂ ਵਿਚ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੀ ਵੰਡ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਿਭਾਗ ਬਦਲ ਵੀ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  3. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਨੂੰ ਭੰਗ ਕਰਕੇ ਨਵੀਂ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਬਣਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  4. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਬੈਠਕਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  5. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਰਾਜਪਾਲ ਨੂੰ ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਭੰਗ ਕਰਨ ਦੀ ਵੀ ਸਲਾਹ ਦੇ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  6. ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਜ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਅਹੁਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਨਿਯੁਕਤੀਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨਾਲ ਹੀ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  7. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  8. ਉਹ ਰਾਜਪਾਲ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਵਿਚਾਲੇ ਕੜੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  9. ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਮੁਖੀ ਹੋਣ ਦੇ ਕਾਰਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੇਂਦਰੀ ਸਰਕਾਰ ਪ੍ਰਤੀ ਜਵਾਬਦੇਹ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।ਉਹ ਕੇਂਦਰੀ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਚੰਗੇ ਸੰਬੰਧ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ / ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਸੰਬੰਧੀ ਸੰਖੇਪ ਵਿਚ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਹਰੇਕ ਰਾਜ ਦੀ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਵਿਚ ਇਕ ਜਾਂ ਦੋ ਸਦਨ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਹੇਠਲੇ ਸਦਨ, ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਅਤੇ ਉੱਚ ਸਦਨ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਹੇਠਲਾ ਸਦਨ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸਾਰੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । | ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ-ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਐੱਮ. ਐੱਲ. ਏ. ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਮੈਂਬਰ ਸਿੱਧੇ (directly) ਲੋਕਾਂ ਦੁਆਰਾ ਬਾਲਗ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਅਤੇ ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਦੁਆਰਾ ਚੁਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਹਰੇਕ ਚੋਣ ਹਲਕੇ ਵਿਚੋਂ ਇਕ-ਇਕ ਮੈਂਬਰ ਚੁਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾਵਾਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 60 ਅਤੇ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ 500 ਤਕ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ । ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ-ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਅਸਿੱਧੇ (Indirect) ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸਦੇ 5/6 ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਅਧਿਆਪਕਾਂ, ਸਥਾਨਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ, ‘ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਅਤੇ ਗਰੈਜੁਏਟਾਂ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਬਾਕੀ 1/6 ਮੈਂਬਰ ਰਾਜਪਾਲ ਦੁਆਰਾ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਰਾਜਪਾਲ ਦੀਆਂ ਦੋ ਸਵੈ-ਇੱਛੁਕ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਪਾਲ ਦੇ ਕੌਲ ਕੁੱਝ ਸਵੈ-ਇੱਛੁਕ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਵੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਉਹ ਬਿਨਾਂ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀ ਸਲਾਹ ਦੇ ਆਪਣੀ ਇੱਛਾ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਹਨ –

  1. ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਲ ਨੂੰ ਬਹੁਮਤ ਨਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਉਹ ਆਪਣੀ ਇੱਛਾ ਅਨੁਸਾਰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  2. ਰਾਜ ਦੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਠੀਕ ਨਾ ਚੱਲਣ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਉਹ ਰਾਜ ਦੀ ਕਾਰਜਪਾਲਿਕਾ ਨੂੰ ਭੰਗ ਕਰਨ ਲਈ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਨੂੰ ਸਲਾਹ ਦੇ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਾਜ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਕੰਮ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਸਿਵਿਲ ਅਧਿਕਾਰੀ ਚਲਾਉਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜ ਵਿਚ ਸਿੱਖਿਆ, ਸਿੰਜਾਈ, ਆਵਾਜਾਈ, ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਆਦਿ ਵਿਭਾਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਸਰਕਾਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਸੰਬੰਧਿਤ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿਚ ਚਲਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਹਰੇਕ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਫ਼ਸਰਸ਼ਾਹੀ ਨੂੰ ਸਕੱਤਰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉਸਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਭਾਰਤੀ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਸੇਵਾ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਸੰਘੀ ਸੇਵਾ ਆਯੋਗ ਦੁਆਰਾ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਸਕੱਤਰ ਆਪਣੇ ਵਿਭਾਗ ਦੀਆਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ
ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿਚ ਮੰਤਰੀ ਦਾ ਮੁੱਖ ਸਲਾਹਕਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਸਕੱਤਰਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਲਈ ਇਕ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਸਕੱਤਰ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਨੂੰ ਸਕੱਤਰੇਤ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਅਤੇ ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਸੰਖੇਪ ਵਿਚ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-

  1. ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ-ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਜਿੰਨਾ ਹੀ ਅਰਥਾਤ 5 ਸਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਕਦੇ-ਕਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਗ-ਪੱਤਰ ਦੇਣ ‘ਤੇ ਜਾਂ ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ‘ਤੇ ਸਾਰੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਭੰਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵੀ ਅਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਾ ਪ੍ਰਸਤਾਵ ਪਾਸ ਕਰਕੇ ਭੰਗ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ।
  2. ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ-ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ 5 ਸਾਲ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਕਈ ਵਾਰ ਰਾਜਪਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਇਸਨੂੰ ਭੰਗ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।ਸੰਕਟਕਾਲ ਦੇ ਸਮੇਂ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ ਇਸਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਨੂੰ 6 ਮਹੀਨੇ ਵਧਾਇਆ ਵੀ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ 6 ਸਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਹਰੇਕ 2 ਸਾਲ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਸਦੇ 1/3 ਮੈਂਬਰ ਰਿਟਾਇਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਥਾਂ ‘ਤੇ ਨਵੇਂ ਮੈਂਬਰ ਚੁਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਾਂਗ ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਨੂੰ ਭੰਗ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ । ਇਹ ਰਾਜ ਸਭਾ ਦੇ ਵਾਂਗ ਸਥਿਰ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਸੜਕ ਹਾਦਸਿਆਂ ਦੇ ਕੋਈ ਪੰਜ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਸੜਕ ਹਾਦਸਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਹਨ –
1. ਤੇਜ਼ ਰਫਤਾਰ ਨਾਲ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਣਾ-ਸੜਕ ਤੇ ਚਲਣ ਵਾਲੇ ਵਾਹਨ-ਚਾਲਕ ਤੇਜ਼ ਰਫ਼ਤਾਰ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਂਦੇ ਹਨ | ਭਾਵੇਂ ਕਿ ਕਈ ਥਾਂਵਾਂ ਤੇ ਵਾਹਨ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਦੀ ਹੱਦ ਦੱਸੀ ਗਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਕਈ ਵਾਰੀ ਸੜਕ ਦੀ ਮਾੜੀ ਦਸ਼ਾ ਜਾਂ ਵਧੇਰੇ ਟੈਫਿਕ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜਾਂ ਮੌਸਮ ਦੀ ਖਰਾਬੀ ਜਾਂ ਵਾਹਨ ਚਾਲ ਦੀ ਮਾਨਸਿਕ ਜਾਂ ਸਰੀਰਕ ਸਥਿਤੀ ਕਾਰਨ ਹਾਦਸੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ | ਅਜਿਹੇ ਹਾਦਸਿਆਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਤੇਜ਼ ਰਫਤਾਰ ਹੈ ।

2. ਬਿਨਾਂ ਸਿਗਨਲ ਦਿੱਤੇ ਲੇਨ ਬਦਲਣ ਨਾਲ-ਸਾਰੇ ਵਾਹਨ ਚਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਸਪੀਡ ਦੀ ਲੇਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਕਈ ਵਾਰੀ ਬਿਨਾਂ ਸਿਗਨਲ ਦਿੱਤੇ ਲੇਨ ਬਦਲ ਕੇ, ਅੱਗੇ ਨਿਕਲਣ ਨਾਲ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

3. ਸਿਗਨਲ ਨੂੰ ਨਾ ਮੰਨਣਾ-ਜਦੋਂ ਟੈਫਿਕ ਲਾਈਟਾਂ ਦੁਆਰਾ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਸਿਗਨਲ ਬਦਲਣ ਸਮੇਂ ਵਾਹਨ ਚਾਲਕ ਲਾਲ ਲਾਈਟ ਹੋਣ ਦੇ ਡਰ ਨਾਲ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਸੜਕ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਅਜਿਹੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਵੀ ਹਾਦਸਾ ਹੋਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਡਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

4. ਵਾਹਨਾਂ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਸਮਾਨ ਜਾਂ ਸਵਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਲੱਦਣਾ-ਵਾਹਨ ਚਾਲਕ ਕਈ ਵਾਰੀ ਆਪਣੇ ਵਾਹਨ ਵਧੇਰੇ ਸਮਾਨ ਜਾਂ ਸਵਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਲੱਦ ਲੈਂਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਵਾਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰਸਤਾ ਸਾਫ਼ ਦਿਖਾਈ ਨਾ ਦੇਣ ਕਾਰਨ ਹਾਦਸਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

5. ਸਪੱਸ਼ਟ ਦਿਖਾਈ ਨਾ ਦੇਣਾ-ਵਾਹਨ ਚਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਜਾਂ ਮੀਂਹ, ਬਰਫ਼, ਧੁੰਦ ਜਾਂ ਮੌਸਮ ਦੀ ਖਰਾਬੀ ਕਾਰਨ ਕਈ ਵਾਰ ਰਸਤਾ ਸਾਫ ਦਿਖਾਈ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

6. ਸ਼ਰਾਬ ਪੀ ਕੇ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਣਾ-ਸ਼ਰਾਬ ਪੀਣ ਨਾਲ ਮਨੁੱਖ ਦੀ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਣ ਦੀ ਯੋਗਤਾ ਘੱਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਜ਼ਰ ਤੇ ਵੀ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ । ਡਰਾਈਵਰ ਨਸ਼ੇ ਵਿਚ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਵਾਹਨ ਨੂੰ ਸਹੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਹੀਂ ਚਲਾ ਸਕਦਾ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

7. ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਣਾ-18 ਸਾਲ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੇ ਬੱਚੇ ਕਈ ਵਾਰੀ ਬਿਨਾਂ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਦੇ ਵਾਹਨ ਚਲਾਉਣ ਲੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਲਈ ਅਤੇ ਦੂਜਿਆਂ ਲਈ ਵੀ ਖ਼ਤਰਨਾਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

8. ਗਲਤ ਢੰਗ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਨਿਕਲਣਾ-ਕਈ ਵਾਰੀ ਵਾਹਨ ਗਲਤ ਢੰਗ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਨਿਕਲਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵਿਚ ਆਹਮਣੇ-ਸਾਹਮਣੇ ਟਕਰਾ ਜਾਣ ਕਾਰਨ ਬਹੁਤ ਜਾਨੀ ਅਤੇ ਮਾਲੀ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਅਜਿਹੇ ਹਾਦਸੇ ਪੈਦਲ ਚਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਚਾਲਕਾਂ ਲਈ ਵੀ ਬਹੁਤ ਖਤਰਨਾਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।

9. ਸੜਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦਾ ਪਾਲਣ ਨਾ ਕਰਨਾ-ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਸੜਕ ਨਿਯਮਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਹੈਲਮੈਟ ਨਾ ਪਾਉਣਾ, ਸੀਟ ਬੈਲਟ ਨਾ ਲਗਾਉਣਾ, ਗਲਤ ਥਾਂ ਤੇ ਆਪਣੇ ਵਾਹਨ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰਨਾ, ਸੜਕ ਨਿਸ਼ਾਨਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿਚ ਨਾ ਰੱਖਣਾ, ਵਾਹਨਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਸਹੀ ਫਾਸਲਾ ਨਾ ਰੱਖਣਾ, ਬਰੇਕ ਫੇਲ ਹੋ ਜਾਣਾ ਆਦਿ ਕਾਰਨ ਹਾਦਸੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।

10. ਹੋਰ ਕਾਰਨ-ਕਿਸੇ ਪੈਦਲ ਚਲਣ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਸਾਈਕਲ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਜਾਨਵਰ ਦੇ ਸੜਕ ਤੇ ਇਕਦਮ ਆ ਜਾਣ ਨਾਲ ਵੀ ਹਾਦਸੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
ਨੋਟ-ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਪੰਜ ਕਾਰਨ ਲਿਖਣ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

(ਈ) ਖਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਗਿਣਤੀ …………. ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
500,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਗਿਣਤੀ ………. ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
60,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਦੇ ਰਾਜਪਾਲ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਿਵਰਾਜ ਪਾਟਿਲ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਪਾਲਿਕਾ …………… ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਇਕ ਸਦਨ ਵਾਲੀ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਧਨ ਬਿਲ ਰਾਜ ਦੀ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ………….. ਸਦਨ ਵਿਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਹੇਠਲੇ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਕਿਸੇ ਵੀ ਬਿਲ ਦਾ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਨ ਲਈ ਅੰਤਿਮ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ …….. ਦੁਆਰਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਪਾਲ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ………… ਸਦਨ ਦੀ ਸਭਾ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਸਪੀਕਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਹੇਠਲੇ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
…………….. ਰਾਜ ਦਾ ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਮੁਖੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਪਾਲ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ……….. ਸਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ………… ਮੈਂਬਰ ਰਾਜਪਾਲ ਦੁਆਰਾ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
1/6.

(ਸ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਠੀਕ (✓) ਜਾਂ ਗਲਤ (✗) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਓ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਕ ਕੇਂਦਰੀ ਸਰਕਾਰ ; 28 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰਾਂ ਅਤੇ 8 ਕੇਂਦਰੀ ਸ਼ਾਸਿਤ ਖੇਤਰ ਹਨ |
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਹੇਠਲੇ ਸਦਨ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੋ-ਸਦਨੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਰਾਜ ਦੀ ਮੁੱਖ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਸ਼ਕਤੀ ਰਾਜਪਾਲ ਕੋਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਜਾਇਦਾਦ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਮੌਲਿਕ ਅਧਿਕਾਰ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

(ਹ) ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ-ਉੱਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕਿੰਨੇ ਰਾਜ ਹਨ ?
(1) 21
(2) 25
(3) 29.
ਉੱਤਰ-
(3) 29,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਕੁੱਲ ਗਿਣਤੀ ਦੱਸੋ ।
(1) 117
(2) 60
(3) 105.
ਉੱਤਰ-
(1) 117,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਮੁੱਖ-ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕਿਸਦੇ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
(1) ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ
(2) ਰਾਜਪਾਲ ਦੁਆਰਾ
(3) ਸਪੀਕਰ ਦੁਆਰਾ ॥
ਉੱਤਰ-
(2) ਰਾਜਪਾਲ ਦੁਆਰਾ ।

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕਿੰਨੇ ਰਾਜ ਅਤੇ ਕਿੰਨੀਆਂ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰਾਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿਚ 28 ਰਾਜ ਅਤੇ 28 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰਾਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕੇਂਦਰੀ/ਰਾਜ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਤਿੰਨ ਅੰਗ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ, ਕਾਰਜਪਾਲਿਕਾ ਅਤੇ ਨਿਆਂਪਾਲਿਕਾ |

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਤਿੰਨ ਅੰਗਾਂ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕੰਮ ਕਿਹੜੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-

  1. ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ ।
  2. ਕਾਰਜਪਾਲਿਕਾ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  3. ਨਿਆਂਪਾਲਿਕਾ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਕੇਂਦਰੀ ਸੂਚੀ ਅਤੇ ਰਾਜ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਹੈ ? ਸਾਂਝੀ ਸੂਚੀ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੇਂਦਰ ਅਤੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚਾਲੇ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ । ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਿਸ਼ੇ ਕੇਂਦਰੀ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਅਤੇ ਰਾਜ ਦੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਿਸ਼ੇ ਰਾਜ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ । ਕੁੱਝ ਸਾਂਝੇ ਵਿਸ਼ੇ ਸਾਂਝੀ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ । ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਰਾਜ-ਸੂਚੀ ਦੇ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ‘ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਰਾਜ ਵਿਚ ਲਾਗੂ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਰਾਜ-ਸੁਚੀ ਦੇ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ, ਭੁਮੀ ਕਰ, ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ ਆਦਿ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਾਜ ਵਿਚ ਕੋਈ ਬਿਲ ਕਾਨੂੰਨ ਕਿਵੇਂ ਬਣਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕੋਈ ਸਾਧਾਰਨ ਬਿਲ ਪਾਸ ਹੋਣ ਲਈ ਦੋਨਾਂ ਸਦਨਾਂ ਵਿਚ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਦਕਿ ਬਜਟ (ਵਿੱਤ ਬਿਲ ਸਿਰਫ਼ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਹੀ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਕੋਈ ਵੀ ਬਿਲ ਦੋਨਾਂ ਸਦਨਾਂ ਵਿਚ ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ’ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਰਾਜ, ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਰਾਜ-ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ‘ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਸਾਂਝੀ (ਸਮਵਰਤੀ ਸੂਚੀ ‘ਤੇ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ‘ਤੇ ਵੀ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਅਤੇ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ

  • ਰਾਜ-ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ‘ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣਾ, ਪਰ ਜੇਕਰ ਕੇਂਦਰੀ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਕਾਨੂੰਨ ਇਸਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਕੇਂਦਰੀ ਕਾਨੂੰਨ ਹੀ ਲਾਗੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
  • ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਉੱਤਰ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ।
  • ਇਸਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਅਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਾ ਮਤ ਵੀ ਪਾਸ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਦੇ ਕੀ ਕੰਮ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-

  1. ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਸਪੀਕਰ ਸਦਨ ਦੀਆਂ ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  2. ਉਹ ਬਿਲ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ।
  3. ਉਹ ਸਦਨ ਵਿਚ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ ਬਣਾਈ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਬੋਲਣ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕਦੋਂ ਅਤੇ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਲਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਪਾਲ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਲਾਹ ‘ਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਰਾਜਪਾਲ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ 5 ਸਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੀ ਇੱਛਾ ‘ਤੇ ਹੀ ਆਪਣੇ ਅਹੁਦੇ ‘ਤੇ ਬਣਿਆ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਰਾਜਪਾਲ ਨੂੰ ਉਸਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਰਾਜ ਵਿਚ ਵੀ ਬਦਲੀ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕਿਵੇਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਬਹੁਮਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਦਲ ਦੇ ਨੇਤਾ ਨੂੰ ਰਾਜ ਦਾ ਰਾਜਪਾਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਫਿਰ ਉਸਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਰਾਜਪਾਲ ਬਾਕੀ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਸੂਚੀ ਤਿਆਰ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉਹ ਮੰਤਰੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਕਈ ਵਾਰ ਚੋਣਾਂ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦਲ ਨੂੰ ਬਹੁਮਤ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦਾ ਤਦ ਇਕ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦਲਾਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਆਪਸ ਵਿਚ ਮਿਲ ਕੇ ਆਪਣਾ ਨੇਤਾ ਚੁਣਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਅਜਿਹੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਕਈ ਦਲਾਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਬਣਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਮਿਲੀ-ਜੁਲੀ ਸਰਕਾਰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਵਿਚ ਕਈ ਵਾਰ ਅਜਿਹਾ ਵੀ ਮੰਤਰੀ ਚੁਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਹੜਾ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦਾ ਮੈਂਬਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਉਸਨੂੰ 6 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਦਨ ਦਾ ਮੈਂਬਰ ਬਣਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਰਾਜ ਦੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀ ਬਣਾਵਟ ਅਤੇ ਕਾਰਜ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਸੰਬੰਧੀ ਇਕ ਟਿੱਪਣੀ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਬਣਾਵਟ-ਰਾਜ ਦੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਵਿਚ ਤਿੰਨ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੰਤਰੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ-

  1. ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ,
  2. ਰਾਜ ਮੰਤਰੀ
  3. ਉਪ ਮੰਤਰੀ ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਕੈਬਨਿਟ ਦੇ ਮੰਤਰੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਮੂਹ ਨੂੰ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਸਾਰੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਫ਼ੈਸਲੇ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ।
ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀਆਂ ਕੋਲ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਵਿਭਾਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਰਾਜ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਉਪ ਮੰਤਰੀ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਕਾਰਜ ਪ੍ਰਣਾਲੀ-ਰਾਜ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਇਕ ਟੀਮ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੰਤਰੀ ਇਕ ਸਾਥ ਡੁੱਬਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਕ ਸਾਥ ਤੈਰਦੇ ਹਨ ।

ਇਸਦਾ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੇ ਇਕ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਅਵਿਸ਼ਵਾਸ ਮਤ ਪਾਸ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਪੂਰੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਨੂੰ ਤਿਆਗ-ਪੱਤਰ ਦੇਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਆਪਣੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਲਈ ਸਮੂਹਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਪ੍ਰਤੀ ਜਵਾਬਦੇਹ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਜੇਕਰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਸਤੀਫ਼ਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਪੂਰੀ ਮੰਤਰੀ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦਾ ਅਸਤੀਫਾ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਵਸਤੁਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ

1. ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ (i) ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦਾ ਉੱਪਰਲਾ ਸਦਨ
2. ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ (ii) ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਵਾਸਤਵਿਕ ਪ੍ਰਧਾਨ
3. ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਜ (iii) ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦਾ ਹੇਠਲਾ ਸਦਨ
4. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ (iv) ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ ਨਿਯੁਕਤੀ ।

ਉੱਤਰ-

1. ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ (iii) ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾਂ ਦਾ ਹੇਠਲਾ ਸਦਨ
2. ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ (i) ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦਾ ਉੱਪਰਲਾ ਸਦਨ
3. ਰਾਜਪਾਲ (iv) ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ ਨਿਯੁਕਤੀ
4. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ (ii) ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਵਾਸਤਵਿਕ ਪ੍ਰਧਾਨ ॥

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Punjab State Board PSEB 12th Class Maths Book Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 12 Maths Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 1.
Write down a unit vector in XY-plane, making an angle of 30° with the positive direction of tf-axis.
Solution.
Let OP make 30 ° with x-axis, 60 ° with y-axis and 90 ° with z-axis and it lies in XY-plane.
∴ Direction cosines of \(\overrightarrow{O P}\) are cos 30°, cos 60° and cos 90°.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 1

which is required unit vector in XY-plane.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 2.
Find the scalar components and magnitude of the vector joining the points P (x1, y1, z1) and Q (x2, y2, z2).
Solution.
The vector joining the points P (x1, y1, z1) and Q (x2, y2, z2) can be obtained by
\(\overrightarrow{P Q}\) = Position vector of Q – Position vector of P
= (x2 – x1) î + (y2 – y1) ĵ + (z2 – z2) k̂

\(|\overrightarrow{P Q}|=\sqrt{\left(x_{2}-x_{1}\right)^{2}+\left(y_{2}-y_{1}\right)^{2}+\left(z_{2}-z_{1}\right)^{2}}\)

Hence, the scalar components and the magnitude of the vector joining the given points are respectively {(x2 – x1), (y2 – y1), (z2 – z1)} and \(\sqrt{\left(x_{2}-x_{1}\right)^{2}+\left(y_{2}-y_{1}\right)^{2}+\left(z_{2}-z_{1}\right)^{2}}\).

Question 3.
A girl walks 4 km towards west, then she walks 3 km in a direction 30° east of north and stops. Determine the girl’s displacement from her initial point of departure.
Solution.
Let O and B be the initial and final position of the girl respectively.
Then, the girl’s position can be shown as

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 2

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 3

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 4.
If \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}=\overrightarrow{\boldsymbol{b}}+\overrightarrow{\boldsymbol{c}}\), then is it true that \(|\overrightarrow{\boldsymbol{a}}|=|\overrightarrow{\boldsymbol{b}}|+|\overrightarrow{\boldsymbol{c}}|\)? Justify your answer.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 4

Question 5.
Find the value of x for which x (î + ĵ + k̂) is a unit vector.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 5

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 6.
Find a vector of magnitude 5 units and parallel to the resultant of the vectors \(\vec{a}\) = 2 î + 3 ĵ – k̂ and \(\vec{b}\) = î – 2 ĵ + k̂.
Solution.
Given, \(\vec{a}\) = 2 î + 3 ĵ – k̂ and \(\vec{b}\) = î – 2 ĵ + k̂.
Let \(\vec{c}\) be the resultant of \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\)
Then, \(\vec{c}\) = \(\vec{a}\) + \(\vec{b}\)
= (2 + 1) î + (3 – 2) ĵ + (- 1 + 1) k̂
= 3 î + ĵ

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 6

Question 7.
If \(\vec{a}\) = î + ĵ + k̂, \(\vec{b}\) = 2î – ĵ + 3k̂ and c = î – 2 ĵ + k̂, find a unit vector parallel to the vector 2\(\vec{b}\) – \(\vec{b}\) + 3\(\vec{c}\).
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 7

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 8.
Show that the points A(1, – 2, – 8), B (5, 0, – 2) and C(1, 3, 7) are collinear, and find the ratio in which B divides AC.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 8

⇒ 5 (λ + 1)î – 2 (λ + 1)k̂ = (11λ + 1) î + (3λ -2) ĵ + (7λ – 8) k̂
On equating the corresponding components, we get
5(λ + 1) = 11λ + 1
⇒ 5λ + 5 = 11λ +1
⇒ 6λ = 4
⇒ λ = \(\frac{4}{6}=\frac{2}{3}\)
Hence, point B divides AC in the ratio 2 : 3.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 9.
Find the position vector of a point R which divides the line joining two points P and Q whose position vectors are (\(2 \vec{a}+\vec{b}\)) and (\(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}-\mathbf{3} \vec{b}\)) externally in the ratio 1 : 2. Also, show that P is the mid point of the line segment RQ.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 9

Question 10.
The two adjacent sides of a parallelogram are 2î – 4ĵ + 5k̂ and î – 2ĵ – 3k̂. Find the unit vector parallel to its diagonal. Also, find its area.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 10

= 22î + 11ĵ
∴ Area of parallelogram = \(\sqrt{(22)^{2}+(11)^{2}}\)
= \(11 \sqrt{4+1}=11 \sqrt{5}\) sq. unit

Thus, the unit vector parallel to its diagonal is \(\frac{1}{7}\) (3î – 6ĵ + 21k̂) and area of parallellogram = 11√5 sq. units.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 11.
Show that the direction cosines of a vector equally inclined to the axes, OX, OY and OZ are \(\frac{1}{\sqrt{3}}, \frac{1}{\sqrt{3}}, \frac{1}{\sqrt{3}}\).
V3 V3 V3
Let a vector be equally inclined to OX, OY and OZ and let it makes an angle α with each of these three, then, the direction cosines of the vector are cos α, cos α and cos α
Now, cos2 α + cos2 α + cos2 α = 1
⇒ 3 cos2 α = 1
⇒ cos α = ± \(\frac{1}{\sqrt{3}}\)
Hence, the direction cosines of the vector which are equally inclined to the axes are either \(\frac{1}{\sqrt{3}}\), \(\frac{1}{\sqrt{3}}\), \(\frac{1}{\sqrt{3}}\) or – \(\frac{1}{\sqrt{3}}\), – \(\frac{1}{\sqrt{3}}\), – \(\frac{1}{\sqrt{3}}\).

Question 12.
Let \(\vec{a}\) = î + 4ĵ + 2k̂, \(\vec{b}\) = 3î – 2ĵ + 7k̂ and \(\vec{c}\) = 2î – ĵ + 4k̂. Find a vector \(\vec{d}\) which is perpendicular to both \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\), and \(\overrightarrow{\boldsymbol{c}} \cdot \overrightarrow{\boldsymbol{d}}\) = 15.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 11

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 13.
The scalar product of the vector î + ĵ + k̂ with a unit vector along the sum of vectors 2î + 4ĵ – 5k̂ and λî + 2ĵ + 3k̂ is equal to one. Find the value of λ.
Solution.
(2î + 4ĵ – 5k̂) + (λî + 2ĵ + 3k̂) = (2 + λ)î + 6ĵ – 2k̂

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 12

Question 14.
If \(\vec{a}\), \(\vec{b}\), \(\vec{c}\) are mutually perpendicular vectors of equal magnitudes, show that the vector \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}+\overrightarrow{\boldsymbol{b}}+\overrightarrow{\boldsymbol{c}}\) is equally inclined to \(\vec{a}\), \(\vec{b}\) and \(\vec{c}\).
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 13

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise

Question 15.
Prove that \((\vec{a}+\vec{b}) \cdot(\vec{a}+\vec{b})=|\vec{a}|^{2}+|\vec{b}|^{2}\), if and only if \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\), \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) are perpendicular, given \(\vec{a} \neq \overrightarrow{\mathbf{0}}\), \(\vec{b} \neq \overrightarrow{\mathbf{0}}\).
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 14

Direction (16 – 19): Choose the correct answer.

Question 16.
If θ is the angle between two vectors \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\), then \(\vec{a}\) . \(\vec{b}\) ≥ 0 only when
(A) 0 < θ < \(\frac{\pi}{2}\)
(B) 0 ≤ θ ≤ \(\frac{\pi}{2}\)
(C) 0 < θ < π
(D) 0 ≤ θ ≤ π
Solution.
Let θ be the angle between two vectors \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\).
Then, without loss of generality, \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) are non-zero vector so that |\(\vec{a}\)| and |\(\vec{b}\)| are positive.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 15

 

The correct answer is (B).

Question 17.
Let \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) be two unit vectors and 0 is the angle between them. Then \(\vec{a}\) + \(\vec{b}\) is a unit vector if
(A) θ = \(\frac{\pi}{4}\)

(B) θ = \(\frac{\pi}{3}\)

(C) θ = \(\frac{\pi}{2}\)

(D) θ = \(\frac{2 \pi}{3}\)
Solution.
Let \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) be two unit vectors and θ be the angle between them.
Then, |\(\vec{a}\)| = |\(\vec{b}\)| = 1
Now, \(\vec{a}\) + \(\vec{b}\) is a unit vector if |\(\vec{a}\) + \(\vec{b}\)| = 1.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 16

The correct answer is (D).

Question 18.
The value of î (ĵ × k̂) + ĵ . (î × k̂) + k̂. (î × ĵ) is
(A) 0
(B) – 1
(C) 1
(D) 3
Solution.
We have, î (ĵ × k̂) + ĵ . (î × k̂) + k̂. (î × ĵ) = î . î + ĵ . (- ĵ) + k̂ . k̂
= 1 – ĵ . ĵ + 1
= 1 – 1 + 1 = 1
The correct answer is (C).

Question 19.
If θ is the angle between any two vectors \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\), then |\(\vec{a} \cdot \vec{b}\)| = |\(\overrightarrow{\boldsymbol{a}} \times \overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)|, when θ is equal to
(A) 0
(B) \(\frac{\pi}{4}\)
(C) \(\frac{\pi}{2}\)
(D) π
Solution.
Let θ be the angle between two vectors \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\).
Then, without loss of generality, \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) are non-zero vectors, so that |\(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\)| and |\(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)| are positive.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Miscellaneous Exercise 17

The correct answer is (B).

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 6 Russian Revolution

This PSEB 9th Class Social Science Notes History Chapter 6 Russian Revolution will help you in revision during exams.

Russian Revolution PSEB 9th Class SST Notes

→ Russian Revolution: In 1917, there had been the first socialist revolution in the world took place in Russia.

→ Reasons for revolution:

  • Before the revolution, the Russian social, economic, and political conditions were quite conducive to the revolution.
  • The condition of peasants and workers was quite a pity.
  • The rule of Tzar (King of Russia) was autocratic.
  • Common people had no political rights.
  • Consequently, people were against the Czar.
  • The Czar forced Russia into World War I and made a great mistake.
  • The miserable condition of the soldiers also led to frustration against the Tzar.

→ Lenin:

  • After Karl Marx and Friedrich Engles, Lenin is considered the greatest thinker of the socialist movement.
  • He played the most important role in organising the Bolshevik party and making the revolution successful.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 6 Russian Revolution

→ The Revolution of 1905:

  • In 1905, a procession of workers was attacked by the police.
  • It took the form of a revolution.
  • During this revolution, a new form of organization developed.
  • It was Soviet or a group of workers’ representatives.
  • This revolution provided a base to the revolution of 1917.

→ The Beginning of Revolution:

  • The Russian revolution begins with a procession of women.
  • Then a general strike of workers took place.
  • On 15th March 1917, the Czar was forced to relinquish his power.
  • Finally, a temporary government was formed.
  • According to the Russian Calendar, this incident is known as the February Revolution and people consider its beginning on 27 February.

→ The Success of Revolution:

  • With the fall of the first interim government (7 October 1917), Lenin’s government came into power.
  • It is known as the October Revolution. (According to the Russian Calendar on 25th February.)

→ Soviet:

  • During the 1905 revolution, a new form of the organization come into force. It is known as ‘Soviet’.
  • It was a council of workers’ representatives.
  • Initially, such councils were the committees of organizing strikes but later on, they become a means of getting political power.
  • After some time, Peasant’s Soviets were also formed.
  • Russian Soviets played an important role in the revolution of 1917.

→ February Revolution:

  • After a procession of women, a worker’s strike took place.
  • On 12th March, workers captured St. Petersburg very quickly, they captured Moscow as well.
  • The Tzar left the power and an Interim Government was formed on 15th March.
  • According to the old Russian calendar, this revolution took place on 27th February.
  • That’s why it is called the February Revolution.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 6 Russian Revolution

→ October Revolution:

  • The Russian Revolution actually took place on 7th November 1917.
  • According to the old calendar, it was on 25th October.
  • That’s why it is called the October Revolution.
  • This revolution led to the fall of Kerensky’s government.
  • Its headquarter Winter’s palace came under the control of a group of sailors.
  • On the same day, a meeting of the Russian Congress of Soviets took place and it took power in its hands.

→ Bloody Sunday:

  • In 1905, the Russian revolutionary movement was gaining momentum.
  • In the meantime, a procession of workers, led by Father Gapon, reached the winter palace.
  • Police attacked them and fired on them with which 100 workers died and 300 wounded.
  • This incident in history is known as the ‘Bloody Sunday’.

→ Communist Revolution:

  • The Communist International or Comintern was organized in 1919 A.D.
  • It is also known as the Third International.
  • Its objective was to encourage revolutions at the international level.
  • At the time of the first world war, the socialist movement was divided into two parts.
  • Its separated group was known as the communist party.
  • Comintern was associated with the same group.
  • It was a platform at the world level which made policies for the communist parties around the world.

→ Socialism:

  • Socialism is a political system in which all the means of production are under the state’s control.
  • Its main objective is the equal distribution of economic resources.
  • In this system, no one is exploited and is exactly opposite to capitalism.

→ The 1850s and 1880s – Debates over socialism in Russia.

→ 1898 – Formation of the Russian Social Democratic Workers Party.

PSEB 9th Class SST Notes History Chapter 6 Russian Revolution

→ 1905 – The Bloody Sunday and the Revolution of 1905.

→ 1917 – 2nd March – Abdication of the Tzar, 24th October – Bolshevik uprising in Petrograd.

→ 1918-1920 – The Civil War.

→ 1919 – Formation of Comintern.

→ 1929 – Beginning of Collectivisation.

रूसी क्रांति PSEB 9th Class SST Notes

→ रूस की क्रांति – 1917 में रूस में विश्व की सबसे पहली समाजवादी क्रांति हुई। यह क्रांति शांतिपूर्ण थी।

→ क्रांति के कारण – क्रांति से पूर्व रूस का सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक दृष्टिकोण क्रांति के अनुकूल था। किसानों तथा मजदूरों की दशा अत्यंत शोचनीय थी। रूस का ज़ार निरंकुश तथा स्वेच्छाचारी था।

→ साधारण जनता को कोई राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं थे। इसलिए लोग ज़ार के विरुद्ध थे। ज़ार ने रूस को प्रथम विश्व-युद्ध में झोंक कर एक अन्य बड़ी गलती की। इस युद्ध में सैनिकों की दुर्दशा के कारण सैनिक भी ज़ार के विरुद्ध हो गए।

→ लेनिन – लेनिन को मार्क्स तथा एंगेल्स के बाद समाजवादी आंदोलन का महानतम् विचारक माना जाता है। उसने देश में बोल्शेविक दल को संगठित करने तथा क्रांति को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई।

→ 1905 की क्रांति – 1905 में ज़ार को याचिका देने के लिए जाते हुए मजदूरों के समूह पर गोली चला दी गई। इस घटना ने क्रांति का रुप धारण कर लिया। इस क्रांति के दौरान संगठन का एक नया रूप विकसित हुआ।

→ यह था सोवियत या मज़दूरों के प्रतिनिधियों की परिषद् । इस क्रांति ने 1917 की क्रांति की भूमिका तैयार की।

→ क्रांति का प्रारंभ – रूसी क्रांति का विस्फोट स्त्रियों के प्रदर्शन के कारण हुआ। उसके बाद मज़दूरों की एक आम हड़ताल हुई। 15 मार्च, 1917 को ज़ार द्वारा राज सिंहासन त्यागने के बाद रूस में प्रथम अस्थायी सरकार की स्थापना हुई।

→ रूसी पंचांग के अनुसार इसे फरवरी क्रांति कहते हैं और इसका आरंभ 27 फरवरी से मानते हैं।

→ क्रांति की सफलता – पहली अंतरिम सरकार के पतन (7 नवंबर, 1917) के बाद लेनिन सरकार सत्ता में आई। इसे अक्तूबर क्रांति (रूसी पंचांग के अनुसार 25 अक्तूबर) के नाम से जाना जाता हैं।

→ सोवियत – 1905 की रूसी क्रांति के दौरान संगठन का एक नया रूप उभरा। इसे ‘सोवियत’ कहते हैं। सोवियत का अर्थ है मज़दूरों के प्रतिनिधियों की परिषद्। प्रारंभ में ये परिषदें हड़ताल चलाने वाली कमेटियां थीं, परंतु बाद में ये राजनीतिक सत्ता के साधन बन गईं।

→ कुछ समय बाद किसानों की सोवियतों का निर्माण भी हुआ। रूसी सोवियतों ने 1917 की क्रांति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

→ फरवरी क्रांति – रूस में औरतों के प्रदर्शन के बाद मजदूरों की हड़ताल हुई। मज़दूरों ने 12 मार्च को राजधानी पीटर्सबर्ग पर अधिकार कर लिया। शीघ्र ही उन्होंने मास्को पर भी अधिकार कर लिया।

→ ज़ार सिंहासन छोड़कर भाग गया और 15 मार्च को अंतरिम सरकार की स्थापना हुई। रूस की यह क्रांति पुराने रूसी कैलेंडर के अनुसार 27 फरवरी, 1917 को हुई थी। इसलिये इसे फरवरी क्रांति के नाम से पुकारा जाता है।

→ अक्तूबर क्रांति – अक्तूबर क्रांति वास्तव में 7 नवंबर, 1917 को हुई थी। उस दिन पुराने रूसी कैलेंडर के अनुसार 25 अक्तूबर का दिन था। इसलिए इस क्रांति को ‘अक्तूबर क्रांति’ का नाम दिया जाता है। इस क्रांति के परिणामस्वरूप केरेंस्की सरकार का अपनी अलोकप्रियता के कारण पतन हो गया।

→ उसके मुख्यालय विंटर पैलेस पर नाविकों के एक दल ने अधिकार कर लिया। उसी दिन सोवियतों की अखिल रूसी कांग्रेस की बैठक हुई और उसने राजनीतिक सत्ता अपने हाथों में ले ली।

→ खूनी रविवार – 1905 ई० में रूसी क्रांतिकारी आंदोलन बल पकड़ रहा था। इसी दौरान पादरी गैथॉन के नेतृत्व में मजदूरों का एक जलूस जार के महल (विंटर पैलेस) के सामने पहुंचा तो उन पर गोलियां चलाई गईं।

→ इस गोलीकांड में 100 से अधिक मजदूर मारे गए और लगभग 300 घायल हुए। इतिहास में इस घटना को ‘खूनी रविवार’ कहा जाता है। 1905 की क्रांति की शुरुआत इसी घटना से हुई थी।

→ कम्युनिस्ट इंटरनेशनल – कम्युनिस्ट इंटरनेशनल अथवा कामिंटर्न का संगठन 1919 में प्रथम और द्वितीय इंटरनेशनल की भांति किया गया था। इसीलिए इसे तृतीय इंटरनेशनल भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रांतियों को बढ़ावा देना था।

→ प्रथम महायुद्ध के समय समाजवादी आंदोलन में फूट पड़ गई थी। इससे अलग होने वाला वामपंथी दल कम्युनिस्ट गुट के नाम से प्रसिद्ध हुआ। कामिंटर्न का संबंध इसी गुट से था। यह एक ऐसा मंच था जो विश्व भर की कम्युनिस्ट पार्टियों के लिए नीतियां निर्धारित करता था।

→ समाजवाद – समाजवाद वह राजनीतिक व्यवस्था है जिसमें उत्पादन के साधनों पर राज्य का अधिकार होता है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक साधनों का समान वितरण है। इस व्यवस्था में समाज के किसी वर्ग का शोषण नहीं किया जाता। यह पूंजीवाद के बिलकुल विपरीत है।

→ 1850-1889 – रूस में समाजवाद पर वाद-विवाद

→ 1898 – रूसी समाजवादी प्रजातांत्रिक वर्क्स पार्टी का गठन

→ 1905 – खूनी रविवार तथा रूस में क्रांति

→ 1917, 2 मार्च – ज़ार का सत्ता से हटना

→ 1917, 24 अक्तूबर – पैत्रोग्राद में बोलश्विक क्रांति

→ 1918-20 – रूस में गृह-युद्ध

→ 1919 – कोमिंटर्न की स्थापना

→ 1929 – सामूहीकरण का आरंभ

ਰੂਸ ਦੀ ਕ੍ਰਾਂਤੀ PSEB 9th Class SST Notes

→ 1850 ਈ:-1889 ਈ: – ਰੂਸ ਵਿਚ ਸਮਾਜਵਾਦ ‘ਤੇ ਵਾਦ-ਵਿਵਾਦ

→ 1898 ਈ: ਰੂਸੀ ਸਮਾਜਵਾਦੀ ਲੋਕਤੰਤਰਿਕ ਵਰਕਸ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਗਠਨ

→ 1905 ਈ: – ਖੂਨੀ ਐਤਵਾਰ ਅਤੇ ਰੂਸ ਵਿਚ ਕ੍ਰਾਂਤੀ

→ 1917 ਈ: 1 – ਜ਼ਾਰ ਦਾ ਸੱਤਾ ਤੋਂ ਹਟਣਾ

→ 1917, 2 ਮਾਰਚ ਪੈਟਰੋਡ ਵਿਚ ਬੋਲਸ਼ਵਿਕ ਕ੍ਰਾਂਤੀ

→ 1917, 24 ਅਕਤੂਬਰ

→ 1918 ਈ:-20 ਈ: – ਰੂਸ ਵਿਚ ਗ੍ਰਹਿ ਯੁੱਧ

→ 1919 ਈ: – ਕੋਮਿੰਟਰਨ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ।

→ 1929 ਈ: – ਸਮੂਹੀਕਰਨ ਦਾ ਆਰੰਭ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

SST Guide for Class 6 PSEB ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਬਹੁਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਮਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਸਮਾਜਿਕ ਇਕਾਈ ਕਿਹੜੀ ਹੈ ?
(i) ਪਰਿਵਾਰ
(ii) ਸ਼ਹਿਰ ।
ਉੱਤਰ-
(i) ਪਰਿਵਾਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮਨੁੱਖ ਇਕ ਸਮਾਜਿਕ ਪ੍ਰਾਣੀ ਕਿਉਂ ਹੈ ?
(i) ਮਨੁੱਖ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
(ii) ਮਨੁੱਖ ਇਕੱਲਾ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ।
ਉੱਤਰ-
(ii) ਮਨੁੱਖ ਇਕੱਲਾ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਸਾਂਝ ਨਾਲ ਕਿਹੜੀ ਭਾਵਨਾ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
(i) ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਦੀ ਭਾਵਨਾ
(i) ਫ਼ਿਰਕੂ ਭਾਵਨਾ ।
ਉੱਤਰ-
(i) ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਨੁੱਖ ਨੇ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹੜੇ ਪਦਾਰਥ ਦੇ ਹਥਿਆਰ ਬਣਾਏ ?
(i) ਪੱਥਰ
(ii) ਤਾਂਬਾ ।
ਉੱਤਰ-
(i) ਪੱਥਰ ।

I. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਿਖੋ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਸਮਾਜਿਕ ਪ੍ਰਾਣੀ ਕਿਉਂ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਮਾਜਿਕ ਪ੍ਰਾਣੀ ਹੈ । ਪਹਿਲਾ, ਮਨੁੱਖ ਸੁਭਾਅ ਤੋਂ ਹੀ ਇਕੱਲਾ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦਾ । ਇਹ ਹੋਰਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਰਹਿਣਾ ਪਸੰਦ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਦੂਜਾ, ਮਨੁੱਖ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਉਸਨੂੰ ਸਮਾਜਿਕ ਪ੍ਰਾਣੀ ਬਣਾਉਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਕੋਈ ਵੀ ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਨੂੰ ਆਪ ਪੂਰਾ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਸਮਾਜਿਕ ਪਾਣੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਸਮਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਇਕਾਈ ਕਿਹੜੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਇਕਾਈ ਪਰਿਵਾਰ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਜੀਵਨ ਕਿਹੋ ਜਿਹਾ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਜੀਵਨ ਜੰਗਲੀ ਜੀਵਾਂ ਵਰਗਾ ਸੀ । ਆਦਿ ਮਨੁੱਖ ਜੰਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ । ਉਹ ਜੰਗਲੀ ਜਾਨਵਰਾਂ ਅਤੇ ਪੰਛੀਆਂ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਪੇਟ ਭਰਦਾ ਸੀ । ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ ਉਹ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਾਲਣ ਲੱਗਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਭੋਜਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲੱਗਾ । ਇਸਨੂੰ ‘ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ ਅਵਸਥਾ’ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਅਵਸਥਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸਥਾਈ ਨਹੀਂ ਸੀ । ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨਾਲ ਚਰਾਗਾਹਾਂ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿੱਚ ਥਾਂਥਾਂ ‘ਤੇ ਘੁੰਮਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰੀ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸਥਾਈ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ । ਉਹ ਇਕ ਥਾਂ ਟਿਕ ਕੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦੇ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਅਨੁਸਾਰ ਸਥਾਨ ਬਦਲਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸਾਧਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਸ਼ਹਿਰੀ ਜੀਵਨ ਸਥਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਜੀਵਨ ਬਹੁਤ ਗੁੰਝਲਦਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਵਿਚ ਦਿਨੋਂ-ਦਿਨ ਵਾਧਾ ਹੁੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਲੋਕ ਜੀਵਨ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣਦੇ ਹਨ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸਮਾਜ ਮਨੁੱਖ ਲਈ ਕਿਉਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖ ਲਈ ਸਮਾਜ ਹੇਠਾਂ ਲਿਖੇ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ-

  1. ਆਪਣੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ।
  2. ਆਪਣੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਲਈ ।
  3. ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਨ ਲਈ ।
  4. ਆਪਣਾ ਦੁੱਖ-ਸੁਖ ਵੰਡਣ ਲਈ ।
  5. ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕੰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਕੁਦਰਤੀ ਵਾਤਾਵਰਨ ‘ਤੇ ਸੰਖੇਪ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਆਰੰਭ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖ ਜੰਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਕੁਦਰਤ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਸੀ । ਉਸਨੇ ਆਪਣਾ ਜੀਵਨ ਇੱਕ ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ । ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨੇ ਉਸਦੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਸਥਾਈ ਬਣਾਇਆ । ਇਸ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਕੁਦਰਤ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਵੀ ਘੱਟ ਹੋਈ । ਉਹ ਹੋਰਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵਸਤਾਂ ਦਾ ਆਦਾਨ-ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲੱਗਾ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਪਾਰ ਦਾ ਆਰੰਭ ਹੋਇਆ । ਮਨੁੱਖੀ ਸੋਚ ਨੇ ਨਵੇਂ-ਨਵੇਂ ਕਿੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਦਿੱਤਾ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਤਰਖਾਣ, ਲੁਹਾਰ ਅਤੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰੀ ਦੇ ਕਿੱਤੇ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ । ਕਿੱਤਿਆਂ ਦੇ ਵਿਸਤਾਰ ਨੇ ਸੰਗਠਨ, ਕਾਨੂੰਨ-ਵਿਵਸਥਾ, ਸ਼ਾਸਨ ਪ੍ਰਬੰਧ ਆਦਿ ਗੱਲਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਨੁੱਖ ਨੇ ਕੁਦਰਤੀ ਵਾਤਾਵਰਨ ਤੋਂ ਨਿਕਲ ਕੇ ਮਨੁੱਖੀ ਸੋਚ ਵਾਲੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਵੇਸ਼ ਕੀਤਾ । ਮਨੁੱਖ ਅੱਜ ਵੀ ਨਵੀਆਂ ਤਕਨੀਕਾਂ ਖੋਜ ਰਿਹਾ ਹੈ ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਉਹ ਕੁਦਰਤੀ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਹੋਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਉਪਯੋਗੀ ਵੀ ਬਣਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਹਾਨੀ ਵੀ ਪਹੁੰਚਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਸਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਭਾਰਤੀ ਸਮੁਦਾਇ `ਤੇ ਮਾਣ ਕਿਉਂ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਭਾਰਤੀ ਸਮੁਦਾਇ ਅਰਥਾਤ ਭਾਰਤ ਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਕੁੱਝ ਮਿਲਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਸਾਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਨੂੰ ਸਿੱਖਿਅਤ ਕਰਕੇ ਚੰਗਾ ਨਾਗਰਿਕ
ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ । ਸਾਡੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਵੀ ਇਹੀ ਸਮੁਦਾਇ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇੰਨਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਇਹ ਸਾਡੇ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰੇ ਅਤੇ ਏਕਤਾ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਵੀ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਸਾਨੂੰ ਭਾਰਤੀ ਸਮੁਦਾਇ ‘ਤੇ ਮਾਣ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਬਾਕੀ ਸਜੀਵਾਂ ਤੋਂ ਮੁੱਖ ਅੰਤਰ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖ ਹੀ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਇੱਕ ਅਜਿਹਾ ਜੀਵ ਹੈ ਜਿਸ ਕੋਲ ਸੋਚਣ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦ ਕਿ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਪਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਜੀਵ-ਜੰਤੂਆਂ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ-ਪੰਛੀਆਂ ਕੋਲ ਅਜਿਹੀ ਸ਼ਕਤੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ । ਇਹੀ ਮਨੁੱਖ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਸਜੀਵਾਂ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਅੰਤਰ ਹੈ ।

II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਖ਼ਾਲੀ ਸਥਾਨ ਭਰੋ :

(1) ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ …………………………. % ਭਾਰਤੀ ਲੋਕ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ ।
(2) ਸ਼ਹਿਰੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਦਿਨ-ਬਦਿਨ ………………………. ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ।
(3) ਸਮੁਦਾਇ ਨੂੰ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ………………………. ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
(4) ਮੁੱਢਲੇ ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਧੰਦਾ ……………………… ਸੀ ।
(5) ਪਰਿਵਾਰ ਸਮਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ …………………………. ਇਕਾਈ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(1) 90
(2) ਵੱਧਦੀ
(3) ਸਮੂਹ
(4) ਸ਼ਿਕਾਰ ਕਰਨਾ
(5) ਸਮਾਜਿਕ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

III. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਤੇ ਗ਼ਲਤ (√) ਜਾਂ ਠੀਕ (×) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ :

(1) ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਅਨੇਕਤਾ ਵਿੱਚ ਏਕਤਾ ਵਾਲਾ ਦੇਸ਼ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
(2) ਕਸ਼ਮੀਰ ਅਤੇ ਰਾਜਸਥਾਨ ਦਾ ਜਲਵਾਯੂ ਇੱਕੋ ਜਿਹਾ ਹੈ ।
(3) ਹਰ ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੇ ਸਮੁਦਾਇ ਦਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹਿੱਸਾ ਹੈ ।
(4) ਮਨੁੱਖ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
(5) ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਧੰਦੇ ਨਾਲ ਪਿੰਡਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਹੋਇਆ ।
ਉੱਤਰ-
1. (√)
2. (×)
3. (√)
4. (×)
5. (√)

PSEB 6th Class Social Science Guide ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ Important Questions and Answers

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਉੱਤਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਮੁਦਾਇ ਕਿਹੜੀ ਸਮਾਜਿਕ ਇਕਾਈ ਦਾ ਸਮੂਹ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਰਿਵਾਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕਿਹੜੀ ਖੋਜ ਨੇ ਮਾਨਵ ਨੂੰ ਭੋਜਨ ਪਕਾ ਕੇ ਖਾਣ ਲਈ ਸਹਾਇਤਾ ਕੀਤੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਅੱਗ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਭਾਰਤ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਸਭਿਆਚਾਰ ਖੁਸ਼ਹਾਲ ਹੈ । ਦੇਸ਼ ਦੇ ਲਈ ਇਸ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ? ਕੋਈ ਇਕ ਬਿੰਦੂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਇਹ ਸਭਿਆਚਾਰ ਭਾਰਤ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਸਰੋਤ ਹੈ ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪਰਿਵਾਰ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਰਿਵਾਰ ਭੋਜਨ, ਕੱਪੜੇ, ਮਕਾਨ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਆਦਿ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪਰਿਵਾਰ ਭਵਿੱਖ ਦੇ ਨਾਗਰਿਕ ਕਿਵੇਂ ਤਿਆਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਰਿਵਾਰ ਬੱਚਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜਿਕ ਗੁਣਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਕਰਕੇ ਭਵਿੱਖ ਦੇ ਨਾਗਰਿਕ ਤਿਆਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪਹਾੜੀ ਅਤੇ ਮਾਰੂਥਲੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਨ-ਸਮੁਦਾਵਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਿੱਤਾ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੇਡਾਂ-ਬੱਕਰੀਆਂ ਪਾਲਣਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਮੁਦਾਇ ਕਿਸਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਇਕੱਠੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਸਮੂਹ ਨੂੰ ਸਮੁਦਾਇ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਆਪਣੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਸਮੁਦਾਇ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਲੋਕ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਧਰਮਾਂ ਨੂੰ ਮੰਨਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਲੋਕ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਧਰਮਾਂ ਨੂੰ ਮੰਨਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਮੁੱਖ ਧਰਮ ਹਨ-ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ, ਇਸਲਾਮ, ਸਿੱਖ, ਇਸਾਈ ਆਦਿ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਅਤੇ ਕਸਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀ ਅਤੇ ਕਸਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਸਬਾ ਵਾਸੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਇਕ ਦੂਜੇ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ? ਉਦਾਹਰਨ ਦੇ ਕੇ ਸਮਝਾਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਕੋਈ ਵੀ ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਆਪ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ । ਇਸਦੇ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਦੂਜਿਆਂ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਰਹਿਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ । ਉਦਾਹਰਨ ਲਈ, ਸਾਨੂੰ ਆਪਣਾ ਮਕਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਰਾਜ-ਮਿਸਤਰੀ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈਂਦੀ ਹੈ । ਅਨਾਜ ਦੇ ਲਈ ਅਸੀਂ ਕਿਸਾਨ ‘ਤੇ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਦੇ ਲਈ ਅਸੀਂ ਗਵਾਲੇ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹਾਂ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਭੂਗੋਲਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦਾ ਕੀ ਕਾਰਨ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਭੁਗੋਲਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾਲਤਾ ਹੈ ।ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਭਾਗਾਂ ਦਾ ਧਰਾਤਲ, ਜਲਵਾਯੂ ਅਤੇ ਬਨਸਪਤੀ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹੈ । ਕਿਤੇ ਉੱਚੇ-ਉੱਚੇ ਪਰਬਤ ਹਨ ਤਾਂ ਕਿਤੇ ਮੈਦਾਨ : ਕਿਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਠੰਢ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮੀ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਿਤੇ ਸੰਘਣੇ ਜੰਗਲ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਕਿਤੇ ਕੰਡੇਦਾਰ ਝਾੜੀਆਂ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਭਾਰਤ ਦੀ ਸਭਿਅਤਾ ਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਪ੍ਰਭਾਵ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੇ ਕਿਉਂ ਪਿਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ‘ਤੇ ਕਈ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਜਾਤੀਆਂ ਆਈਆਂ । ਭਾਰਤ ਦੇ ਲੋਕ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਘੁਲ-ਮਿਲ ਗਏ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਵਿਆਹ ਸੰਬੰਧ ਵੀ ਕਾਇਮ ਹੋਏ । ਭਾਰਤੀਆਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਭਿਅਤਾ ਦੀਆਂ ਕਈ ਚੰਗੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਅਪਣਾ ਲਈਆਂ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭਾਰਤ ਦੀ ਸਭਿਅਤਾ ਖ਼ੁਸ਼ਹਾਲ ਬਣੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਉਪ-ਮਹਾਂਦੀਪ ਕਿਉਂ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਏਸ਼ੀਆ ਮਹਾਂਦੀਪ ਦਾ ਇੱਕ ਹਿੱਸਾ ਹੈ । ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਪਰਬਤ ਅਤੇ ਹਿੰਦ ਮਹਾਂਸਾਗਰ ਇਸਨੂੰ ਏਸ਼ੀਆ ਤੋਂ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਇਕਾਈ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਸਦੀ ਏਸ਼ੀਆ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਆਪਣੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਭਿਅਤਾ ਹੈ । ਇਸਦਾ ਵਿਸਤਾਰ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ । ਇਸੇ ਕਾਰਨ ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਉਪ-ਮਹਾਂਦੀਪ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਭਾਰਤ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ‘ਤੇ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਭਾਸ਼ਾ ਬੋਲਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਲਗਪਗ 400 ਭਾਸ਼ਾਵਾਂ ਬੋਲੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਭਾਸ਼ਾਵਾਂ ਹਿੰਦੀ, ਪੰਜਾਬੀ ਅਤੇ ਬੰਗਲਾ ਹਨ, ਜਦ ਕਿ ਦੱਖਣੀ ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਭਾਸ਼ਾਵਾਂ ਤੇਲਗੂ, ਤਮਿਲ ਅਤੇ ਮਲਿਆਲਮ ਹਨ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਮਨੁੱਖੀ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਅਤੇ ਪੰਛੀਆਂ ਅਤੇ ਜਾਨਵਰਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖੀ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗਾ ਭੋਜਨ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਕੱਪੜੇ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਦਾ ਉਚਿਤ ਧਿਆਨ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉੱਚ ਤੋਂ ਉੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਮਨੁੱਖੀ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵਿਚ ਆਪਸੀ ਪ੍ਰੇਮ, ਸਹਿਣਸ਼ੀਲਤਾ, ਤਿਆਗ ਆਦਿ ਨਾਗਰਿਕ ਗੁਣ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਪਸ਼ੂ-ਪੰਛੀਆਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਮਹੱਤਵ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਕੀ ਸੰਬੰਧ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਰਿਵਾਰ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਹੀ ਇੱਕ ਸਮਾਜ ਹੈ । ਇਹ ਸਮਾਜ ਦਾ ਛੋਟਾ ਰੂਪ ਹੈ । ਜਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਰਿਵਾਰ ਆਪਸੀ ਸਹਿਯੋਗ ਅਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਨਾਲ ਚੱਲਦਾ ਹੈ, ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਮਾਜ ਵੀ ਆਪਸੀ ਸਹਿਯੋਗ ਅਤੇ ਨਿਰਭਰਤਾ ਨਾਲ ਚੱਲਦਾ ਹੈ । ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਹਰੇਕ ਵੱਡੇ ਸਮਾਜ ਦਾ ਆਧਾਰ ਪਰਿਵਾਰ ਹੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਸ਼ਹਿਰੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਤੇਜ਼ ਗਤੀ ਨਾਲ ਕਿਉਂ ਵੱਧ ਰਹੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਹਿਰੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਇੰਨੀ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵੱਧ ਰਹੀ ਹੈ-

  1. ਪਿੰਡ ਦਾ ਕਾਰਜ-ਖੇਤਰ ਸੀਮਿਤ ਹੈ । ਉੱਥੇ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਨੌਜਵਾਨ ਪੇਂਡੂ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਕਮਾਉਣ ਲਈ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵੱਲ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।
  2. ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਜੀਵਨ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੌਜੂਦ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਹ ਗੱਲ ਵੀ ਪੇਂਡੂਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵੱਲ ਖਿੱਚਦੀ ਹੈ ।
  3. ਅੱਜ ਦੇ ਪੜ੍ਹੇ-ਲਿਖੇ ਪੇਂਡੂ ਸੁਤੰਤਰ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਹੋ ਕੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਆ ਵਸਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਸਮਾਜ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਹੈ ? ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਇਹ ਗੱਲ ਬਿਲਕੁਲ ਸੱਚ ਹੈ ਕਿ ਸਮਾਜ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਹੈ । ਸਮਾਜ ਇਕ ਵੱਡਾ ਪਰਿਵਾਰ ਹੈ, ਜੋ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਮੇਲ ਨਾਲ ਬਣਦਾ ਹੈ । ਉਦਾਹਰਨ ਲਈ ਪੇਂਡੂ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਲੈਂਦੇ ਹਾਂ । ਇਹ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਹੀ ਸਮੂਹ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸ਼ਹਿਰੀ ਸਮਾਜ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਸ਼ਹਿਰੀ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਮੇਲ ਤੋਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਸਮੁਦਾਇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਕਿਉਂ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮੁਦਾਇ ਦੇ ਲੋਕ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਾਫ਼ੀ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ! ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਲਗਪਗ ਹਰ ਦਿਨ ਆਪਸ ਵਿਚ ਸੰਪਰਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਚਾਰ-ਵਿਚਾਰ ਵੀ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸਮਾਨ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਕ ਹੀ ਸਕੂਲ ਅਤੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਸਮਾਨ ਹਸਪਤਾਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਕਈ ਜਗਾ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗ-ਧੰਦੇ ਵੀ ਸਾਂਝੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਨੇੜਤਾ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਇੱਕ-ਦੂਜੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਆਉਂਦੇ ਹਨ । ਸਿੱਟੇ ਵਜੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਵੱਧਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਸਮੁਦਾਇਕ ਭਾਵਨਾ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਤੱਤਾਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮੁਦਾਇਕ ਭਾਵਨਾ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤੱਤਾਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ –

  1. ਸੁਰੱਖਿਆ – ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ਸਮੁਦਾਇ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣਾ ਪਸੰਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  2. ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ – ਮਨੁੱਖ ਇਕੱਲਾ ਆਪਣੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹ ਸਮੁਦਾਇ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।
  3. ਸੁੱਖ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ – ਮਨੁੱਖ ਸੁੱਖ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ ਆਪਣਾ ਵਿਕਾਸ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਉਸਦੀ ਇਸ ਭਾਵਨਾ ਨਾਲ ਸਮੁਦਾਇਕ ਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 12.
ਸਾਨੂੰ ਸਮੁਦਾਇਕ ਜੀਵਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਕਿਉਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ
ਸਮੁਦਾਇਕ ਜੀਵਨ ਦਾ ਸਾਡੇ ਲਈ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਇਸਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਲਾਭ ਹਨ –

  1. ਇਸਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਸੋਮਿਆਂ ਦੁਆਰਾ ਮਿਲਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਾ ਪੂਰਾ ਲਾਭ ਉਠਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ।
  2. ਇਸਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਸਮੁਦਾਇ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਸਥਾਨ ਨੂੰ ਪਛਾਣ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ।
  3. ਇਸ ਨਾਲ ਸਾਨੂੰ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਕਰਤੱਵਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ।
  4. ਸਮੁਦਾਇਕ ਜੀਵਨ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਅਸੀਂ ਸਥਾਨਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਫਲ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਸਮੁਦਾਇ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਲੋੜਾਂ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 13.
ਮਨੁੱਖੀ ਸਭਿਅਤਾ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਬਾਰੇ ਸੰਖੇਪ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਆਰੰਭ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖ ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਸੀ | ਸਮਾਂ ਬੀਤਣ ‘ਤੇ ਉਹ, ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਕ ਬਣ ਗਿਆ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੋਂ ਭੋਜਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲੱਗਾ । ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ ਉਹ ਖੇਤੀ ਕਰਨਾ ਵੀ ਸਿੱਖ ਗਿਆ । ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨੇ ਉਸਦੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਸਥਾਈ ਬਣਾਇਆ । ਹੁਣ ਉਹ ਇੱਕ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਟਿਕ ਕੇ ਰਹਿਣ ਲੱਗਾ । ਸਥਾਈ ਜੀਵਨ ਹੀ ਮਨੁੱਖੀ ਸਭਿਅਤਾ ਦਾ ਆਧਾਰ ਬਣਿਆ । ਮਨੁੱਖ ਦੁਆਰਾ ਧਾਤਾਂ ਦੀ ਖੋਜ ਨੇ ਸਭਿਅਤਾ ਅਤੇ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤੀ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਗਤੀ ਦਿੱਤੀ । ਅੱਜ ਮਨੁੱਖ ਮਸ਼ੀਨੀ ਯੁੱਗ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਤਕਨੀਕੀ ਵਿਕਾਸ ਨੇ ਉਸਦੇ ਜੀਵਨ ਦਾ ਸਰੂਪ ਹੀ ਬਦਲ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 20 ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 20 ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ

SST Guide for Class 6 PSEB ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਬਹੁਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ, ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਚੋਣ ਲੜਨ ਲਈ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਕਿੰਨੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ?
(i) 20 ਸਾਲ
(ii) 22 ਸਾਲ
(iii) 21 ਸਾਲ ।
ਉੱਤਰ-
(iii) 21 ਸਾਲ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦੇ ਵੋਟਰਾਂ ਦੁਆਰਾ ਸਿੱਧੇ ਚੁਣੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਮੈਬਰਾਂ ਦੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਅਤੇ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸੰਖਿਆ ਕਿੰਨੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(i) 9 ਤੋਂ 25
(ii) 15 ਤੋਂ 25
(iii) 26 ਤੋਂ 29.
ਉੱਤਰ-
(ii) 15 ਤੋਂ 25.

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਵੋਟਰਾਂ ਦੁਆਰਾ ਸਿੱਧੇ ਚੁਣੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਮੈਬਰਾਂ ਦੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਅਤੇ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸੰਖਿਆ ਕਿੰਨੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ?
(i) 10 ਤੋਂ 25
(ii) 12 ਤੋਂ 25
(iii) 14 ਤੋਂ 25.
ਉੱਤਰ-
(i) 10 ਤੋਂ 25

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਪੰਚਾਇਤ ਦੀ ਆਮਦਨ ਅਤੇ ਖ਼ਰਚ ਦਾ ਹਿਸਾਬ ਰੱਖਣ ਵਾਲੇ ਕਰਮਚਾਰੀ ਨੂੰ ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
(i) ਸੁਪਰਡੈਂਟ
(ii) ਪੰਚਾਇਤ ਸਕੱਤਰ ।
ਉੱਤਰ-
(ii) ਪੰਚਾਇਤ ਸਕੱਤਰ ।

ਅਭਿਆਸ
I. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਿਖੋ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
6 ਲੱਖ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਤੋਂ ਤੁਹਾਡਾ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਤਿੰਨ ਪੱਧਰਾਂ ਵਾਲੀ ਸਥਾਨਕ ਸ਼ਾਸਨ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਸਭ ਤੋਂ ਹੇਠਲੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਪਿੰਡ ਦੀ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਅਤੇ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਅਤੇ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਕੜੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਅਤੇ ਸਿਖਰ ਦੀ ਸੰਸਥਾ ਦਾ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਸੰਸਥਾ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਅਤੇ ਸਿਖਰ ਦੀ ਸੰਸਥਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਕਿੰਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 5 ਅਤੇ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ 13 ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਕੋਈ ਦੋ ਕੰਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਰਮ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

  1. ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਕੰਮ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀਆਂ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਤਾਲਮੇਲ ਰੱਖਣਾ ਹੈ । ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਕੁੜੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  2. ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ਬਾਰੇ ਰਾਇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਵਰਤਮਾਨ ਸਮੇਂ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਉਪਲੱਬਧ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ । ਵਰਤਮਾਨ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਨਾਲ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਅਨੇਕ ਸਹੁਲਤਾਂ ਉਪਲੱਬਧ ਹਨ-

1. ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਪਸਾਰ – ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਪਸਾਰ ਲਈ ਸਕੂਲ ਅਤੇ ਕਾਲਜ਼ ਖੋਲ੍ਹੇ ਗਏ ਹਨ । 14 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਮੁਫ਼ਤ ਸਿੱਖਿਆ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਅਨਪੜ੍ਹ । ਪੋੜਾਂ ਲਈ ‘ਪੌੜ ਸਿੱਖਿਆ ਕੇਂਦਰ’ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ।

2. ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦਾ ਵਿਕਾਸ – ਪਿੰਡ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਿੱਤਾ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਹੈ। ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਇੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲਈ ਉੱਤਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਖੋਜ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਸਾਲ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਲਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿਗਿਆਨੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ 1 ਉੱਨਤ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲਈ ਸਲਾਹ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉੱਤਮ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੀਜਾਂ ਅਤੇ ਜੋ ਫ਼ਸਲਾਂ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਉਪਜ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ।

ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਭੂਮੀ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਟੁਕੜਿਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਾ ਕਰਕੇ ਚੱਕਬੰਦੀ ਕਰ ਦਿੱਤੀ , ਹੈ ਤਾਂਕਿ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਦੁਆਰਾ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ।

3. ਇਸਤਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਿਹਤ – ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਇਸਤਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਚ ਵਿਸਥਾਰ ਲਈ । ਲੜਕੀਆਂ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ | ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਵਿਚ ਸੁਧਾਰ ; ਲਈ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਿਹਤ ਕੇਂਦਰ ਖੋਲ੍ਹੇ ਗਏ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੇਂਦਰਾਂ ਵਿਚ ਪੇਂਡੂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹਰ ‘ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਡਾਕਟਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

4. ਹੋਰ ਪਰਿਵਰਤਨ-

  • ਫ਼ਸਲਾਂ ਦੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਲਗਪਗ ਸਾਰੇ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਪਹੁੰਚ ਮਾਰਗ ਦੁਆਰਾ । ਰਾਜ ਮਾਰਗਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦੇ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ।
  • ਕੇਂਦਰ ਅਤੇ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਸੁਧਾਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਲਘੂ ਉਦਯੋਗ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਸਸਤੀ ਦਰ ‘ਤੇ ਕਰਜ਼ੇ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  • ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਪੀਣ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਅਤੇ ਬਿਜਲੀਕਰਨ ਕਰਨ ਦੇ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ }
  • ਸਹਿਕਾਰੀ ਖੇਤੀ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਬੈਂਕਾਂ ਦੇ ਖੁੱਲ੍ਹਣ ਨਾਲ ਵੀ ਕਈ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਸੰਗਠਨ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤ 200 ਤੋਂ ਵੱਧ ਜਨਸੰਖਿਆ ਵਾਲੇ ਹਰੇਕ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਬਣਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 5 ਤੋਂ 13 ਤੱਕ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ।
ਪੰਚਾਂ ਦੀ ਚੋਣ – ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ (ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 18 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ) ਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਤੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਹਰੇਕ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਵਿੱਚ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਤਿਹਾਈ ਸੀਟਾਂ ਰਾਖਵੀਆਂ ਰੱਖੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪੱਛੜੀਆਂ ਜਾਤੀਆਂ ਅਤੇ ਕਬੀਲਿਆਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਕੁੱਲ ਜਨਸੰਖਿਆ ਦੇ ਅਨੁਪਾਤ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

ਸਰਪੰਚ – ਹਰੇਕ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਰਪੰਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਉਸਦੀ ਚੋਣ ਵੀ ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਪ੍ਰਤੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ।
ਪੰਚਾਇਤ ਸਕੱਤਰ – ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਇੱਕ ਸਰਕਾਰੀ ਕਰਮਚਾਰੀ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਪੰਚਾਇਤ ਸਕੱਤਰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਉਹ ਪੰਚਾਇਤ ਦੀ ਆਮਦਨ ਅਤੇ ਖ਼ਰਚ ਦਾ ਹਿਸਾਬ ਰੱਖਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਬਲਾਕ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੂੰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ? ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਤੇ ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਇੱਕ ਸਭਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । 18 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਵਾਲਾ ਹਰੇਕ ਗ੍ਰਾਮੀਣ ਇਸਦਾ ਮੈਂਬਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਹੀ ਵੋਟਾਂ ਦੁਆਰਾ ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਇਸ ਤੋਂ ਉਲਟ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਦੁਆਰਾ ਚੁਣੀ ਗਈ ਇੱਕ ਸੰਮਤੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਪਿੰਡ ਦੀ ਉੱਨਤੀ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਸਨੂੰ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ-ਕਿਤਾਬ ਨੂੰ ਹਰ ਸਾਲ ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਸੰਬੰਧਿਤ ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨਿਯਮ ਬਣਾਉਣਾ ਅਤੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾਗਰਿਕ ਸਹੂਲਤਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਤੁਹਾਡੇ ਖੇਤਰ ਦੀ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਆਪਣੇ ਬਲਾਕ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰਨ ਲਈ ਕੀ ਕਰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਾਡੇ ਖੇਤਰ ਦੀ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਆਪਣੇ ਬਲਾਕ ਦੀਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਬਲਾਕ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰਨ ਲਈ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਮੁੱਖ ਕੰਮ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਹਨ-

  1. ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦਾ ਵਿਕਾਸ-
    • ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੀ ਉਪਜ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉੱਤਮ ਬੀਜਾਂ ਅਤੇ ਖਾਦ ਵੰਡਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
    • ਇਹ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਕਰਜ਼ੇ ਦੇਣ, ਜ਼ਿਆਦਾ ਭੂਮੀ ਨੂੰ ਸਿੰਜਾਈ ਯੋਗ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਬਿਜਲੀ ਦੇਣ ਦੇ ਕੰਮ ਵੀ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  2. ਪਸ਼ੂ ਅਤੇ ਮੱਛੀ-ਪਾਲਣ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ ਅਤੇ ਮੱਛੀਪਾਲਣ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦਿੰਦੀ ਹੈ । ਇਸਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਦੁੱਧ, ਆਂਡੇ, ਮਾਸ ਆਦਿ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣਾ ਹੈ ।
  3. ਆਵਾਜਾਈ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਸੜਕਾਂ ਅਤੇ ਪੁਲਾਂ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  4. ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਸਫ਼ਾਈ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਪੀਣ ਲਈ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿਹਤ ਸੰਬੰਧੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ।
    • ਇਹ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਕੀੜਿਆਂ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
    • ਇਹ ਪੇਂਡੂਆਂ ਨੂੰ ਧੁੰਆਂ ਰਹਿਤ ਚੁੱਲ੍ਹਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਲਈ ਵੀ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  5. ਸਮਾਜਿਕ ਸਿੱਖਿਆ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨਾਗਰਿਕ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇਣ ਲਈ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕੇਂਦਰਾਂ ਅਤੇ ਲਾਇਬਰੇਰੀਆਂ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਸਰੀਰਕ ਅਤੇ ਸਭਿਆਚਾਰਕ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ।
  6. ਗਾਮੀਣ ਅਤੇ ਲਘੂ ਉਦਯੋਗ – ਇਸ ਵਿੱਚ ਹੱਥ ਦੀ ਖੱਡੀ, ਬਿਜਲੀ ਦੀ ਖੱਡੀ, ਖਾਦੀ, ਰੇਸ਼ਮ ਦੇ ਕੀੜੇ ਪਾਲਣਾ ਆਦਿ ਲਘੂ ਉਦਯੋਗ ਆਉਂਦੇ ਹਨ । ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਉਦਯੋਗਾਂ ਨੂੰ ਉੱਨਤ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  7. ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਕੰਮ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤਰ ਦੀਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਸਲਾਹ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਖ਼ਾਲੀ ਸਥਾਨ ਭਰੋ :

(1) ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ………………………….. ਰਾਜ ਅਤੇ ………………………. ਕੇਂਦਰੀ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਿਤ ਕੇਂਦਰ ਹਨ ।
(2) ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੀ ……………………….. ਸੰਸਥਾ ਹੈ ।
(3) ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ੫ਚਾਇਤ ਮਮਤਾ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ……………………….. ਸਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
(4) ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ……………………….. ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਹਨ ।
(5) ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚੀ ਸੰਸਥਾ ………………………. ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(1) 28, 8
(2) ਵਿਚਕਾਰ ਦੀ
(3) 5
(4) 22
(5) ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ।

III. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ‘ਤੇ ਠੀਕ (√) ਜਾਂ ਗ਼ਲਤ (×) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ :

1. ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਰਾਜ ਸਮੇਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਹਾਲਤ ਬਹੁਤ ਮਾੜੀ ਸੀ ।
2. ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਵਿੱਚ ਇਸਤਰੀਆਂ ਲਈ ਸੀਟਾਂ ਰਾਖਵੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ।
3. ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਠੀਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਚਲਾਉਣ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।
4. ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਨੂੰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੰਚਾਇਤ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
5. ਪੰਚਾਇਤ/ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ 100 ਪਿੰਡਾਂ ਲਈ ਬਣਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
1. (√)
2. (×)
3. (√)
4. (√)
5. (√)

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 20 ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ

PSEB 6th Class Social Science Guide ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਸਰਕਾਰ Important Questions and Answers

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਉੱਤਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦਾ ਕੀ ਉਦੇਸ਼ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗ੍ਰਾਮੀਣ ਵਿਕਾਸ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਅਕਤੂਬਰ, 2019 ਵਿਚ ਇਕ ਰਾਜ ਨੂੰ ਦੋ ਕੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਿਤ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ । ਉਸ ਰਾਜ ਦਾ ਕੀ ਨਾਮ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦਾ ਮੁਖੀਆ ਸਰਪੰਚ ਕਹਾਉਂਦਾ ਹੈ । ਉਸਦੀ ਚੋਣ ਕੌਣ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਤਦਾਤਾ (ਵੋਟਰ) ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੇ ਅਧੀਨ ਇਸਤਰੀਆਂ ਲਈ ਕਿੰਨੇ ਸਥਾਨ ਰਾਖਵੇਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਦੇ ਅਧੀਨ ਇਸਤਰੀਆਂ ਲਈ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਇੱਕ-ਤਿਹਾਈ (1/3) ਸਥਾਨ ਰਾਖਵੇਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਸਾਧਨ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਰਕਾਰੀ ਗਰਾਂਟ ਅਤੇ ਟੈਕਸਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਆਮਦਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਝਗੜਿਆਂ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕਿਹੜੀ ਸੰਸਥਾ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਝਗੜਿਆਂ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੂੰ ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਰਪੰਚ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਚੋਣ ਕੌਣ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੈਂਬਰ ਮਿਲ ਕੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਸਮੁਦਾਇਕ ਵਿਕਾਸ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਅਧਿਕਾਰੀ ਕਿਸ ਨੂੰ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਖੰਡ ਵਿਕਾਸ ਅਧਿਕਾਰੀ (ਬੀ.ਡੀ.ਓ.) ਸਮੁਦਾਇਕ ਵਿਕਾਸ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਉਪ-ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਟਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਉਪ-ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੂੰ ਅਵਿਸ਼ਵਾਸ ਪ੍ਰਸਤਾਵ ਦੁਆਰਾ ਹਟਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਪੰਚਾਇਤ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਗ੍ਰਾਂਟ ਕਿਉਂ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤ ਨੂੰ ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਅਨੇਕਾਂ ਕੰਮ ਕਰਨੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਉਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਸਰੋਤ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਪੰਚਾਇਤ ਨੂੰ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਗੁੱਟ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

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ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਚੋਣ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ? ਉਸਦੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ |
ਉੱਤਰ-
ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੂੰ ਕੁੱਝ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਪਿੰਡ ਦੀ ਬਾਲਗ ਜਨਤਾ ਚੁਣਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਕੁੱਝ ਸਥਾਨਾਂ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੋਣ ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਉਸਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸਰਪੰਚ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪੰਚਾਇਤ ਦਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਦੋ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

  1. ਉਹ ਪੰਚਾਇਤ ਦੀਆਂ ਬੈਠਕਾਂ ਬੁਲਾਉਂਦਾ ਹੈ ।
  2. ਉਹ ਪੰਚਾਇਤ ਦੀਆਂ ਬੈਠਕਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਗਾਮ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਸਾਧਨ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਹਨ ? ਉਹ ਇਸ ਧਨ. ਨੂੰ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖ਼ਰਚ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਆਮਦਨ ਦੇ ਸਾਧਨ-ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਅਨੇਕਾਂ ਸਾਧਨ ਹਨ-

  1. ਮੇਲਿਆਂ ਅਤੇ ਦੁਕਾਨਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ।
  2. ਪਸ਼ੂ-ਮੇਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਖ਼ਰੀਦ-ਵੇਚ ਦੀ ਰਜਿਸਟਰੀ ਫ਼ੀਸ ।
  3. ਪਿੰਡ ਦੇ ਮਕਾਨਾਂ ਤੇ ਕਰ ।
  4. ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਗਰਾਂਟ
  5. ਜਨਤਕ ਸੰਪੱਤੀ ਨੂੰ ਵੇਚਣ ਤੋਂ ਆਮਦਨ ।
    ਧਨ ਦਾ ਖ਼ਰਚ – ਗ੍ਰਾਮ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਆਪਣੀ ਆਮਦਨ ਨੂੰ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ‘ਤੇ ਖ਼ਰਚ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੁਕੱਦਮਿਆਂ ਦੀ ਸੁਣਵਾਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਹੇਠਲੇ ਪੱਧਰ ਦੇ ਦੀਵਾਨੀ ਅਤੇ ਫ਼ੌਜਦਾਰੀ ਮੁਕੱਦਮਿਆਂ ਦੀ ਸੁਣਵਾਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤ ਨੂੰ ਜੁਰਮਾਨਾ ਕਰਨ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੈ ਪਰ ਜੇਲ੍ਹ ਭੇਜਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਵਕੀਲ ਆਦਿ ਪੇਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦਾ । ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵਿਅਕਤੀ ਨਿਆਂ ਪੰਚਾਇਤ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਤੋਂ ਸੰਤੁਸ਼ਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਹ ਉੱਪਰਲੀਆਂ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਪਿੰਡ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
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ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ-

  1. ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਗਲੀਆਂ ਪੱਕੀਆਂ ਕਰਵਾਉਣਾ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰਵਾਉਣਾ ।
  2. ਪੀਣ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ ।
  3. ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ । ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਨਾ ।
  4. ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਰੌਸ਼ਨੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ ।
  5. ਪਿੰਡ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਝਗੜਿਆਂ ਦਾ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕਰਨਾ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਖੰਡ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤ ਅਧਿਕਾਰੀ (ਬੀ. ਡੀ. ਪੀ. ਓ.) ਕਿਹੜੇ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਖੰਡ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ-

  1. ਉਹ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀ ਦੇ ਫੈਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  2. ਉਹ ਵਿਕਾਸ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਅਮਲੀ ਰੂਪ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ।
  3. ਉਹ ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ਵਿਚ ਮਾਰਗ-ਦਰਸ਼ਨ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਸੰਖੇਪ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਗਾਮ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਕੰਮ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀਆਂ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਤਾਲਮੇਲ ਬਣਾਈ। ਰੱਖਣਾ ਹੈ । ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀਆਂ ਵਿਚਾਲੇ ਕੜੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ਬਾਰੇ ਰਾਏ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ? ਇਹ ਕਿਹੜੇ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗਾਮ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਪਿੰਡ ਦੇ 18 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਉਮਰ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਪੰਚਾਇਤ ਖੇਤਰ ਦੀ ਵੋਟਰ ਸੂਚੀ ਵਿੱਚ ਦਰਜ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਅਤੇ ਮਰਦ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 18 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੋਵੇ, ਗ੍ਰਾਮ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।

ਗਾਮ ਸਭਾ ਦੇ ਕੰਮ-

  1. ਪਿੰਡ ਦਾ ਬਜਟ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ,
  2. ਪੰਚਾਇਤ ਦੀ ਸਲਾਨਾ ਰਿਪੋਰਟ ਦੀ ਸਮੀਖਿਆ ਕਰਨਾ,
  3. ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਵਿਕਾਸ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਬਣਾਉਣਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿੱਚ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਕੀ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜ ਸਰਕਾਰਾਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਅਤੇ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਨੂੰ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ | ਸਾਡੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਲੋਕ ਗ਼ਰੀਬ ਅਤੇ ਅਨਪੜ੍ਹ ਹਨ । ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਖ਼ਤੀ ਨਾਲ ਕਾਬੂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ । ਉਸ ਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਕੰਮ-ਕਾਜ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਬੜੀ ਚੌਕਸੀ ਨਾਲ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਬਣਤਰ ‘ਤੇ ਇਕ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਜ਼ਿਲਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਬਣਤਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ-
1. ਮੈਂਬਰੀ-

  • ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀਆਂ ਦੇ ਸਭਾਪਤੀ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।
  • ਸੰਬੰਧਿਤ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਪੈਣ ਵਾਲੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ, ਵਿਧਾਨ ਪਰਿਸ਼ਦ ਅਤੇ ਸੰਸਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਵੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ।
  • ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆਂ, ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਕਬੀਲਿਆਂ ਅਤੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਸੀਟਾਂ ਰਾਖਵੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ।

2. ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਉਪ-ਪ੍ਰਧਾਨ – ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਆਪਣੇ ਵਿੱਚੋਂ ਹੀ ਇੱਕ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਉਪ-ਪ੍ਰਧਾਨ ਚੁਣਦੇ ਹਨ । ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਾ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰ ਕੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪਦਵੀ ਤੋਂ ਹਟਾ ਵੀ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

3. ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ – ਰਾਜ ਦੀਆਂ ਹੋਰ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਾਂਗ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦਾ ਕਾਰਜਕਾਲ ਪੰਜ ਸਾਲ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਜੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਦਿੱਤੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰ ਰਹੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਉਸ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਭੰਗ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਸੋਮੇ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸੋਮੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਹਨ-

  1. ਕਰ ਅਤੇ ਗਰਾਂਟ – ਪੰਚਾਇਤ ਸੰਮਤੀਆਂ ਵਾਂਗ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵੀ ਟੈਕਸਾਂ ਅਤੇ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਰਾਂਟਾਂ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ।
  2. ਟਰੱਸਟ – ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਨੂੰ ਟਰੱਸਟਾਂ ਤੋਂ ਜਾਂ ਦਾਨ ਤੋਂ ਆਮਦਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
  3. ਕਿਰਾਇਆ – ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦਾਂ ਨੂੰ ਘਰਾਂ ਜਾਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਤੋਂ ਕਿਰਾਏ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।
  4. ਉਦਯੋਗ ਚਲਾਉਣ ਲਈ ਗਰਾਂਟ – ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦਾਂ ਨੂੰ ਘਰੇਲੂ, ਪੇਂਡੂ ਅਤੇ ਛੋਟੇ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਉਦਯੋਗ ਚਲਾਉਣ ਲਈ ਸਰਬ-ਭਾਰਤੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਤੋਂ ਗਰਾਂਟਾਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਰਾਜ ਵਿਚ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਅਵਸਥਾ ਕਿਹੋ ਜਿਹੀ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਅਵਸਥਾ ਤਰਸਯੋਗ ਸੀ । ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਆਰਥਿਕ ਨੀਤੀਆਂ ਕਾਰਨ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਆਤਮ-ਨਿਰਭਰਤਾ ਭੰਗ ਹੋ ਗਈ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਪੱਛੜ ਗਏ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਡਾਵਾਂਡੋਲ ਹੋ ਗਈ । ਕਿਸਾਨ ਕਰਜ਼ੇ ਹੇਠ ਦੱਬ ਗਿਆ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 19 ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ Textbook Exercise Questions, and Answers.

PSEB Solutions for Class 7 Social Science Chapter 19 ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ

Social Science Guide for Class 7 PSEB ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ Textbook Questions, and Answers

(ੳ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਇਕ ਸ਼ਬਦ/ਇਕ ਵਾਕ (1-15) ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਲਿਖੋ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਾਰੇ ਬਾਲਗ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੂੰ ਮਤ ਦੇਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਮਤ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਦਿੰਦੇ ਸਮੇਂ ਲਿੰਗ, ਜਾਤੀ, ਧਰਮ, ਸੰਪੱਤੀ ਆਦਿ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਕੋਈ ਭੇਦਭਾਵ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਚੋਣ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦੀਆਂ ਕੋਈ ਦੋ ਸਟੇਜਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-

  • ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਤਰੀਕ ਦਾ ਐਲਾਨ-ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜਾਂ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਰਾਜਪਾਲ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਚੋਣਾਂ ਦਾ ਆਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਜਿਸਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਤਰੀਕ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
  • ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ-ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਆਪਣੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜਿਹੜੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਿਚਾਰ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਖੇਤਰ ਤੋਂ ਜਿੱਤ ਸਕਦੇ ਹਨ । ਕਦੇ-ਕਦੇ ਸੁਤੰਤਰ ਉਮੀਦਵਾਰ ਵੀ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਸਰਕਾਰ ਕਿਹੜੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਨਾਗਰਿਕ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਚੁਣਦੇ ਹਨ ਜਿਹੜੇ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਹੀ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਨੀਤੀਆਂ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ | ਅਜਿਹੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਹੀ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਸਰਕਾਰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧਤਾ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਲੋਕਤੰਤਰ ਜਨਤਾ ਦਾ ਸ਼ਾਸਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ | ਪਰ ਆਧੁਨਿਕ ਰਾਜਾਂ ਦੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਇੰਨੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਾਰੇ ਨਾਗਰਿਕ ਸ਼ਾਸਨ ਵਿਚ ਸਿੱਧੇ ਹਿੱਸਾ ਨਹੀਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਉਹ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਚੁਣਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਅਸਿੱਧੇ ਅਪ੍ਰਤੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਜਨਤਾ ਦਾ ਆਪਣਾ ਹੀ ਸ਼ਾਸਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਵੋਟ ਪਾਉਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਕਿਸਨੂੰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿਚ 18 ਸਾਲ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵਧੇਰੇ ਉਮਰ ਦੇ ਹਰੇਕ ਔਰਤ-ਮਰਦ ਨੂੰ ਵੋਟ ਪਾਉਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਆਮ ਚੋਣਾਂ ਅਤੇ ਮੱਧਕਾਲੀਨ ਚੋਣਾਂ ਵਿਚ ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਆਮ ਚੋਣਾਂ ਉਹ ਚੋਣਾਂ ਹਨ ਜੋ ਹਰ ਪੰਜ ਸਾਲ ਦੇ ਬਾਅਦ ਨਿਯਮਿਤ ਰੂਪ ਨਾਲ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਜੇਕਰ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਮਿਆਦ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਭੰਗ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਏ ਅਤੇ ਨਵੇਂ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਚੋਣਾਂ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾਣ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੱਧਕਾਲੀਨ ਚੋਣਾਂ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7, ਦੋ-ਦਲੀ ਅਤੇ ਬਹੁ-ਦਲੀ ਦਲ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਦੋਂ ਕਿਸੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਦੋ ਮੁੱਖ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਦੋ-ਦਲੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਇੰਗਲੈਂਡ ਵਿਚ ਦੋ-ਦਲੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਹੈ । ਬਹੁ-ਦਲੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿਚ ਕਈ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ | ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਹੀ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ ।

(ਅ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦਾ ਉੱਤਰ 50-60 ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਲਿਖੋ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵ ਹੈ । ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਹੈ ਕਿ ਲੋਕਤੰਤਰ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੇ ਬਿਨਾਂ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਹਰੇਕ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਆਪਣੀ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਦਲ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਅਤੇ ਨੀਤੀਆਂ ਰੱਖਦੇ ਹਨ । ਜਿਹੜੇ ਦਲ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਬਣਦੀ ਹੈ, ਉਹ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਅਤੇ ਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਉਸਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਵੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ? ਇਸਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਚੋਣਾਂ ਦਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਆਧਾਰ ਹੈ । ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਚੁਣਨ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਦਖ਼ਲ-ਅੰਦਾਜ਼ੀ ਨਹੀਂ ਚਾਹੁੰਦੇ । ਇਸ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਇਹ ਨਹੀਂ ਚਾਹੁੰਦਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਇਹ ਪਤਾ ਚੱਲੇ ਕਿ ਉਸਨੇ ਕਿਹੜੇ ਪਤੀਨਿਧੀ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿਚ ਵੋਟ ਪਾਇਆ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਹੀ ਸਤੰਤਰ ਅਤੇ ਨਿਰਪੱਖ ਚੋਣਾਂ ਲਈ ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ । ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਹਰੇਕ ਵੋਟਰ ਦਾ ਇਕ ਵੋਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਵੋਟਰ ਪੋਲਿੰਗ ਬੂਥ ‘ਤੇ ਆਪਣਾ ਵੋਟ ਪਾਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਇਹ ਦੱਸਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਕਿ ਉਸਨੇ ਕਿਸ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਵੋਟ ਦਿੱਤਾ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਹੀ ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ ਦੁਆਰਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਬੁਰੇ ਵਿਚਾਰ ਅਤੇ ਨਕਾਰਾਤਮਕ ਸੋਚ ਦੇ ਸਰਕਾਰ ਵਿਚ ਪਰਿਵਰਤਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 19 ਲੋਕਤੰਤਰ-ਸੰਸਥਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤਿਨਿਧਤਾ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਬਾਰੇ ਸੰਖੇਪ ਵਿਚ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਵਿਚ ਜੋ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਬਹੁਮਤ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ, ਉਹ ਸਰਕਾਰ ਨਹੀਂ ਬਣਾ ਪਾਉਂਦੇ ।ਉਹ ਦਲ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ ।
ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਭੂਮਿਕਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਜੇਕਰ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਨਸ਼ਟ ਜਾਂ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਲੋਕਤੰਤਰ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਹੀ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਉਲਟ ਜੇਕਰ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਨੂੰ ਸਹੀ ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰਿਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਏ ਤਾਂ ਲੋਕਤੰਤਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਅਸਲ ਵਿਚ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸ਼ਾਸਕ ਦਲ ਦੀਆਂ ਕਮੀਆਂ ਅਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰੀਆਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸੰਸਦ ਵਿਚ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸਿਰਫ਼ ਆਲੋਚਨਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ, ਬਲਕਿ ਲੋਕਮਤ ਦੇ ਹਿੱਤ ਵਿਚ ਵੀ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਦੇ ਬਿਨਾਂ ਸਰਕਾਰ ਗ਼ੈਰ-ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਤੇ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹ ਵੀ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ ।ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਨਵੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਹੋਣ ਤਕ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਮਨਮਾਨੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨ ਦਿੰਦਾ ਅਤੇ ਉਸ ‘ਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਨਿਯੰਤਰਨ ਬਣਾਈ ਰੱਖਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਦਿੰਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੀ ਆਤਮਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਇਕ ਪਾਸੇ ਸ਼ਾਸਕ ਦਲ ਦੀ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਨੂੰ ਰੋਕਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ।
ਸੰਖੇਪ ਵਿਚ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ –

  1. ਸ਼ਾਸਕ ਦਲ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ-ਚੋਣਾਂ ਵਿਚ ਜਿੱਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਬਹੁਮਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਗਠਨ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਵੋਟਰ ਪੰਜ ਸਾਲ ਤਕ ਸਰਕਾਰ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ । ਸਰਕਾਰ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ ਰੱਖਣ ਦਾ ਕੰਮ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਹੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ।
  2. ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹ ਬਣਨ ਤੋਂ ਰੋਕਣਾ-ਕਦੇ-ਕਦੇ ਸ਼ਾਸਕ ਦਲ ਆਪਣੇ ਬਹੁਮਤ ਕਾਰਨ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੌਕਿਆਂ ‘ਤੇ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸਦਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਤੇ ਬਾਹਰ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹ ਨਹੀਂ ਬਣਨ ਦਿੰਦੇ ।
  3. ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਵਿਚ ਸਹਿਯੋਗ-ਸਰਕਾਰ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਬਿਲ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਬਿਲਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਮਾਮਲਿਆਂ ‘ਤੇ ਵਾਦ-ਵਿਵਾਦ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਯਤਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣੇ, ਉਹ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਹਿੱਤ ਵਿਚ ਹੋਣ ।
  4. ਬਜਟ ਪਾਸ ਕਰਨਾ-ਹਰੇਕ ਸਾਲ ਸ਼ਾਸਕ ਦਲ ਆਪਣੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ ਵਿਧਾਨ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਬਜਟ ਪੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਇਕ ਅਜਿਹਾ ਮੌਕਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸੰਪੂਰਨ ਨੀਤੀ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਇਸ ਗੱਲ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਹ ਕਰਾਂ ਦੀ ਦਰ ਘੱਟ ਕਰੇ ।
  5. ਕਾਰਜਪਾਲਿਕਾ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ-ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਅਵਿਸ਼ਵਾਸ ਪ੍ਰਸਤਾਵ, ਧਿਆਨ ਖਿੱਚ ਪ੍ਰਸਤਾਵ ਅਤੇ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਸਰਕਾਰ ‘ਤੇ ਨਿਯੰਤਰਨ ਰੱਖਦਾ ਹੈ । ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਕਾਲ ਵਿਚ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਪੁੱਛ ਕੇ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਚੌਕੰਨਾ ਰੱਖਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੇ ਕੋਈ ਦੋ ਕੰਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ –
1. ਚੋਣਾਂ ਲੜਨਾ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾਉਣਾ-ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਚੋਣਾਂ ਲੜਨਾ ਹੈ । ਇਸਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਸ਼ਾਸਨ ਸ਼ਕਤੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨਾ ਹੈ । ਇਹ ਦਲ ਚੋਣਾਂ ਲੜਨ ਲਈ ਆਪਣੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਚੁਣਦੇ ਹਨ । ਉਹ ਚੋਣਾਂ ਜਿੱਤਣ ਲਈ ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਦਲ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਾਮਲਿਆਂ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਨਾਲ ਲੋਕਮਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਜਿਹੜਾ ਦਲ ਚੋਣਾਂ ਜਿੱਤ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਜਿਹੜੇ ਦਲ ਸਰਕਾਰ ਨਹੀਂ ਬਣਾ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ ।

2. ਜਨਤਾ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਨਾ-ਉਹ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰਨ ਦੇ ਸੁਝਾਅ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਜਨਤਾ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦਾ ਰੱਖਿਅਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਇੰਡੀਅਨ ਨੈਸ਼ਨਲ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀਆਂ ਕੋਈ ਦੋ ਨੀਤੀਆਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਇੰਡੀਅਨ ਨੈਸ਼ਨਲ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਨੀਤੀਆਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਹਨ

  1. ਇਸ ਦਲ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਨੀਤੀ ਅਮੀਰੀ-ਗਰੀਬੀ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਘੱਟ ਕਰਨਾ ਹੈ । ਦੂਜੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਇਹ ਦਲ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਸਮਾਜਵਾਦ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
  2. ਇਸ ਦਲ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਧਰਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਕੋਈ ਭੇਦਭਾਵ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ | ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਦਾ ਸਮਾਨ ਰੂਪ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
  3. ਇਹ ਦਲ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਕਾਰਖ਼ਾਨਿਆਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵਿਚ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਰੱਖਦਾ ਹੈ । ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਸਿੰਜਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨਾਂ ਵਿਚ ਸੁਧਾਰ ਕਰਨਾ ਵੀ ਇਸ ਦਲ ਦੀ ਨੀਤੀ ਹੈ ।
  4. ਪੇਂਡੂ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਦੇ ਮੌਕੇ ਪੈਦਾ ਕਰਨਾ ਤਾਂਕਿ ਗ਼ਰੀਬੀ ਨੂੰ ਘੱਟ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ।
  5. ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਤਰਤਾ ਭਰੇ ਸੰਬੰਧ ਕਾਇਮ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਮਤਭੇਦ ਸ਼ਾਂਤੀਪੂਰਨ ਢੰਗ ਨਾਲ ਦੂਰ ਕਰਨਾ ।
  6. ਭਾਰਤ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਦੇ ਸੁਧਾਰ ਲਈ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਵਪਾਰ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦੇਣਾ । ਨੋਟ-ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਦੋ ਲਿਖਣ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਚੋਣਾਂ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੋਣਾਂ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦਾ ਆਧਾਰ ਹਨ । ਲੋਕਤੰਤਰ ਵਿਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੇਠ ਲਿਖਿਆ ਮਹੱਤਵ ਹੈ

  • ਸਾਰੇ ਨਾਗਰਿਕ ਰਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨੂੰ ਇਕ ਸਾਥ ਚਲਾ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ । ਇਸ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਚੁਣਨੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਚੋਣਾਂ ਦੁਆਰਾ ਚੁਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  • ਚੋਣਾਂ ਦੁਆਰਾ ਹੀ ਲੋਕ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਬਦਲ ਸਕਦੇ ਹਨ ।
  • ਚੋਣਾਂ ਦੁਆਰਾ ਹੀ ਕਾਰਜਪਾਲਿਕਾ ਬਣਦੀ ਹੈ ।
  • ਚੋਣਾਂ ਦੁਆਰਾ ਸ਼ਾਸਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿਚ ਸਥਿਰਤਾ ਆਉਂਦੀ ਹੈ । ਸੱਚ ਤਾਂ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਵਿਚ ਲੋਕਤੰਤਰ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਹੈ ।

(ਈ) ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਾਡੇ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ………. ਲੋਕਤੰਤਰ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਚੋਣ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਲਈ ਇਕ ਸੁਤੰਤਰ ਸੰਸਥਾ ……..ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ।
ਉੱਤਰ-
ਚੋਣ ਕਮੀਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ……… ਸਾਲ ਦੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦੇਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
18

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
………. ਅਤੇ ………. ਵਿਚ ਦੋ ਦਲੀ ਅਤੇ ………. ਬਹੁਦਲੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਹੈ।
ਉੱਤਰ-
ਇੰਗਲੈਂਡ, ਅਮਰੀਕਾ, ਭਾਰਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਇਕ ਨਾਗਰਿਕ ਇਕ ਵੋਟ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੀ ………….. ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਮਾਨਤਾ ।

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(ਸ) ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ-ਉੱਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਬਾਲਗ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮਰ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ?
(ਉ) 18 ਸਾਲ
(ਅ) 24 ਸਾਲ
(ਈ) 22 ਸਾਲ |
ਉੱਤਰ-
(ੳ) 18 ਸਾਲ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਲੋਕ ਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਿੰਨੇ ਸਾਲਾਂ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ?
(ਉ) ਚਾਰ ਸਾਲ
(ਅ) 2 ਸਾਲ
(ਇ) ਪੰਜ ਸਾਲ |
ਉੱਤਰ-
(ਈ) ਪੰਜ ਸਾਲ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਇੰਡੀਅਨ ਨੈਸ਼ਨਲ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕਦੋਂ ਹੋਈ ?
(ਉ) 1920
(ਅ) 1885
(ਈ) 1960.
ਉੱਤਰ-
(ਅ) 1885.

(ਹ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਠੀਕ (✓) ਜਾਂ ਗਲਤ (✗) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਭਾਰਤ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਇਸ ਸਮੇਂ ਬਾਲਗ ਨਾਗਰਿਕ ਦੀ ਉਮਰ 18 ਸਾਲ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਦੋ-ਦਲ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਵਿਰੋਧੀ ਦਲ ਸੰਸਦ ਵਿਚ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ ਬਲਕਿ ਲੋਕਮਤ ਜਾਂ ਲੋਕ ਰਾਇ ਵੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਜਾਂ ਚੋਣ ਆਯੋਗ ‘ਤੇ ਇਕ ਟਿੱਪਣੀ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਚੋਣ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਲਈ ਇਕ ਸੁਤੰਤਰ ਸੰਸਥਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ । ਇਸਨੂੰ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਜਾਂ ਚੋਣ ਆਯੋਗ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਸੰਸਥਾ ਸੁਤੰਤਰ ਅਤੇ ਨਿਰਪੱਖ ਚੋਣਾਂ ਕਰਵਾਉਂਦੀ ਹੈ । ਇਸਦਾ ਮੁਖੀ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜਿਸਨੂੰ ਭਾਰਤ ਦੇ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਦੁਆਰਾ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਹਰ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਅਰਥਾਤ ਸੰਸਦ, ਰਾਜ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾਵਾਂ ਅਤੇ ਸਥਾਨਿਕ ਨਗਰਪਾਲਿਕਾਵਾਂ ਅਤੇ ਨਿਗਮਾਂ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
“ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ-ਇਕ ਵੋਟ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
“ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ-ਇਕ ਵੋਟ -ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਦਾ ਇਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਨਿਯਮ ਹੈ । ਇਹ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੀ ਸਮਾਨਤਾਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ ।ਇਸਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪੜ੍ਹੇ-ਲਿਖੇ ਅਤੇ ਅਨਪੜ੍ਹ ਨੂੰ ਸਮਾਨ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਮਾਨਤਾ ਦਾ ਸਿਧਾਂਤ ਸਾਡੇ ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਬਾਲਗ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਵਿਚ ਪੂਰਨ ਤੌਰ ‘ ਤੇ ਅਪਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਬਾਲਗ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਦੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਆਧਾਰ ਕੀ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਰਵ-ਵਿਆਪਕ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ ਦੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਆਧਾਰ ਹਨ

  1. ਇਹ ਅਧਿਕਾਰ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸਮਾਨਤਾ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਹੈ ।
  2. ਇਹ ਸੱਚੇ ਲੋਕਤੰਤਰ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।
  3. ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਉਪ-ਚੋਣਾਂ ਕੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਦੇ-ਕਦੇ ਸੰਸਦ ਜਾਂ ਰਾਜ ਵਿਧਾਨਪਾਲਿਕਾ ਦੇ ਕਿਸੇ ਮੈਂਬਰ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ਜਾਂ ਉਸਦੇ ਦੁਆਰਾ ਅਸਤੀਫ਼ਾ ਦੇਣ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਸੀਟ ਖ਼ਾਲੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਸੀਟ ਨੂੰ ਭਰਨ ਲਈ ਜੋ ਚੋਣਾਂ ਕਰਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉਪ-ਚੋਣਾਂ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਮਤਦਾਨ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਜਾਂ
ਨਾਗਰਿਕ ਆਪਣੀ ਵੋਟ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਹਰੇਕ ਖੇਤਰ ਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਚੁਣਨ ਲਈ ਚੋਣ ਬੂਥ ਬਣਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਇੱਥੇ ਇਕ ਰਿਟਰਨਿੰਗ ਅਫ਼ਸਰ ਦੇ ਅਧੀਨ ਮਤਦਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਬਾਲਗ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਮਤਦਾਤਾ ਸੂਚੀ ਵਿਚ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਉਹ ਵਾਰੀ ਨਾਲ ਬੂਥ ‘ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਵੋਟ ਪਛਾਣ-ਪੱਤਰ ਦਿਖਾਉਂਦੇ ਹਨ | ਤਦ ਆਪਣੀ ਉਂਗਲ ‘ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾ ਕੇ ਮਤ-ਪੱਤਰ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਮਨਚਾਹੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦੇ ਨਾਂ ‘ਤੇ ਮੋਹਰ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਮਤ-ਪੱਤਰ ਨੂੰ ਵੋਟ ਬਾਕਸ ਵਿਚ ਪਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ  |ਜੇਕਰ ਉਸਨੂੰ ਕੋਈ ਵੀ ਉਮੀਦਵਾਰ ਪਸੰਦ ਨਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨੋਟਾ’ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਨਿਸ਼ਾਨ ‘ਤੇ ਮੋਹਰ ਲਗਾ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਵੋਟ ਬਾਕਸ ਵਿਚ ਵੋਟ ਪਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਚਲਦਾ ਕਿ ਵੋਟ ਕਿਸ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿਚ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ । ਹੁਣ ਇਹ ਕੰਮ ਵੋਟਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ | ਸਾਧਾਰਨ ਬਹੁਮਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਨੂੰ ਜੇਤੂ ਘੋਸ਼ਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਚੋਣ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਸਟੇਜਾਂ ਦੀ ਸੰਖੇਪ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
1. ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਪੱਤਰ ਭਰਨਾ ਅਤੇ ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਵਾਪਸ ਲੈਣਾ ।
2. ਚੋਣ ਨਿਸ਼ਾਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ।
3. ਚੋਣ ਪੱਤਰ (ਘੋਸ਼ਣਾ ਪੱਤਰ ਜਾਰੀ ਕਰਨਾ ।
4. ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ ।
5. ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਅਤੇ ਨਤੀਜੇ ।
ਉੱਤਰ-
1. ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਪੱਤਰ ਭਰਨਾ ਅਤੇ ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਵਾਪਸ ਲੈਣਾ-ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੁਆਰਾ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਮੈਂਬਰ ਆਪਣੇ ਨਾਮਜ਼ਦਗੀ ਪੱਤਰ ਭਰਦੇ ਹਨ ।
ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਰਿਟਰਨਿੰਗ ਅਫ਼ਸਰ ਦੁਆਰਾ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰ ਜਾਂ ਨਾ-ਮਨਜ਼ੂਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਮਨਜ਼ੂਰ ਕੀਤੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਇਕ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਤਰੀਕ ਤਕ ਆਪਣਾ ਨਾਂ ਵਾਪਸ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਨ ।ਉਸਦੇ ਬਾਅਦ ਚੋਣ ਲੜਨ ਵਾਲੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦੀ ਅੰਤਿਮ ਸੂਚੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ,
ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਵੋਟ ਪੱਤਰ ਮਤ ਪੱਤਰ ਅਤੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦੇ ਚੋਣ ਚਿੰਨ੍ਹ ਛਾਪੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

2. ਚੋਣ ਚਿੰਨ੍ਹ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ-ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲਾਂ ਦੇ ਨਿਸਚਿਤ ਚੋਣ ਚਿੰਨ੍ਹ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਸਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਵੋਟਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਚਿੰਨ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਮੋਹਰ ਲਗਾ ਕੇ ਵੋਟ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਚੋਣ ਨਿਸ਼ਾਨਾਂ ਦੀ ਹੋਂਦ ਅਨਪੜ੍ਹ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ।

3. ਚੋਣ-ਪੱਤਰ ਜਾਰੀ ਕਰਨਾ-ਹਰੇਕ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਆਪਣੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਜਿਤਾਉਣ ਲਈ ਇਕ ਚੋਣ-ਪੱਤਰ ਜਾਰੀ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਅਤੇ ਵਚਨ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਵੋਟਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਵੋਟਰਾਂ ਨੂੰ ਜਿੱਤ ਦੇ ਬਾਅਦ ਅਪਣਾਈਆਂ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਦੇ ਵਿਸ਼ੇ ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਚਲਦਾ ਹੈ ।

4. ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ-ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਜਿਤਾਉਣ ਲਈ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਪੋਸਟਰ ਆਦਿ ਛਪਵਾ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਦੇ ਹਨ । ਇਸਦੇ ਇਲਾਵਾ ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿਚ ਜਲੂਸ ਆਦਿ ਕੱਢਣਾ, ਕਾਨਫਰੰਸ ਕਰਨਾ, ਘਰ-ਘਰ ਜਾ ਕੇ ਵੋਟਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਨਾ, ਵੋਟਰਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੇ ਵਚਨ ਦੇਣਾ ਅਤੇ ਵੋਟ ਦੇਣ ਲਈ ਆਖਣਾ ਆਦਿ ਗੱਲਾਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ । ਚੋਣ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਮਤਦਾਨ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੋਂ 48 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਕਰਨਾ ਲਾਜ਼ਮੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

5. ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਅਤੇ ਸਿੱਟੇ-ਹਰੇਕ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਮਤਦਾਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਤ-ਪੇਟੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕ ਸੈਂਟਰ ਵਿਚ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਨਿਸਚਿਤ ਕੀਤੇ ਸਮੇਂ ਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲਾਂ ਦੇ ਜਾਂ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀਆਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵੋਟ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲੋਂ ਉਮੀਦਵਾਰ ਨੂੰ ਜੇਤੂ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਇਕ ਅਜਿਹਾ ਸਮੂਹ, ਜਿਸਦੀ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਉਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਵਿਸ਼ੇ ਵਿਚ ਇੱਕੋ ਜਿਹੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਹੋਵੇ, ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਅਖਵਾਉਂਦਾ ਹੈ । ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਵਿਚ ਮੈਂਬਰ ਬਣਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ । ਕਿਸੇ ਦਲ ਦਾ ਮੈਂਬਰ ਬਣਨਾ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਆਪਣੀ ਇੱਛਾ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਦੋ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ ਹਨ ?
ਜਾਂ
ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਅਤੇ ਖੇਤਰੀ ਦਲ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਦਲ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹਨ-ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਅਤੇ ਖੇਤਰੀ ਦਲ ਕਾਂਗਰਸ ਦਲ, ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਦਲ ਅਤੇ ਕਮਿਉਨਿਸਟ ਦਲ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਹਨ ।ਇਹ ਸਾਰੇ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ | ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਦਲ ਚਾਰ ਜਾਂ ਪੰਜ ਰਾਜਾਂ ਵਿਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਭਾਵ ਰੱਖਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਦਾ ਪੱਧਰ ਦੇ ਦਿੰਦਾ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਉਲਟ ਜਿਹੜੇ ਦਲਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਇਕ ਦੋ ਰਾਜਾਂ ਤਕ ਸੀਮਿਤ ਹੋਵੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤਰੀ ਦਲ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਵੇਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਭਾਰਤ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਕਿਹੜਾ ਹੈ ? ਇਸ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕਦੋਂ ਹੋਈ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਰਤ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਦਲ ਇੰਡੀਅਨ ਨੈਸ਼ਨਲ ਕਾਂਗਰਸ ਹੈ । ਇਸਦੀ ਸਥਾਪਨਾ 1885 ਈ: ਵਿਚ ਹੋਈ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਸੰਯੁਕਤ ਸਰਕਾਰ ਕੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜੇਕਰ ਲੋਕ ਸਭਾ ਜਾਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਦਲ ਨੂੰ ਬਹੁਮਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਨਾ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਮੁੱਖ ਦਲ ਦੂਜੇ ਦਲਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਅਤੇ ਸਹਿਯੋਗ ਲੈਂਦਾ ਹੈ | ਕਈ ਦਲਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀਆਂ ਨਾਲ ਬਣਾਈ ਗਈ ਅਜਿਹੀ ਸਰਕਾਰ ਸੰਯੁਕਤ ਸਰਕਾਰ ਅਖਵਾਉਂਦੀ ਹੈ । ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 1977 ਵਿਚ ਬਣਾਈ ਗਈ ਸੀ । 1999 ਤੋਂ 2004 ਤਕ ਵੀ 13 ਦਲਾਂ ਦੀ ਸੰਯੁਕਤ ਸਰਕਾਰ ਬਣਾਈ ਗਈ ਸੀ । ਸੰਯੁਕਤ ਸਰਕਾਰ ਵਿਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਦਲਾਂ ਦੇ ਮੰਤਰੀ ਬਣਨ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਹਾਲਤ ਵਿਚ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ।

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ

1. ਸਰਵਵਿਆਪਕ ਬਾਲਗ਼ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ (i) ਸੁਤੰਤਰ ਅਤੇ ਉੱਚਿਤ ਚੋਣਾਂ
2. ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ (ii) ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 18 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ
3. ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ (iii) ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ
4. ਬਾਲਗ਼ ਨਾਗਰਿਕ (iv) ਸਮਾਨਤਾ ਦਾ ਸਿਧਾਂਤ |

ਉੱਤਰ-

1. ਸਰਵਵਿਆਪਕ ਬਾਲਗ਼ ਮਤ ਅਧਿਕਾਰ (iv) ਸਮਾਨਤਾ ਦਾ ਸਿਧਾਂਤ
2. ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦਲ (iii) ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ
3. ਗੁਪਤ ਮਤਦਾਨ (ii) ਸੁਤੰਤਰ ਅਤੇ ਉੱਚਿਤ ਚੋਣਾਂ
4. ਬਾਲਗ ਨਾਗਰਿਕ (i) ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 18 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ।