PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 7 Ranjit Singh: Early Life, Achievements and Anglo-Sikh Relations

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Ranjit Singh: Early Life, Achievements and Anglo-Sikh Relations PSEB 10th Class SST Notes

→ Birth and Parentage: Ranjit Singh was born at Gujranwala in 1780 A.D. His father, Mahan Singh was the chief of the Sukarchakiya. Misl. The name of Ranjit Singh’s mother was Raj Kaur.

→ Childhood: He had fallen a victim to smallpox in his childhood. Thus, due to it, he lost his left eye. He was just 10 years old when he along with his father, began to take part in the battles. He had all the qualities of a brave warrior from his very childhood.

→ Marriage: Ranjit Singh was married to Mehtab Kaur, the daughter of Sada Kaur and granddaughter of Jai Singh of Kanheya Misl. When Ranjit Singh took over the reins of the Sukarchakiya Misl, these matrimonial relations helped him a lot in increasing his power.

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 7 Ranjit Singh: Early Life, Achievements and Anglo-Sikh Relations

→ Occupation of Lahore by Ranjit Singh: In 1792 A.D. Ranjit Singh took over the reins of the Sukarchakiya Misl. In 1799 A.D., when he was 19 years old, Shah Zaman, the ruler of Kabul, granted Lahore to Ranjit Singh. He immediately invaded Lahore and easily occupied it by defeating the Bhangi chiefs.

→ Early Conquests: In 1802, he conquered Amritsar. Next, he started his march towards Sirhind between the Sutlej and Jamuna. But the English did not let him do so.

→ Treaty of Amritsar: In 1809 A.D. Ranjit Singh signed the Treaty of Amritsar with the English. After this treaty, he began to extend his empire to a large extent in the North-West.

→ Important Conquests: Maharaja Ranjit Singh captured Lahore in 1799 A.D., Amritsar in 1802, Multan (1818), Kashmir (1819), and Peshawar (1834). Thus, he succeeded in establishing a vast empire.

→ Death: Maharaja Ranjit Singh died in June 1839.

रणजीत सिंह : प्रारम्भिक जीवन, प्राप्तियां तथा अंग्रेजों से सम्बन्ध PSEB 10th Class SST Notes

→ जन्म तथा माता-पिता-रणजीत सिंह का जन्म 1780 ई० में गुजरांवाला में हुआ था। उसके पिता का नाम महा सिंह था जो शुकरचकिया मिसल का सरदार था। उसकी माता का नाम राजकौर था।

→ बचपन-बचपन में चेचक के कारण रणजीत सिंह की एक आँख खराब हो गई थी।

→ वह 10 वर्ष की आयु में ही अपने पिता के साथ युद्ध में जाया करता था। इसलिए बहुत छोटी आयु में वह युद्ध-विद्या में कुशल हो गया था।

→ विवाह-अपनी मृत्यु से पूर्व महा सिंह ने पंजाब में अपनी शक्ति काफ़ी बढ़ा ली थी। उसने रणजीत सिंह का विवाह जय सिंह कन्हैया की पोती और रानी सदा कौर की पुत्री महताब कौर के साथ किया।

→ जब उसने शुकरचकिया मिसल की बागडोर सम्भाली तो यह विवाह सम्बन्ध उसकी शक्ति के उत्थान में काफ़ी सहायक सिद्ध हुआ।

→ लाहौर का गवर्नर बनना-रणजीत सिंह ने 1792 ई० में शुकरचकिया मिसल की बागडोर सम्भाली।

→ 19 वर्ष की आयु में उसको अफ़गानिस्तान के शासक शाहजमां ने लाहौर का गवर्नर बना दिया और उसे राजा की उपाधि दी। इस तरह रणजीत सिंह की शक्ति काफ़ी बढ़ गई।

→ आरम्भिक विजय-1802 ई० में उसने अमृतसर पर अधिकार कर लिया। अगले चार-पाँच वर्षों में उसने छ: मिसलों को अपने अधिकार में ले लिया। फिर उसने सतलुज और यमुना नदी के मध्य सरहिन्द की ओर बढ़ना आरम्भ कर दिया, परन्तु अंग्रेज़ों ने उसे उस ओर न बढ़ने दिया।

→ अमृतसर की सन्धि-1809 ई० में उसने अंग्रेज़ों से सन्धि (अमृतसर की सन्धि) कर ली। सन्धि के पश्चात् रणजीत सिंह ने सतलुज के पश्चिम में स्थित प्रदेशों में अपने राज्य का विस्तार करना आरम्भ कर दिया।

→ महत्त्वपूर्ण विजयें-महाराजा रणजीत सिंह ने मुलतान (1818), कश्मीर (1819) और पेशावर (1834) पर अधिकार कर लिया। इस तरह रणजीत सिंह एक विशाल राज्य स्थापित करने में सफल हुआ।

ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ : ਮੁੱਢਲਾ ਜੀਵਨ, ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਅਤੇ ਅੰਗਰੇਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧ PSEB 10th Class SST Notes

→ ਜਨਮ ਅਤੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ-ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਜਨਮ 13 ਨਵੰਬਰ, 1780 ਈ: ਨੂੰ ਗੁਜਰਾਂਵਾਲਾ ਵਿਚ ਹੋਇਆ ਸੀ ਉਸ ਦੇ ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਮਹਾਂ ਸਿੰਘ ਸੀ, ਜੋ ਸ਼ੁਕਰਚੱਕੀਆ ਮਿਸਲ ਦਾ ਸਰਦਾਰ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਰਾਜ ਕੌਰ ਸੀ ।

→ ਬਚਪਨ-ਬਚਪਨ ਵਿਚ ਚੇਚਕ ਦੇ ਕਾਰਨ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਇਕ ਅੱਖ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਗਈ ਸੀ ।ਉਹ 10 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਹੀ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਨਾਲ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਜਾਇਆ ਕਰਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਬਹੁਤ ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਹੀ ਉਹ ਯੁੱਧ-ਵਿੱਦਿਆ ਵਿਚ ਨਿਪੁੰਨ ਹੋ ਗਿਆ ਸੀ ।

→ ਵਿਆਹ-ਆਪਣੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਹਾਂ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਆਪਣੀ ਤਾਕਤ ਕਾਫ਼ੀ ਵਧਾ ਲਈ ਸੀ। ਉਸ ਨੇ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਵਿਆਹ ਜੈ ਸਿੰਘ ਕਨ੍ਹਈਆ ਦੀ ਪੋਤੀ ਅਤੇ ਰਾਣੀ ਸਦਾ ਕੌਰ ਦੀ ਪੁੱਤਰੀ ਮਹਿਤਾਬ ਕੌਰ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ।

→ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸ਼ੁਕਰਚੱਕੀਆ ਮਿਸਲ ਦੀ ਵਾਗਡੋਰ ਸੰਭਾਲੀ ਤਾਂ ਇਹ ਵਿਆਹ ਸੰਬੰਧ ਉਸ ਦੀ ਤਾਕਤ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਕਾਫ਼ੀ ਸਹਾਇਕ ਸਿੱਧ ਹੋਇਆ ।

→ ਲਾਹੌਰ ਦਾ ਗਵਰਨਰ ਬਣਨਾ-ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ 1792 ਈ: ਵਿਚ ਸ਼ੁਕਰਚੱਕੀਆ ਮਿਸਲ ਦੀ ਵਾਗਡੋਰ ਸੰਭਾਲੀ ।

→ 19 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਉਸ ਨੂੰ ਅਫ਼ਗਾਨਿਸਤਾਨ ਦੇ ਹਾਕਮ ਸ਼ਾਹਜਮਾਂ ਨੇ ਲਾਹੌਰ ਦਾ ਗਵਰਨਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਰਾਜਾ ਦੀ ਉਪਾਧੀ ਦਿੱਤੀ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਤਾਕਤ ਕਾਫ਼ੀ ਵਧ ਗਈ ।

→ ਮੁੱਢਲੀਆਂ ਜਿੱਤਾਂ-1802 ਈ: ਵਿਚ ਉਸ ਨੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਉੱਤੇ ਕਬਜ਼ਾ ਕਰ ਲਿਆ । ਫਿਰ ਉਸ ਨੇ ਸਤਲੁਜ ਅਤੇ ਜਮਨਾ ਨਦੀ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਸਰਹਿੰਦ ਵਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ, ਪਰ ਅੰਗਰੇਜ਼ਾਂ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਉੱਧਰ ਨਾ ਵਧਣ ਦਿੱਤਾ ।

→ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੀ ਸੰਧੀ-1809 ਈ: ਵਿਚ ਉਸ ਨੇ ਅੰਗਰੇਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਸੰਧੀ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੀ ਸੰਧੀ) ਕਰ ਲਈ । ਸੰਧੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਤਲੁਜ ਦੇ ਪੱਛਮ ਵਿਚ ਸਥਿਤ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਰਾਜ ਦਾ ਵਿਸਤਾਰ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ।

→ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜਿੱਤਾਂ-ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮੁਲਤਾਨ (1818 ਈ:), ਕਸ਼ਮੀਰ (1819 ਈ:) ਅਤੇ ਪੇਸ਼ਾਵਰ (1834 ਈ:) ਉੱਤੇ ਕਬਜ਼ਾ ਕਰ ਲਿਆ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਇਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰਾਜ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਵਿਚ ਸਫਲ ਹੋਇਆ ।

→ ਦੇਹਾਂਤ-ਜੂਨ, 1839 ਈ: ਵਿਚ ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਦੇਹਾਂਤ ਹੋ ਗਿਆ ।

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 6 Banda Bahadur and the Sikh Misals

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Banda Bahadur and the Sikh Misals PSEB 10th Class SST Notes

Meeting of Banda Bahadur with Guru Gobind Singh Ji in 1708:

  • A bairagi named Madho Dass came in contact with Guru Gobind Singh Ji at Nander in Maharashtra.
  • He was so much impressed by the personality of Guru Sahib that he immediately became his follower.
  • Guru Sahib sent him to Punjab to lead the Sikhs in their struggle against the Mughals.
  • He became popular as Banda Bahadur in Punjab.

Banda Bahadur in the Punjab:

  • Banda Bahadur reached Punjab on the instructions of Guru Gobind Singh Ji.
  • He organized the Sikhs in Punjab and started his military expeditions.

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 6 Banda Bahadur and the Sikh Misals

Success of Banda Bahadur:

  • Banda Bahadur punished the executioners of Guru Teg Bahadur Ji and two Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji.
  • He also killed the Faujdar of Sirhind, Wazir Khan.
  • He defeated the hill chief Raja Bhim Chand who had strongly opposed Guru Gobind Singh Ji.

Important Victories:
The important victories of Banda Bahadur were of Sadhora, Sirhind, Jalalabad, and Lohgarh.

Battle of Gurdas Nangal:

  • In 1715, the Mughal army besieged Banda Bahadur and Sikh soldiers in the mansion (Haveli) of Bhai Duni Chand at Gurdas Nangal.
  • The siege continued for eight months during which the food supplies of the Sikhs were exhausted.
  • Under such circumstances, Banda Bahadur and his Sikh soldiers were arrested by the Mughals.

The Martyrdom of Banda Bahadur:

  • Banda Bahadur and his Sikh soldiers were first taken to Lahore.
  • From Lahore, they were taken to Delhi in 1716.
  • In June 1716, Banda Bahadur and the Sikhs were mercilessly executed at Delhi.

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 6 Banda Bahadur and the Sikh Misals

Misls:

  • A long dark period in Sikh history followed the martyrdom of Banda Bahadur.
  • But after some years, the Sikhs again became active in their struggle against the Mughal governors of Punjab.
  • Some of the important Sikh chiefs were able to establish their small kingdoms called the Misls.
  • There were 12 such Sikh Misls. The chief of a Misl was called Misldar.

Rise of Maharaja Ranjit Singh:

  • Maharaja Ranjit Singh belonged to Shukarchakia Misl.
  • The Sukarchakia Misl was founded by Sardar Charat Singh, the grandfather of Maharaja Ranjit Singh.
  • On the death of his father Mahan Singh in 1792, Maharaja Ranjit Singh ascended the throne.
  • He was able to establish a vast empire in Punjab within a few years.

बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें PSEB 10th Class SST Notes

→ बंदा सिंह बहादुर गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में-1708 ई० में माधोदास नामक एक रागी नंदेड नामक स्थान पर गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में आया।

→ गुरु जी के आकर्षक व्यक्तित्व ने उसे इतना प्रभावित किया कि वह शीघ्र ही उनका शिष्य बन गया। गुरु जी ने उसे सिक्खों का नेतृत्व करने के लिए पंजाब की ओर भेज दिया।

→ बंदा सिंह बहादुर पंजाब में-गुरु जी का आदेश पाकर बंदा सिंह बहादुर पंजाब पहुंचा। पंजाब में वह बंदा सिंह बहादुर के नाम से विख्यात हुआ।

→ वहां उसने सिक्खों को संगठित किया और अपना सैनिक अभियान आरम्भ कर दिया।

→ बंदा सिंह बहादुर की सफलताएं-बंदा सिंह बहादुर ने गुरु गोबिन्द सिंह जी के साहिबजादों को शहीद करने वाले जल्लादों को दण्डित किया।

→ उन्होंने सरहिन्द के फ़ौजदार वज़ीर खां का भी वध कर दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गुरु गोबिन्द सिंह जी के विरोधी पहाड़ी राजा भीमचन्द को भी परास्त किया।

→ महत्त्वपूर्ण विजयें-बंदा सिंह बहादुर की महत्त्वपूर्ण विजयें थीं-सढौरा, सरहिन्द, जलालाबाद तथा लोहगढ़ की विजय।

→ गुरदास नंगल का युद्ध-1715 ई० में मुग़ल सेना ने गुरदास नंगल के स्थान पर सिक्खों को भाई दुनी चन्द की हवेली में घेर लिया। आठ मास के लम्बे युद्ध के कारण सिक्खों की खाद्य सामग्री समाप्त हो गई।

→ विवश होकर उन्हें पराजय स्वीकार करनी पड़ी। बंदा सिंह बहादुर तथा उसके सभी साथी बन्दी बना लिए गए।

→ बंदा सिंह बहादुर की शहीदी-बंदा सिंह बहादुर तथा उसके बन्दी साथियों को लाहौर लाया गया। यहां से 1716 ई० को उन्हें दिल्ली ले जाया गया। जून, 1716 ई० में बंदा सिंह बहादुर तथा उसके साथियों का निर्ममता से वध कर दिया गया।

→ मिसलें-बंदा सिंह बहादुर की शहीदी के पश्चात् सिक्खों को एक लम्बे अन्धकार युग से गुज़रना पड़ा, परन्तु इसी संकट काल में उनके 12 जत्थों का उत्थान हुआ। इन जत्थों में समानता होने के कारण इन्हें मिसलों का नाम दिया गया।

→ रणजीत सिंह का उत्थान-रणजीत सिंह का सम्बन्ध शुकरचकिया मिसल से था। इस मिसल की स्थापना उसके दादा चढ़त सिंह ने की थी।

→ 1792 ई० में अपने पिता महा सिंह की मृत्यु के पश्चात् रणजीत सिंह गद्दी पर बैठा। उसने थोड़े समय में ही पंजाब में एक विशाल साम्राज्य की स्थापना कर ली।

ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਮਿਸਲਾਂ PSEB 10th Class SST Notes

→ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਗੁਰੁ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਵਿਚ-1708 ਈ: ਵਿਚ ਮਾਧੋਦਾਸ ਨਾਂ ਦਾ ਇਕ ਵੈਰਾਗੀ ਨੰਦੇੜ ਨਾਂ ਦੇ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਵਿਚ ਆਇਆ ।

→ ਗੁਰੂ ਜੀ ਦੀ ਆਕਰਸ਼ਕ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਇੰਨਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕੀਤਾ ਕਿ ਉਹ ਜਲਦੀ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਚੇਲਾ ਬਣ ਗਿਆ । ਗੁਰੂ ਜੀ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਵਲ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ।

→ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ-ਗੁਰੂ ਜੀ ਦਾ ਆਦੇਸ਼ ਲੈ ਕੇ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਪੰਜਾਬ ਪਹੁੰਚਿਆ । ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਉਹ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੇ ਨਾਂ ਨਾਲ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੋਇਆ ਉੱਥੇ ਉਸ ਨੇ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਸੰਗਠਿਤ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਸੈਨਿਕ ਮੁਹਿੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ।

→ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੀਆਂ ਸਫਲਤਾਵਾਂ-ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਨੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਜੱਲਾਦਾਂ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਦਿੱਤੀ ।

→ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਰਹਿੰਦ ਦੇ ਫ਼ੌਜਦਾਰ ਵਜ਼ੀਰ ਖਾਂ ਦਾ ਵੀ ਕਤਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਵਿਰੋਧੀ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜਾ ਭੀਮ ਚੰਦ ਨੂੰ ਵੀ ਹਰਾਇਆ ।

→ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜਿੱਤਾਂ-ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੀਆਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜਿੱਤਾਂ ਸਨਸਢੋਰਾ, ਸਰਹਿੰਦ, ਜਲਾਲਾਬਾਦ ਅਤੇ ਲੋਹਗੜ੍ਹ ਦੀਆਂ ਜਿੱਤਾਂ ।

→ ਗੁਰਦਾਸ ਨੰਗਲ ਦਾ ਯੁੱਧ-1715 ਈ: ਵਿਚ ਮੁਗ਼ਲ ਫ਼ੌਜ ਨੇ ਗੁਰਦਾਸ ਨੰਗਲ ਦੇ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਭਾਈ ਦੁਨੀ ਚੰਦ ਦੀ ਹਵੇਲੀ ਵਿਚ ਘੇਰ ਲਿਆ ।

→ ਅੱਠ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੇ ਲੰਮੇ ਯੁੱਧ ਦੇ ਕਾਰਨ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀ ਖ਼ੁਰਾਕ ਸਮੱਗਰੀ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਗਈ । ਬੇਵੱਸ ਹੋ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਹਾਰ ਸਵੀਕਾਰ ਕਰਨੀ ਪਈ । ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸਾਥੀ ਕੈਦ ਕਰ ਲਏ ਗਏ ।

→ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੀ ਸ਼ਹੀਦੀ-ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਕੈਦੀ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਲਾਹੌਰ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ । ਇੱਥੋਂ 1716 ਈ: ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਲੀ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ । 1716 ਈ: ਵਿਚ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਬੜੀ ਬੇਰਹਿਮੀ ਨਾਲ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ।

→ ਮਿਸਲਾਂ-ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੀ ਸ਼ਹੀਦੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਇਕ ਲੰਮੇ ਹਨੇਰ ਯੁਗ ਵਿਚੋਂ ਲੰਘਣਾ ਪਿਆ । ਪਰੰਤੂ ਇਸੇ ਸੰਕਟ ਕਾਲ ਵਿਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ 12 ਜੱਥਿਆਂ ਦਾ ਉੱਥਾਨ ਹੋਇਆ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਜੱਥਿਆਂ ਵਿਚ ਬਰਾਬਰੀ ਹੋਣ ਦੇ ਕਾਰਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਸਲਾਂ ਦਾ ਨਾਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ।

→ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਉੱਥਾਨ-ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਸੰਬੰਧ ਸ਼ੁਕਰਚੱਕੀਆ ਮਿਸਲ ਨਾਲ ਸੀ । ਇਸ ਮਿਸਲ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ 6 ਤੇ 4 ਉਸ ਦੇ ਦਾਦਾ ਚੜ੍ਹਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੀਤੀ ਸੀ ।

→ 1792 ਈ: ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਮਹਾਂ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮੌਤ ਦੇ ਬਾਅਦ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੱਦੀ ਉੱਤੇ ਬੈਠਿਆ । ਉਸ ਨੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਹੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸਾਮਰਾਜ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕਰ ਲਈ ।

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 5 Guru Gobind Singh Ji’s Life, Creation of Khalsa and his Personality

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Guru Gobind Singh Ji’s Life, Creation of Khalsa and his Personality PSEB 10th Class SST Notes

→ Birth and Parentage: Guru Gobind Singh Ji was born on December 22, 1666, at Patna. The name of his father was Guru Teg Bahadur Ji. The name of his mother was Mata Gujri Ji.

→ Childhood and Education: Gobind Dass was the name of Guru Gobind Singh Ji in his childhood. Guru Sahib spent the first five years of his childhood in Patna. Guru Sahib learned Persian from Bhai Mati Dass and Qazi Pir Mohammad. Guru Sahib learned Sanskrit from Pandit Harjas and horse riding and training in arms (military training) from Rajput Bajar Singh.

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 5 Guru Gobind Singh Ji’s Life, Creation of Khalsa and his Personality

→ Military Organisation: Guru Gobind Singh Ji decided to raise an army of the Sikhs. Hence Guru Sahib ordained that the Sikhs should donate arms and horses to Guru Gaddi.

→ Creation of the Khalsa: Guru Gobind Singh Ji created the Khalsa in 1699. Guru Sahib achieved three aims by creating the Khalsa viz. freedom from the oppression of the Mughals, a setback to the caste system, and the abolition of the Masand system.

→ Five Ks: The five Ks of the Khalsa are Kesh (unshorn hair), Kangha (comb), Karra (iron bangle), Kirpan (sword) and Kachchera (a pair of shorts).

→ Significance of the creation of Khalsa: A new Sikh community of Sant Sipahis came into existence with the creation of the Khalsa. Gradually, the Sikhs emerged as a political power in Punjab.

→ Literary Achievements of Guru Sahib: Guru Gobind Singh Ji composed Akal Ustat, Krishan Avtar, Sahastra Nam Mala, Chandi di Var, and Zafarnama.

→ Battle of Bhangani (1690): The battle of Bhangani was fought in 1690. It was fought between the Mughals and the Hill Chiefs. Guru Gobind Singh Ji participated in the battle in support of the Hill Chiefs. Guru Sahib defeated the Mughals badly.

→ Battle of Nadaun: The battle of Nadaun was fought between the Mughal forces and hill forces in 1690 A.D. Guru Gobind Singh Ji helped Hill Chiefs. He defeated the Mughal army.

PSEB 10th Class SST Notes History Chapter 5 Guru Gobind Singh Ji’s Life, Creation of Khalsa and his Personality

→ First Battle of Anandpur Sahib (1701): The first battle of Anandpur Sahib was fought between Hill Chief Bhim Chand and Guru Gobind Singh Ji. Guru Sahib gave a crushing defeat to the Hill Chief.

→ Second Battle of Anandpur Sahib (1704): In the second battle of Anandpur Sahib, the Confederacy of the Hill Chiefs of Bilaspur, Kangra, and Guler fought against Guru Gobind Singh Ji. Guru Sahib came out victorious in the battle.

→ Final Union with the Divine Power: In 1708 Guru Gobind Singh Ji visited South India. Guru Sahib stayed at Nanded in Maharashtra. On October 3, 1708, Guru Sahib made the final union with Divine Power because of an injury received by him.

गुरु गोबिन्द सिंह जी का जीवन, खालसा की संरचना, युद्ध तथा उनका व्यक्तित्व PSEB 10th Class SST Notes

→ जन्म तथा माता-पिता-गुरु गोबिन्द साहिब का जन्म 22 दिसम्बर, 1666 ई० को पटना में हुआ। उनके पिता गुरु तेग़ बहादुर जी थे। उनकी माता जी का नाम गुजरी जी था।

→ बचपन तथा शिक्षा-गुरु गोबिन्द सिंह जी के बचपन का नाम गोबिन्द राय था। उनके जीवन के आरम्भिक पांच वर्ष पटना में बीते। उन्होंने फ़ारसी की शिक्षा काज़ी पीर मुहम्मद से तथा गुरुमुखी की शिक्षा भाई सतिदास से प्राप्त की।

→ उन्होंने संस्कृत का ज्ञान पण्डित हरजस से तथा घुड़सवारी और अस्त्र-शस्त्र चलाने की शिक्षा (सैनिक शिक्षा) बजर सिंह नामक राजपूत से प्राप्त की।

→ सैनिक संगठन-गुरु गोबिन्द सिंह जी सिक्खों को सैनिक शक्ति बनाना चाहते थे। अतः उन्होंने भेंट में हथियार तथा घोड़े प्राप्त करने को अधिक महत्त्व दिया।

→ खालसा की स्थापना–’खालसा की स्थापना’ गुरु गोबिन्द सिंह जी ने 1699 ई० में की। खालसा की स्थापना के तीन प्रमुख उद्देश्य थे-मुग़लों के बढ़ते हुए अत्याचारों से मुक्ति, जाति प्रथा के दोषों को समाप्त करना तथा दोषपूर्ण मसन्द प्रथा का अन्त करना ।

→ पांच ककार-खालसा के पांच ककार थे-केश, कंघा, कड़ा, किरपाण तथा कछहरा।

→ खालसा की स्थापना का महत्त्व-खालसा की स्थापना से सिक्खों में एक नए वर्ग सन्त सिपाहियों का जन्म हुआ जिसके परिणामस्वरूप सिक्ख आगे चलकर राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे।

→ साहित्यिक रचनाएं-गुरु साहिब ने पाऊंटा में, ‘अकाल उस्तत’, ‘शस्त्र नाम माला’ तथा ‘चण्डी दी वार’ की रचना की।

→ भंगानी का युद्ध-भंगानी का युद्ध 1688 ई० में हुआ । इस युद्ध में बिलासपुर का राजा भीमचन्द तथा कांगड़ा का राजा कृपाल चन्द गुरु साहिब के विरुद्ध लड़े और पराजित हुए।

→ नादौन का युद्ध-नादौन का युद्ध 1690 ई० में हुआ। यह युद्ध मुग़लों और पहाड़ी राजाओं के बीच हुआ। गुरु गोबिन्द सिंह जी इस युद्ध में पहाड़ी राजाओं के पक्ष में लड़े थे। उन्होंने मुग़ल सेनाओं को परास्त किया।

→ आनन्दपुर का प्रथम युद्ध, 1701 ई०-आनन्दपुर का प्रथम युद्ध बिलासपुर के पहाड़ी राजा भीमचन्द तथा गुरु गोबिन्द सिंह जी के बीच हुआ। इस युद्ध में गुरु जी ने पहाड़ी राजा को बुरी तरह परास्त किया।

→ आनन्दपुर का दूसरा युद्ध, 1704 ई०-आनन्दपुर के दूसरे युद्ध में बिलासपुर, कांगड़ा तथा गुलेर के पहाड़ी राजा गुरु साहिब के विरुद्ध लड़े । इस युद्ध में गुरु गोबिन्द सिंह जी की विजय हुई।

→ ज्योति-जोत समाना-गुरु जी 1708 ई० में मुग़ल सम्राट् बहादुरशाह के साथ दक्षिण की ओर गए। कुछ समय के लिए वह नांदेड़ नामक स्थान पर ठहरे। वहीं पर 7 अक्तूबर, 1708 ई० को छुरा लगने से ‘गुरु साहिब’ ज्योतिजोत समा गए।

ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਜੀਵਨ, ਖ਼ਾਲਸੇ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾ ਅਤੇ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤ PSEB 10th Class SST Notes

→ ਜਨਮ ਅਤੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ-ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ 22 ਦਸੰਬਰ, 1666 ਈ: ਨੂੰ ਪਟਨਾ ਵਿਚ ਹੋਇਆ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਸਨ ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਾਤਾ ‘ਚ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਗੁਜਰੀ ਜੀ ਸੀ ।

→ ਬਚਪਨ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ-ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਬਚਪਨ ਦਾ ਨਾਂ ਗੋਬਿੰਦ ਦਾਸ ਜਾਂ ਗੋਬਿੰਦ ਰਾਏ ਸੀ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਦੇ ਮੁੱਢਲੇ ਪੰਜ ਸਾਲ ਪਟਨਾ ਵਿਚ ਬੀਤੇ । ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਫ਼ਾਰਸੀ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਕਾਜ਼ੀ ਪੀਰ ਮੁਹੰਮਦ ਤੋਂ ਅਤੇ ਗੁਰਮੁਖੀ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਭਾਈ ਸਾਹਿਬ ਚੰਦ ਅਤੇ ਭਾਈ ਸਤੀਦਾਸ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ।

→ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤ ਦਾ ਗਿਆਨ ਪੰਡਿਤ ਹਰਜਸ ਤੋਂ ਅਤੇ ਘੋੜਸਵਾਰੀ ਅਤੇ ਹਥਿਆਰ ਚਲਾਉਣ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ (ਸੈਨਿਕ ਸਿੱਖਿਆ) ਬੱਜਰ ਸਿੰਘ ਨਾਂ ਦੇ ਰਾਜਪੂਤ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ ।

→ ਸੈਨਿਕ ਸੰਗਠਨ-ਗੁਰੁ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਸੈਨਿਕ ਸ਼ਕਤੀ ਬਣਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਸਨ । ਇਸ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਭੇਟ ਵਿਚ ਹਥਿਆਰ ਅਤੇ ਘੋੜੇ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਮਹੱਤਵ ਦਿੱਤਾ ।

→ ਖ਼ਾਲਸਾ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ-ਖ਼ਾਲਸਾ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੇ 1699 ਈ: ਵਿਚ ਕੀਤੀ । ਖ਼ਾਲਸਾ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਦੇ ਤਿੰਨ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਸਨ-ਮੁਗ਼ਲਾਂ ਦੇ ਵੱਧਦੇ ਹੋਏ ਜ਼ੁਲਮਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ, ਜਾਤੀ-ਪ੍ਰਥਾ ਦੇ ਨੁਕਸਾਂ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਨੁਕਸਦਾਰ ਮਸੰਦ ਪ੍ਰਥਾ ਦਾ ਅੰਤ ਕਰਨਾ ।

→ ਪੰਜ ਕਕਾਰ-ਹਰੇਕ ਖ਼ਾਲਸਾ ਨੂੰ ਪੰਜ ‘ਕਕਾਰ’ ਧਾਰਨ ਕਰਨੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ-ਕੇਸ, ਕੰਘਾ, ਕੜਾ, ਕਿਰਪਾਨ ਅਤੇ ਕਛਹਿਰਾ ।

→ ਖ਼ਾਲਸਾ’ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਦਾ ਮਹੱਤਵ- ‘ਖਾਲਸਾ’ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਨਾਲ ਸਿੱਖਾਂ ਵਿਚ ਇਕ ਨਵੇਂ ਵਰਗ-ਸੰਤ ਸਿਪਾਹੀਆਂ ਦਾ ਜਨਮ ਹੋਇਆ । ਸਿੱਟੇ ਵਜੋਂ ਸਿੱਖ ਅੱਗੇ ਚੱਲ ਕੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਤਾਕਤ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਉੱਭਰੇ ।

→ ਸਾਹਿਤਕ ਰਚਨਾਵਾਂ-ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਪਾਉਂਟਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਚ ‘ਅਕਾਲ ਉਸਤਤ’, ‘ਸ਼ਸਤਰ ਨਾਮ ਮਾਲਾ’ ਅਤੇ ‘ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ’ ਦੀ ਰਚਨਾ ਕੀਤੀ ।

→ ਭੰਗਾਣੀ ਦਾ ਯੁੱਧ-ਭੰਗਾਣੀ ਦਾ ਯੁੱਧ 1688 ਈ: ਵਿਚ ਹੋਇਆ । ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਬਿਲਾਸਪੁਰ ਦਾ ਰਾਜਾ ਭੀਮ ਚੰਦ ਅਤੇ ਕਾਂਗੜੇ ਦਾ ਰਾਜਾ ਕ੍ਰਿਪਾਲ ਚੰਦ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਲੜੇ ਅਤੇ ਹਾਰ ਗਏ ।

→ ਨਾਦੌਣ ਦਾ ਯੁੱਧ-ਨਾਦੌਣ ਦਾ ਯੁੱਧ 1690 ਈ: ਵਿਚ ਹੋਇਆ । ਇਹ ਯੁੱਧ ਮੁਗ਼ਲਾਂ ਅਤੇ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜਿਆਂ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਇਆ । ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜਿਆਂ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿਚ ਲੜੇ ਸਨ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮੁਗ਼ਲ ਫ਼ੌਜਾਂ ਨੂੰ ਹਰਾਇਆ ।

→ ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਯੁੱਧ, 1701 ਈ:-ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਯੁੱਧ ਬਿਲਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜਾ ਭੀਮ ਚੰਦ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਇਆ । ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਗੁਰੂ ਜੀ ਨੇ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜੇ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਰਾਇਆ ।

→ ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਦੂਜਾ ਯੁੱਧ, 1704 ਈ:-ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦੂਜੇ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਬਿਲਾਸਪੁਰ, ਕਾਂਗੜਾ ਅਤੇ ਗੁਲੇਰ ਦੇ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਲੜੇ । ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿਚ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਈ ।

→ ਜੋਤੀ-ਜੋਤ ਸਮਾਉਣਾ-ਗੁਰੁ ਜੀ 1708 ਈ: ਵਿਚ ਮੁਗ਼ਲ ਬਾਦਸ਼ਾਹ ਬਹਾਦਰ ਸ਼ਾਹ ਜ਼ਫ਼ਰ ਨਾਲ ਦੱਖਣ ਵਲ ਗਏ । ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਲਈ ਨੰਦੇੜ ਨਾਂ ਦੇ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਉਹ ਠਹਿਰੇ । ਉੱਥੇ 7 ਅਕਤੂਬਰ, 1708 ਈ: ਨੂੰ ਛੁਰਾ ਲੱਗਣ ਨਾਲ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਜੋਤੀ-ਜੋਤ ਸਮਾ ਗਏ ।

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Punjab State Board PSEB 12th Class Maths Book Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 12 Maths Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 1.
Find the angle between two vectors \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) with magnitudes √3 and 2, respectively, having \(\vec{a}\) . \(\vec{b}\) = √6.
Solution.
It is given that, |\(\vec{a}\)| = √3, |\(\vec{b}\)| = 2 and
\(\vec{a}\) . \(\vec{b}\) = √6

∴ √6 = √3 × 2 × cos θ

⇒ cos θ = \(\frac{\sqrt{6}}{\sqrt{3} \times 2}\)

⇒ cos θ = \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)

⇒ θ = \(\frac{\pi}{4}\)
Hence, the angle between the given vectors \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) is \(\frac{\pi}{4}\).

Question 2.
Find the angle between the vectors î – 2 ĵ + 3k̂ and 3 î – 2 ĵ + k̂.
Solution.
The given vectors are \(\vec{a}\) = î – 2 ĵ + 3k̂ and \(\vec{b}\) = 3 î – 2 ĵ + k̂

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 1

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 3.
Find the projection of the vector î – ĵ on the vector î + ĵ.
Solution.
Let \(\vec{a}\) = î – ĵ and \(\vec{b}\) = î + ĵ
Now, projection of vector a on S is given by
\(\frac{1}{|\vec{b}|}(\vec{a} \cdot \vec{b})=\frac{1}{\sqrt{1+1}}\{1.1+(-1)(1)\}=\frac{1}{\sqrt{2}}(1-1)=0\)
Hence, the projection of vector \(\vec{a}\) and \(\vec{b}\) is 0.

Question 4.
Find the projection of the vector î + 3ĵ + k̂ on the vector 7î – ĵ + 8k̂.
Solution.
Let \(\vec{a}\) = i + 3j + 7k and \(\vec{b}\) = 7i – j + 8k
Now, projection of vector a and b is given by
\(\frac{1}{|\vec{b}|}(\vec{a} \cdot \vec{b})=\frac{1}{\sqrt{7^{2}+(-1)^{2}+8^{2}}}\{1(7)+3(-1)+7(8)\}\)

= \(\frac{7-3+56}{\sqrt{49+1+64}}=\frac{60}{\sqrt{114}}\)

Question 5.
Show that each of the given three vectors is a unit vector \(\frac{1}{7}\) (2î + 3ĵ + 8k̂), \(\frac{1}{7}\) (3î- 6ĵ + 2k̂), \(\frac{1}{7}\) (6î + 2k̂ – 3k̂)
Also, show that they are mutually perpendicular to each other.
Solution.

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PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 6.
Find |\(|\overrightarrow{\boldsymbol{a}}|\)| and |\(|\overrightarrow{\boldsymbol{b}}|\)|, if \((\vec{a}+\vec{b}) \cdot(\vec{a}-\vec{b})\) = 8 and \(|\vec{a}|=8|\vec{b}|\).
Solution.

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Question 7.
Evaluate the product \((3 \vec{a}-5 \vec{b}) \cdot(2 \vec{a}+7 \vec{b})\).
Solution.

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Question 8.
Find the magnitude of two vectors \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) having the same magnitude and such that the angle between them is 60° and their scalar product is \(\frac{1}{2}\).
Solution.
Let θ be the angle between the vectors \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)

It is given that |\(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)| = |\(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)|, \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) . \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) = \(\frac{1}{2}\) and θ = 60°

We know that \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) . \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) = |\(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) . \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}\)| cos θ

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PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 9.
Find |\(\vec{x}\)|, if for a unit vector \(\vec{a}\), (\(\vec{x}\) – \(\vec{a}\)) . (\(\vec{x}\) + \(\vec{a}\)) = 12.
Solution.

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Question 10.
If \(\vec{a}\) = 2î + 2 ĵ + 3k̂, \(\vec{b}\) = – î + 2 ĵ + k̂ and \(\vec{c}\) = 3î + ĵ are such that \(\vec{a}\) + \(\vec{b}\) is perpendicular to \(\vec{c}\), then find the value of λ.
Solution.

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⇒ (2 – λ)3 + (2 + 2λ)1 + (3 + λ)0 = 0
⇒ 6 – 3λ + 2 + 2λ = 0
⇒ – λ + 8 = 0
⇒ λ = 8
Hence, the required value of λ is 8.

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Question 11.
Show that |\(\vec{a}\)| \(\vec{b}\) + |\(\vec{b}\)| \(\vec{a}\) is perpendicular to |\(\vec{a}\)| \(\vec{b}\) – |\(\vec{b}\)| \(\vec{a}\), for any two non-zero vectors a and b.
Solution.

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Question 12.
If \(\vec{a}\) . \(\vec{a}\) = 0 and \(\vec{a}\) . \(\vec{b}\) = 0, then what can be concluded about the vector 6?
Solution.

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PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 13.
If \(\vec{a}\), \(\vec{a}\), \(\vec{c}\) are unit vectors such that \(\vec{a}\) + \(\vec{a}\) + \(\vec{c}\) = 0, find the value of \(\vec{a}\) . \(\vec{b}\) + \(\vec{b}\) . \(\vec{c}\) + \(\vec{c}\) . \(\vec{a}\).
Solution.

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PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 14.
If either vector \(\vec{a}=\overrightarrow{0}\) or \(\overrightarrow{\boldsymbol{b}}=\overrightarrow{\mathbf{0}}\), then \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}} \cdot \overrightarrow{\boldsymbol{b}}\) = 0. But the converse need not be true. Justify your answer with an example.
Solution.

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Question 15.
If the vertices A, B, C of a triangle ABC are (1, 2, 3), (- 1, 0, 0), (0, 1, 2), respectively, then find ∠ABC [∠ABC is the angle
between the vector \(\overrightarrow{\boldsymbol{B A}}\) and \(\overrightarrow{\boldsymbol{B C}}\)].
Solution.

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PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3

Question 16.
Show that the points A(1, 2, 7), B(2, 6, 3) and C(3, 10, – 1) are collinear.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 14

Question 17.
Show that the vectors 2î – ĵ + k̂, î – 3ĵ – 5k̂ and 3î – 4ĵ – 4k̂ form the vertices of a right angled triangle.
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 15

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 16

Question 18.
If \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) is a non-zero vector of magnitude ‘a’ and λ, is a non-zero scalar, then λ \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) is unit vector if
(A) λ = 1
(B) λ = – 1
(C) a = |λ|
(D) a = \(\frac{1}{|\lambda|}\)
Solution.

PSEB 12th Class Maths Solutions Chapter 10 Vector Algebra Ex 10.3 17

Hence, vector λ \(\overrightarrow{\boldsymbol{a}}\) is a unit vector if a = \(\frac{1}{|\lambda|}\).
The correct answer is (D).

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ

Punjab State Board PSEB 9th Class Social Science Book Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Social Science Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ : ਜਲ-ਤੰਤਰ

Social Science Guide for Class 9 PSEB ਪੰਜਾਬ : ਜਲ-ਤੰਤਰ Textbook Questions and Answers

(ਅ) ਹੇਠਾਂ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਇਕ-ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ ਤੋਂ ਇਕ ਵਾਕ ਵਿੱਚ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਕਿਹੜਾ ਦਰਿਆ ਮਾਨਸਰੋਵਰ ਲਾਗੇ ਰਕਸ਼ਤਾਲ ਝੀਲ ਵਿੱਚੋਂ ਉਪਜਦਾ ਹੈ :
(i) ਘੱਗਰ
(ii) ਬਿਆਸ ,
(iii) ਸਤਲੁਜ
(iv) ਬ੍ਰਹਮਪੁੱਤਰ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਤਲੁਜ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮੌਜੂਦਾ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ ਕਿੰਨੇ ਦਰਿਆ ਹਨ :
(i) ਤਿੰਨ
(ii) ਚਾਰ
(iii) ਪੰਜ
(iv) ਸੱਤ ।
ਉੱਤਰ-
ਤਿੰਨ ।.

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਜਾਂ ਥੀਨ ਡੈਮ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਿਹੜੇ ਦਰਿਆ ਤੇ ਹੋਇਆ ਹੈ ?
(i) ਬਿਆਸ
(ii) ਰਾਵੀ ,
(iii) ਸਤਲੁਜ
(iv) ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਵੀ ।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਭੰਗੀ ਚੋਅ ਤੇ ਬਾਸ਼ਾ ਚੋਅ ਕਿਹੜੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੇ ਹਨ :
(i) ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ
(ii) ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ
(iii) ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ
(iv) ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ ।
ਉੱਤਰ-
ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਕਿਹੜਾ ਕਥਨ ਸਹੀ ਹੈ ਤੇ ਕਿਹੜਾ ਗਲਤ –
(i) ਰਾਵੀ, ਬਿਆਸ ਤੇ ਸਤਲੁਜ ਬਾਰਾਂਮਾਰਸੀ ਦਰਿਆ ਹਨ ॥ ()
(ii) ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ਤੇ ਪਾਰਵਤੀ, ਬਿਆਸ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ । ()
(iii) ਕੁਦਰਤੀ ਜਲ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਸ਼ੁੱਧ ਰੂਪ ਵਰਖਾ ਦਾ ਜਲ ਹੈ । ()
(iv) ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ 10 ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਤੇ 20,786 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਲੰਬੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਹਨ , ( )
ਉੱਤਰ-
(i) ਸਹੀ,
(ii) ਸਹੀ,
(iii) ਸਹੀ,
(iv) ਗਲਤ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਬਿਸਤ ਦੋਆਬ ਵਿਚ ਬਿਸਤ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ ਅਤੇ ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆਵਾਂ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ‘ਬਿ’ ਅਤੇ ‘ਸਤ’ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਿਸਤ ਸ਼ਬਦ ਬਣਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7. ਹਰੀਕੇ ਝੀਲ ਚੋਂ ਰਾਜਸਥਾਨ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਿਜਾਂਦੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਸਥਾਨ ਫੀਡਰ ਨਹਿਰ ਜਿਸਨੂੰ ਇੰਦਰਾ ਗਾਂਧੀ ਕਮਾਂਡ ਨਹਿਰ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਨਹਿਰ ਹਰਿਆਣਾ ਰਾਜ ਨੂੰ ਜਲ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਅਪਰ ਬਾਰੀ ਦੋਆਬ ਨਹਿਰ ਦਾ ਸਰੋਤ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਾਧੋਪੁਰ ਹੈੱਡਵਰਕਸ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਪੌਂਗ ਡੈਮ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਿਹੜੇ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ।

(ਈ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਸੰਖੇਪ ਵਿਚ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਬਿਆਸ ਤੇ ਰਾਵੀ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਦੀ ਸੂਚੀ ਬਣਾਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ-ਬਿਆਸ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ ਸੁਕੰਤਰੀ, ਪਾਰਵਤੀ, ਸੋਹਾਂ, ਉਹਲ ਅਤੇ ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ਬਿਆਸ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ । ਰਾਵੀ-ਉੱਚ, ਸੱਕੀ ਕਿਰਨ ਨਾਲਾ ਆਦਿ ਰਾਵੀ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਚੋ ਕੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ? ਕੋਈ ਚਾਰ ਦੇ ਨਾਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੋ ਮੌਸਮੀ ਨਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਹੜੀਆਂ ਵਰਖਾ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭਰ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਚੋ ਕਟਾਰਧਾਰ ਅਤੇ ਸੈਲਾਮਿੰਗੀ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੰਡੀ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਮੌਸਮੀ ਚੋਆਂ ਹਨ । ਬਾਣਾ ਚੋ, ਟੋਸਾਂ ਚੋ, ਬਲਾਚੌਰ ਚੋ, ਗੜਸ਼ੰਕਰ ਚੋ, ਨਰਿਆਲਾ ਚੋ, ਮੌਲੀ ਚੋ ਆਦਿ ਕੁਝ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਚੋ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਹਿੰਦੇ ਜਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਤੋਂ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਉ ।
ਉੱਤਰ-
ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਗੈਰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਚੀਜ਼ਾਂ ਮਿਲਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨ ਲਾਇਕ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦਾ, ਇਸ ਨੂੰ ਜਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਸ਼ੱਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਨਦੀਆਂ ਅਤੇ ਨਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਹੈ । ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕਈ ਵਿਭਾਗਾਂ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਮੰਤਰਾਲੇ ਦਾ ਵੀ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਖਤਰਨਾਕ ਜ਼ਹਿਰ ਭਰ ਗਿਆ ਹੈ ।

ਇਹ ਜ਼ਹਿਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਮੱਦਦ ਨਾਲ ਸਾਡੀ ਭੋਜਨ ਨਾੜੀ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕ ਇਸ ਨਾਲ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ |ਉਦਾਹਰਣ ਦੇ ਲਈ ਬੁੱਢਾ ਨਾਲਾ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੇਜ਼ਾਬੀ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ । ਸਾਨੂੰ ਸਾਡੀਆਂ ਨਦੀਆਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਤਾਕਿ ਅਸੀਂ ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖ ਸਕੀਏ ।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ

(ਸ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ, ਉਸਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਤੇ ਉਸ ਉੱਤੇ ਉਸਾਰੇ ਗਏ ਡੈਮਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਤਿੱਬਤ ਵਿੱਚ 4630 ਮੀਟਰ ਦੀ ਉਚਾਈ ਉੱਤੇ ਮੌਜੂਦ ਮਾਨਸਰੋਵਰ ਝੀਲ ਤੋਂ ਰਕਸ਼ਤਾਲ ਨਾਮਕ ਸਥਾਨ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਜਦੋਂ ਹਿਮਾਲਿਆ ਪਰਬਤ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੂੰਘੀਆਂ ਖਾਈਆਂ। ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ । ਸਤਲੁਜ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਖੜਾ ਵਿਖੇ ਦਾਖਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇੱਥੇ ਹੀ ਭਾਖੜਾ ਡੈਮ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ । ਨੰਗਲ ਤੋਂ ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਦੱਖਣ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਅੱਗੇ ਵੱਧਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਦੋਂ ਇਹ ਰੋਪੜ ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸੂਆਂ, ਸਰਸਾ ਨਦੀਆਂ ਅਤੇ ਮੌਸਮੀ ਚੋਅ ਮਿਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਹਰੀਕੇ ਪੱਤਣ ਤੋਂ 60 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੀ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਸਥਿਤ ਸੁਲੇਮਾਨ ਨਾਮਕ ਸਥਾਨ ਤੋਂ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਚਲਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਭਾਖੜਾ ਡੈਮ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਕੋਟਲਾ ਡੈਮ ਨਾਥਪਾ ਝਾਖੜੀ ਅਤੇ ਨੰਗਲ ਡੈਮ ਵੀ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ । ਸੁਆਂ ਬਿਆਸ ਅਤੇ ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ਸਤਲੁਜ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ | ਮੱਖੂ ਵਿਖੇ ਗਿੱਦੜ ਪਿੰਡੀ ਤੇ ਚਿੱਟੀ ਵੇਈ ਸਤਲੁਜ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਕਈ ਡੈਮਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਰੋਪੜ ਅਤੇ ਹਰੀਕੇ ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਵੀ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਹਿਰੀ ਪ੍ਰਬੰਧ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ । ਇਸ ਨਾਲ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਕੀ-ਕੀ ਲਾਭ ਹੋਏ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਜਨਤਾ ਖੇਤੀ ਜਾਂ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਕੰਮਾਂ ਵਿਚ ਲੱਗੀ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਹੀ 1960 ਦੇ ਦਹਾਕੇ ਵਿੱਚ ਹਰੀ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹੋਈ । ਹਰੀ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਬਹੁਤ ਵੱਡੀ ਭੂਮਿਕਾ ਸੀ ਕਿਉਂਕਿ ਕਿਸਾਨ ਫ਼ਸਲਾਂ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਸਿਰਫ ਵਰਖਾ ਉੱਤੇ ਨਿਰਭਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਉੱਤੇ ਆਪਣਾ ਨਹਿਰੀ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਾਫੀ ਵਿਕਸਿਤ ਕੀਤਾ । ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ 1450 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਲੰਬੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਅਤੇ 5 ਹੈੱਡ ਵਰਕਸ ਹਨ ।

ਇੱਥੇ 10 ਨਹਿਰਾਂ ਵੀ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਹਨ-ਸਰਹਿੰਦ ਨਹਿਰ, ਅੱਪਰਬਾਰੀ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ, ਬਿਸਤ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ, ਭਾਖੜਾ ਮੇਨ ਲਾਈਨ ਨਹਿਰ, ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ/ਸਰਹਿੰਦ ਫੀਡਰ ਪ੍ਰਬੰਧ, ਕਸ਼ਮੀਰ ਨਹਿਰ, ਮੱਖੁ ਨਹਿਰ, ਸ਼ਾਹ ਨਹਿਰ, ਰਾਜਸਥਾਨ ਫੀਡਰ ਅਤੇ ਬੀਕਾਨੇਰ ਨਹਿਰ । ਇਹਨਾਂ 10 ਨਹਿਰਾਂ ਵਿਚੋਂ 8 ਨਹਿਰਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਹੈ –

ਨਹਿਰ ਉਤਪਤੀ ਦਾ ਸਥਾਨ ਲੰਬਾਈ
1. ਭਾਖੜਾ ਮੇਨ ਲਾਈਨ ਨੰਗਲ ਬੈਰਜ 161.36 ਕਿ.ਮੀ.
2. ਰਾਜਸਥਾਨ ਫੀਡਰ ਹਰੀਕੇ ਹੈੱਡਵਰਕਸ (ਤਰਨਤਾਰਨ) 149.53 ਕਿ.ਮੀ.
3. ਸਰਹਿੰਦ ਫੀਡਰ II ਹਰੀਕੇ ਹੈੱਡਵਰਕਸ 136.53 ਕਿ.ਮੀ.
4. ਸਰਹਿੰਦ ਰੋਪੜ ਹੈੱਡਵਰਕਸ 59.44 ਕਿ.ਮੀ.
5. ਬਿਸਤ ਦੁਆਬ ਰੋਪੜ ਹੈੱਡਵਰਕਸ 43.00 ਕਿ.ਮੀ.
6. ਅੱਪਰ ਬਾਰੀ ਦੁਆਬ ਮਾਧੋਪੁਰ ਹੈੱਡਵਰਕਸ 42.35 ਕਿ.ਮੀ.
7. ਪੂਰਬੀ ਨਹਿਰ ਹੁਸੈਨੀਵਾਲਾ ਹੈੱਡਵਰਕਸ 8.02 ਕਿ.ਮੀ.
8. ਸ਼ਾਹ ਨਹਿਰ ਮੁਕੇਰੀਆਂ ਹਾਈਡਲ ਚੈਨਲ 2.23 ਕਿ.ਮੀ.

ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਲਾਭ-ਇਸ ਨਹਿਰੀ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਲਾਭ ਹੋਇਆ ਜਿਨਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਹੈ –

  1. ਇਹਨਾਂ ਨਹਿਰਾਂ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਪਾਣੀ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ।
  2. ਸਿੰਚਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨ ਵਧਣ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਜਾਂ ਵੱਧ ਫਸਲਾਂ ਉਗਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਫਲ ਹੋ ਗਏ ।
  3. ਵੱਧ ਫਸਲਾਂ ਉਗਾਉਣ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਫਾਇਦਾ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨੀ ਵੱਧ ਗਈ ।
  4. ਦਰਿਆਵਾਂ ਅਤੇ ਨਹਿਰਾਂ ਉੱਤੇ ਡੈਮ ਬਣਾ ਕੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਗਿਆ ਤਾਕਿ ਵਰਖਾ ਨਾਂ ਹੋਣ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾ ਤੱਕ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ।
  5. ਡੈਮਾਂ ਤੋਂ ਬਿਜਲੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਦਯੋਗਾਂ ਅਤੇ ਘਰਾਂ ਨੂੰ 24 ਘੰਟੇ ਬਿਜਲੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਚੋਆਂ ਤੇ ਰੋਆਂ ਉੱਤੇ ਇੱਕ ਵਿਸਤ੍ਰਿਤ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੋਆਂ ਛੋਟੀਆਂ-ਛੋਟੀਆਂ ਬਰਸਾਤੀ ਅਤੇ ਮੌਸਮੀ ਨਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਹੜੀਆਂ ਬਾਰਿਸ਼ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹੈ । ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕੰਡੀ ਖੇਤਰ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਚੋਆਂ ਮੌਜੂਦ ਹਨ । ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਈ ਚੋਆਂ ਦਾ ਜਨਮ ਕਟਾਰਧਾਰ ਅਤੇ ਸੈਲਾਮਿੰਗੀ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
ਜਦੋਂ ਵਰਖਾ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਚੋਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਈ ਚੋਆਂ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਫਲਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਲਈ ਹੈ।

ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਵਰਖਾ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਖੇਤੀ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ । ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਦੱਖਣ-ਪੱਛਮ ਵਿੱਚ 93 ਚੋਅ ਵਹਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ਅਤੇ ਚਿੱਟੀ ਵੇਈਂ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਮਿਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ | ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਚੋਆਂ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁਝ ਕਾਫੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਹਨ ; ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਟੈਸਾਂ ਚੋਅ, ਬਣਾ ਚੋਅ, ਗੜ੍ਹਸ਼ੰਕਰ ਬਲਾਚੌਰ ਚੋਅ, ਮੈਲੀ ਚੋਅ, ਨਰਿਆਲਾ ਚੋਅ, ਨੰਗਲ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਚੋਅ, ਗੋਦਪੁਰ ਚੋਅ, ਦਸੂਹਾ ਚੋਅ ਆਦਿ । ਚੋਆ ਉੱਤੇ ਨਿਯੰਤਰਣ ਪਾਉਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕੰਡੀ ਖੇਤਰ ਵਿਕਾਸ (Kandi Area Development) ਨੂੰ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਹੈ । ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕੁਝ ਹੋਰ ਬਰਸਾਤੀ ਨਾਲੇ ਵੀ ਹਨ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਦੀ ਰਾਉ, ਜੈਤਿਆਂ ਦੇਵੀ ਦੀ ਰੋਅ, ਬੁੱਢਾ ਨਾਲਾ ਆਦਿ ।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ

PSEB 9th Class Social Science Guide ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ Important Questions and Answers

I. ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪੰਜਾਬ ਕਿਹੜੇ ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ ਤੋਂ ਮਿਲ ਕੇ ਬਣਿਆ ਹੈ ?
(ੳ) ਪੰਜ + ਆਬ
(ਅ) ਪੰਜਾ + ਆਹਬ
(ਈ) ਪੰਜ + ਅਹਾਬ
(ਸ) ਪੰ + ਜਾਹਬ ।
ਉੱਤਰ-
(ੳ) ਪੰਜ + ਆਬ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਿੰਨੇ ਦਰਿਆ ਹਨ ?
(ਉ) ਦੋ
(ਅ) ਤਿੰਨ
(ਈ) ਚਾਰ
(ਸ) ਪੰਜ ।
ਉੱਤਰ-
(ਅ) ਤਿੰਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜਾ ਮੌਸਮੀ ਦਰਿਆ ਹੈ ?
(ਉ) ਘੱਗਰ
(ਅ) ਸ਼ਕੀ ਕਿਨ
(ਇ) ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ
(ਸ) ਉਪਰੋਕਤ ਸਾਰੇ ।
ਉੱਤਰ-
(ਸ) ਉਪਰੋਕਤ ਸਾਰੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜਾ ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆ ਹੈ ?
(ਉ) ਰਾਵੀ .
(ਅ) ਬਿਆਸ
(ਈ) ਸਤਲੁਜ
(ਸ) ਉਪਰੋਕਤ ਸਾਰੇ ।
ਉੱਤਰ-
(ਸ) ਉਪਰੋਕਤ ਸਾਰੇ ।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3(b) ਪੰਜਾਬ: ਜਲ-ਤੰਤਰ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਕਿਸ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ?
(ਓ) ਰਾਵੀ
(ਅ) ਸਤਲੁਜ
(ਇ) ਬਿਆਸ
(ਸ) ਚਨਾਬ ।
ਉੱਤਰ-
(ਓ) ਰਾਵੀ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਪੌਂਗ ਡੈਮ ਕਿਸ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ?
(ੳ) ਰਾਵੀ
(ਅ) ਸਤਲੁਜ
(ਇ) ਬਿਆਸ
(ਸ) ਜੇਹਲਮ ।
ਉੱਤਰ-
(ਇ) ਬਿਆਸ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿਚ ਕਿੰਨੇ ਚੋਅ ਹਨ ?
(ਉ) 70
(ਅ) 93
(ਇ) 84
(ਸ) 54.
ਉੱਤਰ-
(ਅ) 93

II. ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸੰਨ ……………. ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਅਤੇ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਦੀ ਵੰਡ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਇਆ ।
ਉੱਤਰ-
1947, ਪੰਜਾਬ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਵੀ, ਬਿਆਸ ਅਤੇ ਸਤਲੁਜ …………….. ਦਰਿਆ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਦਾ ਕੰਮ …………….. ਵਿਚ ਪੂਰਾ ਹੋਇਆ ।
ਉੱਤਰ-
2001,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸੁਕੰਤਰੀ …………….. ਦੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ,

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
…………… ਕਿਸੇ ਸਮੇਂ ਸਰਸਵਤੀ ਨਦੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ ।

III. ਸਹੀ/ਗਲਤ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜੇਹਲਮ, ਚਨਾਬ ਅਤੇ ਸਿੰਧ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਾਲੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਗਏ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਵੀ ਕੱਕਝ ਮੰਝ ਨਾਮੀ ਸਥਾਨ ਉੱਤੇ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਵੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਤੋਂ 1600 ਵਾਟ ਬਿਜਲੀ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਪੌਂਗ ਡੈਮ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਤੋਂ ਰਾਜਸਥਾਨ ਫੀਡਰ ਨਹਿਰ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ । .
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪੰਜਾਬ ਸ਼ਬਦ ਦਾ ਕੀ ਅਰਥ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਸ਼ਬਦ ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ ਪੰਜ + ਆਬ’ ਤੋਂ ਮਿਲ ਕੇ ਬਣਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਅਰਥ ਹੈ ਪੰਜ ਦਰਿਆਵਾਂ ਦੀ ਧਰਤੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
1947 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਹੜੇ ਦਰਿਆ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਗਏ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਤਲੁਜ, ਰਾਵੀ ਅਤੇ ਬਿਆਸ |

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
1947 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਹੜੇ ਦਰਿਆ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਾਲੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਚਲੇ ਗਏ ?
ਉੱਤਰ-
ਜੇਹਲਮ, ਚਨਾਬ, ਅਤੇ ਸਿੰਧ ਦਰਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆ ਕਿਹੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਉਹ ਦਰਿਆ ਜਿਹਨਾਂ ਵਿਚ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆਵਾਂ ਵਿਚ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਪਾਣੀ ਕਿੱਥੋ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆਵਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹਾੜਾਂ ਤੋਂ ਪਿੱਘਲੀ ਬਰਫ਼ ਦਾ ਪਾਣੀ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਆਉਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੁੱਝ ਮੌਸਮੀ ਦਰਿਆਵਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ, ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ, ਚਿੱਟੀ ਵੇਈਂ, ਚੱਕੀ ਖੱਡ, ਸਵਾਨ ਆਦਿ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਕਿਸੇ ਦੋ ਅਵਸ਼ੇਸ਼ੀ ਦਰਿਆਵਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਬੁੱਢਾ ਨਾਲਾ ਅਤੇ ਸੱਕੀ ਕਿਰਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਦਾ ਜਨਮ ਕਿੱਥੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਦਾ ਜਨਮ ਕੁੱਲੂ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਰੋਹਤਾਂਗ ਦੱਰੇ ਦੇ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ 4116 ਮੀਟਰ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਰਾਵੀ ਉੱਤੇ ਕਿਹੜਾ ਡੈਮ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਕਿਹੜੀ ਨਹਿਰ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਅੱਪਰ ਬਾਰੀ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਕਿਹੜੇ ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਾਹਪੁਰ ਕੰਡੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਧਾਨਾ ਜਾਂ ਬਸੰਤਪੁਰ, ਕਟਾਰਪਾਰ, ਮਾਧੋਪੁਰ ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਅਤੇ ਮਾਧੋਪੁਰ ਬਿਆਸ ਲਿੰਕ ਉੱਤੇ ਕਣੂਆਂ ਫੀਡਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਇਹ ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਬਣਾਇਆ ਡੈਮ ਹੈ ਜਿਸ ਤੋਂ 600 ਮੈਗਾਵਾਟ ਬਿਜਲੀ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਹ 1981 ਵਿੱਚ ਮਨਜੂਰ ਹੋਇਆ ਸੀ ਅਤੇ ਮਾਰਚ 2011 ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਾ ਕੰਮ ਪੂਰਾ ਹੋਇਆ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 12.
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਕਿੱਥੋਂ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਬਿਆਸ ਕੁੰਡ ਤੋਂ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਰੋਹਤਾਂਗ ਦੱਰੇ ਕੋਲ 4060 ਮੀਟਰ ਦੀ ਉਚਾਈ ਉੱਤੇ ਸਥਿਤ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 13.
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਕਿਹੜੇ ਡੈਮ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਪੰਡੋਹ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪੌਂਗ ਡੈਮ ॥

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 14.
ਬਿਆਸ ਤੋਂ ਕਿਹੜੀ ਨਹਿਰ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿਆਸ ਤੋਂ ਰਾਜਸਥਾਨ ਫੀਡਰ ਨਹਿਰ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਇੰਦਰਾ ਗਾਂਧੀ ਕਮਾਂਡ ਨਹਿਰ ਦਾ ਨਾਮ ਵੀ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 15.
ਬਿਆਸ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਨਾਮ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪਾਰਵਤੀ, ਸੁਕੰਤਰੀ, ਮੌਹਾਂ, ਉਗਮਨ ਅਤੇ ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 16.
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਕਿੱਥੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਤਿੱਬਤ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸਰੋਵਰ ਝੀਲ ਦੇ ਨੇੜੇ ਸਥਿਤ ਰਕਸ਼ਤਾਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 17.
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਕਿੱਥੇ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਵੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਵਿੱਚ ਸੁਲੇਮਾਨ ਨਾਮਕ ਸਥਾਨ ਤੋਂ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਪਵੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 18.
ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਕਿਹੜੇ ਡੈਮ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਨਾਬੋਪਾ-ਝਾਖੜੀ, ਨੰਗਲ ਡੈਮ, ਕੋਟਲਾ ਡੈਮ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 19.
ਘੱਗਰ ਕਿਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀ ਨਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ ਦੱਖਣੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਵਹਿਣ ਵਾਲੀ ਇੱਕ ਮੌਸਮੀ ਨਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 20.
ਘੱਗਰ ਕਿਥੋਂ ਨਿਕਲਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ ਨਦੀ ਸਿਰਮੌਰ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 21.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਚੋ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਚੋ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 22.
ਚੋ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੋ ਇੱਕ ਛੋਟੀ ਜਿਹੀ ਨਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਵਰਖਾ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 23.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਚੋ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ 93 ਚੋ ਹਨ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 24.
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਦੀ ਲੰਬਾਈ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬੀ ਦੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 14500 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਹੈ !

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 25.
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਲੰਬੀ ਨਹਿਰ ਕਿਹੜੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਾਖੜਾ ਮੇਨ ਲਾਈਨ ਜਿਸ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 161.36 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 26.
ਕਿਹੜਾ ਦਰਿਆ ਕਿਸੇ ਸਮੇਂ ਸਰਸਵਤੀ ਨਦੀ ਦਾ ਸਹਾਇਕ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਘੱਗਰ ਦਰਿਆ ਕਿਸੇ ਸਮੇਂ ਸਰਸਵਤੀ ਨਦੀ ਦਾ ਸਹਾਇਕ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜਲ-ਤੰਤਰ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਦੋ ਸ਼ਬਦਾਂ “ਪੰਜ’ ਅਤੇ ‘ਆਬ’ ਤੋਂ ਮਿਲਕੇ ਬਣਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਅਰਥ ਹੈ- ਪੰਜ ਦਰਿਆਵਾਂ ਦੀ ਧਰਤੀ । ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ 1947 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਦਰਿਆ ਹੁੰਦੇ ਸਨ ਪਰ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਵੰਡ ਦੇ ਕਾਰਨ ਜੇਹਲਮ, ਚਨਾਬ, ਸਿੰਧ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿਚ ਚਲੀਆਂ ਗਈਆਂ । ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਸਿਰਫ ਤਿੰਨ ਦਰਿਆ ਰਾਵੀ, ਬਿਆਸ ਅਤੇ ਸਤਲੁਜ ਹੀ ਹਨ । ਇਹ ਤਿੰਨੋਂ ਦਰਿਆ ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹਾੜਾਂ ਦੀ ਬਰਫ ਪਿਘਲਣ ਕਾਰਨ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਇੱਥੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੌਸਮੀ ਦਰਿਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਘੱਗਰ, ਉੱਚ, ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ, ਚਿੱਟੀ ਵੇਈਂ, ਸਵਾਨ, ਨੂਰਪੁਰ ਬੇਦੀ ਚੋਅ ਆਦਿ । ਇੱਥੇ ਅਵਸ਼ੇਸ਼ੀ ਦਰਿਆ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਬੁੱਢਾ ਨਾਲਾ ਅਤੇ ਸੱਕੀ ਕਿਰਨ ਵੀ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ।
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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਵੀ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਜਦੋਂ ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਮਾਧੋਪੁਰ ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਈ ਖੱਡਾਂ ਜਾਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਆ ਕੇ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਉੱਜ ਨਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸੱਕੀ ਕਿਰਨ ਨਾਲਾ ਰਾਵੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਹੀ ਚਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਦੀ ਸਰਹੱਦ ਉੱਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਚਾਰ ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਵੀ ਬਣਾਏ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਮ ਹਨ-ਮਾਧੋਪੁਰ ਬਿਆਸ ਲਿੰਕ ਉੱਤੇ ਕਠੂਆ ਫੀਡਰ, ਸ਼ਾਹਪੁਰ ਕੰਡੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਬਾਨਾ ਜਾਂ ਬਸੰਤਪੁਰ, ਮਾਧੋਪੁਰ, ਹੈੱਡਵਰਕਸ ਅਤੇ ਕਟਾਰਧਾਰ ॥

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਦੀਆਂ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਸ਼ਕੰਤਰੀ ਉਗਮਨ, ਪਾਰਬਤੀ, ਕਾਲੀ ਵੇਈਂ ਅਤੇ ਮੌਹਾਂ ਬਿਆਸ ਦੀਆਂ ਕੁਝ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ । ਤਲਵਾੜਾ ਪਹੁੰਚਣ ਉੱਤੇ ਮੌਹਾਂ ਬਿਆਸ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ | ਹਰੀਕੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕਾਲੀ ਬੇਈਂ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਅਤੇ ਕਪੂਰਥਲਾ ਤੋਂ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਬਿਆਸ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਬਿਆਸ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਪੌਂਗ ਡੈਮ ਅਤੇ ਪੌਂਡਹ ਡੈਮ ਨੂੰ ਵੀ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਘੱਗਰ ਉੱਤੇ ਇੱਕ ਛੋਟਾ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਪਹਿਲਾਂ ਸਰਸਵਤੀ ਨਦੀ ਵਹਿੰਦੀ ਸੀ ਅਤੇ ਘੱਗਰ ਵੀ ਉਸ ਦਾ ਹੀ ਹਿੱਸਾ ਸੀ । ਪਰ ਹੁਣ ਘੱਗਰ ਇੱਕ ਮੌਸਮੀ ਨਦੀ ਹੈ ਜੋ ਦੱਖਣੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਵਗਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਸਿਰਮੌਰ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਦੀ ਹੈ । ਮੁਬਾਰਕਪੁਰ ਨਾਮ ਦੀ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਇਹ ਮੈਦਾਨੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਹ ਪਟਿਆਲਾ, ਘਨੋਰ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਹ ਰਾਜਸਥਾਨ ਦੇ ਰੇਗਿਸਤਾਨ ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ !

ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ-ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਉੱਤੇ ਇੱਕ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਵੀ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਇੱਕ ਬਾਰਾਂਮਾਸੀ ਦਰਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਪਹਾੜਾਂ ਦੀ ਬਰਫ਼ ਪਿਘਲਣ ਨਾਲ ਇਸ ਵਿਚ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਆਉਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਕੁੱਲ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰੋਹਤਾਂਗ ਦੱਰੇ ਦੇ ਉੱਤਰ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਦੀ ਉੱਚਾਈ 4116 ਮੀਟਰ ਹੈ |
ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਆਪਣੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਥਾਨ (Place of Origin) ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਗਦੇ ਹੋਏ ਧੌਲਾਧਾਰ ਅਤੇ ਪੀਰ ਪੰਜਾਲ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉੱਥੇ ਬਣੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਗਰਤਾਂ (Depresions) ਤੋਂ ਵੱਗਦੇ ਹੋਏ ਚੰਬੇ ਅਤੇ ਡਲਹੌਜੀ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਮਾਧੋਪੁਰ ਨਾਮ ਦੀ ਥਾਂ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਇਹ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਵੇਸ਼ ਕਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਰਾਵੀ ਉੱਤੇ ਰਣਜੀਤ ਸਾਗਰ ਡੈਮ ਅਤੇ ਥੀਨ ਡੈਮ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਲਈ ਮਾਧੋਪੁਰ ਹੈੱਡ ਵਰਕਸ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ । ਇੱਥੋਂ ਹੀ ਅਪਰਬਾਰੀ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ ਵੀ ਕੱਢੀ ਗਈ ਹੈ । ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਾਵੀ ਦਰਿਆ ਪਠਾਨਕੋਟ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਅਤੇ ਅਮਿਤਸਰ ਜ਼ਿਲਿਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਲੰਘਦਾ ਹੈ । ਇੱਥੇ ਇਹ ਭਾਰਤ ਅਤੇ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਦੀ ਸਰਹੱਦ ਨੂੰ ਵੀ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਰੱਕੜ ਮੰਝ ਨਾਮ ਦੀ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਇਹ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿਚ ਚਲਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ | ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਇਹ ਸਿਧਾਨੀ ਨਾਮ ਦੀ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਚਨਾਬ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉੱਜ ਨਦੀ ਅਤੇ ਸੱਕੀ ਕਿਰਨ ਵਾਲਾ ਰਾਵੀ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਹਾਇਕ ਨਦੀਆਂ ਹਨ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions History Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science History Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ

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ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
I. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਿਖੋ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਿਕੰਦਰ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਿਕੰਦਰ ਮਕਦੂਨੀਆ ਦੇ ਰਾਜੇ ਫਿਲਿਪ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ । ਉਹ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਕਦੁਨੀਆ ਦਾ ਸ਼ਾਸਕ ਬਣਿਆ । ਉਸ ਦੀ ਇੱਛਾ ਸਾਰੇ ਸੰਸਾਰ ਨੂੰ ਜਿੱਤਣ ਦੀ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਰਾਜ-ਗੱਦੀ ‘ਤੇ ਬੈਠਦਿਆਂ ਹੀ ਉਸਨੇ ਸੰਸਾਰ ਨੂੰ ਜਿੱਤਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਪਹਿਲੇ ਦੋ ਸਾਲ ਉਸਨੇ ਮਕਦੁਨੀਆ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੇ ਦੇਸ਼ਾਂ ‘ਤੇ ਜਿੱਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ । ਫਿਰ ਉਹ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸੈਨਾ ਲੈ ਕੇ ਫਾਰਸ (ਇਰਾਨ) ਨੂੰ ਜਿੱਤਣ ਲਈ ਚੱਲ ਪਿਆ । ਉਸਨੇ ਏਸ਼ੀਆ ਮਾਈਨਰ, ਸੀਰੀਆ, ਮਿਸਰ ਅਤੇ ਅਫ਼ਗਾਨਿਸਤਾਨ ਨੂੰ ਵੀ ਜਿੱਤ ਲਿਆ ।

326 ਈ: ਪੂ: ਵਿੱਚ ਸਿਕੰਦਰ ਨੇ ਭਾਰਤ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਬਿਆਸ ਨਦੀ ਤੱਕ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਉੱਤਰ-ਪੱਛਮ ਦੇ ਕਈ ਰਾਜਿਆਂ ਨੂੰ ਹਰਾਇਆ | ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਨੇ ਤਕਸ਼ਿਲਾ ਦੇ ਰਾਜੇ ਅੰਭੀ ਅਤੇ ਫਿਰ ਜੇਹਲਮ ਤੇ ਚਨਾਬ ਨਦੀ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰਲੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸ਼ਾਸਕ ਪੋਰਸ ਨੂੰ ਹਰਾਇਆ । ਪੋਰਸ ਨੇ ਸਿਕੰਦਰ ਦਾ ਡੱਟ ਕੇ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕੀਤਾ ਸੀ । ਸਿਕੰਦਰ ਦੇ ਸੈਨਿਕ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਬਹਾਦਰੀ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਡਰ ਗਏ ਸਨ ।ਉਹ ਲਗਾਤਾਰ ਯੁੱਧ ਅਤੇ ਯਾਤਰਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੀ ਥੱਕ ਗਏ ਸਨ । ਇਸ ਕਾਰਨ ਸਿਕੰਦਰ ਨੂੰ ਬਿਆਸ ਨਦੀ ਤੋਂ ਹੀ ਵਾਪਸ ਮੁੜਨਾ ਪਿਆ । ਪਰ ਉਹ ਆਪਣੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਨਾ ਪਹੁੰਚ ਸਕਿਆ । ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬੁਖਾਰ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕੌਟੱਲਿਆ ਬਾਰੇ ਇੱਕ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਕੌਟਲਿਆ ਨੂੰ ਚਾਣਕਿਆ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਇੱਕ ਮਹਾਨ ਵਿਦਵਾਨ ਅਤੇ ਤਕਸ਼ਿਲਾ ਵਿਸ਼ਵ-ਵਿਦਿਆਲੇ ਵਿੱਚ ਅਧਿਆਪਕ ਸੀ । ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਗੁਰੂ ਮੰਨਦਾ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਹੀ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਕੇ ਮੌਰੀਆ ਸਾਮਰਾਜ ਸਥਾਪਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਫਲ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦੇ ਸਮਰਾਟ ਬਣਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੌਟੱਲਿਆ ਮੌਰੀਆ ਸਾਮਰਾਜ ਦਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਬਣ ਗਿਆ । ਕੌਟਲਿਆ ਇੱਕ ਮਹਾਨ ਲੇਖਕ ਵੀ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਪੁਸਤਕ ‘ਅਰਥ ਸ਼ਾਸਤਰ’ ਮੌਰੀਆ ਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਾ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਰੋਤ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਅਸ਼ੋਕ ਨੂੰ ‘ਮਹਾਨ’ ਕਿਉਂ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਨੂੰ ਕੇਵਲ ਭਾਰਤ ਦਾ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਸੰਸਾਰ ਦਾ ਇੱਕ ਮਹਾਨ ਸਮਰਾਟ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉਹ ਇੱਕ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਅਤੇ ਮਹਾਨ ਜੇਤ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਦਾ ਪੁਜਾਰੀ, ਮਨੁੱਖਤਾ ਪੇਮੀ ਅਤੇ ਬੇਸਹਾਰਿਆਂ ਦਾ ਮਸੀਹਾ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਮਹਾਨਤਾ ਉਸਦੇ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਗੁਣਾਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਸੀ-

  • 261 ਈ: ਪੂ: ਵਿੱਚ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਕਲਿੰਗ (ਉੜੀਸਾ) ਨੂੰ ਜਿੱਤਿਆ । ਇਸ ਲੜਾਈ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕ ਮਾਰੇ ਗਏ ਅਤੇ ਅਨੇਕਾਂ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋਏ । ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੈਦ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ । ਇਸ ਖੂਨ-ਖ਼ਰਾਬੇ ਤੋਂ ਅਸ਼ੋਕ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਦੁੱਖ ਹੋਇਆ । ਉਸਨੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਲਈ ਯੁੱਧ ਕਰਨਾ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਨੂੰ ਅਪਣਾ ਲਿਆ ।
  • ਲਿੰਗ ਦੇ ਯੁੱਧ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਆਪਣਾ ਬਾਕੀ ਜੀਵਨ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਭਲਾਈ ਵਿੱਚ ਬਤੀਤ ਕੀਤਾ । ਉਸਨੇ ਯਾਤਰੀਆਂ ਲਈ ਸੜਕਾਂ ਤੇ ਸਰਾਵਾਂ ਬਣਵਾਈਆਂ, ਖੂਹ ਖੁਦਵਾਏ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਾਂ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਹਸਪਤਾਲ ਖੋਲ੍ਹੇ ।
  • ਉਸਨੇ ਸ਼ਿਕਾਰ ਕਰਨਾ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ-ਪੰਛੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ।
  • ਉਸਨੇ ਆਪਣੀ ਪਰਜਾ ਨੂੰ ਅਹਿੰਸਾ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਨ, ਵੱਡਿਆਂ ਦਾ ਆਦਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਤੋਂ ਛੋਟਿਆਂ, ਨੌਕਰਾਂ ਤੇ ਸਾਰੇ ਜੀਵ-ਜੰਤੂਆਂ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਦਇਆ ਦਾ ਭਾਵ ਰੱਖਣ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ।
  • ਉਸਨੇ ਆਪਣੀ ਪਰਜਾ ਨੂੰ ਗ਼ਰੀਬਾਂ ਨੂੰ ਦਾਨ ਦੇਣ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕਰਨ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ।
  • ਉਸਨੇ ਆਪਣੇ ਸੰਦੇਸ਼ ਚੱਟਾਨਾਂ ਤੇ ਪੱਥਰਾਂ ਦੇ ਸਤੰਭਾਂ ‘ਤੇ ਖੁਦਵਾ ਦਿੱਤੇ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ।
  • ਉਸਨੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਜਨ-ਕਲਿਆਣ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਫੈਲਾਉਣ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਕੀਤੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਮੌਰੀਆ ਕਲਾ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਮੌਰੀਆ ਸ਼ਾਸਕ ਕਲਾ-ਪ੍ਰੇਮੀ ਸਨ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਲਾ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਯੋਗਦਾਨ ਦਿੱਤਾ । ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਇਸ ਯੋਗਦਾਨ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ-

  1. ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੇ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਰਾਜ ਮਹਿਲ ਬਣਵਾਇਆ ਇਹ ਰਾਜ ਮਹਿਲ ਬਹੁਤ ਸੁੰਦਰ ਸੀ ਅਤੇ ਅਨੇਕਾਂ ਸਤੰਭਾਂ ‘ਤੇ ਖੜ੍ਹਾ ਸੀ । ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਮਹਿਲ ਵੀ ਬਹੁਤ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਸੀ ।
  2. ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੇ ਗੁਜਰਾਤ ਵਿੱਚ ਸੁਦਰਸ਼ਨ ਨਾਮਕ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਝੀਲ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਵਾਇਆ ਸੀ ।
  3. ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਸਤੂਪਾਂ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਵਾਇਆ । ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਸਾਂਚੀ ਦਾ ਸਤੂਪ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ ।
  4. ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਲਲਿਤ ਪਾਟਨ ਨਾਮਕ ਦੋ ਨਵੇਂ ਨਗਰ ਵਸਾਏ ।
  5. ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਭਿਖਸ਼ੂਆਂ ਅਤੇ ਨਿਰਗੰਥਾਂ ਲਈ ਬਿਹਾਰ ਦੇ ਨਾਗ-ਅਰਜੁਨੀ ਤੇ ਬਾਰਾਬਾਰ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸੁੰਦਰ ਗੁਫ਼ਾਵਾਂ ਬਣਵਾਈਆਂ ।
  6. ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਪੱਥਰ ਦੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਸਤੰਭ ਬਣਵਾਏ ।ਇਹ ਸਤੰਭ 34 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਹਨ । ਇਹਨਾਂ ‘ਤੇ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਪਾਲਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਹੈ, ਜੋ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਚਮਕਦੀ ਹੈ । ਇਹਨਾਂ ਸਤੰਭਾਂ ‘ਤੇ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਆਪਣੇ ਲੇਖ ਖੁਦਵਾਏ ।
  7. ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸਤੰਭਾਂ ’ਤੇ ਬੈਲ, ਹਾਥੀ, ਸ਼ੇਰ ਆਦਿ ਦੀਆਂ ਮੂਰਤੀਆਂ ਲਗਵਾਈਆਂ । ਇੱਕ ਮਰਤੀ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਸ਼ੇਰ ਪਿੱਠ ਨਾਲ ਪਿੱਠ ਲਗਾ ਕੇ ਬੈਠੇ ਦਿਖਾਏ ਗਏ ਹਨ । ਇਹ ਮੂਰਤੀ ਸਾਰਨਾਥ (ਉੱਤਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਈ ਹੈ। ਇਹੀ ਮੁਰਤੀ ਸਾਡਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਚਿੰਨ੍ਹ ਹੈ ।
  8. ਮੌਰੀਆ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਯਕਸ਼ਾਂ-ਯਕਸ਼ਣੀਆਂ ਦੀਆਂ ਸੁੰਦਰ ਮੂਰਤੀਆਂ ਵੀ ਬਣਵਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਸਨ | ਅਜਿਹੀ ਇੱਕ ਮੂਰਤੀ ਪਟਨਾ ਦੇ ਨੇੜੇ ਦੀਦਾਰਗੰਜ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਈ ਹੈ ।

II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ :

(1) ਸਿਕੰਦਰ ਦੇ ਸੈਨਿਕ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ …………………………….. ਵੇਖ ਕੇ ਡਰ ਗਏ ।
(2) ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੇ …………………………. ਈ: ਪੂ: ਤੱਕ ਰਾਜ ਕੀਤਾ।
(3) …………………………. ਸੈਲਯੂਕਸ ਦਾ ਯੂਨਾਨੀ ਰਾਜਦੂਤ ਸੀ ।
(4) ਕੌਟੱਲਿਆ ਦੇ …………………………… ਅਤੇ ਮੈਗਸਥਨੀਜ ਦੀ …………………………… ਪੁਸਤਕ ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਮੌਰੀਆ ਸਾਮਰਾਜ ਦੇ ਰਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ।
(5) ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿਚ …………………………….. ਦਾ ਸਤੂਪ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(1) ਬਹਾਦਰੀ
(2) 297
(3) ਮੈਗਸਥਨੀਜ
(4) ਅਰਥ ਸ਼ਾਸਤਰ, ਇੰਡੀਕਾ
(5) ਸਾਂਚੀ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ

II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ :

(1) ਮੈਗਸਥਨੀਜ਼ (ਉ) ਅਰਥ ਸ਼ਾਸਤਰ
(2) ਕੌਟੱਲਿਆ (ਅ) ਸਰੂਪ
(3) ਸਾਂਚੀ (ੲ) ਮੰਤਰੀ
(4) ਅਮਾਯਾ (ਸ) ਇੰਡਿਕਾ

ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ਜੋੜੇ :

(1) ਮੈਗਸਥਨੀਜ਼ (ਸ) ਇੰਡਿਕਾ
(2) ਕੌਟੱਲਿਆ (ਉ) ਅਰਥ ਸ਼ਾਸਤਰ
(3) ਸਾਂਚੀ (ਅ) ਸਤੂਪ
(4) ਅਮਾਯਾ (ੲ) ਮੰਤਰੀ

IV. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਹੀ (√) ਜਾਂ ਗਲਤ (×) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ :

(1) ਸੈਲਯੂਕਸ ਨੇ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੂੰ ਹਰਾਇਆ ।
(2) ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਲੋਹੇ ਦੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸਤੰਭ ਬਣਵਾਏ ।
(3) ਮਹਾਮਾਤਰ ਸਿਕੰਦਰ ਦੇ ਅਫ਼ਸਰ ਸਨ ।
(4) ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਕਲਿੰਗ ਯੁੱਧ ਦੇ ਪਿੱਛੋਂ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਅਪਣਾਇਆ ।
(5) ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੇ ਸੁਦਰਸ਼ਨ ਝੀਲ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਵਾਇਆ ।
ਉੱਤਰ-
(1) (×)
(2) (×)
(3) (×)
(4) (√)
(5) (√)

PSEB 6th Class Social Science Guide ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ Important Questions and Answers

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਉੱਤਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਿਕੰਦਰ ਮਕਦੂਨੀਆ ਦਾ ਇਕ ਮਹਾਨ ਯੂਨਾਨੀ ਵਿਜੇਤਾ ਸੀ । ਉਸਨੇ ਭਾਰਤ ਤੇ ‘ ਕਦੋਂ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ?
ਉੱਤਰ-
326 ਈ: ਪੂ: ਵਿੱਚ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮਹਾਨ ਸਮਰਾਟ ਅਸ਼ੋਕ ਕਿਸ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿੰਦੂਸਾਰ ਦਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਅਸ਼ੋਕ ਭਾਰਤ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਸਮਰਾਟ ਸੀ । ਜਿਸਨੇ ਇਕ ਯੁੱਧ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਸਦਾ ਦੇ ‘ ਲਈ ਯੁੱਧ ਕਰਨ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਦੱਸੋ ਉਹ ਕਿਹੜਾ ਯੁੱਧ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਲਿੰਗ ਦਾ ਯੁੱਧ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 13 ਮੌਰੀਆ ਅਤੇ ਸੁੰਗ ਕਾਲ

ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਅੰਤਿਮ ਮੌਰੀਆ ਸਮਰਾਟ ਬ੍ਰਿਥ ਦਾ ਕਤਲ ਉਸਦੇ ਸੈਨਾਪਤੀ ਨੇ ਕੀਤਾ ਸੀ । ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿਚੋਂ ਉਹ ਸੈਨਾਪਤੀ ਕੌਣ ਸੀ ?
(ਉ) ਪੁਸ਼ਿਆ ਮਿੱਤਰ ਸ਼ੰਗ
(ਅ) ਸੈਲਯੂਕਸ ਨਿਕਾਤੋਰ
(ੲ) ਮਿਨਾਂਡਰ
ਉੱਤਰ-
(ਉ) ਪੁਸ਼ਿਆ ਮਿੱਤਰ ਸ਼ੰਗ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕਿਹੜੇ ਮੌਰੀਆ ਸਮਰਾਟ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਨੈਤਿਕ ਮੁੱਲਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤਾ ?
(ਉ) ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ
(ਅ) ਬਿੰਦੂਸਾਰ
(ੲ) ਅਸ਼ੋਕ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਅਸ਼ੋਕ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਹੇਠਾਂ ਤਿੰਨ ਚਿੱਤਰ A, B ਅਤੇ Cਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜਾ ਚਿੱਤਰ ਸਾਡਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਚਿੰਨ੍ਹ ਹੈ ?
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ਉੱਤਰ-
(C).

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਸਿਕੰਦਰ ਨੇ ਭਾਰਤ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਿਉਂ ਕੀਤਾ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਿਕੰਦਰ ਸਾਰੇ ਸੰਸਾਰ ਦਾ ਰਾਜਾ ਬਣਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਉਸ ਨੇ ਕਈ ਦੇਸ਼ ਜਿੱਤਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭਾਰਤ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਤਕਸ਼ਿਲਾ ਦੇ ਰਾਜੇ ਦਾ ਨਾਂ ਕੀ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਤਕਸ਼ਿਲਾ ਦੇ ਰਾਜੇ ਦਾ ਨਾਂ ਅੰਭੀ ਸੀ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਕਿਹੜੇ ਰਾਜਾ ਨੇ ਸਿਕੰਦਰ ਦਾ ਡਟ ਕੇ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕੀਤਾ ?
ਉੱਤਰ-
ਪੋਰਸ ਨੇ ਸਿਕੰਦਰ ਦਾ ਡਟ ਕੇ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕੀਤਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਿਕੰਦਰ ਦੇ ਹਮਲੇ ਸਮੇਂ ਮਗਧ ਦਾ ਰਾਜਾ ਕੌਣ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਿਕੰਦਰ ਦੇ ਹਮਲੇ ਸਮੇਂ ਮਗਧ ਦਾ ਰਾਜਾ ਮਹਾਂਪਦਮ ਨੰਦ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਮੌਰੀਆ ਰਾਜ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਦੋ ਸੋਮਿਆਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਯੂਨਾਨੀ ਯਾਤਰੀ ਮੈਗਸਥਨੀਜ਼ ਦੀ ਇੰਡਿਕਾ ਅਤੇ ਚਾਣਕਿਆ ਦਾ ਅਰਥ ਸ਼ਾਸਤਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦੁਆਰਾ ਮਗਧ ਦੀ ਜਿੱਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਰਾਜਾ ਕੌਣ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦੁਆਰਾ ਮਗਧ ਦੀ ਜਿੱਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਰਾਜਾ ਧਨਾਨੰਦ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜ-ਤਿਲਕ ਕਦੋਂ ਹੋਇਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜ ਤਿਲਕ 321 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੂੰ ਸੈਲਿਊਕਸ ਨੂੰ ਹਰਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਹੜੇ ਚਾਰ ਪ੍ਰਾਂਤ ਮਿਲੇ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੈਲਿਊਕਸ ਨੂੰ ਹਰਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੂੰ ਕਾਬਲ, ਕੰਧਾਰ, ਹੈਰਾਤ ਅਤੇ ਬਲੋਚਿਸਤਾਨ ਦੇ ਪ੍ਰਾਂਤ ਮਿਲੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜਕਾਲ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜਕਾਲ 321 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 297 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਰਾਜ-ਤਿਲਕ ਕਦੋਂ ਹੋਇਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਰਾਜ-ਤਿਲਕ 269 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਕਲਿੰਗ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਿਉਂ ਕੀਤਾ ?
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਨੂੰ ਵਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਪਤ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸਾਮਰਾਜ ਵਿੱਚ ਕਲਿੰਗ ਦਾ ਦੇਸ਼ ਸ਼ਾਮਲ ਨਹੀਂ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਉਸ ਨੇ 261 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਕਲਿੰਗ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 12.
ਅਸ਼ੋਕ ਦੇ ਧਰਮ ਦੇ ਕੋਈ ਦੋ ਸਿਧਾਂਤ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਦੇ ਧਰਮ ਦੇ ਦੋ ਸਿਧਾਂਤ ਸਨ-

  1. ਵੱਡਿਆਂ ਦਾ ਆਦਰ ਅਤੇ ਛੋਟਿਆਂ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰੋ,
  2. ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੱਚ ਬੋਲੋ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 13.
ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਰਾਜਕਾਲ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਰਾਜਕਾਲ 269 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 232 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ ਸੀ ।

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ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮੌਰੀਆ ਰਾਜ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਸਰੋਤਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮੌਰੀਆ ਰਾਜ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਨੂੰ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਸਰੋਤਾਂ ਤੋਂ ਮਿਲਦੀ ਹੈ-

  1. ਯੂਨਾਨੀ ਯਾਤਰੀ ਮੈਗਸਥਨੀਜ਼ ਦੀ ਇੰਡਿਕਾ,
  2. ਚਾਣਕਿਆ ਦਾ ਅਰਥ-ਸ਼ਾਸਤਰ,
  3. ਵਿਸ਼ਾਖਦੱਤ ਦਾ ਨਾਟਕ ਮੁਦਰਾ-ਰਾਖਸ਼ਸ਼,
  4. ਜੈਨ ਅਤੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਗੰਥ,
  5. ਪੁਰਾਣ ਅਤੇ ਸ਼ਿਲਾਲੇਖ,
  6. ਮੂਰਤੀਆਂ, ਸਮਾਰਕ, ਖੰਡਰ ਅਤੇ ਸਿੱਕੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੇ ਜੀਵਨ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਜਨਮ 345 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ । ਉਸ ਦੇ ਜੀਵਨ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਕਈ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾਵਾਂ ਹਨ । ਕਈ ਇਤਿਹਾਸਕਾਰਾਂ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਹੈ ਕਿ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦੀ ਮਾਂ ਮੁਰਾ ਇੱਕ ਸ਼ੂਦਰ ਘਰਾਣੇ ਦੀ ਸੀ । ਉਸ ਦੇ ਨਾਂ ‘ਤੇ ਮੌਰੀਆ ਸ਼ਬਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਪਰ ਜੈਨ ਪਰੰਪਰਾਵਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦੀ ਮਾਂ ਮੋਰ ਪਾਲਣ ਵਾਲੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਮੁਖੀ ਦੀ ਧੀ ਸੀ । ਕੁਝ ਇਤਿਹਾਸਕਾਰ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਦਾ ਸੰਬੰਧ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਨਾਲ ਜੋੜਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਜਿੱਤ ਸਮੇਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸਥਿਤੀ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਜਿੱਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿਕੰਦਰ ਨੇ ਭਾਰਤ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਸੀ । ਇਸ ਦੇ ਹਮਲਿਆਂ ਕਾਰਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸਥਿਤੀ ਬਹੁਤ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਸੀ । ਸਿਕੰਦਰ ਇੱਥੇ ਆਪਣਾ ਸਾਮਰਾਜ ਸਥਾਪਤ ਕਰਕੇ, ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਨੂੰ ਗਵਰਨਰ ਬਣਾ ਕੇ ਛੱਡ ਗਿਆ ਸੀ । ਪਰੰਤੂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਰਾਜ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਸਨ । ਸਿੱਟੇ ਵਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਰਾਜਕਤਾ ਫੈਲ ਗਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀ ਮਗਧ ਜਿੱਤ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਪੰਜਾਬ ‘ਤੇ ਜਿੱਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੇ ਚਾਣਕਿਆ ਦੀ ਨੀਤੀ ਅਨੁਸਾਰ ਮਗਧ ’ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਮਗਧ ਦਾ ਰਾਜਾ ਧਨਾਨੰਦ ਅਤਿਆਚਾਰੀ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਮਗਧ ਦੀ ਜਨਤਾ ਉਸ ਨਾਲ ਨਫ਼ਰਤ ਕਰਦੀ ਸੀ । ਚਾਣਕਿਆ ਵੀ ਨੰਦ ਰਾਜੇ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਅਪਮਾਨ ਦਾ ਬਦਲਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੂੰ ਇਸ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਲਾਭ ਹੋਇਆ । ਇਸ ਲਈ ਉਸਨੇ 321 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਮਗਧ ’ਤੇ ਆਪਣਾ ਅਧਿਕਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਰਾਜ-ਗੱਦੀ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਮੌਰੀਆ ਸ਼ਾਸਕ ਬਿੰਦੂਸਾਰ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ । ਬਿੰਦੁਸਾਰ ਦੀ 273 ਈ: ਪੁਰਵ ਵਿੱਚ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ । ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਆਪਣੇ 99 ਭਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰ ਕੇ ਮੌਰੀਆ ਸਾਮਰਾਜ ਦੀ ਰਾਜ-ਗੱਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ । ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਰਾਜ-ਤਿਲਕ 269 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ । ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ 273 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 269 ਈ: ਪੂਰਵ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਰਾਜ-ਗੱਦੀ ਲਈ ਹਿ ਯੁੱਧ ਹੋਇਆ ਹੋਵੇ ।

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ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀਆਂ ਜਿੱਤਾਂ ਦਾ ਸੰਖੇਪ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀਆਂ ਜਿੱਤਾਂ ਦਾ ਸੰਖੇਪ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ –

  • ਮਗਧ ‘ ਤੇ ਜਿੱਤ – ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੇ ਮਗਧ ‘ਤੇ ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਫ਼ੌਜ ਸਹਿਤ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਸ ਸਮੇਂ ਮਗਧ ’ਤੇ ਧਨਾਨੰਦ ਰਾਜ ਕਰਦਾ ਸੀ । ਯੁੱਧ ਵਿੱਚ ਧਨਾਨੰਦ ਹਾਰ ਗਿਆ ਅਤੇ ਮਗਧ ਦੇ ਰਾਜ ‘ਤੇ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੋ ਗਿਆ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਲਗਪਗ ਸਾਰੇ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦਾ ਮਾਲਕ ਬਣ ਗਿਆ । ਮਗਧ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਪਾਟਲੀਪੁੱਤਰ ਉਸ ਦੇ ਰਾਜ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਬਣੀ ।
  • ਸੈਲਿਊਕਸ ਨਾਲ ਯੁੱਧ – ਸੈਲਿਊਕਸ ਸਿਕੰਦਰ ਦਾ ਸੈਨਾਪਤੀ ਸੀ । ਸਿਕੰਦਰ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਕਾਬਲ, ਕੰਧਾਰ, ਬਲਖ ਅਤੇ ਬੁਖਾਰਾ ਦਾ ਸ਼ਾਸਕ ਬਣ ਬੈਠਾ ਸੀ । ਉਸ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੱਛਮੀ ਭਾਗ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਇਹਨਾਂ ਖੇਤਰਾਂ ’ਤੇ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜ ਸੀ । ਉਸ ਨੇ ਸੈਲਿਊਕਸ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਰਾਇਆ । ਸੈਲਿਊਕਸ ਨੇ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੂੰ ਕਾਬਲ, ਕੰਧਾਰ ਅਤੇ ਬਲੋਚਿਸਤਾਨ ਦੇ ਖੇਤਰ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ।
  • ਹੋਰ ਤਾਂ – ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ‘ਤੇ ਅਧਿਕਾਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਨੇ ਗੁਜਰਾਤ ਕਾਠੀਆਵਾੜ ’ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਇਆ । ਦੱਖਣ ਦੇ ਕੁਝ ਭਾਗਾਂ ‘ਤੇ ਵੀ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਪ੍ਰਭੁਤੱਵ ਸਥਾਪਤ ਹੋ ਗਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੇ ਰਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦਾ ਰਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧ ਉੱਚ-ਕੋਟੀ ਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਸਨ-

  • ਕੇਂਦਰੀ ਸ਼ਾਸਨ – ਰਾਜਾ ਰਾਜ ਦਾ ਸਰਵਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਸੀ । ਉਸ ਦੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਅਣਗਿਣਤ ਸਨ । ਉਹ ਸੈਨਾ ਦਾ ਮੁਖੀ ਅਤੇ ਨਿਆਂ ਦੀ ਅੰਤਿਮ ਅਦਾਲਤ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਕਈ ਮੰਤਰੀ ਹੁੰਦੇ ਸਨ । ਉਸ ਦੇ ਕੁਝ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ, ਅਮਾਤਯ, ਮਹਾਮਾਤਰ ਆਦਿ ਸਨ ।
  • ਪ੍ਰਾਂਤ ਦਾ ਸ਼ਾਸਨ – ਸਾਰਾ ਸਾਮਰਾਜ ਪ੍ਰਾਂਤਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਹਰੇਕ ਪ੍ਰਾਂਤ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਰਾਜ-ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਕੋਈ ਰਾਜਕੁਮਾਰ ਕਰਦਾ ਸੀ । ਉਸ ਦਾ ਕਰਤੱਵ ਪ੍ਰਾਂਤ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਂਤੀ-ਵਿਵਸਥਾ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣਾ ਸੀ । ਪ੍ਰਾਂਤ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੇ ਹੋਏ ਸਨ । ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਮੁਖੀ ਨੂੰ ਸਥਾਨਿਕ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ ।
  • ਵੱਡੇ ਨਗਰਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ – ਪਾਟਲੀਪੁੱਤਰ, ਤਕਸ਼ਿਲਾ ਅਤੇ ਉੱਜੈਨ ਵਰਗੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਨਗਰਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਲਈ ਸਮਿਤੀਆਂ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਸਨ | ਹਰੇਕ ਸਮਿਤੀ ਵਿੱਚ 30 ਮੈਂਬਰ ਹੁੰਦੇ ਸਨ । ਸਮਿਤੀਆਂ ਪੰਜ-ਪੰਜ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੇ ਛੇ ਬੋਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਸਨ ।
  • ਨਿਆਂ – ਨਿਆਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਰਾਜਾ ਆਪ ਸੀ । ਨਿਆਂ ਸੰਬੰਧੀ ਸਾਰੀਆਂ ਅੰਤਿਮ ਅਪੀਲਾਂ ਉਹ ਆਪ ਹੀ ਸੁਣਦਾ ਸੀ । ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਉਚਿਤ ਨਿਆਂ ਮਿਲਦਾ ਸੀ । ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਕਾਫ਼ੀ ਸਖ਼ਤ ਸਨ । ਲੋਕ ਸ਼ਾਂਤੀ-ਪੇਮੀ ਸਨ | ਅਪਰਾਧ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹੁੰਦੇ ਸਨ ।
  • ਪਰਜਾ ਦੀ ਭਲਾਈ ਦੇ ਕੰਮ – ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਪਰਜਾ ਦੀ ਭਲਾਈ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਿਆਨ ਰੱਖਦਾ ਸੀ । ਉਸ ਨੇ ਖੇਤੀ ਦੀ ਉੱਨਤੀ ਲਈ ਸਿੰਜਾਈ ਦੀ ਉਚਿਤ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਸੀ । ਯਾਤਰੀਆਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਅਤੇ ਵਪਾਰ ਦੀ ਉੱਨਤੀ ਲਈ ਸਾਰੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਸੜਕਾਂ ਦਾ ਜਾਲ ਵਿਛਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਸ ਨੇ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਪਾਸੇ ਛਾਂ-ਦਾਰ ਰੁੱਖ ਲਗਵਾਏ, ਧਰਮਸ਼ਾਲਾਵਾਂ ਬਣਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਖੁਹ ਖੁਦਵਾਏ ।
  • ਆਮਦਨ-ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਆਮਦਨ ਕਰਾਂ ਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਸੀ । ਭੂਮੀ ਕਰ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਉਪਜ ਦਾ 1/6 ਭਾਗ ਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਜਨਮ ਅਤੇ ਮੌਤ ਕਰ, ਉਤਪਾਦਨ ਕਰ ਅਤੇ ਵਿਕਰੀ ਕਰ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸਾਧਨ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਅਸ਼ੋਕ ਦੀ ਕਲਿੰਗ ਜਿੱਤ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ
ਉੱਤਰ-
ਅਸ਼ੋਕ ਦੇ ਦਾਦਾ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਦੀ ਦੱਖਣ ਜਿੱਤ ਅਧੂਰੀ ਰਹਿ ਗਈ ਸੀ ਕਿਉਂਕਿ ਲਿੰਗ ਦਾ ਰਾਜ ਅਜੇ ਤੱਕ ਸੁਤੰਤਰ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਕਲਿੰਗ ‘ਤੇ ਜਿੱਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਦਾ ਨਿਸ਼ਚਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ 261 ਈ: ਪੂ: ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸੈਨਾ ਨਾਲ ਕਲਿੰਗ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ । ਕਲਿੰਗ ਦੇ ਰਾਜੇ ਕੋਲ ਵੀ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸੈਨਾ ਸੀ । ਅਸ਼ੋਕ ਅਤੇ ਕਲਿੰਗ ਦੇ ਰਾਜੇ ਵਿਚਕਾਰ ਬਹੁਤ ਘਮਸਾਨ ਯੁੱਧ ਹੋਇਆ । ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿੱਚ ਅਸ਼ੋਕ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਈ । ਅਸ਼ੋਕ ਦੇ ਇੱਕ ਸ਼ਿਲਾਲੇਖ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਯੁੱਧ ਵਿੱਚ ਲਗਪਗ ਇੱਕ ਲੱਖ ਵਿਅਕਤੀ ਮਾਰੇ ਗਏ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਵੀ ਕਿਤੇ ਵਧੇਰੇ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋਏ ਸਨ । ਕਈ ਲੋਕ ਲਾਪਤਾ ਹੋ ਗਏ । ਕਲਿੰਗ ਯੁੱਧ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਖੂਨ-ਖ਼ਰਾਬੇ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਅਸ਼ੋਕ ਦਾ ਜੀਵਨ ਹੀ ਬਦਲ ਗਿਆ । ਉਸ ਨੇ ਯੁੱਧਾਂ ਦਾ ਹਮੇਸ਼ਾ ਲਈ ਤਿਆਗ ਕਰਕੇ ਧਰਮ ਜਿੱਤ ਦੀ ਨੀਤੀ ਅਪਣਾਈ । ਇਸੇ ਕਾਰਨ ਉਹ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦਾ ਪੈਰੋਕਾਰ ਬਣ ਗਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਅਸ਼ੋਕ ਦੇ ਧਰਮ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ । ਉਸਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕੀ ਕੀਤਾ ?
ਉੱਤਰ-
ਕਲਿੰਗ ਦੇ ਯੁੱਧ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਗ੍ਰਹਿਣ ਕਰ ਲਿਆ । ਪਰ ਜਿਹੜਾ ਧਰਮ ਉਸ ਨੇ ਜਨਤਾ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖਿਆ, ਉਹ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਨਹੀਂ ਸੀ । ਉਸ ਨੇ ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਦੀਆਂ ਚੰਗੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੀਆਂ । ਉਸ ਦੇ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਨ-

  1. ਵੱਡਿਆਂ ਦਾ ਆਦਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਛੋਟਿਆਂ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰੋ ।
  2. ਗੁਰੂਆਂ ਦਾ ਆਦਰ ਕਰੋ ।
  3. ਪਾਪਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹੋ ਅਤੇ ਪਵਿੱਤਰ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕਰੋ ।
  4. ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੱਚ ਬੋਲੋ । ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਸੱਚ ਦੀ ਹੀ ਜਿੱਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।
  5. ਅਹਿੰਸਾ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਜੀਵ ਦੀ ਹੱਤਿਆ ਨਾ ਕਰੋ ।
  6. ਆਪਣੀ ਸਮਰੱਥਾ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਸਾਧੂਆਂ, ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਅਤੇ ਗ਼ਰੀਬਾਂ ਨੂੰ ਦਾਨ ਦਿਓ ।
  7. ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰੋ, ਪਰ ਕਿਸੇ ਦੂਸਰੇ ਧਰਮ ਦੀ ਨਿੰਦਾ ਨਾ ਕਰੋ ।

ਅਸ਼ੋਕ ਦੁਆਰਾ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ-ਅਸ਼ੋਕ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਲਈ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਕੰਮ ਕੀਤੇ-

  1. ਉਸ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਨੂੰ ਪੱਥਰ ਦੇ ਸਤੰਭਾਂ ਅਤੇ ਚੱਟਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਖੁਦਵਾਇਆ । ਇਹ ਨਿਯਮ ਆਮ ਬੋਲਚਾਲ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਖੁਦਵਾਏ ਗਏ ਤਾਂ ਜੋ ਆਮ ਲੋਕ ਵੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹ ਸਕਣ ।
  2. ਉਸ ਨੇ ਅਨੇਕਾਂ ਸਤੂਪ ਅਤੇ ਵਿਹਾਰ ਬਣਵਾਏ, ਜੋ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦੇ ਕੇਂਦਰ ਬਣੇ ।
  3. ਉਸ ਨੇ ਬੁੱਧ ਭਿਕਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿੱਤੀ ।
  4. ਉਸ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਲਈ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਚਾਰਕ ਭੇਜੇ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 12 ਭਾਰਤ 600 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions History Chapter 12 ਭਾਰਤ 600 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ Textbook Exercise Questions and Answers.

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ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
I. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਿਖੋ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਹਾਜਨਪਦ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
600 ਈ:ਪੂ: ਦੇ ਲਗਭਗ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਅਨੇਕ ਗਣਤੰਤਰ ਅਤੇ ਰਾਜਤੰਤਰ ਰਾਜਾਂ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਹੋਈ । ਇਸ ਵਿਚ ਜਿਹੜੇ ਰਾਜ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਸਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਹਾਜਨਪਦ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਬੁੱਧ ਅਤੇ ਜੈਨ ਸਾਹਿਤ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 16 ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕਿਸੇ ਚਾਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜਨਪਦਾਂ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮੁਗਧ, ਕੌਸ਼ਲ, ਵਤਸ ਅਤੇ ਅਵੰਤੀ ਚਾਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਜਨਪਦ ਸਨ ।

  1. ਮਗਧ – ਮਗਧ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਜਨਪਦ ਸੀ । ਇਸ ਵਿੱਚ ਬਿਹਾਰ ਪ੍ਰਾਂਤ ਦੇ ਗਯਾ ਅਤੇ ਪਟਨਾ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ । ਇਸ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਰਾਜਹਿ ਸੀ ।
  2. ਕੌਸ਼ਲ – ਕੌਸ਼ਲ ਇੱਕ ਹੋਰ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਰਾਜ ਸੀ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਅਯੁੱਧਿਆ ਸਤ ਸੀ ।
  3. ਵਤਸ – ਵਤਸ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਕੋਸ਼ਾਂਬੀ ਸੀ
  4. ਅਵੰਤੀ – ਅਵੰਤੀ ਜਨਪਦ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਉੱਜੈਨ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਹਰਿਅੰਕ ਵੰਸ਼ ਦੇ ਅਧੀਨ ਮਗਧ ਦੇ ਉੱਥਾਨ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਗਧ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਆਰੰਭ ਵਿੱਚ ਕੇਵਲ ਬਿਹਾਰ ਪ੍ਰਾਂਤ ਦੇ ਗਯਾ ਅਤੇ ਪਟਨਾ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਹੀ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ, ਪਰ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਹਰਿਅੰਕ ਵੰਸ਼ ਦੇ ਰਾਜਿਆਂ ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਅਤੇ ਅਜਾਤਸ਼ਤਰੂ ਦੇ ਅਧੀਨ ਇਸ ਦਾ ਬਹੁਤ ਉੱਥਾਨ ਹੋਇਆ ।

1. ਬਿੰਬੀਸਾਰ – ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਮਗਧ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਸ਼ਾਸਕ ਸੀ । ਉਸਨੇ 543 ਈ: ਪੂ: ਤੋਂ 492 ਈ: ਪੂ: ਤਕ ਸ਼ਾਸਨ ਕੀਤਾ । ਉਸਨੇ ਗੰਗਾ ਨਦੀ ‘ਤੇ ਅਧਿਕਾਰ ਕਰ ਲਿਆ । ਉਸਨੇ ਦੱਖਣ-ਪੂਰਬ ਦੇ ਅੰਗ ਰਾਜ ਨੂੰ ਜਿੱਤਿਆ ਅਤੇ ਗੰਗਾ ਤੱਟ ਦੀ ਮੁੱਖ ਬੰਦਰਗਾਹ ਚੰਪਾ ‘ਤੇ ਅਧਿਕਾਰ ਜਮਾਇਆ । ਉਸ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਨਾਲੰਦਾ ਦੇ ਨੇੜੇ ਰਾਜਹਿ ਸੀ ।

2. ਅਜਾਤਸ਼ਤਰੂ – ਅਜਾਤਸ਼ਤਰੂ ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ । ਉਸਨੇ 492 ਈ: ਪੂ: ਤੋਂ 460 ਈ: ਪੂ: ਤੱਕ ਰਾਜ ਕੀਤਾ । ਉਸਨੇ ਗੁਆਂਢੀ ਰਾਜਾਂ ‘ਤੇ ਹਮਲੇ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਰਾਜ ਦਾ ਵਿਸਤਾਰ ਕੀਤਾ । ਉਸਨੇ ਕਾਸ਼ੀ, ਕੌਸ਼ਲ ਅਤੇ ਵੈਸ਼ਾਲੀ ’ਤੇ ਜਿੱਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਕੇ ਮਗਧ ਨੂੰ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਰਾਜ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ । ਉਸਨੇ ਪਾਟਲੀਪੁੱਤਰ (ਪਟਨਾ) ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਬਣਾਇਆ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 12 ਭਾਰਤ 600 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਇਸ ਕਾਲ (600 ਈ: ਪੂ: ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂ: ਤਕ) ਵਿੱਚ ਜਾਤ-ਪ੍ਰਥਾ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
600 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ ਦੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਜਾਤ-ਪ੍ਰਥਾ ਅਤੇ ਆਸ਼ਰਮ ਵਿਵਸਥਾ ਸਮਾਜ ਦੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਸੀ । ਜਾਤ-ਪ੍ਰਥਾ ਕਠੋਰ ਸੀ । ਸਮਾਜ ਤੱਕ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਚਾਰ ਜਾਤੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਇਹ ਜਾਤੀਆਂ ਬ੍ਰਾਹਮਣ, ਖੱਤਰੀ, ਵੈਸ਼ ਅਤੇ ਸ਼ੂਦਰ ਸਨ । ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਬ੍ਰਾਹਮਣਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਨਮਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ, ਜਦ ਕਿ ਸ਼ੂਦਰਾਂ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਬਹੁਤ ਖ਼ਰਾਬ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਚੰਗਾ ਵਿਵਹਾਰ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਜਾਤ-ਪ੍ਰਥਾ ਜਨਮ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਸੀ ।

ਉਪਰੋਕਤ ਚਾਰ ਜਾਤੀਆਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਕਿੱਤੇ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਅਨੇਕਾਂ ਉਪਜਾਤੀਆਂ ਵੀ ਸਨ । ਇਹਨਾਂ ਉਪਜਾਤੀਆਂ ਵਿੱਚ ਤਰਖਾਣ, ਲੁਹਾਰ, ਸੁਨਿਆਰੇ, ਰੱਥਕਾਰ, ਘੁਮਿਆਰ ਅਤੇ ਤੇਲੀ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਠੱਪੇ ਵਾਲੇ ਸਿੱਕਿਆਂ ਬਾਰੇ ਇੱਕ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
600 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂਰਵ ਤੱਕ ਦੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਖ਼ਰੀਦਵੇਚ ਲਈ ਤਾਂਬੇ ਅਤੇ ਚਾਂਦੀ ਦੇ ਬਣੇ ਸਿੱਕਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ਸਿੱਕਿਆਂ ਦਾ ਭਾਰ ਤਾਂ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਆਕਾਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ‘ਤੇ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਕਲਾਂ ਦੇ ਠੱਪੇ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਸਨ । ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਠੱਪੇ ਵਾਲੇ ਸਿੱਕੇ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਜੈਨ ਧਰਮ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਜੈਨ ਧਰਮ 600 ਈ: ਪੂ: ਹੋਂਦ ਵਿੱਚ ਆਇਆ ਸੀ । ਇਸ ਧਰਮ ਦੇ 24 ਗੁਰੁ ਹੋਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੀਰਥੰਕਰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ | ਆਦਿ ਨਾਥ (ਰਿਸ਼ਭ ਨਾਥ) ਪਹਿਲੇ ਤੀਰਥੰਕਰ ਅਤੇ ਵਰਧਮਾਨ ਮਹਾਂਵੀਰ 24ਵੇਂ ਤੀਰਥੰਕਰ ਸਨ ।

ਸਿੱਖਿਆਵਾਂਜੈਨ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਇਹ ਹਨ-

  1. ਅਹਿੰਸਾ – ਅਹਿੰਸਾ ਜੈਨ ਧਰਮ ਦਾ ਮੁੱਖ ਸਿਧਾਂਤ ਹੈ । ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਮਨ, ਵਚਨ ਅਤੇ ਕਰਮ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਕਸ਼ਟ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ । ਛੋਟੇ ਤੋਂ ਛੋਟੇ ਕਣ ਵਿੱਚ ਵੀ ਜੀਵ-ਆਤਮਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਦੀ ਹੱਤਿਆ ਨਾ ਹੋਵੇ ।
  2. ਸੱਚ – ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਸੱਚ ਬੋਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ । ਸੱਚ ਬੋਲਣ ਨਾਲ ਆਤਮਾ ਸ਼ੁੱਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਸਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਨਿੰਦਾ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ।
  3. ਚੋਰੀ ਨਾ ਕਰਨਾ – ਚੋਰੀ ਕਰਨਾ ਪਾਪ ਹੈ । ਬਿਨਾਂ ਆਗਿਆ ਤੋਂ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵਸਤੂ ਲੈਣਾ ਜਾਂ ਧਨ ਲੈਣਾ ਚੋਰੀ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਦੂਸਰਿਆਂ ਨੂੰ ਕਸ਼ਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
  4. ਸੰਪੱਤੀ ਨਾ ਰੱਖਣਾ – ਸੰਪੱਤੀ ਇਕੱਠੀ ਕਰਨਾ ਉਚਿਤ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਇਸ ਨਾਲ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖ ਸੰਸਾਰਕ ਬੰਧਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬੱਝ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
  5. ਬ੍ਰਹਮਚਰੀਆ ਦਾ ਪਾਲਣ – ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਮਚਰੀਆ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।
  6. ਕਠੋਰ ਤਪੱਸਿਆ-ਕਠੋਰ ਤਪੱਸਿਆ ਕਰਨ ਨਾਲ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਜਨਮ-ਮਰਨ ਦੇ ਚੱਕਰ ਤੋਂ ਮੁਕਤੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ।
  7. ਕ੍ਰਿਤਨ- ਤਨ ਮੋਕਸ਼ , ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਦਾ ਮਾਰਗ ਹੈ । ਇਹ ਕ੍ਰਿਤਨ ਸ਼ੁੱਧ ਗਿਆਨ, ਸ਼ੁੱਧ ਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਸ਼ੁੱਧ ਚਰਿੱਤਰ ਹੈ ।

ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਸੰਪਰਦਾਵਾਂ – ਸ਼ਵੇਤਾਂਬਰ ਅਤੇ ਦਿਗੰਬਰ, ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਦੋ ਸੰਪਰਦਾਵਾਂ ਹਨ :

  1. ਸ਼ਵੇਤਾਂਬਰ – ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਇਸ ਸੰਪਦਾਇ ਦੇ ਮੁਨੀ ਚਿੱਟੇ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਦੇ ਹਨ ।
  2. ਦਿਗੰਬਰ – ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਇਸ ਸੰਪ੍ਰਦਾਇ ਦੇ ਮਨੀ ਕੋਈ ਕੱਪੜਾ ਨਹੀਂ ਪਹਿਨਦੇ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਕਿਹੜੀਆਂ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਹਨ-
1. ਚਾਰ ਮਹਾਨ ਸੱਚਾਈਆਂ-ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਚਾਰ ਮਹਾਨ ਸੱਚਾਈਆਂ ਇਹ ਹਨ-

  • ਸੰਸਾਰ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਘਰ ਹੈ ।
  • ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਕਾਰਨ ਇੱਛਾਵਾਂ (ਤ੍ਰਿਸ਼ਨਾ) ਹਨ ।
  • ਇੱਛਾਵਾਂ (ਤ੍ਰਿਸ਼ਨਾ) ਨੂੰ ਕੰਟਰੋਲ ਵਿੱਚ ਕਰਨ ਨਾਲ ਦੁੱਖਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
  • ਇੱਛਾਵਾਂ (ਤ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਦਾ ਦਮਨ ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ ਦੁਆਰਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

2. ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ – ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਦੁੱਖਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਣ ਅਤੇ ਨਿਰਵਾਣ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ ਦੱਸਿਆ ਹੈ । ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ ਦੇ ਅੱਠ ਸਿਧਾਂਤ ਇਹ ਹਨ-

  • ਸੱਚੀ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ,
  • ਸੱਚਾ ਸੰਕਲਪ,
  • ਸੱਚਾ ਵਚਨ,
  • ਸੱਚਾ ਕਰਮ,
  • ਸੱਚਾ ਰਹਿਣ-ਸਹਿਣ,
  • ਸੱਚਾ ਯਤਨ,
  • ਸੱਚੀ ਸਮ੍ਰਿਤੀ,
  • ਸੱਚਾ ਧਿਆਨ ।

3. ਮੱਧ ਮਾਰਗ – ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਮੱਧ ਮਾਰਗ ਅਪਣਾਉਣ ਦੀ ਵੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦਿੱਤੀ । ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਨਾ ਤਾਂ ਕਠੋਰ ਤਪੱਸਿਆ ਦੁਆਰਾ ਆਪਣੇ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਕਸ਼ਟ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਵਿਅਰਥ ਭੋਗ-ਵਿਲਾਸ ਵਿੱਚ ਡੁਬੋ ਕੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ।

4. ਨੈਤਿਕ ਸਿੱਖਿਆ – ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੀਆਂ ਨੈਤਿਕ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਵਿੱਚ ਅਹਿੰਸਾ, ਸੱਚ ਬੋਲਣਾ, ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦਾ ਸੇਵਨ ਨਾ ਕਰਨਾ, ਧਨ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣਾ, ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਭੋਜਨ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਪਰਾਈ ਸੰਪੱਤੀ ‘ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਨਾ ਰੱਖਣਾ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ ।

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II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ :

(1) ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਨੇ ……………….. ਤੋਂ …………………….. ਈ: ਪੂ: ਤੱਕ ਰਾਜ ਕੀਤਾ ।
ਉੱਤਰ-
543, 492

(2) ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ……………………………… ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਮਿਤਿਆ

(3) ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ ……………………………. ਮੁੱਖ ਕਿੱਤਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
ਲੋਕਾਂ ਦਾ

(4) ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਕੁੱਲ …………………………………… ਤੀਰਥੰਕਰ ਹੋਏ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
24

(5) ਗੌਤਮ ਬੁੱਧ ਦਾ ਅਸਲ ਨਾਮ …………………….. ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
ਸਿਧਾਰਥ

(6) ਭਗਵਾਨ ਮਹਾਂਵੀਰ ਜੀ ਨੇ ਲਗਭਗ ……………………….. ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਹਿਸਥੀ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕੀਤਾ ।
ਉੱਤਰ-
30.

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III. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ :

(1) ਮਗਧ (ਉ) ਗਣਤੰਤਰ
(2) ਅਜਾਤਸ਼ਤਰੂ (ਅ) ਮਹਾਜਨਪਦ
(3) ਵੱਜੀ (ੲ) ਨਿਗਮ (ਸ਼ਿਲਪ ਗੁਟ)
(4) ਸ਼੍ਰੇਣੀ (ਸ) ਰਾਜਾ ।
(5) ਪਾਰਸ਼ਵ ਨਾਥ (ਹ) ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ
(6) ਬੁੱਧ (ਕ) ਤੀਰਥੰਕਰ

ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ਜੋੜੇ :

(1) ਮਗਧ (ਅ) ਮਹਾਜਨਪਦ
(2) ਅਜਾਤਸ਼ਤਰੂ (ਸ) ਰਾਜਾ
(3) ਵੱਜੀ (ਉ) ਗਣਤੰਤਰ
(4) ਸ਼੍ਰੇਣੀ (ੲ) ਨਿਗਮ (ਸ਼ਿਲਪ ਗੁਟ)
(5) ਪਾਰਸ਼ਵ ਨਾਥ (ਕ) ਤੀਰਥੰਕਰ
(6) ਬੁੱਧ (ਹ) ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ

IV. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸਹੀ (√) ਜਾਂ ਗ਼ਲਤ (×) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ :

(1) ਸ਼ੋਡਸ਼ ਜਨਪਦਾਂ ਦਾ ਉਲੇਖ ਬੋਧ ਸਾਹਿਤ ਵਿੱਚ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(√)

(2) ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਨੇ 543 ਤੋਂ 492 ਈ: ਤੱਕ ਰਾਜ ਕੀਤਾ ।
ਉੱਤਰ-
(×)

(3) ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਚੇਰ ਦੇ ਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
(×)

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(4) ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਉੱਤੇ ਕਰ ਫਸਲ ਦਾ 1/4 ਹਿੱਸਾ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
(×)

(5) ਸਾਰਥਵਾਹ ਵਪਾਰੀਆਂ ਦਾ ਨੇਤਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
(×)

(6) ਜੈਨੀਆਂ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਹੈ ਕਿ 24 ਤੀਰਥੰਕਰ ਸਨ ।
ਉੱਤਰ-
(√)

(7) ਗੌਤਮ ਬੁੱਧ ਸਿਧਾਰਥ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਨਹੀਂ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
(√)

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ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਉੱਤਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜੈਨੀਆਂ ਦੇ 24 ਤੀਰਥੰਕਰ ਸਨ ? ਕੀ ਤੁਸੀਂ 23ਵੇਂ ਤੀਰਥੰਕਰ ਦਾ ਨਾਂ ਦੱਸ ਸਕਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਗਵਾਨ ਪਾਰਸ਼ਵ ਨਾਥ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਸੰਸਥਾਪਕ ਗੌਤਮ ਬੁੱਧ ਸਨ । ਕੀ ਤੁਸੀਂ ‘ਬੁੱਧ’ ਸ਼ਬਦ ਦਾ ਅਰਥ ਦੱਸ ਸਕਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਗਿਆਨਵਾਨ ਮਨੁੱਖ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਕਾਰਨ ਕੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਇੱਛਾਵਾਂ (ਤ੍ਰਿਸ਼ਨਾ) ।

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ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦੀ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਕੀ ਸੀ ?
(ਉ) ਯਸ਼ੋਦਰਾ
(ਅ) ਮਹਾਂਮਾਇਆ
(ੲ) ਵਿਸ਼ਵਵਾਰਾ
ਉੱਤਰ-
(ਅ) ਮਹਾਂਮਾਇਆ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਨੂੰ ਕਠੋਰ ਤਪੱਸਿਆ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ‘ਕੈਵਲਯ ਗਿਆਨ’ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੋਈ । ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇਸ ਦਾ ਅਰਥ ਕੀ ਹੈ ?
(ੳ) ਸਵਰਗ-ਨਰਕ ਦਾ ਗਿਆਨ
(ਅ) ਮਾਨਵ-ਜਾਤੀ ਦਾ ਸੰਪੂਰਨ ਗਿਆਨ
(ੲ) ਹਿਮੰਡ ਦਾ ਸੰਪੂਰਨ ਗਿਆਨ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਹਿਮੰਡ ਦਾ ਸੰਪੂਰਨ ਗਿਆਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
‘ਤ੍ਰਿਪਿਟਕ’ ਇਕ ਮਹਾਨ ਪੁਰਸ਼ ਦੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਦਾ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਹੈ । ਉਸ ਮਹਾਨ ਪੁਰਸ਼ ਦਾ ਨਾਮ ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿਚੋਂ ਕੀ ਸੀ ?
(ਉ) ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ
(ਅ) ਭਗਤ ਕਬੀਰ
(ੲ) ਭਗਵਾਨ ਬੁੱਧ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਭਗਵਾਨ ਬੁੱਧ ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਮਗਧ ਰਾਜ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿਸ ਸ਼ਾਸਕ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਬਣਿਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਦੇ ਸਮੇਂ ਮਗਧ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਕਿਹੜੀ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਦੇ ਸਮੇਂ ਮਗਧ ਦੀ ਰਾਜਧਾਨੀ ਰਾਜਹਿ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਨੇ ਕਿਹੜੇ ਰਾਜਾਂ ਨਾਲ ਵਿਆਹ ਸੰਬੰਧ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤੇ ?
ਉੱਤਰ-
ਬਿੰਬੀਸਾਰ ਨੇ ਕੋਸ਼ਲ, ਵੈਸ਼ਾਲੀ ਅਤੇ ਮਾਦਰਾ ਰਾਜਾਂ ਨਾਲ ਵਿਆਹ ਸੰਬੰਧ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤੇ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਸੰਸਥਾਪਕ ਕੌਣ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਸੰਸਥਾਪਕ ਮਹਾਂਪਦਮ ਨੰਦ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਦਾ ਮੁੱਢਲਾ ਨਾਂ ਕੀ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਦਾ ਮੁੱਢਲਾ ਨਾਂ ਵਰਧਮਾਨ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਦੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਦੀ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਤ੍ਰਿਸ਼ਲਾ ਅਤੇ ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਸਿਧਾਰਥ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਨੂੰ ਕਿਸ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਗਿਆਨ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੋਈ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਨੂੰ 42 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਗਿਆਨ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੋਈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਤਿੰਨ ਰਤਨਾਂ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਤਿੰਨ ਰਤਨ-ਸੱਚਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ, ਸੱਚਾ ਗਿਆਨ ਅਤੇ ਸੱਚਾ ਕਰਮ ਹਨ । ਮਹਾਂਵੀਰ ਸਵਾਮੀ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਮਨੁੱਖ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਕੇ ਮੁਕਤੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦਾ ਜਨਮ ਕਦੋਂ ਅਤੇ ਕਿੱਥੇ ਹੋਇਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦਾ ਜਨਮ 567 ਈ: ਪੂ: ਵਿੱਚ ਕਪਿਲਵਸਤੂ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦੀ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਮਹਾਂਮਾਇਆ ਅਤੇ ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਧੋਧਨ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਆਪਣਾ ਪਹਿਲਾ ਉਪਦੇਸ਼ ਕਿੱਥੇ ਦਿੱਤਾ ? ਇਸ ਨੂੰ ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਆਪਣਾ ਪਹਿਲਾ ਉਪਦੇਸ਼ ਸਾਰਨਾਥ ਦੇ ਹਿਰਨ ਪਾਰਕ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤਾ । ਇਸ ਨੂੰ ‘ਧਰਮ ਚੱਕਰ ਪਰਿਵਰਤਨ’ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 12.
ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ ਦੇ ਅੱਠ ਸਿਧਾਂਤ ਕਿਹੜੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੱਚੀ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ, ਸੱਚਾ ਸੰਕਲਪ, ਸੱਚਾ ਵਚਨ, ਸੱਚਾ ਕਰਮ, ਸੱਚਾ ਰਹਿਣ-ਸਹਿਣ, ਸੱਚਾ ਯਤਨ, ਸੱਚੀ ਸਮ੍ਰਿਤੀ ਅਤੇ ਸੱਚਾ ਧਿਆਨ ।

ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਗਣਰਾਜ ਦਾ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
600 ਈ: ਪੂ: ਦੇ ਮਹਾਜਨਪਦਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਈ ਗਣਰਾਜ ਸਨ । ਗਣਰਾਜਾਂ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸਥਿਤੀ ਰਾਜਤੰਤਰ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਰਾਜਾ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਦੁਆਰਾ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਕਿਸੇ ਮੁਖੀ ਦੇ ਹੱਥ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਸੀ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਅਹੁਦਾ ਵੀ ਜੱਦੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੁੰਦਾ । ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਸਾਰਾ ਕੰਮ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਸਲਾਹ ਨਾਲ ਕਰਦੇ ਸਨ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਾਜਤੰਤਰ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਾਜਤੰਤਰ ਵਿੱਚ ਰਾਜੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਸੀ । ਰਾਜੇ ਦਾ ਅਹੁਦਾ ਜੱਦੀ ਸੀ । ਰਾਜਾ ਆਪਣੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਰਾਜ ਕਰਦਾ ਸੀ । ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਉਣ, ਕਾਨੂੰਨ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਨਿਆਂ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਉਸੇ ਦੇ ਹੱਥ ਵਿੱਚ ਸਨ ।ਉਹ ਜਨਤਾ ਦੀ ਖ਼ੁਸ਼ਹਾਲੀ, ਸੁੱਖ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਅਤੇ ਰਾਜ ਦੀ ਉੱਨਤੀ ਕਰਨ ਲਈ ਯਤਨ ਕਰਨਾ ਆਪਣਾ ਕਰਤੱਵ ਸਮਝਦਾ ਸੀ । ਰਾਜ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਸਰੋਤ ਟੈਕਸ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਸੰਸਥਾਪਕ ਕੌਣ ਸੀ ? ਉਸ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਸੰਸਥਾਪਕ ਮਹਾਂਪਦਮ ਨੰਦ ਸੀ । ਉਸ ਕੋਲ ਇੱਕ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਸਥਾਈ ਸੈਨਾ ਸੀ । ਉਸ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਬਦਬਾ ਸੀ । ਇੱਥੋਂ ਤੱਕ ਕਿ
ਯੂਨਾਨੀ ਸ਼ਾਸਕ ਸਿਕੰਦਰ ਵੀ ਉਸ ਤੋਂ ਡਰ ਕੇ ਬਿਆਸ ਨਦੀ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਨ ਦਾ ਹੌਂਸਲਾ ਨਾ ਕਰ ਸਕਿਆ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦੇ ਸ਼ਾਸਕ ਧਨਾਨੰਦ ਤੇ ਸੰਖੇਪ ਨੋਟ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਹਾਂਪਦਮ ਨੰਦ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਧਨਾਨੰਦ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਆਖ਼ਰੀ ਸ਼ਾਸਕ ਸੀ । ਉਸ ਕੋਲ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵੱਡੀ ਸੈਨਾ ਸੀ । ਪਰ ਉਹ ਆਲਸੀ, ਕਰੋਧੀ, ਵਿਲਾਸੀ ਅਤੇ ਜ਼ਾਲਮ ਰਾਜਾ ਸੀ । ਉਹ ਪਰਜਾ ਵਿੱਚ ਬਦਨਾਮ ਸੀ । ਉਸਨੂੰ ਚੰਦਰਗੁਪਤ ਮੌਰੀਆ ਨੇ ਹਰਾ ਕੇ ਨੰਦ ਵੰਸ਼ ਦਾ ਅੰਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਵਰਧਮਾਨ ਮਹਾਂਵੀਰ ਦੇ ਬਚਪਨ ਅਤੇ ਵਿਆਹ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਰਧਮਾਨ ਮਹਾਂਵੀਰ ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ 24ਵੇਂ ਅਤੇ ਆਖ਼ਰੀ ਤੀਰਥੰਕਰ ਸਨ । ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਜਨਮ 599 ਈ: ਪੂਰਵ ਵਿੱਚ ਵਰਤਮਾਨ ਬਿਹਾਰ ਦੇ ਵੈਸ਼ਾਲੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਡਗਾਮ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ । ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਸਿਧਾਰਥ ਅਤੇ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਤਿਸ਼ਲਾ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨਿੱਛਵੀ ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਸਰਦਾਰ ਸਨ । ਰਾਜ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਮਹਾਂਵੀਰ ਜੀ ਨੇ ਬਹੁਤ ਸਾਦਾ ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕੀਤਾ । ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਵਿਆਹ ਯਸ਼ੋਦਾ ਨਾਂ ਦੀ ਰਾਜਕੁਮਾਰੀ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਘਰ ਇੱਕ ਪੁੱਤਰੀ ਦਾ ਵੀ ਜਨਮ ਹੋਇਆ ।

ਸ਼ਨ 6.
600 ਈ: ਪੂ: ਤੋਂ 400 ਈ: ਪੂ: ਤਕ ਆਸ਼ਰਮ ਵਿਵਸਥਾ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਮਨੁੱਖ ਦੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਚਾਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਇਹਨਾਂ ਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਆਸ਼ਰਮ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ । ਇਹ ਆਸ਼ਰਮ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਨ-

  1. ਬ੍ਰਹਮਚਰੀਆ ਆਸ਼ਰਮ,
  2. ਗ੍ਰਹਿਸਥ ਆਸ਼ਰਮ,
  3. ਵਾਨਪ੍ਰਸਥ ਆਸ਼ਰਮ,
  4. ਸੰਨਿਆਸ ਆਸ਼ਰਮ ।

ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਕਿਉਂ ਹੋਇਆ ?
ਉੱਤਰ-
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਸਨ-

  1. ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਇੱਕ ਸਰਲ ਧਰਮ ਸੀ । ਇਸ ਦੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਬਹੁਤ ਸਰਲੇ ਸਨ ।
  2. ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ।
  3. ਲੋਕ ਯੱਗਾਂ ਆਦਿ ਤੋਂ ਤੰਗ ਆ ਚੁੱਕੇ ਸਨ । ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਯੁੱਗਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਦੁਆਇਆ ।
  4. ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਜਾਤ-ਪਾਤ ਦਾ ਕੋਈ ਭੇਦਭਾਵ ਨਹੀਂ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਸ਼ੂਦਰ ਜਾਤੀ ਦੇ ਲੋਕ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦੇ ਪੈਰੋਕਾਰ ਬਣ ਗਏ ।
  5. ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਨੇ ਮੱਠਾਂ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਕੀਤੀ । ਇਹਨਾਂ ਮੱਠਾਂ ਵਿੱਚ ਬੁੱਧ ਭਿਕਸ਼ੂ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ । ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਸ਼ੁੱਧ ਜੀਵਨ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਕੇ ਅਨੇਕਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਅਪਣਾ ਲਿਆ |
  6. ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਨੂੰ ਕਈ ਰਾਜਿਆਂ ਨੇ ਵੀ ਅਪਣਾਇਆ । ਅਸ਼ੋਕ ਅਤੇ ਕਨਿਸ਼ਕ ਵਰਗੇ ਰਾਜਿਆਂ ਨੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਨਾ ਕੇਵਲ ਆਪਣੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ, ਸਗੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਸ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕਰਵਾਇਆ ।
  7. ਲੋਕ ਮਹਾਤਮਾ ਬੁੱਧ ਦੇ ਉੱਚੇ ਚਰਿੱਤਰ ਤੋਂ ਵੀ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋਏ ।
    ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਭਾਰਤ, ਚੀਨ, ਕੋਰੀਆ, ਤਿੱਬਤ, ਜਾਪਾਨ, ਸ਼੍ਰੀ ਲੰਕਾ ਆਦਿ ਅਨੇਕਾਂ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਫੈਲ ਗਿਆ ।

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ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਅਤੇ ਜੈਨ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਅਤੇ ਜੈਨ ਧਰਮ, ਦੋਵੇਂ 600 ਈ: ਪੂ: ਦੇ ਧਾਰਮਿਕ ਅੰਦੋਲਨ ਸਨ । ਦੋਹਾਂ ਧਰਮਾਂ ਦੀ ਉਤਪੱਤੀ ਉਸ ਸਮੇਂ ਹੋਈ ਜਦੋਂ ਭਾਰਤੀ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਬੁਰਾਈਆਂ ਆ ਗਈਆਂ ਸਨ । ਦੋਵੇਂ ਧਰਮ ਜਾਤ-ਪਾਤ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਅਤੇ ਅਹਿੰਸਾ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿੱਚ ਸਨ | ਪਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਕਈ ਭਿੰਨਤਾਵਾਂ ਵੀ ਸਨ-

  1. ਦੋਵੇਂ ਧਰਮ ਅਹਿੰਸਾ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਕਰਦੇ ਸਨ, ਪਰ ਜੈਨ ਧਰਮ ਅਹਿੰਸਾ ‘ਤੇ ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਤੋਂ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਲਈ ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਪੈਰੋਕਾਰ ਪਾਣੀ ਪੁਣ ਕੇ ਪੀਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਨੰਗੇ ਪੈਰੀਂ ਤੁਰਦੇ ਹਨ ।
  2. ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਮੁਕਤੀ ਦਾ ਮਾਰਗ ਅਸ਼ਟ ਮਾਰਗ ਹੈ ਜਦ ਕਿ ਜੈਨ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਮੁਕਤੀ ਦਾ ਮਾਰਗ ਕਠੋਰ ਤਪ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਘੇਰ ਕਸ਼ਟ ਦੇਣ ਦਾ ਰਸਤਾ ਹੈ ।
  3. ਬੁੱਧ ਧਰਮ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦੀ ਹੋਂਦ ਬਾਰੇ ਚੁੱਪ ਹੈ । ਜਦਕਿ ਜੈਨ ਧਰਮ ਤਾਂ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦੀ ਹੋਂਦ ਵਿੱਚ ਬਿਲਕੁਲ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਨਹੀਂ ਰੱਖਦਾ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

Punjab State Board PSEB 7th Class Social Science Book Solutions Geography Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ Textbook Exercise Questions and Answers.

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ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
(ੳ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਹਰੇਕ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਦਾ ਉੱਤਰ ਇਕ ਸ਼ਬਦ/ਇਕ ਵਾਕ (1-15) ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਕਿਸ ਨੂੰ ਆਖਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਧਰਤੀ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਹਵਾ ਦਾ ਇਕ ਘੇਰਾ ਜਾਂ ਗਿਲਾਫ਼ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ । ਇਸ ਘੇਰੇ ਨੂੰ ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਘੇਰਾ 1600 ਕਿ: ਮੀ: ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤਕ ਹੈ । ਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ (90%) ਹਵਾ 32 ਕਿ: ਮੀ: ਦੇ ਘੇਰੇ ਵਿਚ ਹੀ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਭੂਗੋਲ ਵਿਚ ਅਸੀਂ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦਾ ਅਧਿਐਨ ਕਿਉਂ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੂਗੋਲ ਵਿਚ ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਦਾ ਅਧਿਐਨ ਇਸ ਲਈ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਧਰਤੀ ਤੇ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਤਹਿਆਂ ਦੇ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਚਾਰ ਮੁੱਖ ਤਹਿਆਂ ਹਨ

  1. ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਮੰਡਲ (Troposphere) |
  2. ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ (Stratosphere) ।
  3. ਮਧਵਰਤੀ ਮੰਡਲ (Mesosphere) ।
  4. ਤਾਪ ਮੰਡਲ (Thermosphere) ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਮਤਾਪ ਸੀਮਾ ਕਿਸ ਨੂੰ ਆਖਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ ਦੀ ਉੱਪਰੀ ਸੀਮਾਂ ਨੂੰ ਸਮਤਾਪ ਸੀਮਾ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਬਾਹਰੀ ਮੰਡਲ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਬਾਹਰੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਬਾਹਰੀ ਮੰਡਲ (Exosphere) ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਦੇ ਵਿਸ਼ੇ ਵਿਚ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਫਿਰ ਵੀ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਹੈ ਕਿਇਸ ਪਰਤ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਘਣਤਾ ਵਾਲੀਆਂ ਗੈਸਾਂ ਹਾਈਡ੍ਰੋਜਨ ਅਤੇ ਹੀਲੀਅਮ ਹਨ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਗੈਸਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਹੋਰ ਕਿਹੜੇ ਅੰਸ਼ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਗੈਸਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜਲ ਵਾਸ਼ਪ ਅਤੇ ਧੂੜ ਕਣ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਹਵਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਕਿਸ ਨੂੰ ਆਖਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖ ਦੁਆਰਾ ਪੈਦਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਸ ਸਥੂਲਤਾ ਨੂੰ ਹਵਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਸਥੂਲਤਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ-ਠੋਸ ਅਤੇ ਗੈਸ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਤਾਪਮਾਨ ਕੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਮਾਪਣ ਲਈ ਕਿਹੜੇ ਪੈਮਾਨੇ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਤਾਪਮਾਨ ਨੂੰ ਮਾਪਣ ਲਈ ਦੋ ਪੈਮਾਨੇ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ-

  • ਸੈਲਸੀਅਸ ਪੈਮਾਨਾ
  • ਫਾਰਨਹੀਟ ਪੈਮਾਨਾ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ‘ਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ‘ਤੇ ਸੂਰਜ ਦੀਆਂ ਕਿਰਨਾਂ ਸਿੱਧੀਆਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਇੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਦਿਨ ਅਤੇ ਰਾਤ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਕਿਉਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਦਿਨ ਦੇ ਸਮੇਂ ਧਰਤੀ ਸੂਰਜ ਤੋਂ ਗਰਮੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਰਾਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਛੱਡਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਦਿਨ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਰਾਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਘੱਟ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 11.
ਸ਼ਿਮਲੇ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਤੋਂ ਕਿਉਂ ਘੱਟ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ? ,
ਉੱਤਰ-
ਇਸ ਦਾ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ਿਮਲਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੀ ਬਜਾਏ ਜ਼ਿਆਦਾ ਉੱਚਾਈ ‘ਤੇ ਸਥਿਤ ਹੈ । ਉੱਚਾਈ ‘ਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹੋਏ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

(ਅ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਗਪਗ 50-60 ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਹਵਾ ਦੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕਾਰਕਾਂ ਦੀ ਸੰਖੇਪ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਹਵਾ ਦੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕਾਰਕਾਂ ਦਾ ਸੰਖੇਪ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈI. ਠੋਸ ਕਾਰਕ-

  • ਜਵਾਲਾਮੁਖੀ ਹਵਾ ਨੂੰ ਧੂੜ ਕਣਾਂ ਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ |
  • ਈਂਧਨ ਦੇ ਜਲਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਕਾਰਬਨ ਦੇ ਕਣ ਧੂੰਏਂ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਹਵਾ ਵਿਚ ਜਮਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
  • ਕਲ-ਕਾਰਖ਼ਾਨੇ ਵੀ ਹਵਾ ਵਿਚ ਧੂੜ ਕਣ ਛੱਡਦੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਐਸਬਸਟਾਸ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਦਾ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖ਼ਤਰਨਾਕ ਸੋਤ ਹੈ ।

1. ਗੈਸੀ ਕਾਰਕ-

  • ਮੋਟਰ ਗੱਡੀਆਂ ਦੁਆਰਾ ਨਿਕਲਿਆ ਹੋਇਆ ਧੂੰਆਂ ਇਕ ਭਿਆਨਕ ਗੈਸੀ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਹੈ ।
  • ਵਧੇਰੇ ਆਵਾਜਾਈ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ‘ਤੇ ਵਾਹਨ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਕਾਰਬਨ ਮੋਨੋਆਕਸਾਈਡ ਗੈਸ ਛੱਡਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਬਹੁਤ ਜ਼ਹਿਰੀਲੀ ਗੈਸ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।
  • ਹਵਾ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਗੈਸੀ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਕ ਸਮਾਗ (Smog) ਹੈ । ਇਹ ਧੁੰਦ ਅਤੇ ਧੂੰਏਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਹ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਸਿਹਤ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।
  • ਹਵਾ ਦੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਹਵਾ ਵਿਚ ਓਜ਼ੋਨ ਦੀ ਘੱਟ ਮਾਤਰਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਹੇਠਲੀ ਤਹਿ ਨੂੰ ਕੀ ਆਖਦੇ ਹਨ ? ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਹੇਠਲੀ ਤਹਿ ਨੂੰ ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਜਾਂ ਅਸ਼ਾਂਤ ਮੰਡਲ ਆਖਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਸੰਘਣੀ ਤਹਿ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਅਧੋ-ਮੰਡਲ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਧਰਤੀ ਦੇ ਦੁਆਲੇ ਇਸ ਦਾ ਆਕਾਰ ਆਂਡੇ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਉੱਚਾਈ 12 ਕਿ: ਮੀ: ਹੈ । ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ਤੇ ਇਸ ਦੀ ਮੋਟਾਈ 16-18 ਕਿ: ਮੀ: ਅਤੇ ਧਰਵਾਂ ਤੇ 6-8 ਕਿ: ਮੀ: ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਇਹ ਤਹਿ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਅਸ਼ਾਂਤ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਮੌਸਮ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਕਿਰਿਆਵਾਂ, ਜਿਵੇਂ-ਵਰਖਾ, ਹਨੇਰੀ, ਬੱਦਲ, ਤੁਫ਼ਾਨ ਆਦਿ ਇਸੇ ਤਹਿ ਵਿਚ ਹੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਜਲ-ਕਣਾਂ ਦੀ ਵਧੇਰੇ ਮਾਤਰਾ ਵੀ ਅਸ਼ਾਂਤ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਸਮੁੱਚੇ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ 75% ਹਵਾ ਇਸੇ ਤਹਿ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਤਹਿ ਵਿਚ ਉੱਪਰ ਜਾਣ ਨਾਲ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਘਟਣ ਦੀ ਦਰ 6.5° ਸੈਂਟੀਗ੍ਰੇਡ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਹਵਾ ਵਿਚਲੀਆਂ ਮੁੱਖ ਗੈਸਾਂ ਦੇ ਮਿਸ਼ਰਨ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਹਵਾ ਗੈਸਾਂ ਦਾ ਇਕ ਮਿਸ਼ਰਨ ਹੈ । ਹਵਾ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਗੈਸਾਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਅਤੇ ਆਕਸੀਜਨ ਹਨ । ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਗੈਸਾਂ ਆਰਗਨ, ਕਾਰਬਨ-ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ ਅਤੇ ਹਾਈਡਰੋਜਨ ਹਨ । ਹਵਾ ਵਿਚ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 78.03%, ਆਕਸੀਜਨ 20.99%, ਆਰਗਨ 0.94%, ਕਾਰਬਨ-ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ 0.03% ਅਤੇ ਹਾਈਡੋਜਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 0.01% ਹੈ । ਸਾਰੇ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਇਹਨਾਂ ਗੈਸਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਲਗਪਗ ਸਥਿਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ । ਪਰ ਉੱਚਾਈ ਦੇ ਵੱਧਣ ਨਾਲ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਆਉਂਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਓਜ਼ੋਨ ਗੈਸ ਕਿੱਥੇ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਕੀ ਮਹੱਤਤਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਓਜ਼ੋਨ ਗੈਸ ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਮਹੱਤਤਾ-ਓਜ਼ੋਨ ਗੈਸ ਇਕ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਗੈਸ ਹੈ । ਇਹ ਗੈਸ ਸੂਰਜ ਤੋਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪਰਾਬੈਂਗਣੀ ਕਿਰਨਾਂ ਨੂੰ ਜੋ ਕਿ ਜੀਵ-ਜਗਤ ਲਈ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ, ਆਪਣੇ ਅੰਦਰ ਸਮਾ ਲੈਂਦੀ ਹੈ । ਓਜ਼ੋਨ ਗੈਸ ਕਾਰਨ ਹੀ ਸੂਰਜ ਤੋਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਗਰਮੀ ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰਹਿ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸੇ ਲਈ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ‘ਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਵੱਧਦਾ ।

(ਇ) ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦਾ ਉੱਤਰ ਲਗਪਗ 125-130 ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਦਿਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਤਹਿਆਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਅਨੁਮਾਨ ਹੈ ਕਿ ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਲਗਪਗ 1600 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤੱਕ ਫੈਲਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ । ਇਸ ਨੂੰ ਚਾਰ ਮੁੱਖ ਤਹਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ –
PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 1
1. ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਮੰਡਲ-ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਹੇਠਲੀ ਤਹਿ ਨੂੰ ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਮੰਡਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਦੀ ਸਤਹਿ ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤ ਉੱਚਾਈ 12 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੇ ਲਗਪਗ ਹੈ । ਇਹ ਉੱਚਾਈ ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ‘ਤੇ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ (16-18 ਕਿਲੋਮੀਟਰ) ਅਤੇ ਧਰੁਵਾਂ ‘ਤੇ ਸਭ ਤੋਂ ਘੱਟ 68 ਕਿਲੋਮੀਟਰ) ਹੈ । ਪੂਰੇ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ 75% ਵਾਯੂ ਇਸੇ ਪਰਤ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਤਹਿ ਵਿਚ ਉੱਪਰ ਜਾਂਦਿਆਂ ਹੋਇਆਂ ਤਾਪਮਾਨ 6.50 ਸੈਂਟੀਗ੍ਰੇਡ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿ: ਮੀ: ਦੀ ਦਰ ਨਾਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਤੀਬਰ ਮੌਸਮੀ ਪਰਿਵਰਤਨ ਇਸ ਤਹਿ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਹੈ । ਇਹ ਪਰਿਵਰਤਨ ਇਸ ਤਹਿ ਵਿਚ ਪਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਧੂੜ-ਕਣਾਂ ਤੇ ਜਲ-ਵਾਸ਼ਪਾਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਭੂਗੋਲਿਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਤੋਂ ਮਨੁੱਖ ਲਈ ਇਹ ਮੰਡਲ ਹੀ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੈ ।

2. ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ-ਇਹ ਅਸ਼ਾਂਤ ਮੰਡਲ ਦੇ ਉੱਪਰ ਦੀ ਤਹਿ ਹੈ । ਇਸ ਤਹਿ ਵਿਚ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਸਥਿਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਤਾਪਮਾਨ ਵਿਚ ਸਮਾਨਤਾ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੀ ਇਸ ਤਹਿ ਨੂੰ ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਹਵਾ ਵੀ ਪਤਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਨਾ ਤਾਂ ਧੂੜ ਦੇ ਕਣ ਹਨ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਜਲ-ਵਾਸ਼ਪ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਪਰਤ ਲਗਪਗ 50 ਤੋਂ 55 ਕਿ: ਮੀ: ਤਕ ਫੈਲੀ ਹੋਈ ਹੈ । ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ਤੋਂ ਇਸਦੀ ਉੱਚਾਈ ਲਗਪਗ 15 ਕਿ:ਮੀ: ਹੈ । ਇਸਦੀ ਉੱਪਰੀ ਸੀਮਾ ਨੂੰ ਸਮਤਾਪ ਸੀਮਾ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

3. ਮੱਧਵਰਤੀ ਮੰਡਲ-ਸਮਤਾਪ ਸੀਮਾ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਤਹਿ ਨੂੰ ਮੱਧਵਰਤੀ ਮੰਡਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਤਹਿ ਵਿਚ ਉੱਚਾਈ ਦੇ ਵੱਧਣ ’ਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਲਗਪਗ 80 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ‘ਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 90° ਸੈਂਟੀਗ੍ਰੇਡ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਮੱਧਵਰਤੀ ਮੰਡਲ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ ਸੀਮਾ ਨੂੰ ਮੱਧਵਰਤੀ ਸੀਮਾ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਸੀਮਾ ਤੋਂ ਅੱਗੇ ਤਾਪਮਾਨ ਫਿਰ ਵੱਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

4. ਤਾਪ ਮੰਡਲ-ਮੱਧਵਰਤੀ ਸੀਮਾ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਤਾਪਮਾਨ ਵਧਣ ਲੱਗਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਇਸਨੂੰ ਤਾਪ ਮੰਡਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਗੈਸਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

5. ਆਇਨ ਮੰਡਲ-ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਹੇਠਲੀ ਪਰਤ ਆਇਨ ਮੰਡਲ ਕਹਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਤਾਪ ਮੰਡਲ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਲਗਭਗ 300 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਤੱਕ ਹੈ। 100 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਤੋਂ ਉੱਚਾਈ ਦੇ ਵੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹੋਏ ਇਸ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਅਨੇਕ ਬਿਜਲਈ ਕਣ ਆਇਨ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਰੇਡੀਓ ਤਰੰਗਾਂ ਨੂੰ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਪਰਤਣ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਵਾਇਰਲੈਂਸ ਸੰਚਾਰ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਕਿਸੇ ਥਾਂ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਨੂੰ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਵਿਆਖਿਆ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਤਾਪਮਾਨ ਕਦੇ ਵੀ ਸਥਿਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦਾ । ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਥਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਹ ਘੱਟਦਾ-ਵੱਧਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਅਸਲ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਥਾਂ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਨੂੰ ਅਨੇਕਾਂ ਤੱਤ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ :
1. ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ਤੋਂ ਦੂਰੀ-ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ‘ਤੇ ਸੂਰਜ ਦੀਆਂ ਕਿਰਨਾਂ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਸਿੱਧੀਆਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ | ਪਰ ਜਿਉਂਜਿਉਂ ਅਸੀਂ ਧਰੁਵਾਂ ਵੱਲ ਜਾਈਏ, ਕਿਰਨਾਂ ਤਿਰਛੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ । ਸਿੱਧੀਆਂ ਕਿਰਨਾਂ ਤਿਰਛੀਆਂ ਕਿਰਨਾਂ ਨਾਲੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਸ ਲਈ ਜੋ ਥਾਂਵਾਂ ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ਦੇ ਨੇੜੇ ਸਥਿਤ ਹਨ ਉੱਥੋਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ ਤੋਂ ਧਰੁਵਾਂ ਵੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹੋਏ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

2. ਸਮੁੰਦਰ ਤਲ ਤੋਂ ਉੱਚਾਈ-ਜੋ ਸਥਾਨ ਸਮੁੰਦਰ ਤਲ ਤੋਂ ਜਿੰਨਾ ਉੱਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਉਸ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਉਨਾਂ ਹੀ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦਾ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸਮੁੰਦਰ ਤਲ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹਵਾ ਸੰਘਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਉੱਚਾਈ ਵੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹੋਏ ਹਵਾ ਪਤਲੀ ਹੁੰਦੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਹਵਾ ਦੀ ਹੇਠਲੀ ਤਹਿ ਗਰਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਉੱਪਰ ਵੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ, ਹਵਾ ਘੱਟ ਗਰਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਸੇ ਕਾਰਨ ਉੱਚਾਈ ‘ਤੇ ਸਥਿਤ ਥਾਂਵਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਉਦਾਹਰਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਮਲਾ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨਾਲੋਂ ਸਮੁੰਦਰ ਤਲ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਉੱਚਾਈ ‘ਤੇ ਸਥਿਤ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਸ਼ਿਮਲੇ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਤੋਂ ਘੱਟ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।

3. ਸਮੁੰਦਰ ਤੋਂ ਦੂਰੀ-ਥਲ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਜਲ ਦੇ ਨਾਲ ਗਰਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੇਰ ਨਾਲ ਠੰਢਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਜੋ ਸਥਾਨ ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਨਾ ਤਾਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਸਮੁੰਦਰ ਤੋਂ ਦੂਰ ਸਥਿਤ ਥਾਂਵਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਅਤੇ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਉਦਾਹਰਨ ਵਜੋਂ ਮੁੰਬਈ ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਸਥਿਤ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਉੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਲਗਪਗ ਸਮਾਨ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਸਮੁੰਦਰ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਸਾਲਾਨਾ ਤਾਪਮਾਨ ਵਿਚ ਕਾਫ਼ੀ ਅੰਤਰ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

4. ਸਮੁੰਦਰੀ ਧਾਰਾਵਾਂ-ਸਮੁੰਦਰ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਜੋ ਨਦੀਆਂ ਵਗਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਧਾਰਾਵਾਂ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ । ਇਹ ਦੋ ਕਿਸਮ ਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ-ਗਰਮ ਅਤੇ ਠੰਢੀਆਂ । ਜਿੱਥੋਂ ਗਰਮ ਧਾਰਾਵਾਂ ਲੰਘਦੀਆਂ ਹਨ, ਉੱਥੋਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਜਿੱਥੋਂ ਠੰਢੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਲੰਘਦੀਆਂ ਹਨ, ਉੱਥੋਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

5. ਪੌਣਾਂ-ਜਿਹੜੀਆਂ ਪੌਣਾਂ ਸਮੁੰਦਰ ਵੱਲੋਂ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਹ ਜਲ-ਕਣਾਂ ਨਾਲ ਭਰੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ । ਇਹਨਾਂ ਪੌਣਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਵਿਚ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਕੁੱਝ ਘੱਟ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਖੁਸ਼ਕ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੌਣਾਂ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਵਧਾ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ ।

6. ਪਰਬਤਾਂ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ-ਜੋ ਪਰਬਤ ਪੌਣਾਂ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਦੇ ਉਲਟ ਸਥਿਤ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਪੌਣਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕ ਕੇ ਵਰਖਾ ਲਿਆਉਣ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਨੂੰ ਘਟਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ ਜੋ ਪਰਬਤ ਪੌਣਾਂ ਦੇ ਸਮਾਨਾਂਤਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਪੌਣਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ । ਉਦਾਹਰਨ ਵਜੋਂ ਹਿਮਾਲਿਆ ਪਰਬਤ ਸਮੁੰਦਰ ਤੋਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੌਣਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਅਰਾਵਲੀ ਪਰਬਤ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਰੋਕ ਸਕਦਾ ।

7.ਪਰਬਤਾਂ ਦੀ ਢਲਾਣ-ਪਰਬਤਾਂ ਦੀਆਂ ਜੋ ਢਲਾਣਾਂ ਸੂਰਜ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ | ਪਰ ਜੋ ਢਲਾਣਾਂ ਸੂਰਜ ਤੋਂ ਪਰੇ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

8. ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ-ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਚੀਕਣੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਤੁਲਨਾ ਵਿਚ ਜਲਦੀ ਗਰਮ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਠੰਢੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਰੇਤਲੇ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿਚ ਦਿਨ ਵਿਚ ਤਾਪਮਾਨ ਵੱਧ ਅਤੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਘੱਟ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

9. ਬੱਦਲ ਅਤੇ ਵਰਖਾ-ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿਚ ਬੱਦਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਘੱਟ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ| ਅਸਲ ਵਿਚ ਬੱਦਲ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਸਿੱਧੀ ਧੁੱਪ ਨੂੰ ਪੈਣ ਤੋਂ ਰੋਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਵੱਧਦਾ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਰਖਾ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਤਾਪਮਾਨ ਵਿਚ ਕਮੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

(ਸ) ਹੇਠ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਪਹਾੜਾਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਚੜ੍ਹਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਪਮਾਨ ……… ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਘੱਟਦਾ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਧਰਤੀ ਤੇ ਤਾਪਮਾਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸੋਮੇ ………. ਅਤੇ ……… ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਸੂਰਜ, ਧਰਤੀ ਦੇ ਅੰਦਰੂਨੀ ਭਾਗ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਓਜ਼ੋਨ ਗੈਸ ………. ਕਿਰਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵਿਚ ਸਮਾ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਪਰਾਬੈਂਗਣੀ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਬਿਜਲੀ ਅਣੁ ………. ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
ਆਇਨ ਜਾਂ ਤਾਪ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਵਾਇਰਲੈਂਸ ਸੰਚਾਰ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ……… ਤਰੰਗਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
ਰੇਡੀਓ,

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਵਾਯੂ-ਮੰਡਲ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਾਤਰਾ ……… ਗੈਸ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਉੱਤਰ-
ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ।

ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਨ 

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੇ ਤੱਤਾਂ (ਅੰਸ਼ਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਜਾਂ ਅੰਸ਼ ਹਵਾ, ਤਾਪਮਾਨ, ਨਮੀ, ਹਵਾ ਦਾ ਦਬਾਅ (ਹਵਾ ਦਾ ਭਾਰ) ਆਦਿ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਤਾਪਮਾਨ ਕਿਸ ਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਵਾ ਵਿਚ ਵਰਤਮਾਨ ਗਰਮੀ ਦੇ ਅੰਸ਼ ਨੂੰ ਉਸਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਹਵਾ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਿਸੇ ਵਸਤੂ ਜਾਂ ਜੀਵ ਦੇ ਅੰਦਰ ਵਰਤਮਾਨ ਗਰਮੀ ਦੇ ਅੰਸ਼ ਨੂੰ ਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ | ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟ ਜਾਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਗੈਸਾਂ ਦਾ ਮਹੱਤਵ ਦੱਸੋਨਾਈਟਰੋਜਨ, ਆਕਸੀਜਨ ਅਤੇ ਕਾਰਬਨ ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ ।
ਉੱਤਰ-
ਨਾਈਟਰੋਜਨ-ਨਾਈਟਰੋਜਨ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀਆਂ ਹੇਠਲੀਆਂ ਪਰਤਾਂ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਹ ਗੈਸ ਰੁੱਖ-ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਮਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਉਂਦੀ ਹੈ ।
ਆਕਸੀਜਨ-ਆਕਸੀਜਨ ਜੀਵ-ਜੰਤੂਆਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਬਿਨਾਂ ਜੀਵ-ਜੰਤੂ ਜਿਊਂਦੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੇ । ਕਾਰਬਨ ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ-ਕਾਰਬਨ ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ ਗੈਸ ਰੁੱਖ-ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਾਲਣ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਕਸੀਜਨ ਜੀਵ-ਜੰਤੂਆਂ ਦਾ । ਇਹ ਧਰਤੀ ਦੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਇਕ ਕੰਬਲ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਗਰਮੀ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਨਹੀਂ ਜਾਣ ਦਿੰਦੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਜਲ ਕਣਾਂ ਦਾ ਕੀ ਮਹੱਤਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਵਿਚ ਜਲ ਕਣਾਂ ਦਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਥਾਨ ਹੈ । ਇਹ ਜਲਵਾਯੂ ਵਿਚ ਪਰਿਵਰਤਨ ਲਿਆਉਣ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸੰਵਹਿਣ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਹਵਾ ਗਰਮ ਹੋ ਕੇ ਫੈਲਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਹਲਕੀ ਹੋ ਕੇ ਉੱਪਰ ਉੱਠਣ ਲੱਗਦੀ ਹੈ । ਠੰਢੀ ਹਵਾ ਭਾਰੀ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹੇਠਾਂ ਬੈਠ ਜਾਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉੱਪਰ ਉੱਠਦੀ ਗਰਮ ਹਵਾ ਦਾ ਸਥਾਨ ਠੰਢੀ ਹਵਾ ਲੈ ਲੈਂਦੀ ਹੈ । ਇਸ ਹਵਾ ਦੇ ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਸੰਵਹਿਣ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਅਸੀਂ ਪਹਾੜਾਂ ‘ਤੇ ਉੱਪਰ ਚੜ੍ਹਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਕਿਉਂ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਅਸੀਂ ਉੱਪਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਪਮਾਨ ਘੱਟਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਉੱਚਾਈ ਦੇ ਨਾਲ ਤਾਪਮਾਨ ਦੇ ਘਟਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸੂਰਜ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਗਰਮੀ ਪਹਿਲਾਂ ਧਰਤੀ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਗਰਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਲਈ ਧਰਤੀ ਦੀ ਸਤਹਿ ਦੇ ਨੇੜੇ ਦਾ ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉੱਪਰ ਵਾਲਾ ਘੱਟ ਗਰਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਹੀ ਕਾਰਨ ਹੈ ਕਿ ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਅਸੀਂ ਪਹਾੜਾਂ ‘ਤੇ ਉੱਪਰ ਚੜ੍ਹਦੇ ਹਾਂ ਤਾਂ ਤਾਪਮਾਨ ਘਟਦਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਤਾਪਮਾਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸੋਮੇ ਕਿਹੜੇ ਹਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸੂਰਜ ਅਤੇ ਧਰਤੀ ਦਾ ਅੰਦਰੂਨੀ ਭਾਗ, ਤਾਪਮਾਨ ਦੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਸੋਮੇ ਹਨ । ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਸੂਰਜ ਨੂੰ ਤਾਪਮਾਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਸੋਮਾ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਜਿੰਨੀ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਤਾਪ ਸੂਰਜ ਵਿਚ ਹੈ, ਉੱਨੀ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਤਾਪ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਸੋਮੇ ਵਿਚ ਨਹੀਂ । ਸੂਰਜ ਦੇ ਬਾਹਰੀ ਸਿਰਿਆਂ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ 6000° ਸੈਂਟੀਗੇਡ ਦੇ ਲਗਪਗ ਹੈ ।

ਇਸ ਦੇ ਕੇਂਦਰ ਵਿਚ ਤਾਪਮਾਨ ਹੋਰ ਵੀ ਵੱਧ ਹੈ । ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਸਾਰਾ ਜੀਵਨ ਸੂਰਜ ਦੇ ਤਾਪਮਾਨ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੀ ਹੈ, ਜਦ ਕਿ ਧਰਤੀ ਨੂੰ ਇਸ ਗਰਮੀ ਦਾ
ਕੇਵਲ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਅੰਸ਼ (2 ਅਰਬਵਾਂ ਭਾਗ ਹੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ । ਇਸ ਗੱਲ ਤੋਂ ਅਨੁਮਾਨ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸੂਰਜ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮੀ ਹੋਵੇਗੀ ।

PSEB 7th Class Social Science Solutions Chapter 3 ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਸੈਲਸੀਅਸ ਅਤੇ ਫਾਰਨਹੀਟ ਵਿਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਤਾਪਮਾਨ ਮਾਪਣ ਲਈ ਦੋ ਪੈਮਾਨੇ ਪ੍ਰਯੋਗ ਵਿਚ ਲਿਆਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ-ਸੈਲਸੀਅਸ ਅਤੇ ਫਾਰਨਹੀਟ ।

  1. ਸੈਲਸੀਅਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪਾਣੀ 0° ‘ਤੇ ਜੰਮ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਪਰ ਫਾਰਨਹੀਟ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ 32° ਤੇ ਜੰਮਦਾ ਹੈ ।
  2. ਸੈਲਸੀਅਸ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪਾਣੀ 100° ‘ਤੇ ਉਬਲਦਾ ਹੈ ਜਦਕਿ ਫਾਰਨਹੀਟ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਹ 212° ਤੇ ਉਬਲਦਾ ਹੈ ।

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
(ਉ) ਸਹੀ ਵਾਕਾਂ ਤੇ (✓) ਅਤੇ ਗ਼ਲਤ ਵਾਕਾਂ ਤੇ (✗) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਹੇਠਲੇ ਭਾਗ ਨੂੰ ਅਸ਼ਾਂਤ ਮੰਡਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਾਯੂਮੰਡਲ ਵਿੱਚ ਜਲ-ਕਣਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਮਹੱਤਵ ਨਹੀਂ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਕਿਸੇ ਸਥਾਨ ਉੱਪਰ ਮੌਸਮ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਇੱਕੋ ਜਿਹਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✗)

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਸਥਾਨਾਂ ਉਪਰ ਤਾਪਮਾਨ ਇੱਕ ਸਮਾਨ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।
ਉੱਤਰ-
(✓)

(ਅ) ਸਹੀ ਮਿਲਾਨ ਕਰੋ –

1. ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ (i) ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ
2. ਉੱਚੇ ਸਥਾਨ (ii) ਹਵਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ
3. ਸਮੋਗ (Smog) (iii) ਹਵਾ ਚੱਕਰ
4. ਸੰਵਹਿਣ (iv) ਵਧੇਰੇ ਤਾਪਮਾਨ ॥

ਉੱਤਰ-

1. ਭੂ-ਮੱਧ ਰੇਖਾ (iv) ਵਧੇਰੇ ਤਾਪਮਾਨ
2. ਉੱਚੇ ਸਥਾਨ (i) ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ
3. ਸਮੋਗ (Smog) (ii) ਹਵਾ ਦਾ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ
4. ਸੰਵਹਿਣ (iii) ਹਵਾ ਚੱਕਰ ।

(ਇ) ਸਹੀ ਉੱਤਰ ਚੁਣੋ –

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਧਰਤੀ ਦੇ ਦੁਆਲੇ ਇਕ ਗੈਸ ਕੰਬਲ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਹੈ । ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਇਸਦਾ ਨਾਂ ਦੱਸ ਸਕਦੇ ਹੋ ?
(i) ਆਕਸੀਜਨ
(ii) ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ
(iii) ਕਾਰਬਨ-ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ ।
ਉੱਤਰ-
(iii) ਕਾਰਬਨ-ਡਾਈਆਕਸਾਈਡ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਾਯੂ ਮੰਡਲ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਸਤਹਿ ਵਿਚ ਮੌਸਮੀ ਕਿਰਿਆਵਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ?
(i) ਸਮਤਾਪ ਮੰਡਲ
(ii) ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਮੰਡਲ
(iii) ਮੱਧ ਮੰਡਲ ।
ਉੱਤਰ-
(ii) ਅਸ਼ਾਂਤੀ ਮੰਡਲ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜੇ ਭੂ-ਭਾਗ ਵਿਚ ਤਾਪਮਾਨ ਸਮ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ?
(i) ਪਰਬਤੀ ਪ੍ਰਦੇਸ਼
(ii) ਮੈਦਾਨੀ ਭਾਗ
(iii) ਸਮੁੰਦਰ ਤੱਟੀ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ॥
ਉੱਤਰ-
(iii) ਸਮੁੰਦਰ ਤੱਟੀ ਦੇਸ਼ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions History Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science History Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

SST Guide for Class 6 PSEB ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ Textbook Questions and Answers

ਅਭਿਆਸ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
I. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਉੱਤਰ ਲਿਖੋ :

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਅਵਸਥਾ ਬਾਰੇ ਪੰਜ ਵਾਕ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਅਵਸਥਾ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਹਨ-

  1. ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਬੀਲੇ ਰਾਜ ਕਰਦੇ ਸਨ ।
  2. ਰਾਜਾ ਰਾਜ ਦਾ ਮੁਖੀ ਹੁੰਦਾ ਸੀ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਰਾਜਨ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ ।
  3. ਕਈ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਰਾਜੇ ਦੀ ਚੋਣ ਹੁੰਦੀ ਸੀ ਪਰ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਰਾਜਤੰਤਰ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਪ੍ਰਚਲਿਤ ਸੀ ।
  4. ਸਭਾ ਅਤੇ ਸਮਿਤੀ ਰਾਜ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਰਾਜੇ ਨੂੰ ਸਹਾਇਤਾ ਦੇਣ ਵਾਲੀਆਂ ਦੋ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਸਨ ।
  5. ਹਿਤ, ਸੈਨਾਨੀ ਅਤੇ ਗ੍ਰਾਮਣੀ ਆਦਿ ਰਾਜੇ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੁੰਦੇ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ ਕਿਹੜੇ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕਰਦੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ ਕੁਦਰਤੀ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕਰਦੇ ਸਨ । ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦੇਵਤੇ ਇੰਦਰ, ਅਗਨੀ, ਵਰੁਣ, ਸੋਮ, ਪ੍ਰਿਥਵੀ, ਸੂਰਜ, ਪੂਸ਼ਣ, ਵਿਸ਼ਨੂੰ ਅਤੇ ਅਸ਼ਵਨੀ ਸਨ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਜੀਵਨ ਬਾਰੇ ਤੁਸੀਂ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ?
ਉੱਤਰ-
ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਜੀਵਨ ਦੀਆਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ-

  1. ਵਰਣ ਵਿਵਸਥਾ – ਸਮਾਜ ਚਾਰ ਵਰਣਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ । ਇਹ ਵਰਣ ਬ੍ਰਾਹਮਣ, ਖੱਤਰੀ, ਵੈਸ਼ ਅਤੇ ਸ਼ੂਦਰ ਸਨ । ਇਹ ਵਰਣ ਕੰਮ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਸਨ ।
    • ਬ੍ਰਾਹਮਣ – ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਬੁੱਧੀਜੀਵੀ ਵਰਗ ਸੀ । ਇਸ ਵਰਗ ਦਾ ਕੰਮ ਪੜ੍ਹਨਾ-ਪੜ੍ਹਾਉਣਾ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਸੀ ।
    • ਖੱਤਰੀ – ਖੱਤਰੀਆਂ ਦਾ ਕੰਮ ਯੁੱਧ ਲੜਨਾ ਸੀ ।
    • ਵੈਸ਼ – ਵੈਸ਼ ਵਰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਵਪਾਰੀ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ ।
    • ਸੂਦਰ – ਸ਼ੂਦਰ ਦਾਸ ਵਰਗ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਸਨ ।
  2. ਪਰਿਵਾਰ – ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ, ਬੱਚੇ ਅਤੇ ਭੈਣ-ਭਰਾ ਆਦਿ ਆਉਂਦੇ ਸਨ । ਸਾਂਝੀ ਪਰਿਵਾਰ ਪ੍ਰਥਾ ਪ੍ਰਚਲਿਤ ਸੀ । ਪਿਤਾ ਹੀ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਮੁਖੀ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਹਰੇਕ ਪਰਿਵਾਰ ਪੁੱਤਰ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਇੱਛਾ ਰੱਖਦਾ ਸੀ ।
  3. ਇਸਤਰੀਆਂ ਦੀ ਸਥਿਤੀ – ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਇਸਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਨਮਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਉਹ ਪੜ੍ਹੀਆਂ-ਲਿਖੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਸਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਇੱਛਾ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਆਹ ਕਰਵਾ ਸਕਦੀਆਂ ਸਨ । ਉਹ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਕੰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈਂਦੀਆਂ ਸਨ ।
  4. ਭੋਜਨ – ਵੈਦਿਕ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਭੋਜਨ ਸਾਦਾ ਪਰ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਕਣਕ, ਚਾਵਲ, ਦਾਲਾਂ, ਫਲ, ਸਬਜ਼ੀਆਂ, ਦੁੱਧ, ਮੱਖਣ ਅਤੇ ਘਿਓ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਮੁੱਖ ਭੋਜਨ ਸਨ । ਕੁੱਝ ਲੋਕ ਮਾਸ ਵੀ ਖਾਂਦੇ ਸਨ । ਉਹ ਸੋਮਰਸ ਵਰਗੇ ਨਸ਼ੀਲੇ ਪਦਾਰਥਾਂ ਦੀ ਵੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਦੇ ਸਨ ।
  5. ਕੱਪੜੇ ਅਤੇ ਗਹਿਣੇ – ਲੋਕ ਪੱਗੜੀ, ਬੁਨੈਣ, ਕਮੀਜ਼, ਧੋਤੀ ਆਦਿ ਪਹਿਨਦੇ ਸਨ । ਇਸਤਰੀਆਂ ਅਤੇ ਪੁਰਸ਼, ਦੋਨਾਂ ਨੂੰ ਗਹਿਣੇ ਪਾਉਣ ਦਾ ਚਾਅ ਸੀ ।
  6. ਮਨੋਰੰਜਨ ਦੇ ਸਾਧਨ – ਸ਼ਿਕਾਰ, ਰੱਥ-ਦੌੜ, ਘੋੜ ਸਵਾਰੀ, ਨੱਚਣਾ-ਗਾਉਣਾ, ਜੂਆ ਖੇਡਣਾ ਆਦਿ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਨੋਰੰਜਨ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸਾਧਨ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵੈਦਿਕ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਆਰਥਿਕ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਕੀ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਵੈਦਿਕ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਆਰਥਿਕ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਖੇਤੀਬਾੜੀ, ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ, ਕਾਰੀਗਰੀ ਅਤੇ ਵਪਾਰ ਸਨ ।

  1. ਖੇਤੀਬਾੜੀ – ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ ਕਣਕ, ਜੌਂ, ਕਪਾਹ, ਚਾਵਲ, ਦਾਲਾਂ, ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਆਦਿ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸਨ । ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਹਲ ਅਤੇ ਬਲਦਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ।
  2. ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ – ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ ਗਾਂ, ਘੋੜਾ, ਭੇਡ, ਬੱਕਰੀ, ਬਲਦ ਆਦਿ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਦੇ ਸਨ । ਗਾਂ ਨੂੰ ਪਵਿੱਤਰ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਗਊ-ਹੱਤਿਆ ਦੀ ਮਨਾਹੀ ਸੀ ।
  3. ਕਾਰੀਗਰੀ – ਲੁਹਾਰ, ਤਰਖਾਣ, ਰੱਥਕਾਰ, ਜੁਲਾਹੇ, ਘੁਮਿਆਰ ਆਦਿ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਕਾਰੀਗਰ ਸਨ । ਲੋਕ ਆਪਣੀਆਂ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਲੋੜਾਂ ਲਈ ਇਹਨਾਂ ‘ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਸਨ ।
  4. ਵਪਾਰ – ਵਪਾਰ ਥਲ ਮਾਰਗ ਦੁਆਰਾ ਅਤੇ ਨਦੀਆਂ ਤੇ ਸਮੁੰਦਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸ਼ਤੀਆਂ ਤੇ ਜਹਾਜ਼ਾਂ ਦੁਆਰਾ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਸਪਤ ਸਿੰਧੂ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਕਿਹੜੀਆਂ ਨਦੀਆਂ ਵਹਿੰਦੀਆਂ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
‘ਸਪਤ ਸਿੰਧੂ’ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਭਾਵ ਸੱਤ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਹੈ । ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ‘ਸਪਤ ਸਿੰਧੂ’ ਜਾਂ ‘ਸੱਤ ਨਦੀਆਂ ਦਾ ਦੇਸ਼’ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਇਸ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਵਹਿਣ ਵਾਲੀਆਂ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਨਾਂ ਇਹ ਸਨ-

  1. ਸਿੰਧੂ,
  2. ਜਿਹਲਮ,
  3. ਚਿਨਾਬ,
  4. ਰਾਵੀ,
  5. ਬਿਆਸ,
  6. ਸਤਲੁਜ,
  7. ਸਰਸਵਤੀ ।

II. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਵਿਚ ਖ਼ਾਲੀ ਥਾਂਵਾਂ ਭਰੋ :

(1) ਆਰੰਭਿਕ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ………………………… ਰਾਜ ਕਰਦੇ ਸਨ ।
(2) ਸਮਾਜ ਚਾਰ ਵਰਗਾਂ ਵਿਚ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ …………………………. ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ।
(3) ਵੈਦਿਕ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਭੋਜਨ …………………, …………………….. ਅਤੇ ……………………. ਸਨ ।
(4) ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ …………………………… ਬਹੁਤ ਸ਼ੌਕੀਨ ਸਨ ।
(5) ਵੈਦਿਕ ਲੋਕ ……………………. ਦੀ ਪੂਜਾ ਕਰਦੇ ਸਨ ।
ਉੱਤਰ-
(1) ਕਬੀਲੇ
(2) ਵਰਣ
(3) ਕਣਕ, ਚੌਲ, ਦਾਲਾਂ
(4) ਖੇਡਾਂ
(5) ਕੁਦਰਤ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

III. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਜੋੜੇ ਬਣਾਓ :

(1) ਵਿਪਾਸ਼ (ਉ) ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸੰਸਥਾ
(2) ਸਭਾ (ਅ) ਚਿਕਿਤਸਾ ਸ਼ਾਸਤਰ
(3) ਆਯੁਰਵੇਦ (ੲ) ਇੱਕ ਦੇਵਤਾ
(4) ਵਰੁਣ (ਸ) ਇੱਕ ਨਦੀ

ਉੱਤਰ-
ਸਹੀ ਜੋੜੇ-

(1) ਵਿਪਾਸ਼ (ਸ) ਇੱਕ ਨਦੀ
(2) ਸਭਾ (ਉ) ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਸੰਸਥਾ
(3) ਆਯੁਰਵੇਦ (ਅ) ਚਿਕਿਤਸਾ ਸ਼ਾਸਤਰ
(4) ਵਰੁਣ (ਸ)  ਇੱਕ ਦੇਵਤਾ

IV. ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਵਾਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸਹੀ (√) ਜਾਂ ਗ਼ਲਤ (×) ਦਾ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਓ :

(1) ਪਰੂਸ਼ਣੀ ਇੱਕ ਨਦੀ ਦਾ ਨਾਂ ਹੈ ।
(2) ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਇੰਦਰ ਵਰਖਾ ਦਾ ਦੇਵਤਾ ਸੀ ।
(3) ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿਚ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਗਊ ਪਵਿੱਤਰ ਨਹੀਂ ਸੀ ।
(4) ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਇਸਤਰੀਆਂ ਦਾ ਆਦਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ।
ਉੱਤਰ-
(1) (√)
(2) (√)
(3) (×)
(4) (×)

PSEB 6th Class Social Science Guide ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ Important Questions and Answers

ਵਸਤੂਨਿਸ਼ਠ ਪ੍ਰਸ਼ਨ
ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਉੱਤਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿਚ ਚਾਰ ਵੇਦ ਲਿਖੇ ਗਏ ।ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜੇ ਵੇਦ ਨੂੰ ਸੰਸਾਰ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਪੁਸਤਕ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੇਦ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵੈਦਿਕ ਰਾਜੇ ਨੂੰ ਰਾਜਨ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ । ਪਰੰਤੂ ਜਿਹੜੇ ਰਾਜਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਸਨ, ਉਹ ਕੀ ਕਹਾਉਂਦੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਸਮਰਾਟ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਆਰੀਆ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦਾ ਗੁਣਗਾਨ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਮੰਤਰ-ਉਚਾਰਨ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਕਿਹੜਾ ਹੋਰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਯੁੱਗ ।

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ਬਹੁ-ਵਿਕਲਪੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਹੜਾ ਦੇਵਤਾ ਆਰੀਆਂ ਦਾ ‘ਆਕਾਸ਼ ਦਾ ਦੇਵਤਾ’ ਸੀ ?
(ਉ) ਸੋਮ
(ਅ) ਗਨੀ
(ੲ) ਇੰਦਰ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਇੰਦਰ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਵਰਣ ਵਿਵਸਥਾ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੇਠਾਂ ਲਿਖਿਆਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹੜਾ ਵਰਗ ਯੋਧਾ ਵਰਗ ਸੀ ?
(ਉ) ਵੈਸ਼
(ਅ) ਸ਼ੂਦਰ
(ੲ) ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਉੱਤਰ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿਚ ਯੱਗਾਂ ਦੇ ਸਰੂਪ ਵਿਚ ਕੀ ਅੰਤਰ ਆਇਆ ?
(ਉ) ਯੁੱਗ ਸਿਰਫ ਆਮ ਲੋਕ ਕਰਨ ਲੱਗੇ ।
(ਅ) ਇਹ ਸਸਤੇ ਅਤੇ ਸਰਲ ਹੋ ਗਏ ।
(ੲ) ਇਹ ਜਟਿਲ ਅਤੇ ਮਹਿੰਗੇ ਹੋ ਗਏ ।
ਉੱਤਰ-
(ੲ) ਇਹ ਜਟਿਲ ਅਤੇ ਮਹਿੰਗੇ ਹੋ ਗਏ ।

ਬਹੁਤ ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਆਰੀਆ ਲੋਕ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਕਦੋਂ ਅਤੇ ਕਿੱਥੋਂ ਆਏ ?
ਉੱਤਰ-
ਆਰੀਆ ਲੋਕ ਲਗਪਗ 1500 ਈ: ਪੂ: ਵਿਚ ਮੱਧ ਏਸ਼ੀਆ ਤੋਂ ਭਾਰਤ ਆਏ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਭਰਤ ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਰਾਜੇ ਦਾ ਕੀ ਨਾਂ ਸੀ ?
ਉੱਤਰ-
ਭਰ ਕਬੀਲੇ ਦੇ ਰਾਜੇ ਦਾ ਨਾਂ ਸੁਦਾਸ ਸੀ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਜਿਸ ਕਾਲ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਨੂੰ ਰਿਗਵੇਦ ਤੋਂ ਮਿਲਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਨੂੰ ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੀਆਂ ਦੋ ਵਿਦਵਾਨ ਇਸਤਰੀਆਂ ਕਿਹੜੀਆਂ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਘੋਸ਼ਾ ਅਤੇ ਉਪਲਾ ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੀਆਂ ਦੋ ਵਿਦਵਾਨ ਇਸਤਰੀਆਂ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਦੋ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੇ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਦੋ ਦੇਵਤਾ ਸੂਰਜ ਅਤੇ ਵਰੁਣ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਕਿੱਤੇ ਕਿਹੜੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਕਿੱਤੇ ਸਨ ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 11 ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ ਅਤੇ ਜਨ ਦੇ ਮੁਖੀਆਂ ਨੂੰ ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ ਦੇ ਮੁਖੀ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਪਤੀ ਅਤੇ ਜੂਨ ਦੇ ਮੁਖੀ ਨੂੰ ਰਾਜਨ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 8.
ਉੱਤਰ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਦੋ ਨਵੇਂ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੇ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵਿਸ਼ਨੂੰ ਅਤੇ ਸ਼ਿਵ ਉੱਤਰ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਦੋ ਨਵੇਂ ਦੇਵਤਾ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 9.
ਉੱਤਰ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਸਾਏ ਗਏ ਚਾਰ ਨਗਰਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-

  1. ਹਸਤਿਨਾਪੁਰ
  2. ਕਾਸ਼ੀ
  3. ਪਾਟਲੀਪੁੱਤਰ
  4. ਕੋਸ਼ਾਂਭੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 10.
ਰਿਗਵੇਦ ਤੋਂ ਆਰੀਆ ਦੇ ਕਿਸ ਕਾਲ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੇਦ ਤੋਂ ਆਰੀਆਂ ਦੇ ਪੂਰਵ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ।

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ਛੋਟੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਰਿਗਵੇਦ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾ-ਵਸਤੂ ਕੀ ਹੈ ? ਇਸ ਦੇ ਲੇਖਕ ਦਾ ਨਾਂ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੇਦ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ-ਵਸਤੂ ਕੁਦਰਤੀ ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਾ ਵਿੱਚ ਲਿਖੇ ਗਏ ਮੰਤਰ ਹਨ । ਇਸ ਦਾ ਲੇਖਕ ਕੋਈ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਇਸ ਵਿੱਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਿਸ਼ੀਆਂ ਦੁਆਰਾ ਲਿਖੇ ਗਏ ਮੰਤਰ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਮੁਖੀ ਬਾਰੇ ਦੱਸੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਪਰਿਵਾਰ ਪੁਰਸ਼ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਨ । ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੇ ਪੁਰਸ਼ ਮੈਂਬਰ ਨੂੰ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਮੁਖੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਉਸ ਨੂੰ ਹਿਪਤੀ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨ । ਉਸ ਦਾ ਪੂਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ‘ਤੇ ਕੰਟਰੋਲ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੈਂਬਰ ਮੁਖੀ ਦਾ ਆਦਰ ਕਰਦੇ ਸਨ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਦੇ ਸਨ | ਮੁਖੀ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਾ ਪਾਲਣ ਨਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮੈਂਬਰ ਨੂੰ ਸਜ਼ਾ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਆਰੀਆਂ ਦੀ ਪੂਜਾ ਦੇ ਕਿਹੜੇ-ਕਿਹੜੇ ਢੰਗ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਆਰੀਆ ਦੇਵੀ-ਦੇਵਤਿਆਂ ਦੀ ਪੂਜਾ ਯੱਗ ਅਤੇ ਮੰਤਰਾਂ ਦਾ ਉੱਚਾਰਣ ਕਰਕੇ ਕਰਦੇ ਸਨ | ਯੁੱਗ ਖੁੱਲ੍ਹੀ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੇ ਸਨ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਘਿਓ, ਦੁੱਧ ਆਦਿ ਚੀਜ਼ਾਂ ਪਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਨ । ਯੁੱਗਾਂ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ-ਬਲੀ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਵਿਗਿਆਨ ਦਾ ਵਰਣਨ ਕਰੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਵੈਦਿਕ ਸਾਹਿਤ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਵੈਦਿਕ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਵਿਗਿਆਨ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸ਼ਾਖਾਵਾਂ ਬਹੁਤ ਵਿਕਸਿਤ ਸਨ । ਇਹ ਸ਼ਾਖਾਵਾਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਸਨ

  1. ਗਣਿਤ – ਗਣਿਤ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀਆਂ ਸ਼ਾਖਾਵਾਂ ਜਿਵੇਂ ਬੀਜ ਗਣਿਤ, ਰੇਖਾ ਗਣਿਤ ਅਤੇ ਤਿਕੋਣ-ਮਿਤੀ ਆਦਿ ਬਹੁਤ ਵਿਕਸਿਤ ਸਨ ।
  2. ਖਗੋਲ ਅਤੇ ਜੋਤਿਸ਼ ਵਿੱਦਿਆ – ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਹਿਆਂ ਦੀ ਗਤੀ, ਸੂਰਜ ਤੇ ਚੰਦਰ ਹਿਣ ਅਤੇ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਦਾ ਆਪਣੀ ਧੁਰੀ ’ਤੇ ਅਤੇ ਸੂਰਜ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਪਰਿਕਰਮਾ ਬਾਰੇ ਗਿਆਨ ਸੀ ।
  3. ਚਿਕਿਤਸਾ ਵਿਗਿਆਨ – ਚਿਕਿਤਸਾ ਵਿਗਿਆਨ ਨੂੰ ਆਯੁਰਵੇਦ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ । ਚਿਕਿਤਸਾ ਵਿਗਿਆਨ ਵੀ ਉੱਨਤ ਸੀ ।

ਵੱਡੇ ਉੱਤਰਾਂ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
‘ਆਰੀਆ’ ਸ਼ਬਦ ਤੋਂ ਕੀ ਭਾਵ ਹੈ ? ਆਰੀਆ ਲੋਕ ਮੂਲ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕਿੱਥੋਂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਸਨ ?
ਉੱਤਰ-
‘ਆਰੀਆ’ ਸ਼ਬਦ ਤੋਂ ਭਾਵ ਹੈ-ਸਰਵਉੱਤਮ, ਸਿੱਖਿਅਤ ਅਤੇ ਸਭਿਆ । ਵੈਦਿਕ ਸਭਿਅਤਾ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਆਰੀਆ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ । ਆਰੰਭ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੋਕ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਜਮਨਾ ਨਦੀ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਫ਼ਗਾਨਿਸਤਾਨ ਦੀ ਸੀਮਾ ਤੱਕ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੋਕ ਪੂਰਬ ਅਤੇ ਦੱਖਣ ਵਿੱਚ ਗੰਗਾ ਨਦੀ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਫੈਲ ਗਏ ।
ਆਰੀਆਂ ਦਾ ਮੂਲ ਨਿਵਾਸ ਸਥਾਨ – ਆਰੀਆ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮੂਲ ਨਿਵਾਸ ਸਥਾਨ ਬਾਰੇ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਕਿਹਾ ਜਾ ਸਕਦਾ |

  1. ਕੁਝ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਲੋਕ ਮੱਧ ਏਸ਼ੀਆ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਏ ਸਨ ।
  2. ਕੁਝ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਹ ਲੋਕ ਰੂਸ ਦੇ ਯੂਰਪੀ ਸੀਮਾਵਰਤੀ ਖੇਤਰਾਂ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਏ ਸਨ ।
  3. ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਲੋਕ ਬਾਹਰੋਂ ਨਹੀਂ ਆਏ ਸਨ, ਸਗੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੀ ਮੂਲ ਨਿਵਾਸੀ ਸਨ ।

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਆਰੀਆਂ ਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਜੀਵਨ ਬਾਰੇ ਲਿਖੋ ।
ਉੱਤਰ-
ਰਿਗਵੈਦਿਕ ਆਰੀਆਂ ਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਜੀਵਨ ਦਾ ਵਰਣਨ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ-

  1. ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਸੰਗਠਨ – ਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਛੋਟੀ ਇਕਾਈ ਪਿੰਡ ਸੀ, ਜਿਸ ਦਾ ਮੁਖੀ ਗਾਮਣੀ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਕਈ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਮੇਲ ਨਾਲ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਾਂ ਦੇ ਮੇਲ ਨਾਲ ਜਨ ਜਾਂ ਕਬੀਲਾ ਬਣਦਾ ਸੀ । ਵਿਸ਼ ਦਾ ਮੁਖੀ ਵਿਸ਼ਪਤੀ ਅਤੇ ਜਨ ਦਾ ਮੁਖੀ ਰਾਜਨ ਅਖਵਾਉਂਦਾ ਸੀ ।
  2. ਰਾਜਾ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ – ਰਾਜੇ ਦਾ ਅਹੁਦਾ ਜੱਦੀ ਹੁੰਦਾ ਸੀ । ਪਰ ਕਦੇ-ਕਦੇ ਉਸ ਦੀ ਚੋਣ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ । ਉਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਸਨ, ਪਰ ਸਭਾ ਅਤੇ ਸਮਿਤੀ ਉਸ ਦੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸੀਮਤ ਰੱਖਦੀਆਂ ਸਨ । ਸ਼ਾਸਨ-ਕੰਮਾਂ ਵਿਚ ਰਾਜੇ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਪੁਰੋਹਿਤ, ਸੈਨਾਨੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੁੰਦੇ ਸਨ ।
  3. ਸਭਾ ਅਤੇ ਸਮਿਤੀ – ਸਭਾ ਅਤੇ ਸਮਿਤੀ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮਹੱਤਵ ਸੀ । ਸਮਿਤੀ ਰਾਜੇ ਦੀ ਇੱਕ ਸਲਾਹਕਾਰੀ ਸੰਸਥਾ ਸੀ । ਰਾਜੇ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਇਸ ਦੇ ਫੈਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਮੰਨਦੇ ਸਨ । ਸਭਾ, ਸਮਿਤੀ ਦੀ ਇੱਕ ਸਥਾਈ ਸੰਸਥਾ ਸੀ ਜੋ ਸਮਿਤੀ ਦੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੰਮ ਕਰਦੀ ਸੀ ।
  4. ਨਿਆਂ ਪ੍ਰਣਾਲੀ – ਆਰੀਆਂ ਦੀ ਨਿਆਂ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿਕਸਿਤ ਸੀ । ਅਪਰਾਧੀ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤ ਸਜ਼ਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ।

PSEB 9th Class SST Notes Geography Chapter 2b Punjab: Physical Features or Physiography

This PSEB 9th Class Social Science Notes Geography Chapter 2b Punjab: Physical Features or Physiography will help you in revision during exams.

Punjab: Physical Features or Physiography PSEB 9th Class SST Notes

→ After looking at the physical map of Punjab, it seems Punjab is a plain but there are many differences in its physiographic features.

→ The plains of Punjab are one of the most fertile plains in the world.

→ The plains of Punjab can be divided into five parts – the plains of Cho region, the flood plains, Naili, Alluvial plains, and Sand Dunes.

→ The meaning of Doab is the region between two rivers.

PSEB 9th Class SST Notes Geography Chapter 2b Punjab: Physical Features or Physiography

→ Shiwalik hills touch the Himalayan region of Punjab.

→ For studying the Shiwalik range, it is divided into many parts such as Gurdaspur-Pathankot, Hoshiarpur, Ropar, etc.

→ The meaning of Kandi is that region of Terai which is surrounded by Chaos.

→ Another name for Bari Doab is Majha.

→ Mano, Bet, Changar, Ghad, Bela, etc. are the names of lower areas near the rivers.

→ Nail is the local name for alluvial plains made by the Ghagar river.

→ The peasants of Punjab have completely changed the natural form of the southern-western region.

→ Now people do agriculture on this land with different means of irrigation.

→ Two types of soil, Khadar, and Bhangar are available in the alluvial plains.

→ Khadar is the new alluvial soil that is quite fertile.

→ Bhangar is the old soil where stones and pebbles are scattered everywhere.

→ The regions of Bari and Bist Doab are made up of alluvial soil. Here both Khadar and Bhangar soil are available.

→ The Flood plains are the areas made by the soil brought up by the floods in the rivers which get scattered on the banks of the river.

PSEB 9th Class SST Notes Geography Chapter 2b Punjab: Physical Features or Physiography

→ Shivalik are the hills of the outer Himalayas. These are situated in the East and North-East directions of Punjab.

→ Punjab Government has notified Dera Bassi, Chandigarh-Ropar-Balachaur-Hoshiarpur-Mukerian, and the whole of the Kandi region.

पंजाब : धरातल/भू-आकृतियां PSEB 9th Class SST Notes

→ पंजाब का भौतिक मानचित्र देखने में पंजाब मुख्य एक मैदानी प्रदेश दिखाई देता है। परंतु यहाँ अन्य भी कई भू-आकार देखने को मिलते हैं।

→ पंजाब के मैदान संसार के सबसे उपजाऊ मैदानों में से एक हैं।

→ भौतिक दृष्टि से पंजाब के मैदानों को पांच भागों में बांटा जा सकता है : चोअ वाले मैदान, बाढ़ के मैदान, नैली, जलोढ़ मैदान तथा बालू (रेत) के टिब्बे।

→ दोआब का अर्थ है दो नदियों के बीच का प्रदेश।

→ पंजाब के पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी भाग में शिवालिक की पहाड़ियां स्थित हैं।

→ शिवालिक श्रेणी के अध्ययन के लिए इसे गुरदासपुर-पठानकोट शिवालिक, होशियारपुर शिवालिक तथा रोपड़ शिवालिक आदि भागों में बांटा गया है।

→ पंजाब का कंडी क्षेत्र विच्छेदित लहरदार मैदानों से बना है। इसमें काफी चोअ हैं।

→ पंजाब सरकार ने डेरा बस्सी, चंडीगढ़, रोपड़-बलाचौर, होशियारपुर तथा मुकेरियाँ के पूरे क्षेत्र को कंडी क्षेत्र घोषित किया हुआ है।

→ बारी दोआब का एक और नाम माझा भी है।

→ मंड, बेट, चंगर, घाड़, बेला आदि नदियों के समीप पड़ने वाले निचले क्षेत्रों के नाम हैं।

→ नैली, घग्गर नदी द्वारा बनाए गए जलोढ़ मैदानों का स्थानीय नाम है।

→ पंजाब के किसानों ने सुदूर दक्षिण-पश्चिम के टीलों को लगभग समाप्त कर दिया है। अब इस भाग में सिंचाई द्वारा सफल खेती की जाने लगी है।

→ जलोढ़ मैदानों में खादर तथा बांगर दो प्रकार की मिट्टियां मिलती हैं।

→ खादर नई जलोढ़ मिट्टी होती है जो बहुत ही उपजाऊ होती है। बांगर पुरानी जलोढ़ होने के कारण कंकड़-पत्थरों से भरी होती है।

→ बारी तथा बिस्त दोआब के प्रदेश जलोढ़ी मिट्टी से बने हैं। इन मैदानों में खादर तथा बांगर दोनों प्रकार की मिट्टियां पाई जाती हैं।

→ मैदान बाढ़ के मैदान नदियों के किनारे पर निचले भागों में मिलते हैं। इनका निर्माण बाढ़ के पानी द्वारा मिट्टी के जमाव से होता है।

ਪੰਜਾਬ: ਧਰਾਤਲ ਭੂ-ਆਕ੍ਰਿਤੀਆਂ PSEB 9th Class SST Notes

→ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਭੌਤਿਕ ਨਕਸ਼ਾ ਦੇਖਣ ‘ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਮੁੱਖ ਇੱਕ ਮੈਦਾਨੀ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਪਰੰਤੂ ਇੱਥੇ ਹੋਰ ਵੀ । ਕਈ ਭੂ-ਆਕਾਰ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ।

→ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਸੰਸਾਰ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਜਾਉ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇਕ ਹਨ ।

→ ਭੌਤਿਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੈਦਾਨਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ-ਚੋ ਵਾਲੇ ਮੈਦਾਨ, ਹੜ੍ਹ ਦੇ ਮੈਦਾਨ, ਨੈਲੀ, ਜਲੌਢ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਅਤੇ ਬਾਲੁ (ਰੇਤ) ਟਿੱਬੇ ।

→ ਦੋਆਬ ਦਾ ਅਰਥ ਹੈ ਦੋ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਲਾ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ।

→ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੂਰਬੀ ਅਤੇ ਉੱਤਰ-ਪੂਰਬੀ ਭਾਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਵਾਲਿਕ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਸਥਿਤ ਹਨ ।

→ ਸ਼ਿਵਾਲਿਕ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਦੇ ਅਧਿਐਨ ਦੇ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ-ਪਠਾਨਕੋਟ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਰੋਪੜ ਆਦਿ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ।

→ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਵਿਛੇਤ ਲਹਰਦਾਰ ਮੈਦਾਨਾਂ ਤੋਂ ਬਣਿਆ ਹੈ । ਇਸ ਵਿਚ ਕਾਫ਼ੀ ਚੋ ਹਨ ।

→ ਬਾਰੀ ਦੁਆਬ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਨਾਂ ਮਾਝਾ ਵੀ ਹੈ ।

→ ਮੰਡ, ਬੇਟ, ਚੰਗਰ, ਘਾੜ, ਬੇਲਾ ਆਦਿ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਹੇਠਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਦੇ ਹੀ ਨਾਂ ਹਨ । ਨੈਲੀ, ਘੱਗਰ ਨਦੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਏ ਗਏ ਜਲੋਢੀ ਮੈਦਾਨਾਂ ਦਾ ਸਥਾਨਕ ਨਾਂ ਹੈ ।

→ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਦੂਰ-ਦੂਰ ਦੇ ਦੱਖਣੀ-ਪੱਛਮੀ ਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਟਿੱਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲਗਭਗ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ । ਹੁਣ ਇਸ ਭਾਗ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੁਆਰਾ ਸਫਲ ਖੇਤੀ ਕੀਤੀ ਜਾਣ ਲੱਗੀ ਹੈ ।

→ ਜਲੋਢ ਦੇ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਖ਼ਾਦਰ ਅਤੇ ਬਾਂਗਰ ਦੋ ਕਿਸਮ ਦੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ।

→ ਖ਼ਾਦਰ ਨਵੀ ਜਲੋਢ ਮਿੱਟੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਬਹੁਤ ਹੀ ਉਪਜਾਊ ਹੁੰਦੀ ਹੈ । ਬਾਂਗਰ ਪੁਰਾਣੀ ਜਲੋਢ ਹੋਣ ਦੇ ਕਾਰਨ । ਰੋੜੇ-ਪੱਥਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਭਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ।

→ ਬਾਰੀ ਅਤੇ ਬਿਸਤ ਦੋਆਬ ਦੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਜਲੋਢੀ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਬਣੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਖਾਡਰ ਅਤੇ ਬਾਂਗਰ ਦੋਵੇਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ ।

→ ਹੜ੍ਹ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਨਦੀਆਂ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ ਤੇ ਹੇਠਾਂ ਦੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਮਿਲਦੇ ਹਨ । ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਹੜ੍ਹ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੁਆਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਜਮਾਓ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ।

→ ਸ਼ਿਵਾਲਿਕ, ਬਾਹਰੀ ਹਿਮਾਲਿਆ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਹਨ । ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੂਰਬ ਅਤੇ ਉੱਤਰ-ਪੂਰਬ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਹਨ । ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਡੇਰਾ ਬੱਸੀ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਰੋਪੜ-ਬਲਾਚੌਰ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਅਤੇ ਮੁਕੇਰੀਆ ਦੇ ਪੂਰੇ ਖੇਤਰ ਨੂੰ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਘੋਸ਼ਿਤ ਕੀਤਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ।

→ ਨੈਲੀ, ਘੱਗਰ ਨਦੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਏ ਗਏ ਜਲੋਢ ਮੈਦਾਨਾਂ ਦਾ ਸਥਾਨਕ ਨਾਂ ਹੈ ।